माँ की अधूरी इच्छा 9

माँ बेटा
सरला जोर से अरुन तुम निचे चलो मैं चेंज करके आती हू।
अरुण: ओके माँ और वही बेड पर बैठ जाता है।
सरला अरुन के पास जा कर
क्या पहनू मेरी जान ।
अरुण: पहले उतारो तो सही।
और सरला एक कदम पीछे हो कर अपनी साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट उतार देति है और सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी हो जाती है ।
अरुण: ऊँगली से इशारा करते हुए इन्हे भी उतारो।
सरला: एक झटका से ब्रा उतार कर अरुन के मुह पर फ़ेक देति है और पेंटी की इलास्टिक में ऊँगली फेर कर उतारने की एक्टिंग करती है पर उतारती नहीं ।
अरुण: उतारो माँ क्या हुआ।
सरला: अरुन के पास जा कर।
अपना एक बूब्सअरुन के मुह में दे देती है और उसके
कान मैं धीरे से ये मेरी जान का सरप्राइज है हमारी सुहागरात के लिए तब तक उपर से काम चलाओ। जैसे
मैने तेरे लंड को हाथ में ले कर काम चला रही हूँ और उसके लंड को उसकी जीन्स के उपर से मसल देती है।
और उसको अपने बूब्स पर और कस कर भीच लेती है।
कुछ देर यु ही मज़े लेने के बाद।
सरला: अरुन जाओ मैं निचे आती हूँ ।
और अरुन कुछ नहीं करता और निचे आ जाता है और सरला का वेट करता है।

थोड़ी देर बाद सरला भी निचे आ जाती है।
और दोनों बाहर निकल जाते है।

सरला अरुन को अब कहाँ चले जान ।
अरुण: आप बताओ।
सरला: वही कल वाले होटल में।
अरुण: चलो।

और आधे घंटे में दोनों होटल के रूम में होते है।

और सरला अरुन से चिपक जाती है।
और दोनों काफी देर ऐसे हे खड़े रहते है।
सरला अरुन से अलग होते हुए
अरुण : क्या हुआ ।
सरला: ऐसे ही खड़े रहने का किराया दिया है क्या।
अरुण: ओह ।

और दोनों बेड पर चढ जाते है।
और एक दूसरे के ऑंखों में देखते है ।
सरला: क्या देख रहा है।
अरुण: कुछ नहीं बस अपने गरम माल को देख रहा हुँ।
सरला: शर्म नहीं आती अपनी माँ को माल बोलते हुए।
अरुण: नहीं आती।
सरला: बेशरम कहीं का।
और अरुन को बेड पर धक्का दे कर लीटा देती है।
और उसकी दोनों टांगो के बीच में आ कर बैठ जाती है।
अरुण: सरला को देखते हुए।
सरला: उसे चुप रहने का इशारा करती है।
और उसकी जीन्स उतारने लगती है।
और फिर उसका अंडरबिअर उतार कर साइड में रख देती है।अरून अब कमर के निचे बिलकुल नंगा था।
और सरला बड़े प्यार से अरुन के लंड को घुर रही थी।

अरुन ने कुछ कहने की कोशिश की पर सरला ने फिर उसे चुप रहने का इशारा किया।
शायद अरुन सरला के जजबात समझ नहीं पा रहा था
ओ उसे कैसे बताए की उसका लंड उस के पति से डबल था।लम्बाई और मोटाई दोनों में।
ओ समझ नहीं पा रही थी की वो उसे अपने अंदर कैसे लेगी और सोचते २ उस पर हाथ फेरने लगती है।
और सरला के हाथ लगने से अरुन का लंड धीरे २ अपनी औक़ात में आने लगता है।
सरला और घबरा जाती है ।
अरुण; अब चुप नहीं रहता ।
क्या हुआ माँ
सरला: कुछ नहीं और उसको सहलाती रहती है कभी उसके लंड तो कभी उस के टट्टों को।
अरुण: कुछ करो न मां।
सरला: कर तो रही हूँ ।
अरुण: इसे प्यार करो ना।
सरला: वो सब हनीमून पे।
अरुण: मैं मुह में लेने की बात कर रहा हुँ।
सरला: मुह में पागल है क्या।ये कोई मुह में लेने की चीज़ है।
अरुण: और क्या माँ आज कल तो पहले सकिंग बाद में फकिंग।
सरला: ये सकिंग क्या होता है ।

सरला: ये सकिंग क्या होता है ।
अरुण: माँ अब नाटक मत करो प्लीज ब्लोजॉब दो ना।
सरला: हैरानी से पूछती है ये ब्लोजॉब क्या होता है।
अरुण: क्या सच में आप को नहीं पता ।
सरला: नहीं अरुन मुझे सच में नहीं पता।
अरुण: क्या आप ने पापा को कभी ब्लोजॉब नहीं दिया।
सरला: प्लीज अरुन सच में मुझे नहीं पता की ब्लोजॉब क्या होता है तेरे पापा के साथ करने की बात तो दुर की है।

अरुण: माँ ब्लोजॉब में लड़की लडके का लंड मुह में ले कर चुस्ती है जैसे कोई लोलीपोप चूस रहा हो और जब तक चुस्ती रहती है जब लडके का पानी न निकल जाये और उसके बाद उसका पानी पी जाती है इसे ब्लोजॉब कहते है।
और आज कल तो लड़कियाँ ब्लोजॉब ज्यादा देना पसंद करती है क्यों की इससे लड़के का काम हो जाता है और लड़के उसके बाद फुद्दी मारने की ज़िद नहीं करते।
सरला: आस्चर्यचकित होते हुए ये तो पहली बार सुन रही हू।
मैने तो आज तक नहीं किया और न तेरे पापा ने करने को कहा।
अरुण: क्या आज तक आप ने लंड मुह में नहीं लिया।
सरल: नहीं
अरुण: फिर क्या किया।
सरला: वही जो सब करते है मुझे निचे लिटाये और मेरे उपर आ कर अपना पानी निकाल दिया।
अरुण: और आप का
सरला: मेरा क्या।
अरुण: आप का पानी।
सरला: पागल हो क्या लड़की का पानी निकलता है क्या।
अरुण: माँ सच में आप को नहीं पता या मुझे पागल बना रही हो।
सरला: तेरी कसम बेटा मुझे जितना पता था सब बता दिया।
और इस में मेरी गलती भी नहीं है अरुन मेरी शादी १७ साल की उम्र में हो गई थी ।
और १८ साल की उम्र में तुम दोनों ने जनम लिया।
शादी से पहले कुछ लिया नहीं था क्यों की कभी मौका ही नहीं मिला जब तब जवान हुए शादी हो गई खेलने की उम्र में मैं दो बच्चो की माँ बन गई और पति को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। किया तो कर लिया मेरे मन की कभी सुनि नहीं अपना काम किया। पीठ मेरी ओर की और सो गये।
अरून अपनी माँ की ओर देखते हुए।
सरला; क्या हुआ ।
अरुण: कुछ नहीं और उठ कर सरला को अपनी बाँहों में भीच लेता है ।
सरला: क्या हुआ ।
अरुण: कुछ नहीं मोम
अब मैं आ गया हूँ ।
अब आप वो सब करोगी जो अब तब आप को मिलना चाहिए था।मै आप की हर इच्छा पूरी करुँगा।

सरला: और अरुन के कान में

” मेरी हर अधुरी इच्छा मेरे बेटे “
अरुण: हाँ माँ हर अधुरी इच्छा ।

अब अरुन को समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे।
सरला: क्या हुआ अरुण।
अरुण: कुछ नहीं माँ और उसके होंठो को चुस्ने लगता है और सरला उसका साथ देने लगती है।
अरून सरला के होठ चुसते २ उसके दोनों चूचियों को मसलने लगता है।
सरला: आह अरुन धीरे प्यार से जान।
अरुण: अरुन आप को देख कर कण्ट्रोल नहीं होता मन करता है कच्चा चबा जाउ।
सरला: मना किस ने किया है मसलने का मन कर रहा है मसल ले मेरी जान कुछ नहीं बोलुंगी।
और अरुन के साथ मज़े लेने लगती है।
थोड़ी देर बाद अरुण।
सब से पहले आप को सकिंग सिखनि पड़ेगी
सिखोगी ना।
सरला: इससे तुझे मज़े आयेंगे ।
अरुण: बहुत माँ इतना की मैं बता नहीं सकता।
सरला: ठीक है मैं सीखुंगी।
अरुण: ओके और बेड से खड़ा होने लगता है।
सरला: क्या हुआ अरुन कहा जा रहे हो।
अरुण: एक मिनट रुकिये।
ओर बेड के बराबर में खड़ा हो जाता है।
और सरला को बेड पर पैर लटका कर बैठने को कहता है ।
अब पोजीशन ऐसे थी की अरुन का लंड सरला के मुह के पास था।
अरुण: माँ
सरला: हाँ बेटा।
अरुण: अब इसे प्यार करो.

सरला: किस को ।
अरुण: जो आप के सामने है ।
सरला: अरुन को देखते हुए।
अरुण: क्या हुआ जान।
सरला रोते हुए
अरुण: क्या हुआ मोम।
ओ रोती रहती है।
अरुण: घबरा जाता है।
बालो न माँ क्या हुआ।
सरला: सॉरी बेटे मुझे सच में नहीं आता इसे प्यार कैसे करते है।
अरुण: तो इस में रोने की क्या बात है मैं हूँ न मैं आप को सिखाऊगा प्यार करना ।
और सरला को खड़ा कर लेता है
और उसका माथा चुमते हुए
सिखोगी ना।
सरला:हाँ में सर हिला देती है।
और सोचती है की बचपन मैं मैंने इसे चलना सिखाया था आज मुझे ये प्यार करना सिखायेंगा।
अरुण: क्या हुआ माँ ।
सरल: कुछ नहीं बताओ क्या करना है मुझे जिससे की मेरे राजा को मजा आये बिना चुत मारे।
अरुण: क्या कहा माँ आप ने अभी।
सरला: शरमाते हुए ।
अरुण: बोलो न माँ ।
सरला: बिना चुत मारे।
अरुन सरला को कस कर भीच लेता है और उसे निचे बिठाने लगता है।
सरला: उसकी ओर देखते हुए जैसे पूछ रही हो अब क्या करना है।
पर हाय रे किस्मत तभी गेट पर नॉक होता है।
साहब रूम खाली कर दो और निकल जाओ पुलिस की रेड पड़ी है।
अरून और सरला समझ नहीं पाते और कपडे ठीक करके बाहर निकलते है।
और बाहर सारे लोग भाग रहे थे
और भागते हुए लोगो से पूछा तो किसी ने बताया यहाँ का होटल मालिक सेक्स रैकेट चलाता है और पुलिस की रेड पड़ी है और कहता है आप दोनों भी भागो नहीं तो पुलिस पकड़ लेगी और भाग जाता है।
अरून सरला को लेके बाहर भागने लगता है।
क्यूं की उसे पता था अगर पकडे गये तो घर बालों को पुलिस बुलायेगी और वो उनको कोई जवाब नहीं दे पायेंगे।

