माँ की अधूरी इच्छा 13

माँ बेटा
थोड़ी देर में प्रीति और अरुन मार्किट के लिए निकल जाते है।
ओर बाइक पे बैठ कर रोड पे आ जाते है
अरुण: कहाँ चलना है।
प्रीति: जहाँ तेरा मन करे।
अरुण: लेना क्या है।
प्रीति : कुछ नहीं ,वो तो तेरे फुफा जी आ गये थे और मुझे तेरे से बात करनी थी इसलिए बाहर आई हूँ।
अरुण: ओके तो बोलो क्या बात करनी है।
प्रीति: अब क्या बात करुं अपनी मर्ज़ी के तो कपडे पहना दिए तूने और तेरी बाइक पे बैठी हु वो भी तेरी पसंद के कपडे पहन कर और आगे सरक कर बैठ जाती है जिस से उसके मम्मे अरुन की पीठ से रगडने लगते है।
अरुण: बोलो कहा चलना है या ऐसे ही अपने बूब्स मेरी पीठ पे रगडने है।
प्रीति: बड़ा बेशरम है तू , ये तो बाइक की ब्रेक लग रही है इसलिए तुझसे लग रही है।
अरुण: बुआ रहने दो पर मुझे मस्त लग रहे है
बहुत टाइट है कसे हुए।
प्रीति: चुप कर बेशरम।
और अरुन हँस पडता है
और एक मॉल के सामने बाइक रोक देता है।
और प्रीति का हाथ पकड़ कर अंदर आ जाता है।
दोनो मॉल में एक दूसरे का हाथ पकड़ कर घूमते है।
प्रीति: मेरे हाथ क्यों पकड़ रखा है।
अरुण: क्यों की गर्ल फ्रेंड और बॉय फ्रेंड ऐसे ही घूमते है।
प्रीति; मैंने कब कहा की मैं तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हू।
अरुण: हो तभी मेरी पसंद की ब्लैक कलर की ब्रा पेंटी पहनी हो।
प्रीति: तुझे कैसे पता की ब्लैक पहनी है।
अरुण’: बस बिश्वास है की मेरी गर्ल फ्रेंड मुझसे झूट नहीं बोलेंगी।
प्रीति: हाँ ब्लैक ही पहनी है तेरी पसंद की ।
अब खुश।
अरुण: जब से आप को देखा है खुश हुँ।
आप बताओ।
प्रीति: मैं बहुत खुश हु ।
शायद लाइफ में सबसे ज्यादा खुश।
और अरुन प्रीति के काँधे पे अपनी बाजु रख कर अपनी तरफ खींच लेता है और प्रीति उसके काँधे पे सर रख देती है।
थोड़ी देर ऐसे घुमने के बाद अरुन प्रीति को मॉल के अंदर मौजुद अंडरगार्मेन्ट्स की दुकान पर ले जाता है।
प्रीति: यहाँ क्यों आये है।
अरुण: रुक जाओ।
सेल्स गर्ल:मे आई हेल्प यु।
अरुण: यस इनके साइज के अंडरगारर्मेन्ट्स दिखाओ लेटेस्ट डिजाइन।
सेल्स गर्ल :सर साइज़।
अरून प्रीति की तरफ देखता है ।
साइज़ और प्रीति कुछ भी बोले बिना साइज बता देती है।और अरुन अपने पसंद की २ सेट ब्रा पेंटी के लेता है।
प्रीटी: ये मेरे को नहीं आएँगी छोटी रहेंगी ।
अरुण: एकदम फिट आएँगी डोंट वरी।
बस आज रात पहन कर दिखा देना ।ठीक
प्रीति: क्यों दिखाऊ तुम मेरे पति हो।।
एरिन: पति से ज्यादा तुम्हारा लवर और लवर हस्बैंड से ज्यादा होता है।।
सो बी रेडी फॉर नाईट।
और दोनों बाहर आ जाते है।
और अरुन कुछ खाना है या घर पर चले।
प्रीति: पहली डेट पर लाए हो और पूछ रहे हो।
अरुण: वो कहीं बाहर खाने पर आप के पति नाराज़ हो जाये।
प्रीति: उनकी टेंशन मत लो तुम वो करो जो तुम्हारा मन हो।
उस टाइम दोनों पार्किंग लोट में थे और आस पास कोई नहीं था।
और प्रीति के कहते ही अरुन प्रीति को अपनी बाँहों में खींचकर उस के लिप्स चुसने लगता है।
थोड़ी देर के बाद प्रीति अरुन का साथ देने लगती है।
तभी किसी की आवाज़ आती है और दोनों अलग ही जाते है।
अरुण: कैसे लगी अपने बॉय फ्रेंड की किस।
प्रीति: गुस्से में देखते हुए बहुत अच्छी और हँस देती है।
और अरुन प्रीति को लेके रेस्टोरेंट में जाता है जहाँ दोनों प्रीति की पसंद का डिनर करते है और घर की ओर चल देते है।।
तभी रास्ते में मेडिकल स्टोर आता है।
अरून बाइक रोक देता है।
प्रीति: यहाँ क्या करना है।
आ: डॉटड कोंन्डोम।
प्रीति: सच में।
अरुण: आज तो मैं अपनी गर्ल फ्रेंड की लुँगा वो भी डॉटड कंडोम लगा कर।
प्रीति: चुप कर बदमाश और धीरे से अरुन के कान में
मुझे बिना कंडोम के अच्छा लगता है उसकी ज़रूरत नहो।
पर ये सब होगा कैसे।
अरुण: वो मुझ पर छोड दो ।
और मेडिकल स्टोर में जा कर नींद की गोलियां लेता है।
प्रीति: मना किया था न कंडोम मत लो मुझे बिना इसके पसंद है।
अरुण: क्या पसंद है।
प्रीति: मुझे भी अपनी तरफ बेशरम बनायेंगा।
बिना कंडोम के चुदना बस अब खुश।
अरुण: बहुत खुश।
और प्रीति के हाथ में नीन्द की गोलियां दे कर प्लान समझाता है।
प्रीति: ग्रेट आईडिया और इससे किसी को शक़ भी नहीं होगा। और दोनों घर आ जाते है।

घर आ कर।
सरला: क्या लाये हो ।
प्रीति: कुछ पसंद नहीं आया।
सुभाष: फिर इतनी देर।
प्रीति: गुस्से में इसीलिए मेरी तुम्हारे से नहीं पटती
सुभाष चुप हो जाता है।
और सब सोने की तैयारी करते है ।
अब सोये कैसे।
डीसाइड ये होता है।प्रीति की ज़िद की बजह से ।
प्रीति सुभाष और अरुन सरला के कमरे में।
रवि और नीतू अरुन के कमरे में।
और सरला और रमेश ड्राइंग रूम में।
पर अभी सब ड्राइंग रूम में मूवी देख रहे थे।
सरला किचन से सब के लिए कोल्ड ड्रिंक्स का और स्नैक का इन्तज़ाम करने आती है और अरुन को हेल्प के लिए आवाज़ देती है।
अब दोनों माँ बेटा या असली आशिक इस स्टोरी के किचन में अकेले।
और मौका देख कर अरुन सरला को हग करता है।
सरला: छोड़ मेरे राजा कोई देख लेगा।
अरुण: और कितने दिन जान।
सरल: बस कुछ दिन फिर मैं और आप और कोई नही।
और अरुन सरला को प्रीति के साथ हुई सारी बात बता देता है।
अरुण: माँ अब भी टाइम है।
हम ऐसा कुछ नहीं करते।
सरला: नहीं जो बोला वो करो मुझे कोई जलन नहीं हो रही ।
तूम उसके साथ एन्जॉय करो मेरी जान और बोल कर लिप्स पे किस करती है तभी नीतू भी किचन में आ जाती है।
और दोनों अलग हो जाते है।
नीतू: क्या हुआ काफी देर हो गई।
सरला: बस आ रहे है।
नीतू : तो अरुन आज बुआ के साथ सोयेगा।
सरला: हाँ वो ज़िद कर रही है।
नीतू: अरुन भी तो मना कर सकता है।
अरुण: ठीक है मना कर देता हु और तेरे साथ सो जाता हूँ।
नीतू: मना किसने किया है।
अरुण: तो बुआ के साथ प्रोग्राम कैंसिल और तेरे साथ फिट।
सरला: नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा। अरुन तू चल मैं आती हूँ और अरुन चला जाता है।
सरला नीतू से
क्यूं मेरा और अरुन का प्लान ख़राब कर रही है।
नीतू: मुझे मेरा भाई चाहिए ।
सरला: मिल जायेगा बेटा बस आज रात की बात है।
अरून प्रीति को सुभाष के सामने चोदेगा सोच मुझे कितनी ख़ुशी मिलेगी।
नीतू: पर ये होगा कैसे।
सरला: वो तेरा भाई है और मेरा पति वो कुछ भी कर सकता है।
जान तेरे नाना और नानी से मेरा हाथ मांग सकता है
और तेरे पापा के सामने मुझसे शादी कर सकता है तो सोच वो क्या नहीं कर सकता।
नीतू : हाँ जो अपनी माँ को चोद सकता है वो क्या नहीं कर सकता।
सरला: हाँ ये तो भूल ही गई।
और दोनों हँस देते है।

मुवी ख़तम होने के बाद।
सब अपने २ बेड पे।
प्रीति सुभाष और अरुन तीनो रूम में।
कपडे चेंज करते है।
सुभाष बाथरूम में।
अरुण: वो गिफ्ट दिया था वही पहन कर सोना।
प्रीति: ओके बाबा।
अरुण : जाओ दूध ले आओ।
प्रीति:अभी लाई।
कुछ देर बाद
सुभाष दूध पिते हुए
और प्रीति चेंज करने चली जाती है।
सुभाष अरुन से।
सुभाष: देख तेरी बुआ को ।रात के १२ बजे नहा रही है।
अरुण: हो सकता है गर्मी लग रही हो।
सुभाष: हाँ हो सकता है पर अपने घर में कभी नहीं नहाती इतना लेट।
तभी प्रीति बाथरूम से बाहर आ जाती है।
उसने नाइटी पहने हुई थी।
और ड्रेसिंग टेबल पे अपना मेकअप करते हुए
सुभाष कुछ बोलना चाहता है पर दूध पिने की बजह से नीन्द आ जाती है क्योंकी प्रीति ने अरुन से चुदने के लिए सुभाष के दूध में नीन्द की गोलियां मिला दी थी जो अरुन ने मेडिकल स्टोर से खरीद के दी थी।
प्रीति आवाज़ देते हुए ।
अरुण: डोंट वरी अब ये सुबह से पहले नहीं उठेंगे।
मेकअप ख़तम करने के बाद प्रीति बेड पर आती है और सुभाष से बात करते हुए।
उठ जाओ आप देखो नहीं तो तुम्हारा ये भतीजा तुम्हारी बीवी को तुम्हारे सामने चोद देगा। बचा लो मुझे इस से
प्लीज बचा लो।
अरुण: अब ये नहीं उठेंगे चलो आ जाओ अपने नए पति के पास।

