माँ की अधूरी इच्छा 7

माँ बेटा
शॉपिंग मॉल पहुच कर अरुन सरला को २ साड़ी दिलाता है २ सूट सलवार आज मना नहीं करती सूट के लिये, चप्पल हाई हील वाली और सरला अरुण के लिए एक फॉर्मल ड्रेस और जीन्स और फिर उसके बाद अरुन सरला को अन्देरगारर्मेन्ट्स की दुकान पे ले जाता है ।

सरला: कल ही तो ली थी।
अरुण: वो दूसरी थी।
सरला : तो आज।
अरुण: देखती जाओ।

अरुन सेल्स गर्ल से

२ ३६ साइज की पैड़ वाली ब्रा
और २ पुश-उप वाली ब्रा ।
और ४ लेटेस्ट वाली २ थोंग और २ जी स्ट्रिंग
सेल्स गर्ल: ओके सर

और अरुन अपने पसंद के कलर चूज करके ले लेता है।
सरला कुछ भी नहीं बोलती और अरुन पैक करा कर बाहर आ जाते है।

सरला: और कुछ भी बचा है ।
अरुण: है पर बाद मैं लुंगा।
वहाँ से अरुन सरला को शहनाज़ पार्लर ले जाता है।
सरला: यहाँ क्यु।
अरुण: ब्यूटी पार्लर में क्या करते है।
सरला: मेरी क्या उम्र है ब्यूटी पार्लर जाने की।
अरुण: आज बोली तो बोली अब दोबारा मत बोलना ।
सरला: सॉरी ओके चल।

फिर दोनों अंदर जाते है और अरुन अपनी पसंद का पैक परचेज करता है लड़की सरला को अंदर ले जाती है और ३ घंटे बाद आने के लिए बोल देती है।अरुन बाइक लेके टिकट्स बुक करने चला जाता है।

इधर सरला ३ घंटे बाद शीशे में देखते हुए अपने आप को पहचान नहीं पाती।
और बाहर आ कर अरुन का वेट करती है।
फिर कॉल करती है।
सरला: कहाँ हो मेरे पति।
अरुण: बस ५ मिनट में आया।
सरला: ओके जल्दी आओ मैं अकेली हूं।
अरुण: ओके बाय।

और १० मिनट में आ जाता
अरून सरला को देख कर
चले।
सरला: कुछ बोलोगे नही।
अरुण: क्या बोलु।
सरला: मैं कैसे लग रही हूँ।
अरुण: मुझे पता था की आप ऐसे ही दिखति हो पर आप अपना ख्याल नहीं रखती थी इस लिए आप को पता नहीं था ।
सरला: ख़ुशी के मारे रोने लगती है।
अरुण; यहाँ नहीं मेरी जान।
सरला: क्या कहा।
अरुण: जान
सरला: ओके चलो जानु।
और हँस कर दोनों साथ चल देते है।
३० मिनट में दोनों घर पहुच जाते है।
दोनो फ्रेश हो कर।
सरला: अपने अन्देरगारर्मेन्ट्स का पैकेट खोल कर देखने लगती है।
क्यों की शॉप पर उसे शरम आ रही थी
सरला अरुन से
जैसे तूने मुझे आज पेंटी नहीं पहनने दी।
फिर ये ४ पेंटी क्यों ख़रीदी।
और जब इतनी छोटी ख़रीदनी है तो पहनने की क्या ज़रूरत है।
अरुण: माँ आज कल की लड़िकियन येही पहनती है।
और अब आप मेरी बीवी हो तो जो मैं कहुँगा वही पहनना है।

सरला: ओके बॉस
और हस देती है।

अरुण: जेक चेक कर लो फिटिंग ।
सरला; आज नहीं बोलोगे दिखाने के लिये।

अरुण: जब आप कम्फर्टेबल हो तब दिखा देना कोई जल्दी नहीं है।
पर पहनना मेरी पसंद की है और मुझ से पुछकर।
कोर डिज़ाइन एवेरिथिंग।
सरला: जो कहोगे वही पहनुंगी।

