थोड़ी देर बाद हम दोनो नॉर्मल हो गये.<मोना- आज पहली बार चुदाई मे मज़ा आया अवी-आज तो तुम्हारी एक लंड से चुदाई हुई. रोज तो दो लंड लेती हो मोना-तुम्हारा एक लंड ही दोनो के लंड के बराबर है अवी-मुझे भी आज मज़ा आया मोना-तुम्हे ये सब किसने सिखाया.
अवी-ये मेरा राज़ है
मोना-जिसने भी सिखाया पर मुझे पूरा मज़ा आया
अवी-सच
मोना-नही तो क्या. मेरा BF सिर्फ़ लंड निकाल कर एक तो मूह मे डाल ता है या फिर चूत मे. कभी मेरे बूब्स को चूसना तो दूर की बात है कभी दबाया भी ठीक से नही है. मैं उसका लंड चूस्ति हू पर वो मेरी चूत को हाथ भी नही लगाता . तुम पहले आदमी हो जिसने मेरी ऐसी चुदाई की है
अवी-थॅंक्स
मोना-मैं फिर से ,तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहती हू. तुम्हारा चेहरा नही दिख रहा है .कम्से कम अपना नाम तो बता दो
अवी-नही. इसे राज़ ही रहने दो .जब मुझे तुम्हारे साथ चुदाई करनी होगी. तब मैं खुद तुम्हारे पास आ जाउन्गा br>
मोना-मतलब कल तुम मेरी चुदाई नही करोगे अवी- नही. जब मेरी मर्ज़ी होगी तब br>
मोना-ऐसा मत करो. मैं तुम्हारे लंड की गुलाम हो गयी हू.
अवी-बोला ना जब मैं कहु तब.
मोना-कबतक
अवी-ज़्यादा इंतज़ार नही करवाउंगा देखो टाइम बहोत हो गया है. ये क्या 8.00 बज रहे है .जल्दी कपड़े पहनकर चलो
मोना-मेरे कपड़े तो वो आदमी ले गया .अब मैं घर कैसे जाउन्गि
अवी-मैं ने अपने कपड़े पहन लिए. तुम यही रूको मैं कुछ देखता हू
मोना-जल्दी करो देर हो रही है
अवी-मैं बॅग लेकर खिड़की खोल कर बाहर आ गया.इधर उधर देख ने लगा .शायद उस आदमी ने उसके कपड़े फेक दिए हो. पर मुझे कुछ नही मिला.
ग्राउंड के उस तरफ जो घर था वहाँ चला गया. देख ने लगा कि कही कुछ मिल जाए.
मेरी किस्मत अच्छी थी .उस घर के कपड़े रस्सी पर थे. मैं ने एक सलवार कमीज़ ले लिया.
स्टोर हाउस की ओर चला गया. खिड़की से मोना को आवाज़ दी
अवी-मोना ये लो कपड़े
मोना ने कपड़े ले लिए. मैं जल्दी से एक पेड़ के पीछे छुप गया..
थोड़ी देर बाद मोना कपड़े पहनकर खिड़की से बाहर आ गयी. उसने चारो और देखा पर उसे कोई दिखाई नही दिया. फिर मोना घर चली गयी.
मोना के जाते ही मैं भी घर चला गया.
अबी 8.30 हो रहे थे. मुझे पता था कि मुझे डाँट पड़ेगी. इसी लिए एक अछा बहाना ढूँढ कर घर चला गया
घर जाते ही
ब चाची-कहाँ थे अब तक
सी चाची-दीदी इसके चाचा को बता दो
अवी-मैं काम से बाहर गया था
ब चाची-किसका काम
अवी-मेरा
ब चाची-ऐसा कौन सा काम था जो तुझे इतनी देर हो गयी
सी चाची- सच सच बता नही तो
अवी-वो मैं फ्रेंड के घर गया था
ब चाची-किस लिए
अवी-वो पुराने एग्ज़ॅम के पेपर लेने
ब चाची- दिखा पेपर
अवी-उस ने कहा कि कल स्कूल मे देगा
सी चाची- कल स्कूल से आते ही दिखा देना नही तो तेरे चाचा को बताना पड़ेगा
अवी-क्या आप को मुझ पर भरोसा नही है
ब चाची-मुझे तुझ पर अपनी जान से ज़्यादा भरोसा है. पर मैं डरती हू कही तुझे कोई बुरी आदत ना लग जाए
अवी-चाची मैं आप का भरोसा कभी टूटने नही दूँगा.
सी चाची-पर मुझे वो पेपर देख ने है. कल स्कूल से आते ही मुझे दिखा देना(थोड़ा घूर कर)
अवी-सर नीचे कर कहा जी चाची दिखा दूँगा
ब चाची-जा खाना खा ले
अवी-जी चाची मैं अंदर चला गया
नेक्स्ट डे
स्कूल मे माला ने मुझे पुराने एग्ज़ॅम पेपर दे दिए
अवी-थॅंक यू माला
माला-एक बात पूचु .
अवी-हाँ. पूछो
माला-कल तुमने स्कूल मे पुराने पेपर लेने से मना किया था. अचानक तुम्हारा मन कैसे बदल गया.
अवी-(अगर माला को मैं ने कोमल की बात बता दी तो वो नाराज़ हो जाएँगी)
वो क्या है कि, घर जाने के बाद मुझे लगा कि एक बार पुराने एग्ज़ॅम पेपर देख लेना अच्छा रहेगा.
माला-तुम आज स्कूल मे माँग सकते थे. घर आने की क्या ज़रूरत थी. और हाँ घर मत आया करो अगर किसिको पता चला कि मैं तुमसे मिलती हू तो लोग ग़लत मतलब निकाल लेंगे.
अवी-सॉरी आगे से ऐसा नही होगा.
सॉरी कहकर मैं क्लास मे चला गया.
घर जा कर सबसे पहले वो पेपर छोटी चाची को दिखा दिए.
चाची के चहरे पर खुशी थी. चाची ने कुछ नही कहा .
शाम 4.00 बजे कोमल के पास चला गया.
कोमल पेपर देख कर खुश हो गयी. हम पढ़ाई करने लग गये.
पड़ाई करने के बाद घर चला गया .आज ग्राउंड पर जाने की मन नही था. मोना की गान्ड भी तो मारनी थी. पर मैं कोई रिस्क नही लेना चाहता था. एक तो वो कल का आदमी फिर से वापस आ सकता था. वो दूसरी बात अगर आज फिर मुझे देर हो गयी तो छोटी चाची को शक हो जाएगा.
जब तक चाची गाओं से वापस नही आती तब तक मुझे मोना से दूर रहना पड़ेगा.
आज सनडे है. मुझे पिछले सनडे की याद आ गयी. जब मेडम की आखरी बार चुदाई की थी.
आज घर मे ज़्यादा काम था. क्यू कि कल चाचा चाचियो को लेकर गाओं जा रहे है.
पहली बार चाचा तीनो चाचियो को लेकर कही बाहर जा रहे थे.
चाचा ने पूजा बुआ , नेहा बुआ और नीता बुआ को घर बुला लिया.
चाचा अपनी बहनो को नाम से बुलाते है. मैं ने कभी भी चाचा को उनकी बहनो को दीदी कह कर बुलाते हुए नही देखा
पूजा बुआ-क्या बात है .आज हम तीनो को एक साथ बुला लिया
चाचा-तुमसे बात करनी थी
पूजा बुआ-कहो क्या बात है
चाचा- मैं अवी की चाचियो के साथ एक हफ्ते के लिए गाओं जा रहा हूँ
पूजा बुआ-किसके गाओं जा रहे हो
चाचा- वो अवी की चाचियो ने पता किया है कि एक महाराज है जिनके आशीर्वाद से लोगो को बच्चे हो जाते है
पूजा बुआ- ये महाराज लोग ढोंगी होते है. तुम्हे समझ मे नही आता
चाचा-आख़िरी बार जाके देख लेता हू
नेहा बुआ-जाने दो दीदी . अगर ये जाना चाहता है .तो जाने दो
पूजा बुआ-हमे क्यू बुलाया है
चाचा-वो हम अवी को नही ले जा रहे .
पूजा बुआ-वो कहाँ रहेगा
चाचा-मैं सोचा कि एक हफ्ते के लिए आपके घर सो लेंगा. और दिन भर यही रहेगा. लंच तो वो बना लेगा सिर्फ़ रात के खाने के लिए और सोने के लिए आपके पास आ जाएगा.
पूजा बुआ-क्या कहा मेरे पास
चाचा-बस एक हफ़्ता तो है
पूजा बुआ-सोचते हुई. ठीक है
नेहा बुआ-और दोपेहर मे मेरे पास आ जाएगा(अगर मेरी बेटी की पढ़ाई की समस्या नही होती तो. उसे घर के पास भी आने नही देती).
चाचा-हाँ, ये अछा रहेगा
पूजा बुआ-ठीक है. पर सिर्फ़ एक हफ़्ता
चाचा-हाँ .
नीता बुआ चाचियो के साथ बाते कर रही थी.
नीता बुआ-कब जा रहो
ब चाची-कल
नीता बुआ-भगवान ने चाहा तो इस बार आप की मन की मुराद पूरी हो जाएगी
ब चाची- मेरे लिए तो अवी ही सब कुछ है. मुझे तो सीमा और मीना का ख़याल आता है
नीता बुआ-अवी से याद आया. वो भी आपके साथ जा रहा है
ब चाची-नही वो यही रहेगा. पूजा के घर
नीता बुआ-मैं उसे रख लेती पर आपको तो पता है पूजा दीदी कैसी है. अगर उसे पता चलता कि आपने अवी को मेरे पास रखा तो वो गुस्सा हो जाती. और आप ने दीदी को कहा कि अवी को अपने पास रखो तो भी गुस्सा होगी.
ब चाची-हाँ मुझे पता है. इसी लिए मैं ने अवी के चाचा को कहा कि पूजा से बात करे
नीता बुआ-ये अच्छा किया आपने .मैं भी उस क्या ख़याल रखूँगी.
ब चाची-मुझे पता है. मेरे कहे बिना ही तू अवी का ख़याल रखेंगी
नेक्स्ट डे(मंडे)
आज मैं स्कूल नही गया.
चाचा चाचियो के साथ सुबह ही निकल गये. अब घर मे मैं था.दादाजी को एक साल पहले ही एक आश्रम मे बीमारी का इलाज करने के लिए भेज दिया था. मैं घर मे अकेला रह गया.
“”(मेरी एग्ज़ॅम दो महीने बाद है. मार्च महीने मे. मैं कोमल के साथ दो महीने सिर्फ़ पढ़ाई करता रहा. डेली दो घंटे कोमल के घर जाता था. नेहा बुआ बस पढ़ाई की वजह से मुझसे बात करती थी.इसी लिए मैं कोमल को कहानी से दो महीने के लिए बाहर रख रहा हू. आप अज्युम करना कि मैं डेली 2 घंटे कोमल के साथ हू)””
दोपहर (4.00पीएम टू 6.00पीएम)मे कोमल के घर से आने के बाद घर को ताला लगाकर पूजा बुआ के घर चला गया.
पूजा बुआ के घर मे सिर्फ़ पूजा बुआ और राज है. पूजा बुआ की दोनो बेटियाँ सहर मे रहकर पढ़ाई कर रही है.
घर मे जाते ही राज मेरे पास आ गया.
राज-भैया चलो हम खेलते है
अवी-रूको, थोड़ी देर बाद खेलते है. पहले बुआ से पूछ लेते है.
पूजा बुआ-पहले चाई पी लो फिर खेल लेना.
राज आज खुश था .कितने दिनो के बाद मेरे साथ खेल रहा था. राज ने मुझे अपना कैमरा दिखाया. ऐसे ही खेलते खेलते रात हो गयी.
पूजा बुआ-राज ,अवी खाना खा लो
अवी-जी बुआ
हमने खाना खा लिया. राज पढ़ाई करने लग गया. मैं बुआ से बाते करने लगा.
पूजा बुआ-तुम्हारी पड़ाई कैसे चल रही है
अवी-अच्छी चल रही है.
पूजा बुआ-और स्कूल
अवी-वो भी अच्छा है
पूजा बुआ-तुम्हे देख कर लगता नही कि पढ़ाई करते होगे.बॉडी अच्छी बनाई है
अवी-वो तो खेलने से हो गयी. और पढ़ाई कोमल के साथ कर लेता हू
पूजा बुआ-कोई लड़की तो पटाई होगी
अवी-शरमाते हुए. ना मे गर्दन घुमा दी
पूजा बुआ-क्या ? तुम दिखने मे तो अच्छे हो उपर से बॉडी भी अच्छी है
अवी-मुझसे कोई बात नही करता
पूजा बुआ-क्यू
अवी-पता नही
पूजा बुआ-फ्रेंड तो है
अवी- ना
पूजा बुआ-क्या?
अवी-पढ़ाई की वजह से कभी वक्त ही नही मिला
पूजा बुआ-वक्त निकाला करो . अब मस्ती नही करोगे तो कब करोगे
अवी-जी बुआ
पूजा बुआ-चलो अब सोते है.
