माँ की अधूरी इच्छा 12

माँ बेटा
डिनर ख़तम ही हुआ था की सरला का मोबाइल बजता है। सरला मोबाइल देखते हुआ तेरे पापा का फ़ोन है।
अरुण: उठाओ और बात करो कॉल स्पीकर पे डाल दो।
सरला; हेलो।
रमेश: जाके एक कॉल भी नहीं की जा सकती।
सरल: वो मेरे मोबाइल पानी मैं गिर गया था।
रमेश: तो अरुन के फोन से कर लेती पर तुम्हे क्या मतलब पति जिए या मरे।
सरला: वो ऐसा कुछ नहीं है ।
रमेश: बताओ कब आ रहे हो।
सरल: कल रात की टिकट्स है।
रमेश: नहीं आज ही निकलो मुझे कहीं बाहर जाना है ।
सरला: पर टिस्कट्स।
रमेश: कैंसिल नहीं हो सकती ।
तूम से तो बात करना बेकार अरुन से बात कराओ।
अरून: हाँ पापा
रमेश: सब ठीक है।
अरुण: हाँ
रमेश : बेटा आज ही निकलो मुझे ऑफिस के काम से २ दिन बाहर जाना है।
सरला नहीं का इशारा करती है ।
पर अरुन हाँ बोल देता है।
अरुण: ओके पापा अभी जो भी ट्रैन मिलेगी हम उससे निकलते है और कॉल डिसकनेक्ट कर देता है।
सरला: मना किया था न मै।
मेरा मन नहीं भरा अभी।
अरुण: किस से मेरे मुसल से ।
सरला:हाँ मुझे अभी और खाना है इसे।
अरुण: वहाँ खाना इसे।
सरला: पर वह कैसे
अरुण: सुना नहीं दो दिन उन्हें बाहर जाना है।
तो बाकि का हनीमून घर पे।
सरला: खुश होते हुए मतलब यहाँ १ दिन और वहाँ दो दिन और।
सरला राजी हो जाती है।
दोनो पैकिंग सुरु करते है और आधे घंटे में रूम खाली कर कैब पकड़ लेते है स्टेशन के लिये
स्टेशन पहुच कर अरुन ट्रैन और टिकट्स कन्फर्म करता है और टिकट्स ले कर प्लेटफार्म पे दोनों ट्रैन का इंतज़ार करने लगते है। टिकेट्स ३ टायरAC का था साइड वाली दोनों बर्थ।
ट्रेन आने के बाद दोनों अपनी सीट पे बैठते है और अपनी साइड का पर्दा कर लेते है।
सरला: कुछ करना है क्या।
अरुण: जैसे की ।
सरला: मेरी बाजानी है क्या
अरुण: आगे या पीछे।
सरला: जो आप का मन करे।
अरुण और किसी ने देख लिया तो।
सरल: जानती हूँ रश है पर अब आप मेरी लिए हुए बिना सोते नहीं है और अब मेरे होते हुए आप प्यासे सोये मुझे ये मंज़ूर नही।
अरुण: सरला का हाथ पकड़ कर मेरे लिए तुम्हारी ख़ुशी ज्यादा मायने रखते है।
तो अब सो जाओ सुबह तक इसकी सुजन कम कर लो कल से फिर इसकी दो दिन तक बेहरमी से बजाना है।
तब तक माफ़ किया।
सरला: थैंक यु सो मच जान पक्का न आप रह लोगे ना।
अरुण: हाँ मेरी जान पर घर पर मना मत करना नहीं तो तुम्हे जबरदस्ती चोदुँगा और पडोसी तुम्हारी चीख सुन रहे होंगे समझी।
सरला: हाँ
और दोनों हँस्ते हुए सो जाते है ।

कल देखते है घर पे कैसे सुहागरात मनती है।

दोनो की आँख तब खुलती है जब उनका स्टेशन आ जाता है।
रमेश का फोन आता है।
और दोनों रमेश से बात करके अपने स्टेशन पे उतर जाते है और टैक्सी पकड़ कर अपने घर आते है।
रमेश गेट खोलता है ।
आ गये ।
और दोनों अंदर आ जाते है
रमेश सरला से
तूम लँगड़ा के क्यों चल रही हो

सरला: वो वो
अरुण: वो पापा मम्मी स्टेशन पे फिसल गयी जल्दी के चक्कर में।
रमेश: कुछ तो सही कर लिया करो।
सरला कुछ नहीं बोलति।
रमेश:मेरी पैकिंग हो गयी है मैं निकल रहा हू।
अरुण: कब तक आओगे।
रमेश: आज सैटरडे है मंडे को आ जाऊँगा।
अरुण: मैं छोड दू स्टेशन।
रमेश: नहीं रहने दे टैक्सी बुला ली है।
सरला: ये छोड़ आयेंगे आप को।
रमेश: ओके चल मैं तो इसलिए मना कर रहा था की थका हुआ होगा।
अरुण: कोई बात नहीं मैं चलता हू।
और दोनों चले जाते है।
सरला अरुन को आवाज़ देती है।
रमेश: अब क्या हुआ।
अरून सरला के पास जाता है ।
सरला अरुन को घर की डुप्लीकेट चाभी देती है।
इसे ले जाओ पता नहीं कहीं मैं सो जाऊँ।
अरून ओके तुम आराम करो।
सरला गेट बंद कर लेती है।
और अरुन को मेसेज करती है की मेरे फेवरेट हलवाई से रस मलाई ले आये जो उसकी फेवरेट थी
और इस तरह २ घंटे गुजर जाते है।
अरून पापा को छोड़ के रस मलाई लेते हुए घर पहुचता है।
डोरबेल बजता है।
पर उसे याद आता है की कहीं सरला सो न गई हो
और डुप्लीकेट चाभी से गेट खोलता है और गेट
बन्द कर के अंदर आता है और सरला को आवाज़ देता है।
जान कहाँ हो
और सरला के रूम में आ जाता है।

जब वो देखता है ।
सरला अपने रूम के बेड पे लाल साड़ी मैं घुंघट ओढ़ के बैठी थी।
सरला: मैं यहाँ हूँ नीतू के पापा।
अरून अंदर आता है।
ये क्या है जान।
हमारी सुहागरात है
मैं तो अपने पसंद के कपडे पहनती पर सुहागरात तो इन्ही कपडो में मनाई जाती है।
तो जल्दी से तैयार हो कर आ जाये आप की दुल्हन रेडी है आप से बजने के लिये।
और अरुन बाथरूम में फ्रेश होने जाता है।
और सरला इतनी देर में गरम २ दूध और रस मलाई ला कर बेड के पास रख देति है और दोबारा बेड पर बैठ जाती है
इधर अरुन नंगा ही नहा कर बाहर आ जाता है
और अरुन बेड के पास आ कर
सरला का घुंघट उठाता है।
सरला: कुछ मुह दिखाई लाए है या फ्री में हे देखेंगे।
अरुण: लाया हूँ तुम उसे ले कर खुश हो जाओगी
और सरला को घुंघट इस पोजीशन में उठाता है की घुंघट के उठते ही अरुन का लंड सरला के हाथों के पास होता है।
अरुण: तुम्हारा गिफ्ट कैसा है।
सरला: उसके लंड के टोपे पे किस करते हुए इससे बढिया कोई गिफ्ट नहीं हो सकता मेरे लिए नीतू के पापा।
और अरुन के लंड को मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।
अरुण: कैसे लगा गिफ्ट .
सरला: ऑंखों से ज़बरदस्त और चटकारे ले कर चुसने लगती है।
अरुण : आह माँ आह । मज़ा आ
गया।
दो दिन तुम्हारी खैर नहीं वहाँ होटल वालो ने सुना और यहाँ पडोसी तुम्हारी चीख सुनेंगे।
हा आ माँ आहहह सी
सरला अरुन को लीटा देती है।
और उसकी टांगो के बीच में आ कर दोबारा उसका लंड मुह में ले लेती है।
और एक ऊँगली अरुन के गाण्ड में और दुसरे हाथ से बॉल्स पकड़ लेती है और लंड को चुसने लगती है।
अरून के मुह से सिसकारी निकलती है।
आह माँ और जोर से । सही में तुम मेरी पर्सनल रांड हो क्या मस्त लंड चुसती हो मज़्ज़ा आ गया आह उफ़ ऐसे ही हाँ पूरा लो अंदर तक।और सरला के सर को अपने लंड पे दबाता है।
सरला गु गु करती है और अरुन को रुकने का इशारा करती है और आराम २ से लण्ड चुस्ने लगती है।
अरुण: जोर से चूस मेरी रंडी साली धीरे धीरे मजा नहीं आता और सरला के सर को पकड़ कर अपने लंड पे उपर निचे करने लगता है।
आएहह ऐसे ही बहुत अछा आह
माज़ा आ गया
थोड़ा और अंदर लो मेरी जान मेरे होने बाले बच्चो की माँ और अंदर लो ।
आआआ उह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह ऐसे हे ओह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई और अचानक मेरा होने वाला है।
आधे घंटे से सरला अरुन का लंड चूस रही थी पर अभी भी अरुन का पानी नहीं निकला था।
अरुण: और जोर से मेरी जान अभी तो चुत और गाण्ड भी मारनी है तू लंड चुसने में ही पूरा दिन निकाल देगी क्या मेरी रांड।
उफ्फ्फ्फफ्फ ऐसे ही और तेज
सरला अपनी स्पीड बढ़ा देति है।
अरून: हाँ माँ और जोर से अअअअअ मेरा होने वाला है।
आह उह माँ आह से आ आ उठ उह माँ आह और सरला के मुह में झडने लगता है ।
माँ तेरे क्या कहने और तेज तेज पूरा लंड सरल के मुह में पेलकर अपना माल गिरा देता है और हाफने लगता है।और सरला अरुन के लंड के पानी की एक एक बून्द चाट कर खा जाती है।
सरला अरुन के ऑंखों में देखते हुए।
क्या मस्त टेस्ट है तेरे लंड का मजा आ गया।
यह रसमलाई से भी टेस्टी है।
अरुण: आ आ माँ क्या लंड चुस्ती हो माँ आ मजा आ गया।
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थोड़ी देर आराम करने के बाद।
अरुण: चलो घोड़ी बनो
सरला: क्यु
अरुण: क्यों गाण्ड नहीं देनी क्या।
सरला: देनी है पर।
अरुण: पर क्या
सरला: पहले थोड़ी देर चूस दो।
अरुण: क्या चूस दूँ।
सरला: अरुन के कान में धीरे से मेरी चूत।
अरुण: सरला के बाल पकड़ते हुए किसका।
सरला: आप की चुत मेरी नही।
अरुण: गुड गर्ल और सरला को बेड पर सीधा लीटा देता है।
और उसकी गाण्ड के निचे दो पिलो लगा कर उसकी गाण्ड ऊँची कर देता है ऐसा करने से सरला की चुत उभर आती है जो अभी भी थोड़ी सूजी लग रही थी
अरुण: ये तो अभी भी सूजी हुई है।
सरला: हाँ है पर आप के चुसने से ठीक जो जायेगी।
अरुण: हाँ चुसने से ठीक हो जायेगी पर फिर चोदना है तो फिर इससे ज्यादा सुज जायेगी।
सरला: कोई बात नहीं जान ये इसी के लिए है मैं मना नहीं कर सकती अब इसी को आदत डालनी होगी आप के मुसल लंड को झेलने की मैं आप को कब तक मना करुँगी ।
और अरुन के मुह को अपनी चुत पे रख देति है
चुसो मेरी जाआआआं आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
और अरुन सरला की चुत चाटने लगता है
और चूत के दाने को दाँतो से काटने लगता है।
सरला: अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे इसस्स
अरुन कहा मानने वाला था और सरला की चुत चूसने लगता है।
आह आ क्या चुसते हो।
आप नहीं होते तो मुझे कभी पता नहीं चलता की चुत चुसी भी जाती है।
और अरुन के सर को अपनी चुत पे रगडने लगती है
और सिसीयाती जाती है चुसो मेरी जान चुसो अपनी
रान्ड की चुत चुसो और वो मजा दो जिस के लिए मैं पिछले २० सालो से तरसी हुँ।
आह और जोर से मेरी जान आह माँ मर गई मजा आ रहा है नीतू के पापा और जोर से ।
अरुन सरला की बात सुन कर सरला के दोनों फाँको को खोल कर चुत चाटने लगता है।
तभी एकदम से उठता है।
सरला : क्या हुआ जान उठ क्यों गये मजा आ रहा था क्या हुवा।
अरुण: कुछ नहीं बोलता और साइड टेबल पे रखी रसमालाई का कन्टेनर उठाता है और एक रसमलाई उठा कर सरला की चुत पे रख देता है।
सरला: ये क्या कर रहे हो।
और बिना कुछ बोले सरला की चुत पे रखी रसमलाई खाने लगता है ।
सरला: आआआआ ये क्या कर रहे हो रसमलाई ऐसे भी खाइ जाती है क्या मुझे आज पता लगा और चिखने लगती है।
खा जाओ मेरी जान और देती हूँ और पीेछे उठ कर अपनी चुत पे एक और रसमलाई रख देति है जिसे भी अरुन खा जाता है और चुत पे लगे दूध को चाटने लगता है।
सरला के चुत में जीभ घुसा कर उसकी चुत मारने लगता है।
आह जान आ माँ आह से आ आ उठ ओह माँ मर गई हह मजा आ रहा है।
और सरला अरुन के मुह पे झडने लगती है।
और अरुन सरला का सारा पानी चाट चाट कर साफ़ कर देता है।
थोड़ी देर बाद सरला अरुन के सर को पकड़ कर अपनी तरफ खिचती है और उसके सर को अपने सिने पे रख कर लेती रहती है ।
सरला अभी भी लम्बी लम्बी साँसे ले रही थी
अरुण: कैसे लगा नीतू की मा
सरला: आप भी ना।
अरुण: क्या हुया।
सरला: नीतू की माँ क्यों बोल रहे है।
अरुण: क्यों जान मैं पापा हुआ तो तुम माँ हुई न ।
सरला: हाँ वो तो है पर ।
अरुण: कोई नहीं जब तक दुसरा नहीं होता मैं तुम्हे नीतू की माँ कहके ही बुलाउंगा। जब दुसरा होगा फिर उसके नाम से।
सरला: शरमा जाती है मैं अभी माँ नहीं बनना चाहती अभी तो मेरे खेलने के दिन है इस बेचारे के साथ अरुन के लंड को सहलाते हुए बोलति है।
आ: हाँ हाँ अभी जी भर के खेलो ।
अब बताओ कहा डालु ।
सरला: आप का कहा मन है।
अरुण: मैं तो दोनों में डालुंगा।
सरला: तो रोका किसने है डालिये।
ये सुन कर अरुन सरला को अपनी गोदी में उठाता है और ड्राइंग रूम में ले आता है।
सरला: कहा जा रहे है।

अरुन कुछ नहीं बोलता और सरला को डायनिंग टेबल पे लीटा देता है कुछ इस तरह की सरला की टांगे टेबल से लटकी होती है और सरला की चुत ठीक टेबल के किनारे अरुन के लंड के सामने थी
सरला अरुन को देखते हुए।
कितने तरीके से चोदोगे मुझे
और अरुन के ऑंखों में देखती है।
अरून कुछ नहीं बोलता बस सरला की टाँगो को अपनी कमर पे लपेट्टा है और अपना लंड सरला की चुत में घुसाने लगता है।
सरला। आह
अरुण: क्या हुआ।
सरला: कुछ नहीं मेरा छोटू मेरे अंदर दोबारा आ गया ।
आह माँ आह।
और अरुन धीरे धीरे धक्के चालु रखता है।
अरुण: कैसा लगा रहा है माँ।
सरला: बहुत अच्छा
अरुण: अपने मम्मे अपने हाथों से मसलो।
सरला: आप मसलो ना।
अरुण: सरला के मम्मे पकड़ कर दबाने लगता है।
सरला: उई माँ आह धीरे से धीरे धीरे मसलो न आह दर्द होता है।
अरुण: अच्छा सरला।
सरला: हाँ जान।
अरुण: तुम्हारे मम्मे इतने टाइट क्यों है।
धक्के चालू रखता है और मम्मे दबाता रहता है।
सरला: इस्तेमाल नहीं हुए है ना।
अरुण: मतलब।

सरला: नीतू ने दूध लिया नहीं और तेरे पापा ने सिर्फ 2 मिनट में अपना पानी निकाला और सो गये जो भी इस्तेमाल हुए है आप ने ही किए है बचपन में दूध पिते हुए और
अब चोदते हुए।
अरुण: मतलब मैंने ही इनका इस्तेमाल किया है और आगे भी मैं ही करुन्गा।
सरला: हाँ सिर्फ आप ही करेंगे और अपने हाथ अरुन के हाथ पे रख के अपने मम्मे मसलने लगती है।
अरुण: क्या बात है ।
सरला: आह जान धक्को की स्पीड बढाओ ना।
अरुण: क्यु
सरला: तेज धक्को में मजा आता है।
अरुण: फिर दर्द होगा और तुम्हारी चूत सूज जायेगी।
सरला: होने दो और सूजने दो आप बस पेलो। मेरे दर्द की परवाह ना करो।
और अरुन सरला की दोनों टाँगो को अपने काँधे पे रख लेता है और पूरा लंड निकल कर एक बार में ही पूरा पेल देता है।
सरला: उई माँ आह।
आह माँ आह सी आ आ उठ माँ आहः
माररर ड़ाला ज़ालिम ने स माँ आह सी धीरे से
रुक जाओ।
पर अब अरुन कुछ नहीं सुन रहा था।

बस बेहरमी से चोद रहा था सरला को ।
एकदम से अरुन अपना लंड सरला की चुत से निकाल लेता है।
सरला: आह क्या हुआ क्यों निकाल लिया मैं तो ऐसे ही बोल रही थी।
पर अरुन ने कुछ नहीं सुना और किचन में चला गया
और वेजटेबल्स की बास्केट में से एक लम्बी सी मुली ले आया।
सरला: इसका क्या करोगे।
अरुण: और मुली को सरला की गाण्ड में एक ही बार में पूरी ज़ड तक घुसा देता है।
सरला: आह आह माँ मर गई ज़ालिम आह स माँ मर ड़ाला कमिने मादरचोद बहनचोद ने।
पर अरुन कुछ नहीं सुनता ।
फिर अपना लंड सरला की चुत में एक बार में पूरा डाल देता है औ जोर जोर से पेलने लगता है।

सरला हाय मार दिया कमिने मादरचोद बहन के लोडे ने
मार दिया मैं तेरी माँ हु रांड नहीं हू।
कमीने मादरचोद क्या कर रहा है
मेरी चुत और गाण्ड फाड़ दिया।
अरुण: चुप कर साली रंडी अभी जब धीरे धीरे कर रहा था तो जोर से कर और अब रंडी की तरह चीख रही है।
चुप कर छिनाल।
और बेहरमी से चोदने लगता है और इस तरह चोद रहा था की हर धक्के के साथ गाण्ड में धँसी मुली भी थोड़ी अंदर बाहर हो रही थी इस तरह सरला दोनों जगह एक ही बार मैं चुद रही थी।
सरला: आह उह माँ मर गई ज़ालिम आह स स आह धीरे धीरे कर बहन चोद।
तू ऐसे चोदेगा तो नीतू की तो फट जायेगी वो नहीं झेल पायेगी तेरा मुसल जैसे उसकी माँ नहीं झेल पा रही।
और नीतू का नाम सुनते ही।
अरुण: अभी तो तेरी फाड़ रहा हूँ जब तू मेरे काम की नहीं रहोगी तब तेरी बेटी की फाड़ूंगा समझी साली रांड
औ फिर बेहरमी से चोदता रहता है।
सरला: आह कितनी देर में निकलेगा कुते।
आह उह मज़ा आ रहा है।
फाड दी मेरी चुत और गाण्ड ।
और अब मेरी बेटी पे नज़र है वो तो छोटी सी बच्ची है
जब मैं नहीं ले पा रही तो वो कैसे लेगी तेरे मुसल को।
अरुण: तु उसकी चिंता मत कर वो मैं देख लुँगा तू अपनी खैर मना अभी और ताबडतोड़ धक्के मारता रहता है।
सरला: आ आ निकाल हरामी मैं मर जाऊंगी आह उह मज़ा से।
अरुण: तो बोल हार मै । अब अपनी बेटी को चुदबायेगी मुझ से बोल रांड़।
सरला: हाँ हार गई चुदबाउंगी अपनी बेटी पर वो तो शादीसुदा है उसका पती है।
अरुण: मुझे नहीं पता तू सेट करेगी मेरे लिए ।
सरला: आ उह उह माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद ने।हाँ सेट कर दूंगी तेरे लिए मेरा पानी इतनी देर में ३ बार निकल चूका है चूत में तो जलन पड़ रही है गाण्ड का तो मुली ने बुरा हाल कर रखा है।
अरुण: नीतू को बोल रांड दिलायेगी न उसकी।
सरला: हाँ दिलाऊँगी बस सेट कर दूंगी तेरे लिये
मुझे पता है उसके पति के बस का भी नहीं होगा मेरी बेटी को ठण्डा करना ।
ओ भी तो गरम माल है मेरी तरह उसे भी तू ही ठंडा कर पायेगा उसकी शादी को दो साल से उप्पर हो गया पर अभी तक माँ नहीं बनी।
अरुण: तो बस एक बार दिला दे मैं माँ बना दूंगा तेरे साथ।
दोनो माँ बेटी को एक साथ माँ बना दूँगा।और जोर से पेलते रहता है।

