तीन घोड़िया एक घुड़सवार 1

बहन

करीब 10 मिनिट की खामोशी के बाद अजय से अब रहा नही जा रहा था चुकी वह जानता था कि रश्मि चुदने के लिए ही सोने का नाटक कर रही है तब अजय ने सोचा अब इसे पूरी तरह गरम कर देता हू ताकि यह खुद ही मुझे अपनी बाँहो मे लेकर चूमना शुरू कर दे, अजय दीदी सो गई क्या, रश्मि चुपचाप पड़ी रही तब अजय ने अपना हाथो से रश्मि के गुलाबी गालो को सहलाते हुए कहा आइ लव यू दीदी मे सबसे ज़्यादा तुम्हे ही प्यार करता हू और रश्मि की मसल छातियो पर हाथ रखते हुए उसके होटो का एक गहरा चुंबन ले लिया. उसकी इस हरकत से रश्मि सिहर उठी और उसकी चूत का भज्नशा फड़कने लगा. अब अजय ने अपनी दीदी के मोटे दूध को अपने हाथो के पंजे मे पूरा भरते हुए उसे कस कर दबाने लगा, उसकी इस हरकत से रश्मि पागल हो गई और अपना मूह अजय के लंड पर दबा दिया.

अजय रश्मि की मोटी चुचियो को टॉप के अंदर हाथ डाल कर मसल्ने लगा, कितने मोटे मोटे दूध थे उसकी दीदी के अजय मस्ती से भर गया, रश्मि का अब बर्दास्त करना मुश्किल हो गया और उसने अपने भाई का मोटा लंड अपने हाथो मे पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया, और उठ कर बैठ गई और उसकी ओर देखते हुए अजय ये क्या कर रहा है वो भी अपनी सग़ी बहन के साथ, क्या तू अपनी बहन को चोदना चाहता है, हाँ दीदी मैं तुम्हे पूरी नंगी कर के चोदना चाहता हू, तुम्हारी रसीली बुर का रस पीना चाहता हू, अजय तुझे अपनी बड़ी दीदी के साथ यह सब करते शर्म नही आएगी, अजय अपनी दीदी की जाँघो को अपने हाथो से दबाते हुए, नही दीदी तुम क्या जानो जो मज़ा अपनी सग़ी बहन को नंगी देखने और उसे चोदने मे आता है वो मज़ा और किसी मे नही आता है, अजय क्या तुझे मे इतनी अच्छी लगती हू, हाँ दीदी आप मुझे सबसे ज़्यादा नंगी अच्छी लगती हो, दीदी जब तुम एक बार मेरे लंड से चुद लॉगी तब तुम भी यही कहोगी कि अपने सगे भाई से चूत मराने का आनंद दुनिया मे सबसे निराला है, दीदी दूसरी औरतो को नंगी देखने की तुलना मे अपनी सग़ी बहन को नंगी देख कर लंड 10 गुना ज़्यादा झटके मारता है अपनी बहन की चूत मे घुसने के लिए, चाहे तो तुम खुद ही देख लो और अपनी दीदी का हाथ पकड़ कर अजय ने अपने खड़े मोटे लंड पर रख दिया, अब रश्मि की चूत पूरी रसीली हो चुकी थी, रश्मि अपने भाई के लंड को दबाते हुए तो क्या तू इसे मोटे डंडे को अपनी दीदी की चूत मे डालेगा, हाँ दीदी, रश्मि अच्छा हाथ लगा के बता कहाँ डालेगा, अजय ने झट से अपनी बहन की मस्तानी भोसड़ी को अपने हाथो के पंजो से दबोच लिया. और दोनो भाई बहन अपने अपने हाथो से एक दूसरे की चूत और लंड सहलाने लगे.

अजय तेरा लंड तो बहुत मोटा और बड़ा है रे, तू तो बड़ी बड़ी औरतो की चूत मारने लायक हो गया है, तू तो बड़ी बड़ी मस्तानी घोड़ियो को चोदने लायक हो गया है, दीदी तुम्हारी भी फूली हुई चूत , मोटे मोटे दूध और गंद के छेद मे उंगली से दबाता हुया, ये मस्तानी गंद को मोटे डंडे से ही ठोका जा सकता है, छ्होटा मोटा चुड़क्कड़ तुम्हारी चूत नही चोद पाएगा, रश्मि तो क्या तू मुझे चोद लेगा, दीदी रश्मि की बुर मे उंगली पेलते हुए मैं तो तुम्हारी चूत की आज ऐसी कस कस कर ठुकाई करूँगा कि तुम जिंदगी भर अपने भाई के लंड को नही भूल पावगी, तो ठोक ना मेरे राजा देख तेरी दीदी तेरे सामने अपना मस्त भोसड़ा खोले पड़ी है आज अपनी बहन को चोद चोद के उसकी चूत फाड़ दे मेरे प्यारे भैया और यह कह कर दोनो भाई बहन पागलो की तरह एक दूसरे को चूमने लगे एक दूसरे के जिस्म से इस कदर चिपक गये जैसे एक दूसरे मे पूरा समा जाना चाहते हो.

अजय ने रश्मि को उपर खीच कर अपनी बहन के होटो से होठ लगा कर उसके रसीले होंठो का रस बुरी तरह पीने लगा, रश्मि बेसूध होकर अपने भाई से चिपक कर अपना मूह खोलकर अजय के होंठो को चूसने लगी तभी अजय ने रश्मि की जीभ को अपने मूह मे भरकर उसकी रसीली जीभ का रस पीते हुए उसके मोटे चुचो को कस कर मसलने लगा और फिर अपना हाथ सीधे रश्मि की फूली हुई रस छोड़ती चूत पर लेजा कर उसकी चूत को अपने हाथो के पंजो मे भरकर दबोचने लगा, रश्मि ने अपने भाई के मोटे लंड को अपने हाथो मे कस लिया, अब अजय ने रश्मि के सारे कपड़े उतार कर खुद का लंड पाजामे से आज़ाद कर दिया रश्मि अपने भाई के मस्ताने लंड को देख कर पागल हो गई और उसको मूह मे भर कर चूसने लगी, अजय ने भी रश्मि के दोनो जाँघो के भीच आकर उसकी फूली हुई रसीली चट मे अपना मूह लगाकर अपनी बहन की चूत को चाटने लगा दोनो भाई बहन 69 की पोज़िशन मे एक दूसरे के लंड और चूत को पागलो की तरह चूसने लगे.

अजय ने अपने दोनो हाथो से रश्मि की चूत को फैलाकर देखा कितनी गुलाबी और फूली हुई बुर थी उसकी बहन की वह अपनी बहन की बुर को खूब फैला फैला कर चाटने लगा और लंबी लंबी चुस्कियामारने लगा अपनी कमर हिला हिला कर अपनी मस्तानी चूत अपने भाई के मूह मे देने लगी और अपने भाई के लंड के सूपदे को अपने मूह से दबोच दबोच कर चूसने लगी जैसे वह लंड से सारा जहर चूस लेना चाहती हो करीब 10 मिनिट तक दोनो भाई बहन एक दूसरे के लंड और चूत को चाटते चूस्ते रहे और फिर एक दूसरे के मूह मे ही अपना अपना रस छोड़ दिया जिसे दोनो बड़े चाव से पूरा चाट गये.

और करीब दो मिनिट तक दोनो एक दूसरे के पैरो की तरफ मूह करके पड़े रहे, फिर अजय उठ कर रश्मि के मूह की ओर लेट गया. रश्मि अभी भी अपनी आँखे बंद किए गहरी साँसे ले रही थी फिर अजय ने उसके होंठो को चूमा तो उसने आँखे खोल कर अपने भाई को देखा और एक मुश्कूराहट के साथ शर्मा कर अजय के सीने मे अपना मूह छुपा लिया. अजय दीदी तुम कितनी सेक्सी हो और तुम्हारी चूत का रस कितना नसीला है मुझे आज पता चला नही तो मे कब का तुम्हारी रसीली चूत का रस पी चुक्का होता. रश्मि ने अजय का मूह चूमते हुए मेरे प्यारे भैया मे तो कब से तुझसे नंगी होकर चुदवाने के लिए तरस रही हू. अजय दीदी आज मे तुमाहरी हर इच्छा पूरी कर दूँगा और अपनी दीदी के नंगे बदन को अपने नंगे बदन से चिपका कर उसके रसीले होटो और जीभ को चूसने लगा. रश्मि अजय के लंड पर अपना हाथ फेर कर उसे सहलाने लगी. रश्मि अच्छा अजय तुझे मुझमे सबसे ज़्यादा क्या पसंद है.

अजय रश्मि के मोटे और फैले हुए चूतादो पर हाथ फेरता हुआ मुझे अपनी दीदी के इन चूतादो पर सबसे ज़्यादा प्यार आता है. रश्मि क्या मन करता है तेरा, अजय दीदी मुझे तुम्हारे मस्ताने चूतादो को खूब दबोच दबोच कर चाटने का खूब मन करता है. जब तुम अपनी मोटी गंद हिलाकर चलती हो तो लगता है कि इस मोटी मोटी गंद मे अपना मूह डाल कर इन्हे खूब चुसू खूब प्यार करू, रश्मि पेट के बल लेट कर अपनी मोटी गंद उचकाते हुए ले मेरे प्यारे भाई चाट ले अपनी बहन की मोटी गंद को, अजय ने दो मोटे तकिये रश्मि के पेट के नीचे रख दिए जिससे उसकी तरबूज जैसी उछलती गंद और खुल कर उभर आई और अजय पागलो की तरह अपनी दीदी की मोटी गंद को दोनो हाथो से फैला फैलाकर चाटने लगा और अपना मूह अपनी दीदी की मोटी गंद मे दबाने लगा,

फिर अजय ने अपनी दो उंगलिया पीछे से रश्मि की फूली चूत के गुलाबी छेद मे डाल कर उसके गंद के छेद को अपनी जीभ से चाटने लगा रश्मि ज़ोर ज़ोर से सिसकारिया लेने लगी आह भैया आह .. ऐसे ही आह आह ओह भैया चाट और चाट खूब कस कस कर चाट अपनी बहन की गंद और चूसो और चूसो मेरे राजा आह आह सी सी आ. अब रश्मि की चूत ने काफ़ी पानी छोड़ना शुरू कर दिया तब अजय ने अपना मोटा लंड पीछे से गंद सहलाते हुए अपनी बहन की मस्तानी चूत के छेद मे लगाया और एक जोरदार झटका मारा जिससे अजय का आधा लंड उसकी बड़ी बहन की चूत मे फँस गया और रश्मि के मूह से एक घुटि हुई चीख निकल गई और वह तड़पने लगी. अजय सीधा रश्मि की मोटी गंद पर लेट कर नीचे हाथ डाल कर एक हाथ से उसके दूध पकड़कर और दूसरे हाथ से उसके पेट के नीचे हाथ लेजा कर दूध दबाते हुए एक जोरदार झटके के साथ अपना पूरा 8 इंच का लंड अपनी बहन की फूली हुई गुलाबी चूत मे उतार दिया और रश्मि दर्द से तड़पने लगी ओह अजय मार डाला रे कितना मोटा मूसल है तेरा मेरी तो चूत फॅट गई आह आह हाई रे,

