मैं सुबह से ही निकल गया साथ में वरुण और रेणु भी थे,कजल ने भरी हुई आंखों से मुझे बिदाई दी,उसका चहरा देख कर मुझहे भी रोना आ गया था….
मैं अपनी गाड़ी में बैठा अपने मोबाइल को निकलता हु सोचा था की डॉ को मेसेज कर प्लान के बारे में कुछ पूछ लेता हु,तभी मुझे याद आय की यार काजल का मेसेज चेक किया जाय,
रॉकी के कुछ मेसेज आये थे ,पहला मेसेज मेरे निकलने से पहले का था,
‘so ready फ़ॉर एडवेंचर ‘
काजल ने उसका कुछ रिप्लाई नही किया था,रिप्लाई मेरे जाने के बाद किया गया था,
‘ह्म्म्म ‘
बस इतना ही रॉकी ने शायद तुरंत मेसेज किया
‘ओके आज कुछ शॉपिंग करनी है फिर शाम से क्लब चलेंगे ‘
‘किस चीज की शॉपिंग ?’
“अरे यार तुम्हारे लिए कुछ सेक्सी लिंगरिस लेना होगा ना ,ताकि तुम कहर ढा सको ‘
रॉकी ने साथ ही कुछ स्माइल्स भी भेजे थे,
‘नही कोई जरूरत नही है मेरे पास काफी है’
‘अरे नही कुछ और सेक्सी टाइप ‘
‘क्या होता है और सेक्सी आखिर में तो उतारना ही है’
काजल ने गुस्से वाले स्माइल्स भेजे
‘तुम खुस नही हो क्या बोलो तो प्लान केंसल करे ‘
‘नही मैं ठीक हु पर ….छोड़ो ठीक है चलते है शॉपिंग के लिए ‘
‘कब आएंगे विकास सर ‘
मैं तो पड़ के चौक गया साला मुझे मेसेज में भी सर बोल रहा है,शायद कभी काजल ने उसे इस बात के लिए डांटा रहा होगा वरना अपनी आइटम के पति हो कौन सर बोलता है,
“क्या पता जब भी आएंगे तो पता चल जायेगा,मैंने रेणु को बोल रखा है की जब आओगे तो बता देना ‘
‘चलो अच्छा ही मैं आधे घंटे में पहुचता हु ,ऐसे आज पहन क्या रही हो “
रॉकी ने फिर से स्माइल भेजी
‘क्या पहनू बताओ अब तो तुम मेरे पति बनकर जा रहे हो ‘
रॉकी ने वो आंखों में दिल वाली बहुत सी स्माइल भेजी
‘वो काली वाली साड़ी ,कातिल लगती हो और साथ में हर चीज मैचिंग हर चीज मतलब हर चीज …’
इस बार काजल भी हँसी (जैसा उसने स्माइल में भेजा था)
‘ठीक है मैं रेडी हो रही हु ‘
‘मैं आधे घंटे में पहुचता हु ‘
अभी मुझे निकले 15 मिनट ही हुए थे,मैं मोबाइल एक साइड में रख एक गहरी सांस ली …..
दिल में अजीब सी चुभन हो रही थी और साथ ही उत्तेजना में लिंग भी खड़ा हो रहा था,एक अजीब सी कसीस ,चुभन ,जलन,लेकिन सब के साथ एक उतेजना और मजा भी था,
रेणु आगे वरुण के साथ बैठी थी,दोनो बातो में मसलुफ थे,दोनो के बीच क्या हुआ था वो मेरे लेपटॉप में रेकॉर्ड पड़ा था लेकिन उसे देखने का समय ही मुझहे नही मिल पा रहा था,
अब रेणु जैसा हुस्न और वरुण का जवान खून मिले तो कुछ तो होना ही था,
वहां भी मुझहे एक अच्छा बंगले नुमा घर दिया गया था,ऐसे तो घोर जंगल था लेकिन बड़ा ही सुहानी सी जगह थी ,यहां से शहर की दूरी भी उतनी ही थी जितनी की केशरगढ़ से थी,सबसे अच्छी बात थी की बाजू वाला गांव ठाकुरो का था,जो की डॉ के अच्छे दोस्त थे,वीर और बाली ठाकुर ,वो मुझसे मिलने आने वाले थे,
दूसरे बाजू था तिवारियो का गांव ….खेर मुझे क्या करना है,मुझे तो अपनी तैयारी करनी थी,
यहां नॉकरो के लिए एक कमरा था,वरुण का बोरिया बिस्तर वही डाल दिया गया था,और अंदर दो बेडरूम था जिसमे एक में मैं और एक में रेणु का समान रख दिया गया था,वरुण मिश्रा का जासूस था जो जासूसी छोड़कर रेणु के घाघरे में घुस बैठा था ,मेरे लिए इससे काम और भी आसान हो गया क्योकि मिश्रा वरुण को मेरे साथ भेजकर निसफ़क्र था ,और रेणु उसे अपने से अलग ही नही जाने देती थी,
मैंने फोन कर सबसे पहले फोन काजल को किया वो शहर के लिए निकल चुकी थी ,और आज से वही होटल में रहने वाली थी ,दूसरा काल मलीना को किया गया ,वो डॉ के पास पहुच चुकी थी घर में बोल चुकी थी की किसी रिसर्च वर्क के लिए बाहर जा रही है,वो दो दिन पहले से निकल चुकी थी ,तीसरा काल डॉ को किया जिसने बताया की वो इकबाल से मेरी मीटिंग फिक्स करा दिया है,
मैं वहां से निकल कर उस गांव में घूमने लगा ,गांव कम ये कस्बे सा था,अपने ऑफिस के बंदे जिसका नाम सुरेश था से मिल कर काम की सभी बाते भी हो चुकी थी,रात होने को थी की मेरे ऑफिस में ही एक गाड़ी आकर रुकी वहां से कुछ लोग ऑफिस में घुसे जिसे देख कर मेरे ऑफिस का स्टाफ खड़ा हो गया,
“अरे ठाकुर साहब आप यहां आइए आइये कुछ परेशानी है क्या “
वहां के मेन इंचार्ज की भी जुबान थोड़ी लड़खड़ा गई थी,6फुट 2इंच के गोरे से दो बंदे जिनके माथे में लाल रंग का तिलक था ,और चहरे में किसी राजा की तरह तेज ,सामान्य कपड़ो में थे लेकिन फिर भी खानदानी लग रहे थे ,चौड़ी छाती और बड़ी मांसल भुजाओं के मालिक ये दोनो देखने से ही इनकी शक्ति का अहसास हो रहा था,मैं अपने कुर्सी में बैठा ही था जिसे देखकर इंचार्ज को पसीना आ गया,वो ना मुझे कुछ बोल सकता था ना ही उन्हें,
“ये नए है आज ही आये है,इन्हें यहां कुछ स्पेसल काम से भेजा गया है,ऑफिसर है वन विभाग के “
उसने जिसे सफाई देते हुए कहा ,उनके और मेरे चहरे पर एक मुस्कान आ गई,वो मेरी तरफ बढ़े और मैं भी खड़ा होकर उनका स्वागत किया वो मुझसे हाथ मिलाकर मेरे सामने के चेयर में बैठ गए,एक बैठा लेकिन दूसरा पीछे हाथ बांधकर खड़ा रहा ,उनके साथ ही एक काले रंग का आदमी भी था,डील डौल से वो भी इनका भाई भी लग रहा था लेकिन शायद वो उनका सेवादार था,वो भी दूसरे के साथ पीछे हाथ बांधकर खड़ा रहा ,,,,
बैठे हुए शख्स ने इंचार्ज से कहा ,
“ये हमारे मित्र है …”
उनके जान में जान आई
“जाइये कुछ चाय वगेरह लाइये “
मैंने सुरेश से कहा वो झट से वहां से निकल गया
,चेयर में बैठे शख्स ने कहना शुरू किया ,
“मेरा नाम वीर ठाकुर है और ये मेरा भाई बाली ,और साथ में ये मेरा भाई कलवा है हम खून से तो भाई नही लेकिन दिल से भाई ही है….”
