मैं और मेरा परिवार 1

हिन्दी सेक्स कहानियाँ

मेडम-ये लो पानी

अवी-थॅंक्स मेडम

मेडम-( ये किसी दोस्त की नही बल्कि खुद की बात कर रहा है. इसे लगता है कि मेडम को कुछ पता नही चलेगा पर तुम ये भूल रहे हो कि मैं ने तुम से ज़्यादा दुनिया देखी है. एक तो इसका लंड छोटा है या फिर बड़ा हो सकता है. छोटा हुआ तो मेरे किसी काम का नही होगा . अगर लंबा हुआ तो. इसने तो कहा था कि इस के दोस्तो का लंड लंबा है. मतलब मेरी तो चाँदी ही चाँदी होगी).

अवी-मेडम आप क्या सोच रही हो

मेडम-कुछ नही तुम्हारे दोस्त के बारे मे सोच रही हू.(इसका लंड देख ने के लिए मुझे कुछ झोल तो करना ही पड़ेगा)

अवी-हैरान होते हुए. क्यू क्या हुआ मेरे दोस्त को

मेडम-तुम्हारे चेहरे पर परेशानी देख कर.मुझे लगता है शायद तुम्हारे दोस्त को बीमारी हो सकती है

अवी-क्या बीमारी,

मेडम-हाँ , अगर मैं उसके लंड को देख लूँगी तो बता सकती हू कि उसे बीमारी है या नही

अवी-कुछ सोचते हुए

मेडम-तुम्हे क्या हुआ .तुम क्यू इतना सोच रहे हो. तुम्हारे दोस्त को बीमारी है तुम्हे नही

अवी-वो क्या है कि

मेडम-(अब आ रहा है लाइन पर) हाँ हाँ बोला क्या बोल रहे हो

अवी-वो मैं ने आप से झूठ बोला कि …

मेडम-हाँ बोला

अवी-कि मेरे दोस्त का लंड लंबा है

मेडम-तो क्या छोटा है(सब काम खराब हो गया)

अवी-नही . लंबा तो है पर मेरे दोस्त का नही बल्कि.

मेडम-(ये तो मुझे हार्ट अटॅक देकर ही दम लेगा) न साफ साफ बोलो कि क्या बात है

अवी-मैं मेरे दोस्त की नही बल्कि अपनी बात कर रहा था

मेडम-क्या ?

अवी-हाँ मुझे लगता है कि मेरा लंड लंबा है

मेडम-ये तो देखना पड़ेगा तभी मुझे पता चलेगा. और हां अब मुझे तुम पर येकीन नही है .शायद फिर से तुम झूठ बोल रहे होंगे

अवी-नही मेडम मैं सच बोल रहा हू. वो तब मैं डर गया था कि आप से कैसे पुच्छू इसी लिए मेरे दोस्त के ज़रिए आप से पूछा लिया.

मेडम-चलो कोई बात नही .अब तो तुम्हे तुम्हारे सवालो के जवाब मिल गये ना?

अवी-हाँ. पर आप ने कहा था कि कुछ बीमारी भी हो सकती है

मेडम-वो तो देख कर ही बता सकती हू.ऐसे कैसे बता दू

अवी-लेकिन मैं आप को कैसे दिखा सकता हू. मुझे शरम आ रही है

मेडम-अगर तुम शरमा ते रहोगे तो तुम्हारी बीमारी बढ़ सकती है

अवी-(डर की वजसे )नही नही मैं दिखाता हू

मैं ने अपनी पैंट और चड्डी निकाल दी. इतनी देर से लंड के बारे मे बाते करने से मेरा लंड हार्ड हो चुका था.लंड मेडम को सलामी दे रहा था.

मेरे लंड को देखते ही मेडम का मूह खुला का खुला रह गया. मेडम तो एक मूरत की तरह खड़ी एक टक मेरे लंड को देख रही थी .ऐसा लग रहा कि मेडम को किसी साँप ने काट लिया हो .मैं भी मेडम का रिक्षन देख कर परेशान हो गया .मुझे लग रहा कि कही मुझे बीमारी तो नही है.

मेरा डर हर सेकेंड के साथ बढ़ रहा था .पर मेडम नही कुछ बोल रही थी ना कुछ कर रही थी . वो तो मेरे लंड को ही देख रही थी.

जैसे रूम मे सिर्फ़ मेडम और मेरा लंड ही हो . मुझे लग रहा था कि मेरा डर मुझ पर हावी हो रहा है .

मैं ने मेडम को आवाज़ दी पर मेडम ने कोई जवाब नही दिया.

फिर मैं ने मेडम को हिलाया तब जाके मेडम होश मे आई.

अवी-क्या हुआ मेडम

मेडम-कुछ नही . वो वो तू .. तुम्हारा लंड .क्या सच मे… क्या ये रियल है..

अवी-मुझे कुछ समझ नही आ रहा है मेडम

मेडम-(नॉर्मल होते हुए) अरे कुछ नही

अवी-फिर आप इस तरह खड़ी क्यू थी. बताइए ना मेडम क्या कुछ प्राब्लम तो नही है

मेडम-रूको पहले मुझे देखने दो फिर मैं बताती हू

अवी-हाँ देखिए

मेडम-अरे अवी तुम्हारा लंड तो सच मे लंबा है. मैं ने , अपनी लाइफ मे, इतना बड़ा लंड कभी नही देखा.

अवी-क्या मुझे कोई बीमारी तो नही है

मेडम-(इसका लंड देख कर मेरी चूत मे तो पानी आ गया . मुझे कुछ सोचना पड़ेगा. हाँ एक आइडिया तो है उस से मेरी चुदाई भी होगी और इस को भी बीमारी से छुट कारा मिल जाएगा .ऐसी बीमारी से जो कभी इसे थी ही नही )अवी मुझे देखना पड़ेगा कि तुम्हे बीमारी है कि नही.

अवी-हाँ जल्दी देख लीजिए

मेडम-रूको मैं अंदर से तेल लेकर आती हू.

अवी-तेल क्यू?

मेडम-बीमारी है कि नही चेक करने के लिए

अवी-हाँ लेकर आइए

मेडम ने तेल मेरे लंड पर डाल दिया . और लंड पर अच्छे से लगाने लगी. मुझे भी इस मे मज़ा आ रहा था पर डर भी था कही कोई बीमारी तो नही है मुझे.

मेडम ने अब अपने हाथो को हिलाना सुरू किया. मुझे स्टोर हाउस की याद आ गयी जब पहली बार मैं ने इसी तरह अपने हाथो से लंड को हिलाया था.

मेडम ने अब अपने हाथो की गति बढ़ा दी .लगबग 10 मिनिट तक हिलाने के बाद मेरे लंड मे कुछ हार्डनेस बढ़ गयी .मुझे लगा फिर से मेरे लंड से वैसा ही सफेद पानी निकलेंगा जैसा स्टोर हाउस मे निकला था. मेरे लंड से पानी निकल गया पर मेडम ने वो पानी अपने हाथो मे ले लिया

मेडम-ये देखो अवी ,इस से पता चलेगा कि तुम्हे कोई बीमारी है कि नही

अवी-लेकिन इस से कैसा पता चलेगा

मेडम-मैं इसे चख कर देखूँगी तब मुझे पता चलेंगा

अवी-लेकिन ये तो गंदा होगा .

मेडम-नही ये गंदा नही होता . इसी से बच्चा पैदा होता है.

अवी-कैसे

मेडम-जब ये पानी किसी लड़की की चूत मे जाता है तब बच्चा पैदा होता है

अवी-लेकिन बच्चा तो चुदाई के बाद होता है. ऐसे मेरे दोस्त कहते है

मेडम-चुदाई के बाद ही ये पानी लड़की की चूत मे जाता है .रूको मैं पहले चेक करती हू कि तुम्हे बीमारी है कि नही.

मेडम ने मेरा पानी अपने जीभ से चाट लिया. थोड़ी देर बाद मेडम के चेहरे पे खुशी देख कर मुझे भी थोड़ी राहत मिली

अवी-क्या हुआ मेडम सब ठीक तो है ना

मेडम-(अवी से तो अब चुदना ही पड़ेगा) हाँ सब ठीक है.

अवी-मुझे कोई बीमारी तो नही है

मेडम-(गाओं मे लड़के छोटी उमर से ही लंड चूत चुदाई वर्ड इस्तेमाल करते है पर उनको पूरा ग्यान नही होता. )
डर ने की कोई बात नही है. तुम्हे कोई बीमारी नही है

अवी-फिर ये लंड इतना बड़ा क्यू है

मेडम-अरे तुम्हे तो भगवान का सुक्रिया अदा करना चाहिए कि तुम्हे इतना अच्छा लंड मिला है. बहोत कम लोगो का इतना बड़ा होता है. समझे

अवी-थॅंक यू मेडम आपने मेरे सर से कितना बड़ा बोझ हल्का कर दिया है.
मैं अबी भी नंगा ही खड़ा था.

मेडम-ये जो तुम्हारा पानी निकला है उसे वीर्य कहते है

अवी-हम्म

मेडम-सुनो अवी ये जो आज सब कुछ हुआ वो किसी से कहना मत .

अवी-नही कहूँगा

मेडम-(अवी को चुदाई के लिए कैसे कहु. कुछ सोच ना पड़ेगा)

अवी जैसे आज मैं ने तुम्हारा लंड देखा है वैसे ही तुम ने कभी किसी की चूत देखी है.

अवी-(झूठ बोलते हुए) नही मेडम

मेडम-देखना चाहोंगे

अवी-हाँ देख ने की इच्छा तो है

मेडम-मेरी देखोगे

अवी-आप की

मेडम-हाँ मेरी क्या देखोगे

अवी-अगर आप दिखाएँगी तो ज़रूर देखूँगा

मेडम-तो चलो मेरे बेड रूम मे.

बेड रूम मे जाने के बाद मेडम ने अपनी नाइटी उतार दी. मेडम नाइटी के अंदर से नंगी थी .

जैसे ही नाइटी ज़मीन पर गिरी मेडम मेरे सामने नंगी हो गयी .

मैं भी कमर की नीचे नंगा था . मेडम की चूत चिकनी थी .मेडम के दूध पक्के हुए आम की तरह दिख रहे थे.

जिस तरह मेडम मेरे लंड को देख कर , एक मूरत की तरह खड़ी थी . उसी तरह मैं भी मेडम को नंगा देख कर मूरत की तरह खड़ा था. मेडम के चेहरे पे खुशी झलक रही थी.

मेडम-अवी , अवी कैसे लगी तुम्हे मेरी चूत

अवी-मेडम की आवाज़ सुन कर मैं होश मे आया .पर मेडम ने क्या पूछा वो मुझे सुनाई नही दिया.

मेडम-अवी मेरे पास आ जाओ

अवी-मैं मेडम के पास चला गया . मेडम और मेरे बीच बस कुछ कदमो का फासला रह गया. मेरी दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था.

मेडम-हाथ लगाकर देखो मेरी चूत को

अवी-जैसे ही मेरे हाथो ने मेडम की चूत को छुआ मेरे शरीर मे करेंट लगा .और मैं पीछे हो गया

मेडम-क्या हुआ , पसंद नही आई.

अवी-ह्म्‍म्म

मेडम-क्या तुम ने इस से पहले कभी चूत देखी है

अवी-ना मे गर्दन हिला दी

मेडम-कैसी है मेरी चूत

अवी-अच्छी है.

मेडम-क्या तुम ने कभी चुदाई की है

अवी-नही मेडम

मेडम-करना चाहोगे

अवी-हां

मेडम-मेरे साथ करोगे

अवी-हां

मेडम-तो सुरू करो ना

अवी-मुझे चुदाई करनी नही आती

मेडम-मैं तुम्हारी मेडम हू . तो आज मैं तुम्हे चुदाई कैसे करते है सिखाती हू. मुझसे सीखोगे

अवी- हां मुझे चुदाई करनी सीखनी है. आप मुझे सिखा दो

मेडम-मैं तुम्हे ऐसे सिखाउन्गि कि तुम हर लड़की और हर औरत को खुश कर सकोगे.

