मम्मी की प्यासी चुत और गैरमर्द का लंड 1

माँ की चुदाई

मम्मी कपड़े पहन कर उठीं और जाने लगीं.
मैंने पूछा- मम्मी, आप कहां जा रही हैं?

मम्मी बोलीं- शाम हो गई है बेटा, आज मुझे पूजा करनी है, दीपक जलाने हैं. मैं नहाने जा रही हूँ.

मैं अपने कमरे में चला गया.

एक घंटे बाद जब वापस आया तो मेरे तोते उड़ गए.
मम्मी लाल साड़ी में बिल्कुल कामवासना की मूरत लग रही थीं

मम्मी ने शरारत से पूछा- क्या देख रहा है इतना गौर से?
मैंने तारीफ़ की- मम्मी आज आप लाल साड़ी में बिल्कुल हिरोइन लग रही हो.

मम्मी ने मुँह फुलाकर कहा- हिरोइन लगूँ या चुड़ैल, क्या फर्क पड़ता है?
मैंने पूछा- मम्मी, आप गुस्सा क्यों हो रही हो?

मम्मी चिढ़कर बोलीं- चुप कर सुनील, मेरा दिमाग खराब मत कर!
मैंने कुछ नहीं कहा.
मम्मी का चेहरा देखकर साफ़ पता चल रहा था कि वे जलील अंकल से मिलने के लिए बेचैन हैं.
उनकी बॉडी हीट सेक्स मांग रही थी.

मैं चुपके से घर से बाहर गया और जलील अंकल को फोन मिलाया.

फोन उठाते ही जलील रोने लगे- बेटा … मैं तेरी मम्मी से बहुत प्यार करता हूँ. मैं उससे दूर रहकर नहीं रह सकता.

मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी भी आपसे बहुत प्यार करती हैं. वे भी आपके बिना नहीं रह सकतीं. लेकिन मैं क्या करूँ? मैं अपनी मम्मी की छिली हुई पीठ नहीं देख सकता!

जलील गिड़गिड़ाया- बेटा, मुझे माफ कर दे … अब ये गलती मैं कभी नहीं करूँगा.

मैंने फिर से साफ़ कह दिया- अंकल, आप कुछ भी कह लो … मेरी मम्मी अब बाग में नहीं जाएंगी.

जलील अंकल ने गिड़गिड़ाते हुए कहा- बेटा तू मुझ पर इतना ज़ुल्म क्यों कर रहा है?
मैं हंसते हुए बोला- अंकल, मैं तो बस मज़ाक कर रहा था. मुझे देखना था कि आप दोनों एक-दूसरे से कितना प्यार करते हो. मेरी मम्मी भी तो आज मुझ पर बहुत गुस्सा थीं.

जलील अंकल राहत की सांस लेते हुए बोले- बेटा, ऐसा मज़ाक दोबारा मत करना!
मैंने मुस्कुराकर कहा- अंकल, परेशान मत हो. आज रात ठीक 10 बजे आप मेरे कमरे में आ जाना. मैं मम्मी को यहीं बुला लूँगा. फिर आप दोनों खूब मज़े करना.

जलील अंकल खुशी से चिल्लाए- बेटा तू सच बोल रहा है ना?
मैंने पक्का वादा किया- अंकल, बिल्कुल सच बोल रहा हूँ. आप बस मेरे कमरे में आ जाना.

फिर मैंने फोन काट दिया.

तभी मम्मी आ गईं और प्यार से बोलीं- बेटा, चल ना खाना खा ले.
मैंने कहा- ठीक है मम्मी, आप चलो, मैं आता हूँ.

मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- तू मुझसे नाराज़ तो नहीं हो गया ना? मैंने बेवजह डाँट दिया था.
मैंने प्यार से कहा- मम्मी, मैं आपका बेटा हूँ आप मुझे थप्पड़ भी मार देंगी तो मुझे बुरा नहीं लगेगा.
मम्मी हंस पड़ीं- चल फिर मेरे साथ!

हम दोनों साथ-साथ खाना खाने चले गए.

बीस मिनट बाद मैं खाना खाकर अपने कमरे में वापस आ गया.

ठीक एक घंटे बाद किसी ने दरवाज़ा खटखटाया.
मैंने दरवाज़ा खोला तो जलील अंकल खड़े थे.

मैंने हैरानी से कहा- अंकल आप इतनी जल्दी? अभी तो 9 ही बजे हैं … चलो जल्दी अन्दर आ जाओ.

जलील अंकल मेरे कमरे में आ गए.
मैं बेड पर लेट गया और बोला- अंकल, आप भी मेरे बगल में लेट जाइए.

जलील अंकल मेरे पास लेट गए और बेचैनी से पूछा- बेटा, तेरी मम्मी कब आएंगी?
मैंने शरारत से कहा- मैंने मम्मी को अभी नहीं बताया कि मैंने आपको बुलाया है.

जलील अंकल घबरा गए- क्या? तूने अपनी मम्मी को क्यों नहीं बताया?
मैंने हंसकर कहा- अंकल, मैं मम्मी को सरप्राइज़ देना चाहता हूँ … आप बस चुपचाप रहिए.

फिर मैंने पापा के नंबर पर कॉल किया और बोला- पापा, मम्मी से बात करनी है.

मम्मी ने फोन उठाया- बेटा, तेरे पापा सो गए.

मैंने बनावटी आवाज़ में कहा- मम्मी, मुझे बहुत प्यास लगी है … पानी चाहिए.
मम्मी बोलीं- ठीक है, लाती हूँ.

दो मिनट बाद मम्मी ने दरवाज़े पर कहा- बेटा, दरवाज़ा खोल.
मैंने मज़े लेते हुए कहा- मम्मी, दरवाज़ा लॉक नहीं है, आप अन्दर आ जाओ.

