मेरा नाम राज है जानने वाले लोग, दोस्त और फॅमिली मेंबर्ज़ मुझे प्यार से राज्ज्ज और राजा बाबू भी कहते है. मैं एक 28 साल का अछा ख़ासा हॅंडसम और घटेले बदन का लड़का हू मेरी बॉडी एक्सर्साइज़्ड है अछा ख़ासा मस्क्युलर हू. हाइट 5’8” गोरा रंग और मेरे शरीर पे आछे ख़ासे बाल हैं. हेरी चेस्ट है. अभी अभी पढ़ाई ख़त्म हुई है रिज़ल्ट का वेट कर रहा हू. मेरे डॅड का अपना कन्स्ट्रक्षन आंड मेंटेनेन्स का बिज़्नेस ऑफीस है और जिस्मै मेरी मोम अकाउंट्स देखती है और आड्मिनिस्ट्रेशन मे डॅड का साथ देती है उनके साथ मीटिंग्स अटेंड करती है. मेरे डॅड तकरीबन 52-53 यियर्ज़ के है और मोम ऑलमोस्ट 48 – 49 की हैं. दोनो काम करते रहने से अभी तक आक्टिव हैं और ऑफीस को रेग्युलर्ली जाते है. आजकल कन्स्ट्रक्षन का काम बूम पे है इसी लिए दोनो बोहोत ही बिज़ी रहते हैं और रात थक्क के वापस आते और खाना खा के सो जाते हैं. मेरे से बड़ी एक बहेन है खुश्बू जिसकी शादी अभी कुछ ही महीने पहले हुई है वो अपनी ससुराल मे ही रहती है जो मेरे टाउन से तकरीबन 200 किमी के डिस्टेन्स पे है. शादी के बाद 2 – 3 टाइम यहा आई और वापस अपनी ससुराल चली गई वो अपने पति के साथ खुश है. उसके पति का भी सेमेंट का होल साले बिज़्नेस है.
मेरे अंकल समीर करीब के ही एक विलेज मे काम करते है. उनकी एक ही बेटी है जिसका नाम अनुपमा देवी है प्यार से सब उसको अनु पुकारते हैं. अनु 19 – 20 साल की बोहोत ही खूबसूरत लड़की है. तकरीबन 5’ 5” की हाइट होगी. गोरा रंग, कमर तक झूलते रेशमी लाइट ब्राउन कलर के बाल, हस्ती तो दोनो गालो मे छोटे छोटे डिंपल्स पड़ते, सफेद मोती जैसे चमकते दाँत, लाइट ब्राउन बड़ी बड़ी चमकती हिरनी जैसी आँखें, सेक्सी लिप्स जिनको देख के कोई भी चूसने की कल्पना करे, अभी उसके चुचीोन को अपने हाथो से पकड़ा तो नही पर लगता है के शाएद 32 साइज़ के होंगे, एक दम से सिडोल बदन, मोस्ट्ली शलवार कमीज़ पेहेन्ति है पर कभी कभी जीन्स और ट्रंक टॉप भी पेहेन्ति और जब जीन्स और ट्रंक पहनी होती है तो उसके चुचियाँ बोहोत मस्त दिखते और जब मटक मटक के चलती तो दोनो चुचियाँ धीरे धीरे डॅन्स करते ऊपेर नीचे होते बड़े आछे लगते ऐसा लगता जैसे परदे कर रहे हो शाएद वो उस टाइम पे ब्रस्सिएर भी नही पेहेन्ति इसी लिए चुचियाँ डॅन्स करती जिन्है देख के मन करता के बॅस अभी पकड़ के दबा डालु और मोसंबी की तरह से स्क्वीज़ करू और आम ( मॅंगो ) की तरह से चूसू
डालु. रात मे अक्सर नाइटी यूज़ करती वैसे कभी सलवार कमीज़ भी पेहेन्ति पर मोस्ट्ली नाइटी मे ही रहती.
मुझे लगता के वो थोड़ी प्राउडी टाइप की लड़की है. कभी मुझ से सीधे मूह बात भी नही करती और कभी ऐसे शो करती है जैसे वो मेरे घर मे नही रहती बल्कि मैं उसके घर मे रहता हू. अरे मैं यह बताना तो भूल ही गया के अंकल समीर जहा काम करते है वाहा कोई कॉलेज वाघहैरा नही है इसी लिए अनु को पढ़ाई के लिए हमारे घर मे ही रखा हुआ है. अनु बी.कॉम के 2न्ड एअर मे थी. कॉलेज घर से थोड़ा दूर है और वो बस मे आती जाती है. मेरी और अनु की कुछ ऐसी ख़ास बनती तो नही पर कभी इतना बड़ा झगड़ा भी नही हुआ था. बॅस आपस मे नोक झोक तोचलती ही रहती. कभी खाने की टेबल पे तो कभी पढ़ाई के टाइम पे. वो हमेशा बोलती के उसको लड़के पसंद नही हैं आंड शी हेट्स मेल्स डॉन’ट नो व्हाई. मेरी समझ मे नही आता था के व्हाई शी हेट्स मेल्स क्यॉंके नॅचुरली लड़कियाँ तो लड़को को पसंद ही करती है इश्क़, प्यार और मोहब्बत भी लड़को से ही करती है पर पता नही अनु मे ऐसी क्या बात थी जिसे मेल्स पसंद नही थे.
हमारा घर एक डबल स्टोरी मीडियम साइज़ की बिल्डिंग है. नीचे मेरे डॅड और मोम रहते हैं. मोम के ( घुटनो ) नीस मे दरद रहता है ( जॉइंट पेन ) जिसकी वजह से वो बार बार ऊपेर नही चढ़ सकती इसी लिए वो दोनो नीचे ही ग्राउंड फ्लोर पे रहते है और मैं ऊपेर के रूम मे रहता हू. आक्च्युयली ऊपेर के फ्लोर पे मीडियम साइज़ के 3 रूम्स हैं. एक मे मेरी सिस्टर खुश्बू रहती थी दूसरा मेरा कमरा था और तीसरा ऐसे ही स्पेर रूम जो गेस्ट रूम जैसा था. खुश्बू की शादी के बाद उसका रूम भी खाली हो गया था इसी लिए अनु को खुश्बू वाला रूम दे दिया गया था. स्टेरकेस पे चढ़ते ही एक स्पेर वाला गेस्ट रूम जैसा था था जिसमै कभी हमारे कोई रिलेटिव्स वाघहैरा आ जाते तो वही रहते और जब वाहा कोई नही रहता तो वो कमरा टेंपोररी ड्रॉयिंग रूम जैसा यूज़ मे आता था जहा एक डबल बेड के साथ एक सोफा सेट भी पड़ा हुआ था कभी मेरा कोई फ्रेंड आ जाता तो हम वही बैठ के टाइम पास करते और कभी अनु की कोई फ्रेंड्स आ जाती तो वो उनको लेके वाहा बैठ जाती. उस रूम मे एक बड़ा सा टीवी सेट भी रखा हुआ था जिस्मै केबल और वीडियो कनेक्षन भी लगा हुआ था तो कभी कभी वो रूम टीवी रूम जैसा भी यूज़ मे आता था. ऐसे समझे के मल्टिपर्पस उसे का कमरा था. उस मल्टिपर्पस रूम को लगा हुआ अनु वाला रूम और तीसरा रूम मेरा था. मेरे रूम मे एक विंडो थी जो अनु वाले रूम मे खुलती थी. पहले जब मेरी सिस्टर रहती थी तब हम पढ़ते थे तो आपस मे बातें भी कर लिया करते थे और बुक्स का एक्सचेंज भी इसी विंडो द्वारा
होता था. अनु वाले रूम और मल्टिपर्पस रूम के बीच मे भी एक विंडो लगी हुई थी जिसे खोलने की कभी ज़रूरत ही नही पड़ती थी पर अनु कभी कभी हवा के लिए खोल भी लिया करती थी वैसे तो हमारे रूम मे हवा और वेंटिलेशन के लिए कॉरिडर मे एक एक विंडो खुलती थी और जब यह विंडो खुली होती तो कॉरिडॉस मे से आते जाते कोई भी कमरे के अंदर का हाल देख सकता था. तीनो रूम्स मे अटॅच बाथ था. यूँ तो अनु के ज़ियादा फ्रेंड्स नही थे बस एक फ्रेंड थी शालिनी देवी जिसे वो शालु कह के बुलाती थी. शालु और अनु एक ही एज के थे और क्लास फेलो भी. शालु अक्सर अनु के पास आती जाती रहती थी और कभी कभी रात मे अनु के कमरे मे उसके साथ ही सो जाती थी और दूसरे दिन सुबह ब्रेकफास्ट कर के अपने घर चली जाती. कभी अनु उसके घर चली जाती और रात वही शालु के साथ ही सो जाती और सुबह वापस आ जाती यह नॉर्मल रुटीन था दोनो का. शालु हमारे पड़ोस मे ही रहती थी और अनु की क्लास फेलो थी इसी लिए दोनो की बोहोत दोस्ती थी. शालु की हाइट तकरीबन 5’ 6” होगी. वो भी बोहोत ही गोरे रंग की थी. कश्मीरी सेब जैसे गुलाबी गाल, मतकाती बड़ी बड़ी ब्राउन आँखें. उसके भी लाइट ब्राउन कलर के रेशमी बाल थे ज़ियादा बड़े तो नही कमर तक आते थे. शालु के चुचियाँ मेडियम साइज़ के एप्पल जैसे 34 साइज़ के थे बोहोत गोरे गोरे मलाई जैसे बिल्कुल उसके रंग के जैसे. वो अक्सर स्लीव्ले शर्ट पेहेन्ति थी जिस्मै से कभी कभी उसके चुचियाँ भी झाँकती रहती थी या कभी ब्रस्सिएर भी दिखाई देती थी. कभी ब्रस्सिएर पेहेन्ति कभी नही पेहेन्ति. और जब ब्रस्सिएर नही पेहेन्ति तो उसके शर्ट के ऊपेर से चुचिओ और निपल साफ दिखाई देते और जब अपने हाथ उठाती तो उसके चुचियाँ दिखाई देती जिन्हाई देख के हाथ मचल जाता और मंन करता के अभी साइड से हाथ घुसा के उसके मस्त चुचिओ को पकड़ के मसल डालु. बघल के बाल शाएद डेली शेव करती थी जिससे उसकी बघल हमेशा ही चिकनी रहती. उसकी एक ख़ास आदत थी वो हर थोड़ी देर मे अपने दोनो हाथ ऐसे ऊपेर करती जिस से उसकी बघल साफ दिखाई देती. वो शाएद अपनी बघल मे रोल ऑन पर्फ्यूम भी लगती थी
इसी लिए उसके पास से एक मस्त स्मेल आती थी. वो मेरे साथ बात तो करती थी बस नॉर्मल फॉर्मल जैसी कोई ख़ास इंटिमेसी वाली बात नही करती थी. अगर कभी ऐसा होता के शालु हमारे घर आई और अनु नही मिली तो वो फॉरन ही वापस चली जाती मेरे साथ बैठ के गॅप शॅप भी नही लगती थी मेरी समझ मे नही आता था के क्या इन्न लड़कियों को मेल्स मे कोई इंटेरेस्ट नही है या फिर प्रॉबब्ली उसका कोई प्रेमी भी होगा और इसी लिए वो मेरे साथ कोई एक्सट्रा बात नही करती. उसकी नाक भी पतली थी और उसके लिप्स तो बोहोत ही सेक्सी थे गुलाबी कलर के लिप्स बड़े मस्त लगते थे ऐसा लगता था जैसे नॅचुरल लिपस्टिक लगी हुई हो. उसकी एक ख़ास आदत थी वो बार बार अपने लिप्स पे ज़ुबान फेरती
रहती जिस से उसकी पिंक नॉकीली टिप ऑफ दा टंग बोहोत सेक्सी लगती मंन करता के पकड़ के उसकी ज़ुबान को चूसना शुरू कर्दु. शालु, अनु से थोड़ी मोटी थी भरे भरे बदन वाली. शालु भी अक्सर शलवार कमीज़ ही पेहेन्ति थी और कभी जीन्स और टॉप भी पेहेन्ति. जीन्स और टॉप मे तो वो क़यामत लगती थी. उसकी चुचियाँ और चूतड़ भी अनु से थोड़े बड़े थे. ऑन दा होल शालु भी एक बोहोत ही सेक्सी और खूबसूरत लड़की थी जिसे चोदने का ख़याल हर किसी के मंन मे आ सकता था.
हमारे घर मे दो ( 2 ) हाउस्म्ड्स भी है एक खाना पकाने के लिए और दूसरी ऊपेर का काम करने के लिए जैसे रूम सॉफ करना बाथरूमस धोना और वॉशिंग मशीन मे कपड़े धोने और आइर्निंग करना वाघहैरा वाघहैरा. खाना पकाने वाली औरत अछी बड़ी उमर की थी और हमारे घर बोहोत सालो से काम करती थी बोहोत पुरानी थी इसी लिए हम सब उसको मासी कहते थे. मासी की उमर कोई 50 साल के लग भग होगी. अब तो मासी कहते कहते इतने साल हो गये थे के हमै उनका नाम भी याद नही रहा. दूसरी ऊपेर का काम करने वाली रितेश्वरी देवी जिसे शॉर्ट मे ऋतु पुकारते थे जो 14 – 15 साल की लड़की थी. रंग बोहोत गोरा भी नही और काला भी नही खुलता हुआ साफ रंग था. उसकी आँखें भी बड़ी बड़ी थी, सेक्सी लिप्स, चुचियाँ भी बोहोत ही छोटी छोटी थी शाएद अभी 28 के होंगे गोल्फ के बॉल जैसे छोटे छोटे थे, शाएद वो भी ब्रस्सिएर नही पेहेन्ति थी क्यॉंके जब वो चलती तो उसकी टाइट छोटी सी चुचियाँ उसके शर्ट के अंदर हिलती भी नही थी और निपल्स का उभार उसके शर्ट मे से सॉफ नज़र आता था. घाटेला बदन, हाइट भी ज़ियादा नही थी, होगी शाएद 4”5” या 5” की होगी. एक छोटी लड़की ही तो थी जिसे मजबूरी मे काम करना पड़ रहा था.. मोस्ट्ली शलवार कमीज़ पेहेन्ति और कभी कभी लोंग स्कर्ट और ब्लाउस भी पेहेन्ति थी. उसको हमारे अंकल समीर एक विलेज से ले के आए थे जहा उनका कन्स्ट्रक्षन का काम चल रहा था. ऋतु के फादर की एक आक्सिडेंट मे डेत हो गई थी और उसकी मा गाऊँ ( विलेज ) मे ही रहती थी.ऋतु हमारे घर मे फॅमिली मेंबर की तरह पर्मनेंट्ली रहती थी. आछे खाते पीते घराने की थी पर उसके डॅडी की डेत के बाद हालत ने उसे काम करने पर मजबूर कर दिया था. ऋतु अपना काम बोहोत अछी तरह से करती और बड़ी तेज़ी से भी करती थी. ऑन दा होल ऋतु एक बोहोत ही सेक्सी लड़की थी पर उसको पता नही था के वो कितनी सेक्सी है. उसकी कमीज़ मे से उसके छोटे से बूब्स के उभार बड़े मस्त दिखते बार बार मॅन करता के उन्है पकड़ के उसकी चुचिओ को मसल डालु. वैसे तो कई बार ऐसा भी हुआ है के जब मेरे मोम और दाद ऑफीस चले जाते, मासी भी लंच और डिन्नर एक साथ पका के अपने घर चली जाती तो मैं और ऋतु अकेले ही घर मे रहते पर पता नही क्यों उसे
चोदने का या उसके चुचिओ को मसल्ने और चूसने का ख़याल मेरे दिमाग़ मे कभी नही आया..
ऋतु का रूम नीचे ही था क्यों के सोने से पहले मेरी मोम की टाँगें दबाती थी और कभी किसी काम के लिए रात मे मोम पुकारती तो वो आजाती इसी लिए वो नीचे ही रहती थी और जब मेरे पेरेंट्स सो जाते तो ऋतु भी अपने रूम मे जा के सो जाती. सुबह मासी थोड़ी देर से आती थी तब तक ऋतु ही मेरे पेरेंट्स को चाइ या कॉफी बना के दे देती और मासी के आने तक किचन की सफाई भी कर देती थी कभी कभी तो वो भी टीवी वाले रूम मे आ जाती और दोनो बैठ के टीवी देखते पर वो खामोश ही रहती. टीवी पे कोई हॉट सीन आता तो मेरा लौदा 90 डिग्री पे खड़ा हो जाता और वो शरमाती और धीरे से मुस्कुराते हुए उठ के रूम से बाहर चली जाती. वॉशिंग मशीन और आइर्निंग रूम ऊपेर के पोर्षन मे ही बना हुआ था इसी लिए ऋतु को जब कपड़े धोना होते या आइर्निंग करना होता तो वो ऊपेर के पोर्षन मे आती. कई बार मेरे कमरे की सफाई के दोरान जब वो झुकती तो उसके कॉनिकल शेप की छोटी सी चुचियाँ और उसके छोटे किशमिश जैसे ब्राउन निपल्स उसके शर्ट के गले (नेक) के पास से अंदर तक सॉफ नज़र आते रहते जिन्हे देखते ही मेरा लौदा पॅंट के अंदर से बाहर निकलने को तड़पने लगता और मॅन करता के अभी उसको नीचे लिटा के उसको चोद के उसकी टाइट चूत को फाड़ डालु पर क्या करू डरता था के कही यह मेरे मोम और डॅड से बोल देती तो मेरी तो शामत ही आजाती और एक नयी मुसीबत खड़ी हो जाती बॅस यह सोच के खामोश हो जाता और बाथरूम मे जा के ऋतु के नाम की मूठ मार लेता और ख़यालो मे अपने लंड से निकली हुई मलाई को ऋतु की रसीली चूत मे गिरते महसूस करता.
अनु को हमारे साथ रहते हुए तकरीबन तीन महीने हो गये थे. दिन ऐसे ही गुज़र रहे थे. वो शाम मे कॉलेज से आती. डिन्नर के बाद कुछ देर पढ़ती रहती और रात के 11 या 12 बजे तक सो जाती. मैं कुछ दीनो से फील कर रहा था के मेरे मोम और डॅड के सो जाने के बाद ऋतु ऊपेर अनु के कमरे मे आ जाती थी और फिर अनु और ऋतु हसी मज़ाक की बाते करते रहते और हस्ते रहते. मैं ने कोई ऐसा ख़ास ध्यान नही दिया के गर्ल टॉक्स होंगे जिन्हे आपस मे बात करके हस्ती होगी.
एक दिन की बात है उस दिन बोहोत गर्मी पड़ रही थी और मैं कही बाहर से वापस आया था, आस यूषुयल मोम और डॅड तो थे नही. मैं बाहर से अंदर आया और ऊपेर अपने रूम की तरफ जाने लगा. मेरे रूम मे जाने के लिए मुझे अनु के रूम के सामने से गुज़रना पड़ता था और यह इत्तेफ़ाक था के उसके रूम की
विंडो खुली हुई थी क्यॉंके गर्मी बोहोत थी. मैं जब उसके रूम के सामने से जा रहा था तो मुझे एक अजीब किसम की आवाज़ सुनाई दी और मैने पलट के अनु की विंडो की तरफ अपना मूह घुमा के देखा तो एक शॉक जैसा लगा अनु और ऋतु एक दूसरे को फ्रेंच किस कर रहे थे दोनो की आँखें बंद थी शाएद प्लेषर से बंद हो गई होगी और उन्हे पता ही नही चला के मैं उनको देख रहा हू. एक मिनिट तक देखता ही रहा के कैसे अनु और ऋतु एक दूसरे की चुचिओ को कपड़ो के ऊपेर से ही दबा रही हैं कभी कभी शर्ट के अंदर हाथ डाल के एक दूसरे की चुचिओ को मसल रही है और किस्सिंग मे खोए हुए हैं और मूह से उउउउउउउन्न्न्न्ह्ह्ह्ह जैसी प्लेषर की आवाज़ें निकल रही है. मैं यह देख के धीमे पैरो से बिना आवाज़ निकाले वापस चला गया और नीचे उतर गया किचन मे जा के मासी से पूछा के लंच मे क्या बना रही है तो पता चला के आज लंच और डिन्नर मे चिकन का सालन और कबाब हैं. मैने फ्रिड्ज से ठंडा पानी निकाल के पीया और ऊपेर ऐसे चढ़ने लगा जिससे के अनु को पता चल जाए के मैं ऊपेर आ रहा हू और जब मैं ऊपेर आया तो देखा के अनु के रूम का डोर खुल गया था और ऋतु रूम की सफाई कर रही थी. मैं देख के मुस्कुरा दिया और अनु को पूछा के आज कॉलेज नही गई तो उसने बोला के नही आज कल कॉलेज मे आन्यूयल गेम्स चल रहे हैं इसी लिए एक वीक की छुट्टी है. मैं अपने कमरे मे चला गया और शवर ले के थोड़ी देर के लिए सो गया.
