शनिवार की शाम थी। सलीम संगीता को चोद कर निकल गया था। मैं संगीता के कमरे में जाता हूं। वो बिस्तर पर नंगी लेटी हुई थी। उसकी साड़ी और ब्लाउस इधर-उधर बिखरे हुए थे रूम में।
रॉनित: मुझे आपसे कुछ बात करनी है।
संगीता: हां बोल, क्या हुआ?
रॉनित: मुझे नई बाइक चाहिए।
संगीता: तो अपने बाप से बोल।
रॉनित: कौन से वाले?
संगीता: साले गांडू, ज्यादा बोल रहा है तू।
रॉनित: ओके सॉरी।
संगीता: जिसकी तू औलाद है गांडू, उस गांडू को बोल।
रॉनित: कभी वो दिला देते, तो मैं आपके पास क्यूं आता मांगने।
संगीता: यह बात भी ठीक बोला तू। उससे कुछ मांग भी नहीं सकते।
रॉनित: इसलिए तो आपके पास आया हूं मांगने। आप दिलवा सकती है।
संगीता: मैं कैसे दिलवा दूं? मैं कमाने थोड़ी जाती हूं।
रॉनित: हामिद या सलीम अंकल से बोल कर दिलवा सकती हो आप।
संगीता: और तेरे गांडू बाप को क्या बोलेंगे, कैसे आई बाइक?
रॉनित: आपको पता है उनको कैसे शांत करते है।
संगीता: साले समझदार हो गया है तू। पर उन दोनों से नहीं मांग सकती मैं। यह जो घर का सामान है इतना सारा, देख रहा है? ये उन दोनों की मेहरबानी है। और तेरी बहन की पढ़ाई का आधा खर्चा वो दोनों ही देते है।
मैं फिर अपने कालेज में अमीर लड़कों से दोस्ती करने लगता हूं। फिर मेरी दोस्ती दो अमीर-ज़ादों से होती है। वो दोनों मेरे सीनियर होते है, आसिफ और असलम। वो दोनों 23 साल के जवान लड़के थे। वो दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे, और मैं भी उनसे दोस्ती करने लगता हूं। दोनों के बाप बहुत अमीर थे, और वो दोनों भी बिगड़े हुए थे।
थोड़े दिनों में उनसे अच्छी दोस्ती कर ली थी मैंने। मैं उनके काम कर दिया करता था। यह बात मैंने संगीता को भी बता दी। पहले उसने थोड़ा नाटक किया, पर फिर मान गई उनके साथ करने के लिए।
मैंने फिर उनसे पैसे ले लिए और नई बाइक लेली। फिर थोड़े दिनों बाद उनको घर पर डिनर के लिए बुला लिया और बोला पैसे भी मिल जाएंगे। उस रात को मैं और संगीता ही घर पर अकेले थे। संगीता बहुत अच्छे से तैयार हो जाती है। वो लाल कलर की सारी ब्लाउस पहनती है, और ब्रा पेन्टी नहीं पहनती है। उसको देख कर किसी का भी खड़ा हो जाए।
वो दोनों 8 बजे घर आ जाते है। मैं उन दोनों को वेलकम करता हूं। वो दोनों हाल में सोफ़े पर बैठे थे, और संगीता पानी लेकर उनके पास जाती है। उसने साड़ी थोड़ी नीचे पहनी थी, जिस कारण उसकी नाभी और कमर पूरी दिख रही थी। वो क्लीवेज भी दिखा रही थी उन दोनों को।
जैसे ही उन दोनों ने संगीता को देखा, उनके मुंह से पानी आने लगा। वो देखते ही रह गए थे संगीता को।
असलम: हैलो आंटी, कैसे हो?
संगीता: मैं ठीक हूं। आप दोनों कैसे हो?
