रेणु ने बबलू के लंड को बाहर निकाला और कुछ पलों के लिए हाथ से हिलाया रेणु अपनी नशीली आँखों से बबलू की ओर देख रही थी रेणु अपनी जीभ को बाहर निकाला और बबलू के लंड के सुपाडे को चाटने लगी लंड के सुपाडे को चाटते हुए वो धीरे बबलू के लंड के हर हिस्से को चाटती हुई उसके अंडकोष पर आ गयी और उसकी गोलाईयों को हाथ में लेकर अपने मूँह में ले लिया और चूसने लगी बबलू रेणु के इस रूम को पहली बार देख रहा था रेणु ने फिर से बबलू के लंड को मुँह में लेलिया और चूसना चालू कर दिया बबलू ने रेणु के फेस को पकड़ कर पीछे किया लंड बाहर आ कर झटके खाने लगा फिर बबलू ने रेणु को उल्टा कर दिया और उसे डॉगी स्टाइल में बेड पर बैठा दिया और खुद घुटनो को बल बैठ कर झुक कर पीछे से रेणु की चूत को चाटने लगा रेणु फिर से मस्ती में अहह ओह करने लगी बबलू सीधा घुटनो के बल बैठ गया और अपने लंड के सुपाडे को रेणु की चूत के छेद पर टिका कर अपनी कमर को ज़ोर से आगे की तरफ हिलाया आधा लंड रेणु की चूत में समा गया
रेणु:अहह धीरीईई उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह
बबलू ने रेणु के चुतड़ों को पकड़ कर फैला दिया और फिर से अपना थोड़ा सा लंड बाहर खींच कर पूरी ताक़त से वापिस पेल दिया लंड चूत के द्वारों को फैलाता हुआ सीधा अंदर घुस गया और अंदर बच्चेदानी से जा टकराया रेणु का पूरा बदन हिल गया
रेणु:अहह जान्नूऊऊुुउउ हन्ंनणणन् भरर्र्र्ररर दो मेरी बच्चेदानी को अपनीईई पानी सीईई अहह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
बबलू ने रेणु की कमर को पकड़ कर अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया लंड अंदर बाहर होने लगा रेणु मस्ती से इस कदर भर चुकी थी कि उसकी सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूंजने लगी थी रेणु को ये अहसास भी था कि उसकी मदहोशी भरी आवाज़ें बाहर ना जाए लंड चूत के दीवारों पर रगड़ ख़ाता तो रेणु मस्ती से सरोबार हो जाती उसका बदन झटके खाने लगता रेणु आगे से नीचे की ओर झुक गयी और उसने बेड शीट को अपने दाँतों में भींच लिया और अपनी जाँघो को फैला कर बबलू के लंड को चूत में लेने लगी रेणु इस कदर गरम हो चुकी थी कि उसने अपनी गान्ड को बबलू के लंड पर पीछे की तरफ़ धकेल -2 कर बबलू का लंड अंदर लेने लगी
रेणु;अहह बब्लुउउुुुुुुउउ में बता नाहहिईीईईईईई सकती मुझे कितना मजाआाअ आ रहा हाईईईईईईई में सारी रात अपनी चूत में तुम्हारा लंड ले सकती हूँ
बबलू:लगता हाईईईईईईईई तुम्हारी चूत्त में आज आग लगी हुई है
रेणु;हााआआं ईईए बात भीईई है पर्र्र्र्ररर में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ बबलू
बबलू अपनी कमर हिला-2 कर रेणु को चोदने लगा रेणु मस्ती से भर चुकी थी बबलू ने अपना लंड रेणु की चूत से निकाला और रेणु को सीधा लेटा दिया और उसकी टाँगों को पकड़ कर अपने कंधों पर रख दिया और अपने लंड को रेणु की चूत पर लगा कर अपनी कमर को हिलाया लंड फिर से रेणु की चूत में समा गया और बबलू लंड को अंदर बाहर करने लगा
रेणु भी मस्ती में आ कर अपनी गान्ड को ऊपर की ओर उछालने लगी रेणु की चूत जैसे काम रस के रूप में आग उगल रही थी
रेणु:अहह बब्लुउउुुुुउउ में झदेन्ंणणन् वाली हुन्न्ञननननणणन् ओह और जोर्र्र्रर से चोदूओ अहह पूरा अंदर डलों ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और रेणु की चूत ने अपने काम रस से बबलू के लंड को भिगो दिया बदले में बबलू का लंड भी रेणु की चूत में अपने वीर्य की बौछार करने लगा रेणु ने अपनी चूत को ऊपर की ओर उठा लिया
रेणु:अहह बबलू अपनईए काम रस्स्सस्स से मेरे बच्चे दानी को भर दो अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मुझे जल्द से जल्द तुम्हारे बच्चे की माँ बनना हाईईईई
बबलू रेणु के ऊपर लूड़क गया
बबलू:क्या अभी हमारी उमर ही क्या है कुछ साल तो मज़े लूटने दो
रेणु:जैसा आप का हुकम आप की दासी आप की सेवा में हमेशा रहे गी
बबलू का लंड सिकुड कर रेणु की चूत से बाहर आ गया बबलू रेणु के ऊपर लेटा हुआ था रेणु ने अपनी टाँगों को अभी भी बबलू की कमर पे लपेट रखा था बबलू के फेस के नीचे रेणु की चुचियों दबी हुई थी बबलू कुछ देर सोचने लगा रेणु ने उसके बालों में अपनी उंगलियों को घुमाते हुए पूछा
रेणु:क्या सोच रहे हो आप
बबलू:तुम्हे याद है ना जब तुम्हें मेरे और तुम्हारी माँ के बारे में पता चला था हमारे बीच किया समझौता हुआ था
रेणु:हां जानती हूँ पर क्या तुम भी माँ के साथ संबंध रखना चाहते हो
बबलू:बात वो नही है रेणु अगर मैं उनसे किया वादा भूल गया तो वो समझेंगी कि हमने अपना मतलब निकल जाने पर उनसे मूँह मोड़ लिया
रेणु: में भी यही चाहती हूँ कि माँ भी खुश रहे चाहे उसके लिए मुझे अपने प्यार को भी बाँटना पड़े तुम्हारी और माँ की खातिर में ये भी कर लूँगी
बबलू के होंठों पर मुस्कान आ गयी उसे अपनी किस्मत पर यकीन नही हो रहा था उसने रेणु के होंठो को चूम लिया
बबलू: अगर इतना सब कुछ कर रही हो तो मेरे लिए एक काम और कर दो
रेणु:आप बस हुकम करो आप की दासी आपका हर हुकम मानने के लिए तैयार है
बबलू: में चाहता हूँ कि हम तीनो में कोई परदा ना हो हम तीनो एक ही बिस्तर पर सोएँ जैसे अब जिस हालत में हैं वैसे
रेणु: नही ये मुझ से नही हो गा मुझे शरम आती है और माँ के सामने नही-2
बबलू:अभी तो कह रही थी कि मेरी हर बात को हुकम समझ कर मानोगी क्या मेरे लिए इतना भी नही कर सकती
रेणु:मुझे समझ में नही आ रहा कि ये में कर पाउन्गी कि नही
बबलू:अच्छा ठीक है वो चोदो बस सुबह का इंतजार करो तुम्हारे लिए एक सर्प्राइज़ है
दोनो एक दूसरे की बाहों में समा के सो गये बबलू के दिमाग़ में क्या चल रहा थे ये सिर्फ़ बबलू ही जानता है
सुबह 4 बज रहे बबलू बेड से उठा और रेणु की तरफ देखा जो बिल्कुल नंगी बेड पर लेटी हुई थी बबलू के होंठो पर मुस्कान आ गयी बबलू उसने धीरे से डोर को खोला और बाहर आ गया बबलू भी एक दम नंगा था उसका लंड उसके चलने के कारण इधर उधर हिल रहा था बबलू शोभा के रूम के पास आ गया और डोर नॉक किया शोभा जो सो रही थी आवाज़ सुन कर उठ गयी और बेड से नीचे उतर कर डोर के पास आकर डोर खोला जैसे ही शोभा ने डोर खोला तो सामने बबलू को नग्न देख कर शोभा के सांसी रुक गयी
शोभा: हड़बड़ाते हुए)तुम यहाँ इस वक़्त और इस हालत में कर रहे हो जाओ यहाँ से रेणु क्या सोचेगी
बबलू शोबा को पीछे धकेल कर अंदर आ गया और डोर बंद कर दिया
बबलू:कुछ नही सोचेगी वो सो रही है
और बबलू ने शोभा को अपनी तरफ खींच कर अपनी बाहों में भर लिया शोभा के होंठो पर मुस्कान आ गयी पर शोभा नाटक करते हुए बोली
शोभा:अर्रे नही तुम जाओ यहाँ से मुझे सोने दो
बबलू;अब सोने का वक़्त नही है जाने मन
और बबलू ने शोभा के होंठो को अपने होंठो में ले लिया और चूसने लगा थोड़ी छटपटाहट के बाद शोभा ढीली पड़ गयी बबलू ने अपने होंठो को शोभा के होंठो से हटाया और अपना एक हाथ नीचे लेजा कर शोभा के पेटिकॉट का नाडा खोल दिया पेटिकॉट शोभा की कमर से सरक कर नीचे आ गिरा बबलू ने अपना एक हाथ नीचे लेजा कर शोभा की चूत के ऊपर रख दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा
शोभा:ओह बब्लुउउउ तुम नहियीईई जानतीईईई में तुम्हारी लिए कितना तडपी हूँ पीछले 5 महीने में कैसे बिताए है मुझे ही पता हाईईईईई
बबलू शोभा की चुचियों को ब्लाउस के ऊपर से मूआं में भर कर चूसने लगा शोभा के होंठो पर कामुक मुस्कान आ गयी उसका बदन भी गरम हो गया शोभा ने अपने हाथों से अपने ब्लाउस के हुक्स खोल दिए और ब्लाउस को निकाल कर फेंक दिया शोभा की चुचियाँ अब छोटी सी ब्रा में क़ैद थी बबलू ने बिना किसी देर किए अपने हाथों को पीछे ले जाकर शोभा के ब्रा के हुक्स को खोल दिया और ब्रा निकाल कर फेंक दी और शोभा की चुचियों को मूँह में भर कर चूसने लगा शोभा अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह करने लगी बबलू ने शोभा को बेड पे लेटा दिया और उसकी जाँघो को घुटनों से मोड़ कर फैला दिया शोभा की चूत का छेद ऊपर की ओर हो गया शोभा की चूत का छेद मानो जैसे बबलू के लंड का इंतजार कर रहा हो उसकी चूत का छेद सिकुड और फैल रहा था बबलू ने अपने लंड के सुपाडे को शोभा की चूत के छेद पर टिका दिया
शोभा:अहह बब्लुउउुुुुुुुुुउउ उंह बबलू तुम्हारे लंड का अहसास मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जल्दी से घुसा दो अब मुझे रहा नही जा रहा
बबलू ने अपने लंड को हाथ में पकड़ लिया और शोभा की चूत के छेद पर रगड़ने लगा
शोभा:अहह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई बब्लुउउुुुउउ बहुत मज़ा आ रहा हाईईईईई ओह जल्दी करो नाआअ
बबलू शोभा की बात को अनसुना करते हुए अपने लंड के सुपाडे को शोभा की चूत के छेद पर रगड रहा था शोभा की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया
शोभा:क्योंन्नणणन् तडपा रहीईए हूऊओ इश्स प्यसीईईईई चूत्त्त्त्त्त्त को कब से तरस रही तुम्हारे लंड को अंदर लेने के लिए आब्ब्ब्ब और ना तडपाओ
बबलू ने झुक कर शोभा के होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसा और फिर सीधा होकर बैठ गया
बबलू; इतनी जल्दी भी क्या है मेरी रानी तुम्हे तो सारी जिंदगी चोदुन्गा पर अब तुम्हे मेरे बात माननी पड़ेगी
शोभा: इससस्स समीईए तो ब्स्स्स मेरी चूत्त्त की अग को अपने कामरस से ठंडा तो कर दो
बबलू: अगर मेरा लंड चाहिए तो तुम्हें अभी रेणु के सामने चुदना होगा नही तो में तुम्हें कभी नही चोदुन्गा
शोभा:तुम क्या कह रहे हो अभी नही में रेणु के सामने नही कर सकती
बबलू खड़ा हो गया और शोभा के हाथ को पकड़ कर अपने सर पर रखते हुए तुम्हें मेरी कसम हैं जैसे मेंने अपनी कसम को निभाया है अब तुम्हारी और रेणु की बारी है में उसे लाने जा रहा हूँ तुम बस यूँ ही लेटी रहो और हां कपड़े मत पहन लेना नही तो मुझे हमेशा के लिए खो दो गी
शोभा;बबलू प्लीज़ ऐसे ना करो में शरम के मारे मर जाउन्गी
बबलू मुस्कराता हुआ बाहर निकल गया शोभा के दिल ने ज़ोर-2 से धड़कना शुरू कर दिया उसे समझ नही आ रहा था कि वो अब क्या करे वो कैसे रेणु का सामना कर पाएगी
बबलू वापिस अपने रूम में आ चुका था और वो बेड के पास आ गया और बेड पर बैठ गया रेणु अब भी सो रही थी बबलू ने अपना एक हाथ रेणु के चुचि पर रख दिया और उसे धीरे-2 मसलने लगा रेणु के नींद टूट गयी बबलू को अपने ऊपर झुकी हुए देख रेणु मुस्कराने लगी
रेणु:क्या बार है नींद नही आ रही
बबलू ने झुक कर रेणु के होंठो को अपने होंठो में ले लिया बदले में रेणु ने भी अपने होंठो को खोल लिया और अपनी बाहों को बबलू की पीठ पर कस लिया बबलू ने अपने होंठ हटाए और अपना एक हाथ को रेणु की टाँगों से नीचे ले जाकर रेणु को अपनी गोद में उठा कर खड़ा हो गया
रेणु:मुस्कुराते हुए) इस वक़्त उठा कर कहाँ ले जा रहे हो
बबलू: अपनी सास के कमरे में
रेणु;क्या नीचे उतारो मुझे प्लीज़ छोड़ो
बबलू: पर तुम ने ही तो कहा था और ये मेरा सर्प्राइज़ है तुम्हारे लिए
रेणु:प्लीज़ में इस हालत में माँ के सामने नही जा सकती मुझे नीचे उतारो
बबलू रेणु के बात को अनसुना करते हुए रेणु को उठाए हुए कमरे से बाहर आ गया और शोभा के रूम के तरफ बढ़ने लगा
रेणु;प्लीज़ जानुउऊ मान जाओ नाआ में तो मररर्ररर हीईई जाउन्गी
कुछ ही पलों में बबलू रेणु को उठाए हुए शोभा के रूम के बाहर खड़ा था अंदर शोभा की हालत भी रेणु जैसे ही थी वो बेड पर बिना किसी कपड़ों के लेटी हुई थी बाहर आहट सुन कर शोभा के दिल ने धड़कना बंद कर दिया और शोभा की साँसें थाम गये शोभा जल्दी से बेड पर करवट के बल लेट गयी और अपना फेस नीचे की ओर करके बेड शीट से सटा लिया डोर खुलने की आवाज़ से शोभा का दिल मानो जैसे थम गया हो रेणु ने अपने चहरे को बबलू की चेस्ट में छुपा लिया था बबलू रेणु को उठाए हुए अंदर आ गया और रेणु को बेड पर शोभा के बगल में लेटा दिया रेणु अपनी आँखें बंद की हुई थी बबलू बेड पर चढ़ कर रेणु के ऊपर लेट गया और उसके होंठो को चूसने लगा रेणु अपने हाथों से अपनी चुचियों को छुपाई हुई थी शोभा की पीठ उन दोनो की तरफ थी बबलू ने एक हाथ आगे बढ़ा कर शोभा की गान्ड पर रख दिया शोभा का पूरा बदन हिल गया
बबलू धीरे -2 अपनी उंगलियों को शोभा की गान्ड के दरार में रगड़ने लगा शोभा ने अपनी गान्ड को सिकोड लिया पर बबलू अपनी एक उंगली से शोभा की गान्ड के छेद को कुरेदने लगा रेणु के हाथों को उसकी चुचियों से हटा कर उसकी एक चुचि को मूँह में लेकर चूसने लगा रेणु ने अपने आप पर काबू रखने की पूरी कोशिश की पर उसके मूँह से अहह निकल ही गयी
उधर अपनी बेटी की मस्ती भरी आवाज़ सुन कर शोभा की चूत भी खुजलाने लगी बबलू ज़ोर से रेणु के एक निपल को चूस रहा था और हाथ से शोभा की गान्ड के छेद को रगड़ रहा था रेणु ने हिम्मत जुटा कर अपनी आँखें खोली और शोभा की तरफ देखा शोभा की नंगी पीठ और गान्ड देख रेणु पूरी तरह से हिल गयी रेणु ने देखा बबलू अपने हाथ से उसकी माँ की गान्ड की दरार में सहला रहा है रेणु ये सब एक टक देखे जा रही थी बबलू उठ कर घुटनों को बल बैठ गया और रेणु को भी खींच कर बैठा दिया फिर बबलू ने शोभा को कमर में हाथ डाल कर सीधा करने लगा पर शोभा अपनी पूरी ताक़त से सीधा होने से बचने की कोशिश कर रही थी पर आख़िर कार बबलू ने उसे सीधा कर ही दिया शोभा ने अपने हाथों से अपनी चुचियों को ढक लिया रेणु आँखें फाडे अपनी माँ के भरे पूरे बदन को देख रही थी उसकी बड़ी-2 चुचियों से रेणु की आँखें हट नही रही थी जबकि शोभा ने अपनी आँखें बंद कर रखी थी बबलू शोभा की जाँघो को फैला कर बीच में बैठ गया और रेणु को अपनी तरफ खींचते हुए बोला
बबलू;आज में तुम्हें वो छेद दिखाता हूँ यहाँ से तुम इस जहाँ में आई थी बबलू ने शोभा की जाँघो को घुटनों से मोड़ कर ऊपर की ओर उठा दिया जिससे शोभा की चूत रेणु और बबलू की आँखों के सामने आ गयी
शोभा:नहियीईईईईई बबलू
और शोभा ने अपने हाथो एक हाथ को अपनी चुचियों से हटा कर अपनी चूत के ऊपर रख लिया बबलू ने शोभा के हाथ को पकड़ कर झटक दिया
बबलू:आररीए सासू जी अगर आप ही ऐसे शरमाएँगी तो कैसे चलेगा आज नही तो कल ये होना ही है
बबलू रेणु के हाथ को पकड़ शोभा की चूत की तरफ बढ़ाने लगा
रेणु: घुटि हुई आवाज़ में)नही बब्लुउउुउउ
पर बबलू कहाँ मानने वाला था बबलू ने रेणु के हाथ को शोभा की चूत के छेद पर रख दिया शोभा ने अपनी आँखें बंद कर ली बबलू अपने हाथ से रेणु के हाथ को पकड़ कर शोभा की चूत को मसलने लगा शोभा अपनी आवाज़ और सिसकारियों को दबाने के पूरी कोशिश कर रही थी रेणु बबलू के बिल्कुल बगल में बैठी हुई थी
बबलू:अगर तुम दोनो मुझे प्यार करती हो तो जो में कहता हूँ बस मानती जाओ रेणु अपने दोनो हाथ से शोभा की चूत की फांकों को फैला दो मेरा लंड शोभा की चूत में जाने के लिए मचल रहा है
रेणु बबलू की ओर हैरानी से देखने लगी बबलू शोभा को उसके नाम से ऐसे बुला रहा था जैसे वो उसकी ही पत्नी हो रेणु वैसे ही बिना हिले घुटनो के बल बैठी रही बबलू ने अपना एक हाथ रेणु के पीछे ले जाकर रेणु के नरम चुतड़ों पर रख दिया और धीरे-2 सहलाने लगा रेणु की गान्ड उसकी पिंडलयों से सटी हुई थी बबलू ने गान्ड के नीचे हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया रेणु ने अपने चुतड़ों को थोड़ा सा ऊपर उठा लिया जिसका फ़ायदा उठाते बबलू ने अपने हाथ को आगे लेजा कर रेणु की चूत में अपनी एक उंगली को घुस दिया और अंदर बाहर करने लगा रेणु भी गरम होने लगी रेणु ने आगे झुक कर अपने हाथों से शोभा की चूत की फांकों को फैला दिया रेणु अपनी साँसें थामे शोभा की चूत को देख रही थी जो उसे अपनी चूत से बिल्कुल अलग नज़र आ रही थी
शोभा की चूत की फाँकें ज़्यादा बड़ी और लटकी हुई थी उसकी चूत का छेद रेणु की चूत के छेद से काफ़ी खुला हुआ था बबलू ने अपने लंड के सुपाडे पर थूक लगा कर अपने लंड के सुपाडे को शोभा की चूत के छेद के पास टिका दिया शोभा ने अपने दोनो हाथों से अपनी चुचियों को ढक रखा था बबलू ने अपनी कमर को पूरी ताक़त से आगे की तरफ धक्केल दिया लंड चूत की फांकों को फैलाता हुआ अंदर घुस गया शोभा के मूँह से घुटि हुई अह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गइई बबलू ने आगे झुक कर शोभा के हाथों को उसकी चुचियों से हटा दिया और शोभा की जाँघो को पकड़ कर धना धन शॉट लगाने लगा और अपने एक हाथ से रेणु की चूत में उंगली को अंदर बाहर करने लगा बबलू ने एक ज़ोर का झटका मारा लंड ठप की आवाज़ के साथ शोभा की चूत में जड तक घुस गया रेणु अपने आँखें फाडे देख रही थी बबलू ने एका एक रेणु को आगे करके शोभा के ऊपर झुका दिया और रेणु की एक टाँग उठा कर शोभा के ऊपर से दूसरी तरफ रख दी अब रेणु शोभा के ऊपर डॉगी स्टाइल में आ गयी थी नीचे शोभा लेटी हुई थी रेणु उसके ऊपर दोनो तरफ पैर करके घुटनों के बल झुकी हुई थी
रेणु:नहियीईईईईईईई ईईई क्या कार्ररर रही हो
बबलू ने बिना कुछ बोले शोभा की चूत से लंड निकाल लिया और थोड़ा सा ऊपर होकर रेणु की चूत पर अपने लंड के सुपाडे रगड़ने लगा शोभा अपनी आँखे बंद किए हुए थी उसे ये तो पता था कि रेणु अब उसके ऊपर है पर उसे पता नही था कि बबलू क्या कर रहा है रेणु अपनी चूत पर बबलू के लंड रगड़ने से गरम होने लगी थी
रेणु;अहह बब्लुउउुुुुुुुउउ क्या कर रहीईई हूऊऊ ओह मररर्र्ररर गीईईईई
बबलू ने एक ही झटके में रेणु की चूत में अपना पूरा का पूरा लंड पेल दिया था और रेणु की कमर पकड़ कर अपने लंड को अंदर बाहर करके चोदे जा रहा था शोभा ने अपनी आँखों को थोड़ा सा खोला और देखा रेणु उसपर झुकी हुई थी उसकी 36 साइज़ की चुचियाँ आगे पीछे उसके चहरे के ऊपर 1 इंच के दूरी पर हिल रही थी नीचे बबलू की जांघे रेणु के चुतड़ों पर चोट कर रही थी शोभा अपनी बेटी को ऐसी हालत में देख कर गरम होने लगी थी उसने अपनी जिंदगी में कल्पना भी नही की थी वो ऐसे भी अपनी बेटी को इतने करीब से चुदते हुए देखे गी बबलू ने अपने दोनो हाथों को रेणु के कंधों पर रख कर रेणु को शोभा के ऊपर झुकाने लगा रेणु अपनी चूत को अपनी जांघे खोल कर चुदवा रही थी रेणु की चुचियाँ शोभा की चुचियों पर रगड़ खाने लगी रेणु के तने हुए निपल्स शोभा के निपल्स से बार-2 रगड़ खा रहे थे कुछ ही पलों में रेणु की चुचियाँ शोभा की बड़ी-2 चुचियों में धँस गयी रेणु भी गरम हो चुकी थी
बबलू: देखो शोभा तुम्हारी बेटी कैसे तुम्हारी चुचियों से चिपकी हुई है इसे अपनी बाहों में भर कर प्यार करो
शोभा बिना कुछ बोले अपने आँखें बंद किए लेटी रही बबलू अपनी पूरी ताक़त से रेणु की चूत में लंड पेल कर चोदने लगा
रेणु अहह ओह सीईईईईईईईईईईई करने लगी बबलू ने अपना एक हाथ नीचे लेजा कर शोभा की चूत के भगनासे (क्लिट ) को अपनी उंगलियों से मसलना चालू कर दिया शोभा के बदन में मानो जैसे करेंट दौड़ गया हो
शोभा:ओाहह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह नहियीईईईईईई मात्त्ततत्त कारूव
बबलू:चुप साली अब क्यों नखरे कर रही है चल अब अपनी बेटी को अपनी बाहों में लेकर उसकी चुचियों को चूसना चालू कर अब शोभा भी पूरी गरम हो चुकी थी ना चाहते हुए भी उसने रेणु को अपनी बाहों में भर लिए बबलू ने रेणु की चूत से लंड निकाला रेणु की चूत के पानी की कुछ बूंदे शोभा की चूत के ऊपर गिरने लगी बबलू ने अब नीचे होकर अपने लंड को शोभा की चूत पर टिका दिया और उसकी टाँगों को घुटनो से पकड़ कर अपनी कमर को आगे की तरफ धक्का दिया लंड शोभा की चूत के अंदर चला गया
शोभा;हइईईई मररर्र्ररर गइईईईई धीरीईई
बबलू धना धन शॉट लगा कर शोभा की चूत को चोदने लगा शोभा मस्ती से भर चुकी थी बबलू ने एक हाथ की एक उंगली को रेणु की चूत में घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा रेणु भी अपनी माँ के साथ चिपकी हुई थी दोनो की साँसें एक दम तेज से चल रही थी बबलू ने रेणु के कंधों को पकड़ कर सीधा किया और उसके कान में बोला
बबलू: अपनी माँ के चुचियों को चूसो
और रेणु फिर से बेजान बुत की तरह शोभा पर झुक गयी और शोभा की चुचि को मूँह में ले लिया शोभा की चूत का ज्वाला मुखी अब फटने को तैयार था शोभा अपनी कमर उचका उचका कर अपनी चूत को बबलू के लंड पर मारने लगी थप-2 की आवाज़ पूरे रूम में गूंजने लगी और शोभा का बदन झटके खाने लगा और उसकी चूत ना पानी छोड़ दिया शोभा का बदन ढीला पड़ गया बबलू ने शोभा की चूत से लंड निकाल कर रेणु की चूत के छेद पर टिका दिया और रेणु की गान्ड को पकड़ कर पीछे की ओर खींचने लगा लंड चूत के दीवारों से रगड़ ख़ाता हुआ अंदर घुस गया बबलू रेणु की गान्ड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगा और कुछ देर बाद उसने रेणु की गान्ड से अपने हाथ को हटा लिया रेणु ने आगे से झुक पीछे अपनी गान्ड को ऊपर उठा लिया जिससे उसकी चूत ऊपर की तरफ हो गयी और वो अपनी गान्ड पीछे धक्केल धक्केल कर बबलू का लंड अपनी चूत में अंदर बाहर लेकर चुदवाने लगी बबलू ने उसके चुतड़ों पर एक थप्पड़ जड दिया
रेणु:अहह दर्द्द्दद्ड होता हाईईईई
बबलू;और तेज कर मेरी रनीईईईइ रेणु ने भी पुर जोश में आकर अपनी गान्ड को पीछे की तरफ धकेलना चालू कर दिया लंड तेज़ी से चूत के अंदर बाहर होने लगा
रेणु;अहह ओह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मेईईईईन्न्नननननननणणन् ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और रेणु की चूत ने भी पानी उगलना चालू कर दिया और वो शोभा की चुचियों पर गिर पड़ी बबलू ने रेणु की कमर को अपने हाथों से पकड़ लिया और ताबडतोड़ धक्के लगाने चालू कर दिए बबलू जैसे ही झड़ने के करीब आया बबलू ने रेणु की चूत से लंड को बाहर निकाल लिया और अपने हाथ से दो तीन बार हिलाया बबलू के लंड से वीर्य की धार निकलने लगी और सीधा रेणु की चूत के ऊपर जाकर गिरने लगी एक के बाद एक बबलू के लंड से चार बार रुक रुक कर पिचकरी छूटी और रेणु की चूत को भीगो दिया रेणु की चूत से वीर्य बह कर शोभा की चूत पर गिरने लगा दोनो की चूत बबलू के काम रस से भीग चुकी थी दोनो को अपनी चूत पर बबलू के गरम वीर्य का अहस्सास हो रहा था जो रेणु और शोभा को बहुत अच्छा लग रहा था बबलू बेड से उतर कर खड़ा हो गया
बबलू:में सोने जा रहा हूँ रूम में आ जाना
