बीवी के कारनामे 3

बीवी की सहेली की चुदाई

आज की रात मेरे लिए मेरे लिए बड़ी बेताबी की रात होने वाली थी,काजल ने प्यारे को कह रखा था कि मेरे सोने के बाद वो उसके रूम में आएगी,मतलब था मुझे कुछ भी दिखाई नही देने वाला था ,

काजल रात में थोड़ी सुस्त दिखी,

“क्या हुआ जान,आज बड़ी सुस्त लग रही ही,काम से थक गई हो लगता है,”

मैने उसे अपने ऊपर खिंचते हुए कहा…वो मेरी बांहो में मचल कर समा गई..

“हा जान काम बहुत हो जा रहा है,इतना काम करने की आदत नही है मुझे…दिन भर काम करने वालो से कचकच,भला हो रॉकी का वो पूरा दौड़भाग के काम सम्हाल लेता है वरना मैं अकेली तो …..उफ्फ्फ जल्दी से होटल बन कर तैयार हो जाय तो थोड़ा आराम आएगा”

काजल मेरे सीने में मचलने लगी,मैं उसके होठो को अपने उंगलियों से सहलाते हुए एक उंगली उसके मुह में डाल दिया वो हल्के से उसे चूसने लगी,

मेरी काजल बला की खूबसूरती, हर एक अंग जैसे बड़ी मेहनत से तराशा गया हो,होठो पर प्यारी ही मुस्कान और आंखों में बेपनाह प्यार, उसके नजरो की नजाकत से ही दिल मे एक सुकून भर जाता था,

उसने अपनी मदभरे नयनो से मुझे देखा, इतनी चाहत इतना प्यार….

मैं उसे देखकर खुद को रोक ही नही पाया,और उसके आंखों पर अपने होठो को रख दिया,उसके चेहरे की मुस्कान और भी गहरा गयी..और वो फिर से मचलती हुई मेरे सीने से लग गयी…

आज मैं इससे ज्यादा बढ़ना भी नही चाहता था बस चाहता था कि उसे महसूस करू, अपनी रूह तक उसकी कोमलता को पहुचने दु…उसके कोमल अंगों को बस हल्के हाथों से सहला रहा था,और वो भी मेरे सीने में सर रखे बस सो रही थी ,मैंने भी अपनी आंखें बंद कर ली और अपने हाथों को उसके शरीर से लिपटा कर गहरी सांसे ले अपनी जान को महसूस करने लगा…ना जाने कब हम दोनों ही नींद के आगोश में चले गए थे..

जब नींद खुली तो सुबह हो चुकी थी काजल अब भी उसी तरह मेरे ऊपर लेती हुई थी मैं फिर से उसे निहारने लगा,वो सौंदर्य की प्रतिमा सोते हुए भी इतनी प्यारी लग रही थी….

अचानक मुझे याद आया कि उसे तो प्यारे ने अपने कमरे में बुलाया था,मैंने फिर काजल को देखा उसके शरीर से कपड़ो से ऐसे तो लग ही नही रहा था कि वो यहां से कही भी गयी हो…

एक अनजानी सी खुशी ने मुझे घेर लिया,पर साथ ही एक अनजाना से दुख भी था…

मैंने पास पड़े अपने मोबाइल को चेक किया ,और उससे ही काजल का मोबाइल एक्सेस किया,प्यारे रात भर काजल को आने के मैसेज किया था,साथ ही अपना दुखड़ा रोना और काजल को इमोशनल ब्लैकमेल करने की पूरी कोसिस उसने अपने तरफ से की थी,मुझे पता था कि जब काजल इसे पड़ेगी तो उसे अपने सो जाने पर थोड़ा पछतावा होगा ,फिर भी मुझे प्यारे पर हँसी आ रही थी ,मैं काजल को युही सोता हुआ छोड़कर जॉगिंग के लिए निकल पड़ा…कई दिनों से मैं गार्डन भी नही गया था,आज मन भी खुश था और नींद भी जल्दी ही खुल गयी थी,मैं जल्दी से तैयार हुआ और जाने से पहले मेरे दिमाग मे एक बात आई,मैंने बहुत खोजबीन कर कुछ सॉफ्टवेयर का पता लगाया था उसमें एक से मैं कही से भी अपने लेपटॉप को wifi के जरिये से एक्सेस कर सकता था,मेरे लिए एक जासूसी जैसे ही थी कि मैं लेपटॉप में एक हिडन वीडियो रेकॉर्डर इंस्टॉल कर उसे प्ले कर देता और उसे कही से भी बैठकर देखता पर उसकी अभी तक जरूरत ही नही पड़ रही थी,आज मैं उसे टेस्ट करने की सोची और लेपटॉप को खोलकर ऐसे सेट किया कि सोती हुई काजल के चहरे और सीने तक का हिस्सा मुझे क्लियर दिखे, मैं रेकॉर्डर चला कर वहाँ से चल दिया,घर से निकलकर चेक किया तो खुश हो गया मुझे काजल का सोता हुआ मासूम से चेहरा दिखाने लगा था,मैंने अपनी जोगिग शुरू कर दी….

लगभग आधे घंटे बाद जब मैं रुका मैं गार्डन में था और मेरी गार्डन वाली काजल (पेड़) मेरे सामने थी ,मैंने उसे बड़े प्यार से छुआ ना जाने को से वो लोग थे जो इस बेजुबान पेड़ को भी नही बक्शते इसे भी पत्थरो से कई जगह पर छिल डाला था,कोई अपना नाम लिखा था तो कोई अपने सनम का नाम..मुझे थोड़ी उदासी हुई पर वो थोड़ी बड़ी लग रही थी,मैं पास ही बैठकर आराम करने लगा,मुझे इस काजल(पेड़) को देखकर अपनी काजल की याद आ गयी मैंने सोचा चलो देखते है मेरी काजल क्या कर रही है,मैं अपना मोब लिए देखने लगा,,

काजल पीठ के बल लेटी हुई थी उसकी आंखें अब भी बंद थी,मैं उसके साइड में रखे लेपटॉप के कैमरे से उसे देख पा रहा था,इसलिए बस एक तरफ का चेहरा ही मुझे दिखाई दे रहा था,मुझे उसे देखकर बड़ा प्यार आया ,पर ये क्या उसके बाल तो बिखरे हुए थे,मेरा माथा ठनका,मैंने ध्यान से देखा तो समझते देर नही लगी कि किसी ने अभी अभी उसे अच्छे से मसाला है,उसने अभी भी रात वाली सलवार सूट ही पहनी थी,थोड़ी ढीली ढाली सी ,उसके उजोरो की चोटी उसके सूट से ही थोड़े थोड़े झांक रहे थे ,और किसी के बुरी तरह से मसलने से बनी उसकी सिलवटे साफ दिखाई दे रही थी,

