यह सुनते ही नीरज का लंड तम्बू बन जाता और कावेरी को मजेदार चुदाई मिल जाती।
अब उसकी और नीता की रोज ही फ़ोन पर बातें होतीं।
नीता के तो मजे आ रहे थे, उसकी सेटिंग सनी और रोमा से हो गई थी, अब सनी जब नीता के घर आता तो विकास के सामने ही दोनों चुदाई के अरमान पूरे करते…
और जब रोमा उसे घर बुलाती जो अक्सर मंगलवार को होता, क्योंकि मंगल को सनी की फैक्ट्री की छुट्टी रहती थी, उस दिन रोमा के घर पर ही, रोमा के उकसाने पर ही… रोमा के पति यानी सनी से नीता चुदाई क्लास लेती…
क्या प्लानिंग की थी नीता ने… अपने घर ग्रुप सेक्स के लिए उसका पति दूसरा लंड यानि सनी को बुलाता था और नीता नखरे दिखाकर सनी से चुदवाती थी और रोमा के घर ग्रुप सेक्स के लिए रोमा नीता को खुशामद करके बुलाती और अपने पति यानि सनी से उसे चुदवाती…
सनी और नीता की मौज हो रही थी कि उन्ही के पार्टनर उन्हें दूसरे से चुदवा रहे हैं।
अब न किसी का कोई डर था और न कोई चोरी!
हाँ, रोमा का बेटा वापस आ गया था तो बस उसके सोने का इंतज़ार करना पड़ता था रोमा, नीता और सनी को!
बल्कि कई बार तो नीता और सनी की मौज हो जाती और रोमा अपने बेटे को लेकर दूसरे कमरे में चली जाती और नीता रोमा के ही घर में रोमा की मौजूदगी में ही उसके पति से एकांत में चुदाई का खेल खेल लेती।
मजे की बात यह कि अगर रोमा का बेटा नहीं सो रहा होता और नीता अगर आने को मना भी करती तो अब रोमा को इसमें इतना मजा आने लगा था कि वो जिद करके नीता को बुला लेती और अपने बेटे को लेकर दूसरे कमरे में चली जाती और सनी और नीता को एकांत दे देती!
हाँ, तो बात चल रही थी कावेरी और नीरज की जिनकी चुदाई रंगीन हो चुकी थी जब से कावेरी नीता के पास से आई।
कावेरी कभी कभी बातों में नीरज को कह देती कि उसने एक दिन नीता की वेक्सिंग की और उसकी चूत देखी…
या नीता के मम्मी सोते समय दबा दिये…
या ऐसे ही कुछ भी… बस नीरज की चुदाई तेज हो जाती!
एक दिन कावेरी ने झूठ बोला कि शायद नीता और विकास अपने किसी फ्रेंड और उसकी वाइफ के साथ ग्रुप सेक्स करते हैं।
ऐसा उसने नीरज की ग्रुप सेक्स पर प्रतिक्रिया देखने के लिए कहा।
नीरज तो एक्साइटिड हो गया, बोला- काश, हमें भी कोई ऐसा दोस्त मिल जाये!
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
कावेरी के दिमाग में एक आईडिया आया कि उसकी सहेली सीमा, जिस पर कावेरी को शक था कि वो शहर में एक वाइफ स्वैपिंग क्लब है, जिसका नाम सैटरडे क्लब है, की मेम्बर है।
हालाँकि सीमा ने कभी इस बारे में हामी नहीं भरी थी पर अब ग्रुप सेक्स की चाहत में कावेरी ने यह ठान लिया कि वो सीमा से जानकारी ले लेगी।
अगले दिन सीमा से बात करके कावेरी ने सीमा के घर जाने का प्रोग्राम बनाया।
सीमा के घर जाने से पहले उसने एक बहुत सेक्सी ब्रा पेंटी सेट सीमा के लिए लिया और दुकान के लिफाफे की जगह एक गिफ्ट पेपर में रैप किया।
सीमा के घर जाकर वो सीमा के गले लगते बोली- सीमा, तेरे मम्मे तो बहुत बड़े हैं… क्या दीपक (सीमा का पति) से रोज चुसवाती हो? सीमा हंस पड़ी।
कावेरी ने अगला तीर मारा कि कोई राज जरूर है, तू अब बहुत सेक्सी नजर आती है, कोई भी लड़की हो, अपने को सेक्सी कहलाना हर किसी को पसंद होता है।
सीमा बस हंस कर रह गई और उसका हाथ पकड़ कर बेड पर बिठा लिया।
कावेरी तो आज जंग जीतने आई थी… उसने गिफ्ट पैक निकला और सीमा को दिया… सीमा को आश्चर्य हुआ कि ये क्या!