और बबलू बाहर आकर रेणु के रूम जो अब दोनो का था में आ गया और बेड पर लेट गया रेणु बेड से उठ कर खड़ी हुई और शोभा की तरफ देखने लगी शोभा बेड पर लेटी गहरी साँसें ले रही थी उसकी आँखें अभी भी बंद थी शोभा की जांघे फैली हुई थी उसकी चूत की फाँकें अभी भी खुल हुई थी जिसपर बबलू का वीर्य भरा हुआ था रेणु ने अपनी जाँघो को फैला कर अपना एक हाथ नीचे लेजा कर अपनी चूत पे लगा कर देखा उसकी चूत पर भी बबलू का काम रस लगा हुआ था रेणु ने पास पड़े एक कपड़े से अपनी जाँघो को फैला कर अपनी चूत और जाँघो को साफ किया और रूम से बाहर आ गयी रेणु आज पहली बार इसतरह अपने घर में बिना कपड़ों के घूम रही थी ना चाहते हुए भी उसे ये अब बहुत अच्छा लग रहा था रेणु अपने रूम में आ गयी और उसने डोर लॉक कर दिया और बेड पर आकर लेट गये बबलू ने उसे अपनी तरफ खींच कर बाहों में भर लिया
बबलू; तो कैसा लगा मेरा सरप्राइज
रेणु:आप बहुत गंदे हो पता है मुझे कितनी शरम आ रही थी
बबलू: चल अब ये शरम छोड़ और सो जा में बहुत थक गया हूँ
रेणु बबलू की बाहों में नींद के आगोश में समा गयी
सुबह के 10 बज रहे थे घर में अभी सन्नाटा छाया हुआ था शोभा की आँख खुली और उसने अपने आप को कमरे में बेड पर नंगा पाया शोभा शरमाने लगी रूम का डोर भी खुला हुआ था शोभा ने बेड से उठ कर डोर लॉक किया और सीधा बाथरूम में घुस गयी फ्रेश होने के बाद शोभा नाइटी पहन कर किचन में आ गयी और चाइ बनाने लगी चाइ बनाते हुए उसके दिमाग़ में सुबह 4 बजे की सारी घटनाए सामने आने लगी और शोभा खड़ी-2 शरमाने लगी शोभा मन में सोचने लगी कि अब वो रेणु का सामना कैसे करेगी चाइ बन कर तैयार हो गयी पर शोभा ने बबलू और रेणु को उठाना ठीक नही समझा और खुद अपने रूम में आकर चाइ पीने लगी चाइ पीने के बाद शोभा नाश्ता तैयार करने लगी सुबह के 11 बज रहे थी रेणु और बबलू भी उठ चुके थी रेणु फ्रेश होकर बाथरूम से बाहर आई उसके बदन पर केवल छोटा सा टवल था उसने अलमारी से साड़ी निकाली और पहनने लगी पर बबलू ने उसे साड़ी पहनने से मना कर दिया
बबलू: रेणु यार इतनी गरमी है और तुम साड़ी पहन रही हो कल रात वाली नाइटी ही पहन लो
रेणु:तो क्या मैं घर में वो नाइटी पहन कर घूमूं
बबलू: तुम मेरे लिए ये भी नही कर सकती
रेणु के होंठो पर मुस्कान आ गयी उसने साड़ी को अलमारी में वापिस रख दिया और ब्रा उठा कर पहनने लगी बबलू उठ कर बाथरूम में घुस गया जब बबलू 15 मिनट बाद बाहर आया तो रेणु रूम में नही थी बबलू रूम से बाहर आ गया और किचन के सामने हाल में सोफे पर बैठ गया शोभा और रेणु दोनो किचन में नाश्ता तैयार कर रही थी दोनो आपस में कोई बात नही कर रही थी ना ही दोनो में से किसी की हिम्मत हो रही थी बबलू सोफे पर बैठा अपनी किस्मत पर इतरा रहा था बबलू उठ कर किचन में आ गया रेणु और शोभा दोनो की पीठ बबलू की तरफ थी दोनो ने पीछे मूड कर बबलू को देखा रेणु ने स्माइल किया पर शोभा ने रिएक्ट नही किया बबलू शोभा के पीछे आकर शोभा से सट कर खड़ा हो गया और अपने दोनो हाथों को शोभा के बड़े-2 चुतड़ों पर रख कर सहलाने लगा शोभा ने नाइटी के अंदर कुछ नही पहना था शोभा के दिल की धड़कने तेज हो गयी रेणु अपनी कनखियो से बबलू को देख रही थी रेणु के दिल की धड़कने तेज हो गयी थी बबलू शोभा की गान्ड को मसल्ने जा रहा था शोभा ने अपने हाथों से सेल्फ़ को कस्के पकड़ लिया
शोभा:धीमी आवाज़ में”)छोड़ो क्या कर रहे हो
बबलू ने शोभा की नाइटी को उठाना चालू कर दिया शोभा बेचारी चुप चाप खड़ी रही बबलू ने उसकी नाइटी को उसकी कमर तक उठा दिया शोभा के बड़े-2 चूतड़ बाहर आ गये बबलू दोनो हाथों से शोभा के चुतड़ों को फैला कर मस्ल रहा था रेणु सर झुकाए खड़ी सब देख रही थी रेणु से रहा नही गया और रेणु मूड कर बाहर की तरफ जाने लगी बबलू ने रेणु के हाथ को पकड़ लिया
बबलू:अर्रे तुम तो अभी भी शरमा रही हो
बबलू ने उसे सेल्फ़ के पास खींच कर खड़ा कर दिया रेणु की पीठ सेल्फ़ की तरफ थी जबकि शोभा का फेस सेल्फ़ की तरफ था
रेणु: बहुत धीमी आवाज़ में)प्लीज़ मुझे जाने दो
बबलू ने ना में सर हिला दिया और रेणु की रेड कलर की शॉर्ट नाइटी जो कि उसके जाँघो तक ही आ रही थी उसे ऊपर उठा दिया शोभा कनखियों से रेणु को देख रही थी रेणु की गोरी जांघे उसे सॉफ नज़र आ रही थी और दोनो जाँघो के बीच रेणु के वी शेप रेड कलर की पैंटी उसकी जाँघो को और सुदार बना रही थी बबलू जो कि शॉर्ट्स में था उसने अपना शॉर्ट्स नीचे सरका कर निकाल दिया बबलू का 8 इंच का लंड हवा में झटके खा रहा था बबलू ने अपने लंड के सुपाडे पर थूक लगा कर शोभा की जाँघो को थोड़ा सा फैला दिया और शोभा को सेल्फ़ पर झुका दिया और खुद थोड़ा सा अपने घुटनो को मोड़ कर नीचे होकर अपने लंड को शोभा की चूत के छेद पर टिका दिया रेणु सर झुकाए सब देख रही थी रेणु ने शोभा के फेस की तरफ देखा शोभा अपनी आँखें बंद किए हुए थी और उसने अपने होंठो को अपने दाँतों में भींच रखा था बबलू ने दो चार धक्को में अपने लंड को जड तक शोभा की चूत में घुसा दिया शोभा की चुचियाँ सेल्फ़ के ऊपर हिल रही थी बबलू ने एक हाथ आगे बढ़ा कर रेणु को अपनी तरफ खींचा और रेणु के होंठो पर अपने होंठ रख दिए और अपनी कमर हिलाने लगा बबलू की जांघे शोभा की गान्ड से टकराने लगी और थप-2 की आवाज़ से पूरा घर गूंजने लगा बबलू ने एक हाथ नीचे लेकर रेणु की वीशेप पैंटी के अंदर डाल दिया और अपने हाथ से उसकी चूत की फांको को सहलाने लगा रेणु मचलने लगी बबलू ने जोश में आकर अपनी पूरी ताक़त से धक्के लगाने चालू कर दिए
शोभा:अहह ओह धीरीईई बब्लुउउुुुुउउ ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
रेणु अपनी माँ शोभा की सिसकारियों को सुन कर गरम होने लगी थी बबलू ने रेणु के होंठो से अपने होंठ हटाए
बबलू:हन्ंननणणन् बोल मेरे रानी कैसा लग रहा मेरा लौडा तेरी भोसड़ी में
रेणु बबलू के मुँह से ऐसे बातें सुन कर हैरान तो हो रही थी पर उसे बबलू की बातों से और मज़ा आ रहा था
शोभा बिना कुछ बोले अह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही थी बबलू ने शोभा की गान्ड को पकड़ कर और ताक़त से अपना लंड शोभा की चूत में पेलने लगा
बबलू:बोल्ल्ल्ल्ल्ल्ल साली रांद्द्द्दद्ड कैसा लग रहा हाईईइ बोल
शोभा से अब बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था बबलू का लंड सीधा शोभा की बच्चेदानी पे जाकर ठोकर मार रहा था
शोभा:ओह भ्तुउउउउउउउ अच्छा लगा र्हाअ हाईईइ मेरीई चूत्त्त्त को फद्द्द्दद्ड दूओ मीरीईई जमाइईईईईई राजा अहह ओह और्र्र्र्ररर चोद्द्द्द्द्द्द्द और चोद अपनी सास को
रेणु आँखे फाड़ कर ये सब देख और सुन रही थी
बबलू:चल साली खड़ी क्या हाईईईईई चल अपनी गान्ड हिला में थक गया हूँ
और शोभा ने अपनी गान्ड को पीछे की तरफ धकेलना शुरू कर दिया
शोभा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेंन्नननननननणणन् झड़ने वाली हुन्न्ञननननननणणन् ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और शोभा झड गयी और लंबी साँसें लेने लगी बबलू ने शोभा की गान्ड को पकड़ कर तेज़ी से धक्के लगाने चालू कर दिए और उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया कुछ देर बाद बबलू ने शोभा की चूत से लंड निकाला और रेणु को इशारे से नीचे बैठने को कहा शोभा पहले से नीचे घुटनो के बल बैठी अपनी साँसें दुरस्त कर रही थी दोनो माँ बेटी पास में बैठ गयी बबलू ने रेणु के हाथ को पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया जो अब ढीला पड़ चुका था
बबलू:एक बार इस मूँह में लो ना मेरी जानणन्न्
रेणु ने अपना मुँह खोल कर बबलू के लंड को अंदर ले लिया और चूसने लगी रेणु को अपनी माँ और बबलू के पानी का स्वाद का अजीब ही मज़ा आ रहा था कुछ देर बाद रेणु ने बबलू के लंड को बाहर निकाला और बबलू नीचे बैठ गया और रेणु के होंठो को चूसने लगा दोनो माँ बेटी ने आँखें बंद कर रखी थी बबलू ने रेणु के होंठो को छोड़ा और शोभा के होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसना चालू कर दिया 1 मिनट तक शोभा के होंठो को चूसने के बाद बबलू ने अपने होंठो को हटाया और रेणु के कान में बोला
बबलू:एक बार मेरे सामने अपनी माँ के होंठो को चूसो
रेणु ने अपनी आँखें खोली और बबलू के तरफ देखा उसके फेस पर सावलिया निशान थी पर फिर रेणु में नज़ाने कहाँ से हिम्मत आ गयी उसने आगे बढ़ कर अपने हाथों से शोभा के फेस को पकड़ कर अपने होंठों को शोभा के होंठो पर रख दिया जैसे ही रेणु के होंठ शोभा के होंठो पर पड़े शोभा के दिल की धड़कने बढ़ गई शोभा ने अपनी आँखें खोल कर देखा रेणु उसके होंठो को चूस रही थी शोभा ने अपने होंठो को आपस में सटा रखा था शोभा ने अपनी आँखें बंद कर ली और कुछ देर बाद अपने होंठो को खोल दिया रेणु को भी बहुत अच्छा लग रहा था जैसे ही शोभा ने अपने होंठो को ढीला छोड़ा रेणु ने शोभा के ऊपर वाले होंठ को होंठों में लेकर चूसना चालू कर दिया और शोभा रेणु के नीचे वाले होंठ को चूसने लगी दोनो एक दूसरे के होंठों को चूस रही थी दोनो को किस करते हुए 2 मिनट हो चुके थी बबलू पास में बैठा देख कर मुसकरा रहा था
बबलू;अर्रे भाई बस भी करो तुम माँ बेटी तो मुझे भूल ही गयी
दोनो जैसे नींद से जागी हों एक दम से अलग हो गयी शोभा खड़ी हो कर जल्दी से बाहर चली गयी रेणु वहीं सर झुकाए नीचे बैठ हुई थी उसके गाल शरम के मारे लाल हो चुके थे
बबलू:क्यों कैसा लगा मेरे हजूर
रेणु: शरमाते हुए) सच बताऊं
बबलू:हां
रेणु:पहले कुछ अजीब सा लगा पर बाद में अच्छा लगाने लगा था
बबलू:चलो एक काम करतें है नाश्ता करने के बाद कहीं घूमने चलते हैं और दोपहर का खाना भी किसी रेस्टोरेंट में कर लेंगे
रेणु:ठीक है में तैयार हो कर आती हूँ आप माँ को भी बता देना
तीनो नाश्ता करने लगे और तैयार होकर घर से निकल पड़े
रेणु:हम जा कहाँ रहे हैं
बबलू: पहले तो चल कर किसी माल में शॉपिंग करतें है और बाद में मूवी देखने चले जाएँगे
रेणु;हां ये ठीक रहेगा और लास्ट मे लंच करके घर वापिस चलेंगे
कुछ ही देर में तीनो एक शॉपिंग माल में पहुँच गये शोभा बबलू और रेणु से कुछ आगे चल रही थी बबलू ने रेणु के कान में कुछ कहा रेणु के होंठो पर मुस्कान आ गयी रेणु एक लॅडीस अंडरगार्मेंट की शॉप के सामने आ कर खड़ी हो गयी रेणु ने शोभा को आवाज़ दी शोभा ने पीछे मूड कर देखा तो रेणु ने उसे इशारे से शॉप में आने के लिए कहा शोभा रेणु के पीछे शॉप में चली गयी बबलू ने शोभा से बोला आप शॉपिंग करो में ज़रा घूम कर आता हूँ शॉप के अंदर जैसे ही शोभा आई तो अपने चारो तरफ डिज़ाइनर ब्रा देख कर शोभा हैरान हो गयी शोभा ने जिंदगी में पहली बार इस तरह की ब्रा देखी थी दोनो काउंटर पर खड़ी हो गयी एक 18 19 साल की लड़की उनके पास आई और पूछा मेडम क्या चाहिए आपको
रेणु:जी हमें कुछ ब्रा और पैंटी लेने है और हां शॉर्ट नाइटी भी
लड़की:श्योर मेडम आप मेरे साथ आइए
रेणु और शोभा उस लड़की के साथ शॉप के अंदर लास्ट काउंटर पर चली गयी
लड़की:मेडम साइज़ बताइए
रेणु;माँ अपना साइज़ बताओ
शोभा:में नही मुझे कुछ नही चाहिए तुम अपने लिए ले लो
रेणु:प्लीज़ माँ जल्दी अपना साइज़ बताओ
शोभा:38
रेणु ने लड़की के कान में कुछ में कहा और लड़की ने थोड़ी देर में कुछ ब्रा और पैंटी के सेट शोभा के सामने रख दिए
रेणु: माँ इनमे से कोई पसंद कर लो
शोभा ब्रा को उठा कर देखने लगी सभी ब्रा और पैंटी बहुत ही फॅन्सी थी पैंटी वीशेप की थी और ब्रा फ्रंट साइडेड ओपन थी
शोभा:पर ये तूऊ
रेणु:अरी माँ कोई भी पसंद कर लो
उधर बबलू शॉप के बाहर खड़ा होकर सब देख रहा था उसके चहरे पर मुस्कान थी कुछ देर बाद शोभा और रेणु दोनो बाहर आ गयी उन्होने ने शॉपिंग कर ली थी उसके बाद तीनो मूवी देखने चले गये मूवी देखने के बाद तीनो ने लंच किया और घर वापिस आ गये शाम के 3 बज चुके थे तीनो बहुत थके हुए थी बबलू रेणु को रात का सारा प्लान समझा चुका था शोभा और रेणु बबलू अपने अपने रूम में सो गये तीनो के तीनो घोड़े बेच कर सोए हुए थे शाम के 7 बजे चुके थे पर घर पर अभी सन्नाटा छाया हुआ था शोभा की नींद टूटी शोभा उठ कर बैठ गयी और अपनी आँखों को मलते हुए दीवार पर लगी घड़ी की और देखा शोभा एक दम चोंक गयी
शोभा:हे भगवान 7 बज गये टाइम का पता नही चला शोभा जल्दी से खड़ी हुई और बाथरूम में घुस गयी और मूँह हाथ धो कर बाहर आ गयी घर में अंधेरा फैला हुआ था शोभा ने सबसे पहले घर की लाइट्स ऑन की और उसके बाद जाकर रेणु के रूम के डोर को नॉक किया आवाज़ सुन का बबलू उठा और डोर खोला
शोभा:रात के 7 बज रहे हैं उठना नही है क्या
बबलू:शोभा को अपनी तरफ खींच कर बाहों में लेते हुए) आप ने कह दिया और हम उठ गये
शोभा: क्या कर रहो कहीं भी शुरू हो जाते हो
बबलू; जब पास में दो दो हसीन चुते हों तो कॉन सबर कर सकता हैं
शोभा:तुम बहुत बोलने लगे हो
बबलू ने शोना के होंठो को अपने होंठों में ले लिया और चूसने लगा थोड़ी देर शोभा के होंठो को चूसने के बाद उसने अपने होंठो को हटा लिया शोभा शरमाने लगी बबलू ने उसे छोड़ दिया
शोभा:चलो रेणु को भी उठा दो में खाना की तैयारी करती हूँ
शोभा किचन में चली गयी बबलू ने रेणु को उठाया रेणु भी टाइम देख कर हैरान हो गयी
बबलू:रात के प्लान याद है ना
रेणु: मुस्कराते हुए) हां याद हैं पर आप ये सब सोच कैसे लेते हो
बबलू:बस ऐसे ही दिमाग़ में आ गया था
रेणु उठ कर बाथरूम में घुस गये बबलू हाल में आकर टीवी देखने लगा शोभा किचन में खाना तैयार कर रही थी कुछ देर बाद रेणु बबलू के सामने ऊपर छत पर चली गयी बबलू के होंठो पर मुस्कान आ गयी रात के करीब 10 बजे तीन डिन्निंग टेबल पर बैठे खाना खा रहे थे बबलू ने रेणु से इशारे से कुछ पूछा रेणु ने हां में सर हिला दिया तीनो ने खाना खाया और शोभा और रेणु बर्तन उठाने लगी बर्तन सॉफ करने के बाद शोभा अपने रूम में आकर बेड पर लेट गयी कुछ देर बाद बबलू शोभा के रूम में आया उसके हाथ में एक हॅंड बॅग था बबलू ने उसे शोभा को दिया
शोभा:क्या है ये
बबलू: खोल कर देख लो और हां इन्हें पहन कर ऊपर आ जाना आज हम ऊपर ही सोउंगी
और बबलू बाहर चला गया बबलू के जाने बाद शोभा बेड से उठ कर खड़ी हुई और हॅंड बॅग को खोल कर देखने लगी शोभा ने उसमे रखे समान को बेड पर पलट दिया शोभा की आँखें फटी की फटी रह गयी सामने एक पिंक कलर की नाइलॉन ब्रा और पैंटी थी और पिंक कलर का ही एक शॉर्ट गाउन था शोभा का दिल जोरों से धड़कने लगा शोभा ने पैंटी को हाथ में पकड़ कर उठा लिया और पैंटी को देखने लगी शोभा ने पैंटी की इलास्टिक में दोनो हाथों की उंगलियों को डाल कर खींचा और देखने लगी
पैंटी बहुत ही छोटी थी वी शेप पैंटी नीचे से बहुत ही पतली से पट्टी थी शोभा के गाल शरम के मारे लाल हो गये तभी उसका डोर खुला और बबलू अंदर आ गया शोभा हाथ में पैंटी पकड़े हुए थी
बबलू: क्या हुआ इतनी देर क्यों लगा रही हो
शोभा:बबलू में ऐसे कपड़े पहन कर ऊपर नही आ सकती
बबलू:तुम तो जानती हो हमारे घर के आस पास दूर-2 तक कोई 2 मंज़िला घर नही है और छत पर कैसे दिखेगा वैसे 5 फुट के बाउंड्री वाल भी हैं जल्दी कर ऊपर आ जा
शोभा ने ब्रा पैंटी और गाउन को उठाया और बाथरूम में घुस गयी शोभा ने अपनी नाइटी उतार दी शोभा ने नीचे कुछ नही पहना हुआ था शोभा ने सबसे पहले ब्रा पहनी जिसके हुक्स सामने की तरफ थे शोभा ब्रा के हुक्स को बंद करने लगी शोभा की चुचियाँ छोटी सी ब्रा में कस गये फिर उसने पैंटी उठाई और झुक कर उसे अपनी टाँगों में डाल कर ऊपर करने लगी पैंटी बहुत ही छोटी थी पर बहुत ही फ्लेक्षिबल थी शोभा ने अपनी जाँघो को थोड़ा सा फैला कर पैंटी को अपने चुतड़ों पर चढ़ा लिया वीशेप पैंटी में शोभा की चूत की फांके भी समा नही पा रही थी और ना ही शोभा इस तरह की पैंटी पहनने की आदि थी शोभा की चूत की एक फाँक पैंटी से बाहर झाँक रही थी शोभा ने अपने दोनो हाथों की उंगलियों को पैंटी की पट्टी में डाल कर उसे अपनी चूत की फांकों पर सेट किया और पीछे हाथ ले जाकर अपनी दोनो हाथों की उंगलियों से अपनी गान्ड की दरार में घुसी हुई पैंटी को ठीक किया शोभा ने पिंक कलर का गाउन उठाया और उसे पहनने लगी पर ये क्या ये तो सामने से बिल्कुल खुला था गाउन के सामने की तरफ कमर के पास दोनो तरफ एक पिंक कलर का बेल्ट नुमा कपड़ा लटक रहा था शोभा ने उसे पकड़ कर बाँधा और बाथरूम से बाहर आ गयी कुछ देर सोचने के बाद शोभा कमरे से बाहर आकर छत की तरफ बढ़ने लगी
जैसे ही शोभा छत पर पहुँची तो सामने का नज़ारा देख शोभा एक दम सन्न रह गयी छत पर कोई नही था छत के बीचो -बीच एक बड़ा सा बिस्तर लगा हुआ था जिसपर रेड महरूण कलर की बेड शीट बिछी हुई थी और उसपर गुलाब के फूलों की पंखुड़ियाँ सजी हुई थी शोभा काँपते दिल के साथ बिस्तर की तरफ बढ़ने लगी चारो तरफ गुलाब के फूल बिखरे हुए थी फूलों की खुसबू महॉल को और मादक बना रही थी शोभा बिस्तर पर आ कर बैठ गयी और अपने हाथ की हथेली को बिस्तर पर रखी गुलाब की पंखुड़ियों पर फेरने लगी शोभा की चूत ने अभी से पानी छोड़ना शुरू कर दिया था उसे समझ में आ चुका था कि आज उसकी और रेणु की जम कर चुदाई होने वाली है खुले आसमान के नीचे चुदाई का तो अलग ही मज़ा आएगा ये सोच कर शोभा गरम होने लगी थोड़ी ही देर में बबलू भी छत पर आ गया शोभा अपने ख्यालों में खोई हुए नीचे बिस्तर पर बैठी थी बबलू शोभा के पीछे आकर बैठ गया और उसे अपनी बाहों में भर लिया शोभा एक दम से घबरा गयी और बबलू की बाहों में सिमट सी गयी
बबलू ने शोभा की नेक पर अपने होंठो को रख दिया और उसकी नेक को चूमने लगा
शोभा:अहह सीईईईई बबलू अगर तुम मेरी जिंदगी में ना होते तो मेरी जिंदगी में ये दिन रातें ये हसीन लम्हे ना होते
बबलू ने शोभा के फेस को पीछे की तरफ घुमा कर उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए शोभा ने अपने होंठो को ढीला छोड़ दिया बबलू उसके होंठो का रस चूसने में मगन हो गया बबलू बिना रुके शोभा के होंठो का रस चूसे जा रहा था कि अचानक रेणु भी ऊपर आ गयी शोभा ने अपने होंठो को बबलू के होंठो से अलग किया और सर झुका कर बैठ गयी
रेणु मुस्कुराते हुए दोनो के पास आकर बैठ गयी आसमान एक दम खिला हुआ था तारे आसमान में चमक रहे थे ठंडी -2 हवा चल रही थी और गुलाब के फूलो के महक महॉल को और दिल कश बना रही थी बबलू ने शोभा को दोनो कंधों से पकड़ कर उसे बिस्तर पर पीठ के बल लेटा दिया और खुद उसके बगल में करवट के बल लेट कर उसके ऊपर झुक कर उसके फेस को चूमने लगा शोभा ने अपनी आँखें बंद कर ली रेणु शोभा के दूसरी तरफ उसके पास आकर करवट के बल लेट चुकी थी बबलू और रेणु दोनो तरफ से शोभा से एक दम सटे हुए थे
बबलू रेणु को सर के पीछे से हाथ डाल कर उसके फेस को भी शोभा के फेस के पास ले आया और रेणु के होंठो को चूसने लगा बबलू कभी शोभा तो कभी रेणु के होंठो को चूस्ता दोनो माँ बेटी की साँसें तेज़ी से चल रही थी दोनो के दिलों की धड़कने बढ़ गयी थी बबलू ने शोभा की एक बाजू को पकड़ अपने सर के नीचे रख लिया शोभा का हाथ बबलू के सर से नीचे होते हुए उसके कंधों के पास पीठ पर आ चुका था रेणु ने शोभा के दूसरे हाथ को पकड़ कर बबलू ने जिसे अपने सर के नीचे ले जाकर अपनी पीठ पर रख लिया अब शोभा अपनी दोनो बाहों में रेणु और बबलू को कसे हुए थी बबलू ने अपना एक हाथ नीचे लेजा कर शोभा के गाउन की बेल्ट नुमा रिब्बन की गाँठ को खींच दिया और शोभा का गाउन दोनो तरफ़ से हट गया शोभा के सामने का हिस्सा खुल गया उसके बदन पर पिंक कलर की ब्रा और पैंटी थी
शोभा की साँसें तेज़ी से चलने लगी बबलू ने अपने हाथ से शोभा की ब्रा के फ्रंट साइडेड हुक्स खोल दिए जैसे ही ब्रा के हुक्स खुले कसी हुई ब्रा के कप्स साइड मंर खिसक गये शोभा की 38 साइज़ की चुचियाँ बाहर आ गयी शोभा की चुचियों के काले मोटे निपल्स एक दम तने हुए थी बबलू ने झुक कर शोभा की एक चुचि को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया और रेणु को आँख मार कर इशारा किया रेणु भी तुरंत शोभा के ऊपर झुक गयी और उसकी दूसरी चुचि को मूँह में लेकर चूसने लगी अपनी दोनो चुचियों को रेणु और बबलू के मूँह में महसूस कर शोभा सिसकियाँ भरने लगी दोनो चुचियों को एक साथ चुसवाने में शोभा को बहुत मज़ा आ रहा था शोभा एक दम मस्त हो चुकी थी
शोभा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
शोभा रेणु और बबलू के होंठो को अपने चुचियों पर एक साथ महसूस करके कसमसाने लगी शोभा की चूत में आग लग चुकी थी बबलू शोभा की चुचि को छोड़ कर नीचे का तरफ बढ़ने लगा शोभा अपनी नाभि पर बबलू के होंठो को महसूस करके ऐंठने लगी बबलू चूमता हुआ नीचे आ गया और शोभा की वीशेप पैंटी के ऊपर से जो मुस्किल से उसकी चूत की फांकों को ढक पा रही थी अपनी जीभ निकाल कर चाटने लगा
शोभा;अहह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई बब्लुउउुुुुुुुुुउउ ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
शोभा एक दम मस्त हो चुकी थी उसकी पैंटी उसकी चूत के पानी से पहले से ही गीली हो चुकी थी शोभा से बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था रेणु शोभा की चुचियों चूस्ते हुए बबलू को देख रही थी रेणु ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर शोभा की पैंटी को नीचे से पकड़ कर एक साइड में कर दिया पैंटी की पट्टी शोभा की चूत से हट कर साइड में हो गयी बबलू ने दोनो हाथों से शोभा की चूत को फैला कर अपने होंठो को शोभा की चूत पर लगा दिया और शोभा की चूत को चाटने लगा
शोभा:अहह माररर्ररर गेइईईईई ओह नहियीईईईईईईईईईईईई सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
बबलू अपनी जीब निकाल शोभा की चूत के छेद को अपनी जीभ से चोदने की कोशिश कर रहा था शोभा मस्ती में आकर अपनी कमर हिलाने लगी शोभा की चूत की आग बढ़ती जा रही थी बबलू ने शोभा की पैंटी को दोनो साइड से पकड़ कर खींचना चालू कर दिया शोभा ने मस्ती में आकर अपनी गान्ड ऊपर उठा ली ताकि बबलू उसकी छोटी सी वीशेप पैंटी को आसानी से निकाल सके बबलू ने शोभा की पैंटी को निकाल कर एक तरफ रख दिया और खुद घुटनो के बल बैठ कर अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट्स उतार दिया बबलू का 8 इंच का लंड हवा में झटके खाने लगा
शोभा ने अपनी टाँगों को घुटनो से मोड़ कर फैला लिया शोभा की चूत का छेद फुदक रहा था बबलू का लंड लेने के लिए मचल रहा था बबलू शोभा की जाँघो के बीचे में आ गयी और अपने लंड के सुपाडे को शोभा की चूत के छेद पर टिका दिया रेणु अभी भी शोभा की चुचियों को चूस रही थी बबलू ने अपने लंड को हाथ में पकड़ कर एक धक्का मारा लंड आधा चूत में घुस गया शोभा के होंठो पर ऐसी मुस्कान आ गयी जैसे किसी ने जलती भट्टी में पानी डाल कर उसे ठंडा कर दिया हो बबलू ने अपना हाथ लंड से हटा कर एक और ज़बरदस्त धक्का मारा लंड पूरा का पूरा चूत में घुस गया और लंड का सुपाडा सीधा बच्चेदानी से जा टकराया .
