संगीता: तुम इतने बेशर्म हों नहीं मालूम था।
मैं: बहुत ही मस्त हो संगीता। सामने से रचना क्या, रेखा भी आ जायेगी तो उसे चोद लूंगा। लेकिन अगर यहां सच में मैं किसी को चोदना चाहता हूं, तो वो तुम ही हो। 5-6 साल बाद अगर भगवान ने चाहा तो हम शादी भी कर लेंगे। लेकिन अभी जल्दी से जल्दी तुम्हारे साथ सुहागरात मनाना चाहता हूं। रोज़ तुम्हें चोदना चाहता हूं।
संगीता ने ऐसा सोचा भी नहीं होगा कि मैं ऐसा करूंगा। ऐसे खुल कर चोदने की बात करुंगा।
संगीता: मैं कुंवारी नहीं हूं।
मैंने उसकी गालों को सहलाया और झूठ कहा। तब तक मुझे नहीं मालूम था कि उसने अपनी जवानी बेची थी।
मैं: इतना काफ़ी है कि तुम अपनी जवानी को बेचती नहीं हो, तुम रंडी नहीं हो। मेरी बहन ने भी कॉलेज में टीचर से चुदवाया था। अभी कॉलेज के एक बुड्ढे प्रोफेसर को बर्बाद कर रही है। मेरी मां ने भी कहा था कि वो कॉलेज के तीन टीचर से चुदवाती थी। और औरत कभी भी झूठी नहीं होती है। मुझे मौक़ा दो संगीता। अगर जल्दी तुम्हें प्यार नहीं कर पाऊंगा तो मर जाऊंगा। विश्वास दिलाता हूं। मेरे साथ तुम बहुत खुश रहोगी।
संगीता लंबी-लंबी सांसें ले रही थी। उसकी 36 इंच की चूचियां उपर-नीचे हो रही थी। बहुत ही बढ़िया लग रहा था।
संगीता: पहले किसी को चोदा है कि मेरे ही साथ शुरुआत करोगे? मैं बहुत ही गंदी और चुदासी लड़की हूं। परसों ही एक टीचर ने चोदा, अपने को बहुत तीस मार खां समझता है, दूसरी कई लड़कियों को चोदता है। उन लड़कियों ने कहा कि बहुत बढ़िया चोदता है इसलिए मैंने उसे मौक़ा दिया।
संगीता: मादरचोद ने तीन बार अंदर घुसाया लेकिन एक बार भी मुझे खुश नहीं कर पाया। तीनों बार 5-7 मिनट में ही झड़ गया। अब साले ने फिर हाथ लगाने की कोशिश की तो हरामी का लंड काट दूंगी। किस हॉस्टल में रहते हो, कौन सा रुम है?
रेखा की तरह इसने भी होस्टल और रुम नंबर के बारे में पूछा। मुझे लगा कि रेखा की तरह ये भी रुम में संदेश भेजेगी। मैंने होस्टल का नाम और रुम नंबर बता दिया।
वैसे कोई ये नहीं चाहता कि कोई दूसरा आदमी उसकी प्रेमिका को चोदे। लेकिन संगीता की बात सुन कर समझ आया कि अरविंद सर ने संगीता को चोदने क्यों कहा। क्योंकि संगीता ने उन्हें फेल कर दिया था।
संगीता के यह पूछने पर कि मैंने किसी के चोदा कि नहीं मैंने फिर झूठ कहा।
मैं: दूसरे लड़कों की तरह मैं भी अपनी मां को ही चोदने का सपना लेकर बड़ा हुआ, और इस बार कॉलेज खुलने के चार दिन पहले मैंने मां से अपने दिल की बात कह दी कि मैं उन्हें चोदना चाहता हूं।
संगीता: मां बहुत ग़ुस्सा हुई होगी, तुम्हें मारा पीटा होगा?
