मैं और मेरा परिवार 2

आँटी की चुदाई

थोड़ी देर बाद हम दोनो नॉर्मल हो गये.<मोना- आज पहली बार चुदाई मे मज़ा आया
अवी-आज तो तुम्हारी एक लंड से चुदाई हुई. रोज तो दो लंड लेती हो
मोना-तुम्हारा एक लंड ही दोनो के लंड के बराबर है
अवी-मुझे भी आज मज़ा आया
मोना-तुम्हे ये सब किसने सिखाया.

अवी-ये मेरा राज़ है

मोना-जिसने भी सिखाया पर मुझे पूरा मज़ा आया

अवी-सच

मोना-नही तो क्या. मेरा BF सिर्फ़ लंड निकाल कर एक तो मूह मे डाल ता है या फिर चूत मे. कभी मेरे बूब्स को चूसना तो दूर की बात है कभी दबाया भी ठीक से नही है. मैं उसका लंड चूस्ति हू पर वो मेरी चूत को हाथ भी नही लगाता . तुम पहले आदमी हो जिसने मेरी ऐसी चुदाई की है

अवी-थॅंक्स

मोना-मैं फिर से ,तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहती हू. तुम्हारा चेहरा नही दिख रहा है .कम्से कम अपना नाम तो बता दो

अवी-नही. इसे राज़ ही रहने दो .जब मुझे तुम्हारे साथ चुदाई करनी होगी. तब मैं खुद तुम्हारे पास आ जाउन्गा
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मोना-मतलब कल तुम मेरी चुदाई नही करोगे
अवी- नही. जब मेरी मर्ज़ी होगी तब
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मोना-ऐसा मत करो. मैं तुम्हारे लंड की गुलाम हो गयी हू.

अवी-बोला ना जब मैं कहु तब.

मोना-कबतक

अवी-ज़्यादा इंतज़ार नही करवाउंगा देखो टाइम बहोत हो गया है. ये क्या 8.00 बज रहे है .जल्दी कपड़े पहनकर चलो

मोना-मेरे कपड़े तो वो आदमी ले गया .अब मैं घर कैसे जाउन्गि

अवी-मैं ने अपने कपड़े पहन लिए. तुम यही रूको मैं कुछ देखता हू

मोना-जल्दी करो देर हो रही है

अवी-मैं बॅग लेकर खिड़की खोल कर बाहर आ गया.इधर उधर देख ने लगा .शायद उस आदमी ने उसके कपड़े फेक दिए हो. पर मुझे कुछ नही मिला.

ग्राउंड के उस तरफ जो घर था वहाँ चला गया. देख ने लगा कि कही कुछ मिल जाए.

मेरी किस्मत अच्छी थी .उस घर के कपड़े रस्सी पर थे. मैं ने एक सलवार कमीज़ ले लिया.

स्टोर हाउस की ओर चला गया. खिड़की से मोना को आवाज़ दी

अवी-मोना ये लो कपड़े

मोना ने कपड़े ले लिए. मैं जल्दी से एक पेड़ के पीछे छुप गया..

थोड़ी देर बाद मोना कपड़े पहनकर खिड़की से बाहर आ गयी. उसने चारो और देखा पर उसे कोई दिखाई नही दिया. फिर मोना घर चली गयी.

मोना के जाते ही मैं भी घर चला गया.

अबी 8.30 हो रहे थे. मुझे पता था कि मुझे डाँट पड़ेगी. इसी लिए एक अछा बहाना ढूँढ कर घर चला गया

घर जाते ही

ब चाची-कहाँ थे अब तक

सी चाची-दीदी इसके चाचा को बता दो

अवी-मैं काम से बाहर गया था

ब चाची-किसका काम

अवी-मेरा

ब चाची-ऐसा कौन सा काम था जो तुझे इतनी देर हो गयी

सी चाची- सच सच बता नही तो

अवी-वो मैं फ्रेंड के घर गया था

ब चाची-किस लिए

अवी-वो पुराने एग्ज़ॅम के पेपर लेने

ब चाची- दिखा पेपर

अवी-उस ने कहा कि कल स्कूल मे देगा

सी चाची- कल स्कूल से आते ही दिखा देना नही तो तेरे चाचा को बताना पड़ेगा

अवी-क्या आप को मुझ पर भरोसा नही है

ब चाची-मुझे तुझ पर अपनी जान से ज़्यादा भरोसा है. पर मैं डरती हू कही तुझे कोई बुरी आदत ना लग जाए

अवी-चाची मैं आप का भरोसा कभी टूटने नही दूँगा.

सी चाची-पर मुझे वो पेपर देख ने है. कल स्कूल से आते ही मुझे दिखा देना(थोड़ा घूर कर)

अवी-सर नीचे कर कहा जी चाची दिखा दूँगा

ब चाची-जा खाना खा ले

अवी-जी चाची मैं अंदर चला गया

नेक्स्ट डे

स्कूल मे माला ने मुझे पुराने एग्ज़ॅम पेपर दे दिए

अवी-थॅंक यू माला

माला-एक बात पूचु .

अवी-हाँ. पूछो

माला-कल तुमने स्कूल मे पुराने पेपर लेने से मना किया था. अचानक तुम्हारा मन कैसे बदल गया.

अवी-(अगर माला को मैं ने कोमल की बात बता दी तो वो नाराज़ हो जाएँगी)
वो क्या है कि, घर जाने के बाद मुझे लगा कि एक बार पुराने एग्ज़ॅम पेपर देख लेना अच्छा रहेगा.

माला-तुम आज स्कूल मे माँग सकते थे. घर आने की क्या ज़रूरत थी. और हाँ घर मत आया करो अगर किसिको पता चला कि मैं तुमसे मिलती हू तो लोग ग़लत मतलब निकाल लेंगे.

अवी-सॉरी आगे से ऐसा नही होगा.

सॉरी कहकर मैं क्लास मे चला गया.

घर जा कर सबसे पहले वो पेपर छोटी चाची को दिखा दिए.

चाची के चहरे पर खुशी थी. चाची ने कुछ नही कहा .

शाम 4.00 बजे कोमल के पास चला गया.

कोमल पेपर देख कर खुश हो गयी. हम पढ़ाई करने लग गये.

पड़ाई करने के बाद घर चला गया .आज ग्राउंड पर जाने की मन नही था. मोना की गान्ड भी तो मारनी थी. पर मैं कोई रिस्क नही लेना चाहता था. एक तो वो कल का आदमी फिर से वापस आ सकता था. वो दूसरी बात अगर आज फिर मुझे देर हो गयी तो छोटी चाची को शक हो जाएगा.

जब तक चाची गाओं से वापस नही आती तब तक मुझे मोना से दूर रहना पड़ेगा.