तो कावेरी ने कह दिया- अपने लिए लिया था तो एक तेरे लिए भी ले लिया… शायद तुझे अच्छा लगे!
सीमा ने जब पैक खोला तो वो शरमा कर हंस पड़ी क्योंकि उसके और कावेरी के बीच में इतना खुलापन पहले कभी नहीं था, पर आज की मॉडर्न सोसाइटी में ऐसे बदलाव कभी भी आ जाते हैं तो सीमा ने इसे एक्सेप्ट कर लिया और कावेरी को आश्चर्यचकित करते हुए उसे चूम लिया।
थोड़ी देर बाद इधर उधर की बात के बाद सीमा ने ऐसे ही पूछ लिया- और बता, क्या मौज हो रही है?
इस बार कावेरी ने अगली चाल सोच समझ के कर दी, वो बोली- क्या मौज सीमा… बस वो ही एक रूटीन लाइफ है. दिन भर काम, रात को खाना खाना और बिस्तर पर रूटीन सेक्स! अब तो इससे भी बोरियत होने लगी है कुछ नयापन नहीं है।
अब सीमा भी खुलने लग गई थी, बोली- तुझे क्या नयापन चाहिए?
आगे की स्टोरी आप कावेरी की जुबानी ही सुनिए :
जब सीमा ने पूछा कि क्या नयापन चाहिए, तो मैंने सोचा कि एकदम से पॉइंट पर नहीं आना है, मैंने कहा कि लाइफ में कुछ तो एक्साईटमेंट होना ही चाहिए।
मैंने अब उसे एक मनघड़ंत कहानी सुनाई कि मैं पिछले दिनों अपनी चचेरी बहन नीता के पास गई थी, वो लोग तो अपने दोस्तों के साथ खूब मस्ती करते हैं, उन्होंने एक फैमिली किटी बना रखी है, जिसमे लगभग एक ही ऐज ग्रुप के कपल्स हैं।
वो पंद्रह दिनों में एक बार मीटिंग करते हैं किसी के भी घर पर जहाँ फैमिली का इन्वोल्वेमेंट न हो, यानि बड़े लोगों का दखल न हो।
उस पार्टी में न तो कपड़ों की कोई पाबन्दी होती है, मतलब वो लोग घर से कुछ पहन कर आते हैं और पार्टी में ड्रेस बदल कर के कोई भी ड्रेस पहन लेते हैं…
वहाँ उनके बीच खूब अडल्ट जोक्स और मजाक होते हैं… कोई बुरा नहीं मानता… और भी पता नहीं क्या क्या … वो लोग खूब बेशर्मी करते हैं।
सीमा ने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनकी पार्टी मैं गई हूँ तो मैंने झूठ बोल दिया कि ‘हाँ, मैं गई थी पर उस दिन चूंकि मैं बाहर की थी तो उस दिन ऐसी वैसी कोई बात नहीं हुई पर फिर भी उनका खुलापन बहुत ज्यादा था.. मसलन एक दूसरे की बीवी के साथ डांस करना… डांस करते हुए गले लगा लेना या पीछे खुली पीठ पर हाथ सहलाना…
एक बार तो किसी ने जानबूझ कर लाइट भी बंद कर दी जो दो मिनट बाद खुली उस दो मिनट में चूमा चाटी की खूब आवाज आ रही थी पर मैंने लिहाज में नीता से कुछ पूछा नहीं।
पर उस रात मैं नीता और विकास के साथ ही सोई थी और जल्दी सोने का नाटक कर के सो गई।
उस रात नीता और विकास ने दो तीन बार चुदाई की।
सुबह नीता कह भी रही थी कि वो ये पार्टी शनिवार को इसीलिए करते हैं कि इतवार को सुबह उठने की कोई जल्दी न हो।
मैंने सीमा से कहा- चल हम भी कोई ऐसा ही क्लब यहाँ बना लें…
यह सुन कर सीमा बोली- पहले नीरज से पूछ ले, उसे कोई ऐतराज तो नहीं होगा? अगर किसी दूसरे मर्द ने उसकी बीवी को चूम लिया तो?