प्रीति उठ कर अरुन के पास आती है।
प्रीति : तुम्हे शरम नहीं आएगी मुझे मेरे पति के सामने चोदते हुए।
नही मेरी जान और उठ कर बाथरूम चला जाता है और थोड़ी देर बाद नहा कर सिर्फ टॉवल में बाहर आता है।
प्रीति अरुन को देखते हुए
अपनी बाँहे फैला देती है।
और अरुन आ कर उसकी बाँहों में समां जाता है।
प्रीति: हम कुछ गलत तो नहीं कर रहे।
अरुण: अगर आप को गलत लग रहा है तो मैं चला जाता हूँ।
प्रीति: नहीं नहीं मैं तो पूछ रही थी।
अरुण; अब मत पूछना।
प्रीति: ओके नहीं पूछुँगी।
बाहर दो इंसान ऐसे थे जिन्हे नीन्द नहीं आ रही थी सरला और नीतू पर समझ नहीं पा रही थी की क्या करे।
अंदर।
बेड पे सुभाष लेटा था ।
प्रीति: अब भी टाइम है बचा लो अपनी बीवी को इस लड़के के चगुल से फिर काफी देर हो जायेगी।
पर सुभाष तो गहरी नींद में सो रहा था।
प्रीति: नहीं उठ रहे ये अरुन तुझे जो करना है कर ले मैं इनकी तरफ से परमिशन देती हू।
बना ले मुझे अपनी बीबी।
और अरुन प्रीति को बेड पे बैठा देता है।
और अपनी टॉवल उतार देता है।
पोसिशन प्रीति बेड पे अपनी टांगे लटका कर बैठी थी
और अरुन का लंड उस के मुह के सामने था ।
अरुण: लो चुसो इसे मेरी जान।
प्रीति की ऑंखें फटी की फटी रह जाती है
और कुछ आवाज़ नहीं निकलती।
अरुण: क्या हुआ सुरु करो।
प्रीति: ये क्या है।
अरुण: तुम्हारा होने वाला असली पति का लण्ड।
प्रीति: ये तो किसी डण्डे की तरह है।
अरुण: तो क्या हुआ मेरी जान चुसो इसे।
और प्रीति के दोनों हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख देता है।
प्रीति ड़रते हुए अरुन के लंड को पकड़ती है।
ये तो बहुत बड़ा है अरुन मैं नहीं ले पाऊँगी इसे और ड़रते २ उस पर हाथ फेरती है।
अरुण: कुछ नहीं होगा बहुत आराम से करुँगा।
अभी तुम पहले इसे चुसो जल्दी से।

और अरुन अपने लंड को प्रीति के गालो पे और मुह पे रगडने लगता है।
अरुण: जल्दी से मूँह खोलों ।
प्रीति थोड़ा सा मुह खोल देती है।
और अरुन के लिए इतना ही काफी था और अपने लंड का टोपा प्रीति के मुँह में पेल देता है।
और प्रीति टोपे को जीभ से चाटने लगती है।
अरुण: आह शाबाश ऐसे ही चाट।
हाहह और थोड़ा अंदर घुसा देता है।
प्रीति रुकने का इशारा करती है ।
और जितना मुँह में था उसे अंदर बाहर करती है।
अरुण: बहुत अच्छा बुआ आह ओह आह सी चुसो
ऐसे ही तुम एक्सपर्ट हो बुआ लण्ड चुसने में
और अपना लंड और घूसाने लगता है।
प्रीति उसे रुकने को बोलती है और
उतना ही चुसती है ।
अरुन प्रीति का एक हाथ अपने टट्टों पे रख देता है
और प्रीति उन्हें सहलाने लगती है।और अपनी स्पीड बढ़ा देती है।
अरुण: आह आ मौसी आह सी धीरे धीरे मेरी जान मजा आ रहा है तू तो एक्सपर्ट रंडी है।
प्रीति अरुन के मुह से ये सुन के रुक जाती है।
अरुण: क्या हुआ मेरी रांड मुँह क्यों रोक दिए चूस जल्दी २।
अभी तो बहुत कुछ करने है।
और प्रीति बिना कुछ बोले लंड चुसना फिर से शूरु कर देती है।
अरुण: आह ओह माँ आह सी प्रीति मेरी जान।
ऐसे ही चूस अपने नए खसम के लंड को।
आह ओह मज़ा आ रहा है।
अरून अपना और लंड घुसाने लगता है प्रीति रुकने का इशारा करती है।
अरुण: क्या हुआ मेरी रांड इसको पूरा नहीं ले पा रही
क्यूं फुफा का छोटा है क्या मेरे से ।
प्रीति हाँ में सर हिलाती है पर लंड को चुसती रहती है।
अरुण: अगर मेरे से मज़े लेने है तो पूरा लेना पडेगा।
प्रीति हाँ में सर हिला देती है।
अरुण: चल अभी इतना ही चूस फिर तेरी चुत की बारी और फिर गाण्ड की।
गाण्ड वाली बात पे प्रीति रुक जाती है।
अरुण: रुक नहीं तो और टाइम लगेगा चुसती रह।
और प्रीति चालु हो जाती है।

बाहर सरला और नीतू दोनों इतनी बैचन हो गई की उस वक़्त दोनों अरुन के रूम की खिड़की से झाँक रही थी
सरला और नीतू को बुरा तो लग रहा था पर मर्ज़ी तो सरला की थी तो ये सब तो सहना पडेगा।

अंदर।प्रीति का बुरा हाल था चूस चूस कर पर अरुन था की झड नहीं रहा था।
नीतु सरला से ।
माँ भाई तो झड नहीं रहा।
सरला: वो ऐसे नहीं झडेगा जब तक कोई उससे किसीकी बातें नहीं करेगा।
नीतू: फिर बुआ की तो हालत ख़राब हो जाएंगी।
सरला: हाँ तभी पता चलेगा उसे की पति से दूरी क्या होती है।
अरुण: आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ चुसू मेरी जान
क्या हुआ मेरी रांड को ।थक गई क्या
प्रीति हाँ में सर हिलाती है।
तो ठीक है अपनी बेटी को बुला ले वो चूस देगी ।
वो तो एक बच्चे की माँ है कुछ सिखाया है उसे या वो भी तेरे जैसी है।
प्रीति अरुन को घुरते हुए।
अरुण: घुर क्या रही है।
जलदी कर नहीं तो रहने दे ।मैं कोई और इन्तज़ाम करता हूँ।
प्रीति ना में सर हिलाती है।
और जोर जोर से चुसने लगती है।

और एक हाथ से टट्टों को सहलाती है।
और अरुन के लंड को चुसती है।
अरुण: आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे कर रांड ये लंड है कोई डंडा नहीं जो मरोड़ रही है साली कुतिया।
बाहर सरला।
मार डालेगी क्या मेरे बेटे को। नहीं चूस रही तो बोलती मैं चूस दूंगी पर मरोड़ तो मत मेरे राजा के लंड को।
नीतू: माँ अंदर चले हम दोनों भाई का ख़याल रख लेंगे।
किसी प्रीति की हमें ज़रूरत नही।
सरला: रुक जा बेटी देखते है नहीं तो मैं जाऊंगी अपने राजा के पास उसकी रैंड नंबर १।

अंदर।
आ: और तेज़ मेरी राँड जल्दी कर आह मेरा आने वाला है आह माँ आह सा आ ओह उह माँ मार ड़ाला कमिनी बहन की लोडी आह सी आ और अरुन का शरीर अकडने लगता है और पिचकारी छोड देता है
प्रीति अपना मुह हटाने की कोशिश करती है पर अरुन प्रीति के सर को अपने लंड पे दबा देता है और सारा पानी प्रीति को पीना पड़ता है।
प्रीति की ऑंखों से ऑंसू आ जाते है पर अरुन कोई रहम नहीं करता और अपनी आखरी बूँद तक निकाल कर अपना लंड प्रीति के मुह से बाहर निकालता है।
प्रीति एकदम से बेड पर गिर जाती है ।
और लम्बी २ साँस लेती है और खाँसने लगती है।

अरून प्रीति के ऑंसू पोछता है और
कुछ नहीं हुआ मेरी जान अभी तो पूरा भी नहीं गया था।
प्रीती: और कितना डालेगा मादरर्चोद मैं कोई रंडी नहीं हु जो तू इतनी बेरहमी से मेरे मुँह को चोद रहा था। लास्ट में तो तूने मेरी जान ही निकाल दी थी।
पुरा गधे का लंड है
अरुण: क्यों फुफा का कितना है।
प: तेरे से पूरा आधा वो तो अच्छा है मैं उनसे ज़िद कर के लंड चुस्वाति थी नहीं तो तूने आज मेरी जान ले लेती थी।
अरुण: मुझे तेरी जान नहीं चुत चाहिये।
बोल देगी या नहीं ।
प्रीति: जब ओखली में सर दे दिया है तो मुसल से क्या डरना।

अरुन बेड पर बैठ जाता है।
चल रांड दिखा ना ब्रा पेंटी मैं कैसे लग रही है।
और प्रीति उठ कर नाइटी उतारते हुए ।
अरुण : ज्यादा नखरे मत कर जल्दी उतार ।
और प्रीति नाइटी उतार देती है।
प्रीति: सुभाष से कहती है ।ये बोलते है तुम्हे बहुत प्यार करता हु भतीजा रांड बोल रहा है अपना लंड चुसवा दिया अब चोदने जा रहा है और ये मेरा पति सो रहा है कैसे पति है कितनी बेहरमी से मेरे मुह को चोदा।फिर भी इसकी नीन्द नहीं खुली ।
फिर ब्रा पेंटी में अरुन के सामने खड़ी हो जाती है।
प्रीति अब अरुन की स्टाइल में।
प्रीति: कैसे लग रही है तेरी रांड ।
अरुण: बहुत ज़बर्दस्त बिलकुल नंबर १ माल ।
क्या मम्मे है तेरे बिलकुल पपीता और गाण्ड तो तरबुज हो रही है जांघे बिलकुल केले के पेड़ की तरह और कमर बिलकुल सुराहिदार।
ये चोद के बहुत मजा आएगा।
प्रीति: तो चोद न रोका किसने है जिसने रोकना था वो देख कैसे घोड़े बेच कर सो रहा है।
और अरुन के पास आ कर अपनी ब्रा उतार कर अपना एक मम्मा उसके मुह में दे देति है।
अब चूस इन्हे ।
अपनी माँ के तो चुसे होंगे ही अब बुआ के चूस और अरुन एक हाथ दूसरे मुम्मे पे रख कर मसलता है और एक को मुँह में भरकर चूसने लगता है।
आह चूस मेरे राजा ।
आह ओह क्या चुसता है।
आह उह मा
और अरुन प्रीति को बेड पे लीटा देता है ।
और उसकी पेंटी उतार कर दोनों पैर अपने काँधे पे रख कर प्रीति की चुत को सूँघता है।
आआआ रांड क्या खुशबु है तेरी चुत की और एकदम चिकनी भी की है क्या अपने खसम के लिये।
प्रीति: हाँ मेरे राजा तेरे लिए चिकनी की है मैं जानती हु आज कल के लोंडो को चिकनी चुत पसंद है।
और अरुन इतना सुनते ही प्रीति की चुत की फांकों को खोलकर चुत चाटने लगता है।
अब बारी प्रीति की
प्रीति: अअअअअ ये क्या कर रहे हो छी गंदी जगह है ये बेटा वहाँ से अपना मुह हटा।

