मेरे दोस्त की सेक्सी वाइफ़ 1

दोस्त की बीवी

पर मैं और मज़ा लेने के लिये उसके चूतडों पर जोर से स्लाप भी कर देता जिससे चटाक! की आवाज आती और रानी को बड़ा मज़ा आता था और वह अपने चूतड़ ऊपर उठा कर जैसे और स्लाप करने को कहती। रानी की जांघें मुझे सबसे ज्यादा उत्तेजित कर रही थी, मैं वहां पर प्रेस, मसाज, किस, रब कर सकता था। और मैं ये सोच रहा था कि जब मैं उसकी चुदाई करुंगा तो उसकी थाईज़ जब मेरी थाई के साथ रब होंगी तो कितना मज़ा आयेगा। अगर रानी की जैसी स्मूथ बॉडी हो तो ऐसा लगता है कि जैसे लिनेन पर स्लिप हो रहा हो। जब मैं उसके चूतडों पर मसाज कर रहा था तो मुझे बिल्कुल ऐसा ही लग रहा था। रानी को डबल मज़ा आ रहा था एक तो उसकी मसाज हो रही थी दूसरा एक मर्द के हाथों उसके बॉडी के पार्ट्स का स्पर्श दे रहा था और जिसे वह फुल्ली एन्जॉय कर रही थी।

मैने रानी के दोनो चूतड़ को चोडा करके उसकी गांड को देखने लगा और मुझे रानी की चूत पीछे से दिखायी देने लगी और मेरा लंड फ़िर जोर मारने लगा। इधर मेरा लंड अब पूरी तरह बेकाबू हो गया था और उसको कंट्रोल करना मेरे लिये पोस्सिब्ल नहीं था। वह अब रानी की चूत में जाये बगैर मानने वाला नहीं था।। रानी की चूत का बुरा हाल हो गया था। मैने अपने अंगूठे से को रानी की चूत के आस पास रब करना शुरु कर दिया और मौका पाते ही उसकी चूत के अंदर पूरा अंगूठा डाल दिया। मेरा अंगूठा पूरा उसकी चूत में गया तो रानी की खुजली जरा कम हुई और वह अब थोड़ा मज़ा लेने लगी। मेरा अंगूठा लंड की तरह रानी की चूत में अंदर बाहर फ़िसलने लगा, रानी को मज़ा तो आ रहा था पर उसकी चूत की खुजली पूरी तरह से दूर नहीं हो रही थी। वह मस्ती मेरे से चिपट गयी जैसे कहना चाहती हो कि कब चोदोगे पर वह बोली कुछ नहीं।

पहले रानी के नंगे बदन की गरमी से मेरा लंड तो तना हुआ था मैने जल्दी से रानी को दाब लिया। रानी की चूत में तो पहले से ही खुजली थी पर वह झूठा गुस्सा दिखा रही थी और मना कर रही थी। मैने उसको कमर से पकड़ा और उसके चूचियों को अपने लिप्स से किस करने लगा जैसे ही रानी ने मुंह खोला तो मैने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिया और नीचे से दूसरे हाथ को उसकी थाईज़ पर मसाज करने लगा। उसकी थाईज़ बड़ी टाइट थी, बच्चों वाली औरतों की तरह ढीली नहीं थी। मैं थाई पर हाथ फ़ेरते हुए उसकी चूत की तरफ़ बढ़ना चाह रहा था। रानी के बूब्स भी एकदम टाइट हो गये थे जिसका मतलब था कि उसको पूरी उत्तेजना हो रही थी। मैने कैइ बर रानी के बूब्स के निप्पल को लिप्स में लेकर जोर से प्रेस किया जिससे दोनो को बड़ा मज़ा आया।

