शीला की जवानी 1

देवर भाभी

मैं तो बीयर पीने के बाद प्रेम के साथ सेक्स करने लगी, उसका लंबा लन्ड मुझे भा गया और उसके काम कला का तरीका मुझे बेहद मजा दिया जबकि मेरा पति विवेक तो सिर्फ मेरी चूत चोदना या गांड़ चोदना जानता था, मैं बेड पर नंगे लेटी हुई तो उम्र ( ३२ वर्ष ) के साथ चूचियां भी बड़ी बड़ी हो गई और बदन भी थोड़ा मांसल हो गया, विवेक का मेरे में रुचि नहीं के बराबर रहा तभी देवर जी यहां रहने आए और दोनों एक ही दिन में एक दूसरे के करीब आ गए, उनकी उम्र २५ साल होगी साथ ही चौड़ी छाती तो लंबा कद साथ ही उनके साथ संभोग कर तृप्त हुई थी और बेड पर प्रेम आकर मेरे बदन को सहलाने लगा फिर पूछा ” शीला तुझे आगे से दूं या पीछे से

( मैं हंस दी ) तेरी मर्जी देवर जी वैसे पीछे से डालते तो मजा आता आखिर साल बीत गए जब आपके भैया उसमें अपना औजार डाले थे ” फिर प्रेम मुझे पट लेटने को बोला और मैं चेहरा को नीचे की ओर किए लेटी तो चूतड ऊपर की ओर था, प्रेम मेरे चूतड पर हाथ फेरता हुआ पीठ को चूमने लगा और बोला ” तेरी जैसी मस्त माल को तो रोज चार बार चोदूं फिर भी मन नहीं भरे

( मैं चेहरा पीछे की ), तो फिर तू मुझसे ब्याह कर ले क्यों ” प्रेम चुप रहा और मेरे पीठ को चूमता हुआ चूतड के दरार में उंगली डाल रगड़ने लगा तो मैं बेड से अपनी चूचियां रगड़ते हुए अपने कामुकता को वश में कर रखी थी, अब प्रेम मेरे गांड़ के मुहाने को उंगली से फैलाया फिर जीभ से चाटने लगा और मैं तो बेड पर छटपटाने लगी ” आह ओह उई कितनी खुजली होने लगी यार
( प्रेम बोला ) तू जरा अपनी कमर ऊपर कर ” फिर वो मेरे कमर के नीचे तकिया लगाया साथ ही मेरे दोनों जांघो को फैलाया, मेरे गांड़ में जीभ घुसाए चाटना शुरु किया तो चूत के फांक में उंगली डाल रगड़ने लगा और मैं आहें भरने लगी ” आह ओह उह उई आआआआह्ह्हह मुझे चोद दो डियर

( प्रेम गांड़ चाटना छोड़ दिया और बोला ) तू घुटने के बल हो जा साली ” मैं झट से घुटने और कोहनी के बल हुई फिर प्रेम मेरे गांड़ के मुहाने को उंगली से फैलाया और उसमें क्रीम की ट्यूब का अगला हिस्सा घुसा दिया तो क्रीम पिचकारी की तरह अंदर गिरी फिर ट्यूब निकाल अपना लन्ड को घुसाने लगा, मैं पीछे मुड़कर बोली ” क्रीम से तो अंदर गीला कर दिए

( प्रेम मेरे कमर पकड़े गांड़ में धक्का मारा और उसका पूरा लन्ड मेरी गांड़ में था ) उई मां फाड़ दिया मेरी गांड़ आराम से गांड़ चोद ना साले ” लेकिन प्रेम पूरे गति से गांड़ चोदता हुआ मेरे कमर को कसकर पकड़ रखा था और मेरी गांड़ में लंबे अरसे से लन्ड नहीं घुसा था सो मुझे अधिक दर्द होने लगा फिर मैं उसके लन्ड का धक्का सहते हुए मस्त थी और प्रेम मेरे छाती से लटकते चूची को पकड़ दबाने लगा, मैं पीछे मुड़कर देखी और अपने कमर को हिलाना शुरु की तो प्रेम चोदता हुआ बोला ” वाह क्या बात है, तुरंत में गांड़ फट रही थी और अब खुद मजे ले रही है

