मनोज से माया तक का सफर 2

गांड

कमलाबाई को मजे से गांड मरवाते देख कर ये तो पक्का हो चुका था की गांड मरवाने में भी मजा आता है
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इससे आगे :–
यह तो पक्का था की गांड में लन्ड लेने से भी मजा आता है, लेकिन अभी तो वो मजा कमलाबाई को ही नसीब था,
पापा पूरे जोश से कमलाबाई की गांड में अपना बड़ा सा काला लन्ड अंदर- बाहर कर रहे थे ,
में बाहर अपने हाथ से अपना छोटा सा लन्ड हिला रहा था,
पापा ने अब एक हाथ से कमला की चोटी पकड़ ली और एक हाथ उसकी कमर में डाल के जोरदार तरीके से उसकी गांड मारने लगे थे ,
पूरा बिस्तर हिल रहा था जैसे कोई रेलगाड़ी चल रही ही ,
तभी पापा चिल्लाने लगे कमला मेरा निकलेगा आओ और पापा ने अपना विशाल लन्ड उसकी गांड से निकाल लिया और कमला जल्दी से उनके सामने फर्श पे बैठ गयी ,
अब पापा उसके मुंह की तरफ करके अपना लन्ड हिलाने लगें दो ही मिनिट बाद वीर्य की एक बाढ़ सी आई जो
कमला के पूरे चेहरे पर बरस गयी कमला का चेहरा और बूब वीर्य से नहा गये, इस बरसात से नहाकर कमला का चेहरा चमकने लगा था,
मेरा भी वीर्य निकल पड़ा जो संगमरमर के फर्श पे जा गिरा, वीर्य निकलने के बाद कमला पापा के लंड को चूसकर साफ करने लगी और बाथरूम चली गयी,
में भी अपने रूम में आकर सो गया ….!!


अगली सुबह में लेट उठा क्योंकि रात को सेक्स का लाइव टेलीकास्ट देखा था और कल चार बार लण्ड का पानी निकाला था
इसलिये बेहद थका हुआ भी था , उठकर निचे गया तो पापा जा चुके थे , कमलाबाई ने मुझको नाश्ता दे दिया और वो साफ सफाई करने लगी,
में टीवी देखते हुये नाश्ता करने लगा था, तभी कमला उस खिड़की के पास खड़ी होकर सफाई करने लगी जहां रात मैंने मुठ मारी थी ,
तभी अचानक वो फिसल गयी और गिर गयी में भागकर उसके पास गया और उसको उठाया लेकिन उसके पैर मेरे वीर्य से सन गये थे और वो उसकी चिकनाहट महसूस भी कर चुकी थी
वो सम्भली और फर्श को देखने लगी फिर उसने अपने पैर पे हाथ फिराया और हाथ को सूंघने लगी,
फिर उसने मेरी तरफ मुंह किया और बोली :: यह सब क्या है यहां पर बताओ मुझको वरना में तुम्हारे पापा को शिकायत करूंगी ,
में सब जानती हूँ की आजकल तुम किस टाइप की गन्दी किताबें पढ़ते हो और आजकल रोजाना तुम्हारा अंडरवियर गन्दा रहता है
आगे से भी और पीछे से भी बताओ मुझको वरना तुम्हारी खैर नहीं है आज ..??
दोस्तों अब मेरी फट के हाथ में आ गयी ,
अगर पापा को यह सब पता चल जाता तो मेरी खैर नहीं थी सच में क्या करुं अब मै कैसे पीछा छुड़ाऊं इससे ..??
तभी मेरे दिमाग की बती जली :: कमलाबाई तुम मुझे डांट रही हो और तुम रात को क्या कर रही थी ,
पापा के साथ वो सब मैंने देख लिया है तुम करो तो ठीक अगर में करूँ तो गलत यह नहीं चलेगा मुझको सब पता है तुम रोज रात को पापा के साथ ही सोती हो और मजे लेती हो ।।
अब कमला के चेहरे का रंग उड़ गया वो मुझको ताकने लगी उसकी बोलती बन्द हो गयी
2 मिनिट बाद वो बोली: देखो तुम्हारी मम्मी रही नहीं अब और मेरा भी तलाक हो चुका है दूसरे हम दोनो तो बालिग भी है हमको सुरक्षा का सब पता है लेकिन तुम अभी तक बच्चे ही हो,
समझो इस उम्र में यह सब ठीक नहीं है तुम बीमार हो सकते हो , तुम्हारी पढ़ाई में दिक्कत आ सकती है , इस चीज के लिये सारी उम्र पड़ी है बेटा समझो मेरी बात को और रात वाली बात किसी को भी मत बताना
मेरे साथ- साथ तुम्हारे पापा और घर की भी बदनामी होगी बेटा..
ऐसा कहकर वो मेरी पीठ पर अपना हाथ घुमाने लगी,
मैंने भी गौर किया की उसकी बात सही है लेकिन मैं कन्फर्म करना चाहता था की वो पापा को कुछ नहीं कहेंगी..?? मैं बोला : तुम सही कहती हो कमलाबाई लेकिन तुम मेरे बारे में पापा को तो कुछ नहीं कहोगी ना??
कमला बाई : नहीं कहूंगी बेटा कसम से और उसने मुझे अपने गले लगा लिया.. उसके बड़े-बड़े बूब्स मेरे सीने में गड़ रहे थे ,
मैंने भी उसकी गांड को अपने दोनो हाथों में भर के भींच लिया मेरा छोटा सा लण्ड खड़ा होकर उसकी चूत से रगड़ खाने लगा था ,
3-4 मिनिट के बाद उसने मुझे आजाद कर दिया , लेकिन मेरे बरमुडे में उभार साफ दिख रहा था जो उसने भी देख लिया और मुस्कराने लगी ,
वो बोली : शैतान कहीं के तुम्हारी नूनी फिर से खड़ी हो गयी है, इसको सम्भालो वरना जूते खाओगे किसी से ….
मैं :: कमलाबाई आप सुंदर ही इतनी हो की किसी का भी खड़ा हो जाये..
कमला :: चल शैतान में तुम्हारी मां जैसी हूँ समझे क्या?
में :: मां जैसी हो लेकिन मां तो नहीं हो न कमलाबाई तुम बहुत किस्मत वाली हो जो पापा का मस्त और मोटा लण्ड मिला है तुमको ,
कितना मजा आता होगा तुमको मुझको तो तुमसे जलन हो रही है …
कमला :: मुझसे जलन क्यों रे पागल तुम कोई लड़की थोड़े ही हो तुम भी तो मर्द ही हो ना रे पागल … फिर वो काम में लग गयी ।
में कुछ देर टीवी देखता रहा , तभी कमलाबाई आई और मुझको बोली :: मनोज जाओ ना लाला की दुकान से थोड़ा सामान ले आओ ना उसने मुझको लिस्ट पकड़ा दी…
लाला का नाम सुनते ही कल शाम की मस्ती याद आ गयी कैसे मैंने लाला और राजू के साथ मजे किये थे,
मैं जल्दी से घर से निकल गया लाला की दुकान की और बाहर तेज धूप थी लाला की दुकान में कोई ग्राहक नही था लाला काउंटर पे था और राजू था ही नहीं बस एक लड़की थी जो कुछ सामान ले रही थी लाला से….
लड़की कम उम्र की थी , लेकिन सेक्सी थी उसने स्कर्ट टॉप पहना हुआ था, बड़े बड़े बूब और सेक्सी गांड थी उसकी में जाकर उसके साथ ही खड़ा हो गया..
लड़की :: पापा मुझको 200₹दो ना आज मुझको मेरी सहेली के साथ बाहर घूमने जाना है प्लीज…..
ओ तेरी यह तो लाला की लड़की थी क्या मस्त आइटम थी यार मेरा लण्ड खड़ा हो गया उसको देखकर
लाला उसको पैसे के लिये टालने लगा लेकिन तभी लाला की नजर मुझपर पड़ी और उसने जल्दी से उसको पैसे निकाल कर दे दिये..
लड़की जल्दी से पैसे लेकर पलटी और सीधे मेरे से आ टकराई उसके बॉबे मेरी छाती से टकरा गये उफ्फ क्या टाइट बूब्स थे,
उसके वो सम्भली और मुझको सॉरी बोला मैंने भी सर हिलाकर उसको ok बोला वो निकल गयी …