मम्मी कमरे में आईं, पानी का ग्लास टेबल पर रखा और जाने ही वाली थीं कि अचानक जलील अंकल ने उनका हाथ पकड़ लिया और खींचकर बिस्तर पर गिरा लिया.

मम्मी चौंककर चिल्लाईं- सुनील ये तू क्या कर रहा है?
मैंने मासूमियत से कहा- मम्मी, मैंने कुछ नहीं किया.

मम्मी ने पीछे मुड़कर देखा तो जलील अंकल को देखकर सांस रुक गई

जलील अंकल ने मम्मी को कसकर पकड़ लिया और बोले- मुझे यहां तुम्हारे बेटे ने बुलाया है.
मम्मी हैरान होकर बोलीं- सुनील, तूने इन्हें यहां क्यों बुलाया?

मैंने मुस्कुराते हुए कहा- मम्मी, आज पूजा है. अगर आज की रात आप खुश रहेंगी तो पूरा साल खुश रहेंगी … इसलिए मैंने आपको खुश करने के लिए जलील अंकल को बुला लिया. अगर आपको बुरा लगा हो तो माफ कर दीजिए.

मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- बेटा मुझे बुरा क्यों लगेगा? मैं तो बहुत-बहुत खुश हूँ.
मैंने हंसकर कहा- अंकल, अब आप यहां मेरी मम्मी के साथ जो मर्ज़ी करो. यहां कोई नहीं आ सकता.

जलील अंकल ने मम्मी से प्यार भरी आवाज़ में कहा- रेखा, आंखें बंद करो.
मम्मी ने शर्माते हुए आंखें बंद कर लीं.

जलील अंकल ने अपनी जेब से एकदम नया आईफोन निकाला और मुझे देते हुए बोले- बेटा इसमें अपनी मम्मी का सिम डाल देना … ये मैं तेरी मम्मी के लिए लाया हूँ.

मम्मी ने आंखें खोलकर कहा- अरे मुझे स्मार्टफोन की क्या ज़रूरत? मैं तो कीपैड वाला फोन चलाती थी.
जलील अंकल ने शरारत से कहा- रेखा, पहले तुझे रामसिंह चलाता था … अब मैं चलाता हूँ.

मम्मी शर्माकर मुस्कुराईं और बोलीं- ये फोन कितने रुपए का है?
जलील अंकल ने गर्व से कहा- एक लाख बावन हज़ार रुपए का.

मम्मी चौंक गईं.

मैंने तुरंत कहा- मम्मी ये आईफोन है इतना महंगा फोन पूरे गांव में सिर्फ़ प्रधान जी के पास है.
मम्मी ने मना किया- नहीं-नहीं इतना महंगा फोन मैं नहीं ले सकती.

जलील अंकल नाराज़गी जताते हुए बोले- रेखा, अगर तू ये फोन नहीं लेगी तो मैं इसे अभी तोड़ दूँगा.
मैंने बीच में कहा- मम्मी, अंकल इतने प्यार से आपके लिए लाए हैं. आपको तो खुश होना चाहिए, आप गुस्सा हो रही हो.

मम्मी प्यार से बोलीं- बेटा, मैं नहीं चाहती कि ये मेरे पीछे अपने पैसे बर्बाद करे.
जलील अंकल ने गहरी सांस लेकर कहा- रेखा अगर मेरा बस चले तो मैं तेरे लिए ताजमहल ही ले आऊं.

मम्मी की आंखें भर आईं.
वे मुस्कुरा कर बोलीं- मुझे ताजमहल की नहीं … सिर्फ़ आपके प्यार की ज़रूरत है.

जलील अंकल ने जेब से एक चमचमाता मंगलसूत्र निकाला और मम्मी के गले में पहना दिया.

मम्मी मंगलसूत्र देखकर भावुक हो गईं और बोलीं- इसकी क्या ज़रूरत थी?

जलील अंकल ने कहा- रेखा ये तुम्हारे लिए एक छोटा सा गिफ्ट है … पसंद नहीं आया क्या?

मम्मी ने आंसुओं के साथ मुस्कुराते हुए कहा- बहुत-बहुत पसंद आया.

मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी उस दिन अंकल ने आपको अंगूठी पहनाकर मँगनी कर ली थी. आज मंगलसूत्र पहनाकर शादी भी कर ली. अब आप सच में अंकल की पत्नी बन गईं.

मम्मी ने शर्माते हुए कहा- धत् बदमाश.

जलील अंकल ने मम्मी के होंठों पर लंबा किस किया और बोले- रेखा, तेरा बेटा बहुत अच्छा है.

मम्मी ने प्यार से कहा- आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं. मेरा बेटा बहुत समझदार है … इसे अच्छे से पता है मुझे कब क्या चाहिए होता है!

जलील अंकल ने अपना मोटा लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर हिलाते हुए कहा- बेटा, तेरी मम्मी को तो यही चाहिए.
मम्मी लंड देख कर शर्मा गईं और बोलीं- आप कितने बेशर्म हो!

मैंने हंसकर कहा- अंकल, अपनी मम्मी को यही दिलवाने के लिए मैंने आपको यहां बुलाया है.

जलील अंकल मेरी बात सुनते ही मम्मी के ऊपर चढ़ गए.
वे फटाफट ब्लाउज़-ब्रा उतार कर मम्मी की भारी चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगे, निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगे.

मम्मी मादक सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … आउच … उफ्फ़ … अहह … और पियो ना … अहहह … उह … अहह … उह …

पांच मिनट बाद जलील अंकल ने मम्मी की साड़ी-पेटीकोट भी उतार दिया.
अब मम्मी सिर्फ़ पैंटी में थीं.

