दीपक एक गठीले बदन के सुंदर और रोमांटिक पति हैं जो अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं, सेक्स में रोमांच पसंद करते हैं।
उनके पिता ज़मींदार थे तो पैसे और नवाबी शौक भरपूर हैं।
सारिका भी सभ्य, सुसंस्कृत और सुंदर पत्नी है जो दीपक जितनी तो नहीं फिर भी सेक्सी है।
ये लोग एक पॉश कॉलोनी में अपनी पुश्तैनी कोठी में रहते हैं।
दीपक को सेक्स के नए नए रूप पसंद हैं, सारिका भी इन सब खुराफातों में दीपक का भरपूर साथ देती है। मसलन लॉन्ग ड्राइव पर चलती गाड़ी में सेक्स, या किसी सुनसान जगह पर गाड़ी में सेक्स, यहाँ तक की अँधेरी रात में खुली छत या लॉन में सेक्स इन दोनों को खूब भाता है।
सारिका को आइसक्रीम और चोकलेट बहुत पसंद हैं तो दीपक सारिका के नंगे बदन पर आइसक्रीम और चोकलेट लगा कर चाटते हैं तो कभी अपने लंड पर ही चोकलेट लगा कर सारिका से चुसवाते हैं।
दोनों की सेक्स लाइफ मस्त चल रही थी पर ब्लू फिल्म देख देख कर और अन्तर्वासना की हिन्दी सेक्स कहानियां पढ़ पढ़ कर दीपक के मन में थ्रीसम या फोरसम सेक्स की इच्छा थी पर सारिका को इसमें कोई रूचि नहीं थी।
हालाँकि दोनों ही सेक्स के समय अपने किसी दोस्त का नाम ले लेते थे तब उनका सेक्स और रोमांचक हो जाता था।
सारिका ने अपना दिन का समय काटने के लिए अपनी कोठी के पिछवाड़े में ही एक छोटा सा पर सुंदर बुटीक खोल रखा था जिसमें केवल लेडीज गारमेंट्स ही रखती थी, नाईट वियर तो उनके बहुत ही मस्त होते थे।
हालाँकि उन्हें खुद कभी नाईट वियर पहनने का सौभाग्य नहीं मिला क्योंकि दीपक को बिना कपड़ों के ही सोना पसंद था, तो बस डिनर के बाद बाथ और फिर उनका घर न्यूड रिसोर्ट बन जाता था।
और अब तो वो इसके इतनी आदी हो गए थे कि कभी कोई मेहमान आ जाए तो दीपक को सुबह मोर्निंग वाक पर जाने वाला ट्रैक सूट ही शाम को पहनना पड़ता और सारिका ने इसे मौकों के लिए एक-दो गाउन ले रखे थे।
सुबह तो दोनों ट्रैक सूट में ही मोर्निंग वाक पर जाते और फिर लॉन में चाय पीते!
एक दिन दीपक का दोपहर को फोन आया कि उनके एक बड़े क्लाइंट ने उन दोनों को ताज में डिनर पर बुलाया है।
सारिका सुंदर तो थी ही… रात को उसने ब्लैक साड़ी, स्लीवेलेस और गहरे गले का चूची दिखाता ब्लाउज पहना, डायमंड सेट ने उसकी चूची की सुन्दरता को चार चाँद लगा दिए… दीपक तो डिनर पर जाने से पहले ही एक ट्रिप लगाने के मूड में आ गए थे… पर मेकअप ख़राब होने की धमकी देकर सारिका ने उन्हें रोका।
ताज में दीपक के मित्र राजीव अपनी पत्नी ज्योति के साथ आये थे, दोनों दीपक सारिका के ही उम्र के ही थे।
राजीव गोरे और लम्बे एक हंसमुख व्यक्ति लगे सारिका को… या यूं कहें कि राजीव उन्हे रोमांटिक लगे और जब राजीव ने उससे हाथ मिलाया तो सारिका को सिहरन सी हुई।
ज्योति पंजाबी सूट में थी, वो भी गर्मजोशी से मिली।
डिनर पर हंसी मजाक होता रहा।
रात को 11 बजे दीपक सारिका घर आये, आज तो बिस्तर पर धमाल तय था और हुआ भी, पर आज एक नई बात थी कि तीसरे का नाम लेते समय दीपक ने राजीव का नाम ले लिया और सारिका से पूछ लिया कि अगर राजीव तुम्हारी चुदाई करे तो कैसा लगेगा।
सारिका एक बार तो सिहर गई पर तुरंत ही संभल कर बोली- तुम भी ना… पता नहीं कहाँ कहाँ की बात ले आते हो!
खैर रात गई बात गई…
दो दिन बाद सारिका अपने बुटीक में थी… एक दो लेडीज सामान ले रहीं थी कि तभी राजीव आये… लाल गुलाबों का गुलदस्ता उनके पास था जिसे राजीव ने मुस्कुरा कर सारिका को दिया और नमस्ते की।
सारिका ने कहा- इस तक़ल्लुफ़ की क्या जरूरत थी!
राजीव मुस्कुरा दिया… बोला- अगले हफ्ते ज्योति की बर्थडे है तो उसके लिए गिफ्ट लेना है… दो अच्छे से सूट दे दें…
सारिका ने पूछा- कैसे दिखाऊँ?
तो राजीव मुस्कुरा कर बोले- जो आपको अपने लिए पसंद हों!
सारिका ने और ग्राहकों से पेमेंट लेकर उन्हें फारिग किया और राजीव को सूट्स दिखाने लगी।
राजीव सूट्स को कम, उसे ज्यादा देख रहा था। सारिका ने यह महसूस कर भी लिया पर उसे भी राजीव की नजदीकी अच्छी लग रही थी।
राजीव ने दो महंगे से सूट्स पसंद किये और काउंटर पर आकर सारिका को पेमेंट किया।
सारिका ने राजीव को कहा- कॉफ़ी पीकर जाइयेगा।
राजीव को तो मन मांगी मुराद मिल गई।
सारिका बुटीक को सेल्स गर्ल के ऊपर छोड़ कर राजीव को लेकर ड्राइंग रूम में आ गई और फटाफट कॉफ़ी बना कर ले आई।
कॉफ़ी पीते समय सारिका और राजीव काफी खुल गए थे।
चलते समय राजीव ने सारिका से हाथ मिलाया, सारिका को मानो करंट सा लगा पर राजीव का कुछ जादू ऐसा छाया था कि उसने राजीव के हाथ में अपना हाथ दे दिया।
राजीव ने मौके का फायदा उठाते हुए सारिका से पूछा- फ्रेंड्स?
सारिका ने भी हंस कर जवाब दिया- यस फ्रेंड्स!