अवी-मैं कहाँ ?
पूजा बुआ-राज तो मेरे साथ ही सोता है. तुम भी हमारे साथ ही सो जाओ.बेड बड़ा है हम तीन लोग आराम से सो सकते है
अवी-जैसा आप कहे. मैं बाथरूम होकर आता हू
मैं बेडरूम मे चला गया. राज सो गया था. पूजा बुआ ने नाइटी पहन रखी ती .पूजा बुआ एक साइड मे लेटी हुई थी बीच मे राज फिर मैं .
थोड़ी देर बाद मैं सो गया.
रात मे मेरी नीद खुल गयी. राज ने, मेरे उपर अपने पैर रख दिए.राज के पैर मेरे लंड के उपर थे. लंड मे दर्द होने के वजह से मेरी नीद टूट गयी. मैं ने राज के पैर मेरे उपर से हटा दिए.
मैं उठ कर बाथरूम मे चला गया. लंड को पैंट से बाहर निकाल कर देख ने लगा. कही चोट तो नही लगी. लंड खड़ा था. लंड को शांत करने के लिए हिलाने लगा. थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य निकल गया.मुझे राहत मिली.
मैं कमरे मे आ गया .मेरी नज़र पूजा बुआ पे उपर पड़ गयी . राज ने अपना पैर पूजा बुआ के उपर रखा था जैसे मेरे उपर था. पर बुआ करवट लेकर सो रही थी. बुआ की नाइटी उपर उटी हुई थी . राज के पैर की वजह से बुआ की नाइटी पीछे से ज़्यादा ही उपर हो गयी थी.
मैं पूजा बुआ की तरफ चला गया. पूजा बुआ की रेड पैंटी दिख रही थी. नाइटी कमर तक चढ़ि हुई थी. बुआ की पैंटी गंद की दरार मे फँसी थी. ये देख कर लंड फिर खड़ा हो गया. पर मैं ने एक दिन मे काबी दो बार पानी नही निकाला था. फिर से हिलाना मे दिमाग़ मे आया ही नही.
मैं जल्दी से अपनी जगह पर जा कर सो गया.
सुबह जल्दी उठने की आदत की वजह से मेरी नीद जल्दी खुल गयी. बुआ अभी भी सो रही थी. अब राज के पैर बुआ के उपर नही थे. बुआ की नाइटी कमर तक चढ़ि हुई थी. मुझे बुआ की रेड पैंटी पूरी दिख रही थी. बुआ के उठने से पहले मैं बाथरूम मे चला गया.
पानी गिरने की आवाज़ सुन कर बुआ भी उठ गयी थी. बुआ ने चारो तरफ देखा पर मैं बुआ को कही दिखाई नही दिया. बाथरूम की आवाज़ सुन कर समझ गयी कि मैं बाथरूम हू.
जब बुआ ने खुद की हालत देखी तो हैरान हो गयी. नाइटी कमर तक चढ़ि थी और बुआ की पैंटी दिख रही थी. बुआ ने अपने कपड़े ठीक किए .एक बार राज की और देखा जो सो रहा था.
मैं बाथरूम से बाहर आ गया. बुआ ने मेरी ओर देखा .बुआ के चहरे पे एक चमक दिख रही थी.
बुआ बाथरूम मे चली गयी . राज अभी भी सो रहा था. राज का स्कूल 12 बजे से लेकर 5.00 पीएम तक था.इसी लिए वो देर तक सोता है.
शायद बुआ राज को बच्चा समझ ती है. उन्हे पता है राज एक बार सो गया तो फिर सुबह ही उठ ता है वो भी देर से. इसी लिए बुआ बेफिकर हो कर सोती है.
अब राज भी उठ गया . फिर हमने नाश्ता करना सुरू किया.
पूजा बुआ-अवी नीद तो ठीक आई ना
अवी-हाँ बुआ .नीद अच्छी आई
पूजा बुआ-राज ने परेशान तो नही किया
अवी-नही किया
पूजा बुआ-झूठ क्यू बोल रहे हो
अवी-एक दो बार मेरी नीद खुल गयी थी
पूजा बुआ-(मतलब अवी ने मेरी पैंटी देख ली. सुबह भी जल्दी उठ गया था तब तो अच्छे से देखी होगी). मेरी भी पहले पहले नीद खुल जाती थी. पर अब आदत हो गयी.
अवी-कल से मैं सोफे पे सो जाउन्गा
पूजा बुआ-सोफे पे, बिल्कुल नही. अगर तेरे चाचा को पता चल गया तो.
अवी-फिर क्या करे
पूजा बुआ-ह्म्म्मी शाम को देखते है.
अवी-अब मैं चलता हू.बाइ राज.
राज-बाइ भैया.
घर आ कर मैं ने अपने लिए खाना बनाया. फिर नहा कर खाना खाने के बाद पढ़ाई करने लगा.
अब एक हफ्ते तक रात मे पूजा बुआ के यहाँ जाना है. मतलब रात मे पढ़ाई नही कर सकता. इसी लिए दोपहर मे ही पढ़ाई करने लग गया.
पढ़ाई करने के बाद कोमल के घर भी पढ़ाई की.
फिर वहाँ से ही पूजा बुआ के घर चला गया.
पूजा बुआ आज सज धज कर थी. बुआ आज खुश नज़र आ रही थी.
पूजा बुआ-आज जल्दी आ गये
अवी-हाँ. वो नेहा बुआ के घर से सीधा इधर ही आ गया
पूजा बुआ-चाई पियोगे
अवी-(पूजा बुआ अपनी सहेली के भाई राकेश के साथ चुदाई कर सकती है तो मेरे साथ क्यू नही) बुआ के दूध की ओर देख कर अगर आप पिलाना चाहेंगी तो पी लेंगे .
मेरी नज़र का पीछा कर के बुआ को पता चल गया कि मैं उनके दूध को देख रहा हू.
पूजा बुआ-ठीक है मैं बनाकर लाती हू. तब तक तुम राज के साथ खेलो
अवी-जल्दी पिला देना. इतना कह कर मैं राज के साथ खेलने लगा.
पूजा बुआ-ये अवी मेरे दूध को घूर रहा था. मतलब रात को उसने सब देख कर मज़ा लिया.
फिर हमने टी पी ली. पूजा बुआ खाना बनाने चली गयी. मैं टी.वी. देखने लगा .राज कमरे मे जा कर पढ़ने लगा.
मैं टी.वी. डेक कर बोर हो गया. तभी मेरी नज़र पूजा बुआ की गंद पर चली गयी. क्या मस्त गंद है पूजा बुआ की. मैं बुआ की गंद देख रहा था तभी बुआ पलट गयी मुझे अपनी गंद को देखते हुए पकड़ लिया.
पूजा बुआ-अवी भूक लगी है क्या
अवी-नही बुआ
पूजा बुआ-फिर रसोई की तरफ क्यू देख रहे हो
अवी-मैं कहाँ देख रहा हू
पूजा बुआ-रहने दो. राज को बुला लो खाने के लिए
अवी-अभी बुलाता हू.(बाल बाल बच गया)
हम खाना खाने के बाद ,फिर से बाते करने लग गये.
अवी-बुआ अब सो जाते है
पूजा बुआ-पहले एक काम करो राज के कमरे का सिंगल बेड ला कर मेरे कमरे मे रख दो
अवी-क्यू?
पूजा बुआ-राज रात को तुम्हे परेशान करता है ना. राज को उसपे सुला देंगे
अवी-ठीक है
मैं ने बेड लाकर बुआ के बेड से जोड़ दिया. अब सोने के लिए जगह बढ़ गयी.
राज जल्दी से बेड पर लेट गया .मैं भी लेट गया.
आज मैं बीच मे सोया था. राज सो गया था. पर मुझे नीद नही आ रही थी. मैं सोच रहा था कि बुआ ने मुझे सिंगल बेड पर क्यू नही सुलाया. मेरी जगह राज को क्यू सोने दिया.
एक घंटे तक यही सोचता रहा. मैं सोचा बुआ को राकेश के साथ चुदाई कर के 15 दिनो से ज़्यादा वक्त हो गया है कही बुआ मेरे साथ चुदाई करने की तो नही सोच रही.
मैं बुआ की ओर पलट कर देखा बुआ सो रही थी.
बुआ की नाइटी कल की तरह कमर तक चढ़ि हुई थी .बुआ की ब्लू पैंटी दिख रही थी. पर कल को तो राज की वजह से नाइटी उपर हुई थी. आज क्या बुआ मुझे जानबूझ कर दिखा रही थी. या फिर सोते हुए भी तो नाइटी उपर हो सकती है.
मैं इस दुविधा मे फस गया था .आगे बढ़ुँ या फिर नही. कभी लगता पैंटी को खिच कर निकाल दू . फिर डर भी लगता अगर बुआ गुस्सा हो गयी और चाचा को बता दिया तो.
मुझे दो औरतो की चुदाई का अनुभव है. फिर भी मैं डर रहा था.
मैं ने हिम्मत कर के अपना हाथ बुआ की पैंटी पर रख दिया. बुआ की चूत इतनी गरम थी कि उसकी गरमाहट पैंटी के उपर से ही महसूस हो रही थी.
मैं ने हाथ को पैंटी के उपर से हटा दिया . और पलट कर सो गया
सुबह उठ कर देखा बुआ की नाइटी पैरो तक धकि हुई है.
अच्छा हुआ मैं ने कोई जल्द बाज़ी नही की.नही तो लेने के देने पड़ जाते
एक एक कर के सब उठ गये . बुआ थोड़ी मायूस दिख रही थी. मैं ने जलदी से नाश्ता कर के बिना बुआ को बताए घर चला गया.
घर आकर ,मैं खाना बनाने मे लग गया. तभी किसी ने गेट खट खटाया .मैं ने सोच अब कौन आ गया है. कही बुआ तो नही आ गयी.मैं बुआ को बिना बताए आ गया शायद इसी लिए आई होगी.
मैने वैसे ही रसोई घर से निकल कर गेट खोल दिया
मैं ने सामने देखा तो मैं एक दम शॉक्ड हो गया. सामने माला खड़ी थी. उसे देख कर मुझे चक्कर आ गया .
मैं ने खुद को संबल लिया. और माला को अंदर बुलाया.
अवी-तुम यहाँ कैसे? तुम्हे तो स्कूल मे होना चाहिए
माला-मैं लंच ब्रेक मे वापस आ गयी
अवी-पर यहाँ कैसे
माला- मैं तो पूछने आई थी कि तुम दो दिन से स्कूल क्यू नही आए. और आज भी नही आए
अवी-वो घर पर कोई नही है. सब गाओं गये है. और वैसे भी स्कूल कुछ पढ़ा नही रहे है.तो मैं ने सोचा घर मे ही पढ़ लू
माला-तो ये बात है.
माला-ये तुम्हारे हाथो पर क्या लगा है
अवी-वो मैं खाना बना रहा था.
माला-क्या तुम्हे खाना बनाना भी आता है.
अवी-हाँ, उसमे नयी बात क्या है.
माला-ऐसे ही …
अवी-तुम बैठो मैं अभी काम ख़तम कर के आता हू
माला-मुझे देखना है तुम्हे खाना बनाते हुए
अवी-(क्या ये पागल है.) उसमे क्या देखना है
माला-मैं ने कभी लड़को को खाना बनाते हुए नही देखा
अवी-चलो फिर .
रसोई घर मे
माला-ये क्या है
अवी-ये रोटी है
माला-मुझे तो किसी की तरह से रोटी नही दिख रही है
अवी-मुझे गोल रोटी बनानी नही आती .
माला-मुझे लगा कि ऐसा ही कुछ होगा इसी लिए मैं यहाँ देखने आई
अवी-अब जैसा भी है यही मेरा खाना है
माला- लाओ मैं बनाकर देती हू.
अवी-माला रोटी बनाने मे लग गयी. तब तक मैं ने एग बुरजी बना ली
माला-येलो हो गया
अवी-तुम बैठो मे दो मिनिट मे नाहकर आता हू
माला-2 क्यू 10 मिनिट लो
मैं नहाने चला गया. मैं बाहर आया तब तक माला ने एक प्लेट मे खाना लगा दिया.
मैं ने खाना सुरू किया . माला ने रोटी अच्छी बनाई थी . एक दम नरम थी. मैं ने माला की तारीफ की.
फिर माला के साथ बाते करना सुरू किया.
मैं सोच रहा था कि माला को क्या हो गया. जब से स्टोर हाउस से उसे बचाया तब से मुझसे से हर दिन बाते करने के लिए मेरी क्लास तक आती है.
मुझसे मिलने के लिए उस दिन पेपर देने की बात की.
दो दिन से स्कूल नही गया तो मुझे देखने घर तक आ गयी. मेरे लिए खाना बनाया.
क्या पता इसके दिमाग़ मे क्या चल रहा है.
तभी मेरी नज़र उसके होंटो पर पड़ी. उसके गुलाबी होन्ट मुझे उसके ओर खिच रहे थे.
