मेरा नाम सुनील सिंह है और हमारे परिवार में हम तीन लोग हैं. मेरे पापा वीर सिंह और मेरी मम्मी रेखा सिंह.
यह Xx Xx मॅाम सेक्स कहानी उस सुनहरे दौर की है जब मेरी उम्र 20 साल की थी और मेरी मम्मी की उम्र 39 साल थी. लेकिन मम्मी की जवानी देखकर कोई कह ही नहीं सकता था कि वे 39 की हैं, बल्कि वे 30 की नाजुक हसीना सी लगती थीं.
मम्मी की हाइट 5 फीट 5 इंच है और उनका जिस्म थोड़ा भरा हुआ है, जिससे उनका हर अंग बड़ा और मदमस्त करने वाला है.इसीलिए मम्मी बेहद सेक्सी और रसीली दिखती हैं. उनका फिगर तो ऐसा है कि देखते ही दिल धड़क उठे. मम्मी की चूचियां 40 इंच की, कमर 32 की और गांड 50 इंच की मस्त उठी हुई. उनका वजन 75 किलो है, गठीला बदन, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी रसभरी चूचियां, मोटी-मोटी जांघें और पहाड़ सी विशाल लचकती गांड, जो किसी का भी मन मोह ले और उसे पागल कर दे.
हम सब बिहार के एक छोटे से गांव में रहते हैं. मेरे पापा गांव के किसान हैं और मम्मी हाउसवाइफ हैं. मम्मी बहुत सीधी-सादी और धार्मिक औरत हैं, पूजा-पाठ में हमेशा आगे रहती हैं.
उनकी एक सहेली शोभा चाची हैं. वे अक्सर मम्मी से मिलने हमारे घर आती है.
एक दिन शोभा आंटी हमारे घर आईं और मुझे देखते ही मम्मी से बोलीं- दीदी, सुनील तो अब जवान हो गया है, अब जल्दी इसकी शादी कर दो! मम्मी ने हंसते हुए कहा- तू ये क्या बोल रही है, ये तो अभी छोटा है. आंटी ने तपाक से जवाब दिया- दीदी, अगर इसे कोई लड़की मिल जाए तो ये अभी उसे पेट से कर दे और आप कह रही हो कि ये अभी छोटा है!
मैंने आगे बढ़ कर उनसे कहा- आंटी, आप तो बहुत नॉटी हो. यह कह कर मैंने फिर से अपने कानों में हेडफोन लगा लिया और फोन चलाने लगा. मेरा हेडफोन बंद था लेकिन आंटी को लगा कि हेडफोन चालू है और मैं उनकी बातें नहीं सुन सकता. पर सच तो ये था कि मैं उनकी हर बात सुन रहा था.
आंटी ने मम्मी से पूछा- कैसी हो?
मम्मी बोलीं- मैं ठीक हूँ शोभा, तू कैसी है?
आंटी ने शरारती अंदाज में कहा- दीदी, आज तो बहुत खुजली हो रही है.
मम्मी ने मासूमियत से कहा- खुजली हो रही है तो खुजला ले!
आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा- दीदी, ये खुजली हाथ से थोड़े ही जाएगी.
मम्मी ने पूछा- तो फिर किससे जाएगी?
आंटी ने ठहाका लगाते हुए कहा- दीदी, आप तो ऐसे बोल रही हो जैसे आपको कुछ पता ही नहीं. चूत की खुजली लंड से मिटती है और किससे मिटेगी?
मम्मी ने घबराते हुए कहा- धीरे बोल, कहीं सुनील सुन न ले!
आंटी बोलीं- दीदी, उसने हेडफोन लगा रखा है, वह हमारी बातें नहीं सुन सकता.
मम्मी ने शर्मा कर मुस्कुराते हुए कहा- तेरा पति तो शहर में है, तुझे लंड कहां से मिलेगा?
आंटी ने आंख मारते हुए कहा- दीदी, मेरे तो कई पति हैं!
मम्मी बोलीं- आज तुझे बहुत आग लगी है.
आंटी ने सिसकते हुए कहा- दीदी, आप बिल्कुल सच कह रही हो. आज मेरी चूत में ऐसी आग लगी है कि रात भर चुदवाऊंगी, तब जाकर ये आग बुझेगी. दीदी, आपका मन नहीं करता?
मम्मी ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा- मेरा तो बहुत मन करता है, लेकिन मेरे पति का कुछ करने का मन ही नहीं करता. मेरी तो किस्मत ही फूटी है कि मुझे ऐसा बूढ़ा पति मिला!
आंटी ने हैरानी से कहा- दीदी, आप जैसी सेक्सी और सुंदर औरत को देखकर भी भाई साहब का मन नहीं करता?
मम्मी ने उदासी भरे लहजे में कहा- शोभा, मेरे पति का खड़ा ही नहीं होता.
आंटी ने पूछा- दीदी, तो सुनील कैसे हुआ?
मम्मी बोलीं- पहले खड़ा होता था, लेकिन पिछले 5 साल से नहीं होता.
आंटी ने चौंकते हुए कहा- दीदी, आपने 5 साल से सेक्स नहीं किया? आप खुद को कैसे रोक पाती हैं?
मम्मी ने लाचार स्वर में कहा- मैं कर भी क्या सकती हूँ?
आंटी बोलीं- दीदी, आप इतनी खूबसूरत और रसीली हैं कि बस एक इशारा कर दें, कोई भी आपकी प्यास बुझाने को तैयार हो जाएगा.
मम्मी ने डरते हुए कहा- तू ये क्या बोल रही है? मुझे बहुत डर लगता है. मेरे पति को पता चल गया तो वे मेरी जान ले लेंगे.
आंटी ने ढाँढस बंधाते हुए कहा- दीदी, डरो मत. भाई साहब को पता नहीं चलेगा.
फिर मम्मी ने जो कहा, उसे सुनकर मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मम्मी ऐसा सोच सकती हैं.
मम्मी ने शर्माते हुए कहा- मुझे बहुत शर्मिंदगी होती है. मैंने आज तक किसी गैर मर्द की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखा. तू ही मेरे लिए कोई ऐसा ढूंढ दे, जो मेरी इस जलती प्यास को शांत कर सके.
आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा- ठीक है दीदी, मैं कोई जुगाड़ करती हूँ.
फिर आंटी अपने घर चली गईं.
मुझे अपनी मम्मी पर बहुत गुस्सा आ रहा था.
लेकिन फिर मैंने ठंडे दिमाग से सोचा कि मम्मी एक जवान, रसीली औरत हैं, उनकी जिस्मानी भूख तो स्वाभाविक है.
पापा कुछ कर नहीं पाते, उनकी हालत तो सबको पता है.
पर अगर मम्मी ने शोभा आंटी की मदद से अपनी प्यास बुझाई, तो वे भी आंटी की तरह बदनाम हो जाएंगी और ये बात मुझे बर्दाश्त नहीं थी.
मैंने फैसला किया कि आज रात मम्मी से इस बारे में खुलकर बात करूंगा.