राजीव मुड़ कर ड्राइंग रूम से निकल ही रहा था कि वापिस पलटा और सारिका के माथे पर एक प्यारा सा चुम्बन कर दिया।
सारिका इसके लिए तैयार नहीं थी, पर दिल बेकाबू था, वो मना न कर सकी।
राजीव चला गया और छोड़ गया सारिका के मन में एक तूफ़ान!
वो समझ नहीं पा रही थी कि वो इतनी कमजोर कैसे पड़ गई… आखिर कोई तीसरा उसके और दीपक के बीच में कैसे आ सकता है।
तभी दीपक का फोन आ गया, वो पूछ रहा था कि क्या राजीव आया था।
दीपक ने बताया कि राजीव को कुछ सूट लेने थे और वो संकोच कर रहा था, तो दीपक ने ही राजीव से कहा- अकेले जाओ और देखना सारिका तुम्हें अच्छे से अटेंड करेगी और बिना कॉफ़ी या ठंडा पिलाये नहीं भेजेगी।
सारिका बोल नहीं पा रही थी, बस उसने दीपक से कहा- शाम को जल्दी आ जाना!
दीपक का फोन रखा ही था कि राजीव का व्हाट्सएप मेसेज आ गया… उसने कहा कि पता नहीं कैसे उससे यह गलती हो गई और एक अच्छे दोस्त की तरह वो सारिका से दोस्ती करना चाहता है।
सारिका ने उसे कोई जवाब नहीं दिया, जो हुआ उसे भूलकर उसने एक घंटे की नींद ली और दीपक का इंतज़ार करने लगी।
उसका मन बुटीक में नहीं लग रहा था, उसने बुटीक में कैमरा लगा रखा था तो वो घर पर ही रही और कैमरे से बुटीक पर निगाह रखी।
चार बजे बुटीक बंद करके सारिका ब्यूटी पार्लर चली गई और फुल बॉडी वेक्सिंग और मसाज का आनन्द लिया।
छः बजे वो घर आ गई।
आधा घंटा बाद दीपक भी घर आ गए।
आज सारिका के चेहरे पर चमक थी और उधर दीपक को राजीव ने भी सारिका की बहुत तारीफ कर दी थी तो दीपक ने आते ही सारिका को चिपका कर गहरा चुम्बन किया।
सारिका भी आज हॉट फील कर रही थी, उसने भी अच्छे से रेस्पोंड किया।
सच तो यह था कि जो कुछ हुआ, इस समय सारिका को उसमें कोई बुराई नजर नहीं आ रही थी, इसीलिए उसने राजीव को इट्स ओके का मैसेज भेज कर दोनों मैसेज डिलीट कर दिए थे।
सारिका ने दीपक के लिए चाय और पकोड़े बना कर बाहर लॉन में ले गई।
आज दीपक मूड में था, टॉपिक था सिर्फ राजीव…
दिल में तो सारिका के भी राजीव ही बस गया था।
दीपक ने बताया- राजीव कह रहा था कि सारिका के बुटीक में कलेक्शन अच्छा है और वो अपने सर्किल में उसे प्रमोट करेगा।
दीपक हंस कर बोला- राजीव तो तुम पर फ़िदा हो गया है।
सारिका ने दीपक के एक धौल लगाया- तुम्हें जलन तो नहीं हो रही?
दीपक हंस कर बोला- जलन क्यों होगी, आखिर अगर सारिका का कोई अच्छा दोस्त बनता है और वो आशिक भी बन जाता है तो बढ़िया बात है, सारिका का दिल और जवान हो जायेगा और वो और सेक्सी हो जाएगी।
सारिका जानती थी कि दीपक इस मामले में बहुत खुली सोच रखता है।
रात को दीपक और सारिका साथ नहाये… पानी से भीग कर वेक्सिंग किया हुआ सारिका का नंगा बदन चमक रहा था और दीपक की कामोत्तेजना को बढ़ा रहा था।
उसका चिकना बदन देख कर दीपक ने तो एक बार शावर के नीचे ही उसे घोड़ी बना कर चोदा।
नहाने के बाद सारिका ने एक पारदर्शी नाइटी पहनी जिसमें उसके मम्मे और चिकनी चूत साफ़ दिख रही थी।
खाना खाकर दीपक ने एक लैपटॉप पर इंडियन पोर्न वीडियो साइट खोल कर सेक्सी वीडियो लगा दिए।
सोफे पर बैठ कर उसने सारिका को गोदी में बिठा रखा था और अपनी एक उंगली उसकी चूत में कर रखी थी।
अचानक सारिका ने दीपक को कहा- राजीव को अकेले मत भेजना!
दीपक ने पूछा- क्यों?
सारिका बोली- कल को तुम्हीं मुझ पर शक कर गए तो या राजीव ने कुछ गलत मतलब निकाल लिया तो?
इस पर दीपक ने हंस कर कहा- मुझे तुम पर पूरा भरोसा है और राजीव भी कोई छिछोरा नहीं है, इस शहर के बड़े लोगों में उसका नाम है, और मुझ को तुम दोनों की दोस्ती होती है तो कोई एतराज नहीं है।
सारिका मुस्कुराते हुए बोली- यदि राजीव ने लिमिट क्रॉस की तो?
दीपक हंस कर बोला- तो क्या होगा, तुम्हारे पास तो दो छेद हैं एक में वो चला जायेगा दूसरे में मैं!
पर इतना कहते ही उसने सारिका को खड़ी किया और अपने और उसके कपड़े उतार दिए और सारिका को नीचे झुकाया।
सारिका समझ गई… दीपक को लंड चुसवाना बहुत अच्छा लगता है… आज उसने दीपक का लंड पूरा मुह में लेकर जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया।
दीपक तो मानो पागल हो रहा था।
अब सारिका की चूत भी पानी छोड़ रही थी, वो दीपक को बेड पर ले गई, दीपक ने उसकी टांगें पंखे की ओर उठा कर उसकी चुदाई शुरु करी, उसके दोनों हाथ सारिका के मम्मे मसल रहे थे।
सारिका ने दीपक को नीचे धक्का दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ कर बैठ गई और उसे चोदने लगी।
दीपक बोला- ऐसे चोदना राजीव को… वो तो पागल हो जायेगा।
सारिका भी बोली- हाँ, उसका तो पूरा निचोड़ दूँगी!
दोनों हांफ रहे थे, बहुत दिनों बाद ऐसा घमासान सेक्स हुआ था।
थक कर दोनों सो गए।
सोने से पहले सारिका ने अपना फ़ोन देखा तो राजीव का स्वीट ड्रीम्स का मैसेज था।
सारिका ने भी गुड नाइट का मैसेज भेज कर दोनों मैसेज डिलीट कर दिए।
अगले दिन राजीव ने मेसेज भी किये और फोन भी, पर सारिका ने कोई जवाब नहीं दिया, अब वो राजीव की तड़फ का मजा ले रही थी।
शाम को उसने दीपक के आने से पहले किचन का काम निबटा लिया, वो आज शाम दीपक को देना चाहती थी।
दीपक से शाम 6 फोन पर बात करके सारिका ने उसे जल्दी आने को कहा तो दीपक बोले- राजीव मेरे पास बैठा है, कहो तो उसे भी ले आऊँ?
