अगले दो दिन जुनैद मेहनत करके मेरे लिए बड़ी पार्टी लाता है। जुनैद बोला हम जल्दी ही उनके साथ डील करेंगे। इस बात के लिए मम्मी ने उसे थैंक्स बोला। सुबह नाश्ते के लिए मैं आया तब देखा मम्मी सफेद कलर की बहुत ही टाइट शॉर्ट्स पहनी हुई थी। जो बस उनकी गांड को ही कवर कर रही थी। गांड से एक-दम चिपका हुआ और चूत के मोटे-मोटे होंठ फूले हुए नज़र आ रहे थे। मम्मी ने ऊपर पिंक कलर की क्रॉप टी-शर्ट पहनी थी। जिसमें से उनकी कमर और गोल और गहरी नाभि नज़र आ रहे थे।
मम्मी मुझे देख कर मुस्कुरा कर बोली: गुड मॉर्निंग बेटा। मैं कैसी लग रही हूं?
मैं बोला: आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो। लेकिन मम्मी जुनैद अब हमारे घर पर रह रहा हैं। उसके होते हुए आप को ऐसे छोटे कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
मम्मी थोड़ा नाराज़ होकर बोली: ओहो बेटा, पहले तुम ही मुझे कह रहे थे कि मम्मी आप मॉर्डन बनो। और अब जब मॉर्डन बनने की कोशिश कर रही हूं, तब तुम मुझे टोक रहे हो। और जुनैद कौन सा बाहर का हैं, वो भी अपने परिवार के सदस्य हैं। अब मुझे उनसे क्या शर्माना?
मम्मी मेरे पास आई और मेरे होठों को चूम ली और बोली: बेटा अब मैं अपनी लाइफ खुल कर एन्जॉय करना चाहती हूं।
मम्मी मेरे से चिपकी हुई थी तभी जुनैद भी आ गया। वो अपनी चौड़ी छाती और गठीला बदन दिखाते हुए बस लुंगी में ही आया। मम्मी उसे देख कर शर्मा गई। जुनैद मेरे सामने मम्मी की तारीफ़ करने लगा। फिर सोफे पर जाके बैठ गया।
मम्मी एक अजीब मुस्कान से साथ बोली: जुनैद जी अब बस भी करिए। मैं आपके लिए कॉफ़ी लाती हूं।
मम्मी किचन में जा रही थी तब जुनैद मादरचोद मम्मी की नंगी टांगे और उनकी गांड को ही घूर रहा था। फिर मम्मी कॉफी लेकर आई और जुनैद के बगल में बैठ गई। जुनैद ने बताया जिस पार्टी से उसकी मीटिंग के लिए बात हो रही थी, वो मिलने को तैयार थी। उसने मीटिंग के लिए मुझे अकेले बुलाया था। बाते करते हुए मैंने देखा जुनैद ने अपना हाथ मम्मी की नंगी जांघ पर रख दिया था। मम्मी जुनैद को कुछ बोल नहीं रही थी। बस वो मेरे से अपनी नज़रें चुरा रही थी।
मैं बोला: जुनैद तुमने यह अच्छा काम किया। मैं इस मीटिंग के लिए जरूर जाऊंगा।
जुनैद अपने हाथ को मम्मी की नंगी टांगों पर फेरते हुए जांघों को सहला रहा था। जुनैद का हाथ अब धीरे-धीरे शॉर्ट्स के ऊपर से चूत पर जाने वाला था। तब मम्मी उसके हाथ पर अपना हाथ राख देती है, और अपनी नस्ली आंखों से जुनैद की आंखों में देखती हुई बोली: थैंक्यू जुनैद जी, आपने बहुत अच्छा काम किया। इससे मेरे बेटे का कारोबार और अच्छा चलने लगेगा।
मैं बोला: जुनैद चलो अब हमे शॉप पर भी जाना है।
फिर मैं तैयार होने के लिए अपने कमरे में जाने लगा। तभी मुझे जुनैद और मम्मी की आवाज़ आई और मैं उनकी हरकत को देखने के लिए छुप गया। मम्मी किचन में जा रही थी। तभी जुनैद ने मम्मी का हाथ पकड़ के बोला: आप कहां चली जानेमन?
मम्मी बोली: छोड़िए ना जुनैद जी, कहीं राहुल ने देख लिया तो क्या सोचेगा?
जुनैद: डार्लिंग तुम्हें कैसे छोड़ दूं? कब से तड़प रहा हूं तुम्हारी यह उभरी हुई गांड देख कर।
मम्मी उसको देख कर शर्मा रही थी, और जुनैद मम्मी को खींच के अपने सीने से चिपका लिया। जुनैद साला मेरी मां को अपनी बाहों में लेकर उनकी कमर से गांड तक हाथ फेरने लगा। मम्मी ना-नुकुर करती हुए भी जुनैद की बाहों में सिमटती जा रही थी। यह सब देख कर मुझे जलन भी हो रही थी, और एक प्रकार का मजा भी आ रहा था।
मम्मी बोली: जुनैद जी मैंने कभी अपने पति के सिवा किसी गैर मर्द के बारे में सोचा नहीं था। जब से आपका यह फौलादी गठीला बदन देखा हैं। मेरी अन्दर की औरत जाग उठी है। मैं कब से आपकी बाहों में आने के लिए तड़प रही थी।
फ़िर मम्मी उसके सीने को चुमती हुई जुनैद के होठों के नजदीक अपने हॉट लाती हैं। जुनैद मम्मी के होठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू कर देता हैं। किस्स करते-करते अपने दोनों हाथ मम्मी की शॉर्ट्स में डाल कर मम्मी की नंगी गांड मसलने लगता है। ओहो मादरचोद जुनैद मेरी मां के रसीले होठों का रस चूसते हुए उनकी मस्त गांड भी सहला रहा था। कभी जोर से मसल देता तो मम्मी एक-दम से चौंक जाती।
मम्मी उसका पूरा साथ दे रही थी। मम्मी एक प्यासी औरत की तरह अपने दोनों हाथों से जुनैद के सर के बालों में अपनी उंगलियों को फेरते हुए और अपनी चूचियों को उसके सीने में रगड़ते हुईं जुनैद की जीभ को चूस रही थी, और होठों को चबा रही थी। माहौल काफी जोशीला हो गया था। धीरे-धीरे जुनैद मेरी मां का शॉर्ट्स पीछे से उतार कर गांड को नंगी कर दिया। फिर अपनी उंगलियां मम्मी की गांड की दरार में घुमा रहा था। जिससे मेरी मां और गर्म हो रही थी। अब मम्मी अपनी टांगे खोल देती है, ताकि जुनैद की उंगलियां आराम से गांड से होते हुए अपनी चूत को मसलवा सके।
जुनैद मम्मी को एक-दम से पलट देता हैं, और मम्मी के पीछे खड़ा हो जाता है। वो मम्मी का मुंह पीछे करके उनके होठों को चूसने लगता हैं। मम्मी भी मदहोश होकर उसको किस्स में साथ देती हैं। अब वो अपना एक हाथ मम्मी के बूब्स पर रख कर उसको सहलाने लगता हैं। वो अब अपने दूसरे हाथ से मम्मी का शॉर्ट्स नीचे कर देता हैं, और मम्मी की चूत को मसलने लगता हैं।
अपनी मां का रंडीपना देख कर मैं भी अपना लंड मसलने पर मजबूर हो जाता हूं। मम्मी अब पलट कर जुनैद को बहुत बुरी तरह उसके होंठों को चूसने लगती हैं। नीचे जुनैद अपनी उंगली मम्मी की चूत में अंदर-बाहर कर रहा होता हैं। मम्मी अब इतनी गर्म हो चुकी थी, कि वो अपने नाखून जुनैद की पीठ पर नोचने लगी। थोड़े टाइम में मम्मी का जिस्म कांपने लगता हैं और वो झड़ जाती है। जुनैद की उंगलियों पर मम्मी का झड़ा हुआ रस लग जाता है।
