दो से बेहतर चार 3

नंगा बदन

दीपा ने देखा मनीष भी नंगा है।
बिजली कड़कने की आवाज सुन कर शिखा की आँख खुल गयी।
वो दीपा को देख समझ गयी कि दीपा आयी है, उसने दीपा को अपने नंगे बदन से चिपटा लिया।
शिखा उसकी फ्रॉक उतारकर उसके मम्मे चूसने लगी।

शिखा ने दीपा का हाथ मनीष के लंड पर रखवा दिया।

अब आगे की हॉट गर्ल्स सेक्सी कहानी:
सोते में भी मनीष का कड़क था।
दीपा कसमसा उठी।
शिखा बोली- चूस ले उसे!

दीपा शर्मायी तो शिखा ने मनीष को कसके चूम लिया, मनीष की आँख खुल गयी।

इससे दीपा सहम कर दम साधकर चुपचाप लेट गयी।

मनीष ने शिखा को भींच लिया और चूम लिया।
वो अभी नींद की खुमारी में था।

शिखा ने मनीष का हाथ अपने मम्मों पर लगाया तो मनीष ने उन्हें दबा दिया अब शिखा ने मनीष का हाथ और पीछे किया और उसके हाथ में दीपा के मम्मे दे दिये।
मनीष चौंक गया।

शिखा बोली- देखो, तुम्हारी साली तुम्हें याद कर रही है।
मनीष ने बड़े प्यार से दीपा के दोनों मम्मे सहलाये और निप्पल के चारों ओर उंगली घुमाने लगा।

दीपा मचल गयी।
शिखा ने दीपा से कहा- तू इधर बीच में आ जा!
पर दीपा चुप रही।

अब मनीष उठा और बेड से नीचे उतरकर दीपा की साइड आ गया और दीपा के होंठों से अपने होंठ लगा दिये।

शिखा उधर सरक गयी तो मनीष ने भी दीपा को आगे सरकाया और खुद चिपक के लेट गया दीपा की बगल में!

अब शिखा ने अपनी उंगली दीपा की चूत में करी तो पाया कि उसकी चूत तो पानी पानी हो रही है।
शिखा ने उंगली अंदर घुसा दी।

उधर मनीष ने दीपा का मुंह अपनी ओर कर लिया और दोनों बेल की तरह लिपट गए; दोनों पागलों की तरह चूमा चाटी कर रहे थे।
मनीष की जीभ दीपा की जीभ से लिपटती हुई उसके मुंह में अंदर बाहर हो रही थी।

पीछे से शिखा भी दीपा से चिपटी हुई अपने मम्मों से उसकी पीठ को रगड़ रही थी, उसकी उंगली दीपा की चूत को बेहाल कर रही थी।

अब दीपा की कामातुर आहें कमरे के माहौल को वासनामय बना रही थीं।

दीपा एक झटके से उठी और मनीष के ऊपर 69 पोजीशन में लेट गयी।
उसने अपने मुंह में मनीष का लंड लोलिपॉप की तरह ले लिया था और अपनी टांगें खोल कर चूत मनीष के मुंह में दे दी थी.

शिखा मुसकुराती हुई इन दीवानों को देख रही थी।
आज शिखा और दीपा का एक वादा उसकी ओर से पूरा हो रहा था।

शिखा ने नीचे झुककर दीपा के मम्मे दबाने चाहे। दीपा तो मनीष के लंड को लपर लपर चूस रही थी।
मनीष बेचैन हो रहा था, उसकी ऐसी लंड चुसाई शिखा कभी न कर पायी थी।

शायद दीपा ने अनिल की भी ऐसी लंड चुसाई न की हो।
पराए मर्द के लंड को चूसने का मज़ा ही कुछ और होता है … वो भी तब जब कोई डर न हो।

मनीष की आहें निकल रही थीं, उसे लग रहा था कि दीपा उसे मुंह में ही खाली कर देगी।
वो दीपा की चूत मारना चाह रहा था।

बीवी के सामने उसकी रजामंदी से गर्म चूत मिल रही हो, ऐसा मौका नसीब वालों को मिलता है।

मनीष ने दीपा की चूत छोड़ कर उसे अपने ऊपर से हटाया और कहा- मेरा राजा तुम्हारी मुनिया में घुसने को बेकरार है।
दीपा लेट गयी अपनी टांगें खोल कर!

