मां को चोदने के लिए लोगों ने उकसाया 8

माँ बेटा

राजेंद्र: तुमने रविंद्र से चुदवाना छोड़ दिया?

इंदिरा: कोई बेवकूफ औरत ही उतना बढ़िया चोदने वाले को छोड़ेगी। जब तक ससुर और रविंद्र ज़िंदा रहे, मैं दोनों से चुदवाती रही। मेरी बेटी अनीता का असल बाप कौन है मैं नहीं जानती। लेकिन उस लड़की ने मेरे पति से चुदवाना शुरु कर दिया है। कुतिया बोलती है कि मेरा पति उसका बाप नहीं है। बेटा, पिछली शाम ट्रेन में चढ़ने से पहले 23 साल में सिर्फ़ तीन ही लंड मेरी बूर में घुसे थे। लेकिन एक ही दिन में तीन और लंड ने मेरी बूर का मज़ा ले लिया। बेटा कितना रगड़ेगा रेणु को, बेचारी बच्ची है।

मां की कहानी सुन कर बेटा इतना मस्त हो गया कि उसके लंड ने रस छोड़ दिया। रेणु छटपटाने लगी। लेकिन अमित ने लड़की के माथे को लंड पर दबाये ही रखा, और जब लंड ने पूरा पानी छोड़ दिया, तब अमित ने लंड बाहर निकाला। फिर रेणु के मुंह को खोल कर सबको दिखाया। रेणु ने सारा रस निगल लिया था।

इंदिरा: रेणु, मैं 23 साल से चुदवा रही हूं। लगातार लंड चूसा है, लेकिन 5-7 मिनट से ज़्यादा कभी नहीं। लेकिन लड़की तुमने एक घंटे से ज़्यादा चुदवाया, और क़रीब एक घंटा लंड भी चूसा, और लंड का रस भी पी गई। बहुत आग है तेरे अंदर।

इंदिरा अपनी जगह से खड़ी हुई।

इंदिरा: देख रही हूं तुम दोनों महा चुदक्कड़ हो। अगर रुम में रही तो किसी ना किसी का लंड हम दोनों की बूर में घुसा ही रहेगा। राजेंद्र, मुझे शहर घुमाओ। बेटे की रंडियों के लिए कुछ गहने खरीदने है। बेटा तुम भी चलो।

इंदिरा ने कहा और रेणु ने अमित के लंड को पकड़ लिया।

रेणु: इंदिरा मैडम, चाचा आपको बढ़िया से शहर घुमा देंगे। जो ख़रीदना है वो भी खरीदवा देंगे। अमित को मेरे साथ रहने दीजिए।

रेणु ने रुम से ही फ़ोन किया। कुछ देर के बाद फ़ोन की घंटी बजी।

रेणु: नमस्कार लाला जी, रेणु बोल रही हूं।

सामने वाले ने कुछ कहा।

रेणु: लाला, मैंने भी आपको समिरा भाभी के लिए ही फ़ोन किया है। हम और समिरा तो रहेंगे ही, साथ में हम दोनों से भी कहीं बढ़िया एक माल है। तीनों को चोदना है तो वियाग्रा खा कर 5 लाख नगद लेकर आ जाइये। अगर समिरा को आपने खुश कर दिया, तो फिर वो आपसे हर हमेशा मुफ़्त में ही चुदवायेगी।

सामने वाले ने क्या कहा नहीं सुनाई पड़ रहा था।

रेणु: पांच लाख से एक पैसा भी कम नहीं। हम तीन माल और आप दोनों मर्द के अलावा एक ऐसा लड़का है जिसका लंड तो घोड़ा के जैसा है ही, चुदाई कुत्ते के जैसी करता है। आप मेरी बूर में 15 मिनट भी नहीं रहते हो, और चाचा के सामने उसने एक घंटा से ज़्यादा पेला। अगर रंभा को बढ़िया चुदाई चाहिए तो उसे ले आओ। क्या पता आज रंभा अपने बाप से भी चुदवा ले। 9 बजे तक आ जाना।

रेणु ने फ़ोन नीचे रख दिया।

अमित: बहुत देर से चाय नहीं पिया, रेणु बढ़िया चाय पिलाओगी।

रेणु: हां, इन दोनों को छोड़ो, चलो मेरे साथ।

राजेंद्र और इंदिरा रुम में रह गये और कपड़े पहन कर रेणु और अमित बाहर निकल गये।

इंदिरा: अमित के सामने तुमसे चुदवाने में शर्म आ रही थी। अभी साढ़े तीन ही बजे है। एक बार और प्यार कर लो, उस के बाद हम बाहर जायेगें।

राजेंद्र: वे दोनों फिर यहां आ सकते हैं। चलो मैं तुम्हें अपने स्पेशल रुम में प्यार करूंगा।

सही में इंदिरा और राजेंद्र को एक-दूसरे से बहुत प्यार हो गया था। अब ये देखना था कि इंदिरा पूरे समय इसी होटल में रहेगी या अमित के साथ उसके होस्टल भी जायेगी।

जैसा राजेंद्र ने कहा था इंदिरा को हल्का फुल्का कपड़े पहना कर दूसरे रुम में ले गया और इस बार दोनों ने मस्ती की सिसकारी मारते हुए 25-30 मिनट नहीं 50 मिनट चुदाई की।

राजेंद्र: रानी मुझे याद नहीं कि आख़िरी बार मैं किसकी बूर में आधा घंटा से ज़्यादा देर तक लंड को टाइट रख पाया था। इंदिरा वापस मत जाओ, मेरे ही साथ रहो, रानी बना कर रखूंगा।

इंदिरा: राजा, तुम भी मुझे बहुत भा गये हो। मैं सिर्फ़ तुमसे प्यार करने हर महीने आऊंगी। अमित को बोलूंगी भी नहीं। उसके साथ, बेटे से 2-3 बार चुदवा लिया वहीं बहुत है। मैं उस घोड़े के धक्के को बार-बार नहीं संभाल सकती। तुम अपने बेटे आनंद से भी बहुत बढ़िया से चोदते हो।

