मेरा नाम अवी है. बचपन मे ही मेरी मा और पिताजी की एक रोड आक्सिडेंट मे डेथ हो गयी. मैं अनाथ हो गया. मेरे पिताजी का एक छोटा भाई और तीन बहने है . मेरे पिताजी पाचो भाई बहेनो मे बड़े थे.
मेरे चाचा ने 3 शादिया की थी, क्यू कि मेरी बड़ी चाची और मझली चाची को कोई बच्चा नही हुआ था. इस लिए मेरे चाचा ने तीसरी शादी की. मेरी बड़ी चाची का नाम सुमन है. मझली चाची का नाम सीमा है और छोटी चाची का नाम मीना है.
पूजा बुआ की फॅमिली-पूजा बुआ को 2 बेटी और 1बेटा है. बड़ी बेटी का नाम स्वेता और छोटी बेटी का नाम सीतल और बेटे का नाम राज है.
नेहा बुआ की फॅमिली-नेहा बुआ को 2 बेटी है कोमल और कविता. नेहा बुआ को मैं बिल्कुल भी पसंद नही हू .वो हमेश मुझे मारती और गालियाँ देती है
नीता बुआ की फॅमिली-नीता बुआ को 1 बेटा और 1 बेटी है. दोनो जुड़वा है. बेटी का नाम लीना और बेटे का नाम राजेश है.
मेरे सभी भाई बहन मुझसे छोटे है सिर्फ़ पूजा बुआ की दोनो बेटियो को छोड़ के क्यू कि मेरी बुआ ने 18 साल से कम उमर मे शादी की थी.मतलब मेरे पिताजी से पहले शादी की थी. मेरी मा और पिताजी की डेथ के बाद मेरे दादाजी ने मुझे अपने गाओं मेरे चाचा के साथ रहने को कहा. बड़ी चाची ने मुझे अपने घर लाने के लिए दादाजी को कहा था.शायद उनको बेटा नही था इसी लिए मुझे अपने पास रहने को बुला लिया. मेरी तीनो बुआ और मेरे चाचा एक ही गाओं मे रहते है.
मेरे माता पिता की डेथ को काफ़ी समय हो गया , आज मेरी उमर 20 साल है, मेरे माता पिता का आक्सिडेंट मेरे लिए एक शॉक्ड था, इस सदमे से निकलने के लिए मुझे 3 साल लग गये
उन 3साल मे ना मुझे भूक लगती थी और ना प्यास लगती थी,ना मैं किसी से बात करता था,और ना खेलने जाता था,ना पड़ाई करता बस अपने माता पिता को याद करता था
पर कहते है ना जो चला जाता है उसकी याद मे कितने दिन आसू बहाओगे
मेरी बड़ी चाची के समझाने पर मैं ने अपनी नयी लाइफ सुरू करने का फ़ैसला किया
3 साल की गॅप को भर पाना मुश्किल था
फिर भी मैं ने हिम्मत नही हारी, बड़ी चाची ने मुझे गाओं के स्कूल मे अड्मिशन दिला दिया,बाकी लड़को से मेरी एज ज़्यादा थी,जिस से स्कूल मे मैं अकेला था,ना फ्रेंड थे और ना कोई हमदर्द था
स्वेता दीदी-22साल
सीतल दीदी-21साल
अवी(मैं)-20 साल
कोमल-19साल
कविता-18साल
लीना और राजेश-18साल
राज(स्वेता का भाई)-18 साल
मेरी बड़ी चाची मुझे मेरी मा जैसा प्यार करती है. मुझे कभी भी मेरी मा की कमी महसूस नही हुई . मेरी तीनो चाची मुझे अपने बेटे जैसा प्यार करती है. पर मेरे चाचा मेरी तीनो चाचियो को हमेशा गालिया देते है. मेरी तीनो बुआओ के पति दुबई मे काम करते है साल मे 1 महीने के लिए गाओं आते है.
मेरे चाचा का घर-
मेरे चाचा के घर मे 3 बेडरूम है. 1स्ट बेडरूम मे चाचा और छोटी चाची का है. 2न्ड बेडरूम सीमा चाची और सुमन चाची का है और 3र्ड बेडरूम मुझे दिया है. मेरे दादाजी घर के स्टोर रूम मे रहते है .उनकी बीमारी के वजह से स्टोर रूम को साफ करके दादाजी को दे दिया है .
मेरे दादाजी मुझे बहुत प्यार करते है क्योंकि मेरी बड़ी बुआ पूजा को दोनो बेटियाँ हुई और उसके बाद मेरा जनम हुआ .मैं मेरी फॅमिली मे सबसे बड़ा लड़का होने से मेरे दादाजी मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करते है.
मेरा अड्मिशन गाँव के स्कूल मे किया . मेरी ज़िंदगी अच्छे से चल रही है. जब मैं ने अपनी क्लास के हिसाब से बदलाव किए तब मेरे स्कूल मे मेरे दोस्त नगी पिक्चर देख कर उनकी बाते करते है. मुझे भी पिक्चर देख कर कुछ होता था तब मुझे पता नही था कि मेरा लंड कड़ा क्यू होता है .
एक दिन मैं मेरी पूजा बुआ के घर काम के लिए गया था .मैं हमेशा देखता था कि पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश हर महीने मे एक दिन को आता है. और जब भी पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश घर आता तब बुआ अपने बच्चो को पिक्चर देखने या फिर चाचा के घर खेलने भेज देती थी.
उस दिन भी पूजा बुआ ने अपने बच्चो को पिक्चर देखने भेज दिया. मेरे चाचा ने मुझे पूजा चाची के घर उनके पैसे देने के लिए भेजा .
जब मैं बुआ के घर पे गया तो घर पे कोई नही दिखा .मैं जब बुआ के रूम के पास गया तब मैने जो देखा उस पर मुझे विश्वास नही हो रहा था .
बुआ के दूध राकेश चूस रहा था .बुआ भी अजीब अजीब आवाज़े निकाल रही थी. अब बुआ की सहेली का भाई राकेश ने बुआ के पेटिकोट मे हाथ डाल कर उनका नाडा खोल दिया. बुआ अब बिल्कुल नगी हो चुकी थी .राकेश ने भी अपने कपड़े निकाल दिए . राकेश लंड लगबग 6 इंच का था . बुआ ने राकेश को चूत चाट ने के लिए कहा पर राकेश ने मना किया और अपना लंड बुआ की चूत मे डाल दिया .
चूत मे लंड डालने से बुआ ज़ोर से चीख पड़ी. पर राकेश ने उस चीख की परवा किए बिना ही अपने लंड को अपनी बहेन की सहेली की चूत मे डाल कर धक्के पे धक्का देना शुरू कर दिया था.
लगभग 10 मिनिट तक धक्के लगाने के बाद राकेश ज़ोर से चिल्ला कर बुआ के उपेर गिर गया.
बुआ- क्या राकेश तुम हमेशा बिना मेरी चूत चाटे ही अपना लंड मेरी चूत मे डाल देते हो
राकेश- पूजा तुम्हे तो पता है मुझे चूत चाट ना पसंद नही है
बुआ-तुम मेरी चूत को गीला किए बिना ही लंड पेल देते हो
राकेश-क्या करू अब तो आदत हो गयी है
बुआ-हाँ ये तुम्हारी पुरानी आदत है अब मुझे भी आदत हो गई है
राकेश- हाँ अब 6 साल से तुम्हारी चुदाई कर रहा हू अब भी तुम वैसे ही चुदाई का मज़ा ले रही हो जैसे पहली बार चुद रही हो
बुआ-तुम मेरी सुखी चूत मे लंड डालोगे तो मेरी चीख नही तो क्या हसी निकलेंगी
राकेश-इसी लिए तो मैं तुम्हारे बच्चो को पिक्चर देखने भेजता हू
बुआ-तुम बहोत ही चालाक हो हमेशा किसी ना किसी बहाने मेरी चूत मारने आ जाते हो
राकेश-क्या करू मेरी बीवी तुम्हारी तरह चुदाई मे मेरा साथ नही देती है.
बुआ-अब उठो बच्चे आने वाले होंगे
राकेश-हाँ उठता हू
मैं ये बाते सुनकर जल्दी से घर के बाहर आया.फिर थोड़ी देर बाद मैने घर का दरवाजा खट खाटाया पूजा बुआ ने मुझे अंदर आने को कहा और राकेश के पास छोड़ कर अंदर चली गयी.
राकेश- क्या बात है अवी , क्या हुआ, ऐसे चुप क्यू हो
अवी-कुछ नही भैया थोड़ी तबीयत खराब है
राकेश-क्यू क्या हुआ
अवी-कुछ नही वो…
राकेश-अरे ये वो वो क्या लगा रहे हो
अवी-(तुम्हारी चुदाई देख कर परेशान हू) कुछ नही भैया ऐसे ही
राकेश-आरे यार तुम मुझे अपना दोस्त समझ कर बता दो .डरो मत
अवी-(इसे कुतिया बनाता हू) भैया वो क्या है कि मेरी क्लास के लड़के गंदी पिक्चर देख कर मुझे बोलते है कि ये देख तेरी पूजा बुआ कैसे नगी है , ये देख तेरी बुआ के दूध कितने बड़े है.मुझे उन पर गुस्सा आता है
राकेश-देख अवी , तुम्हारी बुआ के बारे मे कोई भी कुछ कहे उन पर गुस्सा मत करा करो , लोग कितना भी कुछ कहे फिर भी तुम्हारी बुआ आख़िर तुम्हारी बुआ है
अवी-हाँ आप ठीक कह रहे हो
बुआ-अवी ये लो पैसे .अपने चाचा को दे देना
अवी-ठीक है बुआ अब मैं चलता हू . अच्छा भैया फिर मिलते है.