इस पर मैंने कहा- उसे क्यों ऐतराज होगा? उसकी बाँहों में भी तो किसी और की बीवी होगी।
सीमा बोली- चल सोच कर बताती हूँ!
मैं थोड़ी देर बाद वहाँ से आ गई।
रात को नीता ने मुझे एक सेक्सी वीडियो व्हाट्सएप्प किया जो मैंने सीमा को भी भेज दिया, जिसका जवाब सीमा का आया कि मजा आ गया देख कर!
दो दिन बाद सीमा का फोन आया कि आज वो और उसकी एक सहेली मूवी जा रहे हैं, मैं चलूंगी क्या?
मैंने हाँ कह दी…
मूवी कुछ हॉट थी और सीमा ने बॉक्स की टिकेट ली थी जहाँ हम तीनों ही थी।
मूवी में सीमा बीच में बैठी, मैं और उसकी सहेली रवीना इधर उधर बैठी।
अँधेरे मैं मैंने ऐसा महसूस किया कि सीमा ने रवीना की सलवार के अंदर हाथ डाला हुआ है, क्योंकि रवीना बैचैनी से हिल रही थी।
मैं भी गर्म हो रही थी, मैंने सीमा का हाथ अपने हाथ में ले लिया।
सीमा मेरा हाथ कस के पकड़े हुई थी।
अचानक सीमा ने अपना मुँह मेरी ओर किया और हम दोनों के होंठ मिल गए।
अब हमारा मूवी में बैठना भारी पड़ रहा था क्योंकि सिक्योरिटी वाला भी हर पंद्रह बीस मिनट में चक्कर मार जाता था।
हालाँकि वो गेट से झांक कर ही लौट जाता था।
अब सीमा ने अपनी उँगलियों की स्पीड बढ़ा दी थी और रवीना भी अब बेशर्मी से अपनी चूत मालिश करवा रही थी।
तभी इंटरवल हो गया, हम तीनों अपने कपड़े ठीक करके बाहर आकर कोल्ड ड्रिंक लेने लगीं।
सीमा ने कहा- कावेरी मिल रवीना से… अपने क्लब की नई मेम्बर…
मैंने पूछा- कौन सा क्लब?
तो सीमा बोली- कल घर आऊँगी तब बताऊँगी, आज तो तुझे सिर्फ रवीना से मिलवाना था।
अगले दिन सीमा दोपहर बाद आई… हम दोनों कमरे में अकेली थीं… मैंने मिडी पहनी हुई थी और उसके नीचे जान बूझ कर कुछ नहीं पहना था।
सीमा आज जीन्स टॉप में थी।
मैंने कमरे में आते ही उससे कहा- तेरा चुम्मा तो बहुत गर्म था!
सीमा बोली- ले एक बार और गर्म हो जा!
हम एक बार फिर होठों को मिला कर चिपक गई और जान बूझकर अपने मम्मों पर उसके हाथ लगने दिये जिससे उसे यह मालूम पड़ जाए कि मैंने नीचे कुछ नहीं पहना है।
मैंने अपने को उससे अलग कर के अपनी वार्डरॉब से एक बरमूडा उसको दिया- थोड़ी हल्की हो जा!