मखमली नर्म बिना बालों की चिकनी गुलाबी चूत … मनीष ने दीपा की चूत को चूमा और घुसेड़ दिया अपना मूसल!
मनीष का लंड अनिल के लंड से छोटा पर मोटा था। दीपा की चूत में घिस्सा मार कर अंदर जा रहा था।

दीपा ने अपनी टांगें और खोल दीं ताकि मनीष और अच्छे से अंदर घुस जाये।

मनीष के धक्कों की स्पीड बढ़ रही थी; दीपा कसमसा रही थी, वो नीचे से भी ज़ोर लगा रही थी।
उसका मन कर रहा था कि कहे मनीष और ज़ोर से करो. देखो पूरी रात निकल गयी इस इंतज़ार में कि कब तुम मुझे चोदो।

तभी शिखा उठी और दीपा के मुंह के ऊपर बैठ गयी।
उसने अपनी चूट दीपा के मुंह पर कर दी और आगे झुककर दीपा के मम्मे मसलने शुरू किए।

दीपा ने अपनी जीभ शिखा की चूत में कर दी और लगी उसे चूसने!
शिखा आगे झुककर मनीष के होंठों को चूमने लगी।

क्या समां था … दोनों चूत और लंड सब वासना में हिचकोले मार रहे थे।

शिखा बोली- मनीष और ज़ोर से पेलो, आज फाड़ दो इस कमीनी की चूत! मेरा वादा था इससे कि एक दिन अपने आदमी से इसकी चूत चुदवाऊंगी. पूरा मजा दे दो आज इसे!

वो आगे बोली- और दीपा तू भी निचोड़ दे मनीष को! और सुन भूल मत जाना अब तुझे मुझे चुदवाना है अनिल से। मैं तेरी तरह चुपचाप नहीं चुदवाऊंगी, देखना पूरा निचोड़ दूँगी अनिल का लंड!

यह सुनकर दीपा को भी जोश आ गया।
उसने शिखा की चूत से मुंह हटाया और मनीष को भी ज़ोर लगा कर हटा कर नीचे लिटाया और चढ़ गयी मनीष के लंड पर!

वो मनीष से बोली- मनीष, आज की रात मेरी है, अभी तो रात भर चुदाई होगी। देख शिखा, तेरे मनीष के लंड को कैसे निचोड़ती हूँ मैं! आज मैं इसकी गांड मार लूँगी।

शिखा ने हल्की सी लाइट ऑन कर दी थी ताकि चुदाई की फिल्म अच्छे से दिख सके।

अब तो बेशर्मी का आलम था … रोशनी से फर्क क्या पड़ता।
दीपा ज़ोर ज़ोर से उछल रही थी।

मनीष ने उसके गोरे गोरे गुब्बारे से मम्मे मसल मसल कर लाल कर दिये थे.
दीपा हाँफने लगी थी।

मनीष का भी लावा फूटने को था; उसने दीपा से हाँफते हुए पूछा- मेरा होने वाला है, कहाँ निकालूँ?
दीपा हँसती और हाँफती हुई बोली- अंदर ही निकाल दो, कोई बात नहीं मैं तेरे बच्चे की माँ बन जाऊँगी।

जब तक मनीष कुछ समझता तब तक दीपा ने उसे कस कर भींच लिया और चिपट कर उसकी छाती पर निढाल हो गयी.
मनीष ने भी उसकी चूत अपने वीर्य से भर दी।

शिखा समझ गयी कि मनीष क्यों परेशान है; उसने हँसते हुए कहा- मत घबराओ, हम दोनों ने ही कॉपर टी लगवा रखी है।

रात के 3 बज गए थे।
दीपा वशरूम से फ्रेश होकर आई और बाहर जाते हुए बोली- अब तुम दोनों सो जाओ, मुझे भी नींद आ जाएगी.