रात को बुआ की वजह से मेरे अंदर चुदाई की आग लग गयी थी. वो माला के गुलाबी होन्ट देख कर और बढ़ गयी .
मुझे अब कंट्रोल नही हुआ. मैं ने माला के सर को पकड़ कर उसके होंटो पर मेरे होंठ रख दिए.
मेरे इस अचानक किए गये हमले से माला डर गयी .मुझ से दूर होने की कोशिस करने लगी. पर मेरी पकड़ की वजह से वो कामयाब नही हुई. फिर माला भी मेरे किस का रेस्पॉन्स देने लगी. 10 मिनिट तक हम किस करते रहे. फिर साँस लेने के लिए अलग हो गये. थोड़ी देर हाँफने के बाद हम नॉर्मल हो गये. नॉर्मल होते ही माला बॅग उठाकर भागने लगी. वो घर से बाहर चली गयी. मैं उसे देखता रह गया.
मुझे लगा कही मैं ने जल्दबाज़ी तो नही की. कही उस ने घर पर बता दिया तो. नही वो घर पे नही बताएँगी .वो भी मेरे किस का रेस्पॉन्स दे रही थी. फिर वो भाग क्यू गयी.
कल पूछ लूँगा अगर उसे बुरा लगा तो माफी माँग लूँगा. फिर मैं सो गया.
शाम को मैं पूजा बुआ के घर चला गया.
फिर कल की तरह पहले चाय पी ली. फिर राज के साथ खेलने लगा. फिर खाना खाने के बाद टीवी देखने लगे.
राज अपने रूम मे जाकर पढ़ाई करने लगा. थोड़ी देर बाद हम सोने के लिए
कमरे मे आ गये. राज पढ़ाई कर के सो गया था.
आज राज ,बुआ की जगह सो गया था. बुआ ने कहा कि राज को उठा कर सिंगल बेड पर लिटा दो. मैं ने राज को उठा कर दूसरे बेड पर लिटा दिया.
डबल बेड पर मैं और बुआ सो रहे थे. बुआ सो गयी थी. मुझे आज भी नीद नही आ रही थी. मैं सोच रहा था कि बुआ , राज के साथ क्यू नही सोई. मैं सिंगल बेड पर सो जाता.. पर बुआ ने ऐसा नही किया. क्या बुआ मेरे साथ सोना चाहती है.
मैं ये सोचते हुए पलट कर बुआ की ओर देख ने लगा. आज भी बुआ की नाइटी कमर तक उपर थी .बुआ की रेड पैंटी दिख रही थी.
मैं अब सोचने पर मज़बूर हो गया कि बुआ जानबूझ कर नाइटी उपर करती है. ताकि मैं बुआ की पैंटी देख कर बुआ की चुदाई कर लू. अगर बुआ यही चाहती है तो मुझे बता क्यू नही रही है. मेडम ने तो बता दिया था. मोना भी जल्दी तय्यार हो गयी थी. फिर बुआ क्यू नही
क्या बुआ भी मेरी तरह डर रही है . या फिर मुझे पहले कोशिस करनी चाहिए
मैं ने अपना हाथ बुआ की जाँघो पर रख दिया. बुआ की जाँघो को सहलाने लगा. मैं देखना चाहता था कि बुआ जाग तो नही रही है.
बुआ की जांघे नरम थी. मेडम की जाँघो से ज़्यादा गोरी और मोटी थी . मुझे ऐसा लग रहा था कि मक्खन पर हाथ घुमा रहा हू.
मैं हिम्मत कर के अपने हाथ को उपर चूत के पास ले जाने लगा.
जैसे जैसे मेरा हाथ उपर जा रहा था वैसे वैसे मेरी दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क ने लगा. साथ ही डर भी लग रहा था. एक अजीब सी लहर मेरे शरीर मे दौड़ रही थी.
जैसे ही मैं ने अपना हाथ बुआ की पैंटी पर रखा उधर राज ने करवट बदल ली .बेड आपस मे लग कर थे .इसी लिए बेड थोड़ा हिल गया .मैं ने जल्दी से हाथ वापस खिच लिया.
मैं राज की ओर देखने लगा. राज गहरी नींद मे सो रहा था.
फिर से मैं ने अपना हाथ जाँघो पर रख दिया.ये देखने के लिए कही राज की वजह से बुआ की नींद तो नही खुल गयी.
बुआ भी राज की तरह गहरी नीद मे सो रही थी. मैं ने अपना हाथ बुआ की पैंटी पर रख दिया .
मैं अपने हाथ से पैंटी के उपर से बुआ की चूत के साथ खेलने लगा. मेरा सारा ध्यान बुआ के चहरे पर था कही बुआ की नीद ना खुल जाए.
मैं ने एक हाथ को बुआ के दूध के उपर रख दिया और दूसरे हाथ से चूत के साथ खेलने लगा.
बुआ के दूध मोना की तरह सख़्त थे. बुआ के पति साल मे एक बार आते है और राकेश(बुआ की सहेली का भाई) भी बुआ के दूध नही दबाता था.
फिर भी मुझे बुआ के दूध पसंद आए. भले ही मेडम की तरह नरम नही थे और मोना से कम टाइट थे लेकिन बुआ के दूध की बात ही अलग थी.
बुआ की चूत मेडम की चूत से गरम थी. मैं अपनी एक उंगली बुआ की चूत मे पैंटी की उपर से अंदर डालने लगा. मैं पैंटी निकाल ने का जोखिम नही ले सकता था. पैंटी फिट होने के कारण मैं धीरे धीरे ज़ोर लगाकर कर उंगली से बुआ की चूत मारने लगा .
मुझे मज़ा तो आ रहा था पर उतना नही जितना बिना पैंटी की चूत के साथ आता है. मैं ने उंगली को हिलाना बंद किया. मेरी उंगली मे दर्द होने लगा था. पैंटी के वजह से चूत मे उंगली डाल ने मे परेशानी के साथ ताक़त भी लग रही थी.
मैं ने सोचा इतना तो हो चुका है अब आगे बढ़ना चाहिए. मैं ने हाथ को पैंटी के अंदर डाल दिया .
पहली बार बुआ की चूत को छूने से मेरे बदन को करेंट सा लग गया.
मैं बुआ की चूत मे उंगली(दूसरी उंगली)डाल कर आगे पीछे करने लगा.
उदार दूसरे हाथ से बुआ के निपल के साथ खेलने लगा .कभी निपल को खिच लेता तो कभी दबा देता.
5 मिनिट तक उंगली से चोदने के बाद बुआ के शरीर मे अकड़न आ गयी. बुआ की चूत से पानी निकल गया. बुआ का पानी मेडम के दो बार पानी निकलने के बराबर था
बुआ का पानी निकलते ही. अब तक बुआ जो अपने सांसो पर काबू कर के सो रही थी पानी के निकलते ही बुआ ने साँस छोड़ दी. बुआ के मूह से आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गया.
मैं ने अपना हाथ को बुआ की पैंटी के अंदर से निकाल लिया. दूसरा हाथ भी दूध से हटा दिया.
हिम्मत कर के बुआ के चहरे की ओर देख ने लगा. बुआ की आँखे खुली थी . बुआ मेरी ओर देख रही ती. मैं तो डर के मारे कुछ भी बोलने की हालतमे नही था. ऐसा लग रहा था कि अभी मेरा दिल काम करना बंद कर देगा(हार्ट अटॅक).
मेरे दिमाग़ मे सवालो की बरसात सुरू हो गयी.
अब क्या होगा ?
मैं बुआ को क्या कहुगा ?
बुआ ने चाचा को बता दिया तो ?
बुआ ने सभी को बता दिया तो ?
फिर मेरा क्या होगा ?
मैं कहाँ जाउन्गा ?
बुआ ने पोलीस बुला ली तो ?
बुआ उठ कर खड़ी हो गयी . अपने कपड़े ठीक किए .फिर मेरा हाथ पकड़ कर कमरे से बाहर लेकर जाने लगी.
मेरा डर अब पूरी तरह से मुझ पर हावी हो गया. मुझे लगा बुआ मुझे घर से बाहर निकाल रही है.
मैं तो कुछ करने के हालत मे नही था .चुप चाप बुआ के साथ चल रहा था. मुझे लगा कि अब बुआ मुझे बाहर निकाल देंगी. मैं ने जो पाप किया उसकी सज़ा तो मुझे मिलनी चाहिए.
बुआ मुझे हॉल मे लेकर आई. और मेरे सामने खड़ी हो गयी.
अगर बुआ ने पूछा कि मैं ने ऐसा क्यू किया तो उसका मैं क्या जवाब दूँगा. मैं तो ये सोच कर ही मेरा शरीर काँपने लगा.
बुआ मुझे देख रही थी. अब तक बुआ ने कुछ पूछा क्यू नही. कुछ किया क्यू नही. या फिर मुझे मारा क्यू नही. मैं यही सोच रहा था.
मैं बुआ के रिक्षन का इंतज़ार कर रहा था.बुआ ने एक झटके मे अपनी नाइटी खोल दी नाइटी नीचे गिर गयी . बुआ जल्दी से मेरे सर को पकड़ कर मुझे किस करने लगी. मैं इस सब के लिए तय्यार नही था .बुआ मुझे किस कर रही थी. अब मुझे भी मज़ा आने लगा था .मैं भी बुआ का साथ देने लगा.
बुआ ज़्यादा ज़ोर से किस कर रही थी. कभी मेरे होन्ट चूस्ति तो कभी मेरी जीभ या कभी अपनी जीभ मेरे मूह मे डाल देती. मुझे लगा मेरा गला सुख ने लगा है. मेरा सारा थूक बुआ पी रही थी.
लगबग 10 मिनिट तक हमारा किस चलता रहा. बुआ तो मुझे छोड़ ने को तय्यार नही थी . मैं ही किस तोड़ कर बुआ से अलग हो गया. ज़ोर ज़ोर से साँसे लेने लगा जैसे ही मैं थोड़ा नॉर्मल हुवा .मैं रसोई घर की ओर भाग गया. और पानी पीने लगा. पानी पीने के बाद वापस कमरे मे आ गया.
मैं सोच रहा था ,जो भी हो रहा है यो बुआ की मर्ज़ी से हो रहा है. बुआ जानबूझ कर मुझे अपनी पैंटी दिखा रही थी. मैं ही बुआ के इशारे को नही समझ पाया. इसी लिए बुआ ने खुद आगे बढ़ने के लिए सोचा होगा. मेरे चहरे पे डर देख कर बुआ को लगा होगा कि मैं अब डर गया हू. इसी लिए बुआ ने मुझे किस कर के मेरा डर दूर भगाया. ये सब तो अंदर भी कर सकते थे . शायद राज की वजह से बुआ मुझे बाहर लेकर आई.
बुआ सोफे पे बैठ कर साँसे ले रही थी. बुआ सिर्फ़ रेड पैंटी मे बैटी थी . बुआ के दूध उपर नीचे हो रहे थे. मुझे देख कर जोश आने लगा मैं बुआ के पास गया और बुआ के सर को पकड़ कर किस करने लगा. मैं ये दिखाना चाहता था कि मैं भी कुछ कम नही हू.
इस बार मैं बुआ के होन्ट चूस रहा था . मैं ज़्यादा उतेज़ित हो कर किस कर रहा था . 5 मिनिट के बाद मैं ने किस तोड़ दिया. मुझे पता था कि बुआ को साँस लेना ज़रूरी है .पहली किस के बाद पूरी तरह से नॉर्मल होने के पहले ही मैं ने किस करना सुरू किया था.
बुआ ने अपनी पैंटी निकाल दी. बुआ को जल्दी से चुदाई करनी थी इसी लिए मेरे भी कपड़े निकाल ने लग गयी. मेरी चड्डी नीचे सरक गयी . मेरा लंड देख कर बुआ की आँखो मे चमक आ गयी . मेरा लंड राकेश( बुआ के सहेली का भाई) से लंबा और मोटा था. पर बुआ के पति क्या मुझे पता नही था.पर बुआ की आँखो मे जो चमक थी उससे पता चल रहा था कि मेरा लंड उनसे भी लंबा है.
बुआ नीचे बैठ कर मेरे लंड को हाथो मे पकड़ कर अच्छी तरह देख ने लगी. फिर अपना मूह खोल कर चूस ने लगी. आधा लंड बुआ के मूह मे था. और आधा बाहर . बुआ ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूस रही थी. ऐसा लगा जैसे वो मेरे लंड को चेक कर रही हो कि कितना दम है मेरे लंड मे .
थोड़ी देर बाद बुआ ने चूसना बंद किया .मेरा लंड परीक्षा मे पास हो गया. बुआ सोफे पे लेट गयी. मेरे लंड को पकड़ कर चूत पर ले गयी . पर मैं ने लंड को पीछे ले लिया. बुआ मेरी ओर देख रही थी .बुआ अपनी आँखो से पूछ रही थी कि क्या हुआ.