“मैं विकास “
“हा डॉ ने बताया था ,हम आपकी क्या मदद कर सकते है ,”
“मुझे बाजू बल चाहिए …”
“देखिए बाजू बल तो आपको इकबाल भी दिला सकता है,हमसे आपको जो भी मदद चाहिए होगी आप एक बार बोल दीजिएगा,जो काम आप करना चाहते है वो समाज के लिए बहुत जरूरी है और हम चाहकर भी इसे नही कर पा रहे है,ड्रग्स के डीलरों को तिवारियो का समर्थन मिला हुआ है और वो हमारे मुकाबले में बहुत ज्यादा ताकतवर है खासकर शहर में उनके बहुत ज्यादा वफादार है ,तो हम आपकी मदद छुपकर ही करे तो ये आपके और हमारे दोनो के लिए बेहतर होगा,”
“जी मैं आपकी बात समझ सकता हु,”
“हमारा प्रभाव इस क्षेत्र में ज्यादा है ,यहां हमरे रहते आपको कोई भी परेशानी नही होगी,बाकी इकबाल और डॉ के रहते आप चिंता मत कीजिये ,बस जिस लड़की को आप इस काम में लगा रहे है उसकी फ़ोटो आप हमे दे दीजिएगा ताकि हम उसकी सुरक्षा कर पाए …”
मैं अपने जेब से मलीना की फ़ोटो निकल कर उसे दे दिया ,
“ठीक है हमारे आदमी इसपर नजर रखेंगे “
“जी बिल्कुल बाकी जो भी हो आप हमे सूचित करे “
“जी “
सुरेश चाय लेकर आ चुका था,सभी चाय पीकर वहां से विदा लेते है,सुरेश एक चैन की सांस लेता है,
“अरे सर आप तो बड़ी पहुच वाले लगते है ,”
“क्यो “
“ठाकुरो से आपकी दोस्ती है ,मिश्रा जी आपके लिए सिफारिश करते है ,वाह …”
मैं हस पड़ा
“बस यार दोस्ती है सबसे ,तू कहा से हो और ऐसे क्यो कांप रहे थे”
“मैं भी इसी इलाके का हु सर और कांपु कैसे नही ये ठाकुर है ,आजकल तो इनसे जमीदार तिवारी भी काँपते है ,जानते है वीर ठाकुर की शादी तिवारियो की बेटी से हुई और इतना लड़ाई झगड़ा हुआ की तिवारियो के छोटे बेटे वीरेंद्र की भी जान चली गई …. और सुरेश की आंखों में कुछ आंसू आ गए …”
“अरे तुम्हे क्या हो गया ???”
मुझे सचमे समझ नही आया था,
“सर वीरेंद्र की पत्नी आरती मेरे मामा की लड़की है ,हम बचपन से साथ ही खेले थे उस बेचारी की क्या गलती थी शादी को अभी कुछ ही महीने तो हुए थे,मानता हु की ठाकुरो का दिल बहुत बड़ा है और तिवारी तो है ही कमीने पर जब भी वीर को देखता हु ना जाने आरती क्यो चहरा सामने आ जाता है,मैं लाचार हु सर मैं कुछ तो कर नही सकता, …”
सुरेश की आंखों में आंसू थे ,मैं उठकर उसे गले से लगा लेता हु जिससे शायद उसे थोड़ी शांति मिले ….
“तुम्हे क्या लगता है ये ठाकुर भरोसे के लायक है “
वो मुझे प्रश्नवाचक दृष्टि से देखने लगा
“सर वो तो आपके दोस्त है ना “
“हा दोस्त है पर कोई सगे तो है नही ना “मैं हँसते हुए कहा
“अगर कोई जिम्मेदारी का काम इन्हें दिया जाय तो “
“सर आपको जो करना है कीजिये लेकिन मुझे इनसे दूर ही रखियेगा ,ये है तो बड़े अच्छे लेकिन वो साला बाली और कलवा एक नम्बर के कमीने भी है ,खासकर लड़कियो के मामले में,मुझे तो उनका चहरा भी देखना पसंद नही है….”
“चलो ठीक है कोई बात नही ,और मैं शायद सीधे साइट विजिट करूगा ,तुम्हारी जरूरत पड़ेगी तो काल कर लूंगा ,”
“ठीक है सर आप जैसा समझे वैसे भी मेरी यहां ज्यादा जरूरत पड़ती है ,”
मैं वहां से निकल कर अपने क्वाटर में आया ,समान जमा दिया गया था,साफसफाई भी हो चुकी थी और खाना भी रेडी था,
मैं खाना खा ही रहा था की काजल का काल आ गया ….
“हैल्लो जान खाना खा लिए “
“हा अभी बैठा हु और तुम “
“अभी खाई ,आपका काम वहां कैसे चल रहा है ,”
“आज ही तो आया हु जान ,सब कुछ जम चुका है …बस तुम्हारी बहुत याद आ रही है “
काजल कुछ देर को रुक गई शायद उसके आंखों में भी आंसू आ चुके होंगे
“मुझे भी ………”
थोड़ी देर तक दोनो ही कुछ नही कह पा रहे थे,मुझे उस सन्नाटे में कुछ आवाज आई जो काजल के तरफ से थी ,शायद किसी ने दरवाजा खोला था,पानी बहने की आवाज थी मानो बाथरूम की डोर खोली गई हो और फिर बंद की गई हो …
“कुछ तो कहो “
मैंने खामोशी तोड़ी
“आप मुझसे मिलने आओगे ना “
“जान कुछ ही दिनों की बात है …तुम यहां आ जाना “
“कब आउ…”
काजल सच में रो पड़ी थी
“अभी “
“मैं आ रही हु “
फोन काट दिया गया …
मेरे दिल ने जोर का झटका दिया सचमे काजल आ रही है ,मुझे तो यकीन ही नही हो रहा था,अभी रात के 9 बज रहे थे और ये जंगल था ,शाम यहां मुर्दो जैसे होती है और रात इतनी डरावनी और घनी की आपको अपना हाथ भी ना दिखे मैं सचमे डर गया और तुरंत ही काजल को काल लगाया …
इस बार काजल ने थोड़ी देर में काल उठाया …
“बस एक घंटा मैं और रॉकी आ रहे है…..”
“अरे सुनो तो …….”
मैं कुछ बोलता इससे पहले ही काल कट हो चुका था ,मैं फिर से काल करता हु
“बेटू रात बहुत हो चुकी है तुम कल आ जाना …”
मैंने एक ही सांस में कहा ….
“सर वो रूम में तैयार हो रही है …”
इसबार रॉकी ने काल उठाया था,
“तो तुम कहा हो “
“सर मैं तो अपने कमरे में था ,काजल ने मुझे जल्दी बुलाया और आपके पास जाने को बोला वो ऐसे बोली की मैं मना नही कर पाया ,मैं उसके रूम के बाहर खड़ा हु मुझे फोन देकर बोली की अगर आपका काल आये तो बोलना की बस एक घंटे में पहुच जाएंगे ….”
मैं जानता था की रॉकी अपने नही काजल के रूम में ही था,लेकिन मेरे लिए ये कोई विषय नही था,
“साले चूतिये हो क्या तुम लोग अभी आओगे और एक घंटे में कैसे पहुच जाओगे यहां मजाक है क्या,जानते हो कितना खतरा है यहां पर “
मैं गुस्से में आ गया था,
“सर काजल को कैसे समझाऊ ,मेरी बात तो वो सुनती नही कल एक क्लाइंट से इम्पोर्टेन्ट मीटिंग भी है और ये है की …”
मैं जानता था की किस क्लाइंट से मीटिंग थी …पर मैं अब क्या बोलू मैं थोड़ा शांत हुआ की की काजल की आवाज आई ,
और वो फोन ले ली
“जान मैं बस निकल रही हु ,और कुछ मत कहना बस एक घंटे,रॉकी बहुत अच्छी बाइक चलता है ,”
“रॉकी को दे “
“जी सर “
“अगर काजल को कुछ हुआ तो तेरे गांड में सरिया घुसा दूंगा ….”
उधर से कोई भी रिप्लाई नही आया और काल कट गया….
