ये कहानी है एक लड़के की जो सेक्स की तलाश में मनोज से माया बन जाता है(मतलब क्रोसड्रेसर)।।
में 1# साल का मनोज हायर कॉलेज में पढ़ता था, में गणित और विज्ञान में कमजोर था…
मेरे पापा सरकारी अफसर थे, मम्मी कॉलेज में प्रोफेसर थी लेकिन वो नहीं रही थी ,
पापा की जान पहचान में एक ट्यूटर था जो गणित के , और उनकी बीबी विज्ञान की ट्यूटर थी…हम सब दिल्ली से थे ।।
पापा ने उनसे बात की और मुझको उनका घर बताकर वहां जाने को कहा…!!
उस वक्त सेक्स के बारे में हल्का हल्का जानने लगा था,
एक बार एक लड़का मुझे किस कर चुका था और मेरी छातियों को भी दबाया था बस इतना ही अनुभव था या एक दो बार मस्तराम की पुस्तके पढ़ी हुई थी,
जिसमे चूत गांड से सेक्स का पढ़ा हुआ था…खैर अब आगे…
पापा के दिये पते पे पहुंचा, घण्टी बजाई तो दरवाजा खुला, किसी महिला ने दरवाजा खोला उसकी उम्र लगभग 28 साल की होगी, लम्बी बहुत ही खूबसूरत..
उसने एक सेक्सी सा गाउन पहना हुआ था और पोनी टेल स्टाइल की चोटी कर रखी थी जोरदार लग रही थी
उसने मुझसे काम का पूछा तो मैंने पापा का परिचय दिया तो उसने मुझको घर में बुला लिया, घर का हाल फर्निश्ड था, साफ सुथरा था …
लेकिन मुझको ओर कोई नहीं दिखाई दीया, उसने मुझको हॉल पे पड़े सोफे पर बैठा दिया और अंदर कंही चली गयी….!!
वो पानी का एक ग्लास लाई और मुझको पकड़ा दिया
फिर उसने बताया की वो मेरी साइंस टीचर है जबकि मेरे पति मेथ्स टीचर है अभी वो क्लास ले रहे है 10 मिनिट में फ्री होंगे तब तक हम तुम बात करते है
मेरा नाम करीना है!
मैंने अपना नाम और पढ़ने की प्रॉब्लम वगैरा बताई उसने मेरी कॉलेज ओर उसके बाद की हर एक्टिविटी की जानकारी ली
जैसे की मेरे दोस्त कितने है में टीवी कितनी देखता हुन कोनसे चैनल देखता हूँ आदि आदि….
करीब 10 मिनिट बाद ही अंदर से एक जवान मर्द निकला
बहुत ही खूबसूरत किसी हीरो जैसा जिम वाली बॉडी बनियान और तहमद पहने हुये
आकर सीधा मेरे ही पास बैठ गया, तभी अंदर से एक लड़का निकला उसके हाथ में बुक्स थी ,
कम उम्र का सुंदर लड़का था थोड़ा घबराया हुआ था उसकी चाल भी अजीब लग रही थी
तभी करीना मेम ने उसको बुलाया और अपने पास प्यार से बैठाया फिर अपनी रुमाल से उसका चेहरा साफ किया
उसके चेहरे पर सफेद सा पानी जैसा लगा हुआ था, मेम ने उसका चेहरा साफ करके उसके बाल भी बना दिए जो थोड़े बिखरे थे ,
फिर में उसको वापस अंदर ले गयी और दो मिनिट में बाहर भी आ गयी अब लड़के के हाथ में दो बड़ी डेयरी मिल्क चॉकलेट थी ,
अब वो खुश लग रहा था , फिर वो चला गया…..
अब सर मेरा परिचय लेने लगे तभी करीना में मेरे से चिपक कर बैठ गयी वो बोली : रणवीर सारा परिचय में ले चुकी हुन रात में आपको बता दूंगी….
तब सर प्यार से मेरे गाल पे अपना हाथ फिराने लगे और कहने लगे :: मनोज में पढ़ाई में बहुत ही स्ट्रिक्ट हूँ मेरा कोई छात्र कमजोर रहे ये मुझसे बर्दाश्त नहीं होता है ,
(में डर गया था)
फिर रणवीर सर ने पापा को फोन लगा लिया :: कमलजी में रणवीर बोल रहा हूँ नमस्कार आपका लड़का मेरे पास आ चुका है
लेकिन में कुछ चीजे पहले स्पष्ट कर देना चाहता हूँ….
एक तो में एक स्टूडेंट को एक ही बेंच में पढ़ाता हूँ मतलब एक बार में एक ही लड़के को ताकि में उसपे पूरा ध्यान दे सकूं ओर यही सिस्टम मेरी बीबी का है
मेरा एक बेच 1:30 धंटे का होता है जिसका पालन आपके लड़के को पूरी तरह से करना होगा….
दूसरा में मेरे स्टूडेंट को किसी भी विषय में फिसड्डी नहीं देखना चाहता हूँ इसलिए कभी कभार डांट या हल्की मारपीट भी कर लेत हुन ताकि बच्चा सुधरा रहे….
तीसरा आम ट्यूटर से ज्यादा फीस लेते है हम क्योंकि हम हर बच्चे को अकेले पढ़ाते है…
ये सब बातें सोच लीजिये फिर बता देना की मनोज को हमसे पढ़वाना है की नहीं है……
लेकिन पापा खुद गुस्सेल ओर स्ट्रिक्ट थे इसलिए उन्होंने तुरन्त हामी भरदी ओर अपनी तरफ से हर छूट दे दी ओर कह दिया की आप डंडे से पिटाई करना इसकी लेकिन इसको पढ़ाओ प्लीज…..
सर और पापा दोनो राजी हो गये।।
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इस बीच सर का हाथ मेरी पीठ में घूमने लगा और मेम का हाथ मेरी एक टांग सहला रहा था…सर ओर पापा की बातें सुन के मेरा बुरा हाल हो गया था,
तभी सर बोले :: मनोज बेटा डरो मत में अच्छे लड़को के साथ अच्छा हूँ और गन्दे लड़को की हालत खराब कर देता हूँ
यह कहकर उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपनी तहमद के ऊपर रख दिया …
(में समझ गया की वो सर का लंड था क्योंकि इतना भी बच्चा भी नहीं था उनका लंड बहुत बड़ा था ओर गर्म भी था)
उधर मेम ने मुझे मेरे गालो पर किस किया …
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा था मेरे माथे से पसीने की बूंदे छूटने लगी थी, तभी मेम ने मेरे मुंह को
अपनी छातियों में भर लिया उफ्फ्फ क्या एहसास था..
2मिनिट तक वैसा ही रहा , मेरा किसी औरत की छातियों से स्पर्श का ये पहला अनुभव ही था,
फिर मेम बोली :: रणवीर इसको ट्यूशन रूम दिखा देते है और दूसरी बाते भी बता देते है, सर ने कहा ठीक है फिर दोनो मुझे आजाद करके खड़े हो गये और मुझे अपने पीछे आने को कहा…
फिर मैंने गौर किया की उनका फ्लेट 4 बेडरूम वाला है
शानदार फर्नीचर था, सब बढ़िया चीजो की फेसिलिटी थी , कुल मिलाकर शानदार फ्लेट था , फिर में उन दोनो के पीछे में एक रूम में पहुंचा….
वाओ क्या मस्त कमरा था , डबल डोर फ़्रिज बड़ा सा टीवी ऐसी सब था वँहा दो कॉलेज टेबल और एक टीचर टेबल भी लगी हुई थी ,
ओर एक पार्टीशन डोर था जिसको मेम ने खोला (जो किसी को पता नहीं चले ऐसा था ….मतलब गुप्त दरवाजा था)
उसके अंदर एक बहुत ही शानदार बेड और सब चीजे थी लेकिन बेड बहुत बड़ा था इतना बड़ा की 6-7
लोग लेट जाएं…. वो राजशाही बेड था बिल्कुल में..?
में देखकर ही हैरान हो गया, तभी मेम ने फ़्रिज से दो केन्डी वाली आइसक्रीम निकाली और एक मेरे हाथ में देदी …एक खुद लेली..
तभी सर बोले मुझसे दोनो रैपर तो फड़वा लो ना, हम दोनो को सर ने केन्डी का रैपर फाड़ के दे दिया
फिर में केन्डी यानी कुल्फी को चूसने लगा तभी मेम बोली :: मनोज इसको चूसने का भी तरीका होता है तुम बिल्कुल गलत तरीके से चूस रहे हो..??
फिर मेम केन्डी को अपने मुंह में पूरा आगे पीछे करने लगी ऊपर से नीचे तक में भी उन्ही की तरह चूसने की कोशिश करने लगा…
फिर केन्डी खत्म हो गयी तो सर ने कहा मनोज इधर आओ में तुम्हारा मुंह साफ कर देता हूँ,
फिर सर ने मुझको अपनी बांहों में ले लिया ओर अपनी जीभ से मेरा मुंह साफ करने लगे मेम ने मेरे होठो पर शहद लगा दिया
जिससे सर जोर जोर से मेरे होंठ चूसने लगे , मुझे मजा आ रहा था लेकिन डर भी रहा था….