तभी सरला को कमर में हल्का हल्का पेन सुरु हो गया।
और वो समझ गई की पीरियड्स आने वाले है।
अरुण: क्या हुआ मोम।
सरल: पेन सुरु हो गया है।
अरुण: पीरियड्स के।
सरला: हाँ।
तभी अरुन को याद आता है।
कल जो वो पैकेट लाया था व्हिस्पर की जग़ह
और अपने रूम में से ले आता है।
और सरला को दे देता है।
सरला: ये क्या है।
अरुण: इसे टम्पोंस कहते है।
और इसे पैड्स की जगह यूज करते है
सरला: यूज कैसे करते है
अरुण: माँ इस में लिखा हुआ है आप पढ़ लो।
सरला: तुम ने पढ़ लिया है ना।
अरुण: हाँ
सरला: तो तुम हे बता दो।
अरुण: आप पढ़ लो ना।
सरला: शरम आ रही है क्या बताने में।
अरुण: ऐसे बात नहीं है
सरला: तो बता ब्रा और पेंटी ख़रीदने मैं शर्म नहीं आ रही और जब ये टम्पोंस लाया तब शरम नहीं आती अब क्या।

अरुण: इसको पैकेट खोल कर उसको एक पीेछे दिखा कर । इसको अंदर डालते है और इस का ये धागा बाहर रहता है।
सरला: अंदर मतलब।
अरुण: जैसे जहाँ पैड्स बाहर लगाये जाता है वही पर इसको अंदर डालते है और ये धागा बाहर रहता है जब ये भर जाता है ये फूल जाता है और इस धागे तो पकड़ कर बाहर खिंच देते है।।
और दुसरा अंदर डाल देते है जब तक पीरियड्स ख़तम नहीं होता।
सरला: बाप रे मुझे यूज नहीं करना अंदर रह गया तो
अरुण: ऐसा नहीं होता।
सरला; नहीं होता पर मुझ से डाला भी नहीं जायेगा अंदर।
और शरमा जाती है। मुझे वही व्हिस्पर ला दे इसको किसी के हेल्प से ही यूज कर पाऊँगी पहली बार।
अरुण: तो मैं ।
सरला: अभी सोचना भी मत टाइम आएगा तो मैं तुझे खुद बोल दूँगी।
अरुण: ओके माँ मैं व्हिस्पर ला देता हुँ।
सरला: ओके मैं जब तक खाना बना लेती हु तेरे पापा के आने का टाइम भी हो गया है उनसे पहले ले आ।
अरुण: ओके मोम।

रमेश के आने के बाद कुछ भी बात नहीं होती।

सरला काम ख़तम करने के बाद अपने बैडरूम में

रमेश : तो जा रही हो ना।
सरला: मन नहीं है पर आप जा नहीं रहे।
रमेश: क्या करुं काम बहुत है।
सरला: जैसी आप की मर्ज़ि।
रमेश: मैं तो कहता हु अरुन बड़ा हो गया है।
उसी को लेके जहा जाना हो चलि जाया करो।
सरला: ठीक है
रमेश: शॉपिंग कर लेना।
सरला: कहाँ आप ने बोला ही नही।

रमेश: अपने वॉलेट से १० हज़ार रुपए निकल कर सरला को देते हुए जो मन करे खरीद लेना।
सरला: रहने दो।
रमेश: ले लो।
और जो समझ आये खरीद लेना।
ठिक है।
रमेश सो जाता है।

सरला सोचती है कल पहली बार वो अरुन के साथ अकेले जयेगी।
क्या होगा इन ६ दिनों में।

और मंद मंद मुस्करा देती है और सो जाती है।

अगली सुबह

रमेश ब्रेकफास्ट पर-
अरुन आज जाना है मैं तो आ नहीं पाउँगा तुम लोग निकल जाना।

सरला पर हम अकेले
रमेश: जब ६ दिन के लिए जा रहे हो तो आज जाने में क्या है।अरून चले जाओगे न।

अरुण: ओके पापा ।
रमेश: टिकट्स करा ले ।
अरुण: आज करा लुन्गा।
रमेश: न हो तो कोई बात नहीं जेनरल से चले जाना।।
अरुण: ओके पापा।