उस दोपेहेर के बाद उन दोनो ने मुझे कोई शक नही होने दिया के उन के बीच मे कुछ रोमॅन्स चल रहा है. डिन्नर से पहले ही मोम और डॅड आ गये थे. हम सब ने साथमे डिन्नर लिया. मोम और डॅड तो ऑफीस से थक्क के आते थे और खाने के थोड़ी ही देर मे सोने चले जाते. मैने डिन्नर टेबल पे बोल दिया था के मैं आज बोहोत थक्क गया हू और जल्दी ही सो जाउन्गा. डिन्नर के बाद अनु को नीचे ही छोड़ के ऊपेर आ गया और अपने रूम के डोर को हवा के लिए थोड़ा सा खुला रख के लाइट बंद करके खामोशी से अपने बेड पे लेट गया और गहरी नींद सोने की आक्टिंग करने लगा. अनु थोड़ी देर बाद ऊपेर आई और पहले तो मेरे रूम का डोर खुला देख के डोर के सामने आई और धीरे से अंदर झाँक के देखा जिसे मैं आध खुली आँखों से देख रहा था पर वो समझी के मैं सच मे गहरी नींद सो गया हू और वो टीवी रूम मे जा के टीवी देखने लगी. हमारे पास यूवरोसेट की डिश लगी हुई है जिसपे हॉटबर्ड चॅनेल्स आते है और लेट नाइट सेक्स चॅनेल्स भी ओपन हो जाते है जिसे मैं अकेले मे देखा करता था पर जब से अनु आई थी टीवी पे वो चॅनेल्स देखने का मोका नही मिलता था. टीवी की साउंड मुझे बोहोत ही धीमी आ रही थी जिस से पता चलता था के शाएद अनु सेक्स चॅनेल देख रही है
मैने शाम को ही मेरे और अनु के रूम के बीच की विंडो को इतना थोड़ा सा खोल दिया था के उसको शक्क ना हो और मैं उसके रूम मे झाँक के देख सकु. मैं ने कॉरिडर की लाइट भी बंद की हुई थी इस लिए बाहर कॉरिडर मे अंधेरा हो गया था. रात के तकरीबन 12:30 हो रहे होंगे टीवी की आवाज़ बंद हो गई और किसी के नीचे जाने की आवाज़ आने लगी शाएद अनु नीचे जा रही थी. मैं ने सोचा के शाएद पानी पीने गई होगी पर 5 मिनिट के अंदर ही मुझे अनु और ऋतु के ऊपेर आने की आवाज़ें आने लगी दोनो बोहोत धीमी आवाज़ मे बातें कर रही थी मुझे पता नही चल रहा था के क्या बातें कर रही हैं. अनु ने अपने कमरे मे जाने से पहले एक बार फिर से फिर मेरे कमरे मे झाँक के मुझे देखा के मैं सो गया या नही. मैं जान बूझ कर स्नोरिंग करने लगा मतलब खर्राटे लेने लगा तो उसे यकीन हो गया के मैं बोहोत गहरी नींद सो गया हू.
अनु के कमरे मे दोनो आ गये और अनु ने अंदर से डोर बंद करके लॉक कर दिया. हमारे रूम के बीच की विंडो थोड़ी खुली थी जिस्मै से मुझे ऋतु की आवाज़ आई वो पूछ रही थे के राज बाबू सो गये क्या तो अनु ने कहा हा कब का सो गया. जब मुझे पक्का यकीन हो गया के डोर अंदर से लॉक कर दिया है तो मैं बिना आवाज़ किए अपने बेड से नीचे उतर गया और विंडो के पास चला गया. अनु ने कमरे मे जाते ही अपने कमरे की लाइट्स बंद कर दी थी पर बाथरूम की लाइट जली रहने दी और बाथरूम का डोर भी बंद कर दिया. बाथरूम मे ऊपेर की तरफ हवा के लिए एक छोटी सी ओपनिंग थी जिस्मै से बोहोत ही धीमी लाइट कमरे के अंदर आ रही थी जिस से कमरा पूरा अंधेरा नही दिख रहा था बॅस ऐसे लग रहा था जैसे कॅंडल जली हुई हो. अनु और ऋतु के बदन मुझे सॉफ दिखाई दे रहे थे. थोड़ी ही देर मे मेरी आँखें भी अंधेरे मे देखने को अड्जस्ट हो गई थी और मुझे अब अंदर का सब कुछ ऑलमोस्ट सॉफ दिखाई दे रहा था. अनु का बेड ऐसी पोज़िशन मे था के मैं विंडो से अछी तरह से देख सकता था. मैं ने देखा के कमरे मे दोनो आते ही एक दूसरे से ऐसे लिपट गयी जैसे पुराने लवर्स हो और बोहोत दीनो के बाद मिल रहे हो. एक दूसरे को बे तहाशा डीप टंग सकिंग पॅशनेट किस कर रहे थे और अपनी चूते एक दूसरे से मिलाने के लिए अपनी अपनी गंद आगे पीछे कर रही थी जैसे खड़े खड़े एक दूसरे को चोद रही हो. ऐसे ही थोड़ी देर एक दूसरे को किस करते करते एक दूसरे के कपड़े उतारने लगी. दोनो शलवार और कमीज़ पहने हुए थी. पहले दोनो के शर्ट्स उतर गये देखा तो दोनो की मस्त चुचियाँ नज़र आ रही थी. अनु की चुचियाँ गोल गोल थी और ऋतु की छोटे से लाइट कॉनिकल शेप की थी. एक के बाद एक दोनो एक दूसरे की चुचियाँ चूसने लगी और शलवार के ऊपेर से ही एक दूसरे की चूतो का मसाज करने लगी. और देखते ही
देखते दोनो ने एक दूसरे की शलवारो का नाडा खोल दिया और एक साथ ही दोनो की शलवारें नीचे फ्लोर पे गिर पड़ी और दोनो नंगी हो गयी और इधर मैं भी अपने कपड़े निकाल के नंगा हो गया मेरा लंड बोहोत ज़ोरों से अकड़ गया था और अनु और ऋतु की चूतो को स्प्रिंग की तरह से हिल हिल के प्रणाम करने लगा. दोनो ने भी ब्रस्सिएर नही पहनी हुई थी. अब मेरी आँखें कमरे की धीमी लाइट से ऐसे अड्जस्ट हो गई थी और मुझे इतना सॉफ दिखाई दे रहा था जैसे मैं दिन के टाइम मे देखता हू. मेरे दिमाग़ मे अचानक एक ख़याल आया और मैं अपना कॅमरा वाला मोबाइल और अपने डिजिटल कॅमरा जिस्मै धीमी लाइट मे भी अच्छे रिज़ल्ट की पिक्चर्स और वीडियो की फेसिलिटी थी उठा के ले आया और रेकॉर्ड करने लगा.
अब अनु और ऋतु फिर से टंग सकिंग किस करने लगी और दोनो के हाथ एक दूसरे के चूतदो पे थे जिन्है वो ऐसे मसल रही थी जैसा रोटी पकाने का आटा गून्ध्ते हैं और एक दूसरे से चिपकी हुई थी जिस से उनकी चुचियाँ भी एक दूसरे से रगड़ रही थी और दोनो एक दूसरे को ऐसे अपनी ओर खेच रही थी जैसे एक दूसरे को चोदना चाहती हो और उनकी चूते भी आपस मे रगड़ा खा रही थी. दोनो की चूते बिना बालो वाली सॉफ चिकनी मक्खन जैसी थी.
थोड़ी ही देर मे अनु ने ऋतु को बेड पे ऐसे लिटा दिया जिस से ऋतु का आधा बदन बेड पे था और उसकी टाँगें नीचे फ्लोर पे थी. अनु नीचे फ्लोर पे बैठ गई और ऋतु की टाँगें खेच के अपने शोल्डर पे रख ली और ऋतु की चूत पे ऐसे टूट पड़ी जैसे भूके को बोहोत दीनो बाद खाना मिला हो और ऋतु ने फॉरन ही अनु का सर पकड़ के अपने चूत मे घुसेड़ना शुरू कर दिया और अपनी गंद उठा उठा के अनु के मूह को चोदने लगी और उसके मूह से निकल रहा था आआआहह डीईययड्डिईईईईईईईईईई आईिससीईए शियीयीयीयियी आआआहह बोहोत मज़ा आआ रहाआआअ हाईईईईईई दीएददीईए उउफफफफ्फ़ खाआआअ जऊऊऊ आआआऐईईईईहह और अनु थी के जोश मे ऋतु की पूरी चूत अपने मूह मे डाल के काटने लगी जिस से उसकी क्लाइटॉरिस पे अनु के दाँत लग रहे थे और ऋतु के मस्ती भरी चीखें निकल रही थी ऊऊऊऊऊहह दीईद्द्दीईईई आऐईएसस्स्स्सीईई हीईई आआहह उसकी आँखे बंद हो गई थी और वो अपनी गंद ऊपेर उठा उठा के अपनी चूत को अनु के मूह से रगड़ रही थी और बॅस फिर ऋतु का बदन ऐसे काँपने लगा जैसे किसी ने उसका गला दबा दिया हो उसके मूह से आआआआग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्
ह्ह्ह्ह्ह्ह उउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जैसी आवाज़े निकलने लगी और उसने अनु के सर को पकड़ के अपनी चूत मे बड़ी ज़ोर से घुसा दिया
और वो झड़ने लगी उसका ऑर्गॅज़म चलता रहा और उसके हाथ पैर ऐसे ढीले पड़ गये जैसे उसमे से जान ही निकल गई हो और वो गहरी गहरी साँसें लेने लगी. यह सब देखते हुए मुझे पता ही नही चला के मेरा मूसल जैसा लंड तो पूरी तरह से खड़ा हो गया है और लोहे जैसा सख़्त हो गया है और जोश मे हिल रहा है और लंड के मूह से प्री कम की लकीर निकल के नीचे फ्लोर तक जा रही है.
मुझे हैरानी इस बात की हो रही थी के अनु जो अपने आपको इतना रिज़र्व, सोबर और इनोसेंट पोज़ करती थी कैसे एक नोकारानी की चूत को मज़े ले ले के चाट रही है. ऋतु का ऑर्गॅज़म ख़तम हो गया था और अब उसकी साँसें भी ठीक होने लगी थी तो उसने अनु को जो अभी तक फ्लोर पे बैठी थी उस की बगल मे हाथ डाल के बेड के ऊपेर खेच लिया और ऋतु ने अनु को किस करते करते कहा दीदी आज तो बोहोत ही मज़ा आगेया इतना मज़ा तो इस से पहले कभी नही आया था. इस सेंटेन्स पे मेरे कान खड़े हो गये मतलब था के इन्न दोनो मे यह चूत की चटाई का खेल बोहोत पहले से ही चल रहा था जिसे मैं ने इत्तेफ़ाक़ से देख लिया था. अनु ने भी कहा के हा आज तुम्हारी चूत का रस्स भी कुछ ज़ियादा ही मीठा था लगता था हनी निकल रहा हो और मैं भी आज कुछ ज़ियादा ही गरम हो गयी थी. अनु बेड पे पीठ के बल लेटी थी और ऋतु उसके ऊपेर चढ़ के आ गई और अनु के बदन के दोनो तरफ अपने दोनो पैर घुटनो से मोड़ के अनु की रानो (थाइस) पे बैठ गई और झुक के अनु की चुचिओ को अपने दोनो हाथो से मसल ने लगी ऐसी पोज़िशन मे दोनो की चूते आमने सामने थी. ऋतु जैसे जैसे आगे पीछे होती उसकी चूत अनु की चूत से टच होती और ऋतु एक बार फिर से गरम होने लगी और थोड़ी देर ऐसे ही पोज़िशन मे हिलते हिलते वो मिशनरी पोज़िशन मे अपने पैर पीछे लंबे कर के अनु के बदन पे लेट गयी और अपनी चूत को अनु की चूत से रगड़ने लगी. अनु ने अपनी टाँगे ऋतु के नीचे से निकाल के उसके गंद पे फोल्ड कर ली. अब पोज़िशन ऐसी थी जैसे ऋतु का (लंड) अनु की चूत मे घुसा के चुदाई कर रही हो. ऋतु अपनी गंद उठा उठा के अपनी चूत को अनु की चूत पे ऐसे मार रही थी जैसे एक मेल फीमेल को चोद्ता है और कमरे मे ठप्प ठप्प ठप्प की आवाज़ें आ रही थी और अनु ने अपने हाथ ऋतु की गर्दन मे डाल के उसको अपने ऊपेर खेच लिया और दोनो फिर से टंग सकिंग किस करने लगे. ऋतु के स्पीड बढ़ गई थी और वो ज़ोर ज़ोर से अनु की चूत को अपनी चूत से चोद रही थी और दोनो के मूह से आआआआअहह और उउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स
ऊऊऊऊऊऊहह जैसी आवाज़ें निकल रही थी और उनको जोश मे इतनी भी खबर नही हो रही थी के उनकी इतनी ज़ोर की आवाज़ें मेरे कमरे मे भी आ सकती हैं पर वो तो फुल जोश मे थी. कमरे मे ठप्प ठप्प ठप्प की आवाज़ें बढ़ने लगी और साथ मे उन दोनो की सिसकारिया भी. अनु ने ऋतु को टाइट पकड़ा हुआ था अपने हाथो से और पैरो से और अपनी गंद उठा उठा के उसकी चूत से अपनी चूत को टकरा रही थी दोनो के चुचियाँ बड़ी ज़ोर ज़ोर से हिल हिल के डॅन्स कर रही थी. दोनो के मूह से आआग्ग्ग्घ्ह्ह्ह उउउउग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह उउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह की आवाज़ आई और मैं ने देखा के अनु की ग्रिप और टाइट हो गई और दोनो के बदन कापने लगे दोनो जैसे थक्क गये हो और ऋतु का बदन अनु के बदन के ऊपेर गिर पड़ा दोनो ऐसी गहरी गहरी साँसें ले रही थी जैसे लंभी रेस लगा के आई हो.
थोड़ी देर तक दोनो ऐसे ही लेटे लंबी लंबी साँसें लेती रही और फिर जब उनकी ब्रीदिंग नॉर्मल हुई तो ऋतु ऐसे ही अनु के बदन पे लेटे लेटे ही नीचे को सरकने लगी और अनु की चुचिओ को अपने मूह मे ले के चूसने लगी तो फॉरन ही अनु ने ऋतु का सर पकड़ के अपने सीने मे घुसा लिया अनु को बोहोत मज़ा आने लगा था अपनी चुचिओ को चुसवाने का. ऋतु !अनु की चुचिओ को ऐसे चूस रही थी जैसे सच मे दूध पी रही हो. एक चुचि फिर दूसरी चुचि चूस्ति रही और ऐसी पोज़िशन मे ऋतु की चुचियाँ अनु के थाइस से रगड़ने लगी. थोड़ी देर ऐसे ही चुचिओ को चूसने के बाद देखा के अनु अब ऋतु के सर को नीचे की ओर धकेल रही है जैसे कोई सिग्नल दे रही हो और ऋतु ने भी उसके सिग्नल को फॉरन समझ लिया और नीचे को स्लिप हो गई और अनु की दोनो टाँगो के बीचे मे लेट गई और अनु की चिकनी चूत को किस करने लगी. ऋतु अपना मूह ऊपेर उठा के बोली दीदी तुम्हारी चूत मे से तो मस्त ख़्श्बू आ रही है और तुम्हारी चूत का शेहेद (हनी) भी तो बोहोत ही मीठा है तो अनु हसणे लगी और बिना कुछ बोले के ऋतु के सर को अपनी चूत मे धकेल दिया और अपने दोनो पैरो को ऋतु के बॅक पे फोल्ड कर दिया और अपनी गंद उठा उठा के ऋतु के मूह मे अपनी चूत घुसाने लगी. ऋतु भी फुल जोश मे आ गई और अनु की पूरी चूत को अपने मूह मे भर लिया और अपने दांतो से अनु की चूत को काटने लगी जिस से अनु मस्ती और जोश मे तड़पने लगी और अपनी गंद उठा के अपनी चूत से ऋतु के मूह को चोदने लगी. अनु की गंद बेड से तकरीबन 6 – 8 इंच ऊपेर उठी हुई थी और उसकी आँखें फिर से बंद हो गई थी और उसके मूह से मस्ती की सिसकारिया निकलने लगी आआआआआआहह ऱीतुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ आआअहह आईईसस्स्स्सीईईईई हहिईीईईईईई काअरर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर मेरिइईईईईईईईईई ज्ज्ज्ज्जाआआआन्न्ननननननणणन् आआआहह
खााआआआआआअ लीईईईईईई मेरिइईईईई चूऊऊऊऊऊऊऊथत को काआआआआआआत्त्त दाआआआआआआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल साआआअलीईईए कूऊऊऊऊओ. मैं अनु के मूह से ऐसी बातें सुन के हैरान रह गया के अनु ऐसी गंदी बातें भी कर सकती है काइया. आईईईईईईई रीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईत्त्त्टटटटटटटटटतत्त उउउउउउउउउउउउउउउउउउउ ऊऊऊऊऊओिईईईईईई म्म्म्ममममममाआआआआ और फिर देखा के अनु की गंद जल्दी जल्दी ऊपेर नीचे हो रही है और वो ऋतु का सर पकड़ के अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से ऋतु के मूह मे रगड़ने लगी. ऋतु का सर अभी भी अनु ने अपने हाथो से पकड़ा हुआ था और अनु ने ऋतु के सर को अपने दोनो जाँघो के बीच मे बड़ी ज़ोर से दबा लिया और अनु का बदन काँपने लगा और एक लंबी सी आआआआआआआआअग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊऊओह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स के साथ ही वो झड़ने लगी उसका बदन धीरे धीरे शांत होने लगा और फिर वो शांत हो गई उसका बदन ढीला पड़ गया दोनो हाथ और पैर बेजान हो के बेड पे गिर पड़े अनु लंबी लंबी साँसें लेने लगी. ऋतु थोड़ा ऊपेर को खिसक आई और अनु के साथ ही उसके साइड मे लेट गई और अनु की चुचिओ से खेलने लगी. थोड़ी देर के बाद जब अनु को ऑर्गॅज़म का नशा ख़तम हो गया तो वो दोनो एक दूसरे की तरफ मूह कर के करवट से लेट गये और धीरे धीरे किस करने लगे. अनु बोली ऋतु आज तो तू ने कमाल ही कर दिया ऐसा मज़ा मुझे भी इस से पहले कभी नही आया तो ऋतु बोली हा दीदी मुझे भी कभी नही आया और एक दूसरे के बदन से खेलते खेलते ऋतु बोली के दीदी पता है क्या हुआ आज तो अनु ने पूछा क्या हुआ तो ऋतु बोली के आज जब मैं मेम साहेब के पैर दबा रही थी तो उन्हो ने मुझ से मालिश करने को कहा और जब मैं मालिश करने लगी तो मेम साहेब ने भी अपने जाँघो के अंदर तक मालिश करवाई है. ईतना सुनते ही मेरे कान खड़े हो गये और मैं गौर से सुनने लगा के मेरी मा के बारे मे ऋतु क्या बोल रही है. अनु ने पूछा क्या बोल रही है तू तो ऋतु बोली के हा दीदी आज पता नही मेम साहेब को क्या हुआ था साहेब तो सो गये थे पर मेम साहेब जाग रही थी और मैं जब उनके टाँगें दबा रही थी तो बोली के वाहा से तेल की बॉटल उठा ला और मेरे पैरो पे लगा के मालिश कर दे और जब मैं तेल लगा के मालिश कर रही थी तो उन्हो ने बोला के थोड़ा और ऊपेर तक कर और फिर इसी तरह से थोड़ा और ऊपेर थोड़ा और ऊपेर करते करते मुझे महसूस हुआ के मेरे हाथ उनकी चूत तक चले गये है और फिर भी मेम साहेब थोड़ा और ऊपेर तक कर ऋतु कह रही थी और फिर मुझे अपने हाथो को उनकी चूत तक ले जाना पड़ा और फिर एक दम से मेम साहेब ने मेरे हाथो को अपनी चूत से लगाए लगाए ज़ोर से अपनी
जाँघो से मेरे हाथो को दबा लिया और उनके मूह से बोहोत ज़ोर से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ आईई और मुझे उनकी चूत मे से रस्स की स्मेल आई और उनकी चूत का रस्स मेरी उंगलिओ पे लग गया. मेरे ख़याल से मेम साहेब भी शाएद मेरे मसाज करने से झाड़ गई होगी तो अनु ने कहा यह क्या बोल रही है तू तो उसने कहा मैं सच कह रही हू दीदी और बोली के हो तो सकता है ना दीदी क्यॉंके साहेब तो जल्दी सो जाते है हो सकता है के अब साहेब बोहोत ज़ियादा ऑफीस मे काम करते थक्क जाते होगे और हर वक़्त काम के बारे मे ही सोचते रहने की वजह से उनका लंड नही उठ ता होगा इसी लिए मेम साहेब भी मेरे मसाज करने से गरम हो गई होगी क्या पता. इस से पहले भी ऐसा हो चुका है पर मैं ने इतना ध्यान नही दिया आज जब मेरा हाथ डाइरेक्ट मेम साहेब की चूत पे लगा तो मुझे पता चला के मेम साहेब भी बोहोत ही गरम है और उनको भी सेक्स की इच्छा होती होगी.