सारिका ने कहा- जैसी तुम्हारी मर्जी!
और फोन काट दिया।
सारिका फ्रेश होने बाथरूम में गई और नहाकर एक लॉन्ग मिडी पहन ली।
हेयर स्टाइल भी उसने स्टाइलिश बनाया और हल्का मेकअप किया।
आज उसका लुक बिलकुल इंग्लिश था, उसने किचन में जाकर कुछ कटलेट बना लिए… हालाँकि वो जानती थी कि अगर दीपक 7 के बाद आये और राजीव उनके साथ आये तो वो लोग ड्रिंक्स लेंगे जरूर और फिर डिनर!
हालाँकि दीपक ड्रिंक्स के आदी नहीं थे पर जब वो मस्ती में होते या कोई फ्रेंड होता तो वो ले लेते थे, एक आध पेग सारिका भी ले लेती थी।
और आज तो सारिका इतनी ग्लो कर रही थी कि ड्रिंक्स उसके बाद चूत चुदाई पक्की थी।
दीपक 7.15 पर आये, अकेले… आते ही सारिका को चिपकाया, बोले- राजीव अभी थोड़ी देर में आएगा! और आज तुम्हें देखकर उसका लंड तो खड़ा ही रहेगा।
सारिका हंस दी इस बात पर!
दीपक फटाफट एक गिलास जूस पीकर नहाने चले गए और जीन्स टीशर्ट में बाहर आये।
ड्राइंग रूम में उन्होंने डांस म्यूजिक लगा दिया और मस्ती में सारिका की कमर में बाहें डालकर डांस करने लगे। तभी राजीव आ गए।
राजीव भी जीन्स और रेड टी शर्ट में थे।
उन्होंने बड़ी तमीज से सारिका को हाथ जोड़ कर नमस्ते की, तो सारिका ने बड़ी जोर से हंसते हुए राजीव से गर्मजोशी से हाथ मिलाया।
दीपक ने सारिका से पूछा कि अगर उसे एतराज न हो तो वे लोग ड्रिंक कर लें।
इस पर सारिका बोली- मैंने तो तैयारी कर रखी है।
उसकी इस बेबाकी से दीपक और राजीव दोनों अचम्भित हुए।
सारिका अंदर से ट्राली खींच लाई।
हंसी मजाक के बीच दीपक ने दो पेग बनाये।
सारिका अपने लिए कोक ले आई।
डांस म्यूजिक चल रहा था, दीपक ने राजीव से कहा कि वो सारिका के साथ डांस कर सकता है।
राजीव हिचका, पर सारिका की मुस्कराहट और सेक्सी एप्रोच ने उसे सारिका का हाथ थाम कर डांस करने पर मजबूर कर दिया।
दीपक ने उठकर लाइट डिम कर दी।
दीपक ड्रिंक लेता हुआ राजीव और सारिका को नजदीक आने का मौका दे रहा था।
पर कुछ भी हो, दीपक की मौजूदगी का अहसास राजीव और सारिका दोनों को था, अचानक दीपक का फोन बजा और दीपक उसे सुनने रूम से बाहर चला गया।
उसके जाते ही राजीव सारिका नजदीक आ गए और राजीव का हाथ सारिका की खुली कमर पर मचलने लगा और अचानक दोनों के होंठ मिल गए।
सारिका को राजीव के उभार का एहसास नीचे हो रहा था पर इस वक़्त वो राजीव के होंठ से अपने होंठ मिलाये अपने मम्मे उसकी चौड़ी छाती से सटा कर चुपक कर डांस कर रही थी।
जैसे ही दीपक के आने की आहट हुई दोनों अलग होकर सोफे पर बैठ गए, उन्हें नहीं मालूम पड़ा कि दीपक तो फोन का बहाना कर के बाहर गया था और वो छिप कर इन दोनों की हरकतों का मजा ले रहा था।
दीपक और राजीव के ड्रिंक ख़त्म हो गए थे, दीपक ने एक और बना दिया और सारिका के मना करने पर भी उसकी कोल्ड ड्रिंक में व्हिस्की मिला दी।
इस दौर के ख़त्म होते होते तीनों को नशे का सुरूर हो चला था और अब उनके मजाक भी नॉन वेज होने लगे थे।
सारिका किचन से बचे हुए कटलेट और फ्राइड काजू ले आई क्योंकि अब डिनर की तो उसे उम्मीद नहीं थी।
वापिस आई तो उसने देखा कि दीपक एक पेग और बना रहा है, उसने उसे टोका- आज तुम्हें क्या हो रहा है? अब और नहीं!
दीपक और राजीव दोनों बोले- बस लास्ट है।
दीपक ने सारिका का हाथ पकड़ कर अपने और राजीव के बीच बिठा लिया और अपने गिलास से एक घूँट सारिका को पिला दिया।
सारिका को बड़ा कड़वा घूँट लगा।
इसी बीच राजीव ने भी अपना गिलास उसे ऑफर किया, सारिका ने मना कर दिया कि मैं नहीं पीती, पर नशे के सुरुर में राजीव ने उसके गले में हाथ डाल कर रिक्वेस्ट की तो दीपक ने भी जोर देकर उससे एक सिप लेने को कहा।
एक तो राजीव का गिलास ऊपर से राजीव के होंठों की गर्मी सारिका एक एक करके दो-तीन सिप ले गई।
अब सारिका पर नशा हावी हो गया था, वो दीपक की गोद में चढ़ कर बैठ गई। दीपक ने भी बिना राजीव की परवाह किये उसकी मिडी को ऊपर उठाया और अपनी जीन्स की ज़िप खोल कर अपना लंड उसकी चूत में कर दिया।
राजीव के लिए यह अनहोनी थी।
वो भी सारिका के पीछे खड़ा हुआ और उसके मुँह को ऊपर किया तो दोनों के होंठ मिल गए।
पूरा कमरा वासनामाय हो गया था।
तभी दीपक को होश आया कि उसने राजीव को नहीं रोका तो राजीव भी सारिका को चोद देगा और दीपक अभी मानसिक रूप से इसके लिए तैयार नहीं था।
उसने ‘बहुत रात हो गई…’ कहते हुए सारिका को नीचे उतारा और अपनी जीन्स की ज़िप बंद करी।
अचानक इस रुकावट से राजीव खिन्न हो गया और अपनी झेंप मिटाते हुए बोला- हाँ, मैं भी चलता हूँ, तुम दोनों एन्जॉय करो।
राजीव के जाते ही दीपक ने सारिका को नंगी किया और अपने कपड़े भी उतार फेंके और चढ़ गया सारिका के ऊपर!