अजय ने अब धीरे धीरे लंड आगे पीछे करना शुरू कर दिया उसका लंड अपनी बहन की मस्तानी भोसड़ी मे बहुत कसा हुआ अंदर बाहर हो रहा था, फिर अजय अपनी दीदी के मोटे थनो का दूध निचोड़ते हुए कस कस कर गहरे धक्के मार मार कर अपनी मस्तानी बहन को चोदने लगा, रश्मि आँखे बंद किए हुए मस्ती से अपने भाई का लंड अपनी चूत मे ले रही थी. फिर अजय के झटके और तेज तेज अपनी बहन की चूत मे पड़ने लगे और रश्मि स्वर्ग के आनंद लेने लगी करीब 15 मिनिट तक अजय कभी बैठ कर कभी उसके उपर लेट कर अपनी प्यारी दीदी की चूत मारता रहा, फिर उसने अपनी बहन को अपने उपर आने को कहा रश्मि अब अजय के लंड के उपर बैठ कर अपनी मोटी गंद हिला हिला कर उपर नीचे होने लगी, अजय उसके आमो को बेरहमी से अपने हाथो से कुचलने लगा फिर रश्मि जब धीरे होने लगी तो अजय ने उसकी गंद पकड़ कर नीचे से अपनी कमर के धकके मारना शुरू कर दिया रश्मि अपनी गंद के बल अपने भाई के लंड पर कूदने लगी जब रश्मि से नही सहा गया तो वह अजय के उपर लेट गई अजय समझ गया अब उसकी दीदी झड़ने के करीब है तो उसने रश्मि को पीठ के बल लिटा कर उसकी दोनो जाँघो को फैलाकर रश्मि के कंधो से सटा दिया और कस कस कर अपनी बहन को चोदने लगा पूरे कमरे मे फ़चफच की आवाज़ गुजने लगी अजय तेज झटके मार मार के अपनी बहन की मस्तानी चूत को अपने लंड से बुरी तरह कूटने लगा रश्मि भी अपने भाई के झटको के जवाब मे नीचे से अपनी गंद और चूत उठा उठा कर अपने भाई के लंड पर मारने लगी अजय का लंड सतसट अपनी दीदी की चूत मार रहा था और फिर दोनो ने एक जोरदार झटके के साथ अपने अपने चूत और लंड को एक दूसरे से चिपकाकर बुरी तरह घिसने लगे और दोनो के रस का मिलन हो गया और दोनो ने अपने चूत और लंड को इतनी ताक़त से एक दूसरे से चिपका लिया कि उनके पेडू की हड्डिया तक एक दूसरे से चिपक गई और दोनो गहरी साँसे लेते हुए झाड़ गये. और दोनो नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर सो गये.

सुबह करीब 5 बजे अजय की नीद खुली तो वो रश्मि को भी जगाने लगा जो की पूरी नंगी पड़ी हुई थी, रश्मि एक दम से उठ बैठी और क्या हुआ अजय, अरे दीदी सुबह होने वाली है रश्मि अभी कितना बजा है, अजय 5 बज चुके है रश्मि डॉन’ट वरी सब 7 बजे तक उठेंगे. और अजय के गले मे अपनी बाहे डाल कर उसे अपनी ओर खींच लिया, दीदी रात को तुम्हे मज़ा आया कि नही, हा अजय जिंदगी मे पहली बार मुझे इस अनोखे सच का एहसास हुआ. अच्छा अजय एक बात बता तू मुझे कब से चोदना चाहता था, दीदी मैने जब तुम्हे पहली बार नंगी देखा था, रश्मि तो ऐसे तू मुझे कितनी बार नंगी देख चुक्का है, दीदी ये सवाल तो ऐसा है कि इसका जवाब मेरे पास नही है क्यो कि मैं तुम्हे अनगिनत बार नंगी देख चुक्का हू, रश्मि वो भला कैसे, दीदी तुम जितनी बार बाथरूम मे नहाती हो उतनी बार मैं तुम्हे नंगी देख चुक्का हू, और कई बार तो मैने तुम्हे सोते मे तुम्हारी ये मोटी मोटी चुचिया, रश्मि के मोटे मोटे दूध दबाते हुए भी दबा चुक्का हू यहाँ तक की मैं तुम्हारे सोते टाइम तुम्हारी इस प्यारी चूत को तुम्हारी पॅंटी के उपर से सूंघ सूंघ कर पप्पी भी ले चुक्का हू, रश्मि आश्चर्या से अजय का मूह देखती हुई,

तभी रश्मि को वो बात याद आ गई जब अजय उसकी और उसकी मम्मी गीता की पनती को सूंघ सूंघ कर अपना लंड हिला रहा था, अजय एक बात पुँच्छू सच सच बताएगा, हाँ दीदी पुछो, अजय अच्छा ये बता, कोई लड़का किसी औरत की पॅंटी को सूँघे तो इसका क्या मतलब होता है, दीदी सिंपल सी बात है कोई लड़का किसी की पॅंटी सुन्घ्ता है मतलब वह उस औरत की चूत सूंघने की कल्पना करता है क्यो कि वह पॅंटी तो औरत की चूत को ही कसे होती है ना, और वह उस औरत को चोदना चाहता है इसीलिए उसकी पॅंटी को सूंघ कर उसकी चूत की खूशबू को महसूस करता है, रश्मि अजय से तो इसका मतलब ये हुआ कि तू मम्मी को भी चोदना चाहता है, रश्मि के मूह से यह सुनते ही अजय का मूह खुला का खुला ही रह गया, हड़बड़ा कर ये तुम क्या कह रही हो दीदी, मैं ऐसा क्यो सोचूँगा, रश्मि तो फिर तू उस दिन मम्मी की पॅंटी को अपने कमरे मे अपना लंड हिला हिला कर क्यो सूंघ रहा था, अब तो अजय की बोलती बंद हो चुकी थी, और वह बात को संभालने की कोशिश करता हुआ अरे दीदी वो तो मैं तुम्हारी पॅंटी समझ कर सूंघ रहा था , रश्मि अजय बनो मत तुम्हारे हाथ मे दो पॅँतिया थी एक मम्मी की और एक मेरी, अब अजय समझ गया कि दीदी को सब पता चल चुक्का है और वह अपनी खुद की बातो मे फस चुक्का है.

सॉरी दीदी तुम ठीक कह रही हो मैं मम्मी की पॅंटी भी सूंघ रहा था, रश्मि मतलब तुम मम्मी को चोदने की नज़र से देखते हो, हाँ दीदी, अजय तुम्हे ऐसा नही सोचना चाहिए वो हमारी मा है, अजय मैं क्या करू दीदी इसमे भी मेरी ग़लती नही है, एक दिन जब मैं तुम्हे नंगी देखने के चक्कर मे बाथरूम के छेद से अंदर देखा तो वहाँ तुम नही थी बल्कि मम्मी पूरी नंगी होकर खड़ी खड़ी अपनी फूली हुई चूत के बाल बना रही थी , लगभग वह अपनी चूत के बाल बना चुकी थी और फिर मग से पानी डाल कर अपनी फूली हुई गोरी गोरी चूत को रगड़ने लगी जब मम्मी की चूत पूरी चिकनी हो गई तो मम्मी ने अपनी चूत मे अपनी दो उंगलिया डाल कर अपनी मोटी मोटी गंद खड़े खड़े हिलाने लगी, दीदी यह सब देख कर मुझसे रहा नही गया और मेरा लंड खड़ा हो गया, रश्मि ने अजय के लंड को अपने हाथो से दबाते हुए अजय लंड तो तुम्हारा अभी भी मम्मी का नाम लेते ही खड़ा हो गया है और अजय के लंड को कस कर दबा दिया, रश्मि फिर क्या हुआ, फिर दीदी मम्मी ने मूह दूसरी तरफ घुमा कर शायद मिरर मे अपनी चूत देखने लगी अब मम्मी की मोटी फुटबॉल जैसी गंद मेरी तरफ थी , रश्मि अजय का लंड लगातार सहलाए जा रही थी और बड़े गोर से उसकी बाते सुन रही थी अब अजय ने भी रश्मि की चूत की फांको की दरार मे अपनी उंगली चेलाते हुए, क्या बताऊ दीदी मम्मी के मोटे मोटे चूतड़ देख कर मुझसे रहा नही गया और मैने वही अपने पाजामे से अपना लंड निकाल लिया और मम्मी के मोटे मोटे चूतादो को देखते देखते मैं यह सोचने लगा कि मैं मम्मी की मोटी गंद को अपने लंड से चोद रहा हू और अपना पानी वही खड़े खड़े निकाल दिया, उस दिन मैने पहली बार अपनी मम्मी को पूरी नंगी देखा था, और पहली बार मम्मी के नाम की मूठ मारी थी,

रश्मि अजय की बातो को सुन कर गरमाने लगी थी और ज़ोर ज़ोर से अजय का लंड मसल रही थी, रश्मि तो अजय क्या तुम्हे मम्मी की चूत और चूतड़ इतने पसंद आए, हाँ दीदी मैने आज तक इतने मोटे मोटे चूतड़ और इतनी फूली हुई चूत कभी नही देखी, उस दिन से मैं मम्मी को रोज नंगी नहाते हुए देखने लगा, रश्मि तो क्या अजय मम्मी बाथरूम मे रोज नंगी ही नहाती है, अजय हाँ दीदी तुम जानती नही हो हमारी मम्मी बहुत चुदासी औरत है और वह एक तगड़ा लंड अपनी चूत मे चाहती है, क्यो कि मैने मम्मी को हर दूसरे दिन अपनी चूत को रगड़ रगड़ कर मूठ मारते देखा है, पापा के लंड से अब मम्मी की प्यास नही बुझ पाती है,

रश्मि तो क्या अगर मम्मी तुझे चोदने को दे तो तू मम्मी को चोद देगा और अजय का लंड कस कर अपने हाथो से दबा देती है, अजय अपनी दीदी की चूत मे दो उंगलिया पेलता हुआ उसे अपने सीने से लगाते हुए, अरे दीदी तुम तो मम्मी को चोदने की बात करती हो मैं तो अपनी कल्पनाओ मे तुम्हे और मम्मी दोनो को एक साथ नंगी करके हज़ारो बार चोद चुक्का हू, उस चुदाई मे तुम मेरे लंड पर चढ़ कर चुद्ती हो और मम्मी पूरी नंगी होकर मेरे मूह पर बैठ कर चुद्ती है और मैं नीचे से तुम्हारी चूत मे अपना लंड पेलता हू और मम्मी की चूत मे अपनी जीभ पेल पेल कर चोद्ता हू,

रश्मि अजय की इन सब बातो को सुन कर पानी पानी हो चुकी थी और अजय का लंड मुठियाते हुए, अजय एक काम करेगा, हाँ दीदी बोलो, रश्मि सीसियाते हुए अजय मैने ये देखा है कि मम्मी के नाम पर तेरा लंड खूब झटके खाने लगता है, लगता है तू मम्मी की चूत और गंद फाड़ देना चाहता है, मम्मी को नंगी करके खूब हुमच हुमच के चोदना चाहता है, अजय रश्मि की चूत और दूध मसल्ते हुए हाँ दीदी तुमने बिल्कुल मेरे मन की बात कह दी है, रश्मि अच्छा अजय तो फिर एक काम कर तू मुझे मम्मी समझ कर मुझे भी अपने मूह पर बैठा ले और मेरी मस्तानी भोसड़ी को अपनी मम्मी की रसीली फूली हुई भोसड़ी समझ कर उसका रस चूस डाल और रश्मि यह कह कर बेड पर नंगी ही खड़ी हो गई