जलील अंकल उनकी मोटी-मोटी जांघें चाट रहे थे और मम्मी के मुँह से लगातार मदहोश करने वाली आवाज़ें निकल रही थीं ‘अहहह … उह … अहह … उह … अहह … अहहह … उह …’

फिर अचानक जलील अंकल ने मम्मी की पैंटी एक झटके में उतार दी.
मम्मी अब बिल्कुल नंगी थीं.

जलील अंकल उनकी चूत देखकर दंग रह गए और झुककर चूत पर लंबा किस करके बोले- रेखा आज तेरी चूत तो और भी ज़्यादा सुंदर लग रही है. तूने फ्रेंच कट छोड़ा है ना … कमाल कर दिया यार, तेरी गोरी चूत पर ये छोटे-छोटे काले बाल इतने सेक्सी लग रहे हैं कि क्या ही कहूँ … पहले मैंने सिर्फ़ तेरी झांटों का जंगल और चूत का छेद देखा था … आज पहली बार तेरी पूरी चूत देखी है. इतनी बड़ी, इतनी सुंदर चूत पूरी दुनिया में नहीं होगी और ऊपर से ये फ्रेंच कट सैटिंग … वाह.

मम्मी शर्माती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- मेरी झांटें सुनील ने काटी हैं … और इस पर यह फ्रेंच कट भी इसी ने बनाया है.

जलील अंकल चौंककर मेरी तरफ़ देखा … फिर ज़ोर से हंसकर बोले- बेटा तूने अपनी मम्मी की चूत पर फ्रेंच कट डिजायन बनाकर कमाल कर दिया. मुझे बहुत पसंद आया. अब जब मेरी झांटें बड़ी होंगी तो तू ही काटना … और मेरे लंड पर भी ऐसा ही डिज़ाइन बना देना!

मैंने कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुरा दिया.

फिर जलील अंकल ने मम्मी की टांगें चौड़ी कीं, चूत का दरवाज़ा खोला और अपनी जीभ अन्दर घुसेड़ कर चाटने लगे.

मम्मी तड़प उठीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … अहहह … उह … मर गई!

फिर मम्मी ने उनका सिर पकड़ कर अपनी चूत में दबा लिया- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … अहह … और चाटो … अह … बहुत मज़ा आ रहा है जानू … अहहह … उह … और चाटो … अहह …

जलील अंकल 69 की पोजीशन में आ गए.
मम्मी ने उनका मोटा लंड पकड़ कर मुँह में ले लिया.

अब एक तरफ़ जलील अंकल मम्मी की चूत चाट रहे थे, दूसरी तरफ़ मम्मी उनका लंड ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थीं.

पांच मिनट बाद मम्मी चीख पड़ीं- अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता … मेरी चूत में शोले भड़क रहे हैं.

जलील अंकल मम्मी के ऊपर से हटे, एक टांग कंधे पर रखी और लंड का टोपा चूत पर रखकर ज़ोरदार झटका मारा पूरा मोटा लंड एक ही बार में मम्मी की चूत में समा गया.

मम्मी की ज़ोरदार चीख निकल गई- अहहह … आउच … हाय दय्या… मर गई … अहहह … आउच … अहहह … उफ्फ़ … अहह!

जलील अंकल ने डरते हुए कहा- रेखा, धीरे बोलो … कोई सुन लेगा.
मम्मी सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अह हह … इतनी स्पीड से इतना मोटा लंड घुसेगा तो चीख तो निकलेगी ही!

जलील अंकल ने पूछा- धीरे करूँ?
मम्मी ने मादक आवाज़ में कहा- अहह … धीरे-धीरे करवाने में मज़ा नहीं आता… अह हह … उह …

मैंने तुरंत टीवी का वॉल्यूम बढ़ा दिया और बोला- अंकल, अब आप मेरी मम्मी को जितना मर्ज़ी उतना तेज़ चोदो … आवाज़ बाहर नहीं जाएगी.

मैंने टीवी का वॉल्यूम बढ़ाया तो जलील अंकल ने फिर से मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से ठोकना शुरू कर दिया.
मम्मी की चूत पूरी गीली थी, इसलिए हर धक्के में ‘फच-फच … फच-फच …’ की आवाज़ गूँज रही थी.

मम्मी ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … और चोदो मुझे … अहहह … उह!

करीब बीस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मम्मी चीखीं- अहहह … आउच … मैं झड़ने वाली हूँ … अहह!

जलील अंकल ने भी कहा- मैं भी झड़ने वाला हूँ.
फिर वे दोनों एक साथ झड़ गए … और पूरी तरह शांत होकर एक-दूसरे से लिपट गए.

अपनी मम्मी की घमासान चुदाई देखकर मुझसे भी नहीं रहा गया.
मैं अपनी पैंट में ही झड़ गया.

जलील अंकल प्यार से बोले- रेखा डार्लिंग, बंद कमरे में बिस्तर पर तुझे चोदने में तो अलग ही मज़ा आया.

मम्मी सांसें लेती हुई बोलीं- मुझे भी आज बहुत मज़ा आया.

फिर मम्मी ने जलील अंकल का लंड हाथ में लिया और सहलाने लगीं.
बस पांच मिनट में ही उनका लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया.

मम्मी ने लंड मुँह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया.
जलील अंकल मम्मी के बाल सहलाते हुए मज़े लेने लगे- अह … अह … अह … यस … अहहह … अह … और चूस रेखा … बहुत मज़ा आ रहा है … अहहह … अह … अह!

पांच मिनट बाद जलील अंकल ने लंड मम्मी के मुँह से निकाला, मम्मी को पेट के बल लिटाया और उनके पहाड़ जैसे बड़े बड़े चूतड़ों को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगे.

फिर चूतड़ फैलाकर मम्मी की गांड चाटने लगे.
मम्मी तड़प उठीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … और चाटो … अहहह … उह … आउच … और चाटो … अहहह … मेरी गांड खा जाओ … अहहह … उह … अहह!

