दोस्त की बीवी ग्रुप सेक्स में 8

दोस्त की बीवी

रात का खाना हम सबने नीचे ही खाया और उसके बाद हम तीनों पैदल ही आइसक्रीम खाने चले गए।
कावेरी ने तो अपनी जल्दी से ख़त्म कर ली फिर मेरी ऑरेंज बार से चूस चूस कर खाने लगी।

विकास बोला- कावेरी, चूस चूस कर खाने में बड़ा मजा आता है? कावेरी तो मुंहफट थी, बोली- चूसने से तो हर चीज ज्यादा मजा देती है… आपने कभी गन्ना चूसा है?

अब विकास भी बोल पड़ा- नहीं जी, हम तो केवल आम ही चूसते हैं! अब मेरी बारी थी, मैंने कहा- चलो आज तुम्हें खरबूजा चुसवायेंगे।
सब हंस पड़े।

लौटते में विकास ने तीन मीठे पान लिए, हमने कहा कि घर पर ही खायेंगे। घर पर आकर विकास तो माँ बाबूजी के पास बैठ गया हम दोनों ऊपर आ गई।

आज रात को कुछ गजब होना था इसलिए मैंने कावेरी की लाई नाईट ड्रेस के ऊपर नाइटी पहनी। कावेरी कुछ असहज हो रही थी इसलिए उसने केवल घुटनों तक की मिडी पहनी.. हाँ, उसके नीचे उसने आज ब्रा पैंटी दोनों पहनी थी। विकास आये और बोले- मैं तो नहाने जा रहा हूँ!
कावेरी ने मुझे धक्का देकर कहा- जा जीजू को नहला ला!

मुझे सनी के साथ नहाना याद आ गया, मैंने सोचा की विकास को भी मौका मिलना चाहिए पर अभी कावेरी तैयार नहीं होगी। मैंने विकास से कहा- आज तुम अकेले नहा लो, कल साथ नहायेंगे। विकास फटाफट नहा कर आ गया और आज उसने रेशमी लुंगी और कुरता पहना था।

मैं पान लाई, मैंने अपना पान पूरा खा लिया। कावेरी ने पान अपने मुँह में रखा पर पूरा नहीं अन्दर कर पाई तो उसने इशारे से मुझसे कहा कि आधा मैं उसके मुँह से काट लूँ।

मेरा तो मुँह पहले ही भरा था, कावेरी तुरंत विकास की ओर लपकी और अपना मुँह उसके मुँह की ओर कर दिया।

अब विकास के सामने पान काटने के अलावा कोई चारा नहीं था। हालांकि उसने ऐसा बहुत संभल के किया पर फिर भी उसके होंठ कावेरी के होंठों से मिल ही गए। कावेरी पर कोई फर्क नहीं था और मैं और विकास अचंभित थे।

हम कल की तरह ही सोये। मैंने कावेरी के मम्मे पकड़े हुए थे और विकास ने मेरे।

तभी विकास को लगा कि मैं डबल ड्रेस पहने हूँ, उसने पूछा तो मैंने झूठ बोल दिया कि पहन कर देखी थी फिर तुम आ गए तो ऊपर से नाइटी डाल ली। विकास पीछे पड़ गया कि मुझे दिखाओ तो मैंने भी कह दिया- कावेरी के सामने नहीं…

कावेरी बोली- अच्छा जी, कल तो जैसे मेरे सामने कुछ किया ही नहीं… और जीजू आप भी एक दिन नहीं रूक सकते थे?
हम सब हंस पड़े। विकास बार बार पीछे से मेरी नाइटी उठता रहा मेरी ड्रेस देखने को…
मैं भी झुंझला गई और उठ कर अपनी नाइटी उतार दी।

कावेरी और विकास की निगाहें हट ही नहीं रही थी मुझ से… गोरी चिट्टी मैं… ऊपर से जाली की काले रंग की नाइट ड्रेस, जिसमें कपड़ा नाम मात्र को होता है। अंदर से झांकते मेरे मोटे मोटे मम्मे…