अजय सीधा लेट गया तब रश्मि ने अजय के आजू बाजू दोनो टाँगे रख कर सीधी अजय के मूह मे अपनी रस से भरी चूत को रख दिया और अजय अपनी बहन की चूत को चाटने लगा, अब रश्मि ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत अजय के मूह मे दबाती हुई, ले बेटा चाट ले अपनी मम्मी की मस्तानी भोसड़ी को, चूस हा चूस ऐसे ही चूस आह ऐसे ही चूस बेटा अपनी मम्मी की चूत खा जा बेटा आह आह पूरी खा जा बेटा अपनी मा की चूत, खूब चूस अजय अपनी मम्मी की चूत चूस चूस कर लाल कर दे मेरे लाल, अजय रश्मि के मूह से इन कामुक बातो को सुन कर अपना हाथ अपनी बहन की गंद के नीचे रख कर पागलो की तरह अपनी प्यारी दीदी की चूत को चाटने लगा, वह अपनी दीदी की चूत की दोनो फांको को अपने हाथो से अच्छी तरह फैला कर ऐसे कस कस के चाट रहा था जैसे बच्चे चॉकलेट के रेपर पर लगी चॉकलेट चाटते है, उसकी इस तरह की चूत चटाई से रश्मि जल्दी ही अपने छोटे भाई के मूह मे अपनी चूत का सारा पानी छ्चोड़ने लगी और उसका भाई अपनी बहन के सारे चूत रस को चाट चाट कर पीने लगा,

अब रश्मि से बर्दास्त नही हो रहा था और वह लुढ़क कर बेड पर गिर गई और अजय के लंड को पकड़ कर अपनी ओर खिचने लगी अजय उसका इशारा समझते ही अपनी बहन की दोनो मोटी जाँघो को फैला कर अपने लंड को अपनी बहन की चूत मे एक झटके मे अंदर तक पेल दिया जिससे रश्मि च्चटपटाने लगी अजय ने अपनी दीदी की गंद के नीचे हाथ ले जाकर उसकी चूत मे अपने लंड से जबरदस्त हमले शुरू कर उसे हचक हचक कर चोदने लगा, उसकी रफ़्तार इतनी तेज थी की पूरा बेड चरमरा उठा और पूरे कमरे मे फ़चा फ़च फ़चा फ़च की आवाज़ गूंजने लगी, रश्मि उन्ह उन्ह की आवाज़ निकाल रही थी और अजय अपनी बहन को कस कस कर चोदे जा रहा था, अजय उपर से झटका चूत मे मारता तब रश्मि नीचे से झटका लंड मे मारती, दोनो और से पूरी ताक़त से एक दूसरे की जाँघो की जड़ो मे कस कस कर ठोकर पड़ रही थी और दोनो स्वर्ग के झूले मे झूल रहे थे, एक लंबी घमासान चूत लंड की ठुकाई के बाद दोनो ने अपना अपना रस उगलना शुरू कर दिया और एक दूसर को कस कर पूरी ताक़त से जाकड़ लिया और कुछ पल के बाद दोनो शांत हो गये और एक दूसरे के होंठो को चूमते हुए एक दूसरे की ओर मुस्कुराने लगे, अजय ने घड़ी देखी तो 6:30 समय हो चुक्का था दोनो ने अपने अपने कपड़े पहने और अजय रूम से बाहर निकल गया.

आरती सुबह उठते ही सबसे पहले रश्मि के रूम मे पहुच गई, रश्मि अपने बेड पर पड़ी पड़ी पंखे की ओर देख रही थी और भाभी को देखते ही उठ बैठी और एक चुदास से थॅकी हुई मुस्कान उसके चेहरे पर बिखर गई, आरती ने आते ही अपनी प्यारी ननद के मोटे दूध को दबाते हुए क्यो मेरी ननद रानी रात भर सोई नही क्या, रश्मि अपनी भाभी के गले मे हाथ डाल कर उसका गाल चूमते हुए ओ भाभी ऐसा मज़ा मुझे जिंदगी मे कभी नही मिला और ये सब आप के कारण संभव हो सका, और आरती के गालो को एक बार फिर चूम लेती है, आरती अच्छा सारी रात अजय ने तुझे चोदा है क्या, हाँ भाभी बस ये ही समझ लो अजय का लंड नही मूसल है, मेरी तो नस नस मे एक मीठा सा दर्द उठ रहा है, आरती बनते हुए क्या इतना मस्त है अजय का लंड, हाँ भाभी, उसे आप अजय का नही घोड़े का लंड कह सकती है, पूरी रात उस घोड़े ने मुझे कस कस कर चोदा है, बन्नो रानी जब एक भाई अपनी बहन को चोद्ता है तो ऐसी जबरदस्त चुदाई ही होती है, तुझे इसी लिए ज़्यादा मज़ा आया है क्यो कि तू अपने सगे भाई से जो चुद रही थी,

च्छा भाभी मैं आपको एक बात बताना चाहती हू पर आप यह बात किसी को बोलना नही, अरे पगली तेरे मेरे बीच की बात किसी को बोलने वाली होती है क्या, तू बिंदास बोल क्या बात है, भाभी अजय है ना, आरती हाँ, भाभी अजय बहुत ज़्यादा चुड़क्कड़ है वह मम्मी को भी चोदना चाहता है, आरती बनते हुए, तू ये क्या कह रही है, हाँ भाभी मुझे अजय ने ही ये बात बताई है, क्या अजय ने खुद तुमसे कहा कि वह अपनी मम्मी की चूत भी मारना चाहता है, नही भाभी उसने खुद नही कहा बल्कि मैने ही उसकी चोरी पकड़ ली थी तो आख़िर उसे मेरे सामने सच्चाई बताना ही पड़ी, आरती तूने कौन सी चोरी पकड़ ली थी अजय की , वो भाभी मैने अजय को मम्मी की पॅंटी को सूंघ सूंघ कर अपना लंड हिलाते हुए देखा था,

आरती क्या अजय अपनी मम्मी की पॅंटी सुन्घ्ता है, हाँ भाभी और ये तो कुछ भी नही वो तो मम्मी को रोज नंगी नहाते हुए भी देखता है, आरती बनते हुए तू क्या कह रही है, अजय इतना चुड़क्कड़ है कि अपनी ही मम्मी को नंगी नहाते हुए देखता है, और अपनी मम्मी की ही चूत मारना चाहता है, हाँ भाभी और मुझे तो लगता है कि वह जब मम्मी सो जाती होगी तो मम्मी की चूत भी सहला देता होगा, वैसे भी भाभी मैने देखा है वह दिन रात मम्मी की गंद के पीछे ही लगा रहता है, पहले मैं सोचती थी कि मा बेटे का प्यार है, पर अब मेरी समझ मे आया कि अजय दिन भर मम्मी से इतना चिपकता क्यो है, और जब देखो तब मम्मी के मोटे मोटे दूध मे अपना मूह क्यो छुपा लेता है, वह ज़रूर मम्मी के मोटे दूध का मज़ा लेने के इरादे से ही ऐसा करता है, और तो और दिनभर किसी ना किसी बहाने से मम्मी के गालो पे कभी हाथ फेरेगा और कभी मम्मी के गालो को चूम लेगा, ज़रूर मम्मी के गालो को चूमते हुए उसका लंड खड़ा हो जाता होगा, अच्छा और क्या क्या बताया अजय ने, भाभी वो तो बड़ा बेशर्म है, आरती क्यो, भाभी वो कह रहा था कि दीदी मैं तुम्हे और मम्मी दोनो को एक साथ नंगी करके अपने ख्यालो मे जाने कब से चोद्ता आ रहा हू, भाभी उसकी तो ये हालत है कि मम्मी की चूत और गंद के नाम पर उसका लंड तुरंत झटके मारने लगता है.

अच्छा रश्मि कही ऐसा तो नही कि तुम्हारी मम्मी भी उससे अपनी चूत मरवाना चाहती हो, रश्मि अपनी चूत अपनी सलवार के उपर से मसल्ते हुए हो सकता है भाभी, क्यो कि मम्मी भी आजकल उसको कुछ ज़्यादा ही अपनी चूचियो से चिपकाने लगी है और जब अजय मम्मी से चिपकता है तो मम्मी भी उसको अपनी बाहो मे कसे पड़ी रहती है, मुझे तो लगता है मम्मी ने ज़रूर अजय का लंड देख लिया है तभी अजय का चिपकना उसे अच्छा लगता है और उसकी चूत पानी छोड़ने लगती होगी, आरती हाँ रश्मि ये बात तू बिल्कुल सही कह रही है, एक बार मैने भी देखा था कि अजय तेरी मम्मी से चिपका उनके गालो को चूम रहा था और तेरी मम्मी अजय की जाँघो पर हाथ फेर रही थी फिर अचानक तेरा आना हुया और मम्मी उठ कर बालकनी की तरफ चली गई तब मैने देखा वह साडी के उपर से ही अपनी चूत का पानी पोछने की कोशिश कर रही थी, भाभी अजय बता रहा था कि मम्मी बहुत चुदासी है वह रोज बाथरूम मई नंगी होकर अपनी चूत रगड़ रगड़ के मूठ मारती है, रश्मि भाभी मुझे तो लगता है कि मम्मी अजय के लंड से ज़रूर चुद के रहेगी, आरती रश्मि के दूध दबाते हुए हाँ जैसे मेरी बन्नो रानी अपने भैया के लंड से चुद चुकी है और दोनो हँसने लगी,

अच्छा रश्मि अगर अजय इतना चुड़क्कड़ है तो ज़रूर मेरे बारे मे भी कुछ ना कुछ सोचता होगा, तुझे उसने मेरे बारे मे कुछ नही कहा, नही भाभी उसने आपके बारे मे कोई बात नही की, आरती तूने भी उससे कुछ नही पुंच्छा मेरे बारे मे, रश्मि नही भाभी मैने कुछ भी बात आपके बारे मे नही की, पर भाभी ये बात आपने बिल्कुल ठीक कही है, मुझे उससे आपके बारे मे पुच्छना चाहिए था, मुझे तो लगता है भाभी वो आपको भी चोदना चाहता होगा, क्योकि जो अपनी बहन चोद चुक्का हो और अपनी मा को चोदना चाहता हो वो भला अपनी भाभी को कैसे छ्चोड़ सकता है, आरती हाँ ये तो तू बिल्कुल ठीक कह रही है, जब उसकी नीयत अपनी मा और बहन पर खराब है तो भला भाभी पर क्यो नही होगी, आरती अच्छा तुझे कभी उसकी किसी बात से ऐसा लगा है कि वह मुझे भी चोदना चाहता है, नही भाभी ऐसा तो मुझे कुछ नही लगा लेकिन, आरती लेकिन क्या, लेकिन भाभी मैने हमेशा उसकी आपकी मोटी गंद को घूरते ज़रूर देखा है, शायद वह आपकी गंद को बहुत पसंद करता है, आरती हो सकता है,

रश्मि अच्छा भाभी एक बात पुंच्छू, आरती हा पुंच्छो, भाभी क्या आप अजय से चुदना चाहती हो सच सच बताना भाभी आपको मेरी कसम, आरती अब तूने कसम दे दी है तो मैं सच ही बोलूँगी दरअसल तेरे मूह से अजय के लंड की तारीफ सुन कर मेरा भी दिल चुदने को करने लगा है लेकिन डरती हू कही किसी को पता चल गया तो, अरे भाभी आप क्यो चिंता करती हो किसी को कुछ पता नही चलेगा, आरती लेकिन यह सब होगा कैसे, रश्मि आप कहे तो मैं अजय से बात करू, रश्मि ना बाबा ना ऐसे सीधे अजय से बात करना ठीक नही होगा, तो फिर कैसे क्या करे भाभी, एक काम करते है कल रात को तुम अपने रूम मे अजय को बुलाकर उससे चुदाई करवाती रहना और दरवाजा खुला रखना मैं तुम दोनो को रंगे हाथो पकड़ लूँगी, फिर अजय से हम दोनो मिलकर जो चाहेगी वो करवायगे और वो मना नही कर पाएगा, गुड आइडिया भाभी, आरती लेकिन तुम अजय से कुछ नही कहना हमारे प्लान के बारे मे. और फिर आरती रूम से बाहर आ गई.