अवी-ह्म्‍म्म

मेडम-पहले मुझे किस करो

अवी-मैं ने मेडम के होंटो पर अपने होंठ रख दिए.
5 सेकेंड के बाद किस तोड़ दिया. मेडम ने मुझे धक्का दिया.

मेडम-अरे सिर्फ़ होंटो से
होन्ट मिलाने से किस नही किया जाता. तुम मेरे होंटो को अपने होंटो पे रख कर सक करो. कभी उपेर के होन्ट को तो काबी नीचे के होन्ट को सक करो. होन्ट सक करते वक्त जब मूह खुलने पर अपनी जीभ सामने वाले के मूह मे डाल कर उसके जीभ के साथ खेलो . फिर एक दूसरे की जीभ को सक करो . समझे कि नही. अब सुरू करो .

अवी-जैसे मेडम ने कहा वैसे ही मैं ने किस करना चालू किया. मैं अपने होंटो को मेडम के होन्ट पर रख कर सक करने लगा. कभी उपर के होन्ट को तो कभी नीचे के होन्ट को. जैसे ही मेडम ने अपना मूह खोला मैं ने मेडम की जीभ को अपने होन्ट मे पकड़ के सक करने लगा.

लगबग 10 मिनिट तक किस कर ने के बाद हमने किस तोड़ दी .

मेडम-तुम तो जल्दी सीख गये

अवी-मैं ने ठीक किया

मेडम-ठीक क्या , तुम ने बहोत अच्छा किया
अब मेरे गालो को किस करो , सक करो , पूरे चेहरे पे किस करो . बाद मे मेरे कानो को भी किस करो और सक करो

अवी-जैसे मेडम ने कहा .मैं ने वैसे ही किया . मेडम के मूह से आवाज़े निकल रही थी. 10 मिनिट तक वो सब करने के बाद मैं रुक गया

मेडम-अब मेरे गर्दन पे किस करो

अवी-मैं ने वैसा ही किया .मेडम ज़ोर ज़ोर साँसे ले रही थी.

मेडम-अब मेरे स्तनों को हाथो से दबाओ. पहले आराम से दबाना फिर थोड़ी देर बाद ज़ोर से दबाना. कभी लेफ्ट को तो कभी राइट स्तन को दबाना. फिर मेरे निपल को थोड़ा खिचना और थोड़ा सहलाना.
फिर अपनी जीभ को मेरे निपल पर घुमाना. फिर मूह मे लेकर सक करना .जितना हो सके उतना मूह मे लेना .और दूसरे दूध को हाथो से दबाते रहना.

अवी- मेडम के स्तन कॉटन की तरह नरम थे. मेडम के दूध के साथ खेल ने मे मज़ा आ रहा था. मेडम बीच बीच मे चिल्ला रही थी कि और ज़ोर ज़ोर से दबाओ.और आवाज़े निकाल रही थी .मेरे दूध सक करने से मेडम मदहोश होने लगी . थोड़ी देर बाद मेडम का बदन अकड़ गया .

मुझे कुछ समझ नही आया. मैं तो मेडम के दूध के साथ खेलता रहा. फिर थोड़ी देर बाद मेडम नॉर्मल हो गयी.

मेरे से दूध सक करने के बाद मेडम बाथरूम मे चली गयी

बाथरूम से आने के बाद मेडम के चेहरे पे एक चमक थी.

मेडम-अवी , सच मे , तुम जल्दी सीख जाते हो. आज तक मेरे पति ने भी इस तरह से मेरे दूध सक नही किए

अवी-वो तो ,जैसे आप बता रही हो , मैं तो वैसे ही कर रहा हू.

मेडम-अब तुम मेरी नाभि के साथ खेलो. उसमे अपनी उंगली डालो. उसे किस करो .उसमे अपनी जीभ डालो. अपनी जीभ को नाभि मे आगे पीछे करो .

अवी-मैं ने अपनी उंगली मेडम के नाभि मे डाल कर खेलने लगा .फिर उस पर हल्की हल्की किस करने लगा. अपनी जीभ से चाटने लगा जैसे कुलफी चाटा था. फिर जीभ को नाभि मे डाल कर आगे पीछे करने लगा. मेडम को भी इस मे मज़ा आ रहा था.

मेडम-अवी अब रुक जाओ

अवी-मैं रुक गया

मेडम-अब तुम्हे मैं असली काम सिखाने जा रही हू. उसे ध्यान से सुनो.
तुम अपनी उंगली से मेरी चूत के साथ खेलो वैसे ही जैसे निपल के साथ किया था . फिर मेरे दाने के साथ खेलो(हाथ लगाकर मुझे दिखा दिया). फिर उंगली को धीरे धीरे मेरी चूत मे अंदर तक डाल देना. मैं पहले चुदाई कर चुकी हू इसलिए पहले एक उंगली फिर एक साथ दो उंगली डाल कर आगे पीछे करना . तब तक करना जब तक तुम्हारी उंगली गीली नही हो जाती है .याने कि मेरा पानी नही निकलता तब तक करना.और हां किसी कुवारि लड़की के साथ करते समय सिर्फ़ एक उंगली ही डालना .नही तो उसे ज़्यादा दर्द हुआ तो वो तुम से चुदाई नही करेंगी.

फिर मेरी चूत पर हल्के हल्के किस सुरू करना .दाने को लिप्स से पकड़ कर खेलना .फिर अपनी टंग से मेरी चूत को साफ करना. फिर जिस तरह नाभि मे टंग डाल कर आगे पीछे किया था.बिल्कुल उसी तरह चूत मे डाल कर करना. तब तक करना जब तक मेरा पानी नही निकलता. और वो सारा पानी पी लेना . औरतो को ये अच्छा लगता है.

और हां उंगली करते वक्त पानी निकले ऐसा ज़रूरी नही है. थोड़ी देर उंगली करना फिर टंग से चूत के साथ खेलना. ध्यान रखना कि टंग से चुदाई के वक्त पानी ज़रूर निकल ना चाहिए. नही तो औरतो को गुस्सा आता है. अगर कोई कुवारि हो तो पानी निकालने के पास आकर रुक जाना .इससे ये होगा कि वो तुमसे चुदाई की भीक माँगेगी .फिर तुम आराम से उसकी चुदाई कर सकते हो.

अवी-जिस तरह से मेडम ने कहा मैं ने उसी तरह से करना चालू किया. मुझे तो मज़ा आ रहा था. 1स्ट टाइम चूत को इतने पास से देख रहा था. मैं ने पहले हल्के हल्के चूत को सक करना सुरू किया .

फिर ज़ोर ज़ोर से सक करना सुरू किया. जैसे ही मैं ने अपनी गति बढ़ाई वैसे ही मेडम ने मेरे सर को पकड़ कर चूत पे दबाने लगी.

फिर दूसरी बार मेडम ने पानी छोड़ा .पहली बार दूध सक करते वक्त . मेडम के पानी छोड़ने के बाद भी मैं ने चूत सक करना बंद नही किया. मैं पागलो की तरह चूत चाट ने मे लगा हुआ था.

मेडम ने फिर से पानी छोड़ दिया. मैं भी अब थक गया था . जैसे ही मैं अलग हुआ मेडम ने मुझे गले लगा लिया.

मेडम-आज तो तुम ने मुझे जन्नत दिखा दी

अवी-मेडम थोड़ा पानी मिलेगा

मेडम-अभी तो दो बार मैं अपना पानी निकाल चुकी हू .फिर भी तुम्हे पानी चाहिए.

अवी-मेडम मैं थक गया हू .थोड़ा पीने को पानी चाहिए

मेडम-तुम उस पानी की बात कर रहे हो मुझे लगा कि…और मेडम हँसने लगी

अवी-मुझे तो समझ नही आया.फिर मेडम ने मुझे शरबत दिया

मेडम-चलो अब आख़िरी चॅप्टर भी पढ़ लो.

अवी-मतलब चुदाई

मेडम-हाँ चुदाई, अब इतना भी खुश मत हो नही तो मैं आखरी चॅप्टर नही पढ़ाउंगी

अवी-नही मेडम ऐसा मत करो . ये मेरी पहली चुदाई होगी

मेडम-ठीक है .तो सुनो अब मुझे जल्दी तुम्हारा लंड अपनी चूत मे चाहिए .इस लिए मैं तुम्हारा लंड मूह मे नही लूँगी.

तुम लंड को पहले मेरी चूत पर रगड़ना फिर लंड को मेरी चूत मे डाल देना. पहले लंड का जो लाल भाग है उसे अंदर डालना. फिर एक झटका मार के 2 इंच तक अंदर डालना . फिर थोड़ी देर रुक कर दूध के साथ खेलना. फिर और एक झटका मारना जिसे तुम्हारा आधे से ज़्यादा मेरी चूत मे होगा. अब ध्यान से सुनो मेरे पति का लंड 6 इंच का है और तुम्हारा उस से बड़ा है .तो तुम मुझे किस करना सुरू करना और साथ मे हाथो से मेरे दूध भी दबाते रहना. अगर मैं थोड़ी नॉर्मल हो गयी तो एक ही झटके मे पूरा अंडर डाल देना. मुझे थोड़ा दर्द होगा. तो तुम मेरे दूध को दबाना चालू रखना. अगर मेरी आँखो से पानी आए तो भी दूध को दबाते रहना जैसे ही मैं शांत हो जाऊ तो लंड को थोड़ा बाहर निकाल कर फिर से अंदर डाल देना .थोड़ी देर ऐसे ही करते रहना. फिर आधा लंड बाहर निकाल फिर अंदर डाल देना .जब मैं कहु कि ज़ोर से धक्के मारो या फिर अगर मैं ने भी अपनी कमर हिलाना चालू किया तो अपनी गति बढ़ा देना .

कभी पूरा बाहर निकाल कर अंदर डालना कभी गति बढ़ा देना.और हां किसी कुवारि लड़की के साथ भी ऐसे ही करना. और तुम अपना पानी मेरे अंदर डाल देना .अगर कुवारि लड़की के साथ करोगे तो भी अपना पानी अंदर डालना पर बाद मे दुकान से प्रेगेंसी की गोली ज़रूर खिला देना .

अवी-मैं लंड को पकड़ कर मेडम की चूत पर रगड़ने लगा. थोड़ी देर रगड़ने के बाद मैं ने लंड को चूत पर रख कर एक धक्का मारा . लंड का लाल वाला भाग मेडम की चूत मे चला गया.

मेडम की हल्की चीख निकल गयी. फिर मैं ने दूसरा धक्का मारा कि मेरा 4 इंच तक अंदर चला गया .मेडम ने अपने लिप्स दांतो मे दबाकर रखे हुए थे .

मैं मेडम को किस करना चालू किया. साथ ही दूध भी दबाना चालू किया . फिर एक और झटका मारा कि मेरा 6 इंच तक अंदर गया. मेडम की चीख मेरे मूह मे दब गयी.

मेडम तड़फ़ ने लगी .बिल्कुल उसी तरह जैसे मुर्गी की गरदन काटने पर मुर्गी तड़फ़ ती है.

थोड़ी देर मेडम को दर्द हुआ ,फिर मेडम के नॉर्मल होते ही एक करारा झटका मारा कि, मेरा पूरा लंड मेडम की चूत मे चला गया .

मेडम मुझे बाहर निकालने को कह रही थी पर मैं उनके दूध को सक करने मे लग गया . करीब 5 मिनिट के बाद मेडम नॉर्मल हो गयी.

फिर मैं ने धक्के लगाना सुरू किया.

मेरी पहली चुदाई 15 मिनिट तक चली क्यू कि मैं पहले ही अपना पानी निकाल चुका था.पर मेडम कि चूत सक करने से गरम हो गया था फिर भी 15 मिनिट तक मेडम को चोदता रहा .इसी बीच मेडम दो बार पानी निकाल चुकी थी.

