“ओह बाला सी सुंदर जैसे किसी अजंता की कोई मूरत हो ,बहुत ही शिद्दत से तरासा है ऊपर वाले ने तुम्हे “मेरे कानो में एक जानी पहचानी सी आवाज आयी,वो टाइगर था,मैं सतर्क हो गया,मतलब था की काजल क्लब पहुच चुकी थी ,मैं जाकर सोफे में बैठ गया और अपने मोबाइल से क्लब का कैमरा देखने लगा,वो बार एरिया में ही थे टाइगर के साथ रेहाना भी थी,
“तारीफ करना तो कोई तुमसे सीखे ,ये कौन है,”
“ये रेहाना है मेरी सेकेट्री “
मैं अब तक मोबाइल खोलकर उन्हें देखने लगा था,काजल के हाथो में एक ड्रिंक था जबकि टाइगर और रेहाना अभी अभी आये हुए लग रहे थे,
“सुंदर तो ये भी कम नही इतनी हॉट सेकेट्री है और आप हमारे ऊपर डोरे डाल रहे है ,”काजल की वो कातिल सी मुस्कान से कोई भी घायल हो सकता था,
“आज तुम्हारा वो सो कॉल्ड पति नही आया “
“जब आपको पता ही लग गया की वो मेरा पति नही है तो उसको लाकर क्या करती,”
“तो तुम्हारा असली पति कंहा है “
“वो अपने काम में होंगे ,आपको उनसे क्या इंटरेस्ट है “
“अरे इन्हें तो पत्नी से ज्यादा पति पे इंटरेस्ट होता है ,”इसबार रेहाना थी
“हा अगर वो होता तो खेल का मजा दुगुना हो जाता “टाइगर एक कमीनी सी हँसी हँसता है ,
“मैं उन्हें यहां नही ला सकती मैं उनसे बहुत प्यार करती हु,”काजल ने धीरे से कहा
“यहां आने वाली सभी लडकिया अपने पति से प्यार करती है ,और वो जितना प्यार अपने पति से करती है उन्हें मजा भी उतना ही आता है”टाइगर के चहरे में फिर से कमीनी मुस्कान खिल गई थी ,
“चलो मेरे पप्राइवेट बार में चलते है “टाइगर का इशारा दोनो ही लडकिया समझ चुकी थी
“यहां भी तो अच्छा है ,यही बैठो “काजल ने उसे छेड़ते हुए कहा,
“यहां शोर शराबा बहुत है “
टाइगर ने रेहाना के कानो में कुछ कहा और वो सर हिलाकर वहां से चली गई ,इधर टाइगर और काजल भी मेरे स्क्रीन से गायब हो गए थे,यानी वो अब अपने उस प्राइवेट कमरे में थे जंहा से मैं उन्हें नही देख सकता था…………
लेकिन उनकी बातो की आवाज मेरे कानो पर पड़ ही रही थी ,
“तो …..”दरवाजा बंद होने के बाद की ये दूसरी आवाज थी ,
“तो क्या “काजल की मदभरी आवाज आयी
“रुको ये क्या कर रहे हो “वो क्या कर रहे थे ये मैं सोचने की कोशिश ही कर सकता था ,
“क्यो क्या हुआ एक किस भी नही करने दोगी”
“नही …अभी नही ,तुममें अगर हुनर है तो मुझे जीत लो फिर जो चाहोगे वो मिलेगा “
कुछ देर की खोमोशी …
“तो आपको जितने के लिए इस नाचीज को क्या करना होगा …”
“कोशिस …मैं इतनी सस्ती हो नही हु मिस्टर टाइगर ,जो आसानी से आपके हाथ आ जाऊ “काजल के हँसने की आवाज मेरे कानो में गूंज गई ,
“आउच ,बोला ना नही …..ऊऊऊ छोड़ो ..”ऐसा लगा की उसने काजल को जबरदस्ती ही जकड़ कर किस कर लिया हो ..”शैतान हो तुम “
टाइगर के जोरो से हँसने की आवाज आयी
“कम से कम इतना तो मुझे मिलना ही चाहिए “
“तो इसके लिए अब तुम जबरदस्ती करोगे “
“नही मेरी जान बस कंट्रोल नही हो पाया तुम हो ही इतनी हसीन “
“अच्छा “काजल ने बड़े ही प्यार से कहा जैसे शहद चांट लिया हो ..
“अब हाथ छोड़ने का इरादा है जनाब का ,और अगर ऐसे ही अपनी ताकत की नुमाइश करोगे तो कल से मैं तुम्हारे इस क्लब में नजर ही नही आऊंगी “
“अरे ये क्या गजब कर रही हो अच्छा बाबा सॉरी “
“गुड बॉय चलो मेरे पास आओ “
“ऊऊऊ मम “ऐसा लगा की वो फिर से एक दूसरे के होठो को अपने होठो में समाय हुए है ,पुच पुच आवाज से मेरे कान भर रहे थे
“वाओ तुम मुझे पागल कर दोगी “टाइगर अपनी सांसे सम्हालते हुए बोला
“तो हो जाओ ना “काजल की आवाज मदभरी थी ,बहुत ही नशीली
“अब ऐसे मत देखो मैं सच में पागल हो जाऊंगा “
“रुको ,आज के लिए इतना ही काफी है ,”काजल की फिर से हँसने की आवाज आई
“तुम्हारे लिए एक स्पेशल इंतजाम किया है ,यहां की खासियत है “
“क्या मसाज “
काजल की तरफ से कोई जवाब नही आया
“क्या हुआ “
“आज नही “
“क्यो “
“बस ऐसे ही “
“हम्म्म्म समझ गया ,कल तुम अपने उस किराए के पति को साथ लाना ,जब वो साथ रहता है तो तुम ज्यादा गर्म होती हो ,उसे जलाने में तुम्हे मजा आता है ,है ना “
काजल की तरफ से तो कोई आवाज नही आयी ,लेकिन काजल जरूर हल्के हल्के से हँस रही होगी,उनकी बातो से मेरे सीने में भी जलन होने लगी थी ,वही मेरे लिंग में एक अकड़ भी आ गई थी ,दोनो चीजे एक साथ बड़ी ही अजीब सा शुकुन देता था पता नही ये क्या था लेकिन जो भी था ,बड़ा ही मजेदार था……थोड़ी देर में ही काजल वहां से चली गई ,आज वो रॉकी को साथ क्यो नही लायी और इतनी जल्दी ही जाना भी मुझे उसके किसी दूसरे प्लान की ओर संकेत कर रहा था ,
इधर डॉ गायब था और मलीना मुझे घूरे जा रही थी ,
“आप काजल के लिए इतने पागल हो तो चले क्यो नही गए क्लब “
“पता नही जान आज मन ही नही हुआ “मैंने उसे खीचकर अपनी गोद में बिठा लिया
“ये चुतिया कहा गया “वो जोरो से हँसने लगी ,इकबाल भाई अपनी बीवी की कोई प्रॉब्लम लेकर यहां आये थे,अब उनकी बीवी उनके साथ नही रहना चाहती ,अब चुतिया जी उसकी बीवी को मनाने गए हुए है ,साथ ही कहा की वो जूही से भी मिलेंगे ,”
मुझे आश्चर्य हुआ ,
“जूही से क्यो “
“क्या पता,और आपका ये इतना क्यो मचल रहा है ऐसा क्या सुन लिए “उसने मेरे लिंग पर हाथ फेरा
“कमरे में चलो बताता हु “उसके होठ मुस्कुरा उठे और हम दोनो उठाकर कमरे में चले गए .
“तो क्या उस गोदाम से कुछ भी नही मिला “
काजल की आवाज में एक सनसनी सी थी ,जो मेरे कानो में भी आ रही थी
“नही अभी तक तो कुछ भी नही,ड्रग्स को बोरियों में भरकर नही रखा जाता ,एक छोटे से थैले में ही करोड़ो का माल हो सकता है ,ये तो अब नेहा ही बता पाएगी की आखिर असली सामन कहा रखा गया है “
ये आवाज जूही की ही होगी
“ह्म्म्म नेहा को तो उसके रग रग का पता होना चाहिए,”
“मुझे नही लगता क्योकि टाइगर उससे उतना ही काम लेता है जितने की उसे जरूरत हो ,वो बहुत ही शातिर अपराधी है,लगता है तुम्हे ही मेहनत करनी होगी “
“लेकिन कैसे ?”
“उसके करीब जाओ और पता करो “
“वो अपने राज मुझे क्यो बताने लगा “
“उसे अभी तो यही लगता है की तुम मजे करने उसके पास आई हो और तुम्हारा पति अपने मजे के लिए ,वो तुम दोनो में ही उलझा हुआ है जिसका हमे थोड़ा फायदा तो मिल ही रहा है ,अगर तुम उसका विस्वास जीत लो तो शायद कुछ और भी हो सकता है “
“वो साला तो मुझे बॉडी मसाज देने के फिराक में है ‘काजल की हँसी मेरे कानो में पड़ी
“तो ले ले तेरे पति को भी थोड़ा मजा आ जाएगा और तुझे भी “
जूही ने उसे छेड़ते हुए कहा
“अरे नही यार एक तो उनके होने के अहसास से ही मेरा दिल बैठ जाता है ,पता नही कैसे करूँगी “
“मेरी जान जब वो सब जानते हुए तुझे नही रोक रहा है तो समझ ले की वो भी इस चीज के लिए राजी है,तू तो अपने कारनामे दिखा,जगा अपने अंदर की उस काजल को जिसके अदाओं पर लोग दीवाने हो जाते थे,और अब तो तेरी कसीस और भी बढ़ गई है ….”
जूही की बातो से मेरे लिंग में एक हलचल हुई ,हा काजल की कसीस पहले से कही ज्यादा बढ़ गई है ,शायद वो मेरी और रॉकी की मेहनत का ही नतीजा था….
“तो कल ले लू बॉडी मसाज “
काजल की इठलाती हुई आवाज मेरे कानो में पड़ी
“बिल्कुल “
दोनो ही सहेलियां हँस पड़ी ,
इधर मैं मलीना को दो बार रगड़ चुका था ,वो मेरे इस बर्ताव से बहुत ही खुस दिख रही थी ,आज की रात भी मैं उसके साथ ही बिताने के फिराक में था ,मगर डॉ के घर में एक भूचाल सा आ गया था ,
“मैं अब उस आदमी को एक पल भी बर्दास्त नही करूँगी “
एक कर्कश सी आवाज से मेरा माथा गर्म हो गया और मैं अपने कमरे से बाहर आकर नीचे देखने लगा वहां मेरी और डॉ मुझे दिखाई दिए ,मेरी इकबाल भाई की पत्नी थी ,
“अरे यार ठिक है उसकी कुछ बुरी आदते है लेकिन इसका मतलब ये तो नही की तुम उसे छोड़ ही दो ,आखिर समाज से लड़कर तुम दोनो ने एक दूसरे से शादी की थी “
“यही तो गलती हो गई थी डॉ अब नही अब आप सोच लो की आप मुझे अपने पास रखोगे की मैं कही और जाऊ “
डॉ बड़ा चिंतित लग रहा था लेकिन मैं तो मेरी को देखते ही रह गया,क्या कमाल का जिस्म था उसका ,वो अभी एक पटियाला सलवार सूट में थी जो उसके भरे हुए जिस्म की खूब नुमाइश कर रहा था,सनी लियोन इन पटियाला सूट ,मेरे दिमाग में एक ही बात आयी …
अचानक ही वो ऊपर देखी और मुझसे नजर मिलते ही वो थोड़ी शांत हो गई ,शायद उसने मुझे पहचान लिया था वो बड़ी ही अदा से मुस्कुराई ,
मैं और मलीना नीचे आये ,डॉ ने हमारा परिचय कराया
“तो मेरा रूम कौन सा है “वो हल्के से बोली
“ऊपर गेस्ट रूम में समान रख लो अपना “
डॉ की आवाज थकी हुई थी ,उसके ऊपर जाने के बाद मैं डॉ की तरफ बढ़ा
“क्या बताऊ यार इन मिया बीवी के झगड़े में मैं पीस जाता हु ,अब इस बाला को कैसे सम्हालूंगा “
“क्यो इससे क्या दिक्कत है तुम्हे “
“अरे यार क्या बताऊ बड़ी खरनाक चीज है ,”डॉ इतना ही बोल पाया और अपने कमरे में चला गया ,……….
मैं काजल से रात में ही बात कर पाया ,उस रिस्टवाच के कारण मुझे तो उसकी हर बातो का पता चल रहा था लेकिन उससे फोन पर बात करना अपने आप में बहुत ही शुकुन दायक था ……
मैंने एक सिगरेट जलाई और मलीना के बाजू में लेट गया ,उसने मेरे कानो में लगे हुए हेडफोन को देख लिया था,जो की मैंने अब निकाल कर रख दिया था,मलीना उसे उठाकर अपने कानो में लगा लेती है ,और अजीब सा चहरा बनाती है,
“क्या हुआ “मैंने हँसते हुए उसे कहा
“कुछ नही इसमें तो कुछ भी सुनाई नही दे रहा है “
मैं फिर से हँस पड़ा,मेरे मेरे बाजुओ में आकर मेरे छाती के बालो खेलने लगी ,
“सच में आप कितने प्यारे हो मेरे बाबू “मैं उसके सर के बालो को सहलाने लगा,
“अरे ये लड़का कौन है “मलीना चौकी मैंने तुरंत उसके कान से हेडपीस निकाल कर अपने कान में लगा लिया
उधर से
“आज तुम मुझे अपने साथ क्यो नही ले गई “
“क्यो तुम्हे वँहा कुछ काम था क्या”
“नही लेकिन .”
“बस हो गया ना ,जब तुम्हारी जरूरत होगी ले जाऊंगी अब ऐसे मुह क्यो फुला कर बैठे हो “
कजल के हँसने की आवाज मेरे कानो में गूंज गई ,लगता है की मैंने ये डिवाइस लगा कर बड़ी गलती कर दी ,मैं ना सिर्फ काजल की वो बाते सुन रहा था जो की मुझे नही सुनना चाहिए था बल्कि इससे मेरा दिल भी दुख रहा था,चलो अच्छा है इससे थोड़ी प्रेक्टिस तो हो जाएगी कल के मसाज को देखने की हिम्मत मिलेगी,
मैं थोड़ा सा झुंझलाया लेकिन फिर मैं कान गड़ा कर सुनने लगा,
“थोड़ा पास आओ ना ,वैसे भी तुम आजकल मेरे पास ही नही आती “
“अरे आउच इतनी क्या जल्दबाजी मची हुई है तुम्हे “कजल की आवाज में थोड़ी नाराजगी थी जो इतनी थोड़ी थी की उसे इग्नोर किया जा सकता था ,
“अरे रुको तो सही थोड़ा फ्रेश होने दो “
“अरे मेरी जान मैं तुम्हे फ्रेश करता हु “ऐसा लगा जैसे की रॉकी ने काजल को बिस्तर में पटक दिया हो ,बदले में काजल की जोरो की हँसी गूंज गई
“आह ओ पागल कही के ,रुको तो सही ,नही ना ,अब बस ,बोला ना “
काजल उसके बांहो में छटपटा रही थी और मेरा लिंग अपने आकर में बढ़ रहा था,वो भी छटपटा रहा था मेरी बीवी के इस तरह मजे लेने पर …मलीना के चहरे में फिर से खुसी झूम गई उसे पता था की अब मैं उसको जोरदार रगड़ने वाला हु ,
“ओह बोली ना बस ,हटो यहां से “काजल की आवाज में जो गुस्सा था और ‘धड़ाम ‘
मेरी हँसी छूट गई ,शायद बेचारे रॉकी को काजल ने बिस्तर से गिरा दिया होगा
“ये क्या है काजल “वो झल्लाया हुआ बोला
“अपनी औकात मत भुला करो ,और तुमने मिश्रा को रिपोर्ट किया ???समझते क्या हो तुम अपने आप को ,तुम्हारे जैसे मेरे पीछे कई है और मैं उस होटल की मालकिन हु जंहा तुम काम करते हो समझ गए ….”
बेचारे रॉकी के लिए तो मुझे भी दुख होने लगा ,यही वो लड़की है जिसकी मदद करने के लिए वो इतने खतरे उठा रहा है और ये उसे उसका औकात दिखा रही थी ,
“सुनो रॉकी अरे रुको तो सही “काजल की आवाज अब थोड़ी शांत थी
“देखो मैंने जो कहा वो गुस्से में कह दिया मुझे माफ कर दो …”
काजल ने बड़े ही प्यार से कहा लगा की जैसे वो उसके गालो पर हाथ रखी हो ..
“तुम कब इतने गुस्से में हो जाती हो और कब प्यार करने लगती हो समझ ही नही आता ,और उधर मिश्रा मेरे ऊपर दबाव बनाता है,तुम दोनो के बीच मैं पीस गया हु ,मैं तुम्हे प्यार करता हु काजल इसलिए ये सब झेल रहा हु ,लेकिन अब नही मैं जा रहा हु बहुत हुआ “फिर से कुछ टकराने की आवाज आयी जैसे की दो जिस्म आपस में टकराये हो ,
“रुको मेरी जान ,इतनी सी बात पर कोई नाराज होता है भला ,देखो मैं तो तुम्हारी वही काजल हु ना ,मैं अभी इस केस के सिलसिले में बहुत परेशान चल रही हु जान ,समझा करो,जब मैं मूड में होऊंगी तो तुम्हे पता चल ही जाएगा ना ,अभी मेरा मूड अच्छा नही है ,कल की भी तो तैयारी करनी है और कल तुम मेरे साथ ही चलना ओके”काजल ने उसके गालो में या उसके होठो पर इतनी जोरो से पप्पी दी की उसकी आवाज मेरे कानो तक पहुची ,बदले में फिर से एक चुम्मन की आवाज गुंजी ये तो होठो पर ही किया गया होगा,क्योकि गु गु की आवाज मेरे कानो तक आ रही थी ,मेरी प्यारी काजल अपने लवर के होठो को ऐसे चुम रही थी जैसे की कोई गन्ना चूसता हो
“अच्छा अब तुम जाओ ,मुझे आराम करना है ,ज्यादा देर रहे तो मेरा भी मूड बन जाएगा “काजल फिर से हँसी
“तो बना लो ना “रॉकी का अंदाज थोड़ा रोमांटिक था
“बदमाश कही के ,ये सब खत्म होने दो ऐसे भी मैं कहा भागी जा रही हु “
इस बार थोड़ी शांति थी ..बस दरवाजा बंद करने की आवाज आयी
“उफ ,एक बार ये काम हो जाय तो इस साले को भी इसकी असली औकात दिखाउंगी “काजल भुंभुनायी और मैं उछल पड़ा ,ये काजल मेरे समझ से हमेशा से ही बाहर थी ,वो रॉकी का यूज़ सिर्फ काम के लिए कर रही थी ,सोचने वाली बात थी …लेकिन इतना सब होते होते मेरा लिंग तो फिर से सो चुका था और मलीना मुझे अजीब निगाहों से देख रही थी ,वो मेरे लिंग को मेरे पैजामे के ऊपर से दबाई
“आज नही जान ,कल के लिए इसे थोड़ा रिलेक्स दो कल इसे बहुत काम करना है …”
मैं हंसा और उसे किस कर सोने को बिस्तर में पड़ गया
दिल की धड़कने तो बार में घुसने से पहले से ही बढ़ी हुई थी आज मैं अकेला था साथ डॉ नही था,मैंने बहुत ही सोचा था तक जाकर ये फैसला कर पाया की मुझे यहां आना है ,मैं जानता था की टाइगर जानता है की मैं क्यो आया हु और साथ ही काजल भी साथ ही मेरे पास मौजूद रहने वाली नेहा भी और साथ ही मैं भी ये जानता हु की सभी जानते है ,
मुझे पता था की टाइगर मुझे पूरा शो दिखाने वाला है और साथ ही काजल भी उसका पूरा सपोर्ट करेगी ,इधर नेहा मेरे पास बैठी हुई मेरे एक्सप्रेशन देखने का काम करेगी,मैं बहुत ही बेचैन था लेकिन दिल का दर्द और दिल की मिठास में फर्क कर पाने की स्थिति में नही था,मैं बहुत ही घबराया हुआ बार पहुचा पहले दो पैक लगाया,कानो ने हेडपीस लगाया और सीधे ही टाइगर के ऑफिस में पहुच गया ,वँहा पर टाइगर नही था ,स्वाभाविक है आज उसे काजल पर हाथ जो साफ करना था वो उसकी तैयारी कर रहा होगा,नेहा उर्फ रेहाना ने बड़ी ही आत्मीयता से मेरा स्वागत किया आज तक तो मैं सिर्फ डॉ का दोस्त था लेकिन आज मैं उसके लिए उसकी जान से प्यारी दोस्त का पति भी था जो की उसकी चुदाई देखने को यहां आया करता है…उसके चहरे में पहले तो व्यंग दिखा लेकिन थोड़ी ही देर में वो नार्मल हो गई ,उसने मुझे बड़ी ही प्यार से बैठाया मेरे कानो का हेडपीस उसे दिख ना पाए इसलिए मैंने उस जगह को बालो से ढंका हुआ था ,मुझे कानो में थोड़ी थोड़ी आवाजे तो सुनाई दे रही थी लेकिन ऑफिस आने के बाद वो और भी स्पष्ट हो गई थी ,बार के शोरोगुल में और अपनी उत्तेजना में उसपर धयान जाना थोड़ा कठिन था,
नेहा ने मुझे ड्रिंक ऑफर की मैंने हा कर दी ,आश्चर्य की उसने वँहा ड्रिंक पहले से लेकर रखी थी पूरा इंतजाम मेरे लिए वँहा पर किया गया था बड़े स्क्रीन में अभी काजल और रॉकी बैठे दिख रहे थे साथ ही टाइगर भी था लेकिन वो कुछ बोल नही रहा था ,
“ये लोग अभी अभी आये है ,आज इनके बॉडी मसाज का प्रोग्राम है “नेहा ने बताया
“हम्म “
मैं एक सिप लगाया नेहा भी मेरे बाजू में आकर बैठ गई
उधर से रॉकी काजल और टाइगर के बात करने की आवाज आ रही थी ,
“तो रेडी हो “
“रेडी क्या बहुत ही एक्साईटेड ,पता नही तुम लोग ऐसा क्या करते हो की यंहा का मसाज हर जगह इतना फेमस हो “
“ड्रिंक खत्म करो बताता हु “टाइगर के आदेश में काजल तुरंत ही अपना ड्रिंक खत्म कर दी ,दोनो ही वँहा से उठकर जाने लगे ,
“अरे तुम भी आओ “टाइगर ने रॉकी को कहा रॉकी भी अब उनके पीछे था
वो लोग चले गए ,नेहा ने एक रिमोट उठाया और बटन दबा दिया ,उस कमरे में अभी वो लोग पहुचे नही थे ,सफेद कलर का वो कमरा जिसमे 3 कैमरे लगे थे ,क्योकि स्क्रीन में 3 ब्लॉक खुल गए थे जिसमे अलग अलग एंगल से तस्वीरे सामने आ रही थी ,कैमरे की क्वालिटी सचमे बहुत ही अच्छी लग रही थी ,बीचो बीच एक बड़ा सा सफेद कलर का मसाज बेड था ,पास ही एक सोफा था ,इसे इसी काम के लिये डिजाइन किया गया था ….