दरअसल आरती की इच्छा थी कि वह दोनो भाई बहन के साथ खुद भी नंगी होकर चुदे और अजय भी यहा चाहता था कि भाभी और बहन को एक साथ नंगी करके बारी बारी से दोनो मस्तानी घोड़ियो की चूत मारे , आरती अगर सीधे सीधे रश्मि को बोलती कि तीनो मिलकर चुदाई करे तो शायद वह हाँ नही कह पाती इसलिए आरती को यह योजना बनाना पड़ी. आरती ने अजय को अपने रूम मे बुलाया और सारी बाते समझा दी तब अजय ने अपनी भाभी के होंठो को चूम लिया, यू आर ग्रेट भाभी, भाभी तुम और दीदी दोनो एक साथ नंगी कैसी लगोगी मेरा तो अभी से लंड आकड़ा जा रहा है, अजय हमारे इस प्लान की एक कड़ी तो मैं तुमसे बताना भूल गई, वह क्या भाभी, अजय इस खेल मे हमे एक रिश्कि कदम उठना होगा तभी तुम अपनी मम्मी की चूत मार पाओगे नही तो तुमाहरी मम्मी तुमसे चुदवाने के लिए कभी खुद नही कहेगी, क्यो की भले ही वह जान चुकी है कि तुम उसको चोदना चाहते हो लेकिन उसके दिल मे बैठे डर की वजह से वो तुमसे कभी नही कह पाएगी की बेटा मेरी चूत मार दे, तो फिर हमे क्या करना होगा भाभी,

देखो अजय यह तभी हो पाएगा जब घर मे रात को तुम्हारे भैया और पापा ना हो, लेकिन ये कैसे होगा भाभी, आरती उसकी भी मैने ईक तरकीब सोच ली है, तुम्हारे भैया कल ऑफीस के काम से तीन दिनो के लिए बाहर जा रहे है, अब तुम्हे किसी तरह अपने पापा के रात के दूध मे एक दो नींद की गोलिया डालनी होगी ताकि तुम्हारे पापा आराम से सो जाए और बिल्कुल भी रिस्क ना रहेगा, भाभी ये काम आप मुझ पर छ्चोड़ दीजिए, ओके अब कल जब तुम रश्मि के रूम मे जाओगे तो दरवाजा के कुण्डी खोलकर ओर खिड़की खोल कर खिड़की मे केवक परदा लगा देना, और रूम की लाइट ऑन करके रश्मि और तुम दोनो नंगे हो कर चुदाई करना, और हाँ रश्मि को हमारी प्लॅनिंग के बारे मे पता नही चलना चाहिए ओके भाभी, बस यू समझ लो अब तुम्हारी मा की चूत तुमसे ज़्यादा दूर नही है, अजय ओह भाभी, और अजय ने अपनी भाभी के होंठो को चूम लिया और उसके मोटे दूध को अपने हाथो से दबा दिया, अजय लेकिन भाभी इन सब मे मम्मी कैसे मुझसे चुदेगि, आरती वो सब तुम वक्त पर छ्चोड़ दो, यह मेरा चलाया हुआ तीर है ग़लती से अगर तुम्हारी मम्मी की चूत पर लग गया तो समझो वह अपनी चूत का दर्द तुमसे ही मिटवाएगी. ओह भाभी आइ लव यू मेरी जान और अजय ने भाभी की चुचियो को कस कस कर मसलना शुरू कर दिया, और फिर आरती रूम से बाहर आ गई.

सुबह सुबह रश्मि, अजय, आरती और गीता चाइ पीते हुए एक दूसरे से बाते कर रहे थे, आरती ने इशारे से अजय की ओर प्रश्नावाचक तरीके से अपनी गर्देन हिलाई तो अजय ने मुस्कुरा कर हाँ मे गर्देन हिला दी तब आरती भी मुश्कुरा कर रश्मि की और देखने लगी वह बिल्कुल सुहागरात मे दुल्हन चुदने के बाद जैसी दिखाई देती है ऐसी दिख रही थी. आरती के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान फैल गई. रश्मि नहाने के लिए बाथरूम मे जा चुकी थी और गीता बाहर सब्जी वाले से सब्जिया लेने चली गई, आरती किचन मे खड़ी होकर काम कर रही थी अजय पीछे से जाकर अपनी भाभी के मोटे चूतादो को मसल्ते हुए उसकी चूतादो की दरार मे अपना हाथो से सहलाते हुए चिपक गया..ओह भाभी रात को दीदी को चोद कर मज़ा आ गया.

आरती – रात को अपनी बहन को चोद कर मन नही भरा देवेर जी जो अपनी भाभी की गंद मसल रहे हो. ओह भाभी क्या करू मेरे घर की तीनो औरतो की गंद ने मुझे पागल कर दिया है मेरा लंड इन मोटी मोटी गंद को देख कर बैठने का नाम ही नही लेता है. आरती तो फिर देवेर जी आपने मेरी गंद क्यो नही मारी, अरे भाभी गंद तो मे अपनी मम्मी की मारूँगा उसकी गंद देख कर तो खड़े खड़े अपनी मा की गंद मे लंड फसाने का मन करता है, बात तो सही है देवेर जी सासू जी की गंद इतनी मोटी है कि कोई भी उनकी गंद ही मारना चाहेगा, पर भाभी क्या हमारा प्लान सक्सेस हो जाएगा. देवेर जी बिल्कुल सक्सेस होगा बस तुम कल की प्लानिनिग से पहले मेरे बताए अनुसार थोड़ी तैयारी और कर लो, तब सो फीसदी तुम्हारा काम हो जाएगा, वह क्या भाभी, आरती बस तुम अपनी मम्मी को थोड़ा अपनी बाहो मे लेकर उसकी चूत गीली कर दो और एक बार उसकी चूत किसी बहाने से सहला दो तो उसे भी इशारा मिल जाएगा की उसका बेटा उसे चोदना चाहता है.

और यह काम तुम्हारे लिए कोई मुश्किल नही है क्यो कि मेने देखा है तुम तो बात बात मे अपनी मम्मी के गथिले बदन को दबोच लेते हो और उसके मोटे मोटे दूध मे अपना मूह डाल देते हो और उस समय सासू जी की चूत मे भी कीड़े रेंगने लगते है क्यो कि उनके चेहरे पर चुदस पन के भाव उभर आते है, पर भाभी आपने यह कब नोटीस किया, अरे कल जब तुम सोफे पर अपनी मम्मी से चिपक कर अपना मूह उसके दूध से रगड़ रहे थे और अपना हाथ उसकी मोटी जाँघो पर फेर रहे थे और जब तुम उठ कर बाहर गये तो मेने देखा तुम्हारे जाने के बाद तुम्हारी मम्मी अपनी चूत का पानी अपनी साडी के उपर से ही पोछ रही थी. मुझे लगता है तुम्हारी मम्मी ने भी तुम्हारा लंड देख लिया है इसी लिए जब तुम उससे चिपकते हो तो तुम्हारे मर्दाना आगोश मे उसकी चूत भी गीली हो जाती है, तुम एक बार किसी बहाने से अपनी मम्मी से कुछ देर चिपक जाओ मेरी गारंटी है वह गरम हो जाएगी फिर तुम अपनी मम्मी की चूत पर कैसे भी कर के अपने हाथो से उसकी चूत पर एक थपकी मार दो, वह समझ जाएगी ऑरा आगे का रास्ता खुद ही खोल देगी.

तभी गीता की आवाज़ सुन कर अजय किचन से बाहर आकर सोफे पर बैठ गया और किताब पढ़ने लगा, उसकी भाभी किचन मे खाना बनाने लगी और गीता भी आकर सोफे पर बैठ गई. गीता टीवी ऑन कर के टीवी देखने लगी. गीता ने पिंक कलर की साडी और उसी रंग की मॅचिंग वाला लो कट स्लीवलेशस ब्लौज पहना हुआ था ब्लौज इतना झीना था कि उसके अंदर की सफेद रंग की ब्रा के कप और डोरी आराम से नज़र आ रही थी, गीता के छातियो से उसका आँचल थोड़ा सरका होने से उसके मसल मोटे मोटे दूध छलक कर उसकी गुलाबी चोली फाड़ कर बाहर आने को आमादा थे, गीता की साडी उसकी नाभि से चार अंगुल नीचे बँधी होने से उसकी बड़ी सी गहरी नाभि साफ दिखाई पड़ रही थी, गीता के पेट पर थोड़ी चर्बी होने के कारण उसका गोरा पेट नाभि सहित इतना उठाव मार रहा था कि अच्छे अच्छो के लंड को खड़ा होने पर मजबूर कर दे. कमर के नीचे उसके फैले हुए मोटे मोटे चूतादो और गुदाज मोटी मोटी जंघे देख कर हर कोई यह समझ जाए कि इस औरत को तृप्त करने के लिए इसकी दोनो जाँघो के बीच आकर तबीयत से कुटाई करना पड़े.

अजय अपनी मा को कनखियो से हसरत भरी निगाहो से देखने लगा उसके जहाँ मे वासना अपने शिखर पर थी यही वजह थी कि वह अपनी मा को एक गदराई हुई मस्त औरत की तरह देखने लगा और अपनी मा के गदराए हुए मस्ताने बदन को देख कर सोचने लगा कि एक बार अगर मम्मी पूरी नंगी होकर मुझसे चुदवा ले तो मे इसको रात भर नंगी कर के इसको हुमच हुमच के चोद्ता रहुगा. अब अजय से रहा नही जा रहा था और वह अपनी मा के गदराए सेक्सी बदन को छूने के लिए मचलने लगा और अपनी मा के बिल्कुल करीब आकर उसके गले मे अपना हाथ डाल कर बैठ गया, गीता ने भी उसके पीछे से हाथ डाल कर अपने से चिपका लिया, अजय मा तुम गुलाबी साडी ही ज़्यादातर पहना करो, गीता भला वो क्यो, अजय मा तुम गुलाबी साडी मे बहुत सुंदर लगती हो और गीता के गुलाबी गाल को अपने होंठो से चूम लिया, गीता अजय के गाल खिचते हुए मुस्कुरकर बहुत बड़ी बड़ी बाते करने लगा है, लगता है मेरा बेटा अब बड़ा हो गया है, अजय मा मे कितना ही बड़ा क्यो ना हो जाउ अपनी मा के लिए तो बच्चा ही रहूँगा और गीता की मोटी मोटी छातियो मे अपना मूह डाल कर उन्हे अपने मूह से दबाने लगा, गीता के बदन से आती खुश्बू से अजय मदहोश होने लगा और गीता के अधखुले दूध के कटाव पर अपने होठ और नाक रगड़ने लगा, और उसका लंड बिल्कुल मोटे डंडे की तरह पाजामे मे अकड़ गया, गीता यह बखूबी जानती थी कि अजय बच्चा होने का नाटक कर के उसके गदराए योवन का मज़ा ले रहा है और वह खुद बहुत समय से किसी मस्त लंड से चुदी नही थी तो उसे भी अपने बेटे की इन हर्कतो से एक असीम आनंद प्राप्त होता था, और उसकी चूत जल्दी ही अपने बेटे के स्पर्श से पानी पानी होने लगती थी,

गीता की नज़र भी अजय के पाजामे के अंदर उठे हुए लंड पर पड़ चुकी थी और उसकी मस्त चूत का दाना अपने बेटे के तगड़े लंड को देख कर कूदने लगा, गीता ने भी अजय के गालो को चूमते हुए अपनी छाती से भींच लिया, अजय अपनी मा की नंगी पीठ और मोटे चूतादो पर पीछे से हाथ फेरते हुए. मा तुमने क्या लगाया है तुम्हारा बदन कितना महक रहा है, गीता बेटे औरतो के सारे शरीर से ऐसी ही खुश्बू आती है, हाँ मा यह खुश्बू तो शुंगने मे बहुत अच्छी लग रही है, गीता तो बेटे सूंघ ले ना अपनी मा के अंगो की खुश्बू, और अजय का मूह फिर अपने मोटे दूध से सटा दिया, अजय का लंड अपनी मा की कमर मे ठोकर मार रहा था, गीता भी अजय के लंड की कठोरता को अपनी जाँघो पर महसूस कर रही थी और उसकी चूत ने उसकी पूरी पेंटी को गीला कर दिया था.