सारिका ने भी चुदवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी क्योंकि उसकी चूत में तो आग लगी हुई थी।
दीपक ने रात को दो बार चुदाई करी और दोनों थक कर नंगे ही सो गए।
सुबह 6 बजे दीपक की आँख खुली, सारिका सो रही थी, पर उसका मोबाइल बेड पर ही था।
दीपक ने मोबाईल चेक किया तो उसने देखा कि रात को एक बजे सारिका ने राजीव से आधा घंटा बात की है।
दीपक को ख़राब तो लगा कि जब मैं किसी बात को मना नहीं कर रहा तो चोरी क्यों?
फिर उसने सोचा कि पूरे मामले को हवा तो उसी ने दी है और इसमें हर्ज भी क्या है अगर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
यह सोच कर उसका मूड ठीक हो गया और उसने सारिका की चूत पर अपनी जीभ लगा दी।
सारिका भी चोंक कर उठ गई और दीपक का खड़ा लंड देख कर समझ गई कि पानीपत के युद्ध की तयारी है।
वो भी दीपक को धक्का देकर उसके ऊपर चढ़ गई और अपने हाथों से दीपक का लंड अपनी चूत में कर लिया।
बाद में साथ साथ नहाते समय सारिका ने दीपक को बता दिया कि रात को उसने राजीव से बात की थी।
उसकी इस ईमानदारी से दीपक की रही सही शिकायत भी ख़त्म हो गई और जब सारिका ने उससे पूछा- तुम्हें बुरा तो नहीं लगा?
यह सुनकर तो दीपक ने बस उससे यही कहा- मुझसे कभी कुछ छिपाना नहीं, तो मुझे कुछ भी बुरा नहीं लगेगा।
दीपक के ऑफिस जाने के बाद सारिका ने काफी सोचा उसे भी यही समझ में आया कि दीपक जितना अच्छा और विश्वास करने वाला दूसरा पति हो नहीं सकता।
दीपक तो केवल सारिका के साथ मस्ती चाहता है और रहा सवाल सारिका और राजीव की नजदीकी का तो वो तो केवल मृग मारीचिका है, अगर सारिका इस रिश्ते को दीपक की रजामंदी से बिना कुछ छिपाए करती है तो इसमें मस्ती है और अगर दीपक से छिपा कर नजदीकी बढ़ाती है या दीपक को धोखा देती है तो सिवाय उसकी गृहस्थी ख़राब होने के कुछ नहीं!
दीपक ने सारिका को यह भी बता दिया था कि उसने होंठ से होंठ मिलाये सारिका और राजीव को देखा था पर उसे ख़राब नहीं लगा।
दीपक ने सारिका को इस बात की छूट दे दी थी कि वो जब चाहे राजीव को फोन कर सकती है या मिल भी सकती है, पर सारिका को ध्यान रखना होगा कि कहीं कुछ ऐसा न हो जिससे बदनामी हो।
असल में दीपक को इन सब फ़्लर्टबाजी से कोई एतराज नहीं था, वो इसे जिन्दगी की मस्ती मानता था।
उसका मानना था कि यदि पति पत्नी में विश्वास हो तो ऐसी रिलेशनशिप से सेक्स लाइफ और मजेदार हो जाती है।
इसीलिए उसने सारिका को रोका नहीं बल्कि उकसाया, क्योंकि उसे सारिका की समझदारी पर भरोसा था।
सारिका ने भी तय कर लिया कि वो हर हद तक मस्ती में दीपक का साथ देगी और उससे कुछ छिपाएगी नहीं!
यह उसने और दीपक दोनों ने माना कि इस फ़्लर्ट में हर बात बताई नहीं जा सकती।
अब सारिका का मन काफी हल्का था।
सारिका ने निश्चय कर लिया था कि वो किसी भी सीमा तक मौज मस्ती में दीपक का साथ देगी और उससे कुछ छिपायेगी नहीं!
यह बात उस ने और दीपक दोनों ने माना कि इस फ्लर्ट में हर बात बताई नहीं जा सकती।
दिन में राजीव के मैसेज भी आये और फोन भी!
सारिका ने उसे स्पष्ट कर दिया कि दीपक को उनकी दोस्ती पर ऐतराज नहीं, पर राजीव कभी भी दीपक को हर्ट न करे!
राजीव ने एक बार मिलने को आना चाहा तो सारिका ने कहा- आज नहीं, फिर कभी!
आज ज्योति का बर्थडे भी था, सारिका ने उसे फोन पर विश किया तो ज्योति ने हंस कर बात करी और राजीव ने जो उसे सूट गिफ्ट किये थे, उनकी तारीफ करी।
दोपहर को ज्योति ने एक पार्टी रखी थी अपने घर पर, उसमें उसने सारिका को भी बुलाया।
पार्टी में सारिका ने पहुंच कर ज्योति को गले लगा कर विश किया और उसे एक महंगा परफ्यूम गिफ्ट किया।
ज्योति ने अपनी सहेलियों से सारिका को अपनी नई सहेली बताकर परिचित कराया।
पार्टी के बाद सारिका सारा काम निबटवाकर ही घर गई और इस बीच वो और ज्योति खूब खुल भी गईं थीं।
ज्योति ने सारिका को रिटर्न गिफ्ट में एक पैक दिया जिसे घर आकर जब सारिका ने खोला तो एक बहुत सेक्सी नाईट वियर था।
सारिका ने फोन करके ज्योति को थैंक्स दिया और कहा कि कभी घर आना!
ज्योति बोली- परसों दोपहर को आऊँगी!
तो सारिका ने कह दिया- लंच साथ साथ करेंगे!
दोपहर बाद दीपक का फोन आया कि उसे कल सुबह की फ्लाइट से चेन्नई जाना है…कल मीटिंग है, वो परसों वापिस आएगा।
सारिका ने कहा- मैं भी चलूँ, यहाँ मेरा मन नहीं लगेगा।
तो दीपक हंस कर बोला- मीटिंग में टाइम नहीं मिलेगा, बस आना जाना ही तो है और यहाँ मन लगाने को राजीव है न!
रात को बेड पर सारिका ने दीपक को कहा- अगर राजीव ने ज्यादा बदमाशी की तो? तो क्या होगा?