5 मिनिट तक ये चला फिर सर ने कहा जाओ मेम का भी मुंह साफ करदो… इसी तरीके से …
में थोड़ा शर्मा रहा था तभी मेम ने मुझको पकड़ लिया ओर बोली शुरू हो जाओ और मेरे होंठ मेम के होंठो पर लगी जूठी आइसक्रीम चाटने लगा ,
तभी कॉलबेल बजी मेम बोली शीबा ही होगी , सर बोले अंदर ही बुलालो उसको आज उसको चूसाउँगा तो साथ में मनोज भी सिख लेगा।
दो ही मिनट बाद एक हसीन बला की खूबसूरत लड़की के साथ मेम रूम में आई,
वो सॉर्ट ओर टीशर्ट पहनी हुई थी उसकी उम्र से बड़ी उसकी छातियां थी..?
अंदर आते ही वो सर से गले मिल गयी गले क्या मिली लिपट सी गयी ??
सर के तहमद में हलचल होने लगी सर जीभ से उसका चेहरा चाटने लगे थे,
फिर सर बोले :: देखो मनोज इसको ये साइंस में इतनी कमजोर थी की लगातार दो साल फेल हुई
लेकिन मेम की ट्यूशन लगते ही सब सही हो गया ओर अब ये मेरा और मेम का बहुत एहसान मानती है हम दोनो को किसी चीज के लिये मना नहीं करती है क्यों शीबा…??
शीबा ने सर हिलाकर हामी भरी और बोली:: आपने मेरी जिंदगी संवार दी सर खासकर आप लोगो के प्रैक्टिकल ने मुझे जिंदगी का वो आनन्द दिया है जो जीवनभर नहीं भूलूंगी सर ।।
सर::आज पढ़ाई बाद में पहले हम प्रेक्टिकल करेंगे शीबा बेटी वो भी सकिंग की क्यों ठीक है ना…..??
शीबा ने हां में सर हिला दिया तो मेम बोली :: आप 20 मिनिट पहले ही तो फ्री हुए हो ..??
सर बोले तुम तो नही हुई थी ना मेम और शीबा दोनो मुस्कराने लगी….फिर मेम ने अंदर वाला बेडरूम खोला
सर ने मुझको अपने पास बुला लिया मेम और शीबा दोनो बेड पे चले गये मेम ने अपना गाउन उतार फेंका अंदर मेम ने कुछ नहीं पहना हुआ था
शीबा ने भी अपनी शार्ट उतार दी मेम ने उसकी टीशर्ट भी उतार फेंकी जो सीधा सर के मुंह पे आ गयी फिर ब्रा भी ,
मेम के बूब बहुत ही बड़े और टाइट दिख रहे थे जबकि शीबा के किसी आम की तरह तीखे बूब्स थे, दोनो की चूत गुलाबी
रंग की थी , इधर सर ने मेरा एक हाथ अपने लंड पर रख दिया ओर अपने हाथ को मेरी कमीज के अंदर लेजाकर मेरी छातियों पे रख के धीरे धीरे मसलने लगे
उधर मेम और शीबा तो जैसे जंगली बन चुकी थी, दोनो एक दूजे के बूब्स भयंकर तरीके से दबा रही थी और एक दूजे के होंठ चुम रही थी
ऐसा करीब 5 मिनिट चला ये सब देख के मेरा भी लंड खड़ा हो गया जो पता नहीं कैसे सर को दिख गया सर ने अपना एक हाथ मेरी पेंट की जीप पे रखा और जिप खोल ली ,
जिप खोलकर मेरे जोकी से मेरा खड़ा लंड बाहर निकाल कर उसको हिलाने लगे उफ्फ्फ में जैसे स्वर्ग में पहुंच गया सामने दो परी नँगी होकर नाच रही थी …..
उफ्फ्फ अब में भी सर का मूसल जैसा लंड पकड़ के हिलाने लगा जैसा सर मेरा हिला रहे थे….
उधर दोनो परिया एक दूजे के ऊपर नीचे हो रही थी दोनो के हाथ ओर जीभ जैसे मशीन बन गये थे इतनी तेजी से चल रहे थे की पता ही नहीं चल रहा था,
तभी सर बोले :: मनोज तुम ये सब किसी को बताओगे तो नही बोलो तुमको मजा आ रहा है ना..अगर हमारा साथ दोगे तो तुमको और भी मजा मिलेगा बेटा..
यह कहके सर ने मुझको आपनी बांहों में लेकर चूमना चालू कर दिया मेरा हाथ अब भी सर के लंड को पकड़े हुये था
सर मेरा लंड हिला ही रहे थे पहली बार मेरे लंड की मुठ्ठी मारी जा रही थी वो भी मेरे गुरुदेव द्वारा??
मुट्ठी मरवाने का ये मेरा पहला अनुभव था, बहुत ही मजा आ रहा था, नया अजीब और मस्त अहसास था,
सर ने अब मेरा लंड हिलाते-हिलाते मुझे चूमने लगे थे, साथ ही वो अपने दूसरे हाथ से मेरे निप्पल मसलने लगे थे,
उधर मेम और शीबा 69 की पोजिशन ले चुकी थी, कुल मिलाकर बहुत ही सेक्सी माहौल बन चुका था…
अब सर ने मेरी टीशर्ट निकाल दी और अपनी बनियान भी निकाल दी , फिर सर ने अपना तहमद भी खोल दिया
उफ्फ्फ क्या लंड था सर का करीब 7इंच लम्बा 2 इंच मोटा और एकदम गौरा उसका लाल लाल सुपाड़ा वीर्य को वजह से चमक रहा था,
सर ने अब मेरा लंड हिलाना बन्द कर दिया था उन्होंने दोनो हाथों से मुझको उठाकर अपनी गौद में बिठा लिया हमारे मुंह आमने सामने थे,
मेरी गांड उनके लंड को महसूस कर रही थी, बहुत ही मजेदार अहसास था …. वो मेरी गांड पे लगने वाला लन्ड का पहला एहसास था,
मेरी सांस भारी हो गयी,
अजीब सा नशा छा गया था,सर मुझको लिपलॉक किस करने लगे थे,
उधर मेम और शीबा झड़ चुकी थी ,अब वो दोनों हमारे पास आ गयी थी,
दोनो ही नँगी ही थी शीबा सर के पीछे जबकि मेम मेरे से सटकर खड़ी हो गयी थी।
मेम के बूब्स मेरी पीठ से चिपके थे सर ने मेरी पीठ को सहलाना शुरू कर दिया और एक हाथ से मेरी गांड को सहलाने लगे,
मेरा शरीर सिहर गया, तभी सर ने मुझे छोड़कर पीछे बैठा दिया मेरे बाजू में मेम बैठ गयी थी.
तभी शीबा ने सर का लन्ड पकड़ लिया और सर के सामने फर्श पे बैठ गयी तभी मेम उठी और एक छोटी
शीशी से कोई चीज सर के लंड पे लगाई फिर शीबा ने
सर के लंड के सुपाड़े को हल्की सी किस की और चूसने
लगी मेम मेरे पास बैठ गयी और मेरा लंड धीरे-धीरे हिलाने लगी, शीबा बहुत ही जोरदार तरीके से सर का लंड चूस रही थी,
बहुत ही सेक्सी सीन चल रहा था मेरी पीठ से मेम के बड़े-बड़े बूब्स रगड़ खा रहे थे ।।
मेम मेरे कान में बोली :- बेटा देखलो कैसे मजे ले रही है शीबा क्या तुम सर का लंड टेस्ट नहीं करोगे….?
मेरे मन में सेक्स का ऐसा तूफान था की मेरा सर हाँ में हिलने लगा , तभी सर ने शीबा को हटने का इशारा किया
और मुझको अपने पास बुलाया, मेम फिर वही शीशी से कोई चीज सर के लंड वे लगाई ….