जुनैद अपने होंठ मम्मी के होठों से अलग करके अपनी उंगलियों दिखते हुए बोला: कितना गाढ़ा रस है।
वो अपनी उंगलियों पर से मम्मी का रस चाट जाता हैं। मम्मी शर्माते हुए अपना मुंह जुनैद के सीने में छुपा लेती हैं।
जुनैद: आई लव यू मेरी जान।
मम्मी बोली: आई लव यू टू जुनैद जी। आज आपकी इन बाहों में मुझे वो सुकून मिल रहा हैं, जो कभी मुझे अपने पति से मिल रहा था। आज से मेरे जिस्म पर और हर एक चीज पर बस आपका हक़ है।
जुनैद: जान मैं तुम्हे ऐसे ही प्यार करता रहूंगा कि तुम अपने पति राजवीर को भी भूल जाओगी।
जुनैद मम्मी का एक हाथ पकड़ के अपने खड़े लंड पर रख दिया। जो लुंगी के अंदर फनफना रहा था। मम्मी लंड को छुते ही जुनैद की आंखों में देखने लगी।
जुनैद: मेरी जान यह बहुत तड़प रहा है।
मम्मी अपना हाथ उसके पूरे लंड पर फेरती हुई बोली: जुनैद जी आपको अभी शॉप पर भी जाना है। कही राहुल आ गया तो इसकी और मेरी प्यास अधूरी रह जाएगी (मम्मी ने जुनैद को स्मूच किया)।
जुनैद: फिर राहुल बेटे का कुछ करना होगा।
मम्मी मुस्कुराकर बोली: जैसा आपको ठीक लगे।
फिर दोनों अलग हो गए। मम्मी अपने आप को संभालते हुए किचन में चली जाती हैं। फिर थोड़ी देर बाद जुनैद और मैं अपनी शॉप पर आ गए। मैंने जुनैद को देखा वो आज कुछ ज़्यादा खुश नज़र आ रहा था। मम्मी को चूसने के बाद मुझे उसको देख कर गुस्सा भी आ रहा था, और कही ना कही यह मुझे अच्छा भी लग रहा था। मेरे अंदर एक बात चल रही थी कि जुनैद मम्मी को वो सभी खुशियां दे जो मेरा बाप कभी नहीं दे सका। और अब जुनैद ही मम्मी को एक पति का सुख दे सकता था।
अगले दिन सुबह मैंने नाश्ता किया और मम्मी को प्यार से गले लगा कर मीटिंग के लिए निकल गया। शाम को मेरी मीटिंग जल्दी हो गई। यह खुशी देने के लिए मैं मम्मी को फोन किया।
मैं बोला: मम्मी मुझे यह डील मिल गई है। आप मेरे से इतनी दूर हैं, मुझे आपकी फिकर हो रही हैं। मैं जल्दी आपके पास आ रहा हूं।
मम्मी: बेटा यह तो बहुत खुशी की बात है। तुम मेरी चिंता मत करो, यहां जुनैद है। और तुम्हारे लिए जुनैद ने होटल बुक कर लिया हैं। तुम आज बहुत थक चुके होंगे। तुम होटल पर जाकर आराम करो। कल आराम से आना। लव यू बेटा।
मैं सोचा अभी मेरे पास बहुत टाइम है। क्यों ना होटल की जगह मैं घर जाकर मम्मी को सरप्राइज़ दे देता हूं। फिर मैंने जल्दी से कार बुक की, और घर के लिए निकल गया। मैं रात के 11 बजें अपने घर पहुंच गया। देखा दरवाजा अंदर से लॉक था। फिर मैंने अपने पास रखी दूसरी चाबी से गेट खोला, और बिना आवाज़ किए मैं घर के अंदर आया। मैंने देखा पूरे घर में अंधेरा था। बस मम्मी के कमरे में लाइट जल रही थी।
मैंने सुना अंदर से छन-छन की आवाज़ आ रही थी, जैसे पैरों की पायल बज रही हो। मैंने सोचा मेरी विधवा मां तो पायल पहनती नहीं है, फिर यह आवाज़ कैसी? फिर मैं दबे पांव मम्मी के कमरे के पास गया, और कमरे की खिड़की से मैंने अंदर जो देखा। वो देख कर मेरे पैरों तले से ज़मीन खिसक गई।
अंदर मेरी रंडी मां लाल पेटिकोट और ब्रा में खड़ी हुई जुनैद को किस्स कर रही थी। और जुनैद मम्मी की चूचियों को दबा रहा था। मम्मी की लाल साड़ी और जुनैद का कुर्ता जमीन पर पड़े हुआ था। आधी नंगी मम्मी को देख कर लग रहा था उनका प्रोग्राम अभी कुछ देर पहले ही चालू हुआ था। मुझे अब समझ आया मेरी मां मुझे इसलिए होटल में रुकने के लिए बोल रही थी। ताकि मम्मी जुनैद से खुल के चुद सके।
मम्मी जुनैद के होठों को चूसते हुए छोड़ कर उससे दूर हो जाती है। वो अपने 2 कदम पीछे लेती हैं और अपने हाथों को पीछे ले जाकर ब्रा खोल के उसे हवा में उछाल देती है। मम्मी का ये जोश देख कर जुनैद खुश हो जाता है।
जुनैद मम्मी की सख़्त चूचियां देख कर बोला: वाह सविता क्या टाइट चूचियां है तेरी! किसी लड़की के जैसी लग रही है। आज तो मैं इनका रस निचोड़ के रहूंगा। फिर जुनैद मम्मी की एक चूची को चूसते हुए दूसरी को दबाने लगता हैं। मेरी मां अपने मुंह से बड़ी ही कामुक आवाजें निकल रही थी।
मम्मी: आह आह आह उफ जुनैद जी निचोड़ दो इन चूचियों को ढीली कर दो। आपको देख कर अकसर अकड़ जाती हैं।
जुनैद दूसरी को चूसता और पहली को दबाने लगता। मेरी मां जुनैद के सिर पर हाथ फेरते हुए उसे अपनी चूचियां चुसवा रही थी। मम्मी के निपल जुनैद के चूसने से एक-दम खड़े हो चुके थे। मम्मी के निपल देख कर मैंने सोचा जिसे मैं कभी चूसा करता था, वह आज जुनैद बड़े ही मजे से चूस-चूस के लाल कर रहा था।
जुनैद: सविता तेरी इन चूचियों में अभी तक जवानी का रस भरा हुआ है। मेरी जान बस इनसे निकलता दूध मुझे और पीना है।
मम्मी: उफ्फ आह जुनैद जी उसके लिए आपको मुझे अपने बच्चे की मां बनाना होगा।
जुनैद: मेरी जान तेरे लिए तो कुछ भी करूंगा।
फिर जुनैद मम्मी का पेटीकोट खोल देता है, जो सरकता हुआ जमीन पर गिर जाता है। मम्मी उसे अपने पैरों से अलग कर देती हैं। अब मेरी मां जुनैद के सामने बस पेंटी में ही खड़ी हुई थी। मम्मी की रस भरी जांघ, चिकनी टांगे, और पैरों में पायल उफ्फ! मम्मी पूरी कामवासना की देवी लग रही थी।
जुनैद मम्मी को उपर से चूमता हुआ नीचे आता है। फिर जमीन पर बैठ कर मम्मी की नाभि चाटते हुए मम्मी की पेंटी उतार देता है। मैंने देखा आज मेरी मां की चूत एक-दम चमक रही थी। चूत के मोटे-मोटे होंठ आपस में चिपके हुए बड़े ही मस्त लग रहे थे।
जुनैद मम्मी की एक टांग अपने कंधों पर रखता हैं। मम्मी की दूसरी टांग जमीन पर होती हैं। फिर जुनैद मम्मी की दोनों टांगे के बीच बैठ कर अपना मुंह ऊपर करके मम्मी की चूत को चूम लेता है, और धीरे-धीरे चूत की दरार में अपनी जीभ फेरने लगता है। जुनैद के चूत चाटने से मेरी मां एक-दम मदहोश हो जाती है।
मम्मी अपनी चूचियों को मसलते हुए बोली: उफ्फ जुनैद यह क्या कर रहे हो। आअअ आहा मेरे राजा जी। ऐसा तो मेरे पति ने कभी नहीं किया। आआ सीसीसी उफ्फफफ।