मैं: नहीं, मां ने पूछा कि मैंने किसी जवान लड़की या औरत को नंगा देखा है। तो मैंने कहा कि नहीं देखा है। यह सुन कर मां नंगी हो गई। पहले तो उसने अपने एक-एक अंग के बारे में बताया और यह भी बताया कि औरत को कैसे खुश कर सकते हैं। संतुष्ट कर सकते हैं। मां ने मुझे भी नंगा किया और लंड को सहलाया। मां ने कहा कि मेरे जैसा लंबा और मोटा लंड उसने पहले नहीं देखा।
मैं: उसने लंड की स्किन को कई बार उपर-नीचे किया और उसने कहा कि मैंने अब तक किसी को नहीं चोदा है। लंड को सहलाते हुए मां ने समझाया कि किसी को भी मां, बहन और बेटी को नहीं चोदना चाहिए। और लगातार तीन रात मां दो औरतों को मुझसे चुदवाने भेजती रही। और जब मां मुझे स्टेशन पर पहुंचाने आई तो उसने कहा, “दोनों औरतों ने तुम्हारी बहुत ही तारीफ़ की है। मैं अगर तुम्हारी मां नहीं होती तो तुम्हारी मुफ़्त की रखैल बन गई होती।”
मुझे पूरा विश्वास था कि मेरी बातें सुन कर संगीता बहुत जल्दी मुझसे चुदवाएगी।
तभी संगीता की मां की आवाज़ सुनाई दी। “अमित, नागिन ने हाथ भी लगाने दिया कि नहीं?”, संगीता की मां हाथ में ट्रे ले कर आते हुए बोली। मैंने उनके हाथ से ट्रे लेकर सेंटर टेबल पर रखा।
मैं: मैडम, मैं इससे ही खुश हूं कि इस खूबसूरत चमकीली नागिन ने मुझे डसा नहीं। बहुत ही प्यारी है आप की प्यारी बेटी संगीता। काश मैं इस से 5-6 साल बड़ा होता, तो ज़रूर इससे ही शादी करता।
संगीता मुस्कुराते हुए बोली, “थैंक यू अमित”
मेरा बहुत बढ़िया समय चल रहा था। चाय-नाश्ता करते हुए मैंने उन्हें अपने परिवार के बारे में सब कुछ बताया। और आख़िर में कहा, “भगवान की कृपा से हम बहुत खुश हैं। बाबू जी रेलवे में जी.एम. की पोस्ट पर हैं, लेकिन उनकी पहुंच बहुत उपर तक है। अगर आप लोगों को कभी हमारी ज़रूरत हो तो बे झिझक बोलिएगा। अगर कुछ भी मदद कर पाया तो हमें बहुत ख़ुशी होगी।”
हम चाय पी रहे थे तो हेडमास्टर साहब भी आ गये। मैंने उनसे भी माफ़ी मांगी कि मैं बिना बुलाए आ गया।
हेडमास्टर: जब इन दोनों मां बेटी ने तुम्हें अपना लिया फिर मैं नाराज़ होने वाला कौन होता हूं?
मैं जब सात बजे होस्टल पहुंचा तब तक मेरे सभी दोस्तों को खबर हो चुकी थी कि मैं हेडमास्टर के घर में बहुत देर तक था।
बहुत से दोस्तों ने मेरा मज़ाक उड़ाया। मैं भी मज़ाक में ही ज़बाब देता रहा। रात के खाने के बाद विनोद मेरे कमरे में आया। मैंने विनोद को टटोलना चाहा।
मैं: यार, संगीता ने अपनी मां के सामने कहा कि मैं बेकार ही उसकी या रचना की लाइन मार रहा हूं। उसने कहा कि अगर मैं गार्ड को रुपया दूं तो वो यही रुम में बढ़िया-बढ़िया माल ला देगा। उसकी मां ने कहा कि बहुत सी टीचर्स की पत्नी और बहन, बेटियों रुपया लेकर चुदवाती है। मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा है कि यहां ये रंडीपना भी होता है।
विनोद: संगीता ने ठीक ही कहा है। सिर्फ़ फ़ाइनल ईयर के स्टूडेंट ही अपने रुम में रंडियों को बुला सकते हैं। पिछली रात ही मैंने राजन सर की बीबी पल्लवी को चोदा। 2 घंटे का 3000 लेती है। 300 बनबारी को देना पड़ा। मैंने बनबारी और दूसरे गार्ड से भी कहा है कि जो कोई रेखा मैडम को रुम में लायेगा मैं उसे 5 हज़ार दूंगा। रेखा जितना मांगेगी मैं उसे दूंगा।