अगले दिन सुबह दीपा ने महसूस किया कि कोई उसे चूम रहा है.
उसने आँख खोली तो शिखा थी।

दोनों सखियाँ हँसती हुई चिपट गईं।
शिखा नंगी ही आ गयी थी उसके पास!

सुबह के आठ बज गए थे।
मनीष तो अभी सो ही रहा था।

शिखा ने पूछा- कैसा लगा?
दीपा ने उसे कस कर चूम लिया, बोली- मजा आ गया।

फिर दोनों ने कपड़े पहने।

शिखा की मेड आ गयी थी। शिखा ने बेडरूम बंद किया क्योंकि मनीष नंगा ही सो रहा था।

दीपा और शिखा चाय की चुसकियाँ ले रहीं थीं कि मनीष उठ कर आ गया।
उसने सिगरेट सुलगाई तो शिखा ने भी सुट्टे मारे।

दीपा ने उसे सूट्टे मारते देख मेड के होने का इशारा किया तो शिखा बोली- इसे मालूम है कि मैं पीती हूँ और ये तो अब आम बात है।

फिर तो दीपा ने भी सिगरेट सुलगा ली और धुआँ मनीष के मुंह पर छोड़ दिया, बोली- बच्चू, बच गए … वरना हम दोनों मिलकर तो क्या से क्या कर दें!
मनीष कुछ कहता तो शिखा ने उसे आँख से मेड के होने तक सब्र रखने को कहा।

तो मनीष फ्रेश होने चला गया।

नाश्ता करके तीनों लखनऊ घूमने चल दिये।

शाम की फ्लाइट थी दीपा की। ये बात उसने शिखा को बताई नहीं थी।

दोपहर को लंच करते समय उसने शिखा मनीष को बताया- वैसे तो मेरा ट्रेन से रिज़र्वेशन कल का था, पर अनिल आज रात को वापिस आ रहा है तो मैंने सुबह ही फ्लाइट बुक कर दी है आज शाम की। यहाँ से दिल्ली जाऊंगी, रात में अनिल आ जाएगा, दोनों होटल में रुकेंगे और सुबह टॅक्सी से जयपुर जाएँगे।

शिखा बहुत नाराज हुई- ये कोई बात नहीं हुई! मैं अनिल से बात करती हूँ।
पर दीपा बोली- मत कर … अब उसने रात के लिए होटल भी बुक कर लिया है, मूड खराब हो जाएगा उसका!

मनीष ने बहुत गहरा फ्रेंच किस उसको दिया और कहा कि वो कल की रात को कभी नहीं भूलेगा और इससे दीपा शिखा की दोस्ती पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

दीपा बोली- हमारी दोस्ती एक अजूबा है, हम दोनों में गहरी समझ है, इन बातों से हमारी दोस्ती पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पर हाँ, जल्दी ही तुम दोनों जयपुर आओ।

रात की फ्लाइट से दीपा बहुत सारी मीठी यादें लेकर दिल्ली आ गयी।

दिल्ली में होटल में अनिल और दीपा का भयंकर वाला सेक्स हुआ।

दीपा ने ज़िंदगी में पहली बार पराये मर्द से सेक्स किया था तो उसकी चूत का अब ये दिल मांगे मोर वाला हिसाब हो रहा था और अनिल को चार दिन बाद चूत मिल रही थी तो वो अपनी हवस मिटाना चाह रहा था।

अनिल को दीपा ने शिखा की खूबसूरती और चुदास की मनगढ़ंत कहानी सुनाई जिससे अनिल का लंड और तन गया।

जयपुर आकर शिखा और दीपा की फोन पर चुदाई की बातें और गहराती गईं।
समय निकलता रहा।

दिसम्बर में शिखा का फोन आया कि चलो तीन-चार दिनों के लिए किसी बीच पर चलते हैं।
वो बोली- मनीष ने किसी मस्त बीच पर कोई रिज़ॉर्ट में रुकने का प्लान बनाया है।