रात हुई, मैं मम्मी के पास गया और बोला- मम्मी, मुझे आपसे कुछ जरूरी बात करनी है.
मम्मी ने प्यार से कहा- बोलो बेटा, क्या बात है?
मैंने हिम्मत जुटाकर कहा- मम्मी, आप और शोभा आंटी जो बातें कर रही थीं, वे सारी बातें मैंने सुन ली थीं.
मेरी बात सुनते ही मम्मी चौंक गईं, फिर गुस्से में बोलीं- तू ये क्या बकवास कर रहा है?
मैंने हौसला रखते हुए कहा- मम्मी, मैंने कई बार आपको उंगली करते हुए भी देखा है.
ये सुनकर मम्मी की आंखें भर आईं, वे रोने लगीं और बोलीं- बेटा, मैं सेक्स की चाह में अंधी हो गई थी. मैंने अपनी फैमिली की इज्जत का ख्याल नहीं किया. मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई, मुझे माफ कर दे. अब मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी.
मैंने प्यार से कहा- मम्मी, आपने कोई गलती नहीं की. आप एक जवान, हसीन औरत हैं, आपको जिस्म की जरूरत होना लाजिमी है. मुझे पता है पापा कुछ नहीं कर पाते. लेकिन अगर आप शोभा आंटी की मदद से ये सब करेंगी, तो आप भी उनकी तरह बदनाम हो जाएंगी. आप टेंशन मत लीजिए, मैं आपके लिए कोई भरोसेमंद मर्द ढूंढ दूंगा, फिर आप उसके साथ खुलकर मजे लेना.
मेरी बात सुनकर मम्मी का चेहरा खिल उठा, उन्होंने मुझे गले से लगा लिया और बोलीं- मेरा बेटा कितना समझदार है.
अगले दिन दोपहर को मैं पास के गांव में राज अंकल के साथ अपने घर के बाजू वाले बाग में घूम रहा था.
अचानक अंकल मूतने लगे और मैंने उनका लंड देखा.
उनका लंड इतना ज्यादा बड़ा था कि मेरे होश ही उड़ गए.
मैंने सोचा, अगर ये मेरी मम्मी को चोदेंगे, तो मम्मी की क्या हालत होगी! वे तो तड़प उठेंगी.
अंकल ने मुझे देखते हुए पूछा- क्या देख रहा है सुनील?
मैंने शर्माते हुए कहा- अंकल, आपका लंड तो बहुत बड़ा है.
अंकल ने हंसते हुए कहा- बेटा, अभी तो कुछ भी नहीं है. जब ये खड़ा होता है, तो पूरे 8 इंच का हो जाता है.
मैंने उनके लंड की तारीफ में कहा- अंकल, आंटी तो बहुत लकी हैं, जो उन्हें इतना शानदार लंड मिला.
अंकल बोले- बेटा, तेरी आंटी एक महीने के लिए अपनी बहन के घर गई हैं. अब इसका ख्याल कौन रखेगा?
मैंने मजाक में कहा- अंकल, आप किसी और को पटा लो!
अंकल ने आंख मारते हुए कहा- सुनील, अगर मुझे कोई मदमस्त औरत मिल जाए, तो मैं उसकी चूत चोद चोद कर लाल कर दूंगा.
मैंने कहा- अब मैं घर जा रहा हूँ.
मैं अंकल के पास से अपने घर लौट आया.
घर पहुंचकर मैंने मम्मी से पूछा- मम्मी, आपको राज अंकल कैसे लगते हैं?
मम्मी ने शर्माते हुए मुस्कुराकर कहा- अच्छे हैं.
मैंने फिर पूछा- मम्मी, आपको राज अंकल पसंद हैं?
मम्मी शर्मा गईं और धीरे से बोलीं- हां बेटा, पसंद हैं.
मैंने कहा- मम्मी, एक दिक्कत है!
मम्मी ने चिंता से पूछा- क्या दिक्कत है बेटा?
मैंने कहा- मम्मी, राज अंकल का बहुत बड़ा है!
मम्मी ने भोलेपन से पूछा- क्या बहुत बड़ा है?
मैंने साफ शब्दों में कहा- मम्मी, राज अंकल का लंड बहुत बड़ा है.
ये सुनकर मम्मी शर्मा गईं, फिर मुस्कुराती हुई बोलीं- बेटा, मुझे कोई दिक्कत नहीं. तू टेंशन मत ले, मैं सब संभाल लूंगी.
मैंने कहा- ठीक है मम्मी, अब मैं आपकी सैटिंग राज अंकल से करवा दूंगा. आप उनके साथ जमकर मजे करना.
मम्मी ने मेरे गाल पर एक प्यारा सा चुम्बन दिया और बोलीं- मेरा सोना बेटा बहुत अच्छा है.
अगले दिन मैं राज अंकल से मिला और कहा- अंकल, एक औरत ने आपको अपना नंबर दिया है.
अंकल ने उत्सुकता से पूछा- ये किसका नंबर है सुनील?
मैंने कहा- अंकल, आप खुद पूछ लेना.
फिर मैंने उन्हें मम्मी का नंबर देकर वहां से चला आया.
घर पहुंचा तो देखा मम्मी हंस-हंसकर किसी से फोन पर बात कर रही थीं.
उन्होंने एक घंटे बाद फोन रखा, तो मैंने पूछा- मम्मी, आप किससे बात कर रही थीं?
मम्मी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा- तेरे राज अंकल से!
फिर ऐसे ही मम्मी और अंकल की बातचीत को एक हफ्ता हो गया.
लेकिन अंकल को अभी तक नहीं पता था कि वे जिससे बात कर रहे हैं, वे मेरी मम्मी हैं.
एक दिन मम्मी ने खुद राज अंकल को सब बता दिया- मैं सुनील की मम्मी हूँ.
अगले दिन जब मैं अंकल से मिला, तो वे मुझे देखकर हंसने लगे और बोले- तुमने मुझे किसका नंबर दिया था?
मैंने कहा- अंकल, आपको अभी तक पता नहीं चला?
अंकल बोले- सुनील, तुमने अपनी मम्मी का नंबर दिया था!
मैंने पूछा- अंकल, आपको मेरी मम्मी पसंद नहीं आईं क्या?
अंकल ने गर्मजोशी से कहा- बेटा, इतनी सुंदर, रसीली औरत किसे पसंद नहीं होगी? जब मैंने पहली बार तेरी मम्मी को देखा था, तभी सोच लिया था कि अगर ये मुझे मिल जाए तो मेरी किस्मत चमक जाए. तेरी मम्मी मुझे बहुत पसंद हैं.
मैंने उत्सुकता से पूछा- अंकल, आपने मम्मी के साथ सेक्स किया या नहीं?
अंकल ने शर्माते हुए कहा- बेटा, तेरी मम्मी बहुत डरती हैं. कहती हैं कि कहीं किसी को पता न चल जाए.
मैंने कहा- अंकल, आप टेंशन मत लीजिए, मैं मम्मी को मना लूंगा.