अचानक ही देखते ही देखते काजल का मुह खुला,मुझे कोई ऑडियो तो सुनाई नही दे रही थी पर ये एक्सप्रेशन शायद ही कोई मर्द पहचान ना पाए,हा लिंग के किसी के अंदर घुसने से बना एक्सप्रेशन… वो हल्के से मुह का खुल जाना… मुह के खुलते ही उसका शरीर भी थोड़ा ऊपर को हुआ और फिर से अपनी जगह पर आ गया,मुझे बस काजल के उरोरो तक ही दिख रहा था,शायद वो थोड़ी और नीचे हुई थी,ये सोचकर ही मेरा खून खोल गया कि क्या वो प्यारे है,मैं इंतजार कर रहा था कि शायद वो उसके होठो का रस चूसने नीचे आये और उसका चेहरा मेरे सामने होगा ,पर ये क्या काजल को ही उठा लिया ,शायद उसके कमर में हाथ डालकर उसे उठाया था ,मुझे उसके हाथ भी दिखाई नही दिए,मैं मजबूर से देख रहा था,कभी कभी काजल के बाल दिख जाते जब वो थोड़ी नीचे हुई तो लगा जैसे उसे कोई किस कर रहा हो काजल बिस्तर में बैठी थी उसके बाल और थोड़े से उसके चेहरे का हिस्सा मुझे दिखाई दे रहा था,साथ ही उसका हाथ भी बिस्तर पर सहारे की तरह रखा था कभी कभी वो ऊपर नीचे होती पर दोनो ही एक दूजे के होठो के रसपान में ही व्यस्त थे,फिर काजल नीचे सोई इसबार उसका चेहरा कैमरे की तरफ घुमा था,आंखे बंद थी और शरीर जल्दी जल्दी *ऊपर नीचे होने लगा था,काजल ने अपने होठो को अपने दांतों में दबा रखा था,उसके हाथ अपने चेहरे पर जाते तो कभी आगे बढ जाते जैसे वो उसे जोर से धक्के देने से रोक रही हो….

उसके चेहरे पर उत्तेजना के भाव साफ दिख रहे थे,माथे पर पसीने की कुछ बूंदे आ रही थी,काश मैं उसकी आवाज भी सुन पता जरूर वो साल उसे कुछ कह रहा होगा,तभी एक मजबूत सा हाथ मेरी नजर में आया,जो सीधे काजल के गले से होता हुआ अपना हाथ उसकी कमीज के अंदर घुसा दिया,साला मैं जान के स्तनों को इतने बेरहमी से मसल रहा था,काजल जरूर जोरो से आहे भर रही होगी उसके होठ खुले हुए थे और मैं उसे महसूस कर पा रहा था,उसने अपना हाथ बाहर निकाला और अब वो अपने हाथ के सहारे काजल पर झुक गया,उसके दोनों हाथ काजल के दोनो ओर थे साला मेरी बीवी को पूरे जोर में चोदने की तैयारी कर रहा था,

मैं उस हाथ को फिर से देखा उसने तो घड़ी पहन रखी थी,मेरा दिमाग खटका इतनी महंगी घड़ी प्यारे कि तो नही हो सकती….तो फिर कौन….

मेरे दिमाग की हवाइयां उड़ गई मैं उसे जल्दी से बंद किया और घर की तरफ भागा… अब कितना भी तेज भागु 15 मिनट तो लगेंगे ही,टैब तक तो साले अपना काम पूरा कर चुके होंगे पर मैं भागा, धड़कने तो ऐसे भी तेज थी मैं शायद ही जिंदगी ने कभी इतना तेज भागा था,पता नही क्या सुरूर से चढ़ गया था मेरे अंदर ….

जब मैं अपने क्वाटर में पहुँचा तब तक मेरी हालत पूरी तरह से खराब थी मेरी धड़कने ऐसे चल रही थी जैसे राजधानी एक्सप्रेस, लग रहा था अब मार तब मारा, बाहर का गेट मैं खोलकर ही गया था पर अभी ये अंदर से बंद था,अंदर देखा तो रॉकी की गाड़ी खड़ी थी

मादरचोद ये क्या है,ये तो अभी अभी लाइन मरना शुरू किया था,और आज …यर काजल है क्या सेक्स मशीन इतनी जल्दी तो रंडी भी सौदा फिक्स नही करती…मैं अपना हाथ अंदर डाल कर गेट खोला ,प्यारे के रूम की तरफ देखा वो बंद था,इस मादरचोद को क्या हो गया जो अभी तक नही उठा है,मैंने मैन में ही कहा,मेरे सरकारी पुराने लोहे के गेट ने मेरी आने की सूचना शायद अंदर तक दे दी हो,इतना आवाज करता था कि कोई भी समझ जाएं, मैं अंदर गया तो रॉकी को सोफे में बैठा पाया,उसने पहली नजर में मुझे ऐसे देखा जैसे साल मार ही डालेगा,शायद मैंने जल्दी आके उसका खेल बिगड़ दिया था,15 मिनट तो दिए थे इनलोगो को अब क्या दिन भर इनके लिए बाहर रहू… मैं फिर मन मे सोचा,

लेकिन रॉकी ने अपने एक्सप्रेशन तुरंत बदले और उठकर मुझसे हाथ मिलाया,मैं भी अपने होठों पर झूठे एक्सप्रेशन लाने में कामयाब रहा,

“आज इतने जल्दी”

“हा सर वो आज एक क्लाइंट के साथ मीटिंग है ,कल मैंने काजल को मैसेज किया था पर वो रिप्लाई ही नही की,इसलिए आज जल्दी आ गया,”

“ओह ओक्के, काजल कहाँ है,”

“वो तैयार हो रही है,आप रोज दौड़ने जाते है,its गुड फ़ॉर हेल्थ “

मेरी तो सांसे ही थोड़ी देर ले लिए रुक गयी ,मादरचोद रोज मेरी बीवी को सुबह सुबह चोदना चाहता है क्या,लेकिन मैंने सम्हल के कहा ,

“नही आज जल्दी उठ गया था तो सोचा कि चलो”

“बढ़िया किये सर कभी कभी सुबह उठकर दौड़ना चाहिए”

रॉकी के चहरे में एक मुस्कान आ गयी,और मैं सब जानते हुए भी अनजान बने उससे इजाजत लेकर अपने कमरे में चला गया…

काजल के जाने के बाद मुझे फिर से अपना मोबाइल देखना ही व्यर्थ लगा,कुछ दिल में टूट सा गया था,क्या था मुझे नही पता,मेरे ही बिस्तर पर मेरी ही पत्नी इतनी सुबह मेरी गैरमौजूदगी में…..जो हुआ मुझे इससे दुख तो नही हुआ पर मेरे लिए ये किसी भी प्रकार की खुशी भी नही थी,मुझे लगा था की काजल कम से कम पटने में तो समय लेगी पर ये जानना बड़ा ही आश्चर्यजनक था की कल तक जिस रॉकी उसे पटा रहा था आज वो उसके साथ ऐसी हरकत…..

शायद वो प्यारे के साथ वो सब करती तो मुझे उतना अजीब नही लगता,

एक नवजवान से लड़का जो मुझे सर सर कह कर पुकारता है ,मादरचोद मेरी ही बीवी को मेरे ही बिस्तर पर चोद कर चला गया,वो भी सिर्फ एक दिन उसकी तारीफ करके,

माथा तो खनक गया था पर शायद काजल इतनी भी जल्दी पटने वाली लड़की नही थी,शायद वो काजल को तब से पटा रहा हो जब से मैं उसे नही जानता,ऐसे भी काजल के भैया उसके जान पहचान के थे……ह्म्म्म हो तो सकता है ,या नही भी चलो जो भी हो मेरी बीवी ने तो अपने कारनामे दिखा ही दिए और वो मेरे ही जानने वाले दो मर्दो से चुद चुकी थी तो अब डर कहे का,साला अब कहे की शर्म हाय ,वो मस्ती करे तो मैं पीछे क्यो रहू,तो क्या उसे दुसरो से चुदते हुए देखना ही मेरी मस्ती है,…………..मेरे दिमाग ने एक लहर सी उठी नही यार क्यो न मैं भी किसी को ट्राय करू.पर किसे….