दीपक बोला- बिना तुम्हारी मर्जी के वो कुछ नहीं कर सकता, और अगर सारिका को किसी बदमाशी से मजा आता है तो दीपक को कोई ऐतराज नहीं और दीपक को यह अच्छा ही लगेगा।
अगले दिन दीपक सुबह ही चला गया।
सारिका भी आज मस्ती के मूड में थी… उसने नहा कर लॉन्ग स्कर्ट और टॉप डाला… परफ्यूम से उसका बदन महक रहा था। आज और कल उसकी सेक्स लाइफ में कुछ नया होने को था, इसका एहसास उसे कल रात को ही हो चुका था, बस जो भी मस्ती करनी थी उसमें उसे होश में रहना था।
11 बजे करीब राजीव का फोन आया, उसे शायद दीपक ने बता दिया था कि वो बाहर जा रहा है।
राजीव और वो काफी देर तक बात करते रहे, राजीव ने आने के लिए पूछा तो सारिका ने उसे शाम को आने को कहा क्योंकि वो नहीं चाहती थी कि सेल्सगर्ल की मौजूदगी में वो राजीव से ज्यादा मिले।
पर एक घंटे बाद ही राजीव और ज्योति और उनके साथ 2-3 लेडीज अचानक आ गए।
ज्योति लाई थी उन सबको सूट दिलवाने!
और राजीव को तो बहाना चाहिए था सारिका से मिलने का!
सारिका सेल्सगर्ल को पानी ठंडा पिलाने के लिए कह कर खुद ही उनको सूट दिखाने लगी।
सबकी निगाह बचा कर राजीव ने एक रेड रोज सारिका के काउंटर पर रख दिया जिसका सारिका ने मुस्कुरा कर जवाब दिया।
सबको उसका कलेक्शन बहुत पसंद आया, 10-12 हज़ार रूपये की सेल हो गई।
ज्योति और उसकी सहेलियां सब बहुत मिलनसार और हंसमुख थीं, सबने कहा कि राजीव आपके कलेक्शन की बहुत तारीफ़ कर रहे थे और आज वो ही हमें यहाँ लाये हैं।
चलते समय सारिका ने सबसे हाथ मिलाया और राजीव के हाथ को दबाते हुए मुस्कुरा कर थैंक्यू बोला।
राजीव जानबूझकर अपनी गाड़ी की चाभी काउंटर पर छोड़ गए जिसे सारिका ने देख भी लिया और राजीव का मकसद भी समझ गई।
इसीलिए वह बाहर नहीं गई और उन लोगों के बाहर जाते ही सेल्सगर्ल को पानी के गिलास रखने अंदर घर पर भेज दिया।
तभी राजीव पलट कर आये, सारिका ने उसे मुस्कुरा कर चाभी का गुच्छा दिया तो राजीव ने उसके गाल पर हाथ लगाते हुए बोला- यू आर लुकिंग गोरजियस!
सारिका ने बस यही कहा- शाम को इंतज़ार करुँगी।
शाम को 7 बजे राजीव आया, उसने लाल टीशर्ट और क्रीम कलर की पेंट पहनी थी।
सारिका ने तो आज गजब ढा रखा था, उसने एक वेस्टर्न डीप गले की बेकलेस फ्रॉक पहनी थी और लाल नेल पेंट उसके लुक को और सेक्सी कर रहे थे।
हालाँकि दीपक का दिन में दो-तीन बार फोन आया था पर उसने दीपक को नहीं कहा कि शाम को राजीव आएगा।
वो अपने मन से दीपक को धोखा नहीं देने चाह रही थी पर दिल था कि आज कुछ नया करने पर आमादा था।
राजीव अंदर ड्राइंग रूम में आये, सारिका ने ड्राइंग रूम को महका रखा था और लाइट डांस म्यूजिक चल रहा था।
लाइट डिम ही थी।
राजीव मुस्कुरा कर बैठे।
सारिका ने पूछा- क्या पियेंगे सॉफ्ट या व्हिस्की?
राजीव बोले- जिसमें तुम साथ दो!
सारिका बोली- मैं दोस्ती में तो अब तुम्हारे साथ हूँ।
वो हंसते हुए कोक ले आई।
राजीव ने अपने गिलास से पहले सारिका को सिप कराया फिर उसके लाल होंठों के बने निशान पर ही अपने होंठ लगा दिए और कोक पीने लगा।
सारिका ने अपना गिलास उठाया और उसने भी पहला सिप राजीव को कराया फिर उसने पीना शुरू किया।
राजीव ने सारिका को डांस के लिए हाथ बढ़ाया, सारिका और राजीव खड़े होकर डांस करने लगे।
राजीव का हाथ सारिका की नंगी पीठ पर मचल रहा था और सारिका के जिस्म की खुशबू उसे मदहोश कर रही थी।
वो अपने होंठों को सारिका के चेहरे के नजदीक लाया तो सारिका ने राजीव के सर के पीछे हाथ रख कर उसे अपनी ओर झुका लिया और दोनों के होंठ मिल गए।
आज तो कोई रोकने वाला भी नहीं था।
सारिका और राजीव की जीभ एक दूसरे से लिपटी हुई थी और राजीव के हाथ उसे अपने से जोर से चिपकाने का दबाव बना रहे थे।
सारिका को राजीव के लंड का दबाव भी महसूस हुआ।
राजीव का हाथ अब नीचे फिसल कर उसके हिप पर आ गया था और वो उसकी गोलाइयों को सहला रहा था।
सारिका ने भी दोनों हाथों से राजीव के चेहरे को पकड़ा हुआ था और उसके होंठ मजबूती से राजीव के होंठों से चिपके थे।
सारिका को जब राजीव का लंड ज्यादा दबाता महसूस हुआ तो उसने एक हाथ से उसके लंड को दबा दिया।
अब तो राजीव को ग्रीन सिग्नल मिल गया, उसने सारिका का फ्रॉक पीछे से उठा कर उसकी पैंटी के अंदर हाथ डाल कर उसके चूतड़ों को मसलना शुरू किया।
अब हालात बेकाबू हो रहे थे, राजीव ने सारिका को घुमा कर उसकी पीठ को अपनी ओर किया और अपने हाथ उसके गले से डाल कर आगे ले गया।
सारिका ने भी अपनी बाहें पीछे ले जाकर ऊपर कर के राजीव के सर के पीछे कर लिया।
अब राजीव ने अपना हाथ सारिका की फ्रॉक के अंदर ऊपर से कर दिया और उसकी ब्रा के अंदर हाथ डाल कर उसके निप्पल मसलने शुरु किये।
अब सारिका ने मुँह ऊपर करके राजीव के होंठ से होंठ मिला लिए थे।
राजीव ने अपना एक हाथ नीचे करके सारिका की फ्रॉक आगे से उठाई और उसकी पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया।
अब उसकी उंगलियाँ सारिका की चिकनी चूत की मालिश कर रही थी।
चूत गीली हो गई थी इसलिए राजीव की उंगली अब उसकी चूत के अंदर बाहर हो रही थी, दोनों के बदन में आग लगी हुई थी।
सारिका ने भी एक हाथ से राजीव का लंड उसकी पैंट के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया था।
सारिका पलटी और राजीव से जोर से चिपक गई।
राजीव ने सारिका की फ्रॉक उतारनी चाही पर सारिका छिटक कर हट गई।
उसका जमीर दीपक को धोखा देने को तैयार नहीं हो रहा था, उसने राजीव से जाने को कहा।
राजीव एक मिनट को तो भौंचक्का रह गया, पर उसे भी महसूस हुआ कि शायद उसका चले जाना ही उचित है, वो सॉरी बोलकर वाशरूम में जाकर अपने कपड़े ठीक करके जाने लगा।
इस बीच सारिका सोफे पर आँख बंद करके बैठी रही।
राजीव ने सारिका की फ्रॉक उतारने की कोशिश की तो उसने राजीव को चले जाने को कह दिया। राजीव भौंचक्का रह गया, वो सॉरी अपने कपड़े ठीक करके जाने लगा।
इस बीच सारिका सोफे पर आँख बंद करके बैठी रही।
तभी दीपक का फोन आया, वो हंस कर बोला- कहाँ हो… क्या राजीव के साथ डेट पर हो?