हम दो नो हाफने लगे .थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये .मेडम बाथरूम मे चली गयी. फिर थोड़ी देर बाद मैं भी बाथरूम हो कर आया.

जब तक मैं बाथरूम मे था मेडम ने हमारे लिए कॉफी बनाई.

मेडम-आज लाइफ मे 1स्ट टाइम चुदाई करते समय इतना मज़ा आया कि मेरे पास बताने के लिए वर्ड ही नही.थॅंक यू अवी

अवी-आप क्यू थॅंक यू बोल रही हो . थॅंक्स तो मुझे आपको कहना चाहिए . आज आप की वजह से मैं चुदाई कर सका. थॅंक यू मेडम

मेडम-ये बात किसी से मत करना .समझे और तुम्हारा चुदाई का एक चॅप्टर तो अभी बाकी है जो मैं तुम्हे कल बताउन्गि.

अवी-मैं किसी को नही बताउन्गा. वैसे टाइम क्या हुआ मेडम

मेडम-6.00 पीएमहो गया

अवी-क्या ? आज फिर गालिया पड़ेगी

मेडम-ये बात अपनी चाची को मत बताना

अवी-नही बताउन्गा. अच्छा अब मैं चलता हू .कल आउन्गा.

मेडम-बाइ

अवी-बाइ

( दोस्तो मैं यहाँ आपको बता दूं कि (ब) मतलब बड़ी चाची , (सी) मतलब छोटी चाची , (म) मतलब मंझली चाची है )
पहली चुदाई के वजसे मैं खुश था. मेरी पहली चुदाई वो भी मेडम के साथ ये सोच कर ही मेरे शरीर मे एक अजीब सा अहसास होना सुरू हो गया

मैं चुदाई के बारे मे सोचते सोचते ,कब मैं घर आ गया मुझे पता भी नही चला.

जब मैं घर के अंदर गया तब मुझे बड़ी चाची थोड़े गुस्से मे दिखी.

ब चाची- कहाँ गये थे

अवी- मेडम के घर

ब चाची-पर तुम्हारे पास तो बॅग नही है.

अवी-वो मेडम ने, उनके पास जो बुक है उस से पढ़ाया

ब चाची- इतनी देर तक. तुम तो 12 बजे से गायब हो

अवी-(अब मैं आप को क्या बताऊ कि , चुदाई की वजह से इतनी देर हो गयी) वो पहले मैं खेलने गया फिर वही से मेडम के घर चला गया.

ब चाची-मेडम के घर 3 घंटे तक थे

अवी-हां, वो क्या है कि मेडम अगले महीने स्कूल छोड़ कर जा रही है. तो मेडम ने कहा था कि आज थोड़ी ज़्यादा पड़ाई कर लेते है.

ब चाची-तू सच कह रहा है या फिर मुझे बना रहा है

अवी-आप मेडम से पूछ लीजिए

ब चाची-ठीक है .रहने दे. पर तू खेलने के बाद घर आकर बताके जा सकता था

अवी-वो याद ही नही रहा. और टाइम हो गया था इस लिए घर नही आ सका

ब चाची-देख मुझे तुम पर पूरा भरोसा है कि ,तुम मुझ से झूठ नही बोलोगे. मुझे डर लगता है कि कही तुम्हे कोई बुरी आदत ना लग जाए

अवी-चाची मैं ऐसा कोई बुरा काम नही करूँगा जिस से आप को शर्मिंदा होना पड़े.

ब चाची-मेरा प्यारा बेटा .जा अब टी वी देख ले.

अवी-मैं टी वी देख ने के बाद खाना खाकर सो गया. चुदाई की वजह से नीद भी जल्दी आ गयी.

ब चाची-मीना सुन , ज़रा मेरे रूम आ मुझे तुझ से थोड़ा काम है

सी चाची-जी दीदी

सी चाची-क्या बात है दीदी

ब चाची-वो मुझे अवी के बारे मे बात करनी थी

सी चाची-हाँ कहिए क्या बात करनी है

ब चाची- तूने देखा आज वो थोड़ा कमजोर लग रहा था .और कितनी देर से घर आया

सी चाची-खेलने और पढ़ाई की वजह से थकावट हुई होगी.

ब चाची-हाँ, लेकिन उस दिन भी बिना बताए बुआ के घर गया था. और आज भी खेलने के बाद बिना बताए मेडम के घर चला गया

सी चाची- देर हो गयी होगी या फिर भूल गया होगा. आप भी ना कुछ भी सोचती रहती है

ब चाची-मुझे उसकी चिंता है .कही वो किसी बुरी संगत मे तो नही लग गया.

सी चाची-आप बिना वजह ही चिंता कर रही हो. मैं कल मेडम से मिल लूँगी ठीक है.

ब चाची-हाँ तुम एक बार मेडम से मिल लेना

सी चाची-मैं कल शाम को मिल लूँगी. अब मैं जाती हू नही तो अवी के चाचा घर को सर पर उठा लेंगे.

नेक्स्ट डे

मैं स्कूल मे ,चुदाई के बारे मे ही सोचता रहा. और आज मेडम जो चॅप्टर पढ़ाएगी उसी को सोच कर मैं पागल हो रहा था.

जैसे तैसे स्कूल की छुट्टी हो गयी . और मैं घर आ गया.

जब मैं मेडम के घर जाने के लिए निकल रहा था तभी छोटी चाची ने कहा कि वो आज शाम को मेडम से मिलने आ रही है.

फिर मैं मेडम के घर की ओर चल दिया.

मेडम-क्या बात है .कुछ परेशान लग रहे हो

अवी-नही ,कोई बात नही है.

मेडम- कल जो भी हुआ उसके वजह से परेशान हो

अवी-नही ,वो बात नही है

मेडम-फिर क्या बात है

अवी-वो कल बड़ी चाची ने मुझे पूछा था कि इतनी देर क्यू हो गयी थी

मेडम-तुम ने चाची को बता दिया?

अवी-नही, मैं ने कुछ नही बताया. मैं ने तो कहा कि मैं नया चॅप्टर पढ़ रहा था इस लिए देर हो गयी.

मेडम-तो फिर परेशान क्यू हो

अवी-मुझे लगता है बड़ी चाची को शक हो गया है. इसी लिए आज छोटी चाची आप से मिलने आने वाली है.

मेडम-तुम परेशान मत हो .मैं सब संभाल लूँगी.

अवी-थोड़ा नॉर्मल होते हुए

मेडम-अब ये बताओ कल मज़ा आया था

अवी-हां .बहोत मज़ा आया.

मेडम-फिर करना चाहोगे.

अवी-हाँ

मेडम-ठीक है. अरे हां तुम्हारा आख़िरी चॅप्टर भी तो बाकी है.(मुझे तो अपनी गान्ड मरवाने मे बड़ा मज़ा आता है .पर मेरा पति कभी भी मेरी गान्ड नही मारता .आज मेरी ये तमन्ना भी पूरी हो जाएगी)

अवी-हाँ बता दीजिए आख़िरी चॅप्टर क्या है

मेडम-पहले तुम वो करो जो मैं ने कल सिखाया था. फिर मैं तुम्हे आख़िरी चॅप्टर भी बता दूँगी

अवी-मैं ने मेडम के कहते ही .मेडम को पकड़ कर पागलो की तरह किस करने लगा . मेरे किस करने से मेडम भी जोश मे आ गयी. मैं ने किस करते करते मेडम की नाइटी निकाल दी. मेडम तो नाइटी के अंदर कुछ नही पहनती है . मेडम , एक ही झटके मे नंगी हो गयी . मेडम ने मेरे भी कपड़े निकाल दिए.

फिर मैं ने मेडम के दूध को चूसना सुरू किया और साथ ही एक उंगली चूत मे डाल कर आगे पीछे करने लग गया.

फिर मैं धीरे धीरे दूध से मेडम की चूत की ओर जाने लगा. मेडम की चूत गीली हो गयी . फिर मैं ने मेडम की चूत की अपनी जीभ से चुदाई करने लगा.

मेडम ने सारा पानी मेरे मूह मे डाल दिया.मैं ने भी सारा पानी चाट लिया.

मेडम-अब रूको . जब तुम मेरी चूत मे लंड डाल कर चुदाई करोगे तब अपनी एक उंगली पर तेल लगा कर मेरी गंद के छेद के साथ खेलना .फिर खेल ते खेल ते उंगली को गंद के छेद मे डाल देना. और आगे पीछे करना .पर ध्यान रखना कि उंगली धीरे धीरे आगे पीछे करना. क्यू कि मेरे पति ने कभी भी मेरी गंद नही मारी. जब मुझे मज़ा आने लगे तो दो उंगली डाल कर आगे पीछे करना .

जब मेरी चूत से पानी निकल जाए तब लंड को बाहर निकाल लेना .लंड पर तेल लगा कर मेरी गंद के छेद से रगड़ना. जैसे कल तुम ने मेरी चूत मारी थी, ठीक उसी तरह धीरे धीरे मेरी गंद मारना .अगर मैं कहु कि बाहर निकालो तब तुम मेरी कोई बात मत सुन ना.जब तक तुम्हारा पानी ना निकले तब तक मेरी गंद मारते रहना.

अब मेरे पास आ जाओ .मैं तुम्हारे लंड को गीला कर देती हूँ.

अवी-मैं मेडम के पास चला गया. मेडम मेरे लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी. फिर लंड को मूह के अंदर लेकर चूस ने लगी. मेरा खड़ा लंड मेडम के मूह मे था. 2 मिनिट तक चूस ने के बाद मेडम ने लंड बाहर निकाल दिया.

अब मेरी बारी थी मेडम को खुश करने की .मैं ने लंड को एक ही झटके मे आधे से ज़्यादा मेडम की चूत मे डाल दिया.

मेडम की चीख निकल गयी .पर मुझे कुछ नही कहा. फिर दूसरे झटके के साथ ही मेडम की चूत मारने लगा .

मेडम ने 2 मिनिट मे ही पानी छोड़ दिया .और नॉर्मल हो गयी.जब मैं मेडम की चूत मार रहा था तब मैं ने अपनी उंगली पे तेल डाल कर गंद के छेद के साथ खेलने लगा. फिर उंगली पर थोड़ा ज़ोर देने से मेरी उंगली अंदर चली गयी. मेडम के मूह से आहह जैसा वर्ड निकल गया

फिर थोड़ी देर बाद मैं दो उंगली से मेडम की गंद मारने लगा . मेरी दो उंगली अंदर जाते ही मेडम ने पानी छोड़ दिया था वो भी 2 मिनिट मे.

फिर मैं ने लंड को मेडम की चूत से बाहर निकाला.

मेडम ने मेरे लंड पर तेल डाल कर चिकना किया और अपनी गंद पर भी तेल डाल दिया .अब मेडम ने गंद मारने की पर्मिशन दे दी.

मैं ने लंड को मेडम की गंद पर रख कर एक झटका दिया था कि मेरे लंड का लाल भाग मेडम की गंद मे चला गया .मेडम चीख पड़ी.

पर मैं ने उस चीख की परवाह किए बिना ही दूसरा करारा झटका मारा कि लंड 6 इंच तक अंदर चला गया. मेडम चिल्लाने लगी.

पर मेडम की चीख टी वी की आवाज़ के साथ मिल गयी. मेडम मुर्गी की तरह तड़फ़ ने लगी . मेडम के आँखो से पानी आ रहा था. मेडम मुझे लंड को बाहर निकाल ने को कह रही थी.

मुझे मेडम की बात याद आ गयी कि चुदाई करते समय मेरी बात मत सुन ना. फिर क्या था मैने आख़िरी झटका मारा और मेरा लंड मेडम की गंद मे चला गया.

मेडम एक चीख के साथ बेहोश हो गयी.

