माँ की अधूरी इच्छा 3

माँ बेटा
ऐसे ही दिन गुज़रने लगे कभी अरुन से बात हो जाती कभी नही।
पर इन 5 दिनों में उसे ये एहसास हो गया की उसके मन में अरुन के लिए कुछ फ़ीलिंग चेंज तो हुए है पर वो क्या है उसे समझ नहीं आ रहा था।
और रमेश को उसकी उदासी से कोई मतलब नहीं था और उसे ये लगा भी नहीं की उसकी वाइफ के मन में क्या चल रहा है।
पर इन 5 दिनों मैं अरुन ने भी अपनी तरफ से एक भी कॉल नहीं किया सरला को।
जीस की बजह से सरला का मन भी ज्यादा उदास था की उसे ही फिकर या याद आ रही है अरुन की
पर अरुन को मेरी याद नहीं आ रही।
इसी उधेड़बुन में अरुन के आने का दिन भी आ गया

उस दिन सरला सुबह से उठ कर जल्दी २ घर का सारा काम किया और अरुन की सब फेवरेट डिशेस बनाई और उसके आने का इंतज़ार करने लगी जैसे किसी से कितने सालो बाद मिलेगी।
दरवाजा पे डोरबेल बजी सरला भाग कर गई गेट खोलने के लिये
दरवाजा खोला सामने अरुन खड़ा था।
दरवाजा से साइड हटकर अरुन को अंदर आने का रास्ता दिया अरुन अंदर आया।
सरला ने भी दरवाजा बंद किया और उसके पिछे २ वो आ गई।
और उस को देख कर रोने लगी।
सरला को भी समझ नहीं आया की वो रो क्यों रही है पर रोये जा रही थी
अरुण: माँ क्या हुआ आप रो क्यों रही हो।
सरला: सुबकते हुए कुछ नहीं बोळी

बोले भी तो क्या की मैंने तुझे मिस किया इस लिए रो रही हू।
अरुण; माँ बोलो भी क्या हुआ डैड ने कुछ कहा
सरला: एक दम से भाग कर अरुन के गले लग जाती है
अरुण: क्या हुआ माँ बताओ न डर लग रहा है।
माँ प्लीज बोलो।
सरला: अपने ऑंसू पोछते हुए और उससे अलग होती है और एक गाल पर तमाचा मारती है अरुन को।

अरुन शॉकड ये क्या था।माँ

सरला: ५ दिन हो गये तुझे गये हुए एक भी कॉल नहीं की ।
कॉल कर के ये भी नहीं पूछा की माँ कैसी हो मैं पहुच गया हूँ ।पर क्यों पूछेगा दोस्त साथ थे एन्जॉयमेंट हो रहा था ।माँ कौन है उसकी याद क्यों आयेगि।
सब मरद एक से होते है मन किया तो ये करो वो करो
और जब मन नहीं है तो कोई मतलब नाहि।

करुन समझ नहीं प् रहा था की ये क्या है
ओर सायद सरला का भी की उससे ये क्या ही रहा है
मैन अरुन की तुलना अपने पति से क्यों क्र रही हूण

ओ तो मेरा बेटा है
ओर चुप चाप अपने रूम मैं चलि जाती है

ईधार कुछ देर शॉकेड रहता है फिर उससे अपनी गलती का एहसास होता है उससे भी सुच मैं एक भी कॉल नहीं की

ओर सरला के रूम मैं जाता है

जहां सरला अब भी रो रही थी

अरुन सरला के पास उसके पैरों मैं बैठ जाता है और अपने सर को उसकी गोद में रख देता है।

आई ऍम सॉरी मोम
सरला कुछ नहीं बोलति क्यों की उसे भी समझ नहीं आ रहा था की उसने ऐसे रियेक्ट क्यों किया।
अरुण: आगे से कभी ऐसा नहीं होगा
प्रोमिस
सरला कुछ नहीं बोलती।

सरला को रोते हुए देख कर अरुन भी रोने लगता है

जब सरला अरुन को रोते हुए देखति है तो उस के सर पे प्यार से हाथ फेरती है और चुप कराती है।