आसिफ: हम भी ठीक है आंटी।
संगीता दोनों को पानी पिलाती है, और अपनी गांड हिलाती हुई अंदर चली जाती है। वो दोनों उसे घूरे जा रहे थे। उनके लंड ने भी हरकते करना चालू कर दिया था। थोड़ी देर हम बाते करते है। संगीता चाय लेकर आती है, और टेबल पर रख कर सामने सोफ़े पर बैठ जाती है।
संगीता: आप दोनों का शुक्रिया आपने हमारी बाइक लेने में मदद की।
आसिफ: अरे कोई बात नहीं आंटी। रॉनित दोस्त है हमारा।
असलम: हां आंटी, और दोस्तों के लिए इतना तो बनता है।
संगीता: पर फिर भी आप दोनों बहुत अच्छे हो।
असलम: जी आंटी।
वो दोनों संगीता के जिस्म को घूर रहे थे, और वो भी उनको दिखा कर पूरे मजे ले रही थी। थोड़ी देर एसे ही नॉर्मल बाते करते है।
संगीता: तो बताओ आप दोनों क्या खाना पसंद करोगे? मैं आपके लिए बना दूंगी।
आसिफ: अरे आंटी, खाना तो ऑर्डर कर लेंगे। आप क्यूं परेशान होंगे?
असलम: आप यही बैठो, और बातें करो। बहुत अच्छा लग रहा है।
संगीता: अच्छा ठीक है।
असलम: वैसे आंटी आप बहुत सुंदर है।
संगीता: अरे अब तो उम्र हो गई है।
आसिफ: अरे आंटी आप तो अब भी 30 की लगती हो।
संगीता: अच्छा?
असलम: जी आंटी, लगता ही नहीं आपका कोई बेटा होगा।
संगीता: अरे इतना झूठ भी मत बोलो तुम दोनों।
आसिफ: सच्ची में आंटी।
वो दोनों अब संगीता को पटाने में लग गए थे, और तीनों ने मुझे अनदेखा ही कर दिया था। संगीता भी अब उनके सामने खुलने लगी थी।
आसिफ: वैसे अंकल नहीं नज़र आ रहे?
संगीता: हां वो बाहर गए है। कल शाम तक आएंगे।
असलम: तो आप दोनों अकेले हो घर पर?
संगीता: हां बेटा।
संगीता उनसे बात करने में व्यस्त हो गई थी। उसने साड़ी का पल्लू थोड़ा हटाया, जिससे उसकी क्लीवेज और चिकना पेट उन दोनों को आराम से दिखे। संगीता को दो जवान लड़कों से बात करने में मजा आ रहा था, और वो दोनों भी उसका हुस्न देख कर मजे ले रहे थे।
असलम: आंटी आपका घर तो बहुत आलीशान और बड़ा है।
संगीता: अरे इतना बड़ा और आलीशान कहा है बेटा?
आसिफ: बहुत अच्छा घर है आपका।
संगीता: तुमको अच्छा लगा?
असलम: हमको घर घुमाओगी नहीं?
संगीता: रॉनित घुमा देगा तुमको घर।
आसिफ: आंटी जो आपके साथ देखने में आएगा, वो रॉनित के साथ नहीं।
रॉनित: इतना बोल रहे है तो आप ही घुमा दो दोनों को घर।
संगीता: अच्छा चलो ठीक है।
संगीता आगे-आगे चलने लगी, और वो दोनों पीछे हो गए, और संगीता की बड़ी गांड देखने लगे। संगीता को अच्छे से पता है कैसे लड़कों को अपनी तरफ आकर्षित करते है।
वो अपनी बड़ी गांड हिला-हिला कर आगे चल रही थी। वो दोनों घर से ज्यादा उसकी गांड देख रहे थे। फिर तीनों संगीता के बेडरूम में पहुंच गए, और उन दोनों का इरादा भी यहीं था कि संगीता को कमरे के अंदर ले आए।
आसिफ: आंटी यह आपका बेडरूम है?
संगीता: हां यही है।
असलम: बहुत ही अच्छा है।
असलम बिस्तर पर बैठ गया और बोला: आंटी बिस्तर तो बहुत मुलायम है आपका। इस पर तो बहुत मजा आता होगा।
संगीता: किसमें मजा आता होगा बेटा?
असलम: अरे आंटी सोने का मजा आता होगा इस मुलायम बिस्तर।
संगीता उसकी बात समझ जाती है और उसको एक स्माइल देती है। अब वो तीनों बिस्तर पर ही बैठ जाते है, और मैं नीचे मैं हाल में ही बैठा रहता हूं। असलम की हिम्मत बढ़ने लगती है। वो संगीता की जांघों पर हाथ फेरने लगता है। संगीता उसको कुछ नहीं बोलती, और मजे लेने लगती है।
आसिफ: आंटी आपका घर तो आपके जैसा सुंदर है।
संगीत: तो बता ज्यादा सुंदर कौन लगा तुमको, घर या मैं?