बबलू शोभा के ऊपर झुक गया और शोभा की एक चुचि को चूसना चालू कर दिया शोभा एक दम गरम हो चुकी थी बबलू अपना लंड डाले उसके ऊपर लेटा हुआ था शोभा से रुका नही गया और शोभा ने अपनी चूत को ऊपर की तरफ उछालना शुरू कर दिया लंड अंदर बाहर होने लगा अपनी माँ को इतना उत्तेजित देख रेणु भी गरम होने लगी थी शोभा अपनी गान्ड उछाल-2 कर बबलू का लंड चूत में लेकर चुदवाने लगी
शोभा;अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर्नूऊऊऊऊ नाआआआआअ अहह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बहुत मज़ा आआआआआ रा हाईईईईईईईईईईईईईईईईई ज़ोर सीईईई फाड़ दो मेरईईईईईई चूतत्त्त्त्त्त्त्त्त
बबलू ने भी जोश में आकर अपनी कमर को हिलाना चालू कर दिया शोभा की चूत पानी से भीगी हुई थी बबलू का लंड भी शोभा की चूत के काम रस से भीग गया और लंड फतच-2 की आवाज़ करता हुआ अंदर बाहर होने लगा खुले आसमान में फतच-2 की आवाज़ा फैलने लगी शोभा की सिसकियाँ बदस्तूर जारी थी
शोभा;अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हन्ंननननननननननननननणणन् मेरईईईई जमाई राजा अहह ओह और चोदो मेरी भोसड़ी की प्यास बुझा डूऊऊऊ ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
बबलू धना-धन शोभा की चूत को चोदे जा रहा था शोभा झड़ने के बहुत करीब थी शोभा की गान्ड अब बिस्तर से 3 इंच ऊपर उछलने लगी थी शोभा अपनी जाँघो को पूरा फैला कर अपनी छूत को बबलू के लंड पे पटक रही थी
शोभा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेईईईईईईईईन्न्ननननननणणन् गइईईईईईई
औईईईईईईईईईए शोभा नीचे लूड़क कर भारी साँसें लेने लगी बबलू का मन अभी नही भरा था बबलू ने शोभा की चूत से लंड निकाला शोभा के सर की तरफ आ गया और रेणु के सर को पकड़ कर अपने लंड पर झुका दिया रेणु ने बबलू के लंड को हाथ में पकड़ कर अपने मूँह में ले लिया शोभा भारी साँसें लेते हुए ये सब देख रही थी बबलू का लंड ठीक उसकी आँखों के ऊपर था और उसकी लाडली बेटी बबलू का लंड मूँह में लेकर चूस रही थी रेणु का सर तेज़ी से आगे पीछे हो रहा था लंड रेणु के मूँह के अंदर बाहर हो रहा था रेणु ने बबलू के लंड को बाहर निकाला और अपनी जीभ निकाल कर बबलू के लंड के सुपाडे के चारो तरफ घुमा -2 कर चाटने लगी फिर रेणु ने अपने होंठो को बबलू के लंड के सिरे से जड तक रगड़ कर सॉफ किया और बबलू की गोलियों को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया
ये सब देख शोभा हैरान हो गयी उसे यकीन नही हो रहा था कि उसकी अपनी बेटी उसके सामने बबलू का लंड मूँह में लेकर चूस रही थी और उसकी अपनी खुद की चूत के पानी को चाट चाट कर सॉफ कर रही है बबलू ने रेणु के सर को पकड़ कर पीछे कर दिया रेणु ने एक झटके में अपनी नाइटी को उतार फेंका रेणु के बदन पर अब ब्लू कलर की पैंटी और ब्रा थी रेणु ने अपने हाथ पीछे ले जाकर अपनी ब्रा के हुक्स खोल कर उसे निकाल दिया फिर बड़ी नज़ाकत के साथ अपनी दोनो टाँगों को पास करके अपनी गान्ड को थोड़ा सा उठा के अपनी पैंटी को दोनो हाथों से पकड़ कर नीचे करने लगी थोड़ी ही देर में रेणु एक दम नंगी बिना कपड़ों के शोभा और बबलू के सामने थी रेणु शोभा के ऊपर आ गयी और अपने पैरो को शोभा की कमर के दोनो तरफ करके उसके ऊपर डॉगी स्टाइल में आ गयी रेणु ने अपनी चुचि को अपने हाथ में पकड़ कर दबाया चुचि का निपल बाहर की तरफ निकल आया रेणु अपनी चुचि के निपल को शोभा के होंठो के पास ले आई शोभा आँखे फाडे सब देख रही थी
बबलू;देख क्या रही हो सासू जी अब रेणु को भी मज़ा दो ना
शोभा ने हिम्मत जुटा के रेणु की चुचि को मूँह में ले लिया और निपल को चूसने लगी
रेणु:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
बबलू रेणु के पीछे आ गया और झुक कर रेणु की चूत की फांकों को फैला कर अपने होंठो को रेणु की चूत के छेद पर लगा दिया रेणु की कमर भी झटके खाने लगी रेणु शोभा के गालों को चूमने लगी अब शोभा भी इन सब बातों के लिए नॉर्मल हो रही थी शोभा ने रेणु की दूसरी चुचि को हाथ में लेकर मसलना चालू कर दिया रेणु की तनी हुई मुलायम चुचियों का अहसास बहुत अच्छा लग रहा था रेणु भी मस्त हो चुकी थी और अपनी कमर हिला हिला कर अपनी चूत को बबलू के होंठो पर रगड़ रही थी
रेणु;अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जानीउऊुुुुुउउ अहह हाआाआआन्णन्न् आईसीईईईईईईई हीईईईई और जोर्र्र्रर से चूसोन्ंननननणणन् अहह बहुत मज़ा आआआआ र्हहा हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई हन्ंनननननननणणन् अपणीईीईईईईई जीईभह मेरीईई चूत्त्त्त्त्त्त्त्त्त मेंन्ननणणन् घुसाा दूऊव ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
बबलू पागलों की तरह रेणु की चूत को चूस-2 कर लाल कर चुका था बबलू सीधा हो कर घुटनों के बल बैठ गया और अपने लंड के सुपाडे को रेणु की चूत की फांकों पर रगड़ने लगा
रेणु:क्य्ाआअ कर र्हाईईई हूओ जल्दीीईई घुस्साआ नाआआ ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह माँ मेरईईईई चूत्त्त्त क्ीईए को फैला नाआअ अहह मेरे चूत्त्त्त्त्त लंड्ड लेने के लिए तरस रही हाईईईईईई
शोभा को यकीन नही हो रहा था कि उसकी अपनी बेटी उसे कह रही कि उसकी माँ उसकी चूत को फैला कर खुद लंड डलवाए
रेणु:क्या सोच रहियिइ हो माआआअ जल्दीीई करूऊऊओ ना
शोभा ने अपने काँपते हाथों को नीचे लेजा कर रेणु की चूत की फांकों को हाथों से फैला दिया रेणु की गुलाबी चूत का छेद बबलू के आँखों सामने आ गया जो चाँद की रोशनी में और भी हसीन लग रहा था बबलू ने अपने लंड के सुपाडे को रेणु की चूत के छेद पर टिका कर रेणु की कमर को पकड़ कर ज़ोर दर धक्का मारा . धक्का इतना तेज था कि रेणु चीख पड़ी और रेणु धक्का लगाने के कारण आगे की तरफ हो गयी रेणु के निपल पच पच की आवाज़ से शोभा के मूँह से बाहर आ गये
रेणु:हाययइईईई इतनीईीईईईईईई बहरहमी क्योंन्ननणणन् देखाा रहिी हूऊओ चूत को छील कर रख दिया जालिम अह्ह्ह्ह्ह्ह
बबलू ने अपना लंड को धीरे-2 अंदर बाहर करना चालू कर दिया कुछ ही देर में बबलू का लंड रेणु की चूत में पूरा अंदर बाहर होने लगा और सीधा जाकर रेणु की बच्चेदानी से टकराने लगी
रेणु:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेरीईई ज़ाआआआं हाआअँ और्र्र्र्र्र्ररर जोर्र्र्र्र्र्र्ररर सीईए चोदूऊ अहह बहुत मजाआ आआआअ रहा हाीइ बबलू रेणु की कमर को दोनो हाथों से थामे धना धन धक्के मार रहा था रेणु ने अपनी चुचि को पकड़ कर फिर से शोभा के होंठो पर अपने निपल को रगड़ना चालू कर दिया और शोभा ने भी अपने होंठो को खोल कर अपनी बेटी के निपल को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया
रेणु;अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह बहुत्त्त्त्त्त्त्त्त मज़ा आ रहा हहियीई और्र्र्र्ररर जोर्र्र्र्र्र्र्र्ररर से चोदूऊऊऊ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
रेणु ने शोभा का हाथ पकड़ कर अपनी दूसरी चुचि पर रख दिया और अपने हाथ से शोभा का हाथ अपनी चुचि पर दबाने लगी शोभा को भी इस खेल में अब मज़ा आने लगा था शोभा भी धीरे-2 रेणु की चुचि को मसल रही थी और दूसरी चुचि को चूस रही थी रेणु एक दम गरम हो चुकी थी उसके गाल उतेजना के मारे लाल हो चुके थी आँखें वासना के कारण बंद हो गयी मस्ती इस कदर चढ़ चुकी थी कि वो अपने होंठो को दाँतों में भींच कर काटने लगी और अपनी गान्ड को पीछे की तरफ फेंक-2 कर बबलू का लंड चूत में लेकर चुदवा रही थी
रेणु;अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जाआअनीउऊुउउ ओह बहुत मज़ा आआआआआआ रहा हाईईईईईईईईईईईईईईईई मेरिइईई चूत्त्त्त्त्त्त्त्त की सारी खुजली मिटा दूऊऊऊओ अपने काम रस्सस्स से मेरी चूत और्र्ररर बच्चेदानी को भर दूऊऊऊ अहह मुझीईए माँ और्र्ररर माआ कूऊऊऊ नानी बनन्नाआ दूऊव
शोभा रेणु की बातें सुन कर गरम होने लगी थी और रेणु भी झड़ने के बिल्कुल करीब आ चुकी थी बबलू ने अपनी कमर को और तेज़ी से हिलाना चालू कर दिया रेणु अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह करके झड़ने लगी और गहरी साँसें लेते हुए शोभा के ऊपर लूड़क गयी बबलू भी झड़ने के करीब आ चुका था बबलू ने अपना लंड बाहर निकाला और हाथ 3 4 बार हिलाया और बबलू के लंड से वीर्य की धार निकल कर रेणु की चूत के ऊपर पड़ने लगी 1 के बाद 1 बबलू के लंड ने चार बार पिचकारी मार कर अपना लावा रेणु की चूत के ऊपर उगल दिया तीनो तेज़ी से साँसें ले रहे थे रेणु की चूत से बबलू का वीर्य बह कर शोभा की चूत पर गिरने लगा दोनो माँ बेटी की चूत बबलू के वीर्य से सन गयी थी
बबलू शोभा के बगल में आकर लेट गया और रेणु बबलू के दूसरी तरफ लेट गयी बबलू दो दो चुतो के बीच लेटा हुआ था 2 घंटे चली लंबी इस वासना के खेल में तीनो थक चुकी थी खुले आसमान में ठंडी हवा के झोंके उन्हे सुस्त करने लगे और तीनो को नींद आने लगी तीनो नींद के आगोश में समा गये रात का 1 बज रहा था शोभा अभी उसी हालत में सोई हुई थी कि अचानक उसकी किसी आवाज़ से नींद टूटी उसने सबसे पहले अपने आप को देखा और अपने को देख वो शरमा गयी उसने बिस्तर की दूसरी तरफ नज़र डाली पर वहाँ कोई नही था अचानक उसका ध्यान छत के चारो तरफ बनी बौंडरी वॉल के एक तरफ गया शोभा एक दम सन्न रह गयी रेणु बाउंड्री वॉल पर अपने दोनो हाथों के रख कर झुक कर खड़ी थी उसके जिस्म पर कुछ भी नही था उसके पीछे बबलू खड़ा उसकी गान्ड को थामें धना-धन रेणु को चोद रहा था रेणु के बाल बिखरे हुए थे रेणु की सिसकारियाँ शोभा सॉफ सुन सकती थी और रेणु भी अपनी गान्ड को पीछे धकेल -2 कर बबलू का लंड अपनी चूत में लेकर चुदवा रही थी बबलू पागलों की तरह पूरी रफतार में रेणु को कमर हिला कर चोद रहा था कुछ ही देर में दोनो शांत पड़ गये बबलू ने जैसे ही अपना लंड बाहर निकाला रेणु लड़खड़ा कर नीचे बैठ गयी और हाँफने लगी शोभा बिना कुछ बोले और बिना हिले वैसे ही पड़ी रही बबलू अपनी जगह पर आकर लेट गया और कुछ देर बाद रेणु भी अपनी गान्ड हिलाते हुए बबलू के पास आकर लेट गयी शोभा को अंदाज़ा हो गया था कि बबलू ने रेणु की ज़बरदस्त तरीके से चुदाई की है उसके बाद तीनो सो गये
अगली सुबह दूसरी तरफ सीमा के घर में सीमा का हज़्बेंड हाल में सोफे पर बैठा चाइ पी रहा था अमन अभी अपने रूम से बाहर नही आया था सीमा किचन में ब्रेकफास्ट तैयार कर रही थी तभी फोन की रिंग बजी सीमा के हज़्बेंड ने उठ कर फोन उठाया और बात करने लगा सीमा को कुछ सुनाई नही दे रहा था सीमा अपने काम में व्यस्त थी थोड़ी देर बाद सीमा का हज़्बेंड किचन में आया
सीमा:क्या हुआ किसका फोन था
महेश: वो रीमा का फोन था (रीमा महेश की बेहन यानी सीमा कि ननद थी)
सीमा:क्या हुआ सब ठीक तो है (अपने पति को थोड़ा परेशान देख कर)
महेश: नही कोई खास बात नही बस वो रीमा की सास की हालत खराब है वो बोल रही थी एक बात उनका हाल चाल आकर पूछ लेते
शोभा:तो चले क्यों नही जाते
महेश : नही तुम तो जानती हो आगे ही बहुत लीव ले चुका हूँ ऐसा करो तुम ही हो आओ और अमन को साथ ले जाओ वो भी घूम आएगा
सीमा:ठीक है में अमन को साथ लेकर चली जाती हूँ पर हां अगर रीमा ने कुछ दिन रुकने के लिए कहा तो मैं वहाँ कुछ दिन रुक कर आऊँगी
महेश:ठीक है तुम अमन को बता दो ताकि वो तैयार हो जाए और तुम भी तैयारी कर लो अगर टाइम से घर से निकलो गी तो शाम तक वहाँ तक पहुँच जाउन्गी
सीमा:ठीक हैं मैं अमन को तैयार होने के लिए बोलती हूँ
और ये बोल कर सीमा अमन के रूम में चली गयी आज अमन को आए हुआ दूसरा दिन था पर सीमा को अमन के साथ अकेले में एक पल भी नही मिला था सीमा ने अमन के रूम का डोर नॉक किया पर अमन अंदर नही था महेश ने बाहर से चिल्लाते हुए सीमा से बोला
महेश :आररी हां मैने अमन को ऊपर छत पर जाते हुए देखा है
सीमा छत की तरफ जाने लगी सीडीयाँ चढ़ते सीमा खुशी से भरी हुई थी जैसे ही सीमा ऊपर के मंज़िल पर पहुँची तो अमन छत से नीचे की तरफ आ रहा था सीमा अमन को देख मुस्कराने लगी सीमा ने अमन को एक साइड में खींच लिया और अमन से लिपट गयी अमन ने भी अपनी बाहें सीमा की कमर मे कस ली सीमा अमन के गालों को चूमते हुए बोली
सीमा:अमन आज में बहुत खुश हूँ
अमन:क्यों क्या हुआ मौसी
सीमा:तुम्हें मेरे साथ आज ही रायपुर चलना है
अमन:रायपुर क्यों
सीमा:वहाँ मेरी ननद रहती है उसकी सास की तबीयत बहुत खराब है उनसे मिलने जाना है
अमन:तो इसमे खुश होने की क्या बात है
सीमा: वो जब तुम मेरे साथ चलोगे तो पता चल जाएगा
और सीमा ने अपने होंठो को अमन के होंठो पर रख दिया अमन सीमा के होंठो को चूसने लगा सीमा अमन से अलग हुई और अमन को जल्दी तैयार होने को कहा अमन और सीमा दोनो जल्दी नीचे आ गये अमन अपने रूम में जाकर तैयार होने लगा और सीमा भी तैयार होने लगी करीब एक घंटे में दोनो अपने बॅग्स पॅक करके तैयार थे
दोस्तो मैं आप को ज़रा रीमा के बारे में कुछ बता दूं फिर ही आप को रीमा के पास ले कर चलूं ताकि आप समझ सको सीमा रीमा के पास जाने के लिए खुश क्यों थी रीमा सीमा की ननद जिसकी शादी को करीब 15 साल हो चुके थी और सीमा के हज़्बेंड यानी महेश से 4 साल बढ़ी थी रीमा का पति पेशे से किसान था गाओं में काफ़ी ज़मीन ज़्यादाद थी पर शादी के कुछ सालों बाद ही रीमा का पति ज़्यादा ज़मीन होने के कारण दिन रात काम में लगा रहता था उसके गाओं के आस पास किसी के पास इतनी ज़मीन ज़्यादाद नही थी और रीमा शहर में पड़ी लिखी लड़की थी उसने अपनी चूत की आग बुझाने के लिए उसने अपने जेठ से नज़ायज़ संबंध बना लिए थे जिसे रीमा ने कभी ग़लत नही माना था क्योंकि रीमा खुले विचारों वाली औरत थी वो तो बस अपनी चूत की आग बुझाना जानती थी चाहे वो कैसे भी हो रीमा के पति हरिओम को रीमा की करतूतों का पता चल गया था पर रीमा का पति समाज में अपनी खिल्ली उड़ाने से बचाने के लिए चुप रहा पर उसके मन में कहीं ना कहीं द्वेष ज़रूर था पर रीमा की जवानी को फिर भी तरसना ही लिखा था 8 साल पहले उसके जेठ का देहांत भी हो चुका था एक बार तो रीमा के पति हरी ओम ने सीमा से अपनी पत्नी के बारे में सब कुछ बता दिया था ताकि वो रीमा को समझा सके यानी कि उसके बाद सीमा रीमा की राज दार बन गयी रीमा का संबंध एक दो और आदमियों से बना पर वो भी बहुत ज़्यादा लंबा ना चला और रीमा जब भी सीमा यानी अपने भाई के घर आती थी तो सीमा और रीमा दोनो एक दूसरे की चूत चाट कर चूत में उंगली कर एक दूसरे के गरमी को शांत करने के कोशिश करती थी
रीमा को एक बेटा और बेटी थे और बेटी की शादी हो चुकी थी और बेटे की भी शादी हो चुकी थी बेटे की शादी को 3 साल हो चुके थे पर रीमा अब तक अपने पोते का मूँह नही देख पे थी उसका कारण ये था कि उसका बेटा जब जवान होने लगा था एक दिन उसके ही घर की भैंस ने रीमा के बेटे के गुप्ताँग पर सींग मार दिया जिससे बहुत बढ़ा घाव हो गया था और कई दिनो के इलाज के बाद घाव तो भर गया पर उसके लंड का विकास रुक गया रीमा के बेटे का लंड खड़ा तो होता पर 4 इंच का लंड कमजोर और ढीला था
अब में आप को स्टोरी पर वापिस ले चलता हूँ सीमा और अमन तैयार होकर महेश के साथ घर से निकल पड़े महेश ने उन्हें बस स्टॅंड पहुँचा कर बस में बैठा दिया बस चल पड़ी सीमा ने ब्लू कलर की साड़ी पहनी हुई थी और साथ में मॅचिंग स्लीवलेशस ब्लाउस पहना हुआ था होंठो पर रेड लिपस्टिक और हल्का सा मेकप किया हुआ था अमन अपने आप में बहुत प्राउड फील कर रहा था कि उसने सीमा मौसी जैसी सुंदर औरत के जिस्म को भोगा है बस कई मर्द सीमा के खूबसूरती के कियल हो गये और बार -2 सीमा को देख रहे थी सीमा के खुशी उसका चाहेरा बयान कर रही था सीमा बहुत खुस थी क्योंकि ननद रीमा के घर पर उसे और अमन के साथ काफ़ी टाइम मिलने वाला था और सीमा अपनी ननद रीमा से भी मिलना चाहती थी सीमा और अमन दोनो बैठ कर बातें कर रहे थे कोई 3 घंटे के सफ़र के बाद बस एक छोटे से कस्बे में पहुँची वहाँ से उतर कर अमन और सीमा ने एक लोकल बस रायपुर गाओं के लिए पकड़ी बस की हालत बहुत खराब थी और एक दम ठसा ठस भरी हुई थी किस्मेत से दोनो को सीट मिल गयी और कोई 2 घंटे के धीमे सफ़र के बाद सीमा खड़ी हो गयी बस रुकी और अमन और सीमा नीचे उतर गये मेन रोड से बाएँ तरफ एक कच्चा रास्ता जा रहा था सीमा और अमन अपना बॅग उठा कर उस रास्ते पर चलने लगे सीमा तो पहले भी कई बार रीमा के ससुराल आ चुकी थी पर अमन पहली बार यहाँ आया था कच्चा रास्ता जिसके एक तरफ खेत ही खेत और किनारे पर घने घने पेड़ लगे हुई थी दूसरी तरफ एक नहर (नदी) और नहर के तरफ भी घने-2 पेड़ और झाड़ियाँ थी जैसे अमन और सीमा कच्चे रास्ते पर आगे बढ़ रहे थी हरियाली बढ़ने लगी दोनो इधर उधर की बातें कर रही थी उस कच्चे रास्ते पर दूर-2 तक कोई दिख नही रहा था दोपहर के 3 बज रहे थे गर्मी बहुत थी पर घने पेड़ो की छाँव में उन्हे ठंडक मिल रही थी सीमा अमन के आगे-2 चल रही थी
अमन:और कितनी दूर चलना पड़ेगा मौसी
सीमा: अमन अब यहाँ कोई है जो तुम मुझे मोसी कह रहे हो
अमन:सॉरी सीमा
सीमा मुस्कुराने लगी और अपने बॅग को छोड़ कर नीचे रख दिया और पलट कर अमन के पास आई सीमा क्या कयामत लग रही थी और सीमा ने अपनी बाहें अमन के गले में डाल दी अमन ने अपने दोनो हाथों को सीमा की कमर पर रख दिया और सीमा आँखें बंद करके अपने होंठो को अमन के होंठो की तरफ बढ़ाने लगी अमन ने सीमा के होंठो को अपने होंठो में ले लिया सीमा की लिपस्टिक के स्वाद से अमन का मूँह भर गया कुछ देर किस करने के बाद सीमा पीछे हुई और अमन की तरफ मुस्करा कर देखा और फिर पलट कर अपना बॅग उठाया और चलने लगी अमन भी बॅग उठा कर सीमा के साथ चलने लगा दोनो आपस में बातें करतें चल रहे थे आख़िर कार दोनो गाओं पहुँच गये अमन ने अपनी जिंदगी में पहली बार ऐसा गाओं देखा था गाओं काफ़ी पिछड़ा हुआ महसूस हो रहा था गाओं के ज़्यादातर घर कच्चे थे लोगो की हालत बेकार लग रही थी जब दोनो गाओं की गली में आगे बढ़ रहे थे तो लोग उन्हे घूर कर देख रहे थे
अमन:मौसी ये लोग हमें ऐसे क्यों देख रहे है
सीमा:दरअसल यहाँ के लोग काफ़ी ग़रीब हैं और पिछड़े हुए हैं और बहुत कम लोग ही सहर से आते है शायद हमारा पहनावा इन्हे नया लग रहा हो
आख़िर कार काफ़ी चलने के बाद सीमा एक लकड़ी के बड़े से दरवाजे के बाहर खड़ी हो गयी और दरवाजा खटखाया और अंदर से आवाज़ आई कॉन है
सीमा: रीमा दीदी में हूँ सीमा
रीमा ने जल्दी से दरवाजा खोला और सीमा के गले लग गयी
रीमा:और सूनाओ भाभी कैसी हो भाई साहिब नही आए
सीमा:नही उन्हें आगे छुट्टी नही मिली में ठीक हूँ दीदी आप कैसे हो
रीमा:में भी ठीक हूँ आओ अंदर आओ
अमन पीछे खड़ा मुस्करा रहा था
सीमा:दीदी ये मेरी बेहन शोभा का लड़का अमन है
अर्रे अमन बहुत बड़ा हो गया है जब आख़िरी बार देखा था तो शोभा की गोद में था
अमन और सीमा अंदर आ गये रीमा ने दरवाजा बंद किया
अमन रीमा के घर को देखने लगा घर का आँगन बहुत ज़्यादा बड़ा था और आख़िर में तीन बड़े-2 कमरे बने हुए थे और कमरों के आगे बड़ा सा बरामदा था और बरामदे के आगे एक बड़ा सा रसोई घर बना हुआ था तीनो कमरे एक लाइम में और एक तरफ छोटा सा रूम था जिसमे रीमा की सास रहती थी सामने की तरफ थी रीमा ने दोनो को एक रूम में ले जाकर सोफे पर बैठा दिया और ज़ोर से अपनी बहू काजल को आवाज़ लगाई और थोड़ी देर बाद पायल की खनकती आवाज़ के साथ रीमा की बहू काजल कमरे में आ गयी
रीमा: बहू देखो ये मेरी भाभी है सीमा इनके पाँव छुओ और ये इनका भतीजा अमन है
काजल ने आगे बढ़ कर सीमा के पाँव छुए और अमन ने काजल को नमस्ते कहा
रीमा;जाओ इनके लिए शरबत ले आओ और कुछ नाश्ता भी ले आना
काजल:जी माँ जी में अभी लाती हूँ
सीमा ने जो रस अमन को चुदाई का चखाया तो उसने अमन का हर चीज़ खास कर औरतों को देखने का नज़रिया बदल दिया था अमन काजल के हर अंग का जायज़ा ले रहा था काजल ने गुलाबी रंग की साड़ी पहन रखी थी जो उसने नाभि से 3 इंच नीचे बाँध रखी थी काजल का रंग थोड़ा सांवला था पर नैन नख्श बहुत अच्छे थे काजल सीमा और रीमा के उलट एक दम कमर से पतली थी और चुचियाँ 38 साइज़ की थी कुलमिलाकर काजल का बदन काफ़ी पतला था काजल किचन में चली गयी अमन काजल के खूबसूरत बदन को देख निहाल हो चुका था तीनो बैठ कर इधर उधर के बातें करने लगी कुछ देर बाद अमन और सीमा ने हल्का फूलका नाश्ता किया और रीमा अमन को दूसरे रूम में ले गई
रीमा:लो बेटा तुम यहाँ पर अपने कपड़े बदल कर आराम कर लो
अमन:ठीक है आंटी जी
और रीमा दूसरे कमरे में सीमा के पास चली गयी
सीमा: और बताओ दीदी आपके पति कहाँ हैं और बेटा भी नज़र नही आ रहा
रीमा:वो तो किस काम से शहर गये हैं 10 -12 दिन के बाद आएँगे कोई कचहरी में काम था
और विजय( रीमा का बेटा) वो तो खेत में गया है कुछ देर पहले ही फसल पक चुकी है काफ़ी ध्यान देना पड़ता है और जमीन भी दूर-2 तक फैली हुई है रात को खाना खाने आएगा मिल लेना उसे
सीमा: और तुम्हारी साँस कैसी है अब कैसी तबीयत है उनकी
रीमा:हां कल ही हॉस्पिटल से वापिसे लाएँ है अभी सो रही है और तू सुना क्या बता बड़ा रूप निखरा हुआ है लगता है भाई साहिब जम कर चुदाई करतें हैं
सीमा:कहाँ दीदी आप तो जानती है साल में एक दो बार ही आते हैं
रीमा:हां वो तो जानती हूँ
सीमा:और तुम सूनाओ सब ठीक है मज़े लूट रही हो या सब बंद कर दिया
रीमा:कहाँ यार क्या बताऊ अब घर पर बहू रहती है और मुझे ये सब ठीक नही लगता और ना ही मोका मिलता है
सीमा:तो बहू से कोई खूसखबरी है या अभी भी नही
रीमा: नही सीमा तुम तो जानती हो विजय के साथ क्या हुआ था बड़े डॉक्टरो को दिखाया कोई फ़ायदा नही हुआ कई घरेलू नुस्खे भी करके देख लिए पर कोई फ़ायदा नही पोते का मूँह देखना तो दूर मुझे तो बहू की चिंता सताती रहती वो भी अपनी हसरतों को मार कर जी रही है मुहँ से तो कुछ नही बोलती पर उदास बहुत रहती है और ऊपर सारे गाओं वाले लोग तरह -2 की बातें करने लगे हैं
सीमा:दीदी एक बात बताओ फिर आज कल चूत की आग को कैसे ठंडा कर रही हो
रीमा:क्या बताऊ यार अब समाज के डर से घर से बाहर तो जा नही सकती बस कभी-2 जवानी के दिनो को याद करके चूत में उंगली कर लेती हूँ पर साली ये चूत ठंडी होने की बजाए और खुजलाने लगती है अब तू ही बता में कर सकती हूँ
सीमा: दीदी में तुम्हारी चूत की खुजली दूर करने की दवाई साथ में लेकर आई हूँ
रीमा: क्या बोल रही है तू सच बता ना क्या लाई है
सीमा:वही जिसे अभी तुम दूसरे कमरे में छोड़ कर आई हो
रीमा: चोन्क्ते हुए) क्या बोल रही है तू मुझे यकीन नही हो रहा
सीमा:अब तुमसे क्या छुपाना दीदी मैने उसे अपने जाल में फँसा लिया है पर उसे जाल में फाँसते -2 में और मेरी चूत खुद उसके लंड के गुलाम हो गये है
रीमा:लेकिन देखने में तो छोटा लगता है तुम्हारी चूत का पानी निकाल पाता भी है या नही
सीमा:एक बार अपनी भोसड़ी में उसका लंड लेकर तो देखो अगर तुम्हारी चूत की धज्जियाँ ना उड़ा दे तो मेरा नाम भी सीमा नही
रीमा:तू सच कह रही है तुमने तो आज मेरा दिल खुश कर दिया (अपनी साड़ी के ऊपर से अपनी चूत पर हाथ फेरते हुए) देख मेरी चूत तो अभी से खुजलाने लगी हीयरी है
सीमा:हंसते हुए) कोई बात नही दीदी तुम्हारी चूत की खुजली भी शांत हो जाएगी बस तुम रात की चुदाई का इंतज़ाम करो बाकी में सब संभाल लूँगी
रीमा:देखते हैं चोदे के लंड में कितना दम हैं
और दोनो हँसने लगी दोनो आपस में बेड पर लेट कर बातें कर रही थी दूसरी तरफ अमन बेड पर लेटा काजल के छरहरे बदन के बारे में सोच -2 कर पागल हुआ जा रहा था क्या कयामत बदन था उसका शाम के 6 बज चुके थे अमन जो कि सो चुका था सीमा ने उसे कमरे में आकर उठाया और बेड पर उसके पास बैठ कर उसके होंठो को चूमते हुए बोली चल हाथ मूँह धो ले और चाइ पी ले .