सरला: मुझे पता है तू हम दोनों को अपने इस मुसल लंड से चोद कर माँ बना देगा और हम दोनों एक साथ एक ही बेड पे नंगी हो कर तुझ से चुदबायेंगी।
बोल चोदेगा न हमें एक साथ बोल न ।
मादरर्चोद तो तू बन गया अब बहन चोद भी बन जा।
इतना सुनते ही अरुन सरला की चुत में झड जाता है।
सरला अरुन को देखते हुए।
अपनी बाँहों को अरुन के गले में डाल कर अपने सिने से लगा कर। मजा आ गया मेरे राजा ।
आज मेरा राजा बेटा झड गया अपनी माँ और बहिन को एक साथ चोदने की सोच कर।
और अरुन के सर पे हाथ फेरती रहती है।

थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहने के बाद अरुन उठता है और सरला को अपनी बाँहों में ले कर उठाता है।
सरल: आआआअह्ह।
अरुण: क्या हुआ।
सरला: अपना हाथ निचे अपनी गाण्ड पे ले जाती है उसमे से मुली निकालती है और अरुन को देती है।
मुली पे थोड़ा खून लगा था।
सरला: फिर फाड़ दी मेरी गाँड।
अरुण: ये तो रोज होगा।
और खून लगी मुली हाथ में ले कर फ़ेक देता है
सरला: हाँ तुम्हारी है जो चाहे वो करो।
अरुण: बिलकुल ।
सरला: करो न मना किस ने किया है मेरी जान।
अब बैडरूम में चले या यही खड़े रखना है मुझ से चला नहीं जायेगा गांड और चुत फडवाने के बाद।
अरून सरला को अपनी गोदी में उठा लेता है
अरुण: कहा चले बैडरूम या बाथरूम
सरला : अभी बैडरूम चलो आप ने तो अपने हिस्से की रसमालाई खा ली अब मेरी बारी है।
और दोनों बैडरूम में आ जाते है।
सरला को बेड पे बिठाने के बाद
बची हुई रसमलाई सरला को अपने हाथों से खिलाता है।
और सरला अरुन को।
सरला: जान मुली का आईडिया कहा से आया।
अरुण: अच्छा लगा।
सरला: हाँ पर दर्द हुआ थोड़ी जेली लगा लेते तो आराम से चलि जाती।
अरुण: आगे से ध्यान रखुंगा।
सरला: हँसते हुए अभी तो फाड़ दी ना।
अरुण: कोई बात नही।
सरला: हाँ तुम्हारे लिए तो कोई बात नही।
अरुण: लाओ थोड़ी क्रीम लगा देता हूँ तुम्हारी चुत और गण्ड पे।
और सरला लेट जाती है और अरुन एंटीसेप्टिक क्रीम लगा देता है।

सरला: ऐसा कब तक चलेगा।
अरुण: क्या
सरला: यही की पहले फाड़ो और बाद में क्रीम लगाओ।
अरुण: जब तक तुम्हारी चुत और गाण्ड मेरे लंड को लेने की आदि न हो जाए।
सरला: बेचारी को इसके लिए क्या करना होगा।
अरुण: डेली सुबह शाम दिन रात २४ घंटे इसे अपने लंड की और इशारा करते हुए चुत और गाण्ड में रखना पडेगा।
सरला;मैंने मना कब किया।
अरुण:तो झेल भी तो नहीं पाती।
सरला: आप का थोड़ा ज्यादा बड़ा है न तो थोड़ा टाइम तो लगेगा न एडजस्ट करने में।
अरुण: ठीक है माफ़ किया।
सरला: धन्यबाद
और दोनों हॅसने लगते है
थोड़ी देर ऐसे ही बात करने के बाद सरला उठती है
अरुण: कहाँ।
सरला: फ्रेश हो कर कुछ खाना बना लु।
अरुण: बाहर से माँगा लेते है।
सरला: कब तक जान। ये तो हमारी नई ज़िन्दगी की शुरुआत है।
बाहर से कब तक मगाएँगे ।
और लंगड़ाते हुए बाथरूम में चलि जाती है।
अरून वही बेड पर लेट जाता है।और उसकी आँख कब लग जाती है पता नही।
सरला फ्रेश हो कर बाहर आती है और अरुन को सोता देख खाना बनाने चली जाती है ।
और पूरा दिन यु ही खाना बनाने खाने और सोने में निकल जाता है।

शाम को सरला अरुन से
सरला: जान।
अरुण: हाँ।।
सरला: मूवी देखने चलें
अरुण: पर तुम तो ठीक से चल भी नहीं पा रही।
सरला: तो मुझे कौन पैदल जाना है बाइक पे जाना है।
अरुण: तो चलो कौन सी मूवी।
सरला: कोई भी तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना है।
अरुण: ओके रेडी ही जाओ
सरला: थोड़ी लेट चलेंगे ।
अरुण: क्यु।
सरला: क्यों की मुझे जीन्स और टी शर्ट में जाना है। साड़ी में नही।
अरुण: ओके जान।
सरला फ्रेश होने चलि जाती है और बाथरूम से बिलकुल नंगी बाहर आती है।
अरुण: वाओ क्या हुश्न है।
सरला: ज्यादा वाओ करने की ज़रूरत नहीं है आप ही का है और अरुन के पास आकर खड़ी ही जाती है।
लो अब देख लो पास से।
आगे और पीछे से।
सरला: ओके या और देखना है।
अरुण: हो गया ।
सरला: तो अपनी माल को अपने हाथों से ब्रा और पेंटी पहना दो अपनी पसंद की।
अरुण: कहा रखी है।
सरला: ड्रावर बता देति है।
अरून अपनी पसंद की ब्रा और पेंटी पहना देता है
और सरला उन्ही ब्रा पेंटी में ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़े हो कर अपना मेक अप करती है।
और अरुन उसको देखता रहता है।
करीब ४० मिनट्स के बाद सरला का मेकअप ख़तम होता है
सरला: काफी देर मज़े ले लिए जाओ रेडी हो जाओ।
निकलना है।
अरुण: अपने लंड की और इशारा करते हुए।
सरला: मैं जानती थी आप कुछ ऐसा ही करोगे।
और अरुन को बेड पर बिठा कर खुद फर्श पर बैठ जाती है उसकी टाँगो के बीच।

div class=”content”>अरुण के लंड को निकाल कर
सरला: लंड से ज्यादा मेहनत करोगे तो कमज़ोर हो जाओगे।
और टोपे पे किस करती है और जीभ फेरने लगती है।
और उसको वापिस अंडरवियर में डाल देति है।
अरुण: पर।
सरला: जल्दी चलो रेडी हो जाओ नहीं तो मूवी छुट जायेगी।
और उठ कर अपने कपडे पहनने लगती है।
अरून भी बेमन से रेडी होता है और दोनों घर से बाहर आ कर बाइक के पास।
अरून बाइक स्टार्ट करता है।
सरला: दोनों तरफ पैर करके बैठ जाऊँ।
अरुण: हाँ बिलकुल मेरी जान अपने बेटे के साथ नहीं खसम के साथ जा रही हो।
और सरला दोनों तरफ पैर करके बैठ जाती है।
अरून बाइक चला देता है।
सरला अरुन से लिपट जाती है और अपने हाथ अरुन के लंड के पास रख देती है।
अरुण: अब ये क्या है।
सरला: क्या क्या है।
अरुण: तुम्हारा हाथ कहा है।
सरला: मेरे मुसल के पास उसे मेरा स्पर्श अच्छा लगता है।
अरुण: तो घर में क्या हुआ था।
सरला: मूवी के लिए लेट हो जाते।
और अरुन के लंड को मसल देती है।
अरुण: आआआह।
सरल: बस बस हो गया थोड़ा ही तो मसला है।
ऐसे ही मज़ाक़ करते हुए थिएटर आ जाता है
और दोनों टिकट्स ले कर अंदर आ जाते है।
हॉल में ज्यादा भीड़ नहीं थी और दोनों एक कार्नर में बैठ जाते है।
मुवी स्टार्ट हो जाती है ।
थोड़ी देर बाद अरुन को अपने लंड पे सरला का हाथ महसूस होता है।
अरुण: अब ये क्या है।
सरल: उसे बहार निकलो ।
अरुण: पर क्यु
सरला : मुझे चुसना है।
अरुण: पर यहाँ भीड़ है।
सरला: आगे देखो ।
अरुण: देखता है आगे तो कपल किस कर रहे थे।
सरला: जल्दी निकालो
अरून सोचता है तब तक सरला उसकी ज़िप खोल कर लंड बाहर निकल लेती है।
और झुक कर चुसने लगती है।
अरुण:आए आआआअह्ह
सरला: चुप रहो नहीं ती भीड़ लग जायेगी लाइव टेलीकास्ट देखने ले लिए और दोबारा चुसने लगती है।

उऊउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
पर सरला कुछ नहीं सुनती और अरुन का लंड चूस चूस कर पानी निकल देती है और पी जाती है ।
सरला अरुन से
सरला: कैसा लगा।
अरुण: घर पे कर देती तो।
सरला: तो मेरी इच्छा कैसे पूरी होती मेरी फ्रेंड ने बताया था उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ ऐसा किया था और उन दोनों को बड़ा मजा आया था।।
मैने भी सोचा था पर तुम्हारा पापा ने तो कभी ओरल किया ही नहीं तो ये कैसे होता।
पर तुम्हारी बजह से मेरी ये अधुरी इच्छा पूरी हो गई।
मूवी ख़तम होने के बाद दोनों घर आ जाते है
जैसे ही घर में आते है।
अरून सरला को गोदी में उठाता है
और ड्राइंग रूम के फर्श पे लीटा देता है।
और सरला का टॉप फाड़ देता है
सरला: अरुन ये क्या कर रहे हो ।
अरुण: आज अच्छा मौका है तेरा पति घर पे नहीं है
आज मैं तेरी इज़्ज़त लूट के रहुंगा।
सरला समझ जाती है
अरून गेम खेल रहा है।
सरला: नहीं नहीं मुझे जाने दो मेरी ज़िन्दगी बर्बाद मत करो बेटा तेरे पापा को पता चल जाएगा।
अरुण: कुछ नहीं सुनता और उसकी ब्रा उतार देता है और सरला के मम्मे कस कर मसलने लगता है।
सरला: आआआह छोड मुझे मैं चिलाऊँगी ।
अरुण: तो चिल्ला ना देखता हूँ कौन बचाने आता है तुझे मुझसे।
पापा तो आउट ऑफ़ स्टेशन है।
कौन बचायेगा तुझे।
और उसकी जीन्स उतारने लगता है।
सरला: नहीं बेटा मान जा ऐसा मत कर मैं तेरी माँ हू।
अभी तो गरम हो रहा है जब तुझे होश आएगा तो तो पछतायेगा।
अरुण: चुप कर साली रंडी जब पापा नहीं होते कैसे अपनी गाण्ड मटका के चलती है और मम्मे पर से साड़ी का पल्लू गिरा गिरा के अपने मम्मे दिखाती है।
आज मौका मिला है आज नहीं छोडूंगा।
और सरला की जीन्स उतार कर उसकी कच्छी फाड़ देता है।
अरुण: देख कैसे मस्त चुत है।
और कुत्ते की तरह चाटने लगता है
छोड़ हरामी छोड मैं तेरी माँ हूँ
आने दे तेरे पापा को बताऊँगी तूने उनके पीछे क्या किया।
अरुण: हाँ बता देना अभी चाटने दे।
अरुण सरला के चुत के क्लिट को दाँतो से काटने लगता है।
सरला: आआआअह्ह छोड़ हरामि छोड़ क्या कर रहा है छोड़ मादर्चोद ।
अरुण: अभी तो बनूँगा घबरा मत।
आज तो मैं मादर्चोद बन जांऊगा।
सरला: छोड दे बेटा मैं तेरी माँ हूँ क्यों ऐसा कर रहा है
पर अरुन को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा था।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे आआआ माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ कमिने मादर्चोद बहन के लोडे छोड़।
अरुण: नहीं आज तो मैं तेरी मार के रहुंगा।
जब तू मेरा लंड देखेंगी न तो लिए बिना नहीं रहेगी।
और अपनी पेण्ट उतारने लगता है जैसे ही अरुन का लंड बाहर आता है।
अरुण: देख माँ देख क्या तेरे पति का इतना बड़ा लौडा है।
सरला आँख बंद कर लेती है।
अरुण: देख ले माँ देख ले इतना बड़ा लंड तूने कभी नहीं देखा होगा।
सरला: मुझे नहीं देखना छोड़ मुझे कमीने।
अरून उठ कर सरला के मुह के पास अपने लंड को कर देता है।
ले पास से देख मेरी जान।
तूझे बड़ा मजा आयेगा
और उसके होंठो पे लंड फेरने लगता है।

सरला: मुह फेर लेती है।
छोड़ मुझे जा यहाँ से मैं तेरे पापा को बताऊँगी तूने क्या किया मेरे साथ।
अरुण: बता देना पहले मज़े तो ले ले।
और सरला के बोलते ही अरुण उसके मुह में लंड डाल देता है।
सरल: गुगुऊऊऊऊऊऊ।
अरुण: चूस साली रंडी अपने बेटे का लंड़
और कसके आगे पीछे करने लगता है
और मम्मे भी दबाता है।

और उसकी चुत में ऊँगली भी करता है।
सरला: आआआ गुगुगुग्गुऊऊ।
अरुण: सरला के मुह से लंड बाहर निकालता है।
बोल चुदेगी मुझ से या अभी और नाटक करना है।
सरला: छोड़ दे अरुन मैं तेरी माँ हू।
अरुण: लंड चाहिए या नही।
लंड को उसके मुह के पास हिलाते हुए।
सरला: पर तू मेरा बेटा है।
अरुण: मुझे पता है पापा को नहीं बताएगी।
बोल जल्दी।
सरला: नहीं जा तू यहाँ से।
अरुण:तू ऐसे नहीं मानेगी।
और किचन में जाता है और इस बार मोटा सा गाज़र लाता है पर इस बार तेल में डुबो कर
सरला अभी भी फर्श पे वैसे हो लेटी थी।
अरुण: देखा। मैं जानता था की तू मुझसे चुदवाना चाहती है तभी तो मैं किचन में गया फिर भी तू अभी तक लेटी है मुझे से चुदने के लिये।
सरला: ऐसा कुछ नहीं है।
अरुण: वो तो अभी पता लग जाएगा
और सरला की गाण्ड में गाजर घुसा देता है।
सरला: आआआअह्ह जाआआआं आआआआआराम से
तेरी माआआआऊऊऊओ हूँ कोई रंडी नहीं जो गाजर अपनी माँ की गाँड मैं घुसा दिया।
अरून अभी तो गाजर घुसा है अभी तो ये लंड भी घुसेगा।
और सरला के दोनों टाँगो को काँधे पे रखता है और एक ही झटके में अपना पूरा लंड सरला की चुत में उतार देता है।
सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआज़ाअ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ आह्ह्हह्ह्ह्ह धीरे धीरे आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
पर अरुन कहा रुकने वाला था ।
सरला: मर जाऊंगी तेरे पापा को क्या मुह दिखाउंगी
आआआआह तेरे लंड तो तेरे पापा से बहुत बड़ा है
मै झेल नहीं पाउँगी।
मर जाऊँगी।
निकाल ले मादरचोद।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर गई हहहहहजहजजजजज ज़ालिम आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
पर अरुन रुकने का नाम नहीं ले रहा था
और गाज़र भी थोड़ी अंदर बाहर हो रही थी
आज सरला दिन में दूसरी बार आगे पीछे से एक साथ चुद रही थी।
पर अरुन को कोई रहम नहीं था।
और सरला भी रहम की भीख नहीं मांग रही थी।
सरला: अरुन मेरा तो निकल गया तू भी निकाल ले बेटा
जो हो गया ठीक तेरे पापा से नहीं कहूँगी पर अभी निकाल ले।
अरुण: पर मेरा नहीं हुआ है अभी तक
चुप चाप पड़ी रह और मज़े ले अपने बेटे के मोटे लंड का और अपनी स्पीड बढ़ा देता है।
सरला: अअअअअ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे धीरे आआआ माआआआआ मरररररररर डालाआआआआआ कमिने मादरचोद ने
इतनी बात सुन कर अरुन सरला को कुतिया की पोजीशन में कर के।
उसके गाण्ड में से गाज़र निकाल कर सरला की चुत में पेल देता है और उसकी गाण्ड में अपना लंड़।
सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ कमिने मादर्चोद बहन के लोडे ने छोड़ मर गई।
पर अरुन तो पागल हो गया था।
वो बेहरमी से सरला की गाण्ड चोदता रहता है।
अरुण: क्या हुए बहन की लोडी।
सरला: माआआआआ मरररर गइइइइइ मैं भी इंसान हूँ कोई रंडी नही।

अरुण: चुप कर साली रंडी मेरा अभी हुआ नहीं है।
सरला: मैं मर जाऊंगी अरुन छोड दे वैसे ही मेरी गांड फटी पड़ी है।
अरुण: मैं क्या करूँ।
मेरा नहीं हुआ।
सरला:मैंने दिन में कहा था न की तुझे नीतू की दिलवा दूंगी उसकी मेरी से भी टाइट होगी।
बोल लेगा उसकी।
अरुण: तू दिला देगी तो ले लूँगा।
उसकी टाइट होगी क्या।
सरला:हाँ मुझे लगता है। क्यों की उसके पति के बस का नहीं है नहीं तो अब तक वो माँ बन गई होती।
अरुण: कैसे दिलायेगि।
सरला: बात करुँगी नहीं मानी तो ज़बरदस्ती पेल देना।
अरुण: पक्का न और वो अपनी चुत देगी ना।
सरला: हाँ देगी और तू अपना पानी उसकी चुत और गाण्ड में निकल देना।
और इतना कहते ही अरुन सरला की गाण्ड में झड़ने लगता है।
और सरला के उपर लेट जाता है
थोड़ी देर यु ही लेटे रहने के बाद
अरून उठता है।
सरला भी सिधी होती है और अपनी चुत से गाज़र निकालती है और अरुन को दिखाती है उसपे खून लगा था ।
अरुन :सोर्री।
सरला: चुप ,मुझे ये बता मजा आया ।
अरुण: हाँ बहुत
सरला: तूने मेरी ऐसे हालत कर दी है की मैं तुझे से २ दिन तक नहीं चुद पाउँगी।
अरुण: कोई बात नहीं दो दिन बाद फिर फाडूंगा।
सरल: तेरी है जब मन करे फाड़ देना।
और उसके बाद सरला वाकई में अरुन से दो दिन तक दुर रही और उसके बाद रमेश आ गया
अब देखते है दोनों रमेश के आने के बाद क्या करते है।

वो दिन और अगले दिन भी ऐसे ही गुजर जाता है।
और रमेश भी आ गया था।
रमेश के आने के बाद सरला बिलकुल पहले जैसे सती सावित्री बन गई।
वही नार्मल साड़ी पहनना और एक माँ और बीवी का फ़र्ज़ निभाना।
पर कहते है न चोर चोरी से जाये पर हेरा फेरी से न जाए
अब स्टोरी पे।
दो दिन चुदाई न होने से सरला अब ठीक से चल पा रही थी। और अरुन भी काफी दिनों बाद कॉलेज के लिए रेडी हो रहा था और रमेश ऑफिस के लिये।

अब घर की लोकेशन बताना जरुरी है
घर कुछ यु है।
मेंन गेट से एंट्री थोड़ा सा स्पेस बाइक खड़ी करने और थोड़ी गार्डनिंग के लिए फिर घर का दरवाजा एंटर होते ही ड्राइंग रूम लेफ्ट हैंड साइड पे कंबाइंड बाथरूम राइट हैंड साइड पे टीवी एरिया विथ सोफा मिडिल में डायनिंग टेबल के ठीक सामने किचन और किचन के लेफ्ट साइड में सरला और रमेश का रूम और राइट साइड में अरुन का रूम विथ अटैच्ड टॉइलेट एंड बाथरुम।