इतना सुन के मेरा बदन और जलने लगा और मैं सोचने लगा के क्या ऋतु सच बोल रही होगी क्या बड़ी उमर की औरतों को भी ऐसे ही जोश आता होगा. मैं कुछ देर तक अपनी ही सोचो मे गुम्म हो गया.
थोड़ी देर तक दोनो बातें करते रहे और फिर मैं ने गौर से सुना तो अनु के खर्रातो की आवाज़ आ रही थी वो नंगी ही सो गई थी और ऋतु अपने कपड़े पहेन के अनु के नंगे बदन पे शॉल डाल के कमरे का डोर खोल के दबे क़दमो से नीचे उतर गई और मैं भी अपने बेड पे चला गया पर सोने से पहले दोनो के नाम की मूठ मारना नही भुला.
इसी तरह से दोनो के खेल चलते रहे. डेली रात को ऋतु ऊपेर आती और अनु के साथ मिलके चूत चटाई और चुचिओ की चुसाइ का खेल खेलते रहते. मैं रोज़ रात को उन दोनो के पिक्चर्स और वीडियोस बनाता रहा.
एक दिन ऐसा हुआ के लेट ईव्निंग मे शालु हमारे घर आई और शालु और अनु दोनो ख़ुसर पुसर करने लगे तो मैं समझ गया के आज दाल मे कुछ काला ज़रूर होने वाला है और अनु का इरादा शालु के साथ मज़े करने का है. डिन्नर टेबल पे ही अनु ने बता दिया था के शालु आज रात यही रहने के लिए आई है तो मैं समझ गया के आज का प्रोग्राम पक्का है. मैने आस यूषुयल डिन्नर के टाइम पे इह बोल दिया के मैं आज बोहोत थक्क गया हू और सोने के लिए जा रहा हू और अपने कमरे मे आ गया. लाइट बंद कर के दरवाज़े को थोड़ा सा खुला रख के लेट गया और ऐसे पोज़ करने लगा जैसे मैं गहरी नींद मे हू. डिन्नर के थोड़ी देर तक सब
लोग नीचे ही बैठे बातें करते रहे जब मम्मी और डॅडी सोने के लिए चले गये तो अनु और शालु ऊपेर की तरफ आ गये और टीवी के रूम मे ही बैठ गये और टीवी देखने लगे शाएद सेक्स चॅनेल देख के कुछ गरम होना चाहते होंगे. मैं इंतेज़ार करने लगा और अपना डिजिटल कॅम और मोबाइल रेडी कर के रख लिया.
शाएद आधा घंटे के बाद मुझे हसी की आवाज़ें आने लगी और टीवी का रूम बंद करने की आवाज़ आई और मैं बेड पे लेट के खर्राटे मारने लगा. मेरे कमरे का डोर खुला अनु ने अंदर झाँका और शालु से कहा के राज तो सो गया चलो मेरे कमरे मे. शालु और अनु उसके कमरे मे आ गये और आस यूषुयल कमरे की लाइट बंद कर दी और बाथरूम के ज़ीरो बल्ब की लाइट को खुला रखा इस टाइम बाथरूम का डोर भी थोड़ा सा खुला छोड़ दिया जिस से कमरे मे धीमी रोशनी आ रही थी और इतनी लाइट थी के मैं हर चीज़ सॉफ देख सकता था. शालु आंड अनु एक दूसरे से लिपट के प्यार करने लगी. शालु बोली ओह अनु कितना याद किया री मैं ने तुझे. मुझे तो रातो मे नींद भी नही आती थी तू ने मुझे वो मज़े लेना सिखाया है के मैं तड़पति रहती हू और तुझे याद करती रहती हू तो अनु बोली के मेरे पास क्यों नही आई फिर तो शालु बोली के तुझे तो पता है ना के पापा जब घर मे होते है तो मुझे पर्मिशन नही मिलती रात मे बाहर रहने की. आज तो पप्पा टूर पे है इसी लिए मम्मी से बोल के आ गई. इतनी देर मे दोनो एक दूसरे के कपड़े उतार चुके थे. शालु को पहली बार नंगा देखा तो दंग रह गया क्या मस्त बदन था शालु की चुचियाँ भी अनु और ऋतु से थोड़ी बड़ी थी और उसका अरेवला भी पिंक कलर का था जैसे अनु का. ऋतु का अरेवला तो लाइट ब्राउन कलर का था. शालु भी बोहोत ही गोरी रंग की अच्छे ख़ासे घटेले बदन की लड़की थी. अनु से थोड़ी लंबी और थोड़ी मोटी भी थी. गोल गोल कड़क 36 साइज़ की मस्त टाइट चुचियाँ और चूत तो तीनो की मक्खन जैसी चिकनी ही थी. लगता था के शालु ने भी अभी अभी चूत की झातो का शेव किया है. शालु की चूत की पंखाड़िया थोड़ी मोटी थी अनु और ऋतु की चूत की पंखाड़िया तो अभी बोहोत ही पतली थी और एक दूसरे से मिली हुई थी देखने से एक लकीर जैसी चूत दिखती थी जबके शालु की चूत के पंखाड़िया अनु और ऋतु की चूत की पंखाड़ियों से थोड़ी मोटी और थोड़ी सी अलग थी एक दूसरे से मिली हुई नही थी.
अब मैं ने भी अपने कमरे का दरवाज़ा अंदर से लॉक कर लिया यह सोच के के अगर कोई अचानक ऊपेर आ जाए तो उसे पता नही चले के मैं यह सब खेल देख रहा हू और पिक्चर्स और वीडियो बना रहा हू और अपने कपड़े निकाल के नंगा हो गया मेरे लंड का तो बुरा हाल था अकड़ के लोहे जैसा सख़्त हो चुका था
और जोश मे हिल रहा था जैसे दो चूतो को सल्यूट कर रहा हो. मैने डिजिटल कॅमरा स्टार्ट कर दिया और सारा सीन वीडियो की शकल मे सेव होता रहा और अपने मोबाइल से कुछ पिक्चर्स लेने लगा.
मुझे विंडो मे से सॉफ नज़र आ रहा था दोनो नंगी खड़ी थी और किस्सिंग मे बिज़ी थी और दोनो के हाथ कभी एक दूसरे की चूतो को मसल्ने लगते तो कभी चुचिओ को दबा ने लगते. शालु कुछ ज़ियादा ही उतावली हो रही थी क्यॉंके उसने यह मज़ा बोहोत दीनो से नही उठाया था इसी लिए पहले अनु ने शालु को बेड पे लिटा दिया और खुद उसके ऊपेर चढ़ गई और उसकी रानो (थाइस) पे बैठ के शालु की चुचिओ को रगड़ने लगी और अपनी चूत को शालु की चूत से रगड़ने लगी फिर झुक के उसकी चुचिओ को चूसने लगी. शालु ने अनु के सर को ज़ोर से पकड़ के अपने सीने से दबा लिया और सिसकने लगी आआआअहह आनुउउउउउउउउउउउउउउउउउउ मेरिइईईईईईईईईईई जाआआआआआआन्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न आईसस्स्स्सीईई हीईीईईईईई कार्रर्ररर आअहह और उसकी रानो पे ऐसे आगे पीछे होने लगी जैसे जॉकी हॉर्स रेसिंग मे घोड़े पे आगे पीछे होता है. थोड़ी देर के बाद शालु बोली अनु मुझे भी तो अपनी चूत का स्वाद दे तो अनु पलट गई और दोनो 69 की पोज़ीशन मे आ गये. अनु घुटने मोड़ के शालु के सर के दोनो तरफ अपने पैर रख के झुक गई और शालु की चूत मे मूह डाल के किस करने और उसकी चूत चाटने लगी तो शालु ने अपने टाँगें मोड़ ली और अपनी गंद उठा उठा के चूत को अनु के मूह पे मारने लगी. आनू के दोनो हाथ शालु की गंद के नीचे आ गये और उसके चूतदो को उठा के अपने मूह मे उसकी चूत लेने लगी. अनु जो शालु के ऊपेर थी अपनी गंद उठा उठा के चूत को शालु के मूह पे मारती रही जैसे उसके मूह को चोद रही हो. दोनो एक दूसरे की चूतो को चाट ते रहे और सिसकारियाँ भरते रहे आआआआआआआहह षाआअल्लुउउउउउउउउउउउउउ आज तेरी चूत तो कुछ ज़ियादा ही रसीली और स्वादिष्ट हो रही है रे आहह देख कितना रस्स छोड़ रही है तो शालु बोली हा क्या करू कितने दिनो से तड़प रही हू और अगर आज मैं तेरे पास नही आती तो शाएद मैं पागल हो जाती इतना मूड आ गया था और तेरे मूह मे अपनी चूत का सोच सोच के सुबह से ही मेरी चूत बार बार गीली हो रही थी आअहह आईसीईए हीईीईईईईई काआररररर आन्न्न्न्नुउउउउउउउउउउउ मैईईईई आआआ रहियीईईईईईईईईईईईईई हूवूऊयूवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊयूयुयूवयू… आअहह मैईईईईईईईईई आआआअ र्रर्राआआअहहिि हुउउउउउउउउउउउउउ और शालु का बदन बुरी तरह से काँपने लगा और वो झड़ने लगी. शालु की चूत से रस्स का फव्वारा फूट पड़ा. अनु शालु की चूत का
सारा रस्स पीती रही और अब उसके धक्के भी तेज़ होने लगे और एक ही मिनिट के अंदर अनु के मूह से निकला आआआअग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह श्स्स्श्ह्ह्हाआआल्ल्ल्ल्ल्लुउउउउउ मैईईईईईईईईईई भ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईइ आआआआआअ र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररराआआहहिईीईईईईईई हुउउउउउउउउउउउउउ और वो भी काँपते हुए झड़ने लगी और बे दम हो के उसके ऊपेर गिर पड़ी. दोनो गहरी गहरी साँसें लेने लगी.
थोड़ी देर के बाद दोनो फिर से एक दूसरे के साथ लेट गये और चूमने लगे. शालु तो कुछ ज़ियादा ही सेक्सी हो गई थी 2 – 3 मिनिट के अंदर ही उस्मै जोश भर गया और वो अनु की चुचिओ को चूसने लगी और अनु की चूत को अपनी हथेली से मसाज करने लगी और अनु भी शालु की चूत का मसाज करने लगी. अब शालु अनु के ऊपेर चढ़ के पलट गई और फिर से वो दोनो 69 की पोज़िशन मे आ गये. शालु ऊपेर थी और अनु नीचे दोनो के घुटने मुड़े हुए थे और एक दूसरे की चूतो को चाटने लगी और एक दूसरे की चुचिओ को मसल्ने लगी. शालु अपनी गंद उठे उठा के अनु के मूह पे अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से पटक रही थी वो तो जोश मे दीवानी हो गई थी अनु के दाँत शालु के क्लाइटॉरिस से लगते तो वो मज़े से सिसकारिया निकालती. अभी यह दोनो मस्ती मे आ के ज़ोर ज़ोर से एक दूसरे की चूतो को चाट रही थी और शाएद झड़ने के कगार पे थी उसी टाइम पे दरवाज़ा धीरे से खुला और ऋतु कमरे मे अंदर आ गई. एक मिनिट के लिए तो शालु आंड अनु दोनो चोंक गये पर ऋतु को देख कर मुस्कुराने लगे. कमरे का दरवाज़ा शाएद ऋतु के लिए ही खुला छोड़ा था. ऋतु ने अंदर आ के कमरा अंदर से लॉक कर दिया और जल्दी से अपने कपड़े उतार ने लगी इतनी देर मे वो दोनो एक दूसरे से लिपटे काँपने लगे और झड़ने लगे. कुछ ही देर मे दोनो के बदन ढीले पड़ गये और शालु ऊपेर से स्लिप हो के नीचे लेट गई.
ऋतु शाएद मोम के पैर दबा के उनके सोने का वेट कर रही थी और जब पक्का यकीन हो गया के दोनो सो गये है तो वो ऊपेर आ गई. इतनी देर से ऋतु को शुवर पता होगा के ऊपेर क्या हो रहा है और शाएद उसका सारा ध्यान शालु और अनु के नंगे बदन पे था इसी लिए दोनो के सोते ही वो दबे पाँव ऊपेर आ गई और कमरे मे घुस गई और आते ही अंदर से बंद कर दिया और अपने सारे कपड़े उतार के नंगी हो गई.
ऋतु फुल मस्ती मे आ गई थी और अपने कपड़े निकाल के नंगी हो चुकी थी और अपनी चूत को अपने हाथ से रगड़ते हुए दोनो को ऐसे देख रही थी जैसे कोई भूकि शेरनी अपने शिकार को देखती है. देखते ही देखते ऋतु बेड के ऊपेर आ के शालु और अनु के
बीचे मे घुटने मोड़ के बैठ गई और अपने दोनो हाथो से दोनो की चुचिओ को मसल्ने लगी अनु और शालु ने भी अपने अपने एक एक हाथ बढ़ा के ऋतु की दोनो चोचिओ को पकड़ लिया और दबाने लगी और उसके निपल्स को काटने लगी. ऋतु पूछने लगी के कितने राउंड हो गये है दीदी ? तो शालु हस्ते हुए बोली के अभी तो सिर्फ़ 2 राउंड ही हुए है और अभी तो सारी रात पड़ी है और अब तू भी आ गई है तो सारी रात राउंड ही चलते रहेंगे और तीनो मिल के हस्ने लगी. अनु अपनी जगह से उठ गई और ऋतु को वाहा लिटा दिया और बोली के मुझे ऋतु की रसीली चूत बोहोत पसंद है और यह कहते हुए वो ऋतु की टाँगें खोल के उसकी टाँगो के बीच मे पेट के बल लेट गई और उसकी चूत को किस करने लगी. अनु का मूह उसकी चूत पे लगते ही ऋतु मस्ती मे पागल हो गई और अपने पैर घुटने से मोड़ के अनु का सर पकड़ के अपनी चूत मे घुसा लिया और अपनी गंद उठा के अनु के मूह से रगड़ने लगी. ऋतु इतनी गरम हो गई थी के वो अनु का मूह अपनी चूत मे फील करते ही झड़ने लगी. इतने मे शालु अपनी जगह से उठ के ऋतु के सर के दोनो तरफ अपने घुटने मोड़ के उसके मूह पे अपनी चूत रख के बैठ गई और ऋतु शालु की चूत को ऐसे चूसने और काटने लगी जैसे चूत की भूकी हो. अब शालु घुटनो के बल हाफ उठ गई और अपने दोनो हाथ आगे को कर के ऑलमोस्ट लेट गई और अपनी गंद उठा उठा के चूत को ऋतु के मूह पे ऐसे मारने लगी जैसे चोद रही हो. अब पोज़िशन ऐसी थी के ऋतु पीठ के बल लेटी हुई थी और उसकी दोनो खुली हुई टाँगो के बीच मे अनु लेट के ऋतु की मक्खन जैसी चिकनी चूत को अपनी जीभ से चाट रही थी और शालु ऋतु के मूह पे उल्टा लेटी अपनी गंद उठा उठा के ऋतु के मूह को चोद रही थी. ऋतु अपनी उंगली शालु की चूत मे डाल के वाहा से उसका रस्स निकाल के शालु की गंद मे लगा दिया और अपनी उंगली शालु की गंद मे घुसेड़ने लगी जिस से शालु का जोश और बढ़ गया. इतने मे ऋतु के मूह से मस्ती की सिसकारिया निकलने लगी और बोल रही थी आआआआआअहह डीईएद्द्दीईईईईईईई खाआअ जाऊओ आआहह काआआत्त्त्त डाआआआआलो मेर्र्रिईईईईईई कक्चूऊऊऊथततटतत्त ककककूऊऊऊओ आऐईईसस्स्स्स्सीईईई ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईईईई आआआआअग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्
ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और अपनी गंद उठा के ज़ोर ज़ोर से अनु के मूह पे अपनी चूत को रगड़ने लगी और अपने दोनो हाथो से शालु की कमर को पकड़ा हुआ था और ऋतु का बदन काँपने लगा और वो फिर से झड़ने लगी. अनु उसकी चूत का सारा रस्स पी गई और बॅस उतने मे ही शालु चिल्लाने लगी काआआआआत्त्त्त्त्त्त दाआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल ऱीइत्त्त्त्त्त्त्त्तुउउउउउउउउउउउउउउउउ क्क्हाआआआआअ ज्ज्ज्ज्ज्ज्जाआाआअ मेररीईईईईईईईईईईई कककककककचूऊऊऊऊऊऊऊऊथततटटटटटटटटटटतत्त ऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईई म्माआआआआआआआआअ
ऊऊऊऊओिईईईई ऱीईईत्त्त्तुउउउउउउउउउउउउउउउउउ मैईईईईईईईईईई आआआ र्र्राआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईइ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउउउउउ आआआआआहह और शालु का बदन भी काँपने लगा और वो भी झड़ने लगी. शालु और ऋतु दोनो झाड़ के शांत हो चुके थे.
थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहे फिर तीनो बेड पे एक साथ लेट गये ऋतु को बीच मे लिटा दिया और एक तरफ अनु और दूसरी तरफ शालु थी एक दूसरे से चिपके हुए थे उनके कमरे से तीनो की चूतो से निकले हुए रस्स की मधुर सुगंध आ रही थी और मेरे लंड को दीवाना बना रही थी. मैं ने महसूस किया के मेरे लंड से बिना मूठ मारे के मलाई की गाढ़ी गाढ़ी पिचकारियाँ निकल रही है और उड़ उड़ के दीवार पे गिर रही है.
घड़ी देखी तो रात के 3 बज रहे थे. कमरे मे अनु और शालु तो नंगे ही गहरी नींद सो गये पर ऋतु को नीचे सोना था इसी लिए वो अपनी जगह से उठ गई और दोनो के नंगे बदन पे एक एक शॉल डाल के अपने कपड़े पहेन के नीचे उतर गई. मैं भी अपनी जगह से हट गया और चेक कर लिया के सारा वीडियो और पिक्चर्स बोहोत ही अछी तरह से रेकॉर्ड हुई थी. मेरे चेहरे पे एक मुस्कान आ गई और एक प्लान बना ने लगा और फिर पता नही चला के मैं कब सो गया.
सुबह को ब्रेकफास्ट की टेबल पे अनु और शालु ऐसे पोज़ कर रही थी जैसे रात उनके बीच कुछ हुआ ही नही और वो ऐसे अपनी पढ़ाई की बातें कर रही थी जैसे सारी रात पढ़ाई कर रही हो. मैं दिल ही दिल मे मुस्कुराने लगा और उनकी आक्टिंग की दाद देने लगा के दोनो बड़ी ज़बरदस्त आक्टर्स है. इसी तरह से दिन बीत ते गये, कभी अनु और ऋतु तो कभी अनु, शालु और ऋतु अपने अपने चूत चटाई के खेल मे लगे रहे. और मेरे पास वीडियोस और पिक्चर्स का अछा ख़ासा स्टॉक जमा हो गया. कुछ दीनो बाद अनु के एग्ज़ॅम्स शुरू भी हो गये और ख़तम भी हो गये. मुझे पता चला के अनु एक वीक के अंदर अपने मम्मी और डॅडी के पास छुट्टियो मे चली जाएगी तो मैं सोचने लगा के मुझे उसके जाने से पहले ही कुछ करना होगा जिसका चान्स मैं ने एक दिन पा ही लिया.
हुआ ऐसे के उस रात मेरे मम्मी और डॅडी आस यूषुयल खाना खा के सो गये. ऋतु मेरे मम्मी के टाँगें दबाने के बाद मम्मी के सोने का वेट करती रही और उनके सो जाने के बाद हमेशा की तरह दबे पाँव ऊपेर आ गई और अनु के कमरे मे घुस के अंदर से डोर लॉक कर लिया. मैं तो अनु को चोदने की
प्लॅनिंग करते हुए जाग ही रहा था. इतने दीनो मे मैं ने बीच की विंडो को ऐसे अड्जस्ट कर लिया था के मुझे उनके रूम का एक एक भाग अछी तरह से सॉफ नज़र आए.