अरुण: माँ सॉरी आगे से जब भी कहीं जाऊँगा आप को कॉल जरुर करूँगा।

सरला: मतलब मुस्कुराते हुए अब भी मुझे अकेला छोड़ कर जाएगा।

अरुण: कान पकड़ कर सॉरी नहीं जाऊंगा।
सरला: ओके चलो फ्रेश हो जाओ और नास्ता कर लो
अरुण: ओके मोम।
और थोड़ी देर बाद दोनों ब्रेकफास्ट फ़ास्ट टेबल पर
सरला: तो टूर कैसे था।
अरण: फ़स्ट क्लास माँ खूबसूरत मस्त था।
सरला: हां माँ नहीं थी ना।
अरुण: माँ ऐसा नहीं है।
सरला: चल कोई बात नहीं अब रोना सुरु मत करना।
अरुण: पहले आप रोये थे मैं नही।
सरला: खामोश हो जाती है।
उसे भी समझ नहीं आ रहा था की उसने ऐसे रियेक्ट क्यों किया।
और ब्रेकफास्ट करने के बाद अरुन सरला को अपने टूर की बातें बताने लगा।
और इसी तरह टाइम पास होने लगा ।
सरला और अरुन और क्लोज होने लगे कही भी जाना बाहर तो साथ जाना अकेले जाना तो एक दूसरे को कॉल करना ।
उन्दोनो में कुछ तो नया था जो सायद वो समझ नहीं पा रहे थे ।

कल से इतना पास आ गये की अरुन क्या पहन कर बाहर जायेगा ये सरला डीसाइड करती थी और जब दोनों साथ जाते थे तो सरला की साड़ी का कलर और डिज़ाइन अरुन सेलेक्ट करता था जिसे सरला बड़े मन से पहनती थी ।
कुछ दिनो बाद
अरून घर पर था और सरला के साथ टीवी देख रहा था।

तभी सरला बोली :अभी आई और बाथरूम चली गई।।

अरुन के समझ में नहीं आया।
बाथरूम के गेट पर
अरुण:। माँ क्या हुआ
सरला: कुछ नाहि
अरुण: बोलो न माँ
सरला: अंदर क्या बोलू इसे मेरे पीरियड्स सुरु हो गये
अरुण: माँ बोलो ना
सरला:। मेरी तबीअत ख़राब हो गई बैक में पेन सुरु हो गया कुछ सोच कर बोल देति है।
उसे पता था अरुन समझ जाएगा।
अरुण: कुछ खामोश रहा और ओके बोल कर बाहर आ गया।

कुछ देर बाद सरला बाथरूम से बाहर आई और अपने रूम में चलि गई।

अंदर रूम मैं सरला-
अब अरुन को पता है क्या करेगा बो क्या बोलेगा
इस सोच में अपने सेनेटरी नैपकीन यूज़ करती है

और बाहर आ जाती है
और अरुन के पास आ कर बैठ जाती है और उसे देखने लगती है

अरुन कुछ नहीं बोलता।
थोड़ि देर बाद सरला।
सरला; चलो बहुत टाइम हो गया डिनर बनाना है।
अरुण: डिनर बनाने की कोई ज़रूरत नहीं है

सरला: क्यों खाना नहीं खाना।

अरुण: खाना है पर बाहर से माँगा लेते है।

सरला: क्यों

अरुण: आप की तबीअत ठीक नहीं है

सरला: सरला मुझे क्या हुआ।

अरुण: माँ आप ही ने बताया बैक पेन है और ४ से ५ दिन तक रहेगा ।

सरला: शरमाते हुए उसे समझ नहीं आ रहा था की अपने पीरियड्स के बारे में वो अपने बेटे से बात कर रही है।

अरुण: बोलो क्या लाना है
सरला: ये पिछले २२ साल से हो रहा है कोई नया नहीं है शादी के बाद और मैं खाना बनाती हू।

अरुण: तब मैं नहीं था।
सरला: मतलब

अरुण: मतलब मुझे पता नहीं था और अब जब पता है तो खाना नहीं बनेगा।

सरला: अच्छा कितने दिन तक।

अरुण; जब तब आप ठीक नहीं हो जाती।

सरला: पर तेरे पापा को क्या बोलोगे ।

अरुण: कुछ देर चुप रहता है
फिर मैं बात कर लुंगा।

सरला फिर सोच में तुलना करने लगती है अपने पति और बेटे की।

और अरुन बाहर से खाना माँगा लेता है ।
रमेश के आने के बाद अरुन उसे गोलियां दे देता है मीठी वाली और रमेश कुछ नहीं बोलता।

रात हो जाती है और सब अपने २ रुम मैं सोने चले जाते है।

सरला अपने बेड पे
मन ही मन खुश होते हुए की अब कोई तो है जिसे मेरी फिकर है।
और अरुन के बारे में सोचते हुए सो जाती है।

