बीवी की अदला बदली 4

दोस्त की बीवी

रेखा और अनिल की कहानी है जिनका नोएडा में नई बनी कालोनी में डुप्लेक्स फ्लैट है। डुप्लेक्स फ्लैट में दो फ्लैट ऊपर नीचे थे जिनमें बाहर से तो रास्ता था ही और अंदर भी एक जीने से दोनों में आया जा सकता था।

बड़ा फ्लैट इसलिए लिया था कि पैसे की कमी थी नहीं और कभी अनिल का छोटा भाई भी नोएडा शिफ्ट हो सकता था।
अभी ऊपर का पोर्शन खाली पड़ा था किसी किरायेदार के इन्तजार में!

अनिल अपनी कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव था अतः हफ्ते में दो दिन के लिए टूर पर रहता था, रेखा मिरांडा हाउस की पढ़ी हुई अल्ट्रा मॉड लड़की थी… शादी के दो साल बाद भी वो अभी बच्चे के चक्कर में पड़ने को तैयार नहीं थी।
मस्ती से रहना… ढेर सारे शौक रखना और पैसे से एश करना उसे भाता था।

अनिल और उसकी लव मैरिज थी.. अनिल भी बांका जवान था और सेक्स में थ्रिल पसंद करता था। सेक्स की चाहत दोनों में कूट कूट कर भरी थी।
चाहे वो डिस्को थेक हो या नाईट क्लब… अनिल और रेखा को पराये मर्द या लड़की के साथ चिपटने में कोई ऐतराज नहीं था। और ऐसे ही वाटर पार्क में मस्ती और रोमांच का कोई मौका वो छोड़ते नहीं थे। वाटर पार्क में ऊपर से स्लाइड में रेखा हमेशा ही किसी जवान लड़के के साथ ही राफ्ट में बैठती और जाहिर है उस रोमांच में वो लड़का उसके मम्मे कहीं ना न कहीं दबा ही देता था और वो भी उसका लंड छू लेती थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

अनिल जब टूर से लौटता तो रेखा भूखी शेरनी की तरह उसका शिकार करती. उन्होंने लॉबी में होम थिएटर लगा रखा था, जब उस पर वो पोर्न मूवी लगाते तो माहौल गर्म हो ही जाता था।

रेखा इतनी मस्त थी की एक बार तो उसने अपनी किटी पार्टी में भी मूवी चला दी थी.. उसकी सहेलियों की लिस्ट में अनीता और दिव्या दो ऐसी थीं जो महीने में एक दो बार दोपहर उसके घर रहतीं और तीनों बियर और पोर्न मूवी का मजा लेतीं।
दिव्या और रेखा तो एक बार हमबिस्तर भी हो चुकी हैं पर उस दोपहर रेखा ने दिव्या की चूत में पता नहीं क्या क्या कर दिया तो दिव्या ने तो उस दिन के बाद कभी हिम्मत नहीं की रेखा को मौका देने की!

रेखा हफ्ते में दो चार नई मूवी डाउनलोड कर लेती जिसे वो और अनिल रात को बड़ी स्क्रीन पर देखते।
रेखा ने कॉपर टी लगवा रखी थी क्योंकि कंडोम से सेक्स मजा न तो उसे आता था न अनिल को!
रेखा के मम्मे भारी होने से अक्सर उसे यह महसूस होता कि लोग उसे घूर रहे हैं… ऐसे में वो बिलकुल असहज नहीं होती बल्कि अगली बार और टाइट टी शर्ट पहन कर निकलती।
कॉलोनी में तो वो अक्सर ही शॉर्ट्स में घूम लेती।

हॉस्टल में उसे सिगरेट का शौक भी लग गया था, अनिल नहीं पीता था पर उसने रेखा को मन नहीं किया क्यों अनिल ड्रिंक ले लेता था और रेखा सिर्फ बियर तक सीमित थी।