किचन कुछ ऐसे की डायनिंग टेबल से देखो तो सिर्फ किचन में खड़े इंसान का सरीफ पेट से उपर का हिस्सा नज़र आएगा और कुछ नही।
और यही सरला और अरुन के लिए प्लस प्वाइंट।
रमेश डायनिंग टेबल पे
सरला जल्दी करो ऑफिस के लिए लेट हो रहा है।
अभी लायी।
रमेश: अरुन कॉलेज नहीं जाना।
अरुण:आया ।
और सरला ब्रेकफास्ट लगा देती है।
और किचन में लंच बनाने लगती है।
अरुण: गुड मॉर्निंग पापा।
रमेश: नास्ता करते हुए गुड मोर्निंग।
रमेश डायनिंग टेबल की उस चेयर पे बैठा था जिस की पीठ किचन की तरफ होती थी।
अरून अपने रूम से आने के बाद सीधे किचन में
अरुण: गुड मॉर्निंग मा।
सरला: उससे देखते हुए गुड मॉर्निंग जान धीरे से बोलते हुए।
अरुण: एक पप्पी दे दो ।
सरला: पापा बैठे है।
अरुण: कोई बात नहीं और रमेश की अपनी तरफ पीठ होने का फायदा उठाता है और सरला के मम्मे दबा देता है और लिप्स पर किस कर देता है।
सरला: ओह अरुन कहते हुए उसका साथ देती है।
अरुण: किस करने के बाद अगर पापा देख लेते तो।
सरला: देखा नहीं न जब देख लेंगे तब देखि जाएगी।
चलो आप ब्रेकफास्ट कर लो कॉलेज के लिए लेट हो रहे हो।
अरुण: मेरी जाने मन कैसी हो ।
सरला: कौन
अरुण: वही जिस का मैं दिवाना हू।
चुत या गाँड।
सरला: अब ठीक है
अरुण: एकदम फिट
सरला: हाँ ९९%
अरुण: तो बिगड दे आज।
सरला: हाँ तुम तो कहोगे ही दर्द तो मुझे होगा।
तभी।
रमेश: कहा हो अरुण। ब्रेकफास्ट नहीं करना क्या।
अरुण: आया पापा।
और बहार आ जाता है।
ब्रेकफास्ट करने के बाद रमेश और अरुन दोनों अपने अपने काम से निकल जाते है।
सरला घर पे अकेली थी
काम करते २ पिछले कुछ दिनों की घटना के बारे मैं सोचती है।
कीस तरह उसका और अरुन का रिश्ता माँ बेटे से बदल कर पति पत्नी की तरह हो गया है।
किस तरह से अरुन उसकी हर इच्छा पूरी करने की कोशिश कर रहा है और पूरी हद तक उसकी इच्छा पूरी हो भी रही है।
तभी सरला का मोबाइल बजता है।
उसपर अरुन की कॉल आ रही थी।

सरला: पिक करते हुए बोलो जान
अरुण: क्या कर रही है मेरी छमिया ।
सरला: कुछ नहीं मेरे राजा । बस थोड़ा बहुत काम था वही ख़तम कर रही हूं।
अरुण:मेरी याद आ रही है।
सरला: बहुत तुम्हारे बारे में ही सोच रही थी
अरुण: क्या ।
सरला: यही की कैसे तुम ने मेरी चुत और गाण्ड फाड़ दी।
अरुण: अच्छा तो फिर कैसा लगा फड़वा कर।
सरला: बहुत मजा आया मेरे जानू।
अरुण: और चाहिए ।
सरल: मना किस ने किया है।
अरुण: तो आ जाऊँ।
सरला: नहीं पहले अपना कॉलेज अटेंड करो फिर आना
मेरी बजह से पढाई का नुकसान नहीं होनि चाहिए ।
क्यूं की अभी तुम्हे अपनी बीवी के कई सपने और अधुरी इच्छा पूरी करनी है।
अरुण:ओके मैडम जैसे आप का आर्डर।
और उधर से सरला को किस देता है।
सरला: ऊऊऊहा जान ।
अरुण: इतनी लम्बी किस।
सरला: ये तुम्हारे लिए नहीं मेरे राजा के लिए है।
अरुण: और मैं कौन हूँ अगर वो राजा है तो।
सरला: तुम मेरी जान उउउउउउहाआअ ये तुम्हारे लिए
चलो अब फ़ोन रखो और क्लासेज अटेंड करो और मैं भी अपना काम ख़तम कर लेती हुँ।
और कॉल डिसकनेक्ट हो जाती है।
और दोनों अपने २ काम में बिजी हो जाते है।

३ बजे अरुन की कॉल आती है
सरला: हाँ जान
अरुण: रेडी हो जाओ।
सरला: क्यों
अरुण: तुम्हारे खसम कॉलेज से निकल गया है और ३० मिनट में घर।
सरला: तो ।
अरुण:अपने साजन का तैयार हो के इंतज़ार करो।
सरला: क्यु।
अरुण: क्यों क्या बीवी सज धज कर अपने पति का इंतज़ार नहीं करती।
सरला: हाँ करती है तो क्या मुझे नहीं होना जैसे हूं वैसे मिलूँगी बाय और कॉल काट देती है।
तकरीबन २५ मिनट बाद गेट पे बेल बजती है।
सरला: दरवाजा खोलती है और साइड हो जाती है।
अरून का सरला के जवाब की बजह से मूड ख़राब था
और वो सरला को देखे बिना अंदर आ जाता है।
सरला: गेट तो बंद कर दो।
अरुण: खुद कर लो।
सरला: ऐसे बंद कर लु।
अरुण सरला को देखता है
और उसकी ऑंखें खुली रह जाती है।
सरला: बोलो बंद करूँ।
अरुण: होश में आते हुए नहीं मैं करता हू।
और गेट बंद कर देता है।
और सरला भाग कर अरुन के सिने से लग जाती है
और उसके कान मैं धीरे से।
सरला: ऐसे ही पसंद हूँ न मैं आप को।
अरुण: अअअअअ ऐसे ही और उसके गांड को मसल देता है अपने दोनों हाथों से।
सरला इस वक़्त बिलकुल नंगी थी बाल खुले हुए और पूरे सरीर पे सिर्फ ज्वेलरी और कुछ नही।
और दोनों ऐसे ही काफी देर एक दूसरे के बाँहों में चिपके हुए खड़े रहते है।
सरला: अब छोडो भी।
अरुण: अभी चोदता हू।
सरला: मैंने छोड़ने के लिए बोला है न की चोदने के लिये।
अरुण: एक ही बात है।
सरला: जी नहीं ।
जाओ पहले फ्रेश हो जाओ देखो कितना पसीना आ रहा है।
अरुण: जान तुम अपने हाथों से नहलाओ न काफी टाइम हो गया तुम्हारे हाथों से नहाये हुए।
सरला: तो चलो और अरुन का हाथ पकड़ कर अपने बाथरूम में ले जाने लगती है।
अरुण: नहीं मेरे रूम में।
सरला: क्यों मेरा वाला बड़ा है आराम से नहा लोगे।
अरुण: मुझे मेरी बीवी अपने रूम में चाहिए
आज से अपने कुछ कपडे हमारे रूम में रख लो ।
जिस से कभी रेडी होना हो या नहाना हो कपडे के लिए तुम्हारे रूम में न जाना पड़े।
सरला: ओके बाबा रख लुंगी ।
वैसे भी मैं उस रूम में रहना नहीं चाहती।
अपने पति और बेटे के रूम में रहना चाहती हूँ पर तेरे पापा नहीं मानेंगे इसलिए मज़बूरी में रह रही हू।
चलो अपने कपडे ले आती हू।
और अरुन से जो भी नए कपडे सरला को दिलाये थे अपनी पसंद के वो सारे ले कर अरुन की अलमारी में रख देती है।
और कुछ अपने भी पसंद के ।
सरला: अब खुश।
अरुण: हाँ और दोनों बाथरूम में घुस जाते है।

सरला तो पहले ही नंगी थी ।
अन्दर आ कर सरला अरुन के कपडे उतार देती है और अब दोनों नंगे थे
सरला शावर चला देति है और दोनों पानी मैं भीगने
लगते है।
अरुण: सरला को नहलाता है।
सरला: नहीं मैं नहाई हुई हूँ तुम्हे नहाना है
और सोप उठा कर अरुन के सिने पे लगाने लगती है
और उसके निप्पल पे अपने नाख़ून से कुरेदती है।
अरून सरला को देखते हुए
सरला: क्या हुआ अच्छा नहीं लग रहा।
अरुण: बहुत
सरला: सिने पे पानी डाल कर साबुन के झाग साफ़ कर के अरुन का निप्पल अपने मुह में ले लेती है।
और चुसने लगती है
और दूसरे निप्पल को अपने दूसरे हाथ से मसलने लगती है ।ऐसा करने से अरुन का लंड खड़ा होने लगता है
और खड़ा हो कर सरला के पेट पे चुभता है।
सरला: खड़ा हो गया शैतान और लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगती है
अरून :आआह माआ माँ।
सरला अरुन के निप्पल छोड कर उसके सामने घुटनो पर बैठ जाती है और अरुन के लंड को पकड़ कर मसलते हुए क्या करना है इसका।
अरुण: मुझे क्या पता ।
सरला :नहीं पता तो छोडो।
और उठने लगती है
अरुण: अरे अरे कहा जा रही हो मेरी जान।
और दोबारा बैठा कर अपना लंड सरला के मुह में देने लगता है।
और सरला बड़ा सा मुह खोल कर उसे अपने मुह में ले लेती है
और अरुन की ऑंखों में देखति है जैसे पूछ रही हो अब खुश।
अरुण: हाँ बहुत खुश।
और सरला लंड को चुसने लगती है और कोशिश करती है पूरा लेने की ।
अरुण: बहुत बड़ा है पूरा नहीं जायेगा ।
पुरा तो चुत और गाण्ड में जाएगा।
सरला: मुह से लंड को बाहर निकालते हुए।
मुह में भी जायेगा थोड़ा टाइम लगेगा मैं इसे अपने मुह मैं पूरा ले कर रहूँगी चाहे इसके लिए मुझे कितना भी टाइम लगे।
और दोबारा मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।

अरुण : आआआ माआआआआ और कस के चुसो अपने बेटे के लंड को।
सरला अपनी स्पीड बढ़ा देति है।
और टट्टों को मसलने लगती है।
काफी देर चूसने के बाद।
अरुण: माँ मुह से निकल दो मुझे तुम्हारी चुत मारनी है झड जाऊंगा तो दोबारा झड़ने में काफी टाइम लगेगा और तुम्हारी चुत उसे बरदास्त नहीं कर पायेगी ।

काफी देर तक सरला कुछ नहीं बोलती और लगातार अरुन के लंड को चुसते रहती है।
अरुण: आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे कर माआआआआ
पर सरला कहाँ सुनने वाली थी उसे तो अरुन का पानी पीना था दो दिन हो गये थे वो अरुन के लंड के पानी की प्यासी थी
और तेज़ तेज़ चुसने लगती है।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे कर माँ नहीं तो निकल जाएगा।
सरला यही तो चाहती थी
और उसकी आधे घंटे की मेहनत रंग लाई।
अरून का सरीर अकडने लगा ।
अरुण: आआआ अअअअअअअ ओह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ मेरा निकलने वाला है आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ ज़ालिम आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई और सरला के मुह में झडने लगता है।
ओर सरला उसके वीर्य को चटकारे ले ले कर चाटने लगती है किसी रंडी की तरह।
और अरुन शांत हो जाता है।
सरला अरुन के लंड को चाट २ कर साफ़ करने के बाद उठती है।
सरला: अरुन से
कैसे लगा ।
अरुण: मजा आ गया और गहरी साँस लेता है।

सरला फिर से अरुन को नहलाने लगती है।
उसके बाद सरला अरुन को टॉवल से पोंछने लगती है
उपर का हिस्सा पोंछने के बाद घुटनो पर बैठ जाती है और अरुन की टांगो को पोछती है और अरुन का लंड उस टाइम सुस्त हो कर लटका था।
सरला: उसको चूमते हुए।
इसे क्या हुआ जान।
अरुण: सारी जान निकल दी अब पूछ रही हो क्या हुआ।
सरला: अच्छा नहीं लगा क्या
अरुण: बहुत मेरी जान।
फिर से छेडो खड़ा हो जाएगा।
सरला: पागल हूँ क्या जो इसे खड़ा कर के अपनी चुत और गाण्ड को फ़डवाउं।
और बोलते बोलते उससे खेलने लगती है।
क्या हुआ मेरे राजा को थक गया क्या अभी तो तूने बहुत मेहनत करनी है मेरी चुत और गाण्ड का बाजा बजाना है
और फिर से मुह में ले लेती है २ मिनट चुसने से फिर से अरुन का लंड खड़ा होने लगता है।
सरला अरुन को खुश होते हुए
देखो फिर से खड़ा हो रहा है
अरुण: हाँ मेरी जान उसे पता है अभी तुम्हारी चुत और गाण्ड फाडनी है
और अरुन सरला को वही दिवार के सहारे झुका कर खड़ा करता है और पीछे से सरला की चुत में लंड घुसा देता है एक ही बार में पूरा ।
सरला: आआआअह्ह मादरर्चोद धीरे से नहीं डाल सकता फिर से फाड़ दी मेरी चुत हरामी कही का
ओर साइड से हाथ डाल कर उसके मम्मे पकड़ लेता है
और लंड को अंदर बाहर करने लगता है।
सरला को मम्मे मसलने से थोड़ा आराम मिलता है।
सरला बाथरूम की पानी की टोटी को पकड़ कर खड़ी थी अरुन पीछे से धक्के मारे जा रहा था।
अरून सरला की एक टाँग उठा कर साइड में बने टॉयलेट सीट पे रख देता है और उसकी कमर को थोड़ा और बाहर निकाल कर बेहरमी से पेलने लगता है।
सरला: आआआअह्ह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे माआर डाआआआआआ कमिने मादरर्चोद और तेज़ कर दो दिन से प्यासी है मेरी चुत कस के मार मिटा दे इसकी प्यास अपने मुसल से
आआआआह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ माररररररर डाआआआआआ ज़ालिम।
मेरे राजा
पर अरुन कुछ नहीं सुन रहा था उसपे तो भूत सवार था
और बेहरमी से चोदते जा रहा था।

सरला अरुन से
जान खड़े खड़ा पैर दुःख रहे है
और लंड निकाल कर सरला को गोदी में उठाता है और अपनी कमर पे सरला के टाँगो को लिपताटा है और उसकी बाँहों को अपनी गर्दन में और उसकी कमर को पकड़ कर अपने लंड पे बैठाने लगता है और पूरा का पूरा लंड सरला की चुत में उतार देता है।
और सरला के कमर से उसे उछालने लगता है।
अरुण: अब ठीक है
सरला: हाँ और दोनों चुदाई का मजा लेने लगते है सरला अरुन के मुह में अपने मम्मे दे देति है जिसे अरुन चुसने लगता है ।
कफी देर खड़े २ पेलने के बाद अरुन सरला को पेलते हुए अपने बेड पर लीटा देता है
और पेलने लगता है।
सरला: आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ
और कितनी देर चोदेगा मेरा राजा मेरा ३ बाल निकल चूका है अब जलन हो रही है।
अरुण: अभी तो टाइम लगेगा मैं पहले ही कहा था मुह से निकाल रही जो बाद में जल्दी नहीं झड़ून्गा।
सरला: मै तो पूछ रही हूँ चोदने के लिए मना नहीं कर रही जितना चोदना है चोद मेरे राजा।
और कस के धक्के मार।
अरून और तेज़ सरला को चोदने लगता है।
सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ कमिने मादरर्चोद बहन के लोडे छोड़ और जोर से। क्या लंड है मेरे बेटे का
एकदम मुसल जैसा जिस को भी चोदेगा वो तो धन्य हो जायेगी।

मै तो अब तेरे बिना नहीं रह सकती
आआआआह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ मरररररररर गईईईइ।
मेंरी चुदाई के बाद तू मेरी बजह से २ दिन प्यासा रहा तेरे लिए मुझे कोई इन्तज़ाम करना पड़ेगा नहीं तो मेरा राजा प्यासा रह जायेगा नीतू को आने दे उससे बात करुँगी की अपने भाई से चुदवा ले जिस से तेरी प्यास बुझ जाये तू भी जवान है और वो भी और चुत भी टाइट होगी तुझे बडा मज़ा आएगा ।
नही तो साक्षी से बोलूँगी उसकी तो अभी अभी शादी हुई है उसकी तो एकदम कोरी होगी उसकी मार लेना तुझे बहुत मजा आएगा ।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई मैं बात करुँगी कोई न कोई तो अपने भाई का लंड लेने को राजी हो जायेगि।
नही हुई तो सोनिया दीदी से बात करुँगी वो तो तुझ से बड़े मजे आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स से चुदवा लेगी।
मै अपने राजा को प्यासा नहीं रख सकती
आजा मेरा राजा आआआ माआआआआ आआआ अपनी माँ की चुत में अभी बाद में इन सब से बात करके इनकी दिलाऊँगी।
और अरुन के मुह में अपने मम्मे दे देती है।
अरुण: आहहहहहजहजजजजज गुगुगुग्गु
और अपनी माँ की बातें सुन कर अरुन का लंड पानी छोड देता है और सरला के चुत में झडने लगता है।
सरला अरुन को अपने सिने से लगाते हुए
आआआ मायआ मेरे राजा निकाल दे अपना पानी अपनी माँ की चुत में और कर दे गर्भबती बना दे अपने बच्चो की माआ आआआअह्ह।
और अरुन सरला के उपर लेट जाता है।
सरला अरुन को अपनी बाँहों मैं भीच लेती है और दोनों ऐसे ही लेटे रहतेँ है।

ऐसे ही दोनों सो जाते है और ६ बजे सरला की आँख खुलती है
और अरुन के माथे पे किस करती है।
और अरुन के कानो के लब अपने मुह में लेते हुये।
सरला: जान उठ जाओ ।
अरुण: कुनमुनाते हुए
सरला: उठ जा बेटा मुझे पता है अपनी माँ को चोद कर थक गया है पर तेरे पापा के आने का टाइम हो गया है
अरून सरला के निप्पल को मुह में ले लेता है।
सरला: उसके सर पे हाथ फेरते हुए अभी मन नहीं भरा।
अरुण: नहीं माँ इस से कभी मन नहीं भरेगा।
और चुसता रहता है और एक ऊँगली सरला की चुत में डाल देता है।
सरला: आआआअह्ह मत कर न फिर गरम हो जॉंऊँगी।
अरुण: तो ठण्डा कर दूँगा।
सरला:मुझे पता है तू ही मुझे ठण्डा कर सकता है।
अरून मेरी जान पर जल्दबाज़ी में मुझे मजा नहीं आता
और आराम से करने का टाइम नहीं है।
छोड़ दे अपनी जान को मेरे राजा ।
अरुन अपनी ऊँगली सरला की चुत से निकाल लेता है
और उसके होंठो पे अपने होठ रख देता है और दोनों एक दूसरे को चुसने लगते है।
काफी देर चुसने के बाद सरला अपने आप को अलग करती है।
उसकी साँस भारी हो रही थी
जान जाऊ अब।
अरुण: नहीं और कसकर अपनी बाँहों में भीच लेता है
अब जाऊँ।
अरुण: ठीक है पर एक शर्त पर
सरला: क्या
अरुण: आप सिर्फ पापा के आने तक पेंटी में रहोगी
और कुछ नहीं पहनोंगी।
सरला: बस इतनी सी बात ।
मै तो अपने राजा के कहने पर कुछ भी न पहनूँ।
अरुण: ओके तो कुछ भी मत पहनों।
सरल: ओके मेरे राजा अपनी माँ को नंगी रखना चाहता है तो ऐसा ही होगा।

और सरला रमेश के आने तक ऐसे ही रहती है।
और अरुन और सरला बीच बीच में एक दूसरे को किस करते रहते है।
और एक दूसरे को छेड भी देते है।
आज सरला बहुत खुश थी उसकी आज एक और अधुरी इच्छा पूरी हो गई थी वो भी घर में अपने पति के साथ अकेले में बिना कपडो के रहना चाहती थी पर रमेश को ये पसंद नहीं था।
पर आज वो अपने नए पति के सामने पूरी नंगी वो भी उसकी मर्ज़ी से घर का का कम कर रही थी और उसका पति उससे बीच २ में छेड रहा था और प्यार कर रहा था।