मेरी बात सुनकर अंकल खुश हो गए और बोले- तू बहुत अच्छा है.
फिर मैं घर लौट आया.
अगले दिन रात 8 बजे मैंने अंकल को फोन किया और कहा- अंकल, आप बाग में जल्दी आ जाइए, मैं मम्मी को लेकर आ रहा हूँ.
अंकल ने खुशी से कहा- ठीक है बेटा, मैं आ रहा हूँ.
फिर मैंने मम्मी से कहा- मम्मी, चलो आज रात बाग में घूमने चलते हैं.
मम्मी ने हैरानी से पूछा- बेटा, रात को बाग में जाकर क्या करोगे?
मैंने जिद करते हुए कहा- मम्मी, चलो ना.
मम्मी ने हामी भर दी- ठीक है बेटा, चलती हूँ.
हम बाग में पहुंचे, तो राज अंकल पहले से वहां मौजूद थे.
मम्मी उन्हें देखकर चौंक गईं और बोलीं- आप यहां कैसे?
अंकल ने जवाब दिया- भाभी, मुझे सुनील ने बुलाया था.
फिर अंकल ने मम्मी का हाथ पकड़ा और उन्हें अपनी बांहों में भर लिया.
मम्मी घबराती हुई बोलीं- ये आप क्या कर रहे हैं? छोड़िए मुझे, मेरा बेटा देख रहा है.
अंकल ने मुस्कुराते हुए कहा- भाभी, ये सब आपके बेटे का ही कमाल है.
मम्मी ने मुझसे हैरानी से पूछा- सुनील, तुम मुझे इसी लिए यहां लाए हो?
मैंने कहा- मम्मी, आज आप अंकल के साथ मजे करो. अंकल, आप मेरी मम्मी को खुश कर दीजिए.
अंकल ने आत्मविश्वास से कहा- बेटा, टेंशन मत ले, मैं आज तुम्हारी मम्मी को जन्नत की सैर कराऊंगा.
फिर अंकल ने मेरे सामने ही मम्मी की साड़ी उठाई और उनकी चड्डी नीचे सरका दी.
मम्मी शर्मा गईं और बोलीं- ये आप क्या कर रहे हैं? आप मुझे मेरे बेटे के सामने नंगी कर रहे हैं!
अंकल ने जवाब दिया- भाभी, आपका बेटा आपको इसी लिए यहां लाया है.
मम्मी ने शर्माते हुए मुस्कुराकर कहा- मुझे शर्मिंदगी हो रही है.
मैंने कहा- मम्मी, आपको शर्म की नहीं, लंड की जरूरत है.
मेरी बात सुनकर मम्मी फिर शर्मा गईं और बोलीं- तू अपनी मम्मी से ऐसी गंदी बात करता है?
मैंने कहा- मम्मी, मैं थोड़ी दूर जाकर बैठता हूँ, आप दोनों मजे करो.
मैं थोड़ी दूर जाकर बैठ गया और उन्हें देखने लगा.
अंकल ने अपना गमछा जमीन पर बिछाया, मम्मी को लिटा दिया, फिर उनके ऊपर चढ़ गए.
मम्मी की टांगें फैलाकर अंकल ने अपना लंड उनकी चूत में घुसेड़ना शुरू किया.
मम्मी सिसकारियां भरने लगीं- अह ऊह अह … अह उफ्फ अह, आराम से डालिए, बहुत दर्द हो रहा है.
धीरे-धीरे अंकल ने अपने लंड का टोपा मम्मी की चूत में डाला और चोदना शुरू कर दिया.
‘अह अह अह उफ्फ भाभी, आपकी चूत बहुत टाइट है, लगता है इस पर मेहनत नहीं हुई.’
मम्मी ने कराहते हुए कहा- मेरे पति से कुछ होता ही नहीं, मैं सालों से प्यासी हूँ.
अंकल बोले- टेंशन मत लीजिए भाभी, आज मैं आपकी प्यास बुझा दूंगा.
फिर अंकल ने जोर से झटका मारा, तो मम्मी की चीख निकल गई.
मम्मी की चीख सुनकर मैं डर गया और पास जाकर पूछा- क्या हुआ मम्मी?
मुझे देखकर मम्मी शर्मा गईं और बोलीं- कुछ नहीं बेटा.
फिर अंकल से गुस्से में बोलीं- आराम से नहीं डाल सकते थे? बहुत दर्द हो रहा है, इतना बड़ा और मोटा लंड है आपका!
अंकल ने माफी मांगते हुए कहा- सॉरी भाभी, आप इतनी सेक्सी हैं कि आपको देखकर मैं जोश में आ गया था.
फिर अंकल मेरी मम्मी को धीरे-धीरे चोदने लगे और मैं वहीं खड़ा देखता रहा.
अंकल मेरे सामने मेरी मम्मी को चोद रहे थे.
अब मम्मी भी गर्म हो गई थीं, अपनी कमर उठा-उठाकर अंकल का लंड अपनी चूत में ले रही थीं.
Xx Xx मॅाम सेक्स करते हुए दस मिनट बाद अंकल झड़ गए.
मम्मी भी खुश दिख रही थीं.
वे शायद अंकल से पहले ही झड़ चुकी थीं.
फिर हम दोनों अपने घर लौट आए.
इसके बाद राज अंकल और मम्मी की सैटिंग को एक महीना हो गया.
इस एक महीने में अंकल ने मम्मी को तीन बार चोदा.
वे दो बार घर आकर मेरी मां चोद कर गए थे.
फिर अंकल झारखंड चले गए और मम्मी पुनः उदास रहने लगीं.
कुछ दिनों बाद गांव में हमारा नया घर बनना शुरू हुआ.
घर बनाने का ठेका पापा ने पास के गांव के जलील अंकल को दिया था.
जलील अंकल की उम्र लगभग 35 साल थी. उनकी हाइट 5 फीट 8 इंच, रंग सांवला, लेकिन दिखने में बहुत स्मार्ट और हैंडसम.
वे एक पहलवान मर्द थे और बहुत अच्छे इंसान थे.
घर का काम शुरू हुए एक हफ्ता बीता, तो मैंने देखा कि मम्मी फिर से फोन पर किसी से बात करने लगी थीं.
वे रोज घंटों तक फोन पर बात करतीं और फिर से खुश रहने लगीं.
मैंने सोचा शायद मम्मी राज अंकल से बात कर रही हैं.
एक दिन दोपहर को पापा बाजार गए थे.
मैंने जलील अंकल से कहा- अंकल, मैं क्रिकेट खेलने जा रहा हूँ, आप भी खाना खा लीजिए.
जलील अंकल ने कहा- ठीक है बेटा.
फिर मैंने मम्मी से कहा- मम्मी, जलील अंकल को खाना परोस देना.
इसके बाद मैं घर से बाहर निकल कर क्रिकेट खेलने गया.
लेकिन वहां पता चला कि आज मैच नहीं होगा.
मैं वापस घर लौट आया.
मैं घर के अन्दर गया तो मम्मी कहीं दिखाई नहीं दीं.