पांच मिनट बाद जलील अंकल ने अपना मोटा लंड मम्मी की गांड के छेद पर रखा और ज़ोरदार धक्का मारा.

मम्मी ज़ोर से चीखीं- अहहह … आउच … जल्दी बाहर निकालो … नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी.

जलील अंकल ने तुरंत लंड बाहर निकाल लिया और गुस्से में चिल्लाए- साली छिनाल … मादरचोद, तू मुझसे प्यार ही नहीं करती, इसलिए नाटक कर रही है.
जलील अंकल की गालियां सुनकर मम्मी जोर-जोर से हंसने लगीं.

मैंने कहा- मम्मी, अंकल आपको गाली दे रहे हैं और आप हंस रही हो?
जलील अंकल मेरा गुस्सा देखकर डर गए और बोले- बेटा … मुझे माफ कर दो… गुस्से में आकर मैंने तेरी मम्मी को गाली दे दी.

मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- आपको माफी मांगने की ज़रूरत नहीं … मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ … इसलिए आप मुझे जो मर्ज़ी बोल सकते हो … गालियां भी दे सकते हो!

जलील अंकल ने फिर पूछा- रेखा अगर तू मुझसे सच में प्यार करती है तो अपनी गांड क्यों नहीं चोदने देती?
मम्मी बोलीं- आपका लंड बहुत मोटा है … मुझे डर लगता है … बहुत दर्द होगा.

जलील अंकल ने समझाया- रेखा डरो मत … कुछ नहीं होगा.
मम्मी ने फिर से मना कर दिया- नहीं … ये मैं नहीं कर सकती.

मैंने बीच में कहा- मम्मी अंकल आपसे इतना प्यार करते हैं और आप इनके लिए थोड़ा-सा दर्द भी नहीं सह सकतीं?
मम्मी बोलीं- बेटा … इनका लंड बहुत बड़ा और मोटा है … बहुत दर्द होगा.

मैंने हंसकर कहा- आपकी गांड भी तो बहुत बड़ी और मोटी है.
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- हां मेरी गांड बड़ी है … लेकिन गांड का छेद तो बड़ा नहीं है ना … इतना मोटा लंड मेरी गांड में कैसे घुसेगा?

मैंने मज़ाक में कहा- जैसे थोड़ी देर पहले घुसा था वैसे ही.
मम्मी बोलीं- बेटा … उस वक़्त तो बहुत दर्द हो रहा था.

मैंने समझाया- मम्मी … थोड़ा-बहुत दर्द तो होगा … लेकिन आपको मज़ा भी आएगा.
मेरी बात सुनकर मम्मी मुस्कुराईं और जलील अंकल से बोलीं- जब मेरा बेटा ही मेरी गांड मरवाना चाहता है तो ठीक है … मार लीजिए मेरी गांड आज मैं आपको बिल्कुल नहीं रोकूँगी.

मम्मी की बात सुनते ही जलील अंकल की आंखें खुशी से चमक उठीं.
जलील अंकल मम्मी की गांड पर प्यार से किस करके बोले- रेखा तू बहुत अच्छी है.

मम्मी डरते-डरते बोलीं- आराम से डालना प्लीज़ … आपका लंड बहुत मोटा है और मेरी गांड का छेद छोटा है.

मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, एक बार अंकल से गांड मरवा लो … अंकल आपकी गांड का छेद भी बड़ा कर देंगे.
मम्मी शर्माती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- चुप कर बदमाश, हमेशा मेरी गांड के पीछे पड़ा रहता है.

मैं चुप हो गया.

जलील अंकल ने अपना मोटा लंड मम्मी की गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगे.

मम्मी दर्द से तड़पने लगीं- अहहह … अहहह … बहुत दर्द हो रहा है … अहहह … बहुत मोटा है आपका … मेरी गांड फट जाएगी … अहह!

मम्मी की हालत देखकर मुझसे रहा नहीं गया.
मैंने वैसलीन की ट्यूब जलील अंकल को दी और कहा- अंकल पहले अपने लंड पर इसे लगा लीजिए और मम्मी की गांड के छेद पर भी लगा दीजिए. इससे आसानी से घुसेगा और मम्मी को दर्द भी कम होगा.

जलील अंकल ने वैसलीन अपने लंड पर मली और मम्मी की गांड पर भी अच्छे से लगा दी. फिर दोबारा कोशिश की.

हालांकि लंड अभी भी बहुत मोटा था.

मम्मी फिर चीखीं- अहहह … आउच … अहहह … आउच … आराम से डालिए… दर्द हो रहा है!

मैंने फिर कहा- अंकल रुक जाओ … मम्मी की गांड में और अच्छे से वैसलीन लगा दीजिए, उसके बाद डालिए.

जलील अंकल रुक गए.
उन्होंने उंगली से मम्मी की गांड के छेद में वैसलीन भर दी और फिर लंड धीरे-धीरे अन्दर धकेलने लगे.

मम्मी अभी भी तड़प रही थीं- अह … अहहह … आउच … आराम से डालिए… दर्द हो रहा है … अहहह … आउच … अहहह … उफ्फ़ … अहह … उह!

कुछ देर बाद धीरे-धीरे आधा लंड अन्दर चला गया.
जलील अंकल ने हल्के-हल्के धक्के देने शुरू किए.

धीरे-धीरे मम्मी का दर्द कम हुआ और उन्हें गांड चुदवाने में मज़ा आने लगा.
मम्मी सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह उह!

फिर नीचे से अपनी कमर ऊपर उठा-उठाकर खुद ही लंड लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … और करो … अह हह … उह … आउच … बहुत मज़ा आ रहा है … अहहह … पूरा अन्दर डाल दो … अह!