ऐसे ही शाम गुजर गई और रमेश के आने के बाद कुछ भी नहीं हुआ सभी खाना खाने के बाद अपने अपने रूम में चले गये ।
पर सरला की ऑंखों में नींद नहीं थी उसको अपने पति की बाँहो में जाना था ।
पर कैसे।

तभी सरला के मोबाइल की लाइट ब्लींक हुई
मैसेज आया था।
सरला मन में इतनी रात को किस का मैसेज है
मैसेज अरुन का था।
अरुण: क्या कर रही हो जान।
सरला: कुछ नहीं लेटी हु नींद नहीं आ रही।
अरुण: क्यों जान।
सरल: अपने पति से दुर हु इसलिये।
अरुण: तो आ जाओ मेरे पास मेरी रांड़।
सरला: क्या बोला तुमने
अरुण: रांड।
सरला: मैं तुम्हारी रांड हू।
अरुण: हाँ मेरी पर्सनल रंडी मेरी रखेल मेरी छिनाल।
सरला: बहुत बेशरम हो गये हो।
अरुण: हाँ जब से तुम्हे नंगा देखा है।
पहले नहीं था।
सरला: ऐसा क्या देखा।
अरुण: सब कुछ तुम्हारा सेक्सी है।
मन करता है की हमेशा तुम्हे अपनी बाँहों में नंगी लेकर पड़ा रहुँ।
सरला: अच्छा जी ।
अरुण: जान सुनो ना।
सरला: बोलो जानू।
अरुण: जब तुम नंगी हो कर खाना बना रही थी तो तुम्हारे मटकते हुए गाण्ड को देख कर मेरे लंड खड़ा हो गया है जरा इसे सुला दो ।
सरला: पर अभी कैसे मेरी जान
अरुण: तुम ने दिन में कहा था की मेरे लंड को ठण्डा करने के लिए कुछ भी कर सकती हु तो करो ना।
सरला: जान कल तक सबर कर लो ।
अरुण: नहीं मुझे अभी तुम्हारी गाण्ड चाहिए और ये मेरे मेरी पर्सनल रांड को आर्डर है और राँड अपने मालिक का आर्डर हर किमत पर मानती है।
जलदी आओ मेरी राँड मैं वेट कर रहा हू।
और मैसेज नहीं करता।
सरला: वेट करती है मैसेज का पर कोई मैसेज नहीं आता ।सरला अब क्या करे अरुन को प्यासा नहीं छोड सकती ये उसका अपने पति के लिए फ़र्ज़ था उसके होते हुए उसका पति प्यासा नहीं सो सकता।

अभी सरला सोच ही रही थी तभी मोबाइल ब्लींक हुआ
मोबाइल पे अरुन का मैसेज था।
“””” मुझे मेरी रांड दस मिनट में अपने रूम में चाहिए। “”””””
सरला मन ही मन मुस्कराती है।
और बेड से उठ कर बाथरूमइ फ्रेश होने जाती है और बहार आ कर अपने कपडे चेंज करती है और हल्का सा मेकअप करती है और अपने रूम से बाहर आ कर बाहर से दरवाजे की कुण्डी लगा देती है जिस से रमेश बाहर न आ सके।
और अरुन के रूम के दरवाजे को धक्का देती है। दरवाजा खुला होता है और अंदर आ कर बंद कर लेती है
अरुण: आ गई मेरी रांड अपने मालिक के पास?
सरला: हाँ आ गई मेरे राजा और एक झटके में अपनी नाइटी उतार देती है।
जीसके निचे उसने कुछ भी नहीं पहना था।
और कहती है मेरे राजा को मेरी गाण्ड ही चाहिए या चुत भी या दोनों एक साथ।

अरुण: अभी तो गाण्ड पे दिल आया है।
सरला बेड पर चढ कर डोगी स्टाइल में हो जाती है और अरुन से।
आ गई तुम्हारी कुतिया मार लो उसकी गाण्ड और ठण्डा कर लो अपने लंड को।
अरुण: सच में तुम मेरी पर्सनल रंडी हो। मान गया तुझे
और पीछे जा कर सरला की मांसल गाण्ड पे हाथ फेरता है।
क्या मस्त चूतड़ है मेरी जान के।
सरला: जान या रांड़।
अरुण: रांड नहीं जान मेरी जान ।
और उसके चूतड़ पे थपड मारता है।
सरला: आह धीरे मारो
अरुण: क्या
सरला: थप्पड़।
और थपड मारने के बाद झुक कर उसके दोनों चूतडो को अपने हाथ से अलग करता है और उसकी गाण्ड के छेद में अपनी नाक लगा कर सूँघता है।
अरुण: वाह क्या खुशबु है।
सरला: नहीं जान वहाँ नहीं गन्दी जगह है।
और उसकी गाण्ड के छेद को अपनी जीभ से चाटने लगता है।
सरला: आआआअह्ह क्या कर रहा है।
मत कर गन्दी है।
अरुण: पर इस में तो खुशबु आ रही है ।
क्या लगाई है सच सच बताओ।
सरला: मैं जानती थी की आप ऐसा ही कुछ करोगे इस लिए पियर्स साबुन से धो कर परफ्यूम लगा कर आई हू।

अरुण: देखा मैंने कहा न मेरी एक नम्बर की रांड हो सब पता है की खसम को कब क्या चाहिए वह जान मजा आ गया।

और जीभ से काफी देर तक चाट्टा रहता है।
सरला की सिसकी निकलनी सुरु हो जाती है।
सरला: जान पेलो न ज्यादा टाइम नहीं है तुमारे पापा कभी भी जग सकते है
अरुण:पापा जग जायेंगे या लंड को गाण्ड में लेने की जल्दी है।
सरला: पीछे मुड कर अरुन को देखते हुए दोनों की जल्दी है जान आप की रांड को।
अरुण: ओके तो ये लो और अपना लुंड सरला की गाण्ड के भूरे सुराख़ पे रख कर धक्का मारने वाला होता है की।
सरला: रुको मुझे पता है आप को पूरा का पूरा लंड एक बार में घूसाने की आदत है और अपने मुह में अपनी नाइटी घुसा कर इशारा करती है अब पेलो।
अरुण: देखा फिर प्रूफ किया मेरी जान की तू मेरी रंडी है और अपने लंड पे थूक लगा के एक ही बार में पूरा का पूरा लंड सरला की गाण्ड में पेल देता है।
सरला: गुगुगुग्गु करते हुए अपना सर तकिये पर और इधर उधर पटकती है मगर मुँह में नाइटी होने की बजह से चीख नहीं पाती।
और अरुन धक्के मारने लगता है।
थोड़ी देर मारने के बाद अपने दोनों हाथों से सरला के मम्मे पकड़ लेता है और मसलने लगता है।
उस तरह थोड़ी देर बाद सरला को कुछ आराम मिलता है और अपने मुह से नाइटी निकाल देती है।
सरला: उउउउउउउह माआआआआ मारररररररर डाआआआआआलआआ ज़ालिम बड़े बेहरहम हो ।
अरुण: : क्या करूँ जान बहुत सोचता हूँ पर क्या करूं तुम्हारी चुत और गाण्ड देख कर कण्ट्रोल नहीं होता और पेल देता हू।
सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर गइइइइइइ।
तूम मेरे दर्द की परवाह मत किया करो। बोला है न जैसे मन करे वैसे घुसा दो।
मज़ा तो दर्द में ही है
और सिसकती रहती है।
और अरुन बेहरमी से सरला की गदराई गाण्ड मारता रहता है।

सरला: जान प्लीस जल्दी करो ना।
अरुण: क्यों अच्छा नहीं लग रहा।
सरला: जान आप सोच सकते हो की आप कुछ करो और मुझे अच्छा न लगे पर क्या करूँ तुम्हारे पापा घर पे है।
प्लीज अभी थोड़ी जल्दी कर लो कल चाहो तो पूरे दिन मेरी गाँड मार लेना पर अभी जल्दी कर लो।
अरुण: जान कर तो रहा हूँ लगता है तुम्हारे पति का कुछ करना पडेगा।
सरला: खबरदार जो उसे मेरा पति कहा तो मेरे पति आप हो वो नहीं समझे।
अरुण: हाँ समझ गया मेरी राँड और कस कस कर धक्के मारते रहता है।
सरला समझ जाती है अब क्या करना है
आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मारररररररर डाआआआआआ कमिने मेरी क्यों मार रहा है इतनी तेज़ अपनी उस बहिन की मारियो जिस के बारे में सोच कर झडता है उसकी मुझ से भी टाइट गाण्ड और चुत होगी मुझ पे रेहम कर मैं पक्का बोल रही हूँ नीतू की दिलवा दूंगी ।
और वो नहीं देगी तो अपनी बड़ी बहिन सोनिया की दिलवा दूंगी नहीं तो उसकी बेटी साक्षी की और वो भी नहीं मानी तो इस खानदान की हर औरत को तेरे निचे लीटा दूंगी ।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे धीरे मार मेरी गाण्ड दर्द हो रहा है ।
जलदी झड जा मेरे राजा
और अरुन सरला के बातें सुन कर और कस कस कर चोदने लगता है।
सरला: आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ निकाल अपना पानी और भर दे मेरी गाण्ड को अपने अमृत से
आआआ आ मेरेईईई राजा
ओह उह माँ मर गई।
मेरी जाआआआन
और सरला की बातें सुन कर अरुन का शरीर अकडने लगता है और एकदम से सरला की गाण्ड में झडने लगता है।
आह माँ गया।
आह
सरला: अअअअअआह मेरा बच्चा अअअअआज़ा अपनी माँ की गाण्ड में पीला दे अपना पानी अपनी माँ की गाण्ड को।
और अरुन झड कर सरला के उपर लेट जाता है।
कुछ देर बाद
सरला: जान उठ जाओ
मुझे जाना होगा
वरना तेरे पापा उठ सकते है काफी टाइम हो गया है
अरून साइड हो जाता है।
सरला: अरुन के बालों में ऊँगली फेरते हुए। सो जा मुझे जाना होगा मन तो नहीं है पर मज़बूरी है ।
मुझे तेरे साथ ही सोना है
अरुण: सरला को उसको साइन से पकड़ते हुए
कुछ दिन इंतज़ार कर लो इसका भी इन्तज़ाम करना होगा मैं भी अब अकेले नहीं रह सकता।
और सरला अरुन की बात सुन कर उसे गले लगा लेती है और अपने रूम में अपनी नाइटी उठा कर नंगी ही जाने लगती है।।
अरुण: कहा ।
सरला: रूम में।।
अरुण: हाँ पता है पर ऐसे ही और पहले उसकी गांड और चूत में क्रीम लगाता
है फिर उसकी नाइटी पहना कर उसके रूम के गेट पे छोड़ कर आता है।
सरला अपने रूम में आ कर चुपचाप बेड पे लेट जाती है।
तभी सरला का मोबाइल ब्लींक करता है।
अरून का मैसेज था।
“”” मज़ा आ गया माँ आप की गाण्ड मार के क्या मस्त और टाइट गण्ड है आपकी “””
सरला: मैसेज पे।
“” ये तो तेरे लंड का कमाल है जिस ने अपनी मोटाई से मेरी चुत और गाण्ड का बैंड बजा रखा है।
और अब सो जाओ पिछले एक घंटे से मेरी गाण्ड मार रहे हो थक गये होगे।

सरला को पता नहीं सोचते २ कब नींद आ गई।
और अगली सुबह
अरुन फ्रेश हो कर सीधे किचन में जाता है और सरला को किस करता है।
सरला: अरुन अभी नहीं तुम्हारे पापा बैठे है।
अरुण: कुछ नहीं होगा मेरी जान।
रमेश अरुन ब्रेकफास्ट करके अपने ऑफिस और कॉलेज चले जाते है।

अरुन दिन भर सरला के फ़ोन का वेट करता है पर कोई कॉल नहीं आती थक कर अरुन सरला को कॉल करता है तो सरला अरुन का कॉल नहीं उठाती।
और अरुन थक कर कॉलेज से घर के लिए जल्दी निकल जाता है।
और घर पहुच कर।
शॉकड
क्यूं की घर पे अनचाहें मेहमान थे।
नीतु और रवि और रमेश भी घर पर थे।
अरुण: रवि को नमस्त करता है
रमेश: पैर छू जीजाजी के।
रवि:इटस ओके पापा हम तो बराबर उमर के है।
सरला रमेश की पैर छुने वाली बात पे मन ही मन सोचती है ससुर से दामाद के पैर छुने के लिए बोल रहे है और हँस देती है।
अरून नीतू से आने से पहले इन्फॉर्म भी नहीं किया
नीतू: वो इनको यहाँ ऑफिस का कुछ काम था सो मैं भी इनके साथ आ गई।
रमेश: अच्छा किया बेटी इस बहाने तू भी आ गई।
पर इस वक़्त सबसे ज्यादा परेसान अरुन और सरला थे
क्यूं की उनके प्यार में ख़लल पड़ गया था।

बातचित और खाना खाने और बनाने में पूरा दिन निकल जाता है।
रात को सोने की बात पे ।
रमेश
नीतु और रवि अरुन के कमरे में सो जायेंगे और अरुन ड्राइंगरूम में सोफ़े पे ।
अरुन मरता क्या न करता
ड्राइंगरूम में सो जाता है।

सोते हुए अरुन को महसूस होता है की कोई उसके होंठो को चुम रहा है।
अरून की आँख खुल जाती है।
सरला: इस्स्सस्स मैं हू।
अरुण: सरला का मुह से हाथ हटाते हुए कोई जग जाएगा।
सरला: सब सो रहे है पानी पिने के बहाने आई हूँ अपने राजा से मिलने दिन में ठीक से बात भी नहीं हो पाई प्यार तो बहुत दुर की बात है।
और अरुन के लंड को मसल देती है और अरुन के होंठो को चूसने लगती है।
थोड़ी देर ऐसे ही किस करने के बाद सरला।
अब चलती हूँ कोई जग सकता है।
अरुण: जान अपनी चुत तो दिखा दो शादी के बाद पहला दिन है जब तुम्हारी चुत और गाण्ड नहीं देखी।
सरला: प्यार से मेरा सोना इतना मिस कर रहा है।
अरुण: हाँ।
सरला झटके से अपनी नाइटी कमर तक उठा देती है और आगे पीछे घुम कर अरुन को अपनी चुत और गाण्ड दिखाती है।
बस अब जाऊँ।
अरून भेजने का मन तो नहीं कर रहा पर जाओ।
और दोनों एक दूसरे को हग करते है
और सरला अपने रूम में चली जाती है।

इसी तरह सुबह होती है और अरुन रमेश और रवि अपने २ काम से चले जाते है।
और सरला और नीतू घर में अकेली रह जाती है।
नीतु काफी देर से कुछ सोच रही थी।
सरला: क्या हुआ नीतू कुछ सोच रही हो।
नीतू : हां सोच तो रही हूँ पर क्या बोलू समझ नहीं आ रहा।
सरला: अपनी माँ से क्या छुपाना।
नीतू: वो माँ कल रात को ।
सरला: मन ही मन डर गई कही इसने अरुन और उसको रात में देख तो नहीं लिया।
सरला: रात में क्या।
नीतू: जब कल रात को हम दोनों सोने के लिए चेंज कर रहे थे तो रवि अपना लोवर घर भूल आये थे तो मैंने अरुन की अलमारी से उसका लोअर लेने गयी तो उसकी उसकी ।
सरला: उसकी क्या वो समझ गई फिर भी अन्जान बनते हुए उसकी क्या।
नीतू ; उसकी अलमारी में ब्रा पेंटी और लेडीज जीन्स , टी शर्ट ,टॉप और और टेम्पोंस ( एक प्रकार के पैड्स ) रखे देखे।
सरला को कटो तो खुन नही।
क्या बोल रही है।
दिखा तो जरा।
नीतू: चलो और दोनों अरुन के रूम में।
ये देखो और अलमारी खोल देती है।
सरला बोले तो क्या बोले।
नीतू: लगता है आप ने अरुन को काफी छूट दे दी है।
सरल:नहीं ती ऐसा नहीं है।
नीतू: फिर उसकी अलमारी में लेडीज कपडे क्या कर रहे है।
सरला: यही तो मेरी समझ नहीं आ रहा।
नीतू: और देखो ब्रा और पेंटी को हाथ में पकड़कर
कितने स्टाइलिश और मॉडर्न और महँगे है ।
इतने महँगे तो रवि ने भी मुझे ला कर नहीं दिया।
और ये भाई साहब अभी से अपनी गर्लफ्रेंड को पहना रहे है।
सरला: अगर ऐसा है तो उसने ये यहाँ क्यों रखा है
नीतू; जरुर इसने उसे गिफ्ट किये होंगे और उसने लिए नहीं होंगे तो अपने पास रख लिए होंगे और करता भी क्या।
सरला:हाँ ऐसा हो सकता है क्यों की वो कभी अपनी किसी गर्लफ्रेंड को घर नहीं लाया।

नीतू : मैं बात करती हूँ उससे।।
सरला: पागल है क्या, क्या बात करेगी।
ब्रा पेंटी की।
नीतू: है बात तो सही है पर पूछ न तो पडेगा
सरला: तू रहने दे मैं बात करती हू।
नीतू : वो तुम्हे नहीं बतायेगा मैं बात करुँगी।
सरला: बात मान मेरी तू बहन है उसकी तू उससे ऐसी बात कैसे करेगी मैं करती हूँ माँ हूँ उसकी ।
नीतू: ओके आप करलो।
पर एक बात बोलू भाई की चॉइस मस्त है एक दम मॉडर्न लिंगेरी है महँगे वाली।
सरला: तुझे पसंद है तो रख ले और उससे बात करने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी ।
नीतू: नहीं माँ मेरे साइज की नहीं है।
सरला: ट्राई तो कर सायद कोई आ जाये ।
सरला को पता था की उसका और उसकी बेटी के साइज में ज्यादा फ़र्क़ नहीं था और अब शादी के बाद नीतू का सरीर भर गया था।
नीतू: रहने दो माँ।
सरला: ट्राई तो कर बेटा मेरे हिसाब से आ जाएंगे
और नीतू उनमें से अपनी पसंद की ब्रा और पैंटी ले कर बाथरूम में चलि जाती है।
सरला मन ही मन पता नहीं क्यों मेरा अब कर रहा है नीतू इन ब्रा पेंटी को पहने जब की ये ब्रा पेंटी अरुन सरला को अपनी पसंद की दिला कर लाया था।

थोड़ी देर बाद नीतू बाथरूम से बाहर आती है।
सरला: क्या हुआ।
नीतू: माँ एक दम फिट है।
सरला: मैं तो बोल रही थी तेरे में आ जाएंगे।
नीतू: हाँ पर ये अरुन की गर्लफ्रेंड के लिए है। अरुन को पता लगेंगा तो ग़ुस्सा करेंगा।
सरला: ऐसा कुछ नहीं है ।
नीतू: आप कैसे बोल सकती हो।
सरला: सकपका जाती है ।
वो मैं ऐसी ही बोल रही थीं।
नीतू; माँ आप क्यों नहीं पहन कर देखती। हो सकता है आप को आ जाए।
सरला: सोचते हुए पागल। मेरा बेटा मेरे लिए ही लाया है। मेरे को नहीं आएँगी तो किसको आयेगी।
नीतू; क्या हुआ माँ क्या सोच रही हो।
सरला: कुछ नहीं मैं ऐसी ब्रा पैंटी नहीं पहनती।
नीतू: ऐसा कुछ नहीं है ट्राई तो करो।
सरला: रहने दे तुझे आ गई न तो तू रख ले। मैं अरुन से बात कर लुंगी।
नीतू: ट्राई तो करो माँ प्लीज।
सरल:ओके बाबा और जो अरुन के पसंद की ब्रा पेंटी थी उनको लेके बाथरूम में चलि गयी और अंदर वेट करने लगी।
उनको ट्राई क्या करना वो तो उसी के थे तो आना तो था ही।
थोड़ी देर बाद बाहर आ कर।
नीतू: क्या हुआ माँ ।
सरला: हाँ एकदम फिट है।
नीतू: हैं ना ।मैं जानती थी।

सरला: कैसे जानती थी।
नीतू: वो कल रात।
सरल; क्या कल रात।
नीतू: कल रात को मैंने आप को और अरुन को किस करते हुए देख लिया था और आप दोनों की बातें भी सुन ली थी।
और आज सुबह अरुन को आपके बुटक पे हाथ फेरते हुए देख लिया था और आप ने उसे कुछ नहीं बोला।
सरला एकदम से अपना सर पकड़ के वही बेड पे बैठ गई।
नीतू: डाउट तो मुझे साक्षी की शादी में ही हो गया था जब आप अरुन के मोबाइल पे मैसेज भेज रही थी और वो जवाब दे रहा था और आप पढ़ के मुस्करा रही थी और अचानक से शादी से दोनों का घर आ जाना और पापा से बात करके पता चला की आप दोनों गोवा गये हो तो मुझे कुछ डाउट हुआ और आज सुबह रँगे हाथों पकड़ लिए आप के बुटक(गाँड) पे हाथ फेरते हुए और ये ब्रा पेंटी का एक दम फिट आना।
सरला चुपचाप सुनती रहती है।
नीतू: अब आप कुछ बोलेंगी
सरला रोने लगती है।