और रमेश ऑफिस चला जाता है।।
सरला: अरुन व्हिस्पर कहाँ है।
अरुण: मेरे रूम में।
सरला: क्यों तुझे यूज करना है।
अरुण; नही।
सरला: तो लेके आ मुझे यूज करना है।
अरुण: पैड़ ला कर दे देता हे।
सरला पैड़ लेके बाथरूम चलि जाती है।
और १० मिनट बाद वापिस आती है
अरुण: क्या हुआ मोम।
सरला: कुछ नहीं पेन हो रहा है।
अरुण: तो आप रेस्ट कर लो।
सरला: पैकिंग भी करनी है और जाना भी है।
अरुण: सब हो जाएगा।
आप बस मुझे बताती जाना।
सरला: वाह सब कुछ तो अपनी मर्ज़ी का पहनायेगा
और मुझ से बोल रहा है बताते जाना।
अरुण: ओके कहा क्या रखा है वो तो बता दो।

सरला उसे अपने रूम में ले जाती है।
और अरुन को बताती जाती है और वो रखता जाता है
और अपने कपडे भी सरला के पसंद के रख लेता है।

यानी माँ बेटे के पसंद के और बेटा माँ के पसंद के कपडे पहनते।
पैकिंग के बाद अरुन सरला को सुला देता है और खुद बचे हुए काम करने बाहर चला जाता है।

कुछ देर बाद सरला की आँख खुलती है और अरुन घर में नहीं होता।

सरला कॉल करती है।

अरुण: हेलो माँ बोलो।
सरला: कहाँ हो अभी।
आ: बस कुछ देर मैं आता हुँ।
आप नहा कर फ्रेश हो जाओ २ घंटे में हमें निकलना है।

सरला: ओके जल्दी आओ।
सरला नहाने चलि जाती है ।
नहाने के बाद उसे याद आता है की कपडे तो अरुन बतायेगा की क्या पहनना है और नाईटी डाल कर अरुन का वेट करती है
और अरुन के लिए कपडे निकालती है।

व्हाइट शर्ट ब्लू जीन्स और व्हाइट बनियान और व्हाइट फ़्रांची ।
और अरुन का वेट करने लगती है।
कुछ देर बाद अरुन आ जाता है।
सरला : कहा थे इतनी देर से अरुन ।कब से नाइटी में वेट कर रही हु कुछ और पहन लेती तो नाराज हो जाता मेरा प्यारा हसबेंड।
अरून सरला को बॉहो में लेते हुए। थँक्स जान
आप के कपडे।
अरुण: ग्रीन सूट विथ वाइट चूडीदार पजामी ग्रीन ब्रा पुश-अप वाली और ग्रीन- जी स्ट्रिंग।

सरला: थैंक्स जहापनाह डीसाइड करने के लिए मुझे लगा कहीं लेट हो गया तो कहीं नाइटी में जाना पडे।
तेरे कपडे निकाल दिए है और वही पहनना जो निकाले है मैं चेक कर लुंगी।

अरुण: ओके आप करोगे तो मैं भी करुँगी।
सरला: ओके जाओ तैयार हो जाओ।

और दोनों तयार होने चले जाते है।

घर से बहार निकलते है ।
ओला कैब खड़ी थी।
अरून उसमे सामान रखता है।
सरला तूने कैब बुक की है।
अरुण; हाँ तो ।
सरला: तो अपनी बीवी का कितना ख्याल रखता है।
तेरे पापा तो ऑटो में ले जाते।
और कैब उनको ले के स्टेशन चल देती है।

स्टेशन पहुच कर
सरला: कौन सी ट्रैन है।
अरुण: आने दो बताता हु।कुछ लोगी मोम।
सरला: जैसे की ।
अरुण: किस्स।
सरला: दे ।
अरुण: ट्रैन में दूँगा।
सरला:हाँ जैसे ट्रैन में कोई नहीं होगा।
अरुण: देखते है किस्मत क्या कहती है।
सरला: मेरे राजा को किस्मत की नहीं अपनी माँ के साथ की ज़रूरत है।
और मैं हमेशा तेरे साथ हू।
किस क्या जो भी माँगेगा सब मिलेंगा।

ऐसे बात करते २ ट्रैन आ जाती है ।
अरुन चलो माँ ट्रैन आ गई।
सरला: हाँ चलो नहीं तो सीट नहीं मिलेगे।
अरुण: ट्रैन की तरफ चल देता है पीछे पीछे सरला।

सरला ये तो राजधानी है।
हा तो हमारी टिकट इसी की है और उसको लेके एसी में चढ़ जाता है।
और अपने कूपे में आ जाता है।
जिस में सिर्फ २ सीट होती है।
और गेट बंद हो सकता है।