अब दोनों में यह तय हुआ कि कभी कभी अनिल रेखा का साथ देने को स्मोक कर लेगा और रेखा अनिल का साथ देने के भर लिए बियर में व्हिस्की मिला लेगी।

अनिल को अपनी पार्टीज के लिए अक्सर डिनर पर जाना होता या घर पर पार्टी होती तो उसमें रेखा का जलवा अलग ही होता! इन दोनों की पार्टीज को सभी एन्जॉय करते थे और मर्दों के तम्बू तन कर ही घर जाते थे।

रेखा को पराये मर्दों से कोई परहेज नहीं होता था और यह खुला व्यवहार अनिल को व्यापार में बहुत मदद करता था इसलिए उसकी कंपनी घर की पार्टीज का खर्चा भी ख़ुशी ख़ुशी पेमेंट करती थीं, इन्हीं फालतू कमाइयों से रेखा के अपने खर्चे निकलते थे।

एक दिन अनिल को मालूम पड़ा कि उसकी कंपनी में नया जीएम आया है और उसने उसे ऑफिस में बुलाया है।
जीएम यानी सबसे बड़ा अधिकारी, उसे खुश रखना हर निचले अधिकारी का फर्ज होता है।

अनिल ने वाशरूम में जाकर अपने ऑउटफिट को चेक किया और अपनी रिपोर्ट्स लेकर मिलने गया।
समीर उसी की उम्र का और बहुत आकर्षक व्यक्तित्व का आदमी था, उसने बहुत मिलनसार ढंग से अनिल से हाथ मिलाया और उसकी सारी रिपोर्ट्स देखीं।
उसने अनिल से यग चाहा कि कंपनी को सेल्स दुगनी करनी हैं और इसकी जिम्मेदारी मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव होने के नाते अनिल की है।
अनिल ने एक बार तो कहा कि एकदम दुगनी नहीं हो सकती तो समीर ने सख्त लहजे में कहा कि उसने इस जवाब की उम्मीद उससे नहीं की थी, वो यह तो पूछ सकता है कि कैसे होगी पर नहीं होगी, ये वो नहीं कह सकता!

फिर समीर ने उसे कुछ स्लाइड्स दिखाई, नए लांच होने वाले प्रोडक्ट्स और कुछ कंज्यूमर स्कीम बताई तो अनिल को भी लगा कि हाँ हो सकता है…
और जब समीर ने उसे यह बताया कि कंपनी की तरफ से उसे नई गाड़ी और ड्राईवर दिया जा रहा है… कंपनी को तो बस सेल्स चाहियें… अनिल समीर की प्लानिंग का कायल हो गया।

इतनी में कॉफ़ी आ गई, माहौल कुछ रिलैक्स हुआ।

समीर ने उसके परिवार के बारे में पूछा और अपने बारे में बताया, समीर की शादी पिछले साल ही हुई थी और उसकी बीवी अभी 15 दिन बाद आयेगी।
समीर को एक फ्लैट चाहिए था।

अनिल ने समीर को रात को डिनर पर बुलाया और यह कह दिया- सर आज आप बॉस बन कर नहीं फ्रेंड बन कर आना!
अपने केबिन में आकर अनिल ने रेखा को सब बताया।

शाम को 8 बजे समीर ने अनिल के फ्लैट की घंटी बजाई, अनिल ने गेट खोला।
समीर रेड टी शर्ट और जीन्स में था… उसके हाथ में एक बड़ा सा रेड रोज का बुके और चॉकलेट का डिब्बा था।

अनिल के पीछे रेखा खड़ी थी अपने कातिलाना अंदाज और पोशाक में… उसने लॉन्ग मिडी पहनी थी, हाई हील और ऊपर बंधे बाल रेड नेलपेंट से पेंटेड नेल्स रेड लिपस्टिक… कुल मिला कर समीर की घंटी बजाने के लिए काफी था।
रही सही कसर रेखा ने हाथ मिला कर पूरी कर दी, समीर को 440 वोल्ट का करेंट लगा, वो तो बुके और चॉकलेट देना भूल सा गया।
रेखा ने हंसते हुए कहा- हाय समीर!
और आगे बढ़कर उसे चूम लिया।
अनिल भौंचक्का रह गया कि रेखा यह क्या कर रही है!