जब मैं घर आया तो छोटी चाची अपनी सहेली जो कि नर्स है, उस से बात कर रही थी.
मैं ने पैसे छोटी चाची को दिए और अपने रूम मे सोने चला गया.
छोटी चाची-हाँ रिया तूने मेरा काम किया
सहेली(रिया)- हाँ , तेरी रिपोर्ट लेकर आई हू
छोटी चाची-दिखा क्या लिखा है
सहेली-वो क्या है कि ..
छोटी चाची-ये क्या वो वो लगा रखा है .दे ना रिपोर्ट
सहेली-ये ले
छोटी चाची-यार मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा है
सहेली- इसमे लिखा है कि…..
छोटी चाची-हां बोल ना
सहेली- वो क्या है कि
छोटी चाची-अब बोलेगी भी कि नही
सहेली- वो तेरे सारे टेस्ट पॉज़िटिव है
छोटी चाची-और अवी के चाचा के
सहेली- वो नेगेटिव है
छोटी चाची-मतलब
सहेली- तेरे पति के कम मे स्पर्म बहोत कम है और जो स्पर्म है वो कमजोर है , मतलब तेरा पति तुझे कभी भी मा नही बना सकता
छोटी चाची-क्या बात कर रही है तू . ये कैसे हो सकता है.
सहेली- यही सच है
छोटी चाची-नही, मेरा पति तो 10 15 मिनिट तक मेरी चुदाई करता है.और मेरा तो दो या तीन बार पानी निकलता है
सहेली- वो सब ठीक है पर तेरा पति कभी भी बाप नही बन सकता
छोटी चाची-लेकिन
सहेली- ज़्यादा देर तक चुदाई करने से थोड़े ही बाप बनते है , वो तो स्पर्म पे डिपेंड करता है
छोटी चाची-तो मैं क्या करू .अवी के चाचा तो मेरी ही ग़लती मानते है
सहेली- तू एक काम कर किसी और का स्पर्म अपने अंदर ले के बच्चा पैदा कर
छोटी चाची-इस के लिए अवी के चाचा नही मानेंगे
सहेली- तो तू अवी के चाचा को मत बता और मेरे साथ हॉस्पिटल चल तेरा काम कर देती हू.किसी को पता नही चलेंगा
छोटी चाची-पर ये ग़लत है
सहेली- कुछ ग़लत नही है , शहर मे तो ऐसा रोज होता है
छोटी चाची-नही यार मैं ऐसा नही कर सकती,
सहेली- ठीक है मत कर मेरा क्या जाता है
छोटी चाची- तू गुस्सा मत कर
सहेली-नही ,मैं गुस्सा नही हू
छोटी चाची-वो जाने दे ये बता तेरा पति और बच्चे कैसे है
सहेली- अरे यार तेरी रिपोर्ट के चक्कर मे ये तो बताना भूल गयी कि ,मेरे पति का ट्रान्स्फर हो गया है .और हम इस सनडे ये शहर छोड़ कर जा रहे है
छोटी चाची-ये क्या तू भी मुझे छोड़ कर जा रही है
सहेली- जाना तो पड़ेगा
चल अब मैं चलती हू
छोटी चाची- हां ठीक है ,कॉल करती रहना
सहेली-हां करूँगी बाइ अब शहर भी जाना है नही तो बस निकल जाएगी
चाची-(रिया के जाने के बाद ) रिया तूने मेरी एक बहोत बड़ी परेशानी दूर कर दी. अब मैं जल्दी ही मा बनूँगी पर पता नही उसका बाप कौन होगा.इसी घर का हुआ तो अच्छा होगा. मेरे साथ सुमन दीदी और सीमा दीदी भी मा बन जाएगी. अब सिर्फ़ होने वाले बच्चे का बाप ढूँढना पड़ेंगा. और ये रिपोर्ट तो जल गयी…
अपडेट 5
करीब 4 बजे मेरी नीद कुल गयी. मैं ने देखा मेरी पॅंट पर एक दाग लगा हुआ है .मैं ने अपनी पैंट उतारी तो मेरी छड़ी पर भी दाग लगा हुआ था.मैं ने तुरंत चड्डी निकाल दी और दूसरे कपड़े पहन कर बाहर खेलने चला गया.
मैं क्रिकेट खेल रहा था,एक लड़के ने एक जोरदार शॉर्ट मारा जिस से बॉल ग्राउंड के पास वाले स्टोर हाउस मे चली गयी .
वो स्टोर हाउस हमेशा बंद रहता है तो सब बच्चे अपने अपने घर चले गये पर बॉल मेरी थी इसी लिए मैं ने बॉल ढूँढने का फ़ैसला किया .
लगबग 6 बज रहे थे और सूरज भी ढल चुका था.
मैं स्टोर हाउस के पीछे चला गया और कोई खिड़की ढूँढने लगा जिस से मैं अंदर जा सकु
थोड़ी देर बाद मुझे एक खिड़की खुली मिल गयी. मैं चुपके से अंदर गया और बॉल ढूँढने लगा.
पर स्टोर हाउस बड़ा था और अंधेरा भी हो चुका था कि तभी मुझे खिड़की से कुछ लड़के अंदर आते दिखाई दिए.
मैं जल्दी से छुप गया . मैं ने देखा मेरे स्कूल की यूनिफॉर्म पहने हुए दो लड़के और एक लड़की अंदर आ गये ,अंधेरा था पर खिड़की की रोशनी से मैं उनके यूनिफॉर्म देख पाया.
और वो घास पर बैठ गये.
वो लड़की दोनो लड़को के बीच मे बैटी थी और दोनो लड़के उसके दूध दबा रहे थे .
1स्ट लड़का-तेरे आम तो मस्त है
2न्ड लड़का-हां यार इसके आम और तरबूजे दोनो मस्त हो गये
लड़की-तुम क्या सिर्फ़ बाते करने आए हो.या फिर कुछ करोगे भी
1स्ट लड़का-तेरे होन्ट तो बोहत मीठे है मैं तो दिन भर इस चूस्ता रहू
2न्ड लड़का-जल्दी अपने कपड़े उतार अब कंट्रोल नही होता है
लड़की-हां उतार रही हू मुझे भी कहाँ कंट्रोल हो रहा है .जब से तुम दोनो ने ये आदत लगा दी है तब से मेरी चूत मे खुजली हो रही है.
1स्ट लड़का-ले मेरा लंड चूस दे
2न्ड लड़का-तेरे बूब्स और बड़ा करता हू
लड़की-आह… मस्त मज़ा आ रहा है.
1स्ट लड़का-यार अब तू मेरी जगह आ और मैं तेरी जगह आता हू
2न्ड लड़का- आ जल्दी आ
लड़की- क्या चूसना लगा रहे हो पहले मेरी चूत मारो
थोड़ी देर बूब्स दबाने के बाद उस लड़के ने अपना लंड लड़की की चूत मे डाल दिया और धक्के मारने लगा और दूसरा लड़का अपना लंड लड़की के मूह मे डालकर चोदने लगा
अब फिर से दोनो ने अपनी जगह चेंज की और चुदाई सुरू की
ये देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया. पर खड़ा हो जाने के बाद क्या करते है मुझे पता नही था.मैने भी अपना लंड बाहर निकाला .मेरा लंड हार्ड हो गया था . मैं अपने हाथ थोड़ा आगे पीछे करने लगा .मुझे अच्छा लग रहा था.फिर मैं ने हाथ को ज़ोर ज़ोर से हिलाना सुरू किया.
उधर दोनो लड़को ने अपनी गति बढ़ा दी.फिर थोड़ी देर बाद हाँफने लगे .मुझे भी लगा कि मेरा सू सू निकल जाएगा .पर मेरे सू सू की जगह पर कुछ सफेद और गाढ़ा पानी निकल गया. मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे उपेर किसीने 100किलो सामान रख दिया हो और अब वो सामान मेरे उपेर से निकल गया. हल्का सा महसूस कर रहा था.
1स्ट लड़का-यार आज फिर मज़ा आ गया
2न्ड लड़का- हां यार तेरी बहन की लेने मे बहोत मज़ा आता है
लड़की-मैं तो थक गयी . 1 साल से तुम मेरी चुदाई कर रहे हो. कल फिर मिलते है इसी जगह पर चलो अब,
वो तीनो बाहर चले गये.मैं भी उनके जाने के बाद बाहर चला गया क्यू कि मुझे उस लड़की का चेहरा देखना था .जब मैं बाहर आया तो देखा दो लड़के पेड़ के पास खड़े है .मुझे लगा कि ये दोनों वही है पर लड़की नही है उनके साथ .
थोड़ी देर बाद पेड़ के पीछे से एक लड़की बाहर आई. ये क्या ये तो मोना है. और ये क्या दोनो लड़को मे से एक उसका भाई है . लड़का उसका बड़ा भाई जो 2 साल से एक ही क्लास मे फैल हो रहा है और दूसरा उसका बाय्फ्रेंड(बचपन मे उसकी और मोना की शादी फिक्स की गयी है) जिससे उसकी शादी होने वाली है. मोना का बॉय फ्रेंड भी 2 साल से एक ही क्लास मे फैल हो रहा है.