विकास तो झपट पड़ा मेरे ऊपर और होठों से चिपका लिया मुझे, बिना इस बात की परवाह किये कि कावेरी भी यहाँ है।
मैंने कहा- कावेरी ही तो लाई है मेरे लिए… और इसके पास तो इससे भी सेक्सी ड्रेस हैं।

विकास बोला- कावेरी कहना अच्छा तो नहीं लग रहा पर आज तुम्हें भी ऐसा ही कुछ पहनना चाहिए। कावेरी बोली- चलो मैं भी पहन लेती हूँ… पर आप मुझे कुछ नहीं करोगे! विकास बोला- वादा, मैं अपनी ओर से कुछ ऐसा नहीं करूंगा जो तुम्हें ख़राब लगे।

अब कावेरी नारंगी रंग की ड्रेस पहन कर आई जिसमें उसकी चूत और मम्मे दोनों लगभग दिख रहे थे। आते ही उसने लाइट बंद कर दी और हम लोग चिपक कर लेट गए।

जैसा कि होना ही था, लेटते ही विकास ने मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिये और फिर चूत में उंगली कर दी। मेरी चूत तो पहले से ही गीली थी, विकास की उंगली से फचफच की आवाज आने लगी।

मैंने कावेरी की चूत में उंगली करी तो उसका भी यही हाल था, कावेरी की चूत से तो पानी बह रहा था। कावेरी ने गर्दन घुमा कर मुझे चूमना शुरू कर दिया।

अब मैंने यह सोच कर ‘जो होगा देखा जायेगा’ विकास का हाथ कावेरी के मम्मों पर रख दिया। विकास को तो मानो जन्नत मिल गई… उसने बड़े प्यार से कावेरी के मम्मी और निप्पल दबाने शुरू कर दिये और फिर कुछ मिनट बाद विकास ने अपना हाथ कावेरी की चूत पर रख दिया।

विकास का हाथ आते ही मैंने अपनी उंगली कावेरी की चूत से निकाल ली। हालाँकि कावेरी ने रोकना चाहा पर तब तक विकास ने अपनी उंगली कावेरी की चूत में कर दी और स्पीड बढ़ा दी।

कावेरी अब कामाग्नि में पूरी जल रही थी, उसने एक जोर से पलटी ली और मुझे लांघते हुए विकास पर चढ़ गई और उसका लंड अपनी चूत में कर लिया।

मैं भी बैठ गई और कावेरी के मम्मे चूसने लगी। कावेरी तो जैसे विकास को खा जाना चाहती थी, उसने मुझे हटाया और विकास के होठों से चिपक गई।

अब विकास ने उसे नीचे पलटी दी और चढ़ गया उसके ऊपर… कावेरी ने अपनी दोनों टांगे फैला दी और विकास ने उसको घुटनों के ऊपर से पकड़ कर दबादब चोदना शुरू किया। दोनों हांफ़ रहे थे और बड़बड़ा रहे थे। कावेरी कह रही थी- …विकास आज मजा आ गया.. मेरा बरसों का सपना आज पूरा हुआ… फाड़ दो मेरी चूत मेरे राजा… नीता आज तूने मुझ पर बड़ा एहसान किया है मेरी जान! विकास भी कह रहा था- ..कावेरी ले और ले और ले मेरा लंड… चुद चुद कर पूरा निकाल दे इसकी आखिरी बूँद भी…

मैं चूत लंड के इस महासंग्राम को देख कर खुश हो रही थी और सोच रही थी कि अब विकास जब तक कावेरी है, रोज इसकी बजाएगा, काश मुझे किसी तरकीब से सनी का लंड मिल जाए। विकास ने अपना सारा माल कावेरी की चूत में ही छोड़ दिया और निढाल होकर उसके ऊपर ही पड़ गया।