मेरी मां अपनी आंखों को बंद कर लेती है, और उसके सिर पर हाथ रह कर अपनी कमर को आगे-पीछे करते हुए अपनी चूत को जुनैद के मुंह पर रगड़ना शुरू कर देती हैं।
मम्मी: उफ्फ आहहह आ आह आह जुनैद जी बड़ा मजा आ रहा है। उफ्फ ऐसे ही करते रहो।
जुनैद एक हाथ से मम्मी की चूत खोल कर अपनी जीभ को अंदर-बाहर करता है। बीच-बीच में चूत के दाने को मुंह में भर कर चूसने लगता है। जुनैद को मम्मी की चूत चूसते हुए देख कर मुझे बहुत ही जलन हो रही थी। मन कर रहा था इस साले नौकर को अभी भगा दूं।
मेरी मम्मी अपनी लंबी-लंबी आहे भरते हुए अपनी कमर को जुनैद के मुंह पर तेजी से रगड़ रही थी। जुनैद मां की चूत के दाने को चूसता जा रहा था। मम्मी की हालत कुछ देर में ही बिगड़ जाती है।
मम्मी: आह आह आअआअ जुनैद जी उफ्फ में झड़ने वाली हूं।
जुनैद के बालों को नोचती हुई उसके मुंह में झड़ जाती है, और लंबी-लंबी सांसे लेते हुए मम्मी बोली: सॉरी जुनैद जी मेरे से रुका नहीं गया।
जुनैद मम्मी की चूत चाट के साफ कर देता है। फिर खड़ा होके मम्मी को अपनी बाहों में भर कर जुनैद बोला: मेरी जान, तेरा गाढ़ा माल चाट कर मजा ही आ गया।
जुनैद मम्मी को किस्स करने लगता है। मम्मी भी उसके होठों पर लगा अपनी चूत का माल चूस रही थी। कुछ देर में मेरी मां फिर गर्म हो जाती है, और जुनैद के होठों को चूसते हुए उसके पजामे का नाड़ा खोल देती है। जो सरकता हुआ जमीन पर गिर जाता है। मैंने देखा जुनैद बिना अंडरवियर के अब पूरा नंगा खड़ा था। उसका बिना झांटों वाला चिकना मूसल लौड़ा एक-दम टाइट हो गया था, जो बहुत ही बड़ा और मोटा था। जैसा पोर्न वीडियो में होता हैं।
उसके लंड की नसें फूली हुई अलग ही नजर आ रही थी। मैंने सोचा जुनैद आज इस हैवी लौड़े से मेरी मां का बुरा हाल कर देगा। अब जुनैद मेरी मम्मी के होठों से अपने होठ अलग करता है, और उन्हें अपना लंड चूसने के लिए बोलता है।
मम्मी शर्माते हुए बोली: जुनैद जी यह मैंने पहले कभी नहीं किया।
जुनैद: मेरी जान तुमने अपने नामर्द पति से अपनी चूत भी कभी नहीं चटवाई थी। पर आज तुम इस मर्द के लिए सब करोगी।
फिर जुनैद मम्मी को नीचे बैठने को बोलता है। मम्मी ना-ना करते हुए भी अपनी आंखे बंद कर के नीचे बैठ जाती है।
जुनैद: जान अब शर्मा मत। अपनी आंखें खोलो। देखो तुम्हारे सामने एक मर्द का मूसल लंड है। तुम्हारे पति की लुल्ली नहीं है।
मैं सोचा मेरी मां-पापा के बारे में कैसी-कैसी उल्टी बातें सुन रही थी। साली संस्कारी से इतनी जल्दी जुनैद की रंड बन गई। जुनैद के कहने पर मेरी मां ने अपनी आंखें खोली, और सामने देख कर एक-दम से मुंह पर हाथ रख कर मम्मी बोली: बाप रे इतना लंबा और मोटा। जुनैद आप सही बोल रहे हो। ऐसा लंड आप जैसे मर्द का ही हो सकता है।
फिर मेरी मां जुनैद का मूसल लंड अपने कोमल हाथों में लेती है, और उसे आगे-पीछे करती हुई जुनैद की आंखों में देखती हैं। फिर जुनैद को एक स्माइल करके, उसके लंड के टोपे पर एक किस्स कर देती हैं। फिर मम्मी अपनी जीभ को लंड के टोपे के चारों तरफ घुमा के उसे चाटती हुई बोली-
मम्मी: जुनैद जी आपका मूसल लंड बड़ा ही प्यारा है। इस लंड से मैं अपनी वर्षों की प्यास बुझाना चाहती हूं।
अब मम्मी जुनैद की आंखों में देखते हुए उसके लंड का मोटा टोपा मुंह में लेती है। लंड को अपने हाथों से आगे-पीछे करते हुए चूसने लगती हैं। मम्मी के पिंक होठों में जुनैद का काला मूसल लंड देख कर मुझे जलन हो रही थी। मेरी मां लंड को ऐसे चूस रही थी, जैसे कुल्फी चूस रही हो। साली रंडी ने कभी मेरे बाप का लंड ऐसे नहीं चूसा था। ऐसे क्या, उसने तो मेरे बाप को ये सुख ही नहीं दिया था।
मम्मी बीच-बीच में जुनैद के लटके हुए दो अंडों को भी चूस चाट रही थीं। धीरे-धीरे मेरी मम्मी लंड को अपने गले तक ले रही थीं। जुनैद मम्मी की खुली जुल्फों को एक साइड में करता है, फिर मम्मी का सिर पकड़ के लंड को जल्दी-जल्दी उनके मुंह में अंदर-बाहर करना शुरू कर देता है।
जुनैद मम्मी के हलक तक लंड डाल रहा था। जिससे उनकी आंखे बाहर आ जाती थी और उनके मुंह से गुड़ुप्प-गुड़ुप की आवाजें निकल रही थी। जुनैद कुछ देर मम्मी की हलक में अपना लंड फंसाए रखा।
जब मम्मी की आंखें बाहर आने लगती, तब जुनैद अपना लंड मम्मी के मुंह से बाहर निकालता, जो उनके थूक से पूरा गीला हुआ पड़ा था। लंड निकलने के बाद मेरी रंडी मम्मी हांफने लगती हैं और बोली: आह जुनैद जी, आप तो मुझे मार ही डालेंगे। आपका यह मोटा टोपा मेरे हलक में फंस गया था।
जुनैद: मेरी रांड में तुझे कुछ नहीं होने दूंगा।
मम्मी मुस्कुराती हुई फिर उसका लंड चूसने लगी, जैसे लॉलीपॉप चूस रही हो। उसके लंड पर लगा अपना थूक भी किसी क्रीम की तरह चाट लेती। फिर जुनैद के आंड को अपने मुंह में लेने की कोशिश कर रही थी। जो उनके मुंह में सही से आ भी नहीं रहा था।
मेरी मम्मी की हालत खराब हो रही थी और रंडी की तरह लंड चूसने का मजा ले रही थीं। मम्मी लंड चूसते हुऐ इतनी गर्म हो गई की उनका हाथ उनकी चूत को सहलाने लगा। थोड़ी देर की लंड चुसाई में जुनैद हांफते हुऐ मम्मी का सिर पकड़ लेता है। फिर एक लंबी सांसे लेकर मम्मी के मुंह में झड़ जाता है
मम्मी कुछ समझ पाती उससे पहले ही जुनैद का लंड मम्मी के मुंह में गाढ़ा वीर्य उगल देता है। जुनैद ने मम्मी का सिर पकड़ा हुआ था, जिससे उन्हें ना चाहते हुए भी जुनैद का वीर्य पीना पड़ा। फिर जुनैद अपना लंड मम्मी के मुंह से निकाल कर मम्मी को खड़ी करके उन्हें अपने गले लगा लेता है।
मम्मी जुनैद के सीने पर घूंसे मारते हुएं बोली: जुनैद जी आप बड़े ही गंदे हो। आपने मेरे मुंह में अपना वीर्य निकाल दिया।
जुनैद बोला: क्यों मेरी जान, तुम्हे अच्छा नहीं लगा?