और अरुन वहाँ से मुह हटा कर लंड का सुपाडा प्रीति की चुत पे लगा कर एक ही झटके में आधा घुसा देता है
प्रीति की चीख निकलने वाली होती है की अरुन प्रीति की कच्छी उसके मुह में ठूँस देता है और बेहरमी से पेलने लगता है।
और कुछ देर उसके मम्मे मसलने के बाद प्रीति को कुछ राहत मिलती है।
और प्रीति अपने मुह से कच्छी निकाल कर सुभाष से: देखो कैसे ये मुझे बेरहमी से चोद रहा है बचाओ मुझे इससे और अरुन को अपने उपर खींच लेती है।
ओर उसके कान में आज पहली बार किसी मरद का लंड अंदर गया है दर्द तो होगा ही कोई रहम मत कर और जैसे चाहे वैसे चोद।
और अरुन एक बार पूरा लंड निकाल कर एक ही झटके में पुरा पेल देता है और प्रीति अपने मुह पे अपना हाथ रख के अपना मुह बंद कर लेती है।
और अरुन प्रीति को बेरहमी से चोदने लगता है।
प्रीति: आ माँ आह सी धीरे धीरे आह माँ मार डाला कमिने मादरर्चोद ने । फाड़ दिया मेरी चुत तेरे लंड ने इतना दर्द को तीन बच्चे पैदा करने में भी नहीं हुआ
मादरचोद।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ।
कल तेरी माँ को बताऊँगी की तेरे लड़का का लंड मर्द का लंड से भी बडा है।मैंने तो चुदवा लिए तू भी चुदवा ले ।

कम से कम बूढ़ापा को सही से कट जायेगा जवानी तो भाई ने बर्वाद कर दी ।
भाभी पसंद नहीं थी इसलिए मेरा सहारा ले कर भाभी से दुर रहते थे और भाभी को लगता था की मैं उन लोगों के दूरी की बजह हूँ।क्या करती भाई बड़े थे इसलिए कुछ कह नहीं पाई।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ
अब बोल दूंगी तुम दोनों का मिलन करवा दूंगी तो मेरा कुछ बोझ हल्का हो जाएगा।
बोल अरुन अपनी माँ को चोदेगा।बोल न मेरे बेटे
चोदेगा न ।
अरुन कुछ नहीं बोलता और बाहर सरला शॉकड थी ।
ओ सोच रही थी वो बदला ले रही है पर वो तो उसकी खुशी के लिए अरुन से और सरला से बात करने को राजी थी।

नीतु माँ ये क्या हो गया भाई भी बंट गया और काम भी नहीं हुआ।

अंदर

अरुन प्रीति को चोदते हुए रुक जाता है।
प्रीति; क्या हुआ अरुन बुरा लगा।
जब तुम मुझे चोद सकते हो तो अपनी माँ को क्यों नही।वो बहुत तरसी है अपने पति के प्यार के लिए ।।
वो जगह तू पूरी कर सकता है।बोल अरुन बोल मानेगा मेरी बात।
मानेगा तो।
तू बोल रहा था न मेरी बेटी को चोदेगा तो तू मेरी बात मान मैं तुझसे अपनी बेटी चुदवा दुँगी।
सरला शॉक से रोने लगी।
जीसे मैं इतना गलत समझ रही थी वो मेरे खातिर अपनी बेटी चुदवाने के लिए तैयार है।
और रोने लगती गई है नीतू उसे समझाती है।

अंदर
प्रीति; बोल ना मेरे बेटे चोदेगा न अपनी माँ को।
अरुण: हाँ माँ की खातिर उसकी खुशी की खातिर चोदुँगा पर वो नहीं मानेगी।
प्रीति: वो तो मुझ पे छोड़ दे मैं मना लुंगी क्यों की मैं उसकी सब से फवरेट ननद हु और वो मेरी भाभी।
अरुण: अगर वो मान जायेगी तो ज़रूर चोद दुन्गा।
प्रीति: आ अब मुझ को तो चोद और ठण्डा कर दे ।
तेरे जैसे लंड पा के मैं निहाल हो गई और कल सरला की भी दिला कर उसे भी निहाल कर दूँगी।
चोद मेरे राजा तेज़ तेज़ चोद और झड जा मुझ में।
अरून कहा माँ का बदला लेने के लिए प्रीति की बेरहमी से चोद रहा था पर अब उसको अच्छा जान कर प्रीति को बड़े प्यार से चोदता है।

प्रीति: ये प्यार वाली चुदाई अपनी माँ को करना मुझे तो बेरहमी से चोद जैसे पहले चोद रहा था।
और अरुन प्रीति की बात सुन कर पूरा लंड निकाल कर फिर से पूरा घुसा देता है और बेरहमी से पेलने लगता है।
प्रीति: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआज़ा आ मायआ आआआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ कमिने मादरर्चोद। मेरी आज ही फाड़ दे मेरी जान
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ उह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ ज़ालिम आआआअह्ह मा।
प्रीति: अपनी बेटी की भी चुत दिलाऊँगी और नीतू की भी ओ भी मस्त माल है बिलकुल तेरी माँ की तरह उसका पति भी ढिला है।
अब तू ही उसको चोद कर ठण्डा कर सकता है।
अरून अपनी माँ और बहन की चोदने की सोच कर
करीब १ घंटे प्रीति को नॉन स्टोप चोद कर प्रीति की चुत में झड जाता है।और प्रीति के उपर लेट जाता है।
प्रीति : अभी से थक गया अरुण।अरुन की ऑंखों में देखते हुए।
अरुण: नहीं वो।।
प्रीति; मुझे पता है।
आ: हाँ वो।
प्रीति: मैं तभी समझ गई थी जब तूने बेहरमी के साथ पहली बार में पूरा डाल दिया था।
अपनी माँ और बहन के साथ ऐसा मत करियो नहीं तो वो मर जायंगे।
अरुण: ठीक है समझ गया।
प्रीति: पक्का मेरे राजा चल अब सो जा रात हो गई है
तूने तो मेरी चाल ही बिगाड दी ।
कल अपनी माँ और बहन की बिगाड देना।
अरुण शरमा जाता है।
प्रीति: हा हा शरमा रहा है अपनी बुआ को चोदने में नहीं शरमाया ।
और अरुन को गले लगा लेती है।
ओर सुभाष को देखती है।
चुद गई तुम्हारी बीवी भतीजे से और हो गई उसकी रखैल।
आज से सिर्फ अरुन ही मुझे चोदेगा ।
प्रीति : चोदेगा न।
अरुण: हाँ और आप की गाण्ड भी माँरुंगा।
प्रीति: ठीक है पर पहली बार करना तो आराम से मारना
अरुण: पक्का ।
और दोनों एक दूसरे के बाँहों मैं लेटे हुए सो जाते है।
और बाहर नीतू और सरला दोनों भी उठ कर अपने २ जगह आ जाती है।
कहा सर्ला प्रीति को रँगे हाथ पकड़ कर बेइज्जत करना चाहती थी और कहा अरुन को उसकी बाँहों में छोड़ कर अपने बिस्तर में आ जाती है।
और इधर नीतू फाइनली अरुन से चुदने का ख्वाव पूरा होते हुए देखती है।
और सुबह सभी उठ जाते है।
सभी ब्रेकफास्ट टेबल पे।
सरला और नीतू किचन में
ब्रेकफास्ट बना रही थी।
नीतू: माँ आज बुआ आप से बात करेंगी।
सरला: हाँ देखते है क्या होता है।
नीतू: माँ भाई ने बुआ की चाल बिगाड दी।
सरला: बेटा और पति किसका है।
नीतू: मेरा पति और आप क बेटा।
सरला: चुप कर बेशरम मेरा पति।
और दोनों हँस पडते है।
तभी प्रीति किचन में आ जाती है।
प्रीति: क्या हो रहा है।
सरला: कुछ नहीं बस हो गया आप चलो।
वैसे आप लंगड़ा के क्यों चल रही है।
प्रीति:आप के बेटे की बजह से।
सरला: प्रीति के चेहरे को देखते हुए
क्या।
प्रीति: कुछ नहीं मज़ाक़ कर रही थी।
और सभी डायनिंग टेबल पे
ब्रेकफास्ट करते हुए ।
सुभाष रमेश से।
भाई साहब आज हम चले जाएंगे।
और रवि भी बोलता है।
पर प्रीति और नीतू अभी जाना नहीं चाहती थी
क्यूं की अभी तो उन्हें अरुन से अपनी गाण्ड और चुत फडवानी थी।
और दोनों रमेश की सिफारिस लगाती है।
रमेश: सुभाश और रवि से।
छोड़ जाओ दोनों को कुछ दिंनो के लिए बाद में अरुन छोड़ आयेगा।
और दोनों रमेश की बजह से कुछ बोल नही पाते और
दोनो अपनी अपनी टाइम पे ट्रैन पकड़ने के लिए घर से चले जाते है और रमेश भी ऑफिस चला जाता है।
और अरुन जब कॉलेज के लिए निकलता है तो प्रीति उसे रोक लेती है।
प्रीति: कहाँ जा रहे हो।
अरुण: कालेज।
प्रीति: हम तेरी बजह से रुकि है और तुम कॉलेज जा रहे हो।

अरुन प्रीति को देखते हुए।
मुझे देख क्या रहे हो तुम्हारी बजह से तो मैं रुकि हूँ।
नीतु :मैं भी।
सरला उन दोनों को देखती है।
और प्रीति सब के सामने अरुन को किस करने लगती है
अरून पीछे हटता है।
प्रीति क्या हुआ
अरुण: ये आप क्या कर रही हो बुआ।
प्रीति: वही जो रात में किया था।
और नीतू और सरला को देखने लगती है।
और नीतू और सरला प्रीति को देखति है।
सरला: क्या बोल रही हो।
प्रीति: वही जो तुम खिड़की से झाँक कर देख रही थी
तुम दोनो।
अरुन सरला और नीतू एक दूसरे को देखते है।
प्रीति: हाँ मैंने तुम दोनों को खिड़की से झाँकते हुए देख लिया था।
इसलिये मैंने अरुन से तुम दोनों को चोदने के लिए बोला था।
और शायद नीतू भी इसीलिए रुकी है।
प्रीति: भाभी मैं जानती हु मैंने भाई की बातों मैं आकर आप को काफी दुःख दिए पर अब आप और अरुन का मिलन करा कर मैं भूल सुधारना चाहती हूँ।
सरला: तुम पागल जो गई हो ,ए मेरा बेटा है।

हाँ मैंने कब मना किया।
मेरा भी तो भतीजा है मैंने भी तो सेक्स किया और तुम दोनों ने देखा ।
सरला: देखने और करने में काफी अंतर है।
प्रीति: कुछ नहीं है।
अच्छा ठीक है ।
तो तुम दोनों मेरे एक सवाल का जवाब दो सच है तो मेरी बात मान लेना और अगर झूठ हुआ तो मैं तुम दोनों की बात मान लूँगी।
सरला: पुछो।

प्रीति: क्या तुम दोनों के पति का लंड अरुन के लंड से बड़ा है।
और दोनों चुप हो जाती है।
प्रीति: बोलो बड़ा है।
सरला: उससे क्या फ़र्क़ पड़ता है।
प्रीति: भाई मुझे तो पड़ता है तभी तो कल रात मुझे वो मजा मिला जो पूरी ज़िन्दगी नहीं मिला।
बोलो भाभी।
सरला: हाँ अरुन का बहुत बड़ा है।
प्रीति: तभी तो ऐसी ज़िन्दगी कब तक गुजारोगी।
मज़ा करो।
भाई कौन सा आप ख़याल रखते है।
सरला: पर ये मेरा बेटा है मेरा ख़ून।
नीतु उन दोनों की बहस सुन रही थी।