अमन उठ कर बाथरूम के तरफ चल पड़ा अमन बाथरूम की तरफ बढ़ रहा था उसकी आँखें अभी भी ठीक से खुल नही रही थी शायदा सफ़र के कारण थकान ज़यादा हो गयी थी बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ था अमन घर के आँगन में आगे बाथरूम की तरफ बढ़ रहा था अमन ने बाथरूम के पास पहुँच कर अपने शॉर्ट्स को चलते हुए थोड़ा सा नीचे करके अपना हाथ अंदर डाल कर अपना लंड बाहर निकाल लिया और एक हाथ से बाथरूम का दरवाजा खोला और अपना लंड हाथ में पकड़े हुए अंदर आ गया जैसे ही अमन अंदर हुआ उसने अपने एक हाथ से अपनी आँखों को मलना चालू कर दिया जिससे उसकी आँखें बंद हो गयी उसे पता नही था कि बाथरूम में अंदर भी कोई है बाथरूम में रीमा की बहू काजल मूत रही थी
अमन को अंदर देख वो एक दम से सकपका गयी अमन के अपने हाथ में लंड पकड़े देख काजल के दिल की धड़कने बढ़ गयी उसकी नज़र एक पल के लिए अमन के आधे खड़े लंड पर जा टिकी जो उस समय भी करीब 5 इंच लंबा था काजल पैरो के बल बैठी मूत रही थी उसकी साड़ी और पेटिकॉट उसकी कमर तक चढ़ा हुआ था ये सब इतनी तेज़ी में हुआ कि किसी को कुछ समझ में नही आया जैसे ही अमन को अंदर किसी के होने का अहसास हुआ अमन ने आँखें खोल कर देखा तो सामने काजल बैठी मूत रही थी एक बार दोनो की नज़रें मिली फिर अमन को अपनी हालत का पता चला और अमन तेज़ी से सॉरी बोलता हुआ बाहर आ गया उसने अपना लंड अंदर किया और बाहर खड़ा हो कर वेट करने लगा थोड़ी देर बाद काजल बाथरूम से बाहर आई अमन उसे देख रहा था काजल ने अपने नज़रें नीचे कर रखी थी जब काजल अमन के पास से गुज़री तो अमन ने उसे फिर से उसे सॉरी बोला
अमन:सॉरी मुझे पता नही था कि आप अंदर है और दरवाजा भी खुला था
काजल बिना कुछ बोले सर झुकाए खड़ी रही उसके होंठो पर मुस्कान थी जिसे अमन सॉफ देख रहा था और वो बिना कुछ बोले शर्मा कर चली गयी अमन बाथरूम में घुस गया और फ्रेश होकर उस रूम में वापिस आ गया जहाँ वो सोया था और वहाँ आकर अमन सोफे पर बैठ गया काजल चाइ और कुछ स्नॅक्स लेकर अमन के रूम में आई उसने सर पर पल्लू ओढ़ रखा था उसने ट्रे को टेबल पर रखा उसके होंठो पर अब भी मुस्कान थी पर वो सर झुकाए हुए थी और वो अमन की तरफ देख नही रही थी काजल प्लेट रख कर वापिस जाने लगी
अमन:सुनिए
काजल:जी
अमन:जी वो सब ग़लती से हो गया में उसके लिए शिमिंदा हूँ आप मुझसे नाराज़ तो नही है
काजल ने ना में सर को हिला दिया अमन ने राहत के साँस ली
अमन:आप किसी को बताएँगी तो नही
काजल ने फिर से ना में सर हिला दिया और मुस्कराते हुए बाहर चली गयी अमन सोफे पर बैठ गया और चाइ पीने लगा थोड़ी देर बाद सीमा भी अमन के रूम में आ गयी अमन चाइ पी चुका था सीमा ने एक हलकी सी येल्लो कलर की साड़ी पहनी हुई थी अमन बेड पर बेड की सीट से सर सटा कर बैठा हुआ था सीमा अमन के पास आकर बेड पर बैठ गयी और झुक कर अमन के फेस को अपने हाथों में पकड़ कर अमन के होंठो पर होंठ रख दिए अमन ने अपने होंठो को हटाते हुए कहा
अमन:क्या कर रही हो मौसी दरवाजा खुला है कोई अंदर आ जाएगा
सीमा:तुम क्यों फिकर कर रहे हो कोई नही आए गा
अमन:पर मौसी
सीमा: में हूँ ना कुछ नही होगा
और सीमा ने अमन के होंठो पर अपने होंठ लगा दिए अमन असहज महसूस कर रहा था सीमा ने अमन के शॉर्ट्स को दोनो तरफ से पकड़ कर नीचे कर दिया और अमन के लंड को मूँह में ले लिया और चूसने लगा अमन का दिल जोरों से धड़क रहा था उसे डर था की कोई अंदर ना आजाए
अमन:प्लीज़ मौसी अगर कोई अंदर आ गया तो
सीमा; लंड को बाहर निकालते हुए) कोई नही आए गा में कह रही हूँ ना
और सीमा ने फिर से अमन के लंड को चूसना चालू कर दिया अमन का लंड भी खड़ा होने लगा सीमा का मुँह तेज़ी से अमन के लंड पर चल रहा था कुछ ही देर में अमन का लंड एक दम तन कर खड़ा हो गया सीमा बेड पर चढ़ गयी और अपनी साड़ी को अपनी कमर तक ऊपर कर दिया सीमा की झान्टे फिर से बड़ी हो चुकी थी सीमा की झान्टो भरी चूत में से उसकी काली चूत की फाँकें देख अमन का लंड झटके खाने लगा सीमा दोनो घुटनो के बल अमन के दोनो तरफ पैर करके बैठ गयी और अपने एक हाथ से अमन के लंड को पकड़ अपनी चूत के छेद पर टिका दिया और धीरे लंड पर बैठने लगी लंड सीमा की चूत की दीवारों को फैलता हुआ अंदर घुस गया
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जब से तुम गये वापिस अपने घर तभी से मेरी चूत तो तुम्हारे लंड के लिए तरस गयी थी और आज जाकर मेरी दहक्ति चूत को ठंडक मिली है अमन
और सीमा अपनी कमर को ऊपर नीचे हिला-2 कर अमन के लंड से अपनी चूत को चुदवाने लगी अमन भी मस्त हो चुका था सीमा पूरे ज़ोर के साथ अपनी चूत को अमन के लंड पर पटक रही थी
अमन:जल्दी करो दरवाजा खुला है कोई आ ना जाए
सीमा:तुम चिंता ना करो बस मेरी चूत में अपना लंड ऐसे ही पेलते रहो में कब से तरस रही थी तुम्हें यहाँ किसी से घबराने की ज़रूरत नही है
और सीमा मस्ती में आकर अपनी गान्ड हिला रही थी लंड चूत के अंदर बाहर हो रहा था थप-2 की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी तभी अचानक रीमा कमरे में आ जाती है अमन एक दम चोंक जाता है दोनो की नज़रें मिलती हैं और रीमा के होंठो पर कामुक मुस्कान आ जाती है और बिना कुछ बोले वापिस चली जाती है
अमन:मौसी ओह्ह्ह रीमा आंटी ने सब देख लिया
सीमा:देखने दो कोई बात नही मेने तुमसे कहा है ना किसी बात की फिकर ना करो ओह अमान्ंनणणन् में झड़ने वाली हूँ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
और सीमा अमन के ऊपर गिर जाती है उसके होंठो पर मुस्कान फैल जाती है
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमन तुम नही जानते में तुम्हारे बिना कितनी अधूरी थी ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आज्ज्जज्ज्ज कई दिनो बाद मेरे प्यास बुझी है अमन का लंड अभी सीमा की चूत में झटके खा रहा था
अमन:पर मौसी रीमा
और सीमा ने उसके होंठो पर अपनी एक उंगली रख कर चुप करा दिया
सीमा: वो कुछ नही बोले गी बस यूँ समझ लो उसके और मेरे बीच कुछ भी राज नही रहता तुमने मुझे जो खुशी दी आज में उसके बदले तुम्हें एक और नयी चूत का स्वाद चखाती हूँ तुम यूँ ही लेटे रहो में रीमा को भेजती हूँ
अमन:नही मौसी में रीमा आंटी के सामने
सीमा:चुप्प्प्प्प कुछ नही होगा उसकी चूत भी लंड लेने के लिए मचल रही है ज़रा उसकी चूत को भी मेरी खातिर शांत कर दो
सीमा अमन के ऊपर से खड़ी हुई लंड पुत्च की आवाज़ से बाहर आ कर झटके खाने लगा सीमा ने अपनी साड़ी को ठीक किया और बाहर चली गयी
बाहर रीमा और उसकी बहू काजल रसोई के सामने चारपाई पर बैठ कर सब्जी काट रहे थे सीमा ने रीमा को इशारे से कमरे में जाने के लिए कहा और सीमा खुद काजल के पास आकर चारपाई पर बैठ गयी रीमा उठ कर पहले दूसरे रूम में जान बुझ कर गयी ताकि काजल को शक ना हो और फिर आँख बचा कर उस रूम से निकल अमन के रूम में चली गयी अमन अपने हाथों से अपने लंड को ढक कर बेड अध लेटी हालत में था रीमा अंदर आई उसके होंठो पर कामुक मुस्कान फैली हुई थी रीमा अंदर आकर अमन की कमर के पास बेड के किनारे पर बैठ गयी
रीमा: में भी देखू चोदे का हथियार कितना बड़ा है सीमा बड़ा गुणगान कर रही थी तेरे लौडे का
अमन:अमन जो देख और सुन रहा था उसे यकीन नही हो रहा था
रीमा ने अपने दोनो हाथों से अमन के हाथों को हटा दिया हाथ हटते ही अमन का लंड झटके खा कर बाहर आ गया
रीमा:चिखते हुए) हाई डाइईआ इतना बड़ा इतना बड़ा तो मैने आज तक नही देखा तभी सीमा का रूप में निखार आ गया
रीमा की आँखों में अमन का 8 इंच का लंड देख कर चमक आ गयी लंड का गुलाबी सुपाडा सीमा की चूत के रस से भीग कर चमक रहा था रीमा ने अमन के लंड को जड से अपने हाथ में कस लिया
रीमा:ये सच में बहुत तगड़ा लौडा है तेरा वाह और मेरी कलाई जितना तो मोटा होगा ही
रीमा ने झुक कर अमन के लंड के सुपाडे को मुँह में ले लिया और सुपाडे को चूसने लगी
रीमा: अमन के लंड के सुपाडे को अपनी जीभ से चाट कर) इसमे से तो सीमा की चूत के रस का स्वाद आ रहा है
रीमा :झुक कर अमन के लंड को मूँह में लेकर चूसने लगी उसकी जीभ का दबाव अमन के लंड के सुपाडे पर बढ़ता जा रहा था अमन से बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था
अमन:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आंटी मेरा पानी छूटने वाला हाीइ
रीमा ने लंड को मूँह से बाहर निकाल कर तेज़ी से अपनी कलाई को ऊपर नीचे हिलाना चालू कर दिया लंड से वीर्य की धार छूट पड़ी और सीधा जाकर रीमा के ब्लाउस के ऊपर उसकी चुचियों पर पड़ने लगी अमन आज कई दिन बाद झडा था एक के बाद एक कई पिचकारियाँ अमन के लंड से छूटी और रीमा की चुचियों का ऊपरी भाग अमन के वीर्य से सन गया रीमा के होंठो पर मुस्कान फैल गई
अमन:सॉरी आंटी आपका ब्लाउस गंदा हो गया
रीमा:मुस्कराते हुए) कोई बात नही
रीमा ने रूम में पड़ी अलमारी से एक पुराना कपड़ा निकाला और अपनी चुचियों और ब्लाउस पर गिरे बीर्य को सॉफ किया अमन ने अपने रुमाल से अपने लंड को सॉफ किया और शॉर्ट्स ऊपर खींच लिया रीमा अपने ब्लाउस और चुचियों को सॉफ करके मुस्कुराती हुई बाहर निकल गयी सीमा ने रीमा की तरफ देखा दोनो के होंठो पर नटखट मुस्कान थी रीमा ने सीमा को इशारे से दूसरे कमरे में आने को कहा
सीमा: काजल में अभी आती हूँ
और सीमा उठ कर रूम में आ गयी
सीमा:क्या हुआ दीदी
रीमा:तू सच कह रही थी छोरे के लंड में दम तो है बार रे इस उम्र में इतना बड़ा लंड तू तो बड़ी छुपी रुस्तम निकली ज़रा भी भनक नही लगाने दी जब उसके लंड से पानी छूटा तो मेरा सारा ब्लाउस भीग गया आज तक मैने जितने भी मर्दों के लंड को निचोड़ा किसी के लंड में से इतना गाढ़ा और ज़्यादा पानी नही निकला
सीमा: तो सही कहा था ना मैने
रीमा: सीमा मेरे दिमाग़ में एक बात आ रही है
सीमा:बोलो क्या बात है यार अगर ये छोरा किसी तरह से मेरी बहू को चोद कर उसकी बच्चेदानी को अपने वीर्य से भर दे तो उसका पेट भी ठहर जाए मेरी तो मुस्किल हल जाएगी लोगो की रोज रोज के तानों से तो बचूंगी
सीमा:वो तो में अमन को समझा दूँगी पर क्या काजल राज़ी हो गी
रीमा:मुकरते हुए) कोशिश करके देखते है फिलहाल आज तो अपनी चूतो के प्यास बुझा लें बाद में सोचते है
और दोनो हँसने लगती हैं
जब सीमा अमन के रूम में गयी तो अमन उसे बड़ी हैरानी से देख रहा था सीमा ने उसे मुस्कुराते हुए पूछा क्यों कैसा लगा अमन कुछ नही बोल पाया
सीमा; अब जब तक हम दोनो यहाँ है खूब चुदाई का मज़ा लेंगे
अमन:पर रीमा आंटी
सीमा:तुम उसकी फिकर ना करो तुम बस उसकी चूत की खुजली को शांत करते रहे
रात ढल चुकी थी रीमा का बेटा विजय घर आ चुका था खाना तैयार था काजल ने उसे खाना परोस दिया सभी लोग बैठ कर खाना खा रहे थे और इधर उधर के बातें कर रहे थे कुछ देर बाद विजय अपने साथ रात के लिए खाना लेकर चला गया गाओं में सब लोग जल्दी सो जातें हैं इसलिए गाओं में जल्दी ही सन्नाटा पसर गया सीमा और रीमा एक रूम में बैठ कर बातें कर रही थी
सीमा:दीदी तो फिर क्या इरादा है
रीमा:तुम और अमन आज एक ही रूम में सो जाओ अगर में तुम्हारे साथ सोई तो काजल को बुरा ना लगे वैसे भी वो अकेली नही सोती पर एक बार उसका लंड मेरी चूत लेने के लिए मचल रही है दोपहर को तो मैने उसका लंड चूस करके उसका पानी निचोड़ लिया था पर चूत की आग शांत नही हुई
सीमा:काजल कहाँ है
मीना:अपने कमरे में है
सीमा:में ऐसा करती हूँ कि पहले अमन को जाकर सब समझाती हूँ बाद में तुम अमन के रूम में चली जाना में काजल के पास जा कर उसे बातों में लगाए रखूँगी
रीमा:ठीक है
सीमा उठ कर अमन के रूम में गयी अमन बेड पर लेटा हुआ था सीमा उसके पास जाकर बैठ गयी और झुक कर उसके होंठो को किस करते हुए बोली
सीमा: देखो अमन थोड़ी देर में रीमा दीदी आ रही हैं में चाहती हूँ कि आज तुम उसकी चूत की धज्जियाँ उड़ा दो में काजल के रूम में जाकर उसे बातों में उलझा कर रखती हूँ घबराना नही
अमन: जिसकी गुरु आप हो मौसी वो कैसे घबरा सकता है आप बेफिकर हो जाओ
अमन और सीमा दोनो मुस्कुराने लगे सीमा उठ कर काजल के रूम में चली गयी रीमा दूसरे रूम के डोर पर खड़ी सीमा को काजल के रूम में जाते देख रही थी जैसे ही सीमा काजल के रूम में घुसी रीमा रूम से बाहर आकर अमन के रूम में आ गयी अमन बेड पर उठ कर बैठ चुका था रीमा ने उस समय वाइट कलर का ब्लाउस और पेटिकोट पहन रखा था साड़ी उसने पहलव ही उतार रखी थी रीमा अंदर आई और दरवाजे पर खड़े हो कर अमन को देखने लगी अमन ने अपनी टी-शर्ट पहले से उतार रखी थी जिस्म पर सिर्फ़ एक शॉर्ट्स था अमन बेड से खड़ा हुआ और अपना शॉर्ट्स खींच कर घुटनो से नीचे कर लिया
अमन का 8 इंच का लौडा रीमा की आँखों के सामने फनफना रहा था रीमा की आँखों में चमक आ गयी रीमा तेज़ी से अमन की तरफ बढ़ी और अमन के पास आकर घुटनों बल नीचे बैठ गयी और अमन के लंड को हाथ में जड से पकड़ लिया और हिलाने लगी उसने अमन के लंड के सुपाडे पर चमड़ी पीछे की और गुलाबी सुपाडे देख कर रीमा की आँखों में चमक आ गयी रीमा ने बिना कुछ बोले पहले अपनी जीभ को बाहर निकाला और सुपाडे पर पेशाब वाले छेद पर लगा दिया और धीरे -2 अपने जीभ से कुरेदने लगी अमन की गान्ड झटके खाने लगी अमन ने आहह के साथ रीमा के सर को अपने दोनो हाथों से पकड़ लिया रीमा ने अपनी जीभ से अमन के लंड के सुपाडे को चाटना चालू कर दिया अमन की मस्ती का कोई ठिकाना नही था अमन रीमा के सर को दोनो हाथों से पकड़ कर अपनी आँखें बंद किए अपनी गान्ड को धीरे-2 हिलाने लगा रीमा अमन के लंड के सुपाडे को चाट चाट कर सॉफ कर रही थी फिर थोड़ी देर बाद रीमा ने अमन के लंड को एक साइड में करके अपने दोनो होंठो के बीच अमन के लंड को एक साइड अपने दोनो होंठो के बीच में ले लिया और अपने दोनो होंठो को अमन के लंड के शुरू से जड तक रगड़ने लगी अमन के बदन का सारा खून उसके लंड की नसों में इकट्ठा होने लगा रीमा लगातार अपने होंठो को अमन के लंड के आगे से जड तक रगड़ कर चाट रही थी और अपने दूसरे हाथ से अमन के आंडो को सहला रही थी रीमा को महसूस हो रहा था कि अमन के आंडो की थैलियाँ वीर्य से भर कर अकड़ने लगी हैं रीमा ने झुक कर अमन के आंडों को चाटना चालू कर दिया और पूरा मूँह खोल कर उसके आंडों को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया अमन मस्ती में अपनी आँखें बंद किए लंड चुस्वाई का मज़ा ले रहा था रीमा ने फिर अमन के लंड के सुपाडे को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया और अमन के लंड का सुपाडा रीमा के मूँह के अंदर बाहर होने लगा लंड मूँह में पुतछ-2 की आवाज़ से अंदर बाहर होने लगा
रीमा तेज़ी से अपना सर हिला-2 कर अमन का लंड चूस रही थी रीमा एक झटके के साथ खड़ी हो गयी
रीमा:अब बहुत हो गया चोदे चल जल्दी से अपना लौडा मेरी भोसड़ी में घुस कर मेरे भोसड़ी के खुजली को मिटा दी
रीमा उठ कर सोफे के पास गये और अपने पेटिकॉट को अपनी गान्ड से ऊपर चढ़ा कर दोनो घुटनो को सोफे पर रख कर आगे की तरफ झुक डॉगी स्टाइल में आ गयी
वउूओ क्या मस्त गान्ड है अमन सोचने लगा इतनी बड़ी गान्ड तो सीमा मौसी की भी नही रीमा दोनो जाँघो को फैला कर सोफे पर घुटनो को टिका कर झुकी हुई थी उसकी झान्टो से भरी चूत उसकी झान्टो में छुपी हुई थी रीमा की घूंघुराली झान्टो में उसकी चूत छुपी हुई थी रीमा ने अपना एक हाथ दोनो नीचे ले जाकर अपने दोनो जाँघो के बीच से गुजर कर पानी चूत की फांकों पर रख कर अपनी चूत की फांकों को उंगलियों से खोल दिया रीमा की गुलाबी चूत अमन की आँखों के सामने था
रीमा:क्या देख रहा है चल्ल्ल्ल्ल्ल आज्ज्जा औरर्र मेरी चूत में अपना लौडा डाल दे जल्दी कर
अमन अपना लंड हाथ में थामें रीमा के पीछे आकर खड़ा हो गया और अपने लंड के सुपाडे को रीमा की चूत के छेद पर टिका दिया रीमा के बदन में बिजली कोंध गयी
रीमा:अपनी चूत के छेद पर लंड का सुपाडा लगते ही) अहह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई पहले थोड़ा सा अपने सुपाडे पर थूक लगा लीयी अह्ह्ह्ह्ह्ह
अमन ने अपने लंड पे ढेर सारा थूक लगा लिया और फिर से रीमा की झान्टो भरी चूत के छेद पर लंड के सुपाडे को टिका दिया और धीरे -2 अपना लंड अंदर करने लगा
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आईसीईए नहियीईईई हरमिीईईई ज़ोर से धक्का माअर
अमन रीमा से ये सब सुन कर अपना आपा खो बैठा और रीमा की गान्ड को दोनो हाथों से थाम कर अपनी पूरी ताक़त से अपनी कमर को हिलाया और लंड एक ही बार में रीमा की चूत की फांकों को फैलाता हुआ जड तक रीमा की चूत में जा घुसा
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मररर्र्र्ररर गइईईईईईईई सलीईई इतनीईई भीए जोर्र्र से नहिी कहा थाआआ
अमन ने रीमा की गान्ड को दोनो हाथों में पकड़ लिया और बिना रुके ताबड तोड़ धक्के लगाने चालू कर दिए रीमा का पूरा बदन हिलगया
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह धीरीईईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अहह बहू सुन्न्ञनणणन् लीईए गीईई अहह मरररर गाईईईईई
पूरे कमरे में थप-2 की आवाज़ गूंजने लगी थोड़ी देर बाद रीमा की सालों के बाद चुद रही चूत भी अमन के लंड के हिसाब से फैल गयी और लंड धना धन अंदर बाहर होने लगा लंड का सुपाडा सीधा जाकर रीमा की बच्चेदानी पर चोट कर रहा था रीमा भी पूरी तरह मस्त हो कर अपनी चूत चुदवा रही थी
रीमा:अहह ओह मजाआ एयेए गायाअ तू तो बहुत अच्छा चोद्ता हाईईईई रीईई आअज पहली बार किसी नीईए मेरी चूत की दीवारों को हिला कर रख दिया है
अहह मररर्र्ररर गइईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और जोर्र्र्र्र्र्र्ररर से सलीईईईई बढ़ावीईईईई अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
अमन भी पूरी तरह जोश में आ चुका था
अमन:लीई सलिइीइ और्र लीई आज्ज्जज्ज्ज्ज तेरी चूत्त्त्त को सूजा ना दिया तो मेरा नाम भी अमन नही
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फद्द्द्द्द्दद्ड दीए मेरीए चूत्त्त्त्त अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
अब दोनो इतने गरम हो चुके थे कि दोनो की आहहें कमरे में गूँज रही थी
रीमा:अह्ह्ह मेरा पानी छूटने वाला हाईईईईईई अहह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और रीमा शांत पड़ गयी अमन भी उसकी चूत को अपने पानी से भीगोने लगा थोड़ी देर बाद अमन ने अपना लंड रीमा की चूत से निकाला और रीमा की चूत को दोनो हाथों से फैला कर देखा रीमा की झान्टो से भरी चूत अमन के वीर्य से सन चुकी थी रीमा सोफे पर झुकी हाँफ रही थी
रीमा:वाहह रे छोरे तूने तो कमाल कर दिया इस बूढी की चूत से भी पानी निकाल दिया मज़ा आ गया
रीमा सोफे से खड़ी हुई और अपनी गान्ड पे अटके पेटिकोट को ठीक किया और अमन की तरफ देख कर मुस्करा कर बाहर चली गयी और दूसरे रूम में आ गयी जहाँ सीमा और काजल बैठी बातें कर रही थी रीमा की चूत से अमन का पानी बह कर उसकी जाँघो तक फैल चुका था
रीमा:भाभी तुम ज़रा मेरे साथ दूसरे कमरे में चलना में तुम्हारे सोने का इंतज़ाम कर देती हूँ
सीमा उठ कर रीमा के पीछे दूसरे रूम में चली गयी रूम के अंदर जाकर रीमा ने सीमा की तरफ देखा दोनो के होंठो पर कामुक मुस्कान थी
सीमा:कैसे लगा दीदी
रीमा: बस पूछ ना चोदे ने दिल और चूत दोनो लूट लिए मज़ा आ गया ये देख