इंदिरा ने रात की सारी बात उसे बता दी।

राजेंद्र: मैं भी यही सोच रहा था कि तुम्हारे जैसी मस्त माल को अकेला देख कर आनंद ने तुम्हें छोड़ कैसे दिया। लेकिन यह नहीं सोचा था कि समिरा को नींद की गोली खिला कर भी तुम्हें चोद सकता था। आज तुम्हारे सामने समिरा को हम तीनों चोदेंगे। आनंद के सामने समिरा को चोदने और दूसरों से चुदवाते देखने में बहुत मज़ा आता है। अगली बार ज़्यादा मज़ा मारेंगे। चलो तैयार हो जाओ, बाज़ार चलते हैं।

आधे घंटे के बाद ये दोनों बाज़ार की तरफ़ चले गये। अमित को लेकर रेणु नीचे गई। रिसेप्शन में एक दूसरी लड़की भी थी। रेणु ने पहचान करवायी, “ये मेरी सबसे प्यारी सहेली शोभा, और ये हैं अमित। घोड़ा के लंड जैसा लंड तो है ही, बूर में लंड घुसता है तो फिर निकलने का नाम नहीं लेता है। मादरचोद ने एक घंटे से ज़्यादा चोदा, और उससे ज़्यादा देर तक लंड चुसवाया।”

बोल कर रेणु ने शोभा के कान में कुछ कहा। शोभा ने नॉड किया और अमित को लेकर रेणु रेस्टोरेन्ट के अंदर घुसी। सभी वेटर और दूसरे स्टाफ‌ ने रेणु को प्रणाम किया। दोनों एक टेबल के चेयर पर आमने-सामने बैठे।

अमित: रेणु, तेरी बहुत शान है !

रेणु: हम पहली बार ही मिले हैं इसलिए मैंने सब कुछ नहीं कहा। ये राजेंद्र और उसका बेटा दोनों मेरे गुलाम है। जो बोलूंगी सब करेंगे। आनंद की घरवाली समिरा को दोनों के सामने बेचती हूं। बहुत ही मस्त माल है। जम कर चोदना। औरत हूं तो चुदवाना पड़ता है। अगर मेरे पास भी लंड होता तो मैं खड़े-खड़े दोनों की गांड मारती। अमित, आनंद नहीं, राजेंद्र चाचा को अपना लंड चुसाओ, मैं तुम्हारी गुलाम हो जाऊंगी।

अमित: मुझे तुम बहुत ही अच्छी लगने लगी हो लेकिन लगता है कि मेरी मां को तेरा चाचा बहुत पसंद आ गया है।

रेणु: हर बेटे को अपनी मां को चोदने की तमन्ना होती है। तुमने अपनी मां को चोद लिया और दूसरे से भी चुदवाते देखा। अब घिसी हुई बूर को छोड़ो, मुझसे दोस्ती करके रहोगे तो जब भी आओगे नई-नई माल खिलाऊंगी। अमित तुम बहुत ही बढ़िया चोदते हो। जैसे भी हो आज मेरे सामने चाचा को अपना लंड चुसा दो।

रेणु का एक हाथ टेबल पर था। अमित ने उसके हाथ को पकड़ कर उपर उठाया, और आगे और पीछे दोनों साइड चूमा।

अमित: तू जो चाहती है मैं करूंगा।

दोनों ने बातें करते हुए नाश्ता किया, चाय पिया, और उसके बाद रेणु दुबारा शोभा के पास आई।

शोभा: मीटिंग हॉल। मैं बाद में आती हूं।

रेणु: जल्दी आना।

बोल कर अमित को साथ लेकर रेणु एक एसी हॉल में गई। रूम में धूप अंधेरा था। रेणु को मालूम था कि स्वीच कहां था। रेणु ने स्वीच ऑन किया। कई लड़कियों की खिलखिलाहट की आवाज़ सुनाई दी।

अमित ने देखा कि सामने कई कुर्सियां थी, और उनके पीछे लाईन से आठ लड़कियां खड़ी थी। देख कर ही लगा कि सभी लड़कियां 19-21 साल की थी। सभी बिल्कुल नंगी थी। लेकिन उन्होंने अपनी जवानी को कुर्सियों के पीछे छिपा रखा था। सिर्फ़ चेहरा और नंगे कंधे दिख रहे थे।

एक लड़की: शोभा ने कहा कि तुम किसी गधे को लेकर आओगी। लेकिन ये तो मां का दूध पीने बाला बच्चा है।

रेणु: इसने मेरे सामने अपनी सगी मां को एक घंटा चोदा, मुझे एक घंटा चोदा, और उसके बाद मुझे अपना दूध भी पिलाया। मेरे दोस्त को अपनी नंगी जवानी दिखाओ देखें इसके लंड को किसकी बूर पसंद आयेगी। जिसकी भी बूर में इसका लंड घुसेगा, उसे एक लाख मिलेगा और बाक़ी सभी को दस दस हज़ार। तैयार हो?