अब मेरी बारी थी जिंदगी का पहला लंड चूसने की वो भी सर का लम्बा और मोटा लंड ।।
में हल्का सा झिझक भी रहा था की कैसा टेस्ट होगा लंड का,
लेकिन सेक्स के नशे ने मुझको लंड की तरफ मुंह ले जाने को मजबूर कर दिया,
मैंने शीबा की ही तरह पहले सर के सुपाड़े को किस किया ,
ओह मेम ने सर के लंड पर शहद लगाया था ,
मीठा मीठा शहद और सर का नमकीन वीर्य मिलकर नया ही टेस्ट दे रहे थे मुझे
अब में सर का लन्ड चूसने लगा करीब आधा लंड मेरे मुंह में था और में अपना सर आगे पीछे करने लगा,
तभी सर ने अपने दोनो हाथों से मेरा सर पकड़ लिया और वो स्पीड में मेरा मुंह चोदने लगे
साथ ही अपना पूरा लन्ड मेरे मुंह में आगे पीछे करने लगे,
मुझे बहुत ही मजा आ रहा था इस तरह से मुखमैथुन करके,
करीब 5 मिनिट में ही सर ने अपना लंड मेरे मुंह से निकाल लिया तभी शीबा और मेम मेरे अगल बगल बैठ गयी,
तभी सर के लंड से वीर्य की बरसात शुरू हो गयी,
जो हम तीनों के मुंह को तर करती गयी, फिर शीबा ने सर के लंड को अच्छे से चूसकर साफ किया,
उसके बाद हम तीनो ने एक दूसरे के मुंह को अच्छे से चाट कर साफ कीट और सारा वीर्य निगल गये उस वीर्य का टेस्ट बहुत ही मजेदार था,
फिर सर ने मुझको सोफे पर बैठने को कहा ऒर शीबा से मेरी मुठ्ठी मारने का बोला
शीबा मेरे पास बैठकर मेरे लंड को मुठ्ठियाने लगी तभी मेम ने कोई क्रीम मेरे लंड पे लगाई
जिससे शीबा आसानी से मुठ्ठी मारने लगी करीब 3-4 मिनट में ही मेरा वीर्य निकल गया जो करीब 5-7 बून्द ही था
शीबा उसको भी चाट गयी, यह मेरा पहला स्लखन था ।।
उसके बाद सबने साफ सफाई की कपड़े पहने और सर ने कल मुझको टाइम से आने को कहा ,
उन्होंने मुझको व शीबा को एक-एक बड़ी वाली डेयरी मिल्क चॉकलेट दी,
साथ ही मुझको एक छोटी डायरी जैसी किताब भी दी और कहा :- बेटा इसको छुपाकर रखना और रात को अकेले में पढ़ना,
मैंने हामी भर दी फिर हम दोनो निकल गये रास्ते में शीबा ने कहा की मेरा लन्ड भी टेस्टी है वो फिर चुसेगी किसी दिन….
फिर में घर आ गया, घर ने घुसते ही हमारी नौकरानी
कमला बाई (उम्र 38 साल पतली सी सुंदर बड़ी बड़ी छातियाँ कुल मिलाकर मस्त माल) ने मुझको चाय बनादी मेंने पी ली तो कुछ अच्छा लगा ,
क्योंकि स्लखन के बाद थोड़ी सी थकावट आ गयी थी ।।
फिर में पढ़ने लगा करीब दो घण्टे पढ़ाई की फिर टीवी देखने लगा ,
थोड़ी देर में ही पापा आगये हमने आज सर से हुई मीटिंग की बातें की तो मैंने सर और मेम की बहुत ही प्रशंसा की तो पापा खुश हो गये,
बाद में हमने साथ-साथ खाना खाया और सोने चले गये,
मेरा कमरा ऊपर था जबकि पापा का नीचे था, में बिस्तर पे लेट गया तभी मुझको सर की दी हुई किताब का याद आया,
मैंने वो किताब निकाली और पढ़ने लगा….वो किताब समलैंगिक सेक्स के बारें में थी ,
जिसमे गांड को मरवाने, लंड चूसने और पार्टनर को खुश करने के अलग-अलग तरीके बतायें गये थे,
साथ ने काफी सारे सेक्सी चित्र भी थे,
उसको पढ़ते पढ़ते मेरा 5 इंच का लंड खड़ा हो गया और में पढ़ने के साथ-साथ मुठ्ठी भी मारने लगा…
किताब खत्म होते ही मेरा पानी निकल गया लेकिन बहुत ही कम पानी निकला मेरा … फिर में सो गया…!!
दूसरे दिन सोकर जल्दी उठ गया, आज पहली तारीख थी पापा से पॉकेटमनी लेनी थी,
तो में भागकर पापा के कमरे की तरफ गया और नॉक किया,
5 मिनिट तक कोई जवाब नहीं मिला तो मैंने फिर से नॉक किया करीब दो मिनिट के बाद दरवाजा खुला,
पापा ने बनियान और पाजामा पहन रखा था, उनके बाल बिखरे हुए से लग रहे थे,
हल्का सा पसीना भी निकल रहा था जबकि पापा के कमरे में ac लगा हुआ था,
पापा हल्के से गुस्से में बोले:- क्या हुआ इतनी सुबह सुबह दरवाजा बजा रहे हो,
मैंने उनसे जेबखर्च का बोला तो वो बोले की कमला को दे दूंगा निकले वक्त अब मुझको सोने दो।।
में हॉल में ही बैठकर अखबार पढ़ने लगा जो पापा के रूम के सामने ही था ,
करीब 10 मिनिट बाद ही पापा के रूम का दरवाजा खुला, दरवाजे से कमलाबाई एक गाउन पहने हुये निकली में चौंक पड़ा,
पापा तो बोल रहे थे की वो सो रहे थे, फिर ये कमलाबाई क्या कर रही थी उनके रूम में और उसने गाउन क्यों पहन रखा था ,
जबकि हमेशा वो सलवार कमीज या साड़ी ही पहनती थी, और वो गाउन मेरी मम्मी का था…
कमलाबाई भी मुझको सामने बैठे देखकर सकपका सी गयी, में समझ गया की कुछ गड़बड़ थी,
फिर में नहाकर आया और नाश्ता करके कॉलेज चला गया मेरी पॉकेटमनी मुझको कमलाबाई ने दे दी थी ।।
क्लास में आज कुछ विशेष नहीं था, हाफ टाइम में हम बाहर निकल गये,
तभी मेरे हिस्ट्री टीचर ने मुझे बुला लिया,में उनके पास गया तो वो बोले की ऊपर स्टाफ रूम में उनका टिफिन रखा हुआ है ले आये,
में ऊपर गया देखा स्टाफ रूम का दरवाजा ढेला हुआ है मैंने उसको धकेल और अंदर घुस गया,
अंदर कोई नहीं था तभी मेरे हिस्ट्री सर पीछे से आ गये और दरवाजा बन्द कर लिया,
उफ्फ्फ में डर गया लेकिन सर ने (अब में उनको मदनजी लिखूंगा) कहा डरो मत में तुमसे कुछ बात करना चाहता हूँ,
उन्होंने मुझे सामने बैठाया, वो बोले:- देखों बेटा में कल तुम्हारा पेपर देख रहा था बहुत ही खराब हुआ है लगता है तुम हिस्ट्री में फैल हो जाओगे,
अब में सचमुच में ही डर गया और रुआंसा हो गया ..
लेकिन वो मेरे गाल सहलाने लगे और बोलें :- देखो डरो नहीं क्योंकि अभी मैंने उसको मार्किंग नहीं किया है…..
तुम चाहो तो कुछ हो सकता है आज शाम को तुम मेरे रूम आ जाओ ,
( उनका रूम मेरे घर से थोड़ा ही दूर था) फिर कोई तरकीब निकालते है,
मैंने हाँ भर दी फिर मदनजी खाना खाने लगे में बाहर निकल गया….
कॉलेज से छुट्टी के बाद में घर की तरफ जा रहा था की मेरा दोस्त विनय मिल गया वो मुझसे पूछने लगा की मदनजी क्या कह रहे थे….??
मैंने उसको पूरी बात बताई तो वो मुझसे धीमी आवाज में कहने लगा की, वो पिछले एग्जाम में उसको भी यही बोल के रूम पर बुलवाये थे….
फिर उन्होंने और उनकी बीबी ने उसको लड़की की ड्रेस पहनाई ब्रा पेंटी पहनाई और गन्दा काम किया था,
मैंने पूछा क्या गन्दा काम तो उसने मुझको बोला की कसम खाओ किसी को बताओगे नहीं,
मैंने कसम खाई तो वो बताने लगा, मदनजी ने उसको अपने घर बुलाकर लड़की की ड्रेस पहनाई व उनकी बीबी ने उसका मेकअप किया,
वो भी बिल्कुल किसी लड़की की तरह से , फिर उसको अंदर एक दूसरे रूम में ले गये,
वँहा एक आदमी बिस्तर पे लेटा हुआ शराब पी रहा था, अंदर टीवी पर एक ब्लू फ़िल्म चल रही थी जिसमें दो लड़के और एक लड़की सेक्स कर रहे थे,
फिर उस आदमी ने विनय को अपनी तरफ खींच लिया और किसी लड़की की ही तरह से किस करने लगा,
वो विनय कब पूरे जिस्म को मसल रहा था, मदनजी की बीबी ने विनय को जो ब्रा पहनाई थी …..