जब मुझे ज्यादा मज़ा आने लगा तो मैने एक दो बार रानी के निप्पल को अपने दांत से हल्का सा काट भी दिया जिससे रानी चीख पड़ी और मुझे बड़ा मज़ा आया। नीचे से मेरा हाथ रानी की थाईज़ से होता हुआ उसके चूतडों और रानो पर मसाज करने लगा। ऊपर से मैने रानी की बैक, नेक, वेस्ट और नाभि के आस पास लिप्स और जीभ से किस और लिक करना चालु रखा था। जब मेरा एक हाथ रानी की रानो पर फ़िसल रहा था तो रानी की मस्ती कंट्रोल से बाहर हो गयी तब मैने रानी को बेड पर लिटा दिया और अपने आप भी साइड बी साइड लेट गया। मैं आराम से अपने दोनो हाथों और लिप्स से रानी के पूरे बदन से खेलने लगा। अब दोनो एकदम गरम हो गये थे रानी की भी सारी शरम दूर हो गयी थी और उसका बदन की एक एक हरकत मुझे महसूस हो रही थी उसकी गरम सांसें मुझे बेचैन कर रही थी। मैने रानी की चूत के ठीक पास अपनी उंगली से रब करना शुरु कर दिया जिससे मस्ती के मारे रानी ने अपनी दोनो टांगें फ़ैला दी और मुझे उसकी चूत पर अटैक का एक मौका मिल गया।

मैने अपने आप को रानी की दोनो टांगों के बीच फ़िक्स कर लिया और उसकी दोनो टांगों को और फ़ैलाकर उसकी चूत को और चौड़ा कर दिया मुझे उसकी चूत का छेद साफ़ इतना बड़ा दिख रहा था कि उसमे में अपने थम्ब को सीधा डाल सकता था। पर मैने बिना टाइम गंवाये किये अपने लंड को सीधा उसकी चूत के छेद में झोंक दिया और मेरा लंड रानी की चूत में आधा धंस गया। ये शायद ऐसा मौका था जब चुदाई में मुझे इतनी आसानी लंड डालने का मौका मिला हो। मैने एक और जोर का धक्का लगाया तो मेरा पूरा लंड रानी की चूत में ठुक गया।

आज उसकी चूत पहले ही गीली हो रखी थी इसलिये अब मैं अपने लंड को ऊपर नीचे रगड़ने लगा तो रानी की चूत में सरसराहट होने लगी। रानी ने भी नीचे से हमला कर दिया और अपनी गांड का एरिया ऊपर को उठा कर खुद भी चुदायी करवाने के लिये मुझे इनवाईट करने लगी। आज मुझे और रानी को चुदायी में दर्द नही हो रहा था और दोनो ही मस्त थे वह आज बड़ी मस्ती में लग रही थी। मैने रानी की चूत में ऊपर नीचे रगड़म परेड शुरु कर दी और रानी भी अपनी चुदायी करवाने लगी। धीरे धीरे मेरी स्पीड बढ़ गयी तो गन्ने के खेत में जैसे तूफ़ान सा आ गया। मैने चुदायी के साथ साथ रानी के पूरे बदन को चूमना, चाटना, मसलना और रगड़ना भी चालू रखा था। मेरा ऐसा करने पर रानी भी जवाब दे रही थी बस जवाब के लिये उसके पास लंड नहीं था नहीं तो वह भी पूरे जोर से हमारी चुदायी की गाड़ी को धकेल रही थी।

मैं पहले की तरह बेड पर लेट गया और रानी मेरे ऊपर आ गयी। मुझे तो इससे बड़ा फ़ायदा हुआ, मैं पूरी ताकत से चोदने के चक्कर में अपनी काफ़ी एनर्जी वास्ट कर चुका था और इस पोसिशन में मुझे रानी की दुबारा चुदायी के लिये रिचार्ज होने का मौका मिल गया। रानी ने अब ऊपर से धक्का लगाना शुरु कर दिया और मैं आराम से उसके चूचियों और निप्पलों को मसलने लगा।। पर उसके बूब्स ही मेरे हाथों के में टार्गेट थे, जब मुझे ज्यादा मज़ा आता तो मैं उसके चूतड़ पर जोर जोर से स्लाप कर देता जिससे रानी और मुझे दोनो को मज़ा आता। मैं जैसे ही रानी की गांड के आस पास स्लाप करता रानी और जोर से अपनी चूत को मेरे लंड की तरफ़ उठा देती और दोनो का मज़ा दोगुना हो जाता।