( मैं बोली ) हां प्रेम गांड़ की चुदाई काफी अरसे बाद हो रही है इसलिए आराम से चोद ” और प्रेम का लन्ड तो मेरी गांड़ में धक्का दे देकर गर्म कर दिया था, मैं पीछे मुड़कर उसे इशारे से लन्ड बूर में डालने को बोली और वही उसकी भी चाहत थी तो प्रेम लन्ड को गांड़ से निकाल चूत में घुसाया फिर धक्का देने लगा तो मैं थोड़ी राहत महसूस कर रही थी और चूतड हिलाना शुरु की तो प्रेम पूछा ” डार्लिंग गांड़ में रस या फिर बूर में

( मैं बोली ) अबे साले तेरा लन्ड इतनी जल्दी झड़ जाएगा मैं तो तृप्त भी नहीं होंगी
( प्रेम का लन्ड मेरी बूर में गपागप अंदर बाहर हो रहा था ) ओह सेक्सी पूछ रहा हूं अभी तो लन्ड के झड़ने में काफ़ी वक्त है ” तब जाकर मैं खुश हुई और प्रेम चोदता हुआ मस्त था तो मैं चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए उसका साथ दे रही थी, मेरी चूत भी काफी गर्म हो चुकी थी और मैं बोली ” डियर तेजी से धक्का दो ना ताकि चूत से रस निकल जाए और मैं फिर आराम से गांड़ चुदाऊं ” तो प्रेम तेज धक्का देने लगा, मेरी चूत से रस निकला फिर मैं पेटीकोट को छाती से बांधकर वाशरूम चली गई।

आज तो दिन में खाना भी नहीं बनाना था इसलिए देवर जी के संग सेक्स करना था जब तक रवि स्कूल से वापस नहीं आ जाता और अभी उसके आने में दो घंटे का वक्त था, मैं वापस बैडरूम आई तो प्रेम फ्रेश होने चला गया और मैं बेड पर लेट एक चादर तन पर डाल ली, वो वापस आए तो मैं उनको देख रही थी खासकर उनके लन्ड का उभार टॉवल पर स्पष्ट दिख रहा था तो प्रेम बेड पर बैठ मेरे तन पर से चादर हटाया फिर एक तकिया लेकर मेरे चूतड के नीचे लगा दिया, उसके हाथ में क्रीम का ट्यूब था तो मुझे भी गांड़ चुदाई की इच्छा थी और वो मेरे पेटीकोट के नाड़ा को खोल मेरे कमर से नीचे किया फिर पैर से बाहर निकाल दिया। मैं नंगे लेटी रही तो प्रेम मेरे जांघो को फैलाया फिर चेहरा बूर पर लगाए चूमने लगा तो मैं मस्त हो रही थी, किसी भी लड़की या औरत की चूत को यदि मर्द चाटे या प्यार करे तो उसे बहुत मजा आता है और मेरी चूत को छोड़ प्रेम मेरे गांड़ के मुहाने को उंगली से फैलाया फिर जीभ डाल चाटना शुरु किया तो मैं सिसक रही थी ” आह ओह उह आआह्हह्ह् बूर में गुदगुदी और गांड़ में आग लगा दिए हो यार अब गांड़ चोद उसको तृप्त करो ” देवर जी गांड़ में जीभ घुसाए चाट रहे थे फिर चेहरा ऊपर कर बोले ” अब क्रीम लगा रहा हूं फिर अंदर डालूंगा तो आखिर तक इसे ही चोदूंगा

( मैं हंस दी ) क्यों नहीं प्रेम आराम से अच्छे अच्छे मर्द गांड़ में देर तक टिक नही पाते ” और वो गांड़ में क्रीम लगाया फिर घुटने के बल बैठ लन्ड को चूत से नीचे यानी गांड़ में घुसाने लगा, उसका आधा लन्ड तो खसखसाता हुआ गांड़ में घुस गया फिर वो आराम से लन्ड घुसाने लगे, कोमल गुदाज गांड़ में लन्ड घुस रहा था या फिर लोहे का खंजर मैं जान रही थी लेकिन औरत जात की यही तकदीर है की टांग चिहारे और लन्ड से चुदाये तो मेरे चेहरे पर थोड़ी सिकन थी ” आह ओह उह देवर जी तेजी से धक्का देकर चोदिये ना क्यों मुझे तड़पा रहे हैं ” और प्रेम थोड़ा लन्ड बाहर कर जोर से धक्का मार चोदने लगा तो मैं चिल्ला उठी ” आह फट गई मेरी गांड़