मैं: क्या यार तुम भी! 8-9 साल से अरविंद जैसे मर्द से चुदवा रही औरत को चोदने के लिए इतना खर्च करना चाहते हो। संगीता ने ही कहा कि कॉलेज की सभी जवान लड़कियां और औरतें अरविंद सर के लिए तड़पती है। अरविंद ने रेखा की बूर ढीली कर दी होगी।
लेकिन विनोद रेखा को चोदने के लिए कुछ भी कर सकता था।
मैंने रेखा को रात भर चोदा। हेडमास्टर की बिंदास बेटी संगीता से दोस्ती भी की। मेरा दोस्त रेखा को चोदने के लिए कोई भी क़ीमत देने को तैयार था।
विनोद: रेखा ने अगर मुझसे जल्दी नहीं चुदवाया तो मैं उसे उठवा लूंगा। उफ़, रात दिन रेखा की प्यारी बूर का ही सपना देखता रहता हूं।
इतना बोल कर वो रुम से बाहर चला गया। एक सवा घंटा पढ़ाई करने के बाद मैं सो गया। दरवाज़े पर नॉक सुन कर नींद खुल गई। समय देखा रात का 12:30 हुए थे। उस रात मैंने किसी को नहीं बुलाया था। मुझे लगा कि विनोद ही नॉक कर रहा था। मैं सिर्फ़ एक अंडरपैंट पहन कर ही सो रहा था। मैं वैसा ही बेड से उतरा और दरवाज़ा खोला।
ये बनबारी गार्ड नहीं कोई और गार्ड असलम था। लेकिन वो अकेला नहीं था। उसके साथ बुर्का पहने हुए कोई औरत थी।
मैं: असलम, मैंने किसी को नहीं बुलाया है। इसे ले जाओ, मुझे सोने दो।
औरत: असलम काका, आप अपनी ड्यूटी करो। लेकिन भूलना मत, 4 बजे तुम्हें ही मुझे घर पहुंचाना है।
असलम वहां से चला गया और औरत ने अंदर से दरवाज़ा बंद कर दिया।
औरत: मुझे भी तो देखने दो कि अपनी मां को मुफ़्त की रंडी कैसे बनाओगे।
औरत की आवाज़ और बातें सुन कर समझ गया कि मेरे सामने संगीता थी। मैंने उसे अपनी बाहों में लेकर होंठ और गाल, दोनों को खूब चूमा।
मैं: मेरी प्यारी संगीता, मैं तुम्हारी अनदेखी चूत में घुसने का ही सपना देख रहा था।
संगीता: यार फिर इंतज़ार क्या कर रहे हो, ये रंडी तुम्हें अपने अंदर ही लेने आई है। कई औरतों ने कहा था कि हर लड़की को पहले अपने बाप की उम्र के आदमी से ही चुदाई शुरु करनी चाहिए। ये असलम अक्सर मेरे घर आता है। मैं इसे बढ़िया से पहचानती थी। इससे बातें भी करती थी।
संगीत: चार महिने पहले इसी ने कहा कि कुछ लड़के मेरे बारे में गंदी बातें करते हैं, मुझे चोदना चाहते है। मैंने उससे और पूछा तो उसने कहा कि अपने क्लास का रंजन मुझे 50 हज़ार तक देने को तैयार है। लेकिन उसने कहा कि रंजन सिर्फ़ कुंवारी माल को 50 हज़ार देगा। अगर मैं पहले से चुद चुकी हूं, तो सिर्फ़ 5 हज़ार देगा। असलम की बातें सुन कर में चुदवाने के लिए तैयार हो गई।
संगीता बोल रही थी और मैंने उसे नंगा कर दिया। दोनों हाथों से बदन को सहलाते हुए कहा, “बहुत ही मस्त और सुंदर लड़की हो। तुमने रंजन से चुदवा लिया?“
संगीता मेरे कपड़े खोलने लगी।
संगीता: अपने क्लास में मुझे 4-5 लड़के ही पसंद है। उनमें एक तुम भी हो। मैंने असलम से कहा कि मैं चुदाई की शुरुआत किसी बड़े उम्र के आदमी के साथ करना चाहती हूं साथ ही मुझे कम से कम एक लाख चाहिए।
मैं: बेचारा असलम 50 साल का होगा और तुमने उसके सामने चुदाई की बात की। उसने तुम्हें चोदा नहीं?