सीमा बाथरूम में गई और पांच मिनट बाद टॉप और बरमूडा में आ गई।
मैं इस बहाने से बाथरूम मैं गई कि मैं एक मिनट मैं फ्रेश होकर आई।
बाथरूम में मैंने देखा कि सीमा भी अपनी ब्रा पैंटी उतार गई है।
बाहर आकर मैंने पहले से तैयार रखा ढोकला और फ्रूट चाट निकाली।
खा पीकर हम लोग बेड पर अधलेटी हो गई।
मेरे बेड के बगल में ही प्लेबॉय मैगजीन रखी थी जिसमें लड़कों और लड़कियों की नंगी फोटो थीं।
सीमा मैगजीन देखकर बोली- तू ये सब पढ़ती है?
मैंने कहा- क्यों, क्या बुराई है? आ तुझे कुछ दिखाती हूँ!
मैंने अपने मोबाइल पर दो लेस्बियन लड़कियों की एक वीडियो लगा दी।
वीडियो देखते देखते हम दोनों के होंठ फिर मिल चुके थे और कपड़े उतर चुके थे।
हम दोनों ने एक दूसरे की चूत को 69 पोजीशन में चूसना शुरू कर दिया।
मैंने हाथ बढ़ा कर बेड की ड्रावर से अपना हेयर ब्रश निकला और उसके हैंडल से सीमा को चोदना शुरू कर दिया।
सीमा ने अपनी तीन उँगलियाँ मेरी चूत में घुसा दी और जोर जोर से मेरी चूत मालिश करने लगी।
मेरा तो फव्वारा छूट गया।
थक कर हम दोनों एक दूसरे की बाँहों में लेट गई।
शांत होने पर सीमा से मैंने क्लब के बारे में पूछा तो सीमा ने कहा कि उसे पहले मेरी एक नंगी फोटो लेनी है।
मैंने पूछा- क्यों?
तो वो बोली कि क्लब की गोपनीयता के लिए हम कपल्स की नंगी फोटो अपने पास रखते हैं ताकि कोई भी मेम्बर कभी बाहर जिक्र करके उन्हें बदनाम न करे! बाद में एक नंगी फोटो अपनी और नीरज की भी देनी होगी।
फोटो खींचने के बाद सीमा बोली कि उनका एक क्लब है जहाँ बारह कपल्स मेम्बर हैं, जो हर सैटरडे मिलते हैं और जोड़ीदार बदल कर सेक्स करते हैं और सीमा ने हमारा नाम उसकी मेम्बरशिप के लिए पास करा लिया है।
सीमा ने मुझे सख्त ताकीद की कि मैं या नीरज इस बात का जिक्र कहीं न करें।
इस बार सैटरडे को वो मेरी फोटो सभी मेम्बर को दिखाएगी और अगले सैटरडे से मैं और नीरज भी उनके मेम्बर हो जायेंगे।
मैं घबरा रही थी कि मेरी नंगी फोटो और सभी देखेंगे और कहीं हमें मेम्बरशिप नहीं मिली तो?
सीमा ने मेरा हाथ अपने हाथ में लेकर कहा- मुझ पर विश्वास करो!
और विश्वास के लिए उसने अपनी और रवीना की अपने पतियों के साथ नंगी फोटो मुझे दिखाई और ब्लूटूथ से मेरे मोबाइल में दे दी।
पर यह वादा लिया कि ये फोटो मैं नीरज को भी अगले शनिवार से पहले नहीं दिखाऊँ।
अगले शुक्रवार को सीमा ने मुझे मीटिंग की जगह और समय बता दिया, उसने मुझे बता दिया कि मैं और नीरज फॉर्मल ड्रेस में ही आयें और एक बेग मैं कोई भी शार्ट ड्रेस और दो तौलिये रख लायें।
कुछ और तैयारी भी उसने मुझे बताईं जो हमें करनी थीं जिनमें सबसे जरूरी था अपना मेडिकल चेक अप करवा कर उसकी रिपोर्ट साथ लाना!