तभी मुझे कुछ आवाजें सुनाई दीं, जो किचन से आ रही थीं.
मैंने जाकर देखा तो जो नजारा सामने था, उसे देखकर मेरे होश उड़ गए. मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ.
जलील अंकल मेरी मम्मी को अपनी बांहों में भरकर उनके रसीले होंठों को चूम रहे थे और मम्मी भी उनकी इस हरकत में बराबर का साथ दे रही थीं.
अपनी मम्मी को एक विधर्मी की बांहों में देखकर मुझे गुस्सा तो बहुत आया.
लेकिन मैं चुपचाप सब देखता रहा.
जलील अंकल ने मम्मी के ब्लाउज में हाथ डालकर उनकी बड़ी-बड़ी, मुलायम चूचियों को दबाना शुरू कर दिया.
फिर मम्मी की साड़ी उठाकर उनकी चड्डी में हाथ डाला और उनकी चूत को मसलने लगे.
मम्मी सिसकारियां भरने लगीं- अह ऊह अह आउच अह ऊह.
फिर जलील ने मम्मी को पीछे घुमाया, उन्हें झुकाया और उनकी पैंटी नीचे सरका दी.
मम्मी की मोटी, गोरी गांड नंगी हो गई.
उनकी विशाल, लचकती गांड को देखकर मेरा लंड फनफनाने लगा.
मेरा सारा गुस्सा हवा हो गया और मुझे मजा आने लगा.
जलील अंकल मम्मी के चूतड़ों को मसलते हुए बोले- भाभी, आपकी गांड इतनी बड़ी और मस्त है कि इसे देखकर मेरा लंड फड़फड़ा रहा है.
मम्मी ने शरारती अंदाज में कहा- आपको सिर्फ मेरी गांड अच्छी लगती है? मेरी चूत अच्छी नहीं लगती?
जलील अंकल ने तारीफ करते हुए कहा- भाभी, आपकी चूत तो मक्खन जैसी है. इसे पाकर मेरी किस्मत खुल गई.
फिर अंकल ने मम्मी को अपनी गोद में उठा लिया और उनके रसभरे होंठों को चूमने लगे.
अचानक उनकी नजर मुझ पर पड़ गई.
मुझे देखते ही वे डर गए और मम्मी को छोड़ दिया.
मम्मी ने भी मुझे देख लिया, वे चौंक गईं और फटाफट अपनी चड्डी पहनकर कपड़े ठीक करने लगीं.
जलील अंकल ने घबराते हुए कहा- सुनील, मुझे माफ कर दो. मुझसे गलती हो गई.
वे किचन से बाहर निकल गए.
मम्मी बहुत डरी हुई थीं.
वे बोलीं- बेटा, मुझसे गलती हो गई.
मैंने कहा- मम्मी, आपको विधर्मी ही मिला था?
मम्मी ने रोते हुए कहा- बेटा, मुझे माफ कर दो. मुझसे भूल हो गई.
मैंने शांत स्वर में कहा- मम्मी, आपने कोई गलती नहीं की. अगर आपको जलील अंकल पसंद हैं, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं. मैं बस आपको खुश देखना चाहता हूँ.
मेरी बात सुनकर मम्मी का चेहरा खिल उठा.
उन्होंने मुझे गले लगाया और बोलीं- बेटा, तू बहुत अच्छा है.
मैंने पूछा- मम्मी, ये कब से चल रहा है?
मम्मी ने कहा- एक महीने से.
मैंने कहा- मम्मी, आपने मुझे क्यों नहीं बताया?
मम्मी बोलीं- बेटा, मुझे डर था कि अगर तुझे पता चल गया कि मैं एक विधर्मी को पसंद करती हूँ, तो तू गुस्सा करेगा.
मैंने पूछा- मम्मी, अभी तक यही हुआ है या कुछ और भी?
मम्मी शर्माते हुए मुस्कुराईं और बोलीं- सब कुछ हो चुका है बेटा.
मैंने पूछा- कितनी बार हुआ है मम्मी?
वे बोलीं- एक ही बार हुआ है बेटा!
मैंने कहा- मम्मी, अब आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं. मैं सब संभाल लूंगा!
फिर मैंने जलील अंकल को बुलाया.
वे बोले- सुनील, मुझसे गलती हो गई, मुझे माफ कर दो.
मैंने कहा- अंकल, आपने कोई गलती नहीं की. मेरी मम्मी आपको पसंद करती हैं.
ये सुनकर जलील अंकल चौंक गए.
मैंने कहा- अंकल, अगर मेरी मम्मी आपको पसंद हैं, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं. आप उनके साथ कुछ भी करो, मुझे परेशानी नहीं.
मेरी बात सुनकर अंकल खुश हो गए और बोले- बेटा, मुझे तुम्हारी मम्मी बहुत पसंद हैं.
मैंने पूछा- अंकल, आपकी और मम्मी की सैटिंग कब से चल रही है?
अंकल चुप रहे.
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा- आप डरो मत, मेरा बेटा बहुत समझदार है. इसे सब कुछ बता दीजिए.
अंकल बोले- बेटा, एक महीने से मेरी सैटिंग है.
मैंने पूछा- अंकल, आपने मेरी मम्मी की ली या नहीं?
मेरी बात सुनकर अंकल चौंक गए.
मम्मी ने हंसते हुए कहा- आप शर्मा क्यों रहे हैं? सब सच-सच बता दीजिए.
अंकल बोले- बेटा, एक बार मैंने तुम्हारी मम्मी की ली है.
मैंने पूछा- अंकल, आपने मम्मी को कहां पेला था?
अंकल बोले- बेटा, तुम्हारे घर के बाजू वाले बाग में पेला था. बहुत मजा आया था. मैं तुम्हारी मम्मी से बहुत प्यार करता हूँ.
मैंने कहा- अंकल, अगर आप मम्मी से प्यार करते हैं, तो उन्हें इतना तड़पने क्यों देते हैं?
अंकल बोले- मैं क्या करूँ बेटा? तुम्हारी मम्मी बहुत डरती हैं और मुझे भी डर लगता था कि कहीं किसी को पता न चल जाए.
मैंने कहा- अंकल, अब आपको और मम्मी को डरने की जरूरत नहीं. आप मेरी मम्मी को संभालो, बाकी सब मैं देख लूंगा. आज से मम्मी को खुश रखना आपकी जिम्मेदारी है.
जलील अंकल ने कहा- बेटा, मैं तुम्हारी मम्मी के लिए अपनी जान भी दे सकता हूँ.
फिर वे मेरे सामने ही मम्मी को अपनी बांहों में भरकर उनके रसीले होंठों को चूमने लगे, मम्मी की साड़ी उठाकर उनकी मोटी, मुलायम गांड को मसलने लगे.
मम्मी शर्मा गईं और बोलीं- मेरे बेटे के सामने ये आप क्या कर रहे हैं?
अंकल ने जोश में कहा- भाभी, आपको देखकर मैं पागल हो जाता हूँ.