2-3 मिनट ही बीते होंगे की कमरे का दरवाजा खुला और तीनो अंदर आये ,वो जाकर सोफे में बैठ गए ,वो बात कर ही रहे थे की एक वेट्रेस हाथ में 3 ग्लास लेकर आयी तीनो ने पहला जाम खत्म कर लिया और टाइगर में उसे और भी जाम लाने का आदेश दिया,टाइगर बाहर गया और नेहा का मोबाइल बजा
“हा सर ,ओके ओके “नेहा के चहरे में मुस्कान फैल गई
“सर आप बैठिए टाइगर सर ने मुझे एक काम सौप दिया है “
नेहा के चहरे का भाव मैं समझ चुका था टाइगर ने जरूर उससे ये कन्फर्म किया होगा की मैं वँहा आ गया हु की नही ,और साथ ही उसने मुझे अकेले छोड़ने का भी आदेश दिया होगा,मैंने हा में सर हिलाया और साथ ही एक जाम अपने लिए भी बनाई ……..
जाते जाते नेहा ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और प्यार से सांत्वना देने के अंदाज में दबाया ,उसकी आंखों में मेरे लिए एक अजीब सा भाव था,वो कमरे से निकली और मैं स्क्रीन में नजर गड़ाए बैठा रहा ,उधर से कुछ खास नही हो रहा था ,थोड़ी देर के बाद वहां एक लंबा चौड़ा आदमी दाखिल हुआ ,
“तुम्हे इसके हाथ से की गई मालिश बहुत पसन्द आएगी ,”टाइगर ने एक कुटिल मुस्कान अपने चहरे में लाई ,उस व्यक्ति को देखकर काजल रॉकी के साथ साथ ही मैं भी थोड़ा झेप गया,वो 6’5” की लंबाई वाला मांस की दुकान था,शरीर के एक एक मसल्स में मौजूद एक एक कटाव साफ साफ दिख रहे थे,वो अभी आधा नंगा था ,उसके एब्स को देखकर काजल के मुह से एक आह सी निकल गई ,
“तुम्हे पसन्द आया “टाइगर ने काजल को छेड़ते हुए कहा
“ये प्रोफेशनल है इसलिए डरने की कोई भी जरूरत नही है,बाकी ये ही तुम्हे गाइड करेगा “
टाइगर आराम से सोफे में जाकर बैठ गया ,उस व्यक्ति को मैं पहचानता था ,हा याद आया वो वही था जो उस दिन उस कपल के साथ था,जिसे मैं और डॉ चुपके से देख रहे थे ,मेरी उत्तेजना चरम पर पहुच गई थी,काजल की तेज हुई सांसो की आवाज मेरे कानो तक पहुच रही थी ,उस व्यक्ति ने उसे इशारा किया की वो एक खास कपड़े को पहने और आकर उस बिस्तर में लेट जाए जो की मसाज के लिए बनाया गया है ,काजल उस कपड़े को हाथो में ले ली और उसे बाजू के कमरे का इशारा किया गया ,जब वो कमरे में पहुची तो टाइगर ने एक अपने जेब से एक छोटा सा रिमोट निकाला और दबाया ,मेरे सामने की स्क्रीन पर उस कमरे के फुटेज आने लगे जंहा काजल गई थी ,
‘इसकी माँ का ‘
मेरे मुह से अनायास ही निकल गया ,काजल थोड़ी खबरे हुई लग रही थी ,उसने उस कपड़े को फैला कर देखा,
वो एक नाइटी की तरह का कपड़ा था,झीना सा सफेद रंग का जो नीचे से छोटा था ,शायद वो काजल के घुटनो से थोड़ा ऊपर ही आ पता,कपड़े को देख कर ही लग रहा था की वो पारदर्शी था,पूरी तरह नही लेकिन अगर कपड़ा थोड़ा भी गिला हो जाय तो काजल का अंग अंग उसमे आसानी से दिखने लगता,काजल को ना जाने क्या हुआ वो हल्के से हँसी लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी हँसी थोड़ी चिंता में बदल गई ,उसने अपने साड़ी का पल्लू हटाया ,कमरा एक चेंजिंग रूम से थोड़ा ही बड़ा था और एक आदमकद का दर्पण उसमे लगा हुआ था,काजल ने अपने कसे हुए वक्षो को देखा स्वाभाविक था की इस कपड़े को अपने शरीर में डालने के लिया उसे अपनी ब्लाउज़ उतारनी पड़ती वो अपनी ब्लाउज़ उतारने लगी ,उसके पहाड़ो की चोटी अपनी मस्ती में खड़े हुए थे,उसकी ब्रा से बाहर निकलने को बेताब थे ,मेरे मुह से भी एक आह निकल गई,मेरी काजल ,हा ये मेरी काजल थी मेरी पत्नी ,मेरी जान से ज्यादा प्यारी काजल थी ,क्या वो एक अनजान शख्स के सामने नंगी होने जा रही थी ,ये सोच कर ही मेरे दिल में तक टिस उठी और मेरे लिंग में एक झटका ,मैंने अपने हाथो से उसे मसाला ,दिल में ग्लानि का भाव आया जो काजल के मादक जिस्म को देखते ही चला गया,दिल थोड़ा भारी हो रहा था शायद अगर कोई जोर डाले तो रो ही डालू लेकिन इस लिंग का क्या ये क्यो ऐसे झटके मार रहा था ,काजल ने अपने हुस्न को निहारा ,सच में काम की देवी थी मेरी जान .वो अपने साड़ी को झटके से निकाल दिया वो आपने पेटीकोट और ब्रा में थी ,उसका सपाट पेट और गहरी नाभि किसी को भी दीवाना बना सकता था,उठे हुए कूल्हे पेटीकोट में भी इतने आकर्षक लग रहे थे की मेरे मन का भारीपन भी जाता रहा ,मेरे होठो से सिसकी सी निकली ,लेकिन काजल का चहरा थोड़ा दुखी सा था,उसने धीरे से पेटीकोट का नाडा निकाला और पेटीकोट के गिरते ही काले रंग की पेंटी को की उसके ब्रा के ही कलर का था झांकने लगा,वो उसके चूतड़ में जोक सा चिपका हुआ था,काजल के जांघो के बीच का आकर मुझे दीवाना बना रहा था,हा इसे मैंने कई बार देखा था और ना जाने कितनी बार उसे भोगा भी था लेकिन ये मेरे जीवन का एक अलग ही अनुभव था जिसे मैं जी रहा था ,काजल ने अपने गले में हाथ डाला और मंगलसूत्र को पकड़ लिया वो उसे ध्यान से देखने लगी ,उसकी आंखे शायद गीली हो रही थी ,मैं जितना सोचता था काजल शायद उससे कही ज्यादा मुझसे प्यार करती थी ,उसके इस हरकत से मेरी उत्तेजना जाती रही ,उसे नही पता था की मैं यहां भी उसे देख रहा हु ,हा उसे ये जरूर पता होगा की मैं उसे मसाज वाले कमरे में देख रहा हु लेकिन यहां का तो मुझे ही पता नही था ,वो तो टाइगर का रहम ही था,उसने शायद सोचा होगा कि मैं इसे देखकर हुमिलेट महसूस करूँगा लेकिन ये तो मेरी काजल थी ,जो अकेले में ही अपने मंगलसूत्र को निहार रही थी,उसके मन में क्या चल रहा था ये तो मुझे नही पता लेकिन उसका चहरा थोड़ा दुखी था वो फिर हल्के से हँसी,कैमरे का एंगल ऊपर से था लेकिन शायद ये उस कांच के ऊपर ही लगा हो ,मुझे काजल का चहरा और उसके कमर तक का शरीर साफ देख रहा था लेकिन नीचे देखने में परेशानी थी,वो सर उठाकर दर्पण की ओर देखी उसने अपना बेग उठाया और मोबाइल निकाला ,और किसी को फोन लगा दिया ,मैं स्तब्ध था जब मेरे फोन की घंटी बजी ,काजल सोच क्या रही थी ,उसका चहरा मैं देख सकता था लेकिन उसे नही पता था की मैं उसे देख पा रहा हु,
मैंने फोन उठाया
“हैल्लो “
“आई लव यु जान “काजल की हल्की सी आवाज मेरे कानो में पड़ी वो अपने आंखों में आये कुछ बूंदों को अपने हाथो से साफ कर रही थी ,
“लव यु टू डार्लिंग”
“आपसे एक बात करनी थी “
“ह्म्म्म”
“अगर मुझसे कोई गलती हुई तो आप मुझे माफ कर दोगे ना “काजल की आवाज में अजीब सी बेचैनी थी ,हम उस जगह थे जंहा हम दोनो ही पता था की हम क्या कर रहे है एक दूसरे की पूरी खबर हमे थी लेकिन फिर भी काजल की इस बात ने मेरे दिल के तार ही छेड़ दिए ,भगवान का शुक्र था की टाइगर ने ये फुटेज मेरे सामने रखा था वरना मुझे यही लगता की काजल मुझे जला रही है,कमरे के अंदर वो नंगी होगी मसाज करवाने के लिए बेकरार और मुझे जलाने के लिए फोन किया है ,लेकिन मैं देख पा रहा था की ऐसा कुछ भी नही था वो खुद एक पशोपेश में थी ,…मैं थोड़ी देर तक चुप ही रहा
“बोलो ना क्या हुआ आपको “
“तुम कुछ गलत कर ही नही सकती जान “मेरी आवाज थोड़ी सर्द थी,
“ऐसा थोड़ी होता है मैं भी इंसान हु मुझसे भी तो गलती हो सकती है”
“ह्म्म्म तुम इंसान हो लेकिन तुम जो भी करो मेरे लिए वो ही सही होगा,”
“आपकी बाते मुझे डरा रही है,इतना बड़ा बोझ मुझपर मत डालो जान ,बोल दो की क्या सही है क्या गलत ,मेरी गलती पर मुझे डांट दो ,वरना मेरे लिए ये बोझ बन जाएगा ,मैं इस बात का बोझ सह नही पाऊंगी की जो मैंने किया वो आपकी नजर में कही पाप ना हो ,आप दिल से मुझसे दूर ना हो जाय “काजल सुबकने लगी थी लेकिन फिर भी वो पूरी कोशिस कर रही थी की उसकी आवाज मुझतक ना पहुचे ,मैं स्क्रीन में देख सकता था की काजल अपनी आंखों में आये पानी को बार बार पोछ रही थी ,मेरा दिल भी भर सा गया ,लेकिन मैं तो खुद ही पशोपेश में था ,मुझे भी पता था की काजल किस बारे में कह रही है वही काजल को भी पता था की मुझे पता है की वो किस बारे में कह रही है,लेकिन फिर भी हम सांकेतिक बाते ही कर रहे थे ,मर्यादा और रिस्तो की एक दीवार हमे सीधे सीधे बात करने से मना कर रही थी,
“एक गहरी सांस लो “मैंने काजल को कहा वो हल्के से हँसी
“अरे लो ना “
“हम्म “वो गहरी सांस लेती और छोड़ती है
“अब रिलेक्स हो जाओ ,मेरे लिए तुम हमेशा सही हो थी और रहोगी,बस एक चीज याद रखना जो भी करना खुल के करना ,तुम उसमे डूब जाना ना दुनिया की परवाह करना ना ही मेरी क्योकि दुनिया से हमे कोई मतलब नही है और मैं कुछ भी हो जाय तुम्हारे साथ हु “मैंने पूरे कॉन्फिडेंट के साथ कहा जिससे काजल का चहरा खिल उठा
“ऊम्म्मआआ मेरी जान थैंक्स ,”वो थोड़े जोर से बोली
“लव यु “इस बार उसकी आवाज धीरे थी ,मैं भी हंसा
“लव यु मेरी जान “
काजल ने फोन रखा मैं अब भी स्क्रीन में नजर गड़ाए थे वो फिर से दर्पण को देखते हुए जोरो से गहरी सांसे ली जैसे कोई बड़ा काम करने जा रही हो और उस कपड़े को पहन ली ,मंगलसूत्र अभी उसके दोनो वक्षो की गहराई में डूबा हुआ था ,मांग में मेरे नाम का सिंदूर था ,हाथो में कुछ सुहाग की निशानी चूड़ियां थी ,और मेरा दिया रिस्टवाच ,माथे में मीडियम साइज की लाल बिंदी थी जो की उसके गोर मुखड़े में खिलकर आ रही थी ,ये रूप था जिसे मैं हर रोज देखा करता था या यू कहे की जब जब मैंने काजल से प्यार किया वो इसी रूप में मेरे पास आती थी .लेकिन आज उसका वो रूप किसी और को दिखाने के लिए था…………
काजल कमरे से बाहर आयी और थोड़ी देर में मेरे सामने की स्क्रीन बदल गई ,इस समय कमरे में नेहा भी थी ,काजल अभी बिस्तर पर लेट रही थी ,रॉकी और टाइगर उसके हुस्न को मुह फाडे हुए देख रहे थे ,वही नेहा की नजर अभी काजल को देख रही थी ,टाइगर ने अभी अभी रिमोट से मेरा विव्यु बदला था,कैमरे के तीन एंगल मेरे सामने थे ,एक से मैं काजल की पीठ और मसाज करते हुए उस व्यक्ति को देख सकता था ,ये साइड विव्यु था जिससे पूरा कमरा मुझे दिखाई दे रहा था ,दूसरा नीचे लगाया गया था जिससे मैं काजल के चहरे को आराम से देख पता अगर वो सर उठाती ,अभी उसके लेटने पर मुझे उसके बाल दिख रहे थे ,और थोड़े बाजू का चहरा लेकिन अभी उसका चहरा पूरी तरह से नीचे था ,अगर वो सर घुमाती तो मैं उसके चहरे को आराम से देख पाता,वो पेट के बल लेटे हुई थी ,तीसरा भी साइड से पूरे कमरे का विव्यु दे रहा था ,कमरा ज्यादा बड़ा नही था और कैमरे की क्वालिटी अच्छी थी जिससे मुझे आराम से सब कुछ दिख पा रहा था,उस आदमी ने काजल के चहरे को उठाकर उसकी ठोड़ी के पास कुछ छोटे गड्ढे सा रखा जिससे काजल का सर थोड़ा ऊपर हो गया,उसके चहरे को अब सभी देख सकते थे ,वो हल्के से मुस्कुराई ,उस आदमी ने उसके बालो को पीछे करते हुए उसे साइड में सरका लिया ,अब काजल का चहरा स्पष्ट था,काजल की नजर नेहा से मिली उसने आंखों ही आंखों में उससे जैसे कुछ सवाल किया ,नेहा ने हल्के से हा में सर हिलाया ,और जो कैमरा काजल के चहरे को दिखा रहा था उधर इशारा किया काजल की आंखे सीधे उस कैमरे को देखने लगी ,एक बारी तो मैं ऐसे घबराया जैसे वो मुझे ही देख रही हो ,मुझे समझ आ गया था की काजल ने नेहा से क्या पूछा था और नेहा ने उसे क्या बताया होगा,लेकिन वहां बैठे बाकी लोग इसे जान नही पाए क्योकि किसी को नही पता था की नेहा उर्फ रेहाना असल में काजल की ही सहेली है….टाइगर ने नेहा को पास बुलाया और कुछ कहा नेहा वहां से निकल गई थी,वो आदमी अपने काम में लग चुका था ,मैंने एक ड्रिंक बनाई और हल्के हल्के सिप लेने लगा..
काजल के पैरो से मालिश शुरू हुई थी ,वो उसके एड़ी को मसल रहा था,वो एक पारदर्शी तेल का इस्तमाल कर रहा था ,काजल ने एक गहरी सास भरी जैसे वो कुछ सूंघ रही हो ,शायद वो तेल की ही खुसबू होगी,मेरी बीवी पर मेरे सामने हुआ किसी गैर का वो पहला स्पर्श ,मेरे अंदर से कोई झनकार उठी वही काजल ने एक आह भरी जिसकी आवाज मेरे कानो में भी पहुची ,
काजल की बाकियों के चहरे में एक मुस्कान आ गई,ऐसे तो काजल नियत से ही बहुत गर्म थी लेकिन फिर भी ना जाने टाइगर को क्या सुझा
“बेबी एक ड्रिंक लेना चाहोगी स्पेशल तुम्हारे लिए तैयार करवाया हु,उसे पीकर जन्नत में पहुच जाओगी “टाइगर के चहरे में एक अर्थ भरी मुस्कान तैर गई ,काजल थोड़ी देर सोचती रही लेकिन उसने ना में सर हिला दिया ,
“कॉमआन यार मजा आ जाएगा तुम्हे ,वो तुम्हे और भी गर्म कर देगा “टाइगर के चहरे में शैतानी मुस्कान खिल गई ,
“मैं तो ये सोचकर ही गर्म हो रही हु की मेरा पति मुझे देख रहा ह,मुझे अब किसी भी ड्रिंक की जरूरत नही है” “उसने रॉकी के तरफ इशारा किया लेकिन मुझे लगा जैसे वो मेरे बारे में कह रही हो,मेरा दिल बैठ गया लेकिन अगले ही पल मुझे ये भी याद आया की काजल ने उसे मना क्यो किया ,वो शायद जानती थी की टाइगर उसे क्या देने जा रहा था,शायद वही ड्रग्स ड्रिंक के फार्म में,जिससे काजल अपना सुध बुध खोकर वासना की अंधेरी राहों में गुम हो जाती ,लेकिन काजल तो दूध की जली थी,वो टाइगर के प्लान को समझकर बड़ी ही खूबी से उसे चुप करा दिया था,
काजल मुस्कुराते हुए रॉकी को देख रही थी जो की अपनी आंखे बड़ी बड़ी किये उस हुस्न को देख रहा था जिसे वो भोगा करता था(मुझे तो यही लगता था),शायद उसके दिल की धड़कन भी मेरी ही तरह बड़ी हुई थी …वही टाइगर शैतानी हँसी से मुस्कुरा रहा था उसने वहां लगे कैमरे की ओर देखा और अपनी मुस्कान और भी चौड़ी कर दी जैसे वो मुझे चिढ़ा रहा हो ,
वो आदमी अपने हाथो का जादू काजल पर चलाने लगा था,काजल की आंखे अपने ही आप बंद होने लगी थी,वो सिसकिया ले रही थी अब लड़के का हाथ उसके घुटनो तक को रगड़ रहा था,उसके मजबूत हाथो का स्पर्श काजल को पागल बना रहा था ,उसकी सांसे अनियंत्रित होने लगी थी,उसका हाथ मजबूत गोल जांघो के पास पहुचा ,काजल की मोटी जाँघे मुलायम और गद्देदार ,मैंने अपने जीवन में उसे बहुत मसला था मुझे उस व्यक्ति पर रस्क हो रहा था जो आज मेरी बीवी के जांघो में बिना किसी रोक टोक के हाथ फेर रहा था,उसके निकर से उसका मजबूत और विशालकाय काला लिंग (जो की मैं देख चुका था )तना हुआ दिखने लगा ,वो भी अब काजल के जांघो को छू रहा था,काजल को भी इसका अहसास हो रहा होगा क्योकि वो हल्के से मुस्कुराने लगी थी ,वो नाइटी को ऊपर उठा रहा था जैसे जैसे उसके हाथ ऊपर जाते वहां ढका हुआ कपड़ा ऊपर उठ जाता,
इधर मेरे लिंग का भी हाल कुछ अच्छा नही था मैं उसे बाहर निकलना चाहता था लेकिन मन में भरा हुआ वो दर्द जो मुझे ये सब देखकर हो रहा था वो मुझे इसे निकलने से मना कर रहा था ,मैं खुस की भावनाओ के द्वंद में फंसा कभी रोने तो कभी हँसने की स्तिथि में पहुच गया था,सही गलत के बीच फंसा मेरा मन एक जगह पर टिक ही नही पा रहा था,अभी अभी लड़के ने काजल के जांघो पर अपना लिंग जोर से दबाया था ,
“आह “काजल ने धीरे से कहा ,और मेरे लिंग ने फुंकार मारी,साथ में मेरी आँखों ने आंसू छोड़ दिए ,मैं एक नया पैक बना कर तुरंत ही पी गया ,काजल का कपड़ा अब उसके जांघो से पूरी तरह से ऊपर था,चूतड़ों की गोलाई और भराव अब झांकने लगे थे ,मुलायम चूतड़ पेटी में कसे हुए ,दूधिया रंग के और आपस में कसे हुए थे,उस उत्तेजक दृश्य ने रॉकी और टाइगर की हालत भी खराब कर दी थी ,वो अपने पेंट से ही लिंग को मसलने लगे थे ,टाइगर उठा और काजल के चूतड़ों से कपड़ा उठा कर उसके कमर तक ला दिया ,वो अभी पेंटी में थी लेकिन फिर भी इतनी मदमस्त रस से भरी और भारी से कसाव वाले नितम्भो को देखकर बुड्ढे का भी लिंग झटके मारने लगे,टाइगर अपने हाथो से उसे सहलाने लगा ,काजल की आंखे और भी जोरो से बंद हो गई थी ,वो हल्की हल्की सिसकिया ले रही थी जो की मेरे कानो में गूंजने लगा था,मुझसे बर्दास्त नही हुआ और मैं वँहा से उठने ही वाला था की टाइगर की आवाज मेरे कानो में पड़ी ,
“ये देख पूरी गीली हो गई है अभी से “
वो हंसा और रॉकी भी उठकर उसके पास आकर देखने लगा ,मैं फिर से वही जम गया,काजल की योनि रस से भीग चुकी थी जिसका सबूत उसकी पेंटी से झांकता हुआ वो गीलापन था जो की उसके योनि के रिसाव के कारण बना था,टाइगर अपनी उंगलिया उसके योनि के पास ले जाता और एक उंगली उसके योनि के फांको के बीच चला देता है ,
“आह नही “काजल धीरे से और लंबी सांसे ले कर बोलती है वो अपना चहरा पीछे करके झूठे गुस्से और हल्की मुस्कुराहट से टाइगर को देखती है ,रॉकी भी काजल को छूने वाला होता है लेकिन टाइगर उसे मना कर देता है
“तुम पति हो पति को छूने का नही बस देखने का अधिकार है”
रॉकी की आंखे मानो रोने को हो गई थी ,वही हाल मेरा था ,उत्तेजना और कुछ ना कर पाना बहुत ही दर्द देने वाला होता है,इसे ही तो cuckold कहते है,टाइगर झुका और काजल के गालो में अपनी जीभ चला दिया ,वो अपने हाथो को उठाकर उसके कन्धे को प्यार से मारती है,और अपने गालो से उसके लार को पोछती है ….