संगीता: अगर वो चोदना चाहता तो शायद मैं चुदवा भी लेती, लेकिन उसने मुझे नंगा करने या चोदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी। 8-10 दिन के बाद असलम ने मुझे एक लिफ़ाफ़ा दिया और उसने कहा कि लिफ़ाफ़े में 2 लाख रुपये है। असलम ने कहा कि कस्टोमर को माल बिल्कुल कुंवारी चाहिए और पूरे दिन के लिए चाहिए।
संगीता: अगले ही दिन असलम मुझे शहर के एक होटल में ले गया और रुम में एक 55-56 साल का एक मारवाड़ी सेठ था। उम्र जो भी हो, उसने मेरी चूत फाड़ी और 7 घंटे में तीन बार ही चोद पाया। उसने लंड भी खूब चुसाया। वो मुझसे इतना ख़ुश हुआ कि अगले रविवार को भी मुझे होटल में बुलाया। मैं गई और उस दिन उसके साथ उसकी ही उम्र का एक और आदमी था। दोनों ने 2-2 बार चोदा, लंड चुसाया। उस दिन भी मुझे 2 लाख मिला।
मैंने संगीता को बेड पर लिटाया। कुछ देर मैंने होंठों को चूसा और उसके बाद चूचियों को चूसा। फिर क़रीब 40-45 मिनट बूर को अंदर बाहर से खूब चूसा, बहुत चाटा। संगीता पूरे समय सिसकारी मारती रही। संगीता रुम में आई उसके क़रीब डेढ़ घंटा बाद मैं बूर में लंड पेलने लगा।
संगीता: वाह अमित बहुत मोटा लंड है, लग रहा है पहली बार कोई लंड बूर में घुस रहा है।
मैं: संगीता, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है। तीसरे आदमी ने भी होटल में ही चोदा क्या? वो भी कोई मारवाड़ी सेठ ही था क्या?
संगीता: नहीं, तीसरा आदमी कोई सेठ नहीं, नाम नहीं बताऊंगी, एक अपना ही टीचर है, उस ने कॉलेज के गेस्ट हाउस के एक रुम में चोदा लेकिन वो साला पहले दोनों से भी बेकार निकला। पहले सेठ ने मेरी चूत फाड़ी। बहुत मज़ा तो नहीं आया था लेकिन ठीक था। दूसरे वाले ने पहले वाले से ज़्यादा देर तक और बढ़िया चोदा लेकिन अपना टीचर तो यार 10 मिनट भी कड़ा नहीं रह पाया। 25 हज़ार लिया था तो रात भर उसके साथ रही। लेकिन कोई मज़ा नहीं आया था।
मैं दना दन रेल ही रहा था। लगातार चिकने बदन को सहलाते हुए, बीच-बीच में चुनते हुए पूरी ताक़त से धक्का मार रहा था।
मैं: तुम मेरी चौथी औरत हो। पहली तीन को भी चोद कर मज़ा आया था, लेकिन तुम्हारे साथ कुछ ज़्यादा ही मज़ा आ रहा है। तुम औरतें चुदाई में किस तरह का मज़ा ढूंढती हो। उन तीनों ने हर बार कहा है कि मैंने उन्हें पूरा संतुष्ट किया। कैसी संतुष्टि चाहती हो तुम लोग?
रेखा ने बहुत ही मस्ती में तीन बार चुदवाया था। मुझे तो रेखा को चोद कर बहुत ही ज़्यादा मज़ा आया ही था, रेखा ने भी कहा था वह पूरी तरह से संतुष्ट हो गई थी। अगले दिन मां और बेटी की जोड़ी को अपने रुम में ही चोदा था, और उन्होंने भी कहा था कि उन्हें इतना मज़ा आया कि वे दुबारा मेरे साथ चुदवाने आयेगी। लेकिन ये जवान लड़की कह रही थी कि उसे किसी के साथ कोई मज़ा नहीं आया था।
संगीता: यार, अब कैसे बताऊं कि हम लड़कियों को कैसा मज़ा चाहिए। जब बढ़िया चोदे तो कैसा लगता है? सच मुझे नहीं मालूम। तीनों आदमियों से 3-3 बार चुदवाया लेकिन उनसे दुबारा चुदवाने का मन नहीं है। मैंने कई औरतों से इस बारे में बात की है। उनका कहना है कि जैसे तुम लड़कों के लंड से रस निकलता है वैसा ही रस औरत की बूर में भी निकलता है लेकिन तभी जब वह पूरी तरह से संतुष्ट होती है।
संगीता: तुमसे पहले 9-10 बार लंड मेरी बूर में घुसा। उन हरामियों के लंड ने हर बार पानी छोड़ा, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि मेरी बूर से एक बार भी रस निकला हो। चुदवा कर ठंडा होने के बदले हरामियों ने मुझे और गर्म कर दिया, और तुमने एक बार चूमा तो मैं तुम्हारे पास ठंडी होने आ गई। यार उन तीनों के साथ चुदवाने में एक बार भी ऐसा मज़ा नहीं मिला था, जितना तुम दे रहे हो। बहुत बढ़िया लग रहा है यार।
संगीता: तुम्हें कैसी लड़की, कैसी माल पसंद है? कई औरतों ने, मेरी मां भी कहती है कि जिस मर्द का बदन बढ़िया गठीला हो और उसके लंड की लम्बाई मोटाई बढ़िया हो तो 10 में से 9 वैसे आदमी ज़रूर बढ़िया चुदाई करेंगे। तुम्हारे घर से निकलने के बाद जानती हो मां ने क्या कहा?