सुनी सी राह हो और किसी का इंतजार हो तो एक एक पल सदियों से लगते है,हल्की हवा के झोंके भी दर्द देने लगते है,और अगडाइयो में एक चुभन होती है,
घड़ी का वो कांटा आज पहली बार मुझे अपने होने का अहसास दिला रहा था,वो हर टक टक में मेरी बेताबी का इन्तहां लेने पर आमादा था,
“क्या हुआ साहब “
रेणु भी मेरे पास आकर बैठ गई
“कुछ नही काजल आने वाली है “
रेणु ने अपनी नजर थोड़ी चौड़ी कर दी
“अभी “
“हा “
“सच में साहब दीदी आपसे कितना प्यार करती है …”
मैं उसके चहरे को देखने लगा ,वो बड़ी मासूम सी लग रही थी ,ना जाने कौन सी ताकत होती है जो किसी भी का व्यवहार बदल देती है ,यही लड़की है जो कभी अपनी अदाओं से मेरे सामने मचला करती थी और आज यही है जो इतनी सभ्य और संस्कारी सी लग रही है,
दो चहरे होना शायद कोई मिथक नही है लेकिन ये पूरी तरहः से सच भी नही है,असल में माहौल और जिंदगी की मजबूरियां होती है ,कुछ आदते कुछ संस्कार जो हमे अलग अलग स्थानों में अलग अलग चहरे दिखाने पर मजबूर कर देते है…
सच ही कहा है हमारे पूर्वजो ने की जिंदगी एक माया है एक नाटक है और हम इसके किरदार…
कही वो लड़की एक बदचलन लड़की का किरदार निभाती है तो कही एक संस्कारी औरत बन जाती है ,कही कठोर तो कही नरम ,
मैं अपनी सोच में डूबा हुआ उसके चहरे पर थम गया था,वो मुझे ऐसे देखता पाकर थोड़ी शर्मा गई
“क्या हुआ साहब “
“कुछ नही आज तू अलग लग रही है,लगता है वरुण का नशा चढ़ रहा है ,
वो थोड़ी शरमाई …
“ थैंक्यू जो आपके कारण ऐसा लड़का मुझे मिला “
वो शर्मा गई थी
“कैसा “
मैं भी थोड़ी शरारत के मूड में था
“वो बहुत अच्छा है और अब तो समझ लो मेरा दीवाना हो गया है ,सोच रही हु इससे ही शादी कर लू “
मैं आंख फाडे उसे देखेने लगा इतनी जल्दी वो इसका दीवाना हो गया आखिर क्या कर दी …
“साहब आपको एक बात बताऊ मिश्रा जी रोज उसको फोन करते है और आपके बारे में पूछते रहते है,ये भी उनसे बहुत झूट बोलता है ,की वो आपके साथ है,प्लीज सम्हाल लेना अगर मिश्रा जी कुछ बोले तो …”
मेरे चहरे पर एक मुस्कान आ गई
“अच्छा बड़ी फिक्र हो रही है ..ठीक है और उसे बोलना की जब भी मिश्रा का फोन आये तो यही बोल दे की वो मेरे साथ है और मैं किसी काम में बिजी हु …”
“ठीक है साहब और एक बात और उसे मिश्रा ने आपकी जासूसी करने के लिए ही भेजा है ,पता नही मिश्रा को आपसे क्या ऐसा काम है ….लेकिन वो मुझे सब बताता है ..”
वो इठलाते हुए बताती है…
“ह्म्म्म ठीक है,उसे तो नही पता की तुम मुझे ये सब बताती हो “
“नही साहब मैं पागल हु क्या “
“और तुम्हारी मेडम को भी पता नही चलना चाहिए “
“जी साहब लगता है आपका उस मलीना से कोई चक्कर है ,साहब एक चीज बोलू काजल दीदी आपसे बहुत प्यार करती है उन्हें धोका मत देना ..”
उसकी आंखे बता रही थी की वो सच बोल रही है …
“मेरा कोई भी चक्कर नही है और काजल तो मेरी जान है ये तो तू भी जानती है ……”
तभी गाड़ी के रुकने की आवाज आती है,शायद दोनो पहुच गए थे,
काजल टी शर्ट सुर जीन्स में थी ऊपर एक जैकेट पहने हुए थी ,वो भागती अंदर आयी और मुझे देख कर वो दरवाजे में थी ठिठक गई,दोनो के नजर मिले और उसकी आंखे भीग गई……
वो हल्के पैरो से चलते हुए मेरे पास आई मैं अपनी जगह पर खड़ा उसे अपनी ओर आते देख रहा था,दोनो की नजर बस एक दूसरे की नजरो में ही खोई थी ,उसके पायल के थोड़े से घुंघरू हल्के हल्के से आवाज कर रहे थे,जैसे जैसे वो मेरे पास आती वो आवाज थोड़ी और बढ़ रही थी ,
इतने देर का इंतजार और अचानक ही जब वो सामने हो ……..दिल की धड़कने भी थोड़ी बढ़ ही जाती है ,वो आकर मेरे सामने खड़ी हो गई ,हम एक दूसरे को देखने के सिवा और कुछ भी नही कर रहे थे,उसका चहरा मेरे चहरे के पास आया और हमारे होठ मिल गए,मेरे हाथ अनायास ही उसके बालो में फसकर उसके चहरे को अपनी ओर खिंच रहे थे,और मेरी जीभ उसके होठो से अंदर किसी अस्तित्व की तलाश में जा चुके थे……..
हम काफी देर तक युही एक दूसरे से लिपटे हुए बस एक अहसासों की दरिया में डुबकी लगा रहे थे,पूरी दुनिया जैसे खो चुकी थी और समय कि कोई सीमा नही थी ,समय मानो खो गया था…..
जब हम एक दूसरे से अलग हुए मैंने सामने रॉकी को पाया उसके चहरे पे पसीना था,इस ठंड के मौसम में वो जंगलो से गाड़ी चलता हुआ आया था ,नियम के अनुसार उसे अभी ठंड में गुल्फ़ी बन जाना था लेकिन उसके चहरे का पसीना कुछ कहानी कह रहा था ,शायद एक जलन तो उसके सीने में भी उठी होगी,लेकिन मुझे उसपर कोई गुस्सा नही था,मेरे मन में उसके लिए कोई भी बुरा भाव नही था,ना जाने क्यो आज वो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था,उसने मेरी जान को मुझतक लाने के लिए इतनी मेहनत जो की थी ,मैं आगे बढ़कर उसके सामने अपना हाथ बढ़ाया,दोनो के हाथ मिले उसके हथेलियों से निकलने वाला पसीना मुझे उसकी मनोदशा का बयान कर रहा था,
“सॉरी यार मैंने तुम्हे जो भी कहा उसके लिए”
“कोई बात नही सर समझ सकता हु “
उसकी बात में ना ज्यादा एनर्जी थी ना ही ज्यादा हल्कापन …
मैं रॉकी को बैठने को कहा और रेणु से गर्म गर्म चाय बनाने,रेणु के होठो में हल्की मुस्कान थी …
और मैं काजल की तरफ देखा
“बहुत प्यार आ रहा था जान सॉरी ,आपसे कभी अलग नही रही ना तो अजीब लग रहा था…”
वो अपने कान पकड़कर बोलती है…
मैं उसके पास जाकर फिर से उसके गालो में एक किस ले लेता हु ,
ठंडा मौसम ,नरम बिस्तर और गर्म हमदम ये तो हर कोई चाहेगा,और आज मुझे सब मिल गया,आज फिर से हम उसी अवस्था में थे जैसे कल थे,एक दूसरे पर पूरा प्यार लुटाने को तैयार,ऐसे जैसे कल हम रहेंगे ही नही ,
सच ही है जो आज ही होता है ,और कल कभी आता ही नही,जो आज में जी लिया उसकी जिंदगी ही कुछ और होती है,वो आज में ही अभी में ही अपनी पूरी ताकत लगा देता है ,कल जाने रहे ना रहे ये मौसम ना रहे वो हमदम ना रहे….
काजल के माथे के पसीने की एक एक बून्द मेरे प्यार की ताकत का सबूत था,हर झटका इतना गहरा था की और उसकी आहे इतनी तेज की माहौल में बस हमारे प्यार की दांस्ता ही गूंज रही थी,शायद ये आवाजे वरुण के कमरे तक भी पहुच रही होंगी जहा रॉकी सोया था,
काजल के नर्म मख्खन की तरह योनि में मेरा कठोर लिंग जैसे पिघला जा रहा था,
आलिंगन के गर्म अहसास में नग्गे जिंस्मो की प्यास बुझ रही थी और प्यार प्यार और प्यार……..