मैं अपना सर बुआ की टाँगो के बीच ले गया . बुआ की चूत पर हल्के हल्के किस करने लगा. मुझे पता था बुआ को अपनी चूत चुस वानी अच्छी लगती है. मैं किसी भी तरह बुआ को खुस करना चाहता था. इसी की दो वजह थी. एक तो मुझे हमेशा के लिए नयी चूत मिल जाती. दूसरी बुआ राकेश से चुदवाना बंद कर देंगी.
मैं बुआ की चूत को जीभ से चाटने लगा . बुआ सिसकारियाँ लेने लगी. मैं बुआ की चूत मे जीभ डालने लगा. मेरी जीभ की चुदाई से बुआ खुश हो रही थी. बुआ को अब बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था.बुआ ने पानी छोड़ दिया. मैं ने सारा पानी पी लिया. पर मैं ने बुआ की चूत को चाटना चालू रखा .बुआ फिर से उतेज़ित हो रही थी. एक बार फिर से बुआ ने पानी छोड़ दिया.
बुआ लंबी लंबी साँसे लेनी लगी . बुआ नॉर्मल होने लगी. मुझे लगा अब देर नही करनी चाहिए. मैं लंड को बुआ की चूत पर रगड़ने लगा .बुआ को अब बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था. बुआ ने कहा की अब डाल दो.
मैं ने एक झटका मारा. लंड 2 इंच अंदर गया .बुआ के मूह से आहह निकली. मैं ने दूसरा झटका ज़ोर से मारा कि लंड 5 इंच तक अंदर गया. बुआ की दबी हुई चीख निकली. राज की वजह से बुआ अपने होंटो को दबा रही थी. मैं आगे झुक कर बुआ के होंटो को चूस ने लगा.. . बुआ थोड़ी नॉर्मल हो गयी.
बुआ के शांत होते ही एक करारा झटका मारा .मेरा पूरा लंड बुआ की चूत मे चला गया. बुआ की चीख मेरे मूह मे दब गयी. 2 3 मिनिट के बाद बुआ शांत हो गयी.
मैं धीरे धीरे लंड को हिलाने लगा. बुआ को थोड़ा दर्द होने लगा था . मैं ने बुआ को चोदना चालू किया. थोड़ी देर बाद बुआ भी मेरा साथ देने लगी. मैं ने बुआ के होंटो को छोड़ दिया. अब मैं ने गति बढ़ा दी. बुआ को भी मज़ा आने लगा. बुआ ने फिर पानी छोड़ दिया. मैं सोचने लगा कि बुआ की चूत है या फिर कोई नल है जो पानी पे पानी छोड़ रहा है.
मैं ने बुआ को घोड़ी बनने को कहा. अब मैं बुआ को पीछे से चोदने लगा. 10 मिनिट पीछे से चोदने के बाद अपना वीर्य बुआ की चूत मे डाल दिया . बुआ और मैं हाँफने लगे.
थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये. बुआ उठ कर बाथरूम मे चली गयी. मैं सोफे पर बैठा था.
बुआ बाथरूम से आ कर मेरे पास सोफे पे बैठ गयी.
हम दोनो ने अभी तक कपड़े नही पहने थे.
बुआ-मज़ा आया
अवी-हां बहोत ज़्यादा. और आप को
बुआ-मुझे भी मज़ा आया
अवी-आपके पति से भी ज़्यादा
बुआ- हाँ उनसे भी ज़्यादा. तुम तो लंबी रेस के घोड़े निकले
अवी-मतलब
बुआ-तुम तो किसी को भी मज़ा दिला सकते हो
अवी-मुश्कुराया
बुआ-तुम जिस तरह से मेरी चुदाई कर रहे थे उससे लगता है कि तुम पहले भी चुदाई कर चुके हो
अवी-हाँ मैं पहले भी चुदाई कर चुका हू
बुआ-किसके साथ
अवी-वो मेरा राज़ है .
आप की चूत देख कर लगता है. कई जनो ने इसके मज़े लिए होंगे.
बुआ-मैं ने तो राज के पापा के अलावा आज तुम्हारे साथ किया है
अवी-फिर राकेश के साथ क्या कबड्डी खेलती थी
बुआ-तुम्हे राकेश के बारे मे कैसे पता
अवी-आप राज को फूल बना सकती हो पर मुझे नही.
बुआ-क्या करू अवी. राज के पापा तो साल मे एक बार आते है. बाकी टाइम मैं कैसे निकालती हू वो मुझे पता है. इसी लिए राकेश को पटा लिया. लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरे घर मे ही एक मर्द है. अब तो राकेश की छुट्टी
अवी- अगर उसने मना किया तो.
बुआ-तुम्हे पता नही है. राकेश अपनी बहन को भी चोदता है.अगर उसने कुछ किया तो ये बात सबको बता दूँगी कि राकेश बहेन्चोद है.
अवी-आप तो स्मार्ट निकली
बुआ-वो छोड़ो , पहले ये बताओ तुम्हे ये सब किसने सिखाया
अवी-बोला ना राज़ है
बुआ-मेरे बारे मे सब पता किया. और अपने बारे मे कुछ बता नही रहे हो
अवी-स्टूडेंट को तो टीचर ही सिखाते है.
बुआ-मतलब तुम्हे टीचर ने चुदाई करना सिखाया. कौन है वो
अवी-बस मैं इतना ही बता सकता हू.
बुआ-क्यू
अवी-मैं ने प्रॉमिस किया है. कि उनका नाम किसी को ना बताऊ.
बुआ-ठीक है. मैं कुछ नही पूछती पर तुम मेरी चुदाई रोज करोगे ना
अवी-जब मुझे अच्छा लगेगा तब
बुआ-मतलब
अवी-राकेश आप की रोज चुदाई करता था?
बुआ-नही. महीने मे एक बार
अवी-मैं भी एक बार करूँगा
बुआ-ऐसा मत करो. मैं तुम्हारी बुआ हू ना
अवी-ठीक है पर मेरी एक शर्त है
बुआ-क्या?
अवी-मुझे राकेश के बहेन की चुदाई करनी है
बुआ-पर उसकी क्यू . मैं हू ना
अवी-राकेश ने आप की चुदाई की मुझे ये अच्छा नही लगा. मुझे भी उसकी बहन की चुदाई कर के हिसाब बराबर करना है
बुआ-तुम्हे मेरी और राकेश की चुदाई से क्या प्राब्लम है
अवी-आप मेरी बुआ हो. मैं कैसे बर्दास्त कर सकता हू कि कोई मेरी बुआ की चुदाई कर के चला जाए.
बुआ-तुम मुझ से इतना प्यार करते हो. और मैं थी जो तुम्हे गालिया देती थी. ठीक है मैं कॉसिश करूँगी
अवी-(क्या करू बुआ ये सब करना ज़रूरी था. एक तो आप मुझे अब गालिया नही देंगी, मैं कभी भी तुम्हारी चुदाई कर सकूँगा ,दूसरी बात मुझे एक और नयी चूत मिलेगी)
मैं हर हफ्ते मे एक दिन आप की चुदाई करूँगा
बुआ-सच.
अवी-और जब तक चाची नही आती तब तक हर दिन आप की चुदाई करूँगा
बुआ-चलो फिर एक और बार करते है
बुआ के कहते ही हम 69 पोज़िशन मे एक दूसरे को मज़ा देने लगे
बुआ मज़े ले ले कर लंड चूस रही. मैं भी बुआ की चूत चूस कर बुआ का मज़ा दुगना कर रहा था.
थोड़ी देर चूस ने के बाद मैं ने लंड को चूत पर रखा. इस बार मैं कुछ अलग करना चाहता था. इसी लिए पहले मैं बुआ को किस करने लगा .किस करने से बुआ गरम हो रही ती .मैं ने एक ही झट के मे पूरा लंड बुआ की चूत मे डाल दिया. बुआ की चीख मेरे मूह मे दब गयी.
बुआ तड़फ़ ने लगी .मैं बुआ के दूध दबाने लगा.थोड़ी देर बाद बुआ नॉर्मल हो गयी.
मैं ने बुआ को चोदना चालू किया. बुआ भी मेरा पूरा साथ देने लगी. गंद को उठा कर मेरे साथ चुद रही थी. लगभग 40 मिनिट की चुदाई के बाद मैने वीर्य बुआ की चूत मे छोड़ दिया. इस धुँआधार चुदाई मे बुआ ने 2 बार पानी छोड़ा.
बुआ बाथरूम मे चली गयी. मैं कपड़े पहन कर कमरे मे जा कर सो गया. मुझे पता भी नही चला कब मुझे नीद आई और कब बुआ कमरे मे आकर सो गयी.
रात मे दो बार चुदाई करने से मैं ज़्यादा देर तक सोता रहा. बुआ भी मेरी तरह सोती रही. आज राज पहले उठ गया. फिर राज ने बुआ को उठाया और फिर मुझे.
मुझे और कुछ देर तक सोना था पर राज कहाँ मानने वाला था.
मैं नाश्ता कर के अपने घर चला गया. मुझे नींद आ रही थी और खाना भी बनाना था तभी किसीने गेट खटखटाया .मुझे लगा माला आई होंगी. अच्छा होगा अगर माला आई तो खाना उसीको बनाने को कह दूँगा.
मैं ने गेट खोला सामने एक लड़का खड़ा था. उसके हाथो मे एक दवा(बॉक्स) था. उसने दबा मुझे दी. मैं पूछा किसने दिया तो उसने कहा कि आपकी बुआ ने भेजा है.
वो लड़का चला गया .मैने उसे पहले कभी गाओं मे नही देखा था.
मैं ने सोचा शायद नीता बुआ ने भेजा होगा. क्यू कि नेहा बुआ तो कभी नही भेजेंगी. और पूजा बुआ के घर से तो मैं अभी आया हू . उनको टाइम लगेगा खाना बनाने मे.
तो ज़रूर नीता बुआ ने भेजा होगा.
मैं ने खाना खा लिया .खाना बहोत ही अच्छा था.
खाना खाने के बाद मैं सो गया.रात की कब्बड़ी की वजह से मैं सो गया.
दोपहर मे मेरी नींद खुल गयी. मैं फ्रेश हो कर नेहा बुआ के घर जाने के लिए तय्यार होने लगा. मुझे ख़याल आया कि आज माला नही आई. शायद उसे बुरा लगा होगा. स्कूल मे जाकर माला से माफी माँग लूँगा.
दोपहर मे नेहा बुआ के घर चला गया. मुझे पता था कि नेहा बुआ कभी भी मुझे खाना नही भेजेंगी. फिर भी मैं ने बुआ को पूछ लिया .मेरा अंदाज़ा सही निकाला.
नेहा बुआ के घर से होकर पूजा बुआ के घर चला गया. मुझे देखते ही बुआ ऐसे खुस हो गयी जैसे कोई हीरा मिल गया हो.
मैं पूजा बुआ को भी पूछा .यहाँ भी वही जवाब मिला.
आज पूजा बुआ ने खाना जल्दी बना लिया. मैं तो बुआ को देखते ही रह गया बुआ चुदाई के लिए कितनी तड़फ़ रही है.
बुआ ने राज को जल्दी सुला दिया. राज के सोने के एक घंटे के बाद बुआ ने मुझे उठाया .और आज हॉल की जगह स्वेता और शीतल के कमरे मे ले गयी.
बुआ-आज मैं ने ये कमरा साफ किया था
अवी-पर क्यू
बुआ-सोफे पे मज़ा नही आता . यहाँ पर बेड है .यहाँ पर खुल के चुदाई कर सकते है.
अवी-पर चुदाई करने से पहले ये बताओ कि राकेश की बहेन का क्या हुआ
बुआ-जब वो अपने मायके आ जाएगी तब पटा लूँगी
अवी-ठीक है
बुआ ने नाइटी निकाल दी. बुआ ने आज पैंटी नही पहेनी थी.
मैं ने भी अपने कपड़े निकाल दिए. बुआ को किस करने लगा. बुआ तो दिन भर चुदाई के बारे मे सोच कर पहले से गरम थी. वो भी मेरा साथ देने लगी.
थोड़ी देर चूसाई के बाद मैं बुआ को चोदने लगा. हमारी 30 मिनिट की चुदाई मे बुआ दो बार अपना कीमती पानी छोड़ चुकी थी.
चुदाई के बाद बुआ बाथरूम मे चली गयी. (बुआ के घर मे दो बाथरूम है. एक सबके लिए कामन और दूसरा स्वेता के कमरे मे )
बुआ को बाथरूम की ओर जाते वक्त मेरी नज़र बुआ की गंद पर गयी. क्या मस्त गंद है बुआ की. राकेश तो नही मारता शायद राज के पापा मारते होंगे.
बुआ की गंद देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हुआ. मैं उठ कर बाथरूम मे चला गया. बाथरूम का गेट खुला था. मैं अंदर चला गया .बुआ चूत साफ कर रही थी. मैं ने बुआ को पीछे से पकड़ कर गर्दन पे किस करना चालू किया. बुआ भी मेरा साथ देने लगी. थोड़ी देर बाद बुआ की चूत मे लंड डाल दिया. बुआ को घोड़ी बना कर चोद रहा था फिर पोज़िशन बदल दी . अब बुआ की चूत मारते हुए मैं ने उंगली को बुआ के गंद मे डाल दिया. बुआ की गंद का छेद कसा हुआ था. गंद मे उंगली डालते ही बुआ उछल गयी.