समीर भी रेखा से लगभग लिपटता हुआ बोला- ओ यू पूसी कैट… असल में रेखा और समीर स्कूल में दोस्त थे और दोनों की बहुत पटती थी… वक्त से सब अलग अलग हो गए और आज 6 सालों बाद मिले…

जब दिन में अनिल ने रेखा को समीर का नाम लिया तो रेखा के दिमाग में अचानक पुराने समीर का ख्याल आया और उसने फेसबुक पर सर्च किया तो समीर उसे मिल गया और उसने अपने स्टेटस में अपनी नई जोइनिंग का जिक्र किया था तो रेखा समझ गई कि शाम को कौन आ रहा है, पर उसने सरप्राइज देने के लिए अनिल को कुछ नहीं बताया।

अब तो सारा माहौल ही बदल गया, समीर ने अनिल से हंसते ही कहा- यार, तुमने तो मेरी माशूका से ही शादी कर ली…
अनिल के पास तो शब्द ही नहीं थे पर रेखा बोली- तो क्या हुआ, अब एक्सचेंज कर लेते हैं… तुम अपनी बीवी से पूछ लेना!
सब हंस पड़े।

अनिल ने ड्रिंक्स लगा दिए… रेखा का भी स्माल पेग बनाया… म्यूजिक चल रहा था, समीर ने रेखा की ओर हाथ बढ़ाया और अनिल से पूछा कि उसे तो कोई प्रॉब्लम नहीं अगर वो रेखा के साथ डांस करे..
अनिल मुस्कुरा कर बोला- यू आर मोस्ट वेलकम…

रेखा और समीर डांस करने लगे… दोनों ने एक दूसरे के कन्धों पर हाथ रखा हुआ था पर शालीनता से डांस कर रहे थे दोनों!
समीर विदेश से पढ़ा हुआ था और उसे अपने पद की मर्यादा मालूम थी।

रात को डिनर के बाद जाते समय समीर ने फिर अनिल को एक फ्लैट ढूँढने को कहा… तो अनिल ने उसे ऊपर का पोरशन दिखा दिया। समीर ने तुरंत ही हाँ कर दी.. पर रेखा से बड़े अधिकार से कहा कि एक हफ्ते उसके खाने की जिम्मेदारी रेखा को ही उठानी पड़ेगी जब तक समीर की वाइफ प्रिया न आ जाए!
रेखा ने बड़ी ख़ुशी ख़ुशी हाँ कर दी।

अगले दिन ऑफिस में समीर ने फ्लैट का रेंट एग्रीमेंट बनाकर अनिल के केबिन में भिजवा दिया। अनिल चौंक गया.. उसने जो किराया सोचा था उससे बहुत ज्यादा समीर ने लिखा था इसमें!

उसने साईन करके भिजवा दिया और उधर रेखा ने कॉलोनी से ही आदमी लगवा कर फ्लैट को बढ़िया करवा दिया।
ऑफिस का ड्राईवर समीर का सामन दे गया था, रेखा ने समीर को फोन करके उससे पूछ कर सामन खोलकर वार्डरोब में लगा दिया। सामान में उसे कंडोम का पैकेट दिखा.. वो मुस्कुरा दी… मतलब समीर सारी तैयारी लेकर चला है।रेखा ने फ्लैट के अंदर वाला जीना तो लॉक कर दिया।

आज अनिल को नई गाड़ी और ड्राईवर मिल गया था और उसे अगले ही दिन टूर पर जाना था दो दिन के लिए!