मुझे लगा कि मैं ने कुछ ग़लत कर दिया. फिर मैं ने टेबल पे रखे हुए पानी को मेडम के चेहरे पे मारा .मेडम होश मे आ गयी. और मुझे गालियाँ देने लग गयी

मेडम-मैं कहा था कि रुक जाओ पर तुम रुके क्यू नही

अवी-मेडम आप ने ही तो कहा कि चुदाई के वक्त आप की बात ना मानु

मेडम-पर थोड़ा धीरे तो कर सकते थे ना

अवी-मुझे लगा लंड को डाल देता हू फिर लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करूँगा.

मेडम-वाह रे मेरे राजा क्या सोचते हो. ये क्या अभी तक लंड को मेरी गंद मे ही रखा है .चल निकाल बाहर

अवी-मेडम अब पूरा अंदर गया है. अब तो आगे पीछे ही तो करना है. करने दो ना मेडम

मेडम-कुछ सोचते हुए ठीक है. पर धीरे धीरे करना.

अवी-फिर मैं धीरे धीरे मेडम की गंद मारने लगा. थोड़ी देर बाद मेडम को भी मज़ा आने लगा. फिर मैने गति बढ़ा दी. 10 मिनिट तक गंद मारने के बाद मेरा वीर्य मेडम की गंद मे डाल दिया..और मेडम के उपर गिर गया

थोड़ी देर बाद मैं मेडम के उपेर से सरक गया. लंड को मेडम की गंद से बाहर निकाला .मेरे लंड पर खून लगा हुआ था.
जब मेडम ने मेरे लंड को देखा.

मेडम-देखा तुम ने मेरी गंद से खून निकाला

अवी-सॉरी मेडम

मेडम-अरे सॉरी क्यू बोल रहो हो. मुझे तो मज़ा आया

अवी-पर आप का खून निकलने पर भी आपको मज़ा आया.

मेडम-पहली बार तो खून निकल ता है. उसमे नया क्या है.

अवी-हाँ .अब समझ गया. अगर आप कुवारि होती तो आप की चूत से भी खून निकलता.

मेडम-अरे तुम तो समझ दार निकले. मैं बाथरूम हो कर आती हू

अवी-मेडम बाथरूम की ओर जा रही थी. मेडम थोड़ा लड़खड़ा कर चल रही थी. मुझे भी लंड पर थोड़ा दर्द हो रहा था. शायद जल्दी डाल ने के चक्केर मे दर्द हो रहा था

मेडम के बाथरूम से आने के बाद मैं बाथरूम मे चला गया.

कल की तरह मेडम मेरे बाथरूम जाते ही कॉफी बनाने मे लग गयी.

फिर हम ने कॉफी पी ली.

मेडम-तुम ने तो मेरी जान निकाल दी थी. लेकिन अच्छा किया जो तुम ने मेरी बात नही मानी. अगर तुम मेरी बात मान जाते तो मैं दुबारा कभी गंद नही मरवाती.. थॅंक्स अवी

अवी-आप की ख़ुसी मे ही मेरी ख़ुसी है

थोड़ी देर बात कर रहे थे कि किसीने गेट खत खाटाया.

मेडम और मैं डर गये .मेडम को लगा कि शायद किसी ने मेडम की चीख सुन तो नही ली.

मेडम ने गेट खोल दिया. मेडम के सामने एक औरत खड़ी थी. दिखने मे सुंदर थी. मेडम ने उन्हे अंदर बुलाया. ये क्या, ये तो मेरी छोटी चाची है. मैं चाची को देख कर खड़ा हो गया.

मेडम-कहिए क्या बात है

सी चाची- जी मैं अवी की चाची हू

अवी-(उस दिन मार्केट मे मेडम ने सुमन चाची और सीमा चाची को देखा था. इसी लिए मेडम ने मीना चाची को पहचाना नही).

मेडम-माफ़ कीजिए. मुझे पता नही था.

सी चाची- कोई बात नही

अवी-मैं तो चुप चाप उनकी बाते सुनने लगा.

मेडम-जी कहिए आज इधर कैसे आना हुआ

सी चाची-वो मैं मार्केट जा रही थी.तो सोचा अवी को भी साथ ले चलु

मेडम-पढ़ाई तो हो गयी है. आप ले जाइए

सी चाची- वैसे अवी परेशान तो नही करता आपको

मेडम-नही ये तो अच्छे से पढ़ रहा है

सी चाची-वो तो सब आप की वजह से पढ़ाई कर रहा है नही तो दिन भर खेलता रहता है.

मेडम-ऐसा नही है. बच्चो को पढ़ाई के साथ खेल कूद भी करना ज़रूरी है.
कल तो 3 घंटे पढ़ता रहा. काफ़ी मेहनती है अवी(अवी की ओर देख कर)

सी चाची- हाँ ये तो आप सही कह रही हो.
चलो अवी मार्केट चलते है

मेडम-जाओ अवी अपनी चाची की मदद करो .और हाँ कल आ जाना

अवी- जी मेडम.

मैं और चाची मार्केट की ओर चल दिए

जब हम मार्केट गये ,तब सभी लोग चाची को घूर घूर कर देखने लगे. जो भी चाची के सामने से जाता वो पलट कर ज़रूर देखता.
मुझे ये देख कर बुरा लग रहा था. पर मैं कर भी क्या सकता था.क्यू कि चाची थी ही इतनी सुंदर की हर कोई चाची को ही देखता.

हम मार्केट की एक दुकान मे चले गये. दुकान एक महिला चला रही थी. उस का नाम मंगला है

सी चाची-कैसी हो मंगला काकी

मंगला-ठीक हू मीना .तू बता तू कैसी है

सी चाची-मैं भी ठीक हू. कुछ समान लेने आई थी .

मंगला-अपने भतीजे को भी साथ मे ले आई

सी चाची-ऐसे ही लाकर आई

मंगला-ठीक है. दे अपने समान की लिस्ट .मैं निकाल देती हू.

सी चाची-ये ले. और बता क्या चल रहा है गाओं मे.

मंगला- (मेरी और इशारा कर के) कुछ खास नही.

सी चाची-(चाची समझ गयी कि मेरी वजह से मंगला काकी कुछ बोल नही रही है) अरे अवी तुम अपने दोस्त के घर जाओ. कब तक खड़े रहोगे . जब मेरा काम हो जाएगा तब मैं तुम्हे बुला लूँगी.

अवी- जी चाची. (मेरे दोस्त का घर पास ही था .पर मुझे कुछ शक हुआ इसी लिए मैं आगे जाकर , छुप कर देखने लगा. चाची और मंगला काकी दुकान से घर के अंदर चली गयी.मैं भी मंगला काकी के घर की खिड़की के पास जाने लगा पर खिड़की बंद थी. मैं वही खड़ा रहा और सोचने लगा कि चाची मंगला काकी के साथ घर के अंदर क्यू गयी. मंगला काकी तो एक विधवा है. उसका पति 2 साल पहले मर गया . मंगला काकी अपनी बेटी रति के साथ रहती है. करीब आधे घंटे के बाद दोनो वापस आ गयी. मंगला ने घर को ताला लगा दिया. मतलब जैसा मैं सोच रहा था वैसा कुछ नही था. अब मैं भी दुकान मे चला गया. चाची मुझे देख कर बोली

सी चाची-तुम आ गये

अवी- हाँ वो मेरा दोस्त बाहर चला गया तो मैं दुकान वापस आया.

मंगला-मीना तेरा भतीजा तो बड़ा हो गया. किसी पहलवान की तरह दिख रहा है

सी चाची-नज़र मत लगा. मेरे बेटे को

मंगला-छुपा के रख अपने पल्लू मे नही तो मैं उड़ा ले जाउन्गि.

सी चाची-हाथ लगाकर कर दिखा. तेरे हाथ काट दूँगी.

मंगला- तब तो कुछ और लगाना पड़ेगा.
दो नो हँसने लगी.

सी चाची-चल मंगला मैं चलती हू फिर मिलूंगी. और मेरी मदद करने के लिए शुक्रिया.

मंगला-अगर काम हुआ तो तेरा भतीजा मेरा.

सी चाची-क्या

मंगला-एक दिन के लिए मेरा भतीजा बन जाएगा

सी चाची-ठीक है अब मैं चलती हू.

मंगला-हां जा और जल्दी खूसखबरी सुना

अवी-चाची वो मंगला क्या कह रही थी

सी चाची-तू उसके बातो पे ध्यान मत दिया कर .

अवी-जी चाची

घर आकर मैं ने खाना खाया और सो गया.

सी चाची-दीदी एक खुश खबरी है

म चाची-क्या आदमी मिल गया

सी चाची-नही आदमी तो नही मिला पर एक काम ज़रूर पूरा हुआ

ब चाची- मुझे तो तेरी कोई बात समझ नही आती

म चाची- तू साफ साफ बता ना क्या हुआ

सी चाची-हमारी जो समस्या थी कि अब अगर हम मा बन गयी तो लोगो को शक होगा

ब चाची-हां तूने ने बताया था

सी चाची- उस समस्या का हल मैं ने खोज लिया

ब चाची-क्या

म चाची-क्या.. पर कैसे

सी चाची-सुमन दीदी आप मंगला को तो जानती होगी

ब चाची-हाँ अच्छे से जानती हू

म चाची-क्या उसके पास हल है हमारी समस्या का

सी चाची-सीमा दीदी, मंगला के पास हमारी समस्या का हल है भी और नही भी .

ब चाची-मतलब

सी चाची-दीदी आपको तो पता होगा मंगला को शादी के 3 साल बाद बेटी हुई

ब चाची-हाँ मुझे पता है. तो उससे हमारा का फ़ायदा

सी चाची-दीदी पहले पूरी बात तो सुनो

ब चाची-हाँ बता क्या बात है.

सी चाची-मंगला ने बताया कि उसको वो बेटी एक महाराज के आशीर्वाद से मिली

ब चाची-मतलब

सी चाची-मंगला ने बताया कि शादी के 3 साल तक उसे कोई बच्चा नही था. तब उसे किसी ने एक महाराज के बारे मे बताया . मंगला को उस महाराज के आशीर्वाद से बेटी हुई.

ब चाची-क्या तू सच बता रही है

सी चाची-हाँ मैं सच बता रही हू

म चाची-तो हम भी उस महाराज से मिलेंगे और मा बन जाएगे. फिर हमे किसी आदमी की ज़रूरत नही पड़ेगी

सी चाची- दीदी आप चुप रहो. हमे आदमी और महाराज दोनो की ज़रूरत है. महाराज की वजह से कोई हम पर शक नही करेगा और अवी के चाचा तो हमे मा नही बना सकते. तो हमे एक आदमी तो चाहिए.

ब चाची- महाराज से कब मिलना है

म चाची-दीदी मैं तो कहती हू कल ही चलते है.

सी चाची-सीमा दीदी आप भी ना.. पहले आदमी ढूँढना पड़ेगा फिर हम महाराज से मिलने जाएगे

ब चाची-जैसे तुझे ठीक समझे तू वैसा कर .

म चाची-मैं कुछ बोलू

ब चाची-हाँ बोलना

म चाची-आदमी कोई दूसरे गाओं का देखेंगे.

सी चाची- नही ,आदमी तो हमे इसी गाओं का देखना पड़ेगा. उस से हमारा ही फ़ायदा होगा

ब चाची-जो करना है वो तू कर. अब जा रूम मे नही पता है ना

सी चाची-ठीक है कल बात करेंगे.

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मुझे आज भी मोना की चुदाई देखने को नही मिली.

छोटी चाची भी आदमी की खोज मे लगी थी.,

फिर ट्युजडे , वेडन्ज़्डे , थर्स्डे , फ्राइडे , सॅटर्डे को भी मेडम की जम कर चुदाई की .कभी मेडम की चूत मारी तो कभी मेडम की गंद मारी.