ऋतु जब कमरे मे आई तो उस वक़्त तक अनु थक्क के सो चुकी थी क्यॉंके एग्ज़ॅम्स की तय्यारी के लिए रातो मे जाग जाग कर भी पढ़ाई किया करती थी. कमरे की सारी लाइट्स बंद थी और अंदर पूरा अंधेरा था मुझे भी बड़ी मुश्किल से ही दिखाई दे रहा था. आज अनु कपड़े पहेन के ही सो गई थी शाएद उसे पता था के ऋतु आज नही आएगी या फिर इतनी थक्क चुकी थी के लेट ते ही सो गई. ऋतु अंदर आ गई और डाइरेक्ट अपने कपड़े उतार के सीधे बेड पे चढ़ गई और अनु की नाइटी को ऊपेर करने लगी और उसकी जाँघो तक उठा दिया. आज अनु नाइटी पहेन के सोई थी. ऋतु अनु के थाइस पे अपने हाथ ऐसे फेरने लगी के हाथ अनु की चूत पे भी टच हो रहे थे. आज मैं पिक्चर्स या वीडियो नही बना रहा था क्यॉंके मेरे दिमाग़ मे एक नया प्लान बन रहा था. ऋतु ऐसे ही अनु की जाँघो पे अपना हाथ फेरती रही और धीरे धीरे मसाज करती रही. अब ऋतु से सबर नही हो रहा था तो वो अनु की टाँगें थोडा सा खोल के उनके बीच मे लेट गई और अनु की चिकनी चूत को किस करने लगी. अनु इतने गहरी नींद मई थी के अभी उसको पता भी नही चला के ऋतु उसकी चूत पे किस्सस कर रही है और चाटना शुरू कर चुकी है. थोड़ी देर के बाद शाएद अनु की आँख खुल गई और उसने अपनी टाँगें घुटनो से मोड़ के खड़ी कर ली और ऋतु को अपनी चूत चाटने का अछा मोका दिया. थोड़ी ही देर मे अनु फुल मूड मई आ गई और उसका सर पकड़ के अपनी चूत मे घुसा लिया और सिसकारिया भरती हुई बोलने लगी आआआहह ऱीइत्त्तुउउउउउउउउउउउउ आआअहह बूऊहूऊततततत्त आकककचहााआ ल्ल्लाआअग्ग्ग्ग ऊऊओह आईसीईई शियीयीयियीयियी कक्चहााअटततटटटटतत्त आआहह और अनु अपनी गंद उठा के ऋतु के सर को अपने हाथो से पकड़ लिया और अपनी चूत मे ऋतु के मूह को घुसेड़ने लगी और अपनी चूत को ऋतु के मूह मे रगड़ने लगी. अनु की गंद बेड से तकरीबन 6 इंच तक ऊपेर उठ चुकी थी और ऋतु के मूह पे रगड़ रही थी और एक ज़ोर से आआआआआआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ऊऊऊऊऊवगगगगगगघह की आवाज़ अनु के मूह से निकली और अनु का बदन अकड़ने लगा उसकी गंद बेड से ऊपेर उठ गयी और उसका बदन किसी कमान की तरह से मूड गया और वो काँपते हुए झड़ने लगी और फिर थोड़ी ही देर मे उसका बदन शांत हो गया और वो गहरी गहरी साँसें लेने लगी और फॉरन ही खर्राटे मारने लगी और गहरी नींद सो गयी. शाएद बोहोत ही ज़ियादा थक्क चुकी थी इसी लिए फॉरन ही नींद आ गयी. अब ऋतु क्या कर सकती थी वी अनु के पास ही लेट गई और अनु की चुचिओ
को चूसने लगी पर अनु की आँख नही खुली तो ऋतु बेचारी खुद ही अपनी चूत का मसाज करने लगी. उसकी टाँगें घुटने से मूडी हुई थी और उसकी गंद भी बिस्तर से उठी हुई थी और गंद हिला हिला के अपने ही हाथो अपनी चूत के मसाज का मज़ा ले रही थी और देखते ही देखते सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ऊऊऊऊऊऊऊऊहह और आआआआहह की आवाज़ें निकालते हुए झड़ने लगी और शांत पड़ गई.
अनु की गहरी गहरी सांसो की आवाज़ें आ रही थी और वो बोहोत ही गहरी नींद सो रही थी. ऋतु थोड़ी देर तक वही नंगी लेटी रही जब उसे यकीन हो गया के आज अनु उठने वाली नही है तो उठ के अपने कपड़े पहेन के आहिस्ता से कमरे से बाहर निकल गई. मुझे इतना तो सॉफ दिखाई दे रहा था के अनु की नाइटी अभी भी उसकी चूत तक उठी हुई थी शाएद जाने से पहले ऋतु उसको ठीक करना और शॉल उधाना भूल गई थी.
अनु की चुदाई
जब मुझे यकीन हो गया के ऋतु नीचे अपने कमरे मे चली गई है तो मैं थोड़ा और टाइम दे के धीरे से नीचे उतर गया और अछी तरह से चेक कर लिया के ऋतु सो चुकी है उसके बाद मे फिर से ऊपेर आ गया. मेरी प्लॅनिंग कंप्लीट हो चुकी थी. मैं बॉक्सर्स शॉर्ट्स पहेन के हाथ मे की जेल्ली की बॉटल उठा के अनु के कमरे मे घुस गया और डोर को अंदर से लॉक कर दिया और अपना शॉर्ट्स निकाल के नंगा हो गया और शॉर्ट्स को करीब पड़ी हुई चेर पे डाल दिया. मेरे लंड मे एक पवरफुल एरेक्षन आ चुका था, लंड का सूपड़ा मेरे पेट तक आ गया था और स्प्रिंग की तरह से ऊपेर नीचे हो रहा था और. अनु अंधेरे मे अपने बिस्तर पे टाँगें स्प्रेड किए सोई पड़ी थी उसका सीना गहरी गहरी सांसो से ऊपेर नीचे हो रहा था और उसके सिडोल थाइस और नंगी चूत देख के तो मेरा लंड सल्यूट करने लगा और जोश मे कुछ ज़ियादा ही हिलने लगा. लंड के सुराख मे से कंटिन्यू प्री कम निकल रहा था. मैने जेल्ली के डिब्बे का ढक्कन खोल के अनु के बेड पे अपने करीब ही रख लिया. यह जेल्ली स्परमिसाइडाल ( बच्चा पैदा करने वाले किटानो को मारने वाली ) थी. यह जेल्ली मार्केट मे नयी नई इंट्रोड्यूस हुई थी जिसके लगाने से मोटे मोटे लंड भी छोटी से छोटी टाइट चूत के अंदर भी आसानी से घुस्स जाते थे और इसको लगा के
चोदने से लड़की प्रेग्नेंट भी नही होती थी और सेफ चुदाई हो जाती थी. यह जेल्ली ट्यूब और डिब्बे मे उपलब्ध थी. मैं अनु के करीब वैसे ही बैठ गया और उसकी चूत पे वैसे ही हाथ फिरने लगा जैसे ऋतु थोड़ी देर पहले कर रही थी. आअह क्या मस्त चिकनी मक्खन जैसी चूत थी अनु की और उस्मै से थोड़ी देर पहले निकले हुए जूस की मधुर सुगंध आ रही थी जिसे सूंघ के मेरा लंड अनु की चूत मे घुसने को उतावला हो रहा था. मेरा हाथ चूत पे लगते ही अनु की टाँगें ऑटोमॅटिकली और ज़ियादा खुल गई और मुझे उस्मै लेटने की स्पेस बन गई.
मैं अनु की टाँगो के बीच मे अपने पैर पीछे कर के लेट गया और उसकी चूत पे किस किया और अनु की चूत पे मेरी ज़ुबान लगते ही उसकी मस्ती भरी आवाज़ आई आआआआहह ऋतु तू आगाई आआहह. मैं कुछ नही बोला पर उसकी चूत को चाटने लगा. अनु ने अपनी टाँगें घुटने से मोड़ ली और मेरे सर को पकड़ के अपनी चूत मे घुसाने लगी और अपनी गंद उठा उठा के मेरे दांतो पे अपनी चूत को रगड़ने लगी. उसकी आँखें अभी भी बंद थी. मैने उसकी चूत को चाट ते चाट ते अपनी ज़ुबान को गोल बना दिया और उसकी चूत मे अंदर बाहर करने लगा जैसे जीभ से चोद रहा हू तो वो मस्ती मे पागल हो गई और बोली आआआआआहह ऱीइत्त्तुउउउउउउउउउउउउ आआआआआहह आईईएसस्स्स्स्सीईईई हहिईीईईईईई कार्रर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर आआआआहह मैईईईईई मररर्र्र्र्ररर जौगी आआआहह ईएहह किआआआआआअ कार्रर्र्र्र्र्र्र्ररर राआआआह्ह्ह्ह्ह्हीईईइ हहाआआऐईईई तुउउउउउउउउउउउउउ आआआआआअहह और मैं उसकी चूत के छोटे से सुराख को अपनी गोल ज़ुबान से चोदने लगा अब उसकी गंद बिस्तर से बोहोत ऊपेर तक उठ रही थी ऐसे जैसे मेरी ज़ुबान को चूत के अंदर तक घुसा लेना चाह रही हो. मुझे अब यकीन हो गया के वो फुल मस्ती मे आ गई है और कभी भी झड़ने वाली है तो मैने एक हाथ से की जेल्ली की डिब्बे को अपने लंड के सामने रख के लंड को उसी जेल्ली के गोल मूह वाले डिब्बे मे घुसा दिया और अपने उंगलिओ मे भी थोड़ी सी जेल्ली ले ली. अब मेरा लंड की जेल्ली से फुल था. बहुत ही तेज़ी से उसकी चूत से अपना मूह हटाया और उंगलिओ से जेल्ली उसकी चूत पे लगा के एक उंगली से चूत के सुराख मे गोल गोल घुमाया तो वो और पागल हो गई और मेरे सर को अपनी जाँघो मे ज़ोर से दबाने लगी पर उसकी चूत मे मेरी ज़ुबान नही उंगली थी. अब और देर करना मुझे ठीक नही लगा और मैं एक ही झटके से अपनी जगह से उठा और अनु की मूडी हुई टाँगो के बीच मे थोड़ा सा उठ गया और एक ही मोशन मे अपने हाथ से अपने लंड के सूपदे को उसकी चूत के सुराख मे टीका दिया और अपने दोनो
हाथ उसके बदन के दोनो तरफ रख के एक ही ज़ोर दार झटका मारा तो मेरा लंड उसकी चूत मे आधा घुस्स के अटक गया और अनु के मूह से एक खोफ़नाक चीख निकल गई व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्वूऊऊऊऊऊऊऊऊओईईईईईईईईईईईए म्म्म्ममममममममममममाआआआआआआआआआआआआआअ उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़
आआआआआआआऐईईईईईईईईई हह और उसके साथ ही उसकी मस्ती ख़तम हो गई और उसकी आँख खुल गई और मुझे अपने ऊपेर चढ़ा देख के मेरे मूह पे थप्पड़ मारा और बोली यह क्या कर रहा है तू बदतमीज़ दीवाना तो नही हो गया मैं अभी जा के आंटी से बोलती हू और साथ मे वो दरद से तड़प भी रही थी उसके आँखो से आँसू निकल के बेड पे गिर रहे थे वो बहुत ज़ोर ज़ोर से रो रही थी. मुझे अपने ऊपेर से धकेल रही थी और बोल रही थी के राज्ज हट जा प्लीज़ मुझे बोहोत दरद हो रहा है यह क्या कर रहा है तूऊ मैं आंटी से बोल दुगी आआआआआईईईईईईईईई सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स उउउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ . दर्द से उसने अपना नीचे वाला होन्ट अपने दांतो से दबा रखा था और मुझे अपने ऊपेर से धकेल रही थी पर मैं ने उसको बोहोत ही मजबूती से पकड़ा हुआ था मेरी ग्रिप बोहोत टाइट थी.
मेरा लंड मूसल की तरह नीचे से कुछ ज़ियादा ही मोटा है इसी लिए एक ही झटके मे पूरा अंदर तक नही घुस्स पाया था और एक ही झटके मे लंड उसकी चूत को फाड़ चुका था और तकरीबन आधे अंदर घुस चुका था. मैं अनु के ऊपेर झुक गया और उसके कान मे धीरे से बोला के मैं सब कुछ देख चुका हू के वो और ऋतु एक दूसरे के साथ क्या क्या करते है. मेरा इतना बोलते ही वो चोंक गई और अंधेरे मे भी मुझे लगा के उसके चेहरे का रंग उड़ गया हो और फटी फटी आँखो से मुझे देखने लगी. वो एक सेकेंड के लिए खामोश हुई और उसी टाइम पे मैने भी अपना लंड उसकी चूत से खेच के हेड बाहर तक निकाल लिया और इश्स से पहले के वो यह सोचे के मैं अब कुछ नही करूगा और वापस अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल रहा हू मैं ने एक और बोहोत ही ज़ोर का धक्का मारा और मेरा लंड तो उसकी चूत को पूरी तरह से फड़ता हुआ उसकी टाइट वर्जिन चूत की गहराइयों मे घुस्स गया और उसके मूह से ऑटोमॅटिकली एक और खोफ़नक चीख निकल गई
ऊऊऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईईए म्म्म्ममममममममममममाआआआआआआआआआआआआआअ हाईईईईईईईईईई
माआआआअरर्र्र्र्र्र्र्ररर गाआआआआआययययययययययययईईईईई मीईईईईईईई
ण्न्न्न्न्न्नीईईईईक्क्क्क्क्क्क्काआआआआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल ब्बबाअहीईएरर्र्र्र्र्र्ररर
zzzzzzzआआआआआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईइम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊहह फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़
ण्न्न्न्न्न्न्न्न्न्नाआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईइऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईइ म्म्म्मममममममाआआआआआआआआआ आआआआआआआऐईईईईईईईईई सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स
और उसके हाथ पैर मेरे बदन से निकल के नीचे बेड पे गिर गये और वो थोड़ी देर के लिए बेहोश हो गई. मैं अपने लंड को उसकी चूत मे ही घुसेडे उसके ऊपेर बिना धक्के मारे के लेटा रहा. अनु की चूत बोहोत ही टाइट थी और मुझे लग रहा था के उसकी चूत के सुराख के मसल्स मेरे लंड के बेस को टाइट पकड़े हुए हैं और निचोड़ रहे हैं.
लंड अनु की चूत की गहराइयों मे घुस्स चुका था. एक ही मिनिट के अंदर मुझे महसूस हुआ के अनु के बदन मे हरकत हो रही है तो मैं अपने लंड को आधा बाहर निकाल निकाल के चोदने लगा. अनु दरद से छटपटा रही थी और अपने सर को इधर उधर पटक रही थी और अपने हाथ पैर बिस्तर पे पटक रही थी और मुझे अपने बदन से पीछे को धकेल रही थी और साथ मे मेरे सीने पे मार रही थी और मेरे सीने के बालो को नोच रही थी जिस से पता चलता था के उसको कितना दरद हो रहा है. जब मैं ने उसको बोला के मुझे पता है के वो और ऋतु रातों मे क्या क्या करते है तब से वो ऐसे खामोश हो गई जैसु उसे साँप सूघ गया हो लगता था के कुछ सोच रही थी या वो समझ रही थी के अब मुझे धकेलने से या चिल्लाने से कोई फायेदा नही. वो खामोशी से बेड पे पड़ी टाँगें फैलाए चुदवा रही थी. मैने अपने हाथो को उसकी बगल से निकाल के शोल्डर्स को पकड़ लिया था और उसको किस करने लगा. पहले तो अनु ने मूह नही खोला पर थोड़ी देर के बाद खोल दिया और मुझे अछी तरह से किस करने दिया. अब मैं फुल स्पीड से घचा घच चोद रहा था. मेरा लंड बड़ी तेज़ी से उसकी टाइट चूत के अंदर बाहर हो रहा था और थोड़ी देर के बाद मुझे लगा के अब अनु भी चुदाई को एंजाय कर रही है और उसने हाथ मेरी गर्दन मे डाल के मुझे पकड़ लिया और अपनी टाँगो को मेरे बॅक पे लपेट के मुझे अपने से चिपटा लिया उसकी आँखें बंद थी और गहरी गहरी साँसे ले रही थी और मेरी गंद पे अपने पैर रख के अपनी ओर खेचने लगी अब वो भी चुदाई का मज़ा ले रही थी शाएद उसको इंग्लीश का वो फ्रेज़ याद आगा के “व्हेन रेप ईज़ इनेविटबल, रिलॅक्स आंड एंजाय” मतलब के जब कोई बलात्कार करे और उस से बचने का कोई रास्ता या उम्मीद ना हो तो आराम से चुदवाये और चुदाई के मज़े ले.
मेरी चुदाई से अनु की चुचियाँ हिलते हुए डॅन्स कर रही थी और बड़ी अच्छी लग रही थी तो मैं उसकी चुचिओ को एक के बाद एक कर के मूह मे ले के चूस्ते हुए चोदने लगा. अनु ने मुझे टाइट पकड़ लिया और एक ज़ोर से आआआआआआआआअहह राआआआआजजजज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्
ज्ज्ज्ज्ज्ज ऊऊऊऊऊऊऊऊऊन्न्नननननणणनह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ के साथ ही उसका बदन पहले तो बड़ी ज़ोर से अकड़ गया फिर ज़ोर ज़ोर्से काँपने लगा और वो झड़ने लगी. अनु की चूत उसके जूस से भर गयी थी और लंड बड़ी आसानी से अंदर बाहर हो रहा था मैं लंड को सूपदे तक बाहर निकाल निकाल के बड़ी ज़ोरो से चोद रहा था. मैं बड़ी स्पीड से अनु की टाइट चूत को चोद रहा था कमरे मे चुदाई की पच पच की आवाज़ें आ रही थी और मुझे भी लगा के अब मैं भी झड़ने वाला हू तो अनु को टाइट पकड़ लिया और पूरा लंड सूपदे तक उसकी चूत से बाहर निकाल के एक और पवरफुल स्ट्रोक मारा और मेरे लंड का सूपड़ा उसकी चूत के बोहोत अंदर तक घुस्स के उसके बच्चे दानी से टकराया और मेरे लंड से गरम गरम मलाई की मोटी मोटी पिचकारियाँ निकलने लगी. मेरी मलाई निकलती ही रही और इतनी निकली के उसकी चूत भर गयी लैकिन मैं फिर भी उसे दीवानो की तरह से चोदे ही जा रहा था. मेरी मलाई अनु की चूत मे गिरते ही अनु एक बार फिर से काँपते हुए झड़ने लगी और मुझे टाइट पकड़ लिया. जब मेरी मलाई कंप्लीट निकल चुकी तो मेरे धक्के धीरे धीरे कम हो गये और मैं रुक गया और लंड को अनु की चूत के अंदर ही छोड़ के उसके ऊपेर गिर गया और हम दोनो की साँसें गहरी गहरी चल रही थी आँखें बंद थी. जब हम दोनो अची तरह से झाड़ चुके तो अनु ने मुझे अपने ऊपेर से धकेल दिया और मैं उसके बदन से लुढ़क केगेहरी गहरी साँसे लेता हुआ उसके बघल मे लेइट गया. मेरा लंड अनु की चूत के बाहर निकल चुका था पर उसकी छूट का सुराख जो काफ़ी बड़ा हो चुका था वो अपने आप ही खुल बंद हो रहा था जैसे उसकी चूत के मसल्स अभी भी मेरे लंड को निचोड़ रहे हो.
थोड़ी देर के बाद जब अनु की ब्रीदिंग नॉर्मल हुई और दरद कुछ कम हुआ तो उसने मेरी तरफ अजीब नज़रो से देखा और पूछा तुम्है कैसे पता चल मेरे और ऋतु के बारे मे तो मैं ने बोला के मैं विंडो से देख रहा था और तुम लोगो की बातें भी सुन चुका हू और दोनो को किस करते हुए और नंगे
हो के एक दूसरे की चूतो को चाट ते हुए भी देखा है तो उस ने कहा राज्ज्ज प्लीज़ यह बात किसी को भी नही बताना नही तो मैं बदनाम हो जाउन्गी वो गिड़गिदाने लगी. ऋतु से भी नही कहना प्लीज़ तो मैं ने कहा के ठीक है किसी को भी नही पता चलेगा पर जब मेरा मूड होगा मैं तुम्है चोदुगा तो उस ने कहा के नही राज्ज्ज प्लीज़ मुझे बोहोत दरद हुआ है प्लीईएसस्स नही करो ना कही मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मुसीबत ही खड़ी हो जाएगी तो मैं ने कहा के मैं जो जेल्ली यूज़ कर रहा हू वो स्परमिसाइडाल है उस से प्रेग्नेंट नही होते और कॉंडम भी लगाने की ज़रूरत नही पड़ती तो और स्किन टू स्किन चुदाई का मज़ा ही कुछ और है ऐसा मज़ा जो कॉंडम लगा के चोदने मे नही आता और लंड की क्रीम चूत मे गिरने से प्रेग्नेंट भी नही होती बड़े कमाल की है यह जेल्ली. वो कुछ सोचने लगी पर कुछ बोली नही शाएद वो मेरी इच्छा से सहमत हो गई थी या ना-चाहते हुए भी ज़बरदस्ती राज़ी हो गई थी. जब मैं ने टेबल लॅंप जला दिया और उसको जेल्ली का डिब्बा दिखाया जिसपे स्परमिसाइडाल (स्पर्म को मारने वाली) लिखा हुआ था तो उसके चेहरे पे इत्मीनान आ गया और मैं ने जेल्ली को टेबल पे रख के टेबल लॅंप बंद कर दिया.