अचानक रानी बोली राजु अब जल्दी करो मैं गीली हो गयी हूं तो मैने रानी को फ़िर पहले वाली पोसिशन में करके अपने आप को उसके ऊपर ले आया। अब मैने ऊपर से अपनी स्पीड बड़ाकर रानी की चूत को अपने लंड से पूरी ताकत के साथ ठोंकना शुरु कर दिया। रानी अब जोर जोर से आवाजें निकाल रही थी पर अब वह पहले की तरह खुश नज़र नहीं आ रही थी पर उसकी आहें मुझे और उत्तेजित कर रही थी और मैने और जोर से उसकी चुदाई करने लगा। मुझे रानी की चीख में एक अलग ही मज़े का आने लगा और में और जोर से उसकी चूत को अपने लंड से ठोंक रहा था। करीब २-३ मिनट बाद ही मेरी भी हालत कुछ ढीली होने लगी और में थकने लगा तो मैने स्पीड थोड़ा कम कर दी तो रानी भी थोड़ा रिलेक्स लगने लगी। अचानक मुझे ऐसा लगने लगा कि मेरे लंड के जड़ से अंदर नसों में पानी निकलने को बेताब है मैं समझ गया कि अब मेरा भी झड़ने वाला है रानी तो शायद पहले ही झड़ चुकी थी।

मैने रानी की चूत में अपना पूरा लंड अंदर तक ठोंक कर अपने को रोक दिया। और मेरे लंड के अंदर से सारा क्रीम धीरे धीरे होता हुआ रानी की चूत में जाता सा लगने लगा। उधर रानी भी शायद अपनी चूत में मेरे लंड का क्रीम फ़ील कर रही थी वह हलकी सी आहें भरते हुए रिलेक्स और खुश नज़र आ रही थी। कुछ पलों के बाद मेरे लंड का सारा क्रीम रानी की चूत की गेहराई में कहीं गुम हो गया। मैं एकदम सुस्त हो गया था ऐसा लग रहा था जैसे किसी लम्बी रेस दौड़ी हो और मेरा लंड भी एकदम सिकुड़ गया था में इतना सुस्त हो गया कि वैसे हो रानी के ऊपर लेट गया और रानी ने भी कोई जावब नहीं दिया और हम दोनो ऐसे ही लेटे रहे मतलब रानी नीचे बेड पर लेटी हुई थी और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर ही था।

५ मिनट बाद ही अलग हुए और बाथरूम जाकर पहले साफ़ किया और अपने अपने कपड़े पहन लिये। इसके बाद रानी ने अपनी साड़ी और पेटीकोट ठीक किया और फ़िर हम दोनो बेडरूम से दुबारा कम्प्यूटर टेबल पर आ गये। इस समय करीब १०:५० का टाइम हुआ था में बोला चलो चाय पीते हैं तभी अनिल का भी फोन आया कि वह ५ मिनट में पहुंच रहा है। फ़िर ५ मिनट में चाय भी तैयार हो गयी और फ़िर तीनो ने चाय पी, आज अनिल ने ड्रिंक भी नहीं किया था शायद उसे मौका नहीं मिला पर मैं रानी को देखकर उसके बारे में सोचने लगा और शायद अनिल के इरादे ही आज कुछ वैसे ही थे। मैं रानी को देख रहा था पर रानी शायद हम दोनो का मतलब समझ गयी थी पर दोनो को ही कुछ बताना नहीं चाहती थी।

SAMAPT…!!