फिर वो दिन आया जिसे मैं भूल नही सकता . वो दिन सनडे था. मैं दोपहर मे मेडम के घर गया तो मेडम अपना समान पॅक कर रही थी.

अवी-मेडम ये सब क्या है

मेडम- मैं अब वापस जा रही हू.

अवी-पर आप तो अगले महीने जा रही थी

मेडम-वो क्या है मेरा बेटा बीमार है. और वैसे भी कभी ना कभी तो जाना है. तो मैं आज शाम को जा रही हू.

अवी-पर मेडम

मेडम- मुझे पता है अब तुम्हे चुदाई का चस्का लगा है . अब तुम दूसरा शिकार ढूँढ लो. और आज आख़िरी बार मेरी चुदाई कर के मुझे गुरु दक्षिणा दे दो.

अवी-मेडम के कहते ही मैं मेडम को किस करने लगा .पर अब मैं धीरे धीरे किस कर रहा था.
मैं ने मेडम की नाइटी निकाल दी. मेडम के दूध को मसल्ने लगा. फिर धीरे धीरे जीभ से निपल को चाटने लगा. फिर दूध को मूह मे लेकर चूसने लगा. कभी लेफ्ट दूध को तो कभी राइट दूध चूसने लगा.उंगली से मेडम की चूत मारने लगा.

मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए . फिर हम 69 पोज़िशन मे आ गये. मेडम मेरे लंड को पागलो की तरह चूसने लगी. मैं भी पागलो की तरह चूत मे जीभ डाल कर तो कभी किस कर के चूसने लगा. मुझे पता था कि कल से मुझे मेडम की चूत नही मिलेंगी इसी लिए मैं इस आख़िरी चुदाई का पूरा मज़ा लेने लगा.

फिर मेडम घोड़ी बन गयी. मैं ने एक ही झटके मे पूरा लंड चूत मे डाल दिया. मेडम चीख पड़ी. पर मुझे इस आख़िरी चुदाई का मज़ा लेना था. थोड़ी देर चूत मारने के बाद .अब गंद मारने लगा . कभी मेरा लंड चूत मे होता तो कभी गंद मे. लगभग 40 मिनिट की चुदाई के बाद. मैं ने अपना वीर्य मेडम की चूत मे डाल दिया. जैसे ही मैं ने अपना पानी मेडम की चूत मे डाला ,तभी मुझे लगा कोई हमे देख रहा है. मैं जल्दी से खिड़की के पास गया पर वहाँ कोई नही था. वहाँ मेडम का दुपट्टा रखा हुआ था. ये देख मुझे राहत मिली.

मेडम-आज तो मज़ा आ गया

अवी-हाँ मुझे भी मज़ा आया

मेडम-मैं फ्रेश होके आती हू.

अवी-मेडम के आने के बाद .मैं भी मेडम की मदद करने लगा .1 घंटे के बाद मेडम के पति आ गये . थोड़ी देर बाते करने के बाद मेडम चली गयी. मैं मेडम को जाते हुए ये देख रहा था. मेरी आखो से पानी निकाल रहा था. पर ये तो एक ना एक दिन होना ही था. जाते जाते मेडम ने मुझे कहा कि घर को ताला लगाकर चाबी प्रिन्सिपल सर को दे दू. मैं ताला लगाने गया . पर मुझे लगा आख़िरी बार घर मे जा कर उस चुदाई को याद करू.

मैं बेड के पास गया .बेड पर मेडम की किताब रखी हुई थी. साथ मे एक चिट्ठी भी थी.

“अवी तुम ने मुझे 7 ( 8)दिनो मे जो सुख दिया वो मुझे 7 जन्मो तक याद रहेगा. मैं तुम्हे कभी नही भुला पाउन्गि. मेरे पति के बाद तुम ने मुझे वो सुख दिया जिस का कोई मोल नही. तुम्हे , मैं ने जो सिखाया है उसे कभी बुलाना मत . और हाँ मुझे कभी याद मत करना. मुझे एक सपने की तरह भुला देना. नही तो तुम जी नही पाउन्गि. . ये चिट्ठी पढ़ने के बाद जला देना.. मैं और लिख नही पाउन्गि.
तुम्हारी मेडम ”

मैं वो किताब लेकर घर गया. किताब को बेड के नीचे स्केल पट्टी के साथ रख दिया.

फिर खाना खाकर सो गया.
नेक्स्ट डे भी मुझे कुछ अच्छा नही लग रहा था. हर बार मेडम की याद आ रही थी. मैथ के सर 2 महीने बाद आने वाले है ये सुनकर सब स्टूडेंट डर गये. पर मुझे तो बस मेडम चाहिए थी.

दो दिन ऐसे ही निकल गये. मेरी चाची भी मुझे मायूस देख कर परेशान थी.

ब चाची-क्या बात है अवी. ऐसा चुप चाप क्यू बैठा है

अवी-कुछ नही चाची

ब चाची-नही कुछ तो बात है

अवी-(अब आप को कैसा बताऊ की मुझे चुदाई करनी है) बात को बदलकर वो मैथ के सर 2 महीने बाद आने वाले है.

ब चाची-तो क्या हुआ .खुद पढ़ ले . और मेडम ने जो पढ़ाया है वो पढ़ो. दूसरी मेडम से बात करू .

अवी-(दूसरी मेडम , अरे हाँ मेडम चली गयी पर मोना तो है. उसकी चुदाई देख लेता हू क्या पता मेरा भी नंबर लग जाए) नही मैं कर लूँगा.

ब चाची-ये हुई ना बात . चल जा खेल ने . दो दिन से गया नही खेलने. अब जा और दो दिन की सारी कसर निकाल दे

अवी-हाँ खेलने जाता हुआ . मन लग जाएगा.(बड़ी चाची ने अंजाने मे मुझे सही राह दिखाई थी)

ग्राउंड पर खेलने चला गया. थोड़ी देर बाद मुझे ग्राउंड के पास जो घर है वहाँ पर मोना और माला दिखाई दिए.
मैं खेलना छोड़ कर मोना और माला की बाते सुनने लगा

मोना- कल तू स्टोर हाउस क्यू नही आई

माला-मुझे डर लगता है

मोना-कैसा डर .तुझे करना थोड़े ही है बस छुप कर देखना है.

माला-अगर तेरे भाई को पता चला तो

मोना-तू उसकी चिंता मत कर उसे मैं सम्हाल लूँगी

माला-पर मुझे ये अच्छा नही लगता

मोना-देख तुझे मैं दिखा रही हू . बाकी लड़कियो को देख कैसे देखने के लिए मरती है. तू ज़्यादा मत सोच सिर्फ़ कल आ जाना

माला-ठीक है .पर तू सब संभाल लेंगी ना?

मोना-कल 6 बजे स्टोर हाउस आ जाना. वो जो खिड़की देख रही है . उस से अंदर आ जाना. हाँ ये आख़िरी बार है .अगर कल नही आई तो फिर मैं तुझे मेरी चुदाई नही दिखाउन्गि

माला-ठीक है

फिर मोना और माला अपने अपने घर चली गयी.

मैं सोचने लगा मोना तो माला को फसा कर उसकी चुदाई कराना चाहती है. मुझे क्या मुझे तो कल दो लड़की और दो लड़को की चुदाई देखने मिलेगी.

मैं घर की ओर चला गया. खाना खाने के बाद थोड़ा होमवर्क किया फिर सोने लगा तभी मैं सोचने लगा कि माला को जा कर सब बता दू .फिर लगता अगर मोना के भाई को पता चला कि मैं ने माला को बताया .तो वो मुझे मारेगा. मैं क्या करू .ये सोचते सोचते कब मैं सो गया पता नही चला.

नेक्स्ट डे

मैं स्कूल चला गया. आज, कल के मुकाबले अच्छा लग रहा था. कोमल आज मेरी तरफ देख रही थी. जब मेरी नज़र उस पर पड़ी तब मुझे याद आया कि मैथ के सर तो 2 महीने बाद आएँगे. और मेडम भी चली गयी . तब मुझे याद आया कि कोमल को पढ़ाई मे मेरी मदद चाहिए. नेहा बुआ कैसी भी हो पर कोमल तो मेरी बहेन है उसकी मदद करनी चाहिए. मैं कल उसके घर चला जाउन्गा.

लंच ब्रेक हो गया. मैं ग्राउंड(स्कूल ग्राउंड) पर खेलने चला गया. माला भी वहाँ बैठी थी. मैं सोच रहा था कि उसे बता दू कि नही. मैं ने ये फ़ैसला किस्मत पर छोड़ दिया.
मैं ने जेब से काय्न निकाला और टॉस किया. शायद भगवान भी यही चाहते थे.

मैं माला के पास चला गया.

अवी-हाई, तुम माला हो ना

माला-हाँ, और तुम अवी

अवी- तुम मुझे जानती हो

माला-हम एक ही गाओं मे रहते है. मैं इतना तो जान ही सकती हू

माला-पर आज तुम मुझे क्यू पूछ रहे हो

अवी-मुझे तुम से कुछ बात करनी है

माला-हाँ बोलो , मैं सुन रही हू.

अवी-अब मैं तुम्हे कैसे बताऊ

माला-थोड़ा डरते हुए.. क्या बात है

अवी-पहले तुम वादा करो कि तुम मेरी पूरी बात सुनोगी. और गुस्सा नही करोंगी

माला-(कही इसे मुझ से प्यार तो नही हो गया. पर ये तो मुझ से छोटा है.) हाँ वादा करती हू अब बोल भी दो.

अवी-कल मैं ने तुम्हारी और मोना की बात सुन ली थी

माला-क्या?

अवी-मेरी पूरी बात तो सुनो

माला- (मतलब इसे सब पता चल गया. कही ये उसका फ़ायदा उठाने तो नही आया)थोड़े गुस्से मे हाँ बोलो

अवी-मैं ने एक हफ्ते पहले की बात भी सुन ली थी

माला-(क्या वो बात भी सुन ली थी. फिर तब क्यू नही बताया मुझे . शायद बात कुछ और है) साफ साफ बोलो क्या बोलना चाहते हो

अवी-वो मोना अच्छी लड़की नही है. उससे दूर रहो

माला-मोना मेरी फ्रेंड है .उसके बारे मे मैं कुछ ग़लत नही सुनूँगी

अवी-पिछले हफ्ते जब तुम दोनो बात करने के बाद .तुम घर चली गयी थी. तब मोना ने ऐसा बोला कि

माला-क्या कहा था मोना ने

अवी-वो तुम्हे चुदाई दिखाने के बाद उसका भाई तुम्हारे साथ भी चुदाई करेंगा

माला-नही तुम झूठ बोल रहे हो .मोना मेरी फ्रेंड है वो ऐसा नही कर सकती

अवी-मोना का भाई तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहता है. इसी लिए उसने मोना से कह कर तुम्हे तय्यार कर रहा है

माला-मैं नही मानती

अवी-ठीक है आज तुम्हे 6 बजे बुलाया है

माला-हाँ

अवी-हम उससे पहले ,मतलब 5 बजे जाकर उनकी बाते सुन लेंगे

माला-हम मतलब. तुम मेरे साथ चलोगे

अवी-स्टोर हाउस मे कोई जाता नही है. अगर मोना के भाई ने ज़बरदस्ती की तो

माला-कुछ सोचते हुए.. अगर तुम्हारी बात झूठ निकली तो

अवी-तुम जो सज़ा दोगि मुझे मंज़ूर होगी. और वैसे भी तुम 6 बजे जा रही हो. 6 बजे की जगह 5 बजे चलते है

माला-ठीक है. मैं तुम पर भरोसा कर रही हू. अगर कुछ ग़लत किया तो याद रखना मेरा नाम माला है.