दीपा ने अनिल से बात करी- चलो चलते हैं, मस्ती होगी।

अनिल ने काम का बहाना बनाया पर जब दीपा ने शिखा की चुदास, भारी मम्मे और गोल गांड की कुछ कहानियाँ सुनाईं और अनिल को लालच दिया कि वो शिखा से उसकी मस्ती भी करा देगी तो अनिल भी तैयार हो गया।

मनीष ने एक चार रातों का प्लान बुक किया और दोनों कपल तय प्रोग्राम से फ्लाइट से पहुँच गए।

पहले रिज़ॉर्ट पर शिखा और मनीष पहुँचे.
करीब एक डेढ़ घंटे बाद अनिल और दीपा भी पहुँच गए।

दीपा अनिल को लेकर शिखा की कॉटेज में गयी जो उनकी कॉटेज के पास में ही थी।
कॉटेज क्या थी, फाइव स्टार का रूम था … पूरा लकड़ी का बना हुआ, पहली मंजिल पर लकड़ी की सीढ़ियों से रास्ता था।
अंदर बहुत सुंदर इनटिरियर, बाहर बालकनी, अल्टा मॉडर्न वशरूम।

अनिल मनीष से बहुत गर्म जोशी से मिला और दीपा और शिखा तो ऐसे चिपटीं कि कब से बिछड़ी हों।

उन्हें चिपटती देख के अनिल बोल पड़ा- हाय … कोई हमसे भी ऐसे मिलता!
शिखा तो पक्की बेशर्म थी, बोली- आए हाय मेरी जान … आ जा गले लग जा!
कहकर शिखा अनिल से जा चिपटी और उसे किस कर लिया।

फिर शिखा ने बिना अनिल को छोड़े दीपा से कहा- तू किसका इंतजार कर रही है? तू तो गले मिल ले मेरे हीरो से!
मनीष ने भी आगे बढ़ कर दीपा को भींच लिया।
सब हँसते हुए सेटल हुए।

दोपहर हो रही थी तो ये तय हुआ कि दोनों युगल अपने अपने कमरे में अभी आराम करते हैं शाम को मिलेंगे।

दीपा और अनिल अपनी कॉटेज में आ गए।

दरवाजा बंद होते ही दीपा ने बाँहें फैला दी और समा गयी अपने जानम की बाँहों में!
दोनों के कपड़े प्याज़ के छिलकों की तरह उतर गए।

अनिल बोला- अब चार दिन या तो बहुत छोटे कपड़े या बिना कपड़े!
दीपा मुस्कुरा दी, बोली- शिखा तो शायद बिना कपड़े का ऑप्शन चूज करेगी।

तभी दीपा ने अनिल से पूछा- चाय पियोगे?
अनिल ने हाँ कही और सिगरेट सुलगा ली।
दोनों नंगे ही थे।

अनिल ने चाय बनती दीपा को पीछे से दबोचा तो दीपा बोली- ऐसे तो बन ली चाय!
तो अनिल ने सिगरेट दीपा के होंठों से लगा दी, दीपा ने हल्के हल्के तीन चार सूट्टे मारे और एक मग में चाय लेकर कमरे में बिछी ईज़ी चेयर पर बैठे अनिल की गोद में बैठ गयी।

अनिल ने कमरे की लाइट ऑफ कर दी थीं और हल्का सा पर्दा खोल दिया था।
बाहर का नज़ारा दिख रहा था, उनकी कॉटेज के सामने कोई गोरा जवान कपल था।

रिज़ॉर्ट में घनी हरियाली थी तो धूप परेशान नहीं कर रही थी।
और एक विशेष बात कि रिज़ॉर्ट में कोई कपल 30 साल से ऊपर की उम्र का एलाउड ही नहीं था, मतलब सिर्फ जवान और नए शादीशुदा।
बच्चे तो एक आध के होंगे, वो भी गोदी के।

तो सामने वाले कॉटेज की बालकनी में गोरा शॉर्ट्स में खड़ा था और गोरी टू पीस स्विम सूट में!
दोनों सिगरेट पीते पीते चुहलबाजी कर रहे थे।

बीच बीच में लड़की लड़के को होंठों पर किस कर लेती।
वहाँ कोई किसी को देखने वाला न था।