मम्मी शर्माते हुएं बोली: आपका मर्दाना वीर्य पी कर बहुत अच्छा लगा।
फिर जुनैद मम्मी को अपनी मजबूत बाहों में उठा कर बेड पर पटक देता है। मम्मी जुनैद को अपने ऊपर खींच लेती है, और उससे लिपट कर गोल घूम जाती हैं। जिससे जुनैद मम्मी के नीचे और मम्मी उसके ऊपर आ जाती हैं। यह देख कर मुझे अपना याद आ जाता है, जब मम्मी मेरे ऊपर थी और मेरा लंड उनकी चूत पर टकरा रहा था। पर आज मम्मी जुनैद के ऊपर ऐसे नंगी लेटी हुई थी। फिर मम्मी जुनैद के पूरे सीने को चूमते हुऐ उसके निपल को चूस रही थी। जुनैद के होठों पर अपने होंठ रख कर बड़े ही कामुक अंदाज में उसके होंठ चूसने लगती हैं।
मम्मी जुनैद के होठों को चूसते हुऐ अपनी नंगी चूचियों को उसके सीने में रगड़ रही थी। और नीचे से उनकी रस छोड़ती चूत भी लंड के ऊपर रगड़ खा रही थी। जो जुनैद के लंड में एक बार फिर से जान डाल देती हैं। जुनैद मम्मी की गांड अपने मजबूत हाथों में पकड़ लेता है, और नीचे से अपने लंड को मम्मी की चूत पर रगड़ते हुए मम्मी के होठों को बेरहमी से चबाने लगता है।
मम्मी जुनैद के इस दोहरे वार से झटपटाने लगती है। फिर चुदासी औरत की तरह अपनी कमर को तेजी से आगे-पीछे करने लगती है। और कुछ देर में अपनी चूत को जुनैद के विशाल लंड पर रगड़ते हुएं थरथरा के झड़ जाती है।
मम्मी अपने होंठ जुनैद से अलग कर के हाफते हुऐ बोली: जुनैद मेरे से अब रहा नहीं जा रहा है। कैसे भी करके मेरी चूत का ज्वालामुखी शांत करो।
फिर मेरी मां जुनैद के ऊपर से उतर के बगल में लेट जाती हैं, और अपनी टांगों को हवा में खड़ी कर लेती है। जुनैद मम्मी के दोनों टांगे के बीच बैठ जाता है, और उनकी चूत में अपना हाथ फेरते हुए जुनैद बोला-
जुनैद: तेरी चूत की आग तो मैं आज ऐसे शांत करूंगा कि तू पूरी जिंदगी मुझे याद करेगी।
मम्मी: जैसा आपका मन करे जुनैद मुझे वैसे चोदो। बस अपने इस विशाल लौड़े से मेरी वर्षों की प्यास बुझा दो।
जुनैद मां की कमर के नीचे एक तकिया लगाता है, जिससे उनकी गांड ऊंची हो जाती है। फिर जुनैद मां की चूत की दरार में लंड घिसने लगता है।
मम्मी तड़पती हुई आवाज़ में बोली: जुनैद जी, अब और ना तड़पाओ। अपना मूसल लंड मेरी चूत में डाल दो।
जुनैद अपना लंड चूत के मुंह पर लगा कर हल्का सा धक्का देता है, जिससे उसका मोटा टोपा ही चूत के छल्ले में घुस पाता है। टोपा घुसते ही मां के मुंह से एक दर्द भरी आवाज़ निकल जाती है।
मम्मी बोली: उफ्फ जुनैद जी, आराम से डालो। आपका लंड काफी मोटा है।
जुनैद मम्मी की दोनों टांगे अपने मज़बूत कंधों पर रखता है और मम्मी की आंखों में देखते हुऐ एक तेज धक्का मारता है। इससे उसका आधा लंड मम्मी की चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुस जाता है। मैंने देखा आधा लंड जाते ही मेरी मां की आंखे बाहर आ जाती है। साथ में उनकी जोरदार चीख निकल जाती है।
आई आअआअ सीईईई करती हुई मम्मी बोली: जुनैद बाहर निकालो अपने लंड को, उफ्फ बहुत दर्द हो रहा है। आईईईई मां।
जुनैद अपने आधे लंड को ही अंदर-बाहर करके चूत में जगह बनाता है। मम्मी की टाइट चूत जुनैद के मोटे लंड को जकड़े हुए थी, जो जुनैद को कुंवारी चूत के जैसा मजा दे रही थी। जुनैद मम्मी के लिप्स लॉक करके एक ज़ोरदार धक्का मारता है, जिससे उसका मूसल लंड मां की चूत को चीरता हुआ पूरा घुस जाता है।
इस बार मम्मी की चीख जुनैद के मुंह में ही रह जाती है। मम्मी अपने हाथ पैरों को झटपटाते हुई अपना मुंह जुनैद से अलग करती है।
फिर दर्द भारी आवाज़ में मम्मी बोली: जुनैद जी मेरी इन चीखों को आज मत रोको। ऐसी चीखें मेरी सुहागरात पर भी नहीं निकली थी, जो आज आपने निकल दी। आअआअ सीईईई उफ्फफफ आ आआ आआ सीसीसी।
मम्मी की बात सुन कर मुझे हैरानी हुए कि जिसे मैं संस्कारी औरत समझता था, वो अपने अंदर रंडीपन छुपाए हुऐ थी।
जुनैद बोला: वाह मेरी जान, अब आएगा मज़ा तुझे चोदने में। आज तुझे मैं अपनी औरत बनाऊंगा।
फिर जुनैद अपने मूसल लंड को मम्मी की टाइट चूत में आगे-पीछे करते हुए अपने पूरे लंड के लिए जगह बना लेता है। मेरी मां जुनैद के हर हल्के झटकों पर आअअ आआ आअआअ सीईईई उफ्फ करती हुई बोली-
मम्मी: हां जुनैद, मुझे आपसे आज खुल कर चुदाई का मजा लेना है। आपके इस फौलादी मूसल लौड़े से मुझे आपकी औरत बना दो। अब से जब भी आपका मन करेगा, मैं आपसे चुदने तैयार रहूंगी।
जुनैद अपने धक्के तेज करता है। मम्मी भी उसका साथ देती हुई अपनी गांड आगे-पीछे करने लगती है। मम्मी की टाइट चूत में जुनैद का लंड जाते हुए देख कर मेरा लंड भी पानी छोड़ रहा था। जुनैद जब अपना मूसल लंड मम्मी की चूत से पूरा बाहर निकालता हैं। तब मैंने देखा उसके लंड पर मम्मी का खून लगा हुआ था। जुनैद फिर एक ज़ोरदार धक्का देकर अपना पूरा मूसल लंड मां की चूत में पेल देता है, जो उनकी बच्चेदानी से टकरा जाता है। तब उनके मुंह से बड़ी ही कामुक आवाज़ निकलती है।
मम्मी: आअअ उफ्फ आईईसी लगता है जुनैद तुम्हारा लंड मेरी बंद पड़ी बच्चेदानी खोल देगा, आअअ आअआअ।
जुनैद बिना रहम किए मां की तेज धक्कों से चुदाई कर रहा था। जिसका मजा मेरी मां भी ले रही थी। पूरे कमरे में मां की सिसकारियां, थप-थप, टप-टप, और मैरी मां की पायलों की छन-छन की आवाजें गूंज रही थी। कुछ देर में जुनैद मम्मी को घोड़ी बना देता है और खुद उनके पीछे आके अपना मूसल लंड मम्मी की चूत पर सैट करके एक धक्के में ही पूरा पेल देता है। धीरे-धीरे जुनैद अपने धक्के तेज कर देता है।
जुनैद के तेज धक्कों से मेरी मां आगे खिसक रही थी। फिर जुनैद ने मम्मी की गांड को मजबूत हाथों में पकड़ के लंबे-लंबे शॉट मारने शुरू किए। अब मेरी मम्मी की नीचे लटकी हुई चूचियां हिलने लगी थी, और उनकी गांड से पट-पट और लंड चूत में जाने से पुच-पुच की आवाज़ें आ रही थी। मेरी मां अपनी कामुक आवाजों से जुनैद का जोश बढ़ा रही थी।
मम्मी: आअआअ आआ और चोदो मुझे जुनैद। फाड़ दो मेरी चूत उफ्फ। आज मुझे असली चुदाई का सुख मिल रहा है। आप एक असली मर्द हो।
जुनैद बोला: आह मुझे भी मजा आ गया साली तेरी चूत अभी तक टाइट थी। ले खा मेरा लंड। चल रंडी अब तुझे में अपने लौड़े की सवारी करता हूं।
फिर जुनैद नीचे लेट जाता है। मेरी मम्मी अपनी दोनों टांगे फेला कर जुनैद के लंड को अपनी चूत में सैट कर के बैठ जाती है। फिर जुनैद के मूसल लंड पर उछलने लगती है। मेरी मम्मी जो अभी टोपा अंदर जाने से चीख रही थी, वो अब पूरा मूसल अपनी चूत में झड़ तक निगल रही थी। मां के बड़े-बड़े चूतड़ जुनैद के जांघों से टकरा कर थप-थप की आवाज़ आ रही थी।
मम्मी: आअआअ जुनैद जी आपके लंड की सवारी करने में बड़ा ही मजा आ रहा है। अगर आप मुझे ना मिले होते तो यह चरम सुख मुझे कभी ना मिलता।
थोड़ी देर में मम्मी हांफते हुए बोली: जुनैद जी, बस मेरे से अब और नहीं होगा आह।
और उनकी चूत पुच-पुच करती हुई जुनैद के लंड पर झड़ जाती है। झड़ने के बाद मम्मी भी जुनैद के ऊपर लुढ़क जाती है।
जुनैद: साली अभी तो मेरे लंड की आग बाकी है।
फिर जुनैद मम्मी को बगल में लिटा कर, उनकी टांगे खोल कर, मम्मी के ऊपर चढ़ जाता है। अपना लंड पेल के धक्के मारता है। मम्मी जुनैद को कुछ देर रुकने के लिए बोलती है, पर जुनैद मम्मी की एक नहीं सुनता। इधर मेरे लंड से भी पानी निकल गया था। पर साला जुनैद रुकने का नाम नहीं ले रहा था। थोड़ी देर बाद जुनैद भी लंबी-लंबी सांसे लेते हुए झड़ने की कगार पर आ जाता है।
जुनैद: बोल रंडी मेरा बीज कहा लेगी?