इधर वो लड़का काजल के चूतड़ों तक पहुच चुका था ,काजल की पेंटी तेल से ऊपरी तरह से भीग चुकी थी उसका हाथ चूतड़ों को मसलता हुआ उसके योनि तक आ गया लेकिन बस टच करके उसने अपना हाथ वापस ले लिया ,काजल बुरी तरह से मसली ,उसके चहरे में एक नाराजगी का भाव जागा लेकिन लड़का मुस्कुरा दिया ,अब उसका लिंग काजल के नितम्भो पर साइड से वार कर रहा था,वो लिंग को हल्के हल्के से रगड़ रहा था,उसका हाथ काजल की पेंटी तक पहुचा वो उसके इलास्टिक को पकड़ कर उतारने की मुद्रा में हुआ लेकिन टाइगर ने उसे रोक दिया
“अभी नही “
वो बिना कुछ बोले ही काजल की नाइटी को उसके सर से पूरा ही उतार दिया अब काजल बस ब्रा और पेंटी में लेटी हुई थी ,वो पीठ पर तेल की धार गिराने लगा और फिर एक ही बार में पूरे पीठ पर हाथ फेरने लगा जब तेल पूरी तरह से फैल चुका था तब वो धीरे धीरे एक एक इंच को बड़े ही प्यार से मसल रहा था ,उसने काजल की ब्रा भी पीछे से खोल दी थी ,जिससे उसका हाथ काजल के नंगे पीठ पर आराम से चल रहे थे ,उसका हाथ कभी काजल के उरोजों के एक छोर से टकराता और काजल के मुह से आह निकल जाती ,
इधर मेरा हाल और भी बुरा हो रहा था मुझे पता था की इसका अंजाम क्या होगा और मैं वहां से उठने लगा अब इसे देखना मेरे बस के बाहर था ,मैं उठकर कमरे में टहलने लगा था तभी कमरे का दरवाजा खुला जिसकी भनक मुझे नही थी,मैंने मुक्का बंदकरके जोरो से दीवार पर मारा वो मैं तीन बार किया जिससे मेरी उंगलिया ही छिल गई और उससे खून आने लगा ,मैं पीछे मुड़ा तो नेहा खड़ी थी और मुझे अजीब से नजर से देख रही थी ,मैंने खुद को सम्हाला और अपने आंसू पोछे ,मैं वँहा से जाने लगा लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और खिंचते हुए उसी कुर्सी पर बिठा दिया ,और खुद घुटनो के बल मेरे सामने बैठ गई ,वो बड़ी ही चिंतित थी ,क्योकि मैं कोई दूसरा व्यक्ति नही था जिसके लिए वो चिंतित ना हो मैं उसकी जान से प्यारी दोस्त का पति था,बस उसे नही पता था की मैं उसके बारे में जानता हु,उसकी आंखों में एक दर्द दिखाई दे रहा था शायद उसे इस बात की उम्मीद नही थी की मैं ऐसा कुछ कर रहा होऊंगा,शायद उसे लगा होगा की मैं भी उन पतियों जैसा हु जो अपनी बीवी को इस हालत में देखकर अपना लिंग हिलाते थे,लेकिन मेरी हालत ने उसकी ये धरना बदल दी थी ,उसकी आंखों में चिंता साफ झलक रही थी ,
“मुझे लगा की आपको मजा आ रहा होगा “वो थोड़ा डरते हुए बोली
“मुझे जाने दो “
“लेकिन आप तो यही देखना चाहते थे “
“मुझे जाना है “
“लेकिन ये लड़की तो मजे कर रही है आखिर आपको क्या प्रॉब्लम है “
“बोला ना मुझे जाना है “इस बार मैं चीखा ,लेकिन इस बार वो मुस्कुराई
“वो आपकी बीवी है …..”
मैं चुप था
“है ना “
मेरी आंखों में आंसू आ गए मैं खुद को और सम्हाल नही पाया,वो उठकर मेरे आंखों से पानी पोछने लगी थी ,उसने मेरा सर खुद से जोड़ लिया जो अभी उसकी कमर में आ रहा था,वो एक स्कर्ट में थी ,भरी हुई मांसल जवानी,लेकिन मेरे लिए मेरी बीवी की दोस्त जिसे काजल बहुत प्यार करती है ,शायद मेरे ही बराबर,हा काजल मुझसे बहुत प्यार करती है,अभी स्क्रीन में वो लड़का काजल के पीठ पर अपना हाथ फेर रहा था,अभी वो उसके कंधों तक भी नही पहुचा था वो बड़े ही इत्मीनान से अपना काम कर रहा था,और मैं नेहा के कमर में अपना सर रखे रो रहा था और नेहा मेरे बालो में अपना हाथ फेर रही थी,
“आह “मेरे कानो में जोरो की आवाज गुंजी जो की मेरे इयरपीस से नही आ रही थी ,मैं चौक के देखा तो नेहा के हाथ में एक रिमोट था जिससे उसने कमरे में लगा स्पीकर चालू किया था ,वो उसी कमरे की आवाज थी जो अब बड़े स्पीकर से मुझे सुनाई दे रही थी ,मैं सर उठाकर नेहा को देखा वो मुस्कुरा तो नही रही थी तो उसने ये क्यो किया था,मैंने ध्यान दिया की उसके आंखों में भी थोड़े आंसू थे ,शायद वो अपनी भावनाओ को दबा रही थी,मैं उससे अलग हुआ
वो हल्के से मुस्कुराई …
“मुझे पता है और टाइगर को भी ये पता है की आप ही उसके पति हो लेकिन यकीन मानो उस लड़की को ये नही पता और ना ही टाइगर उसे ये बताएगा ,”
“लेकिन अब मैं ये सब नही देख सकता ,मेरे लिए ये…”उसने मेर होठो पर अपनी उंगलिया रख दी और मेरी गोद में आकर बैठ गई उसके चूतड़ मेरे जांघो के बीच थे वही उसने मेरा हाथ अपने कमर से लपेट लिया ,और मेरे सीने में खुद को डाल दी ,वो मेरा हाथ अपने हाथो से पकड़ कर अपने वक्षो पर ठिका दिया ,सामने स्क्रीन में मेरी बीवी किसी और के सामने बस खुली हुई ब्रा और झीनी सी पेंटी में तेल से सनी हुई लेटी थी वही मेरी ही बीवी की सहेली मेरे गोद में बैठे हुए मेरा हाथ अपने उजोरो पर रख रही थी ,लेकिन मेरे हाथो में कोई भी हलचल नही हुई ,
“देखिए मैं आपको पसन्द करती हु (वो झूट बोल रही थी )इसलिए मैं ये चाहती हु की आप अपने बीवी को भी मजा करने दो और मेरे साथ आप मजे करो”मेरे दिल में नेहा के लिए एक आभार आया,वो अपनी सहेली के लिए मेरे साथ ये सब करने को तैयार हो गई,शायद टाइगर को भी इसका पता ना हो ,मैं मुस्कुराया
“मैं अपनी बीवी से धोका नही कर सकता “
“वो तो कर रही है “
“शायद उसकी कोई मजबूरी हो “
“क्या मजबूरी हो सकती है ,वो साली तो मुझे रांड लग रही है “
“रेहाना मैं चिल्लाय ,अपनी औकात ने रहो ,काजल मुझे जान से ज्यादा प्यार करती है ,उसकी कोई मजबूरी होगी जो उसे ऐसा करा रही है और मैं उस मजबूरी को जान ही लूंगा ,अब हटो यहां से मुझे जाना है “
नेहा के चहरे में मुस्कान और भी गहरा गई और वो मेरे होठो पर अपने होठो को रखकर चूसने लगी ..
मैंने उसे अलग किया ,वो स्क्रीन में देखकर
“वो देखो “
वो लड़का अब काजल के कंधों से होता हुआ उसके गले में पहुच चुका था ,मेरा चहरा फिर से काजल की प्यारी सी सूरत को ऐसे कामुक होते देख स्थिर हो गया था,नेहा ने फिर से अपना हाथ पकड़कर मेरे हाथो को अपने एक एक वक्षो पर रख दिया और खुद ही उसे उनके ऊपर मसलने लगी ,मेरी हथेलियों को जब उस नरम नरम उजोरो का अहसास हुआ वो ब्रा भी नही पहने हुई थी और सामने काजल के चहरे में आये हुए भाव देखकर मैं भी थोड़ा उत्तेजित हो गया ,स्पीकर से आने वाली आवाजो के कारण कमरे में काजल की हल्की हल्की सिसकिया गूंजने लगी थी ,लड़के ने काजल के गले से हाथो को आगे ले जाकर उठा और आगे अपने हाथो को गुसाय और फिर साइड में हाथो को लेजाकर उसे पलट दिया ,काजल का ये रूप देखकर मैं क्या सभी स्तब्ध थे,ब्रा उसके बड़े उजोरो पर टिका हुआ था लेकिन उसे पूरी तरह से ढकने में असमर्थ था,वही पेंटी का गीलापन साफ झलक रहा था,नंगा पेट और गहरी नाभि ,मांग में सजा हुआ सिंदूर और हाथो में सजी हुई चूड़ियां ,आंखे बंद थी और सांसे तेज ,वो लड़का चाहे कितना भी प्रोफेशनल वो उसके मुह में भी लार आ ही गया,वो इतना उत्तेजित हो गया था की उसने अपने लिंग को काजल के चहरे में रगड़ दिए काजल ने जंहा उसे हल्के से झूठे गुस्से से देखा वही वो खुद की हरकत से ही झेप गया,क्योकि सामने बैठा हुआ टाइगर उसे घूर रहा था ,मेरे लिंग ने भी जोरो का झटका मारा और नेहा के चूतड़ों पर गड़ने लगा मैंने जोर से उसके उजोरो को दबाया ,
“आह ,”वो हल्के से पलटी और मुझे एक मुसकान दी,
मैं अजीब से संवेदनाओ से घिरा हुआ खुद को महसूस कर रहा था,एक तरफ काजल का प्यार था तो दूसरी तरफ ये सब देखकर उठी हुई उत्तेजना,एक तरफ मेरी खुद की बीवी थी तो दूसरी तरफ नेहा जो की कोई और नही मेरी पत्नी की सबसे अजीम सहेली थी ,एक तरफ प्यार की अंगड़ाई थी तो दूसरी तरफ हवस का तूफान ………….
मेरी नजर स्क्रीन में जम चुकी थी ,सभी के खड़े हुए लिंग मुझे साफ दिख रहे थे,मेरी हसीन बीवी आज 2 जवान मर्दो के बीच ऐसे सोए हुए थी और सभी मर्द उसकी जवानी को देखकर अपना लिंग पूरे सबाब में खड़ा किये हुए थे,ये दृश्य जितना मजेदार था उतना ही दयनीय भी था,नेहा अगर मेरे ऊपर नही होती और उसके वक्षो को मैं अपने हाथो से मसल नही रहा होता तो मेरे लिए ये सब देखना असंभव था,लेकिन उत्तेजना ने मुझमे एक जड़ता ला दी थी ,
इधर वो लड़का आगे बड़ रहा था उसका हाथ काजल के उजोरो को छू रहा था वो उसके उजोरो से एक मात्र पर्दा उठाना चाहता था ताकि वो काजल के बड़े और मांसल वक्षो ले दर्शन कर पाए लेकिन टाइगर ने उसे घूरा वो डरकर बस ऊपर से ही उसे सहला पाया था,ऐसे तो कुछ भी छिपा सा नही था लेकिन सबकुछ ही छिपा सा था,
“ह्म्म्म “काजल की ये आवाज तब गुंजी जब वो उसके वक्षो से खेलने की बजाय उसके पेट पर तेल लगाने लगा ,वो नाराज थी कोई भी लड़की होती,लेकिन टाइगर के दिमाग में तो कोई और ही कीड़ा चल रहा था ,
“वो उसे तब तक नंगी नही करेगा जब तक वो हद तक उत्तेजित ना हो जाय “नेहा ने मुझे जानकारी दी ,
मैं उसके उजोरो को और भी जोरो से मसला ,
“ओह इतनी क्या बेताबी है”
मेरी आंखों में तो खून उतर आया था और नेहा को ही उसे सम्हालना था,वो सब कुछ कर रही थी अपनी वफादारी टाइगर से निभा रही थी और अपनी दोस्ती काजल से ,वो पलट कर अपने दोनो पैर मेरे जांघो से मिला दिए जिससे उसका चहरा मेरे चहरे के बराबर हो गया था,हम दोनो ही एक दूसरे की आंखों में देखने लगे,वो अपने होठो को मेरे होठो के पास लायी,
“हटो यहां से मुझसे ये नही होगा “मैं हल्के से फुसफुसाया
वो और करीब आ गई और अपने होठो को मेरे होठो से मिला दिया ,मेरे होठ खुलने लगे और उसके मुह में मेरी जीभ घुस गई ,हम दोनो एक दूसरे में खोने लगे थे ,उसने मेरे पेंट को खोला और मैं नीचे बस एक अंडरवियर में था ,वो नितम्भो को बड़ी ही अदा से मेरे खड़े हुए लिंग पर रगड़ने लगी मैं असीम सुख के सागर में था ,
इधर काजल की आवाज आनी बंद सी हो गई थी ,वो फिर से उसकी जांघो पर अपने हाथ चला रहा था ,लेकिन फिर टाइगर ने उसे इशारा किया ,
“ओह ये क्या “काजल के फुसफुसाने से हमारा ध्यान स्क्रीन की तरफ गया ,लड़के ने काजल के ब्रा को हटा दिया था,मैं नेहा को किस करना छोड़ बस उसे ही देखे जा रहा था ,नेहा भी पलटी और जैसे उसे कुछ समझ आया हो वो उठकर मेरे अंडरवियर को निकाल फेकी,मेरा लिंग मुरझा ना जाए इसका उसे बहुत ख्याल था वो जल्दी से उसे सहलाने लगी और अपने योनि से रगड़ने लगी वो अभी भी उस स्कर्ट में थी लेकिन नीचे से पूरी खुली हुई ,मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे मना किया वो भी बिना कुछ बोले ही मेरी ओर पीठ कर मेरे गोद में बैठ गई लेकिन उसके योनि से निकलते हुए रस का अहसास में अपने लिंग में कर सकता था जो की उसके योनि के ऊपर ही सोया था लेकिन अंदर नही गया था ,उसके योनि के हल्के हल्के बाल मेरे लिंग पर रगड़ खा रहे थे ,कोई भी सोच सकता है की मेरे लिए इस स्थिति में खुद को सम्हालना कितना मुश्किल था,
इधर काजल की हालत खराब होने को थी वो चिलालने को हो रही थी क्योकि उसके नंगे उजोरो में वो आदमी अपने मजबूत हाथ चला रहा था ,
“आह ,ओह आह “काजल की मादक सिसकारियों ने मेरे जिस्म का र्रोवा रोवा हिला दिया था उसकी नजारे अधमुंदी थी वही वो आदमी उसे नशीली आंखों से देखे जा रहा था उसके हालात का अहसास उसके पेंट से झांकता हुआ उसका लिंग दे रहा था जो की कभी काजल के गालो से रगड़ खाता था और काजल के होठो में एक मुस्कान सी आ जाती थी ,उसके चौड़े मजबूत हाथो में काजल के उजोरो को भरपूर नापा था ,नेहा भी उत्तेजित होकर आह ले रही थी ,वो मेरे कमर पर अपनी कमर को चला रही थी ,लेकिन मेरे लिए कुछ भी कर पाना थोड़ा मुश्किल था,मैं रोता या हंसता ये अभी भी तय नही कर पा रहा था,वो काजल के कमर पर आकर रुका ,टाइगर और रॉकी अपने लिंग को कपड़ो के ऊपर से ही बड़ी बेरहमी से मसल रहे थे,टाइगर के एक संकेत से काजल के शरीर का आखरी कपड़ा भी उतर जाने वाला था,जो संकेत टाइगर में बड़ी ही अधीरता से दिया शायद इतने देर में उसे भी अब और सह पाना कठिन हो रहा होगा,
उस आदमी ने जैसे ही काजल के इलास्टिक पर अपना हाथ रखा मेरी सांसे ही थम गई साथ ही कमरे में बैठे सभी लोगो की ,नेहा से भी अब बर्दास्त नही हो रहा था वो मेरे लिंग को पकड़ कर अपने पानी के झरने जैसे योनि में रगड़ने लगी ,वो उसे अपने छेद तक लाती जिसका गीलापन और गर्मी का मुझे अहसास होता,वो छेद के ऊपर से ही उसे थोड़ा घुमाती और फिर थोड़ा अंदर डालती,जिससे मुझे उसके मांस का अहसास होता लेकिन वो अभी भी उसे पूरा अंदर नही कर रही थी,जिससे की मेरा लिंग उसकी योनि में जकड़ ही जाय ,मेरे लिंग के सुपाडे की चमड़ी पीछे हो चुकी थी ,और मैं पागल लेकिन वो उसके आगे के भाग को ही अपने गीले मांस में मसल कर वापस ले आती ,मैं उसके कमर को पकड़ा ही था की काजल की पेंटी धीरे धीरे उतारने लगी ,उसकी चिकनी चिकनी सी योनि में एक भी बाल नही थे ,मैं ना जाने कितने बार उसे देख चुका था लेकिन फिर भी मैं सांसे रोके हुए उसके पूरे खुलने का इंतजार कर रहा था ,उसकी पेंटी अब कमर के उभरे हड्डियों के बीच आ चुकी थी सांसे अब भी रुकी हुई थी ,वो थोड़ी और भी नीचे आयी ,मेरी काजल ,मेरी प्यारी ,मेरी जान काजल की योनि के दर्शन एक साथ 4 मर्दो को होने वाला था,वो जरूर पानी से भरी हुई होगी ,शायद काम रस टपक रहा होगा,उस आदमी की मोटी मोटी उंगलिया उसके दोनो छोरो को पकड़े हुए उसे नीचे उतार रही थी ,मुझे एक दिन पुराने सेविंग किये हुए हल्के बाल काजल के योनि के ऊपर दिखाई दिए जिसे बहुत ही चिकना तो नही कहा जा सकता था ,मैं अपने लिंग पर जोर डालने लगा ,नेहा के मांस में फंसा हुआ मेरा लिंग अंदर जाने को हो रहा था ,उसके मांस का जो हिस्सा बेहद ही पलपला था वो उसकी योनि की दीवार थी ,जिसमे मेरा लिंग घुसता चला गया ,अभी मैं आधे में ही आया था की काजल की आंखे बंद हो गई ,वही वो आदमी उसके योनि को बेपर्दा कर चुका था ,मेरी बीवी अब एक कमरे में 3 मर्दो के सामने बेपर्दा था जिसे मैं एक स्क्रीन में देख रहा था ,और मेरा आधा लिंग उसकी सहेली की योनि के अंदर था ,मैं एक जोरदार धक्के से अपना पूरा लिंग उसके योनि में धकेल दिया ,नेहा और काजल दोनो की ही आंखे बंद थी ,
वो आदमी काजल की योनि पर तेल की धार डालता है ,जिससे उसकी कम चिकनी योनि भी चमकने लगती है ,उसकी मोटी उंगलियों को मैं काजल के योनि के ऊपर रेंगते देख रहा था और मेरा लिंग और भी कड़ा हो रहा था,में एक झटका लगाया ,”ओह ,मजा आ रहा है “नेहा की पनियानी हुई योनि से एक पच की आवाज आयी वो अपनी उत्तेजना के चरम को भोग रही थी ,उसने अपनी पीठ मेरे छाती में टिका दी ताकि मैं उसके आगे के शरीर का पूरा फायदा उठा सकू,वो भी अपने कमर को थोड़ा उचका के मेरी लिंग का मजा लेने लगी ,वही काजल के योनि में काली और मोटी सी उंगलिया मुझे बहुत ही उत्तेजित कर रही थी ,वो उसके दोनो ही फांको को सहला रही थी ,आदमी की नजर में इतना लालच था की लग रहा था वो अभी काजल की योनि में अपना बड़ा सा लिंग डाल देगा ,
काजल के छेद लाल लाल चमकीले से नजर आये जब उसके अपनी दो उंगलियों से उसके फांको को अलग किया ,
“नही “काजल की हल्की आवाज जिसमे पूरी सहमति थी गूंज गई ,वो अपनी एक उंगली को तेल से भीगा कर उसके छेद में घुसा दिया ..