शाम को समीर तो 5 बजे ही आ गया था. उसके साथ ऑफिस का लड़का था फ़्लैट की सफ़ाई के लिए… पर जब उसने देखा कि फ्लैट तो चमक रहा है तो समीर ने उस लड़के को वापिस भेज दिया।

रेखा ने समीर को चाय के लिए बुलाया।
समीर अंदर वाले जीने से आना चाह रहा था पर जब उसने देखा कि वो लॉक है तो वो बाहर से आया।
रेखा ने उससे कह दिया कि जीना भले ही लॉक है पर उसे जब भी आना हो वो नॉक कर दे, रेखा खोल देगी।

कॉलेज की गप्पों के बाद समीर अंदर से ही ऊपर चला गया।
रेखा ने गेट लॉक कर दिया, समीर ने देखा कि उसके तरफ से लॉक होल से इधर का देखा जा सकता है और उसे ये देखते रेखा ने भी देख लिया पर कहा कुछ नहीं!

इससे पहले भी एक बार कम्पनी का एक एग्जीक्यूटिव जर्मनी से आया था और इसी फ्लैट में ठहरा था तो रेखा ने कई बार इस होल में से उधर झांक कर देखा था।

रेखा ने समीर का भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और उसे मालूम था कि समीर इस होल से झांकेगा जरूर!

अगर कॉलेज का दोस्त पति के बॉस के रूप में घर आ जाए तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, दोनों तरफ़ आग सी भड़क जाती है, इन्तजार होती है तो बस एक चिंगारी की!

रेखा ने अपने पति के बॉस और अपने कॉलेज के दोस्त समीर का भड़काने में कोई कसर न छोड़ी, उसे मालूम था कि समीर इस छेद से झांकेगा जरूर!
रेखा ने शावर लिया और सिर्फ तौलिया लपेट कर ही अंदर घूमने लगी, उसने छिप कर उस लॉक होल की तरफ देखा जहाँ से अब कोई रोशनी नहीं आ रही थी… मतलब समीर की आँखें उस होल पर टिकी हुई थीं।

अब रेखा को मजा आने लगा… वो ऐसे ही सोफे पर बैठ गई और टांग के ऊपर टांग चढ़ा ली। अब उसकी चिकनी टांगें पूरी नंगी दिख रही थीं… अगर वो थोड़ा तौलिया और ऊपर करती तो शायद चूत भी दिख जाती!

रेखा ने छेद की तरफ पीठ कर के तौलिया आगे से खोला और थोड़ा ऊपर नीचे करके फिर बाँध लिया, इस से उसकी नंगी पीठ पूरी दिख गई।
अब बहुत हो चुका था… रेखा कमरे में गई और टॉप और कैपरी पहन आई और डिनर की तैयारी में जुट गई, तभी अनिल भी आ गया।

अब रेखा ने देखा कि छेद से रोशनी आ रही थी… मतलब समीर अब वहाँ से हट गया था। अनिल ने समीर को फोन किया कि क्या वो चाय दोबारा लेगा तो समीर बोला कि वो जरा बहार जा रहा है, एक घंटे में आ जाएगा।

डिनर के टाइम पर समीर को अनिल ने अंदर से ही बुला लिया।
समीर एक व्हिस्की की बोतल और आइसक्रीम लेकर आया। रेखा ने उससे गुस्सा होते हुआ कहा कि वो अपनी दोस्त के यहाँ है, न कि अनिल के यहाँ!