मेरी चूत की आग अभी बुझी नहीं थी पर मुझे मालूम था की अब विकास के बस का कुछ नहीं… मैंने कावेरी के सूटकेस से ‘लंड’ निकाला और अपनी चूत में घुसा लिया। कावेरी उठी और अपने हाथ से तेज तेज करके उसने मेरा भी पानी छुड़वा दिया।

अब कावेरी बीच में सोई और दोनों और मैं और विकास उसके दोनों ओर…

रात को दो बजे करीब मेरी आँख खुली तो देखा विकास कावेरी के ऊपर चढ़ा हुआ है और कावेरी अपनी बाहें उसकी पीठ पर चिपका कर चुदाई में व्यस्त है। मैंने कुछ नहीं कहा, चुपचाप पड़ी रही और सो गई यह सोचते हुए कि देखती हूँ सुबह इनमें से कोई मुझे बताता है या नहीं।

सुबह सात बजे आँख खुली, विकास नंग धडंग सो रहा था, मैं भी नंगी ही थी और नीता नीचे योग कर रही थी। हाँ उसने हमारे दरवाजे को लॉक कर दिया था।

मैंने विकास को उठाया और विकास के ऊपर चढ़ गई। मेरी चूत की आग बुझी नहीं थी… विकास भी समझ रहा था। अब सोने से वो फ्रेश भी हो गया था, उसने मुझे नीचे कर के जैसे उसने कावेरी को रात को चोदा था वैसे ही मुझे चोदना शुरू किया। इतनी में ही कावेरी आ गई, बोली- गुड मोर्निंग एवरी वन। जीजू क्या कमाल का स्टैमिना है आपका… रात भर तो मेरी बजाई और अब नीता की बजा रहे हो?

वह चाय लेकर आई थी। हमने कुछ कपड़े पहन कर चाय पीनी शुरू की।

कावेरी बोली- रात को जीजू का फिर खड़ा हो गया… और नीचे खिसक कर इन्होने मेरी चूत चूसनी शुरू कर दी तो मेरी भी आँख खुल गई। हम दोनों ने 69 पोजीशन में एक दूसरे को चूसा… फिर ये महाराज चढ़ गए मेरे ऊपर और सारे पेंच ढीले कर दिये मेरे।

मुझे अच्छा लगा कि चलो इसने मुझसे छिपाया कुछ नहीं। अगले तीन दिन ऐसे ही दिन रात चूत लंड की मालिश में निकल गए और वो दिन आ गया जब हम कावेरी को छोड़ने स्टेशन गए। पिछली रात को कावेरी ने मुझसे यह वादा लिया कि अब मैं भी नीरज से चुदने को मना नहीं करूँगी।

हमने यह प्रोग्राम बनाया कि जल्दी ही कहीं दो दिन के लिए साथ साथ घूमने चलेंगे और वहाँ हम दोनों या बल्कि हम चारों एक साथ सेक्स के मजे लूटेंगे।

आपको याद होगा कि विकास और नीता एक खुले दिमाग के और सेक्स में थ्रिल पसंद करने वाला दम्पत्ति हैं, जिनका एक ही बेटा है जो बाहर हॉस्टल में पढ़ता है इसलिए उन्हें सेक्स की कोई पाबन्दी नहीं है।

विकास का दोस्त सनी नीता को पसंद आया और विकास की सहमति से उन तीनों के बीच ग्रुप सेक्स होता है जिसे तीनों एन्जॉय करते हैं।
नीता की एक हमउम्र चचेरी बहन है जो शादीशुदा है और उसके और नीता के बीच बहुत खुलापन है। नीता ने कावेरी के बारे में इतनी उत्तेजक बातें विकास को बताई हैं कि अब विकास कावेरी की चुदाई करना चाहता है, जबकि विकास कावेरी से कभी मिला नहीं है।