असलम: ज्यादा सुंदर तो आप ही हो आंटी। कोई शक वाली बात ही नहीं है।
असलम उसकी जांघों पर हाथ घुमाता है, और आसिफ उसकी पीठ पर हाथ रख देता है। अब वो दोनों के बीच बैठी हुई थी बिस्तर पर। मैं ऊपर कमरे में आ जाता हूं, तो वो दोनों हाथ एक-दम से हटा लेते है।
संगीता: अरे क्या हुआ? हाथ क्यूं हटा लिये? मुझे अच्छा लग रहा था दोनों के कड़क हाथ।
वो दोनों कुछ समझते नहीं है, और थोड़ा हिचकिचाते है।
रॉनित: अरे भाई जो करना है कर लो। आज रात तुम दोनों का ही है यह माल।
असलम: तो साले जल्दी बोलना था ना। अब बोल रहा रहा है।
संगीता: जल्दी में मजा नहीं आता है असलम जी।
वो दोनों रीलैक्स हो जाते है, और संगीता और वो दोनों खड़े होते है। वो संगीता को अपने बीच में खड़ी कर लेते है। असलम उसको सामने से किस्स करने लगता है। आसिफ उसको पीछे से चूमने लगता है।
असलम उसकी कमर पर हाथ घुमाने लगता है। आसिफ पीछे से उसके बूब्स दबाने लगता है। वो भी दोनों का पूरा साथ दे रही थी। मैं सोफ़े पर बैठ गया, और मजे से देखने लगा।
वो दोनों उसके शरीर के साथ मजे करने लगते है, और भूखे शेर की तरह उसको खाने लगते है। संगीता पहली बार एक साथ दो मर्दों के बीच में थी। उसको भी इसमें मजा आ रहा था। अब वो उसकी साड़ी निकल कर फेंक देते है। आसिफ उसके होंठ चूसने लगता है। असलम उसकी क्लीवेज चाटने लगता है।
असलम नीचे बैठ कर उसका पेट चाटने लगता है, और उसकी नाभी चूसने लगता है। आसिफ पीछे से उसको किस्स करते-करते बूब्स मसलने लगता है। संगीता की सिसकियां निकलने लगती है। दो जवान लड़के उसके जिस्म को नोच रहे थे।
असलम: क्या मस्त माल है तू साली।
संगीता: वो तो मैं हूं साले।
आसिफ: पूरा बदन नोच खाऊंगा रांड तेरा।
संगीता: नोच ले, रोका किसने है?
आसिफ ब्लाउस के हुक खोल देता है, और ब्लाउस निकाल कर फेक देता है। उसने ब्रा नहीं पहनी थी, और उसके बड़े बूब्स दोनों के सामने आजाद थे। वो दोनों एक-एक बूब्स पर हमला बोल देते है, और जोर-जोर से दबाने लगते है। आसिफ गांड दबा कर जोर से एक थप्पड़ मारता है “अहह क्या मस्त गांड है।”
असलम पेटीकोट निकाल भी निकाल देता है, और संगीता उन दोनों के सामने पूरी नंगी खड़ी थी। उसका पूरा बदन चमक रहा था दोनों के थूक से। वो नजारा ही अलग था। संगीत दोनों के बीच नंगी थी, और मैं सामने बैठ कर देख रहा था।
संगीता: साले गांडू, जा फ्रिज से बियर निकाल कर ला।
मैं तीनों के लिए एक-एक बोतल लेकर आता हूं वो तीनों बैठ कर पीने लगते है। संगीता असलम की गोद में नंगी बैठी थी। उसका खड़ा लंड उसकी गांड में चुभ रहा था। वो आधी बोतल खतम करते है, और फिर से संगीता पर टूट पढ़ते है। संगीता उनको अपने कपड़े उतारने के लिए कहती है।
वो दोनों नंगे हो कर संगीता के साथ बिस्तर पर लेट जाते है। दोनों के लंड काले बड़े और मोटे थे। संगीता को काले लंड पसंद आते है।
संगीता: लंड तो बड़े तगड़े है तुम दोनों के।
असलम: तो चूस ना कुतिया हमारे तगड़े लंड।