फिर वो तीनो चले गये . मैं ने भी घर आकर खाना खाया और सोच रहा था कि आज के दिन मैने दो चुदाई देखी . मेरी बुआ और उसकी सहेली का भाई. मोना और उसके अपने सगे भाई और होने वाले पति की चुदाई.
मैं सोच रहा था कि आज तक मुझे लंड चूत और चुदाई जैसे वर्ड पता थे पर आज मुझे उसका असली मीनिंग समझ मे आया .जो शायद ही मुझे कोई बता पाता. अब मुझे भी चुदाई करनी थी पर कैसे और किसके साथ वो पता नही था.
अपडेट 6
नेक्स्ट डे
मैं सबेरे सबेरे ही स्कूल चला गया . मेरा स्कूल 7.00 से 11.30 का है. आज हमारे इंटर्नल एग्ज़ॅम की मार्क शीट हमे मिल गयी.
मैथ सब्जेक्ट मे मुझे सब से ज़्यादा मार्क मिले (70/100). मैं ने अपने क्लास मे मैथ सब्जेक्ट मे टॉप किया .और कोमल मेरी बहन ने स्कूल मे टॉप किया, थोड़ी देर बाद लंच ब्रेक हुआ.
मैं बाहर ग्राउंड मे खेलने लगा.तभी हमारे मैयत सब्जेक्ट की टीचर ने मुझे बुलाया.
मेडम-अवी बेटा तुम्हारे मार्क तो अच्छे आए है
अवी- हां मेडम अच्छे आए है. सब आप की वजह से हुआ है.
मेडम-इस मे मैं ने क्या किया. ये तो तुम्हारी मेहनत का फल है
अवी- लेकिन जो पुराने सर थे तो मुझे मैथ से डर लगता था पर आप कितने अच्छे और सिंपल तरीके से पढ़ाती हो
मेडम-ऐसा कुछ नही है. सब टीचर के पढ़ाने के तरीके अलग होते है. किसी को मेरा पढ़ाना अच्छा लगता है और किसी को पुराने सर का.
अवी- फिर भी आप के वजह ही मुझे इतने अच्छे मार्क मिले है.
मेडम-मेरी तारीफ मत करो मैं तो सिर्फ़ 6 महीना के लिए तुम्हारे स्कूल मे पढ़ाने आई हू. और अब तो सिर्फ़ 1 महीना ही बाकी है .फिर मैं चली जाउन्गि. तुम्हे फिर से पुराने सर से ही पढ़ना पड़ेंगा.
अवी-पर मेडम आप हमेशा के लिए हमारे स्कूल मे क्यू नही पढ़ाती हो
मेडम- नही अवी मुझे वापस अपने स्कूल जाना है . ये तो कुछ एक्सपेरिमेंट करने के वजसे मैं इस स्कूल और तुम्हारे सर मेरे स्कूल मे पढ़ा रहे है. ये हम चेक कर रहे है कि शहर और गाओं के पढ़ाने मे अंतर और मेंटल केपॅसिटी मे कुछ बदलाव आता है या फिर हम जिस तरीके से पढ़ा रहे है वही तरीका ठीक है. ये ट्रान्स्फर एक्सपेरिमेंट से दोनो का ही फ़ायदा है. स्टूडेंट को नये टीचर मिल रहे है और टीचर को नया एक्सपीरियेन्स मिल जाएगा.
अवी-तो फिर आप चली जाएगी
मेडम- हाँ जाना तो पड़ेगा और मैं यहा पर अकेली हू. मेरे हज़्बेंड और बच्चे तो शहर मे है. मुझे तो जाना पड़ेगा.
अवी- पर मेडम आप हमेशा मेरी बेस्ट टीचर रहेगी
मेडम-ये सब छोड़ो .मुझे प्रिन्सिपल ने कहा है कि तुम मैथ मे टॉप कर सकते हो अगेर तुम अच्छे से मेहनत करोगे तो
अवी-मैं तो पूरी मेहनत कर रहा हू
मेडम-अरे ऐसा नही है . तुम्हे और ज़्यादा पढ़ना पड़ेगा और तुम्हे ज़्यादा प्रैक्टिस करनी पड़ेगी.
अवी-ठीक है मेडम मैं पूरी मेहनत करूँगा.
मेडम-प्रिन्सिपल सर ने कहा है कि मैं तुम्हे स्कूल के बाद भी पढ़ाऊ. क्या तुम मुझ से पढ़ने को तय्यार हो
अवी- हाँ क्यू नही मेडम मैं दोपेहर मे आप के घर आ जाउन्गा.
मेडम-हां ये ठीक है. तुम मेरे घर ही आ जाओ. प्रिन्सिपल सर तो कह रहे थे कि स्कूल मे ही पढ़ना पड़ेगा पर मैं सर को समझा दूँगी. आज 3.00 बजे आ जाना. और हां साथ मे बाकी सब्जेक्ट की तय्यारी भी करना.
अवी- ठीक है मेडम मैं आपके घर आ जाउन्गा.
मेडम-ये देखो लंच ब्रेक भी ख़तम हुआ .चलो जाओ अपनी क्लास मे.
अवी-थॅंक्स मेडम
क्लास मे आते ही मैं मोना के बारे मे सोचने लगा. कितने गोरे दूध थे मोना के.कितनी अच्छी दिख रही थी बिना कपड़ो के. मैं सपनो मे खोया था कि पता चला कि आज हिस्टरी सब्जेक्ट की टीचर नही आई है . तो हमे बाहर ग्राउंड पर खेलने भेज दिया.
ग्राउंड पर बाकी क्लास के स्टूडेंट भी खेल रहे थे .हम भी खेल ने लग गये.
पर मुझे मोना और उसका बाय्फ्रेंड कही भी नही दिख रहे थे. मैं उनको ढूँढने लग गया. ढूँढते ढूँढते मैने स्पोर्ट रूम के पास जा के देखा तो मोना का भाई बाहर खड़ा था और स्पोर्ट रूम का दरवाजा अंदर से बंद है.
मुझे लगा कि मोना और उसका BF अंदर चुदाई कर रहे होगे इसी लिए और मोना का भाई बाहर रखवाली कर रहा है, आज फिर चुदाई देखने को मिल जाएगी.मैं स्पोर्ट रूम की खिड़की से देखने लगा.
पर अंदर तो मोना और उसका BF और हमारे प्रिन्सिपल सर है और वो भी नंगे.
मोना-सर जल्दी मेरी चुदाई करो ज़्यादा टाइम नही है
सिर- चुप कर कुत्ति साली . चुप चाप मेरा लंड चूस पहले
BF-मोना चूस ना जल्दी क्यू नाटक कर रही है
मोना- हां कर तो रही हू
सर- चल छोड़ वो सब बाद मे देखेंगे, चल जल्दी कुत्ति की तरह बैठ
मोना-ये लो सर बन गयी आप की कुत्ति
सर- अब देख तेरा कुत्ता कैसे तुझे चोदता है. और इसी के साथ सर ने अपना लंड मोना की चूत मे डाल दिया और धक्के लगाने लगे. करीब 10मिनिट के बाद चुदाई ख़तम हो गयी.
BF-सर अब तो हम पास हो जाएँगे ना?
मोना-हां सर अब इन दोनो को पास कर दो
सर-ठीक है तेरी चुदाई का फल तो तुझे मिल जाएगा. तेरे भाई और तेरे बॉय फ्रेंड को पास करा दूँगा
BF- थॅंक यू सर
मोना-चलो कपड़े पहनने दो
सर- हां चलो बहोत देर हो गयी. अब मैं चलता हू . नही तो लोगो को शक हो जाएगा
प्रिन्सिपल सर के रूम से बाहर जाने के बाद मोना का भाई अंदर आ गया.
मोना-चलो तुम्हारा काम हो गया
मोना का भाई -अभी कहाँ, अभी तो हमे भी तेरी चुदाई करनी है
BF- हाँ यार प्रिन्सिपल सर की चुदाई देख कर मैं भी गरम हो गया हू
मोना-नही अभी नही शाम को स्टोर हाउस मे करना
BF- पर यहाँ क्यू नही.
मोना-यहाँ रिस्क है समझा करो मेरे साजन
BF-चल ठीक है .
मोना का भाई- हाँ चलो
तीनो स्पोर्ट रूम से चल गये और मैं भी मोना और प्रिन्सिपल सर की चुदाई देख कर खुश हो गया और अपने घर चला गया
मेरे घर आने पर बड़ी चाची ने मुझे खाना खिलाया.
खाना खाने के बाद मैं ने मेरी मार्क शीट तीनो चाची को दिखाई. छोटी चाची ने मेरी तारीफ की और ज़्यादा मार्क लाने को कहा.
अवी- चाची मैं आज से मेरी मैथ की मेडम से पढ़ने जाउन्गा
सी चाची-ये तो अची बात है
बी चाची- पर वो पैसे भी लेंगी या फिर ऐसे ही पढ़ाएगी
अवी-नही चाची वो प्रिन्सिपल सर ने उनको कहा है कि मुझे पढ़ाए. तो मेडम पैसे नही लेंगी
एम चाची-मेरा बेटा इतना प्यारा है कि उससे कोई पैसे ले ही नही सकता
अवी-क्या चाची ,आप भी ना
बी चाची-सीमा क्यू अवी को परेशान कर रही हो
एम चाची- दीदी मैं कहा परेशान कर रही हू . मैं अपने बेटे की तारीफ कर रही हू.
सी चाची-हाँ पता है तेरी तारीफ करना.