नीता विकास को बताती है कि कुछ दिनों बाद कावेरी यहाँ कुछ दिनों के लिए आएगी तब वो कोशिश करेगी कि कावेरी विकास की हमबिस्तर हो जाए।

कावेरी जब नीता के पास रहने आती है तो नीता और कावेरी पहले तो लेस्बियन होकर एक दूसरे को एन्जॉय करती हैं और आखिर में विकास कावेरी और नीता मिलकर ग्रुप सेक्स का मजा ले ही लेते हैं।
जब तक कावेरी वहां रूकती है उनका चुदाई घमासान रोज होता है।

कावेरी जाते समय नीता से यह वायदा ले जाती है कि मौका निकाल कर नीता, विकास, कावेरी और उसका पति नीरज कहीं बाहर घूमने चलेंगे और वहाँ कावेरी तो विकास से चुदेगी और नीता नीरज से और वो सब ग्रुप सेक्स का मजा लेंगे।

अब आगे पढ़ें नीता की जुबानी:

कावेरी के जाते ही अगले दिन सुबह मैंने विकास से कहा- बहुत दिन हो गए सनी से मिले, आज उसे बुला लो!
कहना तो मैं यह चाह रही थी कि बहुत दिन हो गए सनी का लंड लिए… पर आखिर कुछ तो पर्दा होना ही चाहिए।

विकास भी मुस्कुरा कर बोला- हाँ, मैं तो कह ही दूंगा, तुम भी कह देना।

मैंने विकास के जाने के बाद सनी को फ़ोन किया… सनी ने फ़ोन पर एक लम्बा किस दिया, जिसका जवाब मैंने भी ढेर सारी चुम्मियाँ देकर दिया।

सनी की शिकायत थी कि मैंने उसे एक हफ्ते बिल्कुल नेगलेक्ट किया। अब मैं उसे क्या बताती कि पिछले सात दिन तो चूत और मम्मों की सेवा में ही निकले हैं।
मुझे विकास ने कसम दे दी थी कि जो कुछ हुआ, उसका पता सनी को कभी नहीं लगना चाहिए।

मैंने सनी से कहा- मैंने भी तुम्हें बहुत मिस किया है, चलो आज आ जाओ, सारी शिकायत दूर कर दूँगी।
सनी बोला- रोज रोज रोमा को झूठ कैसे बोलूँ?

सनी ने मुझसे पूछा कि क्या इस खेल में हम रोमा को भी शामिल कर सकते हैं?
पता नहीं क्यों, मुझे अच्छा नहीं लगा कि मेरा पति दूसरी औरतों के सात ज्यादा सेक्स करे। एक तरफ तो मैं विकास के अलावा सनी से चुद ही रही थी और अब तो कावेरी भी मुझे नीरज का लंड दिला रही है।

नीरज के साथ करना मेरी मजबूरी होगी क्योंकि जब कावेरी विकास से चुद रही होगी तो मैं या नीरज क्या करेंगे।

और दूसरे विकास को कावेरी ने इतनी मजे दिये हैं और मैंने भी विकास के सामने ही सनी से चुदाई की है तो अब विकास को भी दूसरी चूत का चस्का लग गया है।

सनी की बात सुनकर मैंने कहा- चलो, आज तुम रोमा को लेकर आओ… आज चुदाई तो नहीं होगी पर रोमा की यह शिकायत दूर हो जाएगी कि तुम हमेशा अकेले ही विकास के घर जाते हो। हाँ, कोशिश करना की रोमा अच्छे मूड में आये और ड्रेस भी वेस्टर्न पहन ले।
किस्मत की बात, सनी की सास आई हुई थी, इसलिए रोमा ने मुझसे आने को मना कर दिया पर जब मैंने कहा कि मैंने तो सब्जी दोपहर को ही बना ली थी तो रोमा बोली कि वो तो नहीं आ पायेगी पर सनी आ जायेगा…