सारिका घबरा गई, बोली- क्या कह रहे हो तुम?
दीपक बोला- मैं तो मजाक कर रहा हूँ… वैसे तुम राजीव को बुला लो… मौज लो… तुम्हें अच्छा लगेगा तो मुझे कोई ऐतराज नहीं!
सारिका बोली- सब कहने की बात है!
इस पर दीपक बोला- मेरा विश्वास करो जानू, और लो राजीव को मैं ही भेज देता हूँ तुम्हारे पास!
सारिका बोली- नहीं, रहने दो!
और उसने किस करके फोन काट दिया।
राजीव भी जाने के लिए गेट पर पहुँच चुका था, वो एक सेकंड के लिए ठिठका, सारिका उसे एकटक देख रही थी।
वो पलटा और सारिका उससे दौड़ कर चिपट गई।
अब यह तूफ़ान रुकने वाला नहीं था, वो राजीव का हाथ पकड़ कर बेडरूम रूम में ले गई।
अंदर कामाग्नि, वासनामय माहौल, सुलगते बदन, कोई रोक टोक नहीं और सामने महकता बेड…
अब वही हुआ जो होना था!
सारिका ने राजीव की टीशर्ट उतार दी, बाकी काम तो राजीव ने कर दिया।
एक मिनट बाद दोनों नंगे चिपके खड़े थे,
सारिका का महकता दमकता चिकना बदन राजीव की मजबूत और बलिष्ठ बाँहों में कैद था उसका लंड सारिका की चूत से चूमाचाटी कर रहा था और दोनों की जीभ एक हो गई थी।
सारिका ने दीपक के बाद पहली बार किसी और का लंड महसूस किया था।
उसने एक हाथ नीचे करके राजीव के लंड को अपनी हथेली में ले लिया।
राजीव ने अपना मुंह नीचे कर के सारिका के मम्मे चूसने शुरू किये, फिर उसने सारिका को गोदी में उठाया, सारिका उसकी गर्दन में बाहें डाल कर झूल गई।
राजीव ने अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया, सारिका को जैसे करंट लगा वो और जोर से राजीव से लिपट गई।
राजीव उसे नीचे से धक्के देने लगा, सारिका तो पागल हो रही थी।
राजीव ने उसे धीरे से बेड पर लिटाया और नीचे होकर सारिका की चूत में अपनी जीभ कर दी।
सारिका की चूत से तो फव्वारा चूत गया… वो राजीव के लंड के लिए पागल हो रही थी.. दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।
सारिका ने राजीव का पूरा लंड मुह में ले लिया था और चूस कर राजीव की हालत ख़राब कर दी।
राजीव पलटा और सारिका के दोनों पैर अपने हाथों से चौड़े करके सारिका की चूत में अपना लंड पेल दिया।
सारिका चीखी पर राजीव की बढ़ती स्पीड और चूत से निकलने वाली आग ने उसे अपने हिप्स ऊपर करने को मजबूर कर दिया।
राजीव उसकी चुदाई के साथ उसके निप्पल भी मसल रहा था।
दोनों हांफ रहे थे और एक धमाके से राजीव ने सारिका की चूत को सफ़ेद मलाई से भर दिया।
दोनों निढाल होकर पड़ गए।
कुछ पल बाद जब तूफ़ान शांत हुआ तो राजीव ने देखा उसका मोबाइल बज रहा है… दीपक का फोन था।
दीपक बोला- पिछले बीस मिनट से फोन कर रहा हूँ, कहाँ था?
राजीव बोला- फोन गाड़ी में रह गया था, मैं मार्किट में हूँ।
दीपक ने उससे कहा कि वो सारिका के पास हो आये, वो घर पर अकेली है बोर हो रही होगा।
राजीव क्या बोलता, बोला- अच्छा देखता हूँ!
फोन रखा तो सारिका पीछे से उससे लिपट गई। दोनों नंगे बदन फिर कामाग्नि में दहकने लग गए थे।
सारिका ने पूछा- कॉफी लोगे?
राजीव के हाँ कहने पर सारिका ने फ्रॉक पहनी और किचन में गई, फटाफट कॉफ़ी बना लाई।
तब तक राजीव भी कपड़े पहन चुका था।
ड्राइंग रूम में आकर दोनों ने कॉफ़ी पी।
हालाँकि एक और ट्रिप का मूड बन गया था दोनों का… पर रात के दस बज रहे थे, ज्योति को क्या जवाब देना है, यह सोच कर राजीव उठ खड़ा हुआ।
एक बार दोनों फिर चिपक गए और ऐसे चिपके कि बरसों के बिछड़े हों।
सारिका ने राजीव के कान में फुसफुसा कर कहा- आज यहीं रुक जाओ!
चाहता तो राजीव भी था पर यह कैसे संभव था।
खैर राजीव बाहर निकला और सारिका ने भी घर लॉक किया और सीधे बाथरूम में घुस गई।
शावर का ठंडा पानी भी उसके बदन की गर्मी को शांत नहीं कर पा रहा था, अचानक उसका बाहर रखा मोबाइल बजा।
सारिका ने सोचा कि दीपक होगा तो वो केवल तौलिया लपेट कर मोबाइल सुनने लगी।
राजीव था, बोला- गेट खोलो!