बी चाची-अरे अब तुम दोनो झगड़ा बंद करो
एम चाची-ठीक है दीदी
अवी-चाची मैं सोने जा रहा हू . मुझे दोपेहर को उठा देना
बी चाची-हां सो जा ,मैं तुझे उठा दूँगी
अवी अपने रूम मे चला गया.
एम चाची-मीना कल तेरी सहेली आई थी ना .
सी चाची-हाँ आई थी
एम चाची-क्या वो रिपोर्ट लेकर आई थी
सी चाची-हां रिपोर्ट तो लाई थी.
बी चाची-क्या लिखा था उसमे
एम चाची-हां हां क्या लिखा था उसमे बता ना जल्दी
सी चाची-वो रिपोर्ट तो मैं ने जला दी
बी चाची-क्या कह रही है तू , तूने रिपोर्ट जला दी.
एम चाची-मीना तूने क्या किया रिपोर्ट जला दी. कितनी मुस्किल से मैं ने वो सॅंपल लिए थे .और तूने जला दिए. पागल कही की.
सी चाची-हाँ जला दी, क्यू कि मुझे वही ठीक लगा
बी चाची-मतलब
सी चाची- मैं ने रिपोर्ट पढ़ कर जला दी.
एम चाची-तूने रिपोर्ट पढ़ी …बता ना उसमे क्या लिखा था.
बी चाची-बता ना मीना कि मैं कभी मा बन सकती हू कि नही
एम चाची-बता ना मीना
सी चाची-हां हम तीनो मा बन सकती है
बी चाची-क्या तू सच कह रही हो मीना
सी चाची-हां मैं सच कह रही हू
बी चाची-मीना तुझे पता नही कि तूने कितनी अच्छी खबर सुनाई है.
एम चाची-ये झूठ बोल रही है
बी चाची-क्या?
एम चाची-हाँ ये झूठ बोल रही है.
सी चाची-नही दीदी मैं सच कह रही हू
एम चाची-अगर तू सच कह रही है तो अब तक हम मा क्यू नही बन सकी .
सी चाची-दीदी मेरी पूरी बात तो सुन लो
बी चाची-हाँ हां बोल मीना ,क्या है पूरी बात
सी चाची-हम तो मा बन सकती है पर अवी के चाचा कभी बाप नही बन सकते है
एम चाची-क्या बोल रही है मीना तू. अगर हम मा बन सकती है तो अवी के चाचा तो बाप बन जाएगे ना?
सी चाची-अवी के चाचा कभी भी बाप नही बन सकते
बी चाची-रोते हुए ये .फिर हम कैसे मा बन सकती है
एम चाची-मेरे दिमाग़ मे जो बात चल रही है वो नही सोच रही तू मीना
बी चाची-अब तेरे दिमाग़ मे क्या चल रहा है सीमा
एम चाची-मुझे लगता है मीना ये सोच रही है कि अवी के चाचा बाप नही बन सकते पर हम मा बन सकती है. हैना मीना
सी चाची-हां
बी चाची-तो फिर
एम चाची-मीना कह रही है अवी के चाचा बाप नही बन सकते तो क्या हम तो मा बन सकती है
बी चाची-ये क्या एक ही बात बार बार बोल रही है तू सीमा .तेरा दिमाग़ तो खराब नही हुआ है.
एम चाची-नही दीदी मेरा दिमाग़ खराब नही हुआ. आप मेरी बात नही समझ रही हो
सी चाची-दीदी अगर हम ने किसी और के साथ चुदाई की तो हम मा बन सकती है
बी चाची-क्या बक रही हो मीना .तेरा दिमाग़ सच मे खराब हो गया है
एम चाची-दीदी मीना की पूरी बात तो सुन लो
बी चाची-ठीक है.बोल क्या बोलना चाहती ही
सी चाची-देखो दीदी अवी के चाचा कभी भी बाप नही बन सकते. अगर हम ने जल्दी ही कुछ नही किया तो शायद अवी के चाचा और एक शादी कर लेंगे . रही बात कि अवी के चाचा बाप नही बन सकते ,ये सिर्फ़ हम तीनो को पता है .अवी के चाचा को नही
बी चाची-और तेरी सहेली रिया , उसे तो पता है ना
सी चाची-हां उसे पता है पर वो इस सनडे को शहर छोड़ कर दूसरे शहर जा रही है और वो शहर बहोत दूर है. और उसने कहा है कि वो कभी वापस नही आएगी.
बी चाची-पर मैं अभी तक नही समझी कि तू कहना क्या चाहती है
सी चाची-देखो दीदी हम किसी और के साथ चुदाई कर के मा बनेगी पर लोगो के लिए उसका बाप अवी के चाचा ही रहेंगे
एम चाची-वो कैसे
बी चाची-हाँ हाँ वो कैसे
सी चाची-हम ऐसे इंसान को ढूंढ़ेंगे जो हमे मा बना दे और फिर ये गाओं या शहर छोड़ कर चला जाए जिससे हमे आगे जाकर कोई परेशानी ना हो
बी चाची-लेकिन
एम चाची-मुझे तो मीना की बात सही लग रही है.
सी चाची-दीदी आप ज़्यादा मत सोचो मैं सब संभाल लूँगी
बी चाची-पर अवी के चाचा
सी चाची-दीदी आप ज़्यादा मत सोचो . सब मुझ पर छोड़ दीजिए. सिर्फ़ आप हां कर दो
बी चाची-पर मुझे कुछ समझ नही आ रहा है. अवी के चाचा के साथ मैं धोका नही कर सकती
एम चाची-क्या दीदी , जब अवी के चाचा ने दूसरी और फिर तीसरी शादी की तब आप को दुख नही हुआ. अगर अवी के चाचा और एक शादी करेंगे तब आप को अच्छा लगेंगा
मीना तू कुछ भी कर हमे मा बना दे .दीदी की चिंता तू मत कर जब वो मा बन जाएँगी तब उनको कुछ बुरा नही लगेंगा.
सी चाची-ठीक है मैं अपने काम मे लग जाती हू . मैं अपने बच्चो का एक दमदार बाप ढूँढ लूँगी.
बी चाची-ठीक है जैसा तुम दोनो ठीक समझो . पर ध्यान से करना जो भी तुम करना चाहती हो
एम चाची-ये हुई ना बात दीदी.
बी चाची-चलो जाआओ तुम दोनो आराम करो मैं अवी को उठा देती हू.
मैं दोपेहर मे मेडम के घर की तरफ चला गया.
मेडम घर मे अकेली रहती है. उनके हज़्बेंड और बच्चे शहर मे रहते है.
मेडम दिखने मे सुंदर है .उनके दूध किसी पके हुए आम की तरह है. उनको एक बार देख लो तो बस बार बार देखने की इच्छा होती है.
मेडम की एज नियर अबाउट 35 साल होंगी. मेडम के बारे मे जितना बोलू उतना कम है…
मैं ने मेडम के घर का गेट खत खटाया .थोड़ी देर बाद मेडम ने गेट खोल दिया.मेडम एक नाइटी मे थी. मेडम के आम लटक रहे थे.
मैं तो बस उनको देखता ही रह गया. मेडम ने मुझे आवाज़ दी तब मैं होश मे आया .
मेडम ने मुझे अंदर बुला लिया. मेडम अंदर पानी लेने चली गयी.
मैं अपने आप को गाली देने लगा .क्यू कि जिस तरह से मैं मेडम को देख रहा था उससे मुझे खुद पर गुस्सा आया. ये सब कल से स्टार्ट हुआ. जब से मैने अपनी लाइफ की पहेली चुदाई देखी तब से मेरा हर औरत को देखने का नज़रिया बदल गया….
मेडम पानी लेकर आ गयी और मुझे पानी दे दिया. मैं ने पानी पिया और अपने किताबे निकाल ने मे लग गया..
जैसे ही मैं ने किताबे निकाली मेडम ने मुझे रोक दिया .
मेडम-अरे अवी तुम किताबे अंदर बॅग मे ही रख दो
अवी-पर मेडम अगर मैं ने किताबे बॅग मे रख दी तो मैं पढ़ुंगा कैसे
मेडम-सॉरी अवी ,वो क्या है मैं घर मे अकेली बोर हो जाती हू इसी लिए मैने तुम्हे यहाँ बुलाया है.
अवी-पर मेडम मेरी पढ़ाई
मेडम-पढ़ाई घर मे कर लेना
अवी-पर आप ने तो कहा था कि आप मुझे मैथ पढ़ाएँगी
मेडम-देखो अवी तुम होशियार हो स्मार्ट हो तुम खुद घर पे पढ़ाई कर सकते हो. रही बात मेरे पास आने की तो मुझे ये ही तरीका सही लगा इसी लिए मैं ने तुम्हे यहाँ बुलाया है.
अवी-पर मेरी पढ़ाई
मेडम-क्या पढ़ाई पढ़ाई लगा रहे हो .रूको मैं तुम्हे कुछ दिखाती हू.
देखो अवी मेरे हाथ मे रब्बर है . तू मससूस करो कि तुम ये हो.
अब मैं इस रब्बर को खिचती हू . देखो रब्बर अब कितना लंबा हो गया .अब अगर मैं ने इसे थोड़ा और खिचा तो ये टूट(ब्रेक) जाएगा.
इसी तरह तुम्हारी भी एक लिमिट है अगर तुम उसे क्रॉस करोंगे तो तुम्हे प्राब्लम हो सकती है. मैं ऐसा नही कह रही हू कि लिमिट क्रॉस करने से लॉस ही होता है पर कभी कभी प्रॉफिट भी होता है.