मम्मी हांफते हुऐ बोली: जुनैद जी बाहर निकालो, अंदर मत निकालना।
जुनैद अपना वीर्य मां के पेट पर निकाल देता है, जिसे मम्मी चाट लेती है। फिर जुनैद का लंड भी चूस के साफ कर देती है। मम्मी जुनैद के सीने से लिपट कर लेट जाती है, और उससे प्यार भरी बातें करती हैं।
मम्मी बोली: जुनैद जी आपने एक चुदाई में ही मेरी चूत निचोड़ दी। ऐसी चुदाई मेरी पहले कभी नहीं हुई थी।
जुनैद: मेरी जान अभी तो पूरी रात बाकी है। इसलिए तेरे बेटे को बाहर भेजा, ताकि तेरी चुदाई पूरी रात कर सकूं।
मम्मी उसके सीने में घूंसे मरते हुए बोली: आप बड़े शातिर हो। वैसे जुनैद जी मैं भी यहीं चाहती थी, कि राहुल बेटा ना हो तब मैं आपके साथ खुल के चुदाई का मजा ले सकूं।
जुनैद: तुम बाहर से संस्कारी, अंदर से बड़ी ही रंडी औरत हो।
मम्मी मुस्कराते हुएं बोली: आपके इस मोटे मूसल लंड ने मुझे आपकी रंडी बने पर मजबूर किया है। जुनैद जी आपके लंड के बिना अब मैं नहीं रह पाऊंगी।
जुनैद फिर मम्मी को किस्स करने लगता है। मम्मी भी थोड़ी देर में गर्म हो जाती है, और उसके लंड को मुंह में लेकर खड़ा कर देती है। इस बार मम्मी का लंड चूसने का अंदाज एक पोर्न स्टार की तरह हो गाया था। साली रांड 2 मिनट में ही जुनैद के मूसल लंड पर कूदना शुरू कर देती है। एक एक्सपर्ट रंडी के जैसे मम्मी जुनैद से चुदवा रही थी। फिर जुनैद मम्मी को घोड़ी बना कर पीछे से ठोकने लगता है, और मम्मी की बड़ी गांड पर चाटे मारते हुए चुदाई करता है।
मम्मी: आअआअ आआ उफ्फ हां जुनैद जी, ऐसे ही चोदो। मुझे पूरी रंडी बना दो।बहुत मजा आ रहा है। ई लव यू लव यू जुनैद तुम ही मेरे पति हो आज से। आअआअ आआ मुझे आपसे रोज ऐसी चुदाई चाहिए।
जुनैद: साली रंडी तेरी गांड बहुत मस्त है। बस मुझे इसे चोदनी है।
मम्मी: उफ्फ जुनैद जी मेरी गांड अभी कुंवारी है। आपका मोटा लंड में नहीं झेल सकती हूं।
जुनैद मम्मी की गांड के छेद पर ढेर सारा थूक लगता है, और उसे मसलने लगता है। मम्मी जुनैद का हाथ छेद पर लगते ही घबराती हुए मम्मी बोली: नहीं-नहीं जुनैद जी, मेरी कोरी गांड अभी मत खोलो। मैं अपनी कुंवारी गांड आपको सुहागरात पर देना चाहती हूं। जिसे मैंने अभी तक अपने पति से बचा के रखा था।
जुनैद मम्मी की यह बात सुन कर खुश हो जाता है, और जल्दी ही झड़ने के कगार पर आ जाता है। मम्मी उसे अंदर झड़ने से रोक लेती है, और उसके लंड के सामने अपना मुंह खोल कर बैठ जाती है।
मम्मी: आआ जुनैद जी मेरे मुंह में निकालो।
जुनैद हांफते हुऐ मम्मी के मुंह में अपना माल बहा देता है, जिसे मेरी मम्मी पूरा पी जाती है, और लंड पर लगा हुआ वीर्य अपनी जीभ से चाट के साफ कर देती है।
मम्मी बोली: जुनैद आपके लंड का वीर्य पी कर तो मजा ही आ गया। काश मुझे यह जवानी में पीने को मिलता।
जुनैद: मेरी जान तुम अभी भी किसी लड़की से कम जवान नहीं हो।
फिर दोनों लिपट कर नंगे ही सो जाते हैं। मैं भी अपने कमरे में आकर कुछ देर के लिए सो जाता हूं। कुछ दो घंटे बाद मेरी आंखें खुलती हैं। मैंने समय देखा सुबह के 5 बज रहे थे। मैं सोचा मम्मी को पता नहीं लगे, मैं घर से बाहर निकल जाता हूं, और सुबह उनके सामने घर में आने का नाटक करूंगा। जिससे उन्हें लगेगा मैं अभी घर में आया हूं।
फिर मैं अपने कमरे से बाहर आया, सोचा एक बार मम्मी को देख लेता हूं। मम्मी के कमरे में देखा तब वो अपनी आंखे बंद किए पेट के बल लेटी हुई थी, अपनी गांड ऊपर करके। जुनैद साला मेरी सोती हुई मम्मी की चूत में लंड डाल रहा था। जुनैद का मूसल लंड मम्मी की चूत में जाते ही उनके मुंह से एक लंबी अआआ निकलती है।
मम्मी: ओहो जुनैद, सोने भी दो। रात से 3 बार चोद चुके हो।
जुनैद: चुप-चाप लेटी रह और चुदाई का मजा ले रंडी।
जुनैद अपने धक्के तेज कर देता है। मेरी मम्मी भी अपनी टांगे खोल देती है, और एक राउंड चुदाई का मजा लेती हे। थोड़ी देर बाद दोनों झड़ जाते हैं। फिर चुदाई का माहोल शांत होने के बाद दोनों नंगे ही लिपट के सो जाते हैं। मम्मी की चुदाई देख कर मैं भी तीन बार झड़ चुका था। अब उनको सोता देख मैं घर का गेट लॉक करके बाहर निकल जाता हूं।
कुछ घंटे बाहर बिताने के बाद मैं सुबह 8 बजे घर लौट के आता हूं। घर के अंदर आते ही मैंने मम्मी को आवाज़ दी, जिससे उन्हें लगे कि मैं अभी घर आ रहा था। कुछ देर बाद मैंने देखा मेरी मां बॉथरूम से नहा के आ रही थी। उनको ऊपर से नीचे तक देख कर मेरी आंखें चौंक जाती है। मैं सोचा मेरी मां जुनैद की एक रात की चुदाई में इतनी बदल गई। मेरी मां एक काले रंग की बेबी डोल शॉर्ट नाइटी पहने हुई थी, जो उनकी गांड तक ही आ रही थी।
नाइटी का कपड़ा इतना बारीक नेट वाला था, कि उसके अंदर की लाल ब्रा-पैंटी और आधी नंगी गांड नज़र आ रही थी। और आगे से उसका गला इतना खुला हुआ था कि उनकी चुचियों की पूरी गहराई नज़र आ रही थी।
मां को देख कर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरी मां इतनी रंडी बन जाएगी। मम्मी मेरी उम्मीद से भी ज़्यादा आगे निकल रही थी। मैं उन्हें देख कर इतना खो गया था कि मुझे होश तब आया तब मम्मी बोली-
मम्मी: राहुल बेटा अब मुझे देखते ही रहोगे? जाओ पहले फ्रेश होके आओ, फिर हम बैठ कर बातें करेंगे।
मेरी मां को लगा जैसे मैं अभी-अभी घर आया था। फिर मैं फ्रेश होके हॉल में आया और सोफे पर आकर बैठ जाता हूं। मम्मी किचन से मेरे लिए नाश्ता लेकर आती है। मैंने देखा वो लंगड़ा के और अपनी टांगे चौड़ी करके चल रही थी। वैसे तो मुझे सब पता था, फिर भी मैं मम्मी के सामने अपना झूठा ड्रामा कर लेता हूं, जैसे मुझे रात का कुछ पता ही नहीं हो। जब मम्मी मेरे पास आई-
मैं बोला: मम्मी आपको क्या हुआ है? आप ऐसे क्यों चल रही हो?