मैंने बीच में टोका- अंकल, मम्मी को छोड़िए, कहीं पापा आ गए तो दिक्कत हो जाएगी.
अंकल बोले- बेटा, आज मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा. मन कर रहा है कि यहीं तुम्हारी मम्मी को चोद दूं.
मम्मी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा- बेटा, आज मेरा भी बहुत मन कर रहा है!
मैंने कहा- आप दोनों टेंशन मत लो. अंकल, आज रात मैं मम्मी को लेकर बाजू वाले बाग में पहुंच जाऊंगा. फिर आप मेरी मम्मी के साथ जो मर्जी कर लेना.
मेरी बात सुनकर अंकल और मम्मी दोनों खुश हो गए.
अंकल बोले- भाभी, आपका बेटा बहुत अच्छा है.
फिर अंकल ने मम्मी को छोड़ दिया और किचन से बाहर निकल आए.
रात को मैं मम्मी को लेकर बाग में पहुंच गया.
जलील अंकल पहले से ही वहां मौजूद थे.
मम्मी को देखते ही उनकी आंखें चमक उठीं.
वे मुस्कुराकर बोले- बेटा सुनील, आज तुम्हारी मम्मी तो बिल्कुल दुल्हन बनी हैं.
मैंने मम्मी का हाथ पकड़कर अंकल के हाथ में दे दिया और कहा- अंकल, आज से मेरी मम्मी आपकी दुल्हन हैं.
मेरी बात सुनकर अंकल बहुत खुश हुए और बोले- भाभी, आज तो आप बिल्कुल अप्सरा लग रही हो.
फिर जलील अंकल ने मम्मी को अपनी मजबूत बांहों में जकड़ लिया और उनके रसभरे होंठों को चूसने लगे.
कुछ देर बाद अंकल ने मम्मी का ब्लाउज उतार दिया, साड़ी उठा दी, पेटीकोट ऊपर खींचा और उनकी पैंटी नीचे सरका दी.
मम्मी शर्मा गईं और बोलीं- ये आप क्या कर रहे हैं?
अंकल ने उत्तेजना में कहा- भाभी, आपको देखकर अब मुझसे रहा नहीं जाता.
फिर अंकल ने मेरे सामने ही मम्मी की बड़ी-बड़ी, रसीली चूचियों को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
मम्मी बोलीं- आप मुझे मेरे बेटे के सामने चोदेंगे?
अंकल ने जवाब दिया- भाभी, आपका बेटा आपको मुझसे चुदवाने ही तो लाया है.
मम्मी बोलीं- मुझे शर्म आ रही है.
वे शर्म का नाटक कर रही थीं, क्योंकि इससे पहले वे राज अंकल से मेरे सामने चुद चुकी थीं.
मैंने कहा- अंकल, मैं थोड़ी दूर जाकर बैठता हूँ. आप मेरी मम्मी को अच्छे से चोदिए.
मेरी बात सुनकर मम्मी मुस्कुराईं और बोलीं- धत बदमाश.
पांच मिनट बाद जलील अंकल ने जो किया, उसे देखकर मैं हैरान रह गया.
अंकल ने मम्मी की चड्डी उतारकर उन्हें पूरी तरह नंगी कर दिया.
फिर मम्मी को जमीन पर लिटाकर उनकी टांगें फैलाईं और उनकी चूत को चूमते हुए चाटने लगे.
मम्मी सिसकारियां भरने लगीं- अह ऊह अह … आउच अह ऊह … और चाटो, बहुत मजा आ रहा है. आज पहली बार किसी ने मेरी चूत चाटी है. अह आउच अह!
जलील अंकल बोले- भाभी, आपकी चूत इतनी सुंदर है कि मन कर रहा है इसे खा जाऊं.
मम्मी ने कहा- आप मुझे भाभी मत कहिए.
अंकल ने पूछा- तो क्या कहूं?
मम्मी बोलीं- आप मुझे मेरे नाम से बुलाइए.
अंकल ने प्यार से कहा- ठीक है मेरी जान रेखा.
फिर जलील अंकल ने मम्मी की चूत पर जोर-जोर से चूमना शुरू किया.
मम्मी बहुत उत्तेजित हो गईं.
वे सिसकारियां भरने लगीं- अह ऊह अह आउच अह.
अंकल ने अपनी जीभ मम्मी की चूत में डालकर चाटना शुरू कर दिया.
मम्मी ने अंकल का सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया.
वे कसमसाती हुई बोलीं- अह ऊह अह आउच अह और चाटो जलील आह बहुत मजा आ रहा है जानू … अह अह उफ्फ अह, आज पहली बार किसी ने मेरी चूत चाटी है.
अब मम्मी पूरी तरह गर्म हो चुकी थीं. उनकी चूत से पानी टपकने लगा.
जलील अंकल बोले- रेखा डार्लिंग, तुम्हारी चूत का नमकीन पानी बहुत टेस्टी है.
मम्मी ने तड़पते हुए कहा- अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा. जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में घुसेड़ दीजिए.
अंकल बोले- हां रेखा डार्लिंग, मेरा लंड भी तुम्हारी चूत में जाने के लिए तड़प रहा है.
फिर जलील अंकल ने अपने लंड का टोपा मम्मी की चूत पर रखा और जोर से झटका मारा.
मम्मी जोर से चीख पड़ीं.
उनकी चीख सुनकर मैं डर गया और फटाफट उनके पास पहुंचा.
मैंने पूछा- क्या हुआ मम्मी?
मुझे अपने पास देखकर मम्मी शर्मा गईं. मैंने देखा कि जलील अंकल का पूरा लंड मम्मी की चूत में घुसा हुआ था.
मम्मी ने गुस्से से अंकल से कहा- आप पागल हो गए हैं? एक ही बार में इतना मोटा लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया. बहुत दर्द हो रहा है.
जलील अंकल ने तुरंत अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला और बोले- रेखा डार्लिंग, मुझे माफ कर दो. मुझसे गलती हो गई. तुम इतनी सेक्सी हो कि तुम्हें देखकर मैं पागल हो जाता हूँ.
मैं जलील अंकल का लंड देखकर चौंक गया. उनका लंड बेहद मोटा और तगड़ा था.
मम्मी ने धीरे से कहा- आराम से डालिए.
जलील अंकल ने दोबारा अपना लंड मम्मी की चूत पर रखा और धीरे-धीरे उसे अन्दर सरकाने लगे.
मम्मी सिसकारियां भरने लगीं- अह ऊह अह, आराम से डालिए, बहुत मोटा है आपका. अह अह उफ्फ.
धीरे-धीरे अंकल का आधा लंड मम्मी की चूत में घुस गया.
फिर वे मेरे सामने ही मम्मी को चोदने लगे.
मम्मी को भी अब मजा आने लगा था.
वे आहें भरने लगीं- अह आउच और करो, बहुत मजा आ रहा है. अह अह आउच और जोर-जोर से चोदो मुझे. अह आउच, पूरा अन्दर तक घुसेड़ दीजिए. अहहह ऊह.