मैं पूरी ताक़त से धक्का लगा रहा था। यह जान कर बढ़िया लगा कि संगीता की मां ने मेरे पीछे मेरे बारे में बात की।
मैं: क्या कहा आंटी ने कि मैं उनकी बेटी को चोदना चाहता हूं?
संगीता की ये चौथे आदमी के साथ चुदाई थी। उसे चुदाई का अनुभव तो हो ही गया था। वैसे मुझे लगता है कि औरत को चुदाई के बारे में कुछ भी सिखाने की ज़रूरत नहीं होती है। वे सब कुछ अपनी मां के पेट से ही सीख कर आती है। संगीता सिसकारी तो मार ही रही थी, उसका बदन भी उपर-नीचे हो रहा था।
संगीता: तुम हमारे घर से निकले और मां ने मेरे और बाबू जी के सामने कहा, “बहुत ही बांका जवान है। ये ज़रूर ही बहुत बढ़िया चुदाई भी करता होगा। काश ये मुझे भी एक बार चोदता!”
संगीता की बात ने मुझे बहुत गर्म कर दिया। चूचियों को मसलते हुए मैं दनादन पेलता रहा।
मैं: तुम्हारे बाबू जी ने अपनी घरवाली को डांटा नहीं?
संगीता: नहीं यार, उल्टा बाबू जी मां के साथ मस्ती से बातें करने लगे। उन्होंने कहा कि मां को जिससे भी चुदवाना है चुदवा ले, बेटी के सामने ये बोल कर बेटी को क्यों गर्म कर रही है। और जानते हो मां से बात करते हुए बाबू जी ने अपना एक हाथ मेरी कमर में लपेटा, और मुझे अपनी तरफ़ दबातें हुआ जो कहा, वो सुन कर भी मुझे विश्वास नहीं हुआ।
संगीता झूठ बोल रही थी या सच मुझे नहीं मालूम पड़ रहा था। लेकिन उसकी बातें मुझे बहुत ही ज़्यादा मस्त कर रही थी। जो भी हो, उस समय संगीता को चोद कर जैसा मज़ा आ रहा था, वैसा मज़ा रेखा या दूसरी दो माल को चोदने में नहीं आया था।
मैं: बेटीचोद तेरे बाप ने क्या कहा था? संगीता क्या सभी बाप बेटी को चोदना चाहते हैं? मेरा बाप भी अपनी बेटी के साथ खुल कर चुदाई की बातें करता है। मैंने अपनी कानों दोनों की गंदी-गंदी चुदाई की बातें सुनी थी।
संगीता: बाबू जी ने कहा कि मेरा भाई जो मुझसे तीन साल बड़ा है सालो से अपनी मां को चोदने का सपना देख रहा है। बाबू जी ने कहा था, “मेरी प्यारी घरवाली, क्यों अपनी बेटी के यार पर नज़र लगा रही है। अपने बेटे सोमेश से चुदवा ले। तेरी ब्रा में लंड रगड़ता रहता है।”
मैं: आंटी को बहुत ग़ुस्सा आया होगा!