दूसरी लड़की: रेणु मालकिन की बात कौन टाल सकता है। लेकिन हमें भी अपने घोड़े का लंड दिखाओ। हमें भी तो लंड पसंद आना चाहिए।

ये सभी सिटी कॉलेज के होस्टल में रहने वाली स्टूडेंट्स थी। अपनी कमाई का कुछ हिस्सा वार्डन को देती थी, और बदले में वार्डन इन्हें होस्टल से बाहर रात गुज़ारने का मौक़ा देती थी। ये आठ लड़कियां ही नहीं होस्टल में रहने वाली कई और लड़कियां होटलों में धंधा करती थी। आठ में से चार उस रात उसी होटल में बुक थी, और बाक़ी चार की बुकिंग एक प्राईवेट पार्टी में थी। वो बुकिंग भी रेणु ने ही करायी थी।

तीसरी लड़की: रेणु तुझे याद है ना कि हम में से चार लड़कियों को 9 बजे कहां जाना है? अपने यार को जल्दी नंगा करो।

रेणु ने अमित की ओर देखा और अमित हॉल के बीच में आकर खड़ा हो गया। इतनी औरतों के सामने नंगा हो चुका था कि अब उसे किसी के भी सामने नंगा होने में कोई हिचक नहीं थी। सभी लड़कियां देखती रही, और अमित ख़ुद नंगा हो गया। आठ की आठ लड़कियां एक साथ चिल्ला उठी।

“बाप रे, ये सच में घोड़े के लंड जैसा ही लंबा और मोटा है। मैं आज ही पद्मिनी मैडम को बोलूंगी, साली नंगी होकर नाचेगी। पहले मुझे चोदो। 9 बजे एक शहर के बड़े-बड़े हरामियों की पार्टी में जाना है”।

वो सामने आ गई और लंड को पकड़ लिया।

लड़की: मेरा नाम अनीता है, मुझे चोदो।

दूसरी सात लड़कियों की तरह अनीता भी नंगी थी। अनीता के साथ की दूसरी लड़कियां भी अमित के सामने आ गई। हर कोई अमित के लंड को पकड़ने लगी, अमित को चूमने लगी। अमित ने सभी लड़कियों की चूत को मसला, चूचियों को दबाया, और अनीता के कमर में हाथ लपेट कर अपने से सटाया।

अमित: तुम सभी मुझे बहुत पसंद आई हो। मैं रात भर होटल में हूं। रेणु जिसे भी चोदने बोलेगी चोदूंगा, लेकिन सबसे पहले इस अनीता को चोदूंगा। आज अपनी मां को चोदा तो बहुत बढ़िया लगा। सोचा कि छुट्टियों में घर जाऊंगा तो पहले ही दिन अपनी इकलौती बहन अनीता को चोदूंगा। लेकिन अब मुझे छुट्टियों का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। मेरी प्यारी बहन अनीता मेरे सामने हैं।

एक और लड़की: लंड तो घोड़ा जैसा है ही, बुद्धि भी घोड़े ही जैसी है। मेरा भैया तीन साल से मेरी खुशामद कर रहा है कि मैं उसे अपना चूची ही दबाने दूं। लेकिन मैंने उसे अब तक कोई लिफ्ट नहीं दी है।

एक दूसरी आवाज़: आज ही मुकेश से बोलूंगी कि अपनी बहन को 50 हज़ार देदे और जम कर चोदे। तू साली सिर्फ़ पैसे की भूखी है।

एक और लड़की: अमित, इन रंडियों की बात मत सुनो। तुम अकेले बहनचोद, मादरचोद नहीं हो। मैं अपने बाप और भाई दोनों से चुदवाती हूं, लेकिन मुफ़्त में नहीं। होटल में जितनी मेरी क़ीमत है मैं उन दोनों से अपनी क़ीमत का डबल लेती हूं। जल्दी से अनीता को चोदो फिर मैं भी लूंगी।

अमित ने अनीता को वहीं मिटिंग टेबल पर लिटाया। उसके चूत्तड़ को टेबल के किनारे तक लाया। अनीता की दोनों जांघों को एक एक कंधे पर रखा। लंड को अनीता की बूर पर दबाया, और लगातार 5 धक्के मारे।

“बाप रे, बहुत मोटा है, मर गई, बूर फट गई।”

एक लड़की: कुतिया तेरी बूर तो माधव सेठ ने तीन साल पहले ही फाड़ दी थी। उसके बाद से तो तुझे भी याद नहीं होगा कि तेरी बूर ने कितने लंड को निगला होगा। अब क्या चिल्ला रही है।

अमित दनादन पेल रहा था। अनीता भी मस्ती की सिसकारी मारते हुए मज़ा ले रही थी।

अमित: तुम सभी 2-3 साल से ही चुदवा रही हो। पिछले दिनों मैंने दो कुंवारी लड़कियों को चोदा तो दो 22-24 साल से चुदवा रही औरतों की बूर में भी लंड पेला। दो बहुत ही खूबसूरत औरतों को हर एक-दो दिन पर चोदता हूं। आज अपनी मां को 2 बार चोदा। रेणु और तुम लोगों जैसी माल को चोदने का अपना अलग ही मज़ा है। लेकिन 40 साल से बड़ी, ख़ास कर ऐसी औरतों को, जिन्होंने अपने बदन को ढीला नहीं होने दिया है, उन्हें चोदने में जो मज़ा आता है, वो हम चोदने वाले ही समझ सकते हैं। अगर तुम लोग चाहती हो कि 20-25 साल बाद भी लोग तुम्हें बढ़िया क़ीमत देकर चोदे, तो अपने बदन पर बढ़िया से ध्यान देना होगा।

रेणु: अमित बिल्कुल सही कह रहा है। इसकी मां वैसे देखने में किसी दूसरी 40-42 साल की औरत जैसी ही है। लेकिन जब उस औरत को नंगी देखोगी तो तुम्हारा भी मन करेगा कि उसे चोदूं। होटल का मालिक या लाला तुम्हें चोदने के लिए बीस हज़ार से ज़्यादा नहीं देता है उसी बेटीचोद राजेन्द्र ने अमित की कुतिया मां को नंगा देख कर ही 2 लाख दे दिया, और एक बार चोदने के बाद बोलता है कि उससे, अमित की मां से ज़्यादा चुदाई का मज़ा और दूसरी कोई कुतिया नहीं दे सकती है। मैंने भी देखा, इस उम्र में भी रंडी की चूची हमारी चूचियों जैसी टाइट है।

अमित नई माल अनीता को चोदता रहा। अपनी ड्यूटी ख़त्म कर शोभा भी आ गई।

रेणु: शोभा दीदी, अभी 40 मिनट ही हुए है।

शोभा: अनीता, रंडी तू इतना ज़बरदस्त धक्का बर्दाश्त कैसे कर रही है?