( वो चोदता हुआ ) चूपकर साली गांड़ चुदाने में मस्ती है ना की दर्द ” मैं लेटकर प्रेम के लन्ड से गांड़ चुदवाने लगी और देवर जी मेरे बूब्स दबाते हुए मस्त थे, मैं अब उनका लन्ड गांड़ में लिए सहज महसूस करने लगी ” अब तेजी से चोद साले भंडवे क्यों लन्ड में ताकत नहीं है क्या
( वो धक्का देता हुआ बोला ) ताकत तो है साली तब तो तेरी गांड़ चोदकर तुझे तड़पा रहा हूं ” और अब तो गांड़ की चिकनाहट भी खतम हो चुकी थी तो मैं लेटी हुई अब गांड़ में वीर्य स्खलित होने का इंतजार कर रही थी ” आआह ओह आआआआह्ह्ह् अब बस कीजिए ना मेरी गांड़ में आग लगी है प्लीज बुझा दीजिए

( प्रेम चोदता हुआ हांफने लगा ) अभी तो देर है समझी अभी गांड़ को आग की भट्टी बना कर ही छोड़ूंगा ” मैं उसको इशारा की तो वो लन्ड को गांड़ से निकाल लिया और मैं फ्रेश होने गई, वापस आकर बेड पर कोहनी और घुटनों के बल हो गई तो प्रेम मेरे चूतड को चूमने लगा फिर लन्ड को गुदाज गांड़ में घुसाते हुए मेरे पीठ सहलाने लगा, मेरी गांड़ तो इसके लन्ड से चुदवाकर मस्त हो चुकी थी तभी प्रेम जोर से धक्का मारा और मैं चिंहुक उठी ” उई मां मर गई आह ओह उई आह आह्हह्ह चोद साले मेरी गांड़ का कचूमर तो निकाल दिया ” और प्रेम का लौड़ा मेरी गांड़ में खंजर की तरह चुभ रहा था फिर भी इसका मजा ही अलग था, मैं अब चूतड को हिलाना शुरु की तो प्रेम भी चोदता हुआ मेरे सीने से लटकते चूची को पकड़ दबाने लगा और कमरे में पूरी खामोशी थी इतने में प्रेम जोर जोर से धक्का देने लगा और मैं तो चूतड हिला ही रही थी ” आह ओह उह शीला अब मेरा निकलने पर है ” फिर ७-८ धक्का गांड़ में दिया की वीर्य स्खलित होकर गांड़ को गीला कर दिया, वो लन्ड निकाला तो मैं उसे मुंह में लेकर चूसने लगी फिर दोनों फ्रेश हुए और आराम करने के बाद साथ में खाना खाए।

दोनों कुछ दिनों तक खूब मजा लिए फिर खबर मिला की सासु मां बीमार हो गई हैं तो देवर जी के साथ मुझे गांव जाना पड़ा और मेरा बेटा आरा में ही अपने मामा जी के पास रहता, मेरा ससुराल समस्तीपुर के पास है तो एक ट्रेन के स्लीपर क्लास में दोनों का टिकट बना फिर मैं और देवर जी साथ ही समस्तीपुर के लिए निकले और शाम के ०६:०० बजे गांव पहुंचे, सासु मां की तबियत काफी खराब थी और उन्हें डॉक्टर ने कुछ दवाई के अलावा स्लाईन चढ़ाने को बोला था, मैं पहुंची तो सासु मां को स्लाइन चढ़ रहा था और मैं हाथ पैर धोकर उनके पास गई और चरण स्पर्श की तो मेरी ननद श्वेता हम दोनों के लिए चाय बनाईं फिर मैं, देवर जी, ननद सब साथ में बैठकर चाय पीने लगे और सासु मां के स्वास्थ्य पर बातें होने लगी, तभी घर का नौकर रामू आया और मुझे देख मुस्कुराया फिर मेरी ओर आकर मेरे पैर छुआ तो मैं उसे आशीर्वाद दी, रामू २१-२२ साल का छोकरा होगा जोकि कई साल से हम लोगों के घर में ही रहता है और घर के कई तरह के काम काज को निपटाता है। मैं तो थोड़ी थकान महसूस कर रही थी तभी श्वेता खुद बोली ” भाभी आप यात्रा से आई हैं जाकर आराम कीजिए