सुबह की पहली किरण से पहले ही मेरी नींद खुली और मैंने काजल के चहरे को देखा जो किसी मासूम से बच्चे की तरह मुझसे लिपटी हुई थी,उसके होठो पर हल्की सी चुम्मन देकर मैं उठा मेरी नजर उसके मोबाइल में पड़ी ,अब मुझे उसके मोबाइल को छूने की जरूरत ही नही थी वो काम मैं अपने मोबाइल से ही कर सकता था,मैं अपने मोबाइल को निकल कर उसका वाट्सअप देखने लगा,रॉकी के कुछ मेसेज थे साथ ही मिश्रा जी के भी
रॉकी: आज के बाद मुझे यहां मत लाना ,तुम वहां अय्याशी कर रही हो और मैं इस ड्राइवर के साथ सो रहा हु ,उसने गुस्से वाली स्माइल साथ में भेजी थी ,मुझे उसपर थोड़ी हँसी आयी ,
मिश्रा ने काजल को बस मेसेज कर यही पूछा था की तुम वहां क्यो जा रही हो,उससे ज्यादा कुछ भी नही…
मैं फिर मोबाइल साइड में रख काजल को कस लिया इसबार वो थोड़ी कसमसाई और मेरे से लिपट गई,सुबह के अकड़े हुए लिंग ने उसकी योनि में अपना रास्ता बनाया और वो जैसे जाग गई ,मेरे बालो को सहलाती हुई मुझे खुद से जोड़ ली ,वो अभी भी अलसाई थी और मैं अभी भी निढल ही था,हल्के हल्के धक्कों ने हमे धीरे धीरे गर्म किया…..
आज कजल का अपने मिशन पर पहला दिन था और मुझे भी टाइगर और इकबाल से मिलना था,काजल कहा से शुरुवात करने वाली थी मुझे नही पता लेकिन मेरे लिए शहर जल्दी से जल्दी पहुचना बहुत जरूरी था,मैं साया बनकर काजल के साथ रहना चाहता था जो की शायद पॉसिबल ना हो पाए इसलिए अपने प्लान पर जल्द ही अमल करना बहुत जरूरी हो गया था,मैं इंतजार करने लगा की काजल कब वहां से निकलेगी,मेरे लिए एक बाइक का जुगाड़ ठाकुर साहब ने कर दिया था,जो टिपिकल बुलेट थी…
सोच रहा था की अब शायद वो cuckold वाली कहानी मेरे साथ होने वाली है,मैं बहुत नर्वस भी था और उत्तेजित भी,मैं इसे सोचकर ठंडा पड़ जाता और कभी गर्म भी हो जाता,काजल को किसी के साथ कैसे देख पाऊंगा ये खयाल ही रोंगटे खड़ा कर देता था,मुझे अपनी मजबूरी पर हताशा भी हो रही थी और वो करना जरूरी भी था,मैं चाहता तो सब से मुह मोड़कर घर में बैठ सकता था मुझे पता था की काजल वापस मेरे पास ही आएगी और मेरी होकर ही रहेगी पर फिर भी मैं घर में ही बैठकर नही रह सकता था,मैं कैसे इसे देख पाऊंगा,क्या मैं उत्तेजित हो जाऊंगा,या फिर मैं नर्वस हो जाऊंगा,या मैं सभी दायरों को छोड़कर काजल के सामने आ जाऊंगा,या मैं मिशन को बीच में छोड़ घर आ जाऊंगा,या मैं काजल के ऊपर ही गुस्सा निकल दूंगा..सब सोचकर मेरा सर फटा जा रहा था,काजल के जाने के बाद से मैं घर से निकलने की हिम्मत भी नही जुटा पा रहा था,इसका एक ही रास्ता मुझे दिखा वो था डॉ चुतिया..मैंने उसे तुरंत ही फोन लगाया
“कहा पहुचा एक घंटे में ******* यहां मिल इकबाल से मिलने जाना है “
“यार डॉ “……..मेरी आवाज में एक उदासी थी
“यार मैं समझ नही पा रहा हु की क्या करू ,” मैंने उसे अपनी सारी तकलीफे एक ही सांस में बता दी
“हम्म्म्म तू आजा और अपनी भावनाओ को साथ लेकर ही आ यहां उसकी बहुत जरूरत पड़ेगी,और वही कर जो तेरा दिल कहता है,मैं तुझे अब और नही समझूंगा,तुझे अगर काजल के ऐसा करने से कोई प्रॉब्लम हो तो तू उसका विरोध कर देना और मजा आये तो मजा लेना ,दिल हमेशा सही राह दिखता है मेरे दोस्त ,अपनी भावनाओ की कद्र करो उसके साथ चलो सफर थोड़ी मुश्किल जरूर हो जाती है पर समाज का हर बंधन जो तुम्हारे विचारों को,भावनाओ को बांध कर रखता है वो टूट जाएगा,और तुम स्वतंत्र महसूस करोगे,काजल का दुसरो के साथ संबंध बनाना तुझे इसलिए गलत नही लगता क्योकि तू इसे गलत समझता है वो इसलिए गलत लगता है क्योकि समाज इसे गलत मानता है….अभी तू समाज के बंधे नियम में चल रहा है और असली आजादी तुझे तब मिलेगी जब तू इन नियमो के बाहर जाकर अपनी संवेदनों को फैलाएगा,अपनी भावनाओ की इज्जत कर मेरे दोस्त ,वो तुझे लड़ा भी सकती है और उत्तेजित भी कर सकती है जो उस समय तुझे ठीक लगेगा वही करना….चल अब जल्दी आ जा …”
डॉ की कुछ बाते दिमाग के ऊपर से चले गई पर इतना तो समझ आ गया की कुछ भी गलत और सही नही होता,उसे गलत और सही समाज और हमारे पूर्वाग्रह (prejudices) बनाते है,और मुझे दोनो से बाहर आना होगा तभी मैं अपनी और काजल की मदद कर पाऊंगा,मैं अब बिना देर किये ही घर से निकल गया……..
“हम आपकी बात समझ रहे है डॉ साहब,हम मदद को तैयार है… “
एक मोटी सी आवाज मेरे कानो में पड़ी ,और मेरे तथा डॉ के चहरे पर मुस्कान आ गई,इकबाल भाई,अंडरवर्ड का सरगना,जितना सोचा था उससे कही ज्यादा मासूम सा आदमी ,जिसके नाम से बड़े बड़े लोग काँपते हो उसे मैं मासूम कह रहा हु ???
लेकिन वो सच में बड़ा मासूम था,व्यक्तिगत तौर पर भावनात्मक तौर पर जब की ड्रग्स और लड़कियों के धंधे में सबसे ज्यादा कमाई थी वो उसके खिलाफ था,डॉ ने मुझे बता रखा था की ये ऐसा आदमी है जिसे कोई भी बेवकूफ बना सकता है ,वो इतना सीधा है,लेकिन जब वो अपनी में आये तो फिर कहर ढा देता है इसलिए कोई भी इसे बेवकूफ बनाने से पहले 10 बार सोचता है ,
वो एक अजीब सा कैरेक्टर था,बड़े डील डौल वाला शख्स 6फुट 5इंच के करीब की लंबाई,इतना मोटा की चले तो जैसे धरती भी हिल जाय ,फुला हुआ मुह काले रंग का पठानी कुर्ता पहना हुआ,आंखों में सुरमा ,बड़ा सा पेट जैसे की पहले वाला अदनान सामी बस हाइट बहुत ज्यादा थी ,वैसा ही गोरा चिट्टा और क्यूट सा …कोई शायद ही सोच पता की ऐसा आदमी अंडरवर्ड का डॉन होगा…..