अनीता ने ज़ोर से चूत्तड़ उचकाये।

अनीता: शोभा दीदी, डिस्टर्ब मत करो। बहुत मज़ा आ रहा है। अब तक की सबसे बढ़िया चुदाई है।

चुदाई देखते-देखते 32 साल की शोभा भी नंगी हो गई और अमित के सामने खड़ी हो गई। लेकिन अमित का दोनों हाथ अनीता के बदन को सहला रहा था। चुदाई देख रही दूसरी 8 लड़कियों को लग रहा था कि दोनों अमित और अनीता कोई कम्पिटीशन कर रहे थे।

जितनी माल खड़ी थी, उनमें एक रेणु को छोड़ कर किसी की बूर में लंड 15-20 मिनट से ज़्यादा टाइट नहीं रहा था। लेकिन यहां अमित का लंड ढीला होने का नाम ही नहीं ले रहा था। अनीता भी एक ही पोज में जांघों को अमित के कंधे पर रख कर चुदवा रही थी। तीन साल की चुदाई के दौरान ना ही अनीता ने इस पोज में पहले कभी चुदाई करवाई थी ना ही अमित ने ही किसी को ऐसे चोदा था।

चुदाई चलती रही, और राजेंद्र अपनी नई माल,‌ अमित की मां को लेकर अंदर आया। वे दोनों भी चुदाई कर रहे जोड़े के पास आये।

एक लड़की: राजेंद्र जी, अमित को अनीता की बूर में लंड घुसाये सिर्फ़ एक घंटा चालीस मिनट ही हुआ है। अनीता को भी हमारे साथ पार्टी में जाना है, लेकिन अमित छोड़ेगा तब ना जा पायेगी।

अनीता: दीप्ति, मैं कितनी बार झड़ गई मालूम नहीं। लेकिन ये बहनचोद बहुत ही मस्त कर रहा है। रेणु मुझे कोई क़ीमत नहीं चाहिए, मैं तो अमित के साथ ही रहूंगी।

राजेंद्र आगे आया और अनीता की 34 इंच की चूचियों को दोनों हाथों से दबाया।

राजेंद्र: अनीता, तू बढ़िया से जानती है कि एस.पी. साहब सिर्फ़ तुम्हारे साथ की मस्ती के लिए ही पार्टी में आयेगा। तू नहीं जायेगी तो वह बहुत ही नाराज़ हो जायेगा। हम सब को परेशान करेगा। आज उसे खुश कर दे। मैं वादा करता हूं कि अगले रविवार को अमित फिर तुम्हारी बूर के अंदर होगा।

अमित ने 8-10 जोरदार धक्के मारे और लंड को बाहर निकाला।

अमित: हर रविवार को होस्टल से बाहर रहना संभव नहीं है। लेकिन अनीता प्रॉमिस करता हूं कि अगले रविवार को सिर्फ़ तुम दोनों, तुम्हारे और रेणु के लिए आऊंगा।

अमित ने अनीता को टेबल से नीचे उतारा और होंठों को बार-बार चूमा।

अमित: मां, ये सभी खूबसूरत लड़कियां तुम्हें नंगा देखना चाहती है। इन्हें अपनी मर्दों को पागल करने वाली जवानी दिखा दो।

इंदिरा को विश्वास नहीं हुआ कि दो बार चोद लेने के बाद भी बेटा उसे बेटी की उम्र की लड़कियों के सामने नंगा करेगा। सभी आश्चर्य से देखते रहे, और अमित ने अपनी मां को दूसरी 9 लड़कियों और एक 65 साल के आदमी के सामने नंगा कर दिया। सभी लड़कियों ने इंदिरा की नंगी जवानी को बहुत पसंद किया।

एक लड़की: इंदिरा, तुम हमसे 20-22 साल बड़ी हो लेकिन हर एक आदमी हमसे पहले तुम्हें चोदेगा। हमसे ज़्यादा कीमत भी देगा। तुम भी हमारे साथ पार्टी में चलो। सभी तुम्हें ही पहले चोदना चाहेंगे।

राजेंद्र: अंजली आज नहीं, इंदिरा रात भर के लिए बुक है। तुम लोग अपने-अपने काम पर जाओ।

इधर सभी बातें कर रहे थे, और रेणु के दिमाग़ में ख़ुराफ़ात चल रहा था। अमित ने ख़ुद अपनी मां को नंगा किया तो रेणु को लगा कि इंदिरा ने राजेंद्र से चुदवाया, और वेटर को बदन छूने दिया, वो अमित को पसंद नहीं आया, और वो अपनी मां को बेइज्जत करना चाहता था।

रेणु का सोचना सही था। अमित ने इंदिरा को इसलिए बुलाया था कि एक सप्ताह अपनी मां को ख़ुद चोद सके, लेकिन इंदिरा रंडी बन कर रुपया कमा रही थी।

रेणु: इंदिरा 15 मिनट में बिना किसी से चुदवाए दो लाख कमाओगी?

इंदिरा: हर कोई कमाना चाहेगी। मुझे क्या करना होगा?