अवी-ठीक है ग्राउंड पर मिलते है. थोड़ा जल्दी आना . मुझे लगता है मोना भी जल्दी आएँगी . उससे पहले आ जाना . अब मैं चलता हू क्लास का टाइम हो गया

माला-बाइ

मैं जो कर रहा हू वो सही है या फिर मैं कोई मुसीबत मे ना फस जाउ

स्कूल से आने के बाद मैं सोच रहा था कि , जैसा मैं ने माला को कहा अगर वैसा नही हुआ तो, फिर मेरी तो लग गयी.
मैं दुआ कर रहा था कि सब ठीक हो जाए… थोड़ी देर सोने के बाद 4.00 बजे मैं ग्राउंड पर चला गया.

मैं ग्राउंड के चक्कर लगा रहा था. तभी मुझे लगा कि एक बार स्टोर हाउस मे जा कर देख लेता हू.

मैं खिड़की से स्टोर हाउस मे चला गया. स्टोर हाउस को अच्छे से देखने लगा. मुझे पता था कि मोना कहाँ चुदाई करती है. उस जगह से थोड़ी दूर ,मेरे और माला के लिए जगा बना दी. जगह ऐसी थी कि मोना की नज़र हम पर ना जाए.पर हम उनकी बाते सुन सके.

फिर मैं ग्राउंड पर वापस आ गया. 4.50 बजे माला आ गयी. उस ने आते ही कहा कि मोना भी आ रही है.

मैं, माला को लेकर खिड़की के पास चला गया.

फिर माला और मैं उस जगह पर छुप गये. . करीब 10 मिनिट के बाद वो अंदर आ गये. पहले मोना अंदर आई फिर उसका भाई. मोना चुदाई वाली जगह पर बैठ गयी पर उसका भाई खिड़की के पास खड़ा था .

शायद देख रहा था कि किसी ने उनको अंदर आते हुए देखा तो नही. क्यू कि आज वो 1 घंटा पहले आए थे. थोड़ी देर बाद मोना का BF भी आ गया. अब 5.30 हो गये थे.

वो तीनो ऐसे ही बैठे रहे. मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. माला भी परेशान थी .

अब 6.00 बाज गये पर वो वैसे ही बैठे रहे.

मुझे लगा कही मैं ग़लत तो नही था. माला मुझे बार बार पूछ रही थी.

मैं ने देखा मोना की नज़र खिड़की की ओर थी .वो माला का इंतज़ार कर रही थी.

अब 6.30 हो गये. मोना को लगा कि आज भी माला नही आएगी.तभी वो बाते करने लगे.

मोना-मुझे लगता है माला नही आएगी.

मोना का भाई- ऐसा मत बोल

BF-मुझे भी लगता है आज का प्लान फैल हो गया है

मोना-मुझे नही लगता कि वो कभी यहाँ आएगी

मोना का भाई-तूने अच्छे से पटाया था ना माला को फिर वो क्यू नही आई

BF-लगता है वो डर गयी

मोना-हन कल भी वो नही आई थी. तुम उसे भूल जाओ. मुझे नही लगता कि वो तुम्हारे हाथ आएगी. माला के चक्कर मे मेरी भी चुदाई तुम ने बंद कर दी .

मोना का भाई-हां, अब मुझे भी वैसा ही लग रहा है

BF-चलो हम अपना काम सुरू करते है.पर एक बात है माला की चुदाई करने मे मज़ा आ जाता .

मोना-तुम चुप रहो समझे

मोना का भाई-उस पे क्यू चिल्ला रही हो. चलो अब माला को भुला देते है. तुम्हारी चुदाई सुरू करते है.

मैं सोच रहा था कि अब मैं बच गया. पर मुझे समझ मे नही आ रहा था कि वो तो सिर्फ़ बैठे थे फिर माला को फसा कर उसकी चुदाई कैसे करते .
जाने दो माला को तो सब पता चल गया ना. उतना साफ तो नही पर जितना भी सुना उस से माला को सब पता चल गया.

देखो माला मैं ने सही कहा था कि नही.

माला-सॉरी अवी, मैं ने तुम पर भरोसा नही किया.

अब चुप रहो और जो देख ने आने वाली थी वो देखो.

मेरी बात सुनकर माला का चेहरा लाल हो गया.

मोना-ऐसे ही मेरी चूत मारो . भैया आप मुझे माला समझ कर मेरी चूत मारो.

मोना का भाई-हाँ अब माला तो नही है. अब तुझे ही माला समझ कर तेरा भोसड़ा बनाता हू.

BF-ले चूस मेरा लंड

मोना-हां, और ज़ोर से

मोना का भाई- साली मेरी रंडी चुप कर नही तो पूरा गाओं आ जाएगा. फिर पूरे गाओं से चुद ना पड़ेगा

फिर मोना के भाई ने और मोना के BF ने जगह बदल डाली

लगभग 30 मिनिट के खेल के बाद वो तीनो झाड़ गये. फिर कपड़े पहन कर एक एक कर के स्टोर हाउस से बाहर चले गये .फिर घर की ओर चल दिए.

मैं और माला अभी भी स्टोर हाउस मे थे.

मेरा लंड खड़ा हो गया था.

3 दिन के बाद चुदाई देख कर .मुझे अच्छा लग रहा था.मुझे लंड को हिलाने था (मेडम ने बताया कि अगर चूत ना मिले और लंड खड़ा हो जाए तो हाथ मे पकड़कर आगे पीछे करना . उसे तुम्हारा पानी निकल जाएगा) पर माला के वजह से कर नही सकता था.

माला का भी हाल मेरे जैसा ही था. माला ने उसकी लाइफ मे पहली चुदाई देखी .वो भी एक लड़के के साथ.

माला का चेहरा लाल हो गया था. अपने हाथो के साथ खेल रही थी. मुझे लगा कि अब ज़्यादा देर यहाँ रहना सही नही है. क्यू कि मुझे लंड को शांत करना था.

मैं ने माला से कहा चलो बाहर चलते है. मेरी बात सुनकर माला होश मे आ गयी.

माला शरमा रही थी.

फिर हम स्टोर हाउस से बाहर आ गये .पर माला कुछ बोल नही रही थी…

मुझे जल्दी से लंड को शांत करना था. मैं ने माला को कहा कि अब हमे घर चलना चाहिए. माला ने सिर्फ़ हां मे गर्दन हिला दी.

मैं अपने घर और माला उसके घर चली गयी.

घर आने के बाद .मैं सीधा बाथरूम मे जा कर लंड को हिलाने लगा . 1 घंटे से रुका होने से मेरा पानी जल्दी निकल गया.

फिर वही रोज की तरह खाना खाना, थोड़ी देर चाची से बात करना. होमे वर्क करके सो जाना. आज भी यही सब किया .

नेक्स्ट डे

आज मैं ज़्यादा देर तक सोता रहा. मुझे स्कूल के लिए देर हो रही थी. मैं जल्दी जल्दी अपने काम करने लगा.

हमारे घर मे पहले बड़ी चाची उठ कर ,नहा कर पूजा करती है. बड़ी चाची के बाद सीमा चाची उठ ती है. नहाने के बाद नाश्ता बनाने मे लग जाती है.

फिर मेरी बारी होती है नहाने की. ये सिलसिला 6 सालो से चल रहा है. और आगे भी चलता रहेगा.

छोटी चाची आख़िर मे उठती है. उसके बाद चाचा मेरे स्कूल जाने के बाद उठते है.

पर जब मैं स्कूल जाने लगता तो तीनो चाची मेरे माथे पर किस करती है..

आज मुझे उठ ने मे देरी हो गयी .मैं ने देखा बड़ी चाची पूजा कर रही थी. सीमा चाची रोज की तरह नाश्ता बना रही थी.

चाचा के कमरे का गेट खुला था मतलब छोटी चाची भी जाग गयी है.

मैं जल्दी से कपड़े लेकर बाथरूम मे चला गया. घर मे एक कामन बाथरूम था. हम सब वही नहाते है.

मैं बाथरूम मे नहाने चला गया. मैं चड्डी मे नहाता था. आज देर होने की वजसे मैं बाथरूम का गेट लगाना भूल गया. गेट के पीछे हॅंगर पर कपड़े रखने की वजह से कड़ी लगाना भूल गया.

मैं जल्दी जल्दी नहाने लग गया. नहाते वक्त मेरा लंड खड़ा था. कल की मोना की चुदाई का खेल सपने मे देख ने की वजह से खड़ा हो गया था.

मैं ने चड्डी निकाल दी. मेरा लंड पूरा खड़ा था. उस मे दर्द भी हो रहा था.

लंड को फिर से हिलाने लगा. हिलाने से दर्द कम हो गया.

हिलाने मे इतना खो गया की याद नही रहा कि मेरे पीछे कोई खड़ा है .
मैं तो अपने ही दम मे खोया था.

जैसे ही मेरे पीछे आहट हुई. वैसे ही मैं पलट गया . मुझे तो झटका लगा. मुझे समझ मे नही आ रहा था कि मैं क्या करू. मैं मूरत की तरह खड़ा था. और लंड से पानी निकल गया.

मेरे सामने छोटी चाची हाथो मे कपड़े लिए खड़ी थी. शायद वो नहाने के लिए आई थी. चाची की नज़र मे लंड पे थी जो पानी निकल ने के बाद भी खड़ा था.

मेरे डरा होने के बाद भी मेरा लंड खड़ा था.

चाची तो सिर्फ़ मेरे लंड को ही देख रही थी. मैं टॉवेल भी नही ले सकता था क्यू कि वो तो चाची के पीछे हॅंगर पर था.

मैं ने जल्दी से मेरी गीली चड्डी उठा कर अपने लंड पे रख दी.

लंड पर चड्डी रखने से चाची होश मे आ गयी. और जल्दी से बाहर चली गयी.

मैं ने टॉवेल लिया और बदन को साफ किया . फिर कपड़े पहन ने लगा. मुझे डर लग रहा था कि चाची क्या कहेंगी ? मैं चाची को क्या बताउन्गा.
अगर चाची ने चाचा को सब बता दिया तो मेरा क्या होगा.

मैं डरते डरते बाहर आ गया .मेरी नज़र छोटी चाची को ढूँढ रही थी . पर छोटी चाची मुझे दिखाई नही दी. बड़ी चाची ने कहा अवी जल्दी नाश्ता करो आज देर हो गयी . मैं ने नाश्ता किया और स्कूल चला गया.

मैं ने सोचा दोपहर मे छोटी चाची से बात करूँगा.

क्लास मे सर पढ़ा रहे थे . देर से आने की वजह से मुझे क्लास मे बेंच पर खड़ा कर दिया. सब स्टूडेंट हँसने लगे.

मुझे लगा कि आज का दिन ही खराब है, पहले चाची ने लंड हिलाते हुए देख लिया और अब क्लास मे खड़ा रहना पड़ रहा था और उपर से सभी स्टूडेंट मुझ पर हंस रहे थे.

तबी मेरी नज़र कोमल पर पड़ी. सिर्फ़ कोमल को छोड़ कर सब हंस रहे थे. मुझे अच्छा लगा कि कोमल को मेरी परवाह है.

1स्ट क्लास होने के बाद मैं नीचे बैठ गया. बाकी के सभी क्लास के वक्त मैं कोमल को देख रहा था.

फिर लंच ब्रेक हुआ. मैं कोमल के पास गया और उससे बाते करने लगा

अवी-कोमल पढ़ाई कैसी चल रही है

कोमल- सब सब्जेक्ट की तो हो गयी पर मैथ…

अवी-मुझे पता है तुम्हे मैथ मे मदद चाहिए

कोमल- हाँ चाहिए और वैसे अब मेडम भी नही है और सर भी 2 महीने नही आने वाले है.मुझे तो डर लग रहा है कही मैं मैथ मे फैल ना हो जाउ

अवी-तुम डरो मत .मैं आज शाम को तुम्हारे घर आ जाता हू.

कोमल- थॅंक्स

अवी-थॅंक्स किस लिए. तुम मेरी बहेन हो. मैं तुम्हारी मदद नही करूँगा तो कॉन करेगा.