( मैं बोली ) ठीक है ” फिर मैं उठकर नीचे के ही रूम में गई और पर्दा खींच अपने साड़ी उतारने लगी, पेटीकोट और ब्लाऊज़ पहन बैग खोल रही थी ताकि नाईटी निकाल पहन सकूं इतने में रामू मेरे रूम में आया और मैं तो झुकी हुई कपड़ा निकाल रही थी तभी मेरी नजर उस पर पड़ी तो उसकी नजर मेरे बूब्स जोकि ब्लाउज से बाहर की ओर झांक रही थी पर थी और मैं झट से सीधे खड़ी हुई फिर नाईटी को पकड़े छाती पर रख चुचियों को ढकने लगी ” रामू बिना दरवाजा नॉक किए अंदर घुस आए और क्या देख रहा था
( वो डर से सहमा हुआ था ) कुछ नहीं दीदी बस सोचा की पूछ लूं यदि कोई काम मुझसे हो ” मैं हंस दी फिर नाईटी को छाती पर से हटाकर बेड पर रख दी ” श्वेता और सासु मां किधर हैं
( वो बोला ) दीदी बदन मालिश कराने की सोच रही हैं क्या

( मैं बोली ) हां रामू लेकिन अभी नही रात को तू इस रूम में आ जाना फिर मालिश कराऊंगी ” और फिर रामू चला गया तो मैं रामू को आज रात नंगा कर मजा लेना चाहती थी वैसे भी मुझे बाहरी खाने का स्वाद मिल चुका था, तभी मैं ब्लाउज और पेटीकोट उतार नाईटी पहन ली फिर बेड पर लेट गई, गांव का माहौल तो रात ०९:३० बजे तक सब लोग खाना खाए फिर अपने अपने बेड पर चले गए, मुझे या तो श्वेता के साथ बेड पर सोना पड़ता या फिर बरामदे पर क्योंकि फर्स्ट फ्लोर पर तो देवर जी का कमरा था और बरामदे के एक ओर रामू का बेड था, मैं अब श्वेता के रूम में घुसी तो वो पूछी ” भाभी क्या आप यहीं सोएंगी

( मैं बोली ) बरामदे पर भी अच्छी नींद आयेगी क्या वहां कोई दिक्कत
( श्वेता हंस दी ) क्या है की मां को स्लाइन चढ़ना भी बंद हो गया फिर भी उन्हें कुछ जरूरत होगी तो आप की नींद खराब हो जायेगी, आप यहीं आराम से सोइए ” फिर मैं दरवाजा सटाकर बेड पर लेट गई, कमरे में एक नाईट बल्ब थी लेकिन बत्ती गुल होने के कारण रूम मे अंधेरा था और बरामदे पर एक लैंप जल रही थी, मैं बेड पर लेटी फिर थोड़ी देर में ही मुझे नींद आ गई।

शीला गहरी निंद्रा में सो रही थी और अचानक मेरी आंखें खुली जब मुझे किसी के हाथ का एहसास अपने बूब्स पर महसूस हुआ, मैं उसके हाथ पकड़ ली फिर उठकर बैठी तो बेड पर रामू था और मैं नाईट बल्ब की रोशनी मे उसे देखते हुए पूछी ” क्या क्या किया रामू
( वो बोला ) दीदी अभी तो श्वेता दीदी को खर्राटे भरते सुना तब हिम्मत करके रूम में घुस पाया ” मैं उठी और रूम से बाहर निकल गई फिर बाथरूम जाकर फ्रेश हुई, सब लोग नींद मे थे और मैं रूम आई फिर दरवाजा बंद कर बेड के पास खड़ी रही तो रामू बेड पर से उठकर खड़ा हुआ और मैं उसको देखते हुए नाईटी की डोरी को खोल दी फिर उसे इशारे से करीब आने बोली तो वो मेरे सामने आकर खड़ा हो गया, मैं उसके हाथ पकड़ अपने नाईटी में घुसाई ” रामू जिधर मालिश करने की इच्छा हो करो लेकिन
( वो मेरे नाईटी को बदन से निकाल दिया ) क्या दीदी