सरला और अरुन होटल से निकल कर सीधे घर पहुचे
घर पहुच कर दोनों ने राहत की साँस ली और पूरा दिन काम में निकल गया।शाम को खाना खाने के बाद।

लेडीस एक साथ बैठी हुए थी और जेनट्स अलग।
और हमारे लवर्स एक दूसरे में खोये हुए थे।तभी लेडीज शादी वाले दिन ब्यूटी पार्लर जाने की बात करने लगी ।
अरुन ने सरला को मैसेज किया आप भी चली जाना।

सरला: नहीं तुम मुझे लेकर जाओगे।
अरुण: ओके मेरी जान।
इसी तरह टाइम पास होने लगा।

और सोने का टाइम हो गया ।
मेहमान के ज्यादा आने से जिस को जहाँ जगह मिली सो गया और सरला को रूम मिला था उस में सारी लेडीज सोने चलि गई थी क्यों की उसमे शीशा लगा था और उन की मेहंदी लगनी थी।सरला भी सोने की तैयारी कर रही थी ।तभी उसके मोबाइल पे मैसेज आया।

अरुण: क्या कर रही हो जान।

सरला के साथ नीतू सोनिया, और साक्षी सो रही थी
जेंट्स अलग रूम में।

सरला थोड़ा साइड हो कर कम्बल ओढ़ लेती है
सोनिया ठण्ड लग रही है क्या ।
सरला; हाँ और कम्बल मुह तक ओढ़ लेती है और अरुन के मैसेज का जवाब देति है।
सरला: कुछ नही
अरुण: मेरी याद आ रही है।
सरला: बहुत
अरुण: कितनी।
सरला: बता नहीं सकती।
अरुण: और अपने छोटे बेटे की ।
सरला: उसको अभी देखने मन कर रहा है।
अरुण: तो आ जाओ देख लो।
सरला: कैसे जान
अरुण: अच्छा देख कर क्या करोगी।
सरला: जो तुम कहोगे।
अरुण: पक्का।
सरला: का मेरी जान।
अरुण: मेरा इंतज़ार कब ख़तम होगा।
सरला: कौन सा।
अरुण: वो जगह देखने का जहाँ से मैं यहाँ आया हूँ।
सरला शरमा जाती है कोई जवाब नहीं देती।
अरुण: क्या हुआ।
सरला: मुझे बात नहीं करनी।
अरुण: क्यों
सरला: तुम बहुत गंदे हो।
अरुण: अच्छा और जब आप अपने छोटे बेटे को देखने को कहती हो।
सरला: मैं तो देखुंगी।
अरुण: उसी तरह मैं भी।
सरला: ओके देख लेना।
अरुण: अच्छा वो क्लीन शेव है या उस पर बाल है।
सरला: चुप करो।
अरुण: बोलो न।
सरला: जवाब नहीं देती उल्टा पूछती है।
तूम्हे कैसे पसंद है।
अरुण: पता नही।
सरला: क्या ।
अरुण: अभी देखि नहीं है न जब देखुंग तभी बता पाउँगा की क्लीन अच्छि लगती है या बालों वाली ।
या त्रिम की हुई।
सरला: अच्छा पहले जनाब देखेंगे
अरुण: हां और आप को
सरला: क्या
अरुण: क्लीन या बालों वाला।
सरला: मुझे नहीं पता।
अरुण: क्यु।
सरला: मैंने भी अभी तक तुम्हारे पापा का देखा है उनके बहुत बाल रहते है और मुझे अच्छा नहीं लगता
अरुण: मेरा भी तो देखा था क्लीन शेव।
सरला: वही तो बोल रही क्लीन देखा है ,बालों में कहाँ देखा है जब देखुंगी तब बताऊगी।
अरुण: माँ
सरला: हाँ।
अरुण: आई लव यू
सरला: आई लव यु टू ।

अरुण; मेरे पास आओ न आप को हग करने मान कर रहा है।
सरला: मेरा भी
अरुण: फिर
सरला: कुछ कर ना।
अरुण: ओके ।
कुछ देर मैसेज नहीं आता।
अरून का मैसेज।
सब सो गये।
सरला देखती है।हा सो गये।
अरुण: तो उठो और उप्पर छत पर आ जाओ।
सरला: पर कोई देख लेगा
अरुण: सब सो रहे है।
सरला: ओके ।
चुपके से उठती है और गेट खोल कर उपर निकल जाती है।
जैसे ही उपर पहुचती है।
कोई उसे हाथ पकड़ कर खींच लेता है।
और उपर का गेट बंद कर देता है।
सरला घबरा कर कौन।
अरुण: मैं हूँ जान।
सरला: ओह अरुन कह कर उसके गले लग जाती है
और दोनों एक दूसरे को बेतहासा चुमने लगते है।
और फिर अलग हो कर।
सरल: अरुन अब और बरदास्त नहीं होता।
अरुण: मुझे भी मा।
सरला: मुझे घर ले चलो जहाँ सिर्फ मैं और तुम और कोई नहीं
अरुण: पापा ।
सरला: वो रात को आते है और रात का भी कोई न कोई इन्तज़ाम हो जाएगा।
तभी अरुन का हाथ सरला के मम्मे पर जाता है।
सरला: क्या हुआ बेटा।
अरुण: दूध पीना है ।
सरला: क्यों खाना नहीं खाया मेरे राजा ने
अरुण: खाया पर अभी भी भूख है।
दूध पिलाओ ना।
सरला: अरुन कोई उपर तो नहीं आयेगा।
अरुण; नहीं माँ इस टाइम उपर कौन आयेगा।
और आयेगा तो गेट अंदर से बंद है हमारे हाथ में है खोलना।
सरला: चुपचाप अपना कुर्ता निकालती है और
हाथ पीछे ले जाकर ब्रा का हुक खोलती है।
और वही छत पर दिवार के सहारे बैठ कर अरुन का सर अपनी गोदी मैं रख कर उसका मुह अपने एक निप्पल पे लगा देती है।
और दुसरा हाथ दूसरे मम्मे पे रख देती है।

और अरुन बड़े प्यार से दूध पिने लगता है
जब की उस में से कुछ नहीं निकल रहा था।
इधर सरला की बैचनी बढ़ती जाती है ।
और अरुन बेक़ाबू हो कर कस कस चूसने लगता है।
उसके निप्पल पे डांट गडा देता है।
सरला: धीरे अरुन धीरे
दान्त मत गडा दर्द होता है।

पर अरुन तो पागल हो गया था।
सरला भी समझ गयी थी पहली बार है मेरे बेटे का कण्ट्रोल नहीं हो रहा होगा और वो चुप हो जाती है और अरुन को मानमानी करने देती है।

कुछ देर ऐसे ही चूसने के बाद अरुण सरला को देखते हुए
सरला: क्या हुआ पेट भर गया।
अरून कुछ नहीं बोलता।
और सरला का एक हाथ पकड़ कर अपने पैंट के फुले हुए हिस्से पर रख देता है।
सरला उस जगह को प्यार से सहलाती है।
अरुण: कुछ करो न मोम।
सरला: सहलाते हुए क्या करुं।
अरुण: ब्लोजॉब दो ना।
सरला कुछ नहीं बोलती ।
अरुण: दो ना।
सरला: कुछ सोच कर मुझे नहीं आता ।
अरुण: क्या।
सरला: ब्लोजॉब देना।
अरुण; सिखना चाहोगी।
सरला : हाँ जरुर।

सरला: अभी भी उस फुले हुए हिस्से को सहलाती है।

अरुण: माँ इसे बाहर निकालो
सरला: उसके पाजामे को और अंडरवियर को निचे सरका देती है।जैसे ही अंडरवियर हटता है अरुन का लंड एक दम से तन कर सरला को सलामी देने लगता है।

सरला उसका ये हाल देख कर पागल जो जाती है और उसे कस कर मसल देती है।
अरून के मुह से सिसकी निकल जाती है।
सरला: क्या हुआ
अरुण: धीरे माँ।
सरला: क्यों तू धीरे कर रहा था मेरे बूब्स के साथ।
और एक बार कस कर मोड़ देती है।
अरुण: क्या हुआ नहीं मिला।
सरला: नहीं मिला लगता है लोहे का सलाख है।
और जड़ से टोपे तक उपर निचे करने लगती है।
और अरुन सिसकारी लेने लगता है क्यों न ले लाइफ में कोई लड़की पहली बार उसका लुंड चुसने जा रही थी वो भी उसकी मा।

सरला उसको बड़े प्यार से सहला रही थी
अरुण: माँ कुछ करो ना।
सरला: कर तो रही हूँ ।
अरुण: माँ ऐसे नहीं इसे अपने मुह में लो।
सरला: अरुन मुझे नहीं आता
अरुण; मैं बताता हूँ।
सरला: मेरे बेटे मैं तेरे साथ सुब कुछ करुँगी पर डर के साये में नहीं आराम से इत्मिनान से जल्दी वाज़ी में कोई मजा नहीं आएगा।
यहाँ कोई भी आ सकता है।
पहली बार मुह में लुंगी तो बड़े प्यार से यहाँ अँधेरा है कुछ दिख नहीं रहा।
प्लीज अरुन थोड़ा वेट कर लो घर पहुच कर जो तुम बोलोगे वैसे ही करुँगी अपनी जान के लिये।

अरुन पर माँ अभी कुछ करो ना।
सरला: बोल क्या करूँ।
अरुण: अपने हाथ से पानी निकाल दो।
सरला: अपने हाथ को अरुन के लुंड पे उपर निचे करने लगती है।
अरुण: सिसकारी लेते हुए सरला के एक मुम्मे को मुह में ले लेता है और दूसरे को हाथ से दबाने लगता है
ईधर सरला अपना हाथ तेजी से उपर निचे करने लगती है और दूसरे हाथ को अरुन के टट्टों पे रख कर उनको सहलाने लगती है और अरुण सरला के निप्पल पे डांट गडा देता है सरला कुछ नहीं बोलति अपने हाथ की स्पीड बढ़ा देती है।ईधर अरुन को एहसास होता है की उसके अंदर से कुछ निकलते वाला है वो बैचनी में अपनी कमर उठा देता हे
सरला को एहसास होता है की अरुन का निकलने वाला है और वो अपनी स्पीड और भड़ा देती है और अरुन के लंड से एक दम से पिचकारी छुटती है १ २ ३ ४ ५ धार उपर हवा में और अरुन का शरीर ऐंठ जाता है ।