थोड़ी देर हम दोनो ऐसे ही लेटे रहे. मेरे लंड को अनु की चूत की भूक अभी ख़तम नही हुई थी मैं अनु को एक बार और चोदना चाहता था. उसके मस्त बूब्स को दबाने लगा और उसके पिंक कलर के किशमिश जैसे निपल्स को भी अपने मूह मे ले के चूसने लगा. अनु और मैं दोनो एक दूसरे की तरफ मूह कर के करवट से लेटे थे. इतनी देर मे मेरा मूसल जैसा लंड फिर से तंन के खड़ा हो गया था और अनु की चूत के सुराख के सामने मस्ती मे लहराने लगा. मैं ने अनु का हाथ पकड़ के अपने अपने लंड पे रख दिया तो अनु ने अपना हाथ हटा लिया पर मैने फिर से उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पे रखा तो उसने लंड को फिर भी नही पकड़ा पर अपना हाथ लंड पे से हटाया भी नही. अपने एक हाथ से अनु की चूत के सहलाने लगा तो अनु ने ऑटोमॅटिकली अपनी एक टांग उठा के मेरे हिप पे रख ली जिस से उसकी चूत थोड़ी सी खुल गई और फिर अनु ने खुद ही मेरे लंड को अपने हाथ मे ले के पकड़ लिया और दबा दिया और बोली उफफफफ्फ़ राज्ज्जज्ज यह तो बोहोत ही मोटा और बड़ा है. यह मेरे इतने छोटे से सुराख मे कैसे घुस गया यह मैं ने कहा के यह एक नॅचुरल बात है. चूत के मसल्स अपने आप ही बड़े और मोटे लंड के हिसाब से अड्जस्ट हो जाते हैं तो वो बोली के मुझे ताज्जुब है के मेरे इतने छोटे से सुराख मे यह इतना बड़ा और इतना मोटा कैसे समा गया. इतनी देर मे मैं अपने हिप्स को आगे पीछे कर के उसके हाथ मे अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और कभी मेरा लंड उसके हाथ से आगे निकलता हुआ उसकी चूत से टकराने लगा. ऐसी बोहोत
सी चीज़ें होती है जो इंसान ऑटोमॅटिकली खुद से ही सीख जाता है. इसी तरह से अनु ने भी मेरे लंड के डंडे को पकड़ के लंड के सूपदे को अपनी चूत के अंदर ऑटोमॅटिकली रगड़ना शुरू कर दिया. मेरे लंड मे से प्री कम कंटिन्यू निकल रहा था. जब मेरे मूसल लंड का सूपड़ा अनु की क्लाइटॉरिस से टच करता तो उसके मूह से आआआआआहह और ऊऊऊऊऊऊऊहह जैसी मस्ती भरी आवाज़ें निकल जाती.
हम दोनो एक दूससरे की जीभ चूस्ते हुए टंग सकिंग किस करने लगे और मैं अपने हाथो से उसके मस्त कड़क चुचिओ को मसल रहा था दबा रहा था तो वो भी फुल मस्ती मे आ गई. मैं पीठ के बल सीधा लेट गया और अनु को अपने बदन के ऊपेर खेच लिया. अभी भी अनु की चूत पे और मेरे लंड पे पहले की चुदाई के टाइम पे लगाई हुई की जेल्ली लगी हुई थी इसी लिए मैं ने उसकी चूत को चाटना या अपने लंड को उसके मूह मे देना ठीक नही समझा. अब अनु मेरे बदन के ऊपेर चढ़ के बैठ गयी. मेरे पैर अभी सीधे ही थे. मेरे लंड मेरे नवल पे पड़ा हुआ था. अनु को अपने ऊपेर ऐसे बिठा लिया के उसकी चूत की पंखाड़ियाँ खुल के मेरे लंड के डंडे के बॅकसाइड पे रखे थे. अनु को अपने ऊपेर झुका के उसकी चुचिओ को चूसने लगा तो वो फिर से मूड मे आ गयी और मेरे लंड के डंडे पे आगे पीछे फिसलने लगी. अनु बोली के देखो राज मुझे अभी तक दरद हो रहा है अब तुम कुछ भी नही करना मेरा सारा बदन दुख रहा है. अभी तक अनु ने एक टाइम भी लंड या चूत का शब्द नही बोला था. मैं ने कहा के तुम फिकर ना करो अब तुम्है कभी दरद नही होगा और तुम्है अब मज़ा ही मज़ा आएगा तुम देख लेना तुम्हारे दरद का टाइम ख़तम हो गया है यह फर्स्ट टाइम चुदाई का दरद ही दरद होता है फिर मज़ा ही मज़ा तो वो कुछ बोली नही बस थोडा सा मुस्कुरा दी.
अनु आगे पीछे हिल हिल के मेरे लंड पे फिसल रही थी. उसकी चूत बोहोत ही गीली हो चुकी थी और मेरे लंड मे से भी कंटिन्यू प्री कम निकलना शुरू हो गया था. कभी मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी छोटी सी चूत के सुराख मे अटक जाता तो वो अपनी जगह से उछल पड़ती और लंड को बाहर निकाल देती पर फिर से डंडे पे बैठ के आगे पीछे फिसलना शुरू कर देती तो मैं समझ गया के अब उसको भी मज़ा आने लगा है. पता नही क्यों मुझे लड़कियों की चूत के अंदर एक ही ज़ोरदार झटके से लंड घुसेड़ने मे बड़ा मज़ा आता है इसी लिए जब मैं ने महसूस किया के अनु की चूत बोहोत ही गीली हो चुकी है और चुदवाने को तय्यार है तो मैं अनु को थोड़ा झुका के उसकी बगल से हाथ निकाल के उसके शोल्डर्स को पकड़ लिया और किस
करने लगा जिस से उसकी चूत मेरे लंड से थोड़ा ऊपेर उठ गई और मेरे लंड का सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे जा के अटक गया. मैने अपनी गंद उठा के उसकी चूत मे सूपदे को अंदर धकेल दिया तो वो चोंक गई पर मैं ने उसको छोड़ा नही ऐसे ही टाइट ग्रिप से पकड़े रखा और फिर ऐसे ही सूपदे को तीन चार टाइम अंदर बाहर करते करते जब उसकी चूत बोहोत ज़ियादा गीली हो गयी उसकी चूत के मसल्स रिलॅक्स हो गये और उसको मज़ा आने लगा और मुझे महसूस हुआ के सूपड़ा उसकी चूत मे आसानी से अंदर बाहर हो रहा है तो अपनी गंद को उठा के एक पवरफुल झटका मारा और साथ मे ही उसके शोल्डर्स को टाइट पकड़ के ज़ोर से नीचे खेच लिया जिस से मेरा आधा लंड उसकी टाइट चूत मे घुस्स गया और वो फिर से छटपटाने लगे चिल्लाई आआआआआआआआईईईईईईईईईईई राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज ऊऊऊऊऊहह न्न्नन्निईीईईिककककककककककाआाालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल ब्बबाअद्ड्द्डमम्माआआसस्स्स्स्स्स्स्शह. अनु मेरे सीने पे हाथ मारने लगी सीने के बाल नोचने लगी और मेरी ग्रिप से निकलने को तड़पने लगी पर मैं ने उसको बोहोत टाइट पकड़ा हुआ था और अपने लंड पे दबा रहा था जिस से वो मेरे लंड के ऊपेर से उठ नही पा रही थी. मेरी टाँगें घुटनो से मूडी हुई थी और वो मेरे लंड पे किसी जॉकी की तरह सवार थी जिसकी वजह से उसको मेरे लंड से ऊपेर उठने का कोई चान्स नही था. अनु को फिर से झुका के उसके चुचिओ को चूसने लगा तो उसकी चूत के मसल्स कुछ रिलॅक्स हो गये और फिर ऐसे ही आधा लंड उसकी गीली टाइट चूत मे अंदर बाहर अंदर बाहर करते करते एक और पूरी ताक़त से धक्का मारा तो लंड पूरा का पूरा जड़ तक उसकी छोटी सी टाइट चूत मे घुस्स गया और उसके मूह से ऊऊऊऊऊऊओिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई और फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ निकला और वो मेरे बदन से चिपेट गई उसकी आँखें ऊपेर की तरफ च्चढ़ गई उसकी आँख से आँसू निकलने लगे और वो मेरे बदन पे गिर गई..
थोड़ी देर तक लंड ऐसे ही अनु की चूत मे डाले रखने के बाद वो रिलॅक्स हो गई और उसकी ब्रीदिंग नॉर्मल हुई तो उसकी लंबी बाहों एक बार फिर मुझे लपेट लिया और उसकी टाँगें भी मेरी टाँगों से लिपट रही थी जैसे ठीक से चुदाई के लिए पोज़िशन ले रही हो थोड़ी देर मे मुझे लगा के अब वो दर्द भूल गई है तो अचानक मैं ने लंड को थोड़ा सा बाहर निकालते हुए एक भरपूर शॉट मारा और मेरा यह शॉट इतना पवरफुल था के वो आआआआआआहह र्र्र्र्र्र्र्ररराआआआआआजजजज्ज्ज्ज्ज्ज ऊऊऊऊऊऊओिईईईईईईईई म्म्म्ममममममममममाआआआआआआआ कहते हुए मुझ से
लिपट गयी और मैं अपनी गंद उठा के उसको मस्ती मे चोदने लगा. थोड़ी देर मे ही अनु भी मज़े ले के चुदवा रही थी उसका सारा दरद ख़तम हो गया था. अब वो मेरे लंड पे ठीक से बैठी थी और उछल रही थी जिस से उसकी चुचियाँ भी हिल हिल के डॅन्स कर रही थी.. जैसा मैं पहले बता चुका हू के सब कुछ नॅचुरली ही इंसान सीख जाता है उसी तरह से अनु भी उछल उछल के चुदवाना सीख गई थी. उसके बाल हवा मे उड़ रहे थे, उसके मस्त बूब्स डॅन्स कर रहे थे मैं उनको अपने हाथो से पकड़ के दबाने और मसल्ने लगा. अनु ने अपने हाथ मेरे चेस्ट पे रखे हुए थे और मेरे लंड पे उछल रही थी. अनु की छोटी सी चूत पूरी तरह से खुल चुकी थी और मेरा लंड उसकी चूत के गहराइयों मे घुस्स चुका था और उसकी बच्चे दानी से लग रहा था. अनु के मूह से मस्ती की आआआअहह राअज्जजज्ज्ज्ज्ज ब्बूहूऊऊऊऊथततटटतत्त मज़ाआअ आआआआआआ र्र्र्र्ररराआआआहहााअ हीईईईईईईईईईई आआआअहह ऊऊऊऊओ और उसकी स्पीड बढ़ गई अब तो तेज़ी से उछल रही थी और उसके मूह से एक बड़ी सी सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स और आआआाअगगगगगगगगगगगगगघह की आवाज़ निकली, उसका बदन थर थर काँपने लगा और वो मेरे बदन पे गिर पड़ी और झड़ने लगी. मैने उसको टाइट पकड़ा हुआ था और वो मेरी बाँहो मे काँप रही थी और झाड़ रही थी. उसकी चूत मे से जूस निकल निकल के मेरे लंड के डंडे से नीचे मेरे गंद के क्रॅक तक चला गया और बेडशीट पे गिरने लगा मैं ऐसे लंड उसकी चूत मे डाले लेटा रहा और वो झड़ती रही उसकी गीली चूत मेरे लंड पे खुल बंद खुल बंद होती रही और चूत के मसल्स मेरे लंड को टाइट पकड़े रहे.. जब उसका ऑर्गॅज़म ख़तम हो गया और उसका झड़ना बंद हो गया तो वो दीवानो की तरह से मेरे मूह पे किस करने लगी और बोलने लगी के राज्ज्जज मुझे तो पता ही नही था के सेक्स मे इतना मज़ा होता है और ऐसा मज़ा तो कभी भी नही मिला. यह क्या कर दिया है तुम ने मुझे. मैं मुस्कुराने लगा और बोला के यह हेट्रोसेक्स मे जो मज़ा है वो होमोसेक्श मे और लेज़्बियेनिज़्म मे नही उस्मै तुमको मज़ा ज़रूर आता होगा लैकिन चूत को ऐसा सॅटिस्फॅक्षन उसी वक़्त मिलता है जब उस्मै चुदाई के बाद लंड मे से निकला हुआ गरम गरम लावा गिरने से मिलता है. लड़की को जब किसी तगड़े लंड का मज़ा लगता है तो वो मज़े से दीवानी हो जाती है और सॅटिस्फाइ हो जाती है इसी तरह से आज तुम्हारी चूत को ऐसा ही एक लंड मिला है जिसने तुम्हारी चूत की प्यास को बुझा दिया. अनु बोली के पर राज मुझे तो ऋतु से भी मज़ा आता है और मैं उसके साथ भी कंटिन्यू करना चाहती हू तो मैं ने कहा ठीक है के कोई बात नही ऐसा होता है लड़की कभी कभी लड़की के साथ भी मज़ा लेती है और लड़के के साथ चुदवाती भी है कोई बात नही तुम ऋतु के
साथ अपने रिलेशन्स कंटिन्यू रख सकती हो तो अनु बोली के राज प्लीज़ ऋतु को नही बताना के तुम ने मेरे साथ यह सब किया है तो मैं ने कहा के कोई बात नही मैं ऋतु को कुछ नही बताउन्गा तुम फिकर ना करो.
मेरा लंड उसकी चूत मे ही फूल पिचक के साँस ले रहा था और इतनी देर मे उसकी चूत भी पूरी तरह से सॅटिस्फाइ हो के रिलॅक्स हो चुकी थी. मैं एक टाइम झाड़ चुका था और दूसरे टाइम इतनी आसानी से झड़ने वाला नही था इसी लिए अनु को अपने ऊपेर लिटाए मैं भी लेटा रहा. अनु मेरे बदन पे लेटी हुई थी और मेरे चेहरे पे किस करने लगी और ऐसे ही किस करते करते फिर से मेरे होंठो पे किस किया तो मैं ने अपना मूह खोल दिया जिस से उसने अपनी ज़ुबान मेरे मूह मे डाल दी और मैं उसकी टंग को चूसने लगा और दोनो फिर से टंग सकिंग किस करने लगे. मेरे दोनो हाथ उसके गंद पे थे और मैं उसके चिकने चूतडो को मसाज कर रहा था और दबा रहा था जिस से उसके बदन मे फिर से वासना जाग उठी और फिर से गरम हो गयी और मेरे लंड जो ऑलरेडी उसकी चूत मे रेस्ट ले रहा था उसपे पे आगे पीछे होने लगी. थोड़ी ही देर मे उसकी चूत फिर से गीली हो गई और वो फिर से मस्ती मे आ गई और मैं भी अपनी गंद उठा उठा के उसको चोदने लगा.
थोड़ी देर तक ऐसे ही धीमी गति से चोदने के बाद अब मे फिर से उसकी चूत मैं ज़ोर ज़ोर से झटके मारना चाहता था इसी लिए अनु को पलटा दिया और अब वो नीचे बेड पे पीठ के बल लेट गई और मैं उसके ऊपेर आ गया. अनु के पैर ऑटोमॅटिकली उठ गये और मेरे बॅक से लिपट गये. मैं अनु के बदन पे झुक गया और अपने पैर पीछे कर के बेड के किनारे से टीका दिया और अपना लंड बाहर निकाल के चोदना शुरू कर दिया. फिर से उसकी बगल से हाथ डाल के उसके शोल्डर्स को टाइट पकड़ लिया और दबा फुल स्पीड से ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा. मेरे एक एक झटके से उसके मूह से हप्प्प्प्प्प हप्प्प्प हप्प्प्प और फफफफफफफूऊऊऊऊ फफफफफफूऊओ ऊऊऊऊओह जैसी आवाज़ें निकल रही थी और फिर से उसकी आँखें ऊपेर चढ़ गई थी और मेरे बदन को फिर से टाइट पकड़ लिया था. मेरे चोदने की स्पीड बढ़ गई थी. फुल स्पीड से चोद रहा था ज़ोर ज़ोर से अपनी गंद उठा उठा के लंड को पूरा सूपदे तक बाहर निकाल निकाल के घचा घच चोद रहा था. मेरे झटको से अनु की चुचियाँ आगे पीछे हिलने लगी थी. अब मुझे भी महसूस हो रहा था के अब मेरी मलाई भी निकलने को रेडी है. मैं दीवानो की तरह तूफ़ानी रफ़्तार से अनु को चोद रहा था उसकी टाइट चूत को चोदने मे बोहोत ही मज़ा आ रहा था उसकी चूत बोहोत ही गीली हो चुकी थी और वो भी अब एक बार फिर से झड़ने के करीब आ
गयी थी इसी लिए मेरे बदन को टाइट पकड़ के लिपट गई थी और उसी समय मैं ने एक इतनी ज़ोर से झटका मारा के उसके मूह से एक चीख निकल गई आआआआआआआआआऐईईईईईईईईईई म्म्म्ममममममाआआआआआआआआआआ सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स और उसका बदन किसी सूखे पत्ते की तरह काँपने लगा और उसकी चूत मे मेरे लंड से निकली गरम गरम मलाई की बरसात होने लगी और मेरे लंड से पहली पिचकारी गिरते ही उसकी चूत भी बर्दाश्त नही कर सकी और झड़ने लगी दोनो का ऑर्गॅज़म साथ साथ चलता रहा मेरे धक्के अब स्लो होने लगे पर हर धक्के के साथ मलाई की पिचकारी निकल निकल के उसकी चूत को भरने लगी और थोड़ी देर मे ही उसकी चूत मे से दोनो का मिला जुला रस्स निकल के उसकी गंद मे से नीचे बेड पे गिरने लगा. जितनी देर ऑर्गॅज़म चलता रहा उसने मुझे टाइट पकड़े रखा और गहरी गहरी साँसे लेती रही उसकी आँखें मस्ती मे बंद हो चुकी थिया फिर जैसे जैसे ऑर्गॅज़म ख़तम होने लगा तो उसकी ग्रिप भी मेरे बदन पे लूज़ हो गई और मैं भी उसके बदन पे लेट गया जिस से उसकी चुचियाँ दब गयी. लंड अनु की चूत के अंदर ही फूल रहा था और धीरे धीरे वो चूत के अंदर ही अंदर नरम होने लगा और एक प्लॉप की आवाज़ के साथी ही बाहर निकल गया जिस से उसकी चूत मे जो हम दोनो का मिला जुला रस बचा हुआ था वो भी बाहर निकल के बेड पे गिरने लगा. अनु फॉरन ही गहरी गहरी साँसें लेने लगी और उसे नींद आ गई और वो खर्राटे मारते हुए सो गयी शाएद यह फिज़िकल और मेंटल सॅटिस्फॅक्षन की नींद थी. मैं उसके बदन पे शॉल डाल के अपने कमरे मे आके सो गया.
सुबह जब ऋतु ऊपेर आई तो अनु शॉल ओढ़े सीधी लेटी पैर फैलाए सोई पड़ी थी. ऋतु अनु के कमरे मे आ गई और बोली दीदी उठो बोहोत देर हो गई है मेम साब और साहेब नाश्ते पे इंतेज़ार कर रहे है तो अनु टॅस से मस्स नही हुई. ऋतु करीब आ गई और हाथ लगा के अनु को जगाने की कोशिश करने लगी पर अनु नही उठी तो ऋतु ने अनु के बदन से चदडार खेच ली उउफफफफ्फ़ दीदी तुम तो अभी तक नंगी सोई पड़ी हो और यह क्या तुम्हारी तो माहवारी ( मेनास ) चालू हो गई है उठो दीदी सारी बेडशीट खराब हो गयी है और इस पे खून लगा हुआ है तो अनु हददबाड़ा के उठ बैठी और देखा के बेडशीट पे तो सच मे खून पड़ा हुआ है तो उसको एक ही मिनिट के अंदर रात की चुदाई की सारी दास्तान याद आ गयी और उसके मूह पे एक अनोखी सी मुस्कान आ गयी और वो धीरे से मुस्कुराने लगी. उसने एक सेकेंड के अंदर फ़ैसला कर लिया के ऋतु को कुछ नही बताना है इसी लिए उसने कहा अरे हा मुझे तो पता भी नही चला के आज मेरा दिन है ( मतलब के अनु की मेनास का दिन है ) और बोली के ऋतु यह बेडशीट उठा ले और लपेट के रख दे बाद मे धो देना. ठीक
है दीदी कहते हुए ऋतु ने बेडशीट को फोल्ड किया और वॉशिंग रूम मे ले गई. अनु जल्दी से उठ गई और बाथरूम मे घुस गई.