सूबह लेट सोने की बजह से सरला की आँख जल्दी नहीं खूलती।
हडबड़ा कर उठती है और फ्रेश हो किचन में जाती है रमेश और अरुन का जाने का टाइम हो गया और अभी ब्रेकफास्ट और लंच भी नही रेड़ी।

जब किचन में पहुचती है

अरुन पहले से ही वही होता है
सरला:तुम यहाँ क्या कर रहे हो।

अरुण: कुछ नहीं ब्रेकफास्ट बना रहा था।

सरला: क्यों मैं आ रही थी ना।

अरुण: याद नहीं आप की तबीअत ख़राब है।

सरला: तबीयत ख़राब बोल बोल कर तो सच में ख़राब कर देगा।
सिर्फ पीरियड्स सुरु हुए है जो मुझे १६ साल के उम्र से हो रहे है ।
सरला जोश में बोल जाती है।
और खुद के जवाब पर झेप जाती है।

अरुन भी उसकी बात सुन के उसको देखता रहता है

थोडे देर मोन रहने के बाद-

सरला: बात को सम्हलते हुए है तू क्या ऐसे क्या देख रहा है सच यही है तुझे पता ही है।
चल जा कॉलेज के लिए रेडी हो मैं ब्रेकफास्ट और लंच रेडी करती हू।

अरुन चला जाता है।

सरला को समझ नहीं आ रहा था की वो अपने बेटे से इतना कैसे खुल कर पीरियड्स पर बात कर सकती है वो उसकी माँ है बीवी नही।

कुछ देर बाद रमेश ब्रेकफास्ट कर के ऑफिस चला जाता है।
सरला: अरुन जल्दी कर बेटे कॉलेज के लिए लेट हो रहे हो।

अरुण: आया माँ ।

और दोनों बैठ कर ब्रेकफास्ट करने लगते है।

और ब्रेकफास्ट करने के बाद अरुन कॉलेज के लिए निकलता है।

सरला गेट पर सी ऑफ़ करती है अरुन को और पहली बार बोलति है कॉलेज पहुच कर कॉल करना।

अरुण:ओके बोल कर चला जाता है।

सरला मन ही मन मेरा न दिमाग ख़राब हो गया है।

थोड़ि देर में उसका मोबाइल बजता है अरुन की कॉल थी।
अरुण कॉलेज से: कॉल के लिए बोली थी माँ।

सरला: इसीलिए बोली थी ठीक से कॉलेज पहुच जाये तो बता देना। ओके अब क्लास में जाओ।

अरुण:ओके माँ बाय।

सरला अभी तक समझ नहीं पा रही थी।
कहते है न जब तब कोई एहसास न कराये प्यार का पता नहीं चलता।
घर का काम ख़तम करने के बाद वो नहाने जाती है और जब अपने सेनेटरी नेपकीन चेंज करती है तो उसे उसे याद आया ये तो लास्ट पडा है।

तभी वो मोबाइल उठती है और रमेश को कॉल करने की बजाय अरुन को कॉल करती है ।

अरुण: यस माँ

सरला: कुछ नहीं बोलती और फ़ोन काट देती है।

मैने अरुन को फ़ोन क्यों किया रमेश को करना था पैड़ मांगने के लिये।

तभी अरुन की कॉल आ जाती है।
सरला कॉल डिसकनेक्ट कर देति है।

करुन फिर कॉल करता है।

सरला कॉल पिक्क नहीं करती
और कॉल डिसकनेक्ट करके मेसेज कर देति है

” मेरे सेनेटरी नैपकीन ख़तम हो गये थे इस लिए तेरे पापा को कॉल कर रही थी की लेते आना पर गलती से तेरे पास कॉल लग गई “।
और फ़ोन रख देति है।

और रमेश को कॉल कर के बोल देति है।

शाम को अरुन कॉलेज से आया है सरला उसको अवॉयड करती है ।
हलकी फुलकी बात होती है ।

सरला रमेश का वेट करती है की वो पैड़ लाए तो वो चेंज कर काफी टाइम हो गया है दिन वाला यूज करते हुए।

रमेश अपने टाइम पे आया है
सरला: रमेश से मैंने कुछ बोला था
रमेश: क्या
सरला: व्हिस्पर के लिये
रमेश: ओह सॉरी भूल गया
सरला: ग़ुस्सा होते हुए भूल गया
रमेश-अब मैं क्या करु।