सरला: बस बस हो गया ,हो गया मेरी जान आराम से मेरे बेटे का हो गया। बस हो गया मा तेरे पास है मेरे राजा मैं संभाल लुंगी तुझे।बस बस चुप हो जा चुप हो जा आराम से साँस ले।और उसका सर फिर से अपने एक निप्पल पर लगा देती है।

कुछ देर निप्पल चुस्ने के बाद अरुन आँख खोलता है
सरला उसको देखती है अरून कुछ बोलता है ।

सरला: उसके होंठो पर अपनी ऊँगली रखती है ।
चुप चाप लेटे रहो कुछ मत बोलो और उसकी ऑंखों में देखती रहती है।।
और अपनी ब्रा से अरुन के लंड को साफ करती है
अरून अब भी चुप चाप सरला की गोद में लेटा था।
सरला: उसके अंडरवियर और पाजामे को उपर करती है और अरुन के सर पे हाथ फेरती है।
और उसकी ऑंखों में देखते हुए ।
सरला: अब ठीक है मेरी जान।
अरूज़: हाँ मा।
सरला: कैसे लगा
अरुण: बहुत बढ़िया। पर माँ आप की ब्रा गन्दी हो गई।
सरला; होने दे धूल जायेगी पर मेरे राजा को जो मजा आया ये उसके सामने कुछ भी नही।निचे चले।
अरुण: माँ थोड़ी देर और रुकते है।
सरला: क्या फायदा कोई जाग गया तो।
अरुण: मैं कुछ करुं आप के लिये।
सरला: अब मेरे सब कुछ तुझे ही करना है पर ये सही जगह और माहौल नहीं है
जब टाइम आएगा मैं तुझ से सब करबा लुंगी।
सरला करेगा ना
अरुण: हाँ माँ आप जो बोलोगी वो करुन्गा।
सरला: चल चलते है।
और उठ कर अपना कुर्ता पहनती है और ब्रा को हाथ में पकड़ लेती है और अरुन के होंठो को एक बार फिर किस करती है और फिर दोनों आराम से निचे आ कर अपनी अपनी जगह सो जाते है।।।।।।।।

निचे आ कर दोनों अपनी अपनी जगह सो गये।
अगली सुबह
सब कुछ नार्मल चल रहा था।
कल की शादी थी
और भी कुछ नए रिश्तेदार आ गये थे।
सबी अपने अपने बातों में बिजी थे।
पर सरला और अरुन अपने सपनो में खोये हुए थे।
कल रात के बाद से सरला अरुन की एकदम दीवानी हो गई थी
मैसेज पर सरला अरुन से।

सरला: कैसा है मेरा राजा।
अरुण: मस्त मोम
सरला: मुझे तुझ से बात करनी है।
अरुण: हाँ बोलो मोम
सरला: शादी के बाद मुझे तेरे पापा के साथ नहीं जाना।
जैसे हम आये थे वैसे ही जाएंगे।
अरुण: ओके माँ जैसे मेरी जान चाहे।
तभी नीतू आ गई।
और अरुन पढ़ाई कैसी चल रही है ।
अरुण: बढ़िया।
नीतू: कभी घर नहीं आता।
अरुण: तूमने बुलाया नहीं।
नीतू: भाई को बुलाने की ज़रूरत है।
अरुण: चल देखते है।

नीतु के जाने के बाद सरला
अरून से।
सरला: कल क्या पह्नु।
अरुण: नई वाली ड्रेस्स
सरला: वो तो मुझे पता है।
अरुण: फिर
सरला: तूने जो मुझे अन्डरगारर्मेन्ट्स का कलेक्शन दिलाया है उसकी बात कर रही हूँ।
अरुण: आप के पीरियड्स ख़तम हो गये ना
सरला: हाँ तुझे बड़ी चिंता रहती है मेरे पीरियड्स की
अरुण: मुझे आप की हर बात की चिंता रहती है।
सरला: जैसे की।
अरुण: बोलु
सरला: हाँ बोल ना।
अरुण: आप की चुत की
सरला: शरमाते हुए चल बदमाश।
अरुण: कैसे है मेरी जान
सरला: दिख नहीं रहा
अरुण: मैं आप की नहीं मेरी छोटी जान की बात कर रहा हू।
सरला: तू अब पिटेगा।
अरुण: क्या जमाना आ गया जब किसी का हाल चाल पुछो तो पीटने की बात करता है।।
सरला: चुप कर बदमाश ।
कोई सुन लेगा।
अरुण: तो बताओ कैसे है मेरी छोटी जान।
सरला: मस्त है।
अरुण: ५ दिन से बड़ी परेशान होगी न।
सरला: अरुन को देखते हुए।
अरुण: मैं इसी लिए पूछ रहा था क्यों की आप के पीरियड्स चल रहे थे और पांचो दिन आप ने उसके मुह पर व्हिस्पर से बंद कर दिया था साँस भी बड़ी मुस्किल से ले पर रही होगी।
सरला: बड़ी आया चिंता करने वाला।
जो वो मुझे परशान करती है वो।
अरुण: वो कैसे
सरला: इन ५ दिनों की बजह से मैं तेरा लंड नहीं ले पाई वो।
सरला एकदम खुलेपन पे आ गई।

अरुण: चुप हो गया उसे भी पता था इस वजह से वो अभी तक अपनी प्यार माँ की चुत नहीं देख पाया था।।
सरला: बोल गलत बोल रही हूँ या सही।
अरुण: आप कभी गलत हो सकते हो क्या।
सरला: बता न कौन से पेंटी और ब्रा पहनु।
अरुण: कल बताऊँगा।
सरला: ओके जान
अरुण: माँ मेरा लुंड चुसोगी न।
सरला: अरुन सच में मैंने आज तक तेरे पापा का नहीं चुसा ।इसलिए मुझे पता नहीं कैसे करते है।
अरुण: मैं सिखाउंगा न फिर।
सरला हाँ में सर हिला देती है।
अरुण: बुरा तो नहीं लगेगा।
सरला: क्यु।
अरुण: कुछ औरतों को चुसने में घिन आती है क्यों की पेशाब करने की जगह है।
सरला: मुझे मेरे बेटे के किसी भी हिस्से से घिन नहीं आती जो वो चाहेगा वैसे ही करुँगी तेरे लिये।
और कुछ बोलने वाला होता है की सोनिया सरला को आवाज़ देती है और सरला उठके चलि जाती है।
और अरुन बाहर चला जाता है।

बाकी दिन ऐसे ही निकल गया सब बिजी थे क्यों की कल बारात आनी थी।रात को सोने के टाइम
सारे निचे बैठे थे और सोने की तयारी कर रहे थे ।
जीसकी जहाँ जगह मिले सोने लगा।।
११ बज चुके थे पर अरुन अभी घर नहीं आया था
बेनकेट हाल में हलवाई लगा था और घर के सभी बड़े वही थे।
अरून भी सोनु के साथ काफी बिजी था।
पर सरला क्या करे अब उसका मन तो अरुन के बिना एक पल भी कहीं नहीं लग रहा था।
काफी देर वेट करने के बाद भी जब अरुन नहीं आया तो सरला ने उसे मैसेज किया वो जानती थी की अगर वो फ्री होता तो उसके पास जरुर आ जाता।
” कहाँ हो मेरी जान “
थोड़ी देर बाद।

अरुण:बेंनकेट हॉल में।
सरला: क्या कर रहे हो मेरी जान।
अरुण : कुछ नहीं जबरदस्ती बैठा रखा है
सरला: तो अपनी मां के पास जल्दी से आ जाओ।
अरुण: पापा आने नहीं दे रहे।
कह रहे है यहीं सो जा।
सरला; आजा राजा अपनी जान के पास मुझे तेरे बिना अच्छा नहीं लग रहा ।
सरला: देखने का मन कर रहा है
अरुण: देखने का या कुछ और करने का।
सरला: जैसे की।
अरुण: मेरी इज़्ज़त लूटने का।
सरला: कर तो रहा है।
अरुण: कहीं ऐसा न हो मैं ही लूट लु।
सरला: एक ही बात है ।
अरुण: जानू
सरला; हाँ जान।
अरुण; कहीँ भाग चले।
सरला: क्यों
अरुण: और इंतज़ार नहीं होता।
सरला; बस कल की बात है जान फिर हमारे बीच कोई नहीं आएगा ।
अरुण: जान तुम्हारा छोटू परेसान कर रहा है।
सरला: तुम्हारी छोटी जान भी ।
अरुण: फिर
सरला: फिर सो जाओ कल बात करते है ।
गुड़ नाईट हब्बी
अरुण: गुड नाईट जानू।
और रात यु ही गुजर जाती है
अगली सुबह ,,,,,,,,,,,,
सब अपने अपने काम में बिजी होते है।
धीरे २ दिन गुजर जाता है।
शाम होती है
सब बारात की तैयारी करते है।
सरला अरुन के पास जान चेंज कर लो ।
पहले आप कर लो।
सरला: बोलो क्या पहनु।
अरुण: आज तो जी – स्ट्रिंग पहन लो
सरला: ओके जान और
अरुण : ड्रेस ले लो ब्यूटी पार्लर जाना है।
सरला: पर टाइम नहीं है।
अरुण: सब को छोडो ड्रेस उठाओ और चलो।
सरला अरुन के साथ चलि जाती है।
अरून उसे ब्यूटी पार्लर ले जाता है जहाँ वो तैयार होती है।और जब वो पार्टी में पहुचती है हर कोई उसे ही देख रहा होता है।

नीतु की माँ बहुत सूंदर लग रही है।
सरला: थैंक यु बेटा।
रमेश; ये क्या पहना है।
सरला: क्यों क्या हुआ ड्रेस है लेटेस्ट डिज़ाइन ।
रमेश:तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है ।
सरला कुछ नहीं बोलती।क्यूं की वो अपने अरुन के लिए तैयार हुई थी और अरुन खुश था तो वो भी।
सरला और अरुन साथ खड़े थे बरमाला पड़ रही थी।
अरुण; हम भी शादी कर ले।
सरला: क्यु।
अरुण: मन कर रहा है
सरला कुछ नहीं बोलती।