उन्हें देखकर अनिल और दीपा के होंठ भी मिल गए।
अनिल बोला- चलो बालकनी में चलें।
दीपा बोली- नंगे … न बाबा न, मेरी हिम्मत नहीं है। रात को अंधेरे में चलेंगे।

दोनों की चुदास भड़क रही थी तो दीपा थोड़ी उठी और अनिल का लंड अपनी पानी बहाती चूत में कर लिया और लगी इधर उधर मटकने।

अनिल ने उसे गोद में उठाया और बेड पर ले जा कर पटका।
फिर जो घमासान शुरु हुआ, नीचे रूम वालों को भी लगा होगा कि ऊपर कोई भूचाल आया है।

पंद्रह बीस मिनट की चुदाई के बाद अनिल तो थक कर सोने लगा तो दीपा बोली- तुम शॉर्ट्स पहन लो, शिखा का भरोसा नहीं कब आ धमके और मेरे उसके बीच कोई पर्दा नहीं है, मैं तो बिना कपड़ों के भी रह लूँगी।

अनिल ने शॉर्ट्स पहन तो ली पर उसकी आँखों में बिना कपड़ों की शिखा घूम गयी।
दीपा समझ गयी, बोली- तुम्हें शिखा की चूत मारनी है?
अनिल मुस्कुरा दिया।

तो दीपा बोली- मुझे भी फिर मनीष से चुदवाना पड़ेगा … सोच लो!
अनिल हंसकर बोला- अगर तुम्हें कोई एतराज नहीं तो मुझे भी कोई ऐतराज नहीं।

दीपा ने उसे चूम लिया और चिपट कर सो गयी उसके साथ!

उधर दूसरी कॉटेज में शिखा और मनीष ने जब बाहर का नज़ारा देखा तो दोनों बहुत छोटे कपड़े पहनकर एक बार रिज़ॉर्ट में घूमने निकल लिए।

हर ओर यही नज़ारा था।
कहीं कोई बालकनी में चिपका खड़ा था, कहीं गोदी में लेटे थे, कहीं बाँहों में बाँहें डाले घूम रहे थे।

जब मनीष को लगा कि अब शिखा भी गर्म हो गयी है तो वो शिखा से बोला- चलो कॉटेज में चलें।
शिखा मनीष की कमर पर लटक गयी और बोली- चलो।

अपने लाल रंग में रंगे लंबे नाखूनों से शिखा मनीष की छाती के निप्पल सहला रही थी।

शिखा ने पिट्ठू की सवारी करते करते मनीष को कभी कान पर काटा, कभी गर्दन के पीछे चूमा।
उसके पैर मनीष की कमर पर लिपटे थे और पंजे मनीष के लंड के ऊपर ही थे।

मनीष ने उसे कॉटेज में ले जाकर उतारते ही उसके कपड़े भी खींच दिये।

चूंकि वो दोनों रेत में सराबोर हो रहे थे तो बेड पर तो नहीं जा सकते थे और गर्मी से आए थे तो नहाने से पहले ठंडा होना जरूरी था।

मनीष ने फ्रिज से बीयर निकाल ली।
इधर शिखा ने उसकी शॉर्ट्स नीचे खींच कर उसका लंड मुंह में ले लिया।

फटाफट शावर लेकर दोनों बेड पर शुरू हो गए।
मनीष ज्यादा ही उतावला हो रहा था।

शिखा ने उसे छेड़ा- क्यों दीपा के मम्मों ने गर्मी पैदा कर दी?
मनीष बोला- आज फिर दिलवा दे दीपा की चूत … तो मजा आ जाएगा।
शिखा बोली- दिलवा तो दूँगी पर मुझे भी अपनी चूत अनिल को देनी होगी।

मनीष बोला- फिर तो मजा आ जाएगा, चारों साथ करेंगे पूरी रात!
शिखा बोली- पहले मेरी चूत तो ठंडी कर लो फिर दीपा की सोचना।