लाला उसको पैसे के लिये टालने लगा
लेकिन तभी लाला की नजर मुझपर पड़ी और उसने जल्दी से उसको पैसे निकाल कर दे दिये..
लड़की जल्दी से पैसे लेकर पलटी और सीधे मेरे से आ टकराई
उसके बॉबे मेरी छाती से टकरा गये उफ्फ क्या टाइट बूब्स थे उसके
फिर वो सम्भली और मुझको सॉरी बोला मैंने भी सर हिलाकर उसको ok बोला वो निकल गयी,
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इससे आगे :–
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फिर में लाला की तरफ देखने लगा लाला ने मेरी तरफ देख के आँख मार दी में शर्मा गया ,
तभी लाला ने एक चॉकलेट निकाल के दी मुझको मैंने लेनी चाही तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया ,
में घबरा गया इधर उधर देखा तो उसका नौकर बीजी था वो पेकिंग कर रहा था , और कोई था नहीं ,
फिर मैंने हाथ छुड़ाकर लाला से कहा :: यह सामान निकलवा दीजिये लाला जी
लाला ने लिस्ट ले ली और अपने नौकर से सामान निकलने को बोला,
नोकर सामान निकालने लगा कुछ देर बाद नोकर बोला :: लालाजी हल्दी पाउडर तो यहां है ही नहीं गोदाम से लाना पड़ेगा ,
लालाजी ने उसको बोला की तुम सामान निकालो में गोदाम से हल्दी ले आता हूँ.. मनोज तुम भी आ जाओ ,
तुमको में मेरा गोदाम दिखाता हूँ..
हम दोनो गोदाम की और निकल पड़े तेज धूप में कोई नहीं था…
5 मिनिट में ही हम गोदाम पहुंच गये…
लाला ने गोदाम अंदर से बन्द कर लिया वो दरवाजा बन्द करके पलटा और वो मेरी और तीखी नजरों से देख रहा था,
में भी उसकी और प्यासी नजरों से देखने लगा,
कुछ देर ऐसे ही देखने के बाद लाला मेरे पास आया और मेरा चेहरा पकड़ा उठाया और मेरी आंखों में आंखे डाल के देखने लगा मुझको शर्म आ गयी,
तभी उसने मेरे होंठो पर अपने सख्त होंठ रख दिये , वो मुझको चूमने लगा था मैं सेक्स के नशे में खो रहा था ..
लाला किसी आशिक की तरह मुझको चुम रहा था और में किसी शर्मीली लड़की की तरह एक्शन कर रहा था…
5मिनिट की चुमाचाटी के बाद लाला ने मुझको बोला: मनोज बेटा क्या तुम मेरा लण्ड चुसोगे में तुमको 200₹ दूंगा प्लीज बेटा चुसो ना मेरा लण्ड एक बार प्लीज…
मैंने उसको बोला:: मुझको शर्म आती है लालाजी,
लाला:: बेटा शर्म कैसी जवानी का मजा लो ना बहुत ही टेस्टी है मेरा लण्ड कल तुमने मेरा वीर्य टेस्ट तो किया ही था,
अब लण्ड भी चुसलो प्लीज मनोज बेटा …..
वो मेरे गाल सहलाने लगा और लाला ने अपनी बीच की अंगुली मेरे मुंह में डाल दी जिसको में चूसने लगा,
फिर मैं लाला के सामने फर्श पर घुटनों के बल बैठ गया और लाला का पायजामा खोल कर
उसका मोटा लम्बा लण्ड बाहर निकाल लिया और उसके पास अपना मुंह ले गया
लाला का लण्ड बहुत ही विकराल था, उसके लण्ड से अजीब सी खुशबू आ रही थी ,
फिर मैंने देर ना करते हुये उसके मोटे लण्ड को अपने मुंह में भर लिया
फिर बड़े ही मस्त तरीके से में लाला का लण्ड चूसने लगा..

कभी कभी में लण्ड को दांत से हल्के से काट लेता था
तो कभी उसकी गोलियों को मुंह में भर लेता था करीब 10 मिनिट के बाद
लाला बोला :: मनोज बेटा मेरा पानी निकलने वाला है मुंह में ले लोगे ना…
मैंने झट से हां भरदी लाला ने अपना वीर्य मेरे मुंह में भर दिया जो में मजे से निगलने लगा..
यह मेरा झटपट वाला सेक्स था जो 15 मिनिट में ही हो गया…वीर्य निगलकर मुझको बहुत मजा आया
फिर लाला ने हल्दी पाउडर निकाला और हम चल पड़े दुकान से मैंने सारा सामान लिया और घर की तरफ चल पड़ा
लाला ने मुझको 200 रुपये भी दिये… धूप तेज हो चुकी थी घर पर पहुंचते पहुंचते में पसीने से भीग गया था,
सामान कमला को दिया और में अपने रूम में आ गया , अब में नहाना चाहता था ,
मैंने अपने अंडरवियर बनियान निकाली तभी मैंने हेयर रिमूवल क्रीम देखी जो रणधीर सर ने दी थी
मेरे नीचे के बाल बड़े चुके थे मैंने क्रीम लगाने का फैसला किया,
मैंने अपने नीचे लण्ड के आसपास गांड पर क्रीम लगाकर छोड़ दी
क्रीम को 20 मिनिट रखना था, सो में रूम में टहलने लगा ,
मैंने वो सेक्सी किताब लेली और पढ़ने लगा, जिसमे गे सेक्स स्टोरी थी,
उसमें एक स्टोरी चाचा भतीजा की होती है जिसमें चाचा अपने भतीजे के साथ अपनी भाभिजान यानी भतीजे की मां को भी चोदता है
वो बहुत ही सेक्सी कहानी थी जिससे मेरा लन्ड खड़ा हो गया ,
15 मिनिट हो चुके थे, मैंने किताब बिस्तर पर रखी और बाथरूम की और बढ़ा तभी मेरे रूम का दरवाजा खुला ,
उफ्फ में दरवाजा बन्द करना तो भूल ही गया था कमला थी वो अंदर घुस गयी मुझको युन्ह नँगा देख वो चोंक गयी
फिर जब उसने मेरे बालों पर क्रीम देखी तो मुस्कुराते हुये बोली :: वाह मनोज आज सफाई अभियान चला रहे हो क्या,
कितने बड़े बाल है अच्छा किया जो साफ कर लिये वरना तुम्हारी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाती..
फिर वो हंसने लगी, में किसी लड़की की तरह शर्मा गया !!