सरला: ये क्या है।
अरुण: हमारी सीट।
सरला: पर ये तो महंगी होती है।
अरुण: है तो मेरी बीवी क्या जनरल में जाएगी।
सरला की आँखों में ऑस्सू आ जाते है ।

अरुन अब क्या हुआ माँ।
सरला: कुछ नहीं इतना ख्याल रखेगा अपनी माँ का तो ख़ुशी के मारे पागल हो जाऊँगी।
अरुण: उसकी ज़रूरत नहीं है।

कुछ टाइम बाद ट्रैन चल देती है।
सरला रमेश को बता देती है की ट्रैन चल दी है पहुच के बता दूंगी।

अरुण: हो गया
सरला:क्या ।

तभी टीसी आ जाता है टिकट्स चेक के बाद।
अरून कूपे का दरवाजा लॉक कर देता है।

सरला: अच्छा तो साहब का ये प्लान है यहाँ कोई भी नहीं आ सकता और तुम्हे मुझे छेडने का बहाना मिल जाएगा।
अरुण: क्या मुझे छेडने की ज़रूरत है।
सरला: बिलकुल नहीं मैं तेरी हूँ और तू मेरा राजा।

अरुण: माँ
सरला: हाँ
अरुण: क्या पहनी हो।
सरला: वही जो तूने कहा था।
अरुण: पक्का।
सरला:हाँ और कुरते को कन्धा से सरकाकर ब्रा के स्ट्राप दिखा देति है।खुश
अरुण; ये तो एक है दुसरा।
सरला: उसके लिए इंतज़ार ।
अरुण:माँ नॉट फेयर।
सरला: माय जानू एवरी थिंग इस फेयर इन लव।
अरुण: ओके मैं ड्रेस चेंज कर लेता हू।
और अपने कपडे उतारने लगता है।
सरला: सब मत उतारना।
अरुण: नहीं तो ।
सरला:नहीं तो मैं डर जाऊँगी।
अरुण: हॅसने लगता है और बैग में से शॉर्ट्स निकलता है।
सरला; इसकी क्या ज़रूरत है सिर्फ बनियान और फ़्रांची में ओके है।
अरुण; सोच लो डर मत जाना।
सरला: है बड़ा आया डराने वाला।
अरुण: ठीक है।
आप भी चेंज कर लो।
सरला; मैं नाइटी नहीं लाई।
अरुण; मैं तो लाया हूँ अपनी बीवी के लिये।
सरला; कहाँ है।

अरुन बैग में से पैकेट निकालता है।
और उसके अंदर शार्ट नाइटी थी जो की सरला के घुटनो तक आती और सेमि ट्रांसपेरेंट थी।
सरला; ये कब लाया।
अरुण: दिन में जब आप सो रही थी।
सरला: अच्छा मतलब किसी भी तरह ब्रा पेंटी मैं देखना है अपनी माँ को।
अरुण; नहीं माँ मुझे पता है जब आप ने बोला है और टाइम माँगा है तो मैं वेट करुँगा पर नाईट के हिसाब से और मुझे अपनी बीवी को इसमें कम्फर्टेबले देखना है इसलिए लाया हू।
सरला: ला दे ।
अरुन पकड़ा देता है और अपनी टॉवल लपेट कर बाहर जाने लगता है।
सरला; कहा जा रहे हो माय डिअर हब्बी।
अरुण: वो आप चेंज कर रही हो न।
सरला: तो क्या हुआ तुम रुक सकते हो।
अरुण: पर आप ने वेट करने को कहा।
सरला: तो मैं कब कह रही हूँ देखने के लिये।
अरुण; फिर
सरला; तुम खिड़की से बाहर देखो मैं चेंज कर लेती हू।
अरून: ठीक है।
सरला:इधर मत देखना विंडो से जो दीखे वही देखना।
अरुण: ओके और सोचता है विंडो से क्या दिखेगा।
पर जब खिड़की में देखता है तो बाहर अंधेरा होने की बजह से अंदर के कूपे का प्रतिबिम्ब में सब दिख रहा था ।अरून समझ गया माँ ने ये क्यों कहा खिड़की से जो दीखे वो देख लेना।

तभी अरुन की आंखे फटी रह जाती है।
इतनी देर में सरला ने अपना कुर्ता उतार दिया था और फिर पजामी।