बरमाला होने के बाद सब खाना खाते है ।

अरुन एक प्लेट लगा कर लाता है और सरला उसी में उसके साथ खाती है ।
नीतु और रवि साथ में होते है
नीतु अरुन घर कब आ रहा है ।
अरुण: जब कोई बुलाये ।
नीतु: अभी चल।
अरुण: अभी नहीं फिर कभी।
और बात करते करते नीतू और रवि चले जाते है
अरुन सरला से
पैकिंग स्टार्ट करो।
किसकी
अरुण: सामान की हम अभी एक घंटे में निकल रहे है।
सरला: अचानक।
अरुण: जान आप की ही फरमाईश थी मेरे साथ अकेले जाना है।
सरला: हाँ पर अभी क्या बोलोगे ।
अरुण: मुझ पर बिश्वास नहीं।
सरला: अपनी जान से ज्यादा।
और रमेश के पास जाता है ।
सरला दुर खड़े हो कर दोनों को देखती है ।
थोड़ी देर बाद रमेश सरला के पास आते हुए।

रमेश: सरला अरुन अभी घर के लिए निकल रहा है ।
सरला अन्जान बनते हुए ।
क्यूं क्या हुआ
रमेश: बेचारे के दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है हालत काफी सीरियस है इसे जाना पडेगा।
सरला: अभी शादी छोड कर।
रमेश: उसे नहीं तुम्हे भी।
सरला: एक्टिंग करते हुए मैं कैसे जा सकती हुँ।
रमेश : देखो मैं रुक जाता हु तुम चलि जाओ बेचारे के साथ ।
सरला: ओके जैसे आप चाहें।
पर अभी किसी को मत बताना नहीं तो मुझे जाने नहीं देंगे।और फटाफट अरुन के साथ बैंक्केट हॉल से निकल जाती है।जब घर पहुचते है।कोई नहीं होता ।
निचे एक २ बुजुर्ग बैठे थे
दोनो जल्दी से उपर जाते है।
सरला बैग पैकिंग करने की कोशिश करती है ।
अरुण: जान सब रेडी है बस आप चेंज कर लो और चलो।
सरला: ये कब किया।
अरुण: जब मेरी जान ब्यूटी पार्लर मैं तैयार हो रही थी।
और मैं जाने की तैयारी कर रहा था
सरला: अरुन के गले लग जाती है।
अरुण: बस बस अभी निकलो यहाँ से।
और दोनों रोड पर आते है।
सरला: अभी टैक्सी कहाँ मिलेगी।
अरुण: जान आप के लिए कैब हाज़िर है
तभी कैब आ जाती है ।दोनो उस मैं बैठ जाते है।
सरला : ये कब बुलाई।
अरुण: जब मैं और पापा बात कर रहे थे।
सरला: स्मार्ट
अरुण: आप के साथ रह के हो गया हूँ।
थोड़ी देर में स्टेशन आ जाता है।
सरला: अब टिस्कट्स।
अरुण: मोबाइल ने एक मैसेज दीखाता है।
सरला; ये कब बुक की।
अरुण; कल रात को जब बैंक्वेट हॉल में बैठा था।।
सरला की ऑंखों में ऑंसू आ जाते है।
अरुण: ये क्या माँ ।
सरला: ये ख़ुशी के आँस्सू है ।
किस तरह तुम मेरी हर इच्छा पूरी कर रहे हो।
कल बोला आज कर दिया थोड़ी देर में ट्रैन आ जाती है
और दोनों चढ जाते है ।
वही १ स्ट क्लास ए सी कोच।
अंदर सामान रखने के बाद ।
अरुण : सॉरी मोम
सरला: क्यों
अरुण: माँ राजधानी का टिकट नहीं मिला ये ८ घंटे लेट पहुचेगि।
सरला: अरुन को गले लगाते हुए ।
तूम मेरे साथ हो न मेरे लिए ये ही काफी है।
मै तुम से अकेले साथ जाने के लिए बोली था न की राजधानी की बजह से।
और दोनों सीट पर बैठ जाते है।
और एक दूसरे को देखते है।

सरला; क्या देख रहे हो।
अरुण: आज आप कितनी सूंदर लग रही हो ।
सरल: अब टाइम मिला देखने को।
अरुण; उस टाइम से टेंशन था की पापा राजी होंगे या नहीं इसलिए कुछ नहीं बोला।
सरला: मेरा बच्चा मेरी ख़ुशी के लिए क्या नहीं करता ।
अरुण: ये कुछ भी नहीं उसके आगे जो मैं अब करने वाला हू।
सरला: ऐसा क्या ।
अरुण : देखती जाओ।
सरला: ओके जान।
अरून सरला को एक पैकेट देता है
सरला: इस में क्या है।
अरुण: खुद देख लो
सरला: पकट खोल कर।
उस में एक पीप होल ब्रा ( जिस मैं से ब्रा पहनने के बाद भी निप्पल दीखाई देते है) एक छोटी सी कच्छी और सी थ्रू नाइटी थी ।
सरला: ये क्या है
अरुण: आप की नाईट ड्रेस्स।
सरला: और आप क्या पहनोर्गे।
अरुण; ये आप बताए ।
स: ओके तो पहले मैं चेंज कर के आती हूँ फिर डीसाइड करते है की तुम क्या पहनोगे।
अरुण: ठीक।
सरला; बाथरूम में जाने लगती है
अरुण: कहाँ यहीं चेंज करना है।
स: बड़ा सा मुह बी साइज का बनाते हुए।
जैसे आप कहो।
और अरुन के सामने अपनी ड्रेस निकाल देती है
और अब सिर्फ ब्रा और पेंटी में
अरून सरला को घुरते हुए
ऐसे क्या देख रहा है घर में माँ बहन नहीं है क्या।
अरुण: है ।
सरला: तो उन्हें घुर।
अरुण: उसी को घूर रहा हू।
सरला हँस देति है ।
और अरुन की तरफ पीठ करती है
अरुन हेलो मेरी तरफ देख कर।
सरला: फिर इसे पहनने का क्या फायदा।
सब तो तुम पहले ही देख लोगे।
अरुण: जो भी हो ऐसे ही करना है
सरला: अरुन की देखते हुए अपनी ब्रा उतारती है।
अरुण: सरला को आंखे फ़ाड़ते हुए देखता रहता है
सरला: ब्रा उतारने के बाद
सिर्फ पेंटी में खड़ी होती है।
अरुण: मशा अल्लाह क्या हुश्न दिया है उपर वाले ने
मन करता है की अभी निचोड लु इन खरबूजों को
सरला: सुरु हो गये अगर इतने प्यारे है तो इतनी दुर क्यों हो।
पास आओ और इन्हे चुसो ।
अरुन धीरे २ सरला के पास जाता है।
सरला अरुन की बॉहो मैं समां जाती है।
और कान में धीरे से
कच्छी भी निकल दे।अपनी माँ की चुत देखनी है ना।
अरून सरला को देखते हुए ।
सरला: क्या देख रहा है बोल देखेगा अपनी माँ की चुत जिसमें से तू इस दुनिया में आया।
अरून हकलाते हुए आ। आ। हाँ माँ।
और सरला अरुन से दुर हो जाती है
और अपनी कच्छी की इलास्टिक में हाथ डाल कर एक दम निचे खींच देति है। अरुन का मुह खुला का खुला रह जाता है।
अरून कुछ बोलने की हालत में नहीं था
अरुन के सामने उस की माँ बिलकुल नंगी खड़ी थी
बडे बड़े बूब्स पतला पेट उस के निचे बालों से भरा गुच्छा और उसके निचे बरमूडा ट्रायंगल जिसमे जो एक बार डूबा वो उस्सी का हो गया ,केले की तरह चिकनी जांघे , दूध सा सफेद रंग।
अरून सोचता ही रह जाता है और सरला अरुन की दी हुए पेंटी पहन लेती है ।
और उसके पास जा कर ख्वाब से बाहर आओ मेरे शेर जिस की यादों में खोये ही वो तो कब की कैद हो गई तुम्हारी दी हुए कच्छी में और अरुन को होश आता है
और वो सरला को देखता रह जाता है।
अरुण: ये चीटिंग है।
सरला: क्यों भई।
अरुण: आप ने जान बूझ कर ऐसे दिखाया की पता था की मैं उसे जब पहली बार देखूँगा तो उस में खो जाऊंगा ।
सरला : परेशान मत हो घर चलो इत्मिनान से देखना वो अब तुम्हारी ही है।
अरुण; सरला को गले लगा लेता है ।
माँ दूध पिलाओँ न।
सरला अरुन का हाथ पकड़ कर सीट पर बिठाती है और उसके सामने खड़ी हो कर अपना एक मम्मा उसके मुह मैं दे देति है।
पोजीशन ये थी की
अरून सीट पर बैठा था और सरला उसके सामने सिर्फ पेंटी में खड़ी थी और झुककर अपना एक निप्पल अरुन के मुह में दे रही थी।
और अरुन बड़े प्यार से उसको चूस रहा था।

अब आगे
सरला: हलकी २ सिसकी लेते हुए
अरून माँ का दूध पि रहा है मेरा बेटा।
अरुण: हाँ में सर हिलाते हुए।
सरला अरुन का दुसरा हाथ पकड़ कर अपने दूसरे मम्मे पे रख देति है और अरुन उसे धीरे २ मसलने लगता है।
तभी सरला का ध्यान अरुन के जीन्स के उभरे हुए हिस्से पे जाता है।
सरला अरुन से।
सरला: ये क्या है
अरुण: कहां
सरला: ये इशारा करके बताती है।
अरुण: आप का छोटा बेटा।
सरला: हाँ तो छुपा क्या रखा है निकल ना।
अरुण: जिसको ज़रूरत है वो खुद निकाले।
सरला: सरला अच्छा जी।
अरुण: हाँ जी।
और सरला अपने घुटनो पर बैठ जाती है।
और अरुन की जीन्स और अंडरवियर उतार देति है
और अरुन का लंड निकल कर सरला की ऑंखों के सामने आ जाता है।सरला उसे बड़े प्यार से देखति है
अरुण: क्या देख रही हो माँ।
सरला: अपने छोटे को कितना प्यारा है।
अरुण: क्या मन कर रहा इस को देख कर।
सरला: प्यार करने को।
अरुण: तो करो ना
सरला: मुझे इसे प्यार करना नहीं आता।
कैसे करते है।
अरुण: इसे मुह में ले कर प्यार करो।
सरला: कैसे जान मुझे नहीं आता।
अरुण: आप सुरु तो करो।
सरला:उसे प्यार से सहलाने लगती है।
सरला के हाथ लगने से धीरे २ अपने फुल अवतार में आ जाता है।
अरुण: सिसकी लेते हुए आह माँ ।
सरला: अरुन के लंड को जड़ से टोपे तक हाथ फेरती है
और उसके टट्टों को हाथ में पकड़ लेती है
अरुण: आह माँ ऐसे ही अब इसे मुह में लो।
सरला: कैसे अरुन
अरुण: पहले इस की खाल निचे करो
सरला: धीरे से टोपे की खाल निचे करती है अब।
अरुण: सुपाड़े पे अपनी जीभ फेरो।
सरला: अपनी जीभ निकल कर लंड के सुराख़ पर अपनी जीभ फेरती है।
अरुण: आआ आआह्ह्ह्हह्ह माँ।
सरला: सरला क्या हुआ कुछ गलत हुआ।
अरुण: नहीं मेरी जान मजा आ रहा है ऐसे ही करती रहो।
और अरुन के लंड को जड़ से पकड़ कर लंड के सुराख़ पे जीभ फेरती रहती है और टट्टों को एक हाथ से सहलाती रहती है।
सरला: अरुण की ऑंखों में देखते हुए ।जैसे पूछ रही हो अब क्या करना है।
अरुण: माँ अब अपनी जीभ को मेरे लंड के टोपे पर गोल गोल कर के घुमाओ।
सरला वेसे ही करती है।
और अरुन सिसकी लेता रहता है।
कुछ देर ऐसे करने के बाद
अरुण: माँ अब अपनी जीभ मेरे लंड की जड़ से ऊपर तक लंड को चाटते हुए लो।सरला ऐसे ही करती है