मैं जिनको जानता था उनमे से कोई भी ऐसा नही था जिसे मैं ट्राय कर सकू…सभी या तो बहुत ही बदसूरत सी अधेड़ औरते थी या तो बहुत ही छोटी थी जिन्हें पटाना मेरे दिल को गवाही नही दे रहा था,तो फिर किसे मैंने अपना मीटर घुमाया,एक लड़की मेरे लायक थी,रघु की बीवी
नही यार……….

हा ना यार…………

अरे नही यार इतना भी स्टैंडर मत गिरा………..

अबे मादरचोद जब तेरी बीवी एक नॉकर से चुद सकती है तो तू अपने ड्राइवर की बीवी को क्यो नही चोद सकता……….

हम्म्म्म……..

मैं मन में ही अपने से बातें करने लगा,

तो क्या मैं सच में ऐसा कर सकता हु……..

क्यो नही…….

लेकिन मैं तो काजल से प्यार करता हु ना……..

पर साले वो भी तो तुझसे प्यार करती है न पर वो भी तो …………..

पर उसकी तो मजबूरी है ना………

तो रे मादरचोद तू कौनसा तीसमारखाँ है,तेरी बीवी को दूसरे पटक पटक के चोद रहे है और तू यहां शराफत दिखा रहा है,स्टैंडर की बात कर रहा है,क्या इतनी मजबूरी काफी नही है की तू भी बाहर किसी से एन्जॉय करे ज्यादा नही, देगी तो ले लेना नही तो ऐसे भी तो तुझे भईया तो बोलती ही है,सोच साले साली के क्या बड़े बड़े मम्मे है……….सोच….

मेरी अंदर की एक शैतानी सी आवाज ने मुझे झकझोर सा दिया और जब मुझे होश आया तो मैंने अपने नीचे के भाग में गौर किया वहाँ एक बड़ा सा तंबू बना था…..मैंने अपने तंबू को मसला और मेरे मुह से अनायास ही निकल गया…

“हाय रे रेणु…….”

जब मैं ऑफिस के लिए निकाला तो मैंने रघु से बात की,

“यार रघु तुझे एक बात बोलू …”

“जी सर बोलिये ना”

जब से मैंने उसे गली दी थी तब से वो मुझसे थोड़ा डरा सा रहता था,

“यार मुझे एक कामवाली कम केयर टेकर चाहिए,क्या है काजल अब काम में जाने लगी थी और उसके लिए सभी जगह को अच्छे से मैनेज करना थोड़ा मुश्किल सा हो जा रहा है,मुझे एक भरोसेमंद औरत चाहिए जिसपर भरोसा किया जा सके और साथ ही जो कम से कम अच्छा खाना बनाये….”

रघु कुछ देर तक चुप ही रहा फिर

“साहब वो प्यारे भी तो अच्छा खाना बना लेता है और वो तो आपके पूरे घर का काम हमेशा से पूरा ही करता आया है,…”

“हा वो तो ठीक है यार पर अब साला बुड्डा हो गया है ऐसे भी जब से काजल के हाथो का स्वाद लगा है उसके हाथ का खाना कुछ मजा नही आता है ,कोई और हो तो बता,काम तो कुछ खास होगा नही और जो बन पड़े वो पगार देख लेंगे…”

रघु को शायद ये आफर बहुत ही अच्छा लगा,ऐसे भी उसका घर मेरे बंगले से कुछ ही दूर था ,और उसकी बीवी रेणु भी वहां टहलने को आते जाते रहती थी ,काजल कभी कभी उसे काम भी बता देती ,रेणु और काजल की खूब जमती भी थी ,तो जब बिना किसी खासे मेहनत के पैसे मिल रहे हो तो कौन छोड़े…

“सर आप बोले तो मैं रेणु से बात कर लेता हु,ऐसे भी घर भी पास ही कुछ देर भी हो जाएगी तो परेशानी नही होगी और वो भी घर में बैठे बैठे बोर ही होती है,और उसके हाथ का खाना मुझे तो बहुत पसंद है और मेडम को भी …..तो आप बोलो तो ..”

मेरे चहरे पर एक सफल सी मुस्कान खिल गयी..

“यार इसमें बोलने की क्या बात है रेणु रहेगी तो मुझे और काजल को किसी भी बात की कोई भी फिकर ही नही है…कल से ही और कल क्या आज से ही उसे बोल दे कि मेरा घर जाकर खाना बना दे…”

“जी सर आफिस पहुचकर उसे काल करता हु…..”

मेरे चहरे में एक गजब की खुसी छलक रही थी ,सोचा था साला की कोई जंग जीत लूंगा,लेकिन मुझे क्या पता था की मैं तो यहां खेल ही नही रहा हु जितने की बात ही दूर है…………

ऑफिस जाने पर मुझे पता चला की अगले सप्ताह मुख्यमंत्री जी का दौर होने वाला है ,मतलब साफ था की एक सप्ताह तक गधो की तरह काम करना पड़ेगा,सुबह से ही अधिकारियों के काल आना शुरू हो गया था ,सभी को सभी फ़ाइल कंप्लीट चहहिये थी जो साले कभी काम करते ही नही अचानक किसी नेता या मंत्री के आने से ऐसे कर्तव्यनिष्ट हो जाते है जैसे पूरे देश में काम करने वाले बस यही लोग है….

दिन भर की भागा दौड़ी नई कुछ और सोचने का समय ही नही दिया,आखिरकार जब घर आया तो मानसिक रूप से बहुत थक चुका था,वापस आने पर सीधे सोफे में जा गिरा ,तभी एक कोमल सी आवाज मेरे कानो में आयी ,

“भइया चाय ले आउ”

मैंने चौककर उसे देखा ,सावले रंग की मांसल देह की रेणु बड़ी ही शालीनता से खड़ी थी ,उसने के एक सस्ती सी साड़ी पहने हुए थी पर उसके भराव उस साड़ी का मूल्य बड़ा रहे थे…

“तुम आज से ही काम में लग गयी “

“हा भईया वो दोपहर में ही कह गए थे “

“अच्छा ठीक ही चाय बना लाओ,और प्यारे कहा है “

“काका की तबियत कुछ खराब है,वो सुबह से ही सोए है “

“अरे उसे क्या हो गया,चलो मैं देखता हु तुम वही उसके कमरे में चाय पहुचा देना,उसके लिए भी ले आना “

“जी भैया”

मैं ऐसे तो बहुत ही थक गया था ,पर रेणु के मधुर आवाज ने मुझे एक ताजगी दे दी और साथ ही मेरे मन के सभी ख्वाब फिर से मेरे मन में तैरने लगे…..

वो पलटी और किचन की तरफ जाने लगी और मैं उसकी लचकती हुई कमर को देखने लगा…उसके पिछवाड़े का मांस ऐसे हिल रहा था की मेरी सांसे ही रुक गयी थी ,ऐसे तो मैंने कई बार उसे देखा था पर आज कुछ अलग ही था,पहले से मेरा मन उसको लेकर वासना के हिलोरे मार रहा था ,यही करना था की उसे देखते ही मेरी थकान भी मिट गयी साथ ही मेरे लिंग ने एक झटका मारा…….