संगीता: नहीं अमित, मां ने जवाब दिया कि क्या पता वो बेटे से चुदवाती भी हो। मां की बात सुन कर बाबू जी चुप रह गये। लेकिन उन्होंने मेरी कमर से हाथ नहीं हटाया और मैंने भी वो पूछ लिया जो किसी बेटी को बाप से नहीं पूछना चाहिए। मैंने बाबू जी से पुछा कि क्या दूसरे टीचर्स की तरह वे भी कॉलेज की लड़कियों को चोदते हैं।
संगीता: मेरी बात सुन कर मां खिलखिलाती हुई कमरे के अंदर चली गई। मेरे बहुत पूछने पर बाबू जी ने बताया कि क़रीब पिछले दस सालों से वे चोदने के लायक़ हैं ही नहीं। लेकिन पहले उन्होंने भी बहुत सी लड़कियों को चोदा था। मैंने और कुरेदा तब बाबू जी ने कहा कि 10 साल पहले उन्होंने किसी के कहने पर लंड को लंबा और मोटा करने की दवा खा ली थी। एक महीने तक खाते रहे लेकिन दवा का उल्टा असर हुआ और उनका लंड बिल्कुल ठंडा हो गया था।
संगीता: बाबू जी ने कहा कि अब वे चोद तो नहीं सकते हैं लेकिन महिने में एक-दो बार जवान लड़की को नंगा देखने के लिए रुपया खर्च करते थे। और बाबू जी ने अपने दिल के अंदर दबी हुई वासना को बाहर निकाल ही दिया।
संगीता की कहानी बहुत मज़ेदार थी ही, जिस अंदाज से वो चूत्तड़ों को उछाल-उछाल कर चुदाई का मज़ा लेते हुए अपनी मस्त आवाज़ में बोल रही थी, मुझे बहुत ही बढ़िया लग रहा था। लंड पूरा टाईट था। संगीता की रसीली और गर्म बूर में डुबकी लगा रहा था। लेकिन मेरा ध्यान उसकी बातों पर था।
मैं: हरामी ने तुझे, अपनी बेटी को चोदने की बात की?
संगीता: वो क्या चोदेगा, उसने कहा कि वो मुझे चोद तो नहीं पायेगा, लेकिन जो रुपया वो बाहर की लड़कियों पर खर्च करता है वो रुपया मुझे देगा। उसने मुझसे कहा कि हर हफ़्ता एक रात उसके साथ नंगी रहूं। मैंने उसे उस समय कोई जवाब नहीं दिया। अमित, बाप के मुंह से बेटी के लिए उतनी गंदी बात सुन कर मुझे ग़ुस्सा आना चाहिए था। लेकिन ग़ुस्से के बदले मुझे उस पर तरस आ गया। पहले तुम्हारी हरकतों ने और फिर मां और बाबू जी की बातों ने मुझे बहुत चुदासी बना दिया।
संगीता: मैं ज़बरदस्त चुदाई चाहती थी। पहले तो जी किया कि अरविंद सर को रात में गेस्ट हाउस में बुला लूं, फिर सोचा क्यों ना इस मादरचोद से चुदवा लूं। अमित मैं चाहती हूं कि तुम मेरे सामने अपनी मां को चोदो और मां के सामने मुझे चोदो। उफ्फ अमित, तुमने पहले ही क्यों नहीं चोदा? मस्त कर दिया यार, मुझे क्या हो रहा है? बाप रे, आह आगे-आगे।
संगीता ऐसे ही सिसकारी मारती रही उसका बदन टाईट हुआ ही उसने अपने बाहुपाश में मुझे इतना कस कर बांधा कि मैं धक्का नहीं लगा पाया और फिर संगीता बिल्कुल ढीली हो गई। और मैं भी झड़ने लगा। संगीता मुझे देख कर मुस्कुराती रही। हम दोनों कुछ देर एक दूसरे की आंखें में देखते रहे और फिर एक-दूसरे को बहुत बेताबी से चूमा। कुछ देर बाद हम दोनों बिल्कुल ठंडे हो गये।
संगीता: अमित सच-सच बोलो तुमने अपनी मां को चोद लिया है ना? इतने बढ़िया से चोदना उसी रंडी ने सिखाया ना?
मैं संगीता के उपर से उतर कर उसके बग़ल में लेट गया। बूर को सहलाने लगा।
मैं: मां को चोदने की, उसकी अनदेखी बूर में बहुत बेसब्री से अपना लंड पेलना चाहता हूं। लेकिन अपने लंड की कसम, अभी तक उस कुतिया को नंगा भी नहीं देखा है। लेकिन रंडी तुमने अरविंद सर से कब चुदवाया?