बुआ-अवी गंद मे उंगली मत करो
अवी-मुझे तो आपकी गंद पसंद आ गयी है
बुआ-ये गंद तो सबको पसंद आती है
अवी-आप गंद मरवा चुकी है
बुआ-राज के पापा को मेरी गंद पसंद है. वो हमेशा चूत मारने से पहले गंद मारते है
अवी-मुझे भी आपकी गंद मारनी है
बुआ-नही तुम्हारा लंड बड़ा है. मेरी चीख निकल जाएगी
अवी-क्या हुआ
बुआ-कल मार लेना पर आज नही
अवी-आज क्यू नही
बुआ-मेरी चीख सुन कर राज उठ जाएगा. कल मैं राज को नींद की गोली खिला दूँगी . तब मेरी गंद मारना
अवी-ठीक है
और मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.
मैं ने इस बार वीर्य बुआ के मूह मे डाल दिया. बुआ ने भी सारा वीर्य पी लिया.
फिर फ्रेश होकर हम सो गये.
आज फिर से मुझे उठ ने मे देर हो गयी .
बुआ उठ कर नाश्ता बनाने लगी .नाश्ता करने के बाद मैं घर आ गया. आज फिर वही लड़का डब्बा लेकर आ गया. मैं ने उसके हाथो से डब्बा ले लिया. उसने कल के डब्बे के बारे मे पूछा. मैं ने डब्बा लाकर उसे दे दिया.
मैं डब्बा लेकर अपने कमरे मे जाकर खाने लगा. खाना खाने के बाद पढ़ाई करने लगा . फिर सो गया.
4 बजे कोमल के घर चला गया. कोमल ने मुझे कुछ इंपॉर्टेंट क्वेस्चन बताए जो दो सालो से रिपीट हो रहे थे.
कोमल के साथ पड़ाई करने के बाद पूजा बुआ के घर चला गया.
पूजा बुआ ने कल की तरह आज भी खाना जल्दी बना लिया. खाना खाने के बाद बुआ राज के लिए दूध लेकर आई.
फिर हम सो गये. एक घंटे के बाद बुआ और मैं स्वेता के कमरे मे चले गये. बुआ ने अपना कमरा बाहर से बंद किया. और स्वेता का कमरा भी अंदर से बंद किया.
बुआ के हाथो मे तेल की बॉटल थी. मैं बुआ की अरेंज्मेंट देख खुस हो गया.
बुआ ने तेल टेबल पर रख दिया .मुझे किस करने लगी. किस करते करते मैं ने बुआ के कपड़े और बुआ ने मेरे कपड़े निकाल दिए.
बुआ ने तो जैसे पैंटी पहनना बंद कर दिया .
मैं नीचे बैठ कर बुआ की चूत चाटने लगा . बुआ मेरे सर को पकड़कर चूत पे दबाने लगी. फिर मैं खड़ा होकर तेल की बॉटल लेने लगा. बुआ ने मुझे रोक दिया.
बुआ-पहले मेरी चूत की प्यास बुझा दो फिर गंद मार लेना
अवी- नही पहले गंद फिर चूत
बुआ-तुम्हारा लंड मेरी गंद फाड़ देगा . गंद मारने के बाद दर्द की वजह से मैं चूत कैसे मर्वाउन्गि. पहले चूत मारो इसमे तुम्हारा फ़ायदा है
अवी-मेरा कैसा फ़ायदा
बुआ-पहले चूत मारने से तुम गंद ज़्यादा देर तक मार सकते हो
अवी-ठीक है. मैं ने तेल से उंगली भिगो कर गंद मे डाल दी और अपना लंड बुआ की चूत मे डाल दिया. चूत मारते समय मैं ने अपनी उंगली बुआ की गंद मे डाल दी . बुआ की गंद खुली हुई थी. मेरी उंगली आसानी से अंदर चली गयी. राज के पापा बुआ की गंद ज़्यादा मारते होंगे जिससे बुआ की गंद खुली हुई है.
मेरे इस डबल हमले से बुआ को और भी मज़ा आने लगा. मैं भी मज़े लेकर बुआ की गंद और चूत मारने लगा. 20 मिनिट के बाद मैं झाड़ गया. बाद मे गंद मारने की ख़ुसी की वजह से जल्दी झाड़ गया.
आधा घंटा आराम किया. मैं ने जानबूझ कर बुआ को ज़्यादा देर आराम करने दिया. मैं चाहता था कि बुआ मुझे गंद मारने मे पूरा साथ दे.
मैं बुआ को किस करने लगा. साथ मे दूध भी दबाने लगा . धीरे धीरे बुआ भी जोश मे आने लगी. बुआ ने तेल की बॉटल उठा कर मुझे दी. मैं ने तेल को लंड पे अच्छे से लगा लिया . बाकी का तेल बुआ की गंद मे डाल दिया.
बुआ घोड़ी बन गयी. मैं ने अपना लंड बुआ की गंद पे रख कर एक झटका मारा .लंड 4 इंच तक अंदर गया. पर बुआ के मूह से सिर्फ़ आहह निकली. मैने बुआ से पूछा.
अवी-लगता है राज के पापा आपकी गंद ज़्यादा मारते है
बुआ- हां .उनका बस चलते हो सिर्फ़ गंद ही मारते रहें
मैं ने सोचा बुआ की गंद खुली है, इसी लिए मैं ने एक ही झटके मे पूरा अंदर डाल दिया. बुआ की चीख निकल गयी. बुआ के आँखो मे पानी आ गया . शायद राज के पापा का लंड मेरे जितना मोटा है पर लंबा नही है तभी बुआ की चीख निकल गयी.
राज को तो नीद की गोलिया दे कर सुला दिया है. अब बुआ की चीख कौन सुनेगा ये सोच कर मैं बुआ की गंद मारने लगा. पूरी ताक़त लगा कर बुआ की गंद मारने लगा . 15 मिनिट के बाद बुआ को भी मज़ा आने लगा था.
फिर मैं धक्के लगाता गया बुआ मज़े मे आवाज़े निकलती. और कहती आराम से आराम से करो दर्द हो रहा है. पर मैं कहाँ मानने वाला था. मैं और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाता गया. कमरे मे पच पच की आवाज़ आने लगी. मैं बुआ की गंद पर थप्पड़ मारने लगा. बुआ की गंद लाल हो गयी. जिस तरह मंकी की गंद लाल होती है उसी तरह बुआ की गंद लाल हो गयी.
लगबग 40 मिनिट की चुदाई के बाद मैं झाड़ गया. मैं ने बुआ की गंद से लंड निकाल लिया. लंड पर खून लगा हुआ था .मैने बाथरूम मे जा कर साफ किया.
फिर बुआ उठ कर बाथरूम की ओर जाने लगी. बुआ लड़खड़ाते हुए बाथरूम मे चली गयी. मैं ने कपड़े पहन लिए. 20 मिनिट के बाद बुआ वापस आ गयी. बुआ ने नाइटी पहन ली.
बुआ-कोई ऐसे गंद मारता है
अवी-आप की गंद है ही इतनी अच्छी कि मुझे कंट्रोल ही नही हुआ
बुआ-पर मैं तो तुम्हारी बुआ हू. थोड़ा आराम से तो कर सकते थे
अवी-सॉरी बुआ. अगली बार आराम से करूँगा
बुआ-अब मैं तुमसे कभी गंद नही मर्वाउन्गि चलो अब सो जाओ
अवी-और चूत
बुआ-वो तो तुम्हारी है .जब चाहे मार लेना .चलो अब सोते है मुझे दर्द भी हो रहा है.
कल की दमदार चुदाई के बाद मैं घर आ गया. आज (सॅटर्डे)भी उस लड़के ने डब्बा दिया. खाना खाने के बाद मैं मार्केट मे घूमने ने के लिए चला गया.
मार्केट मे घूमते वक्त मुझे माला मिल गयी . पर माला के साथ उसकी मा होने की वजसे मैं माला से बात नही कर पाया.
फिर मैं मंगला काकी की दुकान मे चला गया.
दुकान मे मंगला काकी की बेटी रति बैटी थी. मैं रति के साथ बाते करने लगा.
अवी-मंगला काकी कहाँ है
रति-मा तो बाहर गयी है.तुम ने तो इधर आना बंद ही कर दिया
अवी- ऐसी कोई बात नही है
रति-आज आ गये हो तो थोड़ी देर के लिए रुक जाओ. मा भी बाहर गयी है
अवी-बैठने के बाद .तुम बताओ कैसा चल रहा है
रति- मायूस होते हुए. कुछ खास नही.
अवी-क्यू क्या हो गया
रति-तुम्हे तो पता है
अवी-मुझे नही पता तुम किस बारे मे बोल रही हो
रति-अब तुम्हे क्या बताऊ जब से रवि के साथ घूमते हुए मा ने पकड़ लिया. तब से ये दुकान पर बैठी रहती हू.
अवी-क्या रवि के साथ
रति-ऐसे क्यू हैरान हो रहे हो. वो तो सिर्फ़ टाइम पास के लिए उसके साथ घूमती थी.
अवी-( लगता है मुझे भी इसके साथ टाइम पास करना पड़ेगा). रवि से तो मैं कही ज़्यादा अच्छा हू.
रति-तुम तो अभी बच्चे हो.
अवी-ऐसा सिर्फ़ तुम्हे लगता है.
रति-फिर किस को तुम बड़े लगते हो
अवी-जिस ने भी मुझे अच्छे से जाना है. वो तो कहता है कि मैं बड़ा हो गया हू.
रति-फिर तो एक बार देखना पड़ेगा.
अवी-अगर एक बार देख लोगि तो बार बार देख ने के लिए मुझे बुलाती रहोगी.
रति-क्या पता बाहर से तो ठीक ठाक दिख रहे हो .
अवी-हर तरफ से अच्छा हू
रति-तो चलो घर मे जाके देख लेती हू.
अवी-(साली ये तो फॅट से मान गयी) तो चलो
रति-रूको मैं दुकान बंद कर देती हू.
जैसे ही रति दुकान बंद करने के लिए उलटी वैसे ही मंगला काकी आ गयी
मंगला काकी को देख कर रति का चेहरा उतर गया.
मंगला- कैसे हो अवी. आज बड़े दिनो बाद आए हो.
अवी-क्या करू काकी घर पर अकेला हू. सारा काम मुझे ही करना पड़ रहा है. इसी लिए टाइम नही मिल रहा इधर आने के लिए
मंगला-तुम्हारी चाची तो मंडे को आ रही है. उसके बाद आया करो
अवी-अच्छा काकी मैं चलता हू
मंगला-ऐसे बीच मे उठ कर कहाँ जा रहे हो
अवी-मंडे को चाची आ रही है.तो मुझे घर साफ करना पड़ेगा. 5 दिनो से घर की साफ सफाई नही की है.
मंगला-तो कल कर लेना.
अवी-कल तो पढ़ाई भी करनी है.
मंगला-कुछ सोचकर. अभी बैठो कल मैं रति को भेज दूँगी तुम्हारी मदद कर देंगी
अवी-(काकी तो फस गयी)पहले रति से तो पूछ लो
मंगला-उसे क्या पूछना वो आ जाएगी कल तुम्हारे घर. तुम्हारी चाची खुस हो जाएगी जब उसे पता चलेगा कि रति ने तुम्हारी मदद की.
अवी-जैसा आप ठीक समझे(रति के चहरे पे ख़ुसी झलक़ रही थी)
फिर एक घंटे तक मंगला काकी के साथ बाते की. फिर घर चला गया.
घर आने के बाद मैं कोमल के घर चला गया. वहाँ पढ़ाई करने के बाद पूजा बुआ के घर आ गया
कल की तरह आज भी बुआ ने राज के दूध मे नींद की गोलिया मिला दी. लेकिन बुआ ने तो कहा था कि दुबारा गंद मारने नही देंगी. कुछ भी हो आज फिर बुआ की गंद बजा दूँगा.
बुआ और मैं स्वेता के कमरे मे आ गये.
मैं ने बुआ को पूछा कि आज राज को नींद की गोलिया क्यू दी.
बुआ ने कहा तुम जैसा सोच रहे हो वैसा नही है. मैं तुम्हे फिर से गंद नही मारने दूँगी. वो तो मैं तुम्हारे सात खुल कर चुदाई का मज़ा लेने के लिए ऐसा किया.
मैं उदास हो गया फिर सोचा जाने दो चूत तो मिल रही है. और वैसे भी बुआ को ज़्यादा परेशान करने से मुझे प्राब्लम हो जाएगी.
रात मे मैं ने बुआ की 2 बार चुदाई की. चुदाई मे आज मज़ा आ गया. बुआ खुल कर चिल्ला चिल्ला कर चुदाई का मज़ा ले रही थी. बीच बीच मे गालिया भी दे रही थी. आज की चुदाई मैं भी जोश से कर रहा था. वो जोश रति को सोच कर आ रहा था.