मम्मी की बात सुनकर जलील अंकल जोश में आ गए, एक ज़ोरदार झटका मारा और अपना 9 इंच लंबा, 4 इंच मोटा लंड एक ही बार में पूरा मम्मी की गांड में घुसेड़ दिया.
मम्मी की दर्द भरी कराह निकल गई.

फिर अंकल शरारत से बोले- कैसा लगा मेरी जान … तुमने मेरा पूरा लंड तेरी गांड में लिया?
मम्मी सांसें लेती हुई बोलीं- अह … आउच … बहुत अच्छा लग रहा है … अहहह … आज पहली बार किसी ने मेरी गांड मारी है … और ऐसे मारी है कि एक घंटे से मारे जा रहा है ये लंड है या घोड़ा … थकता ही नहीं.

जलील अंकल ज़ोर-ज़ोर से ठोकते हुए बोले- मेरी जान आज तेरी गांड मार-मारकर लाल कर दूँगा … अह … अह!

फिर जलील अंकल ने मम्मी की गांड ज़ोर-ज़ोर से मारनी शुरू कर दी.

मम्मी चीख-चीख कर सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … और मारो मेरी … अहहह … उह … अहह … और ज़ोर-ज़ोर से मारो मेरी गांड … अहह उफ्फ़ … बहुत मज़ा आ रहा है … अहह … और ज़ोर से… अहहह … मेरी गांड फाड़ दो … अहहह!

अचानक जलील अंकल रुक गए, अपना लंड मम्मी की गांड से बाहर निकाला और बेड से नीचे उतर गए.

मम्मी हैरान होकर बोलीं- क्या हुआ?
जलील अंकल कुछ नहीं बोले.

फिर उन्होंने जो किया, उसे देखकर मैं दंग रह गया.
उन्होंने मम्मी की टांगें पकड़ीं, मम्मी को अपनी तरफ़ खींचा और एक झटके में मम्मी को गोद में उठा लिया मम्मी का पूरा 80 किलो वज़न जैसे उनके लिए कुछ भी नहीं था.

वे अपना लंड मम्मी की गांड में सैट करने लगे.
मम्मी ने खुद हाथ से लंड पकड़ा और बोलीं- घुसा दीजिए!

जलील अंकल ने एक झटका मारा और पूरा लंड फिर से गांड में घुसा दिया.
अब वे मम्मी को गोद में उछाल-उछाल कर गांड मारने लगे.

मम्मी चीख रही थीं- उह … अहह … उह … आउच … अहहह … उह … अहह … उह … आउच … अहहह …

जलील अंकल मम्मी को ऐसे उछाल रहे थे, जैसे वे कोई 35 किलो वजन की लड़की हों, हालांकि मम्मी का वज़न पूरा 80 किलो था.
अंकल की ताकत देखकर मैं हैरान था.

अब दोनों को ज़बरदस्त मज़ा आ रहा था. दोनों के मुँह से कामुक आवाज़ें गूँज रही थीं ‘अहहह … आउच … अह … उह … अहह … उह …’

मम्मी की पहाड़ जैसी विशाल गांड में जलील अंकल का भैंसे जैसा मोटा-काला लंड ‘सटा-सट … सटा-सट’ अन्दर-बाहर हो रहा था.
ये देखकर मुझसे फिर नहीं रहा गया … और मैं दूसरी बार पुनः अपनी पैंट में ही झड़ गया.

लेकिन जलील अंकल अभी भी नहीं थके थे.
वे पूरे आधा घंटा तक मम्मी की गांड मारते रहे.

आख़िरकार जलील अंकल बोले- अह … अह … मैं झड़ने वाला हूँ… अह!

मम्मी तड़पकर बोलीं- बाहर मत निकालना … मेरी गांड में ही झड़ जाओ … अह … अह!

कुछ ही देर बाद जलील अंकल ने मम्मी की गांड में ज़ोर-ज़ोर से झड़ना शुरू कर दिया.

झड़ने के बाद उन्होंने लंड बाहर निकाला, मम्मी को बेड पर लिटाया और खुद मम्मी के ऊपर ढेर होकर लेट गए.
वे लंबी लंबी सांसें लेते हुए बोले- रेखा … आज तूने मुझे जन्नत दिखा दी. मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे इतनी बड़ी और सुंदर गांड मिलेगी यार … सच में मुझे तेरी गांड मारने में बहुत मज़ा आया.

मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- मैंने भी कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी से गांड मरवाऊंगी … लेकिन आज आपने मेरी गांड मारकर मुझे ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि मैंने पहले ये क्यों नहीं किया.

जलील अंकल ने कहा- रेखा जिस दिन मैंने पहली बार तेरी गांड देखी थी, उसी दिन से मेरा लंड तेरी गांड मारने के लिए तड़प रहा था … लेकिन तू मान ही नहीं रही थी.

मम्मी शर्माती हुई बोलीं- आपका लंड इतना बड़ा और मोटा है कि इसे अपनी चूत में लेने में ही मेरी हालत खराब हो जाती है … तो गांड में कैसे लूँगी? इसलिए डरती थी … लेकिन अब मुझे कोई डर नहीं. अब तो जब मर्जी हो आप मेरी गांड में अपना लौड़ा पेल सकते हो.

जलील अंकल ने मम्मी से प्यार भरी आवाज़ में कहा- रेखा, आज तूने मुझे अपनी गांड देकर मुझ पर बहुत बड़ा उपकार किया है … मैं तुझे दिल से धन्यवाद देता हूँ.

मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- धन्यवाद मुझे नहीं … मेरे बेटे को दीजिए अगर वह वैसलीन न देता तो मैं आपका लंड अपनी गांड में ले ही नहीं पाती.