रीमा ने अपना पेटिकोट को अपनी कमर तक चढ़ा लिया रीमा की झान्टो भरी चूत और मोटी जांघे सीमा की आँखों के सामने थी अमन के लंड का काम रस रीमा की चूत से बह कर उसकी जाँघो तक फैला हुआ था रीमा की चूत की झान्टे अमन के वीर्य से सनी हुई थी उसकी चूत की फाँकें अभी फैली हुई थी
रीमा:तू सच कह रही थी चोदे के लंड में दम तो बहुत है बस मेरा एक काम कर दे मेआइं सारी उम्र तेरा अहसान नही भूलूंगी
सीमा:इसमे एहसान की क्या बात है तुम बात तो करो
रीमा; बस मेरी बहू की बच्चेदानी को बबलू के वीर्य से भरवा दे बस उसका पेट ठहर जाए तो वो भी बच्चे के कारण यहाँ टिकी रहेगी नही तो ऐसा लगता हैं कहीं वो मेरे बेटे विजय को छोड़ कर चली ना जाए
सीमा:कुछ देर सोचने के बाद ) लेकिन क्या काजल मान जाएगी मुझे नही लगता वो हमारे कहने पर मानेगी
रीमा; हां यही तो बात है और में खुद तो उसे बोल नही सकती
सीमा:चल छोड़ो दीदी कल सुबह सोचेंगे
और सीमा अमन जिस रूम में था वहाँ सोने चली गयी सीमा ने एक पतली सी वाइट कलर की लोंग नाइटी पहनी हुई थी सीमा अंदर आकर डोर लॉक करने लगी अमन सीमा को देख रहा था पतली वाइट नाइटी मे से सीमा की गान्ड सॉफ दिखाई दे रही थी उसने नाइटी के नीचे कुछ नही पहना हुआ था सीमा डोर लॉक करके बेड पर आकर अमन की तरफ करवट लेकर लेट गयी और अमन से चिपक गयी अमन ने अपना एक हाथ सीमा की कमर में रख दिया अमन ने अपनी आँखें बंद कर रखी थी सीमा ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसके शॉर्ट्स के अंदर डाल दिया और उसके सिकुडे हुए लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी
सीमा:लगता है आज्ज्जज मेरा राजा काफ़ी थक गया काफ़ी मेहनत जो की है आज्ज्जज्ज
अमन हां मौसी में बहुत थक गया हूँ
सीमा अमन से एक दम चिपकी हुई थी और अमन के लंड को धीरे-2 सहला रही थी थोड़ी देर में अमन के लंड में थोड़ा सा तनाव आया तो सीमा उठ कर बैठ गयी और अमन का शॉर्ट्स उसके घुटनो से नीचे कर दिया और अमन के सोए हुए लंड को मूणः में लेकर चूसना चालू कर दिया धीरे-2 अमन का लंड अकड़ कर तन गया अमन अपने दोनो हाथों से सीमा के सर को थामें अपनी गान्ड को हिला कर सीमा के मूँह को चोदने लगा सीमा के मूँह से पुतछ-2 की आवाज़ आने लगी अमन का लंड खड़ा होकर झटके खाने लगा सीमा ने लंड को बाहर निकाला और एक झटके में अपनी नाइटी को अपने गले से उतार कर बेड के नीचे फेंक दिया और बेड पर पीठ के बल लेट गयी अमन को अपने ऊपर खींच लिया और अपना हाथ नीचे ले जाकर अमन के लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर टिका दिया अमन अब तक जो सुस्त पड़ा हुआ था लंड चूत के छेद पर लगते ही अमन की कमर में जैसे जान आ गयी हो और उसने पूरी ताक़त के साथ लंड को चूत में पेल दिया
सीमा:हइईए मआराआ डाला जालिमम्म्म क्या कर्र रहा हाई
अमन ने बिना कुछ बोले अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकाला और फिर से पूरी ताक़त के साथ अंदर पेल दिया दो तीन तेज धक्कों के साथ अमन के लंड का सुपाडा सीमा की चूत में पूरा घुस गया और अमन ने झुक कर सीमा के होंठो को अपने होंठों मे ले लिया और चूसने लगा सीमा के हाथ अमन की पीठ को सहला रहे थे अमन धीरे-2 अपनी कमर को हिला-2 कर लंड चूत के अंदर बाहर कर रहा था और दोनो हाथों से सीमा की चुचियों को मसल रहा था सीमा सिसकारियाँ भरने लगी
सीमा;अहह अमान्ंणणन् तुम्हें मालूम नहियिइ मैने तुम्हेन्ंणणन् कितना मिस किया है तुम्हरे बदन का अहसास में कभी भुला नही पे अहह अमान्ंणणन् और जोर्र्र्ररर से चोद अपनी रांड़ मौसी की भोसड़ी को अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सीईईईईईईईईईईईईईईईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमान्ंनणणन् मेरीईए चूत्त्त्त तरस गयी थी तुम्हारे लंड क्ीईए लिइईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमान्ंनननणणन्
सीमा भी पूरे जोश में आकर अपनी कमर हिला -2 कर अमन के लंड को अपनी चूत में पिलवा रही थी और अमन भी अपनी गान्ड को उठा उठा कर अपना लंड सीमा की चूत में धकेल रहा था अमन आनंद के सागर में गोते खा रहा था कोई 10 मिनट की चुदाई के बाद दोनो झड गये और हाँफने लगे अमन पलट कर सीमा की बगल में आकर लेट गया दोनो कुछ देर एक दूसरे की बाहों में समाए हुए एक दूसरे के होंठो को चूमते रहे फिर धीरे- 2 सीमा नींद के आगोश में समा गयी अब तक अमन जागा हुआ था उसे अब तक काफ़ी कुछ समझ में आ चुका था जब थोड़ी देर पहले उसने रीमा को चोदा था उसे उतना मज़ा नही आया था क्योंकि रीमा की चूत काफ़ी खुली हुई थी और रीमा की उम्र सीमा से 10 साल ज़्यादा थी अमन सोच रहा था कि अगर सीमा मौसी की चूत उसे इतना मज़ा दे रही है तो काजल की चूत अगर उसे मिल जाए तो मज़ा आ जाए अमन का हाथ काजल के बारें में सोचते हुए अपने लंड पर चला गया
अमन उठ कर बाथरूम के तरफ चल पड़ा अमन बाथरूम की तरफ बढ़ रहा था उसकी आँखें अभी भी ठीक से खुल नही रही थी शायदा सफ़र के कारण थकान ज़यादा हो गयी थी बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ था अमन घर के आँगन में आगे बाथरूम की तरफ बढ़ रहा था अमन ने बाथरूम के पास पहुँच कर अपने शॉर्ट्स को चलते हुए थोड़ा सा नीचे करके अपना हाथ अंदर डाल कर अपना लंड बाहर निकाल लिया और एक हाथ से बाथरूम का दरवाजा खोला और अपना लंड हाथ में पकड़े हुए अंदर आ गया जैसे ही अमन अंदर हुआ उसने अपने एक हाथ से अपनी आँखों को मलना चालू कर दिया जिससे उसकी आँखें बंद हो गयी उसे पता नही था कि बाथरूम में अंदर भी कोई है बाथरूम में रीमा की बहू काजल मूत रही थी
अमन को अंदर देख वो एक दम से सकपका गयी अमन के अपने हाथ में लंड पकड़े देख काजल के दिल की धड़कने बढ़ गयी उसकी नज़र एक पल के लिए अमन के आधे खड़े लंड पर जा टिकी जो उस समय भी करीब 5 इंच लंबा था काजल पैरो के बल बैठी मूत रही थी उसकी साड़ी और पेटिकॉट उसकी कमर तक चढ़ा हुआ था ये सब इतनी तेज़ी में हुआ कि किसी को कुछ समझ में नही आया जैसे ही अमन को अंदर किसी के होने का अहसास हुआ अमन ने आँखें खोल कर देखा तो सामने काजल बैठी मूत रही थी एक बार दोनो की नज़रें मिली फिर अमन को अपनी हालत का पता चला और अमन तेज़ी से सॉरी बोलता हुआ बाहर आ गया उसने अपना लंड अंदर किया और बाहर खड़ा हो कर वेट करने लगा थोड़ी देर बाद काजल बाथरूम से बाहर आई अमन उसे देख रहा था काजल ने अपने नज़रें नीचे कर रखी थी जब काजल अमन के पास से गुज़री तो अमन ने उसे फिर से उसे सॉरी बोला
अमन:सॉरी मुझे पता नही था कि आप अंदर है और दरवाजा भी खुला था
काजल बिना कुछ बोले सर झुकाए खड़ी रही उसके होंठो पर मुस्कान थी जिसे अमन सॉफ देख रहा था और वो बिना कुछ बोले शर्मा कर चली गयी अमन बाथरूम में घुस गया और फ्रेश होकर उस रूम में वापिस आ गया जहाँ वो सोया था और वहाँ आकर अमन सोफे पर बैठ गया काजल चाइ और कुछ स्नॅक्स लेकर अमन के रूम में आई उसने सर पर पल्लू ओढ़ रखा था उसने ट्रे को टेबल पर रखा उसके होंठो पर अब भी मुस्कान थी पर वो सर झुकाए हुए थी और वो अमन की तरफ देख नही रही थी काजल प्लेट रख कर वापिस जाने लगी
अमन:सुनिए
काजल:जी
अमन:जी वो सब ग़लती से हो गया में उसके लिए शिमिंदा हूँ आप मुझसे नाराज़ तो नही है
काजल ने ना में सर को हिला दिया अमन ने राहत के साँस ली
अमन:आप किसी को बताएँगी तो नही
काजल ने फिर से ना में सर हिला दिया और मुस्कराते हुए बाहर चली गयी अमन सोफे पर बैठ गया और चाइ पीने लगा थोड़ी देर बाद सीमा भी अमन के रूम में आ गयी अमन चाइ पी चुका था सीमा ने एक हलकी सी येल्लो कलर की साड़ी पहनी हुई थी अमन बेड पर बेड की सीट से सर सटा कर बैठा हुआ था सीमा अमन के पास आकर बेड पर बैठ गयी और झुक कर अमन के फेस को अपने हाथों में पकड़ कर अमन के होंठो पर होंठ रख दिए अमन ने अपने होंठो को हटाते हुए कहा
अमन:क्या कर रही हो मौसी दरवाजा खुला है कोई अंदर आ जाएगा
सीमा:तुम क्यों फिकर कर रहे हो कोई नही आए गा
अमन:पर मौसी
सीमा: में हूँ ना कुछ नही होगा
और सीमा ने अमन के होंठो पर अपने होंठ लगा दिए अमन असहज महसूस कर रहा था सीमा ने अमन के शॉर्ट्स को दोनो तरफ से पकड़ कर नीचे कर दिया और अमन के लंड को मूँह में ले लिया और चूसने लगा अमन का दिल जोरों से धड़क रहा था उसे डर था की कोई अंदर ना आजाए
अमन:प्लीज़ मौसी अगर कोई अंदर आ गया तो
सीमा; लंड को बाहर निकालते हुए) कोई नही आए गा में कह रही हूँ ना
और सीमा ने फिर से अमन के लंड को चूसना चालू कर दिया अमन का लंड भी खड़ा होने लगा सीमा का मुँह तेज़ी से अमन के लंड पर चल रहा था कुछ ही देर में अमन का लंड एक दम तन कर खड़ा हो गया सीमा बेड पर चढ़ गयी और अपनी साड़ी को अपनी कमर तक ऊपर कर दिया सीमा की झान्टे फिर से बड़ी हो चुकी थी सीमा की झान्टो भरी चूत में से उसकी काली चूत की फाँकें देख अमन का लंड झटके खाने लगा सीमा दोनो घुटनो के बल अमन के दोनो तरफ पैर करके बैठ गयी और अपने एक हाथ से अमन के लंड को पकड़ अपनी चूत के छेद पर टिका दिया और धीरे लंड पर बैठने लगी लंड सीमा की चूत की दीवारों को फैलता हुआ अंदर घुस गया
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जब से तुम गये वापिस अपने घर तभी से मेरी चूत तो तुम्हारे लंड के लिए तरस गयी थी और आज जाकर मेरी दहक्ति चूत को ठंडक मिली है अमन
और सीमा अपनी कमर को ऊपर नीचे हिला-2 कर अमन के लंड से अपनी चूत को चुदवाने लगी अमन भी मस्त हो चुका था सीमा पूरे ज़ोर के साथ अपनी चूत को अमन के लंड पर पटक रही थी
अमन:जल्दी करो दरवाजा खुला है कोई आ ना जाए
सीमा:तुम चिंता ना करो बस मेरी चूत में अपना लंड ऐसे ही पेलते रहो में कब से तरस रही थी तुम्हें यहाँ किसी से घबराने की ज़रूरत नही है
और सीमा मस्ती में आकर अपनी गान्ड हिला रही थी लंड चूत के अंदर बाहर हो रहा था थप-2 की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी तभी अचानक रीमा कमरे में आ जाती है अमन एक दम चोंक जाता है दोनो की नज़रें मिलती हैं और रीमा के होंठो पर कामुक मुस्कान आ जाती है और बिना कुछ बोले वापिस चली जाती है
अमन:मौसी ओह्ह्ह रीमा आंटी ने सब देख लिया
सीमा:देखने दो कोई बात नही मेने तुमसे कहा है ना किसी बात की फिकर ना करो ओह अमान्ंनणणन् में झड़ने वाली हूँ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
और सीमा अमन के ऊपर गिर जाती है उसके होंठो पर मुस्कान फैल जाती है
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमन तुम नही जानते में तुम्हारे बिना कितनी अधूरी थी ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आज्ज्जज्ज्ज कई दिनो बाद मेरे प्यास बुझी है अमन का लंड अभी सीमा की चूत में झटके खा रहा था
अमन:पर मौसी रीमा
और सीमा ने उसके होंठो पर अपनी एक उंगली रख कर चुप करा दिया
सीमा: वो कुछ नही बोले गी बस यूँ समझ लो उसके और मेरे बीच कुछ भी राज नही रहता तुमने मुझे जो खुशी दी आज में उसके बदले तुम्हें एक और नयी चूत का स्वाद चखाती हूँ तुम यूँ ही लेटे रहो में रीमा को भेजती हूँ
अमन:नही मौसी में रीमा आंटी के सामने
सीमा:चुप्प्प्प्प कुछ नही होगा उसकी चूत भी लंड लेने के लिए मचल रही है ज़रा उसकी चूत को भी मेरी खातिर शांत कर दो
सीमा अमन के ऊपर से खड़ी हुई लंड पुत्च की आवाज़ से बाहर आ कर झटके खाने लगा सीमा ने अपनी साड़ी को ठीक किया और बाहर चली गयी
बाहर रीमा और उसकी बहू काजल रसोई के सामने चारपाई पर बैठ कर सब्जी काट रहे थे सीमा ने रीमा को इशारे से कमरे में जाने के लिए कहा और सीमा खुद काजल के पास आकर चारपाई पर बैठ गयी रीमा उठ कर पहले दूसरे रूम में जान बुझ कर गयी ताकि काजल को शक ना हो और फिर आँख बचा कर उस रूम से निकल अमन के रूम में चली गयी अमन अपने हाथों से अपने लंड को ढक कर बेड अध लेटी हालत में था रीमा अंदर आई उसके होंठो पर कामुक मुस्कान फैली हुई थी रीमा अंदर आकर अमन की कमर के पास बेड के किनारे पर बैठ गयी
रीमा: में भी देखू चोदे का हथियार कितना बड़ा है सीमा बड़ा गुणगान कर रही थी तेरे लौडे का
अमन:अमन जो देख और सुन रहा था उसे यकीन नही हो रहा था
रीमा ने अपने दोनो हाथों से अमन के हाथों को हटा दिया हाथ हटते ही अमन का लंड झटके खा कर बाहर आ गया
रीमा:चिखते हुए) हाई डाइईआ इतना बड़ा इतना बड़ा तो मैने आज तक नही देखा तभी सीमा का रूप में निखार आ गया
रीमा की आँखों में अमन का 8 इंच का लंड देख कर चमक आ गयी लंड का गुलाबी सुपाडा सीमा की चूत के रस से भीग कर चमक रहा था रीमा ने अमन के लंड को जड से अपने हाथ में कस लिया
रीमा:ये सच में बहुत तगड़ा लौडा है तेरा वाह और मेरी कलाई जितना तो मोटा होगा ही
रीमा ने झुक कर अमन के लंड के सुपाडे को मुँह में ले लिया और सुपाडे को चूसने लगी
रीमा: अमन के लंड के सुपाडे को अपनी जीभ से चाट कर) इसमे से तो सीमा की चूत के रस का स्वाद आ रहा है
रीमा :झुक कर अमन के लंड को मूँह में लेकर चूसने लगी उसकी जीभ का दबाव अमन के लंड के सुपाडे पर बढ़ता जा रहा था अमन से बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था
अमन:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आंटी मेरा पानी छूटने वाला हाीइ
रीमा ने लंड को मूँह से बाहर निकाल कर तेज़ी से अपनी कलाई को ऊपर नीचे हिलाना चालू कर दिया लंड से वीर्य की धार छूट पड़ी और सीधा जाकर रीमा के ब्लाउस के ऊपर उसकी चुचियों पर पड़ने लगी अमन आज कई दिन बाद झडा था एक के बाद एक कई पिचकारियाँ अमन के लंड से छूटी और रीमा की चुचियों का ऊपरी भाग अमन के वीर्य से सन गया रीमा के होंठो पर मुस्कान फैल गई
अमन:सॉरी आंटी आपका ब्लाउस गंदा हो गया
रीमा:मुस्कराते हुए) कोई बात नही
रीमा ने रूम में पड़ी अलमारी से एक पुराना कपड़ा निकाला और अपनी चुचियों और ब्लाउस पर गिरे बीर्य को सॉफ किया अमन ने अपने रुमाल से अपने लंड को सॉफ किया और शॉर्ट्स ऊपर खींच लिया रीमा अपने ब्लाउस और चुचियों को सॉफ करके मुस्कुराती हुई बाहर निकल गयी सीमा ने रीमा की तरफ देखा दोनो के होंठो पर नटखट मुस्कान थी रीमा ने सीमा को इशारे से दूसरे कमरे में आने को कहा
सीमा: काजल में अभी आती हूँ
और सीमा उठ कर रूम में आ गयी
सीमा:क्या हुआ दीदी
रीमा:तू सच कह रही थी छोरे के लंड में दम तो है बार रे इस उम्र में इतना बड़ा लंड तू तो बड़ी छुपी रुस्तम निकली ज़रा भी भनक नही लगाने दी जब उसके लंड से पानी छूटा तो मेरा सारा ब्लाउस भीग गया आज तक मैने जितने भी मर्दों के लंड को निचोड़ा किसी के लंड में से इतना गाढ़ा और ज़्यादा पानी नही निकला
सीमा: तो सही कहा था ना मैने
रीमा: सीमा मेरे दिमाग़ में एक बात आ रही है
सीमा:बोलो क्या बात है यार अगर ये छोरा किसी तरह से मेरी बहू को चोद कर उसकी बच्चेदानी को अपने वीर्य से भर दे तो उसका पेट भी ठहर जाए मेरी तो मुस्किल हल जाएगी लोगो की रोज रोज के तानों से तो बचूंगी
सीमा:वो तो में अमन को समझा दूँगी पर क्या काजल राज़ी हो गी
रीमा:मुकरते हुए) कोशिश करके देखते है फिलहाल आज तो अपनी चूतो के प्यास बुझा लें बाद में सोचते है
और दोनो हँसने लगती हैं
जब सीमा अमन के रूम में गयी तो अमन उसे बड़ी हैरानी से देख रहा था सीमा ने उसे मुस्कुराते हुए पूछा क्यों कैसा लगा अमन कुछ नही बोल पाया
सीमा; अब जब तक हम दोनो यहाँ है खूब चुदाई का मज़ा लेंगे
अमन:पर रीमा आंटी
सीमा:तुम उसकी फिकर ना करो तुम बस उसकी चूत की खुजली को शांत करते रहे
रात ढल चुकी थी रीमा का बेटा विजय घर आ चुका था खाना तैयार था काजल ने उसे खाना परोस दिया सभी लोग बैठ कर खाना खा रहे थे और इधर उधर के बातें कर रहे थे कुछ देर बाद विजय अपने साथ रात के लिए खाना लेकर चला गया गाओं में सब लोग जल्दी सो जातें हैं इसलिए गाओं में जल्दी ही सन्नाटा पसर गया सीमा और रीमा एक रूम में बैठ कर बातें कर रही थी
सीमा:दीदी तो फिर क्या इरादा है
रीमा:तुम और अमन आज एक ही रूम में सो जाओ अगर में तुम्हारे साथ सोई तो काजल को बुरा ना लगे वैसे भी वो अकेली नही सोती पर एक बार उसका लंड मेरी चूत लेने के लिए मचल रही है दोपहर को तो मैने उसका लंड चूस करके उसका पानी निचोड़ लिया था पर चूत की आग शांत नही हुई
सीमा:काजल कहाँ है
मीना:अपने कमरे में है
सीमा:में ऐसा करती हूँ कि पहले अमन को जाकर सब समझाती हूँ बाद में तुम अमन के रूम में चली जाना में काजल के पास जा कर उसे बातों में लगाए रखूँगी
रीमा:ठीक है
सीमा उठ कर अमन के रूम में गयी अमन बेड पर लेटा हुआ था सीमा उसके पास जाकर बैठ गयी और झुक कर उसके होंठो को किस करते हुए बोली
सीमा: देखो अमन थोड़ी देर में रीमा दीदी आ रही हैं में चाहती हूँ कि आज तुम उसकी चूत की धज्जियाँ उड़ा दो में काजल के रूम में जाकर उसे बातों में उलझा कर रखती हूँ घबराना नही
अमन: जिसकी गुरु आप हो मौसी वो कैसे घबरा सकता है आप बेफिकर हो जाओ
अमन और सीमा दोनो मुस्कुराने लगे सीमा उठ कर काजल के रूम में चली गयी रीमा दूसरे रूम के डोर पर खड़ी सीमा को काजल के रूम में जाते देख रही थी जैसे ही सीमा काजल के रूम में घुसी रीमा रूम से बाहर आकर अमन के रूम में आ गयी अमन बेड पर उठ कर बैठ चुका था रीमा ने उस समय वाइट कलर का ब्लाउस और पेटिकोट पहन रखा था साड़ी उसने पहलव ही उतार रखी थी रीमा अंदर आई और दरवाजे पर खड़े हो कर अमन को देखने लगी अमन ने अपनी टी-शर्ट पहले से उतार रखी थी जिस्म पर सिर्फ़ एक शॉर्ट्स था अमन बेड से खड़ा हुआ और अपना शॉर्ट्स खींच कर घुटनो से नीचे कर लिया
अमन का 8 इंच का लौडा रीमा की आँखों के सामने फनफना रहा था रीमा की आँखों में चमक आ गयी रीमा तेज़ी से अमन की तरफ बढ़ी और अमन के पास आकर घुटनों बल नीचे बैठ गयी और अमन के लंड को हाथ में जड से पकड़ लिया और हिलाने लगी उसने अमन के लंड के सुपाडे पर चमड़ी पीछे की और गुलाबी सुपाडे देख कर रीमा की आँखों में चमक आ गयी रीमा ने बिना कुछ बोले पहले अपनी जीभ को बाहर निकाला और सुपाडे पर पेशाब वाले छेद पर लगा दिया और धीरे -2 अपने जीभ से कुरेदने लगी अमन की गान्ड झटके खाने लगी अमन ने आहह के साथ रीमा के सर को अपने दोनो हाथों से पकड़ लिया रीमा ने अपनी जीभ से अमन के लंड के सुपाडे को चाटना चालू कर दिया अमन की मस्ती का कोई ठिकाना नही था अमन रीमा के सर को दोनो हाथों से पकड़ कर अपनी आँखें बंद किए अपनी गान्ड को धीरे-2 हिलाने लगा रीमा अमन के लंड के सुपाडे को चाट चाट कर सॉफ कर रही थी फिर थोड़ी देर बाद रीमा ने अमन के लंड को एक साइड में करके अपने दोनो होंठो के बीच अमन के लंड को एक साइड अपने दोनो होंठो के बीच में ले लिया और अपने दोनो होंठो को अमन के लंड के शुरू से जड तक रगड़ने लगी अमन के बदन का सारा खून उसके लंड की नसों में इकट्ठा होने लगा रीमा लगातार अपने होंठो को अमन के लंड के आगे से जड तक रगड़ कर चाट रही थी और अपने दूसरे हाथ से अमन के आंडो को सहला रही थी रीमा को महसूस हो रहा था कि अमन के आंडो की थैलियाँ वीर्य से भर कर अकड़ने लगी हैं रीमा ने झुक कर अमन के आंडों को चाटना चालू कर दिया और पूरा मूँह खोल कर उसके आंडों को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया अमन मस्ती में अपनी आँखें बंद किए लंड चुस्वाई का मज़ा ले रहा था रीमा ने फिर अमन के लंड के सुपाडे को मूँह में लेकर चूसना चालू कर दिया और अमन के लंड का सुपाडा रीमा के मूँह के अंदर बाहर होने लगा लंड मूँह में पुतछ-2 की आवाज़ से अंदर बाहर होने लगा