( मैं उसके पैजामा की डोरी पकड़ उसके गाल चूम ली ) दीदी बोलता है, फिलहाल तो बीबी बोल ” और उसके पैजामा को खोल मैं उसके लन्ड पकड़ ली तो रामू मेरे बदन पर हाथ फेरने लगा ” एक चुम्मी ले लूं क्या
( मैं उसे बाहों में भर चूमने लगी ) जो करना है कर लेकिन बातें कम क्या समझे। ”

मैं रामू के चेहरे को चूमने लगी और वो भी मेरे गर्दन से लेकर चेहरे तक को चूम रहा था साथ ही उसका हाथ मेरे चूतड के मांसल हिस्से को पकड़ दबा रहा था, तभी मैं रामू के गर्दन में हाथ डाल बोली ” देख रामू तू इस काम में बच्चा है इसलिए जैसा बोलती हूं वैसा कर, मैं अपना जीभ तेरे मुंह में घुसाऊंगी और तू उसे चूसना ” और फिर मैं रामू के ओंठ को जीभ से चाटने लगी तो वो मुंह खोल मेरे जीभ अंदर लिया और चूसने लगा, मैं तो उसके बदन से लिपट कर अपने बूब्स उसकी छाती से रगड़ रही थी, उसका लन्ड ज्यादा लंबा नहीं था लेकिन मोटा था और मुझे तो अब गैर के साथ हमबिस्तर होने का चस्का लग चुका था तो मैं रामू को ही गांव में मजे के लिए सही समझी, कुछ देर तक जीभ चूसा लेकिन मेरे गांड़ के दरार में उंगली रगड़ते हुए छेद में घुसाया तो मैं जीभ उसके मुंह से निकाल दी फिर दोनों बेड पर आ गए, मैं बेड पर लेटकर उसे इशारे से चूची चूसने को बोली तो वो भी नंगा था, मेरे बगल में बैठ छाती पर चेहरा झुकाए मुंह खोला तो मैं खुद चूची पकड़ उसके मुंह में घुसाई, मैं तो ३६ डी साईज की ब्रा लगाती थी तो इतनी बड़ी चूची उसके मुंह में पूरी तरह से नहीं समा पाती और रामू १/३ चूची मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं उसके जांघो के बीच लटके लन्ड पकड़ सहलाने लगी ” आह ओह उह उई रामू चूस चूस साले आआआह्हह बहुत मजा आ रहा है ” और रामू चूची मुंह से निकाल पूछा ” शिला क्या सच में शहर के लोग चूत पर मुंह लगाते हैं

( मैं उसके सर सहला दी ) हां चूत चाटना हो या लन्ड चूसना ये सब होता है, मैं भी तेरा लन्ड चूसूंगी ” फिर रामू मेरे जिस्म को चूमने लगा और चूची को तो ऐसे पकड़ मसल रहा था मानो आटा गूंथ रहा हो तो मैं बूर में हो रही खुजली से मस्त थी और वो कमर तक चूमा फिर मेरी ओर देखने लगा ” मेरी चूतड के नीचे तकिया लगाकर देख तो सही मेरी चूत रानी को कितने सफाई से रखती हूं ” और रामू मेरे चूतड के नीचे तकिया लगाया और मैं जांघो को फैलाकर चूत पर हाथ फेरने लगी

वो मेरे कमर तक को चूम लिया और अब मेरी जांघो को फैलाकर चूत पर मुंह लगाया, जिसके बाल मैं साफ कर चुकी थी तो वो मेरी चूत के फांकों को चूमते हुए कमर पर हाथ फेरने लगा और मैं तो गुप्तांग पर प्यार पाकर कामुक होने लगी ” आह ओह उह आआआह्हह रामू क्या चूमते रहोगे जरा चाटो ना