संगीता दोनों के लंड हाथ में लेकर उनको आगे-पीछे करने लगती है। धीरे-धीरे दोनों के लंड मुंह में लेने लगती है, पक्की रांड है। वो बड़े ही प्यार से दोनों के लंड चूसने लगती है। उन दोनों को बड़ा मजा आ रहा था। उसको लंड चुसाने में आसिफ ने सर पकड़ा, और उसके मुंह में पूरा लंड घुसा दिया। संगीता की आँखें लाल हो गई।
असलम उसके बूब्स मसलने में लगा हुआ था। वो तीनों एक-दूसरे के शरीर के साथ खेल रहे थे। संगीता दोनों के लंड को पूरा गीला कर देती है चूस-चूस कर। फिर असलम बियर के ग्लास में लंड डालता है, और संगीता को पिला देता है। फिर वो बियर वाला लंड संगीता को चुसाने लगता है। संगीता को भी बड़ा मजा आता है ऐसे लंड चूसने में। फिर आसिफ उसकी जांघों पर हाथ घुमाता-घुमाता उसकी चूत में उंगली डाल देता है।
संगीता: अहह आराम से, तेरी उंगली भी लंड जेसी है उफ्फ़।
आसिफ अब उसके ऊपर चढ़ जाता है। संगीता समझ जाती है अब उसकी चुदाई शुरू होने वाली थी, और वो तैयार भी थी। आसिफ उसकी चूत के आस-पास लंड घुमाता है, और उसकी चूत के मुंह पर लंड सेट करता है। संगीता एक हाथ से असलम के लंड को मालिश कर रही थी। फिर आसिफ एक झटके में लंड घुसा देता है।
संगीता चिल्ला उठती है: अहह भड़वे, धीरे डाल, इतना बड़ा है तेरा।
आसिफ उसकी बात उनसुनी कर देता है। असलम उसका लंड संगीता के मुंह में घुसा देता है। फिर आसिफ जोर-जोर से झटके मारने लगता है, और पूरा लंड उसकी चूत में उतार देता है। असलम उसका मुंह चोदने लगता है, इससे संगीता की आवाज अंदर ही दब जाती है।
असलम उसके बाल पकड़ के उसका मुंह चोदने लगता है। वो उसके मुंह में झटके देने लगता है। फिर आसिफ रुकता है, बियर पीता है, और थोड़ी बियर उसकी चूत पर डाल देता है। फिर आसिफ झटके देने लगता है। संगीता आज पहली बार एक साथ दो लंड ले रही थी। उसकी हालत खराब होने लगती है, पर उसको मजा आता है चुदने में।
आसिफ पूरे जोश में चूत चोदने लगता है। उसके बूब्स हवा में हिलने लगते है। असलम उसका मुंह चोदता है। मैं यह सब देख के मजे लेता हूं। फिर असलम मुंह से लंड निकाल लेता है, और संगीता जोर-जोर से सास लेने लगती है। उसकी पूरी हालत खराब हो जाती है एक साथ दो लंड लेकर। आसिफ पूरे जोश में उसको चोदता है। संगीता भी पूरे मजे ले कर उसकी रांड बन कर चुदती है।
संगीता: अहह सालों, तुम जैसे जवान घोड़ों के साथ मजा आ रहा है।
आसिफ खड़ा होकर संगीता के मुंह में लंड डाल देता है, और उसका मुंह चोदने लगता है। थोड़े झटकों में ही वो संगीता के मुंह में उसका माल निकाल देता है, और वो पूरा माल गटक जाती है।
आसिफ: अहह कुतिया, मजा आ गया तुझे चोद कर। मस्त माल है तू।
संगीता हांफती है और थोड़ा शांत होती है। इतने में असलम उसको अपनी तरफ खींच लेता है, और उसके बाल पकड़ के फिर से उसके मुंह में लंड दे देता है। वो थोड़ी देर उसके मुंह को चोदता है।
असलम: चल साली रांड, कुतिया बन।