रीमा तेज़ी से अपना सर हिला-2 कर अमन का लंड चूस रही थी रीमा एक झटके के साथ खड़ी हो गयी
रीमा:अब बहुत हो गया चोदे चल जल्दी से अपना लौडा मेरी भोसड़ी में घुस कर मेरे भोसड़ी के खुजली को मिटा दी
रीमा उठ कर सोफे के पास गये और अपने पेटिकॉट को अपनी गान्ड से ऊपर चढ़ा कर दोनो घुटनो को सोफे पर रख कर आगे की तरफ झुक डॉगी स्टाइल में आ गयी
वउूओ क्या मस्त गान्ड है अमन सोचने लगा इतनी बड़ी गान्ड तो सीमा मौसी की भी नही रीमा दोनो जाँघो को फैला कर सोफे पर घुटनो को टिका कर झुकी हुई थी उसकी झान्टो से भरी चूत उसकी झान्टो में छुपी हुई थी रीमा की घूंघुराली झान्टो में उसकी चूत छुपी हुई थी रीमा ने अपना एक हाथ दोनो नीचे ले जाकर अपने दोनो जाँघो के बीच से गुजर कर पानी चूत की फांकों पर रख कर अपनी चूत की फांकों को उंगलियों से खोल दिया रीमा की गुलाबी चूत अमन की आँखों के सामने था
रीमा:क्या देख रहा है चल्ल्ल्ल्ल्ल आज्ज्जा औरर्र मेरी चूत में अपना लौडा डाल दे जल्दी कर
अमन अपना लंड हाथ में थामें रीमा के पीछे आकर खड़ा हो गया और अपने लंड के सुपाडे को रीमा की चूत के छेद पर टिका दिया रीमा के बदन में बिजली कोंध गयी
रीमा:अपनी चूत के छेद पर लंड का सुपाडा लगते ही) अहह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई पहले थोड़ा सा अपने सुपाडे पर थूक लगा लीयी अह्ह्ह्ह्ह्ह
अमन ने अपने लंड पे ढेर सारा थूक लगा लिया और फिर से रीमा की झान्टो भरी चूत के छेद पर लंड के सुपाडे को टिका दिया और धीरे -2 अपना लंड अंदर करने लगा
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आईसीईए नहियीईईई हरमिीईईई ज़ोर से धक्का माअर
अमन रीमा से ये सब सुन कर अपना आपा खो बैठा और रीमा की गान्ड को दोनो हाथों से थाम कर अपनी पूरी ताक़त से अपनी कमर को हिलाया और लंड एक ही बार में रीमा की चूत की फांकों को फैलाता हुआ जड तक रीमा की चूत में जा घुसा
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मररर्र्र्ररर गइईईईईईईई सलीईई इतनीईई भीए जोर्र्र से नहिी कहा थाआआ
अमन ने रीमा की गान्ड को दोनो हाथों में पकड़ लिया और बिना रुके ताबड तोड़ धक्के लगाने चालू कर दिए रीमा का पूरा बदन हिलगया
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह धीरीईईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अहह बहू सुन्न्ञनणणन् लीईए गीईई अहह मरररर गाईईईईई
पूरे कमरे में थप-2 की आवाज़ गूंजने लगी थोड़ी देर बाद रीमा की सालों के बाद चुद रही चूत भी अमन के लंड के हिसाब से फैल गयी और लंड धना धन अंदर बाहर होने लगा लंड का सुपाडा सीधा जाकर रीमा की बच्चेदानी पर चोट कर रहा था रीमा भी पूरी तरह मस्त हो कर अपनी चूत चुदवा रही थी
रीमा:अहह ओह मजाआ एयेए गायाअ तू तो बहुत अच्छा चोद्ता हाईईईई रीईई आअज पहली बार किसी नीईए मेरी चूत की दीवारों को हिला कर रख दिया है
अहह मररर्र्ररर गइईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और जोर्र्र्र्र्र्र्ररर से सलीईईईई बढ़ावीईईईई अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
अमन भी पूरी तरह जोश में आ चुका था
अमन:लीई सलिइीइ और्र लीई आज्ज्जज्ज्ज्ज तेरी चूत्त्त्त को सूजा ना दिया तो मेरा नाम भी अमन नही
रीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फद्द्द्द्द्दद्ड दीए मेरीए चूत्त्त्त्त अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
अब दोनो इतने गरम हो चुके थे कि दोनो की आहहें कमरे में गूँज रही थी
रीमा:अह्ह्ह मेरा पानी छूटने वाला हाईईईईईई अहह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और रीमा शांत पड़ गयी अमन भी उसकी चूत को अपने पानी से भीगोने लगा थोड़ी देर बाद अमन ने अपना लंड रीमा की चूत से निकाला और रीमा की चूत को दोनो हाथों से फैला कर देखा रीमा की झान्टो से भरी चूत अमन के वीर्य से सन चुकी थी रीमा सोफे पर झुकी हाँफ रही थी
रीमा:वाहह रे छोरे तूने तो कमाल कर दिया इस बूढी की चूत से भी पानी निकाल दिया मज़ा आ गया
रीमा सोफे से खड़ी हुई और अपनी गान्ड पे अटके पेटिकोट को ठीक किया और अमन की तरफ देख कर मुस्करा कर बाहर चली गयी और दूसरे रूम में आ गयी जहाँ सीमा और काजल बैठी बातें कर रही थी रीमा की चूत से अमन का पानी बह कर उसकी जाँघो तक फैल चुका था
रीमा:भाभी तुम ज़रा मेरे साथ दूसरे कमरे में चलना में तुम्हारे सोने का इंतज़ाम कर देती हूँ
सीमा उठ कर रीमा के पीछे दूसरे रूम में चली गयी रूम के अंदर जाकर रीमा ने सीमा की तरफ देखा दोनो के होंठो पर कामुक मुस्कान थी
सीमा:कैसे लगा दीदी
रीमा: बस पूछ ना चोदे ने दिल और चूत दोनो लूट लिए मज़ा आ गया ये देख
रीमा ने अपना पेटिकोट को अपनी कमर तक चढ़ा लिया रीमा की झान्टो भरी चूत और मोटी जांघे सीमा की आँखों के सामने थी अमन के लंड का काम रस रीमा की चूत से बह कर उसकी जाँघो तक फैला हुआ था रीमा की चूत की झान्टे अमन के वीर्य से सनी हुई थी उसकी चूत की फाँकें अभी फैली हुई थी
रीमा:तू सच कह रही थी चोदे के लंड में दम तो बहुत है बस मेरा एक काम कर दे मेआइं सारी उम्र तेरा अहसान नही भूलूंगी
सीमा:इसमे एहसान की क्या बात है तुम बात तो करो
रीमा; बस मेरी बहू की बच्चेदानी को बबलू के वीर्य से भरवा दे बस उसका पेट ठहर जाए तो वो भी बच्चे के कारण यहाँ टिकी रहेगी नही तो ऐसा लगता हैं कहीं वो मेरे बेटे विजय को छोड़ कर चली ना जाए
सीमा:कुछ देर सोचने के बाद ) लेकिन क्या काजल मान जाएगी मुझे नही लगता वो हमारे कहने पर मानेगी
रीमा; हां यही तो बात है और में खुद तो उसे बोल नही सकती
सीमा:चल छोड़ो दीदी कल सुबह सोचेंगे
और सीमा अमन जिस रूम में था वहाँ सोने चली गयी सीमा ने एक पतली सी वाइट कलर की लोंग नाइटी पहनी हुई थी सीमा अंदर आकर डोर लॉक करने लगी अमन सीमा को देख रहा था पतली वाइट नाइटी मे से सीमा की गान्ड सॉफ दिखाई दे रही थी उसने नाइटी के नीचे कुछ नही पहना हुआ था सीमा डोर लॉक करके बेड पर आकर अमन की तरफ करवट लेकर लेट गयी और अमन से चिपक गयी अमन ने अपना एक हाथ सीमा की कमर में रख दिया अमन ने अपनी आँखें बंद कर रखी थी सीमा ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसके शॉर्ट्स के अंदर डाल दिया और उसके सिकुडे हुए लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी
सीमा:लगता है आज्ज्जज मेरा राजा काफ़ी थक गया काफ़ी मेहनत जो की है आज्ज्जज्ज
अमन हां मौसी में बहुत थक गया हूँ
सीमा अमन से एक दम चिपकी हुई थी और अमन के लंड को धीरे-2 सहला रही थी थोड़ी देर में अमन के लंड में थोड़ा सा तनाव आया तो सीमा उठ कर बैठ गयी और अमन का शॉर्ट्स उसके घुटनो से नीचे कर दिया और अमन के सोए हुए लंड को मूणः में लेकर चूसना चालू कर दिया धीरे-2 अमन का लंड अकड़ कर तन गया अमन अपने दोनो हाथों से सीमा के सर को थामें अपनी गान्ड को हिला कर सीमा के मूँह को चोदने लगा सीमा के मूँह से पुतछ-2 की आवाज़ आने लगी अमन का लंड खड़ा होकर झटके खाने लगा सीमा ने लंड को बाहर निकाला और एक झटके में अपनी नाइटी को अपने गले से उतार कर बेड के नीचे फेंक दिया और बेड पर पीठ के बल लेट गयी अमन को अपने ऊपर खींच लिया और अपना हाथ नीचे ले जाकर अमन के लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर टिका दिया अमन अब तक जो सुस्त पड़ा हुआ था लंड चूत के छेद पर लगते ही अमन की कमर में जैसे जान आ गयी हो और उसने पूरी ताक़त के साथ लंड को चूत में पेल दिया
सीमा:हइईए मआराआ डाला जालिमम्म्म क्या कर्र रहा हाई
अमन ने बिना कुछ बोले अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकाला और फिर से पूरी ताक़त के साथ अंदर पेल दिया दो तीन तेज धक्कों के साथ अमन के लंड का सुपाडा सीमा की चूत में पूरा घुस गया और अमन ने झुक कर सीमा के होंठो को अपने होंठों मे ले लिया और चूसने लगा सीमा के हाथ अमन की पीठ को सहला रहे थे अमन धीरे-2 अपनी कमर को हिला-2 कर लंड चूत के अंदर बाहर कर रहा था और दोनो हाथों से सीमा की चुचियों को मसल रहा था सीमा सिसकारियाँ भरने लगी
सीमा;अहह अमान्ंणणन् तुम्हें मालूम नहियिइ मैने तुम्हेन्ंणणन् कितना मिस किया है तुम्हरे बदन का अहसास में कभी भुला नही पे अहह अमान्ंणणन् और जोर्र्र्ररर से चोद अपनी रांड़ मौसी की भोसड़ी को अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सीईईईईईईईईईईईईईईईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमान्ंनणणन् मेरीईए चूत्त्त्त तरस गयी थी तुम्हारे लंड क्ीईए लिइईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमान्ंनननणणन्
सीमा भी पूरे जोश में आकर अपनी कमर हिला -2 कर अमन के लंड को अपनी चूत में पिलवा रही थी और अमन भी अपनी गान्ड को उठा उठा कर अपना लंड सीमा की चूत में धकेल रहा था अमन आनंद के सागर में गोते खा रहा था कोई 10 मिनट की चुदाई के बाद दोनो झड गये और हाँफने लगे अमन पलट कर सीमा की बगल में आकर लेट गया दोनो कुछ देर एक दूसरे की बाहों में समाए हुए एक दूसरे के होंठो को चूमते रहे फिर धीरे- 2 सीमा नींद के आगोश में समा गयी अब तक अमन जागा हुआ था उसे अब तक काफ़ी कुछ समझ में आ चुका था जब थोड़ी देर पहले उसने रीमा को चोदा था उसे उतना मज़ा नही आया था क्योंकि रीमा की चूत काफ़ी खुली हुई थी और रीमा की उम्र सीमा से 10 साल ज़्यादा थी अमन सोच रहा था कि अगर सीमा मौसी की चूत उसे इतना मज़ा दे रही है तो काजल की चूत अगर उसे मिल जाए तो मज़ा आ जाए अमन का हाथ काजल के बारें में सोचते हुए अपने लंड पर चला गया
अमन का हाथ काजल के बारें में सोचते हुए अपने लंड पर चला गया और वो अपने लंड को धीरे -2 सहलाने लगा अमन के दिमाग़ में काजल का छरहरा बदन घूम रहा उसकी अति उन्नत चुचियाँ जो कि ब्लाउस में एक दम तनी हुई थी ब्लाउस में से ही उसकी चुचियों का उठाव सॉफ देखा जा सकता था पतली नाइटी से चिकनी कमर और पेट 5.6 इंच हाइट जो कि बिल्कुल अमन के बराबर थी हल्का साँवला रंग उसकी सुंदरता को और बढ़ा रहा था वो नाभि से नीचे बँधी हुई साड़ी अमन के होश उड़ा चुकी थी अमन का लंड ये सब सोच कर एक दम तन चुका था आज उसका लंड में तनाव इतना ज़्यादा था कि अमन का लंड छत को सलामी दे रहा था अमन को पेशाब आने लगा अमन उठ कर बैठ गया और शॉर्ट्स पहन कर बाहर आ गया सीमा गहरी नींद में सो रही थी अमन रूम से बाहर आकर बाथरूम की तरफ बढ़ने लगा घर की सभी लाइट बंद थी बस बाथरूम में 0 वॉट का बल्ब जल रहा था अमन बाथरूम में घुस गया और अपना शॉर्ट्स को घुटनों तक नीचे उतार दिया और मूतने लगा मूतने के बाद उसका हाथ अपने खड़े हुए लंड पर आ गया और वो धीरे -2 अपने लंड को हिलाने लगा काजल की कल्पना करते हुए उसकी आँखें बंद हो गयी अमन का हाथ तेज़ी से उसके लंड पर चल रहा था उधर काजल जो अभी सोई नही थी उसे भी तेज पेशाब लगा हुआ था वो उठ कर बाहर आ गयी जैसे ही बाथरूम के पास आई तो उसे अंदर से कुछ आहह अहह के आवाज़ सुनाई दी काजल जानती थी ये आवाज़ लड़के की है और अमन की ही है क्यों कि घर में और कोई मर्द नही था उसके पाँव वहीं थम गये अमन की कामुक आवाज़ सुन कर उसका दिल जोरों से धड़कने लगा उसके पाँव काँपने लगे वो वापिस पलट कर जाने लगी लेकिन ना जाने क्यों वापिस जाने के लिए उसके कदम उठने की बजाए वो बाथरूम की तरफ धीरे-2 बढ़ने लगी बाथरूम का डोर थोड़ा सा खुला था काजल धड़कते दिल के साथ बाथरूम के डोर की तरफ बढ़ रही थी
नज़ाने क्यों उसको अपनी चूत में खलबली महसूस होने लगती है काजल काँपते हुए कदमों के साथ बाथरूम के डोर तक पहुँचती है और धीरे डोर के अंदर झाँक कर देखती है अंदर का नज़ारा देख कर काजल का दिल धड़कना भूल जाता है उसकी साँसें जैसे थम जाती है हाथ पैर उतेजना में काँपने लगते हैं और खड़ी-2 उसकी जांघे खुद ब खुद आपस में सटा कर अपनी चूत को बीच में दबा लेती हैं काजल की नाज़ुक टाइट चूत में संकुचन होने लगता है अंदर अमन खड़ा खड़ा अपनी आँखें बंद किए अपने लंड को हाथ से तेज़ी से हिला रहा था पिछली बार काजल शर्म के मारे उसका लंड ठीक से नही देख पायी थी पर आज उसकी नज़र अमन के बालिश्ट मोटे और 8 इंच लंबे लंड पर गढ़ गयी उसका चूत में चुलबुलाहट होने लगी आज तक काजल ने सिर्फ़ अपने पति विजय के लंड को देखा था जो सिर्फ़ 4.5 इंच लंबा और बहुत पतला सा था और विजय के लंड में तनाव भी कम ही आता था आज पूरी तरह से विकिसित मोटे और तने हुए लंड को देख कर काजल गरम होने लगती हैं काजल बाथरूम के डोर को पकड़ कर खड़ी अमन के लंड को देख रही थी अचानक बाथरूम का डोर थोड़ा आगे की तरफ खिसक जाता है और काजल की चूड़ीयाँ खनखने लगती है काजल जल्दी से वापिस मूड कर कमरे की तरफ जाने लगी अमन को जैसे ही आहत सुनाई दी वो एक दम चोंक गया और जल्दी से अपना शॉर्ट्स ऊपर खींच कर अपना लंड अंदर किया और बाथरूम से बाहर आ गया बाहर आकर उसने देखा काजल अपने रूम की तरफ जा रही थी उसकी पीठ अमन की तरफ थी काजल अपने रूम में चली जाती है
उसकी पीठ अमन की तरफ थी काजल अपने रूम में चली जाती है
अमन:अर्रे ये क्या हो गया फिर से उसने देख लिया
और अपना सर हिलाता हुआ अपने रूम के तरफ चल पड़ा अमन का लंड अभी भी शॉर्ट्स में तना हुआ था अमन अपने रूम में आ जाता है अंदर सीमा बेड पर पेट के बल लेटी सो रही थी अमन ने रूम का डोर लॉक किया और बेड के पास आकर अपना शॉर्ट्स उतार कर बेड पर फेंक दिया सीमा जो कि पेट के बल लेटी हुई थी उसकी गान्ड ऊपर की तरफ थी सीमा बिना नाइटी पहने ही सोई हुई थी अमन सीमा के पास आकर बैठ गया और सीमा की मखमली पीठ और गोरे मोटे-2 चुतड़ों को देख अमन का लंड एक बार फिर से झटके मारने लगा अमन बेड पर चढ़ कर सीमा के ऊपर आ गया और अपने पैरों को सीमा की जाँघो के दोनो तरफ करके सीमा के ऊपर झुक गया और अपने लंड को हाथ में पकड़ कर सीमा की गान्ड की दरार में रगड़ने लगा और अपने लंड के सुपाडे से सीमा की गान्ड के छेद को टिटोलने लगा जैसे ही अमन के लंड के सुपाडे को सीमा की गान्ड के छेद का अहसास हुआ अमन ने अपने लंड के सुपाडे को सीमा की गान्ड के छेद पर टिका दिया सीमा नींद में कस्मसाइ और अपने बदन पर अमन का वजन महसूस करके उठ गयी पर उसकी आँखें अभी नही खुली थी अपनी आँखें बंद किए सीमा बोली
सीमा होंठो पर मुस्कान लाते हुए) क्या हुआ नींद नही आ रही
अमन ने सीमा की बात का जवाब नही दिया और झुक कर उसके गालों और कानो को होंठो में लेकर चूसने लगा सीमा जो कि उल्टी लेटी हुई थी उसने अपने फेस को घुमाया और अपने होंठो को अमन के होंठो से मिला दिया कुछ देर किस करने के बाद अब सीमा जो पूरी तरह जाग चुकी थी उसे अपनी गान्ड के छेद पर अमन के लंड का गरम सुपाडा महसूस हुआ और वो एक दम सिहर गयी उसका पूरा बदन ऐंठ गया अमन ने अपने हाथों को सीमा के हाथो पर रखा हुआ था सीमा ने अमन के हाथों को कस के भींच लिया
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उन्घ्ह्ह्ह अमन्न्न क्या कर रहीईए हो मुझे नींद आ रही है सोने दो नाअ
पर सीमा का बदन उसकी बातों का साथ नही दे रहा था अमन सीमा की गान्ड को अपने लंड पर दबाव बनाते हुए महसूस कर रहा था उसके दोनो चूतड़ कभी खुल रहे थे कभी आपस में सट कर अमन के लंड को बीच में भींच रहे थे
सीमा:ओह अमान्ंणणन् में बहुत थक्क गइई हुन्न्ं
अमन ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर अपने लंड को पकड़ कर सीमा की गान्ड के छेद पर रगड़ना चालू कर दिया मस्ती में आ कर सीमा ने अपनी जाँघो को फैला लिया और अपनी गान्ड को थोड़ा से ऊपर की ओर उठा लिया जैसे ही सीमा ने अपनी जाँघो को चौड़ा किया अमन ने लंड को पकड़ कर सीमा की चूत के छेद पर टिका दिया और अपनी कमर को आगे की तरफ करने लगा लंड का सुपाडा सीमा की चूत की फांकों को फैलाता हुआ अंदर घुस गया सीमा ने अमन के हाथों को और कस के भींच लिया और उसकी कलाई पर अपने होंठो को रगड़ना चालू कर दिया सीमा ने अपनी कमर को अंदर की तरफ मोड़ कर अपनी गान्ड को और उठा लिया जिससे सीमा की चूत और ऊपर की तरफ हो गयी अमन ने फिर से अपनी कमर को धकेला इस बार अमन का आधे से ज़्यादा लंड अंदर चला गया
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और सीमा ने अपने दाँतों से अपने होंठो को काटने लगी
अमन ने भी मस्ती में आकर अपनी कमर को हिलाना चालू कर दिया लंड चूत के अंदर बाहर होने लगा अब सीमा की चूत में पूरा लंड अंदर बाहर हो रहा था और अमन के लंड का सुपाडा सीमा की बच्चेदानी पर जाकर ठोकर मारने लगा
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह ओहजहह अमर धीरे अहह सीईईईईईईईईईईईईईई धीरे कार्रररर नाअ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
पर सीमा खुद अपनी गान्ड को ऊपर की तरफ़ तेज़ी से उछाल रही थी सीमा की चूत जो अब तक सुखी थी उसमे पानी आने लगा लंड फिसलता हुआ अंदर बाहर होने लगा जब अमन की जाँघो की पुश्थे सीमा की गान्ड पर टकराती तो पूरे कमरे में थेप-2 की आवाज़ गूंजने लगती सीमा को अपनी गान्ड पर अमन की जाँघो की थप और कामुक बना रही थी सीमा अपनी आँखों बंद किए अमन के लंड को अपनी चूत की गहराइयों में महसूस करके मचल रही थी अमन ने अपना लंड सीमा की चूत से निकाला वो चोद तो सीमा को रहा था पर दिमाग़ पर काजल छाई हुई थी अमन ने सीमा को कंधों से पकड़ कर बेड पर खड़ा कर दिया और बेड के एक कोने में ले जाकर उसकी पीठ दीवार से सटा दी सीमा ने अमन को इतना जोश में कभी नही देखा था सीमा हैरत से अमन की तरफ देख रही थी अमन ने सीमा को अब दीवार के सहारे पीठ टिका कर खड़ी किया था अमन ने सीमा की एक टाँग को उठा कर अपनी कमर तक उँचा कर दिया और उसकी दोनो टाँगों के बीच आकर अपने लंड के सुपाडे को सीमा की चूत पर टिका दिया सीमा ने अमन को बाहों में कस लिया और सीमा की कमर झटके खाने लगी अमन ने अपना एक हाथ सीमा की गान्ड पर रख कर उसकी गान्ड को दोबच लिया और अपनी कमर को हिलाया लंड चूत की फांकों को फैलाता हुआ फिर से अंदर घुस गया अमन ने सीमा के दूसरी टाँग को जाँघ से पकड़ कर ऊपर उठाना चालू कर दिया सीमा को तब अहसास हुआ जब उसके दोनो पैर हवा में झूलने लगे सीमा ने गिरने से बचाने के लिए अपनी बाहों को अमन के गले में कंधों पर डाल कर कस लिया और अपनी टाँगों को अमन की कमर पे कस लिया लंड जड़ तक चूत में घुस गया था अमन ने सीमा की गान्ड को दोनो हाथों से पकड़ लिया और उसके चुतड़ों को मसल मसल कर दोनो तरफ फैलाने लगा
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह ध्यांन्न्न् सीईईई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह क्याआआआ कर रहीईई हूऊ सीमा अमन की गोद में अपनी गान्ड को धीरे-2 ऊपर उछालने लगी सीमा को उसके पति ने कभी इस तरह उठा कर कभी नही चोदा था ये सीमा के लिए बिल्कुल नया अनुभव था सीमा मस्ती के सागर में गोते खा रही थी सीमा के होंठ अमन के कंधों को रगड़ रहे थे कभी सीमा अमन की गर्दन को चूमना चालू कर देती अमन ने अपने हाथों से सीमा की गान्ड को थामे गान्ड को ऊपर नीचे करने लगा लंड सीमा की चूत के अंदर बाहर होने लगा सीमा अमन से बिल्कुल चिपकी हुई थी जैसे कोई छोटा बच्चा अपनी माँ की छाती से चिपका हुआ हो