सबको वो प्रॉफिट मिले ऐसा नही है. ज़्यादा तर टाइम लॉस ही होता है.
देखो तुम स्मार्ट हो तुम्हे कोई कितना भी पढ़ाए ये तुम पर है कि तुम कितना ग्रहण कर सकते हो.
मैं तुम्हे ये नही कह रही हू तुम मे वो काबिलियत नही है. तुम्हे खुद उसे बाहर निकालना है.
अवी- हाँ कुछ कुछ समझ गया
मेडम-तो ठीक है आज से तुम रोज दोपेहर को मेरे घर मुझ से बाते करने आया करो
अवी-ठीक है मेडम मैं आप के घर आया करूँगा
मेडम-देखो इतना लेक्चर देने से मेरा गला सुख गया .रूको मैं कॉफी बनाती हू
अवी-ठीक है मेडम
मेडम-ये लो कॉफी
अवी-थॅंक यू मेडम
मेडम-क्या हुआ कॉफी क्यू नही पी रहे हो
अवी-वो क्या हैना मेडम मैं ने इस से पहले कभी कॉफी नही पी है
मेडम-देखो अवी , लाइफ मे कोई ना कोई काम 1स्ट टाइम करना पड़ता है. 1स्ट टाइम थोड़े ही प्राब्लम होगी पर बाद मे तो एंजाय करना सीख जाओगी
अवी-मैं ने कॉफी पी ली. 1स्ट सीप मे मुझे अच्छा नही लगा पर बाद मे मैं ने कॉफी को एंजाय किया
मेडम-तो अवी कॉफी कैसी थी
अवी- अच्छी थी
मेडम-कहा था ना कि तुम्हे अच्छी लगेंगी
अवी-हां
मेडम-अवी एक बात पुच्छू
अवी-हां ,क्यू नही मेम
मेडम-तुम्हारे घर मे कौन- कौन है
अवी- मेरे चाचा , मेरी चाची , मेरे दादाजी( अब वो बीमारी की वजह से आश्रम मे रहते है), और मैं
मेडम-और तुम्हारे माता पिता
अवी-वो इस दुनिया मे नही है.
मेडम-सॉरी अवी ,
अवी-कोई बात नही
मेडम-अवी मैं ने तुम्हे एक बार मार्केट मे दो औरतो के साथ देखा था
अवी-हां वो मेरी चाची थीं
मेडम-दोनो तुम्हारी चाची है
अवी-हां सुमन चाची और सीमा चाची
मेडम-तुम्हारी चाचियो के पति कहां है .मतलब इसी गाओं मे हैं या…
अवी-मेरे एक चाचा हैं और वो इसी गाओं मे है
मेडम-मतलब तुम्हारे चाचा ने दो शादी की और तुम्हारी दो चाची है
अवी-मेरे चाचा ने दो नही तीन शादी की है और मुझे दो नही तीन चाचिया है
मेडम-तुम्हारे चाचा ने तीन शादिया क्यू की
अवी- सुमन चाची और सीमा चाची को बच्चे नही है इसी लिए चाचा ने तीसरी शादी की
मेडम-मतलब तुम्हारी तीसरी चाची को बच्चा है
अवी-नही, मेरी किसी भी चाची को कोई बच्चा नही है
मेडम-(मतलब तुम्हारे चाचा मे खोट है) तो अवी तुम्हारी चाची तुम्हे ज़्यादा प्यार करती होंगी
अवी-हां , मेरी सभी चाची मुझे बहोत ज़्यादा प्यार करती है.
मेडम आपके परिवार मे कौन-कौन है
मेडम-मेरे परिवार मे , मेरा हज़्बेंड और मेरा एक बेटा है
अवी-तो वो दोनो शहर रहते है
मेडम-हां , वो दोनो शहर रहते है अब 1 महीने के बाद मैं भी शहर चली जाउन्गि.
अवी-मेडम टाइम क्या हुआ
मेडम-4.30पीएम, क्यू, कही जाना है ?
अवी- हां , वो ग्राउंड पर खेल ने जाना है
मेडम-ठीक है चले जाओ .पर कल फिर आना . और हां कोई पूछे तो बताना पढ़ने गया था
अवी-ठीक है मेडम
मेडम के घर से निकल ने के बाद मैं सीधा घर गया और फिर खेलने चला गया.
पर खेल ते टाइम मेरा सारा ध्यान स्टोर हाउस की ओर था. कि कब मोना आएगी और कब मुझे चुदाई देखने मिलेगी.
जैसे ही शाम हुई ,सब ने खेलना बंद कर दिया.सब अपने अपने घर चल दिए.
पर मुझे तो चुदाई देखनी थी.मैं ग्राउंड पर रुक कर मोना का इंतेज़ार करने लगा. थोड़ी देर बाद मुझे मोना स्टोर हाउस के पास आती हुई दिखाई दी . मोना और उसका भाई और उसका बॉय फ्रेंड तीनो स्टोर हाउस मे चले गये .
मैं थोड़ी देर बाद खिड़की के पास चला गया
मैं खिड़की से देखने लगा, मोना के भाई की नज़र खिड़की की ओर होने से मैं खिड़की से अंदर नही जा सकता था. मुझे लगा यहाँ से देखना अच्छा होगा. और कल से पहले मैं अंदर जाकर उनका इंतेज़ार करूँगा
मोना ने अपने कपड़े उतारने चालू ही किए थे कि स्टोर हाउस के गेट के खुलने की आवाज़ आई. आवाज़ सुनकेर मैं पेड़ के पीछे छुप गया. मोना , उसका भाई और उसका बॉयफ्रेंड भी खिड़की से बाहर आ गये और घर की ओर भागने लगे
शायद स्टोर हाउस का मालिक कुछ रखने आया था..
मुझे भी लगा कि अब चुदाई नही देख ने को मिलेंगी.तो मैं घर की ओर चल दिया.
घर आकर खाना खा कर सो गया.
एम चाची-क्या हुआ मीना कुछ काम हुआ
सी चाची-क्या दीदी एक ही दिन तो हुआ है. ये काम थोड़ा आराम से करना पड़ेगा
बी चाची-हां मीना , सोच समझ कर फ़ैसला लेना
एम चाची-थोड़ा अच्छा और हॅंडसम देखना
सी चाची-हां हां ,मैं सब सोच समझ कर और एक अच्छा प्लान बनाकर काम करूँगी
बी चाची-मतलब
सी चाची- अरे दीदी ,इतने सालो के बाद अगर हम मा बन गयी तो सब को शक होगा
बी चाची-हाँ ये तो मैं ने सोचा ही नही
एम चाची-पर मीना तू ये काम कैसे करेंगी
सी चाची-वो सब मुझ पर छोड़ दो. मैं कुछ ना कुछ ऐसा करूँगी कि किसी को शक नही होगा
बी चाची-जो भी कर पर जल्दी कर
सी चाची-जल्दी नही दीदी आराम आराम से करना पड़ेगा .
बी चाची-ठीक है,चलो अब सो जाते है
नेक्स्ट डे
कल की तरह आज स्कूल मे कुछ नही हुआ. शायद हुआ होगा पर मुझे नही दिखा
दोपहर मे मैं मेडम के घर गया. आज भी मेडम ने नाइटी पहनी थी.फिर हमारी बाते सुरू हुई.
मेडम-कुछ पियोगे अवी
अवी-एक कप कॉफी
मेडम-क्या बात है. कल तो मना कर रहे थे और आज खुद माँग रहे हो
अवी-मेडम आप ने ही तो कहा था कि 1स्ट टाइम के बाद एंजाय करोगे .इसी लिए
मेडम-ठीक है बैठो मैं कॉफी बनाती हू
अवी-मैं सोफे पर बैठ कर मेडम के घर को देख रहा था कि तभी मुझे बेड के नीच एक बुक पड़ी हुई मिली. मैं वो किताब उठा ली और टेबल पर रख दी ..किताब को न्यूसपेपर से कवर किया हुआ था .पर फॅन की स्पीड ज़्यादा होने से कुछ पन्ने पलट गये .जब मेरी नज़र उस किताब पर पड़ी तो उस मे लड़कियो की नगी पिक्चर थी .मैं ने किताब उठा ली और देखने लगा कि तभी अंदर के रूम से कुछ आहट हुई और मैने वो किताब ग़लती से मेरे बॅग मे डाल दी .. मेडम कॉफी लेकेर आई और हमने कॉफी पी ली और बाते करने लगे
मेडम-अवी तुम्हारा गाओं तो बड़ा अच्छा है
अवी- हां मेडम अच्छा और प्यारा है
मेडम-तुम्हारे गाओं के लोग थोड़े अजीब है
अवी-अजीब है मतलब
मेडम-जब भी मैं बाहर निकल ती हू तो मुझे घूर घूर कर देखते है
अवी-क्या मेडम , अगेर आप इस ड्रेस मैं बाहर जाएँगी तो लोग तो घूर कर देखेंगे
मेडम-नही मेरा मतलब है जब भी मैं स्कूल जाती हू तब यानी कि जब मैं साड़ी मे होती हू तब लोग घूर घूर कर देखते है
अवी-मेडम आप गाओं मे सबसे सुंदर हो इसी लिए सब आप को घूर कर देखते है
मेडम-और एक बात पुच्छू
अवी-हां पूछिए
मेडम-वो दुकान के पास येल्लो कलर का घर किस का है
अवी- मेडम वो घर तो हमारे स्कूल की लड़की मोना का है
मेडम-उस घर मे एक लड़का भी देखा था मैं ने
अवी- वो शायदा उसका भाई होगा. वो एक क्लास मे 2 साल से फैल हो रहा है.