अब सरला सिर्फ पेंटी और ब्रा में थी और पेंटी का मतलब पेंटी का न होना सिर्फ चुत के मुह को ढकने वाली बाकि सब ओपन।
फिर सरला आराम से घुमति है ।
अरुन उसका पिछवाडा देख के पागल हो जाता है पर कुछ नहीं बोलता।
सरला फिर नाइटी उठाती है और पहन लेती है।

अरुन अब भी बाहर देख रहा है।
सरला: हो गया अब तुम मुह घुमा सकते हो।
अरूज़: उसे फटी २ निगाहों से देखता रहता है।
सरला; क्या हुआ अरुन कुछ डरावनी चीज़ देख ली क्य।
अरुण; नहीं माँ खूबसूरत जन्नत से भी ज़्यादा।
सरला; कहीं तूने मुड के तो नहीं देखा।
अरुण; नहीं मोम
सरला; तो ठीक है।
सरला मन ही मन बेटा जो तू चाहता था सब दिखा दिया मैं तुझे मना नहीं कर सकती पर कुछ दिवार तो है जिसे तोड़ने में कुछ टाइम लगेगा।।

सरला ; बाथरूम जाना है और पैड़ भी चेंज करना है।।
अरून: वही कूपे का गेट खोलता है जिस्मे अटैच्ड बाथरूम था।
सरला: वाओ मतलब कहीं बहार जाने की ज़रूरत नही
अरुण; और आप को क्या लगा इस ट्रांसपेरेंट नाइटी में आप को बाहर जाने दूँगा।
इस रूप में आप को सिर्फ मैं देख सकता हु पापा भी नही।
सरला; उसकी बॉहो में आते हुए ।
हा सिर्फ तू देख सकता और कोई नहीं तेरे पापा भी नही।[/size]

अरून बैग में से एक पैड़ निकालता है।

मै चेंज कर लेती हूं।

अरुन बैग में से पैड़ निकाल कर
मा इसे यूज कैसे करते है ।
सरला उसके हाथ से पैड़ छिनते हुए
जब करना हो तब बता दूंगी ।
बाद में तुझे ही करने है धीरे से बोल कर बाथरूम चली जाती है।
अरून सुन नहीं पाता।
अंदर सरला मोबाइल से अरुन को मैसेज करती है।
“मेरे प्यारे नए हब्बी पैड़ का साइज बड़ा है और तुम्हारी दिलाये हुए जी- स्ट्रिंग बहुत छोटी है जिस की बजह से पैड़ पेंटी से बाहर आ रहा है।
प्लीज मेरी पुरानी पेंटी मेरे बैग मैं है उसे दे दो ।
मै चेंज कर लुंगी तुम्हारा आर्डर था इसको पहनने का इसलिए मैंने मना नहीं किया और पहन ली और आगे भी वही पहनुंगी जो तुम बोलोगे पीरियड्स में पुरानी पेंटी पहनने की परमिशन दे दो।

प्लीज जानू””

कुछ देर में अरुन का मैसेज

“””इसीलिए मैं टम्पोंस यूज करने के लिए बोला था क्यों की वो अंदर फिट हो जाता है अभी दे दे रहा हूँ आगे से टम्पोंस यूज करना सिख लो।।।।ओके जान “”
सरला: ओके जानू अभी दे दो और हाँ वक़्त आने पर तुम्हारा टेम्पोंस सब से पहले यूज करना तुम से ही सिखुग़ी।””

तभी गेट पे नॉक होती है और अरुन सरला को उसकी इंडियन स्टाइल देसी पेंटी दिखा कर मैं पहना दू ।

सरला: तू मेरा पति है जो तू मुझे पहनायेंगा।
अरुण: एक दिन तो मैं ही पहनाउँगा।
सरल; अहा पहना लेना अभी तो ठण्ड लग रही है वैसे भी पता नहीं तुझे मेरे शरीर पर कपडे अच्छे नहीं लगते पहले छोटी २ कछिया दिला दिया अब ये नाइटी।
और अरुन के हाथ से पेंटी छीन लेती है और गेट बंद कर देती है।

फिर चेंज करके सरला बाहर आती है

बाहर अरुन सीट पे कम्बल ओढ़ कर बैठा था ।

सरला: वाह माँ बाहर बेटा कम्बल में।
अरुण: साइड होते हुए आप आ जाओ मैं उप्पर वाली बर्थ पे लेट जाता हू।
सरला; क्यों मैं ज्यादा मोटी हूँ जो हम दोनों इस बर्थ पे नहीं आयेंगे।
अरुण: नहीं ऐसा नहीं है।
सरला; तो साइड हो मुझे भी बैठने दे ।