मतलब राजीव वापिस आ गया था।
सारिका ने तौलिया लपेटे ही साइड होकर गेट खोला, राजीव अंदर आया और फिर दोनों लिपट गए।
राजीव बोला- मैंने ज्योति को बोल दिया है कि मेरी एक पार्टी बाहर से आई हुई है, रात को काफी लेट हो जाऊँगा।
सारिका ने राजीव की टीशर्ट और पैंट उतार दी, राजीव ने उसका टॉवल खींच दिया।
दोनों बाथरूम में गए और शावर के नीचे एक बदन हो गए।
राजीव ने सारिका के पूरे बदन पर शावर जेल लगाया और फिर स्क्रबर से रगड़ कर सारिका को नहलाया।
उसके मम्मों और चूत की अपने हाथों और उँगलियों से अच्छी मालिश की।
सारिका ने भी राजीव का लंड चूस कर उसे परेशान कर दिया।
राजीव ने सारिका की एक टांग बराबर में बाथटब पर रखी और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया।
ऊपर से शावर का पानी, नीचे चुदाई, जन्नत का मजा आ रहा था दोनों को!
पर लंड था कि ढीला होने को तैयार नहीं था।
सारिका ने राजीव से कहा- चलो, बेड पर चलो!
बदन पोंछ कर सारिका राजीव की कमर पर लटक गई और अपनी टांगें उसकी कमर पर लपेट लीं।
राजीव उसके हिप्स के नीचे अपनी हथेलियाँ लगा कर उसे बेड पर ले आया।
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बेड पर दोनों स्पून पोजीशन में लेट गए, दोनों ने एक दूसरे के गाल पकड़े हुए थे, सारिका ने अपनी एक टांग राजीव की टांग के ऊपर रखी हुई थी, राजीव ने अपनी एक टांग सारिका के इतनी नजदीक की हुई कि उसका लंड सारिका की चूत के ऊपर मचल रहा था।
राजीव ने अपना एक हाथ नीचे करके अपना लंड सारिका की चूत में घुसा दिया और धक्के देने लगा।
सारिका तो आज राजीव को खा जाना चाहती थी, वो राजीव के ऊपर चढ़ गई और उछल उछल कर राजीव को चोदने लगी।
वो जल्दी ही हांफने लगी तो राजीव ने उसे चिपका कर करवट बदल ली और सारिका को नीचे करके उसके ऊपर लेट गया और सारिका के सर और पैर की ओर ऊपर नीचे होता हुआ चुदाई करने लगा।
इसमें सारिका को चुदाई का असली मजा आया।
राजीव ने अपना माल छोड़ दिया, दोनों निढाल होकर चिपक कर लेट गए।
अब राजीव को जाना था, उसने कपड़े पहने और बाहर निकल गया।
सारिका नंगी ही सो गई।
सुबह 7 बजे सारिका की आँख खुली, बेड की हालत बता रही थी कि इस पर क्या हुआ है।
सारिका ने जल्दी से बेड शीट बदली, दो-तीन हैण्ड टॉवल नीचे पड़े थे जिनमें उसके और राजीव के सेक्स के सबूत थे, उनको धोकर डाला।
वो काम वाली के आने से पहले घर ठीक करना चाहती थी।
उसने और राजीव ने यह तय कर लिया था कि दीपक को यह कहना है कि राजीव 9 बजे करीब आया था और कॉफ़ी पीकर चला गया था।
यह सच है कि बेवफाई बहुत होशियार बना देती है।
दोपहर को ज्योति को आना था, सारिका ने टाइट जीन्स और टॉप पहने और छोले भटूरे की तैयारी कर के रख ली।
उसने एक फ्रूट बियर भी ठण्डी कर ली, पता नहीं ज्योति लेती होगी या नहीं।
दोपहर दो बजे करीब ज्योति आई, उसने लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहना था।
सारिका ने ज्योति को गले लगाने के साथ ही किस भी किया, जिसका ज्योति ने उतनी ही गर्मजोशी से जबाब भी दिया।
सारिका ने सेल्सगर्ल को लंच पर भेज दिया और लंच ब्रेक का बोर्ड लगाकर बुटीक बंद करके अंदर आ गई।
ज्योति ने उसके घर की तारीफ की और बेडरूम में बेतकल्लुफी से लेट गई।
सारिका उससे चिपट कर ही लेटी और उससे पूछा- क्या पीयेगी?
ज्योति बोली- कुछ भी..
सारिका बोली- बियर??
ज्योति हंसी, बोली- फ्रूट बियर ले लूंगी।
सारिका किचन से दो गिलास में कर के ले आई।
ज्योति बोली- दीपक ड्रिंक करते हैं क्या।
सारिका बोली- हाँ, कभी कभी, और मैं भी उनका साथ दे देती हूँ।
ज्योति बोली- यही स्थिति मेरी है।
सारिका उठी और व्हिस्की की बोतल ले आई और एक एक ढक्कन दोनों गिलास में टपका दी।
दोनों के बीच खुल कर अश्लील मजाक भी हो रहे थे।
अब दोनों को नशे का सुरुर भी हो गया था।
ज्योति ने अचानक सारिका के होंठ से अपने होंठ मिला दिए और दोनों एक दूसरे को चूमने लगी।
यह खुमारी और बढ़ती कि तभी दीपक का फोन आ गया, वो एयरपोर्ट से घर आ रहा था।
दोनों ने सब कुछ ठीक किया और सारिका ने किचन में जाकर फटाफट भटूरे सेके और दोनों ने लंच निबटाया।
दीपक आने को था इसलिए ज्योति फिर आने को बोलकर चली गई।
दीपक ने आते ही आँख मारकर पूछा- कैसा रहा?
तो सारिका बोली- क्या कैसा रहा?
‘कुछ नहीं!’
दीपक भी बैंक चला गया और सारिका की नींद पूरी नहीं हुई थी तो वो भी बुटीक सेल्स गर्ल पर छोड़ कर एक घंटा को सो ली।
शाम को दीपक 6 बजे तक आ गया, बोला- आज डिनर बाहर करेंगे।
सारिका ने जीन्स और शोर्ट टॉप पहना जो दीपक को बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें से दीपक को मम्मे मसलने में आसानी होती थी।
दोनों शहर के बाहर एक रिसोर्ट में बने रेस्तरां में गए।
यहाँ दीपक ने सारिका के लिए एक सरप्राइज रखा था।
वहाँ राजीव भी मौजूद था।
राजीव को देखते ही सारिका चौंक गई, बोली- तो यह बदमाशी है तुम्हारी?
खैर तीनों ने डिनर लिया।
बाहर आने पर गाड़ी में बैठते हुए देखा कि राजीव की गाड़ी पंक्चर है।
अब इस समय टायर बदलने का राजीव का मन नहीं था तो वो बोला- मैं टैक्सी से चला जाता हूँ, कल गाड़ी मंगा लूँगा।
दीपक बोला- टैक्सी से क्या जाओगे, आओ हम छोड़ देंगे।
राजीव पीछे बैठने लगा तो दीपक बोला- आगे ही बैठ लो, फ़ोर्चुनर में आगे काफी स्पेस है।
अब सारिका बीच में और दीपक और राजीव इधर उधर!