पर मेडम ये आप क्यू पूछ रही हो
मेडम-ऐसे ही, वो क्या है कि जब भी मैं स्कूल जाती हू तो वो मुझे देखता रहता है,उसकी आँखो मे देख कर डर लगता है.
अवी-मेडम वो और उसकी बहेन मोना दोनो ही गंदे है
मेडम-गंदे मतलब
अवी-गंदे मतलब गंदे
जाने दो मेडम अब मुझे जाना होगा देर हो गयी है.
बाइ मेडम कल मिलते है
मेडम-बाइ कल ज़रूर आना और हाँ कल खाना मेरे साथ ही खाना ठीक है
अवी-ठीक है मेडम
मैं घर जाने के बाद सीधा ग्राउंड पर खेल ने चला गया . पर आज मोना और उसका भाई और बॉय.फ्रेंड. आज स्टोर हाउस की ओर नही आए.
कल की घटना की वजसे वो शायद आज नही आए.
खेल ने के बाद मैं घर चला गया . खाना खाने के बाद चाचा के साथ कुछ बाते की और अपने रूम की ओर चला गया. होम वर्क करने के लिए जैसे ही मैं ने बॅग खोला तो मुझे झटका लगा. मेरे बॅग मे मेडम के घर की किताब मिली.
मैं वो किताब देख ने लगा. उस किताब मे अलग अलग लड़कियो की नगी पिक्चर थी. कुछ बड़ी उमेर की औरतो की नगी पिक्चर थी. कुछ पिक्चर बूब्स चूसने, कुछ चूत चाटने की, लंड चूसने ,कुछ पिक्चर चुदाई की थी. ये सभी पिक्चर देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया .(गाओं मे चुदाई जैसे वर्ड और लंड चूत वर्ड लड़के जल्दी सीख जाते है).
मेरा लंड खड़ा हो गया . मैने एक बार मूठ मारी थी वो भी स्टोर हाउस मे .पर मुझे मालूम नही था कि उसे मूठ मारना कहते है.
किताब पढ़ते पढ़ते आख़िरी पेज पर कुछ लिखा था. शायद वो मेडम ने लिखा था.
“मेरे पति का लंड 6 इंच लंबा है”
ये पढ़ कर , मेरे दिमाग़ ने मुहे भी अपने लंड की लंबाई जानने के लिए सोच ने पर मजबूर कर दिया.
मैं ने अपने बॅग मे से स्केल निकाली .और लंड के साथ लगा दी .पर मुझे लंबाई पता नही चल रही थी. तो फिर मैं ने अपना पैंट और चड्डी निकाल दी .फिर एक बार मैं ने स्केल अपने लंड से लगा दी .
स्केल पर पेन्सिल से मार्क किया . फिर मैं ने स्केल अपने लंड से हटा दी. और चड्डी और पैंट पहन ली.
स्केल के मार्क को देखने लगा . तब मुझे अपने लंड की लंबाई पता चली.
अचानक बाहर से चाची की आवाज़ आई
अवी सोजा देर हो गयी है. कल स्कूल भी जाना है. मैं ने स्केल और किताब बेड के नीचे रख दी. और सो गया
नेक्स्ट डे सब ठीक रहा .मैं स्कूल गया . स्कूल मे भी कुछ खास नही हुआ. सिर्फ़ मुझे होम वर्क ना करने से सज़ा मिली . स्कूल के बाद मैं घर आया. मैं ने चाची को कहा कि मैं थोड़ा कम खाना खाउन्गा . मैं चाची को बताया कि मुझे मेडम ने खाने पे बुलाया है.
दोपहर मे मैं मेडम के घर चला गया .
आज मेडम ने साड़ी पहनी. रेड साड़ी मे मेडम किसी अप्सरा से कम नही लग रही थी. मेडम के चेहरे पर वो तेज़ नही था जो हमेशा रहता था .
मेडम ने दो थाली मे खाना डाल कर .एक मुझे और दूसरी खुद ने ले ली.
खाना सच मे अच्छा था . खाना खाने के बाद मैं सोफे पर बैठ गया
मेडम-खाना कैसा था
अवी-अच्छा था मेडम
मेडम-एक बात पुच्छू अवी
अवी- हां पूछिए
मेडम-क्या तुम यहाँ से कोई किताब लेकर गये हो
अवी- नही मेडम , मैं ने कोई किताब नही ली . और अगर मुझे कोई किताब चाहिए तो मैं आप से माँग सकता हू.
मेडम-ठीक है शायद मैने ही कही रख दी होंगी.
अवी-क्या कोई खास किताब थी मेडम.
मेडम-नही , ऐसे कोई खास तो नही पर रोज रात को मैं पढ़ती थी
अवी-कोई स्टोरी बुक थी क्या? अगर हो तो मेरे पास भी कुछ स्टोरी बुक है वो मैं आप को लाके दे सकता हू.
मेडम-नही रहने दो .जब मैं सहर जाउन्गि तब ले लूँगी
अवी- जैसा आप कहे (“कही मेडम को पता तो नही चल गया,कि वो किताब मेरे पास है .मैं कल ही यहाँ रख दूँगा”).
मेडम-(“मुझे पूरा येकीन है किताब अवी के पास ही है , मेरे घर मे अवी के अलावा कोई नही आता और मैं तो किताब हमेशा बेड के नीच रखती हू .शायद अवी डर गया होगा इसी लिए झूठ बोल रहा है”)
कॉफी पियोगे
अवी-हां क्यू नही
कॉफी पीने के बाद मैं घर चला आया .रास्ते मे मैं किताब के बारे मे ही सोच रहा था.
घर आने के बाद .चाची को बता कर ग्राउंड पर खेल ने चला गया .
आज फिर मोना और मोना का भाई नही आए.शायद उन्हे डर लग रहा हो या फिर उनको नई जगह मिल गयी हो.
होने को तो कुछ भी हो सकता है. मैं खेल ने के बाद घर चला गया. आज होम वर्क नही करना था. तो मैं चाची के साथ बाते करने लग गया
सी चाची-अवी तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है.
अवी-अच्छी चल रही है चाची
एम चाची-तेरी मेडम कैसी है
सी चाची-क्या दीदी कुछ भी पूछ रही हो
एम चाची- ठीक ही तो पूछा कि तेरी मेडम कैसी है और कैसा पढ़ा रही है
अवी- मेडम अच्छा पढ़ाती है
एम चाची-तेरी मेडम ने आज तुझे खाने पर क्यूँ बुलाया
अवी- मुझे क्या पता.
सी चाची-तुम भी ना दीदी क्यूँ परेशान कर रही हो अवी को.
एम चाची-अच्छा चल जाने दे.अवी खाना कैसा था
अवी-बहोत अच्छा था चाची
सी चाची-हम बनाते है उससे भी अछा
अवी-नही चाची,उसे थोड़ा कम अच्छा था
एम चाची-सच बोल रहा है ना
अवी- हां चाची
चाचा-क्या बाते हो रही चाची के साथ
अवी-कुछ नही चाचा वो पढ़ाई के बारे मे बाते हो रही थी.
चाचा-मुझे तो पड़ाई लिखाई के बारे कुछ पता नही. तू अपनी चाची को पूछा कर
अवी-जी चाचा, चाची हमेशा पढ़ाई मे मेरी मदद करती है
चाचा-चलो अब सोने का टाइम भी हो गया है . सुबह जल्दी उठ कर खेतो मे भी जाना है.
अवी- गुड नाइट चाचा
बी चाची-अरे अवी सुन ज़रा
अवी-क्या चाची
बी चाची-तेरी नेहा बुआ ने तुझे कल बुलाया है .कल शाम को चला जाना
अवी-हां चाची चला जाउन्गा
बी चाची-याद से जाना. और हां ….कुछ नही जा सो जा
अवी- गुड नाइट चाची.
रूम मे जाने के बाद मैं ने वो किताब आख़िरी बार देख ली और बॅग मे रख दी.
नेक्स्ट डे
आज स्कूल के आने के बाद मुझे तो घबराहट होने लगी क्यूकी मुझे वो किताब वापस रखनी है और उसके बाद मुझे नेहा बुआ के घर भी जाना है. जो मुझे कभी भी पसंद नही करती. पर आज बुआ ने खुद मुझे बुलाया है. मैं तो घबराहट के मारे खाना भी ठीक से खा नही सका.
दोपहर मे मैं मेडम के घर चला गया . आज मेडम का मूड कल के मुकाबले ठीक था.
मेडम-अवी क्या बात है आज थोड़े अपसेट लग रहे हो.
अवी-नही मेडम वो क्या है कि कल नींद ठीक से आई नही.
मेडम-रूको , मैं तुम्हे गरम गरम कॉफी पिलाती हू
अवी-ठीक है
मेडम के अंदर जाते ही मैं ने मेडम की किताब बॅग से निकाल कर बेड के नीचे जहाँ मुझे मिली थी वही रख दी.
मेडम-ये लो कॉफी , और बताओ क्या चल रहा है
अवी-कुछ खास नही
मेडम-तुम्हारी एज के हिसाब से तुम 10 क्लास के स्टूडेंट नही लगते
अवी-वो क्या है कि मेरे माता पिता के डेथ की वजह से मुझे 1 ही क्लास मे दुबारा बैठना पड़ा. नही तो आज मैं 11थ क्लास मे होता.