मम्मी बोली: बेटा कल रात घर की बिजली चली गई थी उस वज़ह से मैं अंधेरे में बेड से टकरा गई। खैर यह सब छोड़ो बेटा, तुम बताओ मैं कैसी लग रही हूं?
मैं बोला: हां मम्मी, आप हॉट एंड सेक्सी लग रही हो। पर मुझे ऐसी ड्रेस में आपका जुनैद के सामने जाना अच्छा नहीं लगता।
मम्मी: बेटा जुनैद को तुम अब भी पराया समझते हो। उसकी वजह से ही कल तुम्हे इतनी बढ़ी डील मिली है।
मेरी मां अपने हस्ते हुएं चेहरे से मेरे सामने इतना बड़ा झूठ बोल रही थी। उनके चेहरे पर जुनैद की चुदाई का दर्द और खुशी दोनों नज़र आ रही थी। और उनके चेहरे पर मैंने एक चीज़ और नोटिस की, वो थी उनकी नाक की चमचमाती नथ, जो एक विधवा औरत बिल्कुल नहीं पहनती। मम्मी का यह बदलता रूप बता रहा था कि उनको अब चरमसुख मिल गया था। जो कभी उनको मेरे पापा सी नहीं मिला था।
मेरा मन बोल रहा था मुझे इसमें अब अपनी टांग नहीं अड़ानी चाहिए जिसमें मम्मी की खुशी है। फिर मम्मी को अपने गले से लगाते हुए-
मैं बोला: हां मम्मी, जुनैद की मेहनत से आज मुझे इतनी बड़ी डील मिली है। आज उसकी वज़ह से मुझे बहुत खुशी हो रही है।
फिर मैं मम्मी के साथ बैठ कर चाय पीने लगा। तभी मुझे जुनैद मम्मी के कमरे से बाहर आता हुआ दिखा। जिसे देख मेरा माथा ठनक गया। जुनैद बस अंडरवियर में ही मम्मी कमरे से बाहर आता है, और हॉल में हमें देख गुड मॉर्निंग कहता है। फिर बॉथरूम चला जाता है। मम्मी मेरा चेहरे देख भाप लेती है कि मुझे ये देख गुस्सा आ रहा था। मैं उसी गुस्से के अंदाज में बोला-
मैं: मम्मी यह क्या है? जुनैद आपके कमरे से ऐसे बाहर आ रहा है? क्या वो आपके कमरे में सो रहा था? उसकी यह हिम्मत कैसे हुई आपके साथ?
मम्मी अपने आप को संभालते हुए कुछ सोचती है। फिर मेरे करीब आके मेरे गालों पर अपने मुलायम हाथों को फेरते हुए मम्मी बोली: क्या बेटा?
मैं: नहीं मम्मी मुझे बताओ उसकी हिम्मत कैसे हुई?
मम्मी घबराते हुए बोली: बेटा मेरी बात तो सुनो। जुनैद को मैंने ही बोला था अपने कमरे में सोने के लिए।
मैं: मम्मी पर आपने उसे अपने साथ क्यूं सोने दिया? वो भी सिर्फ अंडरवीयर में?
मम्मी: बेटा कल रात घर की बिजली चली गई थी। जिस वजह से मुझे काफी घबराहट हो गई थी। (रोते हुए) मुझे अकेले में डर लग रहा था। अगर तुम घर में होते तो मुझे जुनैद को नहीं बुलाना पड़ता। उसने बस मेरा अकेलापन दूर किया था। उसकी वज़ह से मुझे चैन की नींद आई थी।
फिर मम्मी ने मुझे घर का शॉट सर्किट दिखाया। जिसे देखा कर मेरा सर चकरा गया। सोचा नहीं था मेरी मां इस कदर इतना बड़ा झूठ तैयार करके बोलेंगी। अगर रात मैंने लाइव चुदाई नहीं देखी होती, तो मम्मी अपने इस झूठ से अपना रंडीपना मेरे से छुपा लेती। फिर मम्मी मेरे कंधों पर अपना सिर रखते हुए बोली-
मम्मी: अब तो विश्वास करो हम पर। जुनैद गलत नहीं है, वो तो मेरी खुशी के लिए।
मैंने भी अपने गुस्से को शांत करते हुए बोला: सॉरी मम्मी, मैंने आपको गलत समझा।
मम्मी बोली: बेटा जुनैद जी को कभी गलत मत समझना। वो तो घर की खुशियां चाहते हैं। तुम्हारे पापा के जाने के बाद जुनैद जी ही वो खुशियां ला सकते हैं। अगर उन्हें पता लगा इस बारे में तो वह नाराज़ हो जाएंगे। प्लीज बेटा उनके सामने मत बोलना।
मैं: ठीक है मम्मी, मैं वैसा ही करूंगा जैसा आप बोलो।
मैं सोचा मेरे इस नाटक से मम्मी मुझे अपने दिल की बात बताएगी, पर ऐसा नहीं हुआ। फिर उनके चेहरे पर एक बार फिर से खुशी आई। थोड़ी देर में जुनैद भी नहा के हमारे पास बस लुंगी में आ गया। मम्मी उसके लिए कॉफी लेने चली जाती हैं। फिर मैंने जुनैद के काम की तारीफ की उसे डील की सारी बातें बताई। मैंने देखा मम्मी उसके लिए कॉफी लेकर आ रही थी। मैंने तुरंत जुनैद को अपने गले से लगाते हुए बोला-
मैं: जुनैद आज तुम्हारी वजह से मुझे इतनी बड़ी खुशी मिली है। बताओ मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं?
जुनैद बोला: आपने तो पहले ही इतना कुछ दिया। अब तो मुझे बस आपके घर का सदस्य बनना है।
मम्मी यह सब देख कर और खुश हो जाती है। एक बार फिर से उनके चेहरे पर निखार आ जाता है। मम्मी जुनैद को कॉफी देते हुए बोली-
मम्मी: जुनैद जी आप तो पहले दिन से ही हमारे घर के सदस्य बन गए थे। क्यों राहुल बेटा?
मैं: हां मम्मी जुनैद अब हमारे घर का मेम्बर है। इस खुशी में मैं चाहता हूं कि हम लोग आज रात डिनर किसी होटल में करें।
मम्मी: बेटा पर मेरे टांग में मोच आई हुई है। मैं कैसे चलूंगी?