वो अपने एक बड़े से सिंहासन नुमा कुर्सी पर किसी राजा की तरह बैठा था,पूरा घर जैसे एक किला हो ,बंदूख धारी लोगो से घिरा हुआ,लोभंग और इत्रों की खुसबू चारसु आ रही थी,सामने पड़े टेबल में चिकन के बड़े बड़े फ्राइड पीस जो लाल रंग के हो चुके थे रखे थे,वो उसे ऐसे खाता था जैसे की सालो से भूखा हो ,हमारे सामने ही वो दो तीन किलो चिकन अपने पेट में समा चुका था,उसने हमे बताया था की वो इसका नाश्ता है,और हमे भी पेशकश की गई हमने प्यार से मना कर दिया था,घर पुराने जमाने का था लेकिन नए तरीके से उसे सजाया गया था,
चहरे में क्यूटनेस और शरीर से कोई राक्षस जैसा व्यक्तित्व उसे देखकर कभी मुझे हँसी भी आ जाती और कभी डर भी लगता कुल मिलाकर वो हमे बाहुबल का साथ देने को तैयार था,
हम बैठे बाते कर रहे थे की के अप्सरा सी लड़की पंजाबी चूड़ीदार कमीज पहने हाथो में चाय लिए कमरे में प्रवेश हुई ,गजब की खूबसूरती थी,समझ लीजिये की सनी लियोन चूड़ीदार कमीज पहन कर आ रही हो ,शरीर का हर कसाव साफ दिख रहा था,सर पर एक चुन्नी थी जो उसे किसी पंजाबी कन्या की तरह खूबसूरत बनाती थी,वो हमे देखकर मुस्कुराई और चाय देकर बड़ी अदा से इकबाल के गोद में आकर बैठ गई,वो इकबाल के सामने एक गुड़िया सी लग रही थी,मैं जो पहले उसकी खूबसूरती और नजाकत का दीवाना हुआ जा रहा था उसकी इस हरकत से चौक सा गया ,लेकिन डॉ सामान्य था शायद उसके लिए ये कोई नई बात ना हो ..
“ये हमारी बेगम है ,मैरी डिसूजा …”
वो हाथ जोड़कर हमे नमस्कार करती है ,मेरा दिमाग फिर से चकरा गया ये साला हो क्या रहा है,मैरी डिसूजा ???
और आदाब की जगह पर नमस्कार माजरा क्या है, मेरे चहरे का माजरा इकबाल मैरी और डॉ को समझ आ गया ,
“असल में मैरी क्रिशचन है,इकबाल भाई की लव मैरिज हुई है “
“ओह “मेरे मुख से निकला
“हमारी बेगम मैरी हमे डॉ के द्वारा दिया गया सबसे कीमती नगीना है”
मैं डॉ को देखा
“असल में इनकी शादी मैंने ही करवाई थी,दोनो अपने घर से भाग कर शादी की है ,
डॉ के चहरे में मासूमियत और कमिनियत दोनो ही झलक रहे थे,
“आप ये हम हम क्या लगाते रहते हो ,हमारी बेगम क्या होता है ,मेरी बेगम नही बोल सकते “
मैरी ने पहली बार मुह खोला था,मुझे और डॉ को हँसी आ गई वही इकबाल थोड़ा हिचकिचाया ,
“तुम नही सुधारोगी क्यो “
इसबार डॉ ने मेरी से कहा ,लगता था की बहुत पुरानी जान पहचान थी उनके बीच
“क्या डॉ आप भी,अपने जिस इकबाल से मेरी शादी करवाई थी वो तो पूरा बदल गया है,जो कभी कालेज का जवान हेंडसम मर्द हुआ करता था,आज देखो कैसे मोटे हो गए है, …अपने और इन्होंने मुझसे वादा किया था ना की ये अपना वजन घटाएंगे देखो जैसे के तैसे बस इन्हें चिकन और मटन चाहिए वो भी किलो किलो बटर लगाकर ,इनके साथ बैठो तो ऐसे लगता है जिसे की फुटबाल में बैठ गई हु,”
वहां बैठे सभी की हँसी छूट गई मैं और डॉ हस्ते रहे लेकिन बाकी लोग जैसे होशं में आये की इकबाल वही बैठा है सभी चुप हो गए ,वही इकबाल थोड़ा झेप गया ,और मैरी ने उसके गालो को पकड़ कर पप्पी ले ली ,इकबाल का चहरा फिर से खिल गया,,,…….
“ये अभी भी वही बच्ची है “
डॉ ने कहा
“अरे कहा की बच्ची डॉ साहब देख तो रहे हो ,इसके सामने मेरी एक नही चलती,ये तो इस घर की डॉन है,हम जो भी है इनके सामने इनके सेवक बन जाते है इनकी हुक्म की तामील करना ही हमारे लिए इबादत है..”
मैरी जैसे उसकी बात से बहुत भावुक हो गई और वो इकबाल के चहरे को पकड़कर उसके होठो में अपने होठो को भर दी…मेरे लिए ये किसी शॉक से कम नही था,साला मैं किसी डॉन के पास आया हु या किसी नए मैरिड कपल के पास ,वो भी सब के सामने दोनो ही एक दूसरे के मुह में जीभ डाल रहे थे,और मेरे सिवा वहां किसी को कोई फर्क भी नही पड़ रहा था जैसे की ये उनका रोज का काम है….
अलग होकर इकबाल ने मुझसे इस बात के लिए माफी मांगी ,
“अब हमे चलना चाहिए “
डॉ बोल उठा
“ठीक है विकास साहब आप हमारा और हमारे बन्दों का फोन नम्बर रख लीजिये जब भी आपको कोई काम पड़े आप फोन कर दीजिएगा ,हमारे कुछ लोग आपके आसपास ही होंगे लेकिन वो जरूरत पड़ने पर ही सामने आएंगे,ताकि टाइगर के गुर्गे उन्हें पहचान ना पाए ,”
“ठीक है खान साहब आपके मदद के लिए शुक्रिया “
“अरे साहब आप भी हमे क्यो शर्मिंदा कर रहे है,वैसे भी इससे हमारा भी काम हो जाएगा उस टाइगर से हमे भी बहुत सा हिसाब चुकाना है ,…
हम वहां से निकले और डॉ मुझे मैरी और इकबाल की प्रेम कहानी बताने लगा ,की जब मैरी स्कूल में थी तब इकबाल कॉलेज का डॉन हुआ करता था,दोनो में मोहोब्बत हो गई,लेकिन समस्या थी की घर वाले तैयार नही थे,होते भी कैसे इकबाल था आवारा और बड़ा ही खतरनाक और मैरी से लगभग 9-10 साल बड़ा भी है,और मैरी तभी स्कूल से निकली थी वो मासूम सी गुड़िया जैसे थी ..”
“उम्र का इतना अंतर ,”
“हा यार इकबाल सालो तक स्कूल और कॉलेज के पॉलिटिक्स में रहा,गुंडा गर्दी और पॉलिटिक्स का टाइम था वो ,मैं भी तभी थोड़ी दुनियादारी में आया था,तभी मेरी भी दोस्ती इकबाल और ठाकुरो तिवारियो से हो गई,साले एक नंबर के लुच्चे थे सारे के सारे ….लेकिन सब की एक बात जानदार थी की सभी बहुत अच्छे दोस्त और दिल के बहुत अच्छे थे,मैरी तब स्कूल में थी तब ये गुंडा हुआ करता था.मेरी का दिल इस गुंडे पर आ गया और उसे प्रपोज कर दी ,पहले तो इकबाल ने बहुत पीछा छुड़ाने की कोसीसे की वो किसी नादान लड़की की जिंदगी से नही खेल सकता था,लेकिन धीरे धीरे उसे भी ये भा गई…लेकिन घर वालो के सामने बड़ी मुसिबित थी,इकबाल का तो कोई नही था लेकिन मैरी एक संपन्न घर की बेटी है,इसी बात का बहस था,वो सीधा साधा परिवार ये कैसे मान जाता की उनकी मासूम सी नादान उम्र की बेटी किसी गुंडे के साथ चले जाय,वो गलत नही थे लेकिन शायद मैरी उतनी नादान भी नही थी ,उसे इस बात का आभास था की इकबाल दिल से कितना अच्छा है.घर वालो को समझने के लिए उसे एक ऐसे आदमी की जरूरत थी जो थोड़ा पढ़ा लिखा हो तो इकबाल ने मुझे चुना ,उस समय हमारी दोस्ती के कुछ ही दिन हुए थे लेकिन इस बात ने हमे एक बहुत अच्छा दोस्त बना दिया,मैरी भी शायद किसी के ऊपर सबसे ज्यादा भरोसा करती है तो वो मैं हु ,समय ने उसे एक सेक्सी लड़की बना दिया और इकबाल को फुटबाल ….पता नही अब इनका क्या होगा,मेरी हमेशा से चिंता रहती है की इकबाल जैसे भोले आदमी को मेरी धोखा ना दे ,;लेकिन मैरी हद से ज्यादा बोल्ड हो गई है और इकबाल के शिकंजे से बाहर है,उसे सम्हाल पाना इकबाल के बस का नही है….”डॉ कुछ सोच में खो जाता है,
“खैर छोड़ो यार अभी तो चलो टाइगर के पास …”
हम टाइगर के पास पहुचे और सीधे उसके केबिन में जा कर उससे मिले ………
“बड़ी देर लगा दी सर अपने तो “
मैं टाइगर की तरफ देखा और हल्के से मुस्कुराया वो मुझे आज सर से संबोधित कर रहा था,
जल्दी से आज के फुटेज दिखाओ पता नही वो लड़की आज आयी भी की नही .