मैंने नीरज को फोन करके यह खुशखबरी दी… वो बहुत खुश था।
नीरज शाम को जल्दी घर आ गया, हम अपना मेडिकल चेकअप करा आये, रिपोर्ट अगले दिन आनी थीं।
लौटते में मैं तो ब्यूटीपार्लर उतर गई और नीरज भी मेंस पार्लर चले गए।
पार्लर से लौटते मुझे तो रात हो गई क्योंकि पूरी बॉडी वेक्सिंग और फेशियल कराया था।
मन में धुक धुक हो रही थी पर तैयारी ऐसे हो रही थी कि पहली बार सुहागरात मन रही हो!
रात को मैंने और नीरज ने अपने यौनांगों के आस पास वेक्सिंग की।
मेरी चूत और नीरज का लंड चमक गए थे।
सोने से पहले मैंने और नीरज ने एक दूसरे की मालिश की और मालिश के दौरान ही नीरज ने अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया और वहीं खाली कर दिया।
मैंने उसके माल को तौलिये से पोंछा नहीं बल्कि अपने हाथों से अपने मम्मों पर मल लिया, बाकी चूत को नीरज ने चाट के साफ़ कर दिया, मैंने भी नीरज के लंड को चाट के साफ़ कर दिया।
अब कल की रात का इन्तजार था।
अगले दिन हम थोड़ा देर से सोकर उठ।
नीरज शाम को जल्दी आने की कह कर गए।
दोपहर को मैं चेक अप की रिपोर्ट भी ले आई थी और सीमा और रवीना का फोन भी आया था, उन्होंने मुझे नर्वस न होने को समझाया और कहा कि अगर वहाँ तुम्हें कोई परिचित भी मिल जाए तो परेशान न होना क्योंकि सभी अच्छे लोग हैं और इस बात का ख्याल रखते हैं कि कोई बात लीक न हो जाए! और अगर मुझे घबराहट हो तो पहली बार ग्रुप सेक्स के दौरान मैं नीरज के साथ ही कर लूँ!
अब उन्हें कौन समझाए कि मेरी चूत तो नए नए लंडों के लिए तड़फ रही है।
शाम को मैंने नहाकर पूरी बॉडी पर गुलाब का स्प्रे किया ख़ास कर चूत के आसपास और हल्का मेकअप करके तैयार हुई।
नीरज भी बहुत उत्साहित उत्तेजित था।
हम लोग खाना खाकर रात 8 बजे होटल पहुँच गए।
वहाँ एक सुईट बुक था।
हमें कमरे के बाहर ही रवीना मिली और उसने हमें दो मास्क पहनने को दिये।
कमरे में म्यूजिक चल रहा था और सभी ने मास्क पहन रखे थे, किसी किसी ने उतार भी दिया था पर सब लोग हंसी मजाक कर रहे थे।
हमारे घुसते ही सब खड़े हो गए और हमारा गर्म जोशी से स्वागत किया, मुझे और नीरज को सभी ने गले लगाया और सॉफ्ट किस किया।
सभी 30 साल के अन्दर के ही थे।
एक लेडी जो स्कर्ट पहने थी और उसकी हाथों में मंहगी हीरे की अगूंठी थी, उसने मुझे अपने पास बिठाया और ड्रिंक दी।
मैं भी स्कर्ट टॉप में थी तो उसने मेरी जगहों पर हाथ रख कर कहा- ग्लोइंग ब्यूटी…
मुझे उसकी आवाज बहुत अच्छी लगी।
तभी एक और लड़की नीरज के पास गई और उसके गाल मसल कर बोली- हाय हैण्डसम… क्यों शर्माता है… अभी कपड़ों के साथ शर्म भी उतर जाएगी!