नीतू:अब रोने से कुछ नहीं होगा माँ ।
सरला: क्या सुनना चाहती है यही की मेरे और अरुन के बीच क्या चल रहा है।
हाँ मैं प्यार करती हूँ उससे एक माँ हो कर भी प्यार करती हूँ और क्यों न करुं जो प्यार मुझे तेरे पापा से मिलना चाहिए था वो तेरे भाई से मिला
वो मेरी हर ख़ुशी का ख्याल रखता है
जिस चीज़ की ज़रूरत होती है वो लाकर देता है।
तेरे पापा को तो ऑफिस और अपने दोस्तों से फुर्सत नही।तेरी मौसी के यहाँ भी अरुन लेकर गया
और क्या जानना चाहती है ।
मै उससे अब तेरे पापा से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और करती रहुँगी।
तूझे जो करना है कर ले मैं किसी से नहीं डरती।

हाँ ये ब्रा पेंटी वो मेरे लिए ही लाया है तूने मुझे अपनी शादी से पहले मेरी ब्रा पेंटी देखी होगी कैसे होती थी आंटी वाली और देख मेरा बेटा कैसे लाया है एकदम मॉडर्न और महँगे वाली जो तेरी पति रवि ने भी तुझे नहीं दिलाई।
मुझे ब्यूटी पार्लर लेके जाता है।
शोप्पिंग कराता है मूवीज ले जाता है ।
पता नहीं मेरी ख़ुशी की लिए क्या क्या नहीं करता
तूझे भी पता है हम लेडीज को थोड़ा प्यार जहा भी मिले हम उसी की तरफ हो जाती है।
मै जानती हूँ मैं गलत हूँ पर मजबूर हू।
और रोती रहती है।
जब सरला काफी देर रो लेती है।
नीतू: मैं जानती हूँ पापा आप से उतना प्यार नहीं करते और आप की केयर भी नहीं करते और रेस्पेक्ट भी नहीं देते ।
पर मोम वो आप का बेटा है कोई और होता तो मैं भी आप का सपोर्ट करती पर वो मेरा भाई और आप का अपना बेटा है।
सरला: बेटा है तभी तो उसको अपनी माँ पर दया आ गई जो तुम्हारे पापा को आनी चाहिए थी।

एक बात बता अगर ये सब किसी बाहर वाले के साथ होता और वो इस बात का फायदा उठा कर मुझे या तेरे पापा को ब्लैकमैल करता तो।
मै मजबूर थी नीतू मुझे कोई और नहीं दिखा जो मुझ से इतना प्यार करता हो।
और सिसकती रहती है।
नीतू: सरला को कन्धो से पकड़ते हुए।
माँ चुप हो जाओ ।
मै समझ सकती हूँ जब किसी पत्नी को पति का प्यार नहीं मिलता तो कैसा लगता है।
फिर भी माँ जब पापा को पता चलेगा तो क्या होगा।
सरला: अब मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता जब तक अरुन मेरे साथ है मैं उसके सहारे जी लुंगी।
नीतू: और जब भाई की शादी होगी तब।
सरला: वो शादी नहीं करेगा उसने मुझ से शादी कर ली है।
नीतू: क्या कब कैसे?
और सरला नीतू को सब बता देति है कैसे एक व्हिस्पर से प्यार और केयर सुरु हुई और शादी पे ख़तम हुई।
पर बड़ी हुशियारी से हनीमून वाली बात और सेक्स वाली छुपा जाती है।

सिर्फ इतना बताती है की प्यार कैसे हुआ और अभी वो इतने फिजिकल नहीं हुए है सिर्फ किस्सिंग और टचिंग होती है और सब से बढ़कर केयरिंग।
नीतू: पर माँ अभी उसकी उम्र २० साल है जब शादी की उमर का होगा तब ।
सरला; तब की तब देखूँगी ।अभी अगर मुझे ज़िंदा और खुश देखना चाहती है तो इस बात को किसी को मत बताना और हो सके तो मेरी हेल्प करना जिससे मैं अभी तेरे और रवि के होते हुए अपने पति और तेरे पापा को खुश रख सकु।
क्यूं की तुम्हारे आने की बजह से वो मेरे साथ टाइम स्पेंड नहीं कर पाएँगे।
नीतू: आय हाय पति भाई मतलब तुम्हारा पति।
और मेरे पापा मतलब।
सरला: जब अरुन मेरे पति हुए तो तेरे पापा हुए न।
नीतू : मर जावां रे , उनको ही ही । इतनी इज्जत अपने नये हस्बैंड को ।
सरला: नीतू को मेरा साथ देगी न बेटी और तुझे मुझपे ग़ुस्सा तो नहीं है।
नीतू: माँ मैं शुरु से चाहती थी आप किसी से अफेयर रख लो पर जानती थी आप ऐसे नहीं हो पर भाई के साथ आप को खुश देखकर मैं आप के लिए बहुत खुश हू।
और मैं हमेशा आप के साथ हू।
सरला; थैंक यू बेटी।
नीतू: माँ थैंक्स बोल के गैर मत बनाओ।
वैसे अरुन ओह सॉरी मेरे पापा कब आयेंगे।
और अगर वो आप से इतना प्यार करते है तो उनको कॉलेज गये ३ ऑवर हो गये उनका कॉल या मैसेज भी नहीं आया। आप को लगता है वो मिस नहीं करते ।
सरला: ऐसा नहीं ही सकता।
और सरला अपना मोबाइल चेक करती है ।
उसने ८ मिस कॉल और ११ मैसेज थे।
ओह शिट रात को मैंने इसे साइलेंट कर दिया था और उसके बाद से चेंज नहीं किया।

नीतु मोबाईल चेक करती है वाक़ई में इतनी कॉल और मैसेज थे।
सरला: मेरा बेबी परेशान होगा मेरे लिये।
और अरुन को कॉल करती है।
सरला: हल्लो।
नीतु इशारा करती है कॉल को स्पीकर पे ड़ालने के लिये
सरला मना करती है।
पर नीतू हाथ जोङकर रिक्वेस्ट करती है और सरला कॉल को स्पीकर पे डाल देती है।

उधर से।
अरुण: याद आ गई
सरला: सॉरी जानू।
बोलकर शरमा जाती है क्यों की वो भूल गई की नीतू खड़ी है।
नीतु इशारा करते हुए लगे रहो
अरुण: क्या कर रही थी।
सरला: वेट कल रात को मोबइल साइलेंट कर दिया था की तुम्हारा मैसेज आएगा और सुबह याद नहीं रहा और अभी तक नीतू के साथ थी अभी वो पडोसी के यहाँ गई है तब चेक किया मोबाइल तो तुरंत आप को कॉल की है।
सॉरी प्लीज माफ़ कर दो।
सरला: प्लीज प्लीज प्लीज।
अरुण: ओके बाबा मैं ग़ुस्सा नहीं हू।
सरला: अच्छा कब तक घर आ रहे हो।

अरुण: जल्दी आके क्या फायदा नीतू घर पे है।
सरला: मैं अपनी जान को अपने पास देखना चाहती हू।
अरुण: ओके मेरी जान आता हूँ आधे घंटे में।
सरला: क्या पहनूँ।
अरुण: वो पिंक वाला सूट और पिंक वाली ब्रा और पिंक वाली जी स्ट्रिंग।
सरला: शरमा जाती है क्यों की नीतू पास में थी।
ओके जान बाय और एक उउउउउम्मम्मह्ह्ह किस
अरुण:किस ये किसके लिए थी ।
सरला: तुम्हारे लिए बाय फ़ोन रखो ।
ओ जल्दी इस लिए करती है क्यों की उसे पता था की अब अरुन क्या बोल्ने वाला है क्यों की नीतू खड़ी थी और सारी बात सुन रही थी पर जब तक अरुन ने बोल दिया।
अरुण: और छोटू की किस।
सरला: अच्छा बाबा उउउउउम्मम्महहह बस अभी रखो मुझे तैयार भी होना है बाय।
और कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।
और अपने रूम में जाने लगती है।
नीतू: पीछे से ये छोटू कौन है माँ।
सरला: कोई नहीं और वहाँ से भाग कर अपने रूम में आ जाती है ।
पर नीतू भी कहा माननेवाली थी।
नीतू: माँ बताओ न ये छोटू कौन है।
सरला: मुझ से मत पूछ और रूम का गेट लगा लेती है।
नीतू: माँ बताओ न छोटू कौन है नहीं तो जो भाई ने यानि पापा ने जो ब्रा पेंटी पहनने के लिए बोला है वो मेरे पास है।
और पापा आप को उन्ही में देखना चाहते है।
सरला: प्लीज नीतू दे दे वो आते होंगे और मैं उसकी इच्छा पूरी न करूँ ये हो नहीं सकता और दरवाजा खोल देती है।

नीतू: ब्रा पेंटी को हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए जल्दी बोलो ये छोटू कौन है।
सरला; तो नहीं मानेगी ।
नीतू: नहीं , माँ क्या ये वही छोटू है जो मैं समझ रही हू।
सरला: मुझे क्या पता तू क्या समझ रही है।
नीतू : वही जो पति के पास होता है और जिस के दम पे वो हमें अपना गुलाम समझते है।
सरला: हाँ वही जिसपर लड़को को बहुत घमण्ड होता है।चाहे वो किसी काम का हो या न हो।
नीतू ; नए पापा का कैसा है घमण्ड करने लायक या बस ऐसे ही।
सरला: अब तू मार खाएगी क्या ।जल्दी दे ।
नीतू; अपना हाथ बढ़ा कर सरला के हाथ में ब्रा पेंटी देते हुए।
पर छोड़ती नहीं है
बता न माँ पापा का कैसा है ।
देख लेगी तो बेहोश हो जायेगी और ब्रा पेंटी उसके हाथ से छिनकर दरवाजा बंद कर लेती है।
बाहर नीतू अपनी माँ की बात का मतलब समझते हुए
बेहोश हो जाऊंगी ।।
आआआआह मतलब बहुत बड़ा होगा।

थोड़ी देर बाद डोरबेल बजती है।
नीतू: आवाज़ देते हुए।
माँ लगता है पापा आ गये।
और दरवाजा खोलने जाती है।
ईधर सरला जल्दी २ तैयार होती है
दरवजा खोलते ही ये अरुन नहीं रवि था नीतू का पति
दरवजा बंद करते हुए नीतू का मूड ख़राब हो जाता है
वो तो सोच रही थी की अरुन आया होगा।
नीतू: माँ ये आये है।
और रवि कमरे में चला जाता है चेंज करने
और नीतू सरला के रूम को नॉक करती है
माँ
सरला: कौंन
नीतू: मैं हूँ खोलो।
सरला: क्या हुआ गेट खोलते हुए।
नीतू अंदर आ जाती है।
सरला का मूड ख़राब हो जाता है
नीतू; क्या हुआ माँ।
सरला: अब सूट कैसे पहनू। रवि आ गया और वो
मुझे सूट में नहीं देखेंगे तो उनका मूड ख़राब हो जायेगा ।
नीतू: तो पहन लो आप इनकी फ़िक्र क्यों करती हो पापा को जो अच्छा लगे वो पहनो उनकी ख़ुशी ज्यादा मायने रखती है।
सरल: पर
नीतू: पर बर छोडो वो कुछ नहीं बोलेंगे बोल दूंगी की जब पापा नहीं होते तो दिन में माँ सूट पहन लेती है।
सरला: नहीं उनको अच्छा नहीं लगेगा की मैं रवि के सामने सूट पहनू। मैं उनसे बात कर लेती हू।
और अरुन को कॉल करती है
और रवि आ गया है बता देती है।
अरुण: नीतू है न वो समझा देगी और पापा को भी उसको बोलो समझायेगी की माँ को सूट पहनने दे घर में।
नीतु इशारा करते हुए सरला को ।बोल दो ठीक है।
सरला ठीक है जैसी आप की मर्ज़ि
कितने देर में आप आ रहे हो।
अरुण: बस १० मिनट थोड़ा ज़ाम था।
और सरला कॉल काट देती है।
नीतू:मैंने बोला था न पापा कुछ नहीं बोलेंगे ।
सरला: पर पूछना भी ज़रूरी था।
तभी रवि नीतू को आवाज़ देता है
और तभी दरवाजे की डोरबेल बजती है।
नीतू: अब की पक्का पापा होंगे ।
सरला: तुझे उनको पापा बोलने में बड़ा मजा आ रहा है अपने भाई को।
नीतू: मजा क्या जब उनकी आप के साथ शादी हुई है तो वो मेरे पापा हुआ न ।
सरला चल जाके गेट खोल बाहर खड़े है वो ।
नीतु गेट खोलती है और अरुन अंदर आ जाता है
तभी रवि भी ड्राइंग रूम में आ जाता है।
वो कुछ बोलता उससे पहले ही।
अरुण: माँ आपने भी नीतू के आते ही सूट पहन लिया
सरला कुछ बोलति उससे पहले नीतू।
नीतू: हाँ तो कुछ लाइफ में चेंज होना चाहिए और आज कल तो सब सूट पहनती है माँ ने पहन लिया तो क्या और मैं तो आज पापा से भी बोलने वाली हूँ।
अरून जैसा आप दोनों की मर्ज़ि।
तभी रवि।
नीतु सही तो बोल रही है।
नीतु देखा इनको भी कोई प्रॉब्लम नही।
अब ठीक है
अरुन ओके मुझे क्या प्रॉब्लम पापा को हो सकती है।
नीतू; उनको मैं समझा दूँगी।
और सब खाने की तयारी करते है।
अरून और रवि डायनिंग टेबल पे
और सरला और नीतू किचन में।
तभी नीतू बाहर आती है और इतने में अरुन किचन में जाता है।
और सरला की कमर पे हाथ फेरता है
सरला: जाओ जान कोई आ जाएगा।
अरुण: कोई नहीं आयेगा
और उसके चूतड़ पे थपड मारता है।
और सरला के मुह से आह निकल जाता है
नीतु सुन लेती है और किचन में आ जाती है और अरुन बाहर चला जाता है।
नीतू: पापा ने छेडा था ना।
सरला: चुप कर ।
नीतू: क्यों , बोलो ना
सरला: हाँ।
नीतू: क्या किया।
सरला: वही बैक पे थप्पड और चुप हो जाती है।
नीतू: माँ लगता है पापा को आप की बैक बहुत पसंद है।
सरला: चुप कर बेशरम।
और नीतू हँस देती है।
माँ मैं उनके साथ खाना ख़ाती हु और पापा को सर्व करने की लिए बोलति हूँ फिर आप दोनों को मस्ती करने जा मौका मिल जायेगा और सरला कुछ बोलति उससे पहले हँसते हुए बाहर आ जाती है और अरुन को किचन में भेज देती है।
नीतु और रवि दोनों डायनिंग टेबल पे ऐसे बैठे थे कि रवि की पीठ किचन की तरफ और नीतू साइड से बैठे थी और तिरछी नज़र से किचन में देखती है।
इधर अरुन किचन में
सरला के बुटक्क पे फिर थप्पड मार देता है।
सरला: क्यों मार रहे हो।
अरुण: ये इतने उभरे हुए क्यों है
सरला: चुप रहो।
अरुण: बताओ न जान।
सरला: आपके लिए और आप ने गाण्ड मार मार कर बाहर निकाल दिए है।
अरुण: बस दस दिन में
सरला: आप के लिए दस दिन ही काफी थे कितना बड़ा है आप का।
अरुण: क्यों अच्छा नहीं लगता।
सरला: बहुत अच्छा है मेरा छोटू ।
जाओ उनको पुडी दे आओ।
और अरुन उनको पुडी सर्व करके फिर किचन में आ जाता है।
अरुण: अंदर क्या पहनी है मेरी जान।
सरला: वही जो आप ने बोला था।
अरुण: दिखाओ ना।
स: कोई देख लेगा बाद मैं
अरुण; नहीं मुझे अभी देखना है।
और सरला के पीछे खड़े हो कर निचे बैठता है और सरला की सलवार जो इलास्टिक वाली थी निचे सरका देता है और सरला के चूतड़ पे किस करने लगता है।
सरला: प्लीज छोड दो कोई आ जायेगा।
अरुण: अभी चोदता हूँ ।
सरला: मैं चोदने की नहीं छोड़ने के लिए बोल रही हू।
ईधर नीतू तिरछी नज़र से अपने माँ और भाई की करतुत देख रही थी सरला के चेहरे के एक्सप्रेशन ऐसे थे जैसे अरुन ने कुछ किया हो।
हो भी क्यों न अरुन ने सरला की पेंटी भी निचे सरका दी थी और आगे आकर उसकी चुत चाट रहा था।
सरला; ओह छोड तो कोई आ गया तो क्या सोचेगा
पर अरुन कुछ नहीं बोलता।
और सरला भी एकदम से निचे बैठ जाती है ।
अरुन के दोनों गालो ओ पकड़ कर प्लीज अभी मान जाओ बाद में पक्का आप जो बोलोगे वो करुँगी।
अरुण: पक्का आज दोगी।
सरला: हाँ पक्का मेरी जान और उसके लिप्स पर किस कर के उठ जाती है।
और नीतू साइड से सब देख रही थी अपनी माँ और नए पापा का रोमांस।

तभी नीतू आवाज़ देती है अरुन अब तुम खा लो मैं सर्व कर देती हूँ।
सरला: उठ जा अरुन नीतू आ जायेगी
और अरुन और सरला उठ जाते है
और नीतू किचन में आ जाती है और अरुन बाहर
नीतू: क्या चल रहा था।
सरला: कहाँ।
नीतू: किचन मैं नीचे।
सरला: कुछ नहीं बस वो अरुन और चुप हो जाती है।
नीतू: लगता है पापा बहुत रोमांटिक है।
मौका मिला नहीं की चालु।
सरला: चुप कर बदमाश तू भी कम नहीं है अरुन से।
नीतू: हु तो उसकी बहन।
कुछ देर ऐसे बात करते २ सरला नीतू से।
सरला: नीतू तेरी थोड़ी हेल्प चाहिये।
नीतू: हाँ बोलो माँ।
सरला: वो क्या है न कि।
नीतू: हाँ बोलो न।
सरला:अरुन कुछ टाइम मेरे साथ अकेले में टाइम स्पेंड करना चाहता है और तेरे और रवि के होते हुए ये पॉसिबल नहीं है तो तुम दोनों कहीं बहार घुम आओ।
नीतू: अच्छा जी अब हम दोनों कबाब में हड्डी बन रहे है।
सरला: ऐसा कुछ नहीं है।
नीतू: तो क्या है।
सरला: बोल न ।
नीतू: ओके ओके बाबा मैं ले जाऊंगी उन्हें ।
अच्छा एक बात पुछु।
सरला: हाँ पुछ।
नीतू: आप दोनों कहा तक पहुंचे ।
सरला: मतलब
नीतू: मतलब फिजीकली।
सरला: शरम नहीं आती अपनी माँ से ऐसे बात करते हुए।
नीतू: ओह हो शरम जैसे आप को आती है।अपनी बेटी से बोल रही हो थोड़ा टाइम दे दो अकेले में।
सरला: चुप कर।
नीतू: बताओ न माँ।
सरला: क्या बेटी।
नीतू: यही की आप और पापा कहाँ तक पहुचे रोमांस में।
सरला: चुप कर।
नीतू: बताओ न माँ।
सरला: जो एक पति और पत्नी के बीच होता है।
नीतू: तभी आप को पता है की मैं पापा के छोटू को देख कर बेहोश हो जाऊँगी।
सरला; नीतू की पीठ पर थप्पड मारते हुए चुप कर बेशरम ।
और नीतू हँसते हुए तो आप को टाइम स्पेंड करना है मैं कुछ करती हू और बाहर आ जाती है।

और नीतू बाहर आ कर रवि से
चलो न कहीं बाहर चलते है घुमने।
रवि: नहीं यार काफी थक गया हु ,कल भी टाइम से जाना है।
थोड़ी देर रेस्ट कर लेता हूँ और अरुन के रूम में चला जाता है।
नीतु ने भी जिद की पर रवि नहीं मानता और बेड पे लेट जाता है।
बाहर आ कर सरला से अरुन भी वही था।
नीतू: माँ वो आराम कर रहे है मैं भी सोच रही हूँ थोड़ा आराम कर लु और आप दोनों भी थोड़ा रेस्ट कर लो और रूम में चलि जाती है।