“आह ओह ऊऊऊ आह आह “काजल की आवाज आयी वो उसे उंगली से ही मजे दे रहा था ,वही मेरा लिंग भी नेहा के योनि की सैर कर रहा था,मेरी चमड़ी जब जब उसके योनि के दीवारो से टकरा कर रगड़ खाती दोनो के मुह से एक साथ ही आह निकल जाती थी ,उधर उंगली की स्पीड जोरो से बढ़ रही थी तो इधर धक्कों को ,टाइगर काजल के योनि के पास आ चुका था वो उस आदमी को हटा कर खुद उसके योनि को छूने लगा,
काजल ने टाइगर को एक मदभरे नजर से देखा और मुस्कुराई फिर थोड़ी सी शर्मा कर अपने सर को दूसरी तरफ हटा लिया
“उफ मेरी जान “टाइगर ने अपनी जीभ से काजल के योनि को जोरदार चांटा
“आह ,नही “काजल लगभग हंसते हुए बोली
“ऊऊऊ चप चप “टाइगर अपनी हरकत से बाज नही आ रहा था ,एक पराया मर्द मेरे बीवी के योनि को खा रहा था जो की तेल से सनी हुई थी ,और मैं पागलो की तरह धक्के लगाए जा रहा था ,दोनो ही ओर तूफान अपने सबाब में पहुच चुका था की मैं और काजल साथ ही झड़े ,काजल ने अपना सर पटकना बंद कर दिया था और मैं नेहा के अंदर झड़ कर खुद को कुर्सी में ही पटक दिया ………
कजल की नजरो से
“क्या वो मुझे देख रहे थे “
मैं थोड़ी बेचैन थी ,अभी अभी मैं टाइगर के पब से उसके इनविटेशन पर उसके घर आई थी ,वो मेरे साथ एक स्टेप बढ़ने की खुशी में मुझे और रॉकी को अपने बंगले में इनवाइट किया था,रॉकी अभी टाइगर के साथ बैठा ड्रिंक ले रहा था और मैं नेहा (रेहाना) के साथ छत में टहल रही थी ,टाइगर भी अजीब आदमी था उसका अंदाज भी बड़ा ही जुदा था कोई और होता तो शायद इतना होने के बाद जल्दबाजी दिखता लेकिन नही टाइगर को तो हर चीज बड़े ही आराम से चाहिए थी और जैसा की नेहा ने मुझे बताया था मैं उसके लिए खास थी वो जल्दबाजी नही करना चाहता और मुझे हमेशा अपने साथ रखने की कोशिस करेगा,मुझे नेहा से विकास जी के बारे में जानना था हम अभी अकेले हुए थे …मेरी बात से नेहा के चहरे में एक मुस्कान खिल गई ,
“तेरा पति तो यार बड़ा ही मजेदार है,आज तो अपनी बीवी को देखकर ऐसे भड़क गया था की खुद के हाथो को ही तोड़ने में तुला था,वो तो अच्छा हुआ की मैं वँहा पहुच गई ,मैं उसके बारे में बहुत ही गलत थी काजल वो तुझसे बहुत प्यार करता है ,मुझसे तो उसकी ये हालात देखी भी नही जा रही थी,लेकिन क्या करती पता नही क्यो वो ऐसे जल रहा है,…”
नेहा थोड़ी देर को चुप हो गई जिससे मेरे चहरे का रंग ही उड़ गया ,
“इसका मतलब की विकास जी को ये सब अच्छा नही लगा,क्या वो ,अरे यार अब मैं क्या करू “मेरे लिए आगे के सिचुएशन को सम्हालना थोड़ा मुश्किल हो रहा था,
“तुझे ऐसे डरने की कोई जरूरत नही है क्योकि तेरी बहन ने अपने जीजाजी की खूब सेवा की है “
नेहा के चहरे में खुरापाती सी मुस्कान खिल गई थी ,मैं उसके इस मुस्कान को पहचानती थी,पहली बार मुझे आज नेहा से जलन होने लगी थी,
“क्या वो मान गए “मैंने धीरे से कहा विकास जी नेहा के साथ,ओह मेरा तो दिमाग ही गर्म हो गया लेकिन एक खुजली भी मच गई थी
“नही लेकिन सच में बहुत मेहनत करवा दी जीजा ने मुझसे आखिरकार वो भी तो मर्द है कब तक ना नुकुर करते जबकि स्क्रीन में इतना हॉट सीन चल रहा था,”
नेहा जोरो से हँसी साथ ही मैं भी ,लेकिन अब मुझे समझ आया की आखिर जलन क्या होती है और विकास जी पर क्या बीतती होगी ,
“यार तेरा पति तो तुझसे भी आगे निकल गया,तू तो अपने जिस्म की नुमाइश बस कर रही है वो तो मुझे अच्छे से भोग ही लिया ,कसम से जवानी की याद दिला दी “नेहा ने मुझे चिढ़ाने वाले अंदाज में कहा मैने उसे एक मुक्का मार दिया,
“ओह साली जलन हो रही है क्या,बेचारे के सामने 3 हट्टे कट्टे आदमियों के सामने नंगी लेटी थी तो वो क्या करता “
उसके होठो में फिर से एक मुस्कान थी साली बहुत कमिनी हो गई थी ,
“अब बस चुप कर ,मेरे सीधे साधे पति को तो बिगाड़ दिए और अब पूरा दोष मुझपर लगा रही है “
नेहा मेरे पास आकर मेरे नितम्भो में हाथ फेरने लगी वो आज कालेज वाली नेहा लग रही थी उसके पुराने रूप को देख कर मैं बहुत खुस थी,
“हाय साले तेरे ये भरे हुए पिछवाड़े ,साली बहुत मजे कर रही है तू,विकास जी ,रॉकी ,मिश्रा और अब टाइगर और उसका वो कुत्ता …काश तेरे जगह मैं होती तो अपनी चुद में हमेशा किसी ना किसी का ले के ही रखती “वो जोरो से हँसी मैं फिर से उसके कंधे पर के जोरदार मुक्का मार दिया
“तुझे तो हमेशा यही सूझता है,मुझे तो विकास जी की फिक्र हो रही है,मलीना तक तो ठीक था लेकिन अब तेरी जैसी रंडी भी …है भगवान “मैंने मुह बनाकर कहा ,और नेहा फिर से जोरो से हँस दी ,हम दोनो के बीच ऐसी बाते होते रहती थी,मैं उसे हमेशा ही रंडी कहा करती थी,वो भी भी मुझे गंदी गालिया देती थी लेकिन हमारा प्यार बिना बताये और लड़ाई करने के बाद भी एक दूसरे के लिए अपरिमित था जिसे हम दोनो ही जानते थे…
“हा हा साली मैं रंडी हु और तू हो गई है बड़ी सती सावित्री …(वो मुस्कुराई ) लेकिन ये मलीना कौन है ,???”
“मिश्रा और रोबर्टो के सामने कसम खाई थी की उनकी बेटी की सील तुड़वाऊंगी सो तुड़वा दी ,और अपने पति के लिए भी कसम खाई थी की मैं तो उन्हें कुवारी नही मिल सकी लेकिन एक ना एक दिन उन्हें एक कुवारी लड़की दिलवाऊंगी,दिल में ये तमन्ना हमेशा से थी ,तो एक तीर से दो निशाना साध दिया “
मेरी बात से नेहा की आंखे बड़ी हो गई ,
“तू तो बहुत बड़ी खिलाड़ी निकल गई रे “
“वो तो है मेरी जान “
तभी टाइगर का फोन नेहा के मोबाइल में आया
“चलो आ गया बुलावा “
दोनो ही हँस पड़ी ,लेकिन चलने से पहले नेहा ने मुझे रोका
“कल टाइगर का एक बड़ा माल आ रहा है “
“जानती हु वो सब मेरे के बंदे देख लेंगे “
“तुझे कैसे पता “
“बेटा यहां आने से पहले ही पूरी पलटन जमा के रखी है,पहले ही तरह नही की बस किसी ने कहा और आ गए “
“तो मिश्रा जी सम्हाल रहे है कमान “
“नही “मेरे चहरे में मुस्कान खिल गई
“तो…”
“एक एक बंदा बड़े काम का है उसके कहने पर ही ये सब फिर से करने की हिम्मत कर पाई हु ,काम होने दे समय आने पर मिलवाऊंगी तुझे “नेहा मुझे अजीब निगाहों से देख रही थी लेकिन मैं उसका नाम अभी तो नही ले सकती थी कोई भी गड़बड़ी बने बनाये प्लान को बर्बाद कर सकता था ….
हम जब नीचे पहुचे तो रॉकी दारू पी के टुन्न था ,पता नही टाइगर को क्या क्या बक चुका था,टाइगर मुझे देखकर एक शैतानी मुस्कान में मुसका रहा था
“तुम दोनो तो बहुत ही जल्दी दोस्त बन गई “टाइगर ने हमे देखते हुए कहा
“हु जब शिरत(आदते) मिले तो दोस्ती होने में देर नही लगती “नेहा उर्फ रेहाना ने बड़ी खूबसूरती से कहा जिससे शायद टाइगर का लिंग भी एक झटका मार गया होगा ,वो समझता था की आखिर दोनो की कौन सी शिरत मिल रही है,उसे लगा होगा की उसने रेहाना को मेरे साथ अकेले भेज कर अच्छा ही किया ,अब मैं उसके और भी कब्जे में हु,वो मुझे भी रेहाना की तरह अपनी पर्सनल रखैल बनाना चाहता था,जब उसे पता चलेगा की मैं कौन हु ,और क्यो आयी हु ,उससे भी ज्यादा झटका तो उसे रेहाना उर्फ नेहा की हकीकत जान कर होगा…हम दोनो ही मन में मुस्कुरा गए …
“तो काजल जी यही असली नाम है ना आपका ,”मेरे चहरे में मुस्कान आ गई
“तो काजल आज कैसा रहा ,मालिश में मजा आया “
मैं उसके बाजू में जाकर बैठ गई नेहा मेरे लिए पैक बना रही थी,
“बड़ी जल्दी पूछ लिया आपने”
टाइगर एक जोरो की हँसी हँसा
“नई नई दोस्ती हुई है ,कुछ सम्हाल कर चलना पड़ता है ना जाने कौन सी बात आपको गलत लग जाय “
“हम्म बहुत ही सम्हाल कर तो चल रहे हो ना जाने मंजिल तक कब पहुँचोगे और हमे पहुँचाओगे “मेरी अर्थ पूर्ण बात से टाइगर के का चहरा खिल गया वो अपने पेंट के ऊपर से ही अपने लिंग को जोरो से मसाला,साला बहुत ही बेशर्म था और हम भी कौन से शर्मीले थे ,
“फिक्र ना करो जल्दबाजी में काम बिगड़ जाता है,जब मजे ही लेना है तो आराम से लेते है “वो अपना हाथ मेरे एक वक्ष पर लाकर रख दिया , और बहुत ही धीरे से सहलाया
“हम्म तो जनाब का मुड़ फिर से बन गया “मैं शरारती हो गई थी ,मेरी शरारत भरी मुस्कान ने उसका हौसला और भी मजबूत कर दिया ,वो अपने हाथो के दबाव को बढ़ाने लगा
“अरे जान मुड़ खत्म ही कहा हुआ था “
“ओह ,तड़फाना तो कोई तुमसे सीखे “मैंने के सिसकी भरी और तुरंत ही उठ गई मैं नही चाहती थी की कुछ ज्यादा बात बड़े
“अरे क्या हुआ लगता है की बुरा लग गया “
“नही लेकिन मैं नही चाहती की अब मैं फिर से गर्म हो जाऊ तुम तो इसे बुझाओगे नही “
“अरे जान तुम कहो तो पूरी आग अभी निकाल दु “
मैं अपने ही बातो में फंस गई थी
“हम्म नही तुमने ही कहा था ना इंतजार ….”मैंने चहरे में एक शरारती सी मुस्कुराहट लाई
“अब थोड़ा इंतजार तुम भी करो और थोडा मुझे भी तड़फने दो ताकि जब तूफान आये तो कुछ भी ना बचे “मैं हँसती हुई वँहा से जाने को हुई रॉकी को बस घूर के देखना ही काफी था वो उठकर खड़ा हो गया ….
विकास की नजरो से
उस कमरे में चल रहा तूफान शांत हो चुका था साथ ही मैंने भी नेहा की योनि को अपने वीर्य की धार से सराबोर कर दिया था ,वो मुस्कुराती हुई वँहा से निकल गई मैं अपनी अवस्था को देख रहा था ,काजल शांत होने के बाद कुछ देर तक यू ही पड़ी रही फिर जल्दी से अपने कपड़े पकड़ कर उसी छोटे रूम में भाग गई इस बार कमरे की कोई भी फुटेज मुझे नही दिखाई गई ,मुझे समझ आ गया था की शो खत्म हो चुका है ,मैं जल्दी से वँहा से निकल गया,
वीर्य गिरने के कारण मुझे थोड़ी शांति महसूस हो रही थी ,मैं अब बेचैन नही था ,काजल की आवाज मेरे कानो में अब भी पड़ ही रही थी ,मैं तुरंत गाड़ी शुरू कर अपने स्थान में जाने लगा ,मुझे अब ना तो यहां रास आ रहा था ना ही मुझे मलीना से मिलने का ही मन था मैं अब थोड़ा आराम और अपने डिपार्टमेंट का काम देखना चाहता था ,लेकिन काजल को टाइगर से मिले ऑफर ने फिर से मेरे कान खड़े कर दिए वो उसे अपने घर इनवाइट कर रहा था ,मुझे इतना तो समझ आ चुका था की काजल का सिचुएशन में कन्ट्रोल है ,मैं अपने घर आकर सिगरेट सुलगाये हुए कस भरते हुए काजल और नेहा की बाते सुन रहा था ,मैं सुन रहा था की कैसे नेहा और काजल मेरे बारे में बाते कर रही थी मुझे इस बात की खुसी थी की काजल को भी उस जलन का थोड़ा तो अहसास हुआ जो मुझे होता है,लेकिन ये सुनकर मैं आश्चर्य से भर गया की मलीना से मेरी सेटिंग उसने कराई थी,आखिर कैसे ???
जो भी हो ,हो सकता है की मिश्रा से कह कर लेकिन मिश्रा अपनी ही बेटी के साथ ऐसा कैसे कर सकता था,हो सकता है की मलीना का मेरे लिए प्यार काजल को पता चला हो और उसने मुझे ज्यादा स्पेस दिया हो ,या और कुछ भी हो सकता है ,ये बड़ा खेल था जिसमे खिलाड़ी तो कई थे लेकिन किसी को भी नही पता था की वो किसके लिए खेल रहा है ,सभी को बस यही लग रहा था की उसका ही खेल रही चल रहा है लेकिन कोई और भी उसपर नजर रखे हुए है ये किसी को भी नही पता ,जैसे टाइगर सोच रहा था की काजल उसकी होने वाली है वो बहुत ही खुस था की एक और चिड़िया उसके जाल में फंस रही थी,लेकिन उस बेचारे को क्या पता था की वो ही किसी के जाल में फंस रहा है,वो भी एक मोहरा था जाल तो किसी और के लिए भी बिछाया जा रहा था,रोबर्टो सबसे बड़ी मछली को फसाने का प्लान था,…
मुझे लग रहा था की मैं सब कुछ जानता हु लेकिन मेरी सारी जानकरी काजल के पास थी और अब टाइगर के पास भी ,मिश्रा ने भी मुझे फसाया था…
मिश्रा को लग रहा था की काजल उसके कहने पर ये सब कर रही है लेकिन आज काजल ने कह दिया की मिश्रा भी एक मोहरा है,वो किसी और के कहने पर ये सब कर रही है और उसे मिश्रा से भी बदला लेना है ,वो कोई और ही खिचड़ी पका रही थी,…
डॉ को लगता है की उसकी पहुच बहुत ऊपर तक है लेकिन जो जानकारी इकबाल भाई ने उसे दी थी वो तो काजल को भी पता थी ,और ना जाने की वो किसके बारे में बात कर रही थी जो उसको सपोर्ट कर रहा था,
काजल को लगता है की मैं उसे सिर्फ टाइगर के क्लब में देख और सुन रहा हु लेकिन मैं उसपर 24 घंटे की नजर रखे हुए हु
यंहा हर कोई एक दूसरे की रेडार में है ,सभी की अपनी अगल चाहत है,और सभी की अपनी मजबूरियां …….
जब काजल टाइगर से बात कर रही थी तो मुझे समझ आय की काजल खेलने में कितनी एक्सपर्ट है ,टाइगर को यकीन ही नही होगा की ये लड़की जो उससे एक चालू लड़की की तरह बाते कर रही है उसकी मारने आयी है,और नेहा ..उस बेचारी के बारे में क्या कहु इतने सालो के इंतकाम की आग में वो जल रही है,फिर भी कितनी नार्मल है ,मेरे लिए उसने कितना कुछ खेल खेल में ही कर दिया ,मेरे चहरे में एक शर्म आ गई ,पता नही अगर काजल ये सब खत्म होने के बाद हम दोनो को मिलवायेगी तो मैं उससे नजर कैसे मिला पाऊंगा ,मैं इसी सोच में बैठा था ,ये जो सब हो रहा था उसको सोचकर पता नही क्यो आज बस मुस्कान ही निकल रही थी ……..
दरवाजे की खटखटाहट से मेरी नींद खुली,3 बज रहे थे ,
“इतनी रात को कौन है “मैं भुनभुनाता हुआ दरवाजे तक पहुचा
खोला तो मेरे दिल ने एक जोर का झटका मारा ,सामने काजल खड़ी थी साथ ही वरुण और रॉकी भी थे,
काजल अंदर आयी और दरवाजा बंद कर दिया
“इतने रात को “मैं आगे कुछ बोल पाता की काजल ने अपने होठ मेरे होठो में मिला दिए ,उसके वो नरम होठ मेरे सवालों को जैसे काफूर ही कर दिया ,
मैं अपने सवालों को खुद ही ढूंढ नही पा रहा था ,मेरे हाथ उसके कमर पर गए और मैंने भी होठो में थोड़ी ताकत लगाई,दोनो के जीभ अब एक दूसरे से लिपटे हुए थे और थूक से सने होठो से नरम नरम गर्मी का आभास हम दोनो को होने लगा था,काजल की बंद आंखों में आंसुओ की कुछ बूंदे तैरने लगी थी जो उसके गालो से लुढ़ककर मेरे गालो को छू रही थी ,उसके फुले हुए गालो की गर्मी ने मेरे गालो पर चोट पहुचाया और मैं उसके आंसुओ का अहसास पाते ही उससे थोड़ा अलग हुआ ,अब भी उसके हाथ मेरे गले से होते हुए मेरे बालो पर थे वही मेरे हाथ उसकी कमर को कसे हुए थे,मैं उसे थोड़ा और अपनी ओर खिंचा उसके आंखों से लुढ़कते हुए आंसू को अपने होठो में समा लिया ,
“इतनी रात को परेशान किया आपको “
मैं फिर से उसके निचले होठो पर अपने दांतो का हल्का सा वार किया ,वो मुस्कुराई
“हमारे इस प्यार में परेशान तो बेचारा रॉकी हो जाता है “मेरे बोलने से काजल के होठो में एक मुस्कुराहट आ गई
“अपने तो आज याद ही नही किया और मेरे काल का जवाब भी नही दिया इसलिए भागते हुए चली आई ,सॉरी “उसने अपने कानो को पकड़ते हुए कहा ,
उसकी वो मासूमियत जिसमे मैं अपना सब कुछ लुटाने को तैयार बैठा था ,और उसका वो रूप जिसे देखकर कोई भी पति शक में पड़ जाय ,दोनो में सच क्या था ??
मेरे लिए तो दोनो ही सच थे ……
मैंने उसके गुलाबी गालो पर हल्के से अपने दांत का वार किया
“बस ऐसे ही रह ना …मेरे पास रह मेरे साथ रह ,इस काम ने हमे बहुत जुदा सा कर दिया है “
मेरी आंखे भी भरने को हुई लेकिन मर्द था मुश्किल से ही रोता था ,वो मेरे होठो पर अपनी उंगली रख दी और हल्के से उसे सहलाया ,उसके लाल होठो में मुझे फिर से प्यार भारी चुम्बन की रसीद दी ,लेकिन उंगली के ऊपर से ही ,
वो जानती थी की मैं क्या बोलना चाहता हु
“बस कुछ दिन और फिर हमेशा ही आपके बांहो में रहूंगी ,”
वो अपने काले रंग के सलवार सूट में थी ,जिसमे उसका यौवन ढका हुआ था ,लेकिन उसकी मादकता किसी के दिल से भी आह निकाल देती ,शायद कुछ दिनों में ही ये यौवन कोई और भी भोगेगा,अभी तक तो काजल ने बड़ी ही खूबी से इसे बचा कर रखा था लेकिन कब तक ,ये खयाल आते ही मेरा मन फिर से उदास हो गया ,लेकिन जैसे काजल ने मेरी उदासी को भांप लिया था ,
“अच्छा फोन क्यो नही उठाया “उसका लहजा शिकायत से भरा हुआ था
“ह्म्म्म शायद साइलेंट में था ,और ऐसी भी क्या बेताबी मेरी जान ,इतनी रात हो गई है और तुम .”