सरला बैठी ही थी की गेट नॉक होती है।
सरला अब कौन है।

अरुन खाना देने आया होगा।
पर मैं इस शार्ट नाइटी में।
अरून मैं हु ना।
सरला को उप्पर से फुल कम्बल ओढ़ा देता है और खुद टॉवल लपेट लेता है।
बाहर वेंडर दोनों का डिनर लेके खड़ा था
डिनर सर्व कर के चला जाता है।

सरला बर्थ पे से कम्बल हटा देती है और दोनों साथ में डिनर करने लगते है ।
अरून एक बाईट सरला के मुह से पास करता है सरला खा लेती है साथ मैं ऊँगली भी चूस लेती है।

इसी तरह दोनों एक दूसरे को खाना खिलाते है।
डिनर करने के बाद।
सरला :थैंक यु
अरुण: किस बात के लिये
अभी तक की सभी बातों के लिये।
अरुण: ओह मतलब जो हब्बी बोल रही हो वो सब झूठ है।
सरला: नहीं ऐसा नहीं है।
अरुण: ऐसा है तभी तो थैंक्स बोल रही हो।
सरला; ऐसा होता तो खिड़की से सब कुछ नहीं दिखाती अपनी जान को।
अरुण: चुप हो जाता है ।
और सरला को कस कर अपनी बाँहों में ले लेता है।
ओर उसके होंठो की तरफ अपने होठ बढाता है।

सरला: लिप् किस जरुरी है
अरुण: नहीं ऐसा नहीं है।
सरला: हलके से अपने होठ अरुन के हाथों से टच कर देती है।
बस अरुन फिर कभी।
अरुण;जैसी आप की मर्ज़ी वैसे भी शादी के बाद लड़का और लड़की को एक दूसरे को समझने के लिए टाइम देना चाहिए ।
सरला: तुम कितने समझते हो।
मेरी हर बात मान कर कोई न कोई मिशाल पेश कर देते हो।

अरुण: सारी बातें छोड़ो जी- स्ट्रिंग कहा है ।
सरला: बाथरूम में कल जब उतरेंगे तो चेंज कर लुंगी ।
अरुण: अनकंफर्टबल फील हो रहा है तो रेहने दो।
सरला: नहीं बस पैड़ की बजह से बाकि तो बहुत कम्फर्टेबल है।
तभी सरला उप्पर वाली नाइटी उतर देती और अरुन से पूछती है।
मै ऐसे सोउ तुझे कोई प्रॉब्लम तो नही।
अरुण: नहीं आप जैसे चाहो।
सरला; रात में मुझे छेडेगा तो नही।
अरुण:छेड दूंगा तो क्या कर लोगी।
सरला उसका सर पकड़ कर एक और लिप् किस ले लेती है।
और छेडेगा।
अरून : नहीं मेरी मा।

सरला: गुड बॉय और निचे वाली बर्थ पर गुड नाईट बोल कर लेट जाती है और अरुन को अपने
पास बुलाती है और अपने बगल मैं लिटा लेती है।

अरुन के बाजु पे अपना सर रख कर।

सरला: अरुन
अरुण: हाँ।
सरला: एक बात पुछु।
अरुण: क्या।
सरला: पहले प्रॉमिस कर सच बतायेगा।
अरुण: प्रोमिस
सरला: सोच ले।
अरुण: बोलो मोम।
सरला:::क्या तुझे मैं सच मैं इतनी अच्छि लगती हूँ की तू मुझे अपनी बीवी मानकर मेरे लिए सुब कुछ कर रहा है या तेरे पापा मेरी केयर नहीं करते इस लिए मुझ पर एहसान कर रहा है।
अरुण; सच बोलु।
सरला:: है एकदम सच।
अरुण: कड़वा सच है सिम्प्ल।
सरला; जो सच हो
अरुण: सुन पओगि।
सरला; हाँ
अरुण:सोच लो बुरा मत मानना।
सरला: तो बोल न ।

अरुन उठता है और कूपे की लाइट ऑफ़ करता है।
और सरला के पास आ कर लेट जाता है।
तो सुनो मोम