आज तो समीर डिनर जल्दी लेकर चला गया क्योंकि अनिल को सुबह 5 बजे टूर पर जाना था।
समीर के जाते ही अनिल ने रेखा को भींच लिया और उसका टॉप उतार दिया और ब्रा भी…
रेखा ने बहुत कहा कि मेज तो साफ़ करने दो पर अनिल ने एक बार उसके मम्मे चूसे तभी उसे काम करने दिया और वो भी इस शर्त से कि वो जल्दी ही बेड पर आ जाएगी।

रेखा जानती थी कि समीर का लंड अब उसके हाथों में होगा क्योंकि रेखा ने जीना लॉक ना करके हल्का सा खुला छोड़ दिया था ताकि समीर आराम से उसके जलबे देख सके।

काम निबटा कर उसने इस हैरानी से जीने की खुली किवाड़ को देखा जैसे वो गलती से उसे खुला छोड़ गई हो और ऊपर चढ़ी उसे बंद करने तो उसे तेजी से चलते पावों की आहट सुनाई दी… समीर तेजी से अंदर जा रहा था।

रेखा ने डोर लॉक किया और मुस्कुराते हुए बेडरूम में गई जहाँ अनिल बेड शीट ओढ़े लेता था। वो जानती थी कि अनिल ने क्या पहना होगा।
वो वाशरूम में गई फ्रेश होकर बेड पर आई और कैप्ररी उतारकर अंदर घुस गई, अनिल भी बिना कपड़ों के उसका इंतज़ार कर रहा था। दोनों चिपट गए।

अनिल ने पहले तो उसके मम्मे जम कर चूसे और फिर वो नीचे होकर उसकी चिकनी चूत पर पिल गया… रेखा ने दिन में ही वेक्सिंग कराई थी और चूत की भी शेव की थी।
अनिल को चूत चिकनी ही पसंद थी, इसलिए हर हफ्ते रेखा चूत चिकनी कर लेती थी।
देर तक जम कर चुदाई करने के बाद दोनों चिपट कर सो गए। अनिल ने 4 बजे का अलार्म लगाया था, अलार्म से अनिल और रेखा दोनों ही उठ गए।

रेखा मुस्कुरा पड़ी, वो समझ गई कि यह अलार्म अनिल ने चुदाई के लिए लगाया है, वो बोली- चाय बना लाती हूँ।वाशरूम जाकर जब वो नाइटी पहनने लगी तो अनिल ने मना कर दिया- ऐसे ही जाओ…

रेखा अब उससे कैसे कहती कि अलार्म की आवाज से शायद समीर भी उठ गया हो और जीने से झाँक रहा हो…
उसने एक छोटी सी फ्रॉक डाली और किचन में जाकर चाय का पानी चढ़ाया।

उसे जीने पर आहट सुनाई दी तो उसने जीने पर जाकर गेट खोल दिया और अंदर झाँका समीर सोने का नाटक कर रहा था…
वो पास गई और एक धुप्पल दिया उसके और हंसते हुए बोली- चाय पिओगे?

समीर ने आँख खोल लीं और रेखा को झुका कर चूम लिया और बोला- यू आर सेम स्वीट…
चाय के लिए उसने मना कर दिया।

रेखा नीचे आकर चाय लेकर बेड रूम में गई तो अनिल भी वाश रूम से आ चुका था, उसने आते ही रेखा की फ्रॉक उतार दी और बेड पर पैर फेला कर बैठ गया, रेखा को अपने ऊपर बिठा लिया और अपना लंड उसकी चूत में कर दिया।

रेखा ने पूरा लंड अंदर ले लिया और ऊपर से उछलने लगी, अनिल नीचे से धक्के लगा रहा था।
फिर अनिल ने उसे बेड पर गिराया और टांगें चोड़ी करके अपना मूसल ठोक दिया।

सुबह की चुदाई बहुत मजेदार होती है लंड चूत दोनों फ्रेश होते हैं… और अनिल तो अब दो दिन के लिए जा रहा था तो उसने सोचा कि सारी कसर निकाल कर जाऊँ।

5 बजे अनिल चला गया और रेखा एक बार फिर सो गई।
7 बजे आँख खुली… उसने एक शार्ट नाइटी डाली बिना ब्रा के… और जीना खोल कर ऊपर गई।
समीर शायद वाशरूम में था… उसके बेड के नीचे एक छोटा हैण्ड टॉवल पड़ा था… समीर ने रात में कई बार मुट्ठी मारी होगी।