मेरे तो मन की हो गई… अब मेरा सनी मेरी बाँहों में होगा और समय की कोई पाबन्दी भी नहीं होगी।

शाम को सनी आया तो आज हम लोगों ने खाना नीचे ही खाया और विकास और सनी ऊपर चले गए।
रसोई का काम निबटा कर मैं भी ऊपर आ गई।

विकास बोला- चलो नहा लें!
सनी से विकास ने कहा- चल पहले तू और नीता नहा लो…
मैंने कहा- नहीं, मैं तुम लोगों के साथ नहीं नहाऊँगी, तुम दोनों नहाओ, मैं बाद में नहा लूंगी।

विकास और सनी नहाने चले गए।
अंदर से विकास ने आवाज दी- चलो नहाओ मत, कम से कम हमारी पीठ पर साबुन तो लगा दो…

मैं अपनी साड़ी उतार चुकी थी तो ब्लाउज और पेटीकोट में ही अन्दर चली गई।
अन्दर बाथरूम में अँधेरा था, शावर के नीचे दोनों खड़े थे नंग धड़ंग… विकास ने मुझे भी खींच लिया।

ऊपर से पानी और दोनों ओर दो नंगे बदन… मेरे भी कपड़े उतरते चले गए…
अब दोनों मेरे मम्मे चूस रहे थे और मेरे दोनों हाथों में उनके लंड थे।
मुझे कावेरी के साथ शावर की मोटी धार से चूत मालिश याद आ रही थी।
सनी नीचे बैठ कर अब मेरी चूत चूस रहा था और विकास मेरे पीछे आकर मेरे दोनों मम्मे दबा रहा था और उसने मेरा मुँह पीछे घुमाकर अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी थी।

अब मेरी चूत को लंड चाहिए था… मैंने अपनी एक टांग नल की टोंटी पर रख दी अब मेरी चिकनी चूत पूरी खुली हुई सनी के सामने थी।
उसने भी बात समझते ही अपना लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया।
मजा आ गया..
मैं भी सीत्कार करने लगी- मजा आ गया जानूं … बहुत दिनों बात दो दो लंड मिले हैं…

अब विकास की बारी थी… उसने अपने लंड पर पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाया और मेरे न न कहने पर भी मेरी गांड में घुसेड़ दिया।
मेरी तो जान ही निकल गई… पर अब मजा बहुत आ रहा था।

मेरे मम्मे विकास मसल रहा था और चूत और गांड दोनों में ही लंड धकापेल कर रहे थे।
दो-तीन मिनट की उछल-कूद के बाद दोनों ने ही अपना माल मेरे मम्मों पर छोड़ दिया।

नहा धोकर हम बाहर आ गए।

सनी घर जाना चाहता था… मैंने भी रोकना उचित नहीं समझा, पता नहीं उसकी सास क्या सोचती और मुझे अभी विकास से और चुदवाना भी था।

मैं सनी के जाने के बाद नीचे जाकर कॉफ़ी बना लाई।

कमरे में आते ही विकास ने मेरी नाईटी उतार फेंकी… खुद तो वो पहले ही बिना कपड़ों के था।
मैंने कहा- कॉफ़ी तो पी लो!
तो वो बोला- अन्दर करके पियेंगे।
मैं समझ कर भी अनजान बन गई।

विकास ने बिस्तर पर अधलेटे होकर मुझे अपने ऊपर बिठाया और अपना लंड मेरी चूत में कर दिया।
मैं जोर से विकास से चिपक गई, उसका लंड अंदर दूर तक घुस गया।

फिर चूमते हुए विकास ने मेरे मम्मे दबाने शुरू किये।
मैंने कहा- कॉफ़ी ठंडी हो रही है!