संगीता उसकी बात मानती है। वो असलम की तरफ गांड करके कुतिया बन जाती है। असलम बियर पिता है और उसकी गांड पर थप्पड़ मारता है। संगीता समझ जाती है अब उसकी गांड की चुदाई होने वाली थी। असलम उसकी कमर पकड़ के संगीता की गांड में लंड डालने लगता है। उसके कूल्हे बहुत मोटे है। असमल जोर से झटके देने लगता है, और पूरा लंड संगीता की गांड में घुसा देता है। संगीता चीखती है, पर उसको कोई फरक नहीं पड़ता है। वो उसके बाल पकड़ कर खींचता है, और घोड़ी बना कर चोदने लगता है।
संगीता: अहह भड़वे, इतना मोटा है तेरा। पूरा घुसा दिया।
असलम: साली छिनाल चुप कर, और मजे ले।
असलम संगीता की गांड मारने लगता है। वो उसकी कमर पकड़ के उसको चोदने लगता है। असमल उसको एक रंडी समझ कर चोद रहा था।
संगीता: अहह साले जालिम, ऐसे ही चोदता रह।
संगीता का मंगलसूत्र उसके दोनों बूब्स के बीच लटक रहा था। असलम उसकी गांड पूरे जोश में चोदता है। वो उसके बाल खींचता है, और उसकी गांड पर थप्पड़ मारता है। संगीता की सिसकियों से पूरा कमरा गूंजता है। ऐसे ही चोदने के बाद वो उसको अपने लंड पर बिठा लेता है, और उसकी चूत में लंड घुसा देता है।
संगीता उसके लंड पर उछलने लगती है। आसिफ भी गरम होने लगता है। वो संगीता के मुंह में लंड डाल कर चुसाने लगता है। यह नजारा देख मुझे मजे आते है, कैसे संस्कारी संगीता दो लंड एक साथ ले रही थी।
असलम जोर-जोर से संगीता को चोदना लगता है। वो अपने चरम पर होता है, और थोड़ी देर में उसकी चूत के अंदर अपना सारा माल निकाल देता है। संगीता असलम के लंड पर ऐसे ही बैठी रहती है। थोड़ी देर में वो पूरी थक जाती है। इतने में फिर से आसिफ उसको पकड़ कर अपने पास खींच लेता है और वो पूरी रात उन दोनों से चुदती रहती है।
सुबह तक संगीता को इतना चोदते है, कि अगले दिन वो उठ भी नहीं पाती है। उसके चूत, बूब्स, और पूरे शरीर पर उनका वीर्य होता है, जिससे संगीता और भी ज्यादा चमकती है। फिर सुबह वो दोनों निकल जाते है, और असलम वॉलेट से पैसे निकाल कर संगीता के नंगे बदन पर फैंक कर चले जाता है।
असलम: रंडी बहुत मजा दिया तूने। अगली बार फिर आएंगे।
संगीता: इंतज़ार रहेगा दोनों का।
वो दोनों निकल जाते है। संगीता सो जाती है, और मैं भी अपने कमरे में चले जाता हूं।
अब असलम और आसिफ घर आते रहते है, और संगीता को खूब चोदते है। संगीता भी पूरे मजे लेती है दो जवान लड़कों के साथ। ऐसे ही चुदाई का खेल चलता है उन तीनों के बीच, और कभी-कभी हामिद और सलीम भी घर आ जाते और संगीता को चोदते है।
इसी बीच मेरी बहन काव्या अपने ससुराल से आती है थोड़े दिनों के लिए। इस कारण सब का घर आना बंद हो गया। काव्या को इन सब के बारे कुछ नहीं पता था। उसको नहीं पता था, कि उसकी संस्कारी दिखने वाली मां कितनी बड़ी चुदक्कड़ थी। पर संगीता को बहुत तलब हो रही थी लंड लेने की। उसकी चूत को लंड चाहिए था, पर काव्या के होते हुए वो किसी को घर नहीं बुला सकती थी।
एक दिन काव्या सुबह से अपनी दोस्त के घर चली जाती है, और संगीता के पास बहुत अच्छा मौका था चुदने का। तो वो उनके ग्रुप में मैसेज करती है।
संगीता: हैलो मेरे जवान घोड़ों।
आसिफ: बहुत दिनों बाद मैसेज आया तेरा।
असलम: किसका ले रही थी कुतिया?