वाशरूम का गेट खुला… समीर तौलिए से बाल पौंछते हुए बाहर आ रहा था बिल्कुल नंगा… एक कदम उसने बाहर रखा ही था, रेखा को देखते ही वो अंदर झपटा और फिर बड़ा तौलिया लपेट कर हंसते हुए बाहर आया।

रेखा तो हंसते हंसते लोटपोट हो गई।

खैर रेखा समीर का हाथ पकड़ कर उसे नीचे ले आई, चाय बनाने को किचन में घुसी और समीर को अनिल की शॉर्ट्स और टीशर्ट दे दी पहनने को।
पर समीर के लंड के साइज़ ने उसे गीला कर दिया था नीचे!

चाय पीते समय समीर रेखा को देखता ही रहा और रेखा उससे पूछती रही- क्या नजर लगाओगे?

समीर 10 बजे ऑफिस चला गया।
दिन में रेखा की चूत में सुगबुगाहट होती रही एक तो रात और सुबह चुदाई जबरदस्त हुई थी और सबसे बड़ी बात समीर के लंड को देखकर रेखा उसे छूने को बेचैन हो रही थी पर समीर ने अपनी सीमा नहीं तोड़ी थी इसलिए रेखा की भी हिम्मत नहीं पड़ी।

दिन में दो बार अनिल का फोन आया।
शाम को रेखा ने समीर को फोन करके पूछा- क्या खाओगे?
तो समीर बोला- अगर तुम्हें ऐतराज न हो तो डिनर पर बाहर चलें?
इस पर रेखा बोली- आज बाहर नहीं, जब अनिल होगा, तब चलेंगे, पर तुम जल्दी आ जाना।

समीर 7 बजे तक आ गया और सीधे अपने फ्लैट में गया और फ्रेश होकर 8 बजे करीब जीने पर नॉक किया तो रेखा ने उसे नीचे बुलाया।

रेखा ने लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहने था, ब्रा पेंटी सेट उसने मैचिंग का पहना, हाई हील बेलीज पहने थीं।

समीर ने उसकी खूबसूरती और ड्रेस सेन्स की तारीफ की… रेखा ने जूस सर्व किया और फिर डिनर लगा दिया।
दोनों ने साथ साथ डिनर लिया, दोनों चुप थे।
कारण स्पष्ट था कि आग दोनों को लगी थी पर मर्यादा या शर्म कुछ भी कह लें, दोनों को रोके हुई थी।

डिनर के बाद रेखा ने आइसक्रीम सर्व की… दोनों सोफे पर बैठ गए। समीर ने अपनी पहली चम्मच आइस क्रीम रेखा को खिलाई।
रेखा को अब बदमाशी सूझ रही थी उसने अपनी स्पून से आइसक्रीम समीर को खिलाते समय उसके मुख पर मल दी।
समीर ने भी उसके हाथ से कप छीनकर अपने चेहरे से आइसक्रीम उसके चेहरे पर मल दी।

बस इतने ही में उनका सब्र का बाँध टूट गया, दोनों के होंठ मिल गए थे और बदन भी!
रेखा हाँफने लगी और उसने समीर की टीशर्ट उतार दी।

अब समीर ने भी रेखा की स्कर्ट और टॉप उतार दी, दोनों सोफे पर ही लेट गए।
समीर सिर्फ लोअर पहने नीचे था और रेखा येलो ब्रा पेंटी में उसके ऊपर लेटी थी, उसकी जीभ और अपनी जीभ की दोस्ती पकी करा रही थी।

समीर ने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया… अब क्या था… दो मिनट बाद दोनों बेड पर नंगे गुंथे थे।
पहली बार कॉलेज फ्रेंड से सेक्स का मजा कुछ और ही होता है।

समीर रेखा के मम्मों का दीवाना हो रहा था और रेखा उसके लंड को अपनी चूत में करने को बेताब थी।
रेखा पलटी और उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और अपनी चूत समीर के मुँह पर रख दी।

थोड़ी देर बाद रेखा चढ़ गई समीर के ऊपर और उसका लंड अपनी चूत में कर लिया।
पराया लंड मोटा और तना हुआ… रेखा की तो तब चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ जब समीर ने उसे नीचे करके पूरा लंड पेल दिया उसकी चूत में!