उनमे रुई भरकर बूब्स बनाये हुए थे जिनको वो आदमी दबा रहा था और साथ में शराब भी पी रहा था ,
विनय भी फ़िल्म देख कर उतेजित हो गया उस फ़िल्म में एक लड़का लड़की और लड़के के साथ बारी बारी सेक्स कर रहा था,
फिर उस आदमी ने विनय को अपना लंड चूसवाया और उसकी गांड में अपनी जीभ डाली ,
उस आदमी का लंड जब फूल कड़क होकर खड़ा हो गया तो उसने आवाज लगाई फिर मदनजी की बीबी पूरी नँगी होकर अंदर आई,
फिर उस आदमी ने विनय के सामने ही मदनजी की बीबी को कसकर चोदा,झड़ने के बाद उसने विनय को 500 रुपये भी दीये,
यह सब सुनकर मेरा लंड भी कड़क हो गया था …. विनय फिर बताने लगा की मदनजी ने उसको कहा की किसी को बताना मत
में तुमको अच्छे नम्बरो से पास कर दूंगा, विनय 500 रुपये और अच्छे नम्बरो का सुनकर खुशी खुशी घर आ गया ,
लेकिन 10 दिन बाद ही मदनजी ने उसको फिर अपने घर बुलाया और वैसे ही उसको लड़की के कपड़े पहनाये और उसी कमरे में ले गये इस बार एक अंग्रेज था उस कमरे में ,
विनय ने सोचा की वही पिछली बार की तरह होगा लेकिन इस बार कुछ और होने वाला था,
मदनजी उसको अंदर छोड़ गये , उस अंग्रेज ने दरवाजा अंदर से बन्द किया और विनय को अपनी बांहों में लेकर प्यार करने लगा,
फिर उसने अपने कपड़े उतार दिये और विनय ने देखा की उसका लंड बहुत ही गोरा था और करीब 6इंच का था ,
अंग्रेज ने विनय को लंड कस्बे का इशारा किया तो विनय नीचे बैठके उसका लंड चूसने लगा ,
(विनय अपने मामा के लड़के के साथ काफी बार मुखमैथुन कर चुका था)
थोड़ी देर के बाद अंग्रेज ने उसको बिस्तर पर ले गया और उसके स्कर्ट में हाथ डाल के उसकी पेन्टी उतार ली फिर अंग्रेज उसका लंड चूसने लगा,
फिर अंग्रेज ने कोई क्रीम उसकी गांड में लगाई और अपनी अंगुली उसकी गांड के अंदर बाहर करने लगा,
विनय को हल्का सा दर्द हुआ लेकिन कुछ देर में ठीक हो गया ,
फिर अंग्रेज ने अपने लंड पर निरोध लगाया और विनय को घोड़ी बनाया विनय डर गया ,
लेकिन अंग्रेज ने उसको डांट के चुप करवा दिया और फिर विनय की गांड में अंग्रेजी लंड घुस गया ,
विनय रोने लगा क्योंकि विनय को काफी दर्द हो रहा था , लेकिन वो मजबूर था करीब 15 मिनिट उसकी गांड में लंड अंदर बाहर होता रहा,
फिर विनय को भी थोड़ा मजा आने लगता है, फिर अंग्रेज ने अपना लंड निकाल निरोध हटाकर लंड का पानी विनय के मुंह पे छोड़ दिया ।।
अंग्रेज ने विनय को 2000रुपये दीये विनय को गांड में दर्द हो रहा था ..लेकिन मदनजी के डर और पैसे की वजह से कुछ बोला नहीं और घर निकल गया !!
मदनजी ने उसको 2 टेबलेट दी और कहा की एक रात को एक कल सुबह खा लेना बिल्कुल सही हो जाओगे।।
ये थी विनय की आपबीती…
लेकिन पता नहीं क्यों मुझे यह सुनके बिल्कुल डर नहीं लगा बल्कि मस्ती सी महसूस हुई थी…खैर हम दोनो अपने-अपने घर निकल गये ।।
अब आगे:-
मेंने घर पहुंच कर हल्का नाश्ता किया कमलाबाई मुझे आज अजीब सी नजरों से देख रही थी,
शायद सुबह वाली बात के लिये..??
खैर फिर में हाथ मुंह धोकर रणवीर सर के घर निकल गया, करीना मेम ने दरवाजा खोला उन्होंने एक सेक्सी सी मैक्सी पहनी हुई थी ,
अंदर सर एक बरमूडा और बनियान पहने बैठे हुये थे,
सर ने कहा :- देखो मनोज पहले हम लोग एक घण्टे पढ़ाई करेंगे फिर आधा घण्टे मस्ती लेकिन तुम पढ़ाई मन लगाके करना ठीक है ना?
मैंने हामी भर दी और पढ़ने लगा ठीक एक घण्टे के बाद सर ने किताबें बन्द कर दी और मेम को आवाज दी,
मेम आई उनके हाथ में एक क्रीम और एक रबड़ का पतला सा लंड जैसा दिखने वाली सी कोई चीज थी,
(जिसका मुझको बाद में पता लगा की वो नकली लंड या डिल्डो थी)
फिर सर ने मुझको कपड़े उतारने को कहा ,
में नँगा हो गया तो सर कहने लगे की मेरे नीचे के बाल बड़े हो गये है ,
जाते वक्त एक क्रीम दूंगा उससे साफ कर लेना और गांड पर भी से साफ कर लेना ।।
फिर मेम ने वो क्रीम मेरी गांड के छेद में लगाई और अपनी अंगुली अंदर बाहर करने लगी,
थोड़ी देर बाद मेम ने वो नकली लंड मेरे गांड के छेद में लगाया,
में घोड़ा बना हुआ था मेरा मुंह सर की तरफ था और गांड मेम की तरफ थी ,
सर ने अपना बरमूडा खोल लिया और उनका मदमस्त लंड आजाद हो गया वो पूरे मूड में था,
सर ने मुझको लंड चूसने का इशारा किया मैने झट से उसको मुंह में भर लिया लेकिन आज मेम ने उसपर शहद नहीं लगाया था
आज नमकीन और अजीब सा टेस्ट आ रहा था लेकिन खराब नहीं लगा मुझको…
में मन लगाकर चूसने लगा, उधर मेम ने धीरे से वो नकली लंड मेरी गांड के ऊपर लगाकर रगड़ने लगी,
फिर उन्होंने थोड़ा सा उसको मेरी गांड में डाला मुझे दर्द महसूस हुआ लेकिन सर ने मेरा मुंह अपने लंड पर दबा रहा था ,
में ऊँ ऊँ ऊँ करने लगा तो सर बोले :- मनोज डरो मत हल्का सा ही दर्द होगा फिर मजा ही मज़ा आयेगा थोड़ा सा सहन करो मेरे बेटे..
में चुप होगया ओर लंड चूसने लगा, तब तक मेम मेरी गांड में चौथाई लंड डाल चुकी थी अब दर्द कुछ कम हुआ
लेकिन हो रहा था, फिर सर बोले :- मनोज बेटा अब तुम थोड़ा अपनी गांड ढीली करलो एकदम से क्योंकि अब मेम पूरा लंड डालने वाली है तुम्हारी मस्त गांड में ..
मैंने उनके कहे अनुसार अपनी गांड ढीली कर ली मेम ने एक ही झटके से वो पूरा करीब 6 इंची लंड मेरी गांड में डाल दिया दर्द की एक लहर मेरे शरीर में दौड़ गयी
लेकिन सर में मेरे मुंह में अपना लंड डाल रखा हुआ था में चाहकर भी चीख नहीं पाया
मेम ने वो नकली लंड मेरी गांड में डाल के छोड़ दिया और अपने हाथ मेरे लंड पर चलाने लगी मेरी गोलियां (अंडकोष) सहलाने लगी,
दो मिनिट ने ही मेरा लंड खड़ा हो गया, मेरे मुंह में सर का लंड था गांड में नकली लंड और मेम मेरा लंड मसल रही थी
इस तीन तरफ के सेक्स हमले से जल्द ही मेरी गांड का दर्द कम हो गया अब में उसको सहन कर सकता था,
मेरा लंड अब मेम मुठियाने लगी थी , फिर 2 मिनिट यह सब करने के बाद मेम ने वो नकली लंड धीरे-धीरे आगे पीछे करने लगी,
मुझे फिर से दर्द हुआ लेकिन अब गांड में अजीब सी लज्जत भी महसूस होने लगी थी….