अरुण: आआह्ह्ह्हह्ह मजा आ गया माँ अब लंड के टोपे को मुह में लो।
सरला: पहले टोपे पे किस करती है उसके बाद टोपे को धीरे २ मुह में लेती है।

अरुण के मुह से मस्ती भरी चीख निकल जाती है।
और लम्बी २ साँस लेने लगता है।

अरुण: अब धीरे २ पूरा मुह में लो।और आइसक्रिम की तरह चूसो।
सरला: कोशिश करती है पर आधा भी नहीं ले पाती
अरुण: अब इतना ही अंदर बाहर करो अपने मुह में माँ।
और सरला उत्ना ही लंड मुह में ले कर अंदर बाहर करने लगती है
आरुन: कैसा लग रहा मेरी जान अपने बेटे के लंड को चुस्ते हुए।
सरला: लंड को बाहर निकाल कर बड़ा मजा आ रहा है
मुझे नहीं पता था की लंड चुस्ने में इतना मजा आता है वो भी अपने बेटे का और दोवारा चुसने लगती है।
इधर अरुन की सिसकारीयान बढ़ने लगती है।
सरला को लग जाता है अरुन को मजा आ रहा है
और वो अपनी स्पीड बढ़ा देति है।
अरुण: पूरा लो न माँ मुह में
सरला कोशिश करती है पर ले नहीं पाती क्यों की अरुन का लंड उसके मुह से डबल था।जैसे २ सरला स्पीड बढ़ाती है अरुण की सिसकारी भी बढ़ती है।

अरुण: माँ मजा आ रहा है अब दूसरे हाथ से मेरे टट्टों को पकडो।और सरला पकड़ने के बजाय उनको मुह में ले लेती है और अरुन मस्ती में सर पटकने लगता है
और सरला का सर पकड़कर अपने लंड पे दबाने लगता है।

सरला समझ जाती है की शायद अरुन का निकलने वाला है।और वो अरुन के टट्टों को हाथ से सहलाती है और लंड को मुह में भर लेती है और अचानक तेजी से अंदर बाहर करने लगती है।
और एक हाथ को अरुन के सिने पर रख कर उसके निप्पल को नाख़ून से कुरेदने लगती है अरून पागल हो जाता है।
अरुण: माँ क्या मजा आ रहा है बता नहीं सकता
कोई नहीं कह सकता की तुम पहली बार लंड चुस रही हो और उसका सर पकड़ कर अपने लंड पे दबाने लगता है।
अरून के ताक़त लगाने से अरुन का लंड आधे से ज्यादा उसके मुह में चला जाता है और उसको साँस लेने मैं दिक्कत होती है पर अरुन ले मज़े के लिए बरदास्त करती है।

अरुण: हाँ माँ ऐसे ही चुस्ती रहो मेरा निकलने वाला है।
सरला अरुण की बात सुन कर और स्पीड बढ़ा देति है
पोजीशन ।
सरला का एक हाथ अरुन के टट्टों पर लंड आधे से ज्यादा मुह में और एक हाथ निप्पल पर।
आ आह माँ निकलने वाला है और अरुन अपनी कमर उठा लेता है उसका शरीर अकड जाता है
और एकदम से अरुन के मुह से चीख निकलती है और वो अपना पानी सरला के मुह में छोड़ देता है ।

१ २ ३ ४ ५। पिचकारी एक साथ जो सीधे सरला के गले में टकरातीं हैं। और सरला उसे अपने गले में लेकर पी जाती है।
और अरुन पानी निकलने के बाद एकदम निढाल हो जाता है।

सरला अपनी जीभ से अरुन के लंड को चाट कर साफ़ करती है। और उठ कर अरुन को अपने सिने से लगा लेती है ।

सरला: अरुन क्या हुआ बेटे आराम मिला।
अरुण: हाँ माँ बहुत
सरला: मैंने ठीक से चूसा न या कोई कमी रह गई।
अगर कोई कमी हो तो बता देना अगली बार वो कमी भी पूरी कर दुँगी।
अरुण: कोई कमी नहीं थी माँ आप ने ज़बर्दस्त तरीके से चूसा मेरे लंड को मजा आ गया।
और सरला अरुन को सिने से लगये उस के लंड पर प्यार से हाथ फेरती है और मन ही मन सोचती है
जब ये पूरा मेरे मुह में नहीं गया आधे में ही साँस लेने दिककत हो रही थी तो मेरी चुत में कैसे पूरा जायेगा बेचारे पापा का तो इसके आधा भी नहीं है।

और सरला सोचते सोचते अरुन को बाँहों में ले कर वही उसके साथ सीट पर सो जाती है।

दोनो ऐसे ही सो जाते है।

सूबह सरला की आँख खुलती है
ओर वो अपने आप को अरुण की बाँहों में देखती है।
और रात वाली सारी बात याद आ जाती है और सोच कर मुस्करा देति है।

ओ उठके बैठती है तो उसकी नज़र अरुन के लंड पे जाती है जीसमें हल्का सा कड़कपन था।

सरला उसे हाथ में पकड़ती है सरला का हाथ लगने से अरुन के लंड में झटका लगता है।
सरला डर कर छोड़ देति है
और फिर दोबारा पकड़ती है और झुक कर उस पर किस करने लगती है।
मन में सोचते हुए कितना प्यार लंड है मेरे बेटे का जब मेरे अंदर जायेगा कितनी खलबलि और बर्बादी मचायेगा ।
तभी अरुन की आँख खुल जाती है और अपनी माँ को लंड चुसते हुए देखता है।
अरुण: मोम।
सरला उसकी आवाज़ सुन कर शरमा जाती है और लंड छोड़ कर अरुन को देखती है।
अरुण: बाथरूम जाना है
सरला: हाँ जाओ।
अरुण: ऐसे ही नंगा उठ कर बाथरूम जाने लगता है।
सरला भी पीछे २ अरुन के साथ बाथरूम में आ जाती है।
अरुण: क्या हुआ मा।
सरला: कुछ नहीं मुझे मेरे बेटे को मुतत्ते हुए देखना है।
अरुण: पर मैं।
सरला: अरुन को खामोश होने का इशारा करती है और मुतने के लिए बोलति है।
अरुण मुतने लगता है।
सरला आगे आ कर उसके लंड को पकड कर गोल गोल घुमाने लगती है ऐसा करने से सामने दिवार पर डिज़ाइन बनने लगती है जिसे देख कर सरला को हँसी आती है और जब तब अरुन का मुतना बंद नहीं होता वो ऐसे ही करती रहती है।
जब अरुन का प्रेशर ख़तम हो जाता है तो सरला उसके लंड को हलके २ झटका देने लगती है
जीससे उसमे बची हुए लास्ट की बुँदे भी निचुड़ गई।

इसके बाद सरला अरुन के लंड को पानी से धोती है
और अरुन को बाहर जाने के लिए बोलती है।
सरला: अरुन थोड़ी देर बाहर जाओ।
अरुण: क्यों
सरला: मुझे भी पेशाब जाना है।
अरुण: तो कर लो जैसे मैंने आप के सामने किया।
सरला; नहीं मुझे शरम आती है।
अरुण: क्यों जान अब मुझ से क्या शरमाना।
सरला: हाँ हाँ क्यों शरमाना जैसे रोज़ तेरे सामने मुतती हू।
अरुण: कोई बात नहीं आज से सुरु कर लेते है।
सरला: प्लीस अरुन बहार जाओ ना।
अरुण: नहीं जाऊंगा और आप अगर ज़िद करोगे तो आज के बाद मैं भी आप के सामने नहीं मुतुंगा।
सरला: ओह हो अरुन प्लीस मान जाओ ।
अरुण: नहीं नहीं नही।
सरला: नहीं मनोगे।
अरुण: नहीइइइइइइ
सरला: ओके और अपनी पेंटी उतार कर मुतने के लिए बैठने लगती है।
अरुण: सरला का हाथ पकड़ कर ऐसे नही।
सरला: मतलब ।
अरुण: जैसे मैं कहूँ।
सरला: अरे पागल लड़के ऐसे मुतत्ते है पर लड़कियां बैठ कर मुतती है।
अरुण: कोई नहीं आप रोज वैसे करती हो आज मेरे कहने के हिसाब से करो।
सरला: प्लीस
अरुण: जल्दी करो नहीं तो निकल जाएगी।
सरला: कोशिश करती है पर बाथरूम नहीं आती।
और परशान होने लगती है।
अरुण: क्या हुआ माँ
सरला: पिसाब नहीं आ रहा शायद खड़े हो कर करने की आदत नहीं है ना।
अरुण: कोई बात नहीं जैसे कल लंड सक करना सिखाया वैसे आज खड़े हो कर मुतना सिखा दूंगा
और मुह से आवाज़ निकलने लगता है जैसे हम बच्चो को बाथरूम करबाते है।
स स्स्स्सस्स्स्सस्। सी स्स्स्सस्स्स्सस। स स्स्स्सस्स्स्सस
सरला को अरुन की हरकत पर हसी आ जाती है
और वो भी कोशिश करती है।
और सिटी की आवाज़ करते हुए मुतने लगती है ।
अरुण: मम्मी सिटी क्यों बजा रही हो।
सरला: चुप बेशरम ।
अरुण: बोलो न सिटी क्यों बजा रही हो।
सरला: जब लड़कियों को बहुत अचानक बाथरूम आ रहा होता है तो प्रेशर की बजह से सिटी बज जाती है।
अरुण: अच्छा अच्छा।
और सरला को मुतते हुए देखने लगता है ।
जब सरला मूत लेती है तो अरुण।
अरुण: माँ अपनी पेंटी पैरो से निकालो ।
सरला: क्यों ।
अरुण: देखो कैसे आप के पैर बाथरूम की बजह से ख़राब हो गये इन को पानी से धोना पडेगा।
सरला: अरुन की बात सुन कर पेंटी उतार कर साइड में रख देती है।
और अरुन हैंड शावर से सरला की चुत को हाथ से मसल मसल कर धोने लगता है।
सरला को उम्मीद नहीं थी की अरुन उसकी चुत पे हाथ रख देगा और उसके मुह से सिसकी निकल जाती है।