तब ऐसे ही अंदर किये किये हम लोगों ने कॉफ़ी ख़त्म करी, कॉफ़ी का मग साइड में रखते ही विकास ने मुझे नीचे पटक दिया और मेरी टांगों को ऊपर करके जंगलियों की तरह मुझे चोदने लगा।

सच बताऊँ मुझे बहुत मजा आ रहा था… लग रहा था कि हम रोज ऐसे ही क्यों नहीं करते।
मैं दावे के साथ कह सकती हूँ कि जो लोग ग्रुप सेक्स करते हैं या अपने पार्टनर के अलावा अन्य से भी सेक्स करते हैं, उनकी सेक्स लाइफ बहुत रंगीन होती होगी।

अगले दिन मैंने रोमा के घर जाने का प्रोग्राम बनाया।
मैंने सोचा देखती हूँ कि जो सनी ने कहा है क्या वो संभव है।

मैं दोपहर खाना खाने के बाद रोमा के घर गई।
उसकी माँ सुबह ही वापस गई थीं और वो दस दिनों के लिए रोमा के बेटे को भी अपने साथ ले गई थीं।

रोमा घर पर अकेली थी और चूंकि मैंने उसे बता दिया था कि मैं दोपहर में उसके पास ही रहूंगी तो उसने मेरे लिए दही वड़ा और फ्रूटचाट बना कर रखी थी।
मैं उसके लिए गिफ्ट में एक शॉर्ट्स वाला नाईट सूट ले गई थी।

खा पीकर जब हम बेड पर बैठी तो मैंने उससे कहा- मुझे नाईट सूट पहन कर दिखा?
उसे कुछ शर्म आ रही थी।
मैंने उससे कहा- रोमा, माना मैं तेरे से तीन चार साल बड़ी हूँ, पर इतनी बड़ी नहीं हूँ कि हम अच्छे दोस्त न बन पायें। और दोस्तों में शर्म कैसी?

खैर रोमा वो नाईट सूट पहन कर आ गई। गजब की प्यारी लग रही थी।
मैंने उसे प्यार से अपने पास बिठाया और पूछा- सच बताना, तुम दोनों की सेक्स लाइफ कैसी है?
वो चुप रही।

मैंने उसके दोनों गाल अपने हाथ में लिए और दोबारा पूछा।
वो रो पड़ी, बोली- भाभी बेटे के चक्कर में मैं सनी को बिल्कुल टाइम नहीं दे पाती हूँ और मुझे इसका बहुत अफ़सोस है। सनी सोचता है कि मैं ठंडी हो गई हूँ, पर पता नहीं क्यों, अब सेक्स में मन नहीं करता।

रोमा को समझाया मैंने कि वो अब मुझे नीता बोलेगी भाभी नहीं और मुझ से हर बात शेयर करेगी।
मैंने उससे कहा कि वो अभी ब्यूटीपार्लर जाए और आज रात कैसे रंगीन हो, इसकी प्लानिंग करे।

रोमा ये सब सुनकर खुश हो गई और मुझ से चिपट गई।
मैंने भी अपना अगला दाव चलते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

उसे अजीब तो लगा पर अगले ही पल हम दोनों की जीभ एक दूसरे की जीभों को चूस रही थी।
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आज के लिए इतना ही काफी था।
मैंने उसके गाल थपथपा कर अलग होकर उससे विदा ली।

अगले दिन रोमा का फ़ोन आया कि वो मेरे पास आना चाहती है।
मैंने कहा कि बारह बजे तक आ जाना और खाना भी मेरे साथ ही खाना।

रोमा के आने से पहले सनी का फ़ोन आया, वो बोला- भाभी, तुमने क्या जादू कर दिया, ऐसी रंगीन बीवी और रंगीन रात मेरी जिन्दगी में पहली बार आई…

वो बहुत खुश था।
मैं भी खुश थी यह सोचकर कि आज कावेरी के बाद दूसरी लड़की के साथ में हमबिस्तर होने वाली हूँ।

रोमा बारह बजे से पहले ही आ गई थी… नीचे मां-बाबूजी के पास आधा घंटा बैठकर वो ऊपर आ गई।