रेणु ने पहली बार इंदिरा के अंग-अंग को दबाया, सहलाया।

रेणु: बहुत ही छोटा काम है। तुम्हें यहां से रेस्टोरेन्ट में होते हुए अपने रुम 301 तक नंगा चलना है।

राजेंद्र: रेणु, पागल हो गई हो क्या? इस समय रेस्टोरेन्ट पूरा भरा रहता है। और वैसे भी लाला आ ही रहा है। वो अकेले ही इंदिरा को बहुत देगा।

लेकिन इंदिरा के लिए भी 2 लाख बहुत था।

इंदिरा: राजेंद्र, यहां मुझे कौन जानता है, पहचानता है? तुम भी मुझे ठीक से नहीं जानते। घर में नंगी रहती हूं, यहां अपनी बेटी की उम्र की लड़कियों के सामने नंगी हूं। अगर कोई मेरी बेटी भी मेरे साथ नंगी रहेगी तो मैं चलने को तैयार हूं। जो भी मेरे साथ चलेगी, मैं उसे अपनी कमाई का आधा दूंगी।

एक लड़की ने तुरंत हाथ उठाया। लड़की का नाम जरीना था।

जरीना: दो घंटा किसी के साथ नंगी रहती हूं, घटिया-घटिया काम करती हूं, तब बीस हज़ार मिलता है। यहां बिना चुदवाये रह कर आधे घंटे में ही एक लाख मिलेगा तो क्या बुरा है? इंदिरा, मुझे एक लाख दोगी?

इंदिरा: इतने लोगों के सामने बोला है, मुकर कैसे सकती हूं? दूंगी बेटी, ज़रूर दूंगी। और हम दोनों नंगी रंडी के साथ सिर्फ़ रेणु रहेगी। बाक़ी सब आधे घंटे के बाद रुम में आ सकते हो। चल जरीना, हम लोगों को अपनी जवानी दिखा कर पागल करते हैं। रेणु हमें रास्ता दिखा, बाक़ी सब यहीं रहो। कोई बाहर नहीं आयेगा।

पहले रेणु बाहर निकली, और उसके तुरंत बाद दोनों नंगी औरतें एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर बाहर आई। बाक़ी सभी, राजेंद्र भी हॉल में ही रह गये।

शोभा: मुझे मालूम है कि तुम सभी अमित के लंड को बूर में लेना चाहती हो, लेकिन अभी समय नहीं है। अमित हम आधा घंटा यहां है। कुछ करना चाहते हो तो करो।

शोभा का बोलना ख़त्म हुआ और अमित ने उसे अपने बाहुपाश में लिया और होंठ और गालों को चूमने लगा। चूमते हुए, चूची और बूर को खूब मसला। दोनों हाथों से चूत्तड़ों को भी मसला।

अमित: बहुत मस्त माल हो शोभा। अगली बार सबसे पहले तुम्हें ही प्यार करूंगा, तुम्हें चोदूंगा।

शोभा को छोड़ कर अमित ने एक दूसरी लड़की को पकड़ा। एक-एक कर अमित ने सभी सात माल को खूब रगड़ा, खूब चूमा। सभी सात माल ने अमित के लंड को थोड़ी थोड़ी देर चूमा। उसके बाद सभी लड़कियों ने कपड़े पहने और बाहर चली गई। अब हॉल में सिर्फ़ तीन राजेंद्र, शोभा और अमित रह गये।

राजेंद्र: होस्टल छोड़ दो। हमारे होटल में रहो। यहीं से कॉलेज आओ-जाओ और रात में हर रात बढ़िया-बढ़िया माल के साथ मस्ती मारो। इतना ही नहीं तुम हमारे साथ रहे तो तुम्हें हर महीना डेढ़-दो लाख की कमाई भी होगी।

अमित को लालच हो गया। लेकिन उसने अपनी एक्साइटमेंट को उजागर नहीं किया।

अमित: मैं सोच कर बताऊंगा। मां को गये एक घंटा हो रहा है हम भी रुम में चलते है।

और अचानक राजेंद्र ने लंड को पकड़ लिया। शोभा मुस्कुराती रही।

शोभा: सर, शरमाने की ज़रूरत नहीं है। ऐसा-ऐसा बढ़िया लंड कभी-कभी ही देखने को मिलता है। जितना चूसना है चूस लीजिए।

अमित ने थोड़ा सच कहा थोड़ा झूठ।

अमित: शोभा दीदी, एक अनीता को छोड़ कर अब तक जितने को चोदा है सब ने मेरे लंड से निकला रस पिया है। आज इन दोनों के सामने रेणु ने भी पिया। सुबह में मां को भी पिलाया था। कलकत्ता में मेरे एक गुरु हैं उनका कहना है कि किसी भी जवान और मस्त माल की बूर में लंड को थोड़ी देर रखने के बाद अगर किसी दूसरी लड़की, औरत, या मर्दों से उस लंड को चुसाया जाए, तो वैसे लंड का रस पीने वाला आदमी भी उस आदमी के जैसा ही चोदने लगता है, जो उसे रस पिलाता है। कॉलेज में दो टीचर ऐसे हैं जो अपनी पत्नी के सामने मेरा लंड चूसते हैं,‌ रस पीते हैं।

शोभा: ये तो मैंने भी पढ़ा और सुना है कि बढ़िया चोदने वाले का लंड चूसना और वैसे लंड से निकला रस पीने का बहुत ही ज़्यादा फ़ायदा है।

राजेंद्र: आज तो अमित की मां को दो बार बढ़िया से चोद लिया, लेकिन अब लगता है कि समिरा, अपनी बहु को आज नहीं चोद पाऊंगा।

अमित: अंकल, मेरी चुदाई देख कर, मेरा लंड चूस कर आप भी बढ़िया से चोद पायेंगे। अब चलिए देखते हैं कि नंगे परेड करने के बाद आपकी नई रंडी, मेरी कुतिया मां क्या कर रही है। शोभा, मुझे बता दो किस रुम में रहोगी। मैं आज रात ही तुम्हें प्यार करना चाहता हूं। मुझे सुबह-सुबह होस्टल पहुंचना ज़रूरी है।