मनीष के धक्के बढ़ गए।
आज उसकी स्पीड गज़ब की थी।
वो चोद तो शिखा को रहा था पर दिमाग में उसके दीपा चुद रही थी।

निबट कर दोनों चिपक कर सो गए।

एक घंटे बाद शिखा तो उठ गयी, उसने मनीष को उठाने की कोशिश की पर वो गहरी नींद में था उठा नहीं।
शिखा को अब नींद नहीं आ रही थी, उसने हल्का सा पर्दा हटा के देखा बाहर भी सन्नाटा था.
सभी आराम कर रहे होंगे रात के लिए एनर्जी इकट्ठी कर रहे होंगे।

शिखा बोर हो गयी तो उसने एक फ्रॉक डाली और नीचे पैंटी पहन ली, ब्रा नहीं पहनी और दीपा के कॉटेज पर जाकर उसे एक मिस कॉल मारी।

दीपा ने तुरंत रिप्लाई किया, बोली- कमीनी जानती हूँ तू आ रही होगी। खुद तो मजे ले चुकी … अब हमें चैन से मत सोने दे।
शिखा हँसती हुई बोली- जल्दी दरवाज़ा खोल … बाहर बहुत गर्मी है।

दीपा ने शॉर्ट्स और बहुत छोटी सी टॉप डाल कर दरवाजा खोला।
शिखा फटाफट अंदर आ गयी।

वो मटकती हुई अनिल के पास तक गयी, देखा वो सो रहा है.
शिखा वापिस दीपा के पास आई और उसका टॉप उठा कर मम्मों को अपने मुंह में दबोच लिया।

दीपा बोली- क्या आफत है … एक को चुसवा चुसवा कर अभी सुलवाया अब दूसरी आ गयी।

शिखा ने उसे आँख मार कर कहा- अनिल नंगा है या कुछ पहने है?
दीपा बोली- मुझे मालूम था कि तू आएगी तो उसे शॉर्ट्स पहना कर सुलाया है।
शिखा बोली- अरे ये क्या जुल्म कर दिया, मैं तो ये सोच कर आई थी कि देखने को मिलेगा।

कहते कहते शिखा ने अनिल की चादर हल्के से हटाई तो अनिल बेसुध पड़ा था पर उसका लंड ताना था।
शिखा ने नीचे झुकर उसे ऊपर से चूम लिया।

दीपा बोली- पक्की बेशर्म है तू!
शिखा बोली- बेशर्मी दिखाऊँ?

उसने आहिस्ता से अनिल की शॉर्ट्स में हाथ डाल कर अनिल का लंड सहला दिया और हल्का सा बाहर निकाल दिया।
उसका टोपा अब शॉर्ट्स के बाहर था।
अनिल अभी भी बेसुध था।

शिखा ने जीभ से उसके टोपे को चाट दिया।
अब दीपा ने उसे वापिस खींच लिया, बोली- ऐसे नहीं … कुछ प्लान करते हैं।

फ्रिज खोलकर शिखा ने दो केन जूस की निकालीं और दीपा को लेकर सोफ़े पर पसर गयी।
शिखा के बैठते ही उसकी फ्रॉक ऊपर हो गयी तो दीपा ने देखा उसकी चिकनी चूत झांक रही है।

दीपा बोली- कुछ तो शर्म कर लिया कर, तू अपने रूम में नहीं है, बाहर है।
शिखा बोली- बाहर हूँ तभी तो ये भी पहने हूँ, अभी अंदर होती तो कुछ नहीं पहने होती।

दीपा ने उसकी चूत में उंगली घुसा दी।
शिखा की आह निकल गयी, उसने दीपा के होंठों पर अपने गर्म होंठ रख दिये।

दीपा बोली- पहले कुछ प्लान कर लें, फिर ये उठ जाएगा।

दोनों ने ये तय किया की अभी जब अनिल उठेगा तो दीपा बाथरूम चली जाएगी और शिखा बेड में अनिल से चिपटने की कोशिश करेगी।
बस इससे ज्यादा कुछ नहीं!
फिर रात को या तो चारों एक साथ करेंगे, अदल-बदल के या फिर दोनों लड़कियां बदल कर अपने अपने कॉटेज में करेंगे।

ये सब कैसे होगा … ये माहौल बनने पर तय करेंगे।

शिखा बोली- मैं अनिल को उठाती हूँ, तू वाशरूम में चली जा!