फिर वो हंसने लगी, में किसी लड़की की तरह शर्मा गया,
फिर में नहाने चला गया, मेरे लण्ड और गांड के बाल साफ हो गये थे,
मस्त चिकना हो गया था मेरे नीचे से लेकिन हेयर रिमूवर की वजह से चमड़ी पर हल्की जलन होने लगी थी,
मैं क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आया, मैंने कमलाबाई को बताने की सोची में टॉवल लपेट के नीचे गया कमलाबाई हॉल में बैठी हुई थी,
उनको मैंने अपनी समस्या बताई तो वो मुस्कुराने लगी और बोली : कोई नहीं मनोज बेटा ऐसा हो जाता है ..
तुम अपने रूम में चलो में इलाज करती हूँ तुम्हारा ऊपर चलो, में जल्दी से अपने रूम की तरफ भागा ,
पीछे पीछे ही कमलाबाई आ गयी उनके हाथ में बहुत सारी आइस-क्यूब थी,
कमलाबाई ने मुझे टॉवल खोलकर लेटने को कहा और वो आइस-क्यूब को मेरे लण्ड के पास फिराने लगी जलन में बहुत राहत महसूस हो रही थी,
लेकिन मेरी गांड पर भी जलन हो रही थी तो मैं घूम गया कमलाबाई समझ गयी और मेरी गांड पे भी आइस-क्यूब रगड़ने लगी मुझे अच्छा लग रहा था,
उसने एक आइस क्यूब को मेरी गांड के छेद पर रख दिया और दबाने लगी मुझे बहुत ही मस्ती आ रही थी,
तभी कमलाबाई ने अपनी एक अंगुली से मेरी गांड का छेद सहलाना शुरू कर दिया उफ्फ क्या मजा आ रहा था,
कमलाबाई की अंगुली बहुत ही मस्ती दे रही थी मेरी गांड को वाह …uhhh… ओह ..आ …सी सी….
तभी कमलाबाई ने अपनी अंगुली को थूक लगाकर मेरी गांड में उतार दिया हल्का सा दर्द हुआ,
तो कमलाबाई ने थोड़ा थूक और लगाया मेरी गांड में और फिर अंगुली से मेरी गांड मारने लगी हल्का दर्द अभी भी था ,
लेकिन मजा इतना आ रहा था की में सब सह गया, कमलाबाई अब अपनी अंगुली अंदर-बाहर करने लगी,
यानी वो अपनी अंगुली से मेरी गांड मारने लगी उधर में अपने लंड को टॉवल के ऊपर रगड़ने लगा इसी तरह करीब 10 मिनिट चला
फिर कमला ने अपनी अंगुली मेरी गांड से निकाल ली में जैसे आसमान से गिर गया
मेरा मजा अधूरा ही था मैंने सीधे होकर कमला की तरफ देखा वो मुस्कुरा रही थी,
मैंने पूछा:: क्या हुआ बीच में क्यों छोड़ दिया तुमने कमलाबाई बाई मुझे कितना मजा आ रहा था प्लीज दुबारा करो न मेरा पानी छूटने तक प्लीज।।
कमला:: मनोज मुझे क्या फायदा होगा यह सब करके देखो मेरी अंगुली पर तुम्हारी लेट्रिन भी लग गयी है छी कितनी गन्दी बदबू आ रही है,
और तुम कब से गांड मरवा रहे हो बोलो लगता है तुम गांडू बन चुके हो जिसको गांड मरवाने की लत लग चुकी है???
मैं: नहीं कमलाबाई मैंने अभी तक गांड नहीं मरवाई है लेकिन कल पापा से आपको गांड मरवाते देख मुझे भी इच्छा हो रही है की
कोई मेरी गांड मारे बिल्कुल पापा की तरह जोर-जोर से झटके देकर काश कोई मेरी गांड में लण्ड डाले..