सब हंस पड़े…
तभी सीमा ने एनाउंस किया कि अगर सभी कम्फर्ट फील कर रहे हों तो अपने अपने मास्क उतार दें!
मुझे डर सा लगा पर नीरज मेरे पास आया और मेरा और अपना मास्क उतार दिया।
अब सभी ने अपने अपने मास्क उतार दिये थे।
थैंक्स गॉड, हमारी पहचान का कोई नहीं था!
पर सभी सुंदर से थे और बहुत साफ़ सुथरे थे।
अब कमरे में डांस का म्यूजिक चल गया था और रोशनी बहुत धीमी हो गई थी, सभी कपल्स डांस में लग गए, सभी चिपक कर डांस कर रहे थे।
दो मिनट के बाद ही सबने डांस करते करते ही अपने पार्टनर बदल कर लिए।
मैं भी अब किसी और नौजवान की बाँहों में थी और वो ही गोरी सी लड़की नीरज को चूम रही थी।
मेरे पार्टनर ने मुझसे मेरा नाम पूछा और अपना नाम गोपाल बताया।
मैंने हंस कर कहा- मैं तुम्हारी राधा!
सीमा ने मुझे पहले ही बता दिया था कि अपनी पहचान किसी को नहीं बताना।
गोपाल ने मेरी पीठ सहलानी शुरू कर दी थी और मुझे अपने से चिपका लिया था।
घूमते घूमते उसने अपने हाथ मेरे गालों पर रख लिए… मैंने भी अपनी बाहें उसके कन्धों पर रखीं हुई थी।
मैंने नजर घुमा कर देखा तो लगभग सभी जोड़े होंठों से जुड़े हुए थे… गोपाल देर कर रहा था, शायद वो मुझे मानसिक रूप से तैयारी का समय दे रहा था।
उसने धीरे से मेरे होंठों को चूमा, मुझे अच्छा लगा, मैंने भी अपने हाथ उसके सर की पीछे ले जाकर उसे अपनी ओर झुकाया और हमारे लब मिल गए।
उसके मुख से पीपरमेंट की खुशबू आ रही थी।
हम अलग होकर गले लगकर डांस करने लगे।
मेरी निगाहें नीरज को ढूंढ रहीं थीं।
मैंने देखा कि नीरज और वो लड़की डांस फ्लोर से हटकर एक सोफे पर चूमा चाटी कर रहे हैं।
मुझे मालूम था कि नीरज ने अब तक उसके मम्मे मसल लिए होंगे।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!
मैंने गोपाल के कान के पास काट लिया, गोपाल सिहर उठा और अब उसने मुझे अपने आगे कर लिया और मेरे गले से अपनी बाहें मेरे आगे लेकर डांस करने लगा।
मैंने आगे से उसको पकड़ा हुआ था।
गोपाल ने धीरे धीरे अपने हाथ ऊपर किया और अब उसके हाथ मेरे मम्मे छू रहे थे। फिर उसने मेरे उभारों को दबाना शुरू कर दिया। मुझे अच्छा लग रहा था और मैं अपने को पीछे धकेल रही थी।
गोपाल ने अचानक अपना एक हाथ मेरे टॉप के अंदर कर के ब्रा के अंदर कर दिया। अब वो मेरे निप्पल बहुत प्यार से दबा रहा था।
मेरा भी एक हाथ पीछे चला गया और उसकी जीन्स के ऊपर से ही मैं उसका लंड दबाने लगी।
धीरे धीरे म्यूजिक बंद हो रहा था और कमरे में लाइट हो गई हम सब अलग होकर ड्रिंक काउंटर पर गए और अपनी अपनी पसंद की ड्रिंक ली।
नीरज मेरे पास आया और मुझे चूमकर बोला- बहुत अच्छा लग रहा है!