तभी उधर से आरती का आना हुआ और दोनो मा बेटे अलग हो गये, फिर गीता उठकर गल्लरी मे जाकर अपने दोनो हाथ रलिंग से टिका कर बाहर सड़क की ओर देखने लगी जो कि सोफे पर से नज़र आ रही थी, आरती अजय के पास आकर फुसफुसा कर बोली क्या हुआ देवेर जी कुछ बात बनी, अजय धीरे से क्या बताऊ भाभी मेने मा को गरम तो कर दिया था लेकिन उनके सोफे पर बैठे होने के कारण मे मा की चूत पर अपने हाथ की थपकी नही मार पाया और इतने मे आप आ गई, देखो मेरा डंडा केसा तना हुआ है, आरती ने अजय के लंड को अपने हाथो से दबाते हुए उसके कॅडॅक्पन का एहसास किया उसका लंड वाकई लोहे की मोटी राड जैसा तना हुआ था, तभी आरती के दिमाग़ मे एक आइडिया आया, अजय अभी बात नही बिगड़ी है तू एक कम कर देख अपनी मा को गॅलरी की ओर इशारा करते हुए जहाँ गीता गॅलरी पर हाथ रखे झुकी हुई थी और उसकी मोटी गंद गंद की दो फैले हुए पाट अलग अलग दिशाओ की ओर तने हुए थे, अजय अभी मेरे ख्याल से मम्मी जी की चूत पनिया चुकी है तू एक काम कर पीछे से जाकर अपने खड़े लंड का निशाना बिल्कुल अपनी मा की गंद के छेद मे लगा कर जैसे तू हमेशा अपनी मा से पीछे से चिपक जाता है वैसे ही चिपक जा फिर देख रिक्षन. अजय को आइडिया अच्छा लगा यू आर ग्रेट भाभी और आरती वापस किचन मे चली गई,

अजय सीधा अपनी मा के पीछे गया और अपने खड़ा लंड गीता की गंद की दरार का निशाना साधते हुए सीधे गीता के चूतादो से मा मा कहता हुआ चिपक गया और दोनो हाथो को आगे लेजाकर गीता की मोटी मोटी छातियो का पकड़ लेता है, गीता अचानक गंद मे गढ़ते हुए डंडे के आभास से सिहर जाती है, और अजय मा तुम यहा क्यो चली आई, गीता की चूत पानी पानी हो चुकी थी उसके मूह से आवाज़ नही निकल रही थी बस वह भी अपनी गंद पीछे अजय के लंड की ओर धकेल्ति हुई चुपचाप खड़ी रही, तभी अजय क्या हुआ मा क्या मुझसे नाराज़ हो गई हो, गीता पलट कर नही बेटा मे भला अपने प्यारे बेटे से क्यो नाराज़ होने लगी और अजय को अपने सीने से लगा लिया, अजय के लिए ये अच्छा मोका था उसने भी अपने खड़े लंड को सीधे अपनी मा की चूत से अपनी कमर आगे करते हुए सटा दिया जो सीधा गीता के फड़फडे दाने पर लगा और गीता के मूह से एक हल्की सी आह निकल गई और वह अजय को अपने से चिपका कर खूब चूमने लगी और कहने लगी मेरा प्यारा बेटा कितना बड़ा हो गया है अपनी मा के बराबरी पर आने लगा है, दोनो मा बेटे के चूत और लंड से चिकनाहट बहने लगी और करीब 2 मिनिट तक दोनो एक दूसरे के बदन को अपने बदन से दबा दबा कर मज़ा लेते रहे. तभी उधर से रश्मि का आना हुआ और गीता ने अजय को ढीला छोड़ दिया और फिर तीनो बालकनी मे खड़े खड़े बाते करने लगे.

आरती दोपहर को अजय के रूम मे जाकर क्या हुआ मेरे देवेर राजा कुछ बात बनी या नही. अजय अपनी भाभी को अपने गोद मे बैठाते हुए अपनी भाभी के मोटे मोटे गदराए दूध को दोनो हाथो से मसल्ते हुए अपनी भाभी के गोरे और गुलाबी गालो को चूमते हुए ओह भाभी क्या आइडिया दिया आप ने आज तो मज़ा आ गया, क्यो देवेर जी ऐसा क्या हो गया, अरे भाभी अगर मम्मी ने साडी ना पहनी होती तो आज मेरा लंड खड़े खड़े ही उसकी चूत और गंद दोनो मे घुस चुक्का होता, और आरती के दूध को कस कर दबा देता है, आरती सीसियाते हुए अजय के पाजामे मे अपना हाथ डाल कर उसके लंड को मसल्ने लगती है, मतलब देवेर जी जैसा मैने कहा था तुमने वैसा ही किया, हाँ भाभी मैने अपना खड़ा लंड सीधे मम्मी की मोटी गंद के छेद मे पेल दिया और मम्मी के आगे हाथ लेजा कर मम्मी के मोटे मोटे दूध को अपने हाथो मे भर लिया फिर क्या हुआ, फिर मम्मी सिसियाने लगी और अपनी गंद का प्रेसर मेरे लंड पर डालने लगी फिर आगे घूम कर उसने जैसे ही मुझे अपने सीने से लगाया मैने अपना लंड मम्मी की चूत मे सीधे अड़ा दिया मम्मी मुझे कस कर अपने बदन से चिपकाकर मेरे लंड की चुभन अपनी चूत पर काफ़ी देर तक महसूस करती रही फिर इतने मे रश्मि आ गई, वाह मेरे राजा मतलब एक शिकारी बेटे ने अपनी मा को अपने लंड के जाल मे फसा ही लिया, हाँ भाभी पर पता नही मम्मी को चोदने का मोका कब मिलेगा,

फिकर ना करो देवेर जी अब तुम्हारी मम्मी जल्दी ही तुम्हे पूरी नंगी होकर अपनी चूत मे तुम्हे समा लेगी, बस इंतजार करो, भाभी यू आर वेरी स्वीट और अजय ने अपनी भाभी की मोटी चुचिया मसलते हुए उसके सर के पीछे अपना हाथ ले जाकर अपनी भाभी के चेहरे को अपने चेहरे के पास लाकर, भाभी अपनी जीभ मुझे दिखाओ, आरती अजय की इच्छा समझ गई और उसने अपनी रसीली जीभ जैसे ही अपने मूह के बाहर निकली अजय अपनी भाभी की रसीली जीभ को अपने मूह मे भरकर उसका रस पीने लगा और कस कस के अपनी भाभी की चुचियो और चूतादो को दबाने लगा. दो मिनिट तक भाभी की जीभ चूसने के बाद आरती की चूत मे पानी आ गया, अरे देवेर जी तुम चाहे जब मुझे गरम कर देते हो और फिर हम घरवालो के डर से चुदाई भी नही कर पाते और मैं तड़पति रह जाती हू. अरे भाभी लाओ मे तुम्हारी चूत चाट कर तुम्हे थोड़ा आराम देता हू जल्दी से अपनी साडी उठाओ मे 5 मिनिट के लिए दरवाजा बंद कर देता हू,

आरती ने जल्दी से अपनी साडी कमर तक उठा कर बेड के किनारे मूतने के अंदाज मे बैठ गई और अजय बेड के नीचे बैठ कर अपनी भाभी की मस्तानी भोसड़ी का रस जल्दी जल्दी चूसने लगा, दो मिनिट मे ही आरती अपनी गंद हिलाने लगी तब अजय ने अपनी भाभी को टाँगे बेड के नीचे झुलाकर उसे उल्टा कर दिया और अपनी भाभी की मोटी गंद को फैलाकर चाटने लगा, तभी आरती बोली अजय हा भाभी, अजय मेरी गंद तुम अपनी मम्मी की मोटी गंद समझ कर चाट, तुम्हे बहुत मज़ा आएगा, अजय ठीक है भाभी अब अजय ने अपनी भाभी के मोटे चूतादो को दोनो हाथो से पूरी तरह फैला कर कल्पना करने लगा कि वह अपनी मम्मी की मोटी गंद को पूरी नंगी करके फैला फैला कर चाट रहा है, वाकई अजय का मज़ा डॅबल हो गया और वो कस कस कर अपनी भाभी की गंद अपनी मम्मी की मोटी गंद समझ कर चाटने लगा, दो तीन मिनिट मे ही आरती कहने लगी कि वह झड़ने वाली है तो अजय ने अपना लंड निकाल कर अपनी भाभी की चूत मे पीछे से पेल दिया और कस कस कर धक्के मारते हुए कहने लगा ओह मम्मी तेरी चूत मारने मे बड़ा मज़ा आ रहा है आह आह ओ मम्मी आह, उधर आरती भी अपनी चूत की जबरदस्त ठुकाई से कहने लगी और चोद और चोद बेटा अपनी मम्मी को फाड़ दे अपनी मम्मी की मस्तानी चूत को, खूब चोद बेटा अपनी मम्मी को, कस कस के अपनी मम्मी की चूत मार और इसी के साथ आरती झड़ने लगी और अजय भी अपनी भाभी को अपनी मा समझ कर चोद चोद के झाड़ गया. दोनो फटाफट दुरुस्त होकर आरती अपने कमरे मे चली गई

दोपहर को गीता अपने बेड पर पड़े पड़े अजय के लंड से चुदने के लिए तड़पने लगी, सुभह की अजय के मोटे लंड की वो चुभन अपनी गंद और चूत मे उसे रह रह कर महसूस हो रही थी और अब वह किसी भी तरह अपने बेटे का लंड अपनी चूत मे लेने के लिए तरसने लगी और सोचने लगी क्या अजय उसे चोदेगा लेकिन कैसे, फिर उसने सोचा अजय खुद उसे चोदना चाहता है अगर अजय को थोड़ा मोका दिया जाय तो वह ज़रूर अपनी मा की चूत मारने को तैयार हो जाएगा, बस मुझे अजय को अपनी नंगी चूत के दर्शन करवाने का मोका देना होगा, अगर अजय ने उसकी नंगी चूत को करीब से देख लिया तो वह ज़रूर अपनी मा की चूत मारने को तैयार हो जाएगा, गीता ने सोचा वैसे भी वह अपनी मा की पॅंटी को कैसे सूंघ सूंघ के अपना लंड हिला रहा था, मतलब वह अपनी मा की चूत को सूंघना और चाटना भी चाहता है, यह विचार गीता के मन मे आते ही उसकी चूत मे एक भयानक खुजली होने लगी और वह आँखे बंद करके उस सीन की कल्पना करने लगी की कैसे उसका अपना बेटा उसकी नंगी चूत को सूंघ सूंघ के चाट रहा है. गीता इन सब बातो को सोच सोच कर अपने बेटे के नाम की एक जोरदार मूठ मार चुकी थी और फिर अपने बेटे के मोटे लंड से चुदने के ख्वाब देखती सो गई..