इतना कह कर मैं क्लास के बाहर चला गया. अभी लंच ब्रेक ख़तम होने मे टाइम था.

क्लास से बाहर आते ही माला मेरे पास आई.

माला-थॅंक यू अवी

अवी-थॅंक यू किस लिए

माला-अगर तुम मेरी मदद नही करते तो वो मेरे साथ…

अवी-जाने दो उस के बारे मे सोच कर तुम अपनी लाइफ मत खराब करो. उसे बुरा सपना समझ कर भूल जाओ. और उस मोना से दूर रहना.

माला-मैं उस मोना की अच्छी खबर लूँगी

अवी-नही ऐसा मत करना. नही तो उसे पता चल जाएगा कि मैं ने तुम्हारी मदद की है. फिर मुझे परेशानी होगी

माला-ठीक है .मैं उसे कुछ नही कहूँगी

अवी-मोना के साथ रहना पर थोड़ा दूर से

माला-ठीक है

तभी लंच ब्रेक ख़तम होने की बेल बज गयी

अवी-बाइ

माला-बाइ ,कल मिलते है

मैं क्लास मे आ गया. क्लास तो चलता रहा. पर मैं सोच रहा था कि कल तक स्कूल की कोई भी लड़की मुझसे बात नही करती थी पर आज दो लड़कियो ने मुझ से बात की.

स्कूल को छुट्टी हो गयी. घर जाते वक्त मुझे छोटी चाची का डर लग रहा था.
जब घर गया तब पता चला कि छोटी चाची और बड़ी चाची मंगला काकी के घर गयी है. ये सुनकर मुझे थोड़ी राहत मिल गयी.

मैं सीमा चाची के साथ खाना खाने लग गया. सीमा चाची को देख कर मुझे ऐसा लगा कि छोटी चाची ने वो बात किसी को भी नही बताई है .

फिर मैं सो गया. 4.00पीम बजे के आस पास मेरी नीद खुल गयी. मैं फ्रेश हो के नेहा बुआ के घर अपना बॅग लेके चल दिया.

रास्ते मे मुझे बड़ी चाची और छोटी चाची मिल गयी. मुझे बॅग के साथ देख कर पूछने लगी कि कहाँ जा रहे हो.

अवी- चाची ,मैं नेहा बुआ के घर जा रहा हू

सी चाची-पर बॅग लेके क्यू जा रहे हो

अवी-( चाची को नॉर्मल देख कर मैं खुश हो गया. चाची ऐसे बात कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही नही हो .मुझे क्या मैं तो बच गया) .वो कोमल के साथ पढ़ाई करने जा रहा हू. कोमल को मेरी मदद चाहिए

सी चाची-कोमल तो तुमसे पढ़ाई मे अच्छी है.

अवी-नही वो मैथ मे कमजोर है. और मेडम भी चली गयी और मैथ पढ़ने के लिए स्कूल मे कोई सर भी नही है.

सी चाची-ठीक है. अच्छे से मदद करना . अगर कोमल को मैथ मे अच्छे नंबर आ गये तो तुम्हारी नेहा बुआ तुमसे अच्छे से बात करेंगी

अवी-मैं कोमल की पूरी मदद करूँगा.

ब चाची-मीना अब घर चल . मैं थक गयी हू.

सी चाची-हाँ चलो. तू भी जा

मैं बुआ के घर की ओर निकल पड़ा.

घर का गेट कविता ने खोला.

कविता मुझे सामने देख कर खुश हो गयी.

मैं सोफे पे जाकर बैठ गया

कविता- क्या भैया ,कितने दिनो बाद आ रहे हो

अवी-क्या करू कविता , पढ़ाई के वजह से टाइम ही नही मिलता

कविता-सनडे को तो आ सकते हो

अवी-अब सनडे क्या अब तो रोज आया करूँगा

कविता-सच

अवी-मुच

कविता-आप रोज घर आओगे

अवी-हाँ, वो कोमल के साथ पढ़ने .

कविता-मतलब आप दीदी को मिल ने आओगे .मुझसे नही

अवी-अरे ऐसा नही है. पढ़ाई तो बहाना है. मैं तो तुमसे मिलने आया हू

कविता-आप रोज इसी टाइम आओगे

अवी-हाँ, क्यू क्या हुआ

कविता-मैं इस टाइम पर लीना के घर पढ़ाई करने जाती हू. पर मैं टाइम बदल दूँगी

अवी-ओके, कोमल और नेहा बुआ कहाँ है

कविता-मा तो सो रही है. और दीदी अपने कमरे मे है.

अवी-कोमल को बता दो कि मैं आ गया हू. और तुम भी पढ़ाई करने लीना के पास चली जाओ.

कविता-दीदी , दीदी देखो अवी भैया आए है

कोमल अपने कमरे से बाहर आ गयी. फिर थोड़ी देर कविता से बाते की. फिर कविता लीना के घर चली गयी.

कोमल मुझे उसके कमरे मे ले गयी

अवी-तुम्हारा कमरा तो अच्छा है.

कोमल-कहाँ अच्छा है. मेरी सहेली का कमरा इस से अच्छा है

अवी-मैं ने उसका कमरा थोड़े ही देखा है. मुझे तो तुम्हारा कमरा ही अच्छा लगा

कोमल-थॅंक्स. बैठो

अवी- स्टडी टेबल के पास ,कोमल के साइड मे बैठ गया.

कोमल-थोड़ी देर इधर उधर की बाते करने के बाद पढ़ाई करने लग गये

अवी-कोमल का मथ्स उतना भी खराब नही था जितना मैं ने सोचा था.क्यू कि कोमल तो हमारी क्लास की टॉपर है.

लगभग 2 घंटे पढ़ाई करते रहे.

तभी बुआ कमरे मे आ गयी. मुझे देख कर 1स्ट टाइम बुआ के चेहरे पर ख़ुसी थी. बुआ से थोड़ी देर बाते की. फिर बुआ हमारे लिए चाई बनाने चली गयी.

हमने भी पढ़ाई करना बंद कर दिया. कोमल खुस लग रही थी.

कोमल-मुझे तो आज पता चला कि मथ्स सब्जेक्ट इतना ईज़ी है.

अवी-एक बार अच्छे से समझ लेने के बाद मथ्स सब्जेक्ट मे दुबारा पढ़ना भी नही पड़ता है.

कोमल-हाँ ,तुम सही कह रहे हो. मुझे तो लगता है तुम मैथ मे टॉप करोगे.

अवी-मैथ सब्जेक्ट ऐसा है कि कभी कभी स्मार्ट स्टूडेंट भी फैल हो जाता है.

कोमल-मेरा डर थोड़ा कम हो गया

अवी-कुछ दिनो मे तुम्हारा पूरा डर गायब हो जाएगा.शायद तुम्हे मुझ से ज़्यादा नंबर मिल जाएगे. तुम तो जल्दी समझ लेती हो

कोमल-पढ़ाने वाला अगर अच्छा हो तो पढ़ने वाला भी जल्दी सीख लेता है

अवी-तुम तो फिलॉसफर बन गयी.

बुआ चाई लेकर आ गयी. चाई टेबल पर रख कर चली गयी. मैं ने कप उठा लिया और बेड पर जाकर बैठ गया. जैसे ही मैं बेड पर बैठा कुछ टूट ने की आवाज़ आई.

मैं ने उठ कर देखा तो कोमल की स्केल टूट गयी थी.

कोमल-ये क्या किया. कल ही मैं ने नही खरीदी थी. तुम ने तोड़ दी. अब मम्मी मुझे डाटेंगी

अवी-मुझे पता नही था कि बेड पर स्केल रखी है

कोमल-पर मैं बिना स्केल के पढ़ाई कैसे करूँगी

अवी-कुछ सोचते हुए. मेरा पास दो स्केल है .मैं तुम्हे एक दे दूँगा.

कोमल-मैं तुमसे कैसे ले सकती हू

अवी-तुम मेरी बहेन हो. मैं कल तुम्हे लाकर दूँगा.
अब मैं चलता हू कल मिलते है. मैं जल्दी से बुआ के घर से निकल ना चाहता था. अगर बुआ को पता चल गया तो.,मैं ये सोच भी नही सकता कि वो मेरे साथ क्या करेगी

कोमल-बाइ

अवी-बाइ

घर आकर मैं ने बाकी सब्जेक्ट का होम वर्क किया. खाना खा कर सो गया.

म चाची-मीना आज फिर मंगला के घर क्यू गयी थी

सी चाची-वो महाराज का पता पूछने

म चाची-क्या आदमी मिल गया

सी चाची-हाँ मिल गया समझो

ब चाची-कौन है वो

म चाची-क्या इसी गाओं का है

सी चाची-हाँ, इसी गाओं का है

ब चाची-क्या वो भरोसे के लायक है

सी चाची-हाँ, हम उसपर खुद से ज़्यादा भरोसा कर सकते है

म चाची-कौन है बता ना

सी चाची-अभी नही बताउन्गि . महाराज के पास से आने के बाद बताउन्गि.

ब चाची-अभी क्यू नही

सी चाची- मैं ने उसे अभी तक पूछा नही.

ब चाची-अगर उसने बाद मे मना किया तो

सी चाची- नही करेगा

म चाची-तू इतने यकीन के साथ कैसे कह सकती है

सी चाची-वो आप मुझ पर छोड़ दे

ब चाची-ठीक है

सी चाची-अब एक समस्या है

म चाची-क्या?

सी चाची-अवी के चाचा को मनाना पड़ेगा

म चाची-वो तो मान जाएँगे. बेटे का नाम सुनते ही उछल पड़ेंगे

ब चाची-हम कल ही पूछ लेंगे

सी चाची- वो आप संभालो

म चाची- उसकी चिंता हम पे छोड़ दे

सी चाची- इस मंडे ही निकल जाएगे. वहाँ पर एक हफ़्ता रुकना पड़ता है

ब चाची-पर अवी का क्या करेंगे

सी चाची- उसे पूजा के घर रख देंगे

ब चाची- ये घर कौन देखेगा

सी चाची- रात मे अवी पूजा के घर सोने जाएगा. दिन भर यही रुकेंगा . उसे कह देंगे कि एक हफ़्ता स्कूल मत जाना.

म चाची-तेरे पास तो हर समस्या का हल है मीना

सी चाची- कल अवी के चाचा को मना लेंगे

ब चाची-अब सो जाते है. कल बात करेंगे

नेक्स्ट डे

मैं स्कूल चला गया.

घर पर
(छोटी चाची खाना बना रही थी)

म चाची-सुनिए, आप से बात करनी है

चाचा- हाँ बोलो

म चाची-आप मंगला को तो जानते होंगे

चाचा-हाँ जानता हू.

म चाची-आपको तो पता होगा कि मंगला को शादी के 3 साल के बाद बेटी हुई थी

चाचा-हाँ उसके पति ने बताया था

म चाची- कल दीदी और मीना मंगला के घर गये थे

चाचा-हाँ तो इसमे नयी बात क्या है. मीना तो जाती रहती है मंगला के घर.

म चाची- वो मंगला बता रही थी कि एक महाराज है. उनके आशीर्वाद से मंगला को बेटी हुई थी

चाचा-मुझे तो उसके पति ने कभी बताया नही. (मंगला के पति के मरने से पहले)

म चाची-क्या हम भी उस महाराज से मिल ले

चाचा- ये तो पुरानी बात है लगभग 20 साल हो गये होंगे. क्या अभी भी वो महाराज वहाँ होंगे

म चाची- मंगला बता रही थी कि पिछले महीने वो महाराज से मिलने गयी थी

चाचा-वो जगह है कहाँ

म चाची- यहा से 200किमी दूर एक गाओं मे रहते है.