जुनैद बोला: सविता जी आप घबराओ मत, मैं आपके साथ रहूंगा। अब राहुल बेटे ने बोला है तो चलना ही होगा।
जुनैद के मुंह से अपने लिए बेटा सुन कर मुझे अंदर गुस्सा भी आ रहा था, और उसके लिए बाप की फीलिंग्स भी हो रही थी। मैं सोचा यह कहीं ना कहीं दोनों की चाल थी, मुझे अपने रिश्ते में लाने की। मैंने देखा मम्मी के चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई थी। मेरे लिए जुनैद के मुंह से बेटा सुन के मम्मी उसकी आंखों में देखते हुए-
मम्मी बोली: थैंक्स जुनैद जी, मैं तो चाहती हूं आप मेरे साथ हमेशा रहे।
फिर मैं उधर से बॉथरूम में जाने का बहाना लेकर हट गया, ताकि वो मेरे जाने के बाद बात कर सके। फिर मैं उनको छुप कर देखने लगा। मेरे जाते ही जुनैद ने मम्मी को खींच कर अपनी गोद में बैठा लिया, फिर उनकी नंगी टांगों पर हाथ फेरते हुए-
जुनैद बोला: जान आज तो मैं डर ही गया था।
मम्मी जुनैद के होठों को चूमते हुए बोली: आपको मेरे होते हुए डरने की ज़रूरत नहीं है। यही नहीं में आपके लिए कुछ भी कर सकती हूं।
जुनैद बोला: मैंने देखा था मेरी जान तुमने कैसे राहुल को मना लिया था।
मम्मी: आज राहुल बेटे से झूठ बोल कर मुझे अच्छा नहीं लग रहा। मैं चाहती हूं राहुल भी आपको अपना ले। मुझे पता है वो मेरी खुशी के लिए आपको अपना पापा जरूर मानेगा।
फिर दोनों किस्स करने लगते हैं। थोड़ी देर में मम्मी उससे अलग हो जाती है। यह बोल के कि कही राहुल फिर देख कर नाराज़ ना हो जाए। मैंने देखा मम्मी के दिल में जुनैद के प्रति बहुत प्यार था। यह दिख भी रहा था जुनैद की चुदाई से मेरी मां का रोम-रोम खिल उठा था। यह खुशी मैंने कभी पापा के होते हुए मम्मी के चेहरे पर नहीं देखी जो आज चमक रही थी। शायद फ़र्क मर्द का नहीं लंड का भी होता हैं जो जुनैद के फौलादी मूसल में था।
फिर शाम को मम्मी ब्लैक रंग की साड़ी पहन कर तैयार होती है। उसका ब्लाउज बैक लेस था जो सिर्फ डोरी पर बांधा हुआ था। आगे से उनका गला बहुत नीचे था, जिससे उनकी चूचियों में बन रही दरार बहुत मोटी लग रही थी। सच कहूं तो मम्मी किसी सेक्सी एल्बम से निकली हुए मॉडल लग रही थी।
मैं तो मम्मी की हॉटनेस देख कर कही खो गया। मेरे साथ बैठा जुनैद भी मम्मी को आंखें फाड़ कर देख रहा था। मम्मी अपने कमरे से चल कर हमारे पास आ रही थी। तभी उनकी ऊंची हिल्स की सैंडल मूड जाती हैं, जिससे वो अनबैलेंस होके गिरने को हो गई थी। जुनैद तुरंत भाग के जाता है, और उनका एक हाथ पकड़ लेता है, और अपना एक हाथ उनकी कमर में डाल कर मम्मी को गिरने से बचा लेता है।
कुछ पल तक दोनों एक-दूसरे की आंखों में देखते रहते हैं। मैंने देखा उनका पल्लू उनकी चूचियों से गिर गया था। मम्मी की गोरी आधी नंगी चूचियां दिख रही थी, और जुनैद की नज़र उनके ब्लाउज के ऊपर टिक गई थी। मैं उन्हें होश में लाने के लिए।
मैं बोला: मम्मी आपको कुछ हुआ तो नहीं?
फिर अपने आप को संभालते हुए मम्मी बोली: हां बेटा मैं ठीक हूं। थैंक्स जुनैद जी, अच्छा हुआ अपने मुझे गिरने से बचा लिया।
साला ठरकी जुनैद मेरे देखने के बाद भी अपना हाथ उनकी नंगी कमर से नहीं हटाता। फिर अपने पल्लू को बिना ठीक किए एक कदम उठाते ही आऊछ करते हुए मम्मी बोली: बेटा मैं नहीं चल सकती आह।
जुनैद बोला: ओहो आप टेंशन मत लो। आप मेरी इन मजबूत बाहों का सहारा लेकर चल सकती है।
साला जुनैद पीछे से मां की गांड पर अपना हाथ फेर देता, जिससे मम्मी उसकी तरफ देख कर शर्मा जाती हैं। उन्हें लगा रहा था जैसे मुझे ये सब दिख नहीं रहा है।
फिर मम्मी अपनी कामुक आवाज़ में बोली: थैंक्स जुनैद जी मुझे आपके सहारे की ही जरूरत थी।
कही ना कहीं मुझे यह मम्मी की एक चाल लग रही थी। जिससे वो मेरे सामने जुनैद का हाथ अपनी कमर पर रखवा सकें। मेरे मन में मम्मी के लिए बहुत गालियां निकल रही थी। साली रंडी जुनैद की एक चुदाई में मेरा बाप को भूल गई।
फिर हम लोग घर से निकल जाते हैं। हमारे सभी पड़ोसी मम्मी और जुनैद को ही देख रहे थे। कुछ लोग तो आपस में बाते भी कर रहे थे। मेरी मां को फिर भी कोई शर्म लाज नहीं आ रही थी। वो जुनैद का हाथ पकड़े रास्ते में चल रही थी। फिर जुनैद मम्मी को एक मॉल में लेकर जाता है। मम्मी उधर जुनैद की पसन्द की कुछ फैंसी ड्रेस लेती है और कुछ ब्रा पैंटी के सेंट।
पूरे मॉल में जुनैद मम्मी की कमर में अपना हाथ डाल कर चल रहा था, जैसे वो पति-पत्नी हो। आज मुझे मम्मी के चेहरे पर जो खुशी दिख रही थी, वैसी पहले कभी नहीं देखी थी। मेरी मम्मी अपनी नंगी कमर पर जुनैद का हाथ रखवा कर मटक-मटक चल रही थी। फिर शॉपिंग करने के बाद मैं खाने के लिए होटल चॉइस करता हूं।
तभी मम्मी बोली: बेटा आज जुनैद जी को चॉइस करने दो होटल।
जुनैद बोला: यहां से थोड़ी दूर पर मेरे दोस्त का ही होटल है, हम उधर चलते हैं।
मम्मी: जुनैद जी जैसा आपको अच्छा लगे।
फिर हम जुनैद के कहने पर चल रहे थे। मेरी मम्मी एक संस्कारी औरत की तरह अपने सिर पर साड़ी का पल्लू रख कर चल रही थी। देखने वाले लोगों को लग रहा था जैसे यह पति-पत्नी घूम रहे हैं। फिर जुनैद हमे होटल के सामने लाता हैं, जिसे देख मम्मी और मैं बोल पड़ते हैं, “जुनैद हम तो यह पहले आ चुके है।”
जुनैद: यह मेरे खास दोस्त का होटल है। आज मैं उनसे अपको मिलवाता हूं।
मम्मी बोली: जुनैद जी मैं आपके दोस्त से कैसे मिलूंगी? मुझे उनके सामने शर्म आएगी।
फिर मम्मी अपनी साड़ी को नाभि से ठीक करती है, और अपने सिर का पल्लू और नीचे कर लेती हैं, जैसे एक नई नवेली दुल्हन हो। फिर हम लोग होटल के अंदर जाते हैं। अंदर मम्मी जुनैद के साथ मेरे सामने वाले सोफे पर चिपक कर बैठ गई थी। फिर जुनैद एक वेटर से पानी मांगता है, और उसे अपने दोस्त के बारे में पूछता है।
वेटर ने बताया: मालिक अभी बाहर गए है, थोड़ी देर में आ जाएंगे।
जब तक हम कुछ नाश्ता करते हैं। मैंने देखा मम्मी को जब मिर्ची लगती है, वो जुनैद का जूठा गिलास उठा कर उसका पानी पी लेती है, और गिलास पर अपने होठों की लिपस्टिक के निशान छोड़ देती है।
मेरी मम्मी जुनैद की आंखों में देखते हुए बोली: जुनैद जी आप ना होते तो यह खुशी मुझे कभी नहीं मिलती। राहुल के पापा तो कभी बाहर घूमने में दिलचस्पी नहीं रखते थे।
जुनैद: सविता जी, अब मैं आ गया हूं। आपको किसी बात की कमी नहीं होगी। आपने मुझे परिवार का हिस्सा बना दिया है।
मैं भी मम्मी की खुशी के लिए बोल दिया: हां जुनैद तुम मेरे परिवार का एक हिस्सा हो। बस तुम्हें घर के लिए थोड़ी और मेहनत करनी है।
जुनैद: मैं तो कुछ भी करने के लिए तैयार हूं। बाकी मेरी मेहनत सविता जी कल देख ही ली थी।
मम्मी जुनैद की बात से शर्मा जाती है। उन्हें पता था जुनैद कल रात की दमदार चुदाई वाली मेहनत की बात कर रहा था।
मम्मी शर्माते हुएं बोली: जुनैद जी आप राहुल के पापा से भी अच्छी मेहनत करते हो। मैं तो खुशनसीब हूं जो आप मुझे मिले।
दोनों ही डबल मीनिंग में बात कर रहे थे। मेरे सामने उन्हें लग रहा था, जैसा मैं कुछ समझा नहीं। मैं भी अंजान बनते हुए-
मैं बोला: मम्मी आप किस चीज की बात कर रही है। जुनैद ने पापा से अच्छी मेहनत कैसे?