दीपा के जाते ही शिखा बेड पर पहुँच गयी और आहिस्ता आहिस्ता अनिल के गालों से लेकर गर्दन पट होते हुए उसकी छाती के निप्पल पर अपने लंबे नाखून फिराने लगी।

उसने हल्का सा अनिल को किस भी किया, अनिल की आँख खुल गयी।
देखा तो बगल में शिखा मुस्कुरा रही थी।

अनिल को लगा कि वो सपना देख रहा है।
इतनी सुंदर जवान भरे बदन की घुंघराले बाल, गहरे नाक-नक्श, खूबसूरती से पैंटेड नेल्स और चेहरे पर कातिलाना मुस्कान!

शिखा बोली- यहाँ सोने आए हो क्या?
अनिल मुसकुराता हुआ बोला- दीपा कहाँ गयी?

शिखा बोली- दीपा गयी मनीष के पास कि तुम तो कुछ कर नहीं रहे हो।
अनिल ने मुस्कुरा के चारों ओर देखा तो दीपा नहीं दिखाई दी।
उसने चादर के अंदर हाथ लगाकर कन्फ़र्म किया कि उसने कुछ पहन रखा है या नहीं!

उसने मन ही मन दीपा को धन्यवाद दिया जो उसने उसे शॉर्ट्स पहनवा दी थी।

अनिल शिखा से बोला- मैंने ही दीपा से कहा था कि मुझे थोड़ी देर और सोने दो, फिर रात को तो पता नहीं तुम लोग सोने दोगी या नहीं?
शिखा बोली- ओए होय, आज तो जनाब पूरे मूड में हैं, दीपा जरा फ्रेश होने गयी है, तब तक चलो हम दोनों सोते हैं।

बिना कोई जवाब सुने शिखा अनिल की चादर में घुस गयी और बेधड़क उसके सीने से लग कर आँख बंद कर के लेट गयी।
अनिल का तो मानो बिल्ली भागो छींका टूटा … उसकी समझ में नहीं आ रहा था क्या करे, लंड तो खड़ा हो गया था।

शिखा ऐसे बिना परवाह चिपट कर लेट गयी थी मानो मनीष के पास लेटी हो।
अनिल चुपचाप पड़ा रहा।

शिखा ने आँख खोली और बोली- आदमी हो या पाजामा? इतनी खूबसूरत साली चिपक कर लेटी है; और तुम हो कि एक किस भी नहीं। यार, कभी दीपा से भी कुछ करते हो या नहीं?
कहकर उसने अनिल को एक किस कर लिया और फिर ऐसे ही लेट गयी।

अब अनिल की हिम्मत खुली।

दोनों की टांगें आपस में चिपक रही थीं। अनिल ने करवट ली और शिखा को एक जोरदार किस दिया।
शिखा ने आँख मटका कर कहा- अच्छा ये भी आता है। शर्म नहीं आती गाल पर किस करते?
कहकर उसने उसके लबों पर चुम्मी ली।

बस इतना बहुत था आग लगाने के लिए!
दोनों चिपट गए और चुंबनों की झड़ी लग गयी।

तभी वाशरूम से फ्लेश चलने की आवाज आई।
शिखा अनिल से अलग हुई बोली- दीपा आ रही है।

पर तब तक अनिल ने उसके नंगे चूतड़ों पर हाथ फिरा लिया था और शिखा भी उसका लंड ऊपर से दबा चुकी थी।
मतलब शिखा ने अनिल का लंड खड़ा कर दिया था और अब अनिल उसके काबू में था।

दीपा बाहर आई और अनिल से बोली- नाश्ता ऑर्डर करो, भूख लगी है.
और शिखा से बोली- तू अपने वाले को भी बुला ले!