दीपक मस्ती में था, उसने चलती गाड़ी में सारिका के टॉप के अंदर हाथ डालना चाहा तो सारिका ने डाँट दिया- चुपचाप गाड़ी चलाओ।
दीपक राजीव को भी घर ले आया कि कॉफ़ी पीकर जाना।
सारिका काफी बनाने किचन में गई तो दीपक पीछे पीछे आ गया और उसके मम्मे मसलने लगा।
सारिका भी हॉट फील कर रही थी, बोली- राजीव को घर क्यों ले आये, चूत में आग लगी है, इसे भेजो तो मस्ती करेंगे।
इतना सुनते ही दीपक को जोश आ गया उसने जबरदस्ती सारिका की ब्रा निकाल दी और उसके मम्मे चूसने लगा।
बाहर से राजीव की आवाज आई- क्या मैं भी कॉफ़ी बनवाने में मदद करूं?
असल में वो एक बार किचन में झांक गया था और यहाँ का नजारा देख कर चुपचाप बाहर जाकर बैठ गया था।
दीपक ने सारिका को कहा- मैं जा रहा हूँ, तुम काफी लेकर आ जाओ! और हाँ, ब्रा पहन कर मत आना।
सारिका ने मना भी किया तो भी दीपक ने जिद करके सारिका को तैयार कर किया।
बाहर आकर दीपक और राजीव की हंसने की आवाज आ रही थी।
सारिका कॉफ़ी लेकर बहार आई, एक तो उसका टॉप शार्ट, ऊपर से बिना ब्रा.. निप्पल खड़े होकर साफ़ बता रहे थे कि अंदर कुछ पहना नहीं है।
पर अब सारिका को राजीव से भी क्या पर्दा था।
दोनों को कॉफ़ी देकर वो भी वहीं बैठ गई।
राजीव उसके निप्पल का उभार देख रहा था, दीपक ने उसे टोक दिया- क्यों भाई, नजर लगाएगा क्या?
राजीव झेंप गया।
सारिका दीपक और राजीव के लंड के उभार की ओर इशारा करके जोर से हंसी।
कॉफ़ी पीते पीते राजीव दीपक से बोला- जो तुम किचन में कर रहे थे, वो यहाँ करके दिखाओ तो मैं तुम दोनों को डिनर पार्टी दूंगा। दीपक बोला- डिनर पार्टी के बिना भी हम ऐसा कर सकते हैं।
सारिका उसकी नीयत जान गई और तेजी से अंदर जाने लगी तो दीपक ने बीच में पकड़ लिया।
उसने राजीव से कहा- जरा म्यूजिक लगा दो, हम दोनों आज सारिका का सैंडविच बनायेंगे।
डांस म्यूजिक चल गया, राजीव ने लाइट भी डिम कर दी और दीपक के पास आ गया जो सारिका को चिपकाये डांस कर रहा था।
दीपक ने राजीव को भी इशारा किया, वो भी सारिका के पीछे से आकर उसके कंधों को पकड़ कर उनका साथ देने लगा।
तीन जवान बदन जब नजदीक हों तो आग तो लगनी ही थी, सारिका ने बहुत कोशिश की अपने को संभालने की पर दीपक तो आज उसे लुटाने को तैयार था।
दीपक ने उसकी टॉप उठा कर उसके निप्पल चूसने शुरू कर दिए।
राजीव के हाथ भी उसके पेट पर लिपट गए थे, उसने सारिका की गर्दन को चूमना शुरू किया और सारिका के कान को जीभ से चूसा।
इसने सारिका को पागल कर दिया वो पलटी और अब उसके मम्मे राजीव के मुँह में थे।
दीपक ने सारिका की जीन्स खोल कर नीचे कर दी, जिसे सारिका ने भी पैरों से निकाल दी।
ऊपर राजीव ने उसका टॉप भी उतार फेंका।
अब सारिका केवल पेंटी में थी और दीपक भी अपने कपड़े उतार चुका था।
सारिका दीपक से चिपट गई और इस बीच राजीव भी नंगा हो गया और अब उसने सारिका की पैंटी भी उतार दी।
अब तीनों नंगे थे और दीपक और राजीव सारिका के मम्मों को चूस रहे थे।
राजीव ने एक उंगली सारिका की चूत में कर रखी थी।
दीपक अब सबको लेकर बेडरूम में गया और सारिका को बीच में लिटाकर दीपक ने तो सारिका के मुह में अपना लंड दे दिया और राजीव नीचे सारिका की चूत चूसने लगा।
अब सारिका भी बेकाबू हो रही थी, उसने राजीव के बाल खींचकर उसे ऊपर किया और अपने हाथ से उसका लंड अपनी चूत में कर लिया।
राजीव ने अपनी कल वाली स्टाइल में सारिका के दोनों पैर चौड़ा कर अपना लंड पूरा उसकी चूत में घुसेड़ दिया और तेजी से उसकी चुदाई करने लगा।
सारिका ने अपने हाथों से दीपक का लंड पकड़ कर मुठ मारना शुरू कर दिया था, पर उसका सारा ध्यान राजीव की चुदाई पर था और वो बोल रही थी- मजा आ गया… राजीव फाड़ दो मेरी चूत को… बना दो इसका भुरता… दीपक, तुम भी अंदर आ जाओ और दोनों मिलकर चुदाई करो मेरी!
दीपक को भी जोश आ गया और उसने राजीव को कहा कि वो नीचे लेट जाए और नीचे से सारिका की चूत में अपना लंड डाले।
सारिका पीठ के बल राजीव के ऊपर लेटी और राजीव ने अपना लंड सारिका की चूत में कर दिया।
अब दीपक ऊपर से आया और राजीव के लंड के साथ ही अपना लंड सारिका की चूत में घुसेड़ दिया।
सारिका चीखी- फाड़ दोगे मेरी..
पर धीरे धीरे दोनों लंडों ने चुदाई शुरू की और अब तीनों हांफ रहे थे।
दीपक ने बाहर आकर सारिका को पलट कर घोड़ी बनाया और पीछे से उसे चोदने लगा, आगे राजीव ने अपना लंड सारिका के मुँह में कर दिया।
दीपक ने अपना सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया तो राजीव ने वापिस सारिका को लिटा कर उसकी चुदाई शुरू की और उसने भी अपना माल सारिका की चूत में छोड़ दिया।
आज की रात तीनों की जिन्दगी में यादगार रात बन गई थी।
तभी राजीव ने देखा कि ज्योति की 10-12 मिस्ड कॉल हैं।
राजीव कपड़े पहन कर तुरंत ही चला गया।