आज सनडे है. कल चाचा जी गाओं से वापस आ जाएगे. कल से पूजा बुआ के घर जाना बंद हो जाएगा. मुझे आज रात को पूजा बुआ की जमकर चुदाई करनी पड़ेगी. पता नही अगली बार कब बुआ के घर सोने के लिए जाने मिलेगा.
वो तो रात की बात है . आज तो रति के साथ मज़ा करूँगा.
11.00 बजे रति मेरे घर आ गयी. मुझे लगा कि रति आते ही मुझ पर टूट पड़ेगी. पर रति ने ऐसा नही किया.
रति ने घर मे आते ही घर की साफ सफाई करनी चालू की . मुझे लगा कल रति कोई दूसरी बात कर रही होगी.और मैने ग़लत मतलब निकाल लिया.
मैं भी रति की मदद करने लगा. रति जल्दी जल्दी काम ख़तम कर रही थी. रति ने सारा काम 1 घंटे मे ख़तम किया. जिस काम के लिए मुझे कम्से कम 3 घंटे लग जाते.
रति ने खाना भी बना दिया. मुझे खाना दे कर बाथरूम मे चली गयी. मैं खाना खाने लगा . खाना खाने के बाद मैं सोफे पे बैठ कर टीवी देखने लगा.
रति बाथरूम से बाहर आ गयी. रति मेरे सामने आकर बैठ गयी. मैं रति को देखते रह गया.रति मेरे सामने बिना कपड़ो के थी. मतलब नंगी बैठी थी.
रति- मुस्कुराते हुए. ऐसे क्या देख रहे हो .कभी किसी को नंगा नही देखा क्या.
अवी-देखा है पर तुम उन सब मे सबसे सुंदर हो
रति-अब क्या देखते रहोगे या कुछ करोगे भी
अवी-हाँ अभी करता हू
रति-तुम सोच रहे होगे कि मैं इतनी जल्दी कैसे मान गयी
अवी-हाँ सही कहा
रति- तुम से ज़्यादा मुझे अपनी चुदाई करवानी है. पिछले 6 महीने से मेरी चूत मे कोई लंड नही गया . मेरी चूत की खुजली मुझे परेशान करती है. मेरी मा ने मेरा घर और दुकान से बाहर जाना बंद कर्दिया है. और खुद घर मे रहकर मुझ पर नज़र रखती है. जिससे मैं बाहर भी नही जा सकती और किसी को घर भी नही बुला सकती.
कल तुम्हे देखा तो मुझे लगा तुमसे ही चूत की खुजली मिटा दूँगी.और मा भी घर पर नही ती. भले ही तुम्हारा लंड छोटा क्यू ना हो कल मैं तुमसे ज़रूर चुदवाती पर उसी टाइम पर मा आ गयी. और सब ख़तम हो गया. पर तुम्हारे कारण आज 6 महीने के बाद घर से बाहर निकली हू.
अवी-फिर तुम ने आते ही काम करना चालू क्यू किया
रति-रवि के साथ मैं ने ऐसे ही ग़लती की .मैं ने रवि को घर बुलाकर चुदाई करनी चाही पर मा ने सब देख लिया. मुझे घर बंद कर के रख दिया.
अवी-मैं कुछ समझा नही
रति-देखो, तुम पे मा शक नही करेगी. तुम्हे मा बच्चा समझती है.
इसी लिए मुझे तुम्हारे पास भेजा है. और तुम भी मेरे घर कभी भी आ सकते हो.
तुम मेरी खुजली कभी भी मिटा सकते हो. ये मोका मैं कैसे छोड़ सकती हू.
तुम्हारी चाची कल आ जाएगी. तुम्हारी चाची कल मेरे घर ज़रूर आएगी. मेरी मा को मैं अच्छे से जानती हू . वो तुम्हारी चाची को पूछ लेगी कि मैं ने घर साफ किया कि नही. मैं ने 6 महीने कैसे निकाले वो मुझे पता है. इसी लिए मैं कोई जोखिम नही लेना चाहती हू. तुम जब चाहो तब मेरी चूत मार सकते हो
अवी-वो मैं समझ गया. पर तू मेरे सामने नंगी आ गयी. क्यू?
रति-मुझे लगा कि तुम्हे आगे बढ़ने के लिए डर ना लगे. और तुम्हारा काम आसान कर दिया
अब कुछ करोगे या सवाल ही पूछते रहोगे.मेरे पास टाइम कम है. इसी लिए तो सारे काम जलदी ख़तम किए
मैं खड़ा हो गया.फिर मैं ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए . रति मेरे सामने खड़ी हो गयी, रति का भरा हुआ गदराया बदन देख कर मेरा लंड डंडे की तरह खड़ा हो गया. रति मेरे लंड को देख कर खुश हो गयी. फिर रति ने झट से मेरा लंड पकड़ कर अपने मूह मे लेकर खूब प्यार से चाटने लगी, और आइसक्रीम की तरह चूसने लगी मैं उसकी मोटी मोटी चुचियो को बहरहमी से मसल्ने लगा,करीब 10 मिनिट तक रति ने मेरे लंड को चूस चूस्के उसे लाल कर दिया.
मैं ने रति को गोद मे उठा कर मेरे कमरे मे ले गया. मैं ने रति को बेड पर लिटा दिया. मैं ने रति की टाँगे चौड़ी कर दी. अपना मूह उसकी चूत पर रख कर चूत चाटने लगा. रति सिसकिया लेने लगी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऐसे ही चाटो मेरी चूत को,आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह खा जाओ पूरी चूत को मैं कब से अपनी चूत चटाने के लिए तरस रही थी . आज तक किसी ने मेरी चूत नही चाटी और चाटो और ज़ोर से चाटो आह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बस चाटते रहो,सी सी आह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शाबाश ऐसे ही खूब चूसो ,
“ओह ये क्या कर रहा है, ओह बड़ा अच्छा लग रहा है रीईए, कहाँ से सीखा ये, तू तो बड़ा कलाकार है रीईई बहन्चोद, देखो कैसे मेरी चूत को चाट रहा है , ओह अवी सच मे गजब का मज़ा आ रहा है, चाट चाट ले पूरी चूत को चाट ले ओह ओह उूुुुुुऊउगगगगगगगग”.
मैं ने पूरे मज़े के साथ चूत पर अपनी जीभ को लगा के, अपने हाथो से चूत के होंटो को फैला के अपनी नुकीली जीभ को उसमे ठेलने की कोशिश करने लगा.
“हाइईईईईईईईईईईई रे सस्स्स्स्सिईईईईई पेल दे जीभ को दे पेल
के खूब चाट मेरी चूत को है रे मर गई रीईईई, ओह इतना मज़ा तो कभी नही आया था, ओह देखो कैसे चूत चाट रहा है,,,,,,,,सस्स्स्स्स्सीईई चाटो चाटो और ज़ोर से चाटो, मादरचोद,
मैं रति की बाते सुन कर और ज़ोर से उसकी चूत चाटने लगा.
थोड़ी देर बाद रति ने पानी छोड़ दिया. मैं ने रति का सारा पानी पी लिया.
मैं ने रति से पूछा मेरा कॉन्सा नंबर है
रति ने कहा अब तक 4 लंड ले चुकी हू और तुम्हारा नंबर 5 थ है.
तुम्हारी सील किसने तोड़ी. रति ने कहा मेरे मामा ने.
तुम सवाल बहोत पूछते हो . और काम कम करते हो हाँ अब मार धक्का और घुसा देअपने घोड़े जैसे लंड को मेरी चूत मे
मैं ने अपना लंड रति की चूत पर रख दिया.और एक झटका मारा लंड आधा अंदर गया. रति के मूह से चीख निकल गयी. मैं ने जल्दी से अपने होंटो को रति के होंटो पर रख कर किस करने लगा. मुझे डर था कही कोई सुन ना ले. क्यू कि इस बार मैं चुदाई घर पे कर रहा था.
जैसे ही रति नॉर्मल हो गयी. मैं ने दूसरा झटका मारा .मेरा पूरा लंड रति की चूत मे चला गया.
रति ज़ोर से चीख ने लगी. वो तो अच्छा हुआ कि मैं अपने होंटो से उसको किस कर रहा था.
थोड़ी देर बाद रति नॉर्मल हो गयी. मैं ने लंड को बाहर निकाल कर एक ही झटके मे अंदर डाल दिया. रति की फिर चीख मेरे मूह मे दब गयी .मुझे रति की 6 महीने की प्यास बुझानी थी. और पहले 4 लंड लेने के कारण मैं जोरदार धक्के मारने लगा. रति को मेरे लंबे झटके बर्दास्त नही हुए उस ने पानी छोड़ दिया.
मैं ने भी अपने धक्के लगाना चालू रखा. अब रति को मज़ा आने लगा.
सस्स्स्स्स्सिईईईईई हाइईईईईईईईईईई दैयया, कितना तगड़ा लंड है जैसे कि गरम लोहे का रोड हो, एक दम सीधा चूत की दीवारो को रगड़ मार रहा है, मेरे जैसी चुदि हुई की चूत फाड़ रहा है, मज़ा आ गया, ले साले और घुसा लंड और घुसा.
मैं रति की बाते सुनकर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा.
लगभग 40 मिनिट की दमदार चुदाई के बाद मैं ने अपना पानी रति की चूत मे डाल दिया. रति को पता था कि पानी अंदर जाने के बाद क्या करना है इस लिए मैं रिलॅक्स था.
रति नॉर्मल होते ही मेरे गले लग गयी. मेरे चहरे को चूमने लगी.
रति-आज तक किसीने मेरी इस तरह चुदाई नही की
अवी-तुम खुश तो मैं खुश
रति बाथरूम मे चली गयी. बाथरूम से आने के बाद कपड़े पहनने लगी.
अवी-फिर एक बार करते है.
रति-नही
अवी-क्यू मज़ा नही आया क्या
रति-मज़ा खूब आया. अगर मुझे घर जाने ने मे देर हो गयी तो मैं तो मर गयी समझो.
अवी-फिर कब मिलोगि
रति-मैं तो नही आ सकती पर तुम आ जाना .
अवी-ठीक है
रति चली गयी. मैं भी चुदाई कर के थक गया था .मैं सीधा जाकर बेड पे लेट गया.
आज उठने मे देर हो गयी . कोमल के घर जाकर ,बस मिल कर ,पूजा बुआ के घर चला गया.
मैं दोपेहर की चुदाई से थक गया था. इस लिए मैं ने बुआ की एक बार ही चुदाई की. आज की रात आखरी रात होने से बुआ को दमदार चुदाई की इच्छा थी. लेकिन मैं थक गया था. फिर बुआ उदास होकर सो गयी.
मैं बुआ को उदास नही करना चाहता था. मैं सुबह जल्दी उठ कर बुआ के दूध से खेल ने लगा. बुआ की नीद खुल गयी .बुआ खुस हो गयी.
फिर मैं ने ज़िप खोल कर लंड को बाहर निकाल कर बुआ के मूह के पास ले गया. बुआ ने किसी शिकारी की तरह मेरे लंड को पकड़ कर मूह मे ले लिया.
मूह मे लेकर चूस चूस कर लंड के टोपे को और लाल कर दिया. मैं बुआ के बूब्स को हाथो से मसल्ते हुए बुआ का मज़ा दुगना कर रहा था.
थोड़ी देर चूस ने के बाद मैं ने लंड को चूत पर रखा. राज हमारे पास सो रहा था. मुझे आराम से करना था. मैं ने 3 झटको मे लंड को अंदर डाला. बुआ ने भी राज की वजह से अपने मूह को दबा दिया था. जिस से बुआ की चीख बाहर ना जा सके.
थोड़ी देर बाद बुआ नॉर्मल हो गयी. मैं ने धीरे धीरे बुआ की चुदाई सुरू की. हमारी चुदाई से बेड हिल रहा था. पर मैं ने बेड को ज़्यादा हिलने नही दिया .और आराम से लंड को चूत मे पेलता रहा.
बुआ भी मेरी इस चुदाई मे पूरा साथ देने लगी. गंद को उठा कर मेरे साथ चुद रही थी. लगबग 40 मिनिट की चुदाई के बाद मैने वीर्य बुआ की चूत मे छोड़ दिया. इस धुँआधार चुदाई मे बुआ ने 2 बार पानी छोड़ा.
सुबह बुआ चुदाई से खुश हो गयी. रात मे जो उदास चेहरा था वो खिल उठा था. बुआ सुबह की चुदाई से खुश हो गयी .
फिर बुआ को खुश कर के मैं घर चला आया. वो लड़का आज भी डब्बा लाया . खाली डब्बा लेकर चला गया. मैं ने खाना खा लिया. थोड़ी देर पढ़ाई कर के सो गया.
चाचा जी दोपहर मे आने वाले थे.मैं ने घर आकर सुबह की थकान को सो कर ख़तम कर दिया. और फिर चाचा और चाची के आने का इंतज़ार करने लगा.