इधर सर के लंड से थोड़ा थोड़ा वीर्य निकल रहा था जिसको में मजे से निगल रहा था ,
मेम ने अब नकली लंड की रफ्तार बढाई और थोड़ा जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगी ,
मुझे अब दर्द और मस्ती एकसाथ महसूस होने लगी थी..जल्द ही सर मेरे मुंह में ही झड़ गये मेरा पूरा मुंह उनके स्वादिष्ट वीर्य से भर गया
जिसको सर ने कहा की पी जाओ तो में उसको निगल गया मैंने सर का लंड अच्छे से चाटकर साफ कर दिया
फिर मेम ने मेरी गांड से वो नकली लंड निकाल लिया और मुझको बैठने को बोला फिर वो अपना मुंह मेरे लंड पे ले आई और चूसने लगी
उनकी चूसने की स्टाइल बहुत ही जोरदार थी मुझको मस्ती चढ़ने लगी और 5 ही मिनिट ने मेरे लंड ने वीर्य छोड़ दिया जो मेम ने निगल लिया
फिर मेम ने मुझको लिपलॉक किस करना शुरू किया जो करीब 4-5 मिनिट चला में मस्त हो गया और अपनी गांड का दर्द भूल गया…
बाद में सर ने मुझको दो चॉकलेट दी और एक टेबलेट दी बोले रात को लेकर सो जाना इससे दर्द खत्म हो जायेगा.. फिर में घर की और चला गया ।।
घर पहूंचकर में मेरे रूम में आ गया ,
मेरी गांड में हल्का सा दर्द और खुजली जैसी महसूस हो रही थी , में लेट्रिन चला गया ,
लेकिन फ्रेश होने पर भी हल्का सा दर्द महसूस हो रहा था ,
तभी मुझे मदनजी की याद आ गयी,
उनके घर भी तो जाना था , शाम के 7 बज रहे थे 8:30 के बाद पापा भी आ जाते है ,
लेकिन जाना तो था क्योंकि अगर हिस्ट्री में भी रिजल्ट खराब आया तो पापा बहुत ही गुस्सा हो जाने वाले थे ।।
मैंने अपनी ड्रेस चेंज की एक बरमूडा और टीशर्ट पहनी और नीचे आया हॉल में कमलाबाई बैठी हुई थी,
मैंने उनको कहा की पास के पार्क में जा रहा हूँ ,
तभी उसने मुझे रोका और एक 100 का नोट दिया ,
मुझे कहा की आइसक्रीम खा लेना और एक मेरे लिये भी ले आना… में खुश हो गया और जल्दी जल्दी बाहर निकल गया..
_____
में मदनजी के घर की और बढ़ने लगा जो मेरे घर के पास ही था ,
उनका घर 2सरे फ्लोर पर था मेंने उनके घर की बेल बजाई तो उनकी पत्नी ने दरवाजा खोला ,
उनका का कद छोटा था ..करीब 5.5 इंच लेकिन शरीर गदराया हुआ था ,
गांड और बूब्स बहुत ही आकर्षक थे और बड़े भी…. उन्होंने एक ब्लेक कलर का शार्ट गाउन पहन रखा था ..
जो उनके घुटनो तक था .. उसका गला वी-कट था.. जिसमें से उनके बूब्स साफ-साफ दिख रहे थे ,।।
उन्होंने मुझसे कहा :- तुम मनोज हो ना.. मैंने हा करी तो उन्होंने मुझको अंदर बुला लिया और बोली
तुम्हारे सर बाहर गये है घर का सामान लाने आओ वो आये तब तक हम बातें करते है..
.
में घर के अंदर आ गया.. साफ सुधरा घर था..
जरूरत की हर चीज थी ,
तभी मदनजी की पत्नी
(उनका नाम दीपा था) ने एक कोल्डड्रिंक लाके
मेरे आगे रख दिया और बोली :- जब तक तुम्हारे सर आते है तब तक कुछ ठंडा पी लो …
.
में ठंडा पिने लगा वो मेरे सामने बैठ गयी अपनी
टांग पे टांग चढ़ा कर .. उसकी जाँघे साफ
दिख रही थी ..
वो बहुत ही गौरी और बिना बाल के थी ….
में धीरे-धीरे कोल्ड्रिंक पिने लगा..
करीब 5 मिनिट में मैने वो कोल्ड्रिंक पी लिया,
तभी बेल बजी दीपाजी ने दरवाजा खोला तो मदनजी आये थे ..
उन्होंने मुझको देखकर स्माइल दी में भी मुस्कराया ….उनके हाथ में जो सामान था,
वो लेकर दीपाजी अंदर चली गयी , मदनजी मेरे पास आकर बैठ गये ,
उन्होंने एक हाथ मेरी पीठ पे रख दिया और बोले :-मनोज तुम आज बिल्कुल फ्रेश दिख रहे हो लगता है की जैसे अभी नहाकर आये हो ..
उन्होंने अपना दूसरा हाथ मेरे गाल पर रख लिया और मेरा गाल सहलाने लगे..
मुझे भी अच्छा लग रहा था वो बोले:- देखो में नहीं चाहता हूँ की तुम फैल हो जाओ लेकिन तुम्हारा पर बहुत ही खराब है मनोज में समझ नहीं पा रहा हूँ की में क्या करूँ…???
में :- सर प्लीज मुझको फैल मत कीजिये में जो आप बोलोगे वही करूँगा में रुआंसा सा हो गया था …
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मदनजी ने मेरा चेहरा उठाकर मुझको एक किस किया और बोले :- घबराओ मत मनोज बेटा इसका भी कुछ रास्ता निकालते है ,
लेकिन तुमको मेरा साथ देना होगा तो ही कुछ हो पायेगा….
.
में :– सर में जो आप बोलोगे वही करूँगा लेकिन मुझको फैल मत कीजिये प्लीज.. मैने उनके पैर पकड़ लिए..
मेरे आंखों में आंसू आ गये थे ..
.
लेकिन सर ने मुझको शांत किया और मेरे आंसू पोंछ दीये …
____
तभी दीपाजी आकर मेरे दूसरे बाजू में बैठ गयी,
उन्होंने मेरी नँगी जांघ(बरमूडा घुटनो से ऊपर ही था) पर हाथ रख दिया… मुझे बहुत ही मस्त लगा उनका स्पर्श..
वो बोली :- क्या हुआ बेटा तुम रो क्यों रहे हो क्या सर बे तुमको कुछ कहा या मारा क्या…???
तभी सर बोले :- अरे नहीं दीपा दरअसल इसका पेपर बहुत ही खराब हुआ है इसीलिए ये दुखी है …
दीपाजी :- ओहो ये बात है तो आप कुछ मदद करो ना इसकी ..
देखो कितना प्यारा बच्चा है में इसको दुखी नहीं देख सकती हूँ आप कुछ करो इसकी सहायता करो ना..
–
मदनजी बोले :- दीपा में इसकी सहायता करना चाहता हूँ, लेकिन इसको भी कुछ करना होगा यार ।।
में :– सर में कुछ भी करने को तैयार हूं जो आप बोलो पर मुझे फेल ना कीजियेगा प्लीज सर …
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सर ने मेरे चेहरे को अपने दोनो हाथों से पकड़ के मुझसे पूछा :- देखो मनोज इसमें तुमको कुछ दर्द भी हो सकता है और थोड़ी झिझक भी ..
लेकिन तुम अगर मेरा कहा मान लोगे तो में तुम्हारी पूरी मदद करूँगा बेटे ये वादा है मेरा ….
.
तभी दीपाजी ने मेरी छाती पे अपना हाथ रख दिया और बोली :- मनोज बेटा इनका कहा काम करो तो शायद ये तुम्हे अच्छे नम्बर दे देवे…
ये कहकर उन्होंने मेरे गाल चुम लिये… उनके हाथ मेरी छाती पर घूम रहे थे…..
मेरा लंड खड़ा होने लगा था, दीपाजी बहुत ही तरीके से मेरी छाती मसल रही थी..
बहुत ही अच्छा लग रहा था..
मदनजी मेरे गालों पर हाथ फिरा रहे थे.. मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था,
लेकिन डर भी रहा था की क्या क्या होगा मेरे साथ बहुत सी शंकाये थी मेरे मन में …क्या होगा..कैसे होगा ???
दीपाजी बहुत ही प्यार से पेश आ रही और मदनजी तो एकदम ही अच्छे से.. उसी से दिल को राहत मिल रही थी…
तभी मदनजी ने दीपाजी को कुछ इशारा किया, वो अंदर चली गयी , कुछ देर बाद वो वापस आई ,
अब उन्होंने एक स्कर्ट पहनी हुई थी लाल रंग की जो उनके बदन से एकदम चिपकी हुई थी , उनकी गोरी जाँघे पूरी दिख रही थी ,
ऊपर बहुत ही बड़ा वी कट गला था जिसमे से उनकी बड़ी बड़ी छातियों की आधी से ज्यादा झलक मिल रही थी ,
बहुत ही सेक्सी नजारा था बिल्कुल जैसे सन्नी लियोनी लग रही थी कुलमिलाकर..
दीपाजी मेरे ही पास चिपक के बैठ गयी , तभी मदनजी अंदर चले गये ,
दीपाजी मेरे से सटके बैठी हुई थी हम दोनो के शरीर चिपक रहे थे, उन्होंने कोई बहुत ही मस्त परफ्यूम लगा रखा था,
तभी उन्होंने मुझे अपने से सटा लिया मेरा मुंह उनकी छातियों से लगा हुआ था,
उनकी छातियों की गहराई मुझे अंदर तक दिख रही थी, मेरा लंड खड़ा होना शरू हो गया,
तभी दीपाजी ने मेरी पेंट के ऊपर अपना एक हाथ रख दिया, उफ्फ्फ मेरा लंड उनके हाथ से रगड़ कहा रहा था …
फिर दीपाजी ने पेंट के ऊपर से ही धीरे धीरे उसको सहलाना शुरू कर दिया, मुझको बहुत ही मजा आ रहा था इस तरह अपना लंड सहलवाने में …
तभी मदनजी आ गये वो भी कपड़े चेंज करके आ गये थे .. उन्होंने एक बनियान और शार्ट पहना हुआ था,
उनकी बॉडी पर ढेर सारे बाल थे, चौड़ी छाती थी , किसी बॉक्सर जैसी बॉडी थी ,उनकी बॉडी देखकर मुझको कुछ-कुछ होने लगा था
वो भी मेरी ही बगल में आकर बैठ गये.. दीपाजी अब भी मेरे लंड को सहला रही थी मेरी पेंट में तम्बू बन चुका था,
सर मुझको चूमने लगे थे उनके मुंह से शराब की महक आ रही थी..तभी दीपाजी ने मेरी पेंट की जीप खोलकर मेरा छोटा सा लंड बाहर निकाल लिया उफ्फ्फ….