कमला::मनोज तुमने सच में अभी तक अपनी गांड ने किसी का लण्ड नहीं लिया है क्या??
अगर ये सच है तो वाकई में तुम खुशनसीब हो ..क्योंकि मेरे पास एक लड़का है जिसका लण्ड बहुत ही प्यारा और लम्बा है
लेकिन तुमको यह बात छुपा कर रखनी होगी और उसको एक और चीज पसन्द है
किसी लड़को को लड़की बनाकर चोदना मतलब वो तुमको लड़की के कपड़े पहनाकर चोदेगा..
बोलो अपनी गांड में उसका लण्ड लोगे क्या ..
बड़ा ही मजा आयेगा मनोज तुमको और वो लड़का तुमको गिफ्ट और पैसे भी देगा .. बोलो लोगे उसका???
मैं : हां कमलाबाई में अपनी गांड मरवाना चाहता हूँ प्लीज तुम उसको बुला लो ना..
कमला:: देखो कल तुम्हारे पापा तीन दिन के लिए बाहर जा रहे है तो आज में तुम्हारे लिये लड़की की सेक्सी ड्रेस लाती हूँ
कल सुबह तुम्हारे पापा चले जायेंगे उसके बाद उसको बुलाकर तुमको मजे दिलवाती हूँ लेकिन यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिये मनोज।।
मैं: नहीं कमलाबाई कसम से में किसी को कुछ नहीं बताऊंगा आप प्लीज उसको कल बुलवा लो ना और मेरी गांड मरवा दो उससे प्लीज में आपका अहसान नहीं भूलूंगा।
कमला:: ठीक है मनोज लेकिन तुमने मुझको गर्म कर दिया है मेरी चूत में आग लग गयी है इसको तुम अपने मुंह से ठंडा करो पहले प्लीज़ मनोज बेटा आओ मेरी चूत को चाट लो ना…
यह कहकर कमलाबाई ने अपना गाउन उतार दिया जिसके नीचे उसने कुछ नहीं पहना था,
वो एकदम मादरजात नँगी थी , उसकी चूत मेरी आंखों के सामने ही थी ,
मेरा लण्ड उसको देखकर भड़क गया लेकिन क्या करता मुझको रिश्वत जो देनी थी
कमलाबाई को खुद की गांड मरवाने के लिये तो मैंने अपनी जीभ को उसकी मस्त चूत में डाल दिया और किसी कुते की तरह चाटने लगा
कमलाबाई सिसियाने लगी थी वो मुझको उकसा रही थी अपनी चूत चाटने को और में वही कर रहा था
में बड़े ही अच्छे तरीके से कमलाबाई की चूत को चाट रहा था,
कमलाबाई बिल्कुल किसी सेक्स फ़िल्म की तरह चिल्ला रही थी
उसमें मेरे बाल पकड़ रखे थे और मेरे मुंह को अपनी चूत की तरफ धकेल रही थी और मैं उसकी चूत को मिठाई समझ के चाट रहा था
तभी कमलाबाई बेड पर लेट गयी और मुझको अपने ऊपर आने को कहा
हम दोनो 69 की पोजिशन में आ गये अब मेरा छोटा सा लण्ड कमला के मुंह में था और मेरा मुंह उसकी चूत पर फिर हम दोनो शुरू हो गये एक दूसरे को मुंह से मजा देने में लग गये ….
मेरा तो करीब 3-4 मिनिट में ही निकल गया जो कमला ने पूरा निगल लिया लेकिन कमलाबाई का 10 मिनिट में निकला जो मैने चाटने की चेष्टा तो की लेकिन पूरा नहीं चाट पाया ,
उसका कुछ वीर्य मेरे मुंह पर लग गया उसका वीर्य बहुत ही टेस्टी था मुझको मजा आ गया कमला के साथ 69 करके तो वाह क्या लण्ड चूसती है यह कमला वाह
खैर में थक गया था तो नँगा ही बेड पर सो गया लेटते ही मुझको नींद आ गयी …..
शाम को मेरी नींद खुली करीब 5 बज चुके थे तभी मुझको मदनजी की याद आ गयी ,
उनसे भी मिलना था मुझको में फ्रेश होकर कपड़े पहन कर नीचे आया तो देखा की कमलाबाई नँगी ही सोफे पर लेटी हुई थी ….
उफ्फ उसके बड़े-बड़े कठोर बूब्स बहुत ही प्यारे लग रहे थे,
मैने उसके पास जाकर धीरे से उसके बूब मसल दीये मुझे बड़ा मजा आया
लेकिन इससे वह उठ गयी उसने जम्हाई ली वो बोली लगता है की तेरा जी भरा नहीं अभी तक कल बताती हूँ तुमको…
फिर उसने अपना गाउन पहन लिया तो मैंने उसको कहा की में ट्यूशन जा रहा हूँ और बाहर निकल गया ,
घर से निकल के में मदनजी के घर की तरफ निकल गया…
मैं मदनजी के घर पहुंचा घण्टी बजाई तो उनकी बीबी ने दरवाजा खोला,
उन्होंने एक मैक्सी पहनी हुई थी जो बेकलेश और बिना बाहों की थी
उस मैक्सी में एक बड़ा सा वी-कट था जिसमे से उनके बूब साफ-साफ दिख रहे थे,
वो मुझे देख मुस्कराई और मुझे अंदर बुलाया मेरे अंदर आते ही उन्होंने दरवाजा बन्द कर लिया और मेरा हाथ पकड़ के कमरे की तरफ ले गयी
अंदर लेजाकर मुझको किस किया और बोली:: ओह मनोज कितने प्यारे लग रहे हो तुम में तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी ,
देखो में तुम्हारे साइज की दो गर्ल ड्रेस लाई हूँ एक कॉलेज ड्रेस और एक सेक्सी वाली ड्रेस और मैचिंग के ब्रा पेंटी भी लाई हूँ देखो ना …
मैंने देखा एक नॉर्मल ब्रा-पेंटिं थी और एक बहुत ही सेक्सी वाली ब्रा-पेंटी थी ,
एक लड़कियों की कॉलेज ड्रेस थी और एक बहुत ही सेक्सी ड्रेस थी जो स्कर्ट जैसी थी
लाल रंग की मैंने ब्रा उठाई तो ब्रा के कप में कपड़ा डालकर सिल दिया गया था मतलब नकली बूब बनाये गये थे ,
मुझे वो ड्रेस देखकर अजीब सा फील हुआ लेकिन मुझे यह सब बहुत ही मजेदार लग रहा था …
मैं :: दीपाजी क्या यह ड्रेस में पहन लूं क्या…??
वो:; हां मनोज लेकिन पहले कुछ मेकअप भी कर देती हूँ तुम्हारा ..
आओ मेरे पास में और अपने यह कपड़े उतार दो ना प्लीज बेटा…
मैंने जल्दी से अपने कपड़े उतार फेंके और बिल्कुल नँगा हो गया,
मेरे बाल साफ देखकर वो मुस्कुरा पड़ी,
फिर दीपाजी ने मुझको अपनी ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठा दिया और मेरा मेकअप करने लगी
में क्लीन शेव्ड तो था ही साथ में मेरी बॉडी पर बिल्कुल भी बाल नहीं थे,
क्रीम पाउडर लिपस्टिक और काजल के साथ बहुत सी चीजे मेरे मुंह पर लगाई
करीब 20 मिनिट बाद मेरा मेकअप पुरा हुआ तो मैंने शीशे में किसी लड़की को देखा वाह क्या मेकअप किया था
दीपाजी जी ने मेरा मैं बिल्कुल किसी लड़की की ही तरह लग रहा था
बस कमी थी तो मेरे बूब्स की और चूत की ही थी खुद को ही देख कर मेरा खुद का ही लण्ड खड़ा हो गया था इतना सुंदर लग रहा था मैं…
मेरा खड़ा लण्ड देखकर दीपाजी हंसने लगी और बोली:; वाह मेरी दुल्हन खुद पे ही लण्ड खड़ा कर लिया क्या .?
अरे यार इसको तो आज मेरी चूत में डालना तुम उस दिन तो तुम्हारे सर के सांमने तुमसे चुदा नहीं पाई पर आज तुम्हारा छोटा सा लण्ड में अपनी चुत मै जरूर लुंगी मेरे बेटे।
अब बारी थी ड्रेस पहनने की तो दीपाजी ने पहले मुझको नॉर्मल ब्रा-पेंटी के साथ कॉलेज ड्रेस पहनाई ,
एक विग भी पहनाई मुझको अब में किसी कमसिन लड़की की तरह लग रहा था,
देखिये केसा ओह कैसी लग रही हूँ में ???

फिर दीपाजी ने मेरा मुंह पकड़ के मुझको बोला :; आज से तुम्हारा नया नाम होगा “माया” समझी मेरी रानी..???
मैंने हाँ में सर हिलाया यह नाम मुझको भी पसंद आया ,
लड़की की ड्रेस में मुझको बहुत ही अच्छा फील हो रहा था ,
मेरा लुक बिल्कुल बदल चुका था अब में भी खुद को नहीं पहचान रहा था मैं सचमुच ही लड़की लग रहा था…
तभी दीपाजी एक मोबाइल लाइ और मेरी फोटो खींचने लगी उन्होंने अलग -अलग पोज में मेरी बहुत से सेक्सी फोटो खींची
फिर दीपाजी मुझको अपने बेड की तरफ ले गयी …..
इस तरह में मनोज से माया बनने की शुरुआत कर चुका था….
दीपाजी ने मुझको बेड पर बैठा दिया और मेरा मुंह पकड़ के ऊपर किया ,
वो मेरी आँखों में झाँक रही थी , मेरे अंदर जैसे किसी लड़की की आत्मा घुस गयी थी ,
में शर्मा गयी और आँखे नीची करली , दीपाजी ने मेरा मुंह पकड़ के एक लम्बी किस ली मेरी ,
मुझको ऐसा लगा की कोई मर्द मुझको किस कर रहा है , तभी कॉलबेल बजी ,