जलील अंकल मेरी तरफ़ मुड़े और बोले- बेटा, जब मैं तेरी मम्मी की गांड मार रहा था तो तुझे कैसा लग रहा था?
मैंने हंसकर कहा- अंकल मुझे लगा जैसे मम्मी किसी पोर्न फिल्म की हिरोइन हैं और आप हीरो … और यहां ब्लू फिल्म की शूटिंग चल रही हो. अंकल, आपका बड़ा-मोटा काला लंड मेरी मम्मी की बड़ी गांड के लिए बिल्कुल परफ़ेक्ट है.

मम्मी शर्माती हुई बोलीं- धत् बदमाश … कैसे बोल देता है ये सब!
जलील अंकल गर्व से बोले- सुनील, तूने आज मुझ जैसे एक विधर्मी को अपने कमरे में बुलाकर अपनी मम्मी की गांड मरवा कर मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है … मैं ये एहसान कभी नहीं भूलूँगा.

मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी को आपका कट लगा लंड बहुत पसंद आया है … इसलिए मैंने अपनी मम्मी की खुशी के लिए आपको यहां बुलाया.
मम्मी मेरी बात सुनकर मुस्कुराईं और बोलीं- बेटा मैं आज तुझसे बहुत-बहुत खुश हूँ… अगर तू न होता तो मुझे ये खुशी कभी नहीं मिलती.

मैंने कहा- मम्मी आप किस्मत वाली हो जो आपको इतना ताकतवर मर्द मिल गया. मैंने देखा था कि अंकल कैसे आपके भारी जिस्म को अपनी गोद में उठा कर आपकी ले रहे थे.
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- बेटा … इसलिए तो मैं इनकी दीवानी हूँ.

मैंने आगे कहा- मम्मी आज आपकी मोटी-गोरी गांड में जलील अंकल का काला-मोटा लंड देखकर बहुत अच्छा लगा … इनका लंड साइज़ आपकी मोटी गांड के लिए बिल्कुल सही है … बिल्कुल फिट बैठता है.
मम्मी फिर बोलीं- धत् बदमाश.

मैंने हैरानी से कहा- मम्मी, सच कह रहा हूँ कि आज मैं अंकल की ताकत देखकर बड़ा हैरान हुआ था. आपका वज़न 80 किलो है, लेकिन अंकल आपको गोद में उठाकर ऐसे चोद रहे थे जैसे आप कोई कमसिन लड़की हों और वे आपको उछाल-उछाल कर खेल खेला रहे हों.

जलील अंकल गर्व से बोले- बेटा तेरी मम्मी 80 नहीं … 90 किलो की भी होती तो मैं इन्हें ऐसे ही गोद में उठाकर चोदता!

मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी सच में खुशनसीब हैं कि उन्हें इतना ताकतवर लंड मिला … मेरी मम्मी की बड़ी-मोटी गांड मारने के लिए तो इतना ही बड़ा-मोटा लंड चाहिए!
मम्मी हंसती हुई बोलीं- तू तो बहुत बिगड़ गया है … अपनी मम्मी के सामने गंदी-गंदी बातें करता है.

जलील अंकल बोले- रेखा तेरी गांड इतनी बड़ी है कि इसके सामने मेरा लंड छोटा लगता है … इतनी बड़ी गांड लेकर भी तू डर रही थी.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- इतने बड़े-मोटे लंड से किसे डर नहीं लगेगा लेकिन अगर मुझे पहले पता होता कि गांड मरवाने में इतना मज़ा आएगा तो मैं आपको कभी नहीं रोकती … आपसे गांड मरवाकर मुझे बहुत अच्छा लगा.

जलील अंकल ने कहा- रेखा मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी बड़ी और सुंदर गांड वाली संस्कारी औरत मिलेगी.

कुछ देर बाद जलील अंकल का लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया.
इस बार उन्होंने मम्मी को कुतिया स्टाइल में किया, पीछे से अपना मोटा लंड मम्मी की चूत में पेल दिया और वापस धकापेल चुदाई चालू हो गई.

मैं अपनी मम्मी की चुदाई देखता हुआ अपना लंड सहला रहा था.
काफी देर तक की घमासान चुदाई के बाद अंकल मेरी मम्मी की चूत में ज़ोर-ज़ोर से लौड़े को पेलते निकालते हुए झड़ गए.

मैंने जलील अंकल से कहा- अंकल एक बज गया है … आज आप तीन बार मेरी मम्मी को चोद चुके हो. आप थक गए होंगे. अभी दो घंटे बचे हैं, सो लीजिए.

जलील अंकल ने हंसकर कहा- बेटा, तेरी मम्मी को नंगी देखकर मुझे नींद कैसे आ सकती है?
मैंने कहा- अंकल मुझे नींद आ रही है … आप ठीक 3 बजे यहां से चले जाना.
जलील अंकल बोले- ठीक है बेटा … तू सो जा!

मैंने मम्मी से कहा- मम्मी, आप अपने कमरे चली जाइए.
फिर मैं सो गया.

जब मेरी नींद खुली तो सुबह के ठीक 5 बज रहे थे.
मैंने देखा कि जलील अंकल और मम्मी अभी तक बिल्कुल नंगे होकर सो रहे थे

मैंने तुरंत जलील अंकल को जगाया और कहा- अंकल मैंने आपसे कहा था कि 3 बजे यहां से चले जाना … और आप अभी तक सो रहे हैं?

जलील अंकल घबराकर बोले- बेटा … नींद लग गई थी … मुझे समय का पता ही नहीं चला.

वह जल्दी से उठे और कपड़े पहनने लगे.
तभी मम्मी भी जाग गईं.

मैंने मम्मी से कहा- मम्मी मैंने आपसे कहा था कि 3 बजे पापा के रूम चली जाना … और आप यहीं सो गईं? अगर पापा आपको ढूँढते हुए यहां आ जाते तो क्या होता?

मम्मी शर्माती हुई बोलीं- बेटा … मुझे माफ कर दो … आज रात भर इन्होंने मुझे सोने ही नहीं दिया … पूरी रात मुझे सांड की तरह पेला है … मैं बहुत थक गई थी, इसलिए यहीं सो गई.