अब सीमा ने एनाउंस किया कि सभी लोग ड्रेस चेंज कर लें और बराबर वाले हॉल में आ जाएँ।
लाइट बहुत धीमी कर दी गई और हमने वहीं अपने कपड़े बदल लिए।
अब मैं एक बहुत सेक्सी शॉर्ट्स टॉप में थी… नीरज ने तो केवल बरमूडा पहना।
हम हाथ में हाथ लिए बराबर के हॉल में गए जहाँ बहुत सेक्सी म्यूजिक चल रहा था और पूरे में गद्दे बिछे थे।
सभी कपल्स अपने अपने पार्टनर्स के साथ थे।
अब लेडीज और जेंट्स को आमने सामने खड़ा होना था।
रोशनी बिल्कुल मंदी कर दी गई कुछ भी पहचाना नहीं जा सकता था।
अब सबको यह मौका दिया गया कि अगर वो ग्रुप सेक्स की शुरुआत अपने पसंद के पार्टनर्स के साथ करना चाहें तो वो उन्हें ढूंढ लें।
मेरा दिल तो गोपाल को ही चाह रहा था… सभी लोग अंधेरे में ही एक दूसरे को टटोल रहे थे, मैंने भी दो चार के लंड दबाये और चार छह ने मेरे मम्मे दबाये… एक ने तो चूमा भी!
मुझे एक आवाज आई- कहाँ है मेरी राधा?
मैं भागी उस तरफ और सीधी गई गोपाल की बाँहों में…
गिरते गिरते बची और गोपाल का लंड पकड़ लिया और जोर से दबाया।
मुझे ख़ुशी थी उसे पाने की… हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे को चूम रहे थे।
गोपाल मुझे चिपकाये हुए ही एक कोने में ले गया और हम प्यार में लग गए।
चारों ओर वासना और सेक्स का खेल चल रहा था, हमारे बराबर में जो कपल था उसमें आदमी उर लड़की के मम्मे चूस रहा था और दूसरी तरफ वाले कपल में लड़की आदमी का लंड चूस रही थी।
मैं भी नीचे झुकी और गोपाल का लंड अपने मुँह में ले लिया।
मोटा लंड था गोपाल का… चूसने से गोपाल उत्तेजित हो गया था और उसने मेरे बाल खींचने शुरू कर दिये थे।
तभी बराबर वाली लड़की जिसके मम्मे चूसे जा रहे थे, ने सरक कर गोपाल का हाथ पकड़ लिया और दोनों के होंठ मिल गए. पर गोपाल मेरा प्यासा था।
मैंने जैसे ही उसका लंड मुख से निकाला, वो नीचे झुका और मेरी स्कर्ट उठा कर मेरी चूत चूसना शुरू कर दिया।
मैं लेट गई और गोपाल मेरी चूत चूसता रहा।
पता नहीं कहाँ से एक लंड मेरे मुँह में आ गया।
आदमी भी लम्बा था और उसका लंड भी पतला पर लम्बा था।
मैंने हाथ से पकड़ के उसे चूसना शुरू किया, उसकी साथी लड़की मेरे मम्मे चूसने लगी।
मेरे लिए बड़ा सेक्सी अनुभव था कि मेरी चूत, मुँह और मम्में तीनों मजे ले रहे थे।
अब गोपाल ने चूत से अपना मुँह हटाया और अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया।
मैं चीख पड़ी… गोपाल ने एक ही झटके मैं पूरा घुसा दिया था।
गोपाल की रफ़्तार बढ़ती गई और मेरे मजे बढ़ते गए, मेरे मुंह से लंड हट चुका था और लड़की भी चली गई थी।
हमारे साथ वाला कपल भी लेट कर चुदाई कर रहा था।
मैंने देखा तो वो तो रवीना थी।
मैंने उसके मम्मों पर हाथ लगाया और उन्हें मसल दिया… उसके पार्टनर ने मेरे मम्मे पकड़ लिए।
अब गोपाल ने मुझे घोड़ी बनने को कहा और पीछे से मेरी चूत में अपना लंड डाला।