चाचा चाचियो के साथ गाओं से वापस आ गये. बड़ी चाची आते ही मेरे गले लग गयी. फिर सीमा चाची उसके बाद मीना चाची भी मेरे गले लग गयी. चाचा आते ही बेड पर गिर गये. शायद चाचा थक गये थे.
बड़ी चाची ने घर को अच्छे से देख कर मुस्कुराइ. मुझे कहा कि तूने तो घर को साफ करके रखा. ये सब करने की क्या ज़रूरत थी. हम तो आज आने वाले थे.
अवी-(मुझे रति की बात याद आ गयी) चाची वो मंगला काकी ने रति को भेजा था मेरी मदद करने. ये सब रति ने किया.
ब चाची-मंगला काकी को मना कर देते
अवी-मैं ने मना किया था. पर काकी ने कहा कि चाची आने पर कहेगी कि अवी का ध्यान नही रखा . इसी लिए काकी ने रति को भेजा था
ब चाची-कोई बात नही. पढ़ाई की या फिर खेलते रहे
अवी-खेलना तो बंद कर दिया है. 1 आंड हाफ महीने बाद एग्ज़ॅम है. कोमल के साथ पढ़ाई कर रहा हू
चाची गाओं का काम हो गया.
ब चाची- नही अभी पूरा नही हुआ. गाओं जाने का फल अभी मिलना बाकी है
अवी-आप फिर गाओं जाएगी
ब चाची-नही ,अब नही जाना पड़ेगा.
सीमा चाची और मीना चाची. नहा कर आ गयी.
बड़ी चाची नहाने चली गयी. सीमा चाची सोने के लिए कमरे मे चली गयी. अब हॉल मे मैं और छोटी चाची थे
सी चाची- कैसा रहा तुम्हारा एक हफ़्ता. पहली बार अकेले थे घर मे . खाना तो अच्छे से खाते थे या फिर खेल ते रहते थे
अवी-पूजा बुआ के साथ एक हफ़्ता कैसे चला गया पता भी नही चला
सी चाची-लगता है बुआ के साथ खूब मज़ा किया तुमने
अवी-हाँ.वो राज के साथ खेलना फिर बाते करना .पता ही नही चलता कि कब नींद आ गयी .और कब सो गये
सी चाची-हाँ यहाँ पर तुम्हारे साथ खेलने के लिए कोई नही है
अवी-ऐसी बात नही है
सी चाची-जल्दी ही तुम्हारे साथ खेलने के लिए कोई आ सकता है
अवी-कौन आने वाला है
सी चाची-ये तो तुम्हारे उपर है कि तुम तय्यार हो कि नही
अवी-मैं तो तय्यार हू . पहले बताइए कौन आने वाला है.
सी चाची-वो सर्प्राइज़ है. तुम्हे जल्दी पता चल जाएगा
अवी-ठीक है .मैं उसका इंतज़ार करूँगा.
बड़ी चाची नहा के आ गयी. बड़ी चाची और छोटी चाची ने मिलकर खाना बनाया. सीमा चाची भी उठ गयी. चाचा ने भी नहा लिया.
हम सब ने खाना खा लिया थोड़ी देर बाते की. आज सब के साथ मिलकर खाना खाना अच्छा लगा .फिर मैं अपने कमरे मे जाकर सो गया.
मेरे सोने के बाद
ब चाची- मीना गाओं का काम तो हो गया अब आगे क्या
सी चाची-जैसा हमने सोचा था सब वैसा ही चलेगा
म चाची-महाराज का प्रसाद काम करेगा
सी चाची-हाँ ज़रूर करेगा
ब चाची-तुम्हे आदमी तो मिला है ना
सी चाची-हाँ
ब चाची-कल जाके उसे पूछ लो
सी चाची-उसके लिए थोड़ा टाइम लगेगा
ब चाची-क्यू
सी चाची-मैं ने अभी तक उसे पूछा नही है
ब चाची- क्या ? तूने अभी तक उसे पूछा नही. अगर उसने मना किया तो
सी चाची-मुझे पूरा यकीन है कि वो मना नही करेगा
ब चाची-तुम इतना यकीन के साथ कैसे कह सकती हो
सी चाची-मुझे उसपर खुद से भी ज़्यादा भरोसा है
म चाची-वो कितना बड़ा है. दिखने मे तो अच्छा है ना?
सी चाची-वो अभी जवान है. दिखने मे भी अच्छा है
ब चाची-कही तू किसी लड़के के बारे मे तो नही सोच रही
सी चाची-हाँ वो एक लड़का है
म चाची-सच(खुश होते हुए)
ब चाची-लेकिन क्या एक लड़का हमे मा बना पाएगा
सी चाची-उसका लंड अवी के चाचा से भी लंबा और मोटा है
ब चाची-लेकिन लंबा होने से मा थोड़े ही बन सकते है
सी चाची-वो आप मुझ पर छोड़ दो
म चाची-क्या तू सच बोल रही. अगर हाँ है तो पहले मैं उसके साथ करूँगी
सी चाची-नही पहले मैं देखूँगी .अगर मैं मा बन गयी तो फिर आपका नंबर.
म चाची-मैं तुझ से बड़ी हू. पहले मैं मा बनूँगी
सी चाची-बड़ी तो सुमन दीदी है. और वैसे भी वो आपको ना कर सकता है. पहले मैं मा बन जाउन्गि अगर कुछ गड़बड़ होती है तब सिर्फ़ मैं फस जाउन्गि. आप दोनो बच जाएगी. और वैसे भी अवी के चाचा मेरे साथ सोते है. मेरी जगह अगर आप मा बन गयी तो अवी के चाचा को पता चलेगा
म चाची-ठीक है. तू पहले मा बन फिर हम बनेंगे
सी चाची-मैं कल से ही उसे पटाने मे लग जाउन्गि.
ब चाची-ठीक है अब रात काफ़ी हो चुकी है. हमे सोना चाहिए
सी चाची-कल बात करेंगे
सुबह चाची ने मुझे नींद से जगाया. बुआ के घर देर तक सोते रहने की आदत से आज चाची को मुझे जगाना पड़ा.
मैं फ्रेश होकर स्कूल चला गया. स्कूल मे आज बहोत कम स्टूडेंट थे. मैं ने कोमल को पूछा तो उसने बताया कि प्रिन्सिपल सर ने सभी स्टूडेंट को पढ़ाई करने के लिए एग्ज़ॅम तक सारे क्लास बंद किए है. आज जितने भी स्टूडेंट है वो लाइब्ररी मे पढ़ने के लिए स्कूल आए है.
मैं माला को ढूँढने लगा पर वो मुझे कही भी नही दिखाई दी. लगता है माला भी पड़ाई घर पे रहकर कर रही है.
मैं भी कोमल के साथ बैठ कर पढ़ाई करने लगा. पढ़ाई करने के बाद घर चला आया.
जब मैं स्कूल मे था तब घर मे चाची साफ सफाई करने लगी. औरतो की एक आदत है. भले ही घर साफ हो पर बाहर से आने के बाद जब तक खुद घर को साफ ना कर दे तब तक उन्हे चैन नही आता.
हमारे घर मे भी यही चल रहा था. छोटी चाची मेरे कमरे की साफ सफाई करने लगी. .मेरा कमरा रति ने साफ नही किया था. मैं ने रति को रोका था. क्यू कि मेडम की किताब मेरे बेड के नीचे रखी थी. मैं नही चाहता था कि रति वो किताब देख ले.
छोटी चाची मेरे कमरे को साफ करने मे लग गयी.चाची को टेबल के नीचे खाने का डब्बा मिला .ये वही डब्बा है जो वो लड़का लेकर आता था और मैं अपने कमरे मे बैठ कर ख़ाता था.
छोटी चाची ने डब्बे को देख कर उसी जगह पर रख दिया. फिर छोटी चाची बेड को साफ करने लगी. जैसे ही छोटी चाची ने गद्दे को बेड के उपर से हटाया उनकी नज़र किताब पर पड़ी.
किताब के दो तीन पन्ने गद्दे के कारण मूड गये थे जिससे किताब के कुछ पिक्चर दिख रहे थे.
छोटी चाची ने किताब उठा ली. और एक एक पन्ने पलट कर देखने लगी. छोटी चाची ने सोचा शायद इसी किताब को देख कर उस दिन मैं बाथरूम मे लंड हिला रहा था.
किताब के पन्ने पलट ते समय किताब मे रखा हुआ एक पेज नीचे गिर गया. छोटी चाची ने उस पेज को उठा लिया. वो पढ़ने लगी
(ये वही चिट्ठी है जो मेडम ने लिखी थी. मेडम के कहने के बाद भी मैं ने चिट्ठी को जलाया नही. अब वो चिट्ठी छोटी चाची के हाथो मे थी. हमेशा लोग कहते है अपने से बड़े लोगोकी बात सुना करो. आज मेडम की बात ना सुनने से पता नही आगे जाके मुझे क्या क्या सहना पड़ेगा)
छोटी चाची ने चिट्ठी पढ़ ली. छोटी चाची के चहरे पे खुशी झलक रही थी. चिट्ठी मे चुदाई के बारे मे नही लिखा था पर चिट्ठी पढ़ने से पता चल सकता था कि मैं ने और मेडम ने चुदाई की है.
छोटी चाची ने वो चिट्ठी अपने पास रख ली. और किताब को बेड के नीचे रख दिया . कमरे को साफ करने मे लग गयी.
मैं स्कूल से घर आ गया. खाना खाने के बाद सो गया.
फिर शाम को कोमल के पास चला गया. कुछ देर बाद छोटी चाची भी नेहा बुआ के घर आ गयी.
फिर छोटी चाची मुझे नेहा बुआ के घर से मार्केट मे ले गयी. छोटी चाची मंगला काकी से बाते करने लगी .मैं और रति आँखो ही आँखो मे इशारे करने लगे. मंगला काकी रति की तारीफ सुनकर खुश हो गयी. काकी के खुश होने से मैं और रति भी खुश हो गये.
हमारा रास्ता साफ हो गया था.
छोटी चाची और मैं घर आ गये. फिर हर दिन की तरह आज मैं पढ़ाई करके सो गया.
ब चाची-मीना कुछ काम हुआ
सी चाची-समझो हो गया
म चाची-तूने लड़के से पूछ लिया.
सी चाची- नही अभी तक तो नही.
ब चाची-फिर कैसे तेरा काम हुआ
सी चाची-उस लड़के का एक राज़ मुझे पता चल गया है.
ब चाची-मतलब तू उसको ब्लॅकमेल करेगी
सी चाची- ब्लॅकमेल नही करूँगी .पर हम उस राज़ क्या फ़ायदा उठा सकते है
म चाची-उसका राज़ हमारे पास और हमारा राज़ उसके पास. सही कहा ना मैं ने
सी चाची- हाँ बिल्कुल सही कहा
ब चाची-ये तो अच्छी बात है हमारे लिए
सी चाची- हाँ. लगता है भगवान भी हमारे साथ है
ब चाची-हाँ, मुझे भी ऐसा लगता है
म चाची-मुझे भी
सी चाची- मैं कल ही उससे बात कर लूँगी.
ब चाची-हाँ कर ले.और जल्दी खुश खबरी सुना हमको
सी चाची-समझो मिल गयी खुश खबरी
म चाची-अगर फिर भी उसने ना किया तो
सी चाची-फिर कुछ और सोचना पड़ेगा
ब चाची-क्या तूने दूसरा तरीका भी सोचा है
म चाची-जैसे मूवी मे दिखाते है प्लान बी
सी चाची-अभी तक तो नही
ब चाची-देख मीना ये आख़िरी बार है अगर इस बार हम मा नही बने तो फिर कभी मा नही बन पाएगे
सी चाची-मुझे पता है
ब चाची-तुझे पता है तो तू हर तरीका आज़मा लेना
सी चाची-मैं अपनी तरफ से सब करके देखूँगी
म चाची-फिर भी अगर वो नही माना तो
सी चाची-दीदी आप चाहती क्या हो की वो नही माने
म चाची-मैं ऐसा तो नही कहा
सी चाची-फिर आप हर बार ऐसा क्यू बोल रही हो की अगर वो नही माना तो
म चाची-मैं तुझे सिर्फ़ पूछ रही हू
सी चाची-दीदी दूसरे प्लान की ज़रूरत नही पड़ेगी.
म चाची-वो क्यू
सी चाची-वो ऐसे ही मान जाएगा. अगर मुझे उसका राज़ भी पता नही चलता तो भी वो मान जाता
ब चाची-मीना इतना यकीन के साथ कह रही है तो मीना ने कुछ सोचा होगा. सीमा तू ज़्यादा परेशान मत कर मीना को
म चाची-मैं कहाँ परेशान कर रही हू.
सी चाची-ठीक जाने दो .बस तय्यार रहो मा बनने के लिए.
म चाची-मैं तो कब से तय्यार हू
सी चाची-तो फिर समझो काम हो गया
म चाची-ठीक है. मुझे तो नींद आ रही है.तुम दोनो बाते करो मैं सो ने जा रही हू.
ब चाची-रूको मैं भी आ रही हू.