शोभा: रुम नंबर 107, राजेंद्र जी का स्पेशल रुम। मैं इंतज़ार करूंगी।

अमित: ज़रूर आऊंगा।

थोड़ी ही देर बात अमित और राजेंद्र रुम में पहुंचे तो देखते है कि इंदिरा और जरीना नंगे ही बैठे थे। एक किनारे रेणु गुम-सुम बैठी थी। इंदिरा के सामने एक अधेड़ उम्र के पति-पत्नी की जोड़ी बैठी थी। उस औरत का बदन भी इंदिरा के जैसा ही था। दोनों रुम में घुसे और इंदिरा ने उन दोनों को बेटे का परिचय दिया।

इंदिरा: सिप्रा बहन यही मेरा बेटा है। इसके लिए इस दुनिया में औरत और मर्द के बीच सिर्फ़ चुदाई का ही रिश्ता है। अच्छा है कि इसकी आदत देख कर इसके बाप ने होस्टल में भेज दिया, नहीं तो साला रात दिन मुझे और मेरी बेटी को चोदता ही रहता।

इतने दिनों से अलग-अलग तरह की औरतों को चोदने के कारण अमित में बहुत हिम्मत आ गई थी। सबके सामने अमित अपनी मां के पीछे खड़ा हुआ। इंदिरा कुछ समझती या संभलती, अमित पीछे से दोनों हाथ बढ़ा कर मां की दोनों चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा।

अमित: अंकल, अंटी आप ही बताइए अगर आप ही घर में अपने बेटे के सामने ऐसे नंगी बैठी रहेगी, उसे अपनी मस्त चूची और बूर दिखाती रहेंगी, तो बेचारा क्या करेगा? इस प्यारी सी छेद में लंड पेलेगा ही। मुझे बेकार में बदनाम करती है। जो औरत होटल में सैकड़ों लोगों के सामने नंगी रहेगी, आप जैसे शरीफ़ लोगों के सामने नंगी रहेगी, तो वैसी औरत अपने बेटे को भी क्यों छोड़ेगी? बाबू जी के सामने मुझसे चुदवाती रहती है।

बोलते हुए अमित मां की बूर में अंगुली से चोदता ही रहा।

सिप्रा: अमित, मैं भी बहुत बड़ी हरामजादी हूं। अपने दादा के साथ चुदाई शुरु की, और अब मैं एक साथ अपना बेटे, ससुर और पति को संभालती हूं। हर रात तीनों एक-दूसरे के सामने मुझे चोदते है। तुम्हारी मां ने कहा कि तेरा लंड बहुत ही स्पेशल है। वहीं देखने बैठी हूं। हम भी तो देखें की किसी आदमी के शरीर में घोड़ा के जैसा लंड कैसा लगता है।

अमित: आंटी, आप खड़ी हो जाओ।

सिप्रा खड़ी हुई और अमित ने एक-एक कर उसके सारे कपड़े उतार दिया।

अमित: बढ़िया लंड देखने के लिए पहले ख़ुद ही नंगा हो जाना चाहिए।

अमित की हरकत ने सभी को स्तंभित कर दिया था। किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि अमित ऐसी हरकत करेगा। सभी बिल्कुल चुप थे और अमित भी नंगा हो गया। अमित ने सिप्रा का हाथ पकड़ कर उठाया और अपने लंड पर रख दिया। एक हाथ से सिप्रा की चूचियों को सहलाने लगा।

अमित: अंकल, इतनी बढ़िया औरत ने मेरा लंड पकड़ रखा है। अब तो मेरा लंड सिप्रा आंटी की बूर में घुसेगा ही। आप चाहे तो मेरी मां को चोद सकते हैं।

सिप्रा का हाथ एक बार लंड पर गया, तो वहां से हटा नहीं। अमित ने चोदने की बात की फिर भी वो चुप रही। उसका हसबेंड देखता रहा। अमित ने बाहों पर उठा कर सिप्रा को बेड पर लिटाया, और उसके उपर लेट गया। होंठों से चूमना शुरु कर दोनों गालों, दोनों निप्पलस को बढ़िया से चूमा। औरत के हर एक अंग को चूमते, सहलाते हुए अमित के होंठ नीचे बूर पर आये तो सिप्रा सिहार उठी।

पहले तो अमित ने अपने जीभ को क्लिट से लेकर गांड के छेद तक कई बार उपर से नीचे और नीचे से उपर तक रगड़ा। सिप्रा के बदन की गर्मी बढ़ने लगी। जीभ अपना काम कर रहा थी, और अमित के दोनों हाथ लगातार सिप्रा की नंगी जवानी को सहला रहे थे, मसल रहे थे। रुम में रेणु, शोभा, इंदिरा, राजेंद्र के साथ सिप्रा का पति विमल था। पांच लोग बिल्कुल चुप बैठ कर अमित की हिम्मत को देख रहे थे।

पहले तो सिप्रा चुप-चाप अमित के हरकतों को बर्दाश्त करती रही। लेकिन उसे अपने को संभालना मुश्किल होने लगा। सिप्रा की सिसकारी की आवाज़ तेज होने लगी। इतना ही नहीं, 7-8 मिनट सिप्रा ने अपने को बहुत रोका, लेकिन जवानी की गर्मी को कौन संभाल पाया है। सिप्रा के दोनों हाथ ही नहीं दोनों पांव भी अमित के बदन पर फिसलने लगे।

सिप्रा की आंखें वासना की गर्मी से लाल हो गई थी, और राजेंद्र कपड़ों के उपर से लंड को सहलाने लगा।

शोभा: साहब, लंड को क्यों तकलीफ़ दे रहे हैं। हम सब एक जैसे ही हैं। लंड को खुला छोड़ दीजिए।

लेकिन राजेंद्र नंगा नहीं हुआ। उसे मालूम था कि इतने लोगों के बीच वो इंदिरा को क्या रेणु को भी ज़्यादा देर नहीं चोद पायेगा। राजेंद्र का ही नहीं सिप्रा के पति का भी लंड कपड़ों के नीचे परेशान करने लगा था। लेकिन वो अपना 5 इंच लंबा और साधारण मोटा लंड इतने लोगों के सामने नहीं निकालना चाहता था। अमित और सिप्रा के अलावा कमरे में सिर्फ़ इंदिरा और जरीना ही नंगी थी।