रवीना और उसका पार्टनर सरक कर हमारे पास आ गए, रवीना तो मेरी टांगों के बीच से सरक कर मेरे नीचे आ गई अब उसकी चूत और मेरी चूत ऊपर नीचे थी और उसके पार्टनर ने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया।
गोपाल भी बीच बीच में अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर रवीना की चूत मे डालने लगा। एक बार जैसे ही मेरी चूत खाली हुई, मेरे मुँह वाले लंड ने मुझे पलट कर मेरी चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया।
इस लंड ने तो मजा दे दिया… लम्बा लंड था और स्पीड तो उसकी बुलेट ट्रेन जैसी थी, दो मिनट के घमासान के बाद उसने अपना सारा माल मेरे अंदर ही छोड़ दिया।
मेरे पास एक हैण्ड टॉवल था, मैंने उससे अपनी चूत साफ़ की।
मेरी चूत की आग अभी लगी हुई थी।
गोपाल रवीना के ऊपर चढ़ा हुआ था।
मैं पलटी खाकर बराबर वाले कपल के पास चली गई जो 69 पोजीशन में चुसाई कर रहे थे।
जब उस आदमी ने बराबर में मुझे देखा तो वो मेरी चूत में उंगली करने लगा.. उसे इतना मजा आया कि वो उस लड़की को छोड़ कर मुझे चूमने लगा।
मैं उसके ऊपर चढ़ कर लेट गई और हमारी जीभ एक दूसरे के मुँह में ही थी।
मैंने अपना हाथ नीचे करके उसका लंड अपनी चूत में कर लिया।
अब वो भी जोश में आ गया और मुझे उठा उठा कर धक्के देने लगा।
दो नंगे बदन, दोनों एक दूसरे से अपरिचित पर चूत और लंड को पहचान जरुरी नहीं होती!
सच जन्नत का मजा आ रहा था।
तभी मैंने अपने ऊपर किसी का हाथ और फिर अपनी गांड पर किसी दूसरे का लंड महसूस किया।
मैं समझ गई कि कोई मेरी गांड मारना चाहता है।
मैं इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी इसलिए मैं झटके से पलट गई और मेरी चूत से पहले वाला लंड निकल गया पर पीछे वाले ने बिना एक सेकंड देर किये मेरी चूत में अपना लंड ठोक दिया।
इसका तो अंदाज़ ही निराला था, इसने मेरी टांगें अपने कंधे पर रखी और मेरे निप्पल चूसते हुए मुझे चोदने लगा।
स्पीड इतनी बढ़ा दी कि मेरी चूत भी वाह वाह करने लगी और मैं और वो दोनों एक साथ आये और निढाल हो कर ऐसे पड़ गए जैसे सुहागरात पर मैं और नीरज!
तभी एक घंटी बजी, मेरे पार्टनर ने कहा- घर जाने का टाइम हो गया। अगले पांच मिनट में अपने अपने कपड़े ढूंढ लो और पहन कर बराबर वाले हॉल में आ जाओ।
मैंने अपने कपड़े ढूंढे और वाशरूम में जाकर अपने को ठीक करके बराबर के कमरे में आ गई।
सभी खुश और आपस में मजाक कर रहे थे।
नीरज मेरे पास आया, उसके पास हमारा कपड़ों वाला बैग था।
फिर रोशनी धीमी हो गई और हम सभी ने कपड़े बदल लिए और होटल से बाहर आ गए।
घर पहुँच कर हम लोगों ने शावर लिया।
बेड पर नीरज मुझे बहुत देर तक चूमता रहा।
हमने ऐसा अनोखा अनुभव जिन्दगी में पहली बार किया था और हम बहुत खुश थे।
अब इंतजार था तो अगले सैटरडे का!
मैं यह अनुभव से कह सकती हूँ कि अगर पति पत्नी दोनों की स्वीकृति हो तो ग्रुप सेक्स या पार्टनर्स बदल कर सेक्स दुनिया की सबसे आनन्ददायक चीज़ है।