सरला: अरुन हो गया बस।
अरुण: अभी नहीं माँ और उसे मसल२ कर धोता रहता है।ऐसा करने से सरला गरम होने लगती है।
वैसे भी २ बार अरुन का पानी निकलने के बाद और पिछले ४ दिन से अरुन का लंड बार बार देखने से वो पहले ही गरम हो रखी थी।
सरला: अरुन प्लीस ऐसे मत करो मैं बरदास्त नहीं कर पाऊँगी।
अरुण: कोई बात नहीं बरदास्त नहीं कर पाओगी तो मैं हु ना।
सरला: मुझे पता है पर मैं वो सब ट्रैन में नहीं अपने हनीमून पे अपने आप को तुम्हे सौपना चाहती हू।
अरुण: अरे माँ आप को ठण्डा करने के और भी तरीके है जैस मास्टरबैशन यानि हस्तमैथुन और सकिंग यानि चुसने।
सरला: : मतलब।

अरुण: मतलब जैसे आप ने मेरी दो बार दो तरीके से प्यास बुझाई उस्सी तरह मैं आप को दोनों तरीके से झरा सकता हुँ।
सरला: मतलब तू मेरी चुत में ऊँगली करेगा नहीं तो चुसेगा।
अरुण: जिस तरह से आप कहें।
सरला: नहीं नहीं वो गन्दी जगह है वहाँ से पिसाब आता है मेरे पीरियड्स का गन्दा खून निकलता है।
अरुण; मेरे में से भी पेसाब निकलता है और आप ने मुह में लिया।
चलो अब ज्यादा ड्रामा मत करो और बताओ कैसे ठण्डा करूँ अपनी जान को।
सरला: और सरला शरमा जाती है ।
धीरे से जैसे तेरी मर्ज़ि।
इतना बोलते ही अरुन सरला को अपनी बाँहों में उठाता है।
सरला: छोड़ गिर जाऊँगी।
अरुण: जान अपने पति की बाँहों में हो।
और उसे ले जाकर सीट पर बिठा देता है।
और खुद निचे फर्श पर बैठ जाता है।
और गौर से सरला के चुत को एकटक देखने लगता है।
सरला: सरला शरमाते हुए अपनी दोनों टांगो को भीचने की कोशिश करती है।पर अरुन दोनों टाँगो को पकड़ कर अपने काँधे पर रख लेता है अब सरला के चुत अरुन के मुह से मुस्किल से ६ इंच की दूरी पे थी।
और घूरता रहता है।
सरला: ऐसे मत देख न मुझे ।
अरुण: मैं आप को नहीं आप की चुत को देख रहा हू।
सरला: वो भी मेरी ही है
अरुण: अब से मेरी है और सिर्फ मेरी।
सरला: अच्छा बाबा तेरी है पर ऐसे क्या देख रहा है।
अरुण: माँ मैं ये सोच रहा हूँ की जब बच्चा पैदा होता है तो कम से कम उसकी लम्बाई १० से १२ इंच होती है और चौड़ी ६ इंच फिर इस छोटी सी जगह से कैसे निकलता है।
सरला: अरुन देखते हुए।
कई बार मैं भी सोचती हूँ ।
पर शायद इसे ही क़ुदरत का करिश्मा कहते है।
अरुण: हाँ पर माँ एक बात बोलू ।
सरला: हाँ
अरुण:कितनी प्यारी है एक किस ले लु।
सरला: मुझे नहीं पता।
अरुण: एक बात और पुछु।
सरला: अब क्या हुआ।
अरुण: माँ आप यहाँ पर ये बाल इतने बड़े ही रखती हो।
सरला; कभी ध्यान ही नहीं दिया।
अरुण: क्यों ।
सरला: तेरे पापा को इससे मतलब नहीं न इसलिए जब मन करता है साफ़ कर लेती हूँ नहीं तो छोड़ देति हू।
तूझे कैसे पसंद है।
अरुण: त्रिम (कटा हुआ)
सरला: मतलब ।
अरुण:ये बात बाद में अब मुझ से बरदास्त नहीं हो रहा
और सरला की चुत पे एक किस कर देता है।
सरला के मुह से सिसकी निकल जाती है।
अरुण: कैसे लगा माँ।
सरला: बहुत अच्छा।
अरुण: आगे आगे देखो होता है क्या
और उस की पूरी चुत पर निचे से उपर तक जीभ फेर देता है।

सरला सिसक पड़ती है और अरुन अपने दोनों हाथ से सरला की चुत की फांकों को खोलता है और सरला के बुर की पत्तियो को जीभ से छेडता है।
और फिर उसको दाँतो से दबा कर काटने लगता है।
सरला पागल हो जाती है और अपने दोनों हाथों से अरुन का सर पकड़ कर अपनी चुत में भीच लेती है।
और सिसकियां लेती रहती है ।
और अरुन उसके बुर की पुतियो को चुसता रहता है
फिर थोड़ी देर बाद उसके चुत में जीभ घुसा देता हे
सरला पागल जो जाती है।
और अचानक सरल बोलती है।
चोद अपनी माँ की चुत अपनी जीभ से मुझे तो पता ही नहीं था की जीभ से भी इतना मजा आता है।
और अपने हाथों से अपने बूब्स मसलने लगती है।
और अरुन उसकी चुत को अपनी जीभ से और तेज तेज चोदने लगता है।
सरला -आ आआ ह्ह्हह्ह्ह्ह अरुन और अचानक मेरे राजा
मेरा आने वाला है।
और सरला का शरीर ऐठने लगता है और वो अरुन के मुह में झर जाती है।
अरून सरला का सारा पानी पी जाता है और सरला निढाल हो कर पड़ जाती है।अरून उसके बगल में आ कर बैठ जाता है और उसे बाँहों में भर लेता है।
अरुण: कैसे लगा माँ।
सरला: बहुत अच्छा मुझे तो पता ही नहीं था की बिना चूदे भी ऐसा मजा आता है।
और दोनों एक दूसरे को बाँहों में लेकर लेट जाते है।

थोड़ी देर बाद अरुन उठता है ।
अरुण: माँ।
सरला: आँखें खोलते हुए।हाँ बेटा।
अरुण: चलो उठो फ्रेश हो जाओ अटेंडेंट आता होगा ब्रेकफास्ट लेने आप को भूख लगी होगी काफी मेहनत लगी है आप की।
सरला उठ कर बैठती है झरने से काफी एनर्जी वेस्ट हो गई है क्यों की ६ साल बाद आ कर सरला झड़ी थी
ओ दोनों बाथरूम में जाते है।
अरून और सरला दोनों नंगे थे किसी के शरीर पर कपडे का एक भी तिनका नहीं था।
और दोनों एक दूसरे को नहलाते है। और नंगे ही नहा कर बाहर आते है।
अरून अपनी पसंद के कपडे देता है सरला को पहनने के लिए और सरला अरुन को और दोनों सीट पर ऐसे बैठ जाते है की दोनों में कुछ हुआ ही न हो ।

ट्रेन अपनी रफ़्तार से चल रही थी और अरुन और सरला कुछ देर खामोश रहने के बाद
अरुण: माँ क्या सोच रही हो ।
सरला: सॉरी अरुन
अरुण: अब क्या हुआ।
सरला: मेरी गलती के बजह से मेरी चुत चुसते हुए तेरे मुह में चुत के बाल आये होंगे।
अरुण: तो आप को थोड़े ही पता था की मैं आप की चुत चुसंगा।
सरला: हाँ ये तो है।
अच्छा तुझे बाल पसंद है वहाँ पर।
अरुण: पसंद है त्रिम किये हुए ।
सरला: मतलब
अरुण: न चिकनी और न बालों वाली
ट्रिम की हुई।
सरला: वो कैसे होंगे
अरुण: वो मैं कर दुँगा।
सरला: तुझे आते है।
अरुण: मेरे पास ट्रिमर है ।
सरला: कब करेंगा।
अरुण; अभी कर दूँ।
सरला; हाँ कर दे और हॅसने लगती है।
अरुण: क्या हुआ।
सरला: मैं कैसी माँ हूँ जो अपने बेटे से ऐसे बात कर रही है।
अरुण: ये सब करने के बाद अब तुम सिर्फ मेरी माँ नहीं हो।
सरला: तो अब क्या हूँ।
अरुण: मेरी लवर ,मेरी बीवी , मेरी अर्धांगनी।
सरला: इतना प्यार करता है मुझ से ।
अरुण: बहुत इतनी की आप के लिए कुछ भी कर सकता हू।
सरला : वादा
अरुण: हाँ वादा
सरला: याद रखना।
अरुण: पक्का याद रखूँगा ।
तभी अत्तेंडेंट आ जाता है और ब्रेकफास्ट सर्व कर के चला जाता है।दोनो एक दूसरे को खिलाते है ।
ब्रेकफास्ट ख़तम करने के बाद।
सरला; अभी कितना टाइम है
अरुण: कम से कम २० घंटे।
सरला: अब क्या करे।
अरुण: आप बताओ।