अगले दिन विजय तीन दिन के लिए आउट ऑफ सिटी चला गया, अजय के पापा ऑफीस जा चुके थे अजय सोफे पर बैठा बैठा अपनी मम्मी, भाभी और अपनी बहन रश्मि को घर का काम करते हुए देख रहा था, कभी उसकी भाभी आरती अपने मोटे दूध हिलाती हुई इधर से उधर होती, कभी उसकी बहन रश्मि अपने मोटे चुचे और मस्ट गोरी गोरी पिंदलिया को अपने छ्होटे से स्कर्ट जो घुटनो के उपर तक होता था से अपनी बहन की उठती जवानी को निहारता और कभी उसकी मम्मी गीता अपने मोटे मोटे फैले हुए चूतड़ मतकाते हुए घर के काम कर रही थी, अजय सोफे पर न्यूज़ पेपर लेकर बस चोरी चोरी उन तीनो मस्तानी घोड़ियो को देख देख के अपना लंड मसल रहा था, भाभी आरती और बहन रश्मि उसके पास से जब भी गुजरती तो एक छुदास से भरी हुई स्माइल दे देती और अजय भी अपना लंड मसलते हुए मुस्कुरा देता, तभी रश्मि अजय के सामने बैठ कर फर्श पर पोछा लगाने लगी, उसके बैठ कर पोंच्छा लगाने से उसकी मस्त मखमली जंघे और वाइट पॅंटी मे कसी उसकी मस्त फूली हुई बुर का उभार अजय को साफ दिखाई देने लगा और अजय अपना लंड मसल्ते हुए अपनी बहन की जाँघो की गहराई मे अपनी नज़रे गढ़ाए हुए अपनी बहन की उठती हुई जवानी का रस अपनी आँखो से पीने लगा, रश्मि ने जब देखा की अजय उसकी जाँघो की जड़ो मे देख कर अपना लंड मसल रहा है तो रश्मि के चेहरे पर मुस्कान फैल गई, तभी रश्मि को जाने क्या सूझा कि वह उठकर बाथरूम मे गई और थोड़ी देर मे वापस आकर फिर पोंच्छा लगाने लगी अजय ने जैसे ही रश्मि की जाँघो की जड़ो मे देखा उसका लंड बुरी तरह झटके मारने लगा जिसे देख रश्मि ने अजय की तरफ आँख मार कर मुस्कुराने लगी. दरअसल रश्मि बाथरूम मे जाकर अपने चूतादो पर कसी हुई पॅंटी को उतार कर केवल स्कर्ट मे ही बाहर आगाई और अपनी दोनो जाँघो को अजय की ओर करके पोच्छा लगाने लगी जिससे अजय को अपनी बहन का फूला हुआ पूरा भोसड़ा नज़र आने लगा और वह अपनी बहन की गुलाबी चूत और उसकी फूली हुई फांके जो कि अब विपरीत दिशा मे फैल कर पूरे रसीले भोस्डे को खोले हुए थी, अजय का लंड झटके मार रहा था, कुछ देर बाद रश्मि पोच्छा लगाकर हस्ती हुई अजय के सामने से चली गई, और फिर बालकनी मे जाकर अपने हाथ रलिंग पर टिका कर खड़ी हो गई जिससे उसकी मोटी मोटी गंद पीछे की तरफ उठ गई, अजय ने देखा मम्मी बाथरूम मे कपड़े धो रही है वह चुपचाप अपनी दीदी के पास जाकर खड़ा हो गया और अपना हाथ रश्मि की स्कर्ट के अंदर घुसा कर उसकी मोटी मोटी गंद और गंद के बीच की गहराई मे अपना हाथ फैरने लगा, रश्मि मुस्कुराते हुए रोड पर देखती हुई अपने भाई से अपनी गंद मसलवाने का आनंद लेने लगी, कुछ ही देर मे अजय ने पीछे से ही अपनी दीदी की चूत के छेद मे अपनी एक उंगली घुसा कर दबाने लगा, रश्मि का चेहरा लाल शुर्ख हो गया और उसकी चूत से रस रिस्ता हुआ उसकी जाँघो के सहारे बाते हुए उसके घुटनो तक आने लगा, रश्मि ने एक बार अपने भाई के लंड को कस कर दबा दिया और फिर अपनी चूत का पानी अपने हाथो की उंगली से पोंछती हुई अजय को अपनी उंगली दिखाने लगी अजय ने झट से अपनी दीदी की चूत रस से भीगी उंगली को अपने मूह मे लेकर चाट लिया, रश्मि मुस्कुराते हुए अंदर भाग गई, और भाभी के पास किचन मे जा कर बाते करने लगी.

तभी गीता ने बाथरूम से अजय को आवाज़ दी बेटा ज़रा इधर आओ, अजय बाथरूम मे आकर हाँ मा क्या है, गीता बेटे ये धुले हुए कपड़े छत पर सूखने के लिया डाल देना बस दो चार और धो दू दो मिनिट रूको, गीता अपनी साडी को अपने घुटनो के उपर तक करके कपड़े धो रही थी और उसकी मोटी चुचियो से उसका पल्लू हटा हुआ था और ब्लाउज के दो बटन खुले हुए थे, जिससे गीता की आधी से ज़्यादा मोटी मोटी चुचिया ब्लाउज से बाहर निकली आ रही थी, अजय अपनी मा की मस्तानी जाँघो और मोटी मोटी चुचियो को देख कर वही मा के सामने बैठ गया और अपनी आँखे फाड़ फाड़ के अपनी मा के गदराए बदन को देखने लगा, गीता जब कपड़ो को ब्रश से घिसती तो उसकी मोटी मोटी चुचिया पूरी तरह हिलने लगती थी और अजय के मूह मे पानी आने लगा, गीता अपने बेटे की नज़रो को समझ चुकी थी और वह खड़ी होकर अपनी साडी और ब्लाउज भी निकाल कर बाल्टी मे झुक कर गलाने लगी अजय अपनी मा को वाइट कलर की ब्रा और पेटिकोट मे देख कर उसका लंड झटके देने लगा, फिर गीता ने अपने पेटिकोट को अपनी मोटी जाँघो तक चढ़ा कर अजय के सामने बैठ गई, अजय की नज़र पेटिकोट के अंदर तक का जयजा लेने लगी और उसे अपनी मा की चूत की झलक मिलने लगी, मतलब वह पॅंटी नही पहने थी गीता ने साइड मे पड़ी अपनी पॅंटी उठाई और धो कर अजय के सामने ही बाल्टी मे रख दिया अजय बड़े गोर से अपनी मा के अधनंगे जिस्म का रस अपनी आँखो से पीने लगा, गीता बेटे क्या देख रहा है, अजय मा मैं देख रहा हू मेरी प्यारी मा कितना काम करती है, हा बेटे वो तो है, पर बेटा इन सब कामो से मेरी कमर और हाथ पैरो मे काफ़ी दर्द होने लगता है और अपने और एक अंगड़ाई लेते हुए गीता ने ब्रा मे क़ैद अपनी मोटी मोटी चुचियो को बिल्कुल उभार दिया और अजय की ओर देखने लगी, अजय ने अपनी मा की ब्रा मे क़ैद मादक गोलाईयो की ओर देखते हुए मा तुम मुझसे कह दिया करो मैं तुम्हारा पूरा बदन दबा दूँगा तब तुमहरे बदन का सारा दर्द ख़तम हो जाएगा, गीता बेटा मैं तो कब से अपने बदन को तुझसे दब्वाना चाहती हू लेकिन तू कहाँ अपनी मा का ख्याल करता है, अजय नही मा आज से रोज रात को पहले मैं तुम्हारा पूरा बदन अच्छे से दबाया करूँगा उसके बाद ही तुम सोना, पर बेटे मैं तो चाहती हू कि तू दोनो टाइम मेरे बदन को अच्छे से दबा दिया कर ताकि मेरे बदन मे जो दर्द उठने लगा है वो जल्दी ही ख़तम हो जाए, क्यो नही मा आज से मैं दोनो टाइम तुम्हारे पूरे बदन को अच्छी तरह दबा कर तुम्हारे बदन का सारा दर्द दूर कर दूँगा, और गीता ने कपड़े देते हुए अजय को कहा ले बेटा इनको छत पर डाल आ मैं अब नहा लेती हू, ठीक है मा, अजय जैसे ही खड़ा हुआ उसके खड़े लंड को देख कर गीता सिहर गई, और अजय जल्दी से कपड़े लेकर अपना लंड मसलते हुए छत की ओर चला गया,

कपड़े डालते हुए अजय अपनी मा की पॅंटी निकालकर उसे पागलो की तरह सूंघने लगा, तभी छत पर आरती आ गई और उसने अजय को अपनी मा की पॅंटी सूंघते हुए देख लिया और मुस्कुराते हुए इतना मत तड़पो मेरे देवेर जी अपनी मा की पॅंटी सूंघने के लिए अब तो जल्दी ही तुमको सीधे अपनी प्यारी मम्मी की चूत सूंघने को मिलने वाली है और अजय के मोटे डंडे को अपने हाथो से मसल दिया, फिर दोनो देवेर भाभी नीचे आ गये, नीचे आकर आरती अपने रूम मे चली गई, तभी रश्मि अजय के पास आकर क्यो भैया तुझमे तो बड़ा ही दम है, अजय वो क्यो, रश्मि अपने भाई के पाजामे के अंदर हाथ डाल कर उसके लंड को मसलते हुए वो इसलिए कि तू मुझे चोदने के बाद भी अपने रूम मे मम्मी के नाम की मूठ मार लेता है, अजय रश्मि की मोटी गंद की दरार मे हाथ फेरते हुए क्या करू दीदी जिसका लंड अपने घर की सारी औरतो को चोदने का करेगा उसको तो दिन भर ही मूठ मारना पड़ेगी, रश्मि अजय का लंड मसलते हुए अच्छा ये बता मम्मी को नंगी देखना है, जा जल्दी जा मम्मी बाथरूम मे पूरी नंगी होकर नहा रही है मैं भाभी के रूम मे जा रही हू, और रश्मि मुस्कुराते हुए आरती के रूम की ओर अपनी मोटी गंद हिलाते हुए चल दी, अजय मुस्कुराता हुआ उसकी लहराती गंद देखता रहा, फिर अजय जल्दी से जाकर बाथरूम के दरवाजे के छेद से अपनी आँखे सटा देता है, अंदर गीता खड़ी खड़ी अपने पूरे नंगे बदन पर साबुन लगा कर कभी अपने मोटे चुचो को मसलती कभी अपनी चूत को रगड़ती और कपभी अपनी मोटी गंद की दरार मे साबुन लगा लगा कर अपने गंद के छेद को अपनी उंगलिओ से दबा रही थी अजय ने वही अपना लंड बाहर निकाल लिया था आज सुबह से ही वह काफ़ी उत्तेजित था अपनी मम्मी की गदराई जवानी देख देख कर वही अपना लंड हिलाने लगा, और जब तक गीता नंगी नहाती रही वह अपनी मा को नंगी देख देख कर मूठ मारता रहा और फिर अपना पानी वही गिरा कर चुपचाप सोफे पर आकर बैठ गया,