( मैं खुद उंगली से चूत फैलाई तो वो मेरा हाथ हटाया और अपनी उंगली से चूत को फैला दिया ) वाह तेरी बूर तो कितनी ढीली हो गई है
( मैं शर्म से चेहरा फेर ली ) चुपकर रामू उसे चाट ना ” और फिर मुझे मजा आने लगा, उसका लंबा सा जीभ पूरी तरह से मेरी चूत में था और वो चाटना शुरु किया साथ ही उसका नाक चूत के छेद के पास था और वो चाटते हुए लंबी लंबी सांसें लेने लगा तो उसे चूत की खुशबू शायद पसंद थी, मैं तो चूतड ऊपर करते हुए सिसकने लगी ” आह ओह रामू तुम तो बूर चाटने में उस्ताद हो आआआआह्हह्ह ऊहुहू मजा आ रहा है ” रामू जीभ बूर से निकाल मुझे देखने लगा तो मैं बोली ” क्या हुआ ऐसे देख रहे हो जैसे कभी देखा ही नहीं

( रामू मेरी चूत के फांकों को फैलाया फिर दो उंगली घुसाए कुरेदने लगा ) कब देखा था आपको, पिछले दस साल से तो यहीं रहा हूं और उसके पहले ही आपकी शादी हो गई, कभी कभार आती भी हैं तो भी आपको इस तरह नग्न काम की मूर्त की तरह नहीं देखा था

( मैं शर्म से चेहरे को हथेली से ढक ली ) ओह रामू तू तो मेरे सामने बच्चा है लेकिन बातें बड़ी बड़ी करता है, आह उह अब उंगली निकाल नहीं तो रस निकल जायेगी ” फिर भी रामू चूत को उंगली से कुरेदता हुआ झुका और बूर के ऊपरी हिस्से को जीभ से चाटने लगा तो मेरी चूत गुदगुदी से मस्त थी फिर मेरी चूत से रस निकल गया तो रामू उंगली निकाल दिया और मैं उठकर बैठी, अपने पेटीकोट को छाती के ऊपर से पहन ली फिर दरवाजा खोल वाशरूम की ओर चली गई, मूतने के बाद फ्रेश हुई फिर वापस रूम में आई तो रामू बाहर चला गया और मैं उसी तरह बेड पर लेट गई, रामू का काला मोटा और मध्यम आकार का लन्ड अभी चूसना था फिर उससे चुदाई का मजा मिलता, रामू आया फिर दरवाजा को बंद कर झट से पैजामा को खोल दिया तो मैं बेड पर उठकर बैठी और वो मेरे सामने नग्न अवस्था में बैठा तो मैं उसके लन्ड को पकड़ सहलाने लगी और वो मेरे बूब्स को पेटीकोट के ऊपर से ही पकड़े दबाने लगा, इतने में मैं उसे बेड पर धकेल दी फिर उसके ऊपर सवार हुए उसके चेहरा को चूमने लगी तो रामू बेसब्र आशिक की तरह मेरे पेटीकोट के नाड़ा को खोल बदन से निकाल दिया और मैं उसे चूमने लगी तो वो मेरे सीने से लटकते बूब्स को पकड़ दबाने लगा ” आह ओह उह दीदी तेरी चूची इतनी बड़ी बड़ी हो गई मानना पड़ेगा
( मैं उसके कमर तक को चूम उसके ऊपर से उतर गई ) दीदी नहीं बहंचोद मुझे बीबी बोल ”

रामू बेड पर लेटा हुआ था तो मैं उसके लन्ड को पकड़ उसका चमड़ा नीचे की फिर सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ते हुए झांटों के बीच उंगली घुमाने लगी तो रामू मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा ” इससे अब दूध नहीं निकलता क्या

( मैं हंस दी ) अबे साले दस साल पहले मां बनी तभी तो चूची में दूध उतरा और इतने दिन तक दूध इसमें थोड़े ना रहता ” फिर मैं सुपाड़ा सहित लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी तो रामू मेरे सर पर हाथ रख चूतड को ऊपर नीचे करने लगा, मैं तो मुंह में लन्ड लिए चेहरा को स्थिर रखी थी तो वो खुद चूतड को ऊपर नीचे करते हुए मेरी मुंह चुदाई करने लगा और मेरे चूची जोकि साईज में बड़ी बड़ी थी उसे भी पकड़े दबाने लगा, अब मेरे मुंह से लार टपकने लगा तो मैं लन्ड को निकाल चेहरा ऊपर की ” क्यों रामू पहले भी किसी के साथ सेक्स किया है ना