तभी तो किसी को शक़ नहीं होगा और आपकी ज़िन्दगी मज़े से कटेगी।
सरला कुछ नहीं बोलती।
प्रीति नीतू से।
अपनी माँ को समझा। क्यों अपनी ज़िन्दगी ख़राब कर रही है।
ऐसा मौका हर किसी को नहीं मिलता।
नीतु: मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा।
प्रीति: सब समझ जायेगी जब अरुन का मुसल जायेगा तेरी चूत के अंदर।
और नीतू शरमा जाती है।
और अरुन को देखने लगती है जो उसी को देख रहा था।
प्रीति: भाभी तुम नहीं मानोगी।
सरला:प्रीति तुम समझ क्यों नहीं रही देखने और करने ने में बहुत अंतर है।
जो तुम ने कहा वो भी गलत था और जो कह रही हो वो भी गलत है
ऐर मुझे पूरा यकीन है अरुन भी मना कर देगा।
प्रीति: अरुन से बोली अरुन ।
अरुण: क्या मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा।
प्रीति: यही की तुम ने जो मेरे साथ किया वो तुम अपनी माँ और बहन के साथ कर सकते हो।
अरुण: पर बुआ वो सब जो रात को हुआ वो आप की मरजी से हुआ और अगर माँ और नीतू नहीं चाहती तो नहीं करुन्गा।
प्रीति: रात को तो बोल रहा था ।
अरुण: बुआ वो आप पूछ रही थी इस लिए बोल दिया।

सरला: हो गई तसल्ली ।
प्रीति: नहीं
सरला: कोई बात नहीं अरुन तुम कॉलेज जाओ।
अरुण: ठीक है माँ।
प्रीति: तुम कहीं नहीं जाओगे मैं यहाँ तुम्हारे लिए रुकि हूँ।
और अरुन के पास जा कर उसके होंठो पे किस कर देती है।
सरला: ये क्या बतमीज़ी है प्रिती।वो अभी बच्चा है।
प्रीति: बच्चा, ये तो बड़ो बड़ो का बाप है रात में देखा नही।
सरला: प्रीति तुम ऐसे क्यों कर रही हो।
तूमने जो कल किया मैंने कुछ बोला और कुछ भी करना है तो कर लो पर हमें इन सब में मत खीचो।
प्रीति: ओके भाभी जैसे आप की मरजी पर मैं अरुन को पूरा पकडे रहूँगी
सरला: पर अरुन से तो पूछ लो की वो क्या चाहता है।
प्रीति: वो क्या बोलेगा उसने रात को ही बोल दिया था की वो तुम्हारी और नीतू की फाड़ना चाहता है
और ये बात तुम दोनों ने अपने कानों से सुनी है।

सरला अरुन को देखती है।
सरला: प्रीति क्या बोल रही है।
अरुण: वो माँ सॉरी।
सरला: सॉरी नहीं क्या ये सच है।
अरुण: वो माँ ।
प: वो माँ क्या। मरद है सच बोल।
अरुण मन में ही
हा माँ आप की और नीतू को चोदना चाहता हू।
ऐर साथ में बुआ की गाण्ड भी मारनी है चुत तो फाड़ चूका हूँ। बुआ तो अपनी बेटी की भी दिलाएँगी।
सरला:बोल मर्द की तरह।
अरुण: माँ वो बुआ सच कह रही है।
सरला: क्या बोला अरुन तू भी।
अरुण: हाँ माँ मैंने भी आप को परेसान देखा है पापा आप का ख्याल नहीं रखते।
मै आप को सारी ख़ुशी देना चाहता हुँ।
सरला: पर बेटा मैं तेरी माँ हूँ ये गलत है।
माँ बेटा ऐसा नहीं करते ।
मै तुझे बुआ के नहीं रोकुंगी
पर मैं नहीं दे सकती तेरा साथ।
नीतु मन ही मन पता नहीं क्या ड्रामा हो रहा है
मुझे कब मिलेगा अरुन का लंड़।

div class=”content”>प्रीति सरला से
क्यूं कर रही हो ऐसा अब तो अरुन ने भी बोल दिया है
वो भी तुम से प्यार करता है ।
पकड़ लो इसका हाथ ज़िन्दगी मज़े से कटेगी।
सरला: चुप रहो तुम।
प्रीति कुछ बोलने वाली थी ।
तभी प्रीति का सेल बजता है।
प्रीति: हेलो।
और उधर से कूछ बोला जाता है।
ठीक है मैं निकल रही हुँ।
सरला: क्या हुआ और कहा निकल रही हो।
प्रीति: वो रानी और उसके पति में झगड़ा हो गया है और वो घर आ गई है।
मुझे जाना पड़ेगा वो स्टेशन पे मेरा वेट कर रहे है।
ओर पैकिंग करने चली जाती है।
रानी वही है जिसकी चुत दिलाने की प्रीति अरुन को बोली है।
रानी प्रीति की सब से बड़ी बेटी थी जिसकी भी एक एक साल की बेटी थी।
प्रीति पैकिंग कर के बाहर आ जाती है।
अरुण से:अरून क्या तू मुझे स्टेशन तक छोड सकता है।
अरून हाँ बुआ।
और दोनों घर से निकल जाते है।

टैक्सी में
प्रीति: अरुन सॉरी मैं अपना वादा पूरा नहीं कर पाई।
मुझे जाना पड़ रहा है।
अरुण: कोई बात नहीं मेरी ही किस्मत ख़राब है जो आप की गाण्ड नहीं मिल पायी।
प्रीति: टेंशन न ले मैं जल्दी आउंगी फिर दोनों मज़े करेंगे
और अब की बार रानी को भी साथ लाऊँगी।
और उसकी भी दिला दुँगी।वह सरला की तरह नखरे नहीं करेगी मेरी बेटी मेरे एक इशारे पे तेरे निचे आ जाएगी।
अरुण : आप नहीं आई तो।
प्रीति: तो तुझे बुला लुंगी और मेरे घर पे तुझे वो सब दूंगी जो तू बोलेगा।
इतने में स्टेशन आ जाता है और अरुन प्रीति को सुभाष के पास छोड़ कर घर के लिए निकल जाता है।

घर पहुच कर डोरबेल बजाता है।
दरवजा सरला खोलती है
अरुन अंदर आ जाता है।
सरला दरवाजा बंद करती है
और जैसे ही दरवाजा बंद होता है
दोनो माँ बेटा एक दूसरे को ऐसे हग करते है जैसे कितने बरसो से बिछडे प्रेमि।
और एक दूसरे को चुमते चाटने लगते है।
और भूल जाते है की घर पर नीतू भी है।
काफी देर तक नीतू उनदोनो का प्यार देखती रहती है।

जब बरदास्त नहीं होता तो।
धीरे से माँ ओ मा
तभी सरला को याद आता है
और नीतू को देखते हुए उसकी तरफ एक बाँह फ़ैला देती है और नीतू भाग कर उसके गले लग जाती है
और सरला अपने दोनों बच्चो को चुमने लगती है
अरून सरला की ऑंखों में देखता है जैसे पूछ रहा हो
नीतू।
सरला ऑंखों से इशारा करती है।
और अरुन सरला और नीतू को अपनी बाँहों में भर लेता है।
नीतु एकदम सिसक पड़ती है क्यों की पहली बार अरुन ने उसकी जवानी में पेहली बार इतनी कस कर भीचा था।
और सरला और नीतू को किस करते लगता है उनके चेहरे पर।
नीतू: आह पापा।
अरुण: नीतू को देखते हुए।
नीतू: ऐसे क्या देख रहे हो जब माँ से प्यार किया और शादी की तो मैं आप की बेटी हुई और उस हिसाब से आप मेरे पापा।
और आज आप की बेटी और बहन माँ के साथ आप को शेयर करना चाहती है और अपने माँ की सौतन बनना चाहती है।
सरला: नीतू के काँधे पे मारते हुए मेरी सौतन बनेगी।
नीतू: हाँ।
सरला: अरुन से , बना ले इसे भी अपनी रांड नो २ और फाड़ दे इसकी भी। कोई रहम कत करना इसपे, मेरी सौतन बनना इतना आसान नहीं है बुआ को देखा कैसे लंगड़ा कर चल रही थी तेरा भी यहि हाल होगा।
नीतू: नहीं होगा मेरे पापा मुझे धीरे से प्यार करेंगे
उन्हें पता है उनका बहुत बड़ा है और उनकी बेटी की चुत और गाण्ड छोटी सी है।
हैं ना पापा।
अरुण: हाँ बेटी मुझे पता है मेरी रानी बेटी अभी छोटी है
इसलिए पापा बेटी को बड़े प्यार से प्यार करेंगे।
नीतू: देखा माँ
पापा क्या बोल रहे है।
सरला: जानती हूँ बेटी ये ऐसे ही है सब की आराम से मारेंगे पर मेरी बेरहमी से ।
हैं ना जान।
अरुण: हाँ मेरी रांड नंबर १ ।
सरला: वो तो मैं हूँ।
अरुण: मुझे रांड नंबर २ भी तुम्हारी बजह से मिल रही है।
सरला: तो चले आप के रूम में रांड नंबर २ का उद्घाटन करने।
अरुण: चलो और दोनों सरला और नीतू को अपनी दोनों बाँहों मैं उठाता है और अपने रूम में आ जाता है।
सरला: देखा नीतू कितनी ताक़त है मेरे बेटे में।
अपनी दोनों रांडो को अपनी गोदी में उठा लाया।
नीतू ; देखा है माँ कितना बड़ा है बिलकुल लोहे की रोड की तरह।

अरुन दोनों को बेड पे बिठा देता है।
सरला अरुन से
कैसे करना है मेरे राजा।
अरुण: तुम बताओ मेरी बुलबुल।
अरून जब नीतू को देखता है।
नीतू: ऐसे क्या देख रहे हो पापा।
अरुण: कुछ नहीं अपने नए माल को देख रहा हू।
नीतू: कपडो में क्या दिखाई देगा की माल कैसा है।
अरुण: तो बिना कपडो के दिखा दो।
नीतू: इतराते हुए जिस को ज़रूरत हो वो खुद देख ले।
अरुण: अच्छा जी
नीतू: हां जी।
सरला उनकी बातें सुनती रहती है और हँसती रहती है
और अरुन नीतू को अपनी ओर खींचता है और उसके होंठो पे किस करने लगता है।और नीतू के लाल लाल होंठो के रस को पिने लगता है और नीतू अरुन का साथ देती है।
काफी देर ऐसे ही किस करने ले बाद।
सरला: जानू।
अरुण: हाँ मेरी जान।
सरला: बताओ न अपनी इन दोनों रांडो की कैसे लोगे।
नीतू: हाँ पापा बताओ न मेरी सील कैसे तोडोगे।
अरुण: तो सब कुछ मेरे हिसाब से होगा।
और दोनों नीतू और सरला हाँ में जवाब देती है।