संगीता: अरे किसी के साथ नहीं। मुझे मन है आज चुदने का।
असलम: हां तो आज आ जाता हूं मेरी रानी।
आसिफ: मैं बाहर हूं, नहीं आ पाऊँगा।
संगीता: हां तो असलम जी आप आ जाओ। 11 बजे आ जाना।
असलम: ठीक है, तैयार रहना बिलकुल सज-धज के।
संगीता: हां मेरे मालिक।
काव्या अपनी दोस्त के घर चली जाती है, और संगीता असलम को काल करके बुला लेती है। मैं भी घर पर ही होता हूं, और थोड़ी देर बाद डोर बेल बजती है। संगीता जल्दी से गेट खोलने जाती है, और सामने असलम खड़ा होता है।
संगीता: आपका ही इंतज़ार था मेरे राजा।
असलम संगीता को गेट पर ही पकड़ लेता है, और किस्स करने लगता है। संगीता भी उसका साथ देती है। मैं सोफ़े पर बैठ कर उनकी चुम्मा-चाटी देखता हूं। संगीता बहुत दिनों से प्यासी थी। वो असलम के होंठों को भूकी शेरनी की तरह चूसने लगती है। असलम का हाथ उसकी गांड पर जाता है, और वो प्यार से उसकी गांड मसलता है। थोड़ी देर गेट पर ही एक-दूसरे को चूमने के बाद दोनों अलग होते है।
असलम सोफ़े पर बैठ जाता है, और संगीता उसकी गोद में बैठ जाती है जैसे दोनों पति-पत्नी हो। मैं सामने बैठ कर दोनों को देखता हूं। संगीता अपना हाथ असलम के लंड पर लाती है, और पजामे के ऊपर से मसलने लगती है।
संगीता: इतना जल्दी तन गया शेर तो।
असलम: तुझे देख कर कुतिया।
असलम उसके होंठ चूसता है, और प्यार से सारी से सारी का पल्लू हटा देता है। वो संगीता के बड़े बूब्स पर बूब्स हाथ फेरने लगता है। उन दोनों को देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो जाता है। असलम संगीता के बूब्स दबाने लगता है। उसके होंठ, गले, गाल हर जगह चूमता है, और संगीता भी बड़े मजे से उसका साथ दे रही थी। संगीता उसके कुर्ते के बटन खोलती है, और उसके बालों वाले सीने पर किस्स करने लगती है।
असलम ब्लाउज़ की डोरी खोल देता है और उसकी पीठ पर हाथ फेरता है। संगीता पूरी गरम हो जाती है।
संगीता: बिस्तर पर चलें मेरी जान?
असलम उसको उठा कर बेडरूम की तरफ जाने लगता है। मैं भी खड़ा होता हूं, और उनके पीछे जाने लगता हूं।
संगीता: साले तू यहीं बैठ और देखना काव्या ना आ जाए। दरवाजा खुला है तेरे लिए। यहीं से बैठ कर देख तू इस रंडी की चुदाई।
असलम मुस्करा देता है और संगीता को अंदर ले जाता है। पर वो दरवाजा बंद नहीं करता है। असलम उसको बिस्तर पर फेंक देता है, और अपना कुर्ता निकाल फेंकता है। संगीता भी साड़ी निकाल देती है। वो अब ब्लाउस और पेटीकोट में होती है।
असलम उसके ऊपर चढ़ जाता है, और उसको चूमने लगता है। संगीता उसके बाल सहलाती है। असलम पूरे जोश और मूड में उसके जिस्म के मजे लेता है, और प्यासी संगीता भी उसको अपना संस्कारी बदन सौंप देती है।
असलम उसके ब्लाउस के हुक खोल कर ब्लाउस निकाल देता है। संगीता के बड़े बूब्स उसके सामने आजाद हो जाते है। वो दोनों को बारी-बारी चूसता है। संगीता की सिसकियां निकालने लगती है, और मुझे बाहर तक सुनाई देती है।
असलम संगीता के चूचे चूसता है। अपना मुंह उसके चूचे में घुसा देता है। संगीता के मुंह से सिसकियां असलम को और जोश दे रही थी। पूरे बूब्स नोचड़ देता है संगीता के असलम। वो संगीता के पेटीकोट निकाल देता है। उसने अंदर पेंटी नहीं पहनी थी। संगीता की क्लीन चूत असलम के सामने थी।