मैं कुछ आगे बोलता की काजल के उंगली फिर से मेरे होठो पर चले गए
“आपसे मिलने को मुझे रात दिन का फर्क समझ नही आता ,बस ..अब यही खड़े रहे “उसकी नजर में एक शरारत थी मैं उसे उठा कर अपने बैडरूम में ले गया,बिस्तर में पटकते ही उसने अपनी बांहो को फैला कर मेरा अभिवादन किया ,मैं उसके ऊपर था ,दोनो के सांसे एक दूजे से टकराने लगी थी ,मैंने उसका पल्लू हटाया और उसके गोरे गर्दन पर अपने होठो को रख दिया ,उसके हाथ अब मेरे बालो पर थे ,वो हल्के से सिसकिया ले रही थी ,लेकिन उसके हाथ बहुत ही प्यार से मेरे बालो को सहला रहे थे उसे कोई जल्दी नही थी ना ही मुझे ,मैं अपने चहरे को ऊपर कर उसके प्यारे से मुखड़े को निहारने लगा…
वो कुंदन सी उसकी काया जो मेरे बांहो में दमक रही थी ,उसके चंचल काले नयना जिसमे बस प्यार ही प्यार दिख रहा था ,वो उसके उठे हुए नाक की ऊँचाई जिसमे अभी अभी मैंने किस किया था,वो उसके फुले हुए गाल जो गुलाबी काया से दमक रहे थे ,शर्म से उसके गालो में जैसे खून उतर आया हो,उसका वो माथा जिसे मैंने अपने होठो से सहलाया था ,वो रेशमी बाल जो मेरी उंगलियों में उलझे थे,और वो तड़फते हुए होठ जिनका गुलाबीपन मुझे अपने अंदर जाने को आमंत्रित कर रहा था…
मैंने भी बिना देर किये उसके होठो को अपने होठो में भर लिया था ,हम दोनो ही प्यार की गहराइयों को अपने होठो के जरिये से नापने की कोशिश में लगे हुए थे ,हमारे जीभ आपस में मिल रहे थे ,हमारी सांसे एक दूसरे में गूथ रही थी ,हमारे शरीर की गर्मी ने एक दूसरे का सहारा लिया था ,हम एक दूसरे के बदन को हाथो से सहला रहे थे और हमारे आंखों से बहता हुए वो पानी जो थोड़ा खारा तो था लेकिन खोटा नही था ,
वो हमारे प्यार की शुद्धता का प्रतीक था ,कभी कभी मैं काजल के होठो को सहलाते हुए उसके आंखों से बहते हुए पानी को अपने होठो से अंदर ले लेता था,वो भी यही कर रही थी ,हम दोनो ही आज ये नही पूछ रहे थे की ये पानी आया क्यो है क्योकि हमे पता था की हमारी आंखे क्यो भीगी हुई थी,एक दूसरे के होने का सुख और एक दूसरे से अलग होने का दुख हम साथ साथ झेल रहे थे ,हमारा जिस्म एक दूसरे से गुथा जा रहा था ,हमारे जिस्म आज ही दुसरो की बांहो में थे ,इसके हर अहसास दुसरो के लिए थे लेकिन हमारी आत्मा हमारी भावनाएं बस एक दूसरे के लिए ही थी,हमारे ये आंसू बस एक दूसरे के लिए ही थे इसलिए ही तो शायद ये इतने अनमोल थे …
मेंरे हाथ काजल के पीछे जाकर उसके कमीज की चैन खोलने लगे ,मैं कोई भी मेहनत नही कर रहा था ये तो बस हो ही रहा था ,वासना की आग ने अभी चिंगारी भी नही लगाई थी ये तो बस खालिस प्यार ही था जो हमारे अंदर से बाहर आ रहा था ,
उसके कमीज के अंदर हाथ घुसाते ही मैं उसे सहलाने लगा वो और भी मेरे करीब आ रही थी हम दोनो को आखिर सांस लेना भी मुश्किल हो गया था ,दोनो ही अपने होठो को अलग कर सांसे भरने लगे ,आंखों में आंसू और होठो पर मुस्कुराहट ये तो प्यार में ही हो सकता है,दोनो एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे ,मानो सभी गीले शिकवे खत्म हो गए हो ,उसने अपना हाथ ऊपर किया और अपनो कमीज निकाल फेंकी ,उसके ब्रा से उसके स्तनों की गहराई देखकर मुझे आज का वाकया याद आ गया लेकिन मैंने जल्द ही अपने सर को झटका ,मैं नही चाहता था की ये सब मैं याद करू,आज मेरे बांहो में मेरी काजल थी मेरी अपनी काजल ,मैं फिर से वो याद करके उसे दूर नही करना चाहता था ,मैं उसमे हक से समाना चाहता था ,उसी अपनत्व से उसी भावनाओ से ,
वो फिर से मेरे सर को अपने पास खिंचने लगी होठ मिले और सिलसिला शुरू हो गया,देखते ही देखते कब सारे कपड़े निकल चुके थे पता ही नही चला ,
काजल ने मेरे लिंग को सहलाया ,जो की अकड़ कर टूटने की कगार में था,ये काजल के यौवन का ही जादू था की आज फिर से ये इतना अकड़ा हुआ था,मेरे हाथ काजल के भारी नितम्भो को सहला रहे थे,नरम और कोमल लेकिन फिर भी गद्देदार उभरे हुए उसके नितम्भ ,मेरे थोड़े ही जोर से उसने उन्हें मेरे कमर के और भी नजदीक ला दिया,उसकी योनि से निकलता हुआ रस अब मेरे लिंग को भी कभी कभी भिगो देता,मेरे लिंग ने उसके गीलेपन का अहसास किया और वो थोड़ा और भी तन गया,अब भी हमारे होठ एक दूसरे से मिले हुए ही थे,दोनो के कमर मिले,लिंग को योनि में काजल ने ही डाला ,गर्म तपी हुई उसकी योनि ने मेरे लिंग को निगल लिया था,उसकी गर्मी का अहसास मुझे और भी पागल बनाने लगा था,मेरे लिंग की चमड़ी सरकते हुए नीचे आने लगी और सुपडे के घिसने के अहसास से मेरे रोंगटे खड़े होने लगे,नशे फूलने लगी थी,काजल की कसी हुई योनि ने ऐसे मेरे लिंग को जकड़ा हुआ था की थोड़ी सी हलचल ही हम दोनो के मुह से आह बनकर निकलने लगी थी,
होठ अब भी मिले हुए ही थे,वो मेरे ऊपर आ गई थी और अपने कमर को हल्के हल्के से चला रही थी ,जल्दी ना मुझे थी ना ही उसे दोनो ही एक दूसरे में डूबने का पूरा मजा ले रहे थे,उसके होठो ने मेरे होठो को छोड़ा और मेरे गले को चूमने लगे
“ओह मेरी जान “मेरे होठो से अनायास ही फुट गया
“हम्म उम्माआआ “उसके थूक से मेरा गाला तर हो गया था ,मैं उसके चहरे को पकड़कर अपनी आंखों के सामने लाया ,उसके बाल फैल चुके थे ,माथे में एक लाल बिंदी दमक रही थी और मांग का सिंदूर फैल चुका था ,उसका हुस्न देखकर मैं उसे अपने नीचे ले आया और जोरदार 2-3 धक्के लगा दिए
“आह आह आह “वो मेरे पीठ पर अपने हाथ रखकर मुझे धक्के देने में मदद करने लगी थी,मैं फिर उसके गालो में आये पसीने को अपने गालो से रगड़ने लगा और धीरे धीरे धक्कों से उसके अंदर बाहर आने जाने लगा ,उसने उसे भी स्वीकार करते हुए मेरे पीठ पर पाने नाखूनों को गड़ा दिया,दर्द का आभास तो नही लेकिन मजे के अतिरेक ने मुझे फिर से जोरदार धक्के देने पर मजबूर कर दिया,अब हम दोनो ही अनियंत्रित थे मेरे कमर उसके कमर पर जोरो से चलने लगे थे और दोनो ही नंगे जिस्म एक दूसरे में सामने लगे थे,उसकी योनि से रिसाव बढ़कर मेरे लिंग को भिगो रहा रहा और दोनो के मिलन से आने वाली आवाजो ने कमरे के माहौल को बहुत ही कामुक बना दिया था ,छप छप और चप चप की आवाज ,और काजल की चूड़ियों पायल की आवाजो से मैं और भी उत्तेजित हो रहा था वही मेरे और उसके मुह से अनायास और स्वाभाविक रूप से आहे और सिसकिया निकल रही थी ,जिस्म मिलते गए वो तूफान बढ़ता गया ,मेरे दांत उसके गले में गड गए थे वही उसके मेरे गले में ,मेरा पीठ उसके नाखूनों से छिल गया था और उसके होठो को मेरे दांतो ने ऐसे काटा था की वो खून की छोटी सी धार छोड़ रहे थे लेकिन ,ना कोई दर्द था ना ही कोई शिकन था तो बस हम थे हमारी सांसे थी और वो आवाजे थी…..
तूफान शांत हो चुका था काजल ने अपने लावा से मेरे बिस्तर को भी भिगो दिया था वही मेरा वीर्य उसके अंदर जाकर उसकी गर्मी को शांत कर चुका था लेकिन अब भी कमर में हल्की हल्की हलचल हो रही थी ,ना ही वो उठने को तैयार थी ना ही मैं,मेरा लिंग उसकी गहराइयों में ही आराम करने लगा ,वो अब भी पूरी तरह से मुरझाया नही था,हम दोनो ही एक दूजे को कसकर पकड़े हुए थे,और दोनो के ही कमर चलते रहे जब तक की हमे नींद नही आ गई ………..
जब मेरी नींद खुली तो मेरी जान सोई हुई थी ,अभी 4 ही बज रहे थे,हम अभी एक ही घंटे पहले तो सोए थे,मैंने उसे डिस्टर्ब करना सही नही समझा और मैं फ्रेश होकर दौड़ाने निकल पड़ा,कुछ देर ही में मेरे मोबाइल पर एक मेसेज आया,वो डॉ का मेसेज था,टाइगर का पूरा असाइंमेंट पकड़ा गया है और पूरे ड्रग्स के कारोबारियों में दहशत का माहौल है,इसे कदम से जरूर रोबर्टो का इंडिया आना और भी जरूरी हो जाएगा,थोड़ा सम्हल कर रहना होगा……
मैं क्या सम्हलकर रहू???काजल और नेहा के लिए वो सबसे बड़ा खतरा बन सकता है क्योकि वो उन्हें पहले से ही जानता था,लेकिन डॉ ने कुछ सोच कर ही बोला होगा,,,मैं मन में सोचता हुआ दौड़ाने में लग गया,और थककर एक पेड़ के नीचे बैठ गया,आंखे बंद कर मैं बीते समय को सोचने लगा,क्या क्या हो गया,मेरे सीधे साधी से जीवन में ये कैसा तूफान आया है,ना जाने ये कब तक चलने वाला था…….
3 दिन बीत गए ना ही मैं टाइगर के बार में गया था ना ही काजल ,काजल अपने होटल में ही थी ,मैं उसकी बाते सुनता जो की अधिकतर काम से रिलेटेड ही होती थी ,इस कांड से टाइगर बौखला सा गया था और उसने ही काजल को बार में आने से मना कर दिया था,मलीना को डॉ ने मना किया हुआ था वो आजकल मिस मेरी के साथ ज्यादा समय बिताया करती थी,ऐसे भी अब उसका काम हो चुका था मुझे और काजल को बार में प्रवेश बिना किसी शक के मिल गया था,मलीना के ना आने से टाइगर को ये तो समझ आ ही जाएगा की लड़की अपना काम कर गई और उसे पता भी नही लगा,
चाहे जो भी हो कुछ दिनों के आराम ने मुझे बहुत ही शुकुन दिया और मेरे काम से जुड़े हुए लोगो से जुड़ने और उन्हें जानने का मौका दिया,मैं हर रोज की तरह अपने साइट विजिट में गया हुआ था ,घने जंगल में एक पगडंडी पर हम लोग चल रहे थे साथ में कुछ गार्ड और वहां का सुपरवाइजर सुरेश भी थे,गाड़ी दूर ही छोड़नी थी,और वहां के आदिवासियों से मुझे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेनी थी,तभी मुझे एक हेलीकाप्टर उतरता हुआ दिखाई दिया ,मैं देखकर ही दंग हो गया,
“यहां कोई आर्मी या किसी और सुरक्षा एजेंसी का कोई केम्प है क्या “मैंने सुरेश को पूछा
“नही तो सर,हा इस इलाके में जरूर है लेकिन वो हमारे ही कस्बे के पास में है इतने दूर तो नही “
“तो ये हेलीकॉप्टर”
उसने भी अपने कंधे उचकाए
“चलो देखते है “मैंने थोड़ी उत्सुकता दिखाई
“सर जी जंगल को समझने की ज्यादा कोसिस मत कीजिये ना जाने जिंदगी रहे या ना रहे ,इसकी जानकारी आप केम्प में दे दीजिये हमारा जाना खतरनाक हो सकता है “गार्ड की बात से मैं चौक गया,
“ओक तो ट्रांसमीटर से संपर्क साधो “
“सर जाकर ही बताये तो अच्छा होगा,”सुरेश ने कहा ,मैं इस इलाके में नया था तो मैंने भी ज्यादा होशियारी दिखानी सही नही समझी और हम अपने काम को पूरा करने निकल पड़े ,लेकिन मैंने वो लोकेशन और पूरी बात डॉ को सेंड कर दी,ताकि वो ये पता लगा सके की यंहा कोई हेलीपेड है भी की नही …थोड़ी देर में ही डॉ का मेसेज आया की मेप में तो कोई भी नक्शा नही दिखा रहा है जरूर कोई एमरजेंसी लेंडिंग किआ होगा लेकिन इतने घने जंगल में उसे जगह कहा से मिल गई होगी,…….???????
हम वहां से निकले और मैंने हेडफोन लगा के काजल की बात सुनने की कोशिस की ,
“तो आज क्या करवाने वाली हो “रॉकी की आवाज सुनाई दी जिसमे एक बेताबी सी साफ झलक रही थी
“मुझे क्या पता लेकिन शाम को तैयार रहना टाइगर ने बुलाया है ,”
“कुछ तो बताया होगा,”रॉकी के आवाज में छेड़ने वाली अदा थी ,
“अब चुप रहो और काम करने दो जल्द ही निपटा के तैयार हो जाना “
यानी आज काजल टाइगर के बार जाने वाली थी ,
थोड़ी ही देर में मेरे पास एक नए नंबर से मेसेज आया ,
‘मैं रेहाना हु और टाइगर साहब ने आपको याद किया है”
मैंने वो नंबर सेव कर लिया ,
लगभग एक घण्टे और बीत चुके थे,मैं अपने कमरे में आ चुका था ,मैं फ्रेश होकर अभी ही निकला था की एक मेसेज फिर से मेरे मोबाइल में आया ये भी रेहान का ही था,इसमें कुछ नंबर थे जो की किसी कोड की तरह थे …
‘इस मेसेज को तुरंत काट देना और ये नंबर याद कर लेना ,तुम मुझे बहुत पसंद आये इसलिए तुम्हे मेरी तरफ एक एक तोहफा है ,,ये उन सारे कैमरा का कोड है जी की टाइगर ने तुम्हे नही बताया है ,इससे तुम पूरे बार को एक्सेस कर सकते हो ….’
रेहाना मेरे ऊपर इतनी मेहरबान क्यो हो रही थी …क्या वो चाहती थी की मैं काजल को देखु.लेकिन वो तो टाइगर भी चाहता था ,तो रेहाना ने मुझे टाइगर से छिपकर पूरे बार के कोड क्यो दे दिए …..मैं सोच में पड़ा हुआ था की मेरे पास डॉ का फोन आ गया,
“क्या बात है टाइगर के पास नही जा रहा आजकल “
वो शरारत भरे लहजे में बोला जैसे उसे पता हो की आज काजल बार में जाने वाली है ,मैंने उसे पूरी बात बताई साथ ही ये भी की मुझे रेहाना ने बार के कैमरा कोड दिए है ,डॉ ने वो कोड मांगे ,और मैंने बिना किसी परव्वाह के उसे दे भी दिए ,
“वो लड़की पता नही किस मकसद से तुझे ये कोड दे रही है लेकिन इससे हम बहुत कुछ और भी कर सकते है “डॉ की बात तो अर्थपूर्ण थी ,
“ह्म्म्म”
“रोबर्टो आने वाला है ,तूने जो लोकेसन बताई थी वँहा मैंने आदमी भेजे थे लेकिन वहां कुछ भी नही मिला ,हा लेकिन इतनी जगह जरूर थी जंहा हेलीकॉप्टर उतारा जा सके ,जरूर हो ना हो इससे रोबर्टो का भी संबंध हो सकता है इस जगह पर हमे नजर रखनी पड़ेगी और क्योकि अगर वो आया यंहा से है तो जाएगा भी वही से ,सबकी नजर से दूर,…और अगर वो सचमे आ चुका है तो समझ लो की काजल और नेहा के लिए खतरा भी बढ़ने वाला है,”
डॉ की बात से मैं घबरा गया
“तू टेंशन मत ले मैं देख लूंगा,तू वो देख जिसे देखने टाइगर ने तुझे बुलाया है “साला कमीना डॉ ……..जोरो से हँसने लगा था ..
काजल की नजरो से
क्लब में जाते हुए मेरे दिल की धड़कने बढ़ी हुई थी पता नही आज मेरे साथ क्या होने वाला था,उससे भी ज्यादा इस बात की फिक्र थी की मुझे मेरे पति भी देख रहे होंगे,पता नही विकास जी कैसे रियेक्ट करेंगे,लेकिन उन्हें सम्हालने के लिए नेहा तो थी ,कम से कम मेरा एक बोझ तो हल्का हो गया था,लेकिन एक और भी टेंसन सर में था रोबर्टो,वो आने वाला है,या शायद वो पहुच भी चुका है…….पता नही लेकिन अगर वो मुझे और नेहा को देखेगा तो पता नही वो कैसे रिजेक्ट करेगा,शायद हमारी जान को भी खतरा हो,लेकिन मेरे गुरुदेव ने मुझे समझाया है की मैं शांत ही रहू अपने जलवो के दम पर जो भी कर सकती हु करू ,टाइगर को तो कोई शक अभी तक नही है,रोबर्टो को भी नही होगा,पता नही कैसे लेकिन वो गुरुदेव है और उनकी बात तो माननी ही पड़ेगी,
आज के लिए टाइगर ने मुझे हर एक इंस्ट्रक्सन दिए है ,जैसे की क्या पहनना है ,कैसे पहनना है आदि आदि …
मुझे एक काले रंग की साड़ी पहनकर आने को कहा गया था जिसपर काले रंग का ही ब्लाउज़ और ब्रा हो,ब्रा और पेंटी दोनो का ही रंग काला था,और साथ ही वो बहुत ही सेक्सी भी थे,और थोड़े पारदर्शी भी ,टाइगर तो यही चाहता था,काला रंग मेरे गोरे शरीर में खिलकर आ रहा था,मेरे पेट का हिस्सा बहुत ही कामुक लग रहा था,वही मुझे लाल चूड़ी और गहरा सिंदूर लगाने को कहा गया था,हाथो में भरी हुई चूड़ियां और माथे में भरा हुआ सिंदूर मेरे रंग और रूप को और भी हसीन बनाता था ,उससे भी ज्यादा मादक भी,मादकता को और भी बढ़ाने के लिए चांदी की करधनी पहनने का आदेश था, ……….
मैं क्लब में पहुची तो वहां बैठे लोग मुझे किसी एलियन की तरह से घूरने लगे,ऐसे भी इस विसभुषा में कम ही लडकिया क्लब आती है,लेकिन इसका मजा क्या है ये तो साड़ी और सिंदूर के दीवाने ही जानते है…
मेरे पहुचते ही एक बाउंसर मेरे पास पहुचा और मुझे और रॉकी को अपने साथ चलने को कहा ,रॉकी को भी आज काले रंग के सूट में बुलाया गया था जिसपर काले रंग का ही जूता पहने हुए था,वो पूरी तरह से एक जेंटलमैन ही लग रहा था,जैसे मैन इन ब्लैक ..
रॉकी मेरे कमर में हाथ रखे हुए क्लब के अंदर गया,और फिर बाउंसर के पीछे चलाने लगे ,मुझे जानना था की विकास जी कहा है क्या वो आ चुके है या फिर नही ये तो मुझे नेहा ही बात सकती थी लेकिन अभी तक वो मुझे दिखाई नही दि थी,हम दोनो को एक अंधेरे से गली में ले जाया गया,ये गली लाल प्रकाश से रोशन थी,शायद टाइगर ने खास कपल के लिए ही बनवाया था,वो बाउंसर हमे एक कमरे के अंदर दाखिल कर खुद चला गया,कमरा बहुत बड़ा था और उसके बीचो बीच एक बड़ा सा बिस्तर लगा हुआ था,मैं उसे देखते ही समझ गई थी की आज मेरे साथ क्या होने वाला है,बिस्तर के मखमली बिछौने को छूकर ही मेरे अंदर एक बार जोरो से ही वासना की लहर दौड़ पड़ी,ये कमरा था ही इतना उत्तेजित करने वाला,कमरे में लाल प्रकाश फैला हुआ था ,वही हल्की हल्की रोशनी आंखों को बहुत ही आराम दे रही थी वो माहौल बड़ा ही रिलेक्सिंग था,गोल आकृति के बड़े बिस्तर में कुछ ताजा फूल सजाए गए थे और सफेद मखमली चादर बिछी थी,फूलो की हल्की सुंगध भी मदहोश सी कर रही थी,पास ही एक छोटा सा लेकिन बहुत ही क्वालिटी वाला बार बना हुआ था,जो महंगी शराब से सजा हुआ था,पास ही एक बड़ा सा सोफा भी रखा था शायद इसमें ही पति को बैठाया जाता होगा,बाकी इस कमरे में कुछ भी नही था,हम जाकर सोफे में बैठ गए ,अब मेरी बिचैनी और भी बढ़ने लगी थी,अभी हमे आये 2 मिनट ही हुए थे लेकिन मैं बेचैन थी ,
तभी कमरे का दरवाजा खुला और नेहा अंदर आयी आते ही मैंने उसे घूरा वो मेरी नजरो को पहचानती थी ,उसे पता था की मैं क्या पूछना चाहती हु ,उसने हल्के से आंखों को झपकाया और सहमति में सर हिलाया ,मतलब साफ था की विकास जी आ चुके है ,मैंने फिर से अपनी आंखों को उचकाया ,उसने बड़ी ही अदा से मुझे कुछ जगहों के बारे में बताया जंहा पर कैमरे लगे थे,
“आप लोग थोड़ा रिलेक्स हो जाइये कुछ ड्रिंक लीजिये जब तक की टाइगर सर नही आ जाते …”नेहा हल्के से मुस्कुराई और फिर अपनी अदा से ही मुझे कैमरे की हर लोकेशन बता दी,
हे भगवान मेरे हर मोमेंट को कैप्चर करने को यहां कैमरे लगे हुए थे,ऊपर नीचे दाएं बाए,कोनो में और ना जाने कहा कहा,मेरे शरीर के एक भी हिस्से को टाइगर नही छोड़ना चाहता था ,उसे हर एक चीज देखनी और दिखानी थी ,मेरे चहरे में आये हर एक भाव को वो देखना चाहता था या शायद मेरे पति को दिखाना चाहता था,ये सोचकर ही मेरी सांसे और भी तेजी से चलने लगी वही मेरी योनि में भी अजीब सी खुजली हुई,मैं नेहा के पास गई और उसके कानो में अपने होठो को टिकाया
“यार बहुत ही खुजली हो रही है ,उन्हें सम्हाल लेना ,पता नही मैं आज अपने को रोक पाऊंगी या नही “मैंने नेहा के कानो में कहा जिससे वो खिलखिला के हँस पड़ी मैं उसे अचंभित सी देख रही थी साली को ऐसे हँसने की क्या जरूरत थी इससे टाइगर और विकास जी दोनो को ही शक हो जाएगा,लेकिन वो इतनी भी बेवकूफ नही थी जरूर कुछ सोचा ही होगा,
वो मेरे कानो में फुसफुसाने लगी …
“फिक्र मत कर जान तेरे पति का मैं पूरा ख्याल रखूंगी और थोड़ी देर रुक जा,आज तो हर खुजली मिट ही जाएगी “ये बोलकर उस कमिनी ने मेरे बोब्स को जोरो से दबा दिया ..
“आउच साली “वो हँसने लगी और मेरा चहरा शर्म से लाल हो गया…
नेहा के जाने के बाद रॉकी ने दो पैक बनाये और एक मुझे दिया ,अभी मुझे इसकी बहुत ही जरूरत थी ……..
विकास के नजरो से
मैं थोड़ा बेचैन था की आज काजल के साथ क्या होने वाला है और मुझे नेहा ने क्यो पूरे पासवर्ड पकड़ा दिए है,खैर एक समस्या का तो समाधान मुझे मिल ही गया था वो था डॉ पासवर्ड के साथ क्या क्या करना है उसे ये अच्छे से पता था ,दूसरी का कोई हल मेरे पास नही था मुझे बस जाना था और देखना था की वो क्या करता है…
मैं क्लब पहुचा अभी काजल क्लब आयी नही थी वो अभी गाड़ी में ही उसे टाइगर ने मेसेज में ही बहुत से इंस्ट्रक्सन दिए हुए थे जैसे की क्या पहनना है वगैरह ..साला जब नंगा ही करना है तो कुछ भी पहनो क्या फर्क पड़ता है…लेकिन यकीन मानिए फर्क तो पड़ता है,ये मुझे तब पता चला जब मैंने काजल को देखा ….काले साड़ी में तो वो कातिलाना लगती ही थी लेकिन आज पता नही क्यो वो और भी हसीन लग रही थी कमर में चांदी की करधनी लटक रही थी जिसे देखकर मेरा दिल भी लटक रहा था,आंखों में हल्का सा काजल और उसका गोरा रंग ..वाह मेरी जान काजल ,मेरी दिल की धड़कन काजल मेरी रानी काजल….मेरा प्यार मेरा सबकुछ काजल..लेकिन ये सौंदर्य ये सजावट आज मेरे लिए नही थी………….