जब उन्होंने मेरे लंड को छुआ तो उसमें से वीर्य की दो बून्द निकल गयी मारे मजे के..
लेकिन दीपाजी ने उसको अपनी अंगुली से उठा लिया और मदनजी के मुंह में वो अंगुली डाल दी जो मदनजी चाटने लगे..
मेरे सर मेरा वीर्य चाट रहे है यह देखकर में पागल ही हो गया..
तभी मदनजी ने मेरा लंड पकड़ लिया और अपने मुंह में ले लिया..इधर दीपाजी ने मेरी टीशर्ट भी उतार दी..
उन्होंने मेरी निपल्स को चूमना चाटना शुरू कर दिया अब तो सेक्स के नशे में डूब ही गया था में ..
तभी दीपाजी सोफे पे खड़ी हो गयी और अपनी स्कर्ट ऊपर उठाली अंदर उन्होंने कुछ नहीं पहन रखा हुआ था,
उनकी एकदम साफ चुत मुझको दिखाई देने लगी, मदनजी अब भी मेरा लंड चूस रहे थे .. उनकी चुत पर एक भी बाल नहीं था
बिल्कुल साफ सांवली चूत थी अंदर से बिल्कुल लाल थी फिर दीपाली ने मेरा मुंह पकड़ कर अपनी चूत पर रख दिया और बोली चाट इसको..
में मस्ती से अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा सर अभी भी मेरा लंड चूस रहे थे .. आज दूसरी बार मेरा लंड चूसा जारहा था..
बहुत ही मस्ती भरा एहसास था वो में जैसे सातवें आसमान में था..
तभी मेरे लंड ने अपना पानी छोड़ दिया जिसको मदनजी पूरा पी गये और मेरा लंड अच्छे से साफ कर दिया चाट चाटकर ..
में अभी भी दीपाली की चुत चाट रहा था तभी दीपाली बोली :- अब उसका लंड छोड़ो मेरी गांड का छेद चाटो आओ..
सर उनके पीछे चले गये और उनकी गांड को जीभ से चाटने लगे…..
मदनजी अपनी जीभ को गोल गोल करके अपनी बीबी के गांड के छेद में अंदर-बाहर करने लगे ,
इससे दीपाजी बहुत ही उतेजित हो गयी थी, उनकी सिसकियां जोर जोर से सुनाई देने लगी थी..
में भी अपनी जीभ को उनकी चुत की गहराइयों में अंदर-बाहर करने लगा था,
दीपाली दोनो तरफ से जीभ का मजा ले रही थी, में अब भी सेक्स के नशे में डूबा हुआ मस्ती से उसकी चुत चाट रहा था ..
करीब 10 मिनिट बाद मेरे मुंह में उनकी चुत का रस टपकने लगा जिसको में चाट चाट कर पूरा निगल गया..
अब दीपाली हांफने लगी और सोफे पर ढेर हो गयी. !!
मदनजी भी अपना बरमूडा उतार दीये , ओह्ह उनका लंड तो मुझसे भी छोटा था ,उनका काला लंड करीब 4 इंच का ही होगा ,
वो खड़ा था और तभी मदनजी उसको मुठ मारने लगे करीब 2 ही मिनिट में उनका भी पानी निकल गया जो करीब 4-5 बून्द ही था ..!!
तभी दीपालीजी बोली :- मदन आज तो मजा ही आ गया क्या तरीके से चाटता है यह लड़का तो कमाल ही है..
खास बात यह है की ये डर्टी सेक्स भी आराम से करता है , लगता है ये धमाल मचा देगा … है ना ..??
मदनजी :– डार्लिंग, लेकिन अभी तो इसने कुछ भी नहीं किया है, क्या यह ड्रेसिंग कर पायेगा ..?? क्या ये आराम से बड़ा लंड झेल पायेगा ..??
दीपाली :– अरे जवान लड़का है ये तो कुछ भी झेल लेगा फिर में हूँ ना अच्छे से ट्रेनिंग दूंगी इसको में.. क्यों बेटा लोगे ना मुझसे ट्रेनिंग…?
क्या पता मेरे मन में क्या आया मैंने झट से हाँ भरदी,
दीपाली और मदन दोनों ही खुश हो गये , दीपाली ने मुझको एक पांच सो का नोट दिया बोली ये तुम्हारे खर्चे के लिये,
परसो सन्डे है तुम दिन में आ जाओ दो-तीन घण्टे के लिये , फिर में तुमको समझाऊंगी की क्या करना है तुमको ,
लेकिन तुमको बहुत ही मजा आयेगा और पैसे भी मिलेंगे यह भी समझ लेना तुम..!!
में खुश होकर वहां से निकल गया….!!!!
जब तक में घर पहुंचा अंधेरा हो चुका था, रास्ते में एक बनिये की दुकान थी, दुकान क्या थी कोई छोटा-मोटा सुपर बाजार ही था,
उससे ही हमारे घर का राशन पानी वगैहरा जाता था, मेरी इच्छा आइसक्रीम खाने की हो गयी ,
उस दुकान का मालिक एक 45-47 साल का बनिया था , ऊंचा कद , गौरा रंग मीडियम बॉडी थी…
नाम था किशोरी लाल लेकिन लाला के नाम से फेमस था वो, उसकी दुकान में दो लड़के भी काम करते थे,
उसका एक गोदाम मेरी ही बिल्डिंग के पीछे भी था, में उसके पास गया और मेरी मनपसंद आइसक्रीम मांगी और मैंने 500 का नोट दे दिया,
लाला खुद ही मौजूद था, उसने मेरे गाल सहलाते हुये मेरी और अजीब नजरों से देखते हुये कहा :– बेटा खुले नहीं है फिर कभी दे देना ना…!!
मैंने वो नोट जेब में डाल लिया, तभी एक मेरी ही उम्र का पतला खूबसूरत सा लड़का आया , उसने 10₹ की एक चॉकलेट ली, वो झिझक सा रहा था..
लाला ने उसको एक अजीब सा इशारा किया, वो वँहा से निकल गया ,
तभी लाला भी अपने स्टाफ को बोल के निकल गया की में गोदाम चेक करके आता हूँ ,
(लाला ने सामने पड़े कॉन्डोम का एक पैकेट भी जेब में डाल लिया) तब तक तुम सामान समेटो..
अब में भी घर की तरफ निकल गया , चंद कदम चलते ही वही लड़का एक सुनसान कौने में खड़ा हुआ था, वो चॉकलेट खा रहा था,
मुझे कुछ अजीब सा लगा में भी पेशाब करने के बहाने वहीं रुक गया,
तभी पीछे से लाला जल्दी-जल्दी चलता हुआ आया..
लाला उस लड़के के पास रुका और बोला:– क्या यार तुम तो दोपहर में आने वाले थे अब शाम हो चुकी है ,
नदीम अब जल्दी करो यार लेट हो रहे है.. वो लड़का और लाला चलने लगे, वो उसी गोदाम की तरफ जा रहे थे जो मेरी बिल्डिंग के पीछे था,
मुझे पता नहीं क्या हुआ में चुपके-चुपके उनके पीछे हो लिया…
उनके गोदाम वाली गली सुनसान ही रहती थी, गली में रोड लाइट भी नही थी,
लाला का गोदाम एक पुराने मकान के निचले हिस्से में था, लाल और नदीम उसी गोदाम की तरफ चलने लगे थे,
लाला ने गोदाम का दरवाजा खोला और जल्दी से नदीम को अंदर ले लिया,
में समझ गया की लाला आज उसकी गांड को फाडेगा मेरे मन में यह देखने की लालसा हुई की वो लड़का कैसे मरवायेगा अपनी गांड को …?
लेकिन देखूं कैसे ????
यह भी सवाल था मैंने इधर उधर देखा दूर तक कोई नहीं था, मैंने हिम्मत करते हुये गोदाम के दरवाजे पर आंख लगाई,
अंदर बल्ब की रोशनी थी, तभी लाला की आवाज सुनाई दी,
वो कह रहा था :- नदीम कोई नया लड़का लाओ ना कम उम्र का में तुमको खूब पैसा दूंगा, और चॉकलेट भी दूंगा बस लड़का गोरा होना चाहिए ये ध्यान रखना नदीम….