किवाड़ बंद करते ही वो मुझ से चिपट गई और हम दोनों पांच मिनट तक होंठ से होंठ मिलाये चिपके रहे।
वो बोली- आप मेरे पास पहले क्यों नहीं आई?
वो बहुत खुश थी।

मैंने रामू को आवाज देकर खाना ऊपर ही मंगा लिया।
खाना खाकर हम बिस्तर पर लेट गई… वो और मैं दोनों ही साड़ी पहने थी और इससे छुटकारा चाह रही थी।

रोमा मुझसे लिपट गई और बोली- भाभी, आपने मेरी जिन्दगी बदल दी। पता नहीं मैं कहाँ ठहर गई थी। आप न आती तो सच बहुत अनर्थ हो जाता। मेरे और सनी में बहुत दूरी हो गई थी जो आपने एक ही दिन में दूर कर दी।

मैंने रोमा के गालों को हाथ में लेकर कहा- तू अब मुझे नीता ही कहा कर भाभी नहीं, क्योंकि इज्जत तो मन से होती है, शब्दों से नहीं।
रोमा बोली- मेरे मुंह से नहीं निकलेगा, शर्म आएगी।

मैंने कहा- चल तेरी शर्म ही निकाल देती हूँ।

उसके होंठों पर मैंने अपने होंठ लगा दिये।
आग तो रोमा के अंदर भी लगी हुई थी, वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी।

मैंने अपनी और उसकी साड़ी उतार दी और पांच मिनट बाद हम दोनों बिल्कुल नंगी होकर चिपटी हुई थी, अब शर्म नाम की कोई चीज उस कमरे में नहीं थी।

मैं नीचे हो गई और उसकी चूत जो उसने कल ही साफ़ की थी, को चाटने लगी और फिर मैंने अपनी चूत उसे दे दी।
अब हम 69 पोजीशन में एक दूसरे की चूत चूस रहीं थी।
मैंने अपनी दो उंगली उसकी चूत में कर दी और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी।

अब रोमा जोर जोर से आवाजें निकल रही थी… मुझे लगा कि आवाज नीचे भी जा सकती हैं तो मैंने अपनी उंगली बाहर निकाल ली और रोमा को अपने से भींच कर उसके गर्म होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

पांच सात मिनट के बाद हम दोनों शांत हो गईं और रोमा ने शर्म से अपने हाथों से अपने मुंह को ढक लिया।
मैंने बड़े प्यार से उसको अपने से अलग किया और कपड़े पहनने को कहा..
कपड़े पहन कर रोमा मेरे बगल में चुपचाप बैठ गई, शर्म से वो कुछ बोल नहीं पा रही थी।

मैंने उसे समझाया की चलो आज से हम दोनों अच्छे दोस्त बन कर रहेंगे और अपनी हर बात शेयर करेंगे।
रोमा ने मुझे कसम दी कि यह बात मैं विकास को कभी नहीं बताऊँगी।
मैंने उससे वादा किया कि जब तक वो सनी को खुद नहीं बताएगी तब तक मैं भी चुप रहूंगी।

रोमा डर कर बोली कि सनी को अगर पता चल गया तो वो तो मुझे छोड़ देगा!

मैंने रोमा को समझाया कि सनी को फिलहाल मत बताओ पर हर आदमी इस तरह की बेबाकी अपनी पत्नी से चाहता है और जब भी वो सनी को इस बारे में बताये तो यह न बताये कि उसने मेरे यानि नीता के साथ ऐसा किया है, बस वो अपनी किसी बचपन की सहेली का नाम ले ले वो भी शादी से पहले की बात बता कर …फिर देखना सनी उस रात तुम्हारी कितनी चुदाई करेगा।

अब रोमा नार्मल फील कर रही थी… हम नीचे आ गई, थोड़ी देर बाद चाय पीकर रोमा घर चली गई।

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