अवी-मेडम मैं चलता था हू कल फिर आउन्गा.
मेडम-इतने जल्दी
अवी-कुछ काम है इसी लिए जल्दी जाना है
मेडम-क्या काम है
अवी-वो बुआ के घर जाना है
मेडम-ठीक है , कल फिर आना
अवी-बाइ
अवी-(बाहर आकर ) अच्छा हुआ किताब रख दी. चलो अबी बुआ के घर चला जाता हू.
बुआ के घर का गेट खत खटाया . थोड़ी देर बाद कोमल ने गेट खोला. मुझे देख कर अंदर चली गयी.
मैं अंदर जाकर सोफे पे बैठ गया.
कोमल और मैं एक ही क्लास मे पढ़ते है . मेरी 1 साल की गॅप की वजसे मैं और कोमल 10थ क्लास मे एक ही क्लास मे पढ़ते है. कोमल की छोटी बहेन कविता 9 थ क्लास मे है. नीता बुआ की बेटी लीना भी 9 थ क्लास मे कविता के साथ पढ़ती है. लीना का भाई राजेश भी कविता और लीना की तरह 9थ क्लास मे है पर वो नवोदया स्कूल मे पढ़ता है और वही रहता है.
पूजा बुआ की बड़ी बेटी स्वेता 1स्ट एअर बी.एससी . और छोटी बेटी सीतल 12 क्लास मे सहर मे रहकर पढ़ाई कर रही है . दोनो स्वेता और सीतल उनकी बुआ(स्वेता के पिता की बहेन) के घर मे रहती है. पूजा बुआ का बेटा राज 7 थ क्लास मे है. गाओं मे रह कर ही पढ़ाई कर रहा है.
कोमल मेरी ही क्लास मे रह कर भी मुझसे बात नही करती. मेरे 1 ही क्लास मे दो बार रहने की वजह से वो मुझसे बात नही करती थी और नेहा बुआ ने भी उसे मुझसे बात करने से मना किया था.
नेहा बुआ-अरे अवी बेटा कैसे हो
अवी-(“ये आज बुआ को क्या हुआ जो मुझे बेटा बुला रही है”) ठीक हू बुआ, आप लोग कैसे हो
नेहा बुआ- हम सब ठीक है . तुम ही तो अब यहाँ आते नही हो
अवी-(“जब भी आप के घर आता तो आप मुझे घर से चले जाने को कहती थी और दुबारा यहाँ आने से मना किया था”) वो क्या है ना बुआ पढ़ाई ज़्यादा होती है इसी लिए टाइम ही नही मिलता.
नेहा बुआ-हाँ ,कोमल बता रही ती कि तुम मत मे क्लास मे 1स्ट आए हो. और मेडम के पास पढ़ने जाते हो
अवी-हां वो प्रिन्सिपल सर ने मेडम को कहा है कि मुझे पढ़ाई मे मदद करे .
नेहा बुआ-तुम तो अपनी बहेन पर ध्यान ही नही देते हो
अवी-ऐसी कोई बात नही है
नेहा बुआ-देखो तुम्हारी बहेन ने हर सब्जेक्ट मे टॉप किया है पर मैथ मे सिर्फ़ 40/100 मार्क लेकर आई है अब तुम ही बताओ अब मैं क्या करू
अवी-मैं कोमल को अपने नोट्स दे देता हू
नेहा बुआ-नोट्स तो इस के पास भी है .पर कोई पढ़ाने वाला चाहिए.
अवी- हां ये तो सही है
नेहा बुआ-बेटा क्या तुम अपनी बहेन की मदद नही करोगे. क्या तुम कोमल को पढ़ा नही सकते
अवी-(“मुझे लगा कि कोई काम होगा तभी मुझे बेटा बेटा कह कर बुला रही है”) पर बुआ मेरे पास तो टाइम नही है.
नेहा बुआ-मैं तुम्हे अभी तोड़े ही कह रही हू . कोमल कह रही थी कि मेडम अगले महीने को वापस जा रही है.जब मेडम वापस चली जाएगी तब उस टाइम पर तुम कोमल को पढ़ा देना
अवी-ठीक है बुआ.मैं अगले महीने से कोमल को पढ़ाई मे मदद कर दूँगा
अछा अब मैं चलता हू
नेहा बुआ-अरे रूको . इतने दिनो के बाद आए हो तो नाश्ता कर के जाओ. कोमल ने खुद बनाया है.
कोमल-अवी ये लो समोसा
अवी-थॅंक्स
नाश्ता करने के बाद मैं सीधा ग्राउंड पर चला गया .थोड़ी देर खेलने के बाद घर चला गया. शायद मोना ने स्टोर हाउस आना बंद कर दिया था .मेरी चुदाई देखना भी बंद हो गया
जब मैं घर गया तो बड़ी चाची ने मुझसे सवालो की बरसात कर दी.
बड़ी चाची-कहाँ था अब तक
अवी-वो मैं ग्राउंड पर खेल रहा था
बड़ी चाची-मेडम के घर के बाद कहाँ गया था
अवी-वो नेहा बुआ के पास
बड़ी चाची-बता कर नही जा सकता था
अवी-मैने सोचा, मेडम के घर से इधर आने ,से ज़्यादा लंबा पड़ेगा इसी लिए मैं उधर से ही बुआ के घर चला गया
बड़ी चाची-क्या कह रही थी बुआ
अवी- वो कोमल को मैथ मे मदद करने को बोल रही थी.
बड़ी चाची-और ये तेरे कपड़े के उपेर ये दाग कैसा
अवी-बुआ ने समोसे दिए थे खाने को तब लग गया
बड़ी चाची-ठीक है जा कपड़े बदल कर आ
अवी-ह्म्म्म
बड़ी चाची-बेटा हमे तुम्हारी चिंता हो रही ती इसी लिए गुस्सा हू .माफ़ कर दे अपनी चाची को
अवी- आप क्यू माफी माँग रही है माफी तो मुझे माँगनी चाहिए
बड़ी चाची ने मुझे गले लगाया और कपड़े बदलने को कहा
रात को सोते वक्त
मैने वो किताब वापस तो रख दी पर बेड के नीचे नही रखनी थी. मेडम ने उस जगह पर किताब को ढूँढा होगा और अगर आज उसी जगह पर किताब मिल जाने से मेडम को पता चल जाएँगा कि मैं ने किताब वापस रख दी है. कल मेडम के पूछने से पहले ही मैं सब बता दूँगा.
नेक्स्ट डे
आज पहली बार कोमल ने स्कूल मे मेरे साथ बात की और साथ मे लंच भी किया.
जैसा मैं कोमल को समझता था कोमल उस से अलग निकली . कोमल सच मे अच्छी लड़की थी.
स्कूल से घर आने पर छोटी चाची के साथ बात की.खाना खा कर सो गया . फिर दोपेहर मे मैं डरते डरते मेडम के घर चला गया. स्कूल मैं मेडम ने मुझसे अच्छे से बात की फिर भी मुझे डर लग रहा था . मेडम के घर जाकर मैं सोफे पर बैठ गया . मेडम ने आज नाइटी पहन रखी थी.
मेडम-अवी कॉफी पियोगे
अवी- हां क्यू नही
मेडम- थोड़ी देर बाद मेडम कॉफी लेकर आई
अवी- मैं चुप चाप कॉफी पीने लगा
अवी-मेडम आप से बात करनी थी
मेडम-हां कहो क्या कहना है
अवी-वो वो क्या है कि मेडम
मेडम-अरे बताओ क्या बात है
अवी-वो आपकी की किताब मैं ने ली थी
मेडम-क्या
अवी-हां. वो ग़लती से टेबल पर रखने के जगह बॅग मे रख दी
मेडम-पर तुम ने तो कहा था कि तुम ने नही ली (मन मे मुस्कराते हुए)
अवी-वो मैं डर गया था . फिर कल मैं वो वापस रख दी.
मेडम-तुम अब क्यू बता रहे हो. मुझे किताब मिल गयी.
अवी- वो मुझे लगा कि वापस उसी जगह रखने से आप को पता चल गया होगा कि किताब मैने ली है. इसी लिए आप के पूछने से पहले मैने बता दिया
मेडम-कोई बात नही .
अवी-आप गुस्सा तो नही है मुझ पर
मेडम-नही मैं क्यू गुस्सा होउंगी तुम पर . तुम ने किताब वापस कर दी है (” अगर मैं तुम पर गुस्सा हो गयी और तुम ने किताब वाली बात सब को बता दी तो मेरी कितनी बदनामी होगी . मुझे ये काम थोड़ा आराम से करना है”)
अवी-आप ने मुझे माफ़ कर दिया
मेडम-हां मैं ने तुम्हे माफ़ कर दिया पर ये किताब वाली बात किसी से भी मत करना
अवी-मैं ये बात किसी से भी नही कहूँगा
मेडम-अच्छा ठीक है अब तुम जाओ .और कल सनडे है तुम 12 बजे आ जाना ठीक है.
अवी-मैं आ जाउन्गा.
मेडम के घर से आने के बाद मैं ग्राउंड पर खेलने चला गया.
ग्राउंड पर खेलते वक्त मेरा ध्यान स्टोर हाउस के पास खड़े लोगो की ओर गया .