नदीम :– लालाजी एक लड़का है लेकिन साला नाटक बहुत करता है, है भी अच्छे परिवार से …!!
लाला :- एक बार लेकर तो आओ फिर देखते है उसको भी नदीम अब तुम शुरू हो जाओ एक बार मुंह से निकाल दो फिर में तुम्हारी गांड मे मेरा रस डालूंगा मेरे बच्चे…
जल्दी करो चुसो मेरा लंड नदीम…
तभी पुच्च पुच्च सुपड सुपड की आवाजे आने लगी में समझ गया की नदीम लाला का लंड चूस रहा है.. लेकिन देखूं कैसे में यह सब..??
यही सोच रहा था की अचानक..
तभी मेरे पीछे किसी ने आकर मेरा मुंह दबोच लिया और कान में बोला :- चोरी करने आया है तू गोदाम में…?
उसने मेरी गांड से अपना लंड सटा लिया और एक हाथ को मेरे पेट और लंड पे फिराने लगा… में डर गया था ।।
में गूं गयउँ गुं करने लगा तो वो बोला :- चिल्लाना मत मुंह छोड़ रहा हुं …
उसने मुंह छोड़ा तो मैंने पलट के देखा उसको तो…
यह लाला का ही एक मुनीम लड़का था ,जिसका नाम राजु था ..
वो मेरे कई बार गाल सहला चुका था और एक बार तो मेरी गांड को कस के दबा भी चुका था,
लेकिन तब में इस चीज यानी सेक्स से अनजान था,
तभी राजू ने दरवाजा बजाया दो मिनिट में ही दरवाजा खुला लाला ने खोल था दरवाजा राजू ने मुझको अंदर खींच लिया..
लाला मुझको देख चोंक गया क्योंकि वो मेरे पापा को जानता था, इसलिये वो डर भी गया लेकिन राजू का लंड खड़ा होकर मेरी गांड में लगा हुआ था ….
राजू लाला से बोला:- सेठजी यह लड़का बाहर से सब देख रहा था,
तभी लाला ने दरवाजा वापस बन्द कर लिया मैंने देखा की नदीम पूरा नँगा होकर एक चटाई पर बैठा हया है उसकी बॉडी भी मेरी तरह ही चिकनी थी, निप्पल भी मस्त थे ..
लाला बोला:- देखो मनोज बेटा प्लीज किसी को बताना नहीं में तुमको 500₹ दूंगा और राजू इसको छोड़ दो जाओ बेटा मनोज तुम घर जाओ प्लीज…
में समझ गया की लाला डर चुका है लेकिन में आज कुछ और ही मूड में था….
मैंने हिम्मत करके बोला:- लालाजी में किसी को नहीं बताऊंगा लेकिन में यह सब देखना चाहता हूँ जो आप नदीम के साथ करने वाले थे ….प्लीज..!
लाला यह सुनकर सन्न रह गया …!!
तभी राजू बोला :- सेठजी ठीक है , इसको दिखा ही दीजिये ना यह भी मजा ले लेगा. ..
ओर तभी राजू ने मुझको पीछे से पकड़ मेरी छाती सहलाना शुरू कर उसका लंड कपड़ों के अंदर से ही मेरी गांड को सलामी दे रहा था,
राजू का लंड काफी मोटा लग रहा था , में सिहर सा गया …
उधर वो लड़का नदीम भी डरा हुआ सा लग रहा था , उसने अपने लंड पे अपने दोनो हाथ रखे हुये थे…
वो उकड़ू बैठा था …अब लाला जी ने शुरुआत की ओर नदीम को नँगा ही अपनी बांहों में भर लिया ऐसा लगा की किसी राक्षस ने नन्हे बालक को जकड़ा हो..
लेकिन नदीम डरा नहीं , लाला उसको बुरी तरह से चूमने लगा ओर लिप किस भी करने लगा…
इधर राजू ने मेरी गर्दन और कान चूमने लगा था,
मेरी हवश फिर से जगने लगी थी मेरा भी लंड टनटनाने लगा था राजू ने अपना एक हाथ मेरे लंड पे रख दिया ओर हल्के-हल्के सहलाने लगा था,
उधर लाला ने अपना पज़ामा उतार दिया…अब उनका बड़ा काला और मोटा लंड नदीम मुँह के सामने था…
नदीम को अपने ऊपर बिल्कुल भी काबू नहीं था और झट से उनका लंड पकड़ कर चूसने लगा….
लाला के लंड से उनके प्रीकम वाले वीर्य की खुशबू आ रही थी, जो कमरे में फ़ैल रही थी जो कि मुझे और उत्साहित कर रही थी…
लाला का लंड नदीम के चूसते ही उनके मुँह से सिसकारियां निकलने लगी…वो नदीम के मुँह को ही गांड समझ कर चोदने लगा था,
नदीम ने उनका लगभग आधा लंड मुँह में भर लिया था और पूरा लेने की कोशिश कर रहा था, कि अचानक उन्होंने ज़ोर से धाक्का मारा और पूरा लंड उसके मुँह में घुसेड़ दिया….
उसको भी लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था….
-:आगे जारी रहेगी:-
नदीम ने लाला का पूरा लण्ड मुंह में लेकर चूस रहा था, मुझको भी अब कुछ कुछ होने लगा था,
राजू ने मेरी पेंट की चेन खोलकर उसमें से मेरा लंड निकाल लिया जो खड़ा हो चुका था,
वो मेरा लण्ड बाहर निकाल कर उसको मुठियाने लगा, उधर लाला लगातार नदीम का मुंह चोद रहा था,
तभी राजू ने मेरा लंड अपने मुंह में भर लिया उफ्फ्फ कितना मजेदार अहसास था…
वो मेरे सामने फर्श पर बैठ कर मेरा लंड चूसने लगा लंड चूसते चूसते ही उसने मेरी पेंट खोलकर नीचे कर दी ,
मेरे नँगे होते ही लाला की नजर भी मेरे नँगे बदन पर गड़ गयी , वो एकटक मेरे ही बदन को देखने लगा ,
राजू बड़ी ही मस्ती से मेरा लंड चूस रहा था अब वो अपने दोनो हाथ मेरी गांड पर ले आया ओर मेरी गांड सहलाने लगा कभी- कभी वो अंगुली से मेरी गांड का छेद सहला देता था
में बहुत ही उतेजना महसूस कर रहा था, राजू मेरी बॉल चूसने लगा और अपनी एक अंगुली मेरी गांड में डाल के अंदर-बाहर करने लगा…
उधर लाला ने अपना वीर्य नदीम के मुंह और शरीर पर निकाल दिया बहुत ही ज्यादा वीर्य निकला था ,
लाला का लाला अपना वीर्य निकाल के वहीं एक कुर्सी पे बैठ गया
मुझे पता नहीं क्या हुआ मैंने राजू के मुंह से अपना लंड निकाला और नदीम के पास चला गया ,
फिर में नदीम के मुंह और शरीर को चाटने लगा जिसपर लाला का ताजा वीर्य लगा हुआ था ,
अब लाला और राजू दोनो ही मुझको देखने लगे थे..
तभी राजू मेरे पीछे आ गया और मेरी गांड को पकड़ के अपनी जीभ मेरी गांड में डाल दी और आगे पीछे करने लगा….
में नदीम से चुम्माचाटी कर रहा था और राजू मेरी गांड को अपनी जीभ से छोड़ रहा था,
इस दोहरे मजे से मेरी हालत खराब हो गयी और मेरा पानी निकल गया जो नदीम के शरीर पे गिरा ,
अब राजू ही बचा हुआ था उसने भी नदीम को घोड़ा बनाया और वो भी चालू हो गया तभी लाला ने मुझको अपने पास बुलाया ,
लाला ने मुझको अपनी गोद में बैठा लिया और किस करने लगा उसके हाथ मेरे पुरे शरीर को टटोल रहे थे वो मेरी छाती भी मसल रहा था ,
वो बोला : – बेटा किसी को इस सब के बारे में बिलकुल मत बताना ,
फिर लाला ने मुझको एक 500 का नॉट निकाल कर दे दिया उधर राजू ने भी अपना पानी नदीम की गांड में ही छोड़ दिया,
अब सबने अपने अपने कपड़े पहने लाला ने पहले मुझको और नदीम को जाने को कहा हम दोनों बाहर चले गए में घर की तरफ जाने लगा
तभी नदीम मुझसे बोला :- देखो यार तुम यह सब किसी को बताना मत में बदनाम हो जाऊँगा प्लीज्ज,
मैंने उसको कहा की में तो खुद यही सब करना चाहता हूँ और आजकल सब चलता है टेंशन ना करो तुम
फिर उसने अपना नंबर दिया जो मैंने नोट कर लिया फिर मिलने का भी कहा में अपने घर की तरफ चला गया ….