मेरे सामने उसके क्लब का पूरा फुटेज था जो की एक बड़े स्क्रीन पर चल रहा था,अभी दोपहर खत्म ही हुआ था कुछ 5 बजे थे मुझे यकीन था की वो शाम को ही आने वाली थी फिर भी मैंने दिन भर का फुटेज चेक कर लिया ….
हम बैठकर बाते करने लगे और टाइगर ने केबिन में ही कुछ पैक मंगा लिए,थोडे सुरूर में मैं टाइगर के व्यक्तित्व को थोड़ा समझ पाया ,हमारी अच्छी बनने लगी थी वो साला हँसता भी है मुझे आज पता लगा था ,उसकी सेकेट्री भी हमारी बात सुनकर हल्के हल्के मुस्कुरा रही थी ,वो भी एक खूबसूरत बाला थी लेकिन बहुत शालीन ….
हम किसी बहुत ही अच्छे दोस्त की तरह एक दूसरे से बात कर रहे थे,साथ ही मेरे सामने स्क्रीन खुली हुई थी मैं थोड़ी थोड़ी देर में उसे देखता उसका पूरा क्लब उसमे साफ दिख रहा था,साले ने HD कैमरा लगा रखे थे,शाम के जवान होते ही क्लब में भीड़ बढ़ने लगी तभी एक लड़की सफेद स्कर्ट पहने क्लब में प्रवेश की उसे देखकर मेरी नजर चौड़ी हो गई थी,और होठो में मुस्कान आ गई मेरी मुस्कान देखकर टाइगर और डॉ भी स्क्रीन की तरफ देखने लगे मैं उसके कन्ट्रोल कीबोर्ड पर अपना हाथ फेरा और उस लड़की के चहरे में जूम किया ….
“ले भाई तेरा शिकार …”
टाइगर उस लड़की को ध्यान से देखने लगा ,उसके चहरे में मुस्कान आ गई ,4 पैक के बाद से ही वो मेरा और मैं उसका भाई बन गया था ,,,
“साले मिश्रा ने तो कमाल की लड़की ढूंढी है कोई सोच भी नही सकता की एक विदेसी लड़की सरकार के लिए जासूसी कर रही होगी…”
मैं और डॉ एक दूसरे को देख कर मुस्कुराए ,
“भाई बस एक बात का धयन रखना इसे कुछ ना हो पाए वरना बहुत गलत हो जाएगा “
“तूने मुझे बताया था तभी मुझे समझ आ गया की तू बहुत दिमाग वाला बंदा है,फिक्र मत कर इसे भी करने दे जासूसी ,साली को लगने दे की बहुत कुछ हाथ में आ गया ,ऐसे तेरा टॉरगेट कहा है ,”
मेरे चहरे में एक मुस्कान आ गई मैंने फिर से हाथ चलाया,और क्लब के दूसरे कोने में फोकस किया
“वो तो बहुत देर से आ गए है”
एक सेक्सी सी साड़ी में लिपटी जवानी मांग में सिंदूर और हाथो में हल्की पतले मेटल की चूड़ियां ,बिल्कुल कातिल
“बहनचोद क्या माल है भाई ,”
टाइगर पहली बार ऐसे बात कर रहा था जैसे की वो कोई स्मगलर नही कोई युवा दिल्ली का लवंडा हो ,
डॉ और मेरे चहरे में मुस्कान खिल गई वही पास खड़ी टाइगर की सेकेट्री रिहाना भी उत्सुकता से काजल को देख रही थी उसके चहरे का एक्सप्रेशन बता रहा था की वो भी उसकी खूबसूरती से आकर्षित हो गई है…
“ये है मिस्टर एंड मिसेज वर्मा आदित्य इंटरनेशनल के मालीक “
टाइगर ने तुरंत मलीना के ऊपर फोकस किया
“भाई तू उसे सम्हाल और मुझे इसको सम्हालने दे ,इसके ऊपर निगरानी रखो “उसका इशारा पड़ते ही रिहाना वहाँ से निकल पडी ….
“आप जानते थे की वो हमे आसानी से ट्रेस कर सकता है और फिर भी अपने हमे शेर के लिए किसी बकरी की तरह इस्तमाल किया ,आप तो बड़ी समाज सेवा की बात करते थे लेकिन आपने हमारा इस्तमाल अपने निजी स्वार्थ के लिए किया,मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नही थी मिश्रा जी ,मैं आपसे प्यार करती हु और अपने …”
“काजल मैं भी तुमसे प्यार करता हु ,लेकिन रोबर्टो ने जो मेरे साथ किया वो मैं नही भूल सकता,हा मैंने तुम्हारा इस्तमाल किया लेकिन क्या मैंने कोई भी जबरदस्ती तुम्हारे साथ की तुम लोग खुद ही इस मिशन का हिस्सा बने ,”
“हा हम खुद ही इसका हिस्सा बने थे लेकिन आपको हमें रोबर्टो के बारे में बताना चाहिए था,हमे तो हमेशा लगता था की हमने सभी माफिया को खत्म कर दिया है लेकिन आपने ना सिर्फ हमसे बल्कि पुलिस से भी ये बात छुपा कर रखी की असली माफिया तो रोबर्टो है,”
“मैंने तुमलोगो की सुरक्षा का हमेशा ही ध्यान रखा है काजल,मेरे आदमी मिशन के पूरा होने के बाद भी तुमपर नजर रखे थे,लेकिन ना जाने ये कैसे हो गया,वो तुमलोगो से बदला लेने के लिए बेताब है ,वो ना जाने क्या करेगा,…..तुम इससे दूर रहो अपने घर चले जाओ मैं नेहा और जूही को बचने की पूरी कोसिस करूँगा ,”
मेरे चहरे में एक व्यंग भरी मुस्कान आ गई ,
“अच्छा क्या करेंगे आप ???जानते हो कहा लेकर गए ???”
मिश्रा जी चुप थे
“मैं ढूंढ लूंगा काजल ,मैं पूरी ताकत लगा दूंगा,तुम आज ही यहां से निकलो “
“मैं कही नही जा रही हु मिश्रा जी ,अपने सिर्फ मुझे धोका नही दिया है बल्कि मेरी दोस्त को भी मुसिबित में डाला है,मैं आपसे जितना प्यार करती हु उससे कही ज्यादा मैं नेहा से प्यार करती हु,मैं उसे ढूंढूंगी …”
वो मुझे आश्चर्य से देखने लगे
“बात फैला दो की वो 2 नही 3 लडकिया थे और तीसरी अभी भी आपके साथ है,इसी शहर में वो मुझे पकड़ने को सभी कुछ करेंगे और मैं उनके पकड़ में भी आ जाऊंगी ,आप मेरे पीछे उनतक पहुच सकते है “
‘तुम सोच नही सकती काजल की वो इतना खतरनाक है ,अगर तुम उसके हाथ लग गई तो ….ना जाने वो तुम्हारे साथ क्या करेगा ,”
“मुझे इसकी चिंता नही है “
मिश्रा जी ने कुछ देर मुझे देखा और फिर
“ठीक है ,तुम्हारे शरीर में एक डिवाइस लगा देते है जिससे तुम्हे हम ट्रेक कर सकेंगे “मिश्रा जी इतना कहते हुए वहां से निकल गए ….