दोनों रात भर चुदाई की गिनती तो भूल चुके थे, रात 2 बजे तक इस कमरे के चुदाई के सारे रिकॉर्ड टूट चुके थे, पर जो खतरनाक बात हुई वो यह थी रेखा के गोरे जिस्म पर खासकर के मम्मों पर समीर के वहशीपन वाले सेक्स के कई निशाँ पड़ गए थे।

वो भी क्या करता, रेखा ने भी उसे उकसाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, वो किसी माशूका या सुपर रंडी की तरह अपने को चुदवा रही थी।
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सुबह समीर तो अपने कमरे में चला गया पर रेखा ने जब अपने को शीशे में देखा तो वो सोच में पड़ गई कि अनिल को क्या कहेगी क्योंकि ये निशाँ तो 2-3 दिन में ही जा पायेंगे और अनिल तो कल आ जायेगा।

और रेखा आज की रात समीर के लंड के मस्ती नहीं मिस करना चाहती थी।

खैर रेखा ने गर्म पानी तरेड़ दिया सभी निशानों पर और सो गई।

सुबह 9 जब वो सोकर उठी तो समीर ऑफिस के लिए तैयार था, उसने फटाफट समीर को नाश्ता दिया और जाते समय समीर ने एक बार फिर रेखा को चिपटाया।
रेखा ने भी उसको मुस्कुराते हुए विदा किया और कहा- शाम को जल्दी आना!

दिन में समीर से उसकी दो तीन बार बात हुई। अब दोनों नार्मल थे और शाम होते होते रेखा का बदन दर्द भी ठीक हो गया था, उसने दिन में एक घंटा बाथ टब में बिताया था।

अनिल का फोन आया कि वो कल तक आएगा।

शाम को रेखा किचन से 7 बजे तक फ्री हो गई… उसने कुछ पकोड़े भी तल लिए… समीर आता ही होगा!

पंद्रह मिनट में समीर आ गए… रेखा ने उसे नीचे ही रोक लिया और चाय लगा दी। चाय पीने के बाद समीर खड़ा हुआ, बोला- नहा कर आता हूँ।

वो ऊपर गया, रेखा ने डोर लॉक नहीं किया और फटाफट अपने कपड़े उतारकर बाथिंग गाउन लपेटा, परफ्यूम स्प्रे किया और टॉवल लेकर ऊपर गई।
समीर बाथरूम में था… दरवाजा लॉक नहीं था… शावर चल रहा था…
रेखा ने बाथरूम का दरवाजा खोला… अंदर समीर नंगा शावर के नीचे था… वो रेखा को देख कर मुस्कुराया।

रेखा ने अपने गाउन उतरा और शावर के नीचे चिपक गई समीर से… ऊपर से रिमझिम पानी… नीचे सुलगते बदन… आग ठंडी होने की जगह भड़क रही थी।

रेखा ने नीचे बैठकर समीर का लंड मुँह में ले लिया और लोलीपॉप की तरह चूसने लगी।
समीर का फव्वारा छूटने को हो रहा था, उसने रेखा को खड़ा किया और पास रखी बाल्टी के ऊपर झुकाया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया।

जोरदार धक्का मुक्की में सारा माल उसने रेखा की पीठ पर निकल दिया।

नहाकर दोनों नीचे आये, रेखा ने उसे कपड़े नहीं पहनने दिए।

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