लेकिन ये क्या मैं जहा उसके नितंबो में अपनी आंखे गड़ा रखी थी वो पलट गयी और उसकी आंखे मेरे आंखों का पीछा करने लगी,जैसे ही मुझे आभास हुआ की वो मुझे रंगे हाथो पकड़ चुकी है मैं थोड़ा से सकपकाया पर उससे नजर मिलते ही मैं हैरान था,वो मुस्कुरा रही थी उसके चहरे पर एक शरारती सी मुस्कान खिल गयी थी ,मैं शर्म से अपनी नजर नीची किये उठ खड़ा हुआ,

“मैं प्यारे के कमरे में जा रहा हु “

“जी भैया जी”

इस बार रेणु के आवाज में शालीनता नही बल्कि शरारत थी …………………………….

पर अपने कमरे में सोया था वो सच में बीमार दिख रहा था,

“क्यो काका क्या हुआ “

वो मुझे देख कर उठकर बैठ गया ,तभी रघु भी वहां आ गया और साथ ही मेरा माली रवि भी था,सभी मुझे देख दरवाजे में ठिठके,और धीरे से अंदर आये ,

“कुछ नही साहब बस थोड़ी सी तबियत ठीक नही है “

हा साले मेरी बीवी को चोदता था तब तो बहुत ही मस्त था तू अब दे नही रही तो तेरी तबियत ही बिगड़ गयी …मै मन में सोचा …

सभीआकर वही बैठ गए ,मैं रघु की ओर देखते हुए कहा

“जा के रेणु को कह देना की चाय 2 नही 4 कप कर दे,वो उठकर वहां से चला गया …

हम इधर उधर की बातें करते रहे तबी काजल और रॉकी भी वहां आ गए उन्होंने भी प्यारे की तबियत का हाल जाना और वहां से निकल गए ,……………

अब मैं मेरे सोफे पर काजल के साथ बैठा था साथ ही दूसरे सोफे में रॉकी बैठा था…रेणु उनके लिए चाय बना रही थी ,

“आपने अच्छा किया की रेणु को यहां काम करने के लिए बुला लिया ,और मुझे आपसे एक बात करनी है…”

“हा बोलो ना”

काजल आज बहुत खुस दिख रही थी,

“आप जानते है हमारे होटल का काम अब लगभग पूरा होने को है ,पर भैया ने मुख्यमंत्री से बात कर उन्हें मना लिया है हमारे होटल का उद्घटान करने के लिए ,वो भी अगले ही सप्ताह ….”

मेरी आंखे चौड़ी हो गयी ,

“यार इतनी जल्दी तुम लोग कैसे सब कर पाओगे ,मतलब अभी भी तो बहुत सा काम बचा होगा ना,”

“हाँ बचा तो है पर क्या करे ,,उनके हाथो अगर उद्घाटन हो तो होटल का नाम भी हो जाएगा ,और उनका दौर भी तो है न अगले सप्ताह में ,उसी समय टाइम निकल कर ये काम भी कर देंगे फिर आ पाना मुश्किल होगा,…”

“आप फिकर मत कीजिये सर मैं और काजल पूरी मेहनत से पूरा काम टाइम में खत्म कर देंगे…”इसबार रॉकी ने पूरे जोश में कहा,

‘हा साले तेरी और काजल की मेहनत तो मैं दिन में ही देख चुका हु’मेरे मन ने कहा,वो वही लड़का था जो आज सुबह मेरी प्यारी बीबी को मेरे ही बिस्तर में चोद रहा था,और साले दोनो मेरे सामने तो ऐसे बैठे है जैसे इनसे शरीफ दुनिया में कोई भी ना हो .

मैने बस हा में अपना सर हिलाया…

“यार तुम्हारे मुख्यमंत्री जी के कारण तो अब मुझे भी दिन रात काम करना पड़ेगा,ऊपर से काम का बहुत प्रेसर आ रहा है ,”

मैंने अपना चहरा उतरते हुए कहा,काजल मेरी बांहो में आ गयी और मेरे कंधो पर अपना सर लगा कर लेट गई ,मैंने रॉकी को देखा वो जरूर जल रहा होगा,मै भी मन में कहा देख साले ये मेरी ही बीवी है….काजल ने अपना चहरा मेरे कंधे पर रगड़ा,

“हा जान कोई बात नही जल्दी के ये दिन निकल जाय फिर हम एक लंबी सी छुट्टी लेकर कही घूमने चले जायँगे….”

ऐसे मुझे उसका आयडिया पसंद आया पर मैं यही सोच रहा था की ये 10 दिन कैसे बिताने वाले है……….

रात ने फिर से दस्तक दी और मन का भवरा झूमने को हुआ,रात काम की बात करते करते मैं और काजल एक दूजे के बांहो में समाए हुए थे,धीरे धीरे से प्यार परवाने चढ़ने लगा और दिल मचलनने लगा,

हम दोनो थके होने के कारण बहुत दिनों से ठीक से प्यार में नही उत्तर पा रहे थे,आज मेरा मन बहुत जोर का था और शायद काजल भी गरमाई हुई थी जैसे ही दोनो के होठ मिले हम एक दूजे की बांहो में पिघलते गए,और एक दूसरे में मिलते गए……….

मेरी नींद टूटी तो काजल वहां नही थी बाहर देखा तो प्यारे के कमरे की रोशनी जल रही थी मतलब आज काजल प्यारे से प्यार करने गयी थी ,मैं चुपके से वहां गया और खिड़की से झांकने की नाकाम सी कोसिस की लेकिन खिड़की अंदर इस बन्द थी जैसा मुझे लग ही था की मुझे बस आवाज सुनकर ही अपना काम चलना पड़ेगा…..मैं धयन से सुनने लगा,हल्की से हँसी की आवाजे आई,ये आवाज मैं पहचानता था,ये हँसी मेरी प्यारी काजल का था,जिसका प्यार चहरा देखकर मैं सोया था जिसे मैं अपने जान से ज्यादा प्यार करता था उसी काजल का……..

मैं फिर से सुनने लगा,की आवाजे साफ आनी शूरू हुई..

“बस कुछ ही दिन तो हुए है और आप ने अपनी तबियत बिगड़ ली”

“अरे बाहुरानी तबियत क्या है सुधार जाएगी पर आप मुझसे यू रूठी है की दिल ही नही लगता किसी काम पे,और आप मुझे यू मना क्यो कर रही है,मुझसे क्या गलती हुई वो भी आप नही बताती ,बोलिये तो सही …”

काजल की एक हँसी फिर से गुंजी,

“अरे काका आपसे मैं क्यो नाराज होने लगी भला पर एक बात याद रखना की मैं आपके गुलाम नही हु,मैं अपने मर्जी की मालकिन हु,इसलिये मुझसे ये उम्मीद मत रखना की मैं आपके कहने पर यहां आऊंगी,जब मुझे दिल करेगा तो मैं यहां आऊंगी…..अब मेरा हाथ छोड़ो मुझे जाना है “

“बाहुरानी आज तो कम सेकम कुछ,चलो बस किस ही देदो ..”