मुझे अब भी आश्चर्य हो रहा था की मिश्रा जी ने मुझे रोका क्यो नही ,वो इतनी जल्दी मान जाएंगे मुझे पता नही था,
‘ह्म्म्म उन्हें मुझसे ज्यादा फिक्र उस रोबर्टो को पकड़ने की है ,अपनी बीवी को तो नही बचा पाया अब उसका कारोबार तबाह करेगा ,वो भी हमे बली का बकरा बनके ‘मैंने मन में सोचा और मिश्रा जी के लिए मेरे मन में एक घृणा के भाव आ गए ,मैं सोचती रही सोचती रही मैं कुछ भी डिसाइड नही कर पा रही थी की आखिर करना क्या है…..
मेरे बालो में एक छोटा सा डिवाइस फिट के दिया गया था,मैं सामान्य तौर से ही जीवन जी रही थी,मुझे मेरे आसपास पुलिस वाले दिख जाते जो की सादे कपड़ो में थे ,मुझे मिश्रा पर गुस्सा आ रहा था ,ये पोलिस वाले चहरे से पहचान में आ रहे थे ,कोई भी इन्हें दूर से पहचान सकता था,रोबर्टो इतना बड़ा माफिया इतना चुतिया तो नही होगा की वो कदकाठी और बालो की स्टाइल से इतना पहचान ना सके की ये ट्रेंड लोग है,5 दिन बीत चुके थे और मेरे अंदर एक आग सी फैल रही थी मुझे नेहा से मिलना था पता नही उसका क्या हाल किया गया होगा ,मुझे इस बात की कोई भी फिकर नही थी की पकड़े जाने पर मेरे साथ क्या होगा ,आखिर वो दिन आया मैं हमेशा की तरह ही कॉलेज के लिए निकली दो दिनों से अपने आस पास उन पुलिस वालो को नही पाकर मैं सतर्क रहती थी ,बाकी सभी गायब थे,आखिर ये गए कहा ,तभी एक गाड़ी आकर रुकी और मुझे उसके अंदर खिंच लिया गया,अंदर जाते ही मुझे एक इंजेक्शन लगा दिया गया और मैं बेहोश हो गई ……….
जब मुझे होश आया तो मैंने खुद को एक बड़े से कमरे में पाया ,एक साधारण सा कमरा था,वहां कुछ लोग मुझे खड़े दिखे ,मैं हल्के से अपनी आंखे खोली ,कुछ आवाजे मुझे सुनाई दे रही थी ,किसी के जूतों की आवाज ,
“इसे ड्रग्स दे दिया तुमने “
“जी सर “
“और तलाशी ली “
“जी सर एक जीपीएस डिवाइस इसके बालो में लगा हुआ था ,उस वही फेक दिया हमने “
“साला मिश्रा अपने को बहुत बड़ा तीस मार खान समझता है,इस लड़की के बालो में फंसा कर जीपीएस डिवाइस लगाया था,सोचा होगा की सिक्योरिटी हटा देता हु जैसे ही किडनैप करेंगे तो उसे पता चल ही जाएगा ,हमे चुतिया समझ के रखा है,चलो लड़की को लेकर चलो रोबर्टो सर के पास “
वो लोग मुझे उठाकर ले जाने लगे मैं अब भी अपनी आंखे बन्द ही रखी थी ,हल्के से आंखे खोल कर मैं उस जगह को देखने की कोसीस कर रही थी वो एक जंगल था,सच में वो एक जंगल था,या कोई बगीचे जैसी जगह ,कोई फार्म हाउस होगा कहा लेकर आ गए थे ये लोग मुझे ,उन्होंने मुझे उस रूम से निकल कर एक बंगले जैसे जगह में ले जा रहे थे ,वहां अच्छी सजावट थी जमीन पर कालीन बिछे थे ,और शायद कुछ लोग भी थे लेकिन आवाज नही कर रहे थे,
“काजल “
मुझे पहली आवाज सुनाई दी ,इस आवाज को मैं अच्छे से पहचानती थी इसी के कारण तो मैं यहां आयी थी ,वो नेहा की आवाज थी ,
मैं उसे सुनकर भी अपनी आंखे नही खोली मुझे दो लोगो ने पकड़ रखा था,उनमे से एक बड़ा कमीना सा था ,थोड़ी ही दूरी लाने तक ना जाने कितने बार वो मेरे बड़े बड़े बूब्स से खेल चुका था ,कभी उसे दबाता तो कभी सहलाता,लेकिन मैं तो बेहोश थी ना…..
“इस पर पानी डालो और उठाओ इसे “
एक विदेशी आवाज मेरे कानो में पड़ी,और मेरे मुह में दो चार ग्लास पानी के पड़े मैंने जगाने की एक्टिंग की और चारो तरफ देखा मुझे जूही और नेहा दिखाई दिए वो बिल्कुल ठीक ही दिख रही थी बस उनकी आंखे लाल सी थी ,थोड़ी बन्द सी जैसे बहुत नशे में बैठी हो ,शायद ड्रग्स का कमाल था,कुछ लोग और वहां खड़े थे जो बॉडीगार्ड टाइप लग रहे थे,नेहा और जूही रोबर्टो के आजु बाजू में एक सोफे पर बैठे थे जैसे की वो उनकी दसिया हो ,इतने दिनों के मन के ऊहापोह में मैंने एक बात निश्चित कर ली थी वो था मिश्रा से बदला लेना.और नेहा और जूही को बचाना और इस माफिया की मा बहन एक करना,
इन सब काम को करने के लिए मुझे अपने मन को पहले से तैयार रखना था,और मैं इतने दिनों से यही कर रही थी ,मेरी नजर जैसे ही रोबर्टो पर पड़ी मैं घबराने की जगह बस मुस्कुरा दी ,जिसे देख कर वहां उपस्थित सभी लोग दंग हो गए ,
“आप ही रोबर्टो हो आपके बारे में बहुत बताया है उस मादरचोद मिश्रा ने मुझे ,कैसी है मेरी जान “
मैं नेहा की तरफ बढ़ी ,नेहा खड़ी हो गई थी ,मैं कुछ ही दूर चल कर ही गिरने को हुई मुझे अब समझ आया की मेरे अंदर कितनी सुस्ती है ,मैं इतनी कैसे थक गई हु ,मेरे जीभ भी बोलते समय थोड़े लड़खड़ा रहे थे….
नेहा खड़ी हो कर मुझे सम्हालती है ,
“तुझे भी इन्होंने ड्रग्स दे दिया ,शैतान कही के इस लड़की की क्या गलती है,जो करना है हमारे साथ करो इसे छोड़ दो ये बहुत मासूम है प्लीज् …”
नेहा के आंसू निकल गए वो रो ही पड़ी ,
“मासूम है????यानी कली फूल नही बनी है ,सर ये तो आपके लिए अच्छा तोहफा है मिश्रा का ,इन रंडियों के तो छेद में कुछ भी डालो सलियो को फर्क नही पड़ता,इसे भेजकर अच्छा किया मिश्रा ने “
एक आदमी ने कहा और बाकी हँसने लगे,
“वो तो है .बहुत सुंदर है ये इसे हम अपनी पर्सनल मिस्ट्रेस बनाएंगे “रोबर्टो की आवाज से नेहा की आंखे और भी पनिया गई ,उसने मुझे जमीन में बिठा दिया और खुद भी मेरे साथ बैठ गई,मुझमे इतनी ताकत तो थी मैं कुछ बोल सकती असल में मेरे शरीर में ये ड्रग्स पहली बार गया था और मुझे कोई सेक्सुअल फीलिंग भी नही थी इसलिए मैं इतनी सुस्त हो गई थी,जो नेहा की समझ में आ रहा था ,
जो करना है कर लेना इसी लिए तो यहां आयी हु लेकिन पहले मुझे उस मिश्रा से बदला लेना है ,रोबर्टो मैं तेरी पर्सनल रांड बन जाऊंगी खुसी खुसी बनूंगी लेकिन मेरी बस एक ही ख्वाहिश है तू मुझे उस मिश्रा के सामने चोदेगा ,उसने मेरा दिल तोड़ा है मैं उससे प्यार करती थी………”
मैं रोने लगी और रोबर्टो को कुछ कुछ समझ आने लगा ,वंहा एक शांति छा गई थी ,
“तुम्हे क्या लगता है की तेरे चमचों को वो डिवाइस खोजने पर मिली थी ,मैंने जानबूझकर उसे बाहर कर दिया था ताकि वो तुमलोगो की नजर में आ सके ,मैं तो चाहती ही थी तुम मुझे पकड़ लो और जो काम मिश्रा नही कर पाया वो तुम करो और वो भी मिश्रा के सामने ,मेरा सील तोड़ने का काम,मिश्रा मुझसे प्यार करता है और उसे मुझे जलाना है,तुम उसे ये करके दिखा दो की जिसे भी वो अपनी समझता है असल में वो तुम्हारी है,जैसे उसकी बीवी और अब मैं ….करोगे ना ….”