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमान्ंननननणणन् तूमम्म्ममम ये रोजजज्ज्ज्ज रोजजज्ज्ज्ज्ज्ज्ज नईई चुदाई क्ीई तर्क्ीईई कहाँ सीईई सीखह र्हाई हूऊऊ अमान्ंनननणणन् बहुत मज़ा आ रहा हाईईईईईई तेरे लंड का सुपाडा ओह सीधा मेरीईए बच्चे दानी के मूँह पर चोट कर रहा हाईईईईई अह्ह्ह्ह्ह ओह ओफफफफफफफ्फ़
सीमा भी अमन के कंधों के सहारे अपनी गान्ड को ऊपर की ओर लाकर नीचे पटकने लगी बेड चुन चुन की आवाज़ करने लगा
सीमा:अहह अमन में झड़ने वाली हून्ंनणणन् आह ओह मेरा पानी निकलने वाला हाीइ ओह्ह्ह्ह्ह्ह सीईईईईईईईई
और सीमा की चूत में दहक्ते हुए पानी के नदी निकल पड़ी जो अमन के लंड को और गीला करने लगी अब अमन भी थक चुका था अमन ने सीमा को नीचे उतारा और उसे एक ही पल में उल्टा कर दीवार के सहारे झुका दिया सीमा तेज़ी से हाँफ रही थी उसने अपनी हथेलियों को दीवार से टिका लिया और पीछे अपनी गान्ड बाहर की तरफ निकाल कर खड़ी हो गयी
अमन ने अपने घुटनो को थोड़ा सा मोड़ कर लंड को चूत के छेद पर टिका कर जोरदार धक्का मारा लंड पानी की वजह से फिसलता हुआ अंदर जा घुसा अमन ने सीमा के खुले हुए बालों को इकट्ठा करके एक हाथ में पकड़ कर थोड़ा सा खींचा जिससे सीमा की कमर गान्ड और पीठ के बीच में से नीचे की और हो गयी और गान्ड और ऊपर होने से सीमा की चूत बाहर की तरफ आ गयी अमन ने अपना एक हाथ सीमा की कमर को पकड़ कर धक्के लगाने चालू कर दिए अमन पागलों की तरह ताबड तोड़ धक्के लगा रहा था थप-2 फतच-2 और बेड के चरमराने की आवाज़ पूरे रूम में गूँज रही थी अमन सीमा की चूत को इतनी तेज़ी से पेल रहा था कि सीमा कुछ ही देर में फिर से गरम हो चुकी थी सीमा की सिसकारियाँ अब और उँची और तेज होती चली जा रही थी
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हन्ंनणणन् आईसीए हीई चोदो अहह फाड़ दे अपनी मासी की चूत्त्त्त को अहह बहुत मज़ा आ रहााअ हाईईईई आज्ज्जज्ज्ज अपने लौडे क्ीई सारी गरमी निकाल दे मेरी भोसड़ी मेंन्न्न् अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
सीमा ने अपना एक हाथ दीवार से हटा कर अपनी चुचि को पकड़ कर मसलना चालू कर दिया सीमा के पैर उसका साथ नही दे रहे थे कोई 6 मिनट की लगातार चुदाई के बाद सीमा दोबारा झड़ने के करीब थी
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अमान्ंणणन् आज्ज्जज्ज्ज तो तुनीईई कमाल कर दिया हाईईईईई उन्घ्ह्ह्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह मजाआ आ गय्ाआ लीई तेरी मौसीई की चूत्त्त्त फिर्रर से अपना प्यारर का रस्स्स्सस्स छोड़ने वाली हाईईइ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और सीमा झड गई अब उसके लिए खड़ा रहना नमुनकीन था वो एक दम से नीचे बैठ गयी उसकी जांघे मूडी हुई थी अमन ने सीमा को कंधों से पकड़ कर बेड पर पटक दिया और खड़े-2 सीमा की टाँगों को पकड़ कर पूरी तरह फैला दिया अमन खड़ा हुआ था सीमा अब पीठ के बल बेड पर लेटी हुई थी अमन का लंड अभी भी एक दम तन कर झटके खा रहा था सीमा की चूत उसके गाढ़े पानी से सनी हुई थी उसकी चूत के होंठ बार-2 सिकुड और फैल रहे थे और चूत के छेद से पानी बाहर निकल रहा था जो सीमा की गान्ड के छेद तक जा रहा था अमन अपने पंजों के बल बैठ गया और अपने लंड को हाथ मे थाम कर सीमा की चूत के छेद पर रगड़ने लगा सीमा तेज़ी से हाँफ रही थी दो बार झड़ने के बाद वो एक दम थक चुकी थी
सीमा अमन का रूप देखार बहुत हैरान थी जो अमन आज तक उससे शरम करता था उसने आज सीमा की चूत की दीवारों को हिला कर रख दिया था अमन ने लंड के सुपाडे को चूत के छेद पर टिका दिया सीमा जानती थी कि अब अमन जल्दी झड़ने वाला नही है पर अब सीमा और चुदाई करवाने की हालत में नही थी सुबह के लंबे सफ़र और अमन की जोरदार चुदाई से वो अभी तक 1 बार सुबह और 2 बार अब झड चुकी थी अमन ने सीमा की जाँघो को घुटनों के पास से पकड़ कर पूरी ताक़त से अपने लंड को सीमा की चूत में पेल दिया लंड और चूत दोनो पहले से गीले थे लंड एक ही बार में फिर से पूरा जड तक घुस गया था अमन अपनी कमर को तेज़ी से हिला रहा था और सीमा की चूत को अपने लंड से तेज़ी से चोदे जा रहा था थोड़ी देर की घिसाई के बाद सीमा की चूत एक दम सुख गयी अब लंड का घर्षण सीमा की चूत की दीवारों पर ज़्यादा बढ़ गया अमन के ताबडतोड़ धक्कों ने सीमा को एक बार फिर से गरम कर दिया पर सीमा की हालत बहुत खर्राब हो चुकी थी उसे बहुत तेज पेशाब आने लगा
सीमा:अह्ह्ह्ह्ह अमान्ंणणन् मुझे पेशाब जाना हाईईईईई
पर अमन बिना सुने अपना लंड सीमा की चूत के अंदर बाहर करता हुआ उसे चोदे जा रहा था सीमा ने हार कर अमन को धक्का देकर पीछे किया और बेड से खड़ी हो गयी पर इतनी ज़बरदस्त चुदाई का असर अब हो चुका था सीमा से बर्दास्त नही हुआ और वो अपने पेशाब को रोक नही पाई और उसकी चूत से मूत की धार छूट पड़ी जो सीधा फरश पर गिरने लगी सीमा अपनी इस हालत से सरमसार हो गयी उसके गाल शरम से लाल हो गये और वो वहीं बैठ गयी और मूतने लगी सीमा के होंठो पर शरम के मारे मुस्कान आ गयी और वो सर झुका कर मूतने लगी मूत की धार की आवाज़ सुन कर अमन का लंड और झटके खाने लगा रूम के फर्श पर चारो तरफ सीमा का मूत फैल चुका था सीमा मूतने के बाद खड़ी हुई सीमा ने अभी भी सर झुकाया हुआ था अमन बेड के किनारे के पास गया और सीमा के हाथ को पकड़ कर ऊपर खींच लिया सीमा अपने दोनो घुटनो को बेड पर रख कर ऊपर हो गयी अमन खड़ा हुआ और सीमा के पीछे से जाकर अपने लंड के सुपाडे पर थूक लगाया और ढेर सारा थूक सीमा की चूत को भी लगा कर अपने लंड को चूत के छेद पर टिका दिया सीमा की आँखें बंद थी उसने अमन को रोका नही बल्कि अपनी जाँघो को फैला कर अपनी गान्ड उठा कर अपनी चूत के छेद को बाहर की तरफ निकाल लिया अमन ने भी बिना देर किए अपने थूक से सने लंड को सीमा की चूत में पेल दिया सीमा के मूँह से अह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गयी अमन बिना रुके धक्के लगाने लगा और 5 मिनट लागतार चोदने के बाद सीमा फिर से झड गयी और अमन ने भी अपने वीर्य से सीमा की चूत को भर दिया अमन बेड पर निढाल हो कर गिर पड़ा सीमा की हालत अब ऐसी थी कि वो बेड पर गिर जाए और सो जाए पर वो अन्मनि सी खड़ी हुई और अपनी नाइटी उठा कर पहनी और डोर खोल कर बाहर आ गयी अमन ने अपना शॉर्ट्स पहन लिया और लेट गया थोड़ी देर बाद सीमा हाथ में पानी की बकेट लिए वापिस आई और रूम में पानी से पोंचा लगा दिया और फिर बाहर जाकर पानी को फेंक कर बकेट सॉफ कर दी और वापिस रूम में आकर डोर लॉक करके अमन की चेस्ट पर सर रख कर लेट गयी
वापिस रूम में आकर डोर लॉक करकके अमन की चेस्ट पर सर रख कर लेट गये
सीमा: अमन एक बात पूच्छू
अमन;हां पूछो
सीमा:आज तुम्हें क्या हो गया था पहले तो तुम्हें नींद आ रही थी आज इतनी ज़बरदस्त चुदाई के मूड में कैसे आ गये
अमन:सच बतऊ मौसी
सीमा:हान्ं मुझसे क्या छुपाना
अमन:मौसी आज काजल को देखा तो देखता ही रह गया आप से सेक्स करते वक़्त भी उसका ही ख्याल दिमाग़ में था पता नही मुझे क्या हो गया था अगर आप को तकलीफ़ दी हो तो मुझे माफ़ करना
सीमा:धत्त पगले इसमे माफी माँगने की क्या ज़रूरत है मुझ से और मेरी चूत गान्ड सब तुम्हारे लिए तो है इन सब पर तुम्हारा ही हक़ है में कभी बुरा नही मानूँगी और लगता है आज हमारे अमन को काजल भा गयी हाईईईई
अमन शरमाने लगा
सीमा:चल अब बहुत थक गयी हूँ सो जा और हां अब मुझे और परेशान नही करना नही तो में सच में बुरा मान जाउन्गी
और सीमा और अमन दोनो मुस्कराने लगते हैं दोनो एक दूसरे की बाहों में क़ैद होकर नींद के आगोश में समा जाते हैं
सुबह हुई काजल और रीमा उठ चुकी थी और विजय वापिस आ चुका था रीमा और काजल दोनो नाश्ते की तैयारी कर रही थी अमन और सीमा जिस रूम में सोए थे वो अभी भी बंद था अमन की नींद टूटी है और अपनी आँखें को मलता हुआ उठ कर बैठ जाता है और सीमा की तरफ देखा सीमा अभी भी सो रही थी 9 बज रहे थे पर रात की ज़बरदस्त चुदाई ने उसे थका दिया था उसकी नाइटी उसकी कमर तक चढ़ि हुई थी उसकी चूत सॉफ दिख रही थी अमन अपना एक हाथ सीमा की चूत पर रख कर करवट के बाल लेट गया और सीमा की चूत को सहालना चालू कर दिया सीमा कसमसा कर उठ गयी अपनी आँखों के सामने अमन का फेस देख कर उसके होंठो पर मुस्कान आ जाती है
अमन:गुड मॉर्निंग
सीमा:गुड मॉर्निंग सुबह ही चालू हो गये
अमन ने मुस्करा कर सीमा के ऊपर झुक कर उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और अपने हाथ से सीमा की चूत को मसलने लगा सीमा ने अपना होंठो को अलग किया
सीमा:अहह देखो अमन कितना टाइम हो गया चलो अब उठ जाओ अमन ने सीमा को छोड़ दिया और सीमा ने उठ कर डोर खोल कर बाहर आकर सीधा बाथरूम में घुस गयी अमन भी अपनी टी-शर्ट पहन कर बाहर आ गया उसे भी तेज पेशाब लगी थी वो आँगन में आकर टहलने लगा और सीमा के बाथरूम से बाहर निकलने का इंतजार करने लगा आँगन के बीचो बीच पानी का नल लगा हुआ था अमन का लंड पेशाब के प्रेशर से एक दम तन कर खड़ा था जो अमन के चलने के कारण उसके शॉर्ट में उभार बनाए हुए इधर उधर हिल रहा था काजल किचन से निकली और नल की तरफ बढ़ी उसकी नज़र अमन से जा टकराई जो अपनी मस्ती में टहल रहा था काजल नज़रें नीचे करके नल की तरफ बढ़ी वो तिरछी नज़रों से अमन को देख रही थी उसकी नज़र अमन के शॉर्ट्स के अंदर हिल रहे लंड पर पड़ी जो तन कर शॉर्ट्स मे टेंट बनाए हुए था उसका दिल फिर से धड़कने लगा चूत में फिर से सरसराहट होने लगी काजल ने नल से पानी भरा और अमन को देख कर वापिस किचन की तरफ चली गयी
सीमा के बाथरूम से बाहर आने के बाद अमन बाथरूम में घुस गया और फ्रेश होकर बाहर आ गया उसने दूसरा शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहन ली और अपने रूम में सोफे पर बैठ गया सीमा साड़ी पहन रही थी सीमा साड़ी पहन कर बाहर किचन में चली गयी जहाँ काजल चाइ डाल रही थी काजल ने एक ट्रे में चाइ और नाश्ता रख कर सीमा को दिया और अमन को देने को बोली
सीमा:ऐसे कर तू खुद ही दे आ में यहाँ ही हूँ
काजल का दिल जोरों से धड़कने लगा उसने ट्रे को उठाया और बाहर निकल आई और अमन के रूम की तरफ बढ़ने लगी काजल ने येल्लो और रेड कलर की मॅचिंग साड़ी पहनी हुई थी होंठो पर रेड कलर की लिपस्टिक उसकी सुंदरता को और बढ़ा रही थी वो धीरे-2 अमन के रूम की तरफ बढ़ रही थी उसके मन में कई ख़याल आ रहे थे कि कहीं कल रात अमन ने उसे छुपकर देखते हुए देख ना लिया हो अमन के रूम के पास आकर उसने डोर नॉक किया अमन ने अंदर से आवाज़ दी आ जाओ काजल रूम के अंदर आ गयी और ट्रे को टेबल पर रख दिया अमन काजल को देखता ही रह गया क्या कयामत लग रही थी 5.6 इंच हाइट के फिगर वाली औरत देख अमन के लंड में हलचल होने लगी अमन की नज़र काजल के बदन को ऊपर से नीचे तक नाप रही थी पतली बलखाती कमर और उन्नत तनी हुई चुचियाँ ब्लाउस में एक दम कसी हुई थी काजल की चुचियों का उठाव बहुत ज़्यादा था जैसे मानो अकड़ कर खड़ी हों गान्ड कमर के मुकाबले मोटी और थोड़ी से बाहर निकली हुई क्या मस्त लग रही थी काजल अमन को अपनी तरफ यूँ देखता देख कर शरमा गयी उसने अपना सर झुका लिया और अमन को स्माइल पास की अमन ने भी बदले में स्माइल किया और काजल मूड कर चली गयी
दूसरी तरफ सीमा और रीमा इस बारे में बात कर रही थी
सीमा: मुझे लगता हैं अमन को काजल बहुत भा गयी हैं अब अमन को मनाने की चिंता नही है बस काजल को कैसे मनाएँ मुझे लगता है हमें दोनो को कुछ अकेले में टाइम देना होगा जिससे कुछ चक्कर चल सके
रीमा:अगर ऐसा हो गया तो मेरी तो चिंता ही ख़तम हो जाएगी नही तो यही डर सताता रहता है कि कही काजल विजय को छोड़ कर ना चली जाए हम ऐसे करते हैं आज दोपहर को थोड़ा खेतों में घूमने के बहाने बाहर चलते हैं विजय भी खाना खा कर चला गया हैं हम दोनो नाश्ता करने के बाद यहाँ से निकल जाते हैं
सुबह के 11 बज रहे थे सीमा रीमा और काजल एक रूम में बैठ कर बातें कर रही थी
रीमा: अचानक) चलो भाभी तुम्हें ज़रा खेतों में घुमा लाऊ
सीमा:हां चलो थोड़ी देर बाहर टहल आते हैं
और सीमा ने अमन को आवाज़ लगाई अमन रूम में लेटा हुआ था अमन आवाज़ सुन कर दूसरे रूम में आ गया यहाँ तीनो बैठी हुई थी
अमन:जी मौसी
सीमा:हम ज़रा बाहर घूमने जा रहे हैं तुम तब तक यहीं काजल के साथ बैठ कर बातें करो नही तो अकेले बोर हो जाओगे चलो पहले गेट बंद कर लो हम थोड़ी देर में आते हैं
और दोनो उठ कर बाहर चली गयी अमन दरवाजा बंद कर वापिस रूम में आ गया पर अमन को कुछ समझ में नही आ रहा था कि वो क्या बात करे काजल का भी वही हाल था उसका दिल तो ये सोच कर धड़क रहा था कि वो अमन के साथ घर में अकेली थी चाहे अब तक अमन से उसकी ज़्यादा बातचीत नही हुई थी पर उसके दिमाग़ में भी ना चाहते हुए भी अमन छाया हुआ था अमन बेड के पास आकर खड़ा हो गया दोनो में से कोई भी बोल नही रहा था काजल अपने तेज़ी से धड़कते हुए दिल की धड़कने भी सुन सकती थी कुछ देर के खामोसी के बाद काजल ने कहा
काजल:बैठेए ना
उसकी मीठी आवाज़ जैसे अमन के कानो में मिशरी घोल गयी हो अमन बेड के किनारे बैठ गया काजल जो कि बेड के बीचों के बीच बैठी हुई थी अपने पैरो के नाखूनों से बेडशीट को कुरेदने लगी वो सर झुका कर बैठी थी और बीच-2 में कनखियों से अमन को देख रही थी अमन उसके पति के बिल्कुल उलट गोरे रंग का एक दम स्मार्ट लड़का था जिसपर कोई भी लड़की फिदा हो जाए और विजय एक दम काले रंग का आदमी था और उसकी पर्सनल्टी भी अमन से बहुत कम थी अमन भी चोर निगाहो से काजल को देख रहा था दोनो को कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या बात करे काजल जो अमन के रूप रंग को देख कर आह भर चुकी थी पर उसने अपनी पति से पहले और बाद में किसी भी मर्द को अपने आप को छूने भी नही दिया था आख़िर कार अमन ने चुप्पी को तोड़ते हुए शुरुआत की
अमन: में आप से माफी माँगना चाहता हूँ
काजल:सर झुकाए हुए धीमी आवाज़ में) किस बात के लिए
उसकी आवाज़ से सॉफ पता चल रहा था कि वो बात करने में थोड़ा हिचकिचा रही है
अमन:उस दिन में ग़लती से बाथरूम में घुस गया था जब आप
और कहते हुए अमन रुक गया उसे अपनी बात पर शर्मिंदगी महसूस हुई और अमन झेंप गया ये बात सुन कर काजल भी शर्म से लाल हो गयी
काजल: शरमाते हुए) पर आप तो पहले से ही माफी माँग चुके हैं
अमन:हां पर लगता हैं आप ने मुझे माफ़ नही किया
काजल:क्यों ऐसी तो कोई बात नही है आपको ऐसा क्यों लगता हैं
अमन:क्यों कि आप अभी भी मुझे शरमा रही हैं और आप ने उसके बाद से मुझसे कोई बात नही की
काजल:नही ऐसे बात नही है वो बस आप ने तो देखा ही है टाइम ही नही मिला और माँ जी (रीमा) के सामने वैसे भी मेरी ज़ुबान कम ही खुलती है
अमन:ओह अच्छा तो ये बात है पर अब तो मँजी भी नही है फिर क्यों शरमा रही हो आप
काजल:नही में शरमा नही रही बस मैं ऐसी ही हूँ (और काजल ने अपना झुकाए हुए सर को ऊपर उठा लिया अमन की नज़र काजल के खूबसूरत होंठो पर अटक गयी काजल ने अमन को यूँ देखते हुए फिर से शरमा कर अपना सर झुक लिया)
अमन:लो देखो आप तो फिर से शरमाने लगी
काजल ने अमन की तरफ देखा दोनो की नज़रें मिली काजल अपने एक हाथ से बेड शीट को थामें हुई थी
अमन: अगर आप बुरा ना माने तो आप को एक बात कहूँ
काजल: जी कहिए
अमन:आप आज बहुत सुंदर लग रही हो
काजल ये बात सुन कर फिर से शरमा गयी उसके गाल शर्म से लाल हो रहे थे वो सर झुका कर मुस्करा रही थी
अमन:जब आप शरमाती हैं तो और भी हसीन लगती हैं
काजल:आप झूट बोल रहे हैं
अमन:नही सच में आप की स्माइल मुझे बहुत अच्छी लगती है आप के होंठ बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियों की तरह हैं आप के गाल जैसे कश्मीरी सेब हों
काजल:बस कीजिए मुझे शरम आ रही है
अमन:इसमें शरमाने की क्या बात हैं मैं सच बोल रहा हूँ मुझे तो आप की हर अदा पसंद है जब आप शरमाती हैं तो और भी हसीन लगती हैं
ये कहते हुए अमन ने अपना हाथ काजल के हाथ के ऊपर रख दिया काजल के बदन में मानो जैसे बिजली कोंध गयी हो उसका दिल जोरों से धड़कने लगा जिस्म काँप उठा अमन का हाथ काजल के हाथ के ऊपर था काजल शर्म से लाल हो चुकी थी काजल ने अपना हाथ अमन के हाथ के नीचे खिसकना चालू कर दिया धीरे-2 काजल ने अपना हाथ खींच लिया काजल दोनो पैरों को समेट कर बैठी थी काजल ने अपनी दोनो बाहों को अपने टाँगों के गिर्द में रख लिया
अमन जैसे सपने से बाहर आया हो) सॉरी वो बेखयालि में मेरा हाथ आप को बुरा तो नही लगा
काजल: नज़रें झुकाए हुए) नही
अमन;ओह्ह थॅंक गॉड मेने सोचा आप बुरा ना मान जाओ पर ये सच है आप सच में बहुत हसीन है
काजल: आप तो झूठी ही मेरी तारीफ कर रहे हो
अमन: चलो आप झूठ ही मानो पर मुझे जो आप को देख कर लगा मैने आप को बोल दिया
काजल शर्म से लाल हुए जा रही थी
काजल: लेकिन आप का रंग तो गोरा है और में कहाँ साँवले रंग की पता नही आप को मुझमे क्या खास बात नज़र आ गयी देखिए( अपने हाथ को अमन के हाथ के पास रखते हुए)
अमन के हाथ काजल के हाथों से काफ़ी गोरे थे
अमन:गोरे होने से क्या होता है आप की स्किन कितनी सॉफ्ट है ( काजल के हाथ को अपने हाथ में लेते हुए) आप का हाथ पकड़ सकता हूँ ना देखिए कितनी सॉफ्ट स्किन है आपकी
काजल ने शरमाते हुए हां में सर हिला दिया और अमन काजल के हाथ को अपने दोनो हाथ में पकड़ कर धीरे से सहलाने लगा काजल का बदन काँपने लगा वो कसमसाने लगी और अपने हाथ को पीछे खींचने लगी पर अमन ने उसका हाथ नही छोड़ा कुछ देर बाद जब काजल थोड़ा सहज हुई उसना अपना हाथ खींचना बंद कर दिया और अमन की तरफ देखा दोनो की नज़रें आपस में टकरा गयी दोनो कुछ देर वैसे ही बैठे रहे अमन मन में फर्याद कर रहा था कि वक़्त यहीं रुक जाए अचानक बाहर में डोर पर दस्तक हुई काजल एक दम सकपका गयी और अपना हाथ पीछे खींच लिया और बेड से उतर कर बाहर चली गयी कुछ देर बाद काजल वापिस आई और सीधा किचन में चली गये अमन अंदर बैठा काजल के आने का इंतजार करता रहा पर काजल किचन से बाहर नही आई कुछ देर इंतजार करने के बाद अमन उठ कर किचन में चला गया काजल अपने दोनो हाथ सेल्फ़ पर रख कर खड़ी थी उसके फेस पर गंभीर भाव थे
अमन:क्या हुआ कॉन था
काजल: (एक दम चोन्कते हुए ) हां कोई नही पड़ोस के घर से आंटी आई थी मा जी से कोई काम था उन्हें
अमन:क्या हुआ आप यहाँ आकर खड़ी क्यों हो गयी कोई परेशानी तो नही
काजल:नही कोई बात नही
अमन:तो लगता है मुझसे कोई भूल हो गयी
काजल: नही ऐसी भी कोई बात नही है आप जाकर अपने रूम में आराम करो में खाना तैयार करती हूँ
अमन:खाना भी तैयार हो जाए गा में अकेला बोर हो जाउन्गा आप से बात करूँगा तो मन लगा रहेगा
काजल:मेरी तबीयत कुछ ठीक नही है आप जाओ में खाना बना लूँ
अमन को काजल में आए इस बदलाव देख कर थोड़ी निराशा हुई वो मायूस हो कर अपने रूम में जाने लगा फिर से डोर पर दस्तक हुई इस बार अमन ने डोर खोला तो सीमा और रीमा वापिस बाहर खड़ी थी अमन अपने रूम में अंदर आ गया अमन को उदास देख कर सीमा भी उसके पीछे रूम में आ गयी
सीमा:क्या हुआ अमन उदास लग रहे हो
अमन:कुछ नही बस ऐसे ही मन नही लग रहा
सीमा:तो क्या बात हुई काजल से
अमन:कुछ नही बस यूँ ही इधर उधर की बात कर रहे थे
सीमा:तू भी ना बुद्धू है बुद्धू में तुम्हे उसके साथ इस लिए अकेला छोड़ कर गयी थी कि तुम्हरा दिल उस पर आ गया है तुम्हे उसके साथ कुछ बात करने का मोका मिले और तुम यहाँ वहाँ की बातें ही करते रहे
अमन: पर आप ने ऐसा क्यों किया मेरे लिए?