आप मुझे बहुत अच्छि लगती हो जो मुझे अपनी बीवी में चाहिए वो सब है आप में।

अरुन : बुरा मत मानना मोम।
सरला: बोल अरुन सुन रही हूं।
तो सुनो कड़वा सच
तुम्हरी गाण्ड क्या मस्त गाण्ड है जिसे देख कर कोई भी पागल हो सकता है और बूब्स ऐसा लगता है की उन में
मुह दे कर घण्टो उनका दूध पिते रहुँ।
आप एकदम सेक्सी माल हो
पर इन सब से ज्यादा मेरी प्यारी सी माँ मुझ से बहुत प्यार करती है इसका सबुत आप मेरी बीवी बनने को राजी हो गई मेरे बोलने पर ।
क्या मुझे इतना कोई प्यार कर सकता है ।
नही ना।
मै आप से कितना प्यार करता हु मुझे भी नहीं मालूम।।
और बोल कर चुप हो जाता है।

सरला कुछ देर खामोश रहती है।
सरला की ख़ामोशी से अरुन तड़प उठता है और रोने लगता है।
सॉरी माँ मुझे आप से ऐसी गन्दी बात नहीं बोलनी चाहिए थी।
आई ऍम सोर्री
सरला; अरुन के गाल पर थप्पड मारती है।

सरला: मुझे तेरी किसी भी बात का बुरा नहीं लगा मेरे बेटे । तूने सिर्फ सच बोला है मुझे ख़ुशी है की तेरे में सच बोलने की हिम्मत है।

मै भी तुझ से बहुत प्यार करती हु अपनी जान से भी ज्यादा तेरे पापा से भी ज्यादा।
और मुझे पूरा यकीं है तू मेरी हर
((“” हर अधूरी इच्छा पूरी करेंगा”” ))
बाल करेगा न।

अरुन: हाँ माँ जो आप बोलोगी वो सब करुन्गा।
सरला अरुन के चेहरे को अपने हाथों में लेती है और अपने लिप्स अरुन के लिप्स से चिपका देती है और दोनों बड़े आराम से एक दूसरे के लिप्स को चुमते रहते है ।
उधर ट्रैन अपनी रफ़्तार से अपनी मंजिल की ओर जा रही है और अंदर एक नया रिश्ता अपनी मंजील की ओर जाने की शुरुआत कर रहे है।
न जाने कितने देर दोने प्रेमी जोड़ा एक दूसरे को चुमता रहता है।

सरला अपने होठ अरुन से अलग करते हुए।

अरुण; क्या हुआ जान।
सरला: कुछ नहीं वाश रूम जाना है।
अरुण: ओके जाओ मुझे भी जाना है दोनों साथ चले।
सरला: कोई ज़रूरत नही। तुम रुको मैं हो कर आती ह।
और उठ कर लाइट ऑन कर देती है और बैग में से पैड़ निकालती है और वाश रूम चलि जाती है।

वाशरूम में सरला शीशा देखति है और अपने आप को देख कर शरमा जाती है
क्या वाकई में मेरी गाण्ड और बूब्स इतने मस्त है की मेरा खुद का बेटा इनपे फ़िदा है।
और शीशे में आगे पीछे देखती है।
और मुस्कुराते हुए पैड़ चेंज कर बापिस बाहर आ जाती है ।

इधर बाहर अरुन सरला का इंतज़ार कर रहा होता है।
और उसके आते ही वाशरूम भागता है ।

सरला; क्या हुआ मेरे सोना की सुसु निकल गई क्या उसकी कच्छी में।

अरुन वाशरूम से बाहर आते हुए।
जी नहीं ऐसा कुछ नहीं है।

सरला: तो मेरा सोना बाबू इतनी अचानक क्यों भागा था।
अरुण: सुसु काफी अचानक आ रही थी।
सरला: तो पहले क्यों नहीं गया ।
अरुण: वो ओ
सरला: वो वो क्या।
अरुण: आप इतना मस्त किस कर रही थी मन ही नहीं किया आप के रस भरे होंठ छोड़ने को।
सरला: शरमाते हुए चल पागल मैं भाग थोड़े ही रही थी
किस इतनी अच्छि लग रही थी तो अब कर ले और अरुन के होठों से अपने होठ दोबारा लगा देती है
ओर दोनों फिर एक दूसरे की बाँहों मैं समां जाते है।

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