रात को अपनी प्लॅनिंग के हिसाब से अजय ने अपने पापा के दूध मे दो नीद की गोलिया चुपके से मिला दी, जिसे बाद मे गीता ने अपने पति राजेश को दे दिया, अजय रात को 10 बजे के बाद रश्मि के रूम मे आ गया और चुपके से खिड़की खोल कर परदा सरका दिया, रश्मि अपनी फ्रेंड द्वारा दी गई सेक्स की किताब को पढ़ कर रही थी अजय को देखते ही वह उठ कर बैठ गई, अजय मेरी प्यारी दीदी क्या पढ़ रही है, भैया ये राज शर्मा की चुदाई की कहानी की किताब है मेरी सहेली नेहा ने मुझे दी थी, अजय इसमे किस किस्म की स्टोरी है, रश्मि भैया इसमे एक भाई अपनी बड़ी बहन को कैसे चोद्ता है उसके बारे मे लिखा है, अजय रश्मि की मोटी चुचियो को दबाते हुए अरे दीदी अब आपको स्टोरी पढ़ने की क्या ज़रूरत है आपका भाई तो सीधे भाई बहन की पिक्चर ही बना रहा है, अरे मेरे प्यारे भाई अजय का लंड अपने हाथो से मसल्ते हुए, जब मैं यह स्टोरी पढ़ती हू तो मुझे ऐसा लगता है जैसे तू मुझे चोद रहा है और अपनी चूत सहलाते सहलाते यह स्टोरी पढ़ने मे बड़ा मज़ा आता है, उसके बाद जब मैं तुझसे अपनी चूत मरवाती हू तो एक अलग ही मस्ती मेरे पूरे बदन मे दौड़ जाती है, सच दीदी मुझे भी अपनी प्यारी दीदी की चूत मारने मे बड़ा मज़ा आता है, रश्मि अजय का हाथ अपनी चूत के उपर दबाते हुए तो मार न मेरे भाई अपनी दीदी की चूत मैं तो कब्से अपनी चूत खोले बैठी हू अजय इतना सुनते ही अपनी दीदी की फूली हुई चूत पे अपना मूह रख कर चाटने लगता है, रश्मि बड़े प्यार से अपने भाई के बालो मे हाथ फैरने लगती है, रश्मि अजय रुक ज़रा और घूम कर घोड़ी बन जाती है ले अजय अब पीछे से चाट और साथ साथ मेरी गंद का छेद भी चाटना, अजय अपना मूह अपनी दीदी की गंद के दोनो पाटो को फैला कर उसकी गंद से लेकर चूत तक चटाई शुरू कर देता है और रश्मि सीसीयाने लगती है, अजय अपनी दीदी की गंद और चूत दोनो को अपने हाथो से फैला फैला कर चाटने लगता है, रश्मि आह आह की आवाज़ निकालने लग जाती है, थोड़ी देर तक अजय से अपनी चूत और मोटी गंद चटवाने के बाद रश्मि पलटकर झट से अजय का लंड अपने मूह मे भर कर लॉलिपोप की तरह चूसने लग जाती है और अजय अपनी दीदी के मोटे मोटे आमो को अपने दोनो हाथो से दबोच दबोच कर उनका रस निकालने लग जाता है, दीदी तुम लंड चूसने मे बहुत एक्सपर्ट हो रश्मि लेकिन भैया तुझसे अच्छी चूत कोई नही चाट सकता है, एक बार तू जिसकी चूत चाट ले वह तुझे दिनभर अपनी चूत मे ही तेरा मूह घुसेडे पड़ी रहेगी, अजय क्या मैं इतनी अच्छी तरह से चूत चाट ता हू,

रश्मि हाँ भैया तेरी चूत चटाई से तो कोई भी औरत पागल हो जाएगी, अजय मम्मी भी, रश्मि हाँ भैया तू मम्मी की चूत एक बार अगर चाट लेगा ना तब मम्मी तुझे बेटा बेटा करती करती दिन भर अपना भोसड़ा फैला कर दिन रात तेरा मूह अपनी फूली हुई चूत से लगाए रहेगी, वैसे भी मुझे लगता है आजकल मम्मी की चूत तेरे नाम से कुछ ज़्यादा ही बहने लगी है, कैसे भी करके एक बार तू मम्मी की चूत चाट ले फिर देखना जैसे उसने बचपन मे तुझे अपना दूध खूब पिलाया है अब जवानी मे तुझे अपनी चूत भी खूब पिलाएगी, ओह मेरे प्यारी बहन और रश्मि के गुलाबी होंठो को अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है, रश्मि अच्छा भीया एक बात बता, अजय हाँ बोलो दीदी , अजय तुझे अपनी भाभी कैसी लगती है, अजय कुछ सोचते हुए अच्छी लगती है क्यो, अरे अच्छी लगने से मतलब क्या तू भाभी को भी चोदना चाहता है, अजय दीदी चोदना तो चाहता हू पर क्या भाभी मुझसे चुदवाने को राज़ी हो जाएगी, रश्मि ये तो पता नही पर भाभी का फिगर भी मस्त है, और वो मुझे काफ़ी सेक्सी नज़र आती है, अजय वो कैसे, मैने कई बार उन्हे अपनी चूत मे पड़े पड़े उंगली करते देखा है, अजय फिर तो भाभी भी ज़रूर खूब चुदास से भरी होगी, अजय अगर भाभी की चूत तुझे चोदने को मिल जाए तो, अजय फिर तो दीदी मे भाभी को पूरी नंगी करके कस कस कर उसकी चूत मारूँगा जैसे तुम्हे चोद्ता हू, और फिर तुम्हे और भाभी को दोनो को नंगी कर के एक साथ तुम दोनो को चोदुन्गा, और रश्मि की चुचियो के निप्पल अपने होंठो से चूसने लगता है और रश्मि अपने भाई के मोटे लंड को मूह मे भर कर पीने लगती है, तभी चुपके से दरवाजा खोल कर अंदर आ जाती है और रश्मि और अजय अपनी भाभी को देख कर एक दम से अलग हो जाते है,

आरती नाटक करते हुए रश्मि ये क्या कर रही है, तुझे शर्म नही आती अपने सगे भाई के सामने नंगी होकर उसका लंड चूस रही है, और अजय तुझे शर्म नही आई अपनी सग़ी बहन के साथ इस तरह नंगे होकर चिपकने मे, मैं अभी जाकर मा जी को सब बता देती हू, अजय और रश्मि दोनो उठ कर भाभी के पैरो मे गिर जाती है, और नही भाभी ऐसा गजब मत करना हमे माफ़ कर दो भाभी अब हम ऐसा कभी नही करेगे प्लीज़ हमारी पहली ग़लती समझ कर माफ़ करदो, रश्मि बनते हुए मैं तुम्हे एक ही शर्त पर माफ़ कर सकती हू, रश्मि वो क्या भाभी, आरती तुझे अब मेरे सामने ही अपने भाई का लंड चूसना होगा मैं देखना चाहती हू कि कैसे ईक बहन अपने सगे भाई के लंड को चुस्ती है, रश्मि अपनी गर्देन नीचे कर लेती है, आरती चुस्ती है या मैं जाउ मा जी के पास, रश्मि नही भाभी और धीरे से ज़मीन पर बैठते हुए अजय का लंड अपने मूह मे लेकर चूसने लगती है, अजय और आरती दोनो की नज़रे एक दूसरे से मिलती है और दोनो के चेहरे पर एक कुटिल सी मुस्कान फैल जाती है. आरती जल्दी से अपने कपड़े उतार कर रश्मि के पीछे अपने दोनो पैरो के पंजे पर बैठते हुए उसकी मोटी मोटी चुचियो को अपने हाथो मे पकड़ लेती है और अपनी बड़ी बड़ी चुचियो को रश्मि की पीठ पर दबाने लगती है, अपनी भाभी की इस हरकत से रश्मि सिसकते सिसकते अजय का लंड कस कस कर चूसने लग जाती है आरती अपना एक हाथ नीचे लेजकर रश्मि की चूत के छेद मे अपनी दो उंगलिया एक साथ पेल देती है रश्मि सिहर उठती है और अजय का लंड छ्चोड़ कर पलट कर अपनी भाभी से बुरी तरह चिपक जाती है और अपनी भाभी के रसीले होंठो को चूसने लग जाती है. आरती ज़मीन पर पालती मार कर बैठ जाती है और रश्मि आरती की कमर के आस पास अपनी दोनो टाँगे करके अपनी भाभी की गोद मे चढ़ जाती है, और दोनो एक दूसरे के कभी होंठो को चुस्ती है कभी एक दूसरे की मोटी मोटी चुचियो की चुस्ती और दबाती है, तभी अजय अपनी भाभी और दीदी के मूह के पास आकर अपना लंड दोनो के मूह के बीच रख देता है, अब नज़ारा यह रहता है कि आरती पालती मारे ज़मीन पर बैठी है उसकी ननद अपनी दोनो टाँगे फैलाए अपनी भाभी की गोद मे चढ़ कर बैठी है और दोनो ननद भाभी अजय के मोटे लंड को दोनो और से चूसना शुरू कर देते है और साथ ही दोनो ननद भाभी एक दूसरे की चुचिया भी दबाने लगती है. फिर आरती अजय के लंड की टोपी चूसने लगती है और रश्मि अपने भाई की बाल्स को अपने मूह मे भर कर चूसने लगती है इस तरह जब दो दो मूह से अजय के लंड की चूसा होती है तो वह आनंद के गहरे सागर मे गोता खाने लगता है, दोनो ननद भाभी मे लंड और बाल्स चूसने की एक होड़ सी लग जाती है, अजय अपने सामने दो दो नंगी जवान घोड़ियो की कामुकता देख कर मस्त हो जाता है.

इधर गीता पड़े पड़े अपनी पॅंटी उतार कर अपनी चूत सहलाती हुई काफ़ी देर से गरम हो रही थी और सोच रही थी कि आज तो राजेश भी जल्दी ही सो गया है और ना भी सोता तो कॉन सा मुझे ठंडी कर देता, उसे रह रह कर लंड की चाहत महसूस हो रही थी उसे बार बार अपने बेटे के मोटे लंड की याद सता रही थी और वह मन ही मन सोच रही थी अजय का लंड कितना मोटा है, कैसे अजय उसकी पॅंटी सुन्घ्ता है जब भी मेरे पास बैठता है कैसे मा मा कहता हुए मुझे अपनी बाहो मे कस लेता है हे उस समय मुझे भी कितना मज़ा आता है, पर वह आगे क्यो नही बढ़ता है, मेरी चूत अपने हाथो मे भर कर क्यो नही दबाता है, मेरी गंद तो वह कई बार सहला देता है, मैं जब कपड़ो मे अपने बेटे को इतनी अच्छी लगती हू तो उसे नंगी कितनी अच्छी लगुगी, वो भी मुझे नंगी देखने के लिए तरसता होगा पर क्या करू कुछ समझ मे भी नही आता उपर से घर मे सभी लोग रहते है , अपनी चूत मसलते हुए हाय एक बार कैसे भी करके चोद दे बेटे अपनी मा को, और चूत तेज तेज घिसने लगी, तभी उसने सोचा क्यो ना अजय के रूम मे झाँका जाय शायद अजय अपना लंड निकाल कर हिला रहा हो और उसे कम से कम उसके मोटे तगड़े लंड के दर्शन ही हो जाएँगे तो वह भी शांति से मूठ मार सकेगी, बस यह ख्याल आते ही उसके कदम अपने बेटे के रूम की ओर चल पड़े,