मैं घबरा गया लेकिन दीपाजी ने कहा : घबराओ मत माया , में देखती हूँ कि कौन आया है …
मुझको बेड पे छोड़कर दीपाजी बाहर चली गयी , थोड़ी ही देर में दीपाजी एक आदमी के साथ रूम में आई ,
उस आदमी के हाथ में एक बेग था ..में घबरा गया क्यूंकि में लड़की के गेटअप में था ,
लेकिन दीपाजी ने मुझको कहा:: माया बेटी यह है मेरे दोस्त अनिल जी …
यह आज मुझसे मिलने आये है , मेरे यह पुराने दोस्त है , जब मदनजी इस शहर में नहीं होते है तो
यही मेरे एकांत के साथी होते है , तुम घबराओ मत यह बहुत ही अच्छे इंसान है और बहुत ही प्यारे है ,
आओ अब हम सब पार्टी करेंगे ….
फिर दीपाजी ने एक छोटी टेबल लाकर बेड के पास रख दी ,
अब अनिल ने अपना बेग दीपाजी के हाथ में दिया , उसमे शराब और बियर की बोतलें थी ,
दीपाजी वो बेग लेकर बार चली गयी , अनिलजी मेरे पास सरक गए मुझके अजीब सा लगा ,
मैंने उनकी तरफ देखा , उनकी उम्र कोई 45-47 साल होगी , क्लीन शेव्ड चेहरा ,गोरा रंग ,
शरीर पर हल्के बाल , उन्होंने कोई परफ्यूम लगाया हुआ था जो जोरदार खुसबू दे रहा था ,
उन्होंने मेरी पीठ पर अपना एक हाथ रख दिया और हल्के-हल्के मेरी पीठ सहलाने लगे ,
मुझको बहुत ही अच्छा लग रहा था यह सब ,अनिलजी ने मेरा चेहरा अपने हाथ में लिया और मेरे गालों पर एक किस की ,
उनके मुंह से भी खुसबू आ रही थी , मुझको यह सब बहुत मजेदार लग रहा था , तभी दीपाजी आ गयी ,
लेकिन अनिलजी ने अपना हाथ मेरी पीठ से नहीं हटाया , दीपाजी ग्लास बर्फ और नमकीन लाइ थी ,

दीपाजी पेग बनाने लगी , मेरे लिए एक ग्लास में बियर डाली गयी , तभी मुझको झटका लगा ,
अनिलजी ने अपना हाथ निचे करके अपनी एक अंगुली मेरी गांड में डालने की कोशिश की थी ,
दीपाजी ने मुझसे पूछा : क्या हुआ माया ???
तभी अनिलजी बोले :: यार दीपा में जरा इस बच्ची की गांड चेक कर रहा था इसलिये ये उछाल पड़ा !!
दीपा :: आप भी अनिल यहां मेरी चुत मौजूद है और आपको गांड की पड़ी हुई है शर्म कीजिये !!
अनिल :: दीपा तुम क्या जानो कमसिन गांड में क्या मजा है , इसकी गांड दिलादो मुझको में इसको 10 हजार दूंगा ,
साथ ही तुमको भी 10 हजार दूंगा दीपा बोलो दिलाओगी इसकी गांड मुझको …..
मेरी गांड की कीमत 10 हजार लग रही थी में मन ही मन उछल पड़ा था ,

दीपा :: अनिल अभी नहीं रुको इसकी उम्र अभी 18 से कम है समझो 2-3 महीने बाद में इसकी गांड तुमको दिला दूंगी तब तक रुक जाओ
हाँ इसको मुंह में दे सकते हो आप और बॉडीसेक्स कर लीजिये इसके साथ पर गांड अभी नहीं समझिये ना आप !!
अनिल मान गया और उसने मुझको अपनी गोद में खिंच लिया , उसकी गोद में बैठते ही मुझको झटका लगा
उसका लंड तो बाप रे किसी गधे जैसा बड़ा था , कपड़ो के बिच से ही उसका विकराल लंड मुझको महसूस हो रहा था ,
अनिल अब मेरी नकली चूँचिया दबाने लगे और मेरी गर्दन को पीछे से चूमने लगे ,

तभी दीपाजी खड़ी होकर अपनी ड्रेस निकालने लगी , वो अपने पुरे कपड़े उतार कर नंगी हो गयी ,
उनका बदन वाकई में जोरदार सेक्सी था , उनका मीडियम कद उनकी बड़ी बड़ी छातियाँ , उनका चेहरा तो किसी पोर्नस्टार जैसा था ,
पतली कमर और गोल मटोल गांड साथ में उनकी नाभि वाह क्या गजब लग रही थी वो ,

उनको देख अनिल का लंड मेरी गांड के निचे किसी सांप की तरह फुफकारने लगा था ,
अनिल का एक हाथ मेरे नकली बूब पे था दूजा मेरे पेट को सहला रहा था ……
फिर दीपाजी हमारे पास आई और मुझे अनिल की गॉड से खड़ा कर दिया और खुद उनकी गॉड में बैठ गयी ,
अब अनिल उनकी नंगी चूँचिया मसलने लगा और उनको चूमने लगा ,
मैंने अपना बियर का पेग उठाया और शिप किया मेरे घर पे बियर पीना अलाउड था पापा मुझको अक्सर पिलाते है ,
उधर दीपाजी ने अपना चेहरा अनिल की तरफ करके दोनों आमने सामने हो गए
अनिल उनकी चूँचिया अपने मुंह में दबाकर पिने लगा , वो कभी कभी काट भी रहा था जिस कारण दीपाजी
सिसकिया भर रही थी तभी अनिल ने उनको अपनी गॉड से उठा दिया और अपने कपड़े खोलने लगा ,
थोड़ी ही देर एकदम मादरजात नंगा हो गया , उनका लंड करीब 8 इंच का था और 3 इंच मोटा था
उनके आंड भी काफी बड़े थे , इतना बड़ा लंड अभी तक मैंने नहीं देखा था , उन्होंने मुझको पास आने का इशारा किया ,
दीपाजी बोली :: माया आओ इनका लंड अपने मुंह में लो और चुसो अनिल तुमको इनाम देंगे इसके लिए ,
में उनके पास गया उनके लंड को गौर से देखा , उनका लंड इतना लंबा, मोटा और गर्म था कि मैं खुद को रोक ना पाया,
झट से मैंने उनके लंड पर एक किस किया और मुँह में डाल लिया, उनका लंड इतना मोटा था कि मेरे मुँह में पूरी तरह से नहीं आ पा रहा था,