अनु नहा धो के फ्रेश हो के नीचे आ गई और सब के साथ नाश्ता किया और बता दिया के वो नेक्स्ट वीक अपने डॅडी के पास जाएगी और कॉलेज स्टार्ट होने के टाइम पे वापस आ जाएगी. अगले 7 दिन तक मैं अनु की जम्म के चुदाई करता रहा. अनु ने ऋतु से कह दिया था के उसके मेनास चल रहे है और वो उसके साथ कुछ नही कर सकेगी और रात को जब ऋतु उस से बातें करके और चूमा चॅटी और कभी तो ऋतु की चूत को चाट चाट कर खुद भी मज़ा लेती और ऋतु तो दीवानी हो जाती और चूत का पानी अनु को पिला के ही वापस नीचे चली जाती तो अनु स्टेरकेस का डोर अंदर से बंद कर देती ताके ऋतु अचानक फिर से ऊपेर ना आजाए और फिर हम अलग अलग पोज़िशन मे खूब चुदाई करते रहे और अनु खूब मज़े ले ले के चुदवाती रही. अनु जिसे मेल्स से नफ़रत थी अब मेरी और मेरे मूसल लंड की दीवानी हो चुकी थी और अपने पेरेंट्स के पास जाने के बाद भी तकरीबन डेली लेट नाइट मेरे मोबाइल पे कॉल किया करती और हम फोन सेक्स किया करते.
अब दोस्तो चलते है दूसरी हसीना की तरफ
ऋतु की चुदाई
मैं पहले ही बता चुका हू के ऋतु उमर मे काफ़ी छोटी थी पर उसका बदन बड़ा घाटेला था और उसके मस्त टाइट चुचियाँ गोल्फ बॉल जैसी छोटी और कड़क थी. कभी कमीज़ के अंदर ब्रस्सिएर पेहेन्ति कभी नही पेहेन्ति थी और जब ब्रस्सिएर नही पेहेन्ति तो चलते समय उसके चुचियाँ एक स्टाइल से डॅन्स करती दिखाई देती और मेरा लंड पॅंट के अंदर ही अंदर खड़ा हो जाता. ऋतु को तो मैं कब से चोदना चाहता था उसकी डॅन्स करती चुचियाँ और हिलते चूतदो को देख कर तो मेरा लंड बोहोत ज़ोर ज़ोर से फडकने लगता था पर कभी ऋतु को चोदने का मोका नही मिला था और साची बात तो यह है के उसको चोदने से डरता भी था क्यों के वो अभी बोहोत छोटी थी और अगर उसकी चूत फॅट गयी और उसने किसी को बता दिया तो एक नयी मुसीबत ही ना खड़ी हो जाए इसी लिए अभी डरता था पर अक्सर सोचता के कम से कम ऋतु से अपना लंड ही चुस्वा डालु और उसको अपने लंड की मलाई खिलाउ.
जैसा के अनु ने कहा था के ऋतु को मेरे और उसके के बारे मे पता नही चलना चाहिए तो मैं ने एक तरकीब सोची. अनु तो अपने मम्मी डॅडी के पास चली गई थी. मेरे मम्मी और डॅडी तो सुबह ही अपने ऑफीस चले जाते और मेरे एग्ज़ॅम्स भी ख़तम हो चुके थे और मैं घर पर ही रहता था. बरसात के दिन शुरू हो गये थे. कभी कभी बरसात होती थी कभी नही और कभी तेज़ होती कभी तो सिर्फ़ बूँदें ही पड़ के ख़तम हो जाती पर मौसम बोहोत ही अछा हो चुका था और ऐसे मौसम मे तो मेरे लंड मे बेचैनी कुछ और बढ़ गई थी. कॉलेज को छुट्टियाँ भी थी घर मे अकेला पड़ा रहता था.
उस दिन सुबह मे बारिश हो रही थे अभी धीमी गति से पड़ रही थी ज़ियादा तेज़ नही हुई थी. मेरे मोम और दाद दोनो सुबह ही ऑफीस को चले गये थे. थोड़ी देर मे ही काम वाली मासी आने वाली थी. मैं ब्रेकफास्ट कर के ऊपेर चला गया और अपने कमरे मे कंप्यूटर पे एक सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा देखते ही देखते बारिश बोहोत ही तेज़ी से होने लगी और बिजली भी बड़ी ज़ोर ज़ोर से कडकने लगी यह शाएद सीज़न की पहली ज़बरदस्त बरसात होने वाली थी मौसम बोहोत ठंडा हो गया था मुझे कॉफी पीने का मॅन करने लगा तो मैं स्टेरकेस पे आ गया और वही से नीचे पुकारने लगा के मासी एक कप गरमा गरम कॉफी तो भेज देना ऊपेर तो ऋतु नीचे से बोली के राज बाबू अभी मासी नही आई है अब पता नही इतनी तेज़ बारिश मे आती भी है या नही तो मैं ने कहा के तुम ही बना लाओ गरमा गरम कॉफी तो उसने कहा ठीक है और मैं ने साथ मे बोल दिया के अगर अभी तक मासी नही आई है तो नीचे का मेन डोर भी लॉक करदो उसने कहा ठीक है राज बाबू बंद कर देती हू और मैं ने ऊपेर से डोर लॉक करने की आवाज़ सुनी और इत्मीनान से अपने कमरे मे आ गया और खिड़की और डोर बंद कर के बैठ गया क्यों के ठंडी हवा चलना शुरू हो गई थी.
मैं ने सोचा के शाएद आज ऋतु को चोदने का मोका मिल जाए. मैं ने वो एन्वेलप निकाला जिस्मै मैं ने अनु ऋतु और शालु की अलग अलग और एक दूसरे की चूते चाट ते हुए पिक्चर्स अपने डिजिटल कॅमरा से छुप के ली थी और कंप्यूटर पे प्रिंट की थी वो एन्वेलप निकाला और बेड पे डाल दिया और मैं कंप्यूटर पे चुदाई के और लेज़्बियन्स लड़कियों के एक दूसरे की चूतो को चाट चाट के मज़े लेते हुए फोटोस देखने लगा. एक तो बोहोत ही क्लियर फोटो थी जिस्मै दो लड़कियाँ एक दूसरे की चूते चाट रही थी और दूसरी पिक्चर मे एक मोटा लंड चिकनी चूत मे आधा घुसा हुआ दिखाई दे रहा था आक्च्युयली कंप्यूटर स्क्रीन पे दोनो पिक्चर्स हाफ हाफ स्क्रीन पे थी और मेरा कंप्यूटर टेबल
ऐसी पोज़िशन मे था के ऋतु जब कॉफी ला के मुझे देगी तो शुवर्ली देख लेगी और अगर टेबल पे रखेगी तो पलट ते समय उसको कंप्यूटर स्क्रीन सॉफ नज़र आ जाएगा और स्क्रीन की पिक्चर देख लेगी. बारिश बोहोत तेज़ हो चुकी थी और दिन का समय ऐसा लगता था जैसे रात हो गई हो. थोड़ी ही देर मे ऋतु ऊपेर कॉफी की ट्रे ले के आ गई और मेरे पीछे रखी हुई सेंटर टेबल पे ट्रे रख के जैसे ही घूमी उसको कंप्यूटर के स्क्रीन पे सेक्स पिक्चर नज़र आ गई और उसके मूह से “छी छी राजा बाबू यह क्या देख रहे हो” निकल गया तो मैं ने पूछा क्या हुआ ऐसी गंदी पिक्चर्स तो नही है इन्हे देखने से क्या होता है तो वो बोली यह सब अच्छी चीज़ नही है और तेज़ी से मेरे कमरे से बाहर निकलने लगी तो मैं ने फिर से पुकारा ऋतु सुनो तो वो डोर के पास ही रुक गई पर पलट के मेरी तरफ नही देखा तो मैं ने कहा वाहा देखो मेरे बेड पे एक एन्वेलप पड़ा है वो इधर लाओ, तो ऋतु पलट के वापस आ गई और एन्वेलप उठा के अपने मूह को दूसरी तरफ करते हुए मुझे एन्वेलप देने लगी तो मैं ने कहा तुम देखो इस्मै क्या है तो वो शरमाते हुए बोली के नही मुझे नही देखना है यह वैसी ही पिक्चर्स होगी जैसे आप कंप्यूटर पे देख रहे हो तो मैं ने कहा अरे नही ऋतु यह ऐसी वैसी पिक्चर्स नही है यह तो अनु के कॉलेज के फंक्षन्स के फोटोस है आज ही डेवेलप करवा के लाया हू तो वो खुशी से एन्वेलप खोलते खोलते कमरे से बाहर जाने लगी तो मैं ने कहा के यह ढेर सारी फोटोस है बाहर बारिश के कतरे पड़ने से खराब हो जाएँगी इन्है तुम इत्मीनान से यही बैठ कर देखो तो वो कन्फ्यूज़ हो गई शाएद वो मेरे कमरे मे नही बैठना चाह रही थी.
ऋतु वापस कमरे मे आ गई और मेरे बेड के कॉर्नर पे बैठ गई और एन्वेलप को एक साइड से पकड़ के उल्टा किया तो एन्वेलप से सारी की सारी पिक्चर स्लिप हो के मेरे बेड पे गिर गई. मैं कंप्यूटर के स्क्रीन से ऋतु को देख रहा था. पहली पिक्चर को देखते ही उसके मूह का रंग उड़ गया और उसके मूह ऑटोमॅटिकली खुला का खुला रह गया और ऑटोमॅटिकली निकल गया “हे भगवान” और उसके हाथो से फोटोस निकल के बेड पे गिर गई और वो मेरी तरफ ऐसे देखने लगी जैसे उसे कुछ दिखाई नही दे रहा हो और उसकी ज़ुबान से एक शब्द भी नही निकला. मैं अपनी चेर घुमा के उसकी तरफ पलट गया और पूछा ऋतु कैसे लगी फोटोस तुम्है, अच्छी है ना, तो वो कुछ नही बोली शाएद सोच मे पड़ गई के अब क्या होगा. ऋतु अपनी जगह से उठी और सीधे मेरी चेर के पास आ गई और मेरे पैरो मे गिर गयी, उसका बदन बड़ी ज़ोर से काँपने लगा और मेरे पैर पकड़ के रोने लगी के प्लीज़ राज बाबू किसी को यह फोटोस नही दिखना नही तो मैं मर जाउन्गी. मैं ने उसको थोड़ी देर रोने दिया फिर उसको शोल्डर्स
से पकड़ के अपने पैरो से उठाया तो वो मेरे सामने घुटने फ्लोर पे टेक के नील डाउन पोज़िशन मे बैठ गयी. मैं ने कहा अरे पगली मैं किसी को भी नही बताउन्गा तू कियों फिकर करती है मैं तो यह सब बोहोत दिनो से देख रहा हू. सच राजा बाबू किसी को भी नही बताओगे ना प्लीज़ तो मैं ने कहा हा नही बताउन्गा और उसके बालो मे उंगलियाँ घुमाने लगा. उसके बदन को हाथ लगाते ही मेरा लाउडा एक दम से मस्ती मे फुल अकड़ के लोहे जैसा सख़्त हो गया और मेरे बॉक्सर्स शॉर्ट्स के अंदर से बाहर निकलने को मचलने लगा. मैं ने उसके सर को पकड़े पकड़े धीरे धीरे अपनी तरफ खेचना शुरू किया तो वो भी अपने घुटनो के बल दो कदम आगे चल के मेरे दोनो पैरो के बीच मे नील डाउन हो के बैठ गयी और मेरी तरफ देखने लगी. उसकी आँखों मे एक अजीब सी बेबसी थी, एक अंजना सा सवाल था, एक खोफ़ था, एक साइलेंट रिक्वेस्ट थी. मैं ने उसका एक हाथ पकड़ केऊपेर उठाया और सीधा अपने लूस बॉक्सर्स शॉर्ट के खुले भाग से अंदर घुसा के अपने आकड़े हुए लंड पे रख दिया और इमीडीयेट्ली उसने अपना हाथ “अरे बाप र्ऱे” कहते हुए शॉर्ट के बाहर खेच लिया मैं ने उसका हाथ फिर से पकड़ा और अपने शॉर्ट के अंदर डाल के अपने फॅन फनाते लंड को उसके हाथ मे थमा दिया जिसे उसने इस टाइम थाम लिया. दोनो के मूह से कुछ भी नही निकल रहा था. ऋतु मेरे लंबे मोटे आकड़े हुए लंड के ऊपेर हाथ रखे रही तो मैं ने उसका हाथ अपने हाथ मे ले के दबाया तो वो इशारा समझ गई दोनो ने कुछ नही कहा जैसे साइलेंट अग्रीमेंट हो गया हो और ऋतु मेरे लंड को पकड़ के दबाने लगी अभी भी उसके मूह से बोहोत धीमी आवाज़ मे निकला “अरे बाप रे यह तो बहुत ही बड़ा है” मैं कुछ बोला नही बॅस मुस्कुरा दिया.
मैं अपने चेर पे थोड़ा सा और पैर खोल के चेर के सामने एड्ज पे आ गया. अब ऋतु मेरे लंड को दोनो हाथो से पकड़ के दबा रही थी. मुझे बड़ी खुशी हो रही थी के यह लड़की जिसे मैं कब से चोदना चाहता था आज वो खुद ही मेरे पैरो मे गिरी पड़ी है और मेरे लौदे को हाथ मे पकड़ के मज़े से दबा रही है. मैं ने ऋतु के सर को पकड़ के अपनी ओर खेचा तो वो एक कदम और आगे आ गई अब पोज़िशन ऐसी थी के मेरा फुल्ली एरेक्टेड आंड थ्रॉबिंग लंड उसके मूह के सामने था. मैं चाहता था के ऋतु ही मेरे बॉक्सर्स की ज़िप खोले पर वो अभी तक नही खोल रही थी तो मैं ने उसका हाथ पकड़ के अपनी बॉक्सर्स शॉर्ट्स की ज़िप के ऊपेर रख दिया तो वो शरमाते शरमाते मेरी तरफ अजीब नज़रों से देखते देखते ज़िप खोलने लगी.
ज़िप का खुलना था के मेरा मूसल जैसा लंड मेरे शॉर्ट्स के अंदर से किसी साँप की तरह से तड़प के बाहर निकल गया और ऋतु के मूह के सामने हिलने लगा तो ऋतु एक दम से घबरा गई और उसका
मूह डर के मारे खुल गया और उसके मूह से फिर से निकला “अरे बाप रे” और सडन्ली उसका मूह थोड़ा सा पीछे हट गया तो मैं हंस दिया और बोला के क्या हुआ कभी लंड देखा नही क्या? तो उसने अपना सर हिला दिया और कहा देखा तो है पर इतना बड़ा और मोटा नही देखा. एक बार फिर से ऋतु बोलने लगी राजा बाबू प्लीज़ किसी से कुछ भी नही कहना हमारे बारे मे नही तो मैं मर जाउन्गी तो मैं ने फिर से दिलासा दिलाया के मैं किसी से नही बताउन्गा बस मैं जैसा कहु तू वैसे ही करती जा तो उसने कहा ठीक है आप जैसा कहेंगे मैं करूगी पर प्लीज़ मैं ने उसे और कुछ कहने नही दिया और उसका मूह अपने लंड पे लगा दिया.
पहले तो वो समझी नही के क्या करना है तो मैं ने फिर से उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पे रखा और वाइज़ ही उसके लिप्स पे अपने लंड का सूपड़ा घुमाने लगा. उसने अपना मूह बंद कर रखा था. शाएद उसे पता नही था के उसको मेरा लंड चूसना है.
अब पोज़िशन ऐसी थी के मैं चेर के एड्ज पे बैठा था, ऋतु मेरे दोनो पैरो के बीचे मे घुटनो के बल बैठी थी. मेरा मूसल लंड उसके मूह के सामने हिल रहा था. मैं ने अपने लंड को अपने हाथो से पकड़ के उसके मूह मे घुसाना शुरू किया तो उसने मूह नही खोला पर सूपड़ा उसके होंठो के बीचे मे घुस के उसके दांतो से रगड़ने लगा. मैं ने ऋतु से कहा चल अब जल्दी से मूह खोल ज़ियादा नखरे मत कर तो वो मेरी तरफ देखने लगी तो मैं ने कहा हा चल खोल मूह जल्दी से और ले इसको चूस. ऋतु ने अपना मूह थोड़ा सा खोला और मेरे लंड को ऐसे मूह मे लिया जैसे टेस्ट कर रही हो और फॉरन ही मूह हटा लिया. अब मैं ने अपने लंड को ज़बरदस्ती घुसाया तो उसने मूह खोल दिया और मेरा लंड उसके मूह मे घुस्स गया पर उसने चूसा नही ऐसे ही मूह खुला रखा तो मैं ने लंड को थोड़ा प्रेशर दिया तो लंड उसके थ्रोट तक घुस्स गया और उसके मूह से आआग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह गगगगगगगगघह जैसी आवाज़ निकल गई और उसके गले की रगे तंन के मोटी हो गई और उसकी आँखें बाहर को निकल गई और उसने अपना मूह लंड से बाहर खेचना शुरू किया तो मैं ने कहा अगर नही चूसेगी तो ऐसे ही हलक़ के अंदर तक घुसा दूँगा तो उसने बिना कुछ कहे अपना सर हिला दिया तो मैं ने उसके सर पे से अपना हाथ ढीला कर दिया.
अब ऋतु ने अपना मूह ऊपेर नीचे कर के मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया था. मैं ने अपना हाथ उसके सर पे रख दिया और उसके मूह को चोदने लगा. ऋतु थोड़ी देर तक ऐसे ही मेरे लंड को चूस्ति रही फिर मैं ने उसका मूह अपने लंड से हटा दिया तो उसने इत्मेनान की साँस ली और समझी के शाएद उसका काम ख़तम हो गया और वो अपनी जगह से उठने लगी तो मैं
ने कहा चल अब अपने कपड़े उतार तो वो मेरी तरफ दया की नज़रो से देखने लगी तो मैं ने कहा चल जल्दी कर तो उसने कहा क्यों बाबू कपड़े क्यों उतारू. मुझे लज्जा आती है प्लीज़ बाबू ऐसे ना करो ना तो मैं ने कहा अपनी चूत चटवाने और अनु और शालु की चूतो को चाटने के टाइम पे तो कपड़े उतार के नंगी हो जाती है तब तुझे लज्जा नही आती और मेरे सामने नंगी होते तुझे लज्जा आती है चल उतार जल्दी से, तो उसने कुछ नही कहा अपनी जगह से उठ के खड़ी हो गई तो मैं ने कहा चल जल्दी कर मैं तुझे नंगी देखना चाहता हू. उसने एक बार फिर से दया की नज़रो से देखा तो मैं ने अपनी उंगली को ऐसे नीचे से ऊपेर किया जैसे कह रहा हू के जल्दी से निकाल. ऋतु पलट गई और अपने शर्ट के बटन्स खोलने लगी तो मैं ने कहा हे इधर पलट के खोल मैं तुंझे नंगा होते देखना चाहता हू. इतनी देर मे एक ज़बरदस्त बिजली चमकी और गूँज से बारिश और ज़ियादा तेज़ हो गई. बारिश इतनी तेज़ी से हो रही थी जैसे लगता था के दिन के 11 नही रात के 11 बजे हैं. बाहर का मौसम तो ठंडा था पर कमरा और मैं गरम था. ऋतु ने एक बार फिर से कोशिश की के बाबू ठंड लग रही है तो मैं ने उठ के कमरे की खुली हुई विंडो भी बंद कर दी जिस से कमरे मे बाहर की ठंडी हवा आ रही थी. इतनी तूफ़ानी बारिश मे किसी के आने की उम्मीद नही थी और घर का मैन डोर भी लॉक था. मम्मी और डॅडी भी शाम से पहले घर आने वाले नही थे. घर मे मेरे और ऋतु के सिवा कोई नही था. इसी लिए ऋतु को तडपा तडपा के इत्मीनान से चोदना चाहता था और वो किसी नन्ही सी मासूम कबूतरी की तरह से डरी सहमी बड़ी अछी लग रही थी जिसे देख के मेरे लंड मे एक नया जोश आ गया था..