जलील अंकल ने दो-तीन झटकों में अपना पूरा लंड मम्मी की चूत में घुसा दिया और उन्हें चोदने लगे.
‘अह अह’
अंकल बोले- रेखा, ये तेरी चूत है या मक्खन? मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी सुंदर चूत मिलेगी.
मम्मी ने कराहते हुए कहा- जब से पहली बार आपने चोदा था, तभी से आपसे दोबारा चुदवाने का सपना देख रही थी. अह अह उफ्फ अह … आप रुकिए मत और चोदो मुझे. अह अह उफ्फ और जोर से चोदो. मेरी चूत फाड़कर इसे भोसड़ा बना दीजिए. अह अह उफ्फ अहह हह, बहुत मजा आ रहा है. अह अह अह उफ्फ.
अब एक विधर्मी मर्द मेरी मम्मी को मेरे सामने बिल्कुल नंगी करके चोद रहा था.
मैं कुछ कर नहीं सकता था.
मम्मी भी बेशर्म बनकर मेरे सामने चुदवा रही थीं.
मैं अपनी मम्मी की चूत में एक विधर्मी मर्द का मोटा लंड अन्दर-बाहर होते देखकर मजे ले रहा था.
जलील अंकल जोर-जोर से Xxx पोर्न मॅाम को चोद रहे थे- अह अह.
आधे घंटे की घमासान चुदाई के बाद अंकल बोले- अह उहहह अह, रेखा डार्लिंग, मैं झड़ने वाला हूँ.
पोर्न मम्मी ने कहा- अह अह, मैं भी झड़ने वाली हूँ.
फिर अंकल और मम्मी एक साथ झड़ गए.
अंकल बोले- आज पहली बार मैंने तुझे बिल्कुल नंगी देखा है. तेरी पहाड़ जैसी विशाल गांड देखकर मैं पागल हो जाता हूँ. तू ऊपर से नीचे तक कयामत है. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि तेरी जैसी सुंदर औरत मुझे मिलेगी.
Xxx मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- मैंने भी कभी नहीं सोचा था कि मुझे आप जैसा मोटा लंड मिलेगा. आपका लंड मुझे बहुत पसंद है.
अंकल ने मुझसे कहा- बेटा सुनील, देखो तुम्हारी मम्मी मुझसे चुदवाकर कितनी खुश है.
मैंने कहा- अंकल, अगर मेरी मम्मी को आपका लंड पसंद है, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं. मम्मी, आपने बहुत अच्छा लंड ढूंढा है. अंकल के लंड का साइज आपकी चूत के लिए बिल्कुल परफेक्ट है.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- धत बदमाश, अपनी मम्मी से मजाक करता है.
मैंने कहा- मम्मी, मैं मजाक नहीं कर रहा, बिल्कुल सच बोल रहा हूँ. आपकी पसंद बहुत अच्छी है.
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा- बेटा, तुमने आज जो मेरे लिए किया, उसका अहसान मैं कभी नहीं चुका सकती.
मैंने कहा- मम्मी, मैंने आप पर कोई अहसान नहीं किया. आप मेरी मम्मी हैं और अपनी मम्मी की खुशी के लिए मैं कुछ भी करूंगा.
अंकल बोले- रेखा, तुम्हारा बेटा बहुत अच्छा है. अगर ये नहीं होता, तो मैं तुम्हें इतने अच्छे से कभी नहीं चोद पाता.
मम्मी बोलीं- आज आपने मेरी प्यास बुझा दी.
मैंने कहा- मम्मी, अब जल्दी घर वापस चलिए, नहीं तो कोई आ गया तो दिक्कत हो जाएगी.
मम्मी और अंकल ने अपने-अपने कपड़े पहन लिए.
फिर जलील अंकल मुझे दो हजार रुपये देने लगे.
मैंने पूछा- अंकल, आप मुझे पैसे किस लिए दे रहे हैं?
अंकल बोले- बेटा, तुम अपनी मम्मी को मेरे पास लाए, इसलिए रख लो.
मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी कोई बाजारू रंडी नहीं हैं. मेरी मम्मी आपको पसंद करती हैं. ये मैंने पैसे के लिए नहीं, अपनी मम्मी की खुशी के लिए किया है.
अंकल बोले- बेटा, मुझे पता है तुम्हारी मम्मी अनमोल हैं. मैं तुम्हें ये पैसे अपने बेटे की तरह इनाम दे रहा हूँ.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- इतने प्यार से दे रहे हैं, ले लो बेटा.
मैंने जलील अंकल से पैसे ले लिए.
फिर मैं और मम्मी घर वापस लौट आए.
जलील अंकल के लंड से मम्मी की चुदाई हुए आज 12 दिन हो गए थे.
दोपहर का समय था, पापा बाज़ार गए हुए थे और मम्मी अपने कमरे में आराम कर रही थीं.
मैं उनके पास गया और पूछा- मम्मी, आपकी तबीयत तो ठीक है ना?
मम्मी बोलीं- हां बेटा, बस पैरों में थोड़ा दर्द हो रहा है … तुम परेशान मत हो, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा.
मैं मम्मी के पास बैठ गया और उनके पैर दबाने लगा.
फिर मैं बोला- मम्मी, वह आपके साइड में रखा तेल दे दीजिए ना … मैं आपके पैरों में तेल लगाकर अच्छे से मालिश कर देता हूँ.
मम्मी ने बेड के ड्रॉअर के ऊपर रखी तेल की बोतल उठा कर मुझे दे दी.
मैंने अपने हाथ में तेल लिया और उनके पैरों में लगाकर मालिश शुरू कर दी.
पांच मिनट बाद मैंने कहा- मम्मी, साड़ी थोड़ा ऊपर कर लीजिए ना … तेल आपकी साड़ी में लग रहा है.
मम्मी मुस्कुराईं और बोलीं- बेटा, तू खुद ही कर दे.
चूंकि मैं तो मम्मी को नंगी होकर चुदवाते हुए भी देख चुका था तो उनका मुझसे सारा संकोच खत्म हो गया था.
मैंने भी बेखौफ मम्मी की साड़ी उनकी जांघों तक ऊपर कर दी.
अब मम्मी की पैंटी साफ़ दिख रही थी.
उनकी गोरी-गोरी, मोटी-मोटी जांघें देखकर मैं मदहोश हो गया.
मालिश करते-करते मैंने धीरे से अपना हाथ मम्मी की चूत पर फेर दिया.
मम्मी के मुँह से तुरंत ही एक मादक सिसकारी निकली- अहह …
लेकिन मम्मी ने कुछ नहीं कहा.
इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई.
मैंने कहा- मम्मी, साड़ी और पेटीकोट पूरी उतार दीजिए ना … मालिश करने में दिक्कत हो रही है!
मम्मी ने बिना कुछ बोले साड़ी और पेटीकोट उतार दिया.
अब वे सिर्फ़ ब्लाउज़ और पैंटी में थीं.
मैंने उनकी मोटी-मोटी जांघों पर खूब तेल लगाकर मालिश शुरू की.