उनके लंड और झांटों की खुशबू मुझे और मदहोश कर रही थी, फिर मैं भी रंडी की तरह उनका लंड अपने मुंह में दबा दबा कर चूसने लगा,
थोड़ी देर बाद ही अनिल अपने पूरे मूड में आ गए और उन्होंने मेरी स्कर्ट उतार दी
मैंने दीपाजी की तरफ देखा लेकिन उन्होंने इशारा किया की उतारने दो ,
अब में सिर्फ ब्रा-पेंटी में ही था , पेंटी से मेरा लंड बाहर आ गया था खड़ा होकर ,
अनिल अब मेरे लंड को देख रहे थे , फिर उन्होंने मेरी ब्रा उतार कर फेंक दी ,
और फिर उन्होंने मेरे निप्पल चूसने शुरू कर दिए , मुझको अजीब सा नशा हो गया था अब ,
इस तरह सेक्स का मजा कभी नहीं आया था मुझको आज तक ,
मैंने उनको फिर गौर से देखा उनका जिम किया हुआ शरीर, चौड़ी छाती, हाथों की मछलियाँ, हल्के बालों से भरा शरीर..
ये सब देखते ही मेरी गांड में खुजली होने लगी,उन्होंने झट से मेरा मुँह पकड़ा और मेरे होंठ चूसने लगे,
दूसरी तरफ अपने हाथों से मेरी गांड मसलने लगे, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था,
तभी उन्होंने मेरे एक निप्पल को चूसना शुरू कर दिया,मुझे और मज़ा आने लगा,
मैंने भी उनकी मर्दानी छाती के निप्पल चूसे और फिर हम बॉडी प्ले करने लगे, हम दोनों जम कर मज़े लूट रहे थे,
दीपाजी पी रही थी और हम दोनों को देख रही थी साथ ही वो अपनी चुत में अंगुली भी कर रही थी ,
मुझे भी मज़ा आने लगा था, मैं और भी मस्ती से रांड बनने लगा, मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था,
तभी उन्होंने मुझे पलटाया और लिटा दिया, फिर अपनी जीभ से मेरी गांड को चोदने लगे,
उनकी गर्म और गीली जीभ मेरी गांड के छेद को जैसे ही छूती, मैं पूरा मदहोश हो जाता,
इसी तरह कई मिनट तक वो अपनी उंगली और जीभ से मेरी गांड चोदते रहे,

तभी दीपाजी हमारे पास आ गयी और अनिल को मुझसे अलग किया और वो उनका लंड चूसने लगी ,
कुछ देर लंड चूसने के बाद दीपाजी सोफे पर जाकर लेट गयी और अनिल ने अपना पेग अपने हाथ में लिया और उसके पास गए ,
फिर अनिल ने उनकी चुत को फैलाया और थोड़ी शराब दीपाजी की चुत में डाल दी , फिर अनिल ने अपने मुंह से चुत में से वो शराब पी ली
उफ्फ क्या सेक्सी नजारा था यह तो जोरदार नजारा था वाकई में , फिर अनिल ने धीरे-धीरे अपने पेग की सारी शराब उसी तरिके से पी ,
अनिल का पेग खत्म हो गया तो तो दीपाजी घोड़ी बन गयी सोफे पर और अनिल ने अपना बड़ा लंड उनकी छूट में डाल दिया ,
फिर चुदाई शुरू हो गयी उन दोनों की जो करोब 15 मिनिट चली फिर अनिल ने मुझको आवाज दी की आओ माया इधर आओ जल्दी ,
में उसके पास गयी तो उसने दीपाजी को छोड़कर मेरे मुंह के सामने अपना लंड कर दिया दीपाजी भी मेरे साथ ही आ गयी
एक मिनिट में ही अनिल के लंड ने वीर्य की बारिश शुरू करदी जो मेरे और दीपाजी के मुंह और शरीर पर गिरने लगी ,
अनिल ने इतना वीर्य निकाला की मैंने आज तक नहीं देखा था ,

फिर दीपाजी मेरे चेहरे से अनिल का वीर्य चाट – चाटकर साफ़ करने लगी
उनकी देखा-देखि में भी उनके मुंह से वीर्य चाटने लगा इस तरह हमने सेक्स किया और फिर हम तीनों ने एक साथ स्नान भी किया
उसके बाद अनिल ने मुझको 2000 रुपये दिए मुझको लेट हो रही थी इसलिए में दीपाजी को बोलकर घर की तरफ निकल गया !!

में जल्दी से घर पहुंचा मुझे काफी देर हो गयी थी , कमला ने दरवाजा खोला और मुझसे लेट होने की वजह पूछी ,
तो मैंने बहाना बना दिया , पापा अभी तक नहीं आये थे , जो मेरे लिए अच्छा ही था , में मेरे रूम में गया फ्रेश होकर
कपड़े बदले मैंने एक बरमूडा और टीशर्ट पहन ली , निचे आया तो देखा की आज कमला ने एक रेड कलर का बहुत ही
सेक्सी गाउन पहन रखा था मैं उसको देखता ही रह गया , उसने मेकअप भी किया हुआ था , वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी ,
मैंने कमला को पूछा :: आज बहुत सुंदर लग रही हो आप , क्या कोई विशेष बात है जो इतना सजी हुई हो आप …???
कमला :: हाँ , मनोज कल सुबह तुम्हारे पापा 5 दिन के लिये बाहर जा रहे है और वो आज सारी रात मेरे साथ सेक्स करना चाहते है ,
समझे न की आज सारी रात तुम्हारे पापा और मैं एक साथ मस्ती करेंगे….. यह कहकर वो हंस पड़ी !!!
मैं उसको देख कर यही सोच रहा था की पापा आज उसकी चुत और गांड दोनों का बेंड बजाने वाले है ,
दूसरी और में यह सोच रहा था की पापा 5 दिन बाहर रहेंगे तो में किस तरह उसका फायदा उठाऊं ???
तभी कमला ने मेरे पास आकर मेरा गाल पकड़ लिया और बोली :: तुम भी कल रेडी हो जाओ अपनी गांड लेकर
कल दिन में मैं तुमको शॉपिंग करवा दूंगी कल रात में तुम्हारी सुहागरात मनेगी ….
कमला की यह बात सुन के मै शर्मा गया लेकिन अंदर – ही -अंदर में बहुत खुश था की कल मुझको लंड मिलेगा !!
फिर कमला ने खाना लगा दिया और मैंने जल्दी से खाना खाया और ऊपर मेरे कमरे में चला गया ,
करीब आधे घंटे बाद दरवाजे की घंटी बजी में समझ गया की पापा ही आये होंगे , में पढ़ाई कर रहा था उस वक्त ,
थोड़ी देर बाद में निचे की तरफ उतरने लगा तो देखा की पापा ने कमला को खाने की टेबल पर लिटाया हुआ है ,

कमला का गाउन ऊपर चढ़ा हुआ था और पापा की पेण्ट निचे उत्तरी हुई थी पापा उसको चोद रहे थे ,
मैं वहीं खड़ा हो गया और देखने लगा यह चुदाई का खेल ,कमला भी उनका पूरा साथ दे रही थी ….
पापा उसके गाउन के ऊपर से ही उसके बड़े-बड़े बोबे दबा रहे थे उनकी आवाज भी मेरे कानों तक आ रही थी ,
फिर पापा ने मेरी कमला को सोफे पर घोड़ी बना दिया और फिर अपना हब्शी लंड पीछे से कमला की चूत पर रख दिया,

फिर जोर से धक्का मार दिया इससे कमला की चीख निकल गई ‘आह्हहह.. जरा धीरे करो ना ..
मेरी चुत फट जायेगी आप शराब पिने के बाद बहुत ही बेरहमी से चुदाई करते हो ’
पापा बोले- रंडी, बहुत टाइट चूत है तेरी आज तो तेरी गांड भी लूंगा में थूक लगा कर….