मैं अब क्लब में अपने कमरे (टाइगर के ऑफिस ) में बैठा हुआ था जब काजल क्लब में आयी और एक बाउंसर उन्हें वही ले गया जंहा मैंने पहली बार एक लड़की और बाउंसर की उसके पति के सामने चुदाई देखी थी,ये सोचकर और उस समय को याद कर मेरे लिंग ने एक जोर का झटका मारा ,और मुझे देखकर नेहा हँसी जो की मेरे बाजू में ही बैठी थी अभी टाइगर का कोई भी पता नही था,नेहा उठाकर जाने लगी थोड़ी ही देर में वो काजल के साथ थी उनके आंखों के इशारों ने मेरे दिल की धड़कने और भी बड़ा दी थी क्योकि काजल को भी अब पता था की मैं उसे किस किस एंगल से देख रहा हु…वही जब काजल नेहा के कानो के फुसफुसाई तो उसके हाथ नेहा के बालो के पास थे और उसकी रिस्टवाच से मुझे उसकी फुसफुसाहट भी साफ साफ सुनाई दे रही थी ,मुझे जानकार थोड़ी जलन भी हुई लेकिन मैं थोड़ा उत्तेजित भी हो गया की काजल को भी खुजली हो रही है ,एक सुकून भी आय की वो मेरे बारे में भी सोच रही थी लेकिन ये सुनकर मैं थोड़ा घबराया की आज काजल की खुजली बुझने वाली है कौन बुझायेगा उसे ,,,कोई बाऊंसर ,या वही पहलवान जिसे मैंने उस शादीशुदा लड़की को रौंदते हुए देखा था और जो काजल की मालिस कर रहा था,या फिर टाइगर ……या कोई और पता नही लेकिन थोड़ी ही देर में सब कुछ साफ हो जाना था,आज मुझे अपने जज़्बातों को सम्हालना था,नेहा काजल के कमरे से निकल चुकी थी और मेरे कमरे में वो टाइगर के साथ आयी मैं खड़ा हो गया…….
“क्यो विकास बाबू तो तैयार हो अपने होटल की मालकिन को रौंदते हुए देखने के लिए “
मेरा तो गाला ही सुख चुका था मैं आखिर क्या बोलता
“फिक्र मत करो आज बहुत मजा आएगा तुम्हे भी और उसे भी ..”वो मुझे जलाने वाली मुस्कान हँसकर वहां से निकल गया,मैं सोफे में धड़ाम से बैठ गया,मेरे मन के रोये रोये हिले हुए थे,मैं खुद को समझने की कोशिस में था लेकिन मेरे लिए अपने आप को ही समझना मुश्किल हो रहा था मैंने चुपचाप बैठे रहना और नदी के धार में बहते जाना ही पसंद किया …….
मेरे सामने एक बड़े स्क्रीन में काजल की हर एक अदा मुझे साफ दिख रही थी वही मेरे गोद में बैठी नेहा भी स्क्रीन को धयन से देख रही थी,,काजल एक पैक लगाने के बाद थोड़ी रिलेक्स हो गई थी ,लेकिन उसके चहरे से डर साफ झलक रहा था ,कमरे का दरवाजा खुला और वही बाउंसर फिर से अंदर आया,वो साला बॉडीबिल्डर पहलवान ,क्या यही मेरी काजल को निचोड़ने वाला है,मेरे दिल में पहली बात यही आई,वही काजल ने जैसे ही उसे देखा वो भी थोड़ी सिहर गई,हो भी क्यो ना,वो विशालकाय पहलवान था ही ऐसा…वो आकर काजल के पास ही खड़ा हो गया ,लेकिन अभी वो कुछ भी नही कर रहा था,थोड़ी देर ऐसे ही बिता फिर टाइगर की इंट्री हुई ,तो क्या टाइगर था जो मेरी काजल के साथ …….
या ये दोनो ही ……
टाइगर ने आते ही काजल के कमर को पकड़ा और उसके गालो में एक छोटा सा किस लिया,
“तो क्या तुम तैयार हो…”टाइगर के होठो में एक अजीब सी मुस्कान तैरी वही काजल भी नर्वस सी हो गई थी ,उसने ना में सर हिलाया ,
“लेकिन तुम्हारे ये तो कुछ और ही कह रहे है”टाइगर ने सीधे ही काजल के ब्लाउज़ के ऊपर अपनी उंगली चला दी,काजल के तने हुए निप्पल उसके उत्तेजना का सबूत थे,ऐसे मैं भी तो इधर उत्तेजित था,डर जलन और उत्तेजना ,सभी कुछ एक साथ ही मेरे दिमाग और शरीर में खेल रहे थे,ना जाने कौन जितने वाला था और कौन हारने वाला…….
काजल की आंखों में एक नशीला पन सा आ गया था,लेकिन उसके एक बार कैमरे की ओर देखा,वो भी तो उत्तेजित थी लेकिन इतनी ज्यादा क्यो????
“ये इतनी क्यो मचल रही है,”मेरे दिमाग में आया हुआ सवाल मैंने नेहा को कह ही दिया,नेहा भी अजीब नजरो से मेरी ओर देखी फिर उठकर खड़ी हो गई,आखिर काजल उसकी भी तो दोस्त थी ,
“टाइगर को काजल के ब्रांड का पता था ,लगता है उसने शराब में ही कुछ मिलाया है ,वरना ऐसे तो काजल इतनी उत्तेजित कभी नही होती”उसके चहरे में एक डर का भाव था शायद उसे भी इस बात का आभस अभी तक नही था,वो जल्दी से वँहा से निकली और थोड़ी ही देर में मैंने उसे काजल वाले कमरे में देखा ,वो प्यार से जाकर पहले तो टाइगर से लिपट गई ,
टाइगर उसे देखकर थोड़ा हैरान था,लेकिन वो उस समय कुछ भी नही बोला,उधर काजल भी नेहा को देख रही थी ,नेहा ने काजल को एक उंगली से एक इशारा किया और आंखों से शराब की ओर इशारा किया ,पता नही इतने में काजल कुछ समझ भी पाई या नही लेकिन टाइगर और उस बाउंसर के रहते वो और कुछ भी तो नही कर सकती थी ,ऐसे इसी शराब को रॉकी भी अपने गले से उतारा था लेकिन उसके स्वभाव के कुछ भी समझ नही आ रहा था,
टाइगर नेहा को बाहर ले गया ,और कुछ ही देर में वो वापस अंदर आ गया,
इधर नेहा भी मेरे कमरे में आयी वो अब भी थोड़ी बेचैन थी,
“पता नही काजल को मेरा इशारा समझ आया भी की नही “
“तू इतनी परेशान क्यो हो रही हो वो क्या लगती है तुम्हारी “मैंने मुह बनाते हुए कहा
“ना जाने क्यो उससे कुछ लगाव सा है “नेहा ने अपने मन के भाव को छुपाते हुए कहा और फिर से मेरे गोद में आकर बैठ गई,उसके गद्देदार चूतड़ों ने मेरे खड़े हुए लिंग को एक दबाव दिया जिससे मुझे थोड़ा सकून तो पहुचा लेकिन अब भी मेरे दिल में काजल के लिए डर जिंदा था,मैं नही चाहता था की वो नशे में आकर कुछ भी करे ,और मुझे ,नेहा को और काजल को भी ये तो समझ थी की टाइगर क्या मिला सकता था……
इधर टाइगर ने नेहा के लिए फिर के सी बोतल से शराब बनाई और उसके सामने कर दिया,
“नही बस और मन नही “काजल की आँखे अब भी नशीली थी लेकिन उसे नेहा का इशारा समझ आ चुका था ,टाइगर के चहरे में एक मुस्कान आयी ,
“अरे जान ऐसे कैसे तुम मुझे ना कह सकती हो ,बहुत ना हो चुका है अब नही “टाइगर ने थोड़ा फोर्स दिखाया और जबरदस्ती ही ग्लास को काजल के मुह में टिका दिया ,काजल को उसे पीना ही पड़ा ,सिर्फ दो ही पैक में वो लड़खड़ाई,इधर मेरा लिंग भी मुरझा गया था और नेहा के चहरे में भी चिंता के भाव आ गए थे,
काजल थोड़ी संहली इस समय वो टाइगर के बांहो में थी ,वो हल्के से अपना हाथ काजल के गोल गोल उजोरो में ले जाता है और हल्के हल्के उसे मसलने लगता है,
“आह ,ह्म्म्म”काजल की बंद होती आंखे और हल्की हल्की आहे उसके भरपर उत्तेजित होने का सबूत थी ,उसके काले जोड़े से झांकता हुआ उसका गुलाबी बदन और उसपर टाइगर के मजबूत हाथ ,जो की काजल के कमर के नंगे हिस्से में चल रहे थे ,मैं इस बड़े से स्क्रीन में अपनी काजल को लूटते हुए देख रहा था और जलन मेरे अंदर से गायब होकर थोड़ी थोड़ी उत्तेजना में परिवर्तित हो रही थी मुझे भी अपने स्वभाव में परिवर्तन समझ नही आ रहा था की मैंने अपना पैक उठाया और हल्के हल्के सिप लेनें लगा,मेरा लिंग अभी नेहा के चुदड़ो एम टिका हुआ था और किसी रॉड सा तना हुआ था अचानक ही नेहा उठी और मेरे लिंग को देखने लगी ,मैंने उसकी आंखे में और भी विस्मय देखा ,मेरा लिंग अब मेरे जीन्स को फाड़ने की फिराक में था ,इतनी उत्तेजना शायद ही मुझे कभी आयी हो ये याद भी नही ,नेहा ने मेरे शराब की ओर देखा ..फिर मेरी आंखों में ,
“कौन सा पैक है “
“दूसरा “मैं भी थोड़े आश्चर्य में था ,अचानक मेरे दिमाग में बात कौंधी और मैंने शराब को फेक दिया ,
“मादरचोद टाइगर “मेरे मुह से निकला,इसी लिए मैं इतना उत्तेजित हो रहा था टाइगर ने मेरे शराब की बोलत में भी कुछ मिलाया था ,शायद वही ड्रग्स ,नेहा जल्दी से वँहा रखे टेबल की दराज तक पहुची और उसे खोलकर ना जाने कोई उपकरण निकाला,मेरी आंखे भी थोड़ी भारी हो रही थी ,और लिंग की उत्तेजना बर्दास्त से बाहर मैं नेहा को पटक पटक कर चोदना चाहता था पता नही क्यो नही कुछ कर रहा था ,शायद अब तक कमाई हुई शराफत ने आज जाकर मुझे बचाया था,नेहा दौड़ाते हुए मेरे पास आयी और मेरे हाथो को पकड़कर सुई चुभा दी ,थोड़ा सा खून बाहर आया और वो उस उपकरण में डालकर देखने लगी कुछ नंबर दिखने शुरू हो गए थे,
नेहा की आंखों में आंसू की एक बून्द साफ दिख रही थी वो उसे वापस रख मेरे पास आयी और मेरे सामने बैठकर मेरे आंखों में देखने लगी ,
“टाइगर को किसी से कोई भी मतलब नही है उसे तो बस अपना सुख चाहिए,तुम्हे भी इतना डोस दे दिया है ,काजल तो सम्हाल लेगी लेकिन तुम्हारे लिए तो ये नया है “वो थोड़ी और रोने लगी,वो अनजाने में ही सच बोल गई लेकिन मैंने अपने चहरे का भाव नही बदला ,वो भूल गई थी वो मुझे मेरी पत्नी का पास्ट बता रही है ,मैंने उसे पकड़ा और उसका हाथ अपने लिंग में ले जाकर रख दिया ,वो मेरी आंखों में देखने लगी वो अब भी सिसक रही थी ,
“अब पता चला की ये दवाई क्या करती है ,अब कभी भी किसी को दोष देने से पहले 100 बार सोच लेना “उसकी बाते सीधे मेरे दिल में जाकर लगी और मैंने उसके हाथो से अपने हाथो का दबाव कम कर दिया ,मेरी नजर नीचे हुई थी थी की
“आह ,ओह रुको ना “कमरे में लगे स्पीकर बोल पड़े मेरी और नेहा की नजर फिर से स्क्रीन में चली गई थी ,
टाइगर का हाथ अब काजल के स्तनों पर भरपूर रूप से चल रहा था,काजल की सिसकिया बढ़ने लगी थी ,मैं जैसे अपनी सुधबुध खोने लगा था शायद वैसे ही काजल भी अपने पर कंट्रोल खोने लगी थी ,वो मादक सिसकिया ले रही थी जो की मेरे कमरे में भी फैल रही थी ,मेरी नजर स्क्रीन में ही चिपक गई थी मैं काजल के हर एक अंग को स्पष्ट देख पा रहा था जैसे की उसके सामने ही खड़ा हु,काजल का गुलाबी जिस्म और भी गुलबी हो रहा था ,खून उसके शरीर के हर हिस्से में तेजी से फैल रहा था ,उसकी सांसे बड़ी हुई थी और जिसके कारण उसका सीना ऊपर नीचे होने लगा,उसके पेट और नाभि की जगह पर जैसे ही टाइगर का हाथ जाता वो फड़क उठाते थे,मैं अपनी उत्तेजना को सम्हाल ही नही पा रहा था और आदत के ही अनुसार मैंने पास ही रखा हुआ वही बोलत उठाया और सीधे मुह लगा के दो घुट भर दिए ,नेहा ने जल्दी से ही मेरे हाथो से वो बोलत छुड़ाई और मेरे गालो में दो तेज झापड़ रसीद कर दिए ,उसके आंखों में अब भी पानी था और मुझे मेरी गलती का अहसास हुआ ,मैं असहाय सा अपनी कुर्सी में ही टिक गया,काजल की मादक आवाजे कमरे में गूंजने लगी थी ,रॉकी और बाउंसर के पेंट के नीचे से उनका लिंग पूरी तरह के तना हुआ दिख रहा था ,लेकिन वो मजबूर से टाइगर और काजल के मिलाप को ही देख रहे थे,अभी काजल के शरीर से एक भी कपड़ा उतरा नही था और सभी के जेहन में आग बढ़ चुकी थी ,नेहा को मेरी स्तिथि पर दया आई और वो झुककर मेरे जीन्स को निकलने लगी ,और मुझे नीचे से नंगा ही कर दिया ,ये मेरा ही लिंग था जो आज रॉड से कम नही लग रहा था ,नशे उत्तेजना में फूल गई थी और मानो फटने को हो रही थी ,नेहा का हाथ पड़ते ही मैं जोरो से आहे भरने लगा,नेहा ने मेरी आंखों में देखा अब उसकी आंखों के पानी जा चुका था,वो मेरे लिंग को अपने गीले मुह में भर कर थोड़ा थोड़ा चूसने लगी,उसके होठो के अंदर जाने से मुझे भी थोड़ी शांति मिली मैंने उसके सर को पकड़ कर अपने लिंग में और जोरो से दबाया वो उठी ,वो थोड़ी झल्ला गई थी ,भावनाएं उसके दिमाग में भी खेल रही थी ,है उसने ना जाने कितने मर्दो के साथ संभोग किया था और मेरे साथ भी किया था लेकिन ये स्तिथि थोड़ी अलग थी आज उसे पता था की मैं काजल से कितना प्यार करता हूं,और हमारे सामने काजल थी जो की उसकी जान थी और आज कोई उसे धोखे से लूटने के फिराक में था और वो मजबूर थी उसकी मजबूरी उसकी आंखों से साफ दिख रही थी ,वो उठी और जाकर उसी बोलत को अपने होठो से लगा कर 3-4 घुट पी गई ,उसने अपने माथे को सहलाया और अपने कपड़े को निकाल फेका और आकर मेरे गोद में बैठ गई,
इधर काजल की हालत और भी खराब हो रही थी टाइगर पागलो की तरह उसके गालो को चूम और चूस रहा था अब दोनो ही के होठ एक दूजे से मिल चुके थे,टाइगर भी पागल हो रहा था काजल भी मैं भी रॉकी भी बाउंसर थी और नेहा भी ..
सभी के दिमाग और जिस्म में एक ही पागलपन सवार हो रहा था,हवस का…….
वक्त की करवट ने तोड़ दिया, मेरा प्यार आज मेरे सामने किसी और कि बांहो में था और मेरी बांहो में कोई और थी,जरूरते जिस्म की थी और चकनाचूर दिल हो रहा था, एक आफत सी टूट गई थी,हम दोनों ही दीवाने आज प्यार के नही हवस के गिररफ्त में थे,ना जाने वो कौन सी घड़ी थी जब मैंने काजल को इस मिशन के लिए मौन स्वीकृति दी थी और उससे भी ज्यादा दुख इस बात का था कि मैं यहां हु और अपनी जान की ये हालत होते देख रहा हूँ पर फिर भी कुछ नहीं कर रहा हूँ, दुख की एक लहर बहुत देर से सही लेकिन मेरे अंदर उठी,एक ग्लानि का अहसास पूरे मन मे होने लगा और आंखों से आंसुओ की पतली सी बून्द टूट पड़ी,नेहा जो कि मेरे कमर में बैठी हुई थी और हवस के नशे में चूर हो रही थी वो भी मेरे आंसुओ से बच ना सकी ,उसने अपनी नजर घुमाई और मेरे आंखों से निकले धार को अपने होठो से पी लिया,थी तो वो भी काजल की ही सहेली उसे भी मेरे दर्द का अहसास तो था ही,
“क्या ये सब बंद नहीं हो सकता”
मेरा गाला रुंध गया था,
वो बस मेरी आँखों मे देखने लगी और बड़े प्यार से मेरे गालो को सहलाया,
“जो शुरू हो गया है उसे खत्म होने दो,”
“मुझसे देखा नही जाएगा”
“देखना तो तुम्हे पड़ेगा ही और मैं हु न तुम्हारे सेवा के लिए”
वो मेरे होठो के पास अपने होठो को ऱखकर रगड़ने लगी,अभी भी उसकी कोमल त्वचा ने मेरे दिल के दर्द को कम नही किया था कि…काजल की आंखों ने भी एक धार छोड़ दी,शायद जो दर्द मेरे अंदर कही से आ रहा था वो काजल तक भी पहुच ही गया,वो तो लगभग रोने सी हो गई थी ,
“क्या हुआ तुम्हे “टाइगर जैसे हवसी आदमी की नजर भी अब काजल के दुख पर पड़ गई ,
“मुझसे नही होगा”दवाइयों का असर और मेरी तरफ से मिले हुए छूट के बावजूद भी काजल ने ये कहने की हिम्मत कर दी ,जिसे सुनकर मैं थोड़ी देर के लिए स्तब्ध सा बस उसके उस मासूम से चहरे को देखने लगा,
“क्यो”टाइगर को मानो यकीन ही नही हो रहा था,
“मेरे पति …”वो चुप हो गई ,वो कैमरे की तरफ नही देख रही थी लेकिन मैं और नेहा स्क्रीन से नजर भी नही हटा पा रहे थे,
टाइगर का हाथ काजल के आंखों से बहते हुए पानी को पोछने को हुआ ,वो आगे बढ़कर अपने होठो को उसके गीले गालो पर ले गया और खारे पानी की बूंदों को अपने होठो से अंदर कर लिया ,उसने काजल के चहरे को ध्यान से देखा,हवस में डूबा हुआ टाइगर का शरीर कांप रहा था और कांप रहे थे और भी दो जिस्म जो कमरे में मौजूद थे,लेकिन किसी की इतनी हिम्मत नही हो रही थी की काजल को उसकी मर्जी के बिना ही कुछ कर पाए……….
“तुम उसकी चिंता मत करो मैं उसके लिए किसी को छोड़ किया है उसे भी मजा आएगा “टाइगर के कहने पर काजल की नजर कैमरे की ओर हो गई एक नजर भी उसने ऐसे देखा जैसे वो मेरे आंखों में देख रही हो ,मैंने अपने दिल से कहा की काजल ये गलत बोल रहा है मुझे कोई भी मजा नही आ रहा आ जाओ वापस आ जाओ ,मेरी बांहो में आ जाओ,मेरे सीने से लग जाओ ,तुम जैसी भी हो मेरी हो और मैं तुम्हे उतना ही प्यार दूंगा …..ना जाने ये मेरे दिल से निकली हुई बात कब मेरे जुबान से निकलनी शुरू हो गई थी ,मेरे आंखों से पानी की धार बढ़ गई थी और मैं सचमे सोने लगा था,अब तो नेहा भी कुछ नही कर सकती थी वो मेरे मुह से निकले हुए हर अल्फाज से और भी ज्यादा बेचैन हो रही थी ,
“मैं उन्हें जानती हु ,लेकिन मैं तुम्हे नही रोकूंगी जो करना चाहो वो कर सकते हो “काजल ने टाइगर के आंखों में देखकर बोल गई ,टाइगर के सीने में कही एक इंसान जिंदा था ,वो काजल के बालो को प्यार से सहलाया,
“तुम्हारे स्वीकृति के बिना क्या कर सकता हु ,मैं तुम दोनो को ही मजा देना चाहता था लेकिन यहां तो मामला ही उल्टा है ,”
टाइगर काजल से दूर हुआ
“ना जाने तुम्हारे प्यार में क्या ताकत है वरना यहां आयी हुई कोई भी लड़की आज तक यहां से वापस ऐसे ही नही गई ,”टाइगर काजल के चहरे को देखते हुए बोला
“चलो कहानी खत्म हुई “वो अपने बाउंसर को आदेश देने लगा ,बाउंसर का चहरा पूरी तरह से मुरझा गया था ,हाथ आया इतना अच्छा माल वापस जा रहा था कोई भी हो वो सदमे में आ ही जायेगा,टाइगर और बाउंसर जाने लगे लेकिन रॉकी ये देखकर गुस्से से भर गया था,
“तुम क्या समझती हो अपने आप को की हम तुम्हारे हाथो की कठपुतली है,”रॉकी की आवाज से सभी चौके ,टाइगर उसे ध्यान से देखने लगा
“इतने दिनों से मुझे अपने पीछे कुत्तों की तरह दौड़ा रही थी ,लेकिन अपने पति के साथ वफादारी दिखाने के लिए आज तक मुझे वो नही दिया जिसके लिए मैं तुम्हारे पीछे पागल था,साली रंडी शादी से पहले तू क्या थी तू भूल गई जब मैंने तुझे रात भर चोदा था,अब तू बड़ी ही सती सावित्री बन रही है ..”