“नही का मतलब नही होता है ,और मैंने कहा न की मैं अपने मर्जी की मालकिन हु..चलो छोड़ो अब मेरा हाथ…”

काजल जब बोल रही थो तो उसकी आवाज में एक आज्ञा थी एक दृढ़ता,मैं उसे हमेशा से ही एक कोमल सी लड़की के रूप में देखा था मुझे नही पता था की उसमे इतनी दृढ़ता भी होगी…..

“साली तू मुझे समझती क्या है की मैं तेरे हाथो का खिलौना हु,जब मन चाहे चुदवा लिया अब हाथ भी लगाने नही दे रही ,तेरी तो पूरी करतूत तेरे पति के सामने खोलूंगा साली रंडी…आज भी तू कैसे उस लड़के से चुदवा रही थी सब बताऊंगा तेरे पति को “

मैं सकते में आ गया था लेकिन तभी एक जोर का आवाज मेरे कानो में आया ,वो आवाज एक तेज झापड़ की थी शायद वो प्यारे के गालो में पड़ी थी ,

“मादरचोद बुड्ढे अपनी औकात में रह समझ गया,तू अपना मुह तो खोल फिर तुझे बताती हु ,साले तुझे कहा गायब करवा दूंगी तुझे भी नही पता लगेगा…मेरे पति तेरी बातो का कभी भी भरोषा नही करेंगे,और तूने मुझे रंडी कहा साले तेरी औकात क्या है ,हा मैं रंडी तो हु…………हा हा हा (काजल की जोरो की हँसी से सारा वातावरण गूंज गया)लेकिन तेरी नही ,समझा अपनी अकड़ को अपने पास रख मादरचोद साले,तेरे जैसे कितनो को मैंने निपटा दिया है ,याद रख की मैं मार्सल आर्ट और कराटे में 3रड डिग्री ब्लैक बैल्ट हु,तेरे जैसे तो मुझे छू भी नही सकते तूने मुझे छुआ वो तेरी मर्दानगी नही थी वो मेरी कृपा थी तुझपर,तुझे क्या लगा था की तेरी मर्दानगी की मैं गुलाम बन जाऊंगी अबे चूतिये तेरे जैसे कितनो को मैंने अपनी जांघो के बीच खिलाया है ,तेरी हैसियत क्या रे बुड्ढे……तू है कौन जो मुझपर अपना अधिकार जाता रहा है…….”

कमरे में एक खामोसी सी छा गयी थी वही मेरे दिल में एक जोर का झटका लगा ,अपनी भोली भाली सी बीवी के बारे में तो मैं ये सोच भी नही सकता था की वो इतनी खतरनाक हो जाएगी ,उसे कोई भी डर नही था की वो उसे बदनाम कर देगा उल्टे वो उसे ऐसे डरा रही थी जैसे वो कोई डॉन हो,…जैसे उसके लिए ये कोई भी नई बात ना हो और ये क्या कहा उसने की वो उसके जैसे कितनो को अपने जांघो के बीच में खिला चुकी थी इसका क्या मतलब था….उसके अतीत के बारे में तो मुझे भी पता चला था पर ये नई बात थी की वो एक ब्लैकबेल्ट भी है वो भी 3rd डिग्री ,मतलब जो मुझे पता था की इसके साथ किसी ने जबर्दति की थी उसकी कितनी सच्चाई थी ये संदेहास्पद था,शायद उसने अपनी मर्जी से ही वो सब होने दिया ,और उसके बाद जो हुआ था वो सब …………..

आखिरकार क्या चीज है ये काजल मुझे तो कुछ भी समझ नही आ रहा था ,मै तो सीधे से यही सोच रहा था की मैं भी उसे चुदते देखकर मजे लूंगा,पर यहां तो बात ही अजीब हो रही थी ,मजे छोड़ो मुझे अब टेंशन होने लगी थी की वो किसी मुसीबत में ना फस जाय ………

हा यही चिंता मुझे सताए जा रही थी की काजल को किसी भी तरह की परेशानी ना हो शायद इसी को प्यार कहते है की कोई आपके लिए कुछ भी करे आप उसका हमेशा ही भला सोचते हो……………

एक भयानक सी खामोशी आखिर काजल के खिलखिलाने की आवाज से ही टूटी,

“क्या हुआ काका जी सांप सूंघ गया क्या….खैर छोड़ो जितना मिलता है उतने में खुश रहो और ज्यादा की सिर्फ फरियाद कर सकते हो हुक्म नही देना समझे तुम्हे फिर से माफ करती हु …ठीक है अब आराम करो और याद रखना मैं रेणु नही हु जो तुम्हारी सभी बातो में हा में हा मिलाऊँ और तुम्हारे इशारों पर चलु,समझ गए अगर दिमाग खराब किया फिर से तो तुझे तेरी औकात दिखा दूंगी………..”

रेणु नही हु मतलब,……रेणु भी प्यारे से ……साला प्यारे…

“मैं जा रही हु अपनी ताबियत का ख्याल रखो ,बाई काका जी “काजल ने प्यार से उसे चिढ़ाते हुए कहा ,

मैं जल्दी से वहां से भागकर अपने बाथरूम में घुस गया,दौड़ाने की वजह से मेरी सांसे थोड़ी तेज थी इसलिए मैं बाथरूम में चला गया,काजल रूम में आयी और बेड में बैठी थी मैं फ़्लश चला कर अपनी सांसे सम्हालने लगा नार्मल हुआ तो बाहर आया…

“तुम कहा चले गयी थी “

काजल ने मुझे इतने प्यार से देखा की मुझे यकीन नही हो रहा था की ये वही लड़की है जिसे मैंने वो सब कहते हुए सुना था…वही मासूमियत अब भी उसके चहरे पर थी उसे देखते ही मुझसे रहा नही गया और उसके जवाब का इंतजार किये बिना ही मैं उसके होठो को अपने होठो में लेकर चूसने लगा…

जब हम अलग हुए तो हमारी नजरे मिली और वो फिर से कुछ बोलने को अपने होठ खोले तो मैं फिर से उसके होठो को अपने होठो में भर लिया…मैं उसे इतना चूमता गया की जैसे मैं उसे छोडूंगा ही नही धीरे धीरे हमने अपनी उत्तेजता तो कम किया लेकिन हमारे होठ ना जाने कबतक ऐसे ही एक दूजे से मिले रहे और साथ ही लिपट कर हम अपनी आंखे बंद कर ली…..

10 दिन मेरे लिये बड़े ही भारी होने वाले थे,सभी अफसरों का बहुत ही प्रेसर था वही काजल को भी एक बड़ा प्रेशर था काम को पूरा करने का,पहला दिन तो ऐसे गुजर गया की पता ही नही चला,हम दोनो ही थककर आये और बिना ही कुछ ज्यादा बात किये ही सो गए,रेणु को भी घूरने का मन नही कर रहा था ,अब समझ आया साला काम किसे कहते है की आपको टाइम ही ना मील जिस काम को लेकर आप हमेशा तैयार रहते है उसे करने की इच्छा भी नही करती उसे ही काम का बोझ कहते है,