फिर वो कमला की गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारते हुए धकापेल चुदाई करने लगे ,
कमला को अपनी चुदासी चूत चुदवाने में मजा आ रहा था,
वो ‘आहा.. उहह.. उम्म..’ कर रही थीं, सिसक रही थी पापा को उकसा रही थी ,
कमला की जबरदस्त चूत चुदाई देख कर मैं भी अपनी गांड में उंगली करने लगा था ,
कुछ मिनट बाद पापा ने अपने लंड का पानी कमला की चूत में छोड़ दिया,

फिर लंड को चूत से खींच कर कमला के मुँह में दे कर लंड चुसाई करवाने लगे…..
सच में मेरा मन तो हो रहा था कि मैं भी उनका लंड चूस लूँ ,पर अभी यह सम्भव नहीं था,
फिर पापा और कमला खाना खाने लगे और में अपने रूम में जाकर सो गया !!!
– – – – –
सुबह में सोकर उठा तो 11 बज चुके थे मलतब आज मेरी स्कुल मिस हो चुकी थी ,
लेकिन कमला मुझे उठाने नहीं आई आज ?? फिर याद आया की कल रात पापा ने खूब चुदाई की होगी उसकी ,
इसीलिये वो उठ नहीं पाई होगी अभी तक , मैंने हाथ मुंह धोया और पापा के रूम की तरफ गया ,
रूम का दरवाजा बंद था , मैंने हेंडल घुमा कर धक्का दिया तो रूम खुल गया ,
अंदर पापा के बेड पर कमला एकदम नंगी सो रही थी , रूम में शराब की बोतल और दो गिलास रखे हुये थे ,
दो निरोध पड़े हुये थे जिनके आगे टट्टी लगी हुई थी मतलब की पापा ने रात में कमला की गांड दो बार मारी होगी !!
कमला सीधे लेती हुई थी , उसके बूब पर दांत के निशाँन थे , उसकी नाभि पर भी दांत के निशान थे ,
मतलब पापा ने खूब हार्ड सेक्स किया था उसके साथ , में उसके पास गया और उसको झकझोर के जगाया ,
वो कुनमुनाकर नींद से जगी , उसने मेरी तरफ देखा एक जम्हाई ली और उठकर बैठ गयी ,
फिर उसने अपना सर पकड़ लिया और बोली :: मनोज यार तेरे पापा ने मुझको रात में शराब पिलाई और खूब रगड़ा ,
सारी रात मुझको सोने भी नहीं दिया , सुबह ८ बजे सोइ थी में ,इस वजह से मेरा सर दर्द कर रहा है मनोज ,
तुम एक काम करो ना एक पेग बनाओ ने मेरे लिए बेटा क्यूंकि तभी मेरा सर सही होगा , टाइम क्या हो गया है मनोज ??
मैंने उसको टाइम बताया तो वो जल्दी से बाथरूम की तरफ भागी , मैंने उसके लिये एक पटियाला पेग बना दिया ,
वो बाथरूम से मुंह धोकर और पेशाब करके वापस आई और पेग पिने लगी ,
उसने आधा पेग पी लिया ,फिर वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली :: मनोज कल तुम्हारे पापा ने बहुत ही बुरे तरिके से मेरी चुदाई की थी ,
मेरी चुत के साथ-साथ मेरी गांड का भी बहुत ही बुरा हाल कर दिया था , अभी तक दर्द हो रहा है मुझको तो मनोज बेटा …..
वो दिल्ली गये है , नई नौकरी के लिये अगर उनकी नौकरी लग गयी तो हम अलग हो जाएंगे मनोज ,
इसलिये में तुम्हारी गांड की सील को
आज ही तुड़वाकर तुमको सेक्स का मजा दिलवाना चाहती हूँ बेटा , क्या तुम रेडी हो इसके लिए ????
मैंने तुरंत हाँ भरी क्यूंकि अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था , मेरी गांड में खुजली मची हुई थी , जो कोई लंड ही मिटा सकता था ,
फिर कमला पेग हाथ में लेकर नंगी ही खड़ी हुई और अपना मोबाइल ढूंढा ,जो एक तकिये के निचे पड़ा हुआ था ,
फिर उसने कोई नंबर लगाया … घंटी गयी और कमला बोली : हेलो , रोहन मैं कमला बोल रही हूँ याद आया ???
वही तुम्हारी नौकरानी जिसने तुमको पहली बार चुत का स्वाद चखाया था और तुमको कई कमसिन लड़को की गांड
दिलवाई थी , हाँ रे वही , सुनो आज तुम्हारी इच्छा थी ना की किसी लड़के की गांड में पहला लंड तुम्हारा जाये तो ऐसा
लड़का मेरे पास है और जगह भी है , तुम्हारे सब अरमान पूरा करवा दूंगी में तुम इस एड्रेस पे आओ अभी….
उसने मेरे घर का एड्रेस समझाया और उसने फोन काट दिया….
फिर उसने पेग खत्म किया और कपड़े पहनकर सफाई करने लगी , पहले पापा का रूम साफ़ किया ,फिर पूरा घर,
इसमें करीब एक घंटा लग गया घड़ी में 12 बज रहे थे , उसने जल्दी से ब्रेड और चाय बनाई और हम दोनों ने नाश्ता किया ,
तभी घर की कॉलबेल बजने लगी , कमला ने जल्दी से दरवाजा खोला , एक युवक अंदर आया और कमला को अपनी बांहों में जकड़ लिया ,
मैंने उसको गौर से देखा , वो करीब 5 फिट 8 इंच का था, रंग गोरा स्लिम और फिट बॉडी क्लीन शेव्ड था ,
उसने एक हाफ बाजु की टीशर्ट पहनी हुई थी , जिसमे से उसकी बिना बालों के चिकने हाथ साफ़ नजर आ रहे थे ,
वो अंदर आ गया और कमला ने दरवाजा बंद कर लिया , वो बड़े ही गौर से मेरी तरफ देखने लगा था ,
मुझको शर्म सी आ गयी और मैंने सर झुका लिया , तभी कमला मेरे पास आई और मेरा सर ऊँचा उठा दिया ,
मेरी उससे नजर मिली तो वो मुस्कुराने लगा , उसने मेरी कमर को अपने दोनों हाथो से पकड़ा और मुझको अपनी बाहों में उठा लिया ,
उसकी पकड़ बहुत ही ताकतवर थी , फिर उसने मुझको जकड़ कर सोफे पर बैठा दिया और वो मेरे ही पास बैठ गया ,
उसकी पकड़ बहुत ही मजबूत थी , वो बहुत ही ताकतवर था ,
मुझको वो बहुत ही अच्छा लग रहा था , कमला भी हमारे ही पास आकर बैठ गयी ,