शिखा ने दीपा को आँख मारते हुए कहा- मनीष तो सो रहा होगा। तू उसे उठा ले, जब तक नाश्ता आता है, मैं भी एक झपकी मार लूँ।

अनिल ने नाश्ते का ऑर्डर दिया।

दीपा बोली- मैं चेंज कर लूँ, बाहर ऐसे नहीं जाऊँगी।
शिखा चीखी- तुझे कौन सा मार्केट में जाना है। बस दूसरी कॉटेज में ही तो जाना है. और कौन सा बिना कपड़ों के जाना है, देख यहाँ ड्रेस को लेकर नौटंकी मत कर!
अनिल भी बोला- हाँ, यहाँ कौन किस की परवाह कर रहा है, चली जाओ।

दीपा ने डिओ स्प्रे किया और शिखा को देख मुस्कुराती हुई सेल्फ लॉक से डोर को लॉक करती बाहर निकल गयी।

अब अंदर शिखा अनिल से कस कर चिपट गयी।
उसने बिना देर गँवाए अनिल के होंठों से अपने होंठ मिला दिये।
दोनों की जीभ एक दूसरे में समाना चाह रही थीं।

अनिल ने शिखा की फ्रॉक उठा दी।
नीचे तो वो बिल्कुल नंगी थी.

अनिल ने अब और न इंतज़ार करते हुए उसकी फ्रॉक को उतारना चाहा तो शिखा ने उसका साथ देते हुए अपने अपने हाथ ऊपर कर दिये और फ्रॉक उतारने दी।
अब वो बिल्कुल नंगी थी।

अनिल ने उसके मम्मे मुंह में ले लिए।
शिखा ने बिलबिलाते हुए अनिल की शोर्ट्स भी नीचे खींच दी।
अब दोनों नंगे थे।

शिखा ने अनिल को नीचे धक्का दिया और उसके ऊपर लेट गयी।
दोनों के अंग से अंग मिल गए।

अनिल का लंड शिखा की चूत के मुहाने पर अंदर घुसने के लिए मचल रहा था और शिखा के मम्मे अनिल की छाती पर रगड़ रहे थे।
दोनों के होंठ ऐसे मिले थे कि बदन की कसमसाहट से ऊह आंह की सिसकारियाँ आ रही थीं।

शिखा 69 हो गयी और अपनी मखमली चूत अनिल के मुंह में और अनिल का फनफनाता लंड अपने मुंह में कर लिया।

अनिल बोला- जल्दी कर लो, दीपा आ जाएगी।
शिखा हंस कर बोली- तुम मत घबराओ … मनीष उसे बिना चोदे नहीं आने देगा। वो नहीं आने वाले अभी!

सुनकर अनिल को ये समझ आ गया कि जो हो रहा है इसमें दीपा की भी सहमति है।
अब वो भी जोश में आ गया उसने शिखा के पैर चौड़ा कर जीभ और अंदर कर दी।

अनिल का लंड मनीष से लंबा था, शिखा गन्ने चूसने का मजा ले रही थी और अनिल को बेचैन कर रही थी।
अब अनिल को लगा कि वो उसके मुंह में ही न छूट जाये तो उसने दम लगाकर शिखा को नीचे किया और उसकी टांगें चौड़ा कर पेल दिया अपना मूसल उसकी मुनिया में!

तब जो चुदाई का तूफान आया, लगा कि लकड़ी का बना ये कॉटेज टूट कर नीचे आ जाएगा।
पर रिज़ॉर्ट वालों ने कॉटेज की मजबूती चुदाई के हिसाब से ही बनवाई थी।

पाँच मिनट के सेक्स विद हॉट गर्ल के बाद हाँफते हुए शिखा ने अनिल को नीचे किया और चढ़ गयी उसके ऊपर।
अनिल ने उसकी मम्मे दबा दबा कर लाल कर दिये दे।

शिखा के मुंह से राल निकाल रही थी जो उसकी और अनिल की मिक्स थी। शिखा के धक्के जोरदार थे, नीचे से अनिल भी अपने कूल्हे उछाल रहा था।
थोड़ी देर में ही दोनों का एक साथ हो गया और शिखा अनिल के बगल में ही लेट गयी।

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