–
घर पर पहुंचते ही कमला बाई ने दरवाजा खोला तो मैंने नोट किया की उन्होंने एक मैक्सी पहन रखी हुई है ,
जो बहुत ही सेक्सी और महंगी लग रही थी जिसमे से कमला बाई की चूँचियो की घाटी का नजारा बहुत ही
आसानी से हो रहा था साथ ही कोई बढ़िया इत्र भी लगा रखा था जो पुरे घर को ही महका रहा था ….
खैर में अंदर आया तो कमला बाई ने सवाल किया की आज देर बहुत कर दी ना मैंने तो मैंने बहाना कर दिया ,
में ऊपर गया जल्दी से शॉवर लिया आज मेरे लंड से तीन बार पानी निकला था में थक सा गया था नहा के बिस्तर पे गया
तो मेरी आँख लग गयी … करीब दो घंटे बाद मुझे कमला बाई ने झकझोर कर उठाया वो बोली :: खाना नहीं खाना क्या चलो निचे ,
में जल्दी से निचे गया खाना टेबल पर लगा हुआ था लेकिन पापा नहीं आये थे अभी तक मैंने अकेले ही खाना खा लिया ,
कमला बाई आज बहुत ही खुश लग रही थी ,खैर में वापस ऊपर आ गया कुछ देर पढ़ाई की फिर मेरी आँख लग गयी ,
रात को अचानक मेरी आँख खुली , मुझे जोर की प्यास लगी हुई थी ,आज में ऊपर पानी लाना भूल गया था , खैर में
निचे गया निचे रसोई से पानी निकाल के पिया तभी मुझको कुछ अजीब सी आवाज सुनाई दी जो सिर्फ सेक्स के वक्त ही आती है ,
ये आवाजें पापा के रुम से आ रही थी पर पापा किसके साथ सेक्स कर रहे होंगे क्या कमला बाई के साथ ?? में कुछ समझ नहीं पा रहा था
मेरे कदम पापा के रूम की और बढ़ने लगी थे पापा के रूम की एक खिड़की पर पर्दा नहीं लगा हुआ था में उसी में से देखने लगा ……
कमला बाई घोड़ी बनी हुई थी पापा के बिस्तर पर पापा उसके पीछे अपना लंड रगड़ रहे थे उफ़ क्या लंड था पापा का गोरा चिट्टा लंबा मोटा
करीब आठ इंच तो पक्का ही होगा मुझको कुछ कुछ होने लगा में वहीं खड़ा देखता रहा तभी पापा ने पास के टेबल से एक गिलास जिसमे दारु थी
उसको उठाया और कमला बाई की गांड और चुत पे गिरा दिया और फिर मेरे पापा मेरी नौकरानी की गांड और चुत को अपनी जीभ से चाटने लगे
कमला बाई धीरे धीरे अपने मुंह से “आआह्ह ह्ह्ह ऊम्म्म आआऊऊच इम्म्म उह हुहह्ह..” की आवाजें निकाल रही थीं.
पापा भी सीसिया रहे थे मेरी नजर तो पापा के लंड से हट ही नहीं रही थी , जो बिलकुल सीधा खड़ा हुआ था
एक बात और ना तो कमला बाई के और ना ही पापा के निचे एक भी बाल था एकदम चिकनी थी दोनों के ,
खैर फिर पापा ने एक और पेग बनाया जिसको कमला बाई और पापा ने मिलकर पीया …
पापा के लंड से मेरी नजरे यूँ चिपकी थी की क्या बतायूँ उनका चिकना लंड उतनी दूर से ही चमक रहा था ,
तभी कमला बाई ने उनका लैंड पकड़ा और अपने मुंह में लेलिया वो बहुत ही अच्छे से पापा का लैंड चूस रही थी। ….
यह नजारा देख कर मुझसे रहा नहीं गया मैंने मेरे लंड को आजाद कर दिया , वो भी खड़ा हो चुका था आज के दिन में चौथी बार ,
तभी पापा ने उसकी चूंची पकड़ ली वो तड़पने लगी- जान… ऐसे क्यों कर रहे हो… रुको, तुमको असली मजा देती हूँ.
कमला बाई कहा और अपने दोनों हाथ पीछे करके ब्रा खोल कर निकाल दी… फिर लेट गई.
उसकी नंगी, चिकनी चूचियां देख देखकर पापा अपनी आंखें सेंकने लगे. फिर हाथ लगाकर सहलाने लगे.
मैंने देखा की कमला के दूध बहुत सेक्सी हैं… बड़े बड़े, गोल गोल, मुलायम और बेहद नर्म.
पापा उसके मम्मे दबा दबाकर मजा लूटने लगे. फिर मुँह में लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगे.
मुझे भी यह देखकर मजा आने लगा. वो मर्दाना जिस्म के थे. पूरे 6 लम्बे और पहलवानी बॉडी वाले थे. मैं भी अब उनका लंड खाना चाहता था .
कमला ने भी उनको दोनों हाथों से पकड़ लिया और दूध पिलाने लगी- पी लीजिये साहब… आप मेरे मस्त मस्त आम पी लो…
वो “अई… अई… अई… उम्म्ह… अहह… हय… याह… इसस्स…” करने लगी.
पापा अपना मुँह चला चला कर उसके निपल्स को मुँह में अन्दर तक लेकर चूस रहे थे.
उसको हल्का हल्का दर्द भी हो रहा था पर मजा भी खूब आ रहा था. फिर 10 मिनट बाद दूसरी वाली चूसने लगे. मुझे यह देख कर बड़ा मजा आ रहा था .
तभी पापा ने कोई क्रीम अपने लंड पर लगाई और कमलाबाई को घोड़ी बना दिया ,
ओह भगवान पापा कमलाबाई की गांड में अपना हब्शी लंड डाल रहे थे वाओ इतना बड़ा लंड कमलाबाई की गांड को छू रहा था मुझको देखकर ही मजा आने लगा
मैंने अपना बारमूडा निचे उतार दिया और जॉकी भी अब में नंगा खड़ा हुआ यह लाइव सेक्स देख कर अपना लंड हिला रहा था
तभी पापा ने कोई क्रीम अपने लंड पर लगाई और कमलाबाई को घोड़ी बना दिया ,
ओह भगवान पापा कमलाबाई की गांड में अपना हब्शी लंड डाल रहे थे वाओ इतना बड़ा लंड कमलाबाई की गांड को छू रहा था,
मुझको देखकर ही मजा आने लगा ,
मैंने अपना बारमूडा निचे उतार दिया और जॉकी भी अब में नंगा खड़ा हुआ यह लाइव सेक्स देख कर अपना लंड हिला रहा था।
कमलाबाई बिलकुल भी डरी हुई नहीं थी , उधर पापा ने अपना लंड कमलाबाई की गांड में धीमे से डाल दिया ,
उह्ह्ह आह्ह सीसीसीसिस उफ्फ कमलाबाई के मुंह से आह निकलने लगी लेकिन उसने मना नहीं किया लंड डालने से
पापा ने अब थोड़ा लंड और डाल दिया लेकिन वो धक्के नहीं लगा रहे थे जैसे लाला नदीम के लगा रहा था
कमलाबाई ने अब अपना मुंह भींच लिया , फिर पापा धीरे -धीरे अपनी गांड हिलाने लगे जिससे उनका लंड गांड में हिलने लगा
फिर पापा ने थोड़ा और लंड डाला करीब आधा लंड कमलाबाई की गांड में जा चूका था लेकिन कमलाबाई बिलकुल चुप थी
अब वो भी अपनी गांड हिलाने लगी थी , पापा ने अब उनके बड़े बड़े बूब्स दबाने शुरू कर दिए ,
अब कमलाबाई मस्ती में आ चुकी थी
पापा ने भी देरी ना करते हुए अपना पूरा लंड एक ही झटके में उसकी मस्त और मोटी गांड में उतार दिया ,
कमलाबाई चिल्ला पड़ी ऊऊऊ उ युई माँ निकालो बाहर निकालो बहुतु दर्द हो रहा है प्लीज अहा आअह्ह उइ माँ
लेकिन पापा ने उनकी कमर कस के पकड़ रखी थी और वो लगातार झटके भी मार रहे थे , करीब दो मिनिट में ही कमलाबाई
ने चिल्लाना बंद कर दिया और वो सीसियाने लगी थी यह सब देखकर में भी अपना छोटा सा लंड हिला रहा था ,
अंदर तो पापा का बड़ा लंड कमलाबाई की गांड में अंदर बाहर हो ही रहा था , अब पापा सरपट अपना लंड कमलाबाई की
गांड में दौड़ाने लगे , कमलाबाई भी पूरी तरह से उनका साथ दे रही थी और मजे से अपनी गांड मरवा रही थी ,
पापा के इतने बड़े लंड से गांड मरवाते देख मुझे भी बहुत मजा आ रहा था
मेरा भी मन ऐसे ही लंड को अपनी गांड में लेने का हो रहा था ,लेकिन लूँ किसका इतनी रात में
कमलाबाई को मजे से गांड मरवाते देख कर ये तो पक्का हो चुका था की गांड मरवाने में भी मजा आता है