मैं अपने काम के बोझ में दबा जा रहा था साला सपने में भी काम ही सूझता था,दूसरे दिन मैंने फैसला किया की अब थोड़ी जॉगिंग योगा मेडिटेशन किया करूँगा ताकि दिन भर फ्रेश रहू साथ ही मन भी शांत रहे,मैं काजल को भी जल्दी से जगा कर उसे अपने साथ गार्डन ले गया,वो भी इस बात से बहुत खुश हुई काम तो रेणु और प्यारे मिलकर कर देंगे और अब उसे खाना बनाने की भी फिक्र नही थी इसलिए वो भी सुबह का समय तो अपने हेल्थ और मन की शांति के लिए दे ही सकती थी ,वो अपने टाइट टी शर्ट और लोवर के साथ दौड़ने निकली मुझे नही पता था की उसके पास ऐसा कपड़े भी है क्योकि मैंने उसे इस कपड़े में कभी देखा ही नही था,वो मेरी आंखों को देखकर शायद समझ गयी…

“अरे वो ये मैंने जिम के लिये लिया है “

मेरी आंखे और भी बड़ी हो गयी ये कब से जिम जाने लगी वो फिर से कहा ,

“वो होटल के जिम का काम पूरा हो गया थी ना और रॉकी तो रोज ही वर्कआउट करता है इसलिए मैं भी ये कपड़े ले ली हु,वहां अगर थोड़ा टाइम मील तो एक्सरसाइज भी कर लेती हु,और ऐसे भी हम जिम को शुरू कर दिए है,और लड़कियों को सीखने के लिए मुझे भी तो कुछ आना चहिये ना,

“ओह तो तुम लेडिस ट्रेनर बनने वाली हो ,”

“हा क्यो नही ,ऐसे भी मैं मार्शल आर्ट और कराटे में ब्लैकबेल्ट} हु…”

मैंने थोड़ा आश्चर्य जताते हुए कहा

“अच्छा मुझे तो तुमने बताया ही नही”

वो थोड़ी सी शर्मा गयी क्यो पता नही ,और मेरे पास आकर मेरे सीने पर अपना हाथ रख दिया ,

“सॉरी जान वो कभी बात ही नही निकली ,,ऐसे आपसे कुछ भी तो नही छुपा है पर कुछ चीजे बताना भूल जाती हु ,

वाह से मेरी बीवी ना जाने क्या क्या बताना भूल गयी ही ये…जिसका मुझे पता ना जाने कब चलेगा और जब चलेगा तो पता नही मेरे साथ क्या होगा….

हम दोनो घर से निकल कर गार्डन की ओर चल पड़े आज मुझे पता चला की अगर सुंदर लड़की कसे हुए कपड़े पहन ले तो क्या होता है साले सभी हमे ही देख रहे थे और हमे कहना गलत है क्योकि वो सिर्फ काजल को ही देख रहे थे…….

मैंने भी धयन दिया तो मैं भी थोड़ा चौक गया क्योकि वो देखने के लायक ही था ,उसके स्तन ऐसे भी बहुत ही बड़े और कसे हुए थे वो पूरे अपने सुरूर में किसी चोटी की तरह से दिखाई पड़ रहे थे ,लेकिन मुख्य आकर्षण तो उसके लेगीस थे जो इतना टाइट और काजल के पिछवाड़े इतने गजब के थे की मुझे भी एक बार लगा की साला छोड़ो वाक को और घुस जाओ फिर से बिस्तर में ,वो उसके पिछवाड़े के दोनो फेंको को साफ साफ अलग कर रहे थे थोड़ी देर में ही उसने मुझे भी उसे देखता पाया और खुद ही शर्मा गयी ,

“चलो घर चलते है …….”

“अरे क्या हुआ ,”

“अरे नही प्लीज् “

“बताओ तो सही की क्या हुआ है “

“नही सभी मुझे ऐसे देख रहे है तो आपको बुरा लगेगा और ये बहुत ही टाइट है ,मैं इसे चेंज कर लेती हु “

मेरे चहरे पर एक मुस्कुराहट आ गई ,भगवान सभी को इतनी समझदार बीवी दे ,……..बस वो आपकी ही रहे किसी और की नही मेरी बीवी में हर वो चीज थी जो एक मर्द चाहता है,पर बस एक चीज ऐसी थी जो शायद की कोई मर्द चाहे ,जी जा अपनी पत्नी का किसी दूसरे मर्द से जिस्मानी संबंध……

“अरे जान अगर तुम ऐसा शर्माओगी की तो जिम में कैसे करोगी,वहां भी तो लड़के आते होंगे ना “

तब तक वो घर की ओर मुड़ चुकी थी ,

“अरे वहां की बात अलग है पर यहां आपके सामने ये सब नही होगा कम से कम मुझे एक स्पोर्ट जैकेट पहनने दीजिये “

मेरे सामने नही होगा मतलब मेरे पीछे सब होगा ,वहां रे मेरी काजल …….

“आप बुरा मत मानना पर आपके सामने मुझे कोई घूरे ये मुझे अच्छा नही लगता,और आप ना हो तो मुझे कोई भी फर्क नही पड़ता की कौन क्या कर रहा है………”

क्या कर रहा है??????

मैं बस शक ही कर सकता था अभी तक मैंने देखा तो नही था की वो क्या करती है और जो देखा था वो बहुत ही कम था,

वो अंदर से जल्दी से जैकेट पहन कर आ गयी और हम फिर से गार्डन की तरफ जाने लगे ,इसबार हम दौड़ने लगे जैकेट के कारण काजल का मादक अंग नही दिख पा रहा था पर वो कपड़े वही पहने थी ,जब हम गार्डन पहुचे तबतक दोनो ही पसीने से भीग चुके थे पर मुझे आज पता चला की उसके अंदर कितनी ज्यादा स्टेमना है ,जहा मेरी सांसे फूली हुई थी वही उसे देखकर ऐसे लग रहा था जैसे उसने अभी कुछ किया ही नही हो.

हम कुछ एक्सरसाइज करने लगी और देखते ही देखते वहां लोग इकट्ठा होने लगे ,कारण था काजल के द्वारा किये जाने वाला एक्सरसाइज वो योगा और अलग अलग तरीके के कठिन कठिन *स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ को ऐसे कर रही थी जैसे की वो उनमे *एक्सपर्ट हो ,और उसे ऐसी कलाबाजियां करते देख थोड़ी ही देर में क्या बूढ़े क्या जवान और क्या बच्चे ,,,क्या महिलाएं और क्या पुरुष सभी बस खड़े होकर देखने लगे ,,,,

बाकियों का तो नही पता पर कुछ नवजवान से लड़के बस उसके जिस्म की कसावट को देख रहे थे उनकी आंखे ऐसे चौड़ी हो रही थी जैसे कोई अजूबा सा देख लिया हो ……….

काजल के मूव भी थे बहुत ही सेक्सी कोई भी सामान्य सा हवसी आदमी अगर उसे देखकर हवस का शिकार हो जाय तो कोई भी बड़ी बात नही थी,जैसे ही वो एक मूव पूरा करती वहां खड़े बच्चे और बुड्ढे तालिया बजाते और काजल उन्हें देखकर मुस्कुराती लगभग आधे घंटे तक यही चाहता रहा ,जब काजल ने ये सब खत्म किया तो वहां के कुछ लोग उससे मिलने आये ….जिनमे कुछ बुजुर्गों का ग्रुप था ,जिनमे महिला और पुरुष सभी थे ,साथ ही कुछ नवजवान और बच्चे अभी भी उसे घुरते हुए खड़े थे ,

“बेटा आप योग टीचर हो ‘

एक महिला ने कहा

“नही आंटी जी *बस कुछ सीखा हुआ है ,और कोर्स किया था मैंने तो….”