सरला और अरुन के रूम में जाने का वेट करती है
उसके मन में बहुत कुछ चल रहा था।
इधर सरला और अरुन दूसरे रूम में आ जाते है।
और गेट बंद कर लेते है और अरुन सरला पर टुट पड़ता है।
सरला: आराम से जान कही भाग नहीं रही और अरुन का साथ देने लगती है।
थोड़ी ही देर में दोनों के सरीर पे एक भी कपडा नहीं था।सरला नीतू की बजह से संतुष्ट थी की वो रवि को सम्हाल लेगी पर उसे ये नहीं पता था की उस टाइम दो ऑंखें इन दोनों को देख रही थी और ये कोई
और नहीं नीतू थी जो इन दोनों को दरवाजा के की होल से देख रही थी और रवि सो रहा था और उसने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि रवि बाहर न आ सके।

उसका इन दोनों को चुप कर देखने का एक ही मक़सद था ।
और वो ये की अरुन का छोटू वाक़ई में इतना बड़ा था की वो उसे देख कर बेहोश हो जायेगी और मम्मी शायद इस्सीलिए अरुन की दीवानी हो गई है।
क्यूं की एक औरत को न गाड़ी चहिये ना बांग्ला ,ना सोना चाँदी उसको तो रोज भरपूर चुत और गांड की चुदाई चाहिए वो भी मोते
लंड से ।

और अंदर देखती है।
जब सरला अरुन का अंडरवियर उतारती है उसका 9 इंच का मुसल बाहर आ जाता है।
और नीतू की ऑंखें फटी की फटी रह जाती है।
उसकी माँ ने उससे झूठ नहीं बोला था ।
वो वाक़ई में उसे देख कर बेहोश तो जाती अगर उसकी माँ ने उसे आईडिया नहीं दिया होता अरुन के लंड का।
उधर सरला अरुन के लंड को मुह में ले कर चुसने लगती है।

अरुण: आह माँ क्या लंड चुसती हो बिल्कुल किसी रंडी तरह।
सरला कोशिश करती है की पूरा लंड मुह में ले सके
पर नहीं जाता।
अरुण: आह कोशिश अच्छी है पर अभी और मेहनत करनी पडेगी।
सरला: लंड को मुह से बाहर निकालते हुए
देखना एक न एक दिन पूरा अंदर ले लुंगी।
चलो करो जो करना है।
अरुण: मतलब।
सरला: आगे करना है या पीछे।
अरुण: पर मुह से तो निकालो।
सरला: समय नहीं है जान रवि जग गया तो और नीतू भी आ सकती है।
अरुण: ग़ुस्सा होते हुए।
सरला: कुछ दिन की बात है जान।
वो चले जायेंगे फिर जो करना हो कर लेना।
चलो बताओ मेरे राजा को क्या चाहिए ।अपनी राण्ड की गाण्ड का छेद या चुत या मुँह।
बाहर नीतू ये सुन कर शॉकड हो जाती है।
माँ अपने आप को आप को राँड़ क्यों बोल रही है।
और अंदर अरुण।
मुझे दोनों चाहिए साली रंडी।
सरला: तो ले लो न मना किस ने किया है मेरे राजा और बेड पे सीधे लेट जाती है।
ओर दोनों बाँहों को फैला कर अरुन को बुलाती है।
और अरुन सरला की दोनों टांगो को खोलकर उसकी चुत को अपने मुह में भर लेता है।
सरला: आह ओह माँ क्या चुसता है मेरा राजा
और बाहर नीतू के लिए ये नई बात थी चुत को चुसने और लंड को मुह में लेना और ये दोनों चिजे ही अंदर बड़े आराम से हो रही थी उसके पति रवि ने कभी उसके साथ ये सब नहीं किया था।
और अरुन सरला की चुत को चुसे जा रहा था।
सरला: उई माँ और तेज मेरे राजा चूस अपनी राँड की चुत चाट आ माँ आह और तेज।
आह हह माँ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे कर राजा नहीं तो झड जाऊंगी और तुम फिर मेरी गाण्ड मारोगे।
अरुण: चिंता मत कर मेरी छिनाल झड़ने नहीं दूंगा और एक झटके में चूत से मुह हटा कर अपना लंड सरला की चुत में पेल देता है ।

सरला आह सी धीरे धीरे कमिने मादरचोद माँ मार डाला ज़ालिम ने आह स स माँ आहः।
और अरुन बेहरमी से चोदने लगता है।
कैसा लग रहा है मेरी जान ।
सरला: आ आ उफ मज़ा आ रहा है पर जल्दी करो
जान नीतू आ सकती है।

पर उसे क्या पता था की नीतू आ नहीं सकती वो तो बाहर से सारा नज़ारा देख रही है।
और नीतू का बाहर बुरा हाल था वो अपने जीवन में पहली बार इतनी बेरहम चुदाई देख रही थी उसका पति तो बड़े धीरे से उसे चोदता था और उसका लंड भी अरुन के लंड से आधा था।
अंदर अरुन जोर जोर से सरला को पेलता है।
सरला: उई मज़ा मजा आ गया ।
जान अब तुम्हारे लंड के बिना एक पल भी गुजारना मुस्किल है मन करता है इसे अपनी चुत में ले कर दिन भर पड़ी रहूँ।
अरुण: तो मना किसने किया है मेरी जान और कसकर सरला को पकड़ता है और पूरा लंड निकाल कर फिर से एक ही झटके में पूरा पेल देता है।
सरला की चीख निकल जाती है।
सरला: आह स स माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद बहन के लोडे चोद ऐसे ही चोद अपनी रंडी को।
आह स स माँ आहः
अरुण: चोद तो रहा हु रंडी ऐसे ही तेरी बेटी को भी चोदुँगा।
सरला: हाँ तो मना किस ने किया है उसे भी चोद लेना तेरे गधे जैसे लंड को देखकर वो भी तेरी दीवानी हो जायेगी मेरी तरह।
अरुण: तेरी बहन को भी चोदुँगा और उसकी बेटी को भी।
सरला: आह आह उह माआआआआ चोद लेना पहले अपनी इस रंडी को तो ठण्डी कर।
और अरुन के लंड पे पानी छोड देती है।
मै गई मेरे राजा सम्हाल मुझे निकाल दिया तेरे लंड ने मेरा पानी।
अरुण: पर मेरा नहीं हुआ अभी।
सरला: मुझे पता है मेरी जान का इतनी जल्दी नहीं होता और अरुन को उठने का इशारा करती है और अरुन के उठने के बाद खुद डोगी स्टाइल में हो जाती है और अपने दोनों हाथों से अपने चुतड को फैला कर
ले मेरे राजा तेरी राँड की गाण्ड हाज़िर है तेरे लंड को ठण्डा करने के लिये।
और बाहर नीतू ये सब देख कर पागल हो जाती है।
क्या रंडीपना चल रहा है अंदर और वो लोग उसका नाम क्यों ले रहे है।
इधर अरुन सरला की गाण्ड पे अपना थूक लगाके अपना लंड टीकाता है और एक झटके में पूरा लंड सरला की गाण्ड में पेल देता है।
सरला: ओह माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद ने मेंरी गाँड को।
तेरी माँ हूं रंडी नही।
अरुण:तू मेरी राँड भी है वो भी पर्सनल वाली और बाद मैं तेरी बेटी भी मेरी राँड होगी ।
बो साली होगी ना।
सरला: हाँ होगी वो भी तेरी रंडी बनेगी मुझे पता है उसे भी तेरे जैसा मुसल लंड चाहिए मुझे पता है रवि के बस का नहीं है मेरी बेटी तो ठण्डा करना वो भी अपनी माँ की तरह गरम माल है।
अरुण: हाँ एकदम गरम मम्मे और गण्ड तो तेरे जैसा है
और अपनी स्पीड बढ़ाता जाता है।
सरला: आह माँ आह सी आ ओह आह माँ आह सी और तेज जान और तेज़ फाड़ दे मेरी गाण्ड और निकाल दे अपना पानी मेरी गाण्ड में
और सिसीयाती रहती है।
नीतु अपनी माँ के मुह से अपने बारे में ऐसी बात सुन कर सोचती है।
मेरी माँ मुझे अपने बेटे की राण्ड बनाना चाहती है।
ये कैसे सोच सकती है की मैं ऐसा करुँगी।
और उसे कैसे पता की रवि का लंड मेरे भाई के लंड से आधा है।
दूसरा मन नीतू का ।
वो भी तो मेरे भले की सोच रही है इतना बड़ा लंड मेरे चुत में जायेगा तो क्या होगा
फंसता जायेगा और माँ तो गाण्ड भी मरवा रही है मैंने तो कभी भी नहीं किया वहाँ पे मेरी तो फट जायेगी।
नीतु सोचते सोचते झड जाती है
और अंदर अरुन भी अपनी माँ की बात सुन के उसकी गाण्ड में पानी छोड देता है।
और सरला पे लेट जाता है।
नीतु वहाँ से उठ कर अपने रूम में आ जाती है और टाइम देखती है उसे अंदर देखते हुए दो घंटे हो गये थे मतलब अरुण माँ को पिछले दो घंटे से चोद रहा था और रवि तो 5 मिनट में झड जाते है।
और बाथरूम में आ कर अपनी चुत साफ़ करती है
और इधर अरुन सरला के उपर से उठ जाता है।
और सरला को बाँहों में ले कर।
अरुण: सॉरी माँ मैं आप को पता नहीं क्या क्या कहता हूँ और बेरहमी से चोदता हूँ आप को काफी दर्द होता होगा ना।
सरला: सब होता है पर मुझे बहुत अच्छा लगता है
ऐसे लगता है जैसे मैं फिर से जवान हो गई हू।
और तेरे लंड से दिए हुए दर्द में भी मुझे मजा आता है और अरुन के लिप्स पर किस करती है ।
चलो जाओ फ्रेश हो जाओ नीतू कभी भी आ सकती है
और दोनों फ्रेश होने चले जाते है।
और इधर नीतू भी फ्रेश हो कर बाहर आ जाती है और रवि के पास आ कर लेट जाती है।

थोड़ी देर में अरुन और सरला बाहर आ जाते है
और सरला किचन में रात के डिनर का इन्तज़ाम करने चलि जाती है और अरुन टीवी देखने लगता है।
माँ की आवाज़ सुन के नीतू भी बाहर आ जाती है
पर अरुन से कुछ नहीं बोलति और किचन में चली जाती है।
पर सरला से भी कुछ बात नहीं करती ।
सरला: नीतू को देख के शरमा जाती है क्यों की उसे पता था की सरला और अरुन रूम में क्या कर रहे थे
इधर नीतू भी समझ नहीं पा रही थी की क्या बोले जो उसने अंदर रूम में सुना।
पर पूछे कैसे अगर पूछेगी तो सरला उल्टा उससे पूछेगी की उसे कैसे पता की रूम में क्या बात हुई।
इसी बजह से दोनों में से कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहा था।

तभी अरुन का सेल बजा।
और अरुन बात करता है सरला और नीतू उसको देखते है जैसे पूछ रहे हो किसका फ़ोन है।
और बात करने के बाद ।
अरुण:माँ
सरला: हाँ बेटा किसका कॉल था।
अरुण: माँ वो पापा का कॉल था स्टेशन जाने के लिए बोल रहे है।
सरला: क्यु।
अरुण: वो प्रीति बुआ आ रही है उनको लेने जाना है स्टेशन।
पापा ऑफिस से निकल नहीं पा रहे इसलिए मुझसे बोले है।
सरला: अब ये क्यों आ रही है।
नीतु सरला के मन को समझते हुए माँ पहले ही मेरे और रवि के आने से परेशान है क्योंकी उनको अरुन के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका नहीं मिल रहा अब बुआ भी आ रही है।
सरला अरुन से।
वो खुद नहीं आ सकती।
अरुण: आ नहीं सकती तभी तो पापा ने बोला है
और स्टेशन चला जाता है।
सरला कुछ कुछ बुद्बुदाते हुए।
नीतू: अब बोलने से क्या होगा माँ बस तो स्टेशन आ चुकी है।
सरला इधर थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी।
नीतू; आप ऐसे क्यों चल रही हो।
सरला: कुछ नहीं बस ऐसे ही।
नीतू; दिन में तो ठीक थी।
सरला बोली: न कुछ नही।
नीतू ; कहीं पापा ने तो कुछ,,,। ,
सरला शरमा जाती है ।
नीतू : बोलो न माँ क्या हुआ।
कहीं गिर गई तो दवा लगा दु।
सरला: नहीं ऐसा कुछ नहीं है ये तेरे पापा की मेंहरबानी है ।
नीतू: मतलब।
सरला: जब भी मैं उनके पास होती हूँ तो वो मेरा ऐसा ही हाल करते है , मेरी चाल बिगाड देते है।
नीतू: वो ऐसा क्या करते है की आप की चाल बिगड जाती है।
सरला: शरमा जाती है। अब शरम कर सब पूछेगी क्या
नीतु जानती सब थी पर बोल नही सकती थी की अरुन ने अपने मुसल लंड से सरला का ये हाल किया है।

अभी भी दोनों माँ बेटी में थोड़ा शरम या पर्दा था।
पर नीतू ये ज़रूर जानना चाहती थी की वो उसका नाम अरुन के सामने क्यों लेती है और क्या वाकई में मुझे अरुन से चुदवाना चाहती है ।
इधर अरुन स्टेशन पहुच कर प्रीति को रिसीव करता है और स्टेशन से बाहर आ कर टैक्सी करता है।
और दोनों टैक्सी में बैठ कर।
प्रीति: कैसा है अरुण।
अरुण: बढ़िया।और अपना सुनाओ ।
प्रीति: मैं भी ठीक हूँ बस तेरे फुफाजी से लडाई हो गई और तुम लोगो से मिलने का मन कर रहा था सो आ गई।
लेटस इंट्रोड्यूस प्रीति ।

प्रीति रमेश की सब से छोटी सिस्टर है जिस की उम्र ३९ तीन बच्चो की माँ और रहती ऐसे है जैसे अभी कुवारी हो और फुल टाइम मेकअप में रहती है और हम उमर होने की बजह से सरला से पटती है और
हुबहु साउथ इंडियन एक्ट्रेस रंभा की तरह दिखती है थोड़ी मोटी तो नहीं कहेंगे पर भरा हुआ शरीर है एक दम हॉट एंड सेक्सी।

और दोनों बात करते हुए घर पहुच जाते है।
सरला प्रीति को मिल कर खुश होती है ।
खुश न हो तो क्या करे।
और प्रीति नीतू और रवि से मिलकर खुश होती है
की वो भी उससे मिल गये।
ऐसे ही बात करते हुए रात हो जाती है और रमेश भी ऑफिस से आ जाता है और सब मिल कर डिनर करते है ।फिर सोने की तैयारी होती है कौन कहा सोये।
डीसाइड ये होता है ।
प्रीति ज़िद करती है सरला के साथ सोने की तो
रमेश अपने रूम में
रवि और अरुन ,अरुण के रूम में
और सरला नीतू और प्रीति ड्राइंग रूम में एक साथ
और सभी अपनी २ जगह लेट जाते है।
और फिर सरला और प्रीति की बातें शुरु होती है और रात के दो बजे तक चलती है।
और नीतू इन दोनों की बातों से बोर हो जाती है
और उठ कर अरुन के रूम में आ जाती है।
जहाँ रवि सो चूका था और अरुन जग रहा था।
नीतू: क्या हुआ नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
नीतू;मन ही मन जानती हूँ माँ के बिना नींद नहीं आती अब।
क्या मैं यहाँ सो जाऊँ।अरुण ओके कर देता है।
पोसिशन

रवि बेड पे राइट हैंड पे सो रहा था अरुन लेफ्ट पर जगा हुआ था इसलिए अरुन को बीच में भेज देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।
नीतु को यकीन नहीं हो रहा था की वो अरुन के साथ बेड पे लेटी है।
वो अरुन से कुछ बात करती उससे पहले प्रीति की आवाज़ आती है।
नीतु :हा बुआ
प्रीति:बेटा मेरी कमर में निचे लेटने से दर्द हो गया तो एक काम कर अपनी माँ के साथ सो जा मैं यहाँ अरुन के साथ लेट जाती हू।
नीतु बेमन से ओके बुआ और उठ कर अपनी माँ के पास चलि जाती है।

इधर अरुन अपनी बुआ को अपने पास पा कर समझ नहीं पाता ।
प्रीति: अरुन सो गये।
अरुण: नहीं
प्रीति: क्यों नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
प्रीति: गर्ल फ्रेंड की याद आ रही है।
अरुण: बुआ आप भी न मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है।
प्रीति: क्या बात कर रहा है तू इतना हॅंडसम और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
अरुण: सच बुआ कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है।
प्रीति: सब ठीक तो है
अरुण: मतलब।
प्रीति: मतलब कोई मिल्क नहीं या कुछ प्रॉब्लम है।
अरुण: कोई प्रॉब्लम नहीं है बस मन नहीं है गर्ल फ्रेंड बनाने का।
प्रीति: मुझे तो कोई गड़बड़ लग रही है।
अरून प्रीति की बातों से इरीटेट हो जाता है।
अरुण: बुआ वो कोई आप जैसी नहीं मिली न इसलिए कोई गर्ल फ्रेंड नहीं बनी।
प्रीति: अच्छा जी तो अब भतीजा बुआ पे लाइन मारेंगा।
अरुण: हाँ अगर बुआ साथ दे तो।
प्रीति: चल पागल कहीं का बुढ़िया पे लाइन मारेंगा।
अरुण: क्या बात करती हो बुआ आज भी आप अगर रोड पे निकल जाओ तो लाखो मज़नू आप के पीछे २ चल देंगे।
प्रीति: चढा दे चने के पेड़ पे ।
अरुण: सच बोल रहा हु बुआ आप अगर कहो तो आप को गर्ल फ्रेंड बना लु।
प्रीति: पहले अपने बाप से पूछ ले फिर मुझ से बात करियो।
अरुण: पहले आप बताओ पटोगी या नहीं फिर पापा से बात करुँगा।
हट बदमाश चल सो जा काफी रात हो गई।

इधर बाहर नीतू और सरला लेटी हुई थी।
नीतु बार २ करवट बदल रही थी
सरला: क्या हुआ नीतू नीन्द नहीं आ रही।
नीतू: हाँ नहीं क्यु।
सरला: क्या हुआ बेटा कोई बात है क्या जो तुझे परेसान कर रही है।
नीतू: हाँ माँ
सरला: बोल अपनी माँ से बोल कोई प्रॉब्लम है रवि के साथ।
नीतू: नहीं माँ उनके साथ कोई प्रॉब्लम नही।
सरला: तो
नीतू: वो माँ आप और पापा के बारे में।
सरला: पापा मतलब अरुन या तेरे पापा
नीतू: अरुन के बारे में।
सरला: बोल और मन ही मन डर रही थी की क्या पूछेगी या बोलेंगी।
नीतू: वो माँ सोर्री।
सरला: सॉरी क्यु
नीतू: वो आज दिन में मैंने आप को और अरुन को एक साथ देखा था।
सरला: मतलब।
नीतू: झिझकते हुए।
आप के रूम की कीहोल से सबकुछ देखा।
सरला: नीतू क्यों किया ये तुने। सब बता तो दिया था न।
नीतू: बस ऐसे ही आपकी बातों में आ कर आप की उस बात की बजह से की मैं अगर छोटू देख लि तो बेहोश हो जॉंउगी।
सरला: मतलब तूने सब देख लिया तो अब प्रॉब्लम क्या है।
नीतू: वो मुझे आप से या अरुन से कोई प्रॉब्लम नहीं है।
सरला: फिर।
नीतू: आप और अरुन मेरा नाम क्यों ले रहे थे और अरुन आप को रंडी क्यों बुला रहा था।
सरला: शॉकड हो जाती है आज तक अरुन ने इस बात का जीक्र सेक्स के बाद कभी नहीं किया क्यों की दोनों एक दूसरे को गरम करने और जल्दी झड जाते इस लिए उसकी बातें करते थे और नीतू ने सब सुन लिया था। क्या जवाब दे इसकी बातों का।
नीतू: बोलो मा।
सरला: वो बेटा जब पहली बार अरुन ने मेरे साथ सेक्स किया तो वो काफी देर तक नहीं झड़ता था जिसकी बजह से मुझे काफी देर तक उसको झेलना पड़ता था मैंने कही सुना था की सेक्स के दौरान सेक्सी बात करने से पार्टनर जल्दी गरम और ठण्डा हो जाता है बस इसलिये मैं उस दिन से ऐसी बातें करती हूँ।
नीरू: और अरुण।
सरला: अरुन इसलिए की वो मुझे झड़ा सके ।अगर मैं उस को खुश नहीं रख पाई तो वो तुम्हे चोद देगा मेरे सामने और मुझे छोड देगा।
नीतू: क्या ये सब सच में होगा।
सरला: नहीं पगली ये सब तो हम ऐसे ही बोलते है।
तूने तो फिर भी पूछ लिया ।
मेरे और अरुन के बीच इस बारे में आज तक बात नहीं हुई सिर्फ सेक्स के टाइम बात होती है उसके बाद सिर्फ मैं और वो कोई तीसरा नही।