रमेश गुस्से में चीखते हुए अपना काम खुद किया करो।

इधर अरुन बाहर इन दोनों की आवाज़ सुन लेता है और घर के बाहर चला जाता है।

रमेश खाना मिलेगा या नही।
सर्ला उसको खाना देति है ।
और अरुन को आवाज़ देति है डिनर के लिये
पर अरुन जवाब नहीं देता।

दे कैसे वो तो घर पर था ही नाहि
सरला उसके रूम में जाती है पर वो वह नहीं था।
वाशरूम मैं भी नहीं था।

वो उसको कॉल करने ही वाली थी की अरुन आ जाता है।

सरला: कहा गया था ।

अरुण:: कहीं नहीं बस ऐसे ही।
सरला: चल खाना खा ले।

फिर सभी खाना खाते है।
खाना खाने के बाद रमेश अपने रूम में चला जाता है
और सरला किचन में।
तभी अरुन किचन में पहुचता है।

सरला: बोलो अरुण

अरुण: उसके हाथ मैं एक पैकेट पकड़ाता है और किचन से बाहर चला जाता है।

सरला पैकेट को देखति है और खोलती है
उसमे जो था उससे देख कर शॉकड हो जाती है।

एक तो इस लिए की उसमे व्हिस्पर था जो उसने रमेश को लेने के लिए बोला था दुसरा व्हिस्पर का सबसे महंगा प्रोडक्ट था जो उसने आज तक यूज नहीं किया था।

सरला को समझ नहीं आ रहा था की क्या करे।
पर उसको इसकी ज़रूरत थी इसलिए काम फिनिश कर के वो उसे यूज करती है और बेड पर सो जाती है।

उसके आने से पहले उसका हस्बैंड सो चूका था।

सरला इसी उधेड़बुन में की अरुन उसके लिए व्हिस्पर क्यों लाया और मैं कल कैसे उसको फेस करुँगी।

सोचते २ मोबाइल उठाती है और अरुन को मेसेज कर देती है थैंक यू सो मच।

ओ समझ नहीं पाती वो सोचती कुछ और है कर कुछ और देति है ।
तभी उसके मोबाइल की लाइट जलती है मेसेज था।

” मेंशन नॉट कभी भी किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो कॉल मि”।

अगली सुबह

रमेश ऑफिस चला जाता है
वरून अपने रूम में था।
सरला: अरुन के रूम मैं पहुच कर ले

अरुण; ये क्या है
सरला: तुझे पता नही।

अरुण: है पता है पैसे है पर क्यु।
सरला: कल जो तो लगा था ना।

अरुण: अन्जान बनते हुआ क्या पता था।

सरला: मुझे नहीं पता पर रख ले।

अरुण: पर मुझे नहीं चाहिए पैसे।

सरला: ले ले न क्यों परेसान कर रहा है।

अरुण: मुझे ज़रूरत नहीं है तो क्यों लो
और अगर पापा लाते तो आप पैसे देती।

सरला: ये उनका काम है मेरी हर ज़रूरत को पूरा करना
शादी की है और कमाते भी है।
ओर वेसे भी पैड़ लाना तेरा काम नहीं है।

अरुण: क्यु

सरला: ये काम अपनी पत्नी के लिए करना।

अरुण: माँ प्लीज

सरला: अरुन को शरमाते हुए देखति है और हस देति है।
और पैसे देति है ।

अरुण: माँ रख लो जब ज़रूरत पडेगी तब ले लुंगा।

सरला: वइसे कितने का आया था।

अरुण: क्या

सरला: वही

अरुण: क्या वही मोम

सरला: व्हिस्पर और क्या अब खुश

अरुण: थोड़ा झेप जाता है।

सरला: अब क्या हुआ

अरुण: कुछ नही।

सरला: तो अन्जान क्यों बन रहा था।

अरुण: २४० का

सरला: बाप रे मैं तो ८५ वाला यूज करती हू।

ये बोल के सरला चुप हो जाती ये क्या बोल दिया

अरुन समझ जाता है और कुछ नहीं बोलता।
माँ ब्रेकफास्ट करे।

सरल: हां चलो

और दोनों ब्रेकफास्ट करते है
चुप चाप।

अरुन कॉलेज के लिए जाते हुए मां

सरला: हाँ

अरुण: २४० वाला इसलिए लाया था क्यों की सब से बेस्ट था और मेरी माँ दुनिया की बेस्ट माँ है इसलिए उनके लिए सब चीज़ एकदम बेस्ट क्वालिटी की होनी चहिये।
और वो हाइजीनिक भी है।

सरला: सरला कुछ नहीं बोलति और अरुन की तरफ दोनों बाहे फैला देती है।

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