ऋतु धीरे धीरे अपने बटन्स खोलने लगी और जब सारे बटन्स खुल गये फिर भी अपने हाथ वही रहने दिए और शर्ट नही उतारी तो मैं ने कहा के खुद उतारेगी या मैं उतारू तो वो बोलने लगी राजा बाबू प्लीज़ ऐसे ना करो मुझे लज्जा आती है. मैं सोच मे पड़ गया के मैं खुद ही उसके कपड़े फाड़ डालु या उसको ही उतारने दू. फिर यह डिसाइड किया के वो खुद ही मेरे सामने नंगी होगी और उसको बोला के देख ऋतु अगर तू कपड़े नही उतारेगी तो यहा से चली जा मैं तुझे कुछ नही करूगा तो उसकी आँखो मे एक चमक आ गई शाएद वो खुश हो गई थी फिर मैं ने अपना सेंटेन्स कंप्लीट किया के देख बाद मे अगर किसी ने यह पिक्चर्स देख ली तो मुझे कुछ नही कहना तो वो फिर से डर गई और बोली के ठीक है बाबू खोलती हू. ऋतु ने अपनी शर्ट को अपने हाथ ऊपेर कर के बाहर निकाल दिया. ऋतु शाएद ब्रस्सिएर नही पहनती थी या उसकी छोटी छोटी से चुचिओ के लिए ब्रस्सिएर्स मार्केट मे नही मिलते थे मुझे नही मालूम. उसके मस्त छोटे छोटे कॉनिकल शेप की कड़क चुचियाँ मेरे
सामने थी. चूचियों पे छोटे छोटे से लाइट ब्राउन कलर के निपल्स जो अभी पूरी तरह से बने भी नही थे बड़े मस्त लग रहे थे जिन्है देखते ही मेरे लौदे मे एक नया जोश आ गया और मेरा लंड खुशी और मस्ती में झूमने लगा के आज एक नयी और कुँवारी चूत को चोदना है, नाचने लगा और लहराने लगा पर अपने आप को कंट्रोल मे रखते हुए कहा के चल अब जल्दी से अपनी सलवार उतार तो वो फिर से कहने लगी रहने दो ना बाबू अपनी कमीज़ तो निकाल दी ना अब सलवार को रहने दो ना प्लीएअसीई तो मैं ने फिर से डराया देख तेरी मर्ज़ी बाद मे मुझे कुछ ना कहने तो वो मेरी धमकी को समझ गई और अपनी सलवार का नाडा खोलने लगी. जैसे ही उसने नाडा खोला उसकी सलवार सरर से नीचे गिर पड़ी और ऋतु ने फॉरन अपने दोनो हाथो से अपनी छोटी सी बेबी चूत को छुपा लिया तो मैं ने कहा चल अब ज़ियादा नखरे मत्त कर और हाथ हटा, मुझे देखने दे तो उसने शरमाते हुए धीरे धीरे अपने हाथ हटा लिए. अब वो मेरे सामने एक दम से नंगी खड़ी थी. उसका साँवले कलर का बदन बड़ा सेक्सी लग रहा था. उसकी चूत पे बोहोत छोटी छोटी मुलायम से झांतो जैसा रूवूवा था शाएद अभी झांट आने नही शुरू हुए थे एक दम से चिकनी मक्खन जैसी ब्रांड न्यू चूत मन कर रहा था के अभी उसकी चूत पे मूह लगाउ और चूसना शुरू कर्दु पर अपने आपको कंट्रोल किया. चूत की पतली पतली पंखाड़िया एक दूसरे से जुड़े हुए थे और चूत उसके जाँघो मे एक लकीर जैसी बन गई थी. वाह क्या बताउ कितनी मस्त जवानी थी ऋतु की.
कॉनिकल शेप की छोटी सी कड़क चुचियाँ और छोटे छोटे ब्राउन निपल जो अभी पूरी तरह से आए भी नही थे और पतली पंखाड़ियों वाली चिकनी चूत ऋतु नंगी खड़ी दर से कांपति हुई बोहोत सेक्सी लग रही थी. काम करते रहने से उसका बदन घाटेला भी हो गया था और उसकी स्वीट फौरीनटीन की एज. उसके बदन से कंवर्पण की खुश्बू आ रही थी जो मेरे मूसल लंड को दीवाना बना रही थी. लंड मे से मोटे मोटे प्री कम के ड्रॉप्स निकल रहे थे जैसे लंड के मूह मे ऐसी मस्त जवानी देख के पानी आ रहा हो.
मेरी कंप्यूटर चेर बिना हाथ वाली थी और नीचे से अड्जस्टबल थी जिसे अड्जस्ट करने से वो ऊपेर और नीचे हो जाती थी. अपनी अड्जस्टबल चेर के नीचे के लीवर को दबा के ऊपेर किया तो चेर थोड़ी सी ऊपेर उठ गई. ऋतु को अपने करीब आने का इशारा किया तो वो धीमे कदमोसे चलती मेरे दोनो टाँगो के बीच मे आ के खड़ी हो गई और ऐसी पोज़िशन थी के उसकी चुचियाँ मेरे मूह के तकरीबन सामने ही थे जिन्हे देख के मेरे मूह मे पानी आने लगा. मैं ने हाथ बढ़ा के उसकी छोटी चुचिओ को हाथो मे ले लिया और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा. थोड़ी
देर तक उसके चुचिओ को मसलता रहा फिर उसके चूतदो पे दोनो हाथ रख के अपनी ओर खेच लिया तो वो एक कदम और आगे आ गई. अब ऋतु मेरे थाइस के बीचे मे खड़ी थी. मेरे दोनो थाइस का इन्नर पोर्षन उसके थाइस के आउटर पोर्षन से टच कर रहे थे. उसके बदन से मेरा बदन टच होते ही मेरा लंड एक बार फिर उछल उछाल के ऋतु की मस्त चूत को और उसकी कमसिन जवानी को सल्यूट करने लगा. अब ऋतु मेरे बोहोत करीब खड़ी थी मैं उसकी चूतदो पे हाथ घुमा रहा था. उसके चूतड़ बड़े मस्त और चिकने थे.ऋतु की छोटी सी चुचिओ पे ब्राउन कलर के किशमिश जैसे छोटे से निपल्स को ज़ुबान की नोक से टच किया और फिर अपने हाथो को ऊपेर उसकी पीठ से पकड़ के अपनी ओर खेचा तो उसकी चुचि मेरे मूह मे आ गई और मैं उसकी चुचि को चूसने लगा और उसी समय ऋतु के बदन मइए झूर-झूरी जैसी आ गई और वो थोड़ी देर के लिए काँपने लगी. अब मैं फिर से उसकी दोनो चुचिओ को पकड़ के मसल्ने लगा और एक चुचि को चूसने लगा. उसकी चुचि इतनी छोटी थी के पूरी चुचि मेरे मूह मे समा गई थी और बोहोत ही कड़क और सख़्त थी उसकी चुचियाँ जिन्है मैं बोहोत ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था. एक ही मिनिट के अंदर ऋतु जोश मे आ गयी और उसने मेरे बालो मे उंगलियाँ डाल दी और मेरे सर को अपने दोनो हाथो से पकड़ के अपनी चुचि मे घुसाना शुरू कर दिया तो मैं समझ गया के अब उसको भी मज़ा आने लगा है. अपना एक हाथ उसकी चुचि से निकाल के उसके चिकने चूतड़ पे सहलाते सहलाते उसकी चूत पे हाथ लगा दिया तो वो एक दम से उछल के पीछे हट गई जैसे उसे एलेक्ट्रिक शॉक लगा हो तो मैं ने उसको फिर से पकड़ कर अपने करीब खेच लिया और पूरी की पूरी चुचि को मूह मे ले के चूसने लगा. अब उसके थाइस के अंदर के भाग पे मसाज करने लगा तो उसके पैर ऑटोमॅटिकली थोड़े खुल गये और मैं धीरे धीरे अपने हाथ को उसके जाँघो के अंदर ले के मसाज करने लगा और फिर उसकी चूत पे अपने हाथ की हथेली जमा कर रख दिया तो उसके मूह से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्
स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ब्बयेयीयायाब्ब्ब्ब्बूवूऊवूऊवूयूयुयूवयू की आवाज़ निकल गई और मेरे हाथ को अपनी जाँघो के बीच मे बोहोत ज़ोर से दबा के पकड़ लिया और मेरे सर को ज़ोर से पकड़ के अपनी चुचि मे घुसा लिया उसका बदन एक दम से अकड़ गया था. ऋतु की चूत एक दम से गीली हो चुकी थी उसका बदन बोहोत ही गरम हो गया था और मेरे लंड का तो बुरा हाल था बोहोत ज़ोर से आकड़ा हुआ था और जोश मे हिल रहा था. मैं थोड़ी देर उसकी चूत का मसाज करता रहा जिस से उसकी चूत मे से रस निकलने लगा और उसकी चूत बोहोत ही गीली हो गई. अपनी उंगली से उसकी क्लाइटॉरिस का मसाज किया और थोड़ी सी उंगली चूत के अंदर डाल के अंदर बाहर किया तो उसका बदन बोहोत ज़ोर से अकड़ गया पूरे बदन के
मसल्स टाइट हो गये और ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ उसके मूह से निकली और बदन काँपने लगा और वो मेरे हाथ पे ही झड़ने लगी उसकी चूत मे से रस निकल के मेरी उंगलिओ पे लगने लगा जिसे मैने बाहर निकाल के उसके मूह मे एक उंगली डाल के उसकी चूत का रस उस को ही टेस्ट करवाया और एक उंगली खुद अपने मूह मे डाल के उसकी चूत के मस्त स्वीट जूस का टेस्ट किया आअहह क्या मस्त था कुँवारी चूत का रस. थोड़ी ही देर मे उसकी ब्रीदिंग कुछ नॉर्मल हो गई.
थोड़ी देर उसकी चुचिओ को चूसने के बाद अपने हाथो को उसकी बगल से निकाल के शोल्डर्स को पकड़ लिया और उसको नीचे बिठाने लगा पर वो इतनी मस्ती मे थी के नीचे नही बैठ रही थी तो मैं ने उसकी चुचि से मूह हटा लिया और उसको नीचे बिठा दिया पहले वाली पोज़िशन मे वो घुटनो के बल मेरे पैरो के बीच बैठ गई. अब उसने मेरे हिलते हुए लंड को खुद ही पकड़ लिया और अपने मूह मे ले के बड़ी तेज़ी से चूसने लगी वो झड़ने के बाद कुछ ज़ियादा ही गरम हो गयी थी. मैं बोहोत ही मस्ती मे आ गया था मुझे पता ही नही चला के कब मैं अपनी चेर से उठ के खड़ा हो गया और फ्लोर पे घुटने मोड़ के बैठी ऋतु के सर को पकड़ के उसके मूह को अपने लंड को अंदर बाहर कर के चोदने लगा. लंड उसके मुहे मे बोहतो तेज़ी से अंदर बाहर अंदर बाहर हो रहा था. क्यॉंके बोहोत देर से मेरा लंड खड़ा हुआ था और अब जैसे ही ऋतु ने अपने मूह को पूरा खोल के मेरे लंड को पूरा अपने मूह मे ले के चूसना शुरू किया और मैं ने उसके मूह को चोदना शुरू किया तो मेरे लंड मे हलचल होने लगी और एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा लंड उसके हलक के अंदर तक घुस्स गया उसकी आँखें बाहर को निकल गयी, गले की रगें तन के मोटी हो गयी और उसके मूह से उउउउउउउउउउउउउउउउउग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह की आवाज़ निकली और उसी समय मेरे लंड मे से मलाई की मोटी मोटी धारियाँ उछल उछल के सीधे उसके पेट के अंदर गिरने लगी. जितनी देर तक मेरी मलाई निकलती रही ऋतु के सर को टाइट पकड़ा रहा. लंड का सूपड़ा पूरा उसके हलक के अंदर तक घुसा हुआ था जिसकी वजा से उसकी आँखें बाहर को निकल गई थी और लाल हो गई थी जैसे उसकी ब्रीदिंग रुक गई हो. पूरी मलाई निकल जाने के बाद अपने लंड को उसके मूह से बाहर निकाल लिया और मैं अपनी चेर पे गिर गया और लंबी लंबी साँसें लेने लगा.
मैं चेर पे अपने पैर स्प्रेड कर के बैठा लंबी लंबी साँसें लेने लगा और मेरे आँखें भी झड़ने की वजह से बंद हो गई थी. ऋतु मेरे पैरो के बीचे मे ही बैठी रही और मेरे लंड को घूर के देखती रही जो अभी भी सख्ती से आकड़ा हुआ था और अभी भी हिल रहा था. लंड के सुराख मे मलाई का एक ड्रॉप निकल के आ गया था और ऋतु उस ड्रॉप को देख रही थी फिर पता नही उसको क्या हुआ के मेरे लंड के डंडे को पकड़ के थोड़ा सा दबाया तो वो ड्रॉप और बड़ा हो गया और गिरने से पहले ही ऋतु अपना मूह आगे को कर लिया और लंड के सुराख पे टीके हुई मलाई के ड्रॉप को चाटने लगी. मेरी ब्रीदिंग जब नॉर्मल हुई और मेरी आँखें खुली तो देखा के ऋतु अभी भी मेरे दोनो पैरो के बीच मे घुटनो के बल बैठी है तो मैं ने उसको उठा लिया और अपने सामने खड़ा कर के उसके पेट पे किस किया तो उसके मूह से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की सिसकारी निकल गई और उसने फॉरन ही मेरे सर को पकड़ लिया और अपने पेट मे मेरे मूह को घुसाने लगी. मेरे हाथ उसके गंद पे थे और मैं उसके पेट पे और नवल पे किस करने लगा. उसकी चूत मे से कुँवारी चूत के जूस की मधुर सुगंध आ रही थी. मैं अपनी चेर को अड्जस्ट कर के थोडा नीचे किया जिस से मेरा मूह उसकी चूत के लेवेल मे आ गया और मैं उसकी चूत पे किस कर ने लगा तो एक दम से ऋतु की टाँगें खुल गई और बोहोत ज़ोर से और तेज़ी से अपनी चूत को मेरे मूह मे रगड़ने लगी शाएद मेरे मूसल जैसे लंड को देख के वो फिर से जोश मे आ गयी होगी या फिर यह चूत को चटवाने का मज़ा था जैसे वो अनु और शालु के साथ लिया करती थी उस से कुछ डिफरेंट रहा होगा इसी लिए वो फुल मस्ती मे आ गयी और उसकी आँखें बंद हो गयी.मेरे सर को पकड़ के मेरे मूह पे अपनी चूत को रगड़ने लगी उसकी गंद तेज़ी से आगे पीछे हो रही थी जैसे वो मेरे मूह को चोद रही हो और फिर बिना धक्के लगाए मेरे मूह पे चूत को रगड़ने लगी और उसी समय फिर से उसका बदन एक बार फिर कमान की तरह से बेंड हो गया और मेरे सर को बोहोत ज़ोर से पकड़ के अपनी चूत मे घुसा लिया और काँपते बदन से मेरे मूह मे ही झड़ने लगी. उसकी कंवारी चूत का नमकीन जूस भी मुझे शहेड से ज़ियादा मीठा लग रहा था. उसका झड़ना ख़तम हुआ और वो अपने बेजान बदन से नीचे फ्लोर पे बैठ गई. उसी समय टेलिफोन की घंटी बजी. मैं ने फोन उठाया तो मेरी मोम का फोन था बोल रही थी के उन्है एक प्रॉजेक्ट साइट देखने के लिए किसी करीब के टाउन को जाना पड़ रहा है और रात मे वापस आते आते बोहोत देर हो जाएगी और बताया के आने से पहले फोन कर लेगी तो मैं ने कहा मोम इतनी तेज़ बारिश मे क्या ज़रूरत है जाने की तो उन्हो ने बताया के ज़रूरी इस लिए है के ओनर को बिल्डिंग बना ने की जल्दी है और कोटेशन फॉरन ही देना है और जाना ज़रूरी है
तो मैं ने कहा ठीक है मोम आप लोग जाइए मैं घर मे हू और आने से पहले फोन कर लीजिए क्यॉंके घर हम ने अंदर से लॉक कर लिया है तो उन्हो ने कहा ठीक है और फोन बंद कर दिया. अब मुझे इत्मीनान हो गया के आज का सारा दिन ऋतु को चोदुन्गा और मोका मिला तो शालु को भी आज ही चोदुन्गा.
मेरे टेलिफोन करने तक ऋतु अपनी शलवार पहेन्ने की कोशिश कर रही थी तो मैं ने कहा अरे यह क्या कर रही हो आज का दिन तो तुम्है कपड़े पहेन्ने ही नही है क्यों के मोम और डॅड किसी दूसरी जगह जा रहे हैं और रात देर से वापस आएँगे और अभी तो तुझे चोदना भी है मैं तेरी कुँवारी नाज़ुक चूत को आज चोद के फड़ूगा तो वो घबरा गई और फॉरन मेरे पैरो मे गिर गयी और रोने लगी और मेरी मिन्नते करते हुए बोली के नही बाबू प्लीज़ तुम्हारा तो इतना बड़ा और मोटा है यह मेरी इतनी छोटी सी योनि मे घुसे गा तो इसको फाड़ ही डालेगा और मैं मर जाउन्गी प्लीईज बाबू ऐसा नही करो नही तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी तुम जितने टाइम कहोगे मैं ऐसे ही मूह से चूस चूस के तुम्हारी मलाई निकाल दुगी तो मैं ने उसको शोल्डर्स से पकड़ के अपने पैरो से ऊपेर उठाया और कहा तेरी चूत को कभी ना कभी फटना तो है ही और अगर आज ही फट जाए तो क्या प्राब्लम है और अगर तू यह समझती है के तू प्रेग्नेंट हो जाएगी तो तू फिकर ना कर मेरी ऋतु रानी मेरे पास एक जेल्ली है जिस से तू प्रेग्नेंट नही होगी और तेरी चूत मे लंड आसानी से अंदर जा सकेगा और मैं बोहोत धीरे धीरे चोदुगा तू फिकर ना कर तो उसने फिर से हाथ जोड़ लिए और कहा भगवान के लिए बाबू ऐसे ना करो प्लीज़. अब मेरे लंड से सबर नही हो रहा था तो मैं ने कहा देख मैं एक बार फिर से समझा रहा हू के कुछ नही होगा और तुझे बॅस एक ही टाइम दरद होगा फिर मज़ा ही मज़ा आएगा और तू बार बार मुझे चोदने के लिए बोलेगी और कोई प्राब्लम भी नही होगी और किसी को पता भी नही चलेगा तो वो कुछ कन्फ्यूज़ हो गई और अपने शलवार को आहिस्ता से उतार दिया. अब ऋतु एक बार फिर से मेरे सामने अपनी मस्त जवानी और कुँवारी चूत लिए नंगी खड़ी थी. बारिश अभी भी हो रही थी कभी तेज़ हो जाती कभी हल्की लैकिन कंटिन्यू हो रही थी.
मैं बेड पे लेट गया और हाथ के इशारे से ऋतु को पास बुलाया तो वो करीब आ गई तो मैने उसका हाथ पकड़ के बेड पे लिटा लिया. दोनो एक दूसरे की ओर करवट कर से लेटे थे. ऋतु को किस किया तो इस टाइम उसने अपने मूह खोल के मेरी ज़ुबान को वेलकम किया और चूसने लगी. इसी तरह से हम टंग सकिंग किस करने लगे. मैं देखना चाहता था के ऋतु कुछ अपनी तरफ से अड्वान्स करेगी या मुझे ही कुछ करना पड़ेगा. थोड़ी देर तक किस करते रहे पर उसने कुछ नही किया तो मैं ने उसका हाथ पकड़ के अपने
हिलते हुए लंड पे रख दिया तो वो लंड के डंडे को पकड़ के दबाने लगी और इस टाइम उसने कुछ अपनी तरफ से अड्वान्स किया और मेरे लंड को आगे पीछे कर के मूठ मारने लगी और अपनी एक टांग उठा के मेर कमर पे रख ली जिस से उसकी चूत की पतली पतली पंखाड़िया थोड़ी सी एक दूसरे से अलग हो गयी और चूत थोड़ी सी खुल गई और मेरे लंड के डंडे को पकड़ के उसके सूपदे को अपनी चूत के अंदर ऊपए नीचे घिसने लगी. लंड मे से कंटिन्यू प्री कम निकल ना शुरू हो चुका था जिसकी वजह से उसकी गीली चूत स्लिपरी भी हो गई थी. लंड के सूपदे को अपनी चूत के दाने पे ज़ोर ज़ोर से और जल्दी जल्दी रगड़ने लगी इतनी तेज़ी से रगड़ रही थी के हमारा किस ख़तम हो गया था और वो लंड के चिकने सूपदे को अपनी चूत के दाने से रगड़ने मे ही बिज़ी थी और देखते ही देखते उसका बदन फिर से हिलने लगा, उसकी आँखें बंद हो चुकी थी और आआआआआआआआआआआहह की आवाज़ निकालते हुए वो एक बार फिर से झड़ने लगी. अब मुझे यह तो पता चल गया था के वो मेरे लंड से भर पूर मज़ा ले रही है और मस्ती मे आ गई है. मैं ने लेटे ही लेटे ऋतु को अपने बदन के ऊपेर खेच लिया जिस से वो मेरे बदन पे च्चढ़ के आ गई और मेरे बदन पे ही लेट गई. दोनो के पेट एक दूसरे से चिपके हुए थे लंड उसकी जाँघो के बीच से बाहर निकला हुआ था और उसकी छोटी सी गंद के पास था. उसके बड़े लेमन के साइज़ की छोटी सख़्त कड़क मस्त चुचियाँ मेरे बालो से भरे सीने से दबी हुई थी वो अभी भी गहरी गहरी साँसें ले रही थी और बिल्कुल थक्क चुकी थी और एग्ज़ॉस्टेड बेजान मेरे बदन पे पड़ी गहरी गहरी साँसे ले रही थी.