सीमा:हां में तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी कर सकती हूँ
अमन: पर मौसी लगता है काजल मेरे हाथ नही आएगी
सीमा;अर्रे तू तो अभी से हार मान कर बैठ गया चल तेरा हॉंसला बढ़ाने के लिए तुझे एक बात बताती हूँ
अमन:क्या मौसी
सीमा ने अमन को काजल के पति के बारे में सब कुछ बता दिया अमन अब तक समझ चुका था
सीमा: तू फिकर ना कर हम तेरे साथ हैं
अमन:हम और कॉन है
सीमा:रीमा दीदी और कॉन तू बेफिकर होकर अपनी चाल चल डरने की ज़रूरत नही अगर कोई बात हुई तो हम संभाल लेंगे
अमन:पर अगर उसने अपने पति से बात कर दी तो
सीमा: तू चिंता छोड़ अपने काम में लग जा बाकी सब हम पर छोड़ दे
अमन खुशी से नाच उठा और सीमा के होंठों को चूम लिया
सीमा:अच्छा अब बता हुआ क्या जो तू इतना उदास है
अमन ने सारी बात सीमा को बता दी
सीमा: अर्रे तू इतने से घबरा गया उस नाज़ुक चूत को पाने के लिए तुम्हें मेहनत तो बहुत करनी पड़े गी तू कॉसिश करते रह में तुम्हारे साथ हूँ
ये बोल कर सीमा बाहर आ गयी किचन में चली गयी किचन में काजल खाना बना रही थी
सीमा: काजल दीदी कहाँ है
काजल:जी वो रूम में हैं
सीमा:ठीक हैं
और सीमा दूसरे रूम में चली गयी और अमन ने जो बात सीमा को बताई थी उसने रीमा को बता दी रीमा के होंठो पर कातिल मुस्कान फैल गयी
रीमा:पड़ोस के घर से संदेशा आया है उनके घर में उनके लड़के का मुंडन हो रहा है हमे भी दोपहर के खाने के लिए बुलाया है तू ऐसा कर तू मेरे साथ ही चल कम से कम अमन को थोड़ा और टाइम मिल जाएगा
सीमा: हां ठीक है मैं भी चलती हूँ
काजल अपने और अमन के लिए खाना बना चुकी थी उसे रीमा ने बता दिया था कि वो और सीमा पड़ोस में जा रही हैं और वहाँ से खाना खा कर लोटेंगी सीमा और रीमा दोनो दोपहर को 1 बजे चली गयी काजल अभी भी परेशान थी उसने खाना थाली में परोसा और अमन के रूम में ले आई अमन बेड पर लेटा हुआ टीवी देख रहा था काजल रूम में दाखिल हुई और थाली को टेबल पर रख दिया
काजल : खाना खा लीजिए
अमन ने कुछ नही बोला और अपनी नज़रें टीवी पर लगाए रखी अमन के उदास और भोले फेस को देख कर काजल से रहा नही गया और वो बेड के पास आ गयी
काजल; क्या हुआ आप मुझसे नाराज़ हैं
अमन: नही तो में आप से क्यों नाराज़ होऊ
काजल: पर लग तो ऐसे ही रहा है जैसे आप मुझ से नाराज़ हैं वो दरअसल मेरी तबीयत कुछ अचानक खराब हो गयी थी इसलिए मैने आप को जाने के लिए कह दिया आइ आम सॉरी अमन जी
अमन: पहले तो आप मुझे अमन जी कहना बंद करो मैं आप से छोटा हूँ और मुझे अच्छा नही लगता
काजल:ओके अमन आइ आम सॉरी मुझे माफ़ नही करोगे
अमन:माफ़ तो कर दूँगा पहले आप को बताना हो गा आख़िर आप परेशान क्यों थी क्या मैने कोई ग़लती की
काजल:नही ऐसे कोई बात नही मेने बताया ना तबीयत थोड़ी खराब हो गयी थी
अमन: माना कि में आप से छोटा हूँ पर नासमझ नही अगर आप सच नही बताओगी तो में आप से दुबारा कभी बात नही करूँगा
काजल: (कुछ देर सोचने के बाद काँपती हुई आवाज़ में बोली) दरअसल जब आप ने मेरा हाथ पकड़ा था मुझे कुछ अजीब सा लगा था इसलिए जो कि मुझे सही लगा अमन समझने की कॉसिश करो आज से पहले मेरे पति के इलावा किसी ने मुझे हाथ तक नही लगाया था और ना ही ऐसी बात की थी
अमन:तो इसका मतलब आप को बुरा लगा पर मैने तो वैसे ही आप का हाथ ही पकड़ा था
काजल: में खुद समझ नही पा रही थी मुझे क्या हो गया मुझे बुरा तो नही लगा पर अजीब सा लगा ओके छोड़ों इन बातों को चलो खाना खा लो में फिर से माफी मांगती हूँ
अमन: नही माफी माँगने के ज़रूरत नही है में आप से नाराज़ नही हूँ
काजल (अपना हाथ अमन की तरफ बढ़ाते हुए )ओह थॅंक्स तो आज से में आप को अपना दोस्त समझू
अमन बेड से उठ कर खड़ा हो गया काजल के हाथ को अपने हाथ में ले लिया काजल का बदन फिर से काँप गया अमन ने काजल के हाथ को अपनी छाती तक ऊपर उठा कर थामे रखा
अमन: आप नही जानती में कितना खुश हूँ आज दुनिया की सबसी हसीन लड़की मेरी दोस्त बन गयी है जब आप मुझसे नाराज़ हो गयी थी मेने ये मान लिया था कि अब में कभी भी आपके कोमल हाथ को फील नही कर पाउन्गा
काजल सहमी से खड़ी शरमा रही थी उसके हाथ पैर फिर से काँपने लगे थे काजल ना चाहते हुए भी हिल नही पा रही थी क्योंकि वो अमन को दुबारा नाराज़ नही करना चाहती थी
काजल: आप मेरी तारीफ क्यों कर रहे हैं में इतनी भी सुंदर नही हूँ
अमन: अगर आप मेरी नज़र से अपने आप को देखो तो आप खुद ही समझ जाओ गी इसलिए में आपको
और ये कहते हुए रुक गया काजल का दिल जैसे मानो धड़कना बंद कर देने वाला हो उसे समझ में नही आ रहा था कि अमन से क्या कहे अमन एक तक काजल के हसीन जिस्म से अपनी आँखों को सेंक रहा था काजल ने शरमा का नज़रें झुका ली
अमन: अगर आप बुरा ना माने तो एक बात कहूँ
काजल: जी (काजल की साँसें तेज़ी से चल रही थी वो सोच रही थी कि अब अमन उसे क्या कहने वाला है)
अमन: मैने जब से आप को देखा है में आपको पसंद करने लगा हूँ आप की हर अदा मेरे दिल दिमाग़ में छा गयी है हर वक्त आपका खूबसूरत चेहरा आँखों के सामने आता है में अपने आप को आपके बारे में सोचने से रोक नही पाता मुझे ग़लत मत समझना पर में क्या करूँ में अपने दिल पर काबू नही रख पा रहा हूँ और हां में आप से ऐसी कोई उम्मीद नही रखता जिससे आप को परेशानी हो क्योंकि में आपकी दोस्ती नही खोना चाहता अगर आपको मेरी किसी बात का बुरा लगा तो मुझे माफ़ कर देना
ये बातें सुन कर काजल को ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उसके पैरो तले से ज़मीन खिसक जाएगी वो शरम के मारे जैसे ज़मीन में गढ़ी जा रही थी डर और लाज से उसका चहरा लाल हो चुका था
अमन; में आप से प्यार करने लगा हूँ
काजल: एक दम सकपका गयी ) नही अमन ये ठीक नही है में अपने पति से धोखा नही कर सकती मेरी शादी हुई उनसे मैने उनका साथ देने की कसम खाई है नही में ऐसा नही कर सकती ये ग़लत है अमन ये ग़लत हैं
और काजल ने अपना हाथ अमन के हाथ से छुड़ा लिया काजल मूड कर रूम से बाहर जाने लगी
अमन:एक मिनिट रूको में कब कह रहा हूँ कि तुम अपने पति से धोका करो मेने तो बस अपने दिल की बात तुम्हें यानी अपने दोस्त को बताई है ये ज़रूरी नही है कि जो फीलिंग्स मेरे दिल में आपके लिए है वैसी ही आप के दिल में मेरे लिए हो हम लवर्स ना सही पर फ्रेंड्स तो बन सकतें हैं
काजल ने राहत की साँस ली अमन काजल के नज़दीक आकर उसके पीछे खड़ा हो गया और अपने दोनो हाथों को काजल के कंधों पर रखते हुआ बोला सॉरी मैने अपने दिल की बात बताने में कुछ जल्दी कर दी काजल अपने कंधों पर अमन के हाथ महसूस करके सिहर उठी उसकी पीठ अमन की तरफ थी काजल को अमन की चेस्ट अपनी पीठ पर सटी हुई महसूस हो रही थी काजल चाह कर भी हिल नही पा रही थी वो सोच रही थी आख़िर उसे क्या हो रहा है जब भी वो अमन के पास होती है उसे क्या हो जाता है अमन ने काजल के कंधों को पकड़ कर उसे अपनी तरफ घुमा लिया काजल की आँखें लाल हो चुकी थी गाल एक दम लाल हो चुके थे
अमन: आइ आम सॉरी प्लीज़ एक बार और मुझे माफ़ कर दो
काजल काँपती आवाज़ में) कोई बात नही
अमन के हाथ अभी काजल को उसके कंधों से थामे हुए थे जो अब थोड़ा सरक कर उसकी बाहों पर आ चुके थे काजल का बदन जैसे दोहरा होता जा रहा था वो चाह कर भी कुछ नही कर पा रही थी
अमन: चलो प्यार ना सही पर क्या आप अपने इस दोस्त की एक हसरत को पूरा कर सकती हैं
काजल सोच में पड़ गयी काजल सोचने लगी अब अमन कोई ऐसे वैसे बात नही करेगा क्योंकि मैने उसे मना कर दिया है वो अपनी दोस्ती की हद में रह कर ही कुछ बोलेगा
काजल:जी बोलिए में ज़रूर पूरी करूँगी
अमन:सोच लो दोस्ती की है फिर मना मत करना
काजल: नही करती
अमन: (कुछ देर चुप रहने के बाद ) में चाहे आप को पा ना सकूँ पर मेरे दिल की ये हसरत है कि में एक बार आपके लाल गुलाबी गालों को चूमू बस एक बार आप मेरी इस हसरत को पूरा कर दो में दुबारा कभी आपको तंग नही करूँगा मुझे दुनिया का सबसे कीमती तोहफा मिल जाएगा जिसे में कभी नही भूलूंगा प्लीज़ मना मत करना
काजल एक दम से घबरा गयी उसे समझ में नही आ रहा था कि वो कैसे रिक्ट करे क्या जवाब दे काजल अपना सर झुकाए खड़ी थी
अमन: बोलो दोगी ना
काजल बिना कुछ बोले सहमी सी खड़ी रही
अमन: कोई ज़बरदस्ती नही है चलो सिर्फ़ हां या ना बोल दो
पर काजल तो मानो जैसे बोलना ही भूल गयी हो
अमन: ओके एक काम करतें हैं अगर आप को बताने में शरम आ रही हैं तो में आपकी तरफ पीठ करके खड़ा हो जाता हूँ
अगर आप 1 मिनट के बाद भी मैने आपको यहीं पाया तो आप का जवाब हां है और अगर आप नही चाहती तो आप यहाँ से चली जाना में समझ जाउन्गा कि आप ये नही चाहती बस एक किस वो भी गाल पर
और अमन ने काजल के कंधों को छोड़ दिया और उसकी तरफ पीठ करके खड़ा हो गया काजल का जिस्म काँप रहा था उसके दिल की धड़कने तेज हो चुकी थी उसे समझ में नही आ रहा था आख़िर वो क्या करे काजल ने अपना कदम वापिस जाने के लिए उठाया पर कदम आगे ना बढ़ा सकी काजल शरम उतेजना डर और मान मर्यादा के घेरे में जैसे फँस कर रह गयी उसका एक दिल कर रहा था कि ये ग़लत है उसे बाहर चले जाना चाहिए पर ना जाने वो क्यों हिल नही पा रही थी फिर ये सोच कर उसने अपना उठाया हुआ कदम वापिस नीचे रख लिया कि अमन नाराज़ ना हो जाए वो नज़ाने क्यों अमन को उदास नही देख पाई थी काजल वहीं नज़रें झुकाई खड़ी रही
अमन: अब में वापिस घूमने वाला हूँ जल्दी अपना फैंसला कर लो
काजल के दिल के धड़कने बढ़ गयी अमन उसकी तरफ पलटा और उसके होंठो पर ख़ुसी से भरी मुस्कान आ गयी
अमन;आज भगवान ने मेरी सुन ली आप जानती नही हो में कितना खुश हूँ
अमन काजल के पास आ गया काजल का बदन काँपने लगा और आने वाले वक़्त के बारे में सोच कर उसका जमीर तक अंदर से हिल गया अमन ने अपने दोनो हाथों से काजल के खूबसूरत चहरे को अपने हाथों में ले लिया और उसे ऊपर की ओर उठा लिया काजल अपनी अध खुली आँखों से अमन को देख रही थी पर वो अमन से नज़रें नही मिला रही थी अपने गालों पर अमन के हाथ का स्पर्श पा कर काजल एक दम से सिहर गयी उसे लग रहा था जैसे उसका दिल धड़कना बंद कर देगा अमन अपने होंठो को काजल के गालों के पास ले गया अमन की गरम साँसें अपने होंठो और गालों पर पड़ते ही काजल के रोएँ खड़े हो गये पूरे बदन में मस्ती की लहर सी दौड़ गयी आँखें मस्ती में बंद होने लगी अपनी पूरी ताक़त लगा कर काजल अपने आँखों को खोलने की कोशिस कर रही थी
अमन: कर लूँ
काजल: बिना कुछ बोले खड़ी रही
अमन ने अपने होंठो को काजल के होंठो के बिल्कुल पास उसके गाल पर लगा कर एक दम से हटा लिया
काजल के पूरे बदन में करेंट सा दौड़ गया अमन का लंड उसके शॉर्ट्स में तन कर खड़ा हो चक्का था जो काजल की लेफ्ट जाँघ पर साड़ी के ऊपर से रगड़ खा रहा था काजल को ऐसा लगा रहा था जैसे उसके पैरों में जान नही बची हो अमन जो एक बार उसके गाल को हल्के से चूम चुका था अभी भी उसके फेस को अपने हाथों में थामे हुए था अमन ने फिर से एक बार काजल के गालों को किस किया इस बार अमन के होंठ काजल के होंठो के बिल्कुल नज़दीक थे काजल वासना में डूबने लगी थी उसकी आँखें बंद हुई जा रही थी उसके बदन में मस्ती की लहर दौड़ गयी
अमन:बोलो ना कर लूँ (अब तक अमन काजल के गाल को दो बार चूम चुका था
काजल:हुउँ (बस काजल इतना ही बोल पे और उसने अपनी आँखें बंद कर ली)
अमन ने अपने होंठो को काजल के गाल से सटा दिया और धीरे-2 अपने होंठो को काजल के गाल पर रगड़ने लगा काजल का जिस्म मचल उठा चूत में सिहरन होने लगी बरसो की तड़प रही चूत और तडफ कर चुलबुलाने लगी चूत में गीला पन महसूस होने लगा काजल मस्ती के सागर में डूबने लगी बदन में करेंट सा दौड़ने लगा अमन ने हिम्मत जुटा कर अपने होंठो को धीरे से काजल के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठो से लगा दिया एक नरम और सॉफ्ट किस करने के बाद अमन ने अपने होंठो को फिर से काजल के होंठो के पास चिन पर रगड़ने लगा अपने होंठो पर अमन के होंठ महसूस करके काजल और ज़्यादा वासना में डूबने लगी काजल ने दोनो हाथों से अमन की कमर के पास टी-शर्ट को पकड़ लिया उसकी उतेजना इतनी बढ़ चुकी थी कि उसने अमन की टी-शर्ट को कस के पकड़ लिया अमन ने देखा कि काजल एक दम गरम हो चुकी है अब वो बिल्कुल विरोध नही कर रही तो अमन ने मोके का फ़ायदा उठाते हुए फिर से अपने होंठो को काजल के होंठो पर रख दिया और छोटे -2 किस करने लगा जैसे ही अमन काजल के होंठो को 2 सेकेंड तक चूम कर अपने होंठो को हटाता तो काजल आँखें बंद किए अपने काँपते होंठो को फिर से अमन के होंठो के छूने का इंतजार करने लगती अमन बार -2 काजल के होंठो को चूम रहा था काजल भी मस्त हो चुकी थी 3 4 बार अपने होंठो पर अमन के होंठो को महसूस करके इसबार काजल ने अपने होंठो को थोड़ा सा खोल लिया
अमन ने जब काजल के काँपते हुए तड़पते होंठो को देखा तो अमन और गरम हो गया और अपने होंठो को काजल के होंठो से लगा दिया इस बार अमन ने अपने होंठो को हटाया नही काजल कसमसा गयी और आँखें बंद किए हुए अपने होंठो को खोल कर अमन के होंठो को सोन्प दिया अमन धीरे-2 काजल के होंठो को चूसने लगा काजल मस्ती से सरोबार हो चुकी थी काजल ने अपने हाथों से अमन के हाथों को पकड़ कर ज़ोर लगा कर पीछे किया अमन के होंठ काजल के होंठो से अलग हो गये काजल ने अपनी आँखों को खोला जिसमे वासना के लाल डोरे तैर रहे थी उसकी साँसें तेज़ी से चल रही थी दोनो की नज़रें मिली काजल ने अपनी नज़रें झुका ली और बोली अब बस पर अमन ने अपने हाथों से काजल के गालों को थामे रखा और फिर से अपने होंठो को काजल के होंठो से लगा दिया काजल छूटने के लिए थोड़ा कस्मसाइ पर फिर शांत पड़ गयी
अमन जी भर कर के काजल के होंठो को चूस रहा था 2 मिनट और काजल के होंठो का रस्पान करने के बाद अमन ने अपने होंठो को हटा लिया काजल तेज़ी से साँसें ले रही थी उसने अपनी आँखें खोली पर वो अमन की तरफ ना देख पाई अमन के हाथ अभी भी उसके फेस पर थे अमन ने थोड़ी देर काजल के काँपते होंठो को देखा और फिर से अपने होंठो को काजल के होंठो की तरफ बढ़ाने लगा काजल के होंठ अमन के होंठो का सपर्श पाने के लिए तड़प उठे और काजल ने अपनी आँखें बंद कर के अपने काँपते होंठो को थोड़ा सा खोल दिया लेकिन तभी किसी ने बाहर से दस्तक दी काजल एक हड़बड़ा कर घबरा गयी और जल्दी से पीछे हट कर बाहर आ गयी और सीधा अपने रूम में गयी और शीशे के सामने खड़ी हो कर खुद को देखने लगी और रुमाल से अपने होंठो पर फैली लिपस्टिक को सॉफ किया और बाहर आकर दरवाजा खोला सामने पड़ोस की आंटी खड़ी थी जिसके घर पर सीमा और रीमा गयी थी उस औरत के हाथ में एक प्लेट थी जिसमे कुछ मिठाइयाँ रखी हुई थी और वो प्लेट काजल को देकर चली गयी काजल डोर लॉक करके प्लेट को किचन में रख कर अपने रूम में आ गयी और डोर को अंदर लॉक कर लिया
काजल बेड पर बैठ गयी वो सोचने लगी हे भगवान में ये क्या करने जा रही थी ये मुझे क्या होगया था अब में विजय के सामने कैसे जा पाउन्गी नही में उनके साथ धोखा नही कर सकती वो मेरा कितना ख्याल रखते हैं में आगे से सब कुछ नही होने दूँगी पर पता नही जब में अमन के साथ होती हूँ तो में क्यों मंत्रमुग्ध हो जाती हूँ क्यों में खुद ही उसकी तरफ खींची चली जाती हूँ में उसको रोक क्यों नही पे मुझे उसे रोक देना चाहिए था काजल के मन में इन्ही सवाल का तूफान उमड़ा हुआ था जिनका जवाब खुद काजल ही को देना था दूसरी तरफ अमन बहुत खुश था और खाना खा रहा था अमन ने सोचा चलो आज मैने काजल को पाने के लिए पहला कदम तो बढ़ा दिया और मुझे जीत ही मिली अब चाहे कुछ भी हो जाए में काजल को हासिल करके ही रहूँगा अमन खाना खा कर लेट गया अमन ख़ुसी में पागल हुआ जा रहा था अमन बेड पर लेटा हुआ सो गया उसकी आँख कब लगी उसे पता नही चला शाम के 5 बाज चुके थे पर अमन उठा नही था सीमा और रीमा वापिस आ चुकी थी पर सीमा ने उसे उठाया नही था काजल ने शाम के लिए चाइ तैयार कर ली रीमा और सीमा आँगन में चारपाई पर बैठी बातें कर रही थी काजल चाइ की ट्रे लेकर उनके पास आई और दोनो को चाइ दी
काजल:माजी ये चाइ अमन के लिए है आप दे आओ
रीमा;क्यों तुझे क्या हुआ मेहमानो से अब काम करवाओगी जा खुद ही देकर आ
काजल: (अपनी सास का कड़ा रुख़ देख कर थोड़ा घबरा गयी) जी मा जी
और काजल चाइ लेकर कमरे के तरफ जाने लगी अंजाना डर उसके मन को खाए जा रहा था उसे समझ में नही आ रहा था की वो अब अमन के सामने कैसे जाए काजल काँपते हुए कदमों के साथ अमन के रूम की तरफ बढ़ रही थी जैसे -2 कमरा नज़दीक आ रहा था उसके हाथ पैर और तेज़ी से काँपने लगे काजल रूम के डोर के पास पहुँच कर खड़ी हो गयी उसके कदम रूम की दहलीज पर मानो जैसे जम से गये हों रीमा और सीमा आँगन में बैठी ये सब देख रही थी और मुस्कुरा रही थी
रीमा(उँची आवाज़ में ) अब क्या हो गया खड़ी क्यों है
काजल एक दम से घबरा गयी और रूम के अंदर चली गयी रीमा और सीमा दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगी काजल ने देखा अमन अभी भी सो रहा था उसने चाइ के कप को टेबल पर रख दिया और बेड के पास गयी जैसे ही वो बेड के पास पहुँची उसके कदम वहीं जम गये अमन का लंड शॉर्ट्स में एक दम तन कर टेंट बनाए हुआ था काजल की नज़र वहीं अटक गयी दिल में एक बार फिर से खलबली मचलने लगी हाथ पैर मानो सुन्न पड़ गये हों काजल अपनी चूत में हो रही सरसराहट को महसूस कर रही थी अब उसे अमन को उठाना था काजल ने धीरे से उसे पुकारा पर अमन मानो जैसे घोड़े बेंच कर सो रहा था काजल की नज़रें कभी शॉर्ट्स में उठे हुए उभार को देखती तो कभी अमन के भोले मासूम से दिखने वाले चेहरे को अमन के गुलाबी होंठ देख कर उसको दोपहर की घटना याद आ गयी जब अमन अपने गुलाबी होंठो से काजल के नरम मुलायम होंठो को चूस रहा था उसे ऐसा लग रहा था जैसे मानो अमन अभी उठ जाएगा और अपने होंठो से उसके तड़पते होंठो की प्यास बुझा देगा फिर काजल ने हिम्मत करके अमन के हाथ को पकड़ कर हिलाया अमन अचानक से उठ कर बैठ गया अपनी आँखों के सामने काजल को देख कर अपनी आँखों को मलते हुए कहा
अमन:कहीं में सपना तो नही देख रहा कि दुनिया के सबसे हसीन और खूबसूरत लड़की मुझे उठाने आई है वाहह आज का दिन तो में कभी नही भूलूंगा
काजल ये बात सुन कर शरमा कर मुस्कराने लगी
काजल;चलो चाय पीलो
अमन एक दम से बेड से नीचे उतरा और काजल के हाथ को अपने दोनो हाथों में पकड़ लिया काजल एक दम से घबरा गयी अमन दोनो घुटनों के बल काजल के सामने बैठ गया और काजल के हाथ को चूम लिया काजल के बदन में मानो जैसे करेंट दौड़ गया काजल ने अपना हाथ वापिस खींचा और बोली कि माँ जी घर पर हैं और ये कह कर जल्दी से बाहर चली गयी अमन वहाँ खड़ा मुस्कराने लगा अमन चाइ का कप उठा कर बाहर आँगन में आ गया अमन का लंड अभी भी तना हुआ था जो उसके शॉर्ट्स में इधर उधर हिल रहा था अमन को बाहर ऐसे देख सीमा और रीमा की नज़रें उसके तने लंड पर जा अटकी दोनो मुस्कराने लगी
रीमा:भाभी में ज़रा अंदर जाती हूँ तुम अमन से पूछो मामला आगे बढ़ा कि नही
और रीमा उठ कर अंदर चली गयी सीमा ने अमन को आवाज़ देकर अपने पास बुला कर चारपाई पर बैठा लिया
सीमा:धीरे से) बता ना क्या हुआ
अमन:क्या होना था कुछ नही
सीमा: मज़ाक ना कर जल्दी बता फिर हम आगे के बारें में सोचे
अमन ने सीमा को सारी बात विस्तारपूर्वक बता दी सीमा के होंठो पर मुस्कान आ गयी
सीमा:बस अब ये समझ ले मंज़िल नज़दीक हैं घबराना नही
अमन: मैने आप से सीखा है मौसी में घबरा नही सकता
सीमा मुस्कराने लगी
अमन: में ज़रा अपनी जान से तो मिल लूँ
सीमा:हां जाओ किसने रोका है किचन में ही है में और दीदी ज़रा बाहर खेतों की तरफ सैर कर आते हैं मौसम भी बहुत अच्छा है और सीमा ने रीमा को इशारे से अपने पास बुलाया और दोनो घर से निकल गये दोनो के जाने के तुरंत बाद अमन ने झट से में डोर अंदर से बंद कर लिया और किचन की तरफ चल पड़ा अमन जैसे ही किचन में पहुँचा तो देखा काजल बर्तन सॉफ कर रही थी उसकी पीठ अमन की तरफ थी अमन अंदर आ गया और चाइ का कप सेल्फ़ पर काजल के पास रख दिया
अमन:ये लीजिए में अपना खाली कप यहाँ ही ले आया
काजल एक दम से सकपका गयी वो बिना कुछ बोले वहीं खड़ी बर्तन सॉफ करती रही काजल को कुछ ना बोलता देख अमन काजल के पीछे खड़ा हो गया और अपने दोनो हाथ उसके कंधो के पास उसकी बाहों पर रख कर पकड़ लिया काजल एक दम कांम्प गयी
काजल:छोड़ो मुझे माँ जी आ जाएँगी
अमन:तुम अपनी माँ जी से इतना डरती क्यों हो कुछ नही होता नही आएँगी अंदर वो बाहर मौसी के साथ बैठ कर बातें कर रही है
काजल: कसमसाते हुए) नही ये बात नही है भगवान के लिए में तुम्हारे सामने हाथ जोड़ कर कहती हूँ मुझे छोड़ दो मुझे सब अच्छा नही लगता प्लीज़ छोड़ दो ये ठीक नही है में ऐसा नही कर सकती बाहर जाओ(अमन अब तक समझ चुका था कि घी सीधी उंगली से निकलने वाला नही है)
अमन:ठीक है चला जाता हूँ बस एक बार और अपने होंठो का रस पिला दो
काजल: अमन बस बहुत हो गया मुझे तुमसे कोई दोस्ती नही करनी जाओ यहाँ से अगर माँ जी को पता चल गया तो हम दोनो के लिए ठीक नही होगा जाओ बाहर जाओ कोई अंदर ना आ जाए
अमन: में ऐसे नही जाउन्गा बस एक बार
काजल: रुआंसी सी होकर) प्लीज़ अमन तुम ऐसे क्यों कर रहे हो मेरे लाइफ बर्बाद मत करो में शादीशुदा हूँ और में अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ और वो भी मुझे बहुत प्यार करते हैं
अमन: में कुछ नही जानता में बस इतना जानता हूँ कि में तुमसे प्यार करता हूँ
काजल:पर में तुम से प्यार नही करती तुम बाहर जाओ में कह रही हूँ ना माँ जी अंदर आ जाएगी
अमन:पहले एक किस दे दो में चला जाता हूँ
काजल: देखो जो दोपहर में हुआ बस मेरी एक भूल थी अब में वो भूल दोबारा नही कर सकती बच्चो की तरह ज़िद ना करो मेरी मजबूरी को समझो जाओ यहाँ से
अमन: नही जब तक किस नही दोगी में नही जाउन्गा
काजल: देखो बच्चों जैसे बात ना करो
अमन;मुझे कुछ नही सुनना बस एक किस
और अमन ने काजल के कंधों को दोनो हाथों से पकड़ कर अपनी तरफ घुमा लिया और अपने होंठो को काजल के होंठो के तरफ बढ़ाने लगा काजल पीछे की तरफ झुकने लगी और उसकी पीठ मुड़ने लगी और सेल्फ़ पर झुक सी गयी अमन भी आगे की तरफ झुकता गया
काजल: अमन प्लीज़ नही कोई आ जाएगा प्लीज़
और अमन ने काजल के होंठो को अपने होंठो में ले लिया काजल ने अपनी आँखें बंद कर ली और मन में दुआ करने लगी कि कोई अंदर ना आए अमन ने काजल को होंठो को होंठो को चूसना चालू कर दिया काजल अपने होंठो को आपस में भींचे हुए थी अमन अपनी जीभ को काजल के मुँह में धकेलने लगा काजल ने अमन से जल्दी छुटकारा पाने के लिए अपना मूँह खोल लिया और अमन काजल के होंठो का रस्पान करने लगा काजल ना चाहते हुए भी गरम होने पर उसके दिमाग़ में किसी के अंदर आ जाने का डर भी लगा हुआ था काजल ने अमन को पीछे धकेल दिया