मैंने जलील अंकल से कहा- अंकल अब जल्दी यहां से जाइए.
जलील अंकल ने जेब से मोटी नोटों की गड्डी निकाली और मुझे देने लगे.

मैंने मना करते हुए कहा- अंकल, मैं ये सब पैसों के लिए नहीं करता … अपनी मम्मी की खुशी के लिए करता हूँ … मुझे आपसे पैसे नहीं चाहिए … बस मेरी मम्मी को खुश रखिए.

जलील अंकल बोले- बेटा मुझे पता है … लेकिन आज तूने मुझे अपने कमरे में बुलाकर अपने बिस्तर पर अपनी मम्मी की पहाड़ जैसी विशाल गांड दिलाई … इसलिए मैं तुझसे बहुत खुश हूँ, तू अपनी पसंद के कपड़े खरीद लेना.

मैंने मुस्कुराकर पैसे ले लिए और कहा- अंकल अब जल्दी यहां से निकलो.

जलील अंकल ने मम्मी के होंठों पर लंबा किस किया और चले गए.

मैंने मम्मी की ब्रा-पैंटी उठाकर दी और कहा- मम्मी, आप जल्दी कपड़े पहन कर अपने रूम में चली जाइए.

मम्मी कपड़े पहन कर जाने लगीं लेकिन वे ठीक से चल नहीं पा रही थीं, दो कदम चलते ही ज़मीन पर बैठ गईं.

मैंने पूछा- क्या हुआ मम्मी?
मम्मी बोलीं- बेटा … मैं चल नहीं सकती.

मैंने कहा- मम्मी पैर में मोच आ गई क्या?
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- नहीं बेटा … पैर बिल्कुल ठीक हैं … दर्द कहीं और हो रहा है.

मैंने पूछा- कहां दर्द हो रहा है मम्मी?
मम्मी लजाती हुई बोलीं- बेटा … तेरे अंकल ने मेरी चूत मार-मारकर सुजा दी है … मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने कहा- मम्मी आप कहो तो मैं आपको गोद में उठाकर आपके कमरे तक छोड़ दूँ?
मम्मी हंसकर बोलीं- तू मुझे उठा लेगा?

मैंने जोश में कहा- मम्मी जलील अंकल आपको गोद में उठाकर चोद सकते हैं, तो क्या मैं आपको उठा भी नहीं पाऊंगा?

फिर मैंने जोश में आकर किसी तरह मम्मी को गोद में उठा लिया.
मम्मी का पूरा वज़न मेरे कंधों पर था … चलते-चलते मेरे पसीने छूट रहे थे

मैंने हांफते हुए कहा- मम्मी, आप इतना वज़न हो कि आपको उठाकर चलने में मेरी हालत खराब हो रही है … फिर जलील अंकल आपको गोद में उठाकर चोद कैसे लेते हैं?
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- बेटा … वे एक असली मर्द हैं … उनकी बाज़ुओं में बहुत ताकत है.

मैंने शरारत से कहा- मम्मी जलील अंकल के सिर्फ़ बाज़ुओं में नहीं … लंड में भी बहुत ताकत है … है न!
मम्मी हंसकर बोलीं- बेटा … इसी लिए तो वे मुझे पसंद हैं.

तब तक मैं मम्मी को गोद में लेकर उनके रूम में पहुंच गया.

पापा ने मम्मी को मेरी गोद में देखकर हैरानी से पूछा- क्या हुआ रेखा?

मैंने तुरंत कहा- कुछ नहीं पापा … मम्मी के पैर में मोच आ गई है … आप परेशान मत हो!

फिर मैंने मम्मी को बेड पर लिटाया. पापा ने ड्रॉअर से मूवमेंट क्रीम निकाली और मम्मी के पैरों में मालिश करने लगे.

फिर पापा ने पूछा- रेखा … तुम रात भर कहां थीं?

पापा की बात सुनकर मम्मी थोड़ा घबरा गईं.

मैंने बीच में कहा- पापा, रात में मेरी तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी … इसलिए मैंने मम्मी को अपने रूम में बुला लिया था.

पापा बोले- बेटा … मैं खेत जा रहा हूँ… तुम अपनी मम्मी का ध्यान रखना.
मम्मी ने कहा- आप बिना नाश्ता किए खेत जा रहे हो?
पापा बोले- रेखा … तुम परेशान मत हो … मैं एक घंटे में वापस आ जाऊंगा.

फिर पापा खेत चले गए.

मैंने मम्मी से मज़ाक में कहा- मम्मी पापा को लगता है कि सच में आपके पैर में दर्द है … उन्हें पता नहीं कि उनकी बीवी रात भर किसी और से चुद चुकी है.

मम्मी शर्म के मारे कुछ नहीं बोलीं.
मैं मम्मी को देखकर हंसने लगा.

मम्मी गुस्से से बोलीं- एक विधर्मी गैर मर्द तेरी मम्मी की गांड मारकर चला गया और तू हंस रहा है?

मैंने हंसकर कहा- मम्मी जलील अंकल का काला-मोटा लंड आपकी गोरी-मोटी गांड में घुसा देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- बेटा … उस भैंसे ने मेरी गांड मार-मारकर लाल कर दी है.

मैंने कहा- मम्मी आपको चोट कहां लगी है और मालिश कहां हो रही थी?
मम्मी बोलीं- बेटा … बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने शरारत से कहा- मम्मी अगर आप कहो तो मैं आपकी चूत की मालिश कर दूँ?
मम्मी बोलीं- हां बेटा … कर दो… अब तुझसे क्या शर्माना!

मैंने कहा- तो फिर जल्दी से कपड़े उतार दीजिए.