अरुण: तो दोनों बेड पे खड़ी हो जाओ।
और दोनों बेड पे खड़ी हो जाती है।
अब दोनों घुम जाओ।
दोनो घुम जाती है।
अरुण: वाह क्या बात है।
सरला और नीतू
क्या बात है।
अरुण: दोनों एक से एक मस्त माल हो।
क्या गाण्ड का उभार है दोनों के।
नीतू: पापा किसकी ज्यादा बड़ी है।
अरुण: दोनों की एकदम मस्त ।
अरुण: अब घुम जाओ।
दोनो अरुन को देखने लगती है
अरुण: सरला से माँ
सरला: हाँ बेटा।
अरुण: आप को कोई प्रॉब्लम तो नहीं है नीतू के साथ।
सरला: नहीं मेरे बेटे तुम दोनों मेरी जान हो।अगर नीतू हमारे साथ मिल जाती है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है बल्कि ख़ुशी होगी ।
मैने तुमसे पहले भी कहा है की रवि का इतना बड़ा नहीं है इसलिए वो अभी तक नीतू माँ नहीं बना पाया और इसे संतुष्ट भी नहीं कर पाता है।
है ना नीतू।
नीतू:हाँ पापा उनका आप से आधा भी नहीं है मुझे पता भी नहीं चलता की लंड अंदर है।
अरुण: तू चिंता मत कर बेटी वो मज़े दूंगा की रवि को भूल जायेगी।
नीतू: मैं भी यही चाहती हो पापा।
आप अपनी बेटी को चोद कर माँ बना दो अपने बच्चो का।
अरुण: जल्दी तुम दोनों रांड मेरे बच्चो की माँ बनोगी
बनेगी न सरला।
सरला: हाँ आप जितने बच्चे बोलोगे उतने की बनुँगी।
अरुण: तो फटाफट जरा अपने अपने कुरते उतारो।
और दोनों झट से कुरते उतार देती है।
अब दोनों माँ बेटी अरुन के सामने उपर से सिर्फ ब्रा पहने हुए थी।
अरुण: वाह मजा आ गया क्या मस्त मम्मे है दोनों के।
सरला: राजा तुम्हारी दोनों रांडो की ब्रा का साइज एक ही है।
अरुण: क्या बात है।
फिरर तो नई वाली ब्रा बेचारी नीतू को भी आ जायेगी।
सरला: हाँ एक दम फिट आई है और इसने वो पहने भी है।

अरुन कब मैंने तो नहीं देखी।
नीतू: पापा अभी पहन के दिखाउँ।
अरुण: अभी नहीं रात में।
नीतू: ओके पापा।
अरुण: अब जरा अपनी अपनी ब्रा भी उतारो।
और दोनों ब्रा उतार देती है।
और दोनों उपर से पूरी नंगी हो जाती है।
सरला के मम्मे थोड़े से बड़े थे नीतू से पर टाइट नीतू की ज्यादा थे।
और सरला के निप्पल नीतू से बड़े और भूरे रंग के थे।
अरुण: क्या मस्त माल है मेरा और उठ कर
दोनो के एक एक निप्पल हाथ से मसलने लगता है।
दोनो के मुह से सिसकारी निकल जाती है
नीतु पापा थोड़े धीरे दर्द होता है।
अरून नीतू के मम्मे पे थपड मारता है।
चुप कर रांड तू मुझे बतायेगी क्या करना है और कस कर दूसरे मम्मे मसल देता है।
नीतु चीख पड़ती है।
और चुप हो जाती है।
सॉरी पापा गलती हो गई ।
सरला नीतू से
बेटी मरद ऐसे ही प्यार करते है रवि कोई मर्द नहीं है और न ही तेरे पापा मर्द है।
अरुन अपनी मर्ज़ी से अपने अनुसार औरतो को चोदता है और औरत चुदवाती है
नीतु: समझ गई माँ पापा का लंड लेना है तो इस दर्द को तो भूलना पडेगा ।

और अरुन इन दोनों के सामने अपने घुटनो पे बैठ जाता है और सरला का एक निप्पल मुह में ले कर चुसने लगता है और नीतू का मसलने लगता है।
और दोनों माँ बेटी सिसक पड़ती है।
सरला ;हा चूस मेरे राजा चूस दो दिन हो गये चुसे हुए
और कस के चुस।कुछ देर बाद अरुन अपनी पोजीशन चेंज करता है अब नीतू का मम्मा चूस रहा था और सरला का मसल रहा था।
बारी बारी से चारो मम्मे चुसता है और दोनों सिसकती रहती है कभी कभी निप्पल को दाँतों से काटने लगता है।
थोड़ी देर बाद अरुन बेड पे बैठ जाता है
और दोनों अरुन को ऐसे देखति है जैसे पूछ रही हो अब क्या करना है।
अरून इशारे से दोनों को सलवार उतारने के लिए बोलता है।
और दोनों उसका आज्ञा पाकर अपनी २ सलवार उतार देती है।
और निचे फर्श पे फ़ेक देती है और दोनों ने ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी।
अरुण: क्या बात है दोनों रांडो ने सेम कलर की पेंटी पहनी है।
सरला: दोनों आप की रांड है न इसलिये।
अरुण: क्या मस्त रंग है दोनों माँ बेटी का एकदम दूध जैसा क्या जाँघे है मोटी मोटी भरी हुई मजा आ गया सरला मजा आ गया।

सरला: आप की राँड है तो मस्त तो होना पडेगा।
और अरुन सरला और नीतू को अपनी कच्छी उतारने का इशारा करता है।
और दोनों एक ही झटके से अपनी अपनी पेंटी उतार कर अरुन के मुह पे फ़ेक देती है।
अरुण: आह मर गया क्या ज़ुलम किया और दोनों की पेंटी उठा कर सूँघने लगता है।
सरला: फेको उन्हें बेशरम गन्दी है दोनों का पानी लगा है।
पर अरुन तो जैसे दिवाना हो जाता है और पेंटी का जो हिस्सा उनकी चित के पानी से गिला हो गया था उसे चूसने और चाटने लगता है।
सरला: राजा वहाँ तो सिर्फ पानी लगा है असली कुआँ तो यहाँ है और अपनी और नीतू के चुत पे अपने हाथ फेरने लगती है।
अरून उस तरफ देख कर कच्छी चुसना भूल जाता है और कभी नीतु की चुत तो कभी सरला की चुत देखता रहता है।
सरला की चुत का मुह थोड़ा खुला था जब की नीतू का बंद था और रंग सरला का थोड़ा काला और नीतू का गोरा था।और दोनों की चुत एक दम क्लीन शेव थी
एकदम चिकनी ऐसे लग रहा था जैसे मालपुए हो।

अरून दोनों को इशारा से पास बुलाता है और दोनों की चुत पे हाथ फेरता है
अरुण: क्या चूत है मेरी रांडो की एकदम टाइट जैसे किसी ने इस्तेमाल ही न किया हो।
सरल:आप के लिए बचा के रखी है की आप को कसी हुई चुत और गाण्ड मिल सके।
अरुण: नीतू से ।बेटी कभी चुत चूसवाई है।
नीतू; नहीं पापा उन्हें पसंद नहीं है ये सब।
अरुण: मेरी बच्ची।

और नीतू को बेड पे लीटा देता है और उसकी दोनों टांगे खोल कर अपने काँधे पे रख लेता है और
नीतु की पूरी चुत को उपर से निचे तक चाटने लगता है
नीतु चीख पड़ती है।
हाय पापा क्या कर रहे हो पहले मैंने ऐसे कभी नहीं कराया ।
आह माँ देखो माँ पापा क्या कर रहे है।
सरला नीतू का सर अपनी गोदी में रखती है।
और अपना एक मम्मा उसके मुह में भर देती है।
और अरुन नीतू की चूत चुसता रहता है।
और उसका दाना मुह में ले कर दाँतो से काटने लगता है
नीतु चीखना चाहती है पर सरला का मम्मा मुह में होने के कारन उसकी चीख दब जाती है।
और वो सरला का मम्मा चूसने लगती है।
और अरुन चुत चाट चाट कर चूसता है और उसके छेद में जीभ डाल कर उसकी चुत चोदने लगता है।

नीतु : आह ओह माँ आह सी आ माँ आह सी आ माँ मार ड़ाला हाय क्या चुसते हो मेरे पापा मुझे तो पता ही नहीं था की चुत चुसवाने में इतना मजा आता है।
आह मा।
सरला: बेटे तेरे पापा ने ही मेरी चुत चुसी थी पहली बार तब मुझे भी पता लगा था की चुत चुसवाने में कितना मजा आता है।
नीतू: आ आ सच में माँ बहुत मजा आ रहा है भाई तो मेरी चुत अपनी जीभ से चोद रहे है।
आए आह ओह मा आह सी आ माँ आह सी आ और नीतू का शरीर अकड जाता है और अरुन के मुह में झड जाती है।
और अरुन उसका पानी पिने लगता है।
नीतू: छी पापा ये गन्दा है हटाइये वहाँ से।
पर अरुन नहीं हटता और पूरी चुत चाटकर साफ़ कर देता है।
सरला: वो नहीं सुनेंगे उन्हें कुछ गन्दा नहीं लगता अपनी रांड का ।
अरून सरला को देखते हुए।
सरला: क्या हुआ मालिक।
अरुण: चल लेट तुझे इनविटेशन देना होगा।
सरला: नहीं मेरी जान और लेट जाती है और अपने दोनों हाथों से अपनी चुत की फांकें खोलकर अरुन की ओर कर देती है।
और नीतू का मम्मा अपने मुह में भर लेती है।
नीतू: आह आह माँ क्या कर रही हो।
मत करो मेरी जान निकल गई है अभी
और अरुन सरला की चुत चाटने लगता है ।
सरला: मेरे राजा चूस अपनी रांड की चुत खाजा इसे बहुत तँग करती है आप के बिना ।
आअहह ओह स माँ अरुन और चुसो मेरे राजा
तभी अरुन सरला की गाण्ड में एक ऊँगली डाल देता है।
सरला उछल जाती है। देखा नीतू तेरी कितनी प्यार से चुसी और मेरी बारी आई तो मेरी गाण्ड में ऊँगली डाल दिए।
सरला: मेरे राजा ऐसे करो बहुत अच्छा लग रहा है गाण्ड में काफी दिनों से कुछ गया नहीं था और आज आप मेरी गाण्ड मारोगे मुझे पता है कर दो ऊँगली डाल कर ढिली जिस से आप का लंड आसानी से जा सके।
हा उह उह माँ मार ड़ाला कमिने मादरचोद ने मर गई।
और सरला भी अरुन के मुह में झड जाती है और अरुन उसकी भी चुत चाट चाट कर साफ़ कर देता है।