असलम भी कपड़े निकाल कर नंगा हो जाता है। उसका खड़ा लंड संगीता के सामने था। बड़ा काला मोटा लंड देख संगीता की आंखों में चमक आ जाती है। संगीता उसको हाथ में लेकर सहलाती है और कहती है-
संगीता: बड़े दिनों बाद मेरी प्यास बुझेगी।
संगीता बड़े प्यार से लंड को मुंह में लेती है, जैसे उसको कोई खजाना मिल गया हो। वो धीरे-धीरे लंड चूसती है, गोटे चूसती है। असलम भी बड़े मजे से लंड चुसा रहा था।
असलम: हां चूस कुतिया, बड़े दिनों बाद मिली है तू।
संगीता: हां मेरे मालिक, आज आपका हथियार और ज्यादा अच्छा लग रहा है।
मैं बाहर से सब देखता हूं, वो दोनों एक-दूसरों को कितना प्यार कर रहे थे। संगीता असलम के लंड को पूरे मजे देती है। असलम उसके बूब्स दबाता और उसकी गांड मसलता है।
संगीता: असलम जी अब जल्दी से मेरी चूत में आपका लंड डाल दो। मेरी बेटी आ जाएगी नहीं तो।
असलम: हां ठीक है मेरी रंडी।
असलम उसको अपने ऊपर बिठा लेता है। मेरी तरफ उसकी गांड होती है। असलम के सामने संगीता उसके लंड पर बैठी थी। फिर संगीता असलम के लंड पर उछालने लगती है। असलम उसके बूब्स दबा-दबा कर चूसने लगता है। संगीता अपना पूरा अनुभव दिखाती है, और लंड पर उछलती है। असलम पूरे मजे लेता है। असलम उसकी कमर पकड़ के नीचे से झटके देता है। संगीता पूरे मजे से चुदती है।
संगीता: हां ऐसे ही मेरे राजा। चोदते जा, बहुत दिनों बाद लंड मिला है।
संगीता की सिसकियां चीखे और मजा देती है। असलम उसके बूब्स पर थप्पड़ मारता है, “साली छिनाल और जोर से उछल।”
संगीता भी जोर-जोर से लंड पर उछलने लगती है। उसका पूरा बदन हिलता है। मैं पीछे से सब देखता हूं, उसकी गांड पूरी हिलती है। संगीता की चूत पानी छोड़ देती है। अब लंड और आराम से उसकी चूत में जाता है। संगीता थक जाती है, और असलम के ऊपर से नीचे आ जाती है। अब असलम उसके ऊपर चढ़ जाता है, और उसको किस्स करने लगता है।
फिर एक ही झटके में पूरा लंड अंदर घुसा देता है। संगीत की सिसकियां निकलने लगती है। वो पूरे जोश में संगीता की चूत चोदने लगता है। संगीता पूरी जन्नत में थी। इतने दिनों बाद उसकी चुदाई हो रही थी, और वो पूरे मजे ले रही थी। असलम जोर-जोर से उसकी चूत में झटके दे रहा था। संगीता की हर झटके में सिसकियां निकाल रही थी। उसके बूब्स हिल रहे थे। असलम स्पीड में उसको चोदता है।
अब वो थक जाता है, और अपने चरम पर होता है। संगीता को इशारा करता है। वो जल्दी से असलम का लंड मुह में ले लेती है, और चूसने लगती है चूसते-चूसते असलम सारा माल संगीता के मुंह, बूब्स मंगलसूत्र पर निकाल देता है, और बिस्तर पर ही निढाल हो जाता है।
संगीता भी थक कर असलम के बगल में सो जाती है। दोनों पूरे थके नंगे लेटे हुए थे। थोड़ी देर बाद संगीता बाथरूम जाती है, और अपने आप को साफ करके फिर से असलम के ऊपर आ जाती है। वो उसको किस्स करने लगती है, और लंड सहलाती है। दोनों फिर से गरम होने लगते है।
संगीता: इतने दिनों बाद मिली आपसे, पर मजा आ गया मेरे असलम।
असलम: मुझे भी, मेरी कुतिया।
दोनों फिर से किस्स करते है। असलम संगीता के बूब्स मसलता है। इतने में घर की डोर बेल बजती है। संगीता डर जाती है। मैं दरवाजे में से देखता हूं काव्या आ चुकी थी, और बाहर खड़ी थी।