मम्मी ने साड़ी-पेटीकोट उतार दिया और लेट गईं.

मैंने कहा- मम्मी पैंटी भी उतार दीजिए.
मम्मी हंस कर बोलीं- उसे तू खुद उतार दे.

फिर मम्मी ने गांड ऊपर उठाई और मैंने उनकी पैंटी उतार दी.

जैसे ही मैंने मम्मी की चूत देखी, दंग रह गया … पूरी सूजी हुई थी कचौड़ी जैसी लाल हुई पड़ी थी.

मैंने कहा- मम्मी सच में यार, उस भैंसे अंकल ने आपकी चूत की क्या हालत कर दी है!
मम्मी गुस्से से बोलीं- सुनील तमीज़ से बात कर!

मैंने मासूमियत से कहा- सॉरी मम्मी … आपकी चूत की हालत देखकर मुझे गुस्सा आ गया.

मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- तुम परेशान मत हो बेटा … एक-दो दिन में ये बिल्कुल ठीक हो जाएगी.
मैंने कहा- मम्मी आपको बहुत दर्द हो रहा होगा ना?

मम्मी बोलीं- बेटा … थोड़ा-बहुत दर्द तो है … लेकिन रात भर जो मज़ा आया, उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं है.

मैंने उत्सुकता से पूछा- मम्मी अंकल ने कितनी बार किया था?
मम्मी शर्माते हुए मुस्कुराईं- बेटा … उस भैंसे ने एक रात में मुझे छह बार चोदा… चार बार आगे और दो बार पीछे से पेला.

मैंने हैरानी से कहा- मम्मी, जलील अंकल इंसान हैं या जानवर?
मम्मी हंसकर बोलीं- बेटा … वह सिर्फ़ भैंसे जैसे मोटे-काले नहीं … उनके अन्दर ताकत भी भैंसे जितनी है.

मैंने कहा- मम्मी, जलील अंकल कितने ताकतवर हैं, ये मैं देख चुका हूँ… आपकी बड़ी-लंबी चूत मारने के लिए तो जलील अंकल का भैंसे जैसा लंड ही चाहिए.

मम्मी शरारत से बोलीं- बेटा … सिर्फ़ मेरी चूत मारने के लिए नहीं … मेरी गांड मारने के लिए भी उसी भैंसे का काला-मोटा लंड चाहिए.
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, आपका सब कुछ इतना बड़ा-बड़ा है … इसलिए ऊपर वाले ने आपके लिए लंड भी बड़ा भेज दिया.

मम्मी हंसती हुई बोलीं- तू मालिश भी करेगा या बातें ही करता रहेगा?

मैंने तुरंत मूवमेंट क्रीम मम्मी की चूत पर लगाई और हल्के हाथों से मालिश शुरू कर दी.
उनकी गुलाबी-सूजी हुई चूत देखकर मुझसे रहा नहीं गया … मालिश करते-करते मैंने उंगली उनकी चूत में घुसेड़ दी

मम्मी एकदम उछल पड़ीं- अहहह … आउच … ये क्या कर रहे हो बेटा … आउच … अहहह … उफ्फ़ … मत करो… अहहह … उह … अहह!

मैंने पूछा- मॅाम पुसी फिंगर में आपको मज़ा नहीं आया?
मम्मी सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अहह … उह … बेटा मज़ा तो आ रहा है … लेकिन रात भर चुदाई हुई है … इसलिए मेरी चूत में जलन हो रही है … अहह … उह!

मैंने तुरंत उंगली बाहर निकाल ली और फिर धीरे-धीरे सिर्फ़ मालिश करने लगा.

बीस मिनट बाद मम्मी बोलीं- बेटा, तुम इतनी देर से मालिश कर रहे हो … थक गए होगे … अब रहने दो. मुझे भी अब दर्द नहीं हो रहा है … मैं बिल्कुल ठीक हूँ.
मैंने कहा- मम्मी आप जाकर नहा कर फ्रेश हो जाइए.

मम्मी नहाने चली गईं.
मैं किचन में गया और नाश्ता बनाकर मम्मी के रूम में ले आया.

मम्मी पैंटी पहन चुकी थीं और ब्रा का हुक बंद करने की कोशिश कर रही थीं.
उनकी मॉडर्न, बहुत टाइट ब्रा हुक बंद नहीं हो रहा था.

मम्मी ने शीशे में मुझे देखा और बोलीं- बेटा जरा मेरी ब्रा का हुक बंद कर दे.
मैंने पीछे से जाकर हुक बंद कर दिया.

फिर मम्मी ब्लाउज़ उठाने के लिए नीचे झुकीं … तो उनकी तरबूज जैसी गोल-मटोल चूचियां आधी से अधिक बाहर झांक रही थीं.
ये देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया.

मम्मी ने ब्लाउज़-पेटीकोट पहना और साड़ी बांधने लगीं.

मैंने कहा- मम्मी मैंने आपके लिए नाश्ता बनाया है … आप नाश्ता कर लीजिए.

मम्मी मेरी बात सुनकर प्यार से मुस्कुराईं और बोलीं- बेटा आज तुमने नाश्ता बनाया है?

मैंने कहा- मम्मी आप रोज़ हमारे लिए नाश्ता बनाती हो … लेकिन आज आपकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैंने आपके लिए नाश्ता बना दिया.
मम्मी मुझे ज़ोर से गले लगा लिया और बोलीं- बेटा तुम बहुत अच्छे हो.

फिर हम दोनों ने साथ बैठकर नाश्ता किया.

नाश्ते के बाद मैंने कहा- मम्मी, मैं अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने जा रहा हूँ.
मम्मी मुस्कुरा कर बोलीं- ठीक है बेटा … तुम जाओ, क्रिकेट खेलो … तब तक मैं खाना बना लूँगी.

फिर मैं क्रिकेट खेलने चला गया.

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