गीता जैसे ही अजय के रूम के पास जाती है उसके कमरे मे किसी को ना पाकर सोच मे पड़ जाती है आख़िर अजय गया कहा तभी उसे रश्मि के रूम की लाइट जलती दिखाई पड़ती है वह धीरे से रश्मि के रूम के पास जाती है, तभी उसे अंदर से कुछ सिसकारियो की आवाज़ सुनाई देती है, जब वह अंदर का नज़ारा देखती है तो उसके होश उड़ जाते है और उसका मूह खुला का खुला रह जाता है. अंदर का नज़ारा देख कर तो उसके हाथ पाँव सुन्न पड़ जाते है, अंदर रश्मि अपनी भाभी की गोद मे पूरी नंगी होकर चढ़ि हुई थी और अपनी नंगी भाभी से चिपकी है और अजय उन दोनो के पास नंगा खड़ा है और रश्मि और आरती दोनो एक साथ अजय का मोटा लंड चूस रही है, गीता यह सब देख कर सिहर उठती है और चुपचाप अपनी साँसे थामे अंदर का नज़ारा देखने लगती है, उधर रश्मि और आरती अजय का लंड चूस चूस कर लाल कर देती है तभी अजय दोनो मस्तानी नंगी घोड़ियो को उठाता है और बेड पर आकर अजय लेट जाता है और अपनी भाभी को अपने उपर चढ़ा कर उसका मूह अपने पैरो की ओर करके उसकी चूत अपने मूह पर रख लेता है, आरती अपने पैरो के बल बैठ कर अजय के मूह की ओर अपनी गंद कर देती है और अजय अपनी भाभी की गंद और चूत को चाटने लगता है, इधर रश्मि अपने भाई के पेट के आस पास अपनी दोनो टाँगे कर के अपनी गंद आरती की ओर करके झुक जाती है और अजय का मोटा लंड झुक कर चूसने लगती है, उसकी उठी हुई गंद देख कर आरती थोड़ा झुक कर रश्मि की गंद और चूत पीछे से चाटने लग जाती है, अजय पड़ा पड़ा अपनी भाभी की गंद और चूत चाटता है आरती अपनी ननद की उठी हुई गंद और चूत चाटती है और रश्मि अपने भाई के मोटे तने हुए लंड को चुस्ती है और तीनो अपने अपने आनंद मे खो जाते है, बाहर गीता ये सब देख कर बैचन होने लगती है और अपनी साडी उठाकर अपनी दो उंगलिया अपनी चूत मे डाल कर रगड़ने लगती है,

रश्मि अपना मूह लंड से हटा कर ओह भाभी ओह भाभी ऐसे ही ऐसे ही चाट अपनी ननद की गंद और चूत को हाँ हाँ ऐसे ही चाट चाट कर पूरी लाल कर दो भाभी, आह आह आह और फिर अजय का लंड अपने मूह मे भर कर कस कस कर चूसने लग जाती है, उधर आरती सीसियते हुए ओह देवेर राजा ऐसे ही चूसो अपनी भाभी की चूत ओह ओह शाबाश पूरा रस चूस लो मेरे राजा अपनी भाभी की चूत का आह आह आह,

यह सब बाते सुन कर गीता अपने ही हाथो से अपनी चुचि और चूत को जोरो से कुचलने लगती है, और तेज तेज सिसकिया लेने लगती है, लगभग 10 मिनिट तक तीनो एक दूसरे के लंड और चूत को चाट चाट कर लाल कर देते है और तीनो अपना अपना रस एक दूसरे के मूह मे छोड़ देते है, गीता रश्मि को अपने भाई का गाढ़ा रस पीते देखती है तो उसके मूह मई पानी आ जाता है और वह अपने बêते के लॅंड का रस पीने के लिए तड़पने लगती है, जब तीनो एक दूसरे की चूत और लंड का एक एक क़तरा चाट जाते है तो रश्मि और आरती अजय के आस पास उससे चिपक कर दोनो अपनी अपनी मोटी मोटी जंघे अजय के उपर चढ़ा कर उसे दबोच लेती है,

अजय दोनो नंगी मस्तानी घोड़ियो की गंद सहलाते हुए कभी अपनी भाभी के गाल और होंठ चूमता है कभी अपनी दीदी के होंठ और गालो को चूमता है जिससे आरती और रश्मि दोनो को फिर से मस्ती चढ़ने लगती है और फिर तीनो एक साथ अपनी अपनी जीभ निकाल कर एक दूसरे के मूह मे देने लगती है अजय अपनी भाभी और अपनी बहन दोनो की जीभ को एक साथ अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है, फिर दोनो अजय के लंड से फिर खेलने लगती है आरती अजय के मोटे डंडे को सहलाती है और रश्मि उसकी दोनो गोटियो से खेलने लगती है,

यह सब देख कर गीता अपनी चूत मे बहुत तेज़ी से अपनी उंगलिया चलाने लग जाती है और अजय के लंड को अपने मूह मे भरने के लिए तड़प जाती है, तभी अजय उठ कर बैठ जाता है और आरती अपनी पीठ के बल लेट जाती है और रश्मि आरती के नंगे बदन पर पेट के बल लेट जाती है और आरती और रश्मि एक दूसरे के उपर लेटे लेटे ईक दूसरे के होंठो का रस पीने लगती है और अजय दोनो के पैरो की तरफ आकर दोनो की गंद और चूत एक साथ फैला फैला कर चाटने चूसने लगता है, और फिर अजय उठ कर अपना लंड एक झटके मे आरती की चूत मे पेल देता है और अपनी दीदी की गंद और चूत मे एक एक उंगली डाल कर दोनो को चोदने लगता है,

आरती और रश्मि दोनो एक दूसरे के दूध को कस कस कर दबाने लगती है, अजय कभी लंड आरती की चूत मे डाल कर चोद्ता है कभी रश्मि की चूत मे डाल कर चोद्ता है और अपनी उंगली से उनकी गंद और चूत की भी चुदाई करता रहता है, इस तारह अजय करीब 20 मिनिट तक अपनी दीदी और भाभी की चुदाई करता है, अब अजय खुद लेट कर रश्मि को अपने मूह पर बैठा लेता है और उसकी चूत पीने लगता है और आरती को अपने लंड पर चढ़ा लेता है आरती अजय के लंड पर बैठ कर कूदने लग जाती है, उधर गीता अपने मस्ताने भोस्डे को लग रहा था कि अपने हाथो से ही फाड़ डालेगी उसकी वासना चरम पर पहुच चुकी थी वह अपनी चूत के दाने को अपनी दो उंगलियो से कस कस कर मसल मसल कर सीसीया रही थी,अभी आरती की नज़र खिड़की पर पड़ जाती है और उसे गीता नज़र आ जाती है और उसके होंठो पर एक कामयाबी वाली मुस्कान फैलजाती है, उसे उसका प्लान सफल होता नज़र आने लगता है अब वह अपनी सास को दिखाने के लिए और तेज़ी से चिल्ला चिल्ला कर अजय के लंड पर कूदने लगती है ओह अजय फाड़ दो अपनी भाभी की चूत आह आह आह मेरे राजा मज़ा आ गया कितना मोटा और मुस्त लंड है तुम्हारा कितना कसा कसा जा रहा है मेरी चूत मे आह आह,

करीब 10 मिनिट तक इसी तरह आरती चुदने के बाद हट जाती है और रश्मि आ कर अपने भाई के मोटे लंड पर बैठ जाती है और आरती अजय से चिपक कर अपनी चुचिया उसके मूह मे डाल कर चूसाने लगती है और अजय को धीरे से उसके कान के पास आकर कहती है, अजय हमारी प्लान सक्सेस हो गया मैं जो चाहती थी वह हो गया, तुम्हारी मम्मी खिड़की से हम तीनो को पागलो की तरह आँखे फाड़ फाड़ के चुदाई करते देख रही है, अजय ने खिड़की की ओर नज़र डाली तो उसे अपनी मम्मी नज़र आ गई और वह मुस्कुरा कर अपनी भाभी के रसीले होंठो को चूसने लगा,a

अब अजय का जोश अपनी मा को देख कर और बढ़ गया और उसने रश्मि को पकड़ कर बेड से नीचे उतारकर उसे बेड से झुका कर कस कस कर उसकी चूत को पीछे से ठोकने लगा, आरती रश्मि के आगे लेट कर उसके मोटे मोटे बोबे दबाने लगी और उसके होंठ चूसने लगी अजय रश्मि की चूत गंद मज़े से कस कस कर कूट रहा था और रश्मि हाय भैया हाय भैया ऐसे ही ऐसे ही चोदो अपनी दीदी को आह आह आह आह हाँ हाँ और तेज भैया और तेज भैया इसी तरह खूब कस कस कर मरो अपनी बहन की चूत, ओह ओह ओह ओह भैया फाड़ दो अपनी दीदी की चूत, अजय अपनी पूरी रफ़्तार से अपनी बहन की चूत मारने लगा पूरा कमरा उनकी चुदाई की मादक आवाज़ से गूँज उठा और जब अजय ने एक तगड़ा झटका अपनी बहन की चूत मे मारा तो उसका लंड अपनी बहन के चूत मे जड़ तक समा गया और रश्मि ढेर सारा पानी छोड़ती हुई बेड पर पेट के बल गिर पड़ी,

तभी अजय ने अपना मोटा लंड उसकी चूत से निकाला और तब तक आरती आकर बेड पर झुक कर अपनी मोटी गंद उठा चुकी थी फिर अजय ने एक तगड़े झटके के साथ अपना मोटा लंड अपनी भाभी की चूत मे उतार दिया, और हुमच हुमच के अपनी भाभी की मोटी गंद पकड़ के चूत मारने लगा, आरती और कस कस के मारो और कस कस के मारो फाड़ दो अपनी भाभी की चूत को और कस के चोदो मेरे देवेर राजा और अपनी तीन उंगलिया एक साथ रश्मि की खुली हुई बुर मे पेलने लगी इधर अजय तबीयत से अपनी भाभी की चूत की कुटाई करने लगा, आरती आह आह करने लगी और ज़ोर से और ज़ोर से ठोको देवेर जी अपनी भाभी को आह आह और अजय ने अपनी स्पीड पुरी रफ़्तार से बढ़ा दी, और एक घमासान चुदाई के बाद आरती भी झाड़ गई,

फिर दोनो ननद भाभी ने नीचे बैठ कर अजय के लंड को एक साथ पागलो की तरह चाटना शुरू कर दिया इस नज़ारे को देखते देखते गीता की चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया और उसके पैर खड़े खड़े काँपने लगे और वह बुरी तरह इस्खलित हो गई. इधर अजय ने भी अपने लंड से ढेर सारा जूस छ्चोड़ दिया जिसे दोनो ननद भाभी पूरा का पूरा चाट गई.

इस तरह एक जोरदार चुदाई करके तीनो नंगे होकर एक दूसरे से चिपक कर बेड पर लेट गये, और गीता लंबी लंबी साँसे लेती हुई अपने बेड पर आकर धम्म से गिर गई.

रोज की तरह सुबह सुबह सभी लोग बैठ कर चाइ पी रहे थे, रश्मि बिल्कुल नॉर्मल लग रही

थी और काफ़ी खुश नज़र आ रही थी, अजय और आरती दोनो अंदर से थोड़े व्याकुल थे लेकिन

नॉर्मल होने का दिखावा कर रहे थे, जबकि गीता का चेहरा काफ़ी तनाव से भरा था और

वह अजय,

आरती और रश्मि के चेहरो पर कुछ खोजने की कोशिश कर रही थी, अजय और आरती,

गीता की व्याकुलता को भली भाती समझ रहे थे लेकिन दोनो मे से कोई भी कुच्छ कहना नही

चाह रहा था, तभी रश्मि ने गीता से पुछा मा आज क्या खाना बनाना है, गीता तेरी

भाभी और तू दोनो मिलकर डिसाइड कर लो और इतना कह कर चुप हो गई,

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