( वो बोला ) कभी नहीं हां कुछ गंदी मूवी टी वी में देखा हूं ” और मैं उसके लन्ड को मुंह में फिर से ली, चेहरा ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन करने लगी तो मेरी दोनों बूब्स आपस में टकरा रही थी जिसे वो पुचकार रहा था साथ ही ” आह ओह उह आआआह्हह चूस चूसकर रस निकाल दे शिला, मुझे लगा की कहीं इसका लन्ड रस छोड़ ना दे तो मैं लन्ड मुंह से निकाल उसके बगल में लेट गई। रामू उठकर बैठा फिर मेरी जांघों को फैलाकर लन्ड पकड़े बूर में घुसाने लगा, उसका लन्ड आराम से मेरी चूत हजम कर गई फिर भी पति और देवर के अलावा तीसरे लन्ड का स्वाद चूत को मिल रहा था, वो धक्का देता हुआ चोदने लगा तो मैं टांगे चिहारे लेटी हुई थी और उसके लन्ड का धक्का सहते हुए मदहोश होने लगी ” रामू मेरे बदन पर लेट जाओ ना फिर तेरी बीबी तुझे चुदाई का असली मजा देगी ” रामू मेरे जिस्म पर लेट गया और धक्का देने लगा तो मैं उसके गाल चूम ली फिर चूतड उछालना शुरू की तो वो पूरे जोश के साथ चुदाई कर रहा था और उसके लिए तो मैं किसी रानी से कम नहीं थी जोकि खुद टांगे चिहारे उससे चुदाई कराने लगी।

रामू मेरे जिस्म पर लेटकर धकाधक चोदने मे मस्त था तो मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में फिर मेरी कमर में थोड़ा दर्द होने लगा तो स्थिर हुए चुदाने लगी और रामू मेरे ओंठ चूम पूछा ” क्यों बीबी मजा आ रहा है
( मैं उसके चूतड पर हाथ रख उसके गाल चूम ली ) बहुत लेकिन कितने देर तक धक्का देगा ” वो मेरे जिस्म पर से उतरा और फिर मुझे इशारे से खड़ा होने को बोला तो मैं बेड पर से उतर दीवार के सहारे खड़ी हो गई तो रामू मेरे चूतड के सामने खड़ा हुआ, मैं तो दीवार पर हाथ रखे बदन को घोड़ी की तरह कर दी और रामू मेरी चूत में लन्ड घुसाने लगा तो मैं पीछे मुड़कर बोली ” तुम साला पुराना चोदूं है ” और वो लन्ड का धक्का देकर चोदने लगा तो मेरे सीने से लटकते चूची को पकड़ दबाना शुरू किया और मैं चूतड को हिलाते हुए चुदाने लगी ” आह ओह ऊऊहुः आआआह्हह तुम चोदने में उस्ताद है रामू कितनी लौंडिया को अब तक चोदा है

( रामू का लन्ड मेरी चूत को गर्म कर चुका था और वो मेरी चुदाई किसी अनुभवी मर्द की तरह कर रहा था ) बीबी सच पूछो तो श्वेता दीदी को नंगे जरूर देखा फिर उनके बारे में सोच सोचकर हस्तमैथुन करता रहा ” मैं चूतड हिलाते हुए मस्त थी और वो चुदाई करते हुए हांफने लगा तो मैं पूछी ” मेरी ननद को नंगा देखा कैसे

( रामू चोदता हुआ मस्त था ) अभी चोदने दे ना उसे तो मैं रूम में कपड़ा बदलते देखा था और उनका गांव के एक लड़का के साथ चक्कर भी है ” मैं कुछ देर खड़ी रही फिर रामू के लन्ड से वीर्य स्खलित होकर मेरी चूत को गीला कर दिया, वो कपड़ा पहनकर चला गया तो मैं भी फ्रेश होकर गहरी निंद्रा में सो गई।

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