दोनो की चुत चुसने के बाद
सरला अरुन को अपने पास बुलाती है और अरुन के होंठो पे किस करती है।
नीतु अभी भी खुली नहीं थी सरला की तरह।
सरला अरुण को बेड पे लीटा देती है और उसकी जीन्स और अंडरवियर उतार देती है और नीतू उसकी टी-शर्ट्स और वेस्ट उतार देति है और इस टाइम अरुन माँ बेटी के बीच में नंगा लेटा था।
और दोनों दोनों तरफ से अरुन को किस करते हुए धीरे धीरे निचे और निचे पहुचती है इस कारन अरुन का लंड खड़ा हो जाता है सरला ने तो उस को पास से देख था पर नीतू पहली बार इतने पास से देख रही थी।
नीतू: माँ ये तो बहुत बड़ा है।
सरला: पर बहुत प्यारा है।
नीतू: प्यारा तो है पर डर लग रहा है।
सरला: तू चिंता मत कर तेरे पापा प्यार से करेंगे।
और झुक के लंड के टोपे पे किस करती है
और नीतू का हाथ पकड़ कर अरुन के लंड पे रख देती है।
अब पकड़ न उस दिन तो तू उसकी दीवानी हो गई थी
और नीतू उसपे हाथ फेरती है ।
नीतू: माआआआआ बहुत गरम है लोहे की तरह ।
सरला: तो मुह में ले कर ठण्डा कर दे।
नीतू ; माँ आप सिख़ाओ न मुझे।
सरला: ओके ।
चल पहले अपने भाई के टट्टों को पकड़ और इन्हे प्यार कर और नीतू के सर को पकड़ कर अरुन के टट्टों पे रख देती है और नीतू टट्टों को जीभ से चाटने लगती है
अरुण: आआआ अअअअअअअ वव्वव्वव्व
और सरला अरुन के टोपे को मुह में ले कर चुसने लगती है।
अरुण पागल हो जाता है ।
दोनो प्यार से अरुन के टट्टों और लन्ड को चूस रही थी
अरुण: आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह्ह्हह्ह्ह्ह चुसो ऐसे हे जान आराम से
पर दोनों में से कोई कम नहीं पडना चाहती थी और दोनों पोजीशन बदलती है अब नीतू लंड चूस रही थी और सरला टट्टों को।
और अरुन दोनों के सर पकड़ कर अपने लंड पे दबा रहा था।

दोनो नंबर १ की रांड हो क्या चुस्ती हो कोई नहीं कह सकता की पहली बार चूस रही हो ।
लंड चुसते चुसते काफी टाइम हो गया पर अरुन का पानी नहीं निकला था।

तभी सरला उठ कर अरुन के मुह में अपना एक मम्मा देती है और उसके टट्टों पे हाथ फेरती है और नीतू पूरे लंड को मुह में ले कर चुसने की कोशिश करती है।
सरला: नीतू से ।
बेटा पूरा नहीं आएगा तेरे मुह में जितना आये उतना चूस कर पानी निकल अपने मालिक का ।
अरुन सरला के निप्पल को चूस रहा था।।
सरला: आआ राजा चूस इन्हे देख मैंने अपना वादा पूरा किया अपनी बेटी से तेरी लंड को चुसवा रही हूँ और बाद में चुदवा दूँगी और अब तो तूने प्रीति की भी मार ली।
और अब हम दोनों माँ बेटी की चुत और गाण्ड भी एक साथ मिलने वाली है ।
आजा जल्दी आजा। फिर तुझे नीतू की चुत का और गाण्ड का उदघाटन करवाउंगी तेरे लंड से फाड़ दियो इसकी कोई रहम मत करना।
ऐर नीतू इन बातों को सुनकर और गरम हो जाती है और लंड को और जोर जोर से चुसने लगती है।
और सरला अरुन के निप्पल पे अपने नाख़ून से कुरेदने लगती है और अरुन को इस टाइम इतना मजा आ रहा था की उसका शरीर एठने लगता है और नीतू के मुह में झड जाता है।
नीतु अपना मुह हटाने की कोशिश करती है पर सरला हटने नहीं देती। पि जा सारा रस मेरी बेटी ये अमृत है बड़े नसीब वालो को मिलता है।
और नीतू अरुन का सारा पानी पि जाती है
और अरुन निढाल पड़ जाता है।

अरुन झड़ने के बाद वही लेट जाता है और एक तरफ सरला और दूसरी तरफ नीतू ।
क्या ज़िन्दगी थी अरुन की एक दम मस्त
थोड़ी देर तीनो ऐसे ही लेटे रहे ।
सरला अरुन के कान में ।
सरला: सुसु जाना है।
अरुण: सरला को देखता है।
सरला: सुसु आई है बहुत तेज मेरे राजा ।
अरुण: उठ कर सरला को गोदी में उठाने लगता है।
नीतू: कहा जा रहे हो।
सरला: सुसु करने।
नीतू : मुझे भी जाना है।
अरुण: नीतू को बाँहों में लेता है और बाथरूम में तीनो आ जाते है।
अरून सरला और नीतू को खड़ी कर देता है।
नीतु सरला को देखते हुए।
सरला: क्या देख रही हो अरुन के राज में खड़े हो कर करनी पड़ती है।
और एक तरफ सरला और दूसरे तरफ नीतू खड़ी हो जाती है।
और अरुन दोनों की चुत पे हाथ फेरते हुए
आसी सी करने लगता है और सरला सुसु करने लगती है ।
सरला: नीतू कर न पापा करा रहे है और नीतू भी धार मारने लगती है ।
खड़े खड़े सुसु करने से दोनों के टांगो पे सुसु लग जाती है ।
तभी सरला अरुन के लंड को पकड़ कर
तुझे भी सुसु करनी है।
अरुण: हाँ मैं सर हिलाता है।
और सरला अरुन के लंड को पकड़ कर सी
सी की आवाज़ निकलती है और अरुन धार छोड देता है।
और सरला अरुन के लंड को गोल गोल घुमाने लगती है और दिवार पर डिज़ाइन बना देती है।
नीतु भी अरुन के लंड को पकड़ कर घुमाने लगती है
और अरुन ऐसे ही सुसु करता है।
और फिर अरुन हैंड शावर से दोनों को साफ करता है और खुद को भी।और दोनों को बाँहों में ले कर बाहर बेड पे आ जाता है।

और तीनो बेड पे लेते थे।
लेफ्ट में नीतू राइट में सरला और बीच में अरुण और तीनो नंगे।
सरला: जानू।
अरुण: हाँ बुलबुल।
सरला: नीतू की अभी टाइट है तू आराम से करना।
अरुण: बड़ी फिकर हो रही है अपनी बेटी की,
मै भी बाप हु उसका ।
नीतू: माँ मुझे पता है पापा आराम से करेंगे।
सरला: तुझे पता नहीं अपने पापा को अगर एक बार मूड में आ जाये तो भूल जाते है किसकी चुत है।
उन्हें सिर्फ रांड याद रहती है।
और बेरहमी से चोदते रहते है।
अरून सरला के मम्मे पकड़ लेता है और खींच कर अपने मुह में लेता है।
सरला: मेरे बेटे को भूख लगी है ना।
आ पहले खाना खा लो।
अरुण: कुछ नहीं बोलता और नीतू के मम्मे को दबा देता है।
नीतू: आआ पापा धीरे ,बड़ी नाज़ुक है आपकी बेटी के बूब्स अभी तक बड़े प्यार से इस्तमाल हुए है ।
अरुण: पर अब ये सही हाथ में है और सही इस्तमाल होगा।
नीतू: मुझे पता है पापा और अपना मम्मा अरुन के मुह में देती है।
और अरुन चुसने लगता है।
तभी सरला उठती है ।
अरुण: कहाँ ।
सरला: अभी आई।
और रूम से बाहर चली जाती है।
और अरुन नीतू के मम्मे चुसता रहता है।
नीतू: आह पापा धीरे धीरे चुसो ना।
तभी सरला आ जाती है
अरुण: कहाँ गई थी ।
सरला: अरुन को के वाई जेली दिखाती है।
अरुण:ओह बड़ी चिंता है बेटी की।
सरला: क्या करूँ माँ हु ,जितना हो सकता है दर्द से बचाऊँगी।
नीतू: माँ आप बेमतलब में चिंता कर रही हो मैं झेल लुंगी।
सरला: फिर भी बेटी।
अरुण: किसकी माँरू पहले ।
सरला: पहले नीतू की मारो ।
अरुण: क्यु।
सरला: मुझे पता है चुदने के बाद नीतू को होश नहीं रहेगा।
और आप मेरी भी वही हाल करोगे क्यों की तीन दिन से आप ने मेरी गाण्ड और चुत नहीं मारी है तो आज आप अपना ग़ुस्सा उसपे निकलोगे ।
इसलिए पहले नीतू की हेल्प कर दू फिर अपनी आराम से फड़वाऊंगी।
अरुण: जैसे तुम्हारी मरजी।
और नीतू को बेड के बीच में ला कर सरला उसकी गाण्ड के निचे २ पिलो लगाती है और उसका सर अपनी गोदी में।

और के वाई जेली उसकी चुत के मुह पे लगाती है। ।
अरुन नीतू की दोनों टांगो को अपने काँधे पे रखता है और उसकी चुत पे हाथ फेर कर जेली अंदर तक लगा देता है।
अरून की ऊँगली के अंदर होते हो नीतू।
नीतू: आह माँ।
सरला: क्या हुआ बेटी अभी तो पापा ने सिर्फ ऊँगली डाली है।
नीतू: ओके
उधर अरुन अपने लंड को नीतू की रसीली चुत पे घीसने लगता है।
और टोपे को नीतू की चुत के मुह पे रगडने लगता है।
नीतू: माँ पापा को बोलो न चिढाये नहीं डाल दे और इंतज़ार नहीं होता तीन दिन से तड़प रही हूँ इस मुसल को अपनी चुत में लेने के लिये।
अरून सरला को इशारा करता है।
सरला नीतू के मुह में अपना मम्मा देती है और उसके निप्पल को धीरे धीरे मसलने लगती है।
जैसे ही नीतू का ध्यान अरुन से हटता है अरुन एक झटका मारता है और अरुन के लंड का टोपा नीतू की चुत में घुस जाता है और नीतू की चीख निकलती है पर सरला नीतु के मुह पे अपना मुम्मा दबा देती है और उसके बूब्स मसलते रहती है और नीतू की चीख उसके मुह में घुट जाती है।
और अरुन फिर से उतना ही लंड निकाल कर घुसाता है
और सरला अरुन को इशारा करती है ।
अरुन इस बार और तेज़ धक्के मरता है और इस बार में आधा लंड घुस जाता है।
नीतु का सरीर एठने लगता है।
पर सरला उसको नहीं छोड़ती
और अरुन अपने आधे लंड से ही नीतू को चोदने लगता है।और जब सरला की नज़र नीतू की चीख पे पड़ती है तो अरुन को इशारा करती है।
जब अरुन देखता है की नीतू की चुत से खुन निकल रहा था तो अरुन नीतू की चुत से लंड निकल लेता है
नीतु सरला और अरुन को देखति है जैसे पूछ रही हो क्या हुआ।