संगीता: अब तुमसे क्या छिपाना। कंपाउंड की कई औरतों ने, 3-4 लड़कियों ने अरविंद की चुदाई की बहुत तारीफ़ की थी। क़रीब डेढ़ महिना पहले असलम ने कहा कि अरविंद सर मुझे चोदना चाहते हैं। दस हज़ार देंगे। तब तक मैं कुंवारी ही थी। मुझे ज़्यादा रुपया चाहिए था। मैंने असलम से कहा कि मुझे एक लाख चाहिए और उसने कस्टोमर भी ला दिया।
संगीता: मैं दो बार होटल जाकर चुदवा कर आई। असलम मुझे बार-बार अरविंद की चाहत के बारे में बोलता रहा, और मैंने कह दिया कि अरविंद को बोलो कि बुधवार की रात 25 हज़ार लेकर गेस्ट हाउस में आ जाए, और वो आ भी गया। लेकिन ना-मर्द ने मुझे बहुत निराश किया। यार अरविंद को भूल जाओ, जल्दी अपनी मां को बुलाओ, उन्हें चोदो।
मेरी किस्मत बहुत ही बढ़िया थी। इलाक़े की सबसे खूबसूरत औरत, अरविंद सर की घरवाली को चोद कर अपनी चूदाई शुरु की, तो एक सप्ताह के अंदर तीन और बढ़िया माल चोदने के लिए मिली।
हेडमास्टर की छोटी बेटी ख़ुद मेरे रुम में चुदवाने आई। रेखा की तरह उसने भी मुझे मां को चोदने के लिए उकसाया। मां की गंदी चिट्ठी पढ़ कर यह विश्वास हो गया था कि मेरी मां भी मुझसे चुदवाने के लिए बेकरार थी।
मैं संगीता को रगड़-रगड़ कर चोद रहा था।
मैं: संगीता रानी, मैं ख़ुद अपनी मां को चोदने के लिए बेकरार हूं। लेकिन रानी मेरे बोलने पर अपने अरविंद सर से एक बार और चुदवा ले। सभी को मालूम है अरविंद बहुत सी लड़कियों और औरतों को चोदता है। मुझे लगता है कि तुम्हारी मदमस्त जवानी देख कर वो ज़्यादा ही बेताब हो गया होगा। इस बार वो ज़रूर तुम्हें ख़ुश करेगा।
संगीता: तुम भी मुझे पहली बार ही नंगी देख रहे हो। पहली बार ही चोद रहे हो। लेकिन तुम तो बहुत ही बढ़िया से चोद रहे हो। जानते हो मैं दो बार झड़ चुकी हूं। मैंने भी अरविंद की बहुत तारीफ़ सुनी थी, इसलिए ही उससे चुदवाया, लेकिन साला ना-मर्द है। आह अमित बहुत ही बढ़िया लग रहा है। अब तुम्हें जब भी मेरी जवानी की ज़रूरत हो मेरे घर आ जाना। तुम्हारे हेडमास्टर घर में रहेंगे फिर भी तुमसे चुदवाऊंगी। दीदी जब भी आयेगी उसे भी तुम्हारे लंड पर बिठा दूंगी।
संगीता जवान थी, बहुत ही कम चुदी थी। मेरे लंड को उसकी बूर बहुत पसंद आ गई थी। लंड ढीला ही नहीं हो रहा था।
मैं: रानी, तुम सोच भी नहीं सकती कि तुम्हें प्यार कर, तुम्हें चोद कर मैं कितना ख़ुश हूं। तुम जिसे भी चोदने बोलेगी उसे चोदूंगा, लेकिन रानी प्लीज़ मेरे बोलने पर एक बार और अरविंद से चुदवा ले।
मैं अरविंद सर को ख़ुश करना चाहता था जिससे कि वो कभी मुझे रेखा को चोदने से ना रोके। और संगीता ने मेरी बात मान ली। हमने कुछ देर और चुदाई की। हम दोनों क़रीब साथ ही झंडे।
संगीता: वाह अमित, मुझे नहीं लगता कि चुदाई का जैसा मज़ा तुमने दिया है, उससे ज़्यादा मज़ा कोई और देगा। मेरा बदन बहुत हल्का हो गया है, मुझे लगता है कि मैं आसमान में उड़ रही हूं। हर रात मैं यहां नहीं आ सकती। आज रात तुम मेरे मेहमान हो। मेरे घर में मेरे ही बेड पर मुझे रात भर चोदोगे। चिंता मत करो, तुम्हारे हेडमास्टर नाराज़ नहीं होंगे। आज ही कभी मौक़ा मिलेगा तो उसे चूचियों को चूसने दूंगी और तुम्हारे साथ चुदवाने का परमिशन ले लूंगी।
अपनी कानों से सुन कर भी मुझे विश्वास नहीं हुआ कि किसी से चुदवाने के लिए कोई लड़की अपने बाप के सामने नंगी होगी। और तब मुझे अपने बाबू जी और बहन की बात याद आ गई। मैं संगीता के उपर से उतर कर उसके बग़ल में आ गया और उसे अपने उपर खींचा।