चाचा-इतनी दूर हम कैसे जा सकते है

म चाची- बस एक हफ्ते के लिए जाना है. आख़िरी बार कॉसिश करते है. दीदी आप कुछ बोलो ना

ब चाची-मैं क्या बोलू

चाचा-क्या वहाँ जाकर फ़ायदा होगा

म चाची- देखिए मंगला को तो हो गया था

चाचा-हाँ लेकिन

सी चाची- कमरे मे आते हुई . एक बार जाने मे हर्ज ही क्या है

चाचा-ठीक है जैसा तुम कहो. अवी को बता दो हम सब जा रहे है

म चाची- हम अवी को नही लेके जा सकते है

चाचा-क्यू?

सी चाची- क्यू कि वहाँ पर सिर्फ़ पति और पत्नी ही जा सकते है

चाचा- अवी का क्या करे

म चाची- उसे सोने के लिए पूजा के घर भेज देंगे.
और दिन बार घर की देख भाल करेंगा

चाचा-उसका स्कूल

म चाची- एक हफ़्ता स्कूल नही जाएगा. वैसे भी वो नेहा की बेटी के साथ पढ़ाई कर रहा है.

सी चाची-हमे इस मंडे को जाना है

चाचा- तुम लोगो ने तो सब पहले से तय करके रखा है. ठीक है चलो आख़िरी बार कॉसिश कर के देख लेते है

सी चाची-मैं सारा इंतज़ाम कर लेती हू

स्कूल मे लंच ब्रेक मे फिर माला मुझ से मिलने आ गयी.

माला-लंच किया

अवी-हाँ

माला-तुम्हारी पढ़ाई कैसे चल रही है

अवी- ठीक चल रही है

माला-अगर कोई प्राब्लम हो तो मैं मदद कर सकती हू

अवी-नही उसकी कोई ज़रूरत नही है.मैं अपने बहेन के साथ पढ़ाई कर रहा हू

माला-मेरे पास पुराने पेपर है अगर तुम्हे देखने हो तो मैं दिखा सकती हू

अवी-मुझे नही लगता कि उस से कोई मदद होगी

माला-ठीक है, अगर कभी मेरी ज़रूरत पड़े तो बता देना

अवी-मुझे क्लास मे जाना है . मैं चलता हू.

माला-बाइ (मैं जितना इसके साथ रहने की सोचती हू वो मुझसे दूर जाने की सोच रहा था. जाने दो मेरा काम था एक बार ट्राइ करना )

मैं स्कूल के बाद घर आया.

आज चाचा भी घर पे थे. मुझे लगा कि चाची ने बता तो नही दिया.

चाचा- अवी इधर आ

अवी- डरते हुए .जी चाचा जी

चाचा-मैं और तेरी चाची मंडे को गाओं जा रहे है

अवी- छोटी चाची के साथ

चाचा-नही रे तीनो चाचियो के साथ महाराज से मिलने जा रहे है

अवी-कितने दिनो के लिए

चाचा-एक हफ्ते के लिए जा रहे है. तू एक हफ़्ता पूजा बुआ के घर सोने जाना. और दिन भर घर पर रहकर पढ़ाई करना. स्कूल मत जाना .

अवी-नेहा बुआ ने कहा था कि कोमल के साथ पढ़ाई करना

चाचा-ठीक है 2 घंटे के लिए चले जाना

अवी- जी चाचा जी

मैं कमरे मे गया बॅग पॅक करने लग गया तभी मुझे याद आया कि कोमल को स्केल देनी है. मैं ने बेड के नीचेसे स्केल निकाली और बॅग मे डाल दी.

फिर मैं नेहा बुआ के घर की ओर निकल गया

कविता , लीना के घर चली गयी. शायद दूसरा टाइम नही मिला कविता को.

मैं कोमल के साथ उसके कमरे मे चला गया. नेहा बुआ सो रही थी. लगता है ये वक्त बुआ के सोने का है.

कोमल- बैठो ना . क्या रोज बोलना पड़ेगा . ये तुम्हारा भी तो घर है

अवी-मैं बैठ गया

फिर पढ़ाई सुरू की. जब एक फिगर निकालनी थी तब कोमल ने पूछा

कोमल- तुम स्केल ले आए

अवी- हाँ. बॅग से निकाल कर कोमल को दे दी

कोमल फिगर बनाने लगी तभी उस ने पूछा ये स्केल पे मार्क क्यू है

अवी-मैं ये मार्क मिटाना तो भूल गया. ये मार्क तो मैं ने लंड लंबाई जाने के लिए लगाया था

कोमल-ये 21 सेंटीमीटर पे क्यू मार्क किया है

अवी-वो ऐसे ही किया था अभी तो पता भी नही किस वजह से किया था(मेरे लंड की लंबाई 8 इंच है )..

कोमल- मुझे तो अब लिखने की प्रॅक्टीस करनी पड़ेंगी.

अवी- पर क्वेस्चन कैसे पता करोंगी.

कोमल- अगर पुराने पेपर मिल जाए तो

अवी- तुम्हे पुराने पेपर चाहिए.

कोमल-क्या तुम्हारे पास है

अवी- मेरे पास तो नही पर मेरे फ्रेंड के पास होगे

कोमल-तुम ला सकते हो

अवी- हाँ कल ला दूँगा.

फिर कल की तरह आज बुआ ने चाई पीला दी फिर मैं अपने घर चला गया.घर आने के बाद खेलने गया. पर मैं ग्राउंड पर 5 .30 बजे गया था. सब खेल रहे थे. फिर मैने सोचा माला के घर चला जाता हू. उसे कल पेपर लाने को कह दूँगा(आज फ्राइडे है. अगर आज बोला तो कल स्कूल लेकर आ जाएगी. वैसे भी मंडे से मेरी छुट्टी है.) .

मैं माला के घर की ओर चला गया . माला घर के बाहर ही मिल गयी.

माला-अरे अवी तुम. आज इधर कैसे आ गये

अवी-मैं तुमसे ही मिलने आया था

कोमल-मुझसे

अवी- हाँ, वो तुम ने कहा था कि तुम्हारे पास पुराने पेपर है. क्या कल स्कूल मे लेकर आ सकती हो. मुझे चाहिए थे.

माला- ठीक है मैं लेकर आ जाउन्गि. अब तुम जाओ अगर किसी ने तुम्हे मेरे साथ देख लिया तो प्राब्लम हो जाएँगी.

अवी- कल लेकर आना.

मैं ग्राउंड की ओर चला गया. ये काम तो जल्दी हो गया.

ग्राउंड पर अभी कोई नही था. मैं ग्राउंड पर बैठा था तभी मुझे मोना और उसका BF आते हुए दिखाई दिए. आज मोना का भाई उनके साथ नही था.

मैं जल्दी से स्टोर हाउस के अंदर चला गया. थोड़ी देर बाद वो दोनो भी अंदर आ गये. फिर मोना ने कपड़े निकाल दिए . मोना के BF ने ज़िप मे से लंड निकाल कर मोना के मूह मे डाल दिया.

दोनो लंड चुसाइ मे इतने खो गये कि उनको स्टोर हाउस का गेट खुलने की आवाज़ भी नही सुनाई दी.

एक आदमी इधर ही आ रहा था . उस आदमी का पैर किसी चीज़ से टकरा गया . उसकी आवाज़ सुनकर दोनो होश मे आ गये.

मोना का BF डर गया. वो फॉरन खिड़की से कूद कर भाग गया .मोना को तो कुछ समझ नही आ रहा था. वो वही खड़ी रही.

मैं ने जल्दी से मोना के हाथो को पकड़ कर मेरे साथ छुपा लिया . पर उस के कपड़े वहाँ पर ही रह गये.

मोना के मूह पर मैं ने हाथ रख दिया.वो अच्छा हुआ कि स्टोर हाउस मे लाइट नही थी. नही तो वो आदमी मोना को देख लेता .

उस आदमी ने टॉर्च की रोशनी से इधर उधर देख ने लगा. उस की नज़र मोना के कपड़ो के उपर चली गयी. उसने वो कपड़े उठा लिए. फिर वो खिड़की पास गया. और खिड़की अंदर से बंद कर दी. और कपड़े लेके कर चला गया . गेट भी बंद कर दिया.

उस लगा होगा कि यहाँ पर कोई चुदाई कर रहा था. उसे देख कर खिड़की से भाग गये होगे.

मैने मोना के मूह के उपेर से हाथ हटा दिया .मोना मुझे देखने लगी.

मोना- कौन हो तुम

अवी- मैं वही हू जिसने तुम्हे अभी उस आदमी से बचा लिया.

मोना-पर यहाँ आए कैसे

अवी-मैं तो तुम्हारी चुदाई देख ने आया था

मोना-क्या कहा तुम ने

अवी- वही जो तुम ने सुना

मोना-नॉर्मल होते हुए कब से देख रहे हो

अवी-बस कल से(माला के बारे मे पता ना चलने की वजह से झूठ बोल दिया).

मोना-थोड़ा सोचते हुए थॅंक्स मुझे बचाने के लिए

अवी-(शायद इसने सोचा होगा कि मुझे तो सब पता है. अगर मैं ने किसी को बता दिया तो. इसी लिए ये पलट गयी) थॅंक्स किस लिए

मोना-मुझे बचाने के लिए.

अवी-एक बात कहु . तुम दिखने मे सुंदर हो.

मोना-कपड़े के उपर से या फिर बिना कपड़ो के

अवी- वैसे कपड़ो मे भी तुम अच्छी लगती हो पर बिना कपड़ो के तो बात ही अलग है.

मोना-शरमा कर तुमने नाम नही बताया

अवी-मूह से बताऊ या फिर नीचे से

मोना-(मेरी बात समझ कर) नीचे से

अवी-ये सुन ते ही .मैं उसको किस करने लगा. मोना पहले गरम हो चुकी थी इस लिए मेरा साथ दे रही थी . मैं कभी उसके होंटो को चूस्ता तो कभी जीभ चूस्ता. मोना को भी मज़ा आ रहा था. .

अब मैं उसके निपल को चाट रहा था. और एक उंगली उसकी चूत मे डाल कर चोद रहा था..

फिर मैं अपना मूह उसके दूध पे रख कर चूसने लगा.मोना सिसकारियाँ ले रही थी. फिर दूसरे दूध को मूह मे लेकर चूसने लगा .दूसरे दूध को हाथो से दबाने लगा. मोना के दूध सख़्त थे .उसका BF डाइरेक्ट चुदाई करता था

फिर मैने उसकी टाँगो के बीच आकर मोना की चूत पर किस करना चालू किया. मोना का ये पहला अनुभव था. कोई उसकी चूत को किस कर रहा था.

अब मैं मोना की चूत को जीभ से चोदने लगा. मोना सिसकारियाँ ले रही थी.

मोना-ज़ोर ज़ोर… हाँ ऐसे ही…. आहह… मर गयी

अवी-और मोना ने पानी छोड़ दिया.
उसके चेहरे पर ख़ुसी झलक रही थी.

अब मैं ने कपड़े निकाल दिए. मेरा लंड देख कर मोना खुश हो गयी और मेरे लंड को चूसने लगी.

मेरे पास टाइम कम था . मैं ने लंड उसके मूह से निकाल कर उसकी चूत पर रख दिया और एक झटका मारा .मेरा आकड़ा लंड उसकी चूत मे चला गया.
मोना की चीख निकल गयी .मुझे बाहर निकाल ने को कह रही थी.

मेरा लंड लंबा होने के साथ साथ मोटा भी था.

मैं ने दूसरा झटका मारा और मेरा लंड मोना की चूत मे चला गया.

मोना रोने लगी. पर मैं धक्के लगाने लगा. .फिर मोना को भी मज़ा आने लगा. और 10 मिनिट के बाद मोना ने पानी छोड़ दिया. तभी कोई खिड़की को खोलने की कॉसिश करने लगा .

पर खिड़की अंदर से बंद थी. मुझे लगा मोना का BF होगा .फिर थोड़ी देर बाद वो चला गया.

और 20 मिनिट तक चुदाई करने के बाद मैं ने अपना वीर्य मोना की चूत मे डाल दिया. और उसके उपर गिर गया.

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