आज मैं जल्दी स्कूल से वापस आ गया. घर पर आज खाने मे मीठा बनाया था . खाना खाने के बाद मैं पूजा बुआ के घर चला गया. 2 दिन से मैं ने चुदाई नही की थी.
बुआ घर जाते वक्त मैं खुश था. पर घर मे जाते ही मुझे झटका लगा. आज राज स्कूल नही गया था.. बुआ मेरे चेहरे की उदासी देख कर खुद उदास हो गयी. मैं बुआ के घर से कोमल के पास चला गया.
मेरा मन आज पढ़ाई मे नही लग रहा था. मैं आज जल्दी घर वापस आ गया.
रात को खाना खाने के बाद कमरे मे आ गया. सोचा आज चुदाई करने को तो नही मिली उसकी जगह लंड हिला लेता हू.
तभी मुझे मेडम की किताब क्या ख़याल आया. सोचा चलो किताब देखते हुए लंड हिलाता हू.
मैं ने बेड के नीचे से किताब निकाल ली. किताब मे नंगी पिक्चर देख ने लगा. और लंड को हिलाने लगा. आज लंड को हिलाने मे मज़ा आ रहा था.
जैसे जैसे पन्ने पलट रहे थे वैसे वैसे लंड को हिलाने की गति बढ़ रही थी.
थोड़ी देर बाद सारे पन्ने ख़तम हो गये .मेरा वीर्य निकल गया. मैं ने वीर्य साफ किया. और किताब को बेड के नीचे रख दिया.
मेडम ने तो मुझे चुदाई की आदत लगा दी. पहले मैं सिर्फ़ मोना की चुदाई देखता था. पर अब मैं चुदाई करने भी लग गया
पहले एक भी लड़की मुझसे बात नही करती थी. और अब मोना , माला, और रति मुझसे बाते करने के लिए मर भी सकती है.
मोना और रति तो मेरी दीवानी हो गयी है. मैं जब चाहू तब उन दोनो की चुदाई कर सकता हू….
लेकिन माला के साथ आराम से करना चाहिए था. शायद माला को अच्छा नही लगा. उस दिन के बाद माला से बात भी नही हो पाई.
मिलने के बाद माला से माफी माँग लूँगा. शायद माफ़ करने के बाद माला भी मुझसे चुद जाएगी.
पूजा बुआ ने तो मेरे लिए राकेश को छोड़ दिया. बुआ भी तो दमदार माल है. बुआ को खुश रखने से मेरा काम भी हो जाएगा. मुझे भी चुदाई करने को मिलेगी.
साथ ही बुआ ने प्रॉमिस किया है कि राकेश की बहेन को भी मना लेंगी. फिर एक नयी चूत मिलेगी.
मेडम आपने तो मुझे जन्नत दिखा दी. मुझे पता नही था कि मैं जहाँ रह रहा हू वही जन्नत है.
मैं मेडम के बारे मे सोच रहा था कि अचानक मुझे कुछ याद आ गया .
मैं जल्दी से उठ गया. मैं ने मेडम की किताब को फिर से निकाल लिया. किताब के पन्ने पलट ने लगा. दो तीन बार किताब को देख ने के बाद मैं परेशान हो गया.
मेरा चेहरा पीला पड़ने लगा. चेहरे से पसीना छूटने लगे.
मैं बौखला गया. मुझे तो कुछ समझ मे ही नही आ रहा था कि मैं क्या करू. मैं अपने सर को पकड़ कर बैठ गया. काश मैं ने मेडम की बात मान ली होती . तो मुझे ये दिन नही देखने को मिलता.
मैं सोच रहा था कि तभी किसी ने गेट खट खटाया
मैं दुआ माँग रहा था कि चाचा को वो चिट्ठी ना मिली हो. चाची से तो मैं माफी माँग लूँगा.
मैं ने डरते डरते गेट खोल दिया. जो ना होना था वही हो गया. सामने चाचा नही थे पर जिसका मुझे चाचा के बाद सब से जाड़ा डर लगता है वो छोटी चाची खड़ी थी.
छोटी चाची के हाथो मे मेडम की चिट्ठी थी. चाची अंदर आ कर बेड पर बैठ गयी. मेरी ओर देखने लगी. मुझे तो ‘काटो तो खून’ नही जैसा लग रहा था. मैं सर को नीचे कर के खड़ा था.
छोटी चाची-गुस्से मे ये सब क्या
अवी-मैं चुप चाप खड़ा था
छोटी चाची-मैं तुम्हे कुछ पूछ रही हू
अवी-मैं रोने लगा
छोटी चाची-अब रो क्यू रहे हो . चुप हो जाओ.
अवी-मैं ने रोना बंद किया.
छोटी चाची-बैठो यहाँ
अवी-मैं बैठ गया
छोटी चाची-ये सब क्या है अवी.
अवी-वो ग़लती से
छोटी चाची-क्या ग़लती से. ये जो तुमने किया वो कोई ग़लती से नही करता .
अवी-वो मैं…
छोटी चाची-पूरा एक हफ़्ता ग़लती करते रहे .ये कैसी ग़लती थी तुम्हारी
अवी-वो पहले ग़लती से हो गया
छोटी चाची-और फिर जानबुझ कर ग़लती करते गये
अवी- ऐसा नही है
छोटी चाची-मुझे पूरी बात बताओ कि ये सब कैसे हुआ.नही तो तुम्हारे चाचा को बता दूँगी
अवी-वो मैं ने मेडम को एक सवाल पूछा उसके बाद सब सुरू हुआ.
छोटी चाची-कैसा सवाल
अवी- मुझे लगा कि मुझे कोई बीमारी है उसी के बारे मे पूछा था.
छोटी चाची-कैसी बीमारी
अवी-मुझे लगा कि मेरी नुन्नि मे कुछ प्राब्लम है
छोटी चाची-क्या नुन्नि बोल रहे हो अब बड़े हो गये हो . तुम तो बड़े बड़े काम कर रहे हो ,साफ साफ बोलो नही तो
अवी-वो मुझे लगा कि मेरा
छोटी चाची-बोल ना लंड
अवी-हां वही. मुझे लगा कि मेरा लंड
सी चाची-क्या लगा तुम्हे
अवी-मुझे लगा कि मेरा लंड बाकी सब से बड़ा है
सी चाची-तुम्हे ऐसा क्यू लगा
अवी-वो मैं ने अपने फ्रेंड्स के लंड देखे वो छोटे थे
सी चाची-तो तुम ये बात हमे भी बता सकते थे
अवी-वो मैं डर गया था कि आपसे कैसे पुछु
सी चाची-क्यू बाकी बाते तो पूछ लेते हो ,कही तुमने जानबूझ कर मेडम से पूछा तो नही
अवी-नही. वो बातो बातो मे पूछ लिया
सी चाची-उसके बाद तो बता सकते थे.
अवी-वो मेडम ने मना किया था
सी चाची-मतलब अब तुम मेडम की बात मानोगे हमारी नही
अवी-मेडम ने कहा था कि किसिको पता चल गया तो मेडम की बदनामी हो जाएगी.
सी चाची-और अगर मेडम ने तुम्हे फ़ैसाया होता तो.वो तुम्हारा ग़लत इस्तेमाल कर लेती तो
अवी-मैं क्या करता मुझे तो कुछ समझ मे नही आ रहा था
सी चाची-अब तुम बच्चे तो हो नही कि तुम्हे समझ मे नही आया. अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता ये सोचा है कभी तुमने
अवी-मैं रोने लगा
सी चाची-ये रोना बंद करो क्या बच्चो की तरह रोने लग जाते हो
अवी-मैं ने रोना बंद किया
सी चाची-अब मुझे सब बाते बताओ कि कैसे हुआ,क्यू हुआ,किसकी वजह से हुआ. शुरू से शुरू करो
अवी-वो मेडम की किताब……
………………………मैं ने सारी बात चाची को बता दी
सी चाची-तो ऐसा हुआ
अवी-अब इसमे मेरी क्या ग़लती है
सी चाची-कुछ भी हो .चाकू खरबूजे पे गिरे या खरबूजा चाकू पे ग़लती तो चाकू की होती है.
अवी-मैं ने अपना सर नीचे झुका लिया.
अवी-बस मेडम के साथ
सी चाची-तुम्हे क्या मैं चूतिया दिखती हू. मैं ने तुमसे ज़्यादा दुनिया देखी है.सच बताते हो कि
अवी-मैं सच बोल रहा हू
सी चाची-देखो डरो मत मुझे सब सच सच बता दो. इसमे तुम्हारा फ़ायदा है.
अवी-(चाची चाचा को नही बताएगी. अगर मैं ने चाची को सब बता दिया तो. मैं मोना के बारे मे बता देता हू)
एक लड़की के साथ भी किया है
सी चाची-क्या नाम है उसका
अवी-मोना नाम है उसका, मेरे ही स्कूल मे पढ़ती है.
सी चाची-क्या?स्कूल की लड़की के साथ
अवी-वो पहले भी कर चुकी थी
सी चाची-तुम्हे क्या उसने बताया.
अवी-उसने नही. मैं खुद देखा था वो अपने भाई और बॉयफ्रेंड. के साथ कर रही थी.
सी चाची-तो तुम ने उसको ब्लॅकमेल किया.
अवी-नही .वो खुद मुझसे करने को तय्यार हो गयी
सी चाची-तुम मे ऐसी कौन सी बात है जो वो तुम्हारे साथ करने के लिए तय्यार हो गयी.
अवी-मुझे क्या पता .आप मोना से पूछ लो
सी चाची-ठीक है. और किसके साथ किया है.
अवी-सब तो बता दिया अब और क्या बचा है.
सी चाची-ज़्यादा मत बनो. तुम जवान हो रहे हो. और इस एज मे एक बार चुदाई कर लो तो आदत लग जाती है. तुम तो 2 के साथ कर चुके हो. मुझे नही लगता कि तुम 2 से ही सन्तुस्त हो गये होगे. बता भी दो .मुझसे मत डरो मैं तुम्हारे चाचा को नही बताउन्गि.
अवी-आप चाचा को मत बताना तभी मैं बताउन्गा
सी चाची-ठीक है नही बताउन्गि.
अवी-जब आप गाओं चले गये थे तब पूजा बुआ के साथ भी कर लिया
सी चाची-क्या? पूजा बुआ के साथ भी. वो कैसे मान गयी
अवी-बुआ तो पहले से ही उनकी सहली के भाई राकेश के साथ करती है. अब मेरे साथ भी कर लिया.
सी चाची-मुझे लगा ही था कि राकेश और पूजा बुआ मे कुछ चल रहा है.
अवी-मैं ने बुआ से कहा कि हफ्ते मे एक बार करते रहेंगे
सी चाची-तुम तो मेरी सोच से भी आगे निकल गये
अवी-सर नीचे कर लिया
सी चाची-तुम्हे किसके साथ ज़्यादा मज़ा आया
अवी-मैं नही बताउन्गा आप बुरा मान जाएँगी
सी चाची-अब इतना बता दिया है तब बुरा नही माना अब क्यू मानूँगी
अवी-वो पूजा बुआ के साथ
सी चाची-क्या. पूजा बुआ तो तुमसे बड़ी है. मोना तो तुम्हारे जितनी है उसके साथ क्यू नही.
अवी-वो वो वो
सी चाची-अब बता दो
अवी-वो बुआ है इसलिए
सी चाची-क्या. बुआ है इसलिए
अवी-पता नही पर बुआ के साथ करने मे कुछ अलग रहा था
सी चाची-कैसा अलग लग रहा था
अवी-मूज़े नही पता पर मेडम और मोना के साथ जो नही लगा वो बुआ के साथ लगा था
सी चाची-ठीक है मैं समझ गयी.
सी चाची-और कुछ बाकी होगा वो भी बता दे
अवी-वो मंगला काकी की बेटी रति उसके साथ
सी चाची-ये भगवान ,हो गया या और भी कुछ है.
अवी-नही इतना ही था
सी चाची-तू तो ऐसा बोल रहा है जैसे कुछ हुआ ही ना हो
अवी-जो हो गया वो तो मैं ने आप को बता दिया .अब तो आप चाचा को नही बताएँगी ना
सी चाची-नही बताउन्गि. लेकिन मेरी दो शर्त है.
अवी-मुझे आपकी सारी शर्त मंजूर है
सी चाची-पहले सुन तो ले
अवी-ह्म्म्म
सी चाची-मुझे लगता है कि तू अब बड़ा हो गया है. ये जो तूने किया वो एक जगह ग़लत है पर तेरी एज ही ऐसी है कि तुम खुद को रोक नही पाए. एक ग़लती के बाद दूसरी करते गये.
अब जो हो गया वो बदल तो नही सकते पर आगे ध्यान रखना
अवी-जी चाची
सी चाची-तो सुनो मेरी पहली शर्त- तुम जिसके साथ भी चुदाई करोगे उसके बारे मे मुझे बता देना.अगर कुछ प्राब्लम हो गयी तो मैं देख लूँगी
अवी-ये सुनते ही मैं खुश हो गया.
सी चाची-दूसरी शर्त मैं कल बताउन्गि. कल अपने कमरे का गेट खुला रखना.