तब मुझे पता चला कि 3 दिन से स्टोर हाउस का काम चालू है .और 1 हफ्ते तक चलेगा . अब मुझे समझ मे आया कि मोना स्टोर हाउस क्यू नही आती. जब तक स्टोर हाउस का काम चलेगा तब तक मोना का काम बंद रहेगा.
खेल ने के बाद मैं घर चला आया. और कल के बारे मे सोचने लगा. मेडम ने कल जल्दी क्यू बुलाया .कुछ काम होगा. या फिर सनडे होने से मेडम ने सोचा होगा ज़्यादा देर बाते कर लेंगे.
सनडे
सुबह उठ कर खेलने चला गया. तब मेरा ध्यान ग्राउंड की दूसरी ओर गया. वहाँ पर मोना और एक लड़की माला(मोना की क्लासमेट) बैठ कर बाते कर रही थी. मुझे उनकी बाते सुनने का मन हुआ. मैं खेल छोड़ कर मोना के पीछे जो घर था वहाँ छुप कर उनकी बाते सुने लगा
माला-तुज़े डर नही लगता
मोना-इसमे डरने की क्या बात है
माला-कही कुछ गड़बड़ हो गयी तो
मोना- कुछ गड़बड़ नही होंगी.मेरा भाई सब संभाल लेता है
माला-मतलब तेरे भाई को भी पता है
मोना-हां पता है
माला-फिर भी तू वो सब करती है .वो भी शादी से पहले
मोना- तो क्या हुआ, मेरी शादी तय हुई है उसके साथ.और वैसे भी शादी के बाद तो उसके साथ करना है. शादी से पहले प्रॅक्टीस कर रही हू
माला-वो तो ठीक है . पर तेरा भाई कुछ नही कहता
मोना-वो क्या कहेगा . वो तो सब करता है
माला-मतलब
मोना-मेरी बोली रानी तू कब समझेगी कि. मैं अपने भाई के साथ भी करती हू
माला-क्या ? अपने भाई के साथ भी
मोना-हाँ भाई के साथ
माला-मोना वो तेरा भाई है . और तुझे शरम नही आती उसके साथ
मोना-मुझे तो बड़ा मज़ा आता है
माला-अगर तेरे BF को पता चल गया तो
मोना-उसे तो पहले से पता है
माला-क्या
मोना- हाँ उसे पता कि मैं भाई के साथ भी करती हू
माला-वो कुछ नही कहता
मोना- क्या कहेगा . क्यू कि उसका लंड तो मेरी मूह मे होता है
माला-मतलब तुम तीनो एक साथ करते हो .
मोना- हाँ .हम साथ मे चुदाई करते है.
माला-तू तो रंडी निकली मोना
मोना-अरे मैं कोई रंडी नही हू . सिर्फ़ मज़ा लेती हू और मज़ा देती हू
माला-कमाल है तेरा मोना एक साथ दो दो लेती हो
मोना-और तू एक भी नही लेती है
माला-नही, मुझे नही लेना है ऐसा मज़ा शादी के पहले
मोना- कर के तो देख बड़ा मज़ा आता है
माला-नही मुझे नही करना
मोना-वो छोड़ कभी तुम ने चुदाई देखी है
माला-नही
मोना-देखना चाहोगी
माला-किस की
मोना-मेरी
माला-तेरी
मोना- हाँ मेरी
माला-नही ये ग़लत है. मुझे नही देखनी तेरी चुदाई
मोना- एक बार देख ने मे क्या बुराई है
माला-लेकिन
मोना-लेकिन वेकीन छोड़ बस इतना बता कि तुझे देखना है कि नही
माला-देखने की इच्छा तो है पर डर लगता है. अगर किसी को पता चला तो
मोना- किसी को पता नही चलेगा .अगले हफ्ते मैं तुझे मेरी चुदाई दिखा दूँगी
माला-अगले हफ्ते क्यू ,कल क्यू नही
मोना-अभी तो बोल रही थी कि डर लगता है और अब कह रही है जल्दी दिखा.थोड़ा सबर कर तुझे दिखा दूँगी.
माला-अच्छा ठीक है.जब तेरी मर्ज़ी हो तब दिखा देना .अब मैं चलती हू
मोना-हां जा नही तो तेरी मा तुझे ढूँढने आएँगी
माला के जाने के बाद
मोना-क्या करू माला ,मेरे भाई का दिल आया है तुझ पर .वो तेरी चूत मारना चाहता है. अब मुझे भाई के लिए इतना तो करना पड़ेगा. नही तो मेरी चूत बिना लंड की रह जाएगी.
थोड़ी देर बाद मोना भी चली गयी.
ये क्या मोना तो माला की चुदाई का प्लान बना रही थी .बिचारी माला अब उसका क्या होगा. जाने दो मुझे क्या करना है .
फिर मैं घर चला गया .खाना खाने के बाद मेडम के घर की ओर निकल पड़ा.
मेडम का घर
मेडम- अवी तुम्हे , आज दिनभर कुछ काम तो नही है
अवी-नही मेडम आज मैं फ्री हू
मेडम- तुम ने वो किताब पढ़ी है
अवी-हाँ , बस एक बार
मेडम-वो किताब देख कर तुम्हे कैसा लगा
अवी- कुछ अजीब तो लग रहा था
मेडम-क्या तुम ने ऐसी किताबे पहले भी देखी है
अवी-हाँ , मेरे कुछ दोस्तो ने दिखाई थी.
मेडम-तुम्हे पसंद है ऐसी किताबे
अवी-पसंद तो नही है. पर बार बार देखने की इच्छा होती है
मेडम-क्या तुम्हारे पास भी ऐसी किताबे है
अवी-नही मेडम मेरे पास तो नही है
मेडम-क्या तुम्हे ये किताब चाहिए
अवी-नही मुझे नही चाहिए. अगर मेरी चाची ने देख ली तो मुझे मार पड़ेगी
मेडम-छुपा कर रखो अपने रूम मे. किसी को पता नही चलेगा कि तुम्हारे पास ऐसी किताब है
अवी-मेडम आप ने भी तो छुपा कर रखी होगी .फिर भी मुझे मिल गयी ना.वैसे ही अगर मेरी चाची को मिल गयी तो?
मेडम-अरे ये तो मेरी ग़लती के वजसे से तुम्हे मिल गयी
अवी-नही मेडम मुझे नही चाहिए
मेडम-ठीक है .मत लो .मुझे क्या है.
अवी-मेडम आप गुस्सा मत हो . मैं डरता हू कि अगर मेरी चाची को किताब मिल गयी तो और चाची ने अगर चाचा को बता दिया तो मुझे घर से निकाल देंगे
मेडम-ठीक है जाने दो , मैं तुम्हारे लिए कॉफी बनाती हू
अवी-ह्म्म्म
मेडम-ये लो कॉफी
अवी-थॅंक यू मेडम
अवी-मेडम एक बात पुच्छू
मेडम-हाँ हाँ पूछो
अवी-आप गुस्सा तो नही करोगी
मेडम-नही करूँगी पूछो क्या पूछना है
अवी-वो किताब मे लिखा था कि …
मेडम-हाँ बोलो ना रुक क्यू गये हो
अवी-वो किताब मे लिखा था कि आप के पति का लंड 6 इंच का है
मेडम-(अछा हुआ इसने पूछा, नही तो मैं सोच रही थी बात कैसे सुरू करू.) हाँ है तो , और ये तुम लंड जैसे वर्ड क्यू बोल रहे हो. तुम्हे शरम नही आती मेडम के सामने ऐसे वर्ड ईस्तमाल करते हुए .
अवी-सॉरी मेडम, ग़लती हो गयी .फिर से नही बोलुगा
मेडम-अरे तुम तो नाराज़ हो गये .मैं तो मज़ाक कर रही थी. मुझे पता है गाओं मे ऐसे वर्ड ही बोले जाते है . पूछो क्या पूछ रहे थे
अवी-सभी लोगो के लंड 6 इंच के ही होते है.
मेडम-नही ऐसा नही है, कुछ लोगो के उससे भी बड़े होते है.लेकिन तुम क्यू पूछा रहो हो
अवी-वो क्या है कि मेरे दोस्तो (पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश, मोना का भाई और मोना का बॉय.फ्रेंड.)के भी उतने ही है
मेडम-मुझे लगता है तुम्हे कुछ और पूछना है लेकिन तुम डर रहे हो.डरो मत पूछो तुम्हे क्या पूछना है
अवी-वो मेरा एक दोस्त (दोस्त नही मैं खुद) है वो बोल रहा था कि उसका लंड 6 इंच से भी बड़ा है.लेकिन मुझे उसके बात पर येकीन नही है.
मेडम-वो बोल रहा है तो होगा उसका बड़ा .इसमे येकीन ना करने की क्या बात है
अवी-नही मुझे लगता है कि उसे कोई बीमारी होगी. इसी लिए उसका लंड बड़ा हो गया होगा
मेडम-अरे कोई बीमारी से थोड़े ही लंड लंबा होता है. वो तो हॉर्मोन की वजसे होता है. किसी का 6 इंच से लंबा तो फिर किसी का 6 इंच से छोटा . पर ज़्यादा तर लोगो का 6 इंच के आस पास ही होता है.समझे
अवी-हाँ समझ गया . मेडम एक ग्लास पानी मिलेगा
मेडम-हां लाती हू
अवी-थॅंक गॉड मैं तो समझ रहा था कि कही मुझे कोई बीमारी तो नही है. अच्छा हुआ मेडम से पूछा लिया नही तो मैं हमेशा बैचैन रहता