“वाह क्या कमाल का शरीर है बेटा तुम्हारा “

इसबार एक बुजुर्ग अंकल ने कहा लेकिन उनका मतलब गलत बिल्कुल भी नही था बस वो उससे प्रभावित थे और उनकी आंखों में मुझे कोई भी हवस नही दिखी…

“थैंक्स अंकल “

“बेटा हम कुछ कहे तो बुरा तो नही मानोगे “

अंकल ने फिर से कहा

“हा हा बोलिये ना “

“बेटा मै हमारे शहर के सीनियर सिटीजन सोसायटी का प्रेजिडेंट हु ,यहां पर बहुत से सरकारी अधिकारी रिटायर के बाद बस गए है,ये जगह है ही बहुत ही सुहानी सी ,हमने ये क्लब बनाया है ,हम सोच रहे थे की हम एक योग टीचर हायर करे जो हमे योगा सिखाए क्यो ना आप ही ये काम कर दे “

काजल ने मुझे देखा मैंने अपने कंधे उचकाए और उसे ही फैसला करने को कहा,जिससे वहां खड़े हुए सभी लोगो को शायद पता चल गया था की मैं उसका पति हु ,

अंकल मेरी तरफ रुख करते हुए कहा

“बेटा आप ही कुछ कहो ..”

“अंकल मैं क्या कहु ऐसे ये भी काम करती है और शायद ही वक़्त निकल पाए “मैंने काजल की ओर देखते हुए कहा.

“अच्छा कहा काम करती हो बेटा “

“अंकल वो हमारा खुद का एक होटल है जो कुछ ही दिनों में शुरू हो जाएगा ,”

“कौन सा होटल “

काजल ने नाम बताया

“अरे वहां तो रॉकी भी काम करता है ना आप जानते हो रॉकी को *वो मेरे ही घर के बाजू में रहता है …….”

रॉकी के घर के बाजू में यानी ये मिश्रा साहब ही रिटायर्ड IAS ऑफिसर ,मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तक देखा बहुत कुछ सुन रखा था इनके बारे में ये कभी हमारे राज्य के चीफ सेक्रेटरी हुआ करते थे.मुख्यमंत्री के सबसे खास ऑफिसर कुछ सालो *पहले ही रिटायर हुए थे और इन्हें ये जगह बहुत ही पसंद थी शायद ये कोलाहल से दूर ही रहना चाहते थे इसलिए यहां जमीन खरीदकर बस गए ,

“सर आप मिश्रा जी है ,सर आपके बारे में बहुत सुना है आपसे मिलना मेरे सौभाग्य की बात है “मैंने अपना हाथ बढ़ाया

“अच्छा तो आप भी सरकारी ऑफिसर है “

“जी सर मैं *** पोस्ट पर काम करता हु “

उनके सामने ऐसे तो मेरी औकात कुछ भी नही थी पर फिर भी वो मुझसे मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया

“यार तुम भी सरकारी आदमी हो ,और रॉकी के साथ आप (काजल )काम भी कर रही है तो फिर तय रहा की आप हमे कल से योग सिखाएंगी ,और आप चाहे तो हम इसके लिए आपको पे भी करेंगे”

“नही नही अंकल ऐसा नही है ,मुझे इस काम के लिए पैसे नही चाहिये पर अभी होटल का काम जोरो पर है और 10 दिनों में ही मुख्यमंत्री जी के उसका उद्धाटन करवाना है ,मैं और रॉकी उसी काम में लगे हुए है तो अभी तो संभव नही है पर ये काम हो जाय तो मैं आपलोगो को *एक दो घंटे तो दे ही सकती हु ,बस मेरी एक शर्त है ,”

“हा हा बोलो “

“मैं यहाँ गॉर्डन मेंआने वाले सभी लोगो को सिखाऊंगी,जो भी आ जाय उसे फ्री में ही सिखाऊंगी और साथ ही इसके लिए आप मुझे कोई भी फीस नही देंगे और रॉकी भी मेरे साथ सिखाएगा …….”

सभी के चहरे पर खुशी नाच गयी खासकर उन नवजवानों के चहरे पर जो दूर खड़े उनकी बाते सुन रहे थे

“बिल्कुल ठीक है बेटा पर ,उस नालायक रॉकी को कुछ आता भी है “

“अंकल हमारे होटल में एक हेल्थ सेंटर शुरू हो चुका है,जो रॉकी ही देखता ही और होटल के उद्घाटन के बाद से ही ये महिलाओं के लिए भी खुल जायेगा “

“वाह बहुत अच्छा बेटा ये हमारे इलाके में अपने तरह का पहला हेल्थ सेंटर होगा जिससे *महिलाओं को भी फायदा होगा,मैं खुद मुख्यमंत्री के साथ वहां मौजूद रहूंगा,”

सभी खुस होकर वापस आये मैं रास्ते भर काजल को मिश्रा के किस्से बता रहा था की वो कितना खतरनाक हुआ करता था और कैसे उससे सबकी फटती थी ,,,,,,,,,

जब हम घर पहुचे तो वहां रॉकी पहले से मौजूद था,आजकल वो जल्दी आने लगा था,काजल ने जाते ही उसे अपने गले से लगाया जैसे की वो उसका कोई बहुत ही अच्छा दोस्त है ,और रॉकी ने मुझसे बड़े ही तमीज से हाथ मिलाया जैसा की वो हमेशा ही करता था…..पास ही खड़ा प्यारे जो अभी अभी रॉकी के लिए चाय लेकर आया था रॉकी और काजल एक प्रेम पर ऐसे जल रहा था जैसे की वो ही उसका पति हो …….

साला रॉकी भी इसी उम्मीद में वहां जल्दी आ गया होगा की उसे उस दिन जैसे आज भी कुछ मिल जाय ………

रेणु ने खाना लगभग बना ही दिया था काजल जल्दी जल्दी तैयार होकर वहां आयी और जल्दी से खाना खाकर वहां से निकल गयी..आज काजल ने एक ब्लैक टॉप और ब्लू जीन्स पहने हुई थी ,उसके सभी सेप बड़े ही खूबसूरत लग रहे थे,मेरी काजल साड़ी से सलवार और अब जीन्स तक आ चुकी थी ,कोई भी बड़ी बात नही की कुछ दिनों में वो स्कर्ट वगेरह भी पहनने शुरू कर दे,वो अपने साथ एक बेग भी ले जाती थी पता नही उसमे क्या था,शायद उसे भी चेक करू कभी….काजल के उभरे हुए कर्व को देखकर मैं भी मोहित हो गया ,काजल बाहर को चले गयी थी और रॉकी के साथ उसके बाइक में उसकी कमर को पकड़े बैठी थी जब मैंने उसे आवाज दी…

“काजल जरा सुनो जल्दी आओ कुछ काम है ….”

काजल हैरानी से जल्दी से उतर कर मेरे पास आयी पर मैं तब तक अपने कमरे में जा चुका था,उसने मुझे देखा मैं थोड़ा सीरियस सा फेस बना कर बिस्तर में बैठा था ,मैंने उसे इशारे से दरवाजा बंद करने को कहा ,काजल जरूर ये समझ चुकी थी की कुछ तो गड़बड़ है शायद उसे ये लग रहा था की उसका ये मुझे बिना बताये जीन्स पहनना मुझे पसंद नही आया होगा या और कुछ ,ऐसे भी उसका जीन्स बहुत ही कामुक लग रहा था,पिछवाड़े का पूरा प्रदर्शन और साथ ही उसके कैसे हुए स्तनों की चोटी ऐसे भी उसके स्तन बहुत ही बड़े और आकर्षक थे…

काजल इस अहसास से अपनी नजर झुककर मेरे सामने खड़ी हो गयी ……मैं कुछ बोलता उससे पहले ही बोलने लगी…

“जान मुझे माफ कर सो मैंने आपसे बिना पूछे ही ये कपड़े पहन लिए मैं इसे अभी चेंज करती हु..”