मैं: जानती हो, जैसा तुमने अपने बाबू जी को चूची चुसवाने की बात की, वैसा ही शायद मेरी दीदी भी अपने बाबू जी से चुदवाती है। मैंने दीदी और बाबू जी के बीच जो बात हुई थी, संगीता को सब बताया। संगीता बात को समझ गई।
संगीता: मैं विश्वास के साथ कहती हूं कि तुम्हारी दीदी किसी से चुदवाना चाहती है। वो अपने बाप से कह रही होगी कि पहले उसे उसके यार से चुदवाने दे तब वो बाप से भी चुदवायेगी।
मुझे संगीता बहुत ही पसंद आने लगी थी।
मैं: उस रंडी को छोड़ो, जिससे चुदवाती है चुदवाये। रानी मैं बहुत ही किस्मत वाला हूं कि तुम मेरी दोस्त हो, लेकिन एक बार अरविंद सर को और मौक़ा दो। नहीं तो तुम दोनों ज़िंदगी भर पछताते रहोगे कि मौक़ा मिलने पर भी एक-दूसरे के साथ बढ़िया से मस्ती नहीं मार सके। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार अरविंद तुम्हें निराश नहीं करेगा।
संगीता: पहले मेरी बूर को चूस चाट कर फिर से गर्म करो। दोबारा चोद कर मुझे आसमान की सैर करवाओ। तब अरविंद के लंड को एक और मौक़ा दूंगी।
मुझे क्या आपत्ति होती। मैंने संगीता के अंग-अंग को चाटा, पहले चूचियों को खूब चूसा, और उसके बाद बहुत देर तक बूर को अंदर-बाहर से चूसा। क़रीब 15-20 मिनट मैं उसके उपर 69 पोज में हुआ। मैं बूर चूस रहा था, और उसने चुभला-चुभला कर लंड को बढ़िया से चूसा।
चोदने में, चूसने-चाटने, और बातें करने में कितना समय गुजर गया, हमें पता ही नहीं चला। मैंने संगीता को कुतिया बना कर चोदना शुरु किया। क़रीब 20 मिनट चोदा होगा कि दरवाज़ा पर हल्का नॉक हुआ।
संगीता: कितना समय हो गया?
हम दोनों ने नज़र घुमा कर टेबल क्लॉक की ओर देखा। सुबह के चार बज गए थे।
संगीता: मादरचोद, कैसे करता है तू? एक महीने के अंदर अपनी मां को यहां बुला। मैं उस कुतिया से पुछूंगी की किस सांड से चुदवा कर उसने तेरे जैसा सांड पैदा किया। दरवाज़ा खोल दो, असलम होगा और मुझे पूरा ठंडा कर।
एक गार्ड बनबारी ने मेरा लंड भी चूसा था, और उसने दो बढ़िया माल को मेरे पास भेजा था। मैंने सोचा कि क्यों ना दूसरे गार्ड को भी अपना लंड दिखाएं। शायद वो भी किसी बढ़िया माल को मेरे पास भेज दे। बूर से लंड निकाल कर मैं नीचे उतरा। दरवाज़ा खोला तो असलम ही था।
संगीता: जल्दी से दरवाज़ा बंद करो।
असलम ने दरवाज़ा बंद किया और मैं फिर से संगीता को पीछे से चोदने लगा। संगीता भी अरविंद से एक बार और चुदवाने के लिए मान गई।
संगीता: असलम भाई, अरविंद सर को जाकर बोल देना कि संगीता उसे एक और मौक़ा देगी। अगर संगीता को चोदना है तो आज ही तीन बजे दोपहर में 30 हज़ार लेकर उसी जगह पर आ जाये। उस ना-मर्द को तीन घंटा समय दूंगी और तू ये क्या कपड़े के उपर से लौड़ा खुजला रहा है? मुझे चुदवाते देख बहुत जोश चढ़ रहा है तो तू भी नंगा हो जा।
एक 19 साल की लड़की ने 50 साल के बढ़िया दिखने वाले मर्द से ऐसे बात की मानो उसका गुलाम हो। संगीता ने कहा और असलम नंगा हो गया।
संगीता: वाह, आज समझ गई कि मेरी जवानी में बहुत आग है। मैं तो समझती थी कि तुम्हारे लंड में अब कोई दम नहीं होगा। लेकिन इस देख कर लगता है कि ये नफ़ीसा की कच्ची चूत को एक धक्के में ही फाड़ देगा। अपनी बेटियों को चोदते हो ना?