इंदिरा और जरीना रेणु के साथ हॉल से बाहर निकले। रेणु ने पंजाबी सूट पहना था, जबकि दोनों जरीना और इंदिरा नंगी थी। तीनों कुछ ही देर के बाद होटल के रिसेप्शन एरिया में आ गये। शाम का साढ़े सात बज रहे थे। वहां कई लोग थे। एक जवान लड़की के साथ दूसरी बहुत ही मस्त औरत को नंगा देख जो जहां थे वहीं रुक गये।

अचानक हुई इस नंगी परेड से सभी स्तंभित थे। जरीना और रेणु के चेहरे पर कोई मुस्कुराहट नहीं थी, लेकिन इंदिरा पूरे समय सिर्फ़ मुस्कुराती ही नहीं रही, उसने कई मर्दों और औरतों के गालों को भी थपथपाया।

लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि कोई भी इन्हें हाथ लगा पाये। रिसेप्शन से निकल कर ये तीनों रेस्टोरेन्ट में घुसे। जैसा राजेंद्र ने कहा था रेस्टोरेन्ट खचाखच भरा हुआ था। और रेस्टोरेन्ट में लोगों ने हिम्मत दिखाई। “दोनों ही बहुत सुन्दर है, लेकिन औरत बहुत ही मस्त माल है”। “उफ़ कितनी सुन्दर चूचियां है इस औरत की”। “यार मुझे तो ये छोकरी बहुत पसंद है। कितना लोगी रानी?”

रेणु: तुम्हारी मां को चोदने के लिए लोग जितना देते हैं उससे दोगुना।

रेस्टोरेन्ट में सभी हंस पड़े। कई आदमी ही नहीं औरतों ने भी दोनों नंगी औरतों के बदन को छुआ। चूत्तड़ को सहलाया। एक आदमी खड़ा हुआ और वॉलेट में से कुछ नोट निकाल कर इंदिरा के हाथ में दिया और एक चूची को दबाने लगा। रेणु ने उसका हाथ झटक दिया।

रेणु: पचास हज़ार निकालो, ये औरत दो घंटे के लिए तुम्हारी। लड़की को चोदना है तो 25 हज़ार लगेगा।

रेणु ने इतना ज़ोर से कहा कि सभी को सुनाई पड़े। “तुम्हारा क्या रेट है?”

रेणु: अगर तुम्हारा लंड 8 इंच से ज़्यादा मोटा और कम से कम मेरी कलाई जितनी मोटी है तो मुफ़्त में ही चुदवा लूंगी। 8 इंच से छोटे लंड को मैं बूर में नहीं लेती हूं।

बहुतों को मालूम था कि होटल की असल ऑनर यही 24-25 साल की औरत थी। रेस्टोरेन्ट से निकल कर सीढ़ियों से चलते हुए क़रीब 20 मिनट बाद तीनों रुम में आये। तुरंत बाद सिप्रा और विमल आ गये। विमल ने 50 हज़ार निकाल कर रेणु को दिया।

विमल: मुझे इस औरत (इंदिरा) को अभी चोदना है।

उतना रुपया लेकर दोनों गहना खरीदने निकले थे। लेकिन रुपया अब इंदिरा की बूर में जाने बाला था। ये सभी बातें कर ही रहे थे कि रेणु नीचे गई और थोड़ी ही देर में वापस आ गई।

रेणु: इंदिरा तुम्हें अपनी कमाई में से जरीना को कुछ देने की ज़रूरत नहीं है।

रेणु ने इंदिरा को 2 लाख और जरीना को 1 लाख दिया। इंदिरा ने अपने 2 लाख से निकाल कर 1 लाख जरीना को दे दिया।

इंदिरा: रेणु, मैंने सब के सामने कहा था।

रेणु ने इंदिरा की बूर को ज़ोर से मसला।

रेणु: अपनी कमाई तू कैसे लुटाती है तेरी मर्ज़ी, लेकिन तुम दोनों ने आज कमाल कर दिया।

सिप्रा: मैं बंबई कई बार गई हूं। हर बार नंगा नाच देखती हूं। लेकिन यह पहला मौक़ा था जब किसी औरत को इस तरह नंगा घूमते हुए देखा। तू क्या सच में 8 इंच से बड़े लंड से ही चुदवाती है? मैंने कई लंड के अंदर लिया है लेकिन अब तक 7 इंच से बड़ा लंड नहीं देखा।

रेणु: थोड़ी देर बैठ, इस कुतिया के बेटे को आने दे। उसका लंड देखना फिर बोलना।

कुछ ही देर बाद शोभा और राजेंद्र के साथ अमित रुम में आ गया।

सिप्रा: अमित, जान क्यों ले रहे हो यार, बूर तेरे लंड को निगलने के लिए तड़प रही है। मर जाऊंगी तब पेलेगा क्या?