चल सो जा काफी रात हो गई है
पर नीतू की तो इन दो घंटे ने ज़िन्दगी बदल दी।
वो अभी तक रवि के लंड को सब से बड़ा लंड समझती थी पर अरुन का देख कर वो पागल हो गई
उसे अभी तक यहि पता था की लंड से चुत मारी जाती है पर अरुन तो माँ की गाण्ड मार रहा था।मुँह में पेल रहा था।
उससे सिर्फ ये पता था लंड चोदने के लिए होता है पर माँ तो मुह में ले कर चूस रही थी और अपनी चुत अरुन से चुसवा भी रही थी पर रवि ने आज तक उसकी चुत नहीं चुसी।
और सुब से बड़ी बात अरुन उसके बारे में क्यों बोल रहा था कही वो मुझे चोदना तो नहीं चाहता और माँ मेरा नाम क्यों ले रही थी कहीं वो मुझे अरुन से चुदवाना तो नही चाहती।
यही सोचते सोचते नीतू को कब नीन्द आई पता न चला।

इधर अरुन के रूम में
एक तो अरुन को नीन्द नहीं आ रही थी उपर से प्रीति ने उसके बगल मैं लेट कर अपनी दोनों टाँगे अरुन के उपर रखी हुई थी जिसकी बजह से उसे नीन्द नहीं आ रही थी।

तभी अरुन अपना मोबाईल निकालता है
और मैसेज टाइप करता है।
“” मुझे अभी मिलना है छत पे “”””
और सरला के मोबाइल पे सेंड कर देता है
और उठ कर छत पे चला जाता है
इधर सरला का मोबाइल वाइब्रेशन होता है
वो मैसेज चेक करती और उठकर बैठ जाती है
अब इन्हे क्या हुआ ।
और नीतू को उठाती है।
नीतू: क्या हुआ।
सरला: वो तेरे पापा उपर बुला रहे है।
नीतू: पर इस टाइम ।
सरला: वो तेरी बुआ लेटी थी न उनके बगल में।
नीतू: हाँ तो।
सरला: तो क्या सोते में कुछ हरकत की होगी और वो गरम हो गये होंगे ।
और जब वो गरम हो जाते है तो जब तक वो ठन्डे न हो उनको नीन्द नहीं आती।
सरला: मैं उपर जा रही हूँ वो जा चुके है।
काई जग जाये तो रिंग कर देना।
नीतू: ओके पर छत पर क्या करोगे।
सरला: कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा नहीं तो वो पूरी रात सो नहीं पायेगे।
और उपर चलि जाती है।

ऊपर छत पर

सरला: क्या हुआ जान।
अरुण: वो बुआ की बच्ची।
सरला: क्या किया उसने ।
अरुण: दोनों टाँगे मेरे उपर रख के सो रही थी
और अपना लोअर उतारते हुए ।
ओर इसे खड़ा कर दिया।
सरला: और आप से सब्र नहीं हुआ।
अरुण: तुम्हारे होते हुए सबर क्यों करुं।
अब जल्दी से कुछ करो।
सरला: जैसे की।
अरुण: मुँह में लो गाण्ड में या चुत में तुम देखो पर जल्दी ठण्डा करो।
इधर नीतू से कण्ट्रोल नहीं हुआ वो भी छत पे आ गई
और अरुन और सरला की बात सुन ली ।
माँ कितना जान गयी है अरुन के बारे में जो बोली वही निकला बुआ ने अरुन की परेसान कर दिया।
अब माँ क्या करेगी छत पे कोई आ गया तो पडोसी।

इधर
सरला अरुन के लंड को मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआ मजा आ गया
आईसे हे चुसो आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
सरला: और तेज़ २ चुस्ने लगती है
अरुण: आज तूने फिर साबित कर दिया की तो मेरी पर्सनल रंडी है एक मैसेज पे उपर आ कर मेरा लंड चूस रही है।जब की रिश्तेदार निचे है और तू उपर अपने बेटे का लंड चूस रही है।सरला के सर को सहलाते हुए साली मेरी पालतू कुतिया।
आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह ऐसे ही चूस मेरी रंडी और तेज
और जोर से कर जिससे जल्दी निकल जाये नहीं तो तेरे को ही परेसानी होगी।
सरला अपनी स्पीड बढ़ा देती है
और टट्टों को मुह में भर कर चुसने लगती है।
अरुण: जल्दी कर रांड नहीं तो जा अपनी बेटी को बुला ला वो चूस देगी ।
सरला अरुन की बात सुन कर
क्या बोला।
अरुण; अगर तेरे से नहीं हो रहा तो अपनी बेटी को बुला ले वो चूस देगी।
और ये बोलते हुए सरला के मुह में लंड घुसा देता है
और सरला फिर से लुंड को चुसने लगती है।
उधर नीतू अरुन के मुह से अपना नाम सुन कर और लंड चुसने की बात पर पागल हो जाती है और उसकी बुर पनिया जाती है।
अरुण: क्या हुआ रांड निकल नहीं रहा तुझसे तो अपनी बेटी को बुला ला नहीं तो अपनी ननद को बुला ले जिसने इसे खड़ा किया है वो ही इसे ठण्डा कर देगी।
या दोनों को बुला ले।
और इतना बोलते ही अरुण का लंड पानी छोड देता है
और सरला अरुन के लंड को चाट २ कर साफ़ करती है
और खड़ी हो कर।
सरला:हो गया या किसी को बुलाऊ।
अरुण: हो गया मेरी जान तुझसे नहीं होगा तो किसी से नहीं होगा।
चलो चलें
सरला: सही है अपना काम हो गया चल।
अरुण: तो रुको अभी तुम्हारी फाड़ देता हूँ।।
सरला: नहीं जान मज़ाक़ कर रही हूँ जल्दी चलो कोई भी जग सकता है
और दोनों निचे आ जाते है।
अरून अपने रूम में चला जाता है और सरला नीतू के बगल में लेट जाती है
सरला; नीतू
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: मुझे पता है तुम जाग रही हो।
नीतू ; वो मैं।
सरला: कुछ मत बोल तूने सब सुन लिया न बाद में जो बोले अरुण।
मैने आज तक सेक्स के बाद उससे नहीं पूछा पर मुझे पता था की तू वही पे है इसलिए मैंने उससे पूछा किसी को बुलाऊ और उसने क्या जवाब दिया।
नीतू : हाँ माँ मैंने सुना और चुप हो गई।
कुछ देर दोनों खामोश रहते है।

तभी सरला
सरला: नीतू
नीतू; हाँ माँ।
सरला: क्या रवि का अरुन के बराबर है।
नीतू : क्या माँ।
सरला; तू सब समझ रही है मैं किस की बात कर रही हूँ।
नीतू; नहीं माँ उनका मुस्किल से अरुन से आधा भी नहीं है।
और वो ये सब भी नहीं करते है जो अरुन आप के साथ करते है।
सरला: तभी तू इतना गौर कर रही है।
हाय रे माँ बेटी की किस्मत दोनों के पति निठल्ले।
नीतू: माँ ये हमारे साथ क्यों ।
मुझे ये सब नहीं देखना चाहिए था न देखति न मुझे पता चलता की ये सब भी होता है सेक्स में।
पता नहीं सरला के दिमाग में क्या आता है।
सरला: तुझे अपने भाई का लंड कैसा लगता है
नीतू: कुछ नहीं बोलती।

सरला: बोल ना नीतू।
नीतू; माँ बहुत बड़ा है यकींन नहीं होता की इतना बड़ा लंड हो सकता है और सोचती हूँ इतना बड़ा अंदर जा सकता है आप तो पीछे भी लेती हो मुझे तो आगे लेने में ही डर लग रहा है।
एक बार छुने का मन करता है की ये सपना है या हक़ीक़त।
सरला: मतलब तू लेना चाहती है अंदर।
नीतू: नहीं माँ मेरे कहने का ये मतलब नहीं था।
सरला: समझ गई तेरा भी दिमाग ख़राब हो गया है अरुन के लंड को देख कर जैसे मेरा हुआ था और मैं तो उसकी दीवानी हो गई हु तभी तो बेटे के लंड के बारे में बेटी से बात कर रही हू।
गलती तेरी नहीं है।
चल सो जा सुबह होने वाली है सब सो रहे है।
और हम माँ बेटी बेटे और भाई के लंड की दीवानी हो गई है।
सरला: उसका लंड लेगी।
नीतू ; माँआआआआ।
सरला: बोल ना।
नीतू: अगर आप की मर्ज़ी होगी तो ।
मुझे पता है पापा नहीं देंगे क्यों की जब बुआ उनके पास सो रही थी फिर भी वो आपके पास आये
तो वो मुझे क्यों प्यार करेंगे।
सरला: उसमे और तुझे में बहुत फ़र्क़ है।
छोड़ इन बातों की सो जा।
कल बात करते है।
नीतु मन ही मन क्या सच में मम्मी सीरियस है।

अगली सुबह।

रमेश और रवि ब्रेकफास्ट करने के बाद अपने २ ऑफिस चले जाते है और अरुन भी कॉलेज के लिए रेडी होकर निकल जाता है।
और घर पे लेडीज रह गई।
तीनो ब्रेकफास्ट टेबल पे
प्रीति: भाभी अरुन की शादी कब कर रही हो।
सरला: तुम भी दीदी अभी अरुन की उम्र क्या है।
प्रीति: क्यों २१ का होने वाला है।
सरला: अभी उम्र ही क्या है।
प्रीति: बेचारा की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है रात भर जागा रहता है।
सरला: आप को कैसे पता।
प्रीति: बस कल रात बात हुई थी बेचारे को नीन्द नहीं आ रही थी।
कितना हॅंडसम लड़का और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
सरला: मन ही मन उसे किसी गर्ल फ्रेंड की ज़रूरत नहीं है उसकी माँ ही काफी है उसकी हर इच्छा पूरी करने के लिए और ज़रूरत पड़ी तो बहन भी लाइन में है ।
प्रीति: क्या हुआ भाभी क्या सोचने लगी।

सरला: कुछ नहीं ।
जैसे आप सोच रही है ऐसा नहीं होगा।
नीतू: माँ सही बोल रही है अरुन की कोई न कोई गर्ल फ्रेंड जरुर होगी।
सरला: दीदी आप को इतनी फिकर है तो जाओ बन जाओ। बुआ तो भतीजा की गर्ल फ्रेंड बन सकती है।
प्रीति: कहाँ भाभी अब इस उम्र में अगर जवानी में मिला होता तो बना लेती।
सरला: अब क्या प्रॉब्लम है जीजाजी तो घर पे है।
बात तो कर सकती हो भतीजे से।
प्रीति; भाभी आप भी न ।
नीतू;माँ सही तो बोल रही है।
आप अरुन की बुआ हो मैं होती तो सेट कर लेती
और हॅसने लगती है।
और मन ही मन मैं तो बना लुंगी उनको अपना बॉय फ्रेंड और उनकी गर्ल फ्रेंड बन जॉंऊंगी।,,,,,,,,
ऐसे ही बात करते हुए ब्रेकफास्ट करती है।
प्रीति: मैं थोड़ी देर आराम कर लु रात को सो नहीं पायी।
सरला: हाँ आप जाओ अरुन के रूम में।
और सरला और नीतू किचन में।
नीतू: माँ आप ये क्यों कर रही हो।
सरला: क्या।
नीतू:यही बुआ को पापा की गर्ल फ्रेंड बना लो।
सरला: मैं तो मज़ाक़ कर रही थी।
पर तेरी बुआ ने मेरी शादी के बाद तेरे पापा से कई बार दुर किया है।
हम कही जाते थे तो साथ चलना।
मुझे कही उनके साथ जाना तो मुझे कुछ काम हैं बोलकर उनको अपने साथ ले जाती थी।
इसलिये मैं चाहती हूँ की ये अरुन के प्यार में पड़ जाए
और अपने पति से दुर हो जाए।

नीतू: पर माँ अगर पापा बुआ से प्यार करने लगे तो।
सरला: ऐसा कुछ नहीं होगा मुझे अपनी जान पे पूरा भरोसा है।
मेरा मतलब अरुन पे।
नीतू: हाँ हाँ समझ गयी आप की जान यानि मेरे पापा पे
और हँस देती है।
सरला: तू न बहुत बदमाश हो गई है।
नीतू: बनाया आपने और पापा ने है।
सरला: मैं तो ठीक पर अरुन ने कैसे।
नीतू: अपना दिखा कर।
सरला: क्या दिखा कर।
नीतू: आप समझ रही हो।
सरला: नहीं समझ रही तू बता।।
नीतू: अरुन के लंड ने और शरमा जाती है।
सरला: पक्का बेशरम हो गई है अपने माँ के सामने उसके पति के लंड की बात कर रही है।
नीतू: वो मेरे पापा का भी है तो बाप की प्रॉपर्टी पे उनके बच्चो का भी हक़ होता है और लड़कियों का भी बराबर हक़ होता है।
सरला: बड़ी आई हक़ वाली वो सिर्फ मेरे है।
नीतू: नहीं मुझे भी मेरा पूरा हाफ शेयर चाहिये।
सरला: बेशरम दे दूंगी अब ठीक।
नीतू: हाँ नहीं तो छीन लेती।
सरल: बड़ी आई छिनने वाली।वो तो तू मेरी बेटी है इस लिए शेयर कर लुंगी।
और दोनों हँसने लगती है।

कुछ देर ऐसे ही बात करते हुए।
अरून की कॉल आती है।
सरला:;नीतू बात कर।
नीतू: माँ पापा का है।
सरला: हाँ तो बात कर क्या बोल रहे है।
और नीतू कॉल पिक्क करती है।
नीतु के हेलो बोल्ने से पहले।
अरुण: क्या हुआ रांड क्या कर रही थी जो कॉल उठाने में इतना टाइम लगा दिया
नीतु चुप हो जाती है ।
अरुण: क्या हुआ रांड बोल न।
हलो।
और नीतू सरला को मोबाइल दे देती है।
सरला: हेलो।
अरुण ; क्या हुआ रांड जवाब नहीं दिया मुह में अभी भी दर्द है क्या।
सरला: बोलो मेरे राजा क्या बोल रहे हो ।
अरुण: सुना नहीं क्या ।
पूछ रहा हूँ मेरी रांड क्या कर रही है जो कॉल पिक्क करने में इतनी देर लगा दी।
सरला: आप ने क्या बोला।
अरुण: हाँ रांड कितनी बार बोलु।
सरला: पहले आप की कॉल नीतू ने उठाई थी।
अरुण: क्या , मतलब पहले नीतू थी।
सरला: हाँ।
अरुण: इसका मतलब नीतू ने सब सुन लिया।
सरला: हाँ।
अरुण: वो क्या सोचेगी।
सरला: कोई बात नहीं । मैं बात कर लुंगी आप बताओ क्या हो रहा है।
अरुण: बस ऐसे ही ये बुआ कब जायेगी।
सरला: क्यों आप को क्या करना है।
अरुण: तुम्हारी गाण्ड और चुत मारनी है।
सरला: बताओ कब मेरी जान ।
जब कहोगे तब मिलेगी ।

अरुण: ये हुई न बात मेरी पर्सनल रांड।
आज कॉलेज से आने के बाद तुम्हारी चुत लूँगा।
सरला: ओके मैं तैयार रहुंगी।
अरुण: पर बुआ और नीतू ।
सरला: आप उनकी चिंता मत करो मैं मैनेज कर लुंगी।
बस अब कस कर चोद देना मेरी चूत में भी खुजली हो रही है ।
अरुण: कहाँ चुत या गाण्ड में या दोनो में।
सरला: दोनों नहीं तीनो जगह बस आप आ जाओ।
और किस करके कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।
नीतु वही किचन में खड़ी थी और सारी बात सुन रही थी।
नीतू: माँ आप न एकदम ।
सरला: क्या एकदम।
नीतू: सच में एक नंबर की।
सरला: क्या एक नंबर कि।
नीतू: वो वो जो पापा आप को बोलते है।
सरला: क्या रांड ।
नीतू: वो हां माँ।
सरला: बेशरम भाई बोलने दे जो बोलता है अब तू भी बोल रही है अपनी माँ को रांड तो सुन।
हा मैं एक नंबर की रांड हो अपने अरुन की और मुझे उसकी रंडी कहलाने में कोई शरम नहीं है।
और तुझे भी तो उसकी रांड बनने का शॉक चढा है।
नीतू: ऐसा नहीं है और आँख झुका लेती है।
सरला: मेरी आँखों मैं देख कर बोल। नहीं है अपने भाई की रांड बनने की इच्छा।
नीतू: हाँ हाँ बनूँगी मैं अपने भाई की रांड रखेल जो वो बोलेगा वो बनूँगी तुम्हे कोई प्रोब्लम।
सरला: मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं ।क्या तू उसका मुसल ले पायेगी ।
नीतू: जब आप ले सकती हो तो मैं क्यों नहीं शुरु में थोड़ी प्रॉब्लम होगी पर मेरा भाई मेरी आराम से लेंगा।
सरला: क्यों तू कोई राजकुमारी है।
मेरी तो वो बड़ी बेरहमी से लेता है और मुझे तो बड़े मज़े आते है।
नीतू: मैं भी अपने भाई को उसकी मर्ज़ी से दूंगी जैसे वो लेगा वैसे दूँगी।
बस आप एक बार सेटिंग करा दो।
सरला: हाँ रे बेशरम कैसे अपने भाई के लंड की दीवानी हो गई है पति यही पे है और इसे भाई का मूसल चाहिये।
नीतू: क्यों आप के पति नहीं है आप क्यों लेती हो बेटे का वो भी अपनी बेटी के सामने।
सरला: लुंगी क्या कर लेगी
नीतू ; मैं भी लुंगी ।
और दोनों हँस पड़ती है।

थोड़ी देर बाद
सरला: नीतू
नीतू: हाँ माँ।
सरला: तेरे पापा आने वाले है।
और तुझे पता है वो आज नहीं माननेवाले।
नीतू: फिर ।
सरला: कुछ कर न अपनी बुआ का।
नीतू : पर क्या करूं वो कही जाने वाली तो है नही।
सरला: कुछ तो सोच।
नीतू: माँ तुम कितनी बेशरम हो गई हो अपनी बेटी से
बोल रही हो मेरे चूदने का इन्तज़ाम करवा दे मेरे बेटे से।
सरला: प्लीज नीतू अभी मज़ाक़ नहीं अगर उन्हें मेरी चूत नहीं मिली तो वो ग़ुस्सा हो जाएंगे।
नीतू: ओके बाबा कुछ करती हूँ।
पर मेरा क्या होगा।
सरला: मतलब ।
नीतू: मेरा नंबर कब आयेगा।
सरला: पहले मेरी जुगाड़ लगा फिर मैं तेरा करती हूँ।
क्या समय आ गया है अपने पति का लंड लेने के लिए जुगाड़ लगवानी पड़ रही है।
और दोनों हँस पडते है।
तभी प्रीति आ जाती है।
किस बात पे हँस रहे हो दोनो।
नीतू;यही सोच रहे थे की अगर भाई आप को सेट कर लेता है तो क्या होगा।
प्रीति: पहले तो वो ऐसे करेगा नहीं और करेगा भी तो क्या हुआ बुआ हु थोड़ा तो उस की हेल्प कर सकती हुँ।
बेचारे की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है ।
मेरे साथ ही मन बहला लेगा थोड़ी बहुत मस्ती कर लेगा अपनी बुआ के साथ।
और तीनो हँसने लगते है।
प्रीति: वैसे कब आएगा हमारा लवर बॉय।
सरला: वो आने वाले है।
प्रीति: क्या बोली।
आने वाले है।
सरला: मतलब आप के होने वाले बॉय फ्रेंड को तो रेस्पेक्ट देनी पडेगी।
नीतू: आखिर हमारे फुफा जी जो है।
प्रीति: रुक अभी बड़ी आयी फुफा जी की बच्ची
और नीतू भाग जाती है और प्रीति भी उसके पिछे
और दोनों अरुन के रूम में।
प्रीति: बड़ी बदमाश हो गई है तो शादी के बाद।
नीतू: नहीं बुआ ऐसा नहीं है।
मै इसलिए बोल रही हूँ मेरे भाई का भला हो जायेगा आप जैसे गर्ल फ्रेंड को पा कर।
प्रीति: तो बन जाऊँ उसकी गर्ल फ्रेंड।
नीतू: मैं बन जाती पर वो मेरा भाई है और आप का भतीजा।
प्रीति: पर ये गलत है नीतू।
नीतु: ऐसा नहीं है बुआ किसी को पता नहीं चलेगा जब तक आप यहाँ हो तब तक बना लो। भाई का भी भला हो जायेगा और आप का भी टाइम पास हो जाएगा।
प्रीति: पर बोलूँगी क्या उससे।
नीतू: क्या बुआ आप इतनी समझदार हो आप को क्या समझाना ।
प्रीति: चल आने दे उसे जितना हो सकता है हेल्प कर दूंगी उसकी।
नीतु मन ही मन एक बार अरुन के निचे आ गई न फिर पता चलेगा की तुम उसकी हेल्प करोगी या वो तुझे भी रांड बना के चोद देगा फिर उसके पीछे २ अपनी चुत और गाण्ड लेके घुमति रहना और वो तुम्हे अपने पीछे पीछे घूमाता रहेगा।