सरला: मेरी एक विश पूरी करेंगा।
अरुण: बोलो मोम
सरला: शादी से पहले हर लड़की के कुछ सपने होते है
अरुण; जैसे की
सरला; जैसे की प्यार करने वाला पति ,ज़ो उसको उसकी फीलिंग को सम्झे,उस्की हर इच्छा पूरी करे , जो चाहे पहने ,ज़ैसे चाहे रहे कोई रोकने वाला न हो, कहीं दुर जहाँ कोई उनको जानता न हो वहाँ हनीमून पे जाये और दुनिया जहाँ को भूल कर दोनों एक दूसरे में खो जाए,उसका पति उसको किसी बच्चे की तरह रखे और हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी ख़ुशी का ख्याल रखे।और खामोश हो जाती है
अरुण: और कुछ।
सरला: और फिजिकल रिलेशनशिप बनाने से पहले उससे पूछे ये नहीं की अपना मन किया अपना पानी निकाला और पीठ कर के सो गये।
उसके फीलिंग का भी ख्याल रखे और खुद के संतुस्ट होने से पहली पत्नी की संतुष्टि दे।
और चुप हो जाती है।

अरुन सरला को देखता है।
और कुछ मा
सरल: है क्या तू मेरी ये सारी इच्छा पूरी करेंगा।
अरुण: हाँ
सरला: सारी इच्छायें।
अरुण: हाँ माँ ।
सरला: तो मुझे अपनी ये सारी अधुरी इच्छा पूरी करनी है।मै फिर से अपनी ज़िन्दगी दोबारा शुरु से जिना चाहती हूँ क्या तू पूरी करेगा।
अरुण; बोला हां हां हॉ।
सरला: तो मेरा हाथ अपने नाना नानी से मांग।
और मुझ से शादी कर और बना ले मुझे अपनी बीवी और मेरा पति बन कर सारी ख़ुशीयान दे मुझे।

दे पायेगा मुझे तुझसे पूरी उम्मीद है की तू ही है जो मुझे मेरी सारी ख़ुशी दे सकता है क्यों की तो मेरा हे खून है इस लिए तो हे मुझे समझ सकता है।
। अरुन और कुछ माँ
सरला: नहीं यही है मेरे सपने में अपनी अधुरी ज़िन्दगी दोबारा अपने तरीके से जिना चाहती हूं।

div class=”content”>अरुन सरला को खड़ा करता है
और उस के सामने घुटनो पर बैठ कर
“”” विल यू मैरी मी सरला “”
आई लव यू सो मच
सरला: प्यार तो मैं भी तुम से करती हूँ
पर मेरे पेरेंट्स नहीं मानेंगे।
अरुण: मैं बात करुँगा उनसे
सरला: कब बात करोगे अरुण।
अरुण: जब तुम कहो सरला
सरला: आज ही चलो।
अरुण: आज। पर हम ट्रैन में है ।
सरला: तो क्या हुआ अगले स्टेशन पर उतरते है
और मेरे साथ मेरे घर चलो मेरा हाथ माँगने , जिससे की तुम मुझे अपनी पत्नी बना कर अपने बच्चों की माँ बना सको।

सरला: बोलो अरुन माँगोगे मेरा हाथ।
अरुण: हाँ सरला
सरला: मुझे मेरे घर ले चलो।
अरुण: ओके चलते है।
और दोनों सरला के घर आने का वेट करते है
अरुण: सरला को
आई लव यू।
सरला शरमा जाती है।
अरुण: क्या हुआ मेरी जान।
सरला: कुछ नहीं और इंतज़ार नहीं होता।
अरुण: किस बात के लिये
सरला: तुम्हारी बाँहों से दुर।

और अरुण अपनी दोनों बाँहों को फेला देता है।
सरला: उसकी ओर देखते हुए नही मैं नहीं आऊँगी।
अरुण: क्यो क्या हुआ।
सरला: तुम मुझे छेड़ोगे।
अरुण: नहीं ऐसा कुछ नहीं है।
सरला: है ऐसा काफी देर से तुम मेरे सिने को घुर घुर कर देख रहे हो
अरुण: तो क्या हुआ माल का मुआयना कर रहा हूँ ।
सरला: देखा मैंने कहा न तुम्हारी नियत ठीक नहीं है
अरुण; हाँ नहीं है बोल क्या करेगि।
सरला; मैं चिलाऊँगी।
अरुण; चिलाओगी ।
सरला: हाँ ।
और अरुणअपना लंड पेंट से निकाल कर खेलने लगता है।
सरला: ये तुम क्या कर रहे हो।
अरुण; मेरा सामान मेरी मर्ज़ी कुछ भी करू।
और लंड पर अपने हाथ को आगे पीछे करने लगता है।
वही कर रहा हूँ जो करना चाहिए इसका मेरे अलावा कौन है।
सरला: एकदम अरुन के हाथ से लंड छिनते हुए और उस पर झुक जाती है और गप से अपने मुह में भर लेती है।अरुन के मुह से सिसकारी निकल जाती है।
आआह्ह्ह्हह्ह
सरला: उसकी ऑंखों में देखते हुए ।
लंड को मुह से अंदर बाहर करते हुए।
कभी चाटती है , चुस्ती है , कभी टट्टों को मुह में लेती है
और अरुन मस्ती के मारे पागल हो जाता है।
कोई सरला को देख कर ये नहीं कह सकता की ये दूसरी बार ही लाइफ में लंड चूस रही है।
अरुण: आह माँ क्या लंड चूस रही हो मेरा ऐसे ही पूरा अंदर ले लो ।
आ ह सिसकते हुए ।
सरला को अरुन को सिसकते हुए देख कर अपने हाथ और मुह दोनों का इस्तमाल और तेज कर देति है।
अरून का बदन ऐठने लगता है।और सरला के मुह में झड जाता है।और लम्बी लम्बी साँस लेने लगता है।
सरला उठ कर उसको अपनी बाँहों में लेती है
और कहती है।
आज बोलै तो बोलै अब आगे से मत बोलना की इसका कौन है कोई नहीं है पर इसकी माँ तो है जब तक उसकी माँ है उसकी हर इच्छा पूरी होगी।
अरून होश में आते हुए । किसकी।
सरला अरुन के लंड को पकड़ते हुए इसकी और किसकी और उसके टोपे पर किस कर देति है।
और ऐसे ही एक दूसरे के बाँहों में लेट जाते है और कब दोनों की आँख लग जाती है पता नहीं
कफी देर बीत जाने के बाद ।

सरला की आँख खुलती है
फ्रेश होने जाती है ।
और कपडे चेंज करती है और अरुन को जगाती है
और उसे भी फ्रेश होने के लिए बोलति है।
फ्रेश होने के बाद
सरला
अरुन : हाँ सरला
सरला: पैकिंग कर लो हमें अगले स्टेशन पे उतरना है
अरुण: क्यु
सरला: मेरा हाथ नहीं माँगना मेरे मम्मी पापा से।
अरुण को लगा शायद उसकी माँ मज़ाक कर रही है।
अरून पर वो
सरला: क्या पर वो।
नही माँगना मैं तुम्हे अच्छी नहीं लगती।
अरुण: नहीं सरला ऐसे बात नहीं है।
सरला: फिर कैसी बात है अरुण
अरुण: कुछ नहीं सरला चलते है।
सरला खुश हो कर।
जो मैं माँगूगी दोगे न ।
अरुण : हाँ
और दोनों स्टेशन पे उतर जाते है
और सरला के घर पहुच जाते है।
अरून के नाना नानी बूढ़े हो चुके थे ।
दोनो उनसे मिलते है और अरुन के मामा और मामि भी थे उनके बच्चे भी और सरला उन सब से मिलकर ऐसे शरमा रही थी जैसे नहीं नवेली दुल्हन।
नास्ता और खाना खाने के बाद।
सरला अरुन को अपने साथ रूम में ले जाती है।

अरुण: मेरा हाथ क्यों नहीं माँगा।
सरला: कहीं तुम्हारा इरादा तो नहीं बदल गया।
कोई और तो नहीं है तुम्हारी लाइफ में।
अरुण: नहीं सरला ऐसा नहीं है ।
सरला: तो मांगो मेरा हाथ और ले चलो मुझे यहाँ से। अपने साथ अपने घर जहाँ सिर्फ मैं और तुम।
अरुण: ओके चलो और चलने लगता है।
सरला: रुको क्या बोलोगे मम्मी और पापा से।
अरुण: वो मुझ पर छोड दो।
सरला: अरुन को कस कर बाँहों में ले लेती है।
और उसके कान में।मै तुम से अपनी इच्छा पूरी करवा रही हूँ तुम्हे बुरा तो नहीं लग रहा अरुण
अरुण: नहीं माँ आप जैसे चाहो करो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है क्यों की एन्ड में मुझे तुम्हारी चुत मिलनी ही है।
सरला: अरुन के सिने पर घुसे मारती है जाओ मैं तुम से बात नहीं करती ।
अरुण: अले अले मेरी जान शरमा गई।
और उसके माथे पर किस करता है और अपने नाना नानी के पास जाते है।
सरला : क्या बोलोगे अरुन ।
अरुण: देखती जाओ।
नाना नानी के रूम में पहुच कर
अरून के नाना
क्या हुए सोये नही।
अरुण; नहीं नाना जी हमें जाना है।
नाना; क्यों क्या है
अरुण: वो तो मम्मी का आप से मिलने का मन था इसलिए चले आये ।
जरुरी है अभी घर पहुच जाएंगे।
नानी :रुकोगे नहीं
अरुण: नहीं नही फिर आयेंगे।
अरून पैर छुने के लिए झुकता है।
नाना नानी।
खुश रहो।
अरुण; माँ को ले जाऊ।
नाना: तो क्या वो रुक रही है ।
अरुण: नहीं आप की परमिशन मांग रहा हु ले जाने की।
उनकी कुछ इच्छा बाकि है वो पूरी करनी है ।
नाना: कौन सी इच्छा
अरुण; शादी की धीरे से बोलता है।
नाना; मतलब।
ओ शादी से आये है न थक गई है
नाना: अच्छा।
अरुण: तो जल्दी से जल्दी शादी करना चाहती है फिर धीरे से बोलता है।
नाना: क्या बुद्बुदा रहे हो।
अरुण; जल्दी से घर जाना चाहती है।
नाना: अच्छा जैसे तुम लोगो की मर्ज़ि
अरुण: ले जाऊ।
नाना: ले जाओ।
अरुण: मैं प्रॉमिस करता हूँ इनकी हर इच्छा पूरी करुन्गा।
नाना: मतलब ।
अरुण: जल्दी से जल्दी घर पहुंचने की कोशिश करुन्गा।
जिससे ये हमेश खुश रहे।
नाना: पता नहीं क्या बोल रहे हो।
अरुण: कुछ नही जाते है।
ले जाऊँ आपकी बेटी को।
नाना; हाँ हाँ ले जाओ ।
आराम से जाना कोई प्रॉब्लम न हो ।
अरुण; नहीं होगी नाना जी मेरे होते हुए आप की बेटी को धीरे से बोलता है।
सरला जो इतनी देर से चुप थी।
दोनो के गले लगती है और थैंक यू बोलति है
शादी के परमिशन के लिए धीरे से।
सरला; जाऊ
नाना: हाँ हाँ और अपना ख्याल रखना।
सरला: हाँ अरुन है न साथ में।
नाना: ये अभी छोटा है तुम भी ख्याल रखना रात का टाइम है।
सरला: हाँ मैं भी रखूँगी ।
और धीरे से बोलति है अपनी जान का ।
नाना: क्या ।
सरला: अब निकलते है।
और दोनों वहाँ से अपने घर जाने के लिए स्टेशन निकल जाते है ।।।।।।