रोबर्टो के चहरे में एक शैतानी मुस्कान खिल गई ,जैसे उसे कोई बहुत बड़ा खजाना मिल गया हो …
“बहुत सताया है मुझे मिश्रा ने ,मेरा पूरा कारोबार ही खत्म कर दिया ,अब मैं उसके ही सामने उसकी रांड को चोदकर अपनी रांड बनाऊंगा ,बहुत खुस रहा होगा की तेरी जवानी उसे मिल रही है ,अब मैं उसे दिखाऊंगा की जो भी उसने पसंद करेगा उसे मैं उससे छीन लूंगा ….”रोबर्टो की शैतानी हँसी फिर से गूंज गई ,नेहा के चहरे में डर था लेकिन मेरे चहरे में नही मेरे चहरे में थी बस मुस्कान ……….
“रोबर्टो तुम्हे शायद पता नही की मैं कौन हु ,अब मैं पहले वाला मिश्रा नही रहा ,मैं एक आईएएस अधिकारी हु ,पुलिश तुम्हे कुत्तों की तरह ढूंढ रही होगी तुम्हारा भारत से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा,बेहतर ये ही होगा की तुम अपने को पोलिस के हवाले कर दो और लड़कियों को छोड़ दो “
मिश्रा जी बहुत गुस्से में चिल्ला रहे थे,उनके हाथ ख़ुर्शी से बंधे हुए थे ,हमे उठाये बस दो ही दिन हुए थे की मिश्रा जी को भी किडनैप कर लिया गया था,रोबर्टो को भी पता था की शहर,क्या पूरे देश की पोलिस अब उसके पीछे होगी ,लेकिन सच में ये माफिया जैसे पर्सनाल्टी का मालिक था,साले ने मुझे पाने के लिए इतना बड़ा कदम उठा दिया,मैंने तो उसे फसाने के लिए कहा था,हा मेरी भी यही इच्छा थी क्योकि यहां से भागना तो इम्पॉसिबल ही लग रहा था,तो मैंने एक चाल चल दी,लेकिन रोबर्टो साला बहुत बहादुर निकला वो सच में मिश्रा को मेरे सामने बैठा दिया,पिछले दो दिनों से मुझे सेक्स ड्रग्स की थोड़ी थोड़ी डोस दी जा रही थी,ताकि मैं मर ही ना जाऊ,लेकिन मेरे शरीर भी इसके लिए अडॉप्ट होने लगे ,आज मुझे बड़ा डोस दिया जाना था,वो भी मिश्रा जी के सामने,रोबर्टो और मिश्रा की दुश्मनी क्या थी इससे मुझे कोई भी मतलब नही था लेकिन अब रोबर्टो मिश्रा के दिल को चुरा चुरा करना चाहता था,मैं मिश्रा और रोबर्टो के सामने सर झुकाए बैठी थी,दिल की धड़कने बड़ी हुई थी,हाल में एक बड़ा सा बिस्तर लगाया गया था,जिसमे मेरे सालो के सम्हाले हुए कौमार्य को एक इटालियन ड्रग्स माफिया लूटने वाला था,गुलाब के पंखुड़ियों से उसे ऐसे सजाया गया था जैसे की मेरी सुहागरात हो,मिश्रा को यहां लाये 2 घंटे से ज्यादा हो गए थे,लेकिन अभी वो 10 मिनट पहले ही होशं में आया था ,उसे नही पता था की ये सब क्यो किया जा रहा है ,पर आशंकाओ से उसके चहरे में एक अजीब सा दर्द उठ रहा था,करीब एक घंटे पहले ही नेहा ने मुझे रोते हुए एक क्रीम,मेरे योनि में लगाने को दी थी, वो इस दुख से मरी जा रही थी की उसके कारण मुझे ये सब सहना पड़ रहा है ,लेकिन मैंने उसे कहा की आज नही तो कल ये करना ही था,और ड्रग्स के सरूर में मुझे मजा ही आएगा,फिर टेंसन कैसा,वो मुझे एक अजीब निगाहों से देख रही थी जैसे की पूछ रही हो की तुझे हो क्या गया है,लेकिन पता नही क्यो मुझे डर नही लग रहा था,मैं तो एक उमंग में थी मिश्रा के साथ हुए मेरे पहले प्रसंग की याद कर ही मेरे योनि से एक धार बह जाती थी,शायद ये उस ड्र्ग्स का कमाल था या की मेरी उफनती जवानी का,
हा ये गलत था,लेकिन ये मेरा बलात्कार नही था,मैं एक संस्कारी घर की बेटी थी जिसने कभी भी अपने मर्यादा को भंग नही किया,शायद यही वो वजह थी जिसके कारण मेर मन में एक ग्लानि का भाव आ रहा था,लेकिन अगले ही पल मेरे सामने मिश्रा के चहरे के तस्वीर आ जाती और मैं रोबर्टो से अपने यौवन को मिश्रा के सामने लुटवाना चाहती ,मैं चाहती थी की मिश्रा को उस दर्द का अहसास हो जो मुझे हुआ था,नेहा को हुआ था,जलील होने का दर्द………….
मेरी जवानी आने से लेकर आज तक अगर मैंने किसी पर जान से ज्यादा भरोसा किया था वो मिश्रा जी ही थे,मैंने उनमे ना जाने क्या क्या देखा था,जब वो शहर में मेरे पूरे पढ़ाई की जिम्मेदारी लेकर घर वालो को मनाए थे तो मुझे लगा की ये मेरे लिए भगवान है,जब वो मुझे एक अजनबी निगाहों से देखते और मेरे तन मन में एक उमंग फैल जाती तो लगता था की ये मेरे जान है,जब वो मेरे हर तकलीफ में मेरे साथ होते ,जब वो मेरा केयर करते तो लगता की मैं इनकी ही हो जाऊ…….
मेरे उम्र की उनकी बेटी भी थी लेकिन फिर भी मैंने उन्हें अपना सब देना चाहा,शायद दुनिया से लड़कर मैं उनसे शादी भी कर लेती ,लेकिन उन्होंने क्या किया,उन्होंने सोचे समझे प्लान के तहत मुझे फसाया,वो किसी भी लड़की को यहां भेज सकते थे जो की ट्रेंड हो लेकिन उन्होंने अपने सफलता के लिए और अपने बदले को पूरा करने के लिए सबको धोखे में रखा,रोबर्टो का नाम कही भी नही लिया गया ,आखिर वो चाहते क्या थे,वो चाहते थे की रोबर्टो का नाम सुनकर कोई उनसे ये ना कह दे की ये तो वही है ना जिसने आपकी बीबी से शादी की है,और आप अपना बदला लेने के लिए ये सब कर रहे है,वो इस मिशन से खुद को अलग नही करना चाहते थे,उन्होंने नए लोगो को इतने खतरनाक मिशन में लगाया क्योकि हमे स्पॉट ना किया जा सके ,वो इस कदर अपने फितूर में पागल थे की उन्होंने 3 लड़कियों की जिंदगी और इज्जत की फिक्र ही नही की ,सजा तो उन्हें भी मिलनी चाहिए थी,
हा मैंने उनसे प्यार करती थी,शायद बहुत प्यार ,शायद दिल के किसी कोने से मैं उन्हें अपना मान चुकी थी,शायद जब रोबर्टो मेरी जवानी लूटेगा तो आंखे बंद करने पर मुझे मिश्रा जी ही दिखते,लेकिन मिश्रा जी देख रहे होंगे…मैंने उनकी आंखों में भी अपने लिए प्यार देखा था ,लेकिन वो उनका फितूर उनके प्यार पर हावी हो गया,वो तो सालो से मुझे पाना चाहते थे,और आज उनके ही सामने मुझे कोई दूसरा ……ये चोट होगी उनके आत्मसम्मान पर यही रोबर्टो की इच्छा थी,और अब यही मेरी इच्छा थी………..