मैं अपने हाथ उसकी पीठ पे फिरने लगा और उसके चूतदो का मसाज करने लगा. मेरा लंड उसकी दोनो जाँघो से बाहर निकला हुआ था और सीलिंग की ओर रॉकेट जैसा खड़ा था उसकी चिकनी गीली चूत मेरे नवल पे थी जिसे वो धीरे धीरे रगड़ रही थी. मेरे मसाज करने से उसके बदन मे मूव्मेंट्स होने लगी और अपने हाथो को बेड पे टीयका के थोड़ा सा ऊपेर उठी और मेरे बदन पे आगे पीछे हिलने लगी और मेरे लंड को अपनी जाँघो मे दबा के पकड़ लिया और मेरी आँखो मे आँखें डाल के मुझे घूर के देखने लगी पर बोली कुछ नही लगता था के शाएद उसकी चूत मे भी अब खुजली होने लगी थी और वो भी चुदवाने को रेडी हो गई थी. मेरे लंड के बेस (निचले भाग) पे अपनी चूत घिसने लगी तो मैने अपनी टाँगें घुटनो से मोड़ लिया जिस से उसकी टाँगें भी ऑटोमॅटिकली मूड गई और वो मेरे बदन पे अपनी टाँगें मोड़ के बैठ गई. मैं ऋतु को झुका के उसकी छोटी छोटी चुचिओ को चूसने लगा. ऋतु की छोटी छोटी चुचियाँ पूरी मेरे मूह मे समा गयी थी और उसके
चूतदो को मसाज करने लगा. बहुत मस्त चुचियाँ थी उसकी मुझे चूसने मे बोहोत मज़ा आ रहा था. मैं इतनी छोटी चुचियाँ किसी की भी नही चूसा था आज तक. मेरे चूसने से ऋतु फिर से गरम होना शुरू हो गई थी. कुछ देर तक चुचियाँ चूसने के बाद उसको पलटा लिया और अब 69 पोज़िशन मे आ गये थे. ऋतु को यह सब पोज़िशन्स का पता था कियों के वो अनु और शालु के साथ ऐसी पोज़िशन मे अपनी चूत चटवा चुकी थी और उनकी चूते भी चाट चुकी थी तो मुझे कुछ बताने की ज़रूरत नही पड़ी और वो मेरे मूह पे जॉकी की तरह से बैठ के अपनी चूत के मेरे मूह पे आगे पीछे कर के रगड़ने लगी और झुक के मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और मैं ने भी अपनी गंद उठा उठा के उसके मूह को चोदना शुरू कर्दिआ. ऋतु मेरे मूह पे कभी अपनी चूत को रगड़ती कभी गंद उठा के चोदना शुरू कर देती. वो चूत को बोहोत तेज़ी से मेरे मूह पे रगड़ रही थी और फिर काँपते हुए मेरे मूह मे ही झड़ने लगी. उसकी लाइट ब्राउन ब्राउन कलर की चूत अंदर से बोहोत ही लाल हो गई थी और उसकी छोटी सी क्लाइटॉरिस मे हार्ट बीटिंग जैसी मूव्मेंट हो रही थी. ऋतु झड़ने के बाद इतनी मस्ती मे और जोश मे आ गई थी के मेरे लंड को हलक के अंदर तक ले रही थी और चूस रही थी और बस उसी समय मेरे लंड मे से भी गरम गरम मलाई की पिचकारियाँ निकल ने लगी जिसे वो जल्दी जल्दी चूसने लगी और एक ड्रॉप भी बाहर गिरने नही दिया. मेरा बदन भी कुछ ढीला पड़ गया था पर ऋतु का जोश ख़तम नही हुआ था और वो वैसे ही जोश मे तेज़ी से मेरे लंड को चूस रही थी जिस से मेरा लंड नरम नही हुआ था और वैसे ही आकड़ा रहा.
अब मैं और सहन नही कर सकता था मेरा लंड बुरी तरह से अकड़ गया था और उसकी छोटी सी कंवारी चूत को चोदना चाहता था. मैं ने ऋतु को अब 69 पोज़िशन से पलटा लिया. अब वो मेरी जाँघो पे जॉकी की तरह से बैठी हुई थी उसकी चूत झड़ने से और मेरे थूक से बोहोत ही गीली हो चुकी थी. मेरा लंड अकड़ के मेरे पेट पे पड़ा हुआ था. ऋतु मेरे लंड पे ऐसे बैठी थी जिस से उसकी चूत की पंखाड़िया मेरे लंड के डंडे पे थी और वो आगे पीछे फिसल रही थी. उसकी छोटी सी चूत बोहोत ही गीली हो गई थी और लंड मे से तो प्री कम बोहोत निकल रहा था. लंड के डंडे पे उसकी गरम चूत लगने से मैं और मेरा मूसल लंड पागल हो रहा था. ऐसे ही फिसलते फिसलते ऋतु की गंद थोड़ा सा ऊपेर उठी और मेरा लंड पेट से थोड़ा सा ऊपेर उठा और उसकी चूत के सुराखमे अटक गया. ऋतु इतने जोश मे थी के उसे पता नही चला के लंड का सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे अटका हुआ है और जब वो फिसल के पीछे हटी तो लंड का चिकना सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे थोडा सा अंदर घुस्स गया तो
वो एक दम से चौंक पड़ी, उसका बदन टाइट हो गया और वो आगे निकलने की कोशिश करने लगी पर मैं ने उसको शोल्डर्स से पकड़ा हुआ था तो वो बाहर नही निकाल सकी और लंड का सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे ही अटका रहा. अब मैं अपनी गंद उठा उठा के धीरे धीरे सूपदे को चूत के सुराख मे आगे पीछे करने लगा. गीली चूत और चिकना प्रेकुं निकालता हुआ लंड का सूपड़ा ऐसे ही धक्के मारने से सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे अंदर घुस्स गया और ऋतु का मूह दरद के मारे खुल गया और उसके मूह से ऊऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईइ निकल गया. वो ऐसे ही रुक गई कोई मूव्मेंट नही की मैने ऋतु को फिर से झुका लिया और उसकी चुचिओ को चूसने लगा. उसकी चुचियाँ बोहोत ही सेंसेटिवे थी जैसे ही मैं चूसने लगा उसका बदन रिलॅक्स होने लगा. उसने मेरे सर को पकड़ा हुआ था और फिर से वो थोडा थोड़ा आगे पीछे होने लगी और पीछे पुश करते हुए चूत के सुराख को लंड के सूपदे पे धकेलने लगी. उसके चूत के मसल्स थोडा सा रिलॅक्स होने लगे और मेरा लंड का सूपड़ा पूरा अंदर घुस्स गया और ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊीी
ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई म्म्म्ममममममाआआआआआआआ कहते हुए वो अपनी चूत को मेरे लंड से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी पर मैं ने निकालने नही दिया और सूपदे को उसकी चूत से सुराख मे ही दबाए ही रखा जिस से उसकी चूत थोड़ी ही देर मे वो अड्जस्ट हो गई.
मैं वासना की आग मे जलने लगा था और जोश मे दीवाना हो गया था मेरा सारा बदन बोहोत गरम हो गया था और अब मेरे ऊपेर ऋतु को चोदने का भूत सवार हो गया था. अब मैने पोज़िशन चेंज कर के ऋतु को पीठ के बल नीचे लिटा दिया और मैं उसके ऊपेर आ गया. मेरे पैर स्ट्रेट थे और पीछे बेड से टीके हुए थे और ऋतु ने अपने पैर मेरी कमर से लपेट लिए थे. मैं ने लंड के और बॉल्स के बीच वाले भाग पे थोड़ा प्रेशर डाला तो प्री कम का एक मोटा ड्रॉप लंड के सुराख से निकल ले उसकी चूत मे गिरा जिस से उसकी चूत और चिकनी हो गई. फिर झुक के उसकी चुचिओ को चूसने लगा लंड का सूपड़ा तो चूत के सुराख मे टीका दिया था. जैसा के मैं पहले ही बता चुका हू के मुझे एक ही झटके मे कुँवारी चूत को फाड़ने का मज़ा आता है और ऐसे चूत फाड़ के चोदने का मज़ा कुछ और ही है तो अब मैं और मेरा लंड उसकी छोटी नाज़ुक कुँवारी टाइट मक्खन जैसी चिकनी चूत को फाड़ने के लिए तय्यार हो गया था. मैने ने लंड को दबा दबा के प्रेकुं को उसकी चूत मे गिराया और उसकी चूत के अंदर ऊपेर से नीचे फिराया ता के चूत कुछ और गीली और स्लूप्पेरी हो जाए और ऋतु को कुछ मज़ा भी आए तो लंड को वैसे ही चूत के सुराख मे अटका रहने दिया और दोनो हाथ उसके बगल से निकाल के शोल्डर्स को
टाइट पकड़ लिया. मैं बिना क्रीम लगाए एक ही झटके से उसकी चूत फाड़ने की तय्यारी कर चुका था तभी ऋतु ने याद दिलाया के बाबू पहले वो क्रीम तो लगा लो ना नही तो यह तुम्हारा इतना बड़ा और मोटा लोहे जैसा सख़्त मेरे अंदर जाएगा तो बोहोत दरद होगा मैं सहन नही कर पाउन्गी और अगर तुम्हारी मलाई मेरे अंदर गिर गई और मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मैं तो किसी को मूह दिखाने के काबिल नही रहूगी तो मैं ने कहा तू फिकर ना कर अभी लगा लेता हू पहले ऐसे ही मज़ा लुगा तो वो खामोश हो गई पर उसकी आँखो से दया की भीक टपक रही थी उसे क्या पता था के आज उसकी छोटी सी कुँवारी टाइट चूत कैसे फटने वाली है
उसकी चूत तो अछी ख़ासी गीली हो चुकी थी और मेरा प्री कुम्म लगने से चिकनी और स्लिपरी भी हो गई थी. लंड को थोड़ा सा प्रेशर दिया तो उसकी छोटी सी चूत का सुराख कुछ खुल गया और लंड का सूपड़ा थोड़ा सा अंदर घुस्स गया उसका मूह तकलीफ़ से खुल गया और वो मुझ से लिपट गई. मैं थोड़ी देर तक लंड के चिकने सूपदे को ऐसे ही अंदर बाहर अंदर बाहर करता रहा जिस से उसकी चूत का सुराख रिलॅक्स हो गया और उसके ग्रिप मेरे ऊपेर थोड़ी रिलॅक्स हो गई. ऐसे ही थोड़ा थोड़ा प्रेशर देते देते लंड का सूपड़ा ऑलमोस्ट चूत के सुराख मे समा गया और मेरे ऊपेर उसकी ग्रिप हर धक्के से टाइट हो रही थी. लंड के सूपदे को चूत के अंदर ही टिकाए मैं उसके मूह मे ज़बान डाल के किस करने लगा टंग सकिंग किस कर रहे थे जिस से वो और जोश मे आ गई और उसका बदन रिलॅक्स होने लगा. अब फिर मैने लंड को चूत से बाहर खेच के अंदर करने लगा ऐसे ही 10-12 टाइम अंदर बाहर करते करते जब देखा के ऋतु एक दम से रिलॅक्स हो गई है और मज़ा ले रही है तो लंड को पूरा बाहर खेच के एक फुल पवरफुल धक्का मारा तो घच की आवाज़ के साथ ही मेरा मूसल लोहे जैसा सख़्त लंड आधे से ज़ियादा उसकी छूट को फाड़ के अंदर घुस्स चुका था और उसकी नाज़ुक बेबी चूत की सील टूट चुकी थी. उसकी चूत मे से भारी क्वांटिटी मे खून निकल ने लगा और उसका मूह पूरे का पूरा खुल चुका था उसकी आँखें सॉकेट मे ऊपेर को चढ़ गई थी और वो बड़ी भयानक आवाज़ से चिल्लईईए आआआआआ म्म्म्ममममाआआआआआ म्म्म्ममाआआआआआररर्र्र्र्र्र्र्ररर गगगगगगाआआयययययईईईईईईईई और पहले तो वो मुझ से बोहोत ज़ोर से लिपट गई और मुझ को बोहोत टाइट पकड़ लिया और उसकी आँखो से आँसू निकल के बेड पे गिरने लगे और उसके हाथ और पैर मेरे बदन से निकल के नीचे बेड पे गिर गये जैसे कोई छिपकली (वॉल लिज़र्ड) दीवार से नीचे गिर जाती है और उसके हाथ पैर भी ऐसे ही गिर गये जैसे उसके बदन से प्राण निकल गए हो. मैं अपना लंड उसकी फटी चूत मे ही रखे रखे उसके ऊपेर ऐसे ही लेटा रहा. ऋतु की साँसें बड़ी तेज़ी से
चल रही थी उसके हाथ पैर ढीले पड़ गये थे बदन पूरा ठंडा हो गया था आँखें बंद थी वो मेरे नीचे ऐसे पड़ी थी जैसे कोई डेड बॉडी पड़ी हो और मैं अपने स्टाइल मे आइ मीन के एक ही पवरफुल झटके मे एक और नयी कुँवारी चूत को फाड़ चुक्का था. मैं दो टाइम ऑलरेडी झाड़ चुका था इसी लिए अभी झड़ने मे काफ़ी टाइम था. ऋतु की छोटी सी चूत को बोहोत देर तक मस्त चोदने का इरादा था. मेरी आँखों मे एक चमक आ गयी थी के आज मैं ने एक और छोटी सी कुँवारी चूत को एक ही झटके से जो मेरी फॅवुरेट शॉट है ऐसे ही एक शॉट से फाड़ डाली थी और वो अब मेरे नीचे एक डेड बॉडी की तरह से पड़ी थी. एक कुँवारी चूत की सील तोड़ने का सोचते ही मेरे लंड मे खुशी की लहर दौड़ गई और वो चूत के अंदर ही खुशी से फूलने लगा और फिर मैं ऋतु को ने धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया पर देखा के वो तो हरकत ही नही कर रही है तो मैं थोड़ा सा घबरा गया पर इतना तो यकीन था के घर मे हम दोनो के सिवा और कोई नही है और कोई आने वाला भी नही था क्यों के बारिश बोहोत ही तेज़ी से पड़ रही थी और ऐसी बारिश मे किसे के आने की उम्मीद नही थी.
लंड को थोड़ी देर के लिए ऋतु की चूत के अंदर ही रखे वेट करता रहा और उसकी चूचियों को मूह मे ले के चूसने लगा के शाएद उसके बदन मे गर्मी आएगी पर ऐसा नही हुआ तो मैं ने अपना लंड उसकी फटी चूत मे से बाहर खेच के निकाल लिया और फिर जैसे ही मेरा मूसल लंड उसकी चूत से बाहर निकला तो उसकी फटी चूत से ढेर सारा खून निकल के बेड पे गिरने लगा. मैं इतना बोहोत खून देख के थोड़ी देर के लिए सच मे घबरा गया, उसको चोदना बंद कर दिया और उसको अपने हाथो मे उठा के बाथरूम मे ले गया. ऐसे सिचुयेशन मे मुझे गीता की चुदाई याद आ गई वो भी तो इसी तरह से बेहोश हो गई थी और उसको भी मैं ऐसे ही उठा के बाथरूम मे ले गया था ( दोस्तो गीता की चुदाई के बारे मे पढ़ना हो तो मेरी कहानी “कच्ची कली” पढ़िए ). मैं ऋतु को उठा के बाथरूम मे आ गया और शवर खोल के उसको नीचे खड़ा कर के पकड़ लिया. ठंडे पानी का शवर पड़ने से उसका बदन काँपने लगा और उसकी आँखें खुल गई वो होश मे आ गयी और वो मुझे ऐसी निगाहो से देखने लगी जैसे उसकी कुछ समझ मे नही आ रहा हो के उसको क्या हुआ है और वो कहा है. थोड़ी देर के बाद जब उसकी आँखें पूरी तरह से खुल गई और पूरी तरह से होश आ गया तो उसको पता लगा के उसकी कुँवारी चूत अब फॅट चुकी है तो उसकी आँखों मे फिर से आँसू आ गये और वो रोने लगी. मुझे भी ऋतु के ऊपेर दया आ गई के अभी उसकी उमर ही क्या थी हार्ड्ली 14 साल की होगी इतनी छोटी सी उमर मे ही उसकी कुँवारी चूत को फाड़ डाला था मैं ने और वो भी इतने मोटे
और तगड़े लंड से और बड़ी बे-दरदी से पर क्या करू मुझे कुँवारी चूत को ऐसे ही स्टाइल मे फाड़ने मे मज़ा आता है ( कोई लड़की ऐसे ही अपनी कुँवारी चूत को फदवाना चाहती हो तो मुझे मैल करे सीक्रेसी ईज़ गॅरेंटीड ).
मैं ने ऋतु की चूत पे लगा और अपने लंड पे लगे खून को पानी से धो के सॉफ किया. उसकी चूत से खून निकलना अब बंद हो गया था तो मैं ने शवर थोड़ी देर के लिए बंद कर दिया और ऋतु को अपनी बाँहो मे ले लिया और उसको प्यार करने लगा ऋतु रो रही थी और मैं उसको अपनी बाँहो मे ले के उसको तसल्ली दे के समझा रहा था के चुप हो जा मेरी ऋतु रानी अब तुझे कुछ नही होगा जो होना था सो हो चुका बॅस अब तू किसी बात की फिकर ना कर और यह दरद तो अभी थोड़ी ही देर मे ख़तम हो जाएगा फिर इसके बाद तुझे मज़ा ही मज़ा आएगा और तू अपने आप को लकी समझेगी के इतनी छोटी उमर मे तेरी सील टूट गयी और तू भर पूर चुदाई का मज़ा ले रही है. हम खड़े हुए थे और हमारे नंगे बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे. उसकी छोटी छोटी चुचियाँ मेरे बदन से चिपकी हुई थी. उसकी हाइट छोटी होने से मेरा लंड उसके नाभि से लग रहा था. मैने झुक के उसके चीक्स पे किस किया उसके नेक पे किस किया, उसके फोर्हेड पे किस किया, उसकी आँखों पे किस किया और फिर उसके लिप्स पे अपने लिप्स रख के किस किया तो उसका मूह ऑटोमॅटिकली खुद ही खुल गया और अपनी ज़ुबान उसके मूह मे घुसेड दी और देखते ही देखते हम टंग सकिंग किस करने लगे और ऋतु के बदन मे गर्मी चढ़ने लगी. ऋतु को चलने मे मुश्किल हो रही थी तो मैं उसको अपने हाथो मे ही उठा के बाथरूम से बाहर ले आया और टवल से अछी तरह से उसके बदन को ड्राइ किया. उसको अपने बेड पे बिठा दिया और खुद नीचे किचन मे जा के गरमा गरम कॉफी बना के ले आया और हम दोनो कॉफी पीने लगे. ऐसी बारिश मे और ठंडे मौसम मे कॉफी पीने का मज़ा कुछ और ही है. कॉफी पीते पीते ही उसके नंगे थाइस पे मसाज करने लगा तो ऋतु ने कहा क्या बाबू अभी जी नही भरा क्या इतना बड़ा मोटा मेरी छोटी सी चूत के अंदर घुसा के मेरी चूत को फाड़ डाला फिर अभी और क्या कर रहे हो. आख़िर इरादा क्या है तुम्हारा बाबू तो मैं ने हंस के कहा अभी तो सिर्फ़ आधा ही अंदर डाला है अभी तो पूरा अंदर जाएगा जब ही तो तुम्है और मुझे मज़ा आएगा तो वो दोनो हाथो से अपने कान पकड़ते हुए बोली के भगवान के लिए मुझे माफ़ करो बाबू मुझे नही लेना ऐसा मज़ा तो मैं ने कहा के अनु और शालु के साथ तो बड़े मज़े लेती है अब क्या हुआ तुझे तो बोली के बाबू उस्मै दरद तो नही होता ना मज़ा ही मज़ा आता है तो मैं ने कहा के हा लंड से चुदने का मज़ा कुछ और ही है और इस मे बॅस एक ही टाइम दरद होता है बाद मे सारी ज़िंदगी मज़ा ही मज़ा आएगा तो उसने फिर कहा के नही बाबू मुझे नही लेना है ऐसा मज़ा