उसने मेरे गाल पर एक चुटकी काटी और बोला : कमला सच में इसकी गांड कंवारी ही है ना अभी तक ???
कमला — अरे रोहन मैं क्या तुमसे झूठ बोलूंगी भला , इसकी गांड मैंने खुद चेक की है बिलकुल कोरी और कंवारी है !!
रोहन : लेकिन कमला मैं खुद चेक करना चाहता हूँ अगर इसको कोई दिक्क्त ना हो तो ???
कमला ने मेरी तरफ देखा और इशारों से पूछा तो मैंने हां कर दी…
कमला बोली — रोहन अगर मुझपर विश्वास नहीं है तो तुम खुद ही चेक करलो ना यार !!
रोहन फिर से मेरी तरफ देखने लगा और उसने मेरी छाती पर अपना हाथ रख दिया ,
वो मेरी छाती हल्के हल्के दबाने लगा , उधर कमला ने मेरे पास आकर मेरा लंड पकड़ लिया ,
इस दो तरफा हमले से में पागल हो गया , तभी रोहन मुझको किस करने लगा , वो मेरे गाल चूमने लगा,
मैं भी उसका साथ देने लगा तभी उसका मोबाइल बज उठा…
रोहन फोन पर बात करने लगा तभी कमला ने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए ,
उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए मेरा अंडरवियर छोड़ कर , मेरा छोटा सा लंड खड़ा हो चूका था ,

रोहन ने जब तक फोन पर बात खत्म कर ली थी , उसने मुझको अपनी बांहो में ले लिया ,

और मुझको किसी पागल की तरह चूमने लगा , वो मेरे गाल ,मेरे कान , मेरे होँठ और मेरी गर्दन को
चुम रहा था , हल्के -हल्के दांत भी लगा रहा था , उधर कमला ने मेरे लंड को अंडरवियर की पॉकेट से बाहर निकाल
कर उसको मुठियाना शुरू कर दिया , तभी रोहन रुक गया और उसने मेरे निप्पल देखे उनको मसला और अपने मुंह में
लेकर चूसना शुरू कर दिया , इससे मुझको बहुत ही बढ़िया फिलिंग हो रही थी , मुझको रोहन का किस करना ,
निप्पल चूसना सब अच्छा लग रहा था , तभी रोहन ने मुझको खड़े होने को कहा तो में उसके सामने खड़ा हो गया ,
मेरा लंड अंडरवियर की पॉकेट से निकल कर सीधा खड़ा था , रोहन ने उसको पकड़ कर हल्हे से मसल दिया ,
फिर उसने मेरा अंडरवियर खिंच के निचे कर दिया और मुझको घूमने को कहा ,में घूम गया…..
फिर रोहन मेरी गांड के सामने बैठ गया , और मेरी गांड को अपने हाथो से पकड़ कर फैला दिया ,
वो बहुत हो गौर से मेरी गांड का छेद देख रहा था , फिर उसने अपनी एक अंगुली मेरी गांड के छेद में डाली,

मुझे ज्यादा दर्द तो नहीं हुआ लेकिन मैं जोर से चिल्लाया (यह मुझे कमला ने बताया था की ऐसा करना है )
लेकिन रोहन ने अपनी पूरी अंगुली मेरी गांड में घुसा ही दी और उसने घुसा कर छोड़ दी मेरी गांड में ही ,

करीब 2-3 मिनिट उसने अंगुली वैसे ही रखी ,में सिसक रहा था ऐसा नाटक कर रहा था की मुझको बहुत दर्द हो रहा है ,
फिर रोहन ने एक झटके से अपनी अंगुली निकाल ली , अबकी बार मुझको सच में ही दर्द हुआ मैं चीख पड़ा ,

फिर वो मेरे पीछे खड़ा हो गया और मुझको
अपनी मजबूत बाँहों में भर लिया और बोला :: मनोज तुम्हारी गांड सच में बहुत ही मस्त है यार , लेकिन तुम क्या मेरा लंड
सहन कर पाओगे , कुछ गड़बड़ तो नहीं करोगे ना , अगर दर्द हुआ तो बोलो ???
मैं कुछ बोलता उससे पहले ही कमला बोल पड़ी – रोहन तुम चिंता ना करो यह सब मुझपर छोड़ दो ना , तुम बस मजे लो यार !!
रोहन :: लेकिन कमला इसको कोई तकलीफ हुई तो ?? जैसे मैंने शबाना की गांड मारी थी तब हुई थी याद आया ना कैसे रात
में भागकर डॉक्टर लाना पड़ा था वो तो तुमने संभाल लिया वरना मेरे लोड़े लगना तय ही था उस दिन यार…!!
कमला – तुम सब मुझपर छोड़ दो ना रोहन , इसको ड्रेस और मेकअप का सामान दिलवाना है उसका क्या करे बोलो ना ??
रोहन ने अपनी जेब से 20 हजार रूपये निकाल के दिए और बोला :: कमला यह पैसे ले लो और यह कार्ड ले लो ,
इसका नाम रूबी है यह भी क्रॉसड्रेसर ही है और एक पार्लर चलाती है जिसमे हिंजड़े और क्रोसी का ही मेकअप करती है ,
तुम मनोज को कपड़े दिलवाकर इसके पास चली जाना वो इसको मस्त लड़की बना देगी और में तुम दोनों को वहीं से पिक कर लूंगा !
यह कहकर रोहन निकल गया , में अभी तक नंगा ही खड़ा था , कमला आई और बोली चलो मनोज तुमको नहला दूँ मैं ,
वो मुझको पकड़ कर पापा के बाथरूम में ले गयी जहां एक बड़ा बॉथटब लगा हुआ था ,

फिर गाउन उतार दिया जिसके निचे उसने कुछ नहीं पहना हुआ था , उसके बड़े-बड़े बूब हवा में झूल रहे थे ,
फिर उसने मुझको शॉवर के निचे खड़ा करके शावर खोल दिया , वो मुझको साबुन लगाकर नहलाने लगी ,
वो मुझको शरीर पर हर जगह साबुन लगा रही थी , मेरी काँख में बाल थे और मेरी गांड पर कुछ बाल कल रह गए थे ,
क्यूंकि पीछे से दिखाई नहीं दे रहा था वो एक ट्रिमर लाइ जो पापा का था उससे उसने मेरी काँख के बाल साफ़ कर दिए

फिर उसने क्रीम से बाल भी निकाल दिए , अब में पूरा चिकना हो चुका था , उसने एक तौलिये से मेरा शरीर साफ़ किया ,
उसने भी स्नान किया और फिर वो कपड़े पहनने लगी और मुझको भी कपड़े पहनने को बोला उसने , में मेरे कमरे की तरफ गया,
एक सॉर्ट और टीशर्ट पहन ली मैंने लेकिन अंडरवियर नहीं पहना , दिन के 2 बज गए थे उसने जल्दी से खाना बनाया ,
फिर हम दोनों ने खाना खाया , उसने मुझसे कहा :: कुछ देर सो जाओ मनोज क्यूंकि तुमको आज सारी रात जगना है ,
हम शाम को 6 बजे बाज़ार चलेंगे ,फिर रोहन के साथ वापस आ जायेंगे…ठीक है ना बेटे , मैंने हाँ भरी और अपने रूम में
जाकर सो गया……

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