सरला नीतू को छोड देती है और नीतू अपनी चुत देखती है तो उसकी चुत से खून निकला था।
नीतू: हाय फाड़ दी मेरी चूत पापा ने माँ देखो खून निकल रहा है।
सरला: कोई बात नहीं बेटी पहली बार में खून निकलता है।
नीतू: पिछले 2 साल से चुद रही हु और आप बोल रही हो पहली बार।
सरला: बेटी रवि का अरुन की तरह बड़ा नहीं है हो सकता है पूरा अंदर नहीं जा पाया हो और मरद के लंड से खून ही निकलता है पर बाद में मज़े भी बहुत आते है।
सरला फिर से नीतू के मुह में मम्मा देती है और
अरुन फिर से नीतू की चुत में लंड पेल देता है और इस बार पूरी ताक़त से पूरा का पूरा घुसा देता है।
नीतु उछलने लगती है और उसका सरीर ऐठ जाता है और अपने मुह से सरला का मम्मा निकल कर चीख पड़ती है।
इस बार सरला भी नहीं रोकती।
नीतू : आआआअह्ह माआआआआ फआयआयड डीइइइइइइइ मेरीईईई चुत ।
फाड दी पापा ने अब उनको क्या मुह दिखाऊँगी मैं। रवि का लंड तो आधा भी नहीं है मेरी चुत का मुह बड़ा हो जायेगा तो उनको पता चल जायेंगा माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
और अरुन नीतू को चोदता रहता है।
सरला: नीतू के सर पे हाथ फेरती हुई।
कुछ नहीं होगा मेरी बेटी पहली बार ऐसा होता है
और तु तो चुदना चाहती थी अपने पापा से
और वो तो तेरी इच्छा पूरी कर रहे है।
नीतू: आह ओह चाहती थी पर चुदना।पर फड़वाना नहीं स स माँ मार डाला पापा के लंड ने ।
नीतू आह ओह माँ आह धीरे करो पापा धीरे आप की बेटी हु। अपनी बेटी को इतनी बुरी तरह नहीं चोदते।
अरुण: आह क्या करुं बेटी तेरी चुत इतनी टाइट है की मेरे लंड भी ऐसा लग रहा है किसी तंग गुफा में फंस गया हो।

आए बहुत मजा आ रहा है तेरी टाइट चुत मारने में।
नीतू: आप को मेरी चुत इतनी अच्छि लगी पापा।
अरुण: हाँ बेटी मजा आ रहा है।
ऐसा लग रहा है की कोई गन्ने की मशीन मेरे लंड को पेर रही है।
नीतू: ओह पापा आप की बात सुन के मेरा दर्द बंद हो गया। मेरी चुत फ़टने का अब कोई दुःख नहीं क्यों की मेरे पापा को मजा आ रहा है।मेरी चुत मार के।

आह ओह माँ आह और मारो मेरे राजा मुझे भी अपनी पत्नी बना लो मेरी माँ की सौतन आह ओह।
सरला नीतू के गाल पे हल्का सा थप्पड मारती है।
सौतन बनेगी मेरी।
नीतू: नहीं माँ तुम मेरी दीदी मैं आप की देवरानी।
क्यूं की अब हम दोनों का पति एक ही है।
जब तक नहीं चूदी थी तो मेरे पापा थे और अब चुदाई के बाद मेरे पति।
अब हम दोनों सौतन हुए ना।
सरला हंस देति है ।
मुझे अपने बेटे को तुझसे या किसी से भी शेयर करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है जब तक मेरे बेटे को पसंद है।
सरला: चोद अरुन अपनी नई बीवी को फाड़ दे उसकी भी चुत जैसे मेरी फाडी थी।
और अरुन स्पीड तेज़ कर देता है
नीतू: हाँ जान और तेज मारो अपनी बीवी की चुत आज मेरी आप के साथ सुहागरात है बना लो मुझे भी अपनी रँडी पर्सनल राण्ड जो सिर्फ तुम्हारी गुलाम हो और आप के लंड पे मेरा हक़
और अरुन बेहरमी से नीतू की चुत मारने लगता है।
सरला मार और जोर से मार इस रंडी की चुत और बना दे अपने बच्चे की माँ इसको। बिठा दे गर्भ इसका।
नीतू: आह ओह माँ मर ड़ाला हाय क्या माँ आह मजा आ रहा है हाँ मेरी जान बना लो अपना गुलाम आप के लंड की तो मैं गुलाम हो गई मेरे राजा और नीतू झड़ने लग जाती है ।
आह ओह माँ मैं गई।
और उसका शरीर ढिला पड़ जाता है
पर अरुन का अभी नहीं हुआ था।

अरुन सरला को देखता है।
सरला: अभी निकल लो बाद में चोद लेना अभी ये झेल नहीं पायेगी।
अरुण: पर।
सरला: अरुन के होंठो पे ऊँगली रखते हुए मैं अभी जिन्दा हूँ और जब तक मेरी चुत गाण्ड और मुह है मेरे बेटे को परेसान होने की ज़रूरत नहीं ।
अरुण: तो आज तुन मारो अपनी चूत।
सरला: कैसे मेरे राजा।
और अरुन लेट जाता है और सरला को अपने उपर बुलाता है ।
और सरला को अपने लंड पे बैठने के लिए बोलता है।
सरला अरुन के लंड पे धीरे धीरे बैठने लगती है।
उसको ऐसे महसूस हुआ जैसे कोई लोहे की रोड उसको चीरते हुआ उसके अंदर चुत के रास्ते घुस रही है।
सरला: आह माँ माँ आह सी आ आ आह।
क्या क्या सिखायेगा अपनी माँ को और उसके लुंड पे उपर निचे होने लगती है।
इधर नीतू को भी होश आ जाता है और अपनी माँ को लंड की सवारी करते देख वो भी हैरान हो जाती है।
मा तुम ये क्या कर रही हो।

सरला: क्या करूँ बेटी तेरा ये भाई मुझे रोज नये नये स्टाइल से चोदता है देख आज मुझे अपने लंड पे बैठा कर जन्नत की सैर करा रहा है।
नीतु सरला के मम्मे पकड़ कर।
भाई देखो ना माँ के बूब्स कितने बड़े है ।
हम दोनों ने इनका बचपन में दूध पिया है।
आज भी पिए ।
अरुण: बिलकुल और दोनों भाई बहन एक एक निप्पल मुह में ले कर चुसने लगते है।
सरला: आह ओह क्या कर रहे हो शैतान जान लोगे क्या आ आ माँ आ आ । मेरे बच्चो मैं कभी भी नहीं सोच सकती थी मुझे इतना मजा मिलेगा।
और तेज़ तेज अरुन के लंड पे उछलती रहती है।
थोड़ी देर ऐसे चुदने के बाद।
सरला: जान मैं थक रही हूँ अब तुम चोदो न अपनी माँ को।। अरुन सरला को ऐसे ही लंड फसे हुए गोदी में उठाता है और खड़े हो कर सरला को चोदने लगता है।
नीतू: अब ये कौन सा स्टाइल है ।
सरला: तुहे पता नहीं बेटी तेरी भाई कई तरीके से चोदता है और अरुन के गोद में उछलती रहती है।

अरून सरला के दोनों चूतडो को पकड़ कर सरला की कमर को अपने लंड पे उछालते रहता है।
सरला: आ मजा आरहा मार ऐसे ही अपनी माँ की चुत फाड़ दे मेरी बना दे
उसका भोसड़ा अरुन मार ड़ाला कमिने मादरचोद।
चोद मादरचोद आज तो बहनचोद भी बन गया
आह ओह मज़ा आया और सरला अरुन के लंड पे झड जाती है
तभी अरुण
अरुण: मेरा आ रहा है जान बोल कहा निकालूँ।
सरला: नीतू फटाफ़ट लेट।
नीतू: क्यों ।
सरला; अरुन तेरे चुत में अपना पानी निकालेगा तभी तो तू माँ बनेगी अरुन के बच्चो की और अरुन सरला को निचे उतार देता है और नीतू की चुत में पूरा का पूरा लंड एक बार में पूरा पेल देता है और कस कस धक्के मारने लगता है ।
नीतू: आआआअह्ह आह मज़ा आ गया माँ आ आ माँ आहः
आजा मेरे राजा निकाल अपनी बहन की चुत में अपना पानी और बना ले अपने बच्चो की माँ।
और ये सुन कर अरुन झड़ने लगता है।
और इतना झडता है की ।
नीतू: माँ भाई का तो बंद ही नहीं हो रहा।
सरला: अरुन का बहुत पानी निकलता है बेटी बड़ा लंड है न इसका तो पानी भी ज्यादा निलकता है।
नीतू: मुझे लगता है मैं आज ही प्रेग्नंट हो जाऊँगी।
और अरुन नीतू के सिने पे सर रख देता है।
नीतू: प्यार से अरुन के बालों में ऊँगली फ़िराती है।
मेरा भाई और अपना मुम्मा उसके मुह में डाल देती है।
जो काम सरला अरुन के झड़ने के बाद करती थी।
वो आज नीतू कर रही थी
सरला उनदोनो का प्यार देख कर खुश हो जाती है और उनसे चिपक के लेट जाती है और तीनो आँख बंद कर के लेटे रहते है।
नीतु : भाई सुसु आई है।
अरून नीतू के उपर से उठता है और नीतू को गोदी में लेने लगता है।
नीतू: मैं चलि जाऊंगी
और जैसे ही उठती है उसके मुह से चीख निकल जाती है।
सरला: इसलिए अरुन तुझे कह रहा था अब तू कुवारी नहीं रही तेरी भी चुत फट गई है तो दर्द तो होगा। जा भाई के साथ जा।
और अरुन नीतू को अपनी गोदी में उठा कर बाथरूम ले जाता है और उसे अपनी गोदी में ही बिठा कर सुसु करवाता है और अपने हाथों से उसकी चुत धोता है और
अरुण: सॉरी नीतू।।
नीतू; क्यु।
अरुण; तुम्हारी चुत से खून निकाल दिया।
नीतू: मुझे पता है पहली बार में ऐसे होता है ।
अरुण: पर तुम तो ।
नीतू: मुझे पता है तुम्हे किनकी बातें पसंद है उसलिए उस टाइम नाराज कर रही थी।
भाई जब मरद का लंड पहली बार चुत या गाण्ड में जाता है तो खून निकलता है मैं जानती हु शादीसुदा औरत हु कुवारी नही।
अरुण: खून तो कुवारी का निकलता है।
नीतू: हाँ आप के मुसल के हिसाब से मैं अभी भी कुवारी हु और रहूँगी क्यों की आप जब जब चोदोगे मेरी चुत और गाण्ड से खून बहेगा।
अरुण:’ क्या तुम मुझे गाण्ड भी दोगी।
नीतू: बिलकुल तभी तो तुम्हारी रांड नंबर २ बनुंगी।
और अरुन नीतू को किस करता है और बाहर आ लाता है और बेड पे लिटा देता है।
सरला चलो मैं चलती हू।
अरुण: कहाँ जान।
सरला’; टाइम देखो ७ बह रहे है चुदाई करते करते टाइम का पता नहीं लगा।
अरुण: पर मुझे अभी नीतू की गाण्ड मारनी है।
सरला: वो सब रात को तुम थक गये होगे ।
और नीतू की गाण्ड आराम से मारनी पड़ेगी नहीं तो कल सुबह हम माँ बेटी दोनों लंगड़ा कर चल रही होंगी और तुम्हारे पापा परेसान की क्या हुआ दोनों को एक साथ।
अरुण: पर रात को कैसे आप तो पापा के साथ सोओगी।
सरला: नहीं रात को हम माँ बेटी दोनों तुम्हारे रूम में सोयेंगे।

थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहने के बाद।
सरला उठती है ।
चल नीतू खाना बना लेते है तेरे पापा आने वाले होंगे।
नीतु उठ कर कपडे पहनने की कोशिश करती है।
सरला: रहने दे तेरे पापा उर्फ़ भाई उर्फ़ पति कपडे नहीं पहनने देंगे।
और नीतू को नंगी ही साथ लेकर किचन में आ जाती है
दोनो माँ बेटी लंगड़ा कर चल रही थी।
नीतू: माँ चुत में लंड लेके तो चला नहीं जा रहा गाण्ड में लुंगी तो क्या होगा।
सरला: बेटा भाई के मुसल के मजे लेने है तो दर्द तो सहना पड़ेगा और पापा के सामने ठीक से चलना नही तो सवाल करेंगे क्या हुआ लंगड़ा क्यों रही है।
नीतू: ठीक है माँ।
और तभी अरुन वहाँ आ जाता है।
और नीतू के गाँड पे चुटकी काट लेता है।
नीतू: आआआअह्ह माँ देखो न भाई ने क्या किया ।
सरला: अरुन क्यो परेसान कर रहा है अपनी नई रांड को।
अरुण; माँ क्या चुदकड़ माल है तेरी बेटी।
सरला: क्यों तेरी नहीं है कोइ।
अरुण: है है न मेरी पर्सनल रँडी नंबर २
नीतू: भाई क्या मुझे आप अपनी पत्नी नहीं बना सकते।
अरुण: बहना चुद के तो पहले ही मेरी पत्नी बन गई और गाण्ड मरवाने के बाद मेरी रांड बन जाओगी।
सरला उनकी बात सुन कर हँसते हुए काम कर रही थी।
तभी अरुन सरला से।
अरुण: माँ फ्रीज़ में कुछ गाज़र या मुली पड़ी है।
सरला: हाँ बेटा खाने के टाइम सलाद काट लुंगी।
अरुण: माँ मुझे नहीं खानी।
सरला: तो।
अरुण: तुम दोनों की चुत को खिलानी है।
सरला: मतलब फिर बदमाशी।
सरला समझ जाती है।
अरुन फ्रीज में से दो गाज़र निकालता है।
और सरला और नीतू के पास आ कर।
दोनो गाज़र उनको दीखाता है।
अरुण: दोनों में कौन से किसे पसंद है।
सरला तो समझ गयी थी पर नीतू अभी भी अन्जान थी
और मोटी वाली गाज़र देख कर नीतू ।
नीतू: मुझे ये मोटी वाली पसंद है।
सरला हँस पड़ती है।
नीतू: माँ हँस क्यों रही हो।
सरला: अभी पता चल जाएगा।
और अरुन मोटी वाली गाज़र ले कर नीतू के सामने घुटनो पर बैठ जाता है।
और उसकी चुत पे हाथ फेरने लगता है।
नीतू: जान ऐसा मत करो न अभी भी दर्द हो रहा है।
अरुण: चिंता मत कर मेरी बुलबुल अभी इन्तज़ाम करता हू।
और नीतू की दोनों टांगे फैला कर उसकी चुत को जीभ से चाटने लगता है।
नीतू: आआआ ह्ह्हह्ह मजा आ रहा है और आँख बंद करके मज़ा लेने लगती है।
और यही उसकी भूल थी।

मौका देख कर अरुन वो मोटी वाली गाज़र जो नीतू की पसंद थी उसकी चुत में घुसा देता है।
नीतु एकदम से हुए इस हमले को झेल नहीं पाती। और उसके मुह से चीख निकल जाती है।
नीतू; आआआअह्ह उउउउउउउह माँआआआआ मारररररररर डाआआआआआ क्या किया
और निचे देखती है ।
अरुन ने पूरी गाज़र नीतू की चुत में उतार दी थी।
नीतू: आआआअह्ह माआआआआ देखो माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह भाई ने क्या किया ।फाड़ दिया मेरी चूत को।
सरला: नीतू को समझाते हुए कुछ नहीं होगा मेरी बच्ची जब भाई का मुसल झेल गई तो ये गाज़र क्या चीज है।
चुप हो जा ।
सरला नीतू को समझा रही थी उसे पता था की अगला नंबर उसी का था।
और उतनी देर में अरुन दूसरी गाज़र सरला की चुत में पेल देता है।
सरला: आआआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे धीरे डाल अरुन आआआआ माआआआआ.

और नीतू एकदम से सरला को देखती है।
नीतू: माँ चुप हो जाओ जब भाई का मुसल झेल लि हो ये गाज़र क्या चीज है।
और दोनों एक दूसरे को देख कर हँस पड़ती है।

और दोनों के चूतों में गाज़र डाल कर अरुण खड़ा हो जाता है और अपनी दोनों रांडो को अपनी बाँहों में ले कर।
जब तक सारा खाम ख़तम करके मेरे रूम में आओगी
तब तक ये गाज़र तुम दोनों की चूतों में पड़ी रहेगी।
और जिसकी चुत में गाज़र नहीं मिली उसको आज मेरा लंड नहीं मिलेंगा और सजा मिलेगी।
सरला और नीतू
नही नहीं ऐसा मत करना हम नहीं निकालेंगी
जब तक आप अपने हाथ से नहीं निकालोगे।
ये गाज़र हमारी चूतों में पड़ी रहेंगी।
अरुण: गुड गर्ल्स और दोनों के होंठो को चूसने लगता है।
अरुण: चलो जल्दी से काम ख़तम करो।
और किचन के स्लीप पे बैठ जाता है और दोनों को गाज़र की बजह से हो रही परेसानी का मजा लेता है।
नीतू: माँ कुछ कुछ हो रहा है।
सरला: देखती जा अभी बहुत कुछ होगा।
नीतू: माँ चलने में प्रॉब्लम हो रही है।
सरला: थोड़ी देर होगी फिर एडजस्ट हो जायेगी।
अरुण: क्या बात हो रही है मेरी रंडियों।
सरला: कुछ नहीं नीतू को समझा रही थी।
अरुण: अच्छा तुम्हे कितना एक्सपीरियंस है कितनी बार ली है गाज़र इससे पहले जो नीतू को समझा रही हो।
सरला: वो सिर्फ आप ने एक बार गाण्ड मारी थी तभी आपने मुली डाल दी थी।
अरुण: फिर ज्यादा मत समझा नहीं तो तेरी गाण्ड में एक मुली और डाल दुँगा।
सरला: नहीं मेरे मालिक एक ही बहुत है।
अरुण: तो चलो बातें कम करो और काम जल्दी २ ख़तम करो फिर तुम दोनों की गाण्ड का उद्घाटन करना है।
सरला: मेरी का तो हो गया है।
अरुण: कोई नहीं एक बार और कर दुँगा।
सरला: पता नहीं तुम्हारे पापा कब आयेंगे
अरुण: क्यों अभी से खुजाने लगी क्या तेरी गांड।
सरला: वो तो रोज़ ही खुजाती है जब से आप का लंड लिया है।
और इसी तरह से मज़ाक़ करते हुए वो दोनों चूत में गाज़र लिए रमेश का इंतज़ार करती है।

रमेश के आने के बाद दोनों नाइटी पहन लेती है और गाज़र अब भी उनदोनो की चुत में था।
रमेश: क्या हुआ तुम दोनों ऐसे क्यों चल रही हो।
सरला: रमेश के कान में।
वो हम दोनों शॉपिंग पे गई थी तो ज्यादा चलने की बजह से जांघे छिल गई है।
रमेश कुछ नहीं बोलता।
और सभी खाना खा लेते है अरुन अपने रूम में आ जाता है।
नीतु रमेश से।
नीतू: पापा मैं और मम्मी साथ साथ अरुन के रूम में सो जाएंगे।
जब से आई हु मम्मी के साथ नहीं लेटी।
रमेश: जैसा तुम दोनों को अच्छा लगे और अपने रूम में चला जाता है।
सरला: नीतू चल किचन का काम जल्दी ख़तम करते है नही तो हमारे खसम नाराज तो जाएंगे।
नीतु: हाँ माँ गाज़र डाले डाले मेरी चुत ने इतना पानी छोडा है की मेरी दोनों जाँघे गीली फ़ीलिंग हो रखी है।
पता नहीं भाई ये नये नये आईडिया कहाँ से लाता है।
हम दोनों को चोदे बिना ही उन्होंने हमारी चुत का पानी निकाल दिया है ।
सरला: यही तो स्पेशल है हमारे खसम में।
और दोनों किचन में जल्दी २ काम ख़तम करती है।
तभी अरुन वहां आता है।
और कितना टाइम लगेगा रांडो ।
जितना तुम मुझे इंतज़ार कराओगी उतनी ही बेरहमी से तुम्हारी गाण्ड फाड़ूंगा समझी रांड और रूम में चला जाता है।
सरला: मैं बोल रही थी न जल्दी २काम ख़तम करो।हो गया न नाराज अब बहुत बेरहमी से हमारी चुत और गांड चोदेगा।
नीतू: कोई बात नहीं माँ जीतनी बेरहमी से मारेंगे दर्द होगा पर मजा भी उतना ज्यादा आयेगा।
क्यूं ।
सरला: हाँ मेरे राजा का मुसल है ही ऐसा।
चलो जल्दी करो।
और दोनों जल्दी से काम ख़तम करती है।
और सरला नीतू को 2 गिलास दूध गरम करने के लिए बोलती है और 1 में काफी सारे ड्राई फ्रूट्स डाल कर गिलास में लेती है और 1नीतू को देति है और 1 में नींद की गोली डालकर रमेश को पिला आती है फिर दोनों जल्दी से अरुन के रूम में आ जाती है और अंदर से गेट बंद कर लेती है।
सरला नीतू को दूध का गिलास अरुन को देने के लिए बोलती है।
अरुण: मिल गई फुर्सत आ गई अपने खसम की याद या और तडपाना है।
सरला: नहीं स्वामी ऐसी बात नहीं है काम पड़ा था वही ख़तम कर रहे थे।
नीतु की तरफ देखते हुए तुम्हे कुछ कहना है।
नीतू: जान जीतनी आप को जल्दी है उससे ज्यादा हमें जल्दी है अपनी ठुकाई कराने की।
है ना माँ।
सरला: हाँ राजा।
चलो ग़ुस्सा छोडो और गरम गरम दूध पी लो ।
नीतु लाई है स्पेशल ड्राई फ्रूट्स वाला।
अरुण: ओह तो दोनों रांड मिलकर रिश्वत लाई है।
सरला: ऐसा नहीं है।
अरुण: बहन की लोडी सफाई दे रही है।
सरला चुप हो जाती है।
अरुण: पता है कितनी देर से सुसु लग रही है सोचा तुम्हे भी लग रही होगी तो अपनी गोदी में ले जा कर करवा दुँगा।
नीतु और सरला दोनों एक साथ ।
बहुत तेज लग रही है राजा ।
और दोनों भाग कर अरुन की बाँहों में आ जाती है।
और अरुन दोनों को अपनी बाँहों में उठा कर बाथरूम ले जाता है ।
और उतार देता है।
अरून सरला से।
अरुण;सॉरी वो।
सरला: चुप एकदम मुझे पता है मेरा राजा मुझ से ज्यादा दुर नहीं रह सकता गलती मेरी है हमें काम कल के लिए छोड देना चाहिए था पर क्या करती मुझे पता था की आप रात भर हमारी फाड़ोगे तो सुबह हम चलने के लायक नहीं रहेंगी इसलिए सोचा काम आज ही ख़तम कर ले।
और अरुन सरला के होंठो को चुसने लगता है ।
और नीतू उन दोनों माँ बेटे का प्यार देख कर इमोशनल हो जाती है अरुन नीतू को ऐसे देख कर अपनी बाँहो में ले लेता है और कुछ देर सरला को किस करके नीतू के होठ चुसने लगता है।