नीतु प्रीति से
आप यहाँ अराम कर लो अरुन आएगा तो। बता दुँगी।
प्रीति: चलती हूँ उसी के रूम मैं वेट करती ही तेरे फुफाजी का और हँस देती है।
नीतू: अच्छा जी फुफा जी ।
प्रीति: हाँ जब बॉय फ्रेंड बनाना है तो तेरे फुफाजी हुए ना।
और नीतू बाहर आ जाती है और प्रीति अरुन के बेड पे लेट जाती है।
और सोचती है अरुन कितना हॅंडसम है काश ये मेरा पति होता।
चलो बॉय फ्रेंड बना कर ही मज़े लेती हु उनके बस का तो कुछ है नहीं ५० साल के हो गये है अब तो उनका खड़ा भी नहीं होता।
कितने साल हो गये चुत में लुंड लिए हुए और
सोचते २ सो जाती है।
बाहर नीतू आकर सरला को प्लान समझाती है।
और दोनों अरुन के आने का वेट करते है।
अपने टाइम पे अरुन गेट पे
नीतू: माँ पापा आ गये आप जाओ अपने रूम में और सरला चलि जाती है।
और नीतू गेट खोलती है ।
अरुन नीतू से नज़र नहीं मिलाता।
माँ कहा है।
नीतू : आप के रूम में।
अरून सीधे अपने रूम में आ जाता है।
और रूम की लाइट ऑफ़ थी इसलिए वो ये नहीं देख पता बेड पे सरला है या प्रीति है।
और यही प्लान था नीतू और सरला का।
और अरुन धीरे से बेड के पास जाता है और प्रीति के पीछे लेट जाता है और अपना हाथ से प्रीति के मम्मे मसलने लगता है ।
मम्मे मसलने की बजह से प्रीति की आँख खुल जाती है।
पर प्रीति कुछ बोलति नहीं है।
तभी अरुन को एहसास होता है ये सरला नहीं है
और वो पीछे है जाता है।

अरुन के रुकने की बजह से प्रीति भी परेशान हो जाती है इसे क्या हुआ।
अरून बेड से उठता है तब प्रीति अरुन को आवाज़ देती है।
प्रीति: अरुन ।
अरुण कुछ नहीं बोलता।
प्रीति: अरुन क्या हुआ।
अरुण: कुछ नहीं बुआ।
प्रीति: ये क्या कर रहे थे।
अरुण: वो सॉरी बुआ मैं वो ।
प्रीति:मैं वो क्या तू किसी का वेट कर रहे थे।
अरुण: नहीं ऐसी बात नहीं है।
प्रीति: तो जो तुम ने शुरु किया उसे रोक क्यों दिया।
अरुण: वो मुझसे गलती हो गई।
प्रीति: मैंने कहा क्या की गलती हो गई
अरुण: पर आप मेरी बुआ हो।
प्रीति: मैंने कुछ कहा क्या ।
और अरुन के सर को पकड़ कर अपनी ओर खींचती है और अपने होठ अरुन के होंठो पे रख देती है।
और किस करने लगती है।
और बाहर सरला और नीतू सब देख रही थी।
सरला को पूरा यकीन था की उसका पति उसे धोखा नहीं देगा पर ये सब को देख कर सरला का ट्रस्ट हिलने लगता है और सोचती है जैसे प्रीति ने रमेश को उससे शुरु में अलग किया था अब उसके बेटे को भी छीन लेगी।
और उसकी आँखों में ऑंसू आ जाते है।
नीतू: सरला को देख कर- माँ क्या आप को भाई पे यकीं नहीं है।
सरला: है पर अपनी किस्मत पे नहीं ।
नीतू: पर माँ आप तो यही चाहती थी
सरला: चाहती थी पर अपने तरीके से ना की प्रीति की मर्ज़ी से।

और अंदर
अरुन एक झटके से प्रीति से अलग होता है।
ये गलत है बुआ और बोल कर एकदम से रूम से बाहर आ जाता है ।
और दोनों सरला और नीतू साइड हो जाती है।
और अरुन बहार आकर सरला को आवाज़ देता है।
माँ माँ कहा हो।

सरला अपने रूम में हैं और अरुन सरला के रूम में आ जाता है और नीतू अरुन के रूम में।
नीतु प्रीति से
नीतू: क्या हुआ बुआ फुफा के साथ मज़े आए।
प्रीति: चुप कर कुछ नहीं हुआ
तूने भेजा था अरुन को ।
नीतू: हाँ
क्या हुआ क्या बोले।
प्रीति: कुछ नहीं पहले तो किस किया मेरे बूब्स दबाये और बाद में एकदम उठ के बाहर चला गया।
नीतू: चलो शुरुआत तो हुई।
किस कैसा था आप के बॉय फ्रेंड का।
प्रीति: ऐसा नहीं लगा कोई अनट्रेंड है ऐसा लगा जैसे अरुन को काफी एक्सपीरियंस है।
नीतु को अब प्रीति को यही उलझा कर रखना था क्यों की सरला अरुन को लेकर अपने कमरे में थी और अरुन उसे चोदे बिना मानेगा नही।
और नीतू प्रीति को आगे के लिए समझाने लगती है।
और इधर ।

अरुण: माँ तुम यहाँ थी तो नीतू ने ये क्यों बोला तुम मेरे रूम में हो।
सरला: क्या हुआ अरुन ।
अरुण प्रीति से घटी सारी बात बता देता है।
सॉरी मॉम।
सरला: अरुन को बाँहों में भर लेती है ।
मुझे अपने खसम पे पूरा यकीन है की वो मुझे कभी धोखा नहीं देगा चाहे मुझसे खूबसूरत ही कोई क्यों न हो
और अरुन के लंड को मसल देती है।
सरला: वैसे बुआ के मम्मे कैसे थे।
और अपना ब्लाउज और ब्रा उपर करके अपना एक मम्मा अरुन के मुह में दे देती है।
अरुण: कुछ नहीं बोलता और सरला का मम्मा चुसता रहता है।
सरला: बोलो न जान।
अरुण: कुछ कहा नहीं मैंने इतना गौर नहीं किया
सरला: अगर प्रीति की मिलेगी तो ले लेगा।
अरुण: नहीं मुझे किसी की ज़रूरत नहीं है आप के होते हुए।
सरला: अगर मैं परमिशन दू तो ।
अरुण: तो भी नहीं ।
सरला: अगर मैं बोलू मैं चाहती हु की तुम प्रीति की फाड़ दो तो।
अरुण: पर क्यों माँ मुझे आप के साथ मजा आता है।
सरला: कभी कभी टेस्ट बदलना चाहिये।
अरुण: कहीं आप का मेरे से मन तो नहीं भर गया।
सरला:पागल हो क्या आप से मेरा मन कभी नहीं भरेगा आप मेरे पति हो और मैं आप की पत्नी।
अरुण: फिर क्यों चाहती हो मैं बुआ के साथ ये करुं।
कहीं आप को किसी और से प्यार तो नहीं हो गया
इसलिये मुझे बुआ के पास भेज कर आप किसी और से शादी करना चाहती हो।
सरला: अरुन को देखते हुए पागल हो गये हो जान मेरे मरने तक आप ही मेरे सुब कुछ हो अब मुझे कोई छु भी नहीं सकता प्यार की बात तो बहुत दुर अब तो तुम्हारे पापा भी मेरे शरीर को छु नहीं सकते।
अरुण: फिर आप मुझे दूसरे के साथ शेयर क्यों करना चाहती हो।आप को बुरा नहीं लगेंगा।
सरला: लगेगा पर समझ लो की ये भी मेरी एक अधुरी इच्छा है जो तुम्हे पूरी करनी है ।
और प्रीति वाली सारी बात अरुन को बता देति है जो नीतू को बताइ थी।

अरुण: पर माँ मैं आप को किसी से शेयर नहीं कर सकता और आप मुझे बुआ से शेयर कर रही हो।
सरला; शेयर नहीं कर रही बस उसे चोदने को बोल रही हूँ किसी कुतिया की तरह ताकि मुझे ख़ुशी मिले।
प्यार तो आप मुझसे करते हो बस फिजिकल हो रहे हो उसके साथ।
पर माँ ।
सरला:मुझे भी तो आप ने प्यार किया जब की मैं आप के पापा से चूदी हुई थी ।
अरुण: पर वो तो।
सरला: आप कुछ मत बोलो आप मुझे हर रूप में मंज़ूर हो बस अपना प्यार कम मत करना ।
और जिसे चाहे चोदो पर मुझे पता होना चहिये।
अरुण: मुझे किसी को नहीं चोदना बस तुम्हारी गाण्ड और चुत फाडनी है।

सरला: तो फाडो न और घुटनो पर बैठ कर अरुन की जीन्स और अंडरवियर उतार कर अरुन का लंड मुह में लेती है।
अरुण: आआआअह्ह माँआआआआ आराम से
पर सरला कुछ नहीं सुनती और चुसती रहती है।
अरुण;मुझे लग रहा है तुम मेरे लंड को ठण्डा नहीं कर पा रही इसलिए मेरे लिए दूसरी चुत का इन्तज़ाम किया है।
सरला अरुन को देखते हुए।
लंड को मुह से निकाल कर।
सरला: हाँ मेरी जान ऐसा ही है और आगे भी करती रहुंगी।अभी तो नीतू की भी दिलाऊँगी ।
अरुण: माँ
सरला: क्या हुआ नीतू की नहीं चाहिए ।
वो भी मस्त माल है।
अरुण: पर वो मेरी बहन है।
सरला: मैं तो तेरी माँ हु और प्रीति तेरी बुआ और अगर सोनिया की लेता है तो तेरी मौसी।
अरुण: आप ऐसा क्यों कर रही हो ।
बस मैं और आप ठीक है पति पत्नी और कोई तीसरा नही।और बाहर इन दोनों की कोई बात सुन रहा था और वो नीतू थी जो प्रीति को सुलाने के बाद सरला और अरुन की बात सुन रही थी।
सरला: हाँ जान प्यार में मैं और आप बाकि सब आप की रखैल।
पर्सनल वाली रांड जो आप को फिजिकल संतुष्टि दे
और अरुन का लंड दोबारा चुसने लगती है।
अरुण: आह आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई क्या मस्त राँड हो तुम जो अपने मालिक को खुद भी मज़े देती है और दूसरी रांडो का भी इन्तज़ाम करती है ।
आआआआह उउउउउउउह माँआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह चुस ऐसे ही और सरला के सर को पकड़ कर आगे पीछे करने लगता है।
अरुण: नीतू की तो मैं कस कस के लुँगा ।
सरल: अरुन की ऑंखों में देखते हुए जैसे पूछ रही हो क्यु।
अरुण: बिलकुल तेरी कार्बन कॉपी है उसकी मारने में बड़ा मजा आएगा ।
पर क्या वो मुझे देगी।
बाहर नीतू :बोल तो अभी दे दू मेरे राजा मुझे भी बना ले अपनी रांड नंबर २।
और इधर सरला अरुन के लंड को चूस चूस कर बेहाल कर देती है और २० मिनट की चुसाई के बाद अरुन सरला के मुह में झड जाता है और सरला सारा माल पि जाती है और उसके साथ निचे फर्श पे बैठ जाती है और उसके सर पे हाथ फेरते हुए।
सरला: करेगा न मेरी इच्छा पूरी बनायेगा न प्रीति को अपनी रांड।
अरुण: माँ मन तो नहीं है पर आप की ख़ातिर।
सरला: तो अब मेरी गाण्ड और चुत छोड आज प्रीति की दोनों जगह का उद्घाटन कर दे।फाड़ दे साली कुतिया की चूत और गांड।

अरुण: पर यहाँ तो सब है।
सरला: वो मुझ पे छोड दे उसका मैं इन्तज़ाम कर दूंगी तू बस उसकी फाड़ देना जिससे की कल वो चल न पाये और जब तेरे पापा उससे पूछे क्या हुआ।
तो मैं देखना चाहती हूँ क्या जवाब देती है साली रंडी।

अरुन सरला की साडी उपर करते हुए।
सरला: क्या कर रहे हो जान।
अरुण: तुम्हारी चुत चाटने की तयारी।
सरला: अभी रहने दो जानू कोई भी आ सकती है।
अरुण: पर कल भी तुम प्यासी रह गई थी और आज भी।
सरला: कोई बात नहीं जब ये चलि जाये तो खूब मन भर के चुदवाऊँगी। फिर देखती हुँ कितना चोदोगे ।
अरुण: वादा याद नहीं है क्या जान।
अरुण: सब याद है तभी तो मना कर रही हु अभी मुझे पता है एक दिन आप को मिल जाये तो आप मेरी गाण्ड और चुत की बैंड बजा दोगे और चलने लायक भी नहीं छोडोगे।
और अरुन के लिप्स पे किस करती है।
सरला: बस एक बार प्रीति की फाड़ दो आप जैसे भी और चाल बिगाड दो ।अच्छा भला हनीमून चल रहा था आ गई पति से लड कर हमारा हनीमून ख़राब करने अब तुम इसकी चाल ख़राब कर दो।
तभी दरवाजा की बेल बजति है।
बाहर नीतू आई थी।
सरला और अरुन नीतू की आवाज़ सुन लेते है उनको ऐसा लगता है की जैसे नीतू बाहर दरवाजा पे हो और उनको देख रही हो।
सरला को तो पता था की नीतू सब देख रही होगी पर अरुन को पता नहीं था।
सरला से अरुण।
माँ रीतू गेट पे थी क्या।
सरला: शायद उसने सब देख लिया है अब तुझे उसे भी पटाना पड़ेगा नहीं तो हो सकता है तेरे पापा से बोल दे
मेरे और तेरी चुदाई के बारे में।
तभी नीतू की आवाज़ आती है ।
माँ ये आ गई।
सरला: रवि आ गया क्या शायद ।
अरुण: पर रवि के होते हुए नीतू की कैसे मारूँगा।
सरला: उसका भी मैं इन्तज़ाम कर दूंगी बस उसकी भी फाड़ देना ।
और बोल कर बाहर निकल जाती है।
थोड़ी देर में अरुन और प्रीति भी बाहर आ जाते है।
सरला किचन में सब के लिए चाय बनाने चली जाती है और नीतू भी पीछे २ पहुच जाती है।
सरला: दरवाजा से आवाज़ देना जरुरी था।
नीतू: क्या हुआ ।
सरला: अरुन को शक़ हो गया और मुझे उससे बोलना पड़ा की वो तुझे पटाकर तेरी फाड़ दे नहीं तो हो सकता है तू पापा से बोल दे।
नीतू: वो क्या बोले।
सरला: मौका मांग रहा था।
नीतू: बोली नहीं वो तो खोल कर लेटी है जा चढ जा।
सरला: बेशरम चुप कर उसे नहीं बताना की तुझे पता है हमारे बारे में नहीं तो ग़ुस्सा होगा की मैंने उससे नहीं बताया ।
बस इस तरह पेश आना जैसे कुछ नहीं जानती।

ओके माँ।
और दोनों बाहर आ जाती है चाय ले कर और सब मिलकर नास्ता करते है ।
तभी रवि कहता है की उसका काम हो गया है अब वो और नीतू घर जायेंगे पर प्रीति उन दोनो को रोक लेती है
और थोड़ी देर बाद रमेश भी आ जाता है।
और सब मिलकर बात करते है और हसी मज़ाक़ और खाने की तैयारी होती है ।
और आज प्रीति और नीतू अरुन को किसी और नज़र से देख रही थी।
जैसे कह रही हो आज नहीं छोडेंगे कच्चा खा जाएंगे
और अरुन समझ नहीं पा रहा था किस को लाइन दे किसको नही।
तभी दरवाजे पे बेल बजती है अरुन दरवाजा खोलता है
और सामने सुभाष खड़ा था।
यानी अरुन के फुफा जी और प्रीति के हसबैंड।
और उनको लेके अंदर आ जाता है।
प्रीति सुभाष को देख कर उसका मूड ख़राब हो जाता है।
कहाँ वो अरुन को पटाने की सोच रही थी और कहा उसका पति आ गया अब अरुन से कैसे चुदबायेगी।
वो सब मिलकर प्रीति को समझाते है की ग़ुस्सा छोड दे और घर चली जाये।
वैसे चलि भी जाती। अरुन नहीं होता तो पर अब उसे अरुन का लंड चाहिए था।
और वो उसके बिना नहीं जाना चाहती थी। इसलिए उसने सुभाष को रुकने के लिए राजी कर लिया।

रमेश अपने परिवार को देख कर खुश था पर उसे क्या पता था की उसके घर में बेटे ने उसकी जगह ले ली है और अब वो घर की सभी औरतो का मालिक अरुन है।
और उस घर की सभी औरतें उसके एक इशारा पे उसके निचे लेटने को तैयार हो रही है।
और यही हाल प्रीति का था उसने ठान लिया था की आज अरुन से चुदवा कर रहेगी।
तभी
प्रीति: अरुन अब आई हु तो सोच रही कुछ शॉपिंग कर लूँ। फिर ये आ गए है ले जाने के लिए।
सुभाष: मैं ले चलता हूँ।
प्रीति: नहीं आप रहने दो मैं अरुन के साथ उसकी बाइक पे चली जाऊँगी।

रमेश: हाँ बेटा जा बुआ को ले जा ।
प्रीति: अरुन मैं अभी तयार हो कर आई।
अरून सरला को देखता है ,और सरला उसको परमिशन दे देती है।
अरुण: बुआ रुको मुझे भी चेंज करना है।
और दोनों साथ साथ रूम में आते है ।
और अब अरुन अपनी माँ की आज्ञा का पालन करता है और वो ये की प्रीति की फाड़नी है ।
ओर उसका दिमाग तेजी से काम कर रहा था।
अरुण: बुआ साथ चलना है तो मेरी पसंद के कपडे पहनने पडेंगे।
प्रीति: तो इस में क्या प्रॉब्लम है बता।
अरुण: इतना आसान नहीं है मेरी पसंद के कपडे।
प्रीति: बोल तो सही ।
अरुण: मुझे ब्लैक कलर पसंद है।
प्रीति: हाँ मेरे पास है ब्लैक साडी ।
अरुण: खाली साडी से नहीं होगा।
प्रीति; है ब्लाउज और पेटीकोट भी है।
अरुण: उससे भी नहीं होगा।
प्रीति: अब क्या रह गया ।
अरुण: बोलू बुरा तो नहीं मानोगी।
प्रीति: अगर दोस्ती करनी है तो बुरा क्या मानना।
अरुण: तो मुझे सब कुछ ब्लैक चाहिये।
ब्लैक साडी , ब्लाऊज, पेटीकोट , ब्लैक ब्रा और ब्लैक पेंटी।
प्रीति: मतलब।
अरुण: सब कुछ साफ़ बोला है।
प्रीति: बेशरम अपनी बुआ से कोई ऐसे बोलता है।
अरुण: मैं तो ऐसे ही बोलता हु अब आप की मर्ज़ी गर्ल फ्रेंड बनना है तो जल्दी करो।
प्रीति: अगर मैं ब्लैक ब्रा पेंटी नहीं पहनी तो तुझे कैसे पता चलेगा।।
अरुण: टाइम आएगा तो चेक कर लुँगा और अगर नहीं पहनी तो दोस्ती खतम।
प्रीति: अरे अरे मेरा बेटा नाराज हो गया अपनी बुआ से जा बाहर वेट कर मैं चेंज करके आती हुँ।
और अरुन बाहर आ जाता है।

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