मम्मी शर्माते हुएं बोली: कुछ नहीं बेटा, जुनैद जी ने कल वाली डील में अच्छी मेहनत की थी।
मैं: हां मम्मी वो तो है। जुनैद तारीफे काबिल है। वैसे हमे काफी समय हो गया, अब घर चलना चाहिए।
जुनैद: मेरा दोस्त आता ही होगा। हम उसे मिल कर घर चलेंगे।
फिर मैं ठीक है बोल कर वाशरूम चला जाता हूं। जब थोड़ी देर बाद मैं उनके पास जाने लगा, मैंने देखा मेरी जगह पर एक आदमी बैठा हुआ था। जो देखने में काफी गौरा और तगड़ा लग रहा था। जुनैद से भी ज़्यादा उसका बदन चौड़ा और गठीला था। मैं उनके कुछ और नजदीक गया उनकी बाते सुने के लिए। मैं उनके बगल के सोफे पर बैठ गया, जहां से मैं आराम से उन्हें देख रहा था। मैंने देखा मेरी मां उसको ही देख रही थी, और वो मम्मी की तारीफ किए जा रहा था।
जुनैद बोला: आरिफ भाई अब बस भी करो। देखो तुम्हारी भाभी शर्माने लगी है।
आरिफ: जुनैद जितना तुमने बताया था, भाभी उससे भी ज़्यादा खूबसूरत हैं।
मम्मी शर्माते हुएं अपना सिर जुनैद के सीने में छुपा लेती हैं। जुनैद मम्मी की नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगता हैं, जिसे देख आरिफ बोला: सच में जुनैद, तुम बहुत लकी हो, जो सविता जैसी भाभी तुम्हें मिली। वैसे आपके बीच कुछ हुआ या नहीं?
मम्मी आरिफ की बात सुनते ही जुनैद की आंखों में देखने लगती हैं, और जुनैद को एक कातिलाना मुस्कान दे देती हैं, जिससे जुनैद बोला: हां, कल ही हमारी एक खूबसूरत फर्स्ट नाइट बीती है। सविता जी को पाकर मुझे काफी खुशी हुई।
मम्मी जुनैद की बाते सुन के उससे और शर्माने लगी थी, और उसके सीने में एक-दो घूंसे मार देती है।
आरिफ: भाभी जी अब हमसे क्या शर्माना? अब बोलो भी कैसी रही आपकी जुनैद के साथ रात?
मम्मी अपनी चुदाई की बातें एक नए मर्द के सामने सुन के काफी शर्मा रही थी। और जुनैद की आंखों में अपनी नशीली आंखों से देख रही थी।
जुनैद बोला: सविता, आरिफ मेरा दोस्त ही नहीं एक भाई जैसा भी है। हम दोनों अपनी कोई बात नहीं छुपाते, तुम खोल के बोल सकती हो।
दोनों मम्मी से काफी जिद करते है बोलने के लिए। फिर मम्मी अपनी शर्म को दूर करते हुए बोली: काफी अच्छी रही जुनैद जी। ऐसा प्यार मुझे कभी नहीं मिला था। इतना बोल के मम्मी शर्माते हुवे जुनैद की बाहों में लिपट जाती हैं।
साला आरिफ मां की नंगी कमर और गांड को ही देखते हुए बोला: फिर तो जुनैद की रात काफी रंगीन रही होगी।
जुनैद: हां सविता जी की एक इच्छा है उसे हम अच्छे से पूरी करना चाहते हैं।
आरिफ: क्या इच्छा है हमें भी तो बताओ?
जुनैद मम्मी का फेस ऊपर करता है और उनके होठों पर चूम लेता है। फिर अपना एक हाथ मम्मी की गांड पर फेरते हुए बोला: इनकी इच्छा सुहागरात की हैं। तुम्हारी भाभी को गांड अभी कोरी हैं।
आरिफ: वाह क्या बात है जुनैद! तुम तो बड़े ही क़िस्मत वाले निकले। मैं तो आप लोगों के लिए अल्लाह से यही दुआ करूंगा कि आप लोगों की जोड़ी बनी रहे।
मैंने देखा मम्मी का फेस कभी कामुक और मदहोश हो गया था, उनके मुंह से अपनी चुदाई की बातें सुन कर। उन्हें देख कर लग रहा था कही ना कहीं वो अपनी बातों से गर्म हो रही थी। जुनैद मेरी मां की चुदास को देखते हुएं आरिफ के सामने ही मम्मी के होठों पर किस्स कर लेता है और बोला: मेरी जान से मुझे कोई अलग नहीं कर सकता।
आरिफ: वैसे आप लोगों ने सुहागरात प्लान किया या नहीं?
जुनैद: आरिफ भाई अभी तो हम सोच ही रहे थे।
आरिफ: मेरा मनाली में अपना रिसॉर्ट है। आप लोग चाहे तो उधर आराम से सुहागरात मना सकते। यह मेरी तरफ से भाभी जी के लिए एक तोहफ़ा है।
मम्मी खुश होती हुई बोली: थैंक्स आरिफ जी, आपने हमारे लिए इतना सोचा। मुझे आपसे मिल कर खुशी हुई।
आरिफ: भाभी जी मुझे थैंक्स नहीं बस आपके हाथों की चाय पीनी है।
जुनैद: हां आरिफ भाई, हम आपको चाय पर जरूर बुलाएंगे, क्यूं मेरी जान?
मम्मी: जी हां, और आपको मैं अपने हाथों से नाश्ता भी कराऊंगी।
आरिफ: ठीक है फिर मैं इंतज़ार करूंगा। अब काफी समय हो गया है, अब मुझे चलना चाहिए।
मम्मी: आप हमारे बेटे से एक बार मिल कर जाएं। वो आता ही होगा।
मुझे मम्मी की बात सुन कर गुस्सा और एक काफी खुशी भी हो रही थी, कि मुझे अपनी ही मां की सुहागरात देखने को मिलेगी, जो कुछ ही बेटों को नसीब होती है। यह सब सोचने के थोड़ी देर बाद मैं उनके पास गया था। फिर जुनैद ने मेरा परिचय आरिफ से कराया। मैंने मम्मी के सामने उन्हें सलाम किया और उनके काम की तारीफ करी।
मुझे याद आया जब मैं फास्ट टाइम मम्मी को लेकर यहां आया था, यही साला मेरी मां को बहुत घूर रहा था। पर यह बात अभी जुनैद को नहीं पता थी। आरिफ का मम्मी को अपने रिसॉर्ट पर सुहागरात करने इन्वाइट करना मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं सोचा वक्त आने पर इसका भी पता लग ही जाएगा। फिर थोड़ी देर बाद हम होटल से अपने घर के लिए निकल गए।।