सिप्रा बार-बार अमित को चोदने के लिए खुशामद करती रही। क़रीब 10 मिनट अमित ने सिप्रा के बदन को उपर-उपर ही सहलाया, मसला, लेकिन उसे सिप्रा की चिकनी बूर बहुत ही ज़्यादा पसंद आ गई थी। सुबह से तीन माल, अपनी मां इंदिरा, रेणु और अनीता को चोदा था। तीनों की बूर चिकनी थी। लेकिन अमित को सबसे बढ़िया बूर सिप्रा की ही लगी। बूर की फांक को 2 अंगुलियों से फैला कर रखा, और चूसने लगा, चुभलाने लगा। अमित अपने काम में व्यस्त था, और एक वेटर तीन और आदमियों को लेकर अंदर आया।

रेणु: जगन (वेटर), तुम अपना काम करो। लाला जी, आइए। समिरा मैडम और रंभा, आप दोनों का भी बहुत-बहुत स्वागत है। बैठिये।

रेणु ने उठ कर दरवाज़ा बंद कर दिया। अब सिप्रा की चुदाई देखने वाले आठ लोग थे। ना सिप्रा को ही कोई शर्म थी, और ना ही अमित को। हॉल में आठ लड़कियों के सामने एक लड़की को डेढ़ घंटा से ज़्यादा समय तक चोद कर अमित को अपने उपर बहुत ही ज़्यादा विश्वास हो गया था।

समिरा: इंदिरा, ये तुम्हारा ही बेटा है ना! किससे चुदवा कर इसे पैदा किया था?

इंदिरा ने अपनी जांघों को पूरा खोल दिया जिससे कि सभी को उसकी बूर साफ़-साफ़ दिखाई पड़ती रहे। उसने अपनी अंगुलियों से बूर की फांक को फैलाया।

इंदिरा: समिरा, अमित का बाप साधारण आदमी ही है। लंड भी साधारण है। 7 इंच लंबा ही है, लेकिन मैंने उससे लगातार 30 दिन घोड़ा और घोड़ी की चुदाई देखते हुए ही चुदवाया था। बाप रे, मेरी समझ में अब तक नहीं आया कि घोड़ी हर बार 14-15 इंच लंबा लंड अपनी बूर में कैसे ले लेती थी।

सिप्रा: वैसे ही जैसे मेरी बूर ने तेरे बेटे के 11 इंच लंड को अंदर ले लिया है। पिछले 22 सालों से 5-6 इंच लंबे लंड से ही चुदवाती रही और देखो अभी तेरे बेटे का 11 इंच लंबा लंड कितने आराम से मेरी बूर में डुबकी लगा रहा है। इंदिरा, तुम लोगों के पास समय है तो मेरे घर आओ, अपने बेटे और ससुर के सामने अमित से चुदवाऊंगी। तुझे रुपया चाहिए तो वो भी दूंगी।

लेकिन राजेंद्र नहीं चाहता था कि इंदिरा कहीं और जाये। वो पूरे समय इंदिरा को अपनी नज़रों के सामने ही रखना चाहता था।

इंदिरा: अभी मैं राजेंद्र जी की मेहमान हूं, उनकी माल हूं। वे जिस से भी चुदवाने बोलेंगे मैं चुदवाऊंगी।

मां की बात सुन कर अमित को बहुत ग़ुस्सा आया। वो रगड़-रगड़ कर सिप्रा को चोदने लगा तो सिप्रा को भी ज़्यादा मज़ा आने लेगा। वो भी तेज़ी से हाथों और पांव को अमित के बदन पर रगड़ने लगी।

“रानी मैं गया”,

“अमित, मैं भी गई”।

रुम में आने के बाद जरीना पहली बार बोली-

जरीना: अमित तुम भी आदमी ही हो, कैसे करते हो ऐसा? शाम को तुमने अनीता को एक घंटा चालीस मिनट चोदा, और अभी सिप्रा को एक घंटा पच्चीस मिनट। मुझे तो लग रहा था कि ये चुदाई ख़त्म होगी ही नहीं।

सिप्रा: बाप रे अमित, मज़ा तो हद से ज़्यादा आया लेकिन कोई इतनी देर चोदता है क्या? हम औरतों को 15-20 मिनट का दमदार धक्का ही ठंडा कर देता है। मैं तीन चार बार झड़ गई। तुम्हारी मां तो बहुत बिजी हैं, तुम ही मेरे घर चलो।

अमित: तुम भी मुझे बहुत पसंद आई तभी मैंने तुम्हारे पति के सामने ही चोद लिया।

विमल: अमित बहुत ही बढ़िया किया। घर के बाहर आज पहली बार किसी को किसी से चुदवाते देखा है। सच मुझे अपनी घरवाली को दूसरे से चुदवाते देख बहुत मज़ा आया।

राजेंद्र: विमल जी, आपको जब भी अपनी घरवाली को दूसरे से चुदवाते देखना हो, यहां आ जाईयेगा। कोई ना कोई शिप्रा को चोदने वाला मिल ही जायेगा।

शिप्रा: मैं रंडी नहीं हूं। फिर कभी मुझसे धंधा करने बोला तो खड़े-खड़े गांड मार दूंगी। अमित, सीधा मेरे घर आना। विश्वास दिलाती हूं पछताओगे नहीं। विमल चलो बहुत लेट हो गयी है।

रेणु: अमित ने चोदा कितना दूं?

शिप्रा: रुपया की बात कर तुम हम दोनों को बेइज्जत कर रही हो।

शिप्रा ने कपड़े पहन लिए और इंदिरा खड़ी हो गई।

इंदिरा: मेरे बेटे ने आपकी घरवाली को मुफ़्त में चोद लिया। शिप्रा क़ीमत भी नहीं ले रही है। आप चाहे तो मेरे साथ मस्ती ले सकते हो।

विमल ने एक बार अपनी पत्नी की ओर देखा।

शिप्रा: विमल, इतने लोगों के सामने तुम्हारा लंड खड़ा भी नहीं होगा। इंदिरा की जवानी का मज़ा ले लो और घर चलो। रेणु, रेस्टोरेन्ट कब तक चालू रहता है?

रेणु: शोभा दीदी, इन दोनों को और जरीना को बढ़िया से खाना खिला दो, और यहां भी तुम्हारा जो मन करे भिजवा देना। जरीना के लिए कोई बढ़िया कस्टोमर मिले तो इसे सेट कर देना और कोई ना मिले तो बलवंत से कहना कि जरीना को घर पहुंचा दे।

जरीना के कपड़े पहनने के बाद शोभा तीनों को लेकर चली गई।

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