रॉकी की बात से जंहा काजल चौकी थी वही मैं भी चौक गया था,शादी के बाद से यानी मैंने उस दिन जो अपने लेपटॉप के कैमरे से देखा था वो क्या था,क्या काजल उस दिन उससे सेक्स नही करवा रही थी लेकिन मैंने तो देखा था ,हा सेक्स करते हुए नही लेकिन काजल के एक्सप्रेसन तो वैसे ही थे..
“साली पति दौड़ाने जाता था तो अपने ऊपर चढ़ा के बोलती है उपर से करो,काम में बस किस करो छू लो लेकिन सेक्स करने नही दूंगी ,ये बस पति का है ,मादरचोद इतना ही प्यार है अपने पति से तो यहां क्या करने आयी थी”रॉकी इतने दिनों का गुस्सा एक ही बार में निकाल रहा था ,
“और वो तेरा नामर्द पति साला अपनी बीवी को बैठ कर देख रहा है ,क्या उसे नही पता की तू यहां चुदवाने आयी है “रॉकी ने वहां लगे एक कैमरे के पास अपना चहरा ला दिया
“सुन साले गांडू तेरी बीवी को मैंने खूब चोदा है और मेरे जैसे कई लोगो ने इसकी चुद फड़ी है सुन रहा है की नही मैं जानता हु तू हमे देख भी रहा है और सुन भी रहा है…”रॉकी की बात सुनकर मेरा खून खोल गया ,दवाई के असर से मेरा टेस्टोस्टेरोन लेवल ऐसे भी हाई था वही हाल रॉकी का भी रहा होगा ,काजल दौड़ कर रॉकी के पास आयी और उसके सामने गिड़गिड़ाने लगी …
“तुम्हे जो करना है कर लो लेकिन उन्हें कुछ भी मत बोलो “वो उसके पैर में गिर गई
“तो चल मादरचोद आज तुझे इस गांडू के सामने ही चोदता हु “
रॉकी ने काजल के कपड़ो में हाथ डाला और उसे फाड़ने लगा ,मेरे लिए अब बर्दास्त करना नामुमकिन था ,अब छुपाना भी मूर्खता ही थी ,मैं उठा और उस कमरे का पता नेहा से पूछने लगा ,वहां पहुचने पर मैंने रॉकी को काजल से दूर किया और एक जोर का घुसा उसके मुह में मारा ,रॉकी दूर जा गिरा..
“मादरचोद ये जैसी भी है मेरी पत्नी है और मैं इससे बहुत प्यार करता हु ,जो भी हुआ इसकी खुसी के लिए ही सहता रहा हूं,ये अगर एक बार बोल दे तो तुझ जैसों को तो आग लगा दु ,”मैं बड़ा और रॉकी को लातों और घुसो से मारने लगा ,टाइगर ये सब देखकर बस मुस्कुरा रहा था ,
रॉकी वहां से भागा और काजल मेरे गले से लग गई ..
“मुझे माफ कर दो जान मुझे माफ कर दो ….”वो रोये जा रही थी ,
“तूने कोई भी गलती नही की है रानी,मैं भी उतना ही गुनहगार हु जितना की तू ……..मैं अगर चाहता तो तुझे रोक सकता था लेकिन मैं ही चुतिया निकला ,”हम दोनो की आंखे मिली और हम दोनो के होठ भी हम दोनो ने ही एक दूसरे को कसकर पकड़ लिया और होठो को चूमने लगे……….
“बस बस बहुत हो गया तुम लोगो का प्यार मोहोब्बत ,मेरा काम पूरा हो गया ,मेरी डील भी यंहा पर खत्म अब तुमलोग अपने रास्ते और मैं अपने रास्ते अलविदा “टाइगर की बात हमारे ऊपर से चली गई थी ,
“डील कौन सी डील ….”मैं आश्चर्य से टाइगर को देखने लगा
“जब तुम पहली बार आये थे तो मैंने और डॉ ने एक डील की थी ,वो अब खत्म हुई अब तुम लोग जा सकते हो “
“लेकिन क्या थी डील “काजल भी आश्चर्य में थी
“वो मैं नही बता सकता बस …मुझे और भी काम है “टाइगर वहां से निकल गया ,और हम सब एक दूसरे को देखते ही रह गए ………….
हम दोनो ने दूसरे की आंखों में देखा
मैं आंखे बंद किये हुए काजल के होठो को अपने होठो में भर लिया,मेरे कानो में काजल की मदभरी आवाज आई,
क्या???? मेरे कानो में काजल की मदभरी आवाज आयी,जबकि उसके होठो को तो मैंने अपने होठो में भर रखा था,मेरे दिमाग ने एक जोर का झटका दिया,मैंने अपनी आंखे खोली ,और होठो को अलग किया वहां काजल थी ही नही ये तो नेहा था जो की मेरे गोद में बैठे हुई थी,उसकी पीठ मेरे सीने से लगी थी और उसका चहरा मेरे चहरे के पास था ,
“काजल का का काजल कहा है”मैं हड़बड़ाया “
नेहा ने मुझे अजीब निगाहों से देखा ,
“क्या हो गया तुम्हे “
“काजल कहा है ?”मैंने फिर से जोर दिया मैं बेचैन हो रहा था,
नेहा ने बिना कुछ कहे ही स्क्रीन के तरफ इशारा किया,मैं उसी कमरे में था और स्क्रीन में काजल अब भी टाइगर के बांहो में थी,मेरा दिमाग ही चकरा गया,मैंने खुद को देखा मेरी पेंट निकली हुई थी और नेहा मेरे ऊपर नग्गी बैठे हुई थी,लेकिन ये कैसे हो सकता है,मैंने अभी अभी देखा वो क्या महज एक सपना था,नही ये नही हो सकता,मैं उठाने को हुआ ,
“क्या हो गया तुम्हे “
“टाइगर और डॉ के बीच क्या डील हुई थी “
“डील कौन सी डील पागल हो गए हो क्या ,”
मैंने स्क्रीन में देखा वही टाइगर वही काजल वही बाउंसर और वही रॉकी जो की बस बैठे हुए बड़े ही उत्तेजना से काजल और टाइगर को देख रहा था,
“क्या रॉकी ने कुछ भी नही किया “
नेहा मुझे आश्चर्य से देखने लगी
“तुम्हारी तबियत तो ठिक है ना ,ये तुम क्या बक रहे हो “
“क्या मैं सोया था ?”मैंने फिर से नेहा से कहा
“मुझे तो नही लगता,अभी अभी तो तुमने मेरे होठो को किस किया था,”
“तुम शराब पीकर मेरे पास कितने समय पहले आई थी”
“यही कोई 5 मिनट हुए है”
“क्या उसके बाद से मैंने तुम्हारे साथ कुछ किया”
“नही बस मैं तुम्हारे गोद में बैठी थी और स्क्रीन को देख रही थी,मैं तुम्हारे गोद में बैठी और काजल ने कैमरे में देखा उसकी आंखों में आंसू थे ,तुम्हारे आंखों में भी आंसू आये ,उसके बाद मैं तुम्हारे सीने में अपनी पीठ ठिका कर लेटे हुए स्क्रीन को ही देख रही थी,फिर तुम्हे अभी मेरा सर घुमा कर मुझे किस किया ,मुझे लगा था की तुम इमोशनल हो गए हो इसलिए कुछ नही कर रहे हो क्या तुम सो गए थे……”नेहा ने मुझे अजीब से स्वर में कहा ,मैंने अपना सर झटका और नेहा को उठाया खुद भी उठा ये देखकर मेरे हैरानी की सीमा नही रही की मेरा लिंग अब भी 90 डिग्री में तना हुआ है जबकि मेरे दिमाग में हवस का नामोनिशान नही था,मैं थोड़ा और भी कन्फ्यूज़ हो गया था मैंने} तुरंत अपना फोन उठाया और डॉ को काल लगाया ,उसे पूरा सपना बताया ,
“ह्म्म्म असल में ये तुम्हारे शारीरिक थकान और मानसिक थकान के कारण हुआ की तुम इस स्तिथि में भी सो गए और तुमने जो देखा उसे तुम सच मान रहे हो “
“लेकिन वो इतना असली सा था,और मैं लगभग 1 घण्टे तक की चीजे देखी सपने में लेकिन नेहा ने कहा की मैं कुछ 5 मिनट ही सोया था,”
“साले तूने इन्सेप्शन नही देखी है क्या ??सपने में दिमाग ज्यादा तेज चलता है,और जितनी गहरी नींद उतना ही तेजी से दिमाग चलता है,आधे मिनट की नींद में भी तू कई साल जी सकता है,”
“हा लेकिन इतने डिटेल में कैसे “
“वो सब तेरा दिमाग खुद ही सोच लेता है की तूने सब डिटेल में देखा है बल्कि हम बस कोर चीजे ही सपने में देखते है,फिर जिन चीजो में हमारा ध्यान जाता है वो सब दिमाग क्रिएट करने लगता है…”
मेरे लिए समझना थोड़ा मुश्किल था लेकिन मैं इतना तो समझ गया की ये सपना था ,
“और तुझे क्या लगता है की टाइगर जैसा हरामी आदमी काजल को ऐसे ही जाने दे देगा जो तूने सपने में देखा “मेरा मन डूब गया,काश वो सपना सच होता लेकिन ये तो बस सपना ही था असल में तो काजल अब भी टाइगर के बांहो में थी,
“क्या सच में तेरी और टाइगर की कोई डील नही हुई है,साले कर ही लेता कोई ऐसी डील “मैं मायूस हो गया था
“जो कुछ मेरे टाइगर के बीच में हुआ था वो तो तू जानता ही है,मुझे लगता है ये सब तेरे लिए ज्यादा हो रहा है,काजल मजबूत लड़की है वो सब कुछ सम्हाल लेगी लेकिन तेरे लिए ये सब सम्हालना बहुत ही मुश्किल है और मैं ये चीज समझता हु ,तू वापस आ जा मत देख ,तुझसे नही सम्हाला जाएगा,तेरे दिमाग ने बगावत कर दी है,आजा तू “डॉ ने इतना कहकर फोन रख दिया,मैं सोच में ही पड़ा हुआ था,मैंने स्क्रीन में देखा ,काजल को टाइगर अब भी किस ही कर रहा था लेकिन अब वो उसके होठो में अपने होठो को भरे हुए किस कर रहा था,मैं बुझे हुए मन से और बहुत ही तकलीफ से नेहा के पास पहुचा और अपने पेंट को उठाने लगा,
“कहा जा रहे हो “
“मुझसे नही देखा जाएगा “लेकिन नेहा ने मेरे हाथो से मेरा पेंट छीन लिया
“तुम्हारे कारण मैंने भी ड्रग्स मिली शराब पी ली और तुम मुझे ऐसे छोड़कर जा रहे हो,अपनी हालत देखो,तुम्हारा लिंग देखो कैसे अकड़े हुए है,”
जब एक सुखद सपना टूटता है तो कैसे लगता है ये मुझे आज ही पता चला था और उस सपने के सामने ये हकीकत बहुत ही दुखदाई थी,
“मुझे जाने दो “
नेहा के चहरे में एक कमीनी सी मुस्कान आ गई वो जाकर शराब की वही बोलत उठा लाई और मेरे होठो से लगा दिया मैं पीना नही चाहता था,
“बड़े दुख में लग रहे हो इसका एक ही इलाज है पी लो और मस्ती करो “मैंने नेहा की आंखों में देखा और 3-4 घुट अंदर कर गया दिमाग फिर से चकराया ,नेहा तुरंत ही नीचे झुककर मेरे लिंग को अपने होठो के अंदर ले ली ,वो उसे चूसने लगी ,सपने की सारी यादे और दर्द धीरे धीरे गायब होने लगा था,मैं फिर से उसी अवस्था में पहुचने लगा था जहा से मुझे नींद आयी थी लेकिन इसबार नशा थोड़ा ज्यादा था ,मैं नेहा के सर को पकड़े हुए उसे अपने लिंग में दबा रहा था ,वही मेरी नजर स्क्रीन पर पड़ी,सामने टाइगर ने काजल को पलटा लिया था और उसका चहरा सीधे कैमरे के सामने था उसकी आंखे कैमरे को ही देख रही थी ,वो मादक सिसकिया लेने लगी जब टाइगर ने उसके पीठ को अपने सीने से लगा कर उसके यौवन से भरे हुए स्तनों को छूना शुरू किया,वो उसे हल्के हल्के से मसलने लगा था ,काजल की सिसकिया बढ़ने लगी थी वही मेरी स्पीड भी लेकिन मैं झड़ नही रहा था जिससे मेरी बेचैनि और भी बढ़ने लगी थी नेहा ने मेरी हालत को देखा और उठाकर मुझे खिंचते हुए उसी कुर्सी में बिठा दिया ,वो खुद भी मेरे ऊपर बैठ गई हम फिर से उसी पोजिशन में थे,नेहा की पीठ मेरे सीने से लगी हुई थी वही उसने कमर उठाकर मेरे लिंग को अपनी योनि में डाल दिया,गर्म और तपती हुई उसकी योनि के अहसास ने मेरे लिंग की अकड़न को बहुत ही सुकून दिया था,वो पलटी और अपने मुह को मेरे मुह में धकेल दिया मैं उसके होठो को चूसने लगा,पुरानी यादे अब हवस की आंधी में धूल चुकी थी ,…………
इधर काजल को टाइगर बहुत ही बेताबी से चूमे जा रहा था,उसका हाथ काजल की कमर पर गया,वही करधनी जो मैंने काजल को ला कर दी थी ,काजल की आंखों से एक आंसू टपका ना जाने वा खुसी का आंसू था या दुख का,उसका चहरा ऊपर हो चुका था आंखे बंद थी और होठ थोड़े खुले हुए थे,काजल जिस्म की आग के गिरफ्त में पूरी तरह से आ चुकी थी ,रॉकी और बाउंसर मुह फाडे देख रहे थे,टाइगर ने काजल को बिस्तर में पटक दिया,
“आह “बिस्तर गद्देदार था लेकिन फिर भी काजल को थोड़ा दर्द तो हुआ होगा,उसका चहरा अब बिस्तर में ढंका हुआ था वही टाइगर ने बाउंसर को इशारा किया ,वो अपने कपड़े निकालने लगा,उसका शरीर देख के मेरे दिल की धड़कन और भी बढ़ गई थी मेरा लिंग अब नेहा की योनि में आराम से अंदर बाहर हो रहा था ,मेरी उत्तेजना भी बढ़ती ही जा रही थी,पहलवान का चौड़ा शरीर अब काजल के पास था उसके सामने काजल एक फूल सी बच्ची ही लग रही थी,उसका वो विशालकाय मजबूत शरीर ,उभरी हुई मांसपेशियां जो की उत्तेजना में फड़क रही थी ,और सबसे ज्यादा डराने वाला था उसका लिंग…मेरा और रॉकी का मुह भी आश्चर्य से खुल गया था,वही काजल अब भी अपने पेट के बल ही लेती हुई थी टाइगर उसके बाजू में बैठा हुआ था और वो भी लेट कर काजल के सर को अपनी ओर करता है जिससे काजल के होठ टाइगर के होठो से मिल जाते है ,काजल की आंखे बंद थी जो तब खुली जब उसे किसी अनजाने हाथो का स्पर्श हुआ ,वो पलट कर देखी एक नंगा लंबा चौड़ा ,काला सा पहलवान उसके सामने खड़ा था,जिसका लिंग आज उसके पूरे आकर में था जो किसी भी लड़की को डराने के लिए काफी था अगर वो ऐसे नशे में ना होती,काजल के आंखों ने हवस साफ साफ दिख रही थी,वो टाइगर से अलग हुई और उस आदमी के पास पहुच गई ,उसने काजल को हवा में किसी गुड़िया की तरह उठा दिया,अब तक का कर्ताधर्ता टाइगर भी अब बस देखने वालो में शमिल् हो गया था,वो थोड़ा हट कर काजल और उस विशाल मानुष के खेल को देखने लगा,और अपने जीन्स के ऊपर से ही अपने खड़े हुए लिंग को सहलाने लगा,
वो बाउंसर काजल को हवा में उठा कर उसके होठो को अपने होठो तक लाया,मेरी काजल के गुलाबी होठ उसके खुरदुरे होठो से मिलने को थे,और मैं बेताबी से नेहा को धक्के लगा रहा था,मेरा लिंग ये सब देख कर फटा जा रहा था ,ये मजा था या जलन लेकिन जो भी था बड़ा ही अजीब सा था…
दोनो के होठो के मिलान ने सारे वातावरण में एक आग सी लगा दी ,नेहा कहरने लगी,मैं अपनी जिंदगी की सबसे ताबड़तोड़ चुदाई कर रहा था,और मेरी फूल सी काजल उस पहाड़ के हाथो में मचल रही थी ,उसने काजल को बड़े ही प्यार से बिस्तर में लिटाया,काजल के साड़ी का एक धागा भी अभी नही खुला था,उसकी काली साड़ी में उसका कुंदन सा बदन निखार रहा था,उसने काजल के पल्लू को अलग किया ,मेरी जान के उजोरो की चोटिया सामने आ गई थी ,जो की उसके काले ब्लाउज़ और ब्रा में अब भी कैद थी लेकिन उसके उन्नत शिखरों को इससे कोई भी फर्क नही पड़ रहा था वो अब भी वैसे ही पूरे अदा में तने हुए थे,कोमल से उरोजों में उस हबसी के कठोर हाथो में चलना शुरू किया वो बहुत ही प्यार से ही उसे मसल रहा था ,और काजल की सिसकियों से पूरा कमरा गूंज गया,इतना तो नेहा चुदने के बाद भी नही चिल्ला रही थी जितना काजल ने उसके छूते ही शुरू कर दिया था…
“आआआआआ हहहहहहह “काजल के मदभरी आवाज ने सभी मर्दो के लिंग में खून भर दिया,हबसी के लिंग काजल के साड़ी के ऊपर से ही काजल के जांघो के बीच घुसने की कोशिस में था,वो उसे वँहा रगड़े जा रहा था,काजल का गोरा बदन और हबसी के काले पहाड़ जैसे शरीर का मिलन एक अद्भुत कॉकटेल को जन्म दे रहा था,जिसका नशा सभी मर्दो के लिंग की अकड़ से ही पता चलता था,काजल की सांसे तेज थी और वो हवस के अंधी आंधी में बहने के तैयार थी ,हबसी ने काजल के गोरे कमर पर अपना हाथ रखा जो की साड़ी और ब्लाउज़ के बीच में नंगा पड़ा था ,वो नीचे झुका और मेरी बीवी के नाभि में अपने जीभ को घुसाने लगा ,काजल का हाथ उसके सर को पकड़े हुए था वो उसे और भी नीचे दबा रही थी ,काजल के चहरे में मजे के भाव को देखकर मैं और भी जोर से धक्के लगाने लगा,मैं थोड़ा रुकता फिर काजल के चहरे को देखकर जोरो से चालू हो जाता था ,ना जाने इन्होंने मुझे क्या दिया था मैं झर ही नही रहा था,और ये सोच कर मैं और भी उत्तेजित हो गया की यही दवाई वो हबसी और टाइगर भी खा कर बैठे है,ना जाने आज काजल का क्या हाल होने वाला है,..
रॉकी से रहा नही गया वो अपने लिंग को बाहर निकाल कर हिलाने लगा था ,वो थोड़ा बढ़कर काजल के मुह के पास पहुचा लेकिन टाइगर ने उसे फिर से वापस बिठा दिया उसके चहरे पर एक गुस्सा और दुख साफ था लेकिन फिर भी वो अपने लिंग को हिलाना नही छोड़ रहा था,वही टाइगर की हालत भी खराब हो रही थी वो अपने लिंग को मसले जा रहा था लेकिन उसे बाहर नही निकाल रहा था,
हबसी ने काजल के पेट को जी भर चूमने के बाद ऊपर आकर उसके होठो को फिर से अपने खुरदुरे होठो में भर लिया,इसबार उसके हाथ काजल की कठोर लेकिन गद्देदार उरोजों पर थे और वो इसे आराम से नही पर ताकत से मसल रहा था,वो भी अब उत्तेजित हो गया था,काजल ने अपने नाखून उसके पीठ में गड़ा दिए थे जिससे थोड़े थोड़े खून का रिसाव भी हो रहा था लेकिन इस हालत में दर्द किसी होता है…..