मेरे होठो में एक मुस्कान फैल गयी और मैने उसका हाथ पकड़कर उसे अपने साथ बिस्तर में गिरा दिया….

“गलती तो की है जान लेकिन इसे पहनकर नही ऐसे मुझे बिना ही कुछ दिए जा कर ….कसम से कयामत लग रही हो और ऐसे कपड़े भी पहना करो यार ,मुझे पता होता की मेरी जान इतनी कयामत लगती है तो कब का मैं तुम्हारे लिए ले आता …..अब मुझे थोड़ा प्यार दे दो तुम्हे ऐसे देखकर तड़फ गया हु ….”

मैं काजल के ऊपर कूद गया और उसके होठो को पूरे ताकत से चूसने लगा,उसके होठो में लगी हलके लिपिस्टिक की लाली फैल गयी और वो भी मेरे उतावलेपन पर हसने लगी,थोड़ी देर में उसने अपना हाथ मेरे सर पर कसकर पकड़ा और मुझे जोरो से किश करने लगी,कितनी अच्छी बीवी मिली है मुझे जिसके दो आशिक उसका बाहर वैट कर रहे है और वो पूरे इत्मीनान से मुझे प्यार दे रही है …..

काजल की ये बात मुझे सबसे अच्छी लगती थी की वो हमेशा ही रेडी रहती थी ,मेरे हाथ भी अब खेलने लगे थे और उसके नितंबो से लेकर उसकी जांघो को सहलाने लगे थे ,मेरा लिंग भी अब पूरी तरह से तन चुका था ,पर मुझे भी पता था की हम ज्यादा देर तक ये लीला नही कर सकते और जल्दबाजी मुझे भी पसंद नही है….

आखिर मैंने ही उसे छोड़ा..

“जान मन है तो कर लीजिये ना ,………जल्दी से “

काजल ने बड़े ही प्यार से कहा की मेरा दिल ही बाग बाग हो गया,क्या बीवी है मेरी यार………….

सबकुछ करने को तैयार बस मेरी खुशी के लिए बस वो एक चीज ही इसके बेतहाशा अच्छाई को कम कर देती थी ,जो शायद वो मुझसे हमेशा ही छुपाना चाहती थी और भी यही चाहता था की उसे ये कभी भी ना पता चले,मैं उसे इसीतरह प्यार करना चाहता था ,और प्यार पाना चाहता था ,मैं सोचता था की काश मैं उस रात उठा ही ना होता ,और मुझे पता ही ना होता की मेरी प्यारी सी काजल मेरे पीछे क्या करती है.,…..

लेकिन जो हो चुका है वो तो हो ही चुका है,मैंने अपने पूरे अस्तित्व में फैले हुए प्यार को इकठ्ठा किया और उसके होठो में एक हल्की सी चुम्मन दे दी,वो चुम्मन इतना प्यार भरा था की उसका आभास शायद काजल के मन की गहराइयों तक पहुच गया उसका सबूत था उसकी आंखों में आया हुआ वो आंसू…वो मुझसे लिपट गई ,

“जान मैं तुमसे कभी भी सेक्स नही करना चाहता मैं तुमसे बस प्यार करना चाहता हु ……..इसलिए कोई भी जल्दबाजी नही तुम आराम से आओ फिर पूरी रात तो मेरी और मेरे जान की है…….

काजल ने फिर से मेरी आंखों में देखा और मेरे होठो को अपने होठो में भर लिया ,उसके आंखों में अब भी वो आंसू तैर रहा था……………………………………

काजल के जाने के बाद मैं भी तैयार होकर खाने के टेबल पर पहुचा,आज मन बहुत ही प्रशन्न था,इसलिए आज मैं रेणु से भी मजाक कर रहा था ,काजल के जाने के बाद प्यारे भी जा चुका था और मुझे भी पता था की रेणु प्यारे की भी माल है,जैसा मैंने कल सुन रखा था,तो मेरे लिए बहुत ही आसान था की मैं रेणु से फ्लर्ट करू,मैंने जिन जिन को शरीफ लडकिया समझा था वो सभी बहुत ही चालू निकल गए साला किश्मत ही हो गांडू तो क्या करेगा अनडू…

रेणु भी मुझे खुलकर भाव दे रही थी या ये कहो की किलो के भाव में भाव दे रही थी,मैंने थोड़ी हिम्मत की और उसके बाजू में जाकर खड़ा हो गया,वो अभी बर्तन धो रही थी और मुझे भी ऑफिस के लिए देर हो रही थी ,यहां तक की रघु भी बाहर खड़ा मेरा वेट कर रहा था…ये बात रेणु को भी पता चल चुकी थी इसलिए उसे लगा की मैं घर से निकल कर चला जाऊंगा ,पर मैं उसके पास खड़ा हो गया और उसे निहारने लगा,पसीने से भीगी और एक झीनी सी साड़ी में लिपिटी वो गूदेदार महिला ,जिसके स्तनों की झलक मुझे उसके ब्लाउज़ से दिख रहे थे और उसकी थोड़ी मोटी सी कमर और उसके कमर के पीछे का वो उभार साफ बता रहा था की वो बहुत ही खेली खाई है,मैं धीरे से उसके नितंबो पर अपने कमर को सटा दिया मेरा लिंग अपनी पूरी अकड़ में अकड़ा हुआ था,और उसे भी इसका आभास हो गया होगा,वो बिल्कुल मूर्ति की तरह जड़ हो गयी उसे तो इसका भान भी नही रहा होगा की मैं ऐसा कुछ करने वाला हु,वो भी इस वक़्त जबकि उसका खुदका पति बाहर खड़ा है और मेरा इंतजार कर रहा है,वो अपना मुह खोले वैसे ही खड़ी रही मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए,अपनी कमर को हल्के से पीछे किया और एक जोरदार धक्का उसके पिछवाड़े में मार दिया,

“आउच …साहब जी “

उसकी काँपती हुई आवाज मेरे कानो में पड़ी और मेरी हँसी निकल गई ……मैं पीछे हुआ और उसकी मसल नितंबो को अपने हाथो में भर कर मसल दिया …

“बहुत मलाईदार है तेरे,इन्हें तो रगड़कर खाने का मन कर रहा है…..खैर अभी तो देर हो रही है पर कसम से आज नही तो कल इसे खाऊंगा जरूर ….”

मैं इतना बोलकर वहां से चला गया ,बाहर रघु बड़े ही बेचैनी से मेरा इंतजार कर रहा था,मैं वहां से ऑफिस को निकल गया पर रेणु वही स्तब्ध खड़ी थी वो कभी सोची भी नही होगी की मेरे जैसा आदमी ऐसा करेगा,इतना सीधा और सरीफ शायद उसके मन में कोई बात आयी और उसके होठो में एक मुस्कान सी आ गई………………

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