अरुन और सरला वहाँ से निकल कर अगले दिन शाम को ट्रैन से उतर कर बस पकड़ कर अपने घर के लिये
सरला: आप अपने घर ले जा रहे हो मुझे बिना शादी किये
अरुण: हाँ
सरला; मुझे पता है क्यु।
अरुण: क्यों
सरला: घर पे कोई नहीं है आप मुझे वहाँ छेड़ोगे।
अरुण: माल छेड़ने के लिए ही होता है।
सरला: मैं माल हू
अरुण: हाँ सेक्सी माल
सरला: शरमाते हुए आप को शरम नहीं आती माल बोलते हुए।
अरुण: नहीं आती
और बात करते हुए दोनों घर पहुच जाते है।
दोनो घर के अंदर आते हुए
फाइनली 9 दिन बाद घर आ गये।
और दोनों सोफ़े पे बैठ जाते है।
थोड़ी देर आराम करने के बाद।
सरला: आप फ्रेश हो जाओ मैं खाना बना देति हू।
अरुण: रहने दो सरला बाहर से माँगा लेते है
सरला: नहीं ९ दिन से बाहर का खाते २ मान भर गया है।
अरुण: जैसी तुम्हारी मर्ज़ि।
सरला: आप नहा लो मैं तब तक खाना बना देति हू।
अरुण: ओके मैं फ्रेश हो जाता हू।
और सरला किचन में और अरुन नहाने के लिए अपने रूम में चला जाता है।
अरून नहाने के बाद बाथरूम से बाहर आता है और थके हुए होने की बजह से अपने बेड पे लेट जाता है और कब नींद आ जाती है पता नही।
इधर सरला खाना बनाने के बाद अरुन को आवाज़ देती है पर जब अरुन का जवाब नहीं आती तो वो उसके रूम में जाती है तो देखति है की अरुन आराम से सो गया था।
सरला अरुन के बेड के पास आती है।
सरला: कितना मासुम लग रहा है सोते हुए मेरा बेटा
और झुक कर उसके माथे पर किस करती है फिर उसके होठों पर करती है उसके बाद सिने पर उसके छोटे से निप्पल को अपने दाँतो से काटति है।
फिर धीरे २ उसकी नाभि पे और फिर उसकी टॉवल उतार देती है क्यूंकी अरुन सिर्फ टॉवल में था ।
क्यूंकी नहाने के बाद वो ऐसे ही लेट गया था आराम करने के लिए और उसकी आँख लग गई।

ईधर सरला टॉवल उतारने के बाद ।
कितना प्यारा है और अरुन के लंड को अपने हाथ में पकड़ लेती है और उसपर उपर से निचे तक अपना हाथ फेरती है ।कितना प्यारा लग रहा है सो क्यूट।
और झुक कर लंड के टोपे पे किस करती है।
हल्के हलके और एक दम से सरला आधे से ज्यादा लंड को मुह में ले लेती है।
और चाटने और चूसने के साथ अंदर बाहर करने लगती है। लंड पर गरम जीभ का अहसास होने से अरुन की नींद टूट जाती है।
अरुण: आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ माँ
क्या कर रही हो।
सरला: लंड को मुह से बाहर निकलते हुए प्यार कर रही हू।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआ मजा आ रहा है आप के प्यार करने से ।उउउह मजा
सरला: उसकी ऑंखों में देखते हुए अरून के लंड को और कस कस कर चुसने लगती है।
और अरुन सरला के सर को अपने लंड पे दबाने लगता है और सरला को कहता है पुरा ले लो माँ ।
सरला: इंकार में सर हिलाते हुए।
अरुण; ले लो माँ और सरला के सर पे दबाब बनाने लगता है।
सरला को साँस लेने में दिक्कत होती है और जोर लगा कर लंड को बाहर निकल देती है और जोर जोर से साँस लेती है मारोगे क्या।
अरुण: अपनी बाँहों को पहनाते हुए और सरला अरुन की बाँहों में आ जाती है।
अरुण; क्या हुआ जान ।
सरला; जान से मारने का इरादा था क्या।
अरुण: ऐसा नहीं हो सकता ।
सरला: तो पूरा क्यों घुसा रहे थे मेरे मुह में।
अरुण: वो थोड़ा जोश आ गया था।
सरला: तुम्हारे जोश में मैं होश खो देती।
अरुण: सॉरी जान
सरला: कोई बात नहीं मेरी जान।
अरुण: प्यार करने का मान कर रहा था।
सरला: हाँ बहुत प्यार है मेरा छोटू।
अरुण; कितना
सरला: बहुत ,,
मन कर रहा दोबारा मुह में ले लु।
अरुण: ले लो पर मेरा भी प्यार करने का मन कर रहा है
सरला; किसको।
अरुण: मेरी चुत को।
सरला: वो तुम्हारी नहीं मेरी है।
अरुण: पर अब मेरा हक़ है
सरला: अच्छा जी।
अरुण : हाँ जी।
और अरुन सरला के कपडे उतारने ने लगता है।
सरला: ये जरुरी है।
अरुण: हाँ मैंने भी तो नहीं पहना।
और सरला के कपडे उतार देता है और सरला को घुरने लगता है।
सरला: ऐसे क्या देख रहे हो।
अरुण: अपने माल को देख रहा हू।
सरला: चुप बदमाश कोई अपनी माँ को माल कहता है।
अरुण: तुम मेरी होने वाली बीवी हो ।
सरला: हुई तो नही।
अरुण: सरला को बाँहों में ले लेता है।
और उसके कान में आज 69 करे।
सरला: ये क्या होता है।
अरुण: आप देखती जाओ इससे दोनों का काम बन जाएगा
और सरला को अपने सिने पे चूत रख कर के बैठने को बोलता है ।सरला बैठ जाती है।
और अरुन उसको झुक कर लंड मुह में लेने के लिए बोलता है और सरला की कमर पकड़ कर उसकी चुत अपने मुह पे रख लेता है।
जैसे ही अरुन सरला की चुत पे मुह लगाता है।
सरला के मुह से सिसकी निकल जाती है।
सरला: आ अरुणंण आआआअह्ह्
अरुण: क्या हुआ अभी तो मुह लगाये है मेरी जान।
सरला: मस्ती में अरुन के लंड को मुह में भर लेती है
और अरुण का लंड चुसने लगती है जैसे उसे कभी लंड न मिला हो।
सरला की चुत को पहले पूरी चाटता है फिर उस के पतियो को अपने दाँतो से काटने लगता है।
सरला: बुरी तरह सिसियाती है पर आवाज़ गले में रह जाती है।
क्यूं की उसने अरुन का आधा लंड अपने मुह में ले रखा था और चूस रही थी।
सरला अरून के टट्टों को एक हाथ से सहलाती है और लंड को अंदर बाहर करती है।
अरुण: हाय धीरे माआआआआ
माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईइई
पर सरला अपनी स्पीड कम नहीं करति।
अरुण: मस्ती मे सरला के बुर की पत्तियो को काटने लगता है और एक ऊँगली सरला की गाण्ड में पेल देता है।
सरला का बदन अकड जाता है और अरुन का लंड मुह से निकाल कर चीख पड़ती है।
अरून बोलता है क्या हुआ जान।
सरला: अपनी ऊँगली निकालो।
अरुण: कहाँ से
सरला: मेरी गाण्ड से
अरुण: निकाल लेता है। क्या हुआ।
सरला: पागल है क्या।
और अपनी गाण्ड सहलाने लगती है।
अरुण: ज्यादा दर्द हुआ क्या जान ।
सरला: होगा नही।
पहली बार कुछ गया है वहा।
अरुण : मतलब
सरला: मतलब क्या।
अरुण: आज तक आप की गाण्ड नहीं मारी पापा ने।
सरला: पागल ही क्या गाण्ड कोई मारने की चीज है।
अरुण: है क्यों नहीं आज कल तो लोग गाण्ड मारना ज्यादा पसंद करते है।
सरला: ये भी कोई मारने की चीज है।
तेरे पापा ने तो नहीं मारी।
अरुण: उन्होंने किया ही क्या है ।
सरला: क्या
अरुण: कुछ नहीं और सरला को लंड चुसने के लिए बोलता है।
और खुद सरला की चुत चाटने लगता है और दोनों मस्ती मैं डूबे होते है तभी सरला मस्ती में अरुन के लंड को मुह में एक हाथ में टट्टों को और दूसरे हाथ की एक ऊँगली अरुन की गाण्ड में डाल देति है।
अरुण के मुह से चीख निकल जाती है।
अरुण: माँ क्या कर रही हो।
सरला लंड मुह से निकाल कर।
तेरी गाण्ड मार रही हूँ।
अरुण: मेरी क्यों मार रही हो।
सरला: क्यों जब तू मेरी मार सकता है तो मैं क्यों नही।
अरुण: गाण्ड और चुत लड़की की मारी जाती है।
सरला कुछ नहीं बोलति और लंड चुसने लगती है।
अरून : आआ माँ आआआआआ
सरला और तेजी से लंड चुस्ने लगती है।
अरून : मायआ और सरला की चुत में एक ऊँगली घुसा देता है और पुतियो को चाटने लगता है।
सरला चाहकर भी चीख नहीं पाती क्यों की उसके मुह में अरुन जा लंड था और अपनी स्पीड बढ़ा देति है।
ईधर अरुन सरला की चुत में एक और ऊँगली घुसा देता है
और जोर जोर से पेलने लगता है सरला की सिसकारी उसके मुह में रह जाती है और
उऊउउउउउह गुगुगुग्गु ऊऊऊऊह
करती रहती है ।दोनों एक दूसरे को जल्दी झाड़ने में लग गये
सरला अरुन के लंड को तेज़२ झटका देती है और गाण्ड में ऊँगली करने की बजह से और अरुन की सरला की चुत में २ ऊँगली दाल कर चोदने से और पुतियो की चाटने से दोनों का बदन एक साथ अकडता है और दोनों सीसियाते हुए झड जाते है।