वो हबसी अब काजल के ब्लाउज़ के पीछे के हिस्से में अपने हाथ ले जाकर उसके चैन को खोल देता है और उसे उतारने को उतावला से उसे फडाने की कोसिस करने लगता है,काजल उसे बड़ी मुश्किल में अलग अपने ब्लाउज़ को अलग कर फेक देती है,
अब मेरी काजल ब्रा में उस हबसी ने नीचे थी,ब्रा इतना पतला था की काजल के उरोजों का हर एक हिस्सा साफ साफ दिखाई देने लगा था ,वो कभी कभी उसे मसलता तो कभी काजल के होठो को ,वो नीचे होकर काजल के उरोजों को चूसने लगा,ब्रा पूरी तरह से हबसी के थूक से गीला हो चुका था,मैंने भी नेहा को अपने से और सटाया और उसके उरोजों को चूसने लगा,नेहा की सिसकारी और काजल की सिसकारी में फर्क करना मुश्किल हो गया था दोनो ही कभी जोरो से तो कभी बड़े ही मदभरे अंदाज में सिसक रहे थे,
काजल की कमर कभी कभी उचक जाती जैसे अब उसे सहन नही हो पा रहा है,वो अपनी योनि को हबसी के लिंग में रगड़ने की कोशिस कर रही थी,और हबसी भी रगड़ रहा था लेकिन दोनो के ही बीच साड़ी की दीवार थी दोनो को ही पता था की थोड़ी ही देर में ये दीवार भी गिर ही जानी है,मेरी बीवी उसके सामने नंगी हो ही जाएगी ये तो मुझे भी पता चल गया था ,टाइगर से भी अब सम्हालना मुश्किल हो गया उसने भी अपने लिंग को आजाद कर दिया और काजल के होठो के पास पहुच गया,वो अपने लिंग को काजल के होठो में रगड़ने लगा,काजल पहली बार थोड़ी शांत हुई वो फिर से कैमरे की तरफ देखी जैसे मुझे देखकर कुछ कहना चाहती हो ,और अगले ही पल हम दोनो की आंखे मिली,और साथ ही टाइगर का लिंग काजल के होठो को चीरता हुआ उसके गले तक जा पहुचा ,मुझे नही पता था की काजल इस चीज में इतनी एक्सपर्ट थी ,टाइगर के लिंग को वो आराम से चूस रही थी वही हबसी भी काजल के ब्रा को खोल चुका था,और उसके निप्पलों को अपने होठो में भरकर चूस रहा था,काजल के बाल फैल चुके थे ,मांग का सिंदूर बिखरा हुआ था हाथो की चूड़ियां खन खन की आवाज कर रही थी ,और काजल की सिसकारी टाइगर के लिंग को अपने मुह में रखने के कारण अंदर ही दब जा रही थी ,बस गु गु की आवाजे ही आ रही थी ,काजल की वो काली साड़ी अब ज्यादा खिंचने की कारण थोड़ी ढीली हो चुकी थी ना जाने किस पल उतर जाए,उसका वो मासूम सा चहरा पसीने से तर था और लाल हो गया था,
हवसी ने काजल के कमर के नीचे से उसके नितम्भो को अपने हाथो में भरा और जोरो से अपनी ओर खिंचा काजल के मुह से टाइगर का लिंग भी निकल गया वो उठकर हबसी की गोद में आ बैठी ,काजल अब उसके गोद में बैठी थी उसने काजल के साड़ी को ऊपर किया जिससे वो काजल के घुटनो से ऊपर तक पहुच चुकी थी काजल के पैर अब हबसी के कमर को घेरे हुए थे ,बिखरे हुए और गले में लटकता हुआ मेरे नाम का मंगलसूत्र काजल के नंगे बदन की सोभा कई गुना बड़ा रहे थे ,चहरे में पसीने से उसका सिंदूर थोड़ा बिखर गया था,उसका लाल रंग उसके माथे तक आ पहुचा था,उसकी आंखे बड़ी मुश्किल से खुल रही थी और होठ बड़ी मुश्किल से बंद हो रहे थे,होठो पर तो मानो खून ही उतर आया हो वो लाल हो चुके थे और फिर से मसलवाने को आमंत्रित कर रहे थे,काजल ने अपनी बांहो को हबसी के सीने में भरना चाहा लेकिन हबसी की नियत अलग थी वो काजल को नीचे धकेल दिया उसने काजल को उसके कमर से पकड़े हुए थे ,कजल उसके हाथो में ही झूल गई ,उसका पूरा शरीर नीचे झूल रहा था और कमर हबसी के हाथो के सहारे में था ,जिससे उसके उन्नत स्तन खिल गए वो और भी बड़े लगने लगे थे,हबसी खुद को काजल के पास लाया और उसके स्तनों को अपने मुह में भर लिया….
वो किसी भूखे बच्चे सा काजल के वक्षो को चूस रहा था,कभी कभी जब उसके दांत काजल के स्तनों पर पड़ते तो काजल चुहक उठती थी,
“ओह हा फक फक मी “नेहा की आवाज ने मेरा ध्यान उसकी ओर खिंचा,नेहा के भी चुदड बड़े ही कमाल के लग रहे थे,मैंने एक जोर का तमाचा उसके नितम्भो पर मार दिया ,
“यस बेबी ,आह माँ “वो मजे के सागर में गोते खा रही थी,
इधर टाइगर काजल के मुह के पास अपना लिंग ले जाने की कोसिस करता लेकिन वो हबसी के हाथो के कठपुतली बन चुकी थी ,वो उसकी मजबूत हाथो में झूल रही थी टाइगर फिर भी काजल के चहरे को पकड़ कर उसके मुह में अपना लिंग ले जाने में बहुत हद तक सफल हो गया लेकिन फिर से वो फिसल गया,टाइगर ने काजल के बालो को पकड़ा और इस बार उसके चहरे को थम लिया जो की झूल रहा था,वो फिर से टाइगर के लिंग को चूसने लगी थी ,रॉकी का चहरा इन दृस्यो को देखकर लाल हो चुका था साथी ही लाल हो चुका था उसका लिंग उसे कोई भी राहत नही मिल रही थी ना ही कोई गीली चीज ही,जो उसके लिंग की गर्मी को शांत कर सके,
बाउंसर काजल के साड़ी वो उठता हुआ उसके कमर तक पहुच गया ,काजल के मांसल गोरे गोरे जांघ चमकने लगे थे,उसकी काली साड़ी पेटीकोट के साथ साथ ही कमर के ऊपर तक पहुच गई थी जंहा से काजल की काले रंग की पेंटी का थोड़ा थोड़ा नजारा मिल रहा था,उस पेंटी के स्ट्रिप को देखकर ही अंदाज लगाया जा सकता था की वो पारदर्शी होगी,
लेकिन वो हबसी रुका और साड़ी को खोलने की कोशिस करने लगा,इस बार वो असफल हुआ और झल्ला कर काजल को फिर से अपने हाथो में उठाकर खड़ा कर दिया,टाइगर का लिंग फिर के फिसल चुका था,उसने देर ना करते हुए काजल की साड़ी और पेटीकोट को निकाल फेका,अब मेरी जान काजल बस एक पारदर्शी पेंटी में खड़ी थी ,जिसमे से भी उसके लाल लाल योनि की फांके झांक रही थी ,मेरी पत्नी इस अवस्था में तीन हवस से भरे हुए मर्दो के सामने खड़ी थी और मैं उसकी सहेली के योनि को अपने लंड से उधेड़ रहा था,काजल का गोरा और कसा हुआ बदन जिसे ना जाने मैंने कितने बार भोगा था आज किसी और का होने जा रहा था,शायद ये शरीर और लोगो का भी हो चुका था लेकिन काजल का मन हमेशा से मेरा ही था और हमेशा ही रहेगा,
काजल पहली बार अपनी इस अवस्था को महसूस कर शर्मा ,वो एक बार कैमरे की तरफ देखी,ऐसे तो हर एंगल में कैमरे लगे हुए थे लेकिन वो एक कैमरे को बार बार देखती थी,और मुझे ऐसा लगता जैसे वो मेरी आंखों में देख रही हो,बाउंसर ने देर किये बिना ही काजल को फिर से उठाया और घोड़ी के पोजिशन में बिस्तर में लिटा दिया ,काजल अब अपने घुटने के बल थी,एक कैमरा जिसमे काजल देखा करती थी सीधे काजल के चहरे के सामने ही थी,वो उस कैमरे को देखे जा रही थी और उसका हर एक्प्रेशन मुझे दिखाई दे रहा था,एक कैमरा उसके बाजू में लगा था जिससे मुझे काजल का एक साइड का बदन और हबसी दोनो ही दिखाई दे रहे थे ,और टाइगर ने रिमोट से कुछ किया मेरे स्क्रीन में एक नया विंडो खुला जो काजल के नितम्भो को दिखा रहा था मतलब की जब हबसी इस अवस्था में काजल के अंदर अपना लिंग डालता तो मुझे वो साफ साफ दिखता ,मैं बुरी तरह से फ्रस्ट्रेशन में आ गया और मैंने पूरी ताकत नेहा को चोदने में लगा दी,मैं उसके कमर को पकड़े हुए कुर्सी से खड़ा हो गया वो जमीन में गिर से गई थी अब वो भी डॉगी के पोजिशन में थी और मैं पीछे से उसे धक्के लगा रहा था ,हर धक्के के साथ मेरे मुह से दहाड़ निकल रही थी ,हबसी ने काजल की पेंटी बिना उतारे ही अपना मुह उसके योनि के पास लाया और उसके नितम्भो से लेकर उसकी योनि को अपने लंबे जीभ से चाटने लगा उसके जीभ का कमाल काजल के चहरे में साफ तौर से दिखने लगा था,मजे से उसके मुह से हल्की हल्की सिसकिया निकल रही थी ,और आंखे बंद हो गई थी,वो छटपटाने लगी थो हबसी ने उसके कमर को अपने हाथो से थमा और उसकी योनि को थूक से भरकर चूसने लगा,उसने अपने हाथ आगे करके काजल के शरीर के एक मात्र वस्त्र को निकाल दिया ,…काजल अब सबके सामने पूरी तरह से निर्वस्त्र थी,हबसी ने उसकी नंगी चुद पर अपना मुह ठिका दिया और उसके रस को किसी कुत्ते की तरह से चाटने लगा,काजल के लिए ये सब सहना कितना कठिन था और वो इसे किस हद तक तडफ रही थी ये तो वही जाने लेकिन उसके चहरे में मजे के अतिरेक की झलक साफ साफ दिख रही थी और आखिर वो जोरो से चिल्लाते हुए झड़ी ,उसने बिस्तर में रखे हुए तकिए को जोरो से पकड़ लिया था,
काजल की हालत देखकर कोई भी मर्द अपना पानी छोड़ देता तो मैं और टाइगर और रॉकी क्या चीज थे ,टाइगर ने पहले अपनी पिचकारी छोड़ी वो काजल के चहरे के पास ही था,काजल थककर गिर चुकी थी और टाइगर ने पूरा माल उसके चहरे पर ही झोंक दिया,गढ़ा वीर्य पूरे वेग से उसके चहरे से टकराया फिर धीरे धीरे और भी वीर्य उसके ऊपर चढ़ता गया,काजल के बालो में भी थोड़े वीर्य की छीटे पड़ चुकी थी ,ये देखकर रॉकी भी दौड़ाता हूं आया लेकिन टाइगर ने उसे हटा दिया फिर भी रॉकी का वीर्य जोरो से निकला और आकाश में सैर करता हुआ काजल के पीठ में जा गिरा ,दो लोग मेरी प्यारी पत्नी के ऊपर अपना वीर्य गिरा चुके थे और एक उसे भरने के फिराक में था,दोनो ही मर्द थककर वही बैठ गए थे,लेकिन हबसी और मैं अब भी भरे हुए थे,काजल ने सर उठाया और कैमरे की ओर देखते हुए मुस्कुराई,
उसका वो मुस्कुराना कातिलाना था,मैं छीलकर राह गया जब उसके बालो में फंसा हुआ .और उसके माथे और गालो से होता हुआ गर्दन तक पहुचता वीर्य मैंने देखा,ये मेरे सब्र की इंतहा था और मैं नेहा के अंदर झरने लगा,नेहा को फिर भी धक्के मार रहा था जबकि मेरा पूरा वीर्य नेहा के अंदर समा चुका था,मैं भी थककर अपने सोफे में गिर पड़ा,नेहा वही जमीन में गिर गई थी,मुझे अब समझ आ रहा था की टाइगर और रॉकी जमीन में ही क्यो गिर गए थे,इस दवाई के असर के कारण हम पिछले पौन घंटे से ये खेल खेल रहे थे और जब वीर्य निकला तो हमारे शरीर की पूरी ताकत को निचोड़ कर निकला था,ये सभी सेक्स की दवाइयों के साथ होता है…
अब जो नही झरा था वो हबसी थी वो उठ कर काजल के पानी से भीगी हुई चुद को निहारने लगा,उसके चहरे में एक अजीब सी मुस्कान खिल गई थी ,वो बड़ी ही लालसा से उसे निहारे जा रहा था,शायद बड़े दिनों से उसे इसकी चाहत थी,मेरे लिए कुछ भी रोक पाना मुश्किल था ,वो एक उंगली काजल की गीली योनि में फिराने लगा ,काजल अभी अभी तो झड़ी थी उसके चहरे में कोई भी एक्प्रेशन इससे नही बदले लेकिन मुझे ये जरूर यकीन था की जब उसका वो मोटा सा लिंग काजल के अंदर जाएगा तो काजल जरूर चीखेगी क्योकि शायद उसने इतना मोटा लिंग अभी तक नही लिया होगा,ये लिया भी होगा? मुझे नही पता…
मैं तो बेहाल सा पड़ा हुआ था,जब शरीर थक जाए तो तब ही दर्द का अहसास होता है,जब तक हवस का नशा चढ़ा रहे तब तक दर्द का पता ही कहा चलता है,मेरे लिंग में जोरो का दर्द हो रहा था शायद वो छिल गया हो ,टाइगर और रॉकी अब दीवार से लगे हुए हांफ रहे थे वही हबसी बड़े आराम से काजल की लेने के मूड में दिख रहा था वो उसे बड़े ही प्यार से निहार रहा था,उसे यानी काजल की योनि को ,और उसके उभरे हुए चूतडो को ,उसने अपना लिंग आखिर काजल की योनि के पास लाया और उसे काजल के योनि से रिसते हुए पानी से भिगोने लगा,लेकिन अब किसी का भी ध्यान उसकी ओर नही था क्योकि हवस की आंधी आकर चली गई थी और सभी सुस्त पड़े हुए थे,मुझे दर्द का आभास होने लगा था,लेकिन एक दर्द ने मेरा ध्यान अपनी ओर तुरंत खिंच लिया क्योकि ये अनिश्चित सा था जिस ओर मेरा ध्यान अभी तक हवस की आग के कारण नही जा रहा था,मैंने अपने हाथो में कोहनी के पास देखा ,वो जगह हल्के से लाल थी,वो बहुत ही हल्का दर्द था मैंने उसे दबाया ….
‘ओह मई गॉड ‘मेरे मुह से अचानक निकले शब्द ने नेहा का ध्यान मेरी ओर खिंच लिया वो मुझे देखने लगी ,
“मुझे किसी ने इंगजेक्शन दिया है,वो भी इंट्रा वेनस “
मैंने नेहा के चहरे को देखा जो की अनजान बनने की तो पूरी कोशिस कर रही थी लेकिन बन नही पा रही थी..
“मु मुझे क्या पता “उसकी नजर मेरे गले की ओर गई ,तभी मैंने फील किया की मुझे यंहा पर भी हल्का दर्द था,मैंने वँहा को भी दबाया,यंहा पर भी कोई नुकीली चीज घुसने वाला दर्द था,मैं असमंजस में पड़ गया की ये इंगजेक्शन मुझे कब दिया गया,मैंने स्क्रीन में देखा,हबसी अपने काले मोटे लंड को काजल की योनि रगड़ रहा था,किसी भी पल वो उसे उसके अंदर कर सकता था,…
मेरे दिमाग में एक ही बात कौधि क्या वो सपना सपना नही था…और मुझे फिर से इंगजेक्शन दिया गया ,मेरा दिल भर गया क्योकि अगर वो सपना नही था तो मेरी काजल इस वक्त मेरे पास होनी चाहिए थी ना की नंगी उस हबसी के लंड के नीचे,मेरी आंखे भर रही थी,नेहा बार बार पीछे की ओर देखे जा रही थी मैं पीछे पलटा तो पाया की वँहा भी एक कैमरा लगा हुआ है,मैने नेहा के चहरे को देखा वो नजर नीचे कर खड़ी थी ,यानी कुछ तो गड़बड़ था,मैं स्क्रीन में देखा तो टाइगर का मोबाइल बजा और जैसे ही उसने कानो में उसे लगाया उसके चहरे का रंग थोड़ा बदल गया,वो कैमरे में देखा जैसे मुझे देख रहा हो और उसने हबसी को इशारा किया ,हबसी जो की बड़े ही ललचाये नजरो इस काजल की योनि के ऊपर अपना लिंग रगड़ रहा था ,उसका वो खुस चहरा उतर सा गया,वो खड़ा हुआ और पास ही रखे मेज को उठाकर पटक दिया काजल इन सबसे अनजान थी वो टाइगर की ओर देखती है की क्या हो रहा है,शायद उसे तो हबसी के लिंग का अपने अंदर घुसने का इंतजार था,टाइगर ने उसे आंखों से एक अजीब सा इशारा किया ,काजल की नजर सीधे कैमरे में पड़ी ,जिसे वो भी मुझे ही देखे जा रही थी,रॉकी सब कुछ देख रहा था उसका चहरा पिला पड़ गया था वो अपने बालो में हाथो को घुमा रहा था जैसे उसके साथ कुछ बहुत ही गलत हो गया हो,सबसे बुरी हालत थी बेचारे उस हबसी की सभी तो झड़कर शांत हो चुके थे लेकिन वो हवस में डूबा हुआ नदी के किनारे में खड़ा होकर भी प्यासा रह गया था ,उसने अपने कपड़े भी नही पहने और टाइगर को खा जाने वली नजर से देखकर वँहा से नंगा ही चला गया……
टाइगर रॉकी और काजल ने अपने को जल्दी जल्दी ठिक किया ,नेहा भी जल्दी जल्दी कपड़े पहनने लगी,नेहा के मोबाइल में एक काल आया जो मैं देख पा रहा था की टाइगर का ही था,टाइगर कमरे से बाहर निकल चुका था,नेहा काल रखकर तुरंत ही कमरे से बाहर चली गई मैं अब भी नंगा ही सोफे में बैठा हुआ था और बड़े ही आश्चर्य से सभी को देख रहा था,काजल ने अपने कपड़े पहने और कैमरे में देखने लगी,उसकी लाल आंखे अब शांत हो चुकी थी ,उसके चहरे में एक मुस्कान थी ,वो बस कैमरे में देखकर थोड़ी मुस्कुराई और बाहर निकल गई……..
बच गया मैं अकेला,मैंने अपने कपड़े जैसे तैसे पहने,और वही सोफे में बैठा रहा ये सोचता हुआ की ये दोनो इंगजेक्शन मुझे आखिर किसने दिए और मुझे कुछ याद क्यों नही आ रहा है,
सबसे बड़ा सवाल था की क्या वो सपना सपना नही था ,अगर वो हकीकत था तो काजल फिर से ऐसी स्तिथि में क्यो पहुची क्यो इन्होंने मुझे ना जानने के लिए इतनी मेहनत की ,आखिर क्यो मेरे शक करने के तुरंत बाद ही नेहा का चहरा उतर गया और वो कैमरे में देखने लगी,और किसने टाइगर को फोन किया जिसके बाद ही उसने हबसी को काजल के योनि में अपना लिंग डालने से मना कर दिया,और ये लोग चले कहा गए,…….
अगर वो सपना नही था तो रॉकी चुपचाप क्यो बैठा था और टाइगर और डॉ के बीच की डील क्या थी,
मेरे दिमाग में कई सवाल उमड़ रहे थे और मैं इनका जवाब किससे पूछता,रॉकी ,टाइगर और नेहा से पूछने का तो कोई औचित्य ही नही था काजल से कुछ पूछने की हिम्मत ही नही थी क्योकि अब फिर के हालात वैसे ही थे यानी उसे मेरे बारे में कुछ नही पता ये मुझे लगता है,…ये उसे लगता है,
बच गया डॉ ,जिसने इतने प्यार से मुझे सपने की थ्योरी समझाई थी ……..
और अगर वो सपना सपना ही रहा हो तो…….तो फिर ये इंगजेक्शन कब और क्यो दिए गए…???????
मैं सोफे में आराम से कुछ देर तक ऐसे ही पड़ा रहा की अचानक मुझे अपने फोन की याद आयी ,मैं भी जाने को हुआ देखा तो डॉ के 30 मिस कॉल आये हुए थे,और कुछ मेसेज भी ,
‘अब इसे क्या हो गया’ मेरे दिमाग में आया..मैंने मेसेज पड़ा
‘काल क्यो नही उठा रहा है भोसड़ी के ,अगर क्लब में है तो जल्दी से भाग वँहा से ‘
ये मेसेज लगभग 15 मिनट पहले ही आया था,मैंने तुरंत डॉ को काल किया ,
“हैल्लो “
“जल्दी से क्लब से निकल कर सामने के शॉपिंग माल में आ जा मैं वही पहुच रहा हु ,जल्दी कर ..”
इतना ही बोल कर उसने फोन काट दिया,ऐसे भी मेरा दिमाग झल्ला गया था और अब ये सब ….मैं जल्दी से क्लब से बाहर निकलने को हुआ ,लेकीन ये क्या यहां तो अफरातफरी मची हुई थी लोग भाग रहे थे और पोलिस के लोग इधर उधर दिखाई दे रहे थे,में मामला समझ चुका था मैं धीरे से बाहर को भागा ,पोलिस अभी अभी आयी थी,एक कांस्टेबल ने मुझे देख लिया ,
“अबे रुक “
मैं और भी तेजी से बाहर की ओर भागने लगा,सामने आये एक इंस्पेक्टर को मैंने धक्का दे कर गिरा दिया था,वहां खड़े सभी पोलिस वाले पागल हो गए और मेरे पीछे पड़ गए ,उन्होंने मुझे घेरने की कोशिस की लेकिन मैं तेज था,भला हो की मैं रोज दौड़ाने जा रहा था,लेकिन कब तक.. बाहर आते ही मेरी नजर पोलिस की फौज पर पड़ी उन्होंने मुझे पकड़कर जमीन में गिरा दिया,जिस इंस्पेक्टर को मैंने जमीन में गिराया था वो बौखलाया हुआ मेरे पास आया और मुझे अपने जूतों से एक लात मार दिया,मुझे खड़ा किया गया,ये करने वाला मैं अकेला नही था यहां आये सभी लोगो की हालत कुछ ऐसी ही हो गई थी,मैं सड़क पार देखा डॉ अभी गाड़ी से उतारा था और मुझे देखकर उसने अपने सर पर हाथ रख लिया ,फिर तुरंत ही फोन निकाला,मेरे पास ही खड़े हुए उस इंस्पेक्टर का फोन बज उठा,वो सड़क पार देखा डॉ उसे हाथ हिला रहा था,उसने सभी कांस्टेबलों को अंदर भेजा और ..
“चल धीरे से निकल ले यंहा से ,किस्मत वाला है की समय पर डॉ आ गया ,नही तो आज थाने ले जाकर तेरी हड्डी पसली तोड़ देता ,अब जल्दी कर अगर SP साहब आ गए तो तुझे नही बचा पाऊंगा ..”मैं बिना कुछ बोले जल्दी से वँहा से भागकर सड़क पार पहुचा और सीधे डॉ की गाड़ी के अंदर जा बैठा,
“ये सब क्या है “मैं झल्लाया हुआ बोला ,
“मिश्रा का चुतियापा “डॉ ड्राइविंग सीट पर बैठ गया था लेकिन अभी गाड़ी शुरू नही की थी उसने बाहर उंगली दिखाई ,एक गाड़ी अभी अभी आकर रुकी थी जिसमे से शहर का SP और मिश्रा जी निकले ….
“मिश्रा बौरा गया है, साले को इतनी भी समझ नही है की यंहा रोबर्टो नही मिलने वाला,तेरी किस्मत अच्छी है की सही समय में बाहर आ गया “डॉ ने गाड़ी स्टार्ट की
“लेकिन मैंने तो कुछ नही किया …”मैं बेचैनी से बोला
“साले तुझे देखकर कोई भी बता देगा की तू ड्रग्स के नशे में है,और अगर तूने कुछ नही किया तो पूरी रात से कर क्या रहा था क्लब में ,…”
“पूरी रात ???”….