जांघों की मालिश करते-करते मैंने अपना हाथ मम्मी की पैंटी के अन्दर डाल दिया और उनकी चूत सहलाने लगा.
मम्मी की सांसें तेज़ हो गईं ‘अह … उह … अहह … उह … अहह …’
मैंने कहा- मम्मी, पैंटी भी उतार दीजिए ना … आपकी चूत की भी अच्छे से मालिश कर देता हूँ!
इस बार मैंने खुले शब्दों में चुत की मालिश करने की बात कही थी तो मम्मी शर्मा गईं.
वे शर्माती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- तू खुद ही उतार दे ना शैतान!
मैंने फटाक से मम्मी की पैंटी उतार दी.
अब मम्मी नीचे से पूरी नंगी थीं.
मैंने हाथ में खूब सारा तेल लिया और मम्मी की चूत पर रखकर चुत की पुत्तियों को सहलाने लगा.
मम्मी की कामुक आवाज़ें तेज़ हो गईं- अहहह … उह … अहह … क्या कर रहा है बेटा आह बड़ा अच्छा लग रहा है.
यह कहते हुए उन्होंने अपनी टांगें पूरी तरह से फैला दीं और अपनी चुत की मालिश का मजा लेने लगीं.
उनकी चुत के इर्द-गिर्द बड़ी बड़ी झांटें थीं.
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, आप अपनी झांटों का जंगल साफ़ क्यों नहीं करतीं?
मम्मी हंसकर बोलीं- अरे तू मालिश कर ना … तुझे मेरी झांटों से क्या प्रॉब्लम है?
मैंने कहा- मम्मी, मुझे तो कोई दिक्कत नहीं … लेकिन जलील अंकल को तो है ना!
मम्मी बोलीं- बेटा टेंशन मत ले, इस बार जब मैं उनसे मिलने जाऊंगी तो झांटें साफ़ करके जाऊंगी!
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, अगर आप कहें … तो मैं अभी आपकी झांटें साफ़ कर दूँ?
ये सुनते ही मम्मी नाटकीय गुस्सा दिखाती हुई बोलीं- सुनील तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या? तू ये सोच भी कैसे सकता है? तू मेरा बेटा है … क्या मैं अपने बेटे से अपनी झांटें साफ़ करवाऊंगी?
मैंने मासूमियत से कहा- मम्मी, मैं तो उसी जगह से निकला हूँ ना … उसी को साफ़ करना चाहता था. अगर बुरा लगा तो माफ कर दीजिए!
मम्मी जोर से हंस पड़ीं और बोलीं- अरे पागल तू मेरी चूत से नहीं निकला है … तू ऑपरेशन से पैदा हुआ था!
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, आप तो बहुत नॉटी हो गई हो. निकला तो आपके पेट से ही हूँ न!
मम्मी हंसती हुई बोलीं- अच्छा? तो बता ना बेटा, तू मेरी झांटें कैसे साफ़ करेगा?
मम्मी की बात सुनकर मैं तुरंत अपने रूम में भागा.
वहां से अपना ट्रिमर और रेज़र लिया और दौड़ता हुआ वापस मम्मी की चूत के पास आ पहुंचा.
मैंने सबसे पहले ट्रिमर ऑन किया और मम्मी की घनी झांटों को काट-काटकर छोटा कर दिया.
फिर रेज़र से बहुत आराम से, सिर्फ़ चूत के ऊपर एक पतली ‘फ्रेंच कट’ लाइन छोड़कर बाकी सारी झांटें साफ़ कर दीं.
कपड़े से पौंछकर मम्मी की चूत को मैंने एकदम चिकना और चमकदार बना दिया
मम्मी ने आंखें खोलीं और नीचे देखकर बोलीं- अरे बेटा तूने ऊपर ये चार-पांच बाल क्यों छोड़े हैं?
मैंने शरारती अंदाज़ में कहा- मम्मी, ये फ्रेंच कट डिज़ाइन है … आपने पोर्न फिल्मों में देखा होगा ना … हीरोइनों की चूत पर ऐसा ही रहता है!
मम्मी मज़ाकिया गुस्सा दिखाती हुई बोलीं- हां देखा है लेकिन मैं कोई पोर्न फिल्म की हीरोइन थोड़े ना हूँ बेटा!
मैंने तारीफ़ करते हुए कहा- मम्मी, आपके सामने तो पोर्न की हीरोइनें भी फेल हैं. आपकी गोरी-गुलाबी चूत पर ये काले बाल कमाल के लग रहे हैं. जलील अंकल तो इसे देखते ही पागल हो जाएंगे.
ये सुनकर मम्मी जोर-जोर से हंसने लगीं.
उनकी चिकनी, बड़ी और इतनी सुंदर चूत देखकर मेरी हालत सच में खराब हो गई.
मैंने फिर से तेल लिया, मम्मी की चूत पर डाला और खूब मसलने लगा.
मम्मी आंखें बंद करके मज़े लेने लगीं ‘अहहह … उह … अहह … उह … अहह … उह … अहहह …’
पांच मिनट बाद मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर पाया और अपनी एक उंगली धीरे से मम्मी की चूत में घुसेड़ दी.
मम्मी एकदम उछल पड़ीं- अहहह … उह … आउच सुनील तू ये क्या कर रहा है? अहहह …
मैं उनकी बात को नजरअंदाज करते हुए चुपचाप उंगली अन्दर-बाहर करने लगा.
मम्मी मादक सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अहहह … सुनील तू ये क्या कर रहा है … अहहह … मैं तेरी मां हूँ!
मैंने धीरे से कहा- मम्मी, आपको मज़ा नहीं आ रहा क्या?
मम्मी की सांसें तेज़ हो गईं- अहहह … सुनील … तूने तो आज मुझे बहुत गर्म कर दिया है … अह … उह … अहह … मुझे बहुत मज़ा आ रहा है … अहहह … उह … आउच … अहह … उफ्फ़ … अहहह … और करो बेटा … अहहह … उह … अहह!
पूरे पांच मिनट तक मम्मी की चुत में मेरी उंगली चलती रही.
आख़िरकार मम्मी झड़ गईं और पूरी तरह शांत होकर लेट गईं.
पुसी मसाज़ करके मैंने कपड़े से उनकी चूत पौंछकर साफ़ की और प्यार से कहा- मम्मी, अब आप पेट के बल लेट जाइए ना … मैं आपकी पीठ की भी मालिश कर देता हूँ!
मम्मी हंसती हुई पेट के बल लेट गईं.
उनकी पहाड़ जैसी विशाल, गोल-मटोल गांड देखकर मेरा जोश आसमान छूने लगा.
मैं एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर मुठ मारने लगा और दूसरे हाथ से मम्मी के चूतड़ों पर तेल डालकर खूब मसलने लगा.
मम्मी ने मज़ाक में डाँटा- सुनील तूने कहा था ना कि पीठ की मालिश करेगा?
मैं फौरन हाथ हटा लिया और शर्माते हुए बोला- मम्मी, आपके इन बड़े-बड़े चूतड़ देखकर मुझसे रहा नहीं गया … अगर बुरा लगा हो तो माफ़ कर दीजिए.
मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- अरे बेटा मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगा … बल्कि बहुत अच्छा लग रहा है. तू रुक क्यों गया? मेरी गांड की भी अच्छे से मालिश कर दे ना!
इस बार मां ने गांड शब्द खुल कर कहा, तो मेरी तबीयत खुश हो गई.
मैंने अपने दोनों हाथों से फिर से मम्मी की गांड मसलनी शुरू कर दी.
उनकी गांड इतनी गोरी, मुलायम और विशाल थी कि मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और झुककर उनकी गांड पर एक ज़ोरदार किस कर दिया.
मम्मी चौंक गईं. उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो मैं अंडरवियर के अन्दर अपना लंड हिलाते हुए खड़ा था.
मम्मी नाटकीय गुस्सा दिखाती हुई बोलीं- सुनील तू पागल हो गया है क्या? अपनी मम्मी को देखकर मुठ मार रहा है?
मैंने शर्माते हुए कहा- मम्मी, आपकी गांड इतनी बड़ी और गोरी है कि मैं अपना होश खो बैठा … मुझे माफ कर दीजिए.
मम्मी हंस पड़ीं और बोलीं- कोई बात नहीं बेटा!
फिर मैंने मम्मी की पीठ पर तेल लगाकर मालिश शुरू की और कहा- मम्मी, ब्लाउज़ और ब्रा भी उतार दीजिए ना … पीठ की मालिश करने में दिक्कत हो रही है.
मम्मी ने ब्लाउज़ उतार दिया और बोलीं- बेटा, मेरी ब्रा का हुक खोल दे.
मैंने फटाक से हुक खोला और ब्रा उतार दी.
जैसे ही मम्मी की तरबूज जैसी गोल-मटोल, भारी-भरी चूचियां ब्रा की कैद से आज़ाद हुईं, मैं पागल हो गया.
मैं अपने दोनों हाथों से उन्हें पकड़ कर दबाने लगा.
मम्मी बोलीं- सुनील, तू ये क्या कर रहा है? मैं तेरी मम्मी हूँ!
मैंने चूचियां छोड़ते हुए कहा- मम्मी, आपकी चूचियां इतनी बड़ी और गोल हैं कि मैं मदहोश हो गया.
मम्मी शर्माती हुई मुस्कुरा दीं- सुनील तू तो बहुत शैतान हो गया है!
फिर मम्मी दोबारा पेट के बल लेट गईं.
मैंने उनकी पीठ पर खूब तेल डालकर मालिश शुरू की.
तभी मैंने देखा कि मम्मी की पीठ पर जगह-जगह छिली हुई त्वचा थी.
मैंने पूछा- मम्मी, ये आपकी पीठ कैसे छिल गई?
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- बेटा, ये तेरे जलील अंकल ने बाग में मुझे ज़मीन पर रगड़-रगड़ कर चोदा था, इसी से छिल गई.
मैंने गुस्से में कहा- मम्मी, अब मैं आपको बाग में कतई नहीं जाने दूँगा.
मम्मी हंसती हुई बोलीं- बेटा, अगर तू मुझे बाग में नहीं जाने देगा तो मेरी प्यास कैसे बुझेगी?
मैंने सख्ती से कहा- मम्मी, कुछ भी हो … आपको अब बाग में नहीं जाना!
तभी जलील अंकल का फोन आ गया.
मैंने फोन रिसीव किया, स्पीकर ऑन किया और बोला- जी अंकल, बोलिए.
जलील ने कहा- बेटा, मुझे तेरी मम्मी से बात करनी है.
मैंने फोन मम्मी की तरफ़ बढ़ाया- ये लीजिए अंकल, मम्मी से बात कीजिए.
जलील ने मीठी आवाज़ में कहा- कैसी हो मेरी जान?
मम्मी बोलीं- मैं ठीक हूँ … आप कैसे हो?
जलील ने ललचाती आवाज़ में कहा- मैं भी बिल्कुल ठीक हूँ मेरी जान … लेकिन मेरा लंड ठीक नहीं है. ये तेरी चूत में घुसने के लिए उछल रहा है. मुझे आज तुझसे मिलना ही है!
मम्मी ने मना किया- नहीं … मैं आपसे नहीं मिल सकती!
जलील अंकल ने चिढ़ते हुए कहा- रेखा तू ये क्या बोल रही है? आज मेरा लंड तेरी चूत में जाने के लिए बेक़रार है … ये सुबह से खड़ा होकर तुझे चोदने के लिए फनफना रहा है. अगर आज तू नहीं मिली तो मेरा खड़ा लंड क्या करेगा?
मम्मी मीठी सिसकारी लेती हुई बोलीं- मेरी चूत भी आपके लंड को लेने के लिए तड़प रही है … लेकिन मैं क्या करूँ? सुनील ने मुझे आपके पास आने से रोक दिया है.
मम्मी की बात सुनकर जलील चिल्लाया- रेखा ये क्या बोल रही हो तू? सुनील खुद तुझे मेरे पास लेकर आता है और आज बोल रही है कि उसने रोक दिया? सुनील को फोन दे, मैं उससे बात करता हूँ.
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा- सुनील सुन ही रहा है. फ़ोन स्पीकर पर ही है राजा!
जलील ने गिड़गिड़ाते हुए कहा- बेटा, मैंने क्या गलती कर दी जो तू अपनी मम्मी को मेरे पास आने से रोक रहा है?
मैंने सख्ती से कहा- अंकल, अब मेरी मम्मी आपसे मिलने बाग कभी नहीं जाएंगी.
जलील ने हैरानी से पूछा- अरे बेटा, मेरी गलती क्या है? ये तो बता!
मैंने गुस्से में कहा- अंकल, आपने मेरी मम्मी को ज़मीन पर रगड़-रगड़ कर चोदा और उनकी पीठ छील दी, इसलिए अब मैं अपनी मम्मी को बाग नहीं जाने दूँगा.
जलील ने सफाई दी- बेटा, तेरी मम्मी को देखकर मैं पागल हो जाता हूँ … जोश में आकर रगड़ दिया. लेकिन अब ऐसा कभी नहीं करूँगा, पक्का वादा!
मैंने तंज कसते हुए कहा- अंकल, इसी तरह किसी दिन जोश में आकर आप मेरी मम्मी की चूत भी फाड़ दोगे और बाद में बोलोगे कि गलती हो गई बेटा, जोश था, माफ कर दो!
ये सुनकर मम्मी शर्मा गईं और फिर हंसती हुई बोलीं- तू तो बहुत शैतान है रे.
जलील रोने लगा- बेटा अगर आज तेरी मम्मी मुझे नहीं मिली तो मैं मर जाऊंगा.
मैंने साफ़ कह दिया- अंकल, कुछ भी हो जाए … मेरी मम्मी आपसे अब कभी नहीं मिलेंगी!
फिर मैंने फोन काट दिया और जलील